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  • बिजनौर। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। महासभा जिला मुख्यालय पर भगवान परशुराम चौक और द्वार बनवाए जाने के लिए निरंतर प्रयासरत थी।

    सदर विधायक के पति एवं भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी ‘मौसम’ एडवोकेट ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए, थाना कोतवाली के पीछे मुख्य रोड पर ‘भगवान परशुराम स्तुति द्वार’ का निर्माण करवाकर ब्राह्मण समाज का दिल जीत लिया है। इस पहल पर आभार व्यक्त करने के लिए, ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।

    भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी ‘मौसम’ ने कहा कि वह विधानसभा बिजनौर में समाज की विभिन्न जातियों की महान विभूतियों के नाम पर स्तुति/स्मृति द्वार, चौक और उनकी मूर्ति स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप विधानसभा बिजनौर में कुल 18 द्वार बनवाए जा रहे हैं। इनमें से भगवान परशुराम स्तुति द्वार सहित कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं और शेष कार्यों को अतिशीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह अपने प्रयासों से सरकार की सभी योजनाओं को जनहित में उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

    इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’, मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा एडवोकेट, कर्मचारी नेता राकेश शर्मा, पंडित दिनेश चंद्र शास्त्री, आलोक भारद्वाज, आशीष शर्मा, प्रदीप कौशिक, राहुल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, महेश चंद शर्मा, नरेश शर्मा एवं अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।

  • बिजनौर: अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बिजनौर द्वारा आगामी 25 दिसंबर को दो महान विभूतियों भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय (हिंदू विश्वविद्यालय बनारस के संस्थापक) और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

    अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बिजनौर के जिलाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा “अंगिरस” ने बताया कि 25 दिसंबर को आर्य समाज परिसर बिजनौर में प्रातः 10 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा। इस दौरान यज्ञ और भजन का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद एक विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जनपद की 50 विप्र विभूतियों का सम्मान होगा। इन विभूतियों में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, समाज में विशेष योगदान देने वाले व्यक्ति, पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े लोग और मेधावी छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है।
    यह महत्वपूर्ण निर्णय सोमवार को मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा के आवास पर आयोजित महासभा की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

    डॉ. “अंगिरस” ने जनपद के सभी विप्र बंधुओं से एकजुटता की भावना के साथ इस पावन कार्यक्रम में सपरिवार उपस्थित होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का हार्दिक आह्वान किया है।

  • ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर/मुजफ्फरनगर, (8 दिसम्बर 2025)। भगवंत प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT) में सोमवार को “भारत : 1925 से 2025 — संस्कृति एवं चेतना की सतत यात्रा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया।

    संस्थान के विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक निरंतरता, राष्ट्रनिर्माण, और आत्मनिर्भरता के विविध आयामों पर देश भर के विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक चर्चा की।

    कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में भगवंत ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अनिल सिंह और वाइस चेयरपर्सन डॉ. आशा सिंह उपस्थित रहीं। इस सत्र को प्रो. प्रकाश सिंह (कुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय), प्रो. सचिन माहेश्वरी (कुलपति, गुरु जम्बेश्वर विश्वविद्यालय) तथा वक्ता प्रफुल्ल केतकर और प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्र संयोजक भगवती प्रसाद राघव जैसे गणमान्य अतिथियों ने संबोधित किया। संस्थान के निदेशक डॉ. अनुराग विजय अग्रवाल, सह-निदेशक डॉ. पुष्पनिल वर्मा, और सीए दुष्यन्त कुमार ने भी मंच की शोभा बढ़ाई।

    सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला का केंद्रीय विषय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना (1925) से लेकर आधुनिक आत्मनिर्भर भारत एवं विश्व गुरु भारत की दिशा में चल रही प्रगतिशील यात्रा पर विचार करना था। कार्यक्रम को भारतीय प्रज्ञान परिषद द्वारा बौद्धिक सहयोग प्रदान किया गया।कार्यशाला में जिन महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे, उनमें शामिल थे:

    1. स्व से स्वतंत्रता की अवधारणा

    2. स्व का बोध

    3. पंच परिवर्तन (कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य)

    4. समसामयिक विमर्श

    5. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)

    6. भारत का संविधान एवं संविधान समिति के विचार-विमर्शज्ञान और चेतना का संचार

    ✨यह आयोजन छात्रों, शिक्षकों एवं समाज के सजग नागरिकों के लिए भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं राष्ट्र चेतना को समझने और उसे जीवन में आत्मसात करने का एक उत्कृष्ट अवसर सिद्ध हुआ। विशेषज्ञों के विचारों ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को भारत की गौरवशाली यात्रा से जोड़ा।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अजय सिंह (डीन), डॉ. आदित्य शर्मा (उप रजिस्ट्रार), डॉ. ए.के. शर्मा (प्राचार्य BAMS), डॉ. विजय डी. (प्राचार्य नर्सिंग), डॉ. सचिन सिंगल (प्राचार्य फार्मेसी), डॉ. कावेंद्र यादव, इं. निकुल चौधरी, गौरव राजपूत, दिव्य सिंह सहित अनेक सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    यह कार्यशाला संस्थान और क्षेत्र के लिए ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्र चेतना को नई दिशा देने वाला एक मील का पत्थर साबित हुआ।

  • बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। नगर पालिका परिषद बिजनौर की अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह ने लोकसभा सांसद संजय सिंह चौहान को ज्ञापन दे कर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया है। इन मांगों में चंदोक रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण और बालावाली पुल को दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे से जोड़ना शामिल है, जिससे बिजनौर की यातायात और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है।

    सांसद को दिए गए ज्ञापन में, श्रीमती सिंह ने चंदोक रेलवे स्टेशन पर फ्लाईओवर न होने से उत्पन्न हो रही गंभीर समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि बिजनौर से हरिद्वार को जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के कारण आएदिन लंबा जाम लग जाता है।

    किसानों को विशेष समस्या: ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि चंदोक से आगे उत्तम शुगर मिल स्थित है। गन्ने के सीजन में गन्ना लेकर आने वाले किसानों को भारी वाहनों के साथ घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। इसके अतिरिक्त, पूरे चंदोक कस्बे में यातायात अवरुद्ध होने से आम जनता को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। श्रीमती इन्दिरा सिंह के अनुसार, “यह केवल यातायात की समस्या नहीं है, बल्कि अत्यधिक जाम के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। चंदोक रेलवे स्टेशन पर फ्लाईओवर का निर्माण आमजन और किसानों दोनों को बड़ी राहत देगा।”

    दूसरी प्रमुख मांग में, बालावाली पुल को सड़क मार्ग के द्वारा चंदोक होते हुए दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे (किरतपुर के पास) से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। यह परियोजना बिजनौर क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।

    समय और धन की बचत: इस नई कनेक्टिविटी से बिजनौर, नजीबाबाद और नगीना विधानसभा क्षेत्रों के निवासियों को पंजाब और हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर आवागमन में असाधारण सुविधा मिलेगी। नगर पालिका अध्यक्ष के अनुसार, “यह नया सड़क मार्ग न केवल लोगों का समय बचाएगा, बल्कि तेल के आयात पर खर्च होने वाले राष्ट्रीय धन और विदेशी मुद्रा की बचत में भी सहायक होगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधि मजबूत होगी।” उन्होंने सांसद से निवेदन किया कि इन दोनों जनहित के विषयों की महत्ता को देखते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बाद समस्त क्षेत्रवासी सांसद के हमेशा आभारी रहेंगे। सांसद ने मांगों पर समुचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राजधानी लखनऊ स्थित ऐतिहासिक यहियागंज गुरुद्वारे का पर्यटन विकास करने जा रहा है। गुरुद्वारे के ऐतिहासिक महत्व, सामुदायिक आस्था और शहर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए पर्यटन विकास पर 02 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च की जाएगी।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर और दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की स्मृतियों से जुड़े गुरुद्वारे का पर्यटन विकास हमारी प्राथमिकता है।’ पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘राज्य सरकार सभी धर्मों की आस्था का समान रूप से सम्मान करती है। सिख गुरुओं के ऐतिहासिक पदचिह्नों से जुड़े लखनऊ के यहियागंज गुरुद्वारे को पर्यटन मानचित्र पर विशेष रूप से विकसित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस पवित्र विरासत को करीब से जान सकें और श्रद्धा पूर्वक देख सकें।’

    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘यहियागंज गुरुद्वारे के पर्यटन विकास हेतु राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास मद से 02 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। यह धनराशि गुरुद्वारे के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं, सौंदर्यीकरण, आगंतुक सुविधाओं और सुगम पहुंच व्यवस्था के लिए उपयोग की जाएगी।

    सिख इतिहास की अनमोल धरोहरों में शामिल लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा उन पलों का साक्षी है, जब 1670 में गुरु तेग बहादुर पटना से आनंदपुर जाते समय तीन दिन यहां ठहरे थे और श्रद्धालुओं को दर्शन दिए थे। यही नहीं, 1672 में गुरु तेग बहादुर के पुत्र गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने भी दो महीने से अधिक समय तक इसी पवित्र स्थल पर प्रवास किया था, तब से यह गुरुद्वारा धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व का केंद्र बना हुआ है।

    यहियागंज गुरुद्वारे के अंदर एक आर्ट गैलरी भी है, जिसमें सिख इतिहास और गुरुओं से जुड़ी घटनाओं को दर्शाया गया है। यह भाग आगंतुकों को खासा आकर्षित करता है। यहां गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह द्वारा हस्ताक्षरित दो हुक्मनामे व श्री गुरु ग्रंथ साहब की हस्तलिखित प्रति मौजूद है, जिसके आरम्भ में गुरु तेग बहादुर साहिब द्वारा मूल मंत्र लिखा है। यह अनमोल संग्रह दर्शनार्थियों और विशेषकर सिख इतिहास में रुचि रखने वालों को गहराई से जोड़ता है। 

    यहियागंज गुरुद्वारा तक पहुंचना बेहद आसान है। लखनऊ आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक चारबाग रेलवे स्टेशन, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा या शहर के किसी भी हिस्से से सड़क मार्ग द्वारा आराम से यहां पहुंच सकते हैं। प्रकाशोत्सव जैसे विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग यहां पहुंचते हैं और भजन-कीर्तन, लंगर का हिस्सा बनते हैं। 

    प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास नीति का उद्देश्य ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। लखनऊ स्थित यहियागंज गुरुद्वारा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द का अद्वितीय केंद्र भी है। बेहतर कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं का उन्नयन और ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के माध्यम से हम इसे पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

  • ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। बाबरी विध्वंस की वर्षगाँठ पर शिव सैनिकों ने बसंती देवी धर्मशाला स्थित प्राचीन शिव मंदिर में महाआरती का आयोजन किया। महाआरती के दौरान शिव सैनिकों ने पूरे उत्साह के साथ ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। इसके उपरांत, सभी शिव सैनिकों ने मिष्ठान वितरित कर अपनी खुशी का इजहार किया।

    शिवसेना प्रदेश उप प्रमुख पंडित नरेश कुमार शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के दिशा निर्देश पर ही 6 दिसंबर 1992 को शिव सैनिकों ने श्री राम की नगरी अयोध्या में बाबरी ढाँचे का विध्वंस किया था। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि आज उस स्थान पर भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है, जिस पर उन्हें बहुत खुशी है।

    जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने बालासाहेब ठाकरे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि उनका प्रण 20% राजनीति और 80% समाज सेवा का था, जिसमें भारतीय संस्कृति की रक्षा, गंगा माँ, गौ माता और महिलाओं की सुरक्षा, साथ ही कमजोर वर्ग और किसानों की आवाज उठाना शामिल था। उन्होंने कहा कि शिव सैनिक इस प्रण को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। इस कार्यक्रम में सुरेंद्र चौधरी, मुकेश लाम्बा, अभय कुमार, रोहित कुमार, विक्रांत चौधरी, आकाश, पंकज कुमार, सुरेश कुमार आदि शिवसैनिक मौजूद रहे।

  • ~भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। देर रात चांदपुर-धनौरा रोड पर लगभग एक घंटे के अंतराल में लगातार तीन अलग-अलग दुर्घटनाएँ हुईं, जिसके कारण सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हादसों में घायल हुए लोगों को स्थानीय लोगों और समाजसेवियों की सहायता से तत्काल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

    पहला हादसा: देर रात हुई दुर्घटनाओं का सिलसिला शेखपुरी निवासी देवेंद्र के साथ शुरू हुआ। बागड़पुर के सामने हुए इस पहले एक्सीडेंट में देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय युवक पुल्कित, अनीकेत और दकश ने तत्परता दिखाते हुए घायल देवेंद्र को उठाया और प्राथमिक उपचार के लिए डॉ. पुल्कित के यहाँ पहुँचाया।

    दूसरा हादसा: इसके कुछ ही देर बाद मिर्जापुर और बागड़पुर के बीच एक और भीषण हादसा हुआ। इसमें गन्धौर निवासी मोहम्मद आसिफ (पुत्र युसुफ) और तस्लीम (पुत्र हसन) गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सहायता से दोनों घायलों को तत्काल जीवन ज्योति नर्सिंग होम पहुँचाया गया।

    तीसरा हादसा: तीसरी दुर्घटना में दारा नगर गंज निवासी अफजाल (पुत्र अय्यूब) गंभीर रूप से घायल हो गए। रात के इस अंधेरे में घटनास्थल पर पहुंचे समाजसेवी और शिव सेना के जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह (गुड सेमीरिटन) ने बिना देर किए घायल अफजाल को अपनी सहायता से उठाया। उन्हें भी जीवन ज्योति नर्सिंग होम में डॉ. मोहित की देखरेख में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस ने तीनों घटनाओं का संज्ञान लिया है और दुर्घटनाओं के कारणों की जाँच की जा रही है। लगातार हुए इन हादसों ने एक बार फिर रात के समय इस मार्ग पर सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • दारा नगर विदुरकुटी (बिजनौर)। श्री विदुर गुरु गृह इंटर कॉलेज दारा नगर विदुरकुटी के विशाल प्रांगण में रविवार को जनपद स्तरीय विदुर नीति प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस प्रतियोगिता में जनपद के चौदह कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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    प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘आधुनिक समय में विदुर नीति का महत्व’ रहा। प्रतिभागियों ने अपने विचारों से यह सिद्ध किया कि महात्मा विदुर की नीतियाँ वर्तमान समय में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अत्यंत प्रासंगिक हैं। छात्रों ने इन नीतियों को जीवन में अपनाकर एक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) जयकरन यादव ने कहा कि आधुनिक समय में जीवन में आने वाली हर समस्या का समाधान विदुर जी की नीति में समाहित है। उन्होंने छात्रों से इन नीतियों का अध्ययन करने का आग्रह किया।

    विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाशचंद ने आधुनिक समय में तेजी से बढ़ती जा रही नैतिक गिरावट को रोकने और संस्कारों की पुनर्स्थापना के लिए विदुर नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ उसके चिंतन-मनन की आवश्यकता पर बल दिया।

    प्रतियोगिता में देवांश शर्मा ने प्रथम, रिया जिंदल ने द्वितीय और अनादि शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. निर्मल शर्मा, कैप्टेन विशनलाल व डी पी सिंह रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश शर्मा ने की। कल्चरल एक्टिविटी कोऑर्डिनेटर रवि प्रकाश आर्य और बबीता सिंघल के निर्देशन में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अतिथियों का मन मोह लिया।

    निर्णायक मंडल में राजेंद्र सिंह, प्रदीप विश्नोई व जितेंद्र कुमार सम्मिलित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन अरुण त्यागी ने किया, जबकि समस्त स्टाफ ने इसे सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।

  • बिजनौर। वर्धमान कॉलेज के अंग्रेजी विभाग एवं द इंग्लिश लिटरेरी सोसायटी के तत्वाधान में महाविद्यालय परिसर के कक्ष संख्या 103 में प्रो. आर.एल. अवस्थी मेमोरियल अतिथि व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग़य्यूर आसिफ़ रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या एवं सोसायटी की मुख्य संरक्षक प्रो. प्रीति खन्ना और विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एस. के. अग्रवाल सहित सभी प्रख्यात प्राध्यापकों की उपस्थिति में माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। प्रो. एस. के. अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया और विद्यार्थियों को प्रो. आर.एल. अवस्थी के अतुलनीय योगदान एवं व्यक्तित्व से अवगत कराया।

    प्राचार्या प्रो. प्रीति खन्ना ने सोसायटी के इस सार्थक प्रयास की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि का हार्दिक स्वागत किया। मुख्य सलाहकार डॉ. सोनल शुक्ला ने श्री ग़य्यूर आसिफ़ की जीवनी और उनकी शैक्षणिक सेवाओं का भावपूर्ण परिचय प्रस्तुत किया।

    सुनील कुमार अग्रवाल अध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग वर्धमान डिग्री कॉलेज बिजनौर

    कोऑर्डिनेटर डॉ. विनीता पाण्डेय ने इस अवसर पर ‘‘व्यक्तिगत को आकार देने में भाषा और साहित्य की भूमिका’’ विषय पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक संदर्भों में भाषा-साहित्य की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।डॉ. रजनी शर्मा ने सत्र 2024–25 के दौरान सोसायटी द्वारा आयोजित गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

    मंच संचालन का दायित्व कशिश नरूला, रिद्धि अग्रवाल, उत्कर्ष राठी तथा एकता राठी ने कुशलतापूर्वक निभाया।विभिन्न संकायों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्ण सहभागिता से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अंत में डॉ. पारुल द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

  • बिजनौर। सेंट मैरी स्कूल (के.जी.), बिजनौर का भव्य वार्षिक समारोह “सपनों का सफर 2025” अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। नन्हे-मुन्नों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने अभिभावकों का मन मोह लिया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक फ़ादर शाजू, प्रधानाचार्या सिस्टर लिंसी, उप-प्रधानाचार्या सिस्टर जैनी, के.जी. इंचार्ज सिस्टर जिल्सी, सिस्टर एंजेल के साथ मुख्य अतिथि निजेंद्र कुमार (ए.डी.जे., सेशन कोर्ट, बिजनौर) और अध्यक्ष रेव. फ़ादर जोमी जोस (सेक्रेटरी, ESDB, कोटद्वार) द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन करके किया गया।

    कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व, 25 वर्षों तक अपनी सेवा देने वाले विद्यालय के कर्मठ कर्मचारी मंगू सिंह के स्वर्गवास पर दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

    नन्हे-मुन्नों द्वारा प्रस्तुत ‘दिव्य स्पर्श’ प्रार्थना नृत्य से वातावरण आध्यात्मिक हो गया। इसके उपरांत मनोहारी स्वागत नृत्य और स्वागत भाषण ने अतिथियों का दिल जीत लिया। प्रबंधक फ़ादर शाजू ने अपने उद्घाटन संदेश में कहा कि बच्चों के सपनों को दिशा देना ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है।

    मीडिया प्रभारी आदित्य खन्ना ने बताया कि बच्चों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। सारा नसीम की शानदार एंकरिंग और मोहम्मद कबीर का लुंगी डांस विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। अन्य प्रमुख प्रस्तुतियाँ, ‘साहस से भरे सपने’ थीम डांस ,कॉमेडी-ए-समां, इंग्लिश स्किट, डॉल्स ऑन स्टेज, मंत्रास ऑफ सक्सेस, फ़्यूज़न फ्लेम्स रहीं। समारोह का अंत रंगारंग बॉलीवुड डांस से हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय की उपलब्धियों से सजी वार्षिक रिपोर्ट ने सभी को प्रभावित किया।

    मुख्य अतिथि निजेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में विद्यालय की समृद्ध संस्कृति, अनुशासन और बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। अध्यक्ष रेव. फ़ादर जोमी जोस ने कहा कि सेंट मैरी स्कूल के नन्हे विद्यार्थियों ने जिस आत्मविश्वास और प्रतिभा के साथ अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, वह विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रमाण है। संपूर्ण समारोह विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा, बच्चों की रचनात्मकता तथा सपनों को पंख देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।

  • लखनऊ/बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज उनके सरकारी आवास पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और संगठन ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।

    भाकियू (अराजनैतिक) की ओर से बैठक का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चौहान ने किया। प्रतिनिधिमंडल में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे, इनमें पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, प्रदेश अध्यक्ष हरनाम सिंह वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र रंधावा, युवा भाकियू (अ) के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह, कोषाध्यक्ष बिंदु कुमार, अतुल बालियान शामिल हैं।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष गन्ना मूल्य निर्धारण, फसल के बकाया भुगतान में हो रही देरी, सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों को आ रही दिक्कतों और सिंचाई तथा बिजली से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने मांग की कि सरकार रबी की फसल की बुवाई से पहले किसानों के सभी लंबित मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भाकियू (अराजनैतिक) द्वारा उठाए गए मुद्दों की गहन समीक्षा करें और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करें। यह बैठक किसान हित में सरकार और किसान नेताओं के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

  • मेज़बान को देना पड़ता है एक एक प्लेट के हिसाब से पैसा उतना ही लें थाली में व्यर्थ ना जाए नाली में!! शादियों का सीज़न है !! कृपया ध्यान दें !! खुद के पैसे की आइसक्रीम खाते हैं, तब ढक्कन भी चाट लेते हैं। बीस रुपए के पानी बताशे का एक बूंद पानी तक नहीं […]

    उतना ही लें थाली में व्यर्थ ना जाए नाली में!!
  • बिजनौर। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR-2025) के कार्यभार से उपजे मानसिक तनाव के कारण बिजनौर जिले में दो बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) द्वारा की गई आत्महत्या के बाद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मृतक परिवारों से मुलाकात की।

    शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 को शोक-संतप्त परिवारों के बीच पहुंचे श्री राय ने कहा कि लोकतंत्र के आधार बीएलओ पर डाला जा रहा यह अमानवीय कार्यभार अस्वीकार्य है और इसके लिए सीधे तौर पर योगी सरकार की गलत नीतियाँ जिम्मेदार हैं।

    श्री राय सबसे पहले किरतपुर ब्लॉक के ग्राम भरेकी पहुंचे, जहाँ उन्होंने स्वर्गीय श्री राजवीर सिंह के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। इसके उपरांत, वे धामपुर गए और मोहल्ला बड़वान निवासी स्वर्गीय श्रीमती शोभा रानी (पत्नी श्री कृपाल सिंह सैनी) के घर पर परिवार के सदस्यों से मिलकर गहरा दु:ख व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

    प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “बीएलओ हमारे लोकतंत्र के सिपाही हैं, और इन्हें कार्यभार के नाम पर मानसिक यातना दी जा रही है। प्रदेश में कई बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाएगी।

    1. मृतक BLO परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
    2. SIR कार्य का अत्यधिक बोझ तुरंत कम किया जाए। बीएलओ को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
    3. अत्यधिक दबाव बनाने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    इस दौरान जिलाध्यक्ष श्रीमती हैनरीता राजीव सिंह, पूर्व आईएएस अधिकारी आर के सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • चांदपुर/बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर नगर निवासी हर्षित वर्मा ने अपनी प्रतिभा और लगन से पूरे देश में जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) की प्रतिष्ठित चयन प्रक्रिया में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर एक अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की है। हर्षित वर्मा, जो श्री अखिल वर्मा के सुपुत्र और श्री महेंद्र वर्मा के पौत्र हैं, मूल रूप से चांदपुर नगर के निवासी हैं, तथा वर्तमान में अपनी माता श्रीमती बबीता वर्मा के साथ देहरादून में रह रहे हैं।

    हर्षित की इस शानदार सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे बिजनौर जिले और उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से भारत के युवाओं का मनोबल बढ़ा है। हर्षित के माता-पिता को यश की प्राप्ति हुई है, और उनके सभी रिश्तेदारों एवं मिलने वालों द्वारा लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं। चांदपुर नगर के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है कि उनके बेटे ने राष्ट्रीय स्तर पर इतना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस गौरवपूर्ण क्षण से सभी का सीना गर्व से चौड़ा हो रहा है।

    भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह भारतीय सशस्त्र बलों की एक अभिन्न अंग है। इस बल में चयन होना अपने आप में देश सेवा का एक महान अवसर है, और इसमें दूसरा स्थान प्राप्त करना हर्षित की असाधारण योग्यता, समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है।हर्षित वर्मा को उनकी इस शानदार सफलता पर पूरे देश से शुभकामनाएँ मिल रही हैं और भारतवर्ष ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करता है।

  • बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। मुरादाबाद मण्डल के संयुक्त कृषि निदेशक जीवन प्रकाश ने बिजनौर में कृषि विभाग के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए सघन निरीक्षण किया। उन्होंने उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और विकासात्मक कार्यों को मानक अनुरूप पूरा करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान, श्री प्रकाश ने सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड, बिजनौर का दौरा और उर्वरक वितरण व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। उन्होंने गोदाम प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरकों की बिक्री उनकी जोत और बोई गई फसलों के अनुसार ही पॉस मशीन (PoS Machine) के माध्यम से करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुँचेगा।

    संयुक्त निदेशक ने इसके बाद भूमि संरक्षण इकाई द्वारा संचालित खेत-तालाब योजना के तहत निर्माणाधीन खेत-तालाबों (बाकरपुर गढ़ी एवं रावली) का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन महत्वपूर्ण कार्यों को समयबद्ध और उच्च मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।

    उन्होंने राजकीय बीज संवर्धन प्रक्षेत्र, पृथ्वीपुर पर भी बुवाई की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को उन्नत तकनीकों का प्रयोग करते हुए फसल प्रबंधन पर ध्यान देने के लिए निर्देशित किया।यह निरीक्षण कृषि विभाग की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और किसानों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इस दौरान डॉ. घनश्याम वर्मा, उप कृषि निदेशक, बिजनौर, जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी / भूमि संरक्षण अधिकारी, उमेश कुमार, अवर अभियंता, केशव कुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप–A) विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट शैलजा चम्याल ने लिगुड़ता मंगलता सिंचाई पाइप लाइन जगह जगह ध्वस्त होने के संबंध में जिला अधिकारी महोदय अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपा, जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया कि वर्तमान में देवीय आपदा के कारण क्षेत्र में सिंचाई पाइप लाइन जगह जगह टूट गई है, जिस कारण खेती की सिंचाई करना मुश्किल है, क्षेत्रवासियों ने बताया कि यह योजना लगभग 3, 4 वर्ष पूर्व में बनीं थी, लेकिन पाइप टूट गए है, जिससे क्षेत्र मै कई एकड़ उपजाऊ खेती बाड़ी योग्य भूमि मैं फसल उगा पाना संभव नहीं है, जिस कारण सैकड़ों कृषकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा जिससे उनके सामने भविष्य में रोजी-रोटी का संकट गहरा सकता है, इस समस्या से सभी कृषक अत्यधिक चिंतित है, लगभग 2 किलोमीटर श्रेत्र मै फैले इस कृषि योग्य भूमि मै 8 से 10 गांव के सैकड़ों परिवार अपनी आजीविका हेतु कृषि कार्य पर निर्भर रहते है, जिसमें लगभग 600, 700 खेत होंगे, यह एरिया उत्तम किस्म की फसल उत्पादन के लिए जाना जाता है, इस सम्बन्ध में पूर्व मै कई पत्र दिए जा चुके है , लेकिन अब तक ध्वस्त लाइन को ठीक करना तो दूर संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया गया है जो अधिकारियों के श्रेत्र के कृषकों के प्रति असंवेदनशीलता एवं लापरवाही को दर्शाता है, फसल बुआई को 2, 3 महीने हो चुके लेकिन खेत पानी के लिए प्यासे है, पेड़ पौधे पानी के अभाव मै सूखने लगे है, और खेतों में बंदर घूम रहे है, सदस्य ने बताया कि विभागों से संपर्क करने पर पता चला लाइन सही करने मै कई महीने लगेंगे, क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई है कि जिस क्षेत्र में हजारों कुंतल अनाज पैदा होता है, सिंचाई के अभाव में बीज के लिए दाना प्राप्त होना भी मुश्किल है, शासन प्रशासन से निराश होकर ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पहाड़ी में सिंचाई पाइपलाइन को खुद ठीक करने का प्रयास किया लेकिन लाइन ठीक तो नहीं हो पाई एक व्यक्ति को चोट आ गई, सदस्य ने आरोप लगाया है शासन प्रशासन मस्त है, क्षेत्रीय जनता गंभीर समस्याओं से त्रस्त है,शैलजा चम्याल ने जिलाधिकारी महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि शीघ्र ही इस सिंचाई योजना को ठीक करवाया जाए, जिससे किसान अपने खेती के सिंचाई कार्य को समय पर कर सके ,

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDSA) की प्रदेश स्तरीय टीमों ने राजधानी लखनऊ के सात प्रमुख शॉपिंग मॉल्स – लुलु, पलासियो, फीनिक्स, सिनेपोलिस, एमरल्ड, वेव और फोनिक्स – के फूड कोर्ट्स में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
    जांच में सामने आया कि कई नामी फूड आउटलेट्स में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। सबसे गंभीर अनियमितता यह पाई गई कि कुछ प्रतिष्ठान एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की लेबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग डेट को बार-बार बदलकर उन्हें बेच रहे थे।

    FDSA की टीमों ने लुलु हाइपर मॉल के फूड सेक्शन में लाइसेंस की गड़बड़ी के साथ-साथ यह बड़ा खेल पकड़ा कि जब तक सामान बिक न जाए, तब तक एक्सपायरी डेट का लेबल बदलकर काम चलाया जा रहा था। इस गंभीर उल्लंघन पर FDSA ने लुलु हाइपर मॉल का पूरा फूड सेक्शन तुरंत बंद करा दिया।

    छापेमारी में हाइजीन और लाइसेंस की अनियमितता पर भी सख्त कार्रवाई की गई: कुल मिलाकर, गंदगी, लाइसेंस की अनियमितता और खराब हाइजीन के चलते चार बड़े फूड आउटलेट्स का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया।

    टीमों ने दर्जनों बड़े रेस्टोरेंट्स और आउटलेट्स से नमूने लिए। इनमें टुंडे कबाबी, चिलीज़, करीम्स, स्काई ग्लास, रॉयल कैफे, मोती महल और छप्पन भोग जैसे नामी प्रतिष्ठान शामिल हैं, जिनके खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए हैं।
    इसके अलावा, केएफसी (पलासियो और वेव मॉल), बरिस्ता, बीकानेर वाला और नाथूज सहित कई आउटलेट्स को गंदगी और संचालन में सुधार लाने के लिए सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
    FDSA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।

  • नई दिल्ली/कोलकाता: भारतीय इतिहास के पन्नों में कई ऐसे गुमनाम नायक हैं, जिनके संघर्ष और बलिदान ने देश की दिशा तय की। इन्हीं में से एक थे बंगाल के कायस्थ सम्राट प्रतापादित्य गोहराय, जिन्होंने 16वीं शताब्दी के अंत में शक्तिशाली मुगल साम्राज्य के विस्तारवाद को चुनौती दी और एक स्वतंत्र ‘स्वराज’ की नींव रखी। उन्हें मुगलों को चुनौती देने वाले पहले ‘स्वराज’ संस्थापक और रायश्रेष्ठ प्रतापादित्य महाराज के नाम से भी जाना जाता है।

    सम्राट प्रतापादित्य; गोहराय वंश के काश्यप गोत्रीय बंगज कायस्थ थे। उनका येशोर साम्राज्य (वर्तमान में बांग्लादेश और भारत के पश्चिम बंगाल, पूर्वी बिहार, और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों तक फैला था)। उनके पिता श्रीहरि (या श्रीधर), ने ‘महाराजा विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण कर खुद को स्वतंत्र घोषित किया था। उन्होंने अपने पिता श्रीहरि (विक्रमादित्य) के बाद गद्दी संभाली।

    प्रतापादित्य को तत्कालीन द्वादश-भौमिक चक्र (बारह क्षेत्रीय हिंदू शासकों का समूह) में सबसे शक्तिशाली माना जाता था। उन्होंने बंगाल को मुगल अधीनता से मुक्त कराने का संकल्प लिया। इतिहासकारों के अनुसार, उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक मुगलों के सूबेदारों को पराजित किया और हिजली, पटना, राजमहल, और कागरघाट जैसी महत्वपूर्ण लड़ाइयों में विजय प्राप्त की। यह सैन्य प्रतिरोध उन्हें भारत में पहले स्वतंत्र ‘स्वराज’ की अवधारणा स्थापित करने वालों में से एक बनाता है, जिसने बाद में मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज को भी प्रेरित किया।

    प्रतापादित्य ने धूम घाट को अपनी राजधानी बनाया, जहाँ उन्होंने एक मजबूत नौसेना और सेना का निर्माण किया। उन्होंने येशोर की कुलदेवी, प्रसिद्ध जसरेश्वरी मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया। उनके शासनकाल में उनका साम्राज्य बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ था, जो उनके प्रशासनिक और सामरिक कौशल का प्रमाण है।

    यद्यपि अंततः प्रतापादित्य मुगलों के हाथों पराजित हुए, उनका जीवन और संघर्ष आज भी हिंदू राष्ट्रवाद के कई आख्यानों में एक राष्ट्रीय नायक के रूप में याद किया जाता है। महाराजा प्रतापादित्य का इतिहास हमें सिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी दृढ़ संकल्प और वीरता से साम्राज्यवादी शक्तियों का सामना किया जा सकता है। महाराजा प्रतापादित्य का योगदान बंगाल के गौरवशाली इतिहास का एक अभिन्न अंग है, जिसे आज भी क्षेत्रीय साहित्य और नाटकों में दर्शाया जाता है।

  • लखनऊ। मैन ऑफ द मैच मयूर शुक्ला (2 विकेट, 69 रन) के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत पत्रकार एकादश ने नगर निगम क्रिकेट प्रतियोगिता में महापौर इलेवन को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी।

    केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पत्रकार एकादश के कप्तान हिमांशु दीक्षित ने टॉस जीतकर महापौर इलेवन को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। कप्तान का यह फैसला तुरंत सही साबित हुआ, जब मयूर शुक्ला ने मैच के दूसरे ही ओवर में विपक्षी टीम के ओपनर अनुराग मिश्र अन्नू को अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर पवेलियन भेज दिया।

    पत्रकार एकादश के कसी हुई गेंदबाजी के सामने महापौर एकादश निर्धारित 25 ओवर में 8 विकेट खोकर किसी तरह 119 रन का स्कोर ही खड़ा कर सकी। महापौर एकादश की ओर से शिवपाल सांवरिया ने सर्वाधिक 47 गेंदों पर दो चौके की मदद से 32 रन बनाए। लवकुश ने 16 और मुकेश सिंह ने 14 रन का योगदान दिया। पत्रकार एकादश के लिए वैभव तिवारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 रन देकर तीन विकेट लिए। इश्तियाक रजा और मयूर शुक्ला ने दो-दो विकेट झटके, जबकि मोहसिन को एक विकेट मिला।

    जवाब में, पत्रकार एकादश ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की और महज 18.4 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 122 रन बनाकर आसानी से मैच जीत लिया। सलामी बल्लेबाज मयूर शुक्ला ने 53 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से तूफानी 69 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाया। विवेक चौहान 13 रन बनाकर नाबाद रहे और सुधीर तिवारी ने 12 रन का योगदान दिया। महापौर एकादश से एकमात्र विकेट अनुराग मिश्रा को मिला। मयूर शुक्ला को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

  • प्रयागराज, (विधि सूत्र)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले 40 साल पुराने एक बेहद गंभीर मामले का संज्ञान लिया है। मामला ललितपुर जिले का है, जहां तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भरी अदालत में सेशन जज को न केवल धमकाया था, बल्कि उन्हें घसीटकर थाने ले जाने की धमकी भी दी थी। कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से जवाब तलब किया है।

    न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने ‘वृंदावन व अन्य’ की अपील पर सुनवाई के दौरान पाया कि 1988 के फैसले में ट्रायल कोर्ट (सेशन जज) ने तत्कालीन एसपी बी.के. भोला के आचरण का जिक्र किया है। जज ने अपने फैसले में लिखा था कि पुलिस अधीक्षक ने अदालत के भीतर एक ‘गुंडे’ की तरह व्यवहार किया और पीठासीन अधिकारी को अपमानित करते हुए धमकाया।

    अदालत ने पाया कि घटना को चार दशक बीत चुके हैं, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी तत्कालीन एसपी अब जीवित हैं या नहीं। कोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वह 9 दिसंबर तक हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करें।

    1.क्या तत्कालीन एसपी बी.के. भोला अब भी जीवित हैं?

    2. यदि जीवित हैं, तो क्या वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं और पेंशन ले रहे हैं?

    3. उनका वर्तमान पता और संबंधित थाने की जानकारी क्या है?

    4. सबसे अहम — 1988 में सेशन जज द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद, उनकी तल्ख टिप्पणियों के आधार पर आरोपी एसपी के खिलाफ विभाग ने क्या कार्रवाई की थी?

    हाईकोर्ट ने इस पुराने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी को विस्तृत रिपोर्ट के साथ अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

  • लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। अदालत ने राजधानी लखनऊ में ई-रिक्शा के पंजीकरण के लिए स्थानीय निवासी (Permanent Resident) होने की अनिवार्य शर्त को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की मनमानी शर्त समानता, व्यवसाय की स्वतंत्रता और जीवन के मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

    न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ़ और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने अजीत यादव की याचिका समेत कुल चार याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।याचिकाओं में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, लखनऊ द्वारा 5 फरवरी 2025 को पारित आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें ई-रिक्शा के पंजीकरण पर दो प्रतिबंध लगाए गए थे:

    1. जिस व्यक्ति के पास पहले से ई-रिक्शा का पंजीकरण है, उसे नया पंजीकरण नहीं मिलेगा।
    2. केवल लखनऊ में स्थायी तौर पर निवास करने वाले व्यक्ति को ही नए ई-रिक्शा का पंजीकरण मिलेगा।

    याचिकाकर्ताओं ने मुख्य रूप से दूसरी शर्त—लखनऊ में स्थायी निवास की अनिवार्यता—को अदालत में चुनौती दी थी।

    राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत में तर्क दिया कि लखनऊ में किराए पर रहने वाले ई-रिक्शा मालिकों को फिटनेस की समाप्ति या अन्य कानूनी नोटिस भेजने में परेशानी होती है, क्योंकि वे अक्सर अपना पता बदल लेते हैं, जिससे उन्हें तलाशना मुश्किल हो जाता है।हालांकि, खंडपीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। पीठ ने स्पष्ट किया कि किराए पर रहने वाले व्यक्तियों को पंजीकरण से वंचित रखना उचित आधार नहीं माना जा सकता।पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा:> “लखनऊ में स्थायी निवास न होने के आधार पर पंजीकरण से इनकार करना पूरी तरह मनमाना है और यह संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।”>

    न्यायालय ने राज्य सरकार को ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित करने के वैकल्पिक और न्यायसंगत तरीके भी सुझाए। पीठ ने कहा कि ई-रिक्शा की संख्या को नियंत्रित करने के लिए अन्य तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे:

    1. एक वर्ष में केवल निश्चित मात्रा में ही पंजीकरण जारी किए जाएं।
    2. वैध फिटनेस सर्टिफिकेट न रखने वाले ई-रिक्शों को जब्त कर लिया जाए।

    अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि स्थानीय निवास की शर्त लगाना असंवैधानिक है। यह फैसला उन हजारों ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो रोजगार की तलाश में लखनऊ आते हैं और किराए के मकानों में रहते हैं।

  • बिजनौर। पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर अभिषेक कुमार झा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘यातायात माह नवम्बर 2025′ अभियान को जमीनी स्तर पर मज़बूती देने के लिए, आज दिनांक 29 नवम्बर 2025 को थाना शेरकोट क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। मिलन बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ बिजनौर और थानाध्यक्ष शेरकोट ने ई-रिक्शा चालकों, टैम्पो चालकों और टैक्सी यूनियनों को न केवल सड़क सुरक्षा के सख्त नियमों का पालन करने की हिदायत दी, बल्कि उन्हें बढ़ते साइबर अपराधों से खुद को और यात्रियों को बचाने के लिए भी जागरूक किया।

    सड़क सुरक्षा: शून्य दुर्घटना का संकल्पअधिकारियों ने चालकों को स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अनमोल जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक है। गोष्ठी में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:

    नियमों की स्पष्टता: चालकों को सभी यातायात संकेतों, लेन सिस्टम और ‘रुकने-चलने’ के नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि ओवरलोडिंग और गलत दिशा में ड्राइविंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि ये आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आते हैं।

    वाहन की फिटनेस: चालकों को हिदायत दी गई कि वे अपने वाहनों (ब्रेक, टायर, हेडलाइट) का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करें। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र हमेशा साथ रखने को अनिवार्य बताया गया।

    दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य: वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण (RC) और बीमा जैसे दस्तावेज साथ न रखने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

    शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) नीति: शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन चलाने के खतरों और इसके कानूनी दुष्परिणामों को लेकर विशेष जागरूकता फैलाई गई। साथ ही, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फ़ोन का उपयोग न करने की सख्त सलाह दी गई, क्योंकि यह दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है।

    यातायात नियमों के साथ-साथ, पुलिस अधिकारियों ने चालकों को डिजिटल दुनिया में हो रही धोखाधड़ी से आगाह करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया।

    साइबर फ्रॉड के तौर-तरीके: चालकों को साइबर अपराध से संबंधित वीडियो दिखाकर यह समझाया गया कि ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग जैसे अपराध कैसे होते हैं।

    सतर्क रहने की अपील: उन्हें किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदेश पर विश्वास न करने और बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी (OTP, PIN) किसी के साथ भी साझा न करने के लिए जागरूक किया गया।

    तत्काल सहायता: सभी चालकों को यह महत्वपूर्ण जानकारी दी गई कि यदि वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, ताकि उनकी धनराशि को समय रहते सुरक्षित किया जा सके।

    गोष्ठी के अंत में, अधिकारियों ने सभी चालकों को पुलिस प्रशासन का सहयोग करने और स्वयं एक ज़िम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया, ताकि बिजनौर की सड़कें सुरक्षित हों और नागरिक डिजिटल धोखाधड़ी से बचे रहें।

  • नई दिल्ली/लखनऊ। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम-वाणी (PM-WANI) देश के हर कोने में इंटरनेट की पहुँच को क्रांतिकारी तरीके से बदलने के लिए तैयार है। यह योजना न केवल नागरिकों को बेहद सस्ते दरों पर वाई-फाई उपलब्ध कराती है, बल्कि छोटे दुकानदारों, उद्यमियों और स्थानीय लोगों के लिए बिना किसी लाइसेंस शुल्क के कमाई का एक नया जरिया भी खोलती है।आज हम विस्तार से जानेंगे कि प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) क्या है और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

    (Prime Minister Wi-Fi Access Network Interface)

    पीएम-वाणी को दिसंबर 2020 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क बनाना है।

    यह योजना पब्लिक कॉल ऑफिस (PCO) मॉडल की तरह काम करती है, जहाँ इंटरनेट को मिनटों और छोटे पैकेटों में बेचा जाता है।

    यह पूरी व्यवस्था चार सरल और सहयोगपूर्ण घटकों पर आधारित है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है:

    पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO): ये वे स्थानीय दुकानदार, चाय वाले या छोटे उद्यमी होते हैं जो वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करते हैं और अंतिम उपयोगकर्ता को इंटरनेट सेवा बेचते हैं। PDO बनने के लिए कोई लाइसेंस या शुल्क नहीं लगता।

    पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर (PDOA): यह एक कंपनी होती है जो कई PDOs को अपने सिस्टम से जोड़ती है। PDOA ही तकनीकी सहायता और अकाउंटिंग का काम संभालती है।

    ऐप प्रदाता (App Provider): यह एक मोबाइल एप्लीकेशन बनाता है। उपभोक्ता इसी ऐप का उपयोग करके आस-पास के PM-WANI हॉटस्पॉट को ढूंढते हैं और डेटा पैक खरीदते हैं।

    केंद्रीय रजिस्ट्री (Central Registry): यह C-DoT द्वारा संचालित होती है, जो PDOA और App Providers का रिकॉर्ड रखती है, जिससे सिस्टम पारदर्शी बना रहे।

    पीएम-वाणी का लाभ उठाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से एक ‘पब्लिक डेटा ऑफिस’ (PDO) बन सकता है और अपने मौजूदा व्यवसाय के साथ अतिरिक्त आय कमा सकता है।

    शून्य लाइसेंस शुल्क: कोई सरकारी लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं।

    निश्चित आय: बेचे गए हर डेटा पैक का एक बड़ा हिस्सा सीधे PDO को मिलता है।

    व्यापार वृद्धि: हॉटस्पॉट बनने से आपकी दुकान पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ती है।

    यदि आप PM-WANI के तहत एक PDO बनकर कमाई शुरू करना चाहते हैं, तो पहला कदम एक सही PDOA ढूँढना है।

    ऑफिशियल सूची: सबसे पहले, C-DoT PM-WANI Central Registry पोर्टल पर जाएँ। यह पोर्टल आपको सभी पंजीकृत PDO एग्रीगेटर्स और ऐप प्रोवाइडर्स की आधिकारिक, अद्यतन सूची प्रदान करेगा।

    स्थानीय सपोर्ट: ऐसा PDOA चुनें जिसका नेटवर्क और सपोर्ट आपके शहर या गाँव में मजबूत हो, ताकि तकनीकी समस्या आने पर आपको तुरंत सहायता मिल सके।

    पीएम-वाणी वास्तव में डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो न केवल कनेक्टिविटी प्रदान करता है, बल्कि हर भारतीय को उद्यमी बनने का अवसर भी देता है। योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को एक डिजिटल आयाम दें।

  • बिजनौर। राष्ट्रीय लोक दल के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी लव कुश फौजी ने केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह से दिल्ली में उनके आवास पर खुशनुमा माहौल में मुलाकात की। इस दौरान उन्हें भारत रत्न, किसान मसीहा, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी का चित्र भेंट किया।

    लवकुश फौजी ने बिजनौर में आर्मी कैंटीन (सीएसडी) खुलवाने की रालोद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह जी से पुरजोर मांग की। इसके लिए रालोद अध्यक्ष ने पूर्ण आश्वासन दिया। चौधरी जयंत सिंह जी ने लवकुश फौजी से बिजनौर राष्ट्रीय लोकदल की वर्तमान स्थिति पर संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की। मुलाकात के दौरान पीतम सिंह जिला उपाध्यक्ष राष्ट्रीय लोक दल, ब्रजवीर सिंह आर्य जिला महासचिव राष्ट्रीय लोकदल, प्रमोद फौजी उपाध्यक्ष पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ तथा अनमोल सिंह पूर्व प्रधान मंडावली साथ रहे।

  • नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार नामांकन और अपडेशन की प्रक्रिया को सरल और अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। आधार (नॉमिनेशन एंड अपडेशन) तीसरा संशोधन विनियम, 2025 के तहत अधिसूचित इन बदलावों में पहचान (PoI), पता (PoA), जन्मतिथि (PoB) और संबंध (PoR) के प्रमाण के रूप में स्वीकार्य दस्तावेज़ों की सूची का विस्तार किया गया है।

    UIDAI का उद्देश्य कई सरकारी प्रमाणपत्रों, डिजिटल आईडी और आधिकारिक रिकॉर्ड को शामिल करके विभिन्न श्रेणियों का विस्तार करना है, जिससे दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया नागरिकों के लिए आसान हो जाए। ये अपडेट की गई दस्तावेज़ सूची सभी आयु समूहों – बच्चों, वयस्कों और वरिष्ठ नागरिकों – पर लागू होंगी।
    वयस्कों (18+ वर्ष) के लिए स्वीकार्य दस्तावेज़ों की संशोधित सूची
    संशोधित नियमों में वयस्कों के लिए चार मुख्य प्रमाण श्रेणियों को स्पष्ट किया गया है।

    प्रमाण की श्रेणीप्रमुख स्वीकार्य दस्तावेज़ों की सूची
    पहचान का प्रमाण (PoI) & पते का प्रमाण (PoA)भारतीय पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी सेवा आईडी, पेंशनर/स्वतंत्रता सेनानी आईडी कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, और UIDAI द्वारा निर्धारित प्रारूप में सांसद/विधायक/राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
    पते का प्रमाण (PoA) (अतिरिक्त)तीन महीने से अधिक पुराने न हों ऐसे बिजली, पानी, मोबाइल (लैंडलाइन/पोस्टपेड), ब्रॉडबैंड या गैस के बिल; संपत्ति कर रसीदें, बैंक पासबुक या स्टेटमेंट, एक वर्ष के लिए वैध बीमा पॉलिसी, और पंजीकृत सेल या लीज डीड।
    जन्मतिथि का प्रमाण (PoB)जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड/विश्वविद्यालय की मार्कशीट जिसमें जन्मतिथि हो, पेंशन आदेश, या राजपत्रित अधिकारी/तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
    संबंध का प्रमाण (PoR)परिवार के मुखिया (HoF) आधारित नामांकन के मामलों में स्वीकार्य। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, परिवार का संबंध दर्शाने वाला मनरेगा जॉब कार्ड, माता-पिता का नाम दिखाने वाला जाति प्रमाण पत्र, और कानूनी अभिभावक पर कोर्ट के आदेश शामिल हैं।
    बच्चों और किशोरों के लिए दस्तावेज़ों में सरलता
    UIDAI ने बच्चों के नामांकन और अपडेशन के लिए भी दस्तावेज़ों की सूची स्पष्ट की है।🧑 5 से 18 वर्ष के बच्चे और किशोर: 5 से 18 वर्ष के बच्चे और किशोर कोई भी स्वीकार्य PoI या PoA दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। PoB (जन्मतिथि का प्रमाण) के रूप में, जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल द्वारा जारी जन्मतिथि वाला दस्तावेज स्वीकार्य होगा।
    👶 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे 5 वर्ष से कम के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र और परिवार के मुखिया (HoF) आधारित नामांकन दस्तावेज प्राथमिक प्रमाण बने रहेंगे।
    • आधार विवरण में सुधार के लिए नए नियम
      आधार में पहले से दर्ज विवरणों में सुधार (नाम, पता, लिंग, जन्मतिथि आदि) के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची को भी अपडेट किया गया है।
    • विस्तारित स्वीकार्य दस्तावेज़: विवाह प्रमाण पत्र, तलाक की डिक्री, नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification), बैंक स्टेटमेंट, और कैदी शामिल होने के दस्तावेज जैसे अतिरिक्त रिकॉर्ड अब मान्य होंगे।
    • पते के अपडेट के लिए स्व-घोषणा: पते के अपडेट के लिए तत्काल परिवार के सदस्यों द्वारा स्व-घोषणा (Self-declaration) अब स्वीकार्य है।
    • अतिरिक्त सत्यापन का प्रावधान: UIDAI ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों या आश्रय गृह प्राधिकरणों द्वारा जारी कुछ प्रमाणपत्रों के मामलों में, अतिरिक्त सत्यापन या प्रमाणीकरण (Additional Verification) की मांग की जा सकती है।
    • विशेष वर्ग के लिए अलग दस्तावेज़ सूची: संशोधित नियमों में ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों, लॉन्ग-टर्म वीज़ा धारकों और नेपाल/भूटान के नागरिकों के लिए अलग दस्तावेज़ों की सूची निर्धारित की गई है।
    • निवास की शर्त: यह सूची उन नागरिकों पर लागू होगी जो पिछले 12 महीनों में कम से कम 182 दिन भारत में रहे हैं।ये नए नियम नागरिकों के लिए आधार से संबंधित प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाएंगे। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अद्यतन जानकारी के लिए UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (uidai.gov.in) की जाँच करें।
  • बिजनौर। आदित्य राणा की मौत के बाद संपत्ति और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही विधवा पत्नी ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, पति की संपत्ति पर जबरन कब्जा और पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी शिकायत पर सुनवाई न होने की बात कहते हुए डीएम को एक मार्मिक पत्र सौंपा है।

    पीड़िता स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू (मूल निवासी ग्राम राना नंगला, थाना स्योहारा, हाल निवासी युसूफपुर हमीदपुर) ने आरोप लगाया कि पति आदित्य चौधरी राणा के निधन के बाद ससुराल पक्ष के लोग उनके वैवाहिक एवं संपत्ति संबंधी सभी अधिकारों से उन्हें वंचित कर रहे हैं।

    स्वदेशना ने डीएम से थाना स्योहारा को तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश देने की गुहार लगाई। उन्होंने अपने पति की खेती की आमदनी, हवेली और अन्य संपत्ति में उनका कानूनी हक दिलाने की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि उसके और उसके पति द्वारा लगाए गए 7 लाख रुपये के पेड़ बेच दिए गए, लेकिन उसे एक रुपया भी नहीं मिला।

    स्वदेशना ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2015 में आदित्य चौधरी उर्फ आदित्य राणा से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया। जमानत पर रिहा होने के बाद जब वह ससुराल पहुंची, तो आरोप है कि उनके जेठ, ननद, जेठानी, ससुर और बच्चों ने उन्हें गालियां देते हुए मारपीट की और घर से जबरन भगा दिया। जब वह थाने में शिकायत लेकर गईं, तो पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। संपत्ति पर कब्जे और लाखों के पेड़ बेचने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनके ससुर के पास की कुल 24 बीघा जमीन में से उनके पति के हिस्से में 12 बीघा जमीन आई थी, लेकिन पति के जेल जाने के बाद जेठ चंद्रवीर उर्फ बिट्टू ने पूरी जमीन और पुश्तैनी हवेली पर कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि गन्ने की फसल और खेत में लगे पेड़ उनके पति के हिस्से की संपत्ति हैं, मगर विरोधी उन्हें फसल काटने और संपत्ति पर हक जताने नहीं दे रहे, बल्कि धमकाकर भगा देते हैं। अब फिर से पेड़ काटकर बेचने की तैयारी की जा रही है।

    पीड़िता ने पुलिस प्रशासन पर भी पक्षपात करने और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। स्वदेशना के अनुसार, स्योहारा थाने पर उनकी रिपोर्ट इसलिए दर्ज नहीं की गई, क्योंकि जेठ ग्राम प्रधान और ननद होमगार्ड के पद पर हैं। पीड़िता का दावा है कि 1076 पर शिकायत करने के बाद जब पुलिस मौके पर आई, तो उन्हें ही बिना महिला कांस्टेबल के गाड़ी में बैठाकर नूरपुर ले जाया गया। इतना ही नहीं, उनके भाई सोनू को भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेजने का आरोप है।

    दरअसल आदित्य राणा (आदित्य चौधरी) पर हत्या, लूट, फिरौती और धमकी सहित 43 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे। वहीं 23 अगस्त 2022 को शाहजहांपुर कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद आदित्य राणा पर ₹2.5 लाख का इनाम घोषित किया गया था। जिला बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुढ़नपुर में 11 अप्रैल 2023 की देर रात पुलिस से सीधे हुई मुठभेड़ में आदित्य राणा मारा गया।

  • लखनऊ, 27 नवम्बर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आज योजना भवन में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’ पर्यटन कार्यशाला का आयोजन किया गया। दिनभर विभिन्न संवाद सत्रों में पर्यटन के विविध आयामों पर चर्चा हुए। इस एक दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक सशक्त, संतुलित और नवाचारी रोडमैप तैयार करना रहा। इस मंच पर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के अनुभवी प्रतिनिधियों की सहभागिता ने एक समग्र दृष्टि विकसित की, जो पर्यटन के दीर्घकालिक, सतत और समावेशी ‘टूरिज्म विजन डॉक्यूमेंट 2047’ को आकार देने में मदद करेगा। 

    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात तथा पर्यटन महानिदेशक राजेश कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। इनके नेतृत्व में विभागीय प्राथमिकताओं, नीतिगत सुधारों और निवेश संभावनाओं आदि पर विस्तार से चर्चा हुई। योजना विभाग, आयुष विभाग, संस्कृति विभाग और राज्य परिवर्तन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यशाला का हिस्सा बनकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय विकसित करने पर बल दिया। अद्यतन सत्र में नीति आयोग के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने अपने विशेष संबोधन में कहा, कि ‘पर्यटन सदैव और सर्वदा रहने वाला क्षेत्र है। उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन में पहले पायदान पर है, जबकि विदेशी पर्यटन में चौथे पायदान पर है। मौजूदा वर्ष 2025 में जबकि अभी एक महीना शेष है, पर्यटकों का आगमन नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, बीते सात वर्षों के दौरान 2019 का कुंभ और 2025 का महाकुंभ हमारी पर्यटन प्रगति को दर्शाता है। अयोध्या, काशी की तरह ही मथुरा में भी आधारभूत संरचना के विकास पर जोर दिया।मुख्यमंत्री के सलाहकार ने वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में पर्यटन की भूमिका को अहम बताया। साथ ही, सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए इस क्षेत्र में कुशल और प्रशिक्षित युवा पीढ़ी को लाने को प्राथमिकता सूची में रखने को कहा है। उन्होंने पर्यटन में कॉरपोरेट की भूमिका, हाइवे और एक्‍सप्रेस-वे के किनारे वे-साइड एमिनिटीज के विकास और सस्टेनेबल टूरिज्म जैसे प्रमुख बिंदुओं पर भविष्य के लिए सुझाव दिए।

    प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’ पर एक एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन और उससे जुड़ी सूक्ष्म जानकारी कार्यशाला में उपस्थित गणमान्य लोगों को दी। उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा हवाई, रेल, सड़क सहित अन्य कनेक्टिविटी विकसित किए जाने से प्रदेश में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। बेहतर प्रशासन और अपराधमुक्त माहौल ने भी आगंतुकों को आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यूपी में म्यूजियम की वृहद् श्रृंखला है। मुख्यमंत्री जी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शौर्य संग्रहालय का काम भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने पर्यटन में सोशल मीडिया, डिजिटल माध्यम, संस्कृति आधारित पर्यटन, स्किल डेवलपमेंट, स्मार्ट टूरिज्म और टूरिस्ट सेफ्टी पर अपने विचार प्रस्तुत किए। महाकुंभ-2025 के दौरान महज 45 दिनों में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन को बड़ी उपलब्धि बताया। 

    अमृत अभिजात ने आगे कहा, ‘लखनऊ को ‘यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान सिर्फ़ एक सम्मान नहीं, यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, नवाचार और पाक-कला की बेमिसाल समृद्धि का वैश्विक उत्सव है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। 

    महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास के अपने सबसे सशक्त दौर में प्रवेश कर रहा है। एक्सप्रेस-वे, नए एयरपोर्ट, वंदे भारत कॉरिडोर और दीपोत्सव, देव दीपावली व महाकुंभ जैसे वैश्विक आयोजनों ने राज्य के पर्यटन तंत्र को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक आधारित पर्यटन, तराई क्षेत्र में ईको-टूरिज्म और नए सर्किटों का विस्तार भविष्य में स्थायी व समावेशी विकास की नींव बनेगा। उन्होंने कहा, पर्यटन विभाग बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे पॉलिसी के माध्यम से स्थानीय निवासियों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है।’

    कार्यक्रम में विशेष सम्बोधन में मनोज कुमार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उ0प्र0) ने विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 पर्यटन कार्यशाला में अपने संबोधन में भविष्य को लेकर कई अहम सुझाव दिए। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग को वर्तमान समय में इनबाउंड टूरिज्म पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। केरल की तर्ज पर प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। आयुष, योग और पंचकर्म आधारित पर्यटन पर विशेष फोकस हो, तो परिणाम बेहतर आएंगे। सिंह ने राज्य के पर्यटन स्थलों के आसपास सफाई की समुचित व्यवस्था को सर्वोपरि बताया। 

    यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि UPSTDC टूर पैकेजों को लंबी अवधि के प्रवास, सांस्कृतिक गतिविधियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपयोग के अनुरूप पुन: डिज़ाइन कर रहा है। ईको-टूरिज्म निदेशक पुष्प कुमार के0 ने वेटलैंड पुनर्स्थापना, वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को मजबूत करने और प्रकृति आधारित पर्यटन मॉडल पर राज्य की प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने दुधवा, पीलीभीत और कतर्नियाघाट को मॉडल साइटों के रूप में प्रस्तुत किया।

    कार्यशाला दो सत्र में आयोजित हुआ। पहला सत्र, विरासत आधारित डेस्टिनेशन डेवलपमेंट, संभावित यूनेस्को पहल, आध्यात्मिक पर्यटन, संरक्षण एवं कौशल विकास पर केंद्रित रहा, जबकि दूसरे पैनल में ईको-टूरिज्म, सतत पर्यटन, विरासत पुनर्स्थापन, एडवेंचर स्पोर्ट्स, MICE, ग्रामीण पर्यटन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विशेषज्ञों ने भविष्य की प्राथमिकताओं और क्षमता निर्माण आवश्यकता पर चर्चा की।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’ में उपस्थित सभी विशेषज्ञों और संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ‘हम आज साझा की गई सभी मूल्यवान सुझावों के लिए आभारी हैं। यह सुझाव उत्तर प्रदेश के लिए एक संगठित और कार्यात्मक विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार करने में सहायक होंगे। आने वाले समय में प्रदेश का पर्यटन विकास सामुदायिक भागीदारी, सतत योजना और प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर अनुभव पर आधारित रहेगा।’

  • नई दिल्ली/लखनऊ। भारतीय संविधान ने 26 नवंबर को अपने 76 वर्ष पूर्ण किए हैं। यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें देश के गणतंत्रात्मक, संघात्मक और लोकतांत्रिक स्वरूप को सशक्त किया गया है। …जबकि पड़ोसी देशों में संविधान कई बार बदले गए, भारतीय जनता ने अपने मूल संविधान में अटूट आस्था बनाए रखी है। संसद ने अब तक 106 संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से कानून और सामाजिक विकास के बीच समन्वय बनाए रखा है, जो हमारे लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण है।

    हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय की पाँच सदस्यीय खंडपीठ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा अनुच्छेद 143(1) के तहत मांगे गए 14 बिंदुओं पर महत्वपूर्ण परामर्श दिया। इस परामर्श में न्यायमूर्तियों ने ‘स्वदेशी व्याख्या’ पद्धति अपनाई और ‘शक्ति विभाजन सिद्धांत’ (Separation of Powers) की पुनर्स्थापना पर जोर दिया।

    न्यायिक परामर्श में न्यायपालिका को स्वयं सचेष्ट किया गया कि वह कार्यपालिका (अर्थात राष्ट्रपति एवं राज्यपालों) द्वारा विधेयकों को स्वीकृत करने के संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप न करे। यह एक महत्वपूर्ण न्यायिक संकेत है, जो न्यायपालिका के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ खींचता है और व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच पारस्परिकता एवं सौहार्द की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

    टकराव के दो प्रमुख बिंदु: कॉलेजियम और मूल ढाँचा
    जनता और कई विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने दो प्रमुख निर्णयों में संभवतः इस ‘लक्ष्मण रेखा’ का अतिक्रमण किया है, जिससे संवैधानिक संस्थाओं के बीच शक्ति संतुलन प्रभावित हुआ है।

      • अतिक्रमण: 1993 में न्यायिक नियुक्तियों के लिए बनी कॉलेजियम प्रणाली के तहत, न्यायपालिका ने उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं स्थानांतरण का अधिकार स्वयं ले लिया।
      • संवैधानिक प्रावधान के विपरीत: यह व्यवस्था अनुच्छेद 124 में वर्णित प्रक्रिया के विपरीत है, जो राष्ट्रपति को मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों से परामर्श कर नियुक्तियाँ करने का अधिकार देती है।
      • अंतर्राष्ट्रीय तुलना: प्रमुख लोकतंत्रों में यह एक असामान्य व्यवस्था है जहाँ न्यायपालिका ही न्यायाधीशों की नियुक्ति करती है।
      • प्रभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेजियम व्यवस्था से न्यायिक नियुक्तियों में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता प्रभावित हुई है, जिससे कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति का संतुलन बिगड़ गया है।
        • उद्देश्य और उत्पत्ति: केशवानंद भारती मामले (1973) में न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि संसद मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी प्रावधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन संविधान के मूल ढांचे में परिवर्तन नहीं कर सकती।
        • अस्पष्टता: न्यायालय ने मूल ढांचे की कोई अंतिम परिभाषा या सूची नहीं बनाई। कालांतर में, शीर्ष अदालत मूल ढांचे के अलग-अलग पहलू चिह्नित करती रही है।
        • संसद की अनिश्चितता: इस अस्पष्टता के कारण संसद कभी भी आश्वस्त नहीं हो पाती कि उसके द्वारा किया गया संविधान संशोधन कहीं किसी अज्ञात मूल ढांचे का उल्लंघन तो नहीं कर रहा है।
        • न्यायिक वर्चस्व: मूल ढांचे के सिद्धांत का प्रयोग कर सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं को एक प्रकार का ‘न्यायिक वीटो’ प्रदान कर दिया है, जो कानूनों और संवैधानिक संशोधनों को भी निरस्त कर सकता है। यह शक्ति विभाजन सिद्धांत के प्रतिकूल है और न्यायपालिका के वर्चस्व को स्थापित करता है।
        • न्यायपालिका में विलंब और सरलीकरण की आवश्यकता:
          सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में राष्ट्रपति एवं राज्यपालों को विधेयकों को स्वीकृत करने में अति-विलंब न करने का संकेत दिया। यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि क्या यह संकेत न्यायपालिका तक भी जाएगा?
        • वादों के निपटारे में विलंब: न्यायपालिका में वादों को निपटाने में लगने वाला अत्यधिक समय एक बड़ी समस्या है। यह प्रश्न विचारणीय है कि क्या सर्वोच्च न्यायालय किसी ऐसी व्यवस्था को जन्म दे सकता है, जिससे मुकदमों पर एक-सप्ताह, एक-महीने या एक-वर्ष में अंतिम निर्णय हो सके।
        • संविधान की भाषा का सरलीकरण: एक विकसित राष्ट्र के लिए संविधान की क्लिष्ट भाषा का सरलीकरण अत्यंत आवश्यक है।।संविधान की भाषा ऐसी होनी चाहिए कि न केवल विधि विशेषज्ञ, बल्कि आम नागरिक भी संविधान को पढ़-समझ सकें।
        • व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका अपनी-अपनी उत्तरदायित्वों की लक्ष्मण रेखा को पहचानें।
        • ये तीनों स्तंभ भारतीय संस्कृति और मूल्यों को ध्यान में रखकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। तभी भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र भी बन सकेगा। संवैधानिक संस्थाओं के बीच पारस्परिक सम्मान और सौहार्द ही हमारे संविधान की 76 वर्षों की सफलता को आगे भी कायम रख सकता है।
      1. बिजनौर: प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन बिजनौर की एक शोकसभा बुधवार को आर्य समाज परिसर स्थित कार्यालय पर आयोजित की गई। इस दौरान मेरठ से प्रकाशित दैनिक हिंदू समाचार पत्र के संपादक श्री महावीर प्रसाद शशि (91 वर्ष) के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया गया।

        संगठन के राष्ट्रीय सचिव एवं दैनिक हिंदू के जिला प्रभारी डॉ. सत्येंद्र शर्मा अंगिरस ने बताया कि बीमारी के चलते रविवार को श्री शशि का निधन हो गया। उनके वरिष्ठ पुत्र मुकेश गोयल सहित अन्य परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट पर किया गया। पत्रकार जगत में उन्हें आदरपूर्वक “बाबूजी” के नाम से जाना जाता था।स्वर्गीय श्री शशि जी ने पत्रकारिता के दौरान गोरक्षा आंदोलन का भी नेतृत्व किया था और पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ के रूप में नई पीढ़ी को सच्ची पत्रकारिता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैठक में उन्हें सशक्त लेखनी और निष्पक्ष विचारधारा के लिए याद किया गया।शोकसभा में दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को दु:ख सहने का साहस प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। बैठक में जिलाध्यक्ष आलोक भारद्वाज, नवीन गर्ग, अवनीश गौड़, अबरार अहमद, दीपेंद्र त्यागी, हैदर अली, चंद्रमणि एवं आशीष शर्मा आदि मौजूद रहे।

      2. 📰 बिजनौर समाचार

        बिजनौर। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बिजनौर ने मध्य प्रदेश के एक आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में कड़ा रुख अपनाया है। जिला अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा “अंगिरस” के नेतृत्व में महासभा ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री भारत सरकार को एक ज्ञापन भेजा।

        ज्ञापन में कहा गया है कि एससी/एसटी अधिकारी/कर्मचारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष बने हुए आईएएस संतोष वर्मा ने बयान दिया है कि “जब तक मेरे बेटे को ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दें तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।” महासभा ने इसे अमानवीय भाषा, दुस्साहसी, और बुद्धिहीन व्यक्ति की संज्ञा देते हुए आईएएस पद की गरिमा और संपूर्ण सभ्य समाज का अपमान बताया है।महासभा ने मध्य प्रदेश सरकार से तत्काल इस व्यक्ति को बर्खास्त कर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि संतोष वर्मा को बर्खास्त कर उनके विरुद्ध जांच और दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो न केवल ब्राह्मण समाज बल्कि भारत का संपूर्ण सभ्य समाज सड़कों पर उतरकर जबरदस्त आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

        इसके अतिरिक्त, महासभा ने जिलाधिकारी बिजनौर को एक अलग से प्रार्थना पत्र देकर संतोष वर्मा के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराने की भी मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा एडवोकेट, सी.बी. बरौला, आलोक भारद्वाज, रजनीश कौशिक, आशुतोष शर्मा एड., विकास कौशिक एड., और नवीन कुमार सहित कई सदस्य शामिल रहे।

      3. लखनऊ। वृंदावन योजना में चल रही 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी (19th National Jamboree) में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आयोजकों के दावों की पोल खुल गई है। जहाँ एक ओर जंबूरी प्रबंधन कैडेट्स की ‘स्थिति सामान्य’ बता रहा था, वहीं मंगलवार देर शाम करीब 10 से 15 गंभीर रूप से बीमार कैडेट्स को जंबूरी स्थल से निकालकर शहर के लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल (Lokbandhu Hospital) में भर्ती कराया गया है। खासतौर पर जंबूरी वार्ड का स्टीकर भी चस्पा किया गया है।

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        पिछला दावा असफल: इससे पहले आयोजकों ने दावा किया था कि सभी बीमार कैडेट्स का इलाज जंबूरी स्थल पर बने अस्थायी ‘चरक हॉस्पिटल’ में हो रहा है और किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है।

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        शिकायत: भर्ती किए गए कैडेट्स को गंभीर फ़ूड पॉइज़निंग (Food Poisoning) के लक्षणों के साथ-साथ तेज बुखार और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की शिकायत है।

        अस्पताल सूत्रों के अनुसार: लोकबंधु अस्पताल के सूत्रों ने कैडेट्स के भर्ती होने की पुष्टि की है। उनका इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा है।

        इस घटना ने जंबूरी के खानपान की गुणवत्ता और ऑन-साइट स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े आयोजन में बड़ी संख्या में कैडेट्स का बाहरी अस्पताल में भर्ती होना, व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।

      4. लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ओर जहां पुलिस महकमा ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजनौर थाना क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण ट्रैफिक पॉइंट पूरी व्यवस्था को पलीता लगाता दिख रहा है। यह पॉइंट अब नियम-कानून लागू करवाने से अधिक ‘नो-एंट्री वसूली अड्डा’ में तब्दील हो चुका है, जिसके कारण आए दिन भीषण जाम लग रहा है और सबसे बड़ी चिंता का विषय है कि स्कूली बच्चों की जिंदगी लगातार जोखिम में पड़ रही है।

        इस ट्रैफिक पॉइंट की सबसे गंभीर समस्या यह है कि यहां नो-एंट्री का कोई निर्धारित या लागू समय ही नहीं है। नियमानुसार, शहर के इस व्यस्ततम हिस्से में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होना चाहिए, लेकिन यहां ट्रक, डंपर और अन्य बड़े वाहनों को बिना किसी रोक-टोक के गुजरने दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पॉइंट पर तैनात पुलिसकर्मियों का ध्यान नियम लागू करवाने पर नहीं, बल्कि अपनी ‘चंद आवश्यकताओं’ को पूरा करने पर अधिक रहता है! नियमों का यह खुला उल्लंघन पुलिसकर्मियों के सामने होता है, लेकिन कार्रवाई शून्य है!

        यह रूट कई बड़े स्कूलों के पास स्थित है। स्कूल की छुट्टी के समय जब सैकड़ों बच्चों और छात्राओं की भीड़ सड़क पर होती है, ठीक उसी वक्त भारी वाहनों की इस खुली आवाजाही से भीषण जाम और अव्यवस्था फैल जाती है। सड़क पर लगातार लग रहे इस जाम के कारण छोटे बच्चों और छात्राओं के लिए सुरक्षित चलना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय निवासियों और चिंतित माता-पिता ने बताया कि इस लापरवाही के कारण कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं, और ट्रैफिक पुलिस की यह सुस्ती किसी बड़े और जानलेवा दुर्घटना को न्योता दे सकती है।

        शहर के अन्य हिस्सों में ट्रैफिक पुलिस की सख्ती और जागरूकता के प्रयास प्रभावी दिखते हैं, लेकिन बिजनौर थाना क्षेत्र का यह ट्रैफिक पॉइंट उन सभी प्रयासों को धक्का देता है। यहां न कोई कड़ी निगरानी, न नियमों का कड़ाई से पालन, न भारी वाहनों पर तत्काल रोक, और न ही बच्चों की सुरक्षा की कोई चिंता दिखाई देती है।

        स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट से मांग की है कि:

        1. नो-एंट्री का स्पष्ट समय तय कर उसे लागू किया जाए।

        2. स्कूल समय के दौरान भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

        3. लापरवाह और वसूली में लिप्त पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

        यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है, ताकि इस रूट से गुजरने वाले हजारों स्कूली बच्चों का भविष्य और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

      5. आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस की सरकार की नीति और सुरक्षा प्रतिष्ठान की सक्रियता के चलते पिछले कुछ वर्षों से देश आतंकी हमलों से एक बड़ी हद तक सुरक्षित रहा है, लेकिन इस हमले ने सुरक्षा को लेकर बने भरोसे में सेंध लगाने का काम किया है। यह भी कहा जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश को बेनकाब कर दिया था और दिल्ली में हुआ धमाका उसी हताशा का परिणाम था। इससे कुछ समय पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद में डॉक्टरों के एक आतंकी मॉड्यूल की धरपकड़ के साथ भारी मात्रा में विस्फोटक भी जब्त किया था। माना जा रहा है कि इस एकाएक कार्रवाई से सकते में आए आतंकियों ने दिल्ली में बिना किसी योजना के धमाका कर अपनी भड़ास निकाली।

        भले ही इसे एकाएक किया गया आतंकी हमला कहा जा रहा हो, लेकिन इसमें निहित कुछ पहलुओं को कतई अनदेखा नहीं किया जा सकता। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगह बेरोकटोक आवाजाही के बाद आतंकियों ने धमाके के लिए दिल्ली के एक प्रमुख स्थान को चुना। यह इलाका न केवल ऐतिहासिक रूप से महत्व रखता है, बल्कि वाणिज्यिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। धमाके के लिए जो समय चुना गया, वह अपेक्षाकृत व्यस्तता वाला होता है, जाहिर है आतंकी ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना चाहते थे। इससे आतंक से सुरक्षा को लेकर बना आवरण और भरोसे के भाव पर निश्चित ही चोट पहुंची है।

        यहां यह समझना भी आवश्यक है कि आतंकी वह होता है जो आतंक फैलाता है, जबकि जिहाद वह होता है जो मानसिकता में घुला है। रही-सही कसर आत्मघाती हमलावर डॉक्टर उमर के वीडियो ने पूरी कर दी कि इसके पीछे विध्वंसक जिहादी मानसिकता ही थी।

        जांच एजेंसियां हरसंभव पहलू से जांच में जुटी हैं, लेकिन यह मानने के अच्छे-भले कारण हैं कि इसके पीछे पाकिस्तान ही है। पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी राज्य-नीति के रूप में इस्तेमाल करता है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत की कार्रवाई से सहमे पाकिस्तान ने अपनी रणनीति कुछ बदली है। यही कारण है कि शुरुआती जांच के दौरान इस हमले के तार बांग्लादेश से लेकर तुर्किये तक जुड़ते दिखे। वहीं गुलाम जम्मू-कश्मीर के पूर्व प्रधानमंत्री की स्वीकारोक्ति भी पाकिस्तान की बदनीयती की पुष्टि करने वाली रही है।

        दिल्ली में आतंकी हमले के कुछ समय बाद ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी न्यायिक परिसर में धमाका हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) से जुड़े रहे जमात-उल-अहरार ने ली। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत की शह पर यह आतंकी हमला हुआ है। इसके पीछे पाकिस्तान की मंशा काउंटर नैरेटिव तैयार करने की ही लगती है। उसका फार्मूला एकदम सीधा है कि इससे पहले दिल्ली हमले को लेकर पाकिस्तान पर सवाल उठें, वह इस्लामाबाद धमाके को लेकर भारत को निशाने पर ले। पूरी दुनिया में आतंक के सबसे बड़े निर्यातक के रूप में कुख्यात पाकिस्तान यही चाहता है कि आतंकवाद को लेकर दुनिया भारत पर भी संदेह की दृष्टि से देखने लगे।

        मौजूदा परिदृश्य में इस रुझान को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता कि जब भी पाकिस्तान की पीठ पर अमेरिका का हाथ होता है, तो वहां से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। दूसरे कार्यकाल में ट्रंप प्रशासन का पाकिस्तान के प्रति बदला हुआ रवैया इसका प्रमाण है। ऑपरेशन सिंदूर और फिर संघर्ष विराम एवं मध्यस्थता के मामले में राष्ट्रपति ट्रंप की जी-हुजूरी ने भी पाकिस्तान के लिए हालात अनुकूल बना दिए।

        यह अच्छी बात है कि पिछले कुछ दिनों से भारत के प्रति राष्ट्रपति ट्रंप का दृष्टिकोण नरम हुआ है। व्यापार समझौते को लेकर भी उम्मीद बढ़ी है, जिसे अंतिम रूप देने के लिए भारत को अपने प्रयासों में तेजी लानी होगी। अमेरिका के साथ व्यापार समझौता पाकिस्तान के विरुद्ध भारत को एक रणनीतिक कवच प्रदान करेगा। तब पाकिस्तान के खिलाफ किसी संभावित कार्रवाई के मामले में भारत के समक्ष अमेरिकी दखल की आशंका कमजोर पड़ जाएगी, अन्यथा ट्रंप का रवैया परेशानी खड़ी करता रहेगा।

        तमाम पहलुओं को देखते हुए दिल्ली आतंकी हमला यही रेखांकित करने वाला रहा कि आतंक के खिलाफ मुहिम में तनिक भी ढील नहीं दी जा सकती। कई जगहों को निशाने बनाने की तैयारी कर रहे आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां साधुवाद की पात्र हैं, लेकिन लाल किले धमाके को लेकर जिम्मेदारी एवं जवाबदेही से भी उन्हें मुक्त नहीं किया जा सकता।

        अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष स्तर से कड़े संदेश दिए हैं कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पाताल से भी खोजकर उन्हें सबक सिखाया जाएगा। इस बीच यह सुनिश्चित करना होगा कि सुरक्षा प्रतिष्ठान एवं खुफिया एजेंसियों को अपना मोर्चा और दुरुस्त करना होगा। इसके साथ ही कूटनीतिक प्रयासों को भी गति देनी होगी ताकि पाकिस्तान समेत भारत विरोधी शक्तियों की वैश्विक स्तर पर पोल खोलना जारी रहे कि कैसे कुछ देश क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति के दुश्मन बने हुए हैं।

        ~ आर्य राजेश https://youtube.com/shorts/B-8BcXB89jg?si=a-JldnjMXL528k0n

      6. किसानों के लिए कृषि विभाग ने जारी की महत्वपूर्ण सलाह

        🌡️तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए फसलवार प्रबंधन की संस्तुतियां

        🌾 रबी फसलों को कीट-रोगों से बचाएं: जसवीर सिंह तेवतिया

        बिजनौर। जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने जनपद के समस्त किसानों को सलाह दी है कि वर्तमान में रबी की मुख्य फसलें—गेहूं, मक्का, गन्ना, सरसों, चना, मटर और आलू में तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण लगने वाले कीटों और रोगों के प्रकोप की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने किसानों को इन समस्याओं से बचाव और प्रबंधन के लिए फसलवार निम्नलिखित सुझाव और संस्तुतियां अपनाने की सलाह दी है…

        गेहूं के लिए, अनावृत कंडुआ एवं करनाल बंट के नियंत्रण हेतु कार्बेन्डाजिम 50\% डब्लू.पी. की 2.5 ग्राम अथवा कार्बोक्सिन 75\% डब्लू.पी. की 2.5 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा. बीज की दर से बीज शोधन कर बुवाई करनी चाहिए। भूमि जनित रोगों से बचाव हेतु ट्राईकोडर्मा 2.5 किग्रा. प्रति हे. की दर से 60-75 किग्रा. गोबर की खाद में मिलाकर भूमि शोधन करें। दीमक/गुजिया के जैविक नियंत्रण हेतु ब्युवेरिया बेसियाना 1.15\% की 2.5 किग्रा. मात्रा का प्रयोग करें। खड़ी फसल में दीमक/गुजिया के नियंत्रण हेतु क्लोरपाईरीफास 20\% ई.सी. 2.5 ली. प्रति हे. की दर से सिंचाई के पानी के साथ प्रयोग करें। खरपतवार नियंत्रण के अंतर्गत गेंहुसा एवं जंगली जई के नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फ्युरान 75\% डब्लू.जी. की 33 ग्राम मात्रा प्रति हे. अथवा क्लोडिनाफाप प्रोपेर्जिल 15\% डब्लू.पी. की 400 ग्राम मात्रा बुवाई के 20-25 दिन बाद छिड़काव करना चाहिए। चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए मेटसल्फ्यूरान मिथाइल 20\% डब्लू.पी. की 20 ग्राम मात्रा अथवा कारफेंट्राजॉन इथाइल 40\% डी.ऍफ. की 50 ग्राम मात्रा प्रति हे. 20-25 दिन बाद छिड़काव करना चाहिए।

        मक्का में तना बेधक कीट का 10 प्रतिशत मृत गोभ दिखाई पड़ने पर डाईमिथोएट 30\% ई.सी. की 660 मि.ली. मात्रा प्रति हे. घोलकर अथवा नोवालुरोन 05.25\% इमामेक्टिन बेन्जोएट 0.9\% ई.सी. की 1.5 ली. मात्रा प्रति हे. छिड़काव करना चाहिए। फॉल आर्मी वर्म से बचाव हेतु 20-25 पक्षी आश्रय (बर्ड पर्चर) तथा 3-4 की संख्या में प्रकाश प्रपंच स्थापित करने चाहिए। 35-40 फेरोमोन ट्रैप प्रति हे. लगाकर भी इस कीट का प्रबंधन किया जा सकता है। रासायनिक नियंत्रण हेतु ब्रोफ्लोनिलाइड 20\% एस.सी. की 125 मि.ली. मात्रा अथवा क्लोरेनट्रानिलीप्रोल 47.85\% एस.सी. की 75 मि.ली. मात्रा प्रति हे. की दर से प्रयोग करना चाहिए।

        तिलहन:

        राई/सरसों में बीज जनित रोगों से सुरक्षा हेतु 2.5 ग्राम थिरम 75\% प्रति किग्रा. बीज की दर से उपचारित करके बोयें। मेटालेक्सिल 2.0 ग्राम प्रति किग्रा. बीज शोधित करने से सफेद गेरुई एवं तुलासिता रोग की प्रारंभिक अवस्था में रोकथाम हो जाती है। आरा मक्खी के लिए डाईमिथोएट 30\% ई.सी. 650 मि.ली. प्रति हे. अथवा क्यूनालफास 25\% ई.सी. की 1.2 ली. मात्रा प्रति हे. की दर से छिड़काव करें। पत्ती सुरंगक कीट के नियंत्रण हेतु डाईमिथोएट 30\% ई.सी. की 650 मि.ली. मात्रा प्रति हे. की दर से छिड़काव करें अथवा कार्बोफ्यूरान 3\% सी.जी. 66 किग्रा प्रति हे. की दर से बुरकाव करें।

        दलहन:

        चना/मटर/मसूर में बीज जनित रोगों से सुरक्षा हेतु ट्राईकोडर्मा (4 ग्राम प्रति किग्रा बीज) से बीज उपचार कर ही बुवाई करनी चाहिए। रासायनिक बीज शोधन हेतु थिरम 75\% की 2 ग्राम एवं कार्बेन्डाजिम 50\% 1 ग्राम मिश्रण की 3 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा. बीज की दर से बीज को शोधित कर बुवाई करें। कटुआ कीट/कट वर्म के जैविक नियंत्रण हेतु मेटारेजियम एनिसोप्ली 2.5 किग्रा प्रति हे. की दर से सांयकाल छिड़काव करना चाहिए। रासायनिक नियंत्रण हेतु क्लोरपाईरीफास 20\% ई.सी. 2.5 ली. प्रति हे. की दर से छिड़काव करें। मटर की तना मक्खी के नियंत्रण हेतु लेम्बडा-साईहेलोथ्रिन 04.90\% सी.एस. की 300 मि.ली मात्रा को 500-600 ली. पानी में घोलकर छिड़काव करें। एस्कोकाईटा पत्ती धब्बा रोग के नियंत्रण हेतु मेन्कोजेब 75\% डब्लू.पी. की 2 किग्रा. अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50\% डब्लू.पी. की 3 किग्रा. मात्रा प्रति हे. की दर से घोलकर छिड़काव करें।

        गन्ना:

        दीमक के लिए ब्युवेरिया बेसियाना 2.5 किग्रा मात्रा को 60-75 किग्रा गोबर की खाद में मिलाकर बुवाई से पूर्व अंतिम जुताई के समय खेत में मिला देने से भूमिगत कीटों का प्रबंधन किया जा सकता है। नीम की खली 10 कुंतल प्रति हे. की दर से बुवाई से पूर्व मिलाने से दीमक के प्रकोप में कमी आती है। लाल सडन रोग से बचाव हेतु प्रतिरोधी किस्मों का प्रयोग करना चाहिए तथा रोगग्रस्त फसल की रेटूनिंग नहीं करनी चाहिए। रासायनिक नियंत्रण हेतु एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2 + डाईफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत एस.सी. की 1 मि.ली. मात्रा प्रति ली. की दर से घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए।

        आलू:

        आलू में लगने वाले ब्लैक स्कर्फ से बचाव हेतु स्वस्थ्य एवं रोग रोधी प्रजातियों तथा प्रमाणित बीज का चुनाव करना चाहिए। ब्लैक स्कर्फ रोग से बचाव हेतु पेनफ्लूफेन 22.43\% एफ.एस. 83 मि.ली प्रति 100 ली. पानी के घोल में 800 किग्रा बीज की दर से बीजशोधन कर बुवाई करनी चाहिए अथवा थाईफ्लूजामाइड 24\% एस.सी. 2.5 मि.ली. प्रति 10 किग्रा बीज की दर से बीजशोधन कर बुवाई करनी चाहिए।

      7. बिजनौर। शिखर शिशु सदन सीनियर सेकेंडरी स्कूल धामपुर के प्रांगण में (एल० आई० एफ़० एफ़० टी०) अग्रणी भविष्य प्रतिभा परीक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी तथा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

        विद्यालय के डायरेक्टर शेखर अवस्थी द्वारा इस परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं में तान्या सागर, शगुन वर्मा तथा कनिष्क राजपूत को ट्रॉफी प्रदान की गई तथा अन्य बच्चों को प्रमाण-पत्र दिए गए।

        उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज ऐसे बहुत से महासंघ हैं जो छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए मार्गदर्शन देते हैं। आपके पास ऊँचाइयों तक पहुँचने की क्षमता है, इसके लिए आपको मार्गदर्शन की ज़रूरत है। अब आपके पास सहयोग और मार्गदर्शन दोनों हैं। आप भविष्य के लिए इनका लाभ उठाएँ और अपने लक्ष्य को पाएँ। परीक्षा का आयोजन करवाने में विद्यालय के शिक्षक आर० एन० सिंह एवं नमित राजपूत का सराहनीय योगदान रहा।

      8. Oplus_0

        अस्पताल का नाम | पता (Address) | मुख्य संपर्क नंबर | वेबसाइट | फेफड़ों के विभाग का नाम ||

        1. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) | शाह मीना रोड, चौक, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226003 | 0522-2257451, 2258880 (सामान्य हेल्पलाइन) | http://www.kgmu.org | रेस्पिरेटरी मेडिसिन/ पल्मोनरी मेडिसिन ||
        2. संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) | रायबरेली रोड, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226014 | 0522-2668700, 2668800, 2494000 (सामान्य पूछताछ) | http://www.sgpgims.org.in | पल्मोनरी मेडिसिन (Pulmonary Medicine) ||
        3. डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) | विभूति खंड, गोमती नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226010 | 0522-6692000 (हेल्पलाइन) | http://www.drrmlims.ac.in | रेस्पिरेटरी/पल्मोनरी मेडिसिन ||
        4. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल | 4-ए, पार्क रोड, हजरतगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226001 | 0522-4027513 | drspmcivilhospital.in | पल्मोनोलॉजी (Pulmonology) |

        ओपीडी का समय (OPD Timings): अधिकांश सरकारी अस्पतालों में सामान्यतः ओपीडी पंजीकरण सुबह 8:30 बजे से शुरू होता है और डॉक्टर सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक मरीजों को देखते हैं (शनिवार को भी सीमित समय तक)। विस्तृत और सटीक समय के लिए, आपको अस्पताल की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए।

        अपॉइंटमेंट: KGMU और RMLIMS जैसे बड़े संस्थानों में अक्सर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट (ORS पोर्टल के माध्यम से) की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

        सुविधाएं: SGPGI और KGMU जैसे संस्थान फेफड़ों से संबंधित जटिल और सुपर स्पेशियलिटी उपचारों (जैसे फेफड़ों का प्रत्यारोपण, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, और उन्नत आईसीयू केयर) के लिए जाने जाते हैं।किसी भी अस्पताल जाने से पहले, संबंधित विभाग से संपर्क करके वर्तमान ओपीडी शेड्यूल और अपॉइंटमेंट प्रक्रिया की पुष्टि कर लेना सबसे अच्छा है।

      9. पुरानी तिथि: पहले यह छुट्टी 24 नवंबर को घोषित की गई थी।

        नई तिथि: अब पूरे प्रदेश में यह अवकाश 25 नवंबर (मंगलवार) को घोषित किया गया है।

        प्रमुख सचिव मनीष चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 25 नवंबर को निम्नलिखित संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे: सभी सरकारी दफ्तर, सभी स्कूल (प्राइवेट और सरकारी दोनों), सभी कॉलेज, सभी शिक्षण संस्थान।

        इस तिथि बदलाव से कर्मचारियों और छात्रों को लगातार दो दिन मिलने वाली छुट्टियों पर विराम लग गया है:

        पहले की संभावना: अगर छुट्टी 24 नवंबर (सोमवार) को रहती, तो 23 नवंबर (रविवार) की छुट्टी के साथ मिलकर लगातार दो दिनों का अवकाश मिलता।

        अब की स्थिति: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से अब लगातार दो दिनों की छुट्टियां नहीं मिलेंगी, क्योंकि रविवार (23 नवंबर) के बाद सोमवार (24 नवंबर) को सभी संस्थान खुले रहेंगे और मंगलवार (25 नवंबर) को छुट्टी होगी।

        बैंकों के अवकाश की घोषणा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा की जाती है।

        RBI की लिस्ट: आरबीआई द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार, बैंकों की छुट्टी पहले 24 नवंबर को घोषित की गई थी।

        संभावना: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छुट्टी 25 नवंबर को किए जाने के बाद, यह संभावना है कि बैंक भी 25 नवंबर को बंद रह सकते हैं।

        अन्य राज्यों की स्थिति: पंजाब, हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है, जिस दौरान बैंक बंद रहेंगे। उत्तर प्रदेश में बैंकों की छुट्टी की अंतिम पुष्टि आरबीआई की ओर से ही होगी।

      10. सल्लाभाटकोट / तिरनेली (उत्तराखंड)। जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट शैलजा चम्याल ने ग्राम सभा तिरनेली के जुड़ा तोक में स्थित एक महत्त्वपूर्ण पैदल पुलिया की दयनीय स्थिति को लेकर शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग को एक गंभीर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पुलिया की जर्जर हालत कभी भी एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

        शैलजा चम्याल, जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट

        शैलजा चम्याल ने लोक निर्माण विभाग अल्मोड़ा के अधिशासी अभियंता को लिखित जानकारी दी कि शेराघाट से लगभग तीन किलोमीटर पीछे जुड़ा से ग्राम सभा तिरनेली, धौलनेली, कोटा, जामडी और अन्य गांवों को जोड़ने वाला यह पुलिया अत्यंत महत्त्वपूर्ण पैदल मार्ग पर स्थित है। कई वर्ष पूर्व निर्मित इस पुलिया में अब जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं और इसका फर्श (सामग्री) बुरी तरह से खराब हो चुका है।

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        खराब फर्श और गड्ढों के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में पत्थर (पटाल) और लकड़ी रखकर इसे आने-जाने योग्य बनाना पड़ा है। यह अस्थायी और जोखिम भरा “जुगाड़” कभी भी टूट सकता है, जिससे पुलिया पर चल रहे किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्घटना हो सकती है!

        यह पुलिया क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन रेखा के समान है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, पशुधन और सभी ग्रामीणों का आवागमन लगा रहता है। पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसका फर्श कभी भी गिर सकता है, जिससे विशेष रूप से छोटे स्कूली बच्चों के अभिभावक हमेशा चिंता में रहते हैं।

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        ज्ञापन में बताया गया है कि स्थानीय क्षेत्रवासियों ने इस पुलिया के खराब हाल की शिकायत कई बार की है और विभाग द्वारा इसका निरीक्षण भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, धरातल पर पुलिया की हालत जस की तस बनी हुई है। क्षेत्रवासी हर दिन इस पुलिया से गुजरते समय भयभीत रहते हैं।

        जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने विभाग से पुरजोर गुहार लगाई है कि किसी भी अनहोनी से पहले अतिशीघ्र इस पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इस जानलेवा खतरे से निजात मिल सके।

      11. बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन और जिलाधिकारी, बिजनौर के निर्देशों के क्रम में, जनपद के किसानों को निर्धारित दर पर उच्च गुणवत्ता के बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने दिनांक 15.11.2025 को बीज बिक्री केंद्रों/गोदामों पर व्यापक निरीक्षण एवं छापामार कार्रवाई की।

        जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर, उपजिलाधिकारी (बिजनौर/नजीबाबाद/चांदपुर/धामपुर/नगीना), उप कृषि निदेशक और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) की संयुक्त टीमों द्वारा जनपद के कुल 109 बीज विक्रय केंद्रों पर छापे की कार्रवाई की गई। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर कुल 67 बीज नमूने ग्रहित किए गए, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए भेजा जाएगा।
        गठित संयुक्त टीम ने निरीक्षण के समय दुकान बंद कर भागने और अन्य गंभीर अनियमित्ताओं के कारण 4 बीज विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

        उक्त कार्रवाई के अतिरिक्त, उप कृषि निदेशक/बीज निरीक्षक, बिजनौर ने मै. पंतजली किसान सेवा केंद्र, चांदपुर पर निरीक्षण किया। यहाँ मै. हरित एग्रो प्रो. (कोर्ट रोड, काशीपुर, उत्तराखण्ड) द्वारा सत्यापित बीजों की आपूर्ति पाई गई। जब विक्रेता से इन बीजों से संबंधित आवश्यक अभिलेख (दस्तावेज) मांगे गए, तो वह उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका। अभिलेखों के अभाव के चलते स्टॉक को संदिग्ध मानते हुए, इस कंपनी के गेहूँ एच.पी.डबलू.-303 टी.एल. (55×20 किग्रा), गेहूँ पी.बी.डबलू.-826 टी.एल. (16×40 किग्रा) एवं गेहूँ एच.डी.-2967 प्रमाणित (31×40 किग्रा) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। कंपनी और विक्रेता दोनों को नोटिस जारी किया गया है।

        जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने समस्त बीज विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे प्रत्येक बीज कंपनी से बिल/राज्य स्तरीय प्राधिकार पत्र के आधार पर ही बीजों की प्राप्ति करें। साथ ही, किसानों को बीज वितरित करते समय अनिवार्य रूप से कैश मीमो/रसीद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि इन निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में, संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध बीज अधिनियम-1966, बीज नियंत्रण आदेश-1971 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

      12. लखनऊ। समर्पण इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़, लखनऊ द्वारा “फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी: फ्रॉम बेडसाइड टू कोर्टरूम” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ शंख-ध्वनि और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

        सम्मेलन के संरक्षक एवं समर्पण समूह के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) आर. एस. दुबे ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी का ज्ञान चिकित्सकों और कानून के जानकारों दोनों के लिए आवश्यक है।

        कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अशोक बिश्नोई (डीन नर्सिंग, ABVMU) ने अपने संबोधन में फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी के क्लिनिकल और विधिक पक्षों पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसकी बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित किया। डॉ. नम्रता पुनित अवस्थी (मैनेजिंग ट्रस्टी, समर्पण समूह) ने सम्मेलन की थीम को विस्तारपूर्वक समझाया और इस क्षेत्र के उभरते शोध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और संचालन का दायित्व भी संभाला। सम्मेलन में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में डॉ. राकेश गोरेया और गेस्ट ऑफ द डे के रूप में डॉ. मुकेश यादव (प्रिंसिपल, राजकीय मेडिकल कॉलेज, अम्बेडकर नगर) की उपस्थिति रही। विशेष अतिथियों में डॉ. आलोक श्रीवास्तव (अतिरिक्त डीजी, DGME) और श्रीमती कुमुदिनी मिश्रा (अध्यक्ष, TNAI उत्तर प्रदेश शाखा) भी शामिल रहीं। अंत में, डॉ. दीप्ति शुक्ला ने संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं वाली कॉलेज रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह राष्ट्रीय सम्मेलन फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञान और व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करने वाला अत्यंत सफल मंच सिद्ध हुआ।

      13. लखनऊ: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.बी. सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर सेवाओं और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से चिकित्सा अधिकारियों के विभिन्न दलों ने अपने सहयोगियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) का सघन निरीक्षण किया और आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए।

        मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अलग-अलग टीमों ने विभिन्न सीएचसी का दौरा किया।

        सेवाओं का निरीक्षण: अधिकारियों ने नियमित टीकाकरण, ओपीडी (OPD), और आईपीडी (IPD) सेवाओं के संचालन का भी जायजा लिया।

        परिवार नियोजन को प्रोत्साहन

        मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि काकोरी सीएचसी पर शुक्रवार को आयोजित नियत सेवा दिवस (FDS) के माध्यम से 18 महिलाओं ने परिवार नियोजन के तहत नसबंदी की सेवा प्राप्त की।

        इंदिरा नगर सीएचसी: अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.एच. सिद्दकी और जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी।

        ऐशबाग सीएचसी: डॉ. गोपीलाल और जिला शहरी समन्वयक संजय मिश्रा।

        रेड क्रॉस सीएचसी: डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव एवं तृप्ति श्रीवास्तव।

        अलीगंज सीएचसी: अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंघल और एआरओ राकेश कुमार।

        चन्दन नगर सीएचसी: उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निशांत निर्वाण और डीसीपीएम विष्णु यादव।

        एन.के. रोड सीएचसी: जिला कार्यक्रम प्रबन्धक सतीश यादव।

        भ्रमण के दौरान, अधिकारियों ने सीएचसी पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का गहन निरीक्षण किया और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

        मातृ स्वास्थ्य पर ज़ोर: प्रसव की संख्या को बढ़ाने और जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों को भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

        जागरूकता और प्रचार: स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समुदाय को जागरूक करने तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने पर ज़ोर दिया गया।

        प्रशासनिक व्यवस्था: साफ़-सफ़ाई बनाए रखने, रिकॉर्ड को सही ढंग से मेंटेन करने और चिकित्सकों सहित सभी कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

      14. गाजियाबाद। सुरक्षा के नाम पर जनता को डराने, धमकाने या ताकत दिखाने वाली कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह चेतावनी गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने दी है।

        गाजियाबाद की सोसाइटियों, मॉल्स और निजी परिसरों में तैनात सिक्योरिटी गार्ड और बाउंसरों के दुर्व्यवहार की बढ़ती शिकायतों पर आखिरकार जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार मांदड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने इस संबंध में एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जो सभी संस्थाओं के लिए अनिवार्य होगी और इसमें व्यवहार, वर्दी और जनसंपर्क की मर्यादा तय की गई है।

        जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गार्ड और बाउंसर निवासियों से ऊंचे स्वर में बातचीत करते हैं, पहचान पत्र दिखाने को लेकर बहस करते हैं, धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, और कई बार तो हाथ भी छोड़ देते हैं। डीएम ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा कर्मियों का दायित्व लोगों को सुरक्षित महसूस कराना है, ना कि भयभीत करना। उन्होंने सभी आरडब्ल्यूए, एओए और डेवलपर्स को निर्देश दिया है कि वे अपने सुरक्षा कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दें ताकि वे निवासियों व आगंतुकों से नम्र, शालीन और मर्यादित भाषा में बात करें। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि अब बदसलूकी, गाली-गलौज या जानबूझकर रोक-टोक जैसी शिकायतों को सीधे गैर-जमानती धाराओं में शामिल किया जाएगा।

        डीएम द्वारा सबसे बड़ा निर्देश यूनिफॉर्म को लेकर जारी हुआ है। उन्होंने पाया कि कई सुरक्षाकर्मी ऐसी वर्दी पहनते हैं जो सेना, अर्धसैनिक बल या पुलिस जैसी दिखती है, जिससे आम नागरिक भ्रमित होकर उन्हें सरकारी सुरक्षा बल समझ लेते हैं और मानसिक दबाव में आ जाते हैं। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए डीएम ने कहा है कि गार्ड और बाउंसर की ड्रेस साधारण और पहचान योग्य होनी चाहिए। अब किसी भी तरह की सैन्य शैली की यूनिफॉर्म प्रतिबंधित रहेगी। नियम तोड़ने पर संबंधित संस्था और सुरक्षा कंपनी, दोनों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

        जिलाधिकारी का यह आदेश केवल हाउसिंग सोसायटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मॉल, कार्यालय परिसर, निजी अस्पताल और टाउनशिप जैसे सभी निजी स्थानों पर लागू होगा जहां सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। डीएम ने चेतावनी दी है कि गेट पर खड़े लोग जनता के सेवक हैं, न कि मालिक। यदि कोई गार्ड किसी निवासी, बुजुर्ग, महिला या आगंतुक से अभद्रता करता पाया गया तो सीधे मुकदमा दर्ज होगा। अब शिकायत पर पहले की तरह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।क्या आप जानना चाहेंगे कि गाजियाबाद प्रशासन ने इस संबंध में किसी विशेष हेल्पलाइन या शिकायत तंत्र की घोषणा की है?

        गाजियाबाद प्रशासन ने पहले से ही एक समेकित शिकायत निवारण तंत्र (Integrated Grievance Redressal Mechanism) स्थापित किया हुआ है, जिसका उपयोग नागरिक ऐसी शिकायतों के लिए कर सकते हैं:

        सुरक्षा गार्ड/बाउंसर के दुर्व्यवहार या अन्य प्रशासनिक शिकायतों के लिए नागरिक निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

        1. जनसुनवाई पोर्टल (Jansunwai Portal / IGRS)

        यह उत्तर प्रदेश सरकार का एक केंद्रीकृत ऑनलाइन मंच है जहाँ नागरिक विभिन्न सरकारी विभागों के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।

        यह सुनिश्चित करता है कि आपकी शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुँचे और उसकी ट्रैकिंग हो सके।

        शिकायत दर्ज करें: आप http://jansunwai.up.nic.in/ पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

        2. जिला/सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय

        डीएम द्वारा जारी किए गए आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि अब अभद्रता की शिकायत पर तत्काल कानूनी कार्रवाई (सीधे मुकदमा दर्ज) होगी।

        नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी (DM) या सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में लिखित रूप में जमा करा सकते हैं।

        गाजियाबाद प्रशासन ने हाल ही में RWA/AOA (निवासी कल्याण संघ/अपार्टमेंट स्वामी संघ) की ज्यादतियों को देखने के लिए एक विशेष समिति भी बनाई है, जो निजी बाउंसरों के उत्पीड़न (bullying by private bouncers) की शिकायतों को भी देखती है।

        नागरिक गार्ड की दबंगई या दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने के लिए जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) का उपयोग कर सकते हैं, या सीधे जिलाधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, जहाँ से अब त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

      15. बरेली। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वर्गीय श्री कैलाश नारायण सारंग जी की पुण्यतिथि इंदिरा नगर कैंप कार्यालय, बरेली में मनाई गई। इस अवसर पर महासभा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया।

        श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना, प्रदेश सचिव डॉ. विकास वर्मा, और जिला अध्यक्ष अश्वनी कमठान ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सभी उपस्थित सदस्यों ने श्री सारंग जी से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया।

        प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना ने स्वर्गीय श्री सारंग जी के योगदान को याद करते हुए बताया कि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूरे देश में अथक भ्रमण किया। उन्होंने अखिल भारतीय कायस्थ महासभा को जागृत रखने का कार्य लगातार किया और समाज में क्रांति की अलख जगाई थी। प्रदेश सचिव डॉ. विकास वर्मा ने समाज के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित करते हुए कहा कि हम सभी को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष से समाज के प्रति संगठित होने की प्रेरणा लेनी चाहिए। जिला अध्यक्ष अश्वनी कमठान ने इस बात पर जोर दिया कि कायस्थ समाज में जागृति बनी रहे, इसके लिए हम सभी को सारंग जी की बनाई हुई योजनाओं पर कार्य करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

        कार्यक्रम में वेद प्रकाश सक्सेना, डॉ. विकास वर्मा, अश्विनी कमठान, डॉ. सुबोध अस्थाना, रवि सक्सेना, ईशान ईशु, शक्ति मंगलम, सुंदरम सक्सेना, श्वेत सक्सेना, जतिन सक्सेना, सत्यम सक्सेना, कुनाल, सुनील मिलन, शैलेंद्र सक्सेना शैलू आदि सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

      16. बिजनौर। उ०प्रदेशीय मिनिस्ट्रीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघा, शाखा जनपद बिजनौर की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम कलक्ट्रेट स्थित विदुर सभागार में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

        मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रांतीय महामंत्री उ०प्र० मि० कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ उ०प्र० अजीत उपाध्याय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ अपर जिलाधिकारी प्रशा०, अपर जिलाधिकारी वि०रा०, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, व उपजिलाधिकारी सदर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण ने भी सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

        शपथ लेने वालों में अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह व जिला मंत्री सुधान्शु शर्मा मुख्य रहे। इनके अतिरिक्त, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मौ० उस्मान, कनिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश कुमार द्वितीय, संयुक्त सचिव श्रीमति बबीता देवी, कोषाध्यक्ष श्रीमति मनीषा शर्मा, प्रचार मंत्री श्रीमति सुधारानी, संगठन मंत्री नरेश कुमार, ऑडिटर अभिषेक कुमार, मीडिया प्रभारी शुभम कुमार व सांस्कृतिक व क्रीड़ा मंत्री जितेंद्र सिंह के अलावा जनपद बिजनौर की समस्त तहसीलों के अध्यक्ष एवं मंत्री को भी उनके पदों की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रांतीय, जोनल एवं मंडल स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए। इनमें श्रीमति नीरू सिंह (प्रांतीय प्रवक्ता), राजेश कुमार वर्मा (जोनल अध्यक्ष मेरठ), खजान सिंह (प्रांतीय क्रीड़ा मंत्री), सतीश चौधरी (मंडल अध्यक्ष) और अजय वर्मा (प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य) प्रमुख थे। प्रशासनिक अधिकारी सुधीर भटनागर, संजीव गर्ग, राजीव खन्ना, धर्मेन्द्र सिंह, श्रीमति गीता देवी, श्रीमति संगीता देवी सहित जनपद बिजनौर के विभिन्न संघों के पदाधिकारीगण व कलक्ट्रेट के कर्मचारियों द्वारा बड़ी संख्या में प्रतिभाग कर नव निर्वाचित कार्यकारिणी को अपनी शुभकामनाएं दी गईं।

      17. राजा का ताजपुर/बिजनौर। जिला सेवायोजन कार्यालय बिजनौर के सहयोग से शुक्रवार को राजा के ताजपुर स्थित आरजीएनपी इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की करीब 45 कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें लार्सन एंड टर्बो, हीरो मोटर्स, मदरसन, टाटा, होली हर्ब्स, पुखराज हेल्थ केयर, और चैतन्य माइक्रोफिन जैसी प्रमुख कंपनियाँ शामिल थीं। मेले में करीब 2500 युवक-युवतियों ने भाग लिया, जिनमें से 1325 प्रतिभागियों को मौके पर ही ‘जॉब ऑफर लेटर’ प्रदान किए गए।

        मेले का शुभारंभ धामपुर विधायक श्री अशोक राणा ने किया। उन्होंने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी पंकज चौधरी, जयदेव सिंह आर्य (प्रबंध निदेशक, आरजीएनपी इंटर कॉलेज), और विद्यालय के प्रधानाचार्य एमपी सिंह ने फूलमाला पहनाकर और बैज लगाकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि विधायक अशोक कुमार राणा ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप, क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोज़गार देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और ऐसे रोजगार कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहेंगे।

        विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, और समूह गान सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। श्रीमती अर्चना सिंह, गुलनाज, मुस्कान, और वंशिका ने इन प्रस्तुतियों में सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन आईटीआई बिजनौर के प्रधान सहायक राकेश शर्मा ने किया। इस दौरान, विद्यालय के पूर्व छात्र अंश डबास को सम्मानित किया गया, जिन्होंने प्रदेश स्तर की शतरंज प्रतियोगिता में भाग लिया था और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में तीन पदक जीते थे।

        प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी पंकज चौधरी ने उपस्थित कंपनियों को निर्देश दिए कि वे उपस्थित छात्र-छात्राओं और प्रतिभागियों को संपूर्ण जानकारी निःशुल्क प्रदान करें।
        इस रोजगार मेला को सफल बनाने में जिला सेवायोजन कार्यालय बिजनौर की टीम, राजकीय आईटीआई बिजनौर की टीम, आरजीएनपी डिग्री कॉलेज ताजपुर की प्राचार्या श्रीमती निर्देश चौहान, सत्यवीर सिंह, दिग्विजय यादव, देवेंद्र सिंह, लक्ष्मण यादव, दीपक कुमार जोशी, मनोज कुमार, श्रीमती अर्चना सिंह, गुलनाज, मुस्कान, वंशिका, करण सिंह, ग्राम पंचायत राजा के ताजपुर के प्रधान हाजी शमशाद अहमद, मुकेश कुमार, गौरव कुमार, और जिला सेवायोजन कार्यालय बिजनौर से आशा जी का विशेष योगदान रहा।

      18. लखनऊ/नोएडा: उत्तर प्रदेश पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अभिनव तकनीकी पहल “Vision Safe Road: An Extra Mile for Accident Mitigation” का शुभारंभ किया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वर्चुअल माध्यम से कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की इस पहल की शुरुआत की।

        यह परियोजना सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस पहल के तहत अब Google Maps पर वाहन चालकों को मार्ग की अधिकतम निर्धारित गति सीमा (Maximum Speed Limit) और उनकी वाहन की वास्तविक गति एक साथ प्रदर्शित होगी। इससे चालकों को निर्धारित गति सीमा का तत्काल (रीयल-टाइम) ज्ञान मिलेगा, जो उन्हें सुरक्षित गति बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस प्रणाली को Google India और Lepton Software Export & Research Pvt. Ltd. के सहयोग से विकसित किया गया है।

        कार्यक्रम के दौरान, पुलिस महानिदेशक, उ. प्र. राजीव कृष्ण ने पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए इसे ‘Life-Saving Intervention’ बताया। उन्होंने इसे समयानुकूल और प्रासंगिक बताते हुए विश्वास जताया कि यह पहल सड़कों को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह, Lepton Software के CEO राजीव सर्राफ एवं Google India की India Head – Strategic Product Partnerships श्रीमती रोली अग्रवाल ने भी अपने विचार साझा किए, और इस तकनीकी पहल की उपयोगिता, प्रभावशीलता एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

        यह पहल मुख्य रूप से कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) के प्रमुख मार्गों पर लागू की गई है। जानकारी के अनुसार यह प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लागू किया गया है। इसका लक्ष्य जिले के प्रमुख मार्गों पर भारी, मध्यम, हल्के और दोपहिया वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा को Google Maps के साथ इंटीग्रेट करना है। इस पहल के माध्यम से, इन क्षेत्रों के वाहन चालकों को सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

      19. लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ की नयी कार्यकारिणी में 14 वीं बार प्रदेश महामंत्री पद पर अशोक कुमार निर्विरोध चुने गये हैं।बलरामपुर अस्पताल स्थित नर्सेस कार्यालय पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को कई संगठनों के प्रतिनिधि अपनी शुभकामनाएं देने पहुंचे।

        इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री एवं डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय कुमार पाण्डेय ने नयी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। इसके अलावा अन्य संगठनों के कर्मचारी नेताओं ने अपने बयान में कहा कि नर्सेस की कई समस्याओं को दूर कराने में नयी कार्यकारिणी काफी समक्ष है। इस मौके पर नर्सेस संघ के पदाधिकारियों में गीतान्शु वर्मा कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

      20. लखनऊउत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने महाभारत सर्किट अंतर्गत मेरठ जिला के परीक्षितगढ़ स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित पर्यटन विकास की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। श्रृंगी ऋषि आश्रम के संबंध में मान्यता है कि यहीं से कलयुग की शुरुआत हुई थी। महाभारत काल से जुड़ी कई घटनाएं यहां हुई हैं। महाभारत काल के साक्षी रहे श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 में 02 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। यह कदम जिले को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

        मेरठ जनपद अंतर्गत आश्रम में ऋषि श्रृंगी और ऋषि शमीक की प्रतिमा है, जिनसे जुड़ी कहानियां पर्यटकों में जिज्ञासा पैदा करती है। यहां स्थित यज्ञशाला पर पदचिन्ह के निशान आगंतुकों को इतिहास से वर्तमान से जोड़ते हैं। पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राज्य के धार्मिक स्थलों के आसपास पर्यटक सुविधाओं का तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्राचीन स्थल का विशेष धार्मिक महत्व है। द्वापर युगीन पौराणिक भूमि को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है।’  

        उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग परीक्षितगढ़ स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित विकास के माध्यम से मेरठ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। पर्यटन विकास के अंतर्गत सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, विश्राम स्थल का निर्माण आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

        भागवत महापुराण और महाभारत में भी ऋषि श्रृंगी का वर्णन है। मान्यता है, कि अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र राजा परीक्षित शिकार करने के लिए जंगल की ओर निकले थे। उन्हें अचानक तेज भूख और प्यास लगी। परेशान हालत में वो एक आश्रम में पहुंचे, तो उन्होंने ऋषि शमीक को तपस्या में लीन देखा। राजा परीक्षित ने ऋषि शमीक को कई बार उठाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह तपस्या से नहीं जागे। तत्पश्चात, परीक्षित ने पास ही पड़े एक मृत सांप को ऋषि शमीक के गले में डाल दिया। बावजूद उनकी तपस्या भंग नहीं हुई। कथानक अनुसार, यह नजारा ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी ने देख लिया। अपने पिता के अपमान से क्रोधित श्रृंगी ने कौशिकी नदी के जल से आचमन करते हुए राजा परीक्षित को सर्पदंश से मृत्यु का श्राप दे दिया।

        ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, राजा परीक्षित की तक्षक नाग के दंश से मृत्यु हो गई। राजा परीक्षित की मृत्यु के पश्चात पुत्र जन्मेजय ने क्रोधित होकर सर्प जाति को समाप्त करने का संकल्प लिया। जन्मेजय ने श्रृंगी आश्रम में ही यज्ञ शुरू की और सांपों की आहुति देने लगे। तक्षक नाग ने इंद्रदेव से मदद मांगी। भगवान इंद्र के काफी समझाने के बाद जन्मेजय ने यज्ञ रोक दिया। प्राचीन मान्यता है कि इस घटना के बाद से ही श्रृंगी आश्रम में सांप किसी को डसता नहीं है। श्रृंगी आश्रम को कलयुग की शुरुआत का स्थल माना जाता है। इस आश्रम में आज भी श्रृंगी ऋषि की तपस्या से जुड़े हवन कुंड और एक विशाल गूलर का वृक्ष मौजूद है।

        पर्यटन मंत्री ने बताया कि जनपद में श्रृंगी ऋषि आश्रम के अलावा नौचंदी परिसर स्थित मां चंडी देवी मंदिर, मेरठ कैंट स्थित बिलेश्वर नाथ मंदिर, बाबा औघड़नाथ मंदिर, इतिहास का साक्षी रहा हस्तिनापुर, गांधारी सरोवर, गोपेश्वर मंदिर, कात्यायनी देवी मंदिर आदि हैं। इन धार्मिक स्थलों की मान्यता सदियों से विद्यमान है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटन घूमने आते हैं। 

        पर्यटन के लिहाज से मेरठ जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र रहा है। महाभारत काल से जुड़ी कई मान्यताएं क्षेत्र से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के करीब होने का फायदा भी आगंतुकों को मिलता है। लखनऊ या अन्य रास्तों से भी मेरठ तक पहुंचना सुलभ है। वर्ष 2024 में मेरठ आने वाले पर्यटकों की संख्या 37,78,066 रही थी, जो वर्ष 2025 के जनवरी से जून तक 10,60,531 रही। बड़ी संख्या में पर्यटक आगमन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि रोजगार के भी रास्ते खुले हैं।’

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘धार्मिक पर्यटन में उत्तर प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। मेरठ जिला अपनी पौराणिकता स्थलों के लिए विख्यात है। वहीं, मेरठ मंडल में महाभारत काल, बौद्ध और जैन से जुड़े कई पवित्र स्थल हैं। सरकार का प्रयास है कि इन स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त तरीके से स्थापित किया जाए, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की पहचान प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित हो सके।’

      21. लखनऊ। दिल्ली में हुई एक विस्फोट की घटना को गंभीरता से लेते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सुरक्षा एवं सतर्कता को तत्काल सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण से घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और प्रदेश में समस्त पुलिस फोर्स को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया। इसके तहत, पूरे राज्य में सघन चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

        खोलें Link 🖇️ https://x.com/Uppolice/status/1987914646616166414?s=20

        मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने तत्काल प्रभाव से समस्त जनपदीय पुलिस अधिकारियों को निम्न कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

        सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

        संवेदनशील/भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों, सार्वजनिक आयोजनों एवं धार्मिक स्थलों का स्वयं भ्रमण, निरीक्षण एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

        महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले स्थानों एवं अन्य संवेदनशील बिंदुओं की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जाएगी।

        थ्रेट असेसमेंट के अनुसार सुरक्षा स्तर को तत्काल बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

        वाहनों की चेकिंग को तेज करने का निर्देश दिया गया है।

        मेट्रो/बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मॉल, सिनेमा हॉल तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन/भीड़भाड़ केंद्रों पर सघन सतर्कता बरती जाएगी।

        यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आम जनता को इस प्रक्रिया में अनावश्यक असुविधा न हो।

        एटीएस (ATS), क्यूआरटी (Quick Response Teams), बम निरोधक दस्ते एवं डॉग स्क्वॉड को तत्पर मोड में रखा जाए।

        फुट पेट्रोलिंग और एरिया डोमिनेशन को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

        यूपी 112 पीआरवी (Police Response Vehicles) को निरंतर संवेदनशील स्थानों पर भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं।

        सीसीटीवी फ़ीड्स का रीयल-टाइम विश्लेषण सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।

        स्थानीय ख़ुफ़िया तंत्र तथा नागरिक सूचना नेटवर्क को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों/गतिविधियों की त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।

        भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लावारिस वस्तुओं और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग की जाय।

        सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी की जाएगी और हर इनपुट को गंभीरता से लिया जाएगा।

        अफ़वाह फैलाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

        उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी जनपदों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने और राज्य भर में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को उच्च स्तर पर बनाए रखने का निर्देश दिया है।

      22. कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)। कामिनी माहेश्वरी शैवाल स्मृति ट्रस्ट रजिस्टर्ड और साहित्य आंचल संस्था, कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) के संयुक्त तत्वावधान में “चंद्र ज्योति सम्मान 2025” का भव्य आयोजन किया गया। साहित्य और कला को समर्पित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों, गणमान्य व्यक्तियों और प्रबुद्धजनों को एक मंच पर ला दिया। कार्यक्रम की भव्यता और अनुशासन ने इसे एक शानदार आयोजन बना दिया।

        कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी द्वारा किया गया। उनके साथ मुख्य अतिथि योगेंद्र प्रसाद गिलरा, नंदकिशोर, चंद्र प्रकाश नैथानी, डॉक्टर वेद प्रकाश शैवाल, और राकेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।

        समारोह में चंद्र ज्योति पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके उपरांत, शिक्षिकाओं – कुसुम सुंडली, मंजू पिपलियाल, शशि लखेड़ा, सीमा रतूड़ी, कुसुम जन्याल, और प्रीति चिल्डियाल ने मधुर स्वर में वंदे मातरम का गायन किया, जिसने सभी उपस्थित लोगों में राष्ट्रीय गौरव का संचार किया।

        इस प्रतिष्ठित आयोजन का मुख्य आकर्षण “चंद्र ज्योति सम्मान 2025” रहा, जो साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों को प्रदान किया गया। इस वर्ष यह सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार अशोक निर्दोष (बिजनौर) एवं कवियत्री मंजू जौहरी (नजीबाबाद) को उनके महत्त्वपूर्ण साहित्यिक अवदान के लिए प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया।

        समारोह की अध्यक्षता चंद्रप्रकाश नैथानी ने की, जिन्होंने अपने विचारों से उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन संस्था के रमेश माहेश्वरी ‘राजहंस’ द्वारा बेहद कुशलता और सहजता से किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य और प्रबुद्ध व्यक्ति मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इनमें राजदीप माहेश्वरी, विजय कुमार माहेश्वरी, महेंद्र अग्रवाल, विनोद नेगी, गोपाल माहेश्वरी, मीता माहेश्वरी, एडवोकेट गोपाल माहेश्वरी आदि शामिल थे। इसके अलावा, अजय माहेश्वरी (नेवी) की विशेष उपस्थिति ने भी कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। इस दौरान अनेक अन्य लोग उपस्थित रहे।आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम बहुत ही शानदार एवं यादगार रहा।

      23. https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202511111217403022347690

      24. बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए हो रहे चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण आज (11 नवंबर) जारी है। पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान के बाद, यह अंतिम चरण सत्ता के संतुलन को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही स्पष्ट बहुमत के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि अन्य छोटे दल और निर्दलीय उम्मीदवारों की उपस्थिति परिणामों को अप्रत्याशित बना सकती है।

        पिछला प्रदर्शन: 2020 के चुनाव में, NDA ने दूसरे चरण की सीटों पर स्पष्ट बढ़त हासिल की थी, खासकर भाजपा ने 42 सीटें जीती थीं। पहले चरण की तुलना में दूसरे चरण की 122 सीटें (आज मतदान) NDA के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती रही हैं।

        उम्मीदें और चुनौतियाँ: रणनीति: NDA की जीत की मुख्य उम्मीद प्रधानमंत्री मोदी के केंद्रीय नेतृत्व की लोकप्रियता, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुशासन की छवि और महिला मतदाताओं के ‘नीतीश फैक्टर’ पर टिकी है।

        चुनौती: पहले चरण में उच्च मतदान प्रतिशत दोनों गठबंधनों द्वारा अपने पक्ष में व्याख्यायित किया जा रहा है। NDA को सत्ता में बने रहने के लिए, उसे दूसरे चरण की इन सीटों पर अपनी पिछली बढ़त बनाए रखनी होगी और पहले चरण के नुकसान (यदि कोई है) की भरपाई करनी होगी।

        सीट अनुमान (विश्लेषण आधारित): 110 – 130 सीटें (बहुमत के लिए 122 आवश्यक)

        पिछला प्रदर्शन: 2020 में, महागठबंधन ने कुल 110 सीटें जीती थीं, जिसमें राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। दूसरे चरण की 122 सीटों में भी राजद का प्रदर्शन मजबूत रहा था।

        उम्मीदें और चुनौतियाँ: रणनीति: महागठबंधन मुख्य रूप से तेजस्वी यादव के नेतृत्व में युवाओं के बीच बेरोजगारी, जाति जनगणना और सरकार विरोधी लहर (Anti-incumbency) को भुनाने की कोशिश कर रहा है। ‘MY’ समीकरण (मुस्लिम-यादव) के साथ सवर्ण और अति पिछड़े वोटों को साधने का प्रयास किया गया है।

        चुनौती: राजद के पुराने शासनकाल की नकारात्मक धारणा और कांग्रेस की कमजोर पकड़ महागठबंधन के लिए चुनौती बन सकती है। उन्हें इन 122 सीटों पर 2020 के परिणामों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

        सीट अनुमान (विश्लेषण आधारित): 105 – 125 सीटें

        किंगमेकर’ की भूमिका में पप्पू यादव (जन अधिकार पार्टी), वीआईपी (मुकेश सहनी) और असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) जैसे दलों की उपस्थिति ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना दिया है।

        ‘जन सुराज’ अभियान, जिसने खुद को एक वैकल्पिक राजनीति के रूप में पेश किया है, हालांकि सीधे चुनाव नहीं लड़ रहा है, पर कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष समर्थन दे सकता है और एक नई राजनीतिक चेतना पैदा कर सकता है।

        वाम दल (CPI(ML)L, CPI, CPM): महागठबंधन के सहयोगी के रूप में, वाम दलों ने पहले चरण में अच्छा प्रदर्शन किया था। उनका प्रदर्शन महागठबंधन की कुल सीट संख्या में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

        सीट अनुमान (विश्लेषण आधारित): 8 – 20 सीटें

        रिकॉर्ड मतदान: पहले चरण में 64.66% का रिकॉर्ड मतदान (2020 से अधिक) दोनों गठबंधनों के समर्थकों के भारी उत्साह को दर्शाता है। किसका मतदाता अधिक घर से बाहर निकला, यह 14 नवंबर को साफ होगा।

        क्षेत्रीय किले: दूसरे चरण में मिथिलांचल, सीमांचल, चंपारण बेल्ट, शाहाबाद-मगध क्षेत्र और कुछ मुस्लिम बहुल सीटें शामिल हैं। महागठबंधन को मगध और सीमांचल के क्षेत्रों में पिछली बार की कमी को पाटना होगा, जबकि NDA को चंपारण और पटना प्रमंडल जैसे अपने मजबूत गढ़ों को बचाना होगा।

        महिला और युवा मतदाता: महिला और युवा मतदाता दोनों गठबंधनों के लिए सबसे बड़ा ‘साइलेंट वोटर’ माने जा रहे हैं। उनका झुकाव ही सत्ता की चाबी तय करेगा।

        सारांश और निष्कर्ष: वर्तमान रुझानों और उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि बिहार का यह चुनाव कांटे की टक्कर वाला है। 122 सीटों पर हो रहा अंतिम चरण का मतदान ही यह तय करेगा कि बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 कौन सा गठबंधन पार करता है।

        🗳️ परिणाम की घोषणा: सभी सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर, 2025 को होगी, जिसके बाद ही बिहार की अगली सरकार की तस्वीर साफ हो पाएगी।

      25. लखनऊ/बिजनौर। उत्तर प्रदेश के कोटेदारों ने लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार की है। ऑल इण्डियन फेयर प्राइस शाप डीलर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के अस्सी हजार कोटेदारों को न तो समय पर कमीशन मिल रहा है और न ही उन्हें पर्याप्त मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं। यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में एसोसिएशन की तिमाही बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने की। इस दौरान संगठन की आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

        प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कोटेदारों की समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि कोटेदार समाज सेवा का केंद्र बिंदु होते हैं, लेकिन उन्हें सरकारी तंत्र की उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य समस्याओं को उठाया:

        विलंबित कमीशन: सरकार द्वारा कोटेदारों को उनका कमीशन समय से नहीं दिया जा रहा है। अपर्याप्त मानदेय: वर्तमान मानदेय इतना कम है कि कोटेदारों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

        राशन में कटौती: राशन के उठान के दौरान पूरा वजन नहीं दिया जाता है। बारदाना कटौती: राशन में बारदाना (पैकेजिंग बोरी) का वजन भी काटकर नहीं दिया जाता है, जिससे कोटेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

        प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने संगठन के प्रति समर्पित कार्य के लिए बिजनौर के जिला अध्यक्ष मुकेश दहिया को सम्मानित किया

        बैठक के दौरान, एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गिरीश तिवारी ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही, मंडलवार धरना प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे। इसके बाद, ईको गार्डन, लखनऊ में एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

        ई-पॉस मशीनें जमा करना: निर्धारित तारीख को सभी कोटेदार अपने-अपने जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालयों में जाकर ई-पॉस मशीनें जमा करेंगे, जो विरोध का एक बड़ा प्रतीक होगा। प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आंदोलन के सभी कार्यक्रम पूरी तैयारी के साथ किए जाएँ, ताकि सरकार पर अधिकतम दबाव बनाया जा सके।

        👥 बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने किया। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा जी, विजय राय, प्रेम प्रकाश यादव, चन्द्र प्रकाश सिंह, सरिता अवस्थी, राम लखन, रजनी पाण्डेय, मदन यादव, गीता वर्मा, सत्यपाल जी, राजेन्द्र सोनी, विनोद पटेल, रवीन्द्र यादव सहित उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों और मंडलों के पदाधिकारीगण सम्मिलित हुए और संगठन की आगामी रणनीति को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के अंत में, प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने संगठन के प्रति समर्पित कार्य के लिए बिजनौर के जिला अध्यक्ष मुकेश दहिया को सम्मानित भी किया।

      26. लखनऊ, (10 नवंबर 2025)। आज लखनऊ से संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न अंचलों से चयनित कलाकारों एवं विभाग के कर्मचारियों का दल दो बसों में सवार होकर ‘भारत पर्व’ में सम्मलित होकर उत्तर प्रदेश की ‘उन्नत संस्कृति एवं समग्र विकास’ का भव्य प्रदर्शन करने के निमित्त केवड़िया, गुजरात के लिए रवाना हो गया।

        संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने सांस्कृतिक दलों को अपनी शुभकामनाओं सहित विदा किया। केवड़िया रवाना होने से पूर्व कलाकारों ने कहा कि वे भारत पर्व में उत्तर प्रदेश की लोकपरंपरा, लोकसंगीत और नृत्य की गरिमा को पूरे देश के सामने प्रस्तुत करने को लेकर उत्साहित हैं एवं इसके लिए हम प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह एवं संस्कृति विभाग की अवर्चनीय पहल के लिए सहृदय धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।

        भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश का यह सांस्कृतिक दल न केवल अपनी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रदर्शन करेगा, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को कला और लोकजीवन के माध्यम से साकार करेगा। मुख्यमंत्री और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश एक बार फिर अपने लोकजीवन की सौंधी सुगंध, परंपरा की गहराई और संस्कृति की ऊंचाई से भारत पर्व 2025 को आलोकित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आज सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री की दृष्टि रही है कि उत्तर प्रदेश की लोककला, परंपराएँ, संगीत और नृत्य केवल प्रदेश की सीमाओं तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं। 

        मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी हमारे राज्य की सांस्कृतिक विविधता, लोकजीवन और कलात्मक गौरव को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्नत संस्कृति ही समग्र विकास का आधार है और इस दिशा में यह पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सशक्त बनाएगी।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने संस्कृति के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उत्तर प्रदेश का यह सांस्कृतिक दल प्रदेश की विविध परंपराओं, लोक, जनजातीय और शास्त्रीय कलाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। दल में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए श्रेष्ठ कलाकार शामिल हैं, जो अपने क्षेत्र की विशिष्ट कला और परंपरा को भारत पर्व के मंच पर प्रस्तुत करेंगे। यह दल ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और जनजातीय अंचलों की सांस्कृतिक झलक को एक मंच पर लाकर “विविधता में एकता” का सशक्त संदेश देगा। नृत्य, संगीत और लोक वाद्य की लयात्मक प्रस्तुतियों से यह दल उत्तर प्रदेश की आत्मा को भारत पर्व के दर्शकों के सामने जीवंत करेगा।’

      27. लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिसिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की कवायद में रविवार को डीजीपी मुख्यालय ने एडिशनल एसपी (Additional SP) रैंक के 23 पीपीएस (PPS) अधिकारियों के तबादले कर दिए। यह तबादले कई महत्वपूर्ण जिलों और विशेष इकाइयों में किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव आया है।

        गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है, वहाँ कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। तीन एडिशनल एसपी को अलग-अलग भूमिकाओं में गोरखपुर भेजा गया है, जबकि कुछ को हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है:

        गोरखपुर को नए एएसपी: दिनेश पुरी (यूपी 112 से) को एएसपी दक्षिणी। ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद (गाजीपुर से) को एएसपी उत्तरी। संतोष कुमार सिंह प्रथम को एएसपी सुरक्षा (शामली का तबादला निरस्त)। गोरखपुर से बाहर: एएसपी उत्तरी, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव को सीआईडी मुख्यालय भेजा गया है, जहाँ वे यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंसेज से संबद्ध रहेंगे। एएसपी दक्षिणी, जितेंद्र कुमार प्रथम को उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड भेजा गया है।

        एटा में परिवर्तन: एटा के एएसपी सिटी राजकुमार सिंह प्रथम को ईओडब्ल्यू मुख्यालय भेजा गया है। साइबर क्राइम मुख्यालय से श्वेताभ पांडेय को एटा का एएसपी सिटी बनाया गया है।

        अन्य महत्वपूर्ण फेरबदल: तबादले निरस्त/संशोधित: डीजीपी मुख्यालय में तैनात संतोष कुमार द्वितीय का गोरखपुर के लिए पूर्व में हुआ तबादला निरस्त कर दिया गया है। वहीं, बीएस वीर कुमार का वाराणसी कमिश्नरेट का तबादला रद्द कर उन्हें 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद भेजा गया है।

        पड़ोसी जिलों में आवाजाही: बहराइच के एएसपी सिटी रामानंद प्रसाद कुशवाहा को हाथरस भेजा गया है। हाथरस में तैनात अशोक कुमार सिंह प्रथम को बहराइच का एएसपी सिटी बनाया गया है। पुलिस मुख्यालय में तैनात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा को गाजीपुर का एएसपी सिटी बनाया गया है।

        विशेष इकाइयों में तैनाती: भर्ती बोर्ड में तैनात आलोक कुमार जायसवाल को फतेहगढ़ भेजा गया है, जबकि एसएसएफ मुख्यालय में तैनात शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव को सहारनपुर का एएसपी ट्रैफिक बनाया गया है। ये तबादले प्रदेश में पुलिसिंग दक्षता और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में किए गए नियमित प्रयासों का हिस्सा हैं।

      28. लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अनुरक्षण अनुभाग में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है! अनुरक्षण अनुभाग के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्राधिकरण मुख्यालय के पुराने व नवीन भवनों में मज़बूत फर्नीचर और सौंदर्यकृत कार्यालय कक्षों को तोड़कर नवीन कक्षों के निर्माण के नाम पर विकास योजनाओं के धन का अपव्यय किया है! यह आरोप लगाया गया है कि नवीन कक्षों के निर्माण की आड़ में बड़े पैमाने पर सरकारी धन की लूट की मंशा है, जबकि पूर्व में बनाए गए कार्यालय कक्ष पूरी तरह से मज़बूत और उपयोग योग्य थे!

        🔴 फ़र्ज़ी निस्तारण से प्रशासनिक चूक उजागर

        मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब मेंटेनेंस व नवीनीकरण से संबंधित नियम विरुद्ध पास किए गए टेंडर की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर की गई।

        अधिकारियों पर आरोप: प्राधिकरण के अवर अभियंता आशीष श्रीवास्तव, मनोज सागर सहायक अभियंता तथा अधिशासी अभियंता-अनु०शि० द्वारा शिकायतकर्ता से बिना कोई वार्ता किए ही शिकायत का फ़र्ज़ी निस्तारण कर दिया गया।

        मानकों का उल्लंघन: निस्तारित शिकायत आख्या के प्रपत्र में यह उल्लेख किया गया कि शिकायतकर्ता से वार्ता की गई है और वह आख्या से संतुष्ट है, जबकि यह दावा बिल्कुल ग़लत और फ़र्ज़ी बताया गया है। इस कार्रवाई ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के मानकों की अवहेलना की है।

        फ़र्ज़ी आख्या देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अब विधिक एवं वैधानिक कार्यवाही की मांग की जा रही है।

        निलंबन की मांग: भ्रष्टाचार का द्वैतक इन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।

        उच्च-स्तरीय जाँच: यह भी मांग की गई है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, शासन स्तर पर किसी न्याय प्रिय अधिकारी से मामले की जाँच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

        कार्य पर रोक: प्राधिकरण मुख्यालय में चल रहे इस अनावश्यक और नियम विरुद्ध निर्माण कार्य पर शीघ्र रोक लगाने की आवश्यक त्वरित कार्यवाही की मांग की गई है, ताकि सरकारी धन की योजना बनाकर की जा रही लूट पर अंकुश लग सके।

        अब सबकी निगाहें LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार पर टिकी हुई हैं। प्राधिकरण में सवाल उठ रहे हैं कि उपाध्यक्ष इस फ़र्ज़ी निस्तारण और शासनादेशों के मानकों की अवहेलना पर क्या कार्यवाही करते हैं। यदि उपाध्यक्ष इन भ्रष्टाचारी अधिकारियों को संरक्षण देकर चुप्पी साध लेते हैं, तो यह करोड़ों रुपये के मेंटेनेंस व नवीनीकरण के नाम पर हो रहे बंदर बाँट को अपनी सहमति देने और भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित करने के समान माना जाएगा!

      29. अल्मोड़ा। पंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा के परिसर स्थित कक्ष संख्या-9 में संचालित जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में इन दिनों पर्याप्त मात्रा में आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों को अब पहले की तुलना में अधिक सुविधा और दवाइयों की बेहतर उपलब्धता मिल रही है।

        इस व्यवस्था के पीछे सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के अथक प्रयास हैं। उन्होंने इस मामले में चार अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवाई थीं, जिनमें तत्कालीन जिलाधिकारी और दो चिकित्सकों के खिलाफ अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

        मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल, मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और आयुष सचिव तक पहुंच चुका है। इस दौरान जिलाधिकारी का स्थानांतरण हो चुका है और दो चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ हो गई है।

        संजय पाण्डे ने उच्चाधिकारियों को आधिकारिक दस्तावेज और प्रमाण भी भेजे हैं, जिन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि आरोपित चिकित्सक स्वयं को “सचिव का खास आदमी” बताकर प्रभाव दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, पर अब निदेशालय ने अल्मोड़ा के लिए नए आयुर्वेदिक अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है।

        इस बीच वरिष्ठ आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. गीता पुनेठा जिला अस्पताल के कक्ष संख्या-9 में मरीजों का नियमित उपचार कर रही हैं। इन दिनों ओ.पी.डी. में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो लोगों के विश्वास को दर्शाता है।

        सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय, अल्मोड़ा में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लें और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर विश्वास बनाए रखें।

      30. बिजनौर। वामा सारथी उ०प्र० पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में रिजर्व पुलिस लाइन्स, जनपद बिजनौर में चिकित्सा गतिविधि / शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवारजनों ने कैम्प का लाभ उठाया और वामा सारथी की इस पहल की सराहना की।

        इस दौरान शीत ऋतु में फैलने वाली बीमारियों जैसे फ्लू, ब्रोकाइटिस, गले में खरास, कान का संक्रमण आदि से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान करते हुये उसके उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराई गयी।

        वामा सारथी अध्यक्ष श्रीमती रिया झा पत्नी अभिषेक कुमार पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैंप में पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवारजनों ने लाभ उठाया।

        इस अवसर पर देवेन्द्र सिंह सिकरवार, प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन्स जनपद बिजनौर, चिकित्साधिकारी डॉ० अभिषेक कुमार गोयल, फार्मासिस्ट विकास कुमार, वार्ड ब्वॉय प्रमोद सिंह उपस्थित रहे।

      31. नई दिल्ली/लखनऊ: रम, विशेष रूप से डार्क (Dark) और स्पाइस्ड (Spiced) रम, अपनी मीठी और जटिल प्रोफाइल के कारण कॉकटेल बनाने वालों और कॉफी प्रेमियों के बीच एक पसंदीदा विकल्प है। गन्ने से बना यह पेय कॉफी के कड़वेपन (Bitterness) को खूबसूरती से संतुलित करता है, जिससे ठंड के मौसम के लिए एक उत्तम पेय बनता है।

        🍹 रम के क्लासिक और आधुनिक कॉकटेलरम का उपयोग कई प्रसिद्ध कॉकटेल में किया जाता है, जो इसे बार और घरों में एक अनिवार्य स्पिरिट बनाते हैं:

        1. हॉट टॉडी (Hot Toddy) यह सर्दियों का क्लासिक पेय है। यह सिर्फ रम कॉकटेल नहीं, बल्कि सदियों से सर्दी-जुकाम के घरेलू इलाज के रूप में भी प्रसिद्ध है।

        सामग्री: डार्क रम, गर्म पानी, नींबू का रस, और शहद। इसे दालचीनी (Cinnamon) या लौंग (Clove) से गार्निश किया जाता है।

        क्यों खास: यह शरीर को तुरंत गर्माहट देता है और गले को आराम पहुंचाता है।

        2. डायक्विरी (Daiquiri) – रम का क्लासिक, हालांकि यह गर्मियों का पेय है, लेकिन इसे रम कॉकटेल का आधार माना जाता है।

        सामग्री: व्हाइट रम, नींबू का रस, और थोड़ी चीनी या सिरप।

        3. मोजिटो (Mojito) एक और ताज़ा कॉकटेल, जिसमें व्हाइट रम का उपयोग होता है।

        सामग्री: व्हाइट रम, सोडा वॉटर, पुदीने की पत्तियां, नीबू का रस और चीनी।

        कॉफी और रम का मिश्रण सर्दियों की रातों के लिए एकदम सही है, क्योंकि रम की मिठास और मसालों का स्वाद कॉफी की खुशबू और कड़वेपन को निखारता है।

        1. रम एस्प्रेसो मार्टिनी (Rum Espresso Martini) एस्प्रेसो मार्टिनी का यह संस्करण रम प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

        सामग्री: डार्क या स्पाइस्ड रम, फ्रेश एस्प्रेसो (ठंडा किया हुआ), कॉफी लिकर (जैसे कहलुआ), और थोड़ी सी चीनी/सिरप।

        विशेषता: रम का हल्का मीठा स्वाद वोदका की तुलना में कॉफी के साथ अधिक जटिल और गहरा अनुभव देता है।

        2. रम कॉफी ओल्ड फ़ैशन (Rum Coffee Old Fashioned) रम ओल्ड फ़ैशन में कॉफी लिकर का उपयोग इसे एक शानदार ट्विस्ट देता है।

        सामग्री: डार्क रम, कॉफी लिकर, एंगोस्टुरा बिटर (Angostura Bitters), और संतरे के छिलके का ट्विस्ट (Orange Peel Twist)।

        विशेषता: यह एक बोल्ड, सुगंधित और धीमी गति से पीने वाला कॉकटेल है, जो रात के खाने के बाद के लिए उपयुक्त है।

        3. स्पाइस्ड हॉट बटरड रम कॉफी (Spiced Hot Buttered Rum Coffee) यह सर्दियों में सबसे अधिक गर्माहट देने वाला पेय है।

        सामग्री: हॉट कॉफी, डार्क या स्पाइस्ड रम, भूरी चीनी (Brown Sugar), मक्खन (Butter), और दालचीनी, जायफल (Nutmeg) जैसे मसाले।

        विशेषता: मक्खन इस पेय को एक मखमली बनावट देता है, जो ठंडे मौसम में शरीर को अंदर से गर्माहट प्रदान करता है।

        4. कोल्ड ब्रू रम कॉकटेल (Cold Brew Rum Cocktail) यह दिन में कॉकटेल का आनंद लेने वालों के लिए बेहतरीन है।

        सामग्री: कोल्ड ब्रू कॉफी, डार्क रम, दूध/क्रीम (या नारियल का दूध) और थोड़ा सा सिरप।

        विशेषता: कोल्ड ब्रू कॉफी की कम अम्लीयता (Acidity) इसे रम के साथ मिलाने के लिए एकदम सही बनाती है।

        कॉफी और रम का संयोजन अद्भुत है, लेकिन दोनों में कैफीन और अल्कोहल होता है। इनका सेवन हमेशा संयमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल और कैफीन का मिश्रण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

      32. लखनऊ/नई दिल्ली: जैसे ही ठंड दस्तक देती है, गन्ने के उप-उत्पादों (Molasses) से बनी डिस्टिल्ड स्पिरिट— रम (Rum)— का सेवन बढ़ जाता है। दशकों से यह माना जाता रहा है कि रम सर्दी-जुकाम, मांसपेशियों के दर्द और शरीर को गर्माहट देने के लिए ‘रामबाण’ इलाज है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सीमित मात्रा में ही इसके सेवन की सलाह देते हैं।

        रम को सर्दियों में इतना पसंद किए जाने का मुख्य कारण है इसका तात्कालिक गर्माहट का एहसास।

        रक्त वाहिकाओं का फैलाव: रम पीने पर अल्कोहल शरीर की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को अस्थायी रूप से फैला देता है। इससे त्वचा के नीचे की नसों में खून का बहाव तेज़ हो जाता है, जिससे व्यक्ति को त्वचा पर गर्माहट महसूस होती है।

        कोर तापमान में कमी: यह गर्माहट का एहसास अस्थायी होता है। वास्तव में, त्वचा की ओर खून के बहाव के कारण शरीर का आंतरिक तापमान (Core Body Temperature) कम होने लगता है। अगर अत्यधिक ठंड में इसका सेवन अधिक किया जाए, तो यह शरीर के तापमान को और गिराकर हाइपोथर्मिया (Hypothermia) का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए, विशेषज्ञ इसे नियंत्रित मात्रा में पीने की सलाह देते हैं।

        देखें वीडियो…🖇️ https://youtu.be/bmImCt0j4ws?si=ySCwbblW2Xi74skf

        पारंपरिक रूप से रम को कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत देने वाला माना जाता है, खासकर जब इसे गर्म पानी या हॉट टॉडी (Hot Toddy) के रूप में लिया जाता है।

        सर्दी-जुकाम में राहत: रम में एंटी-माइक्रोबियल (रोगाणुरोधी) गुण माने जाते हैं। सीमित मात्रा में गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करने से बंद नाक खुलने और गले के दर्द को शांत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह किसी दवा का विकल्प नहीं है।

        मांसपेशियों का दर्द: कुछ अध्ययनों के अनुसार, रम मांसपेशियों के दर्द (Muscular Pain) और ऐंठन (Cramps) को कम करने में सहायक हो सकती है। इसे हड्डियों के मिनरल डेंसिटी (Bone Mineral Density) को बढ़ाने में भी कुछ हद तक फायदेमंद माना जाता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

        मानसिक स्वास्थ्य: अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि सीमित मात्रा में सेवन करने पर रम मानसिक तनाव को कम करने और मूड को बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है।

        किसी भी अन्य मादक पेय की तरह, रम का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए कई खतरे पैदा करता है:

        निर्जलीकरण (Dehydration): अल्कोहल मूत्रवर्धक (Diuretic) होता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

        नींद पर प्रभाव: भले ही यह नींद आने में मदद करे, लेकिन अल्कोहल नींद की गुणवत्ता को खराब करता है।

        अन्य रोग: अत्यधिक और नियमित सेवन से हृदय रोग, लिवर रोग, उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) और कई प्रकार के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।

        मात्रा सीमित रखें: यदि आप रम का सेवन करते हैं, तो मात्रा हमेशा सीमित रखें।

        गर्म पेय के साथ: ठंड में इसे गर्म पानी, शहद, नींबू और अदरक के साथ हॉट टॉडी के रूप में लेना अधिक लोकप्रिय और प्रभावी माना जाता है।

        खाने के साथ सेवन: खाली पेट रम पीने से बचें। इसे पौष्टिक अल्पाहार या भोजन के साथ लें।

      33. किरतपुर/बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी): विकास क्षेत्र किरतपुर के अन्तर्गत गुनियापुर न्याय पंचायत की बाल क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भव्य आयोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय (1 से 8) हामिदपुर माखन में किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन उच्च प्राथमिक विद्यालय गुनियापुर के वरिष्ठ अध्यापक आशाराम ने किया।

        खेल प्रभारी मुकेश कुमार रवि और बृजेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्पर्धाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

        एथलेटिक्स और टीम स्पर्धाओं में उच्च प्राथमिक विद्यालय (1 से 8) हामिदपुर माखन का दबदबा रहा।

        दौड़ स्पर्धाओं में प्राथमिक स्तर पर साक्षी (मिर्जापुर), राघव (हामिदपुर माखन), हेमांशु (नेकपुर) और उच्च प्राथमिक स्तर पर उज्ज्वल (हामिदपुर माखन) ने 100 मीटर से लेकर 400 मीटर तक की दौड़ में प्रथम स्थान हासिल किया।

        फील्ड स्पर्धाओं में हरप्रीत (मिर्जापुर) और प्रियांशी (मिर्जापुर) ने गोला फेंक और चक्का फेंक में अपना जौहर दिखाया।

        टीम स्पर्धाओं (खो-खो और कबड्डी) के बालक और बालिका दोनों वर्गों में हामिदपुर माखन की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय भरैकी दोनों स्पर्धाओं में उपविजेता रहा।

        प्रभारी प्रधानाध्यापक श्रीमती इन्दुप्रभा चौहान, अध्यापक अन्शु तोमर और शिक्षक संघ अध्यक्ष सुनीत कुमार ने आयोजन व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान शिक्षक संकुल कुलवंत सिंह और दीपक कुमार सहित कई शिक्षकों ने खेल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

      34. बिजनौर: उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वाधान में बिजनौर क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित अंडर-19 जिला स्तरीय लीग प्रतियोगिता के दूसरे दिन स्टेडियम B और चांदपुर तहसील के बीच एक कड़ा मुकाबला खेला गया। स्टेडियम B ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने निर्धारित 30 ओवरों में अपने सभी विकेट खोकर 150 रन बनाए।

        बीसीए बिजनौर के सचिव लक्ष्यराज त्यागी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्टेडियम B की तरफ से आदर्श ने सर्वाधिक 38 रन, देवांश ने 29 रन और कबीर वशिष्ठ ने 28 रन का योगदान दिया। चांदपुर के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें वैभव तोमर ने 4 और आरुष तोमर ने 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।

        151 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चांदपुर की टीम ने 26.4 ओवरों में 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और तीन विकेट से जीत दर्ज की। चांदपुर की जीत में निगम (27 रन), मनदीप (29 रन) और अभिनव (27 रन) ने अहम भूमिका निभाई। स्टेडियम B के गेंदबाजों में साबिर, उमर और अंश ने 2-2 विकेट लेकर मैच को रोमांचक बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए।

        मैच में वैभव तोमर को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह योगी, अध्यक्ष विवेकानन्द दिव्य भारती उत्तर प्रदेश, ने प्रदान किया। मैच में अमित कुमार और आर्यमन चौधरी ने अंपायर की भूमिका निभाई, जबकि अभिषेक ने स्कोरर का दायित्व संभाला। इस अवसर पर नागेन्द्र सारस्वत, संजीव चौधरी, मानव सचदेवा, दीपक भटनागर, तुषार मालिक, नासिर, ज्ञान वर्मा, पुनिश कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

      35. बिजनौर, 8 नवंबर, 2025 – अब सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना ही होगा। बिजनौर पुलिस इन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से बेहद सख्ती के मूड में है। इसी क्रम में लापरवाहों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में कुल 436 चालान किए गए।

        उत्तर प्रदेश शासन एवं यातायात निदेशालय, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में, जनपद बिजनौर में 01 नवंबर से 30 नवंबर, 2025 तक मनाए जा रहे ‘यातायात माह’ के दौरान यातायात पुलिस ने प्रवर्तन और जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार झा के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी यातायात के नेतृत्व में, आज 8 नवंबर को प्रभावी यातायात प्रवर्तन अभियान चलाया गया।

        अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के संबंध में आमजन, वाहन चालकों और छात्र/छात्राओं को जागरूक करना तथा नियमों का पालन सुनिश्चित कराना रहा। इसी क्रम में, यातायात पुलिस बिजनौर ने सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की।

        ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूप से मालवाहक वाहनों में सवारियों को बैठाने की खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने हेतु जागरूकता पर बल दिया और उल्लंघन करने वालों पर सख़्त प्रवर्तन सुनिश्चित कराया।

        इस सघन अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 436 चालान किए गए।

        प्रमुख उल्लंघनों का विवरण दर्शाता है कि लोग अभी भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं:

        सर्वाधिक 238 चालान बिना हेलमेट के किए गए, जो यह दर्शाता है कि दुपहिया वाहन चालक अभी भी अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘यातायात माह’ के दौरान यह प्रवर्तन अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। इसका लक्ष्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। यातायात पुलिस बिजनौर ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें।

      36. बिजनौर, 8 नवंबर, 2025 – नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बिजनौर में आध्यात्मिक जागृति और जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र बिजनौर की ओर से एक भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का मुख्य संदेश आत्म-शक्ति और राजयोग ध्यान के माध्यम से नशे से दूर रहने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।

        यह प्रेरणादायक रथ यात्रा ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र बिजनौर से आरंभ हुई, जिसका सफल संचालन केंद्र की मुख्य संचालिका बी.के. सुरेश दीदी के निर्देशन में किया गया। इस पवित्र सेवा में बी.के. अनीता दीदी, अनुज भाई, यशवंत भाई, रवि भाई सहित कई सेवाधारी भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक सक्रिय भूमिका निभाई।

        रथ यात्रा नगर के अनेक प्रमुख स्थलों से गुजरी, जिनमें नगर पालिका चौराहा, शक्ति चौराहा, थाना चौराहा, सिंचाई कॉलोनी, ब्राह्मण मोहल्ला, हेमराज कॉलोनी, और नवलपुर गांव शामिल रहे। हर पड़ाव पर स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और युवा वर्ग ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया और नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।

        रथ को विशेष रूप से सजाया गया था, जिसमें आकर्षक प्रदर्शनी, प्रेरणादायक संदेश पट्टिकाएँ और “राजयोग ध्यान – नशा मुक्त जीवन की कुंजी” विषय पर विशेष स्लोगन प्रदर्शित किए गए थे, जिसने लोगों को गहराई से प्रभावित किया। यात्रा के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने शांति गीत और नारे लगाकर समाज में आध्यात्मिक जागृति का संदेश पहुँचाया।

        कार्यक्रम के समापन पर बी.के. सुरेश दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि, “नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि आत्मा की शक्ति को भी क्षीण कर देता है। इसलिए आत्म-सशक्तिकरण के लिए राजयोग ध्यान को जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंतरिक शांति और आत्मिक बल ही नशे की लत से बाहर निकलने का एकमात्र स्थाई उपाय है।

      37. हाल के दिनों में साइबर अपराध की घटनाओं में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ और बड़े पैमाने पर GST फ्रॉड जैसे हाई-टेक तरीके सामने आए हैं। अपराधी अब कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर लोगों को डरा रहे हैं और उन्हें फर्जी मामलों में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठ रहे हैं।

        ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम: इस नए तरीके में ठग खुद को सीबीआई, ईडी या पुलिस अधिकारी बताते हैं। वे पीड़ितों को फोन पर धमकाते हैं कि उनके नाम से ड्रग्स या अवैध सामान वाला पार्सल मिला है, या वे किसी धन शोधन (Money Laundering) के मामले में फंस गए हैं।

        ठगी का तरीका: पीड़ित को यह कहकर डराया जाता है कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकता है, और ‘ऑनलाइन पूछताछ’ के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल पर आने को कहा जाता है। डर पैदा करके, अपराधी पीड़ितों को एक ‘सुरक्षित’ बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं। हाल ही में, एक बुजुर्ग दंपत्ति से इसी तरीके से ₹1 करोड़ से अधिक की ठगी की गई है।

        ₹75 करोड़ का GST घोटाला: ठाणे में एक बड़े साइबर-फाइनेंशियल फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ, जहाँ फर्जी कंपनियों के नाम पर ₹75 करोड़ से अधिक का फर्जी GST ट्रांजैक्शन किया गया।

        फर्जी वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम: नौकरी का झांसा देकर, ठग लोगों को छोटे टास्क (जैसे यूट्यूब वीडियो लाइक करना) देते हैं और शुरुआत में छोटी रकम का भुगतान करते हैं। विश्वास जीतने के बाद, वे प्रीमियम इन्वेस्टमेंट टास्क के नाम पर बड़ी रकम ठग लेते हैं।

        सीसीटीवी क्लिप की चोरी: राजकोट में हुए एक बड़े साइबर हमले में देश भर की करीब 50,000 सीसीटीवी क्लिप चोरी की गईं और उन्हें ऑनलाइन बेचा गया। हैकर्स वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करके अपनी लोकेशन छिपाते हैं।

        फर्जी पुलिस बनकर ब्लैकमेलिंग: कुछ ठग नकली साइबर पुलिस बनकर लोगों को अश्लील कंटेंट देखने का आरोप लगाते हैं और गिरफ्तारी की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलते हैं।

        आंकड़ों में वृद्धि: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में दर्ज साइबर अपराध के मामले 65,983 से बढ़कर 2023 में 86,420 हो गए हैं।

        पुलिस का अभियान: दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की पुलिस ने साइबर ठगों के नेटवर्क को निशाना बनाते हुए छापे मारे हैं, जिसमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘वर्क फ्रॉम होम’ ठगी में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

        अज्ञात कॉल से सावधान: किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल या मैसेज पर अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी कभी साझा न करें।

        ऑनलाइन पहचान की जाँच: यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से संपर्क करके उसकी प्रामाणिकता की जाँच करें।

        साइबर अपराध की रिपोर्ट: किसी भी ठगी की सूचना cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत दर्ज कराएं।

        🔒 साइबर अपराध से बचाव के 10 ज़रूरी सुझाव

        1. व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें

        OTP और PIN: अपने बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड या UPI से संबंधित OTP (One-Time Password), PIN (व्यक्तिगत पहचान संख्या), या CVV (कार्ड सत्यापन मूल्य) किसी के साथ भी साझा न करें। बैंक या कोई भी सरकारी एजेंसी आपसे कभी भी ये गोपनीय जानकारी नहीं मांगती।

        Aadhaar/PAN: अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य पहचान दस्तावेजों की प्रतियाँ अज्ञात या अविश्वसनीय वेबसाइटों या व्यक्तियों को न दें।

        2. मज़बूत पासवर्ड का उपयोग करें

        अपने सभी अकाउंट्स के लिए मज़बूत और जटिल पासवर्ड का उपयोग करें, जिसमें बड़े अक्षर, छोटे अक्षर, संख्याएँ और विशेष वर्ण (@, !, #, आदि) शामिल हों।

        हर अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें।

        पासवर्ड को नियमित रूप से (हर 3-6 महीने में) बदलते रहें।

        3. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें

        जहां भी संभव हो, अपने ईमेल, सोशल मीडिया, और वित्तीय ऐप्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को सक्रिय करें। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है।

        4. संदिग्ध लिंक और ईमेल से बचें

        अज्ञात या अजीब दिखने वाले ईमेल, SMS, या सोशल मीडिया मैसेज में दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।

        फिशिंग (Phishing) ईमेल से बचें – ये अक्सर आपको डराते हैं या बड़े इनाम का लालच देते हैं और आपसे लॉगिन विवरण चुराने की कोशिश करते हैं।

        5. सॉफ़्टवेयर और ऐप्स को अपडेट रखें

        अपने ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows, Android, iOS) और सभी ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करते रहें। अपडेट में अक्सर सुरक्षा पैच होते हैं जो ज्ञात कमजोरियों को ठीक करते हैं।

        6. पब्लिक Wi-Fi का सावधानी से उपयोग करें

        पब्लिक या फ्री Wi-Fi नेटवर्क पर बैंकिंग या किसी भी संवेदनशील लेन-देन को करने से बचें। पब्लिक नेटवर्क सुरक्षित नहीं होते हैं और आपका डेटा चोरी हो सकता है।

        7. फ़ोन पर सतर्क रहें (डिजिटल अरेस्ट)

        यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, CBI, या किसी अन्य सरकारी अधिकारी बताकर आपसे तुरंत पैसा भेजने या व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

        कॉल को डिस्कनेक्ट करें और सीधे संबंधित विभाग या स्थानीय पुलिस स्टेशन के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके मामले की पुष्टि करें।

        8. बैंकिंग और लेन-देन:

        केवल सुरक्षित (https) वेबसाइटों पर ही ऑनलाइन खरीदारी या वित्तीय लेन-देन करें।

        स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स (जैसे TeamViewer, AnyDesk) के माध्यम से किसी भी अजनबी को अपने फोन या कंप्यूटर का एक्सेस न दें।

        9. बैकअप लें:

        अपने महत्वपूर्ण डेटा (तस्वीरें, दस्तावेज़, फाइलें) का नियमित रूप से बैकअप लें, ताकि रैंसमवेयर या अन्य हमलों की स्थिति में आप अपना डेटा न खोएं।

        10. तुरंत शिकायत दर्ज करें

        यदि आप किसी साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत इन माध्यमों से शिकायत दर्ज करें:

        नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in हेल्पलाइन नंबर: 1930

        डिजिटल अरेस्ट ठगी में अपराधी डर और दबाव का इस्तेमाल करते हैं। इससे बचने के लिए निम्नलिखित बातें गांठ बांध लें:

        1. कॉल तुरंत काट दें और शांत रहें

        सरकारी एजेंसी कभी फोन नहीं करती: याद रखें! भारत की कोई भी सरकारी एजेंसी (पुलिस, CBI, ED, नारकोटिक्स) आपको फोन या WhatsApp कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती, न ही आपसे पैसे मांगती है।

        पहला कदम: जैसे ही कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताए और आपके पार्सल/केस में फंसने की बात करे, तुरंत कॉल काट दें (Disconnect the call)। घबराएं नहीं और किसी भी स्थिति में उनसे लंबी बात न करें।

        दबाव को पहचानें: यदि वह आपको किसी एकांत जगह जाने या अपने परिवार/दोस्तों को न बताने का दबाव बनाए, तो समझ लें कि यह 100% फ्रॉड है।

        2. पैसा ट्रांसफर या ऐप डाउनलोड न करें

        पैसे की मांग: यदि अपराधी ‘जुर्माना’, ‘सुरक्षा डिपॉजिट’ या ‘सुरक्षित खाता’ के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहे, तो साफ मना कर दें।

        ऐप/लिंक से बचें: यदि वे आपको ‘अरेस्ट वारंट’ या ‘केस डॉक्यूमेंट’ डाउनलोड करने के लिए कोई APK फ़ाइल या लिंक भेजें, तो उस पर कभी क्लिक न करें। ये आपके फोन को हैक कर सकते हैं।

        टू-वे वेरिफिकेशन (2FA): अपने सभी ऑनलाइन खातों (जीमेल, सोशल मीडिया) के लिए हमेशा टू-वे वेरिफिकेशन ऑन रखें।

        3. सत्यापन (Verification) ही सुरक्षा है

        खुद जाँच करें: यदि आपको वाकई में संदेह है कि आप किसी परेशानी में हो सकते हैं, तो उस कॉल करने वाले व्यक्ति पर भरोसा न करें।

        स्थानीय पुलिस: सीधे अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन या संबंधित विभाग के आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल करें और जानकारी की पुष्टि करें।

        💸 UPI फ्रॉड (UPI Fraud) से बचाव के विशेष उपाय

        UPI फ्रॉड में अपराधी आपके पिन या QR कोड का दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं।

        1. UPI पिन का नियम याद रखें

        सिर्फ भुगतान के लिए पिन: UPI पिन का उपयोग केवल पैसा भेजने (Pay) के लिए किया जाता है।

        पैसे प्राप्त करने के लिए पिन नहीं: यदि कोई आपको पैसा भेज रहा है, तो आपको कभी भी अपना UPI पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि कोई आपको पैसा देते समय पिन डालने को कहे, तो यह स्पष्ट रूप से एक ठगी का प्रयास है।

        2. QR कोड का नियम समझें

        QR कोड से केवल भुगतान: QR कोड का इस्तेमाल भी सिर्फ भुगतान करने (Scanning to Pay) के लिए किया जाता है।

        पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन न करें: यदि कोई व्यक्ति आपको पैसा भेजने के लिए QR कोड स्कैन करने को कहे, तो सावधान हो जाएं। वह आपसे पैसे प्राप्त करने के बजाय, आपके अकाउंट से पैसे निकालने की कोशिश कर रहा है।

        3. अज्ञात रिक्वेस्ट और लिंक्स पर ध्यान दें

        ‘Request to Pay’: यदि आपके UPI ऐप पर अचानक से कोई ‘Request to Pay’ का नोटिफिकेशन आ जाए जिसे आपने शुरू नहीं किया है, तो उसे तुरंत अस्वीकार (Decline) कर दें। बिना किसी लेनदेन के रिक्वेस्ट आने पर अलर्ट रहें।

        OTP/PIN/CVV: आपका बैंक, ग्राहक सेवा केंद्र या कोई भी पेमेंट ऐप कभी भी आपसे UPI पिन, OTP या अन्य वित्तीय जानकारी नहीं मांगता।

        📢 शिकायत और कार्रवाई

        यदि फ्रॉड हो जाए: यदि आप गलती से भी पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, तो तुरंत अपने बैंक को कॉल करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी कॉल करें। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपके पैसे फ्रीज होने (रुकने) की संभावना उतनी अधिक होगी।

        शिकायत पोर्टल: cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। इन दोनों तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सबसे बड़ा हथियार आपकी जागरूकता और सतर्कता है।

      38. अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। अल्मोड़ा जिले के सल्लाभाटकोट क्षेत्र में दैवीय आपदा के कारण मंगलता लिगुड़ता पाईप लाइन सिंचाई योजना पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। योजना के जगह-जगह टूट जाने से डूंगरलेख, मंगलता, लिगुड़ता, पभया, जालीखेत मंगलता, टानी समेत कई अन्य गाँवों के सैकड़ों कृषकों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट शैलजा चम्याल ने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई खंड, अल्मोड़ा को एक कड़ा पत्र भेजा है।

        शैलजा चम्याल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह सिंचाई योजना इस पट्टी के लिए जीवनरेखा के समान है, जिससे लगभग 1000 खेत सिंचित होते हैं और प्रतिवर्ष कई टन अनाज पैदा होता है। योजना के ठप पड़ जाने से पानी के अभाव में खेतों की सिंचाई करना नामुमकिन हो गया है। परिणामस्वरूप, क्षेत्र की कई एकड़ उपजाऊ खेती योग्य भूमि में अब फसल उगा पाना संभव नहीं है।महंगाई के इस दौर में, सिंचाई सुविधा न मिलने के कारण सैकड़ों कृषकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिससे उनके सामने भविष्य में रोजी-रोटी का गहरा संकट उत्पन्न हो सकता है। कृषक समुदाय अत्यधिक चिंतित है और तत्काल समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है।

        जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने विभाग से पुरजोर आग्रह किया है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस ध्वस्त हुई सिंचाई योजना को जल्दी से जल्दी ठीक करवाया जाए, ताकि किसान समय पर अपने खेती-बाड़ी के कार्य को शुरू कर सकें। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने इस मामले में शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया, तो वे क्षेत्र की जनता को साथ लेकर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगी।

      39. बिजनौर। कृषि विभाग के कर्मचारियों की एकता को मजबूत करते हुए, आज दिनांक 07 नवंबर 2025 को यू०पी० एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन जनपद शाखा बिजनौर का द्विवार्षिक चुनाव/अधिवेशन कृषि भवन सभागार बिजनौर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह चुनाव राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उ०प्र०, जनपद शाखा बिजनौर के पूर्व जिलाध्यक्ष, देशराज सिंह की देखरेख में कराया गया।

        एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का चुनाव पूरी तरह से निर्विरोध संपन्न हुआ, जिससे कर्मचारियों के बीच एकजुटता प्रदर्शित हुई है।

        संरक्षक | तेजवीर सिंह | प्रधान सहायक

        अध्यक्ष | कपिल कुमार | वरिष्ठ सहायक

        जिला मंत्री | निर्भय कुमार | वरिष्ठ सहायक

        उपाध्यक्ष | मनीष चौधरी | कनिष्ठ सहायक

        कोषाध्यक्ष | अरूण कुमार | कनिष्ठ सहायक

        चुनाव अधिकारी देशराज सिंह ने नवीन कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को निर्विरोध चुने जाने पर बधाई दी। इस चुनाव परिणाम की सूचना तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को दी गई है ताकि एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी अपने कार्यों को प्रारंभ कर सके।

      40. बिजनौर: जिला मुख्यालय पर नगीना चक्कर चौराहे के पास दवाइयों का कारोबार करने वाले एक युवा व्यापारी द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लेने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों का भारी जमावड़ा लग गया। सूचना पाकर पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

        मृतक की पहचान सोहित (35 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हीमपुर थाना क्षेत्र के मुकरपुर गदई गाँव का निवासी था। सोहित बिजनौर में नगीना चक्कर चौराहे के समीप स्थित दुकानों में श्री शक्ति बायोटेक नाम से अपनी दवाइयों की एजेंसी चलाता था। आसपास के दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना आज करीब दोपहर 12:30 बजे के आसपास हुई। अचानक सोहित की एजेंसी से एक तेज धमाके की आवाज आई। आवाज सुनकर जब लोग मौके पर पहुँचे और भीतर जाकर देखा, तो सोहित लहूलुहान अवस्था में पड़ा था। इस दृश्य को देखकर तुरंत भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।

        घटना की गंभीरता को देखते हुए, सूचना मिलते ही एसपी सिटी भारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जाँच में यह पता चला है कि सोहित ने अपनी दाहिनी कनपटी पर खुद ही गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके पर हथियार भी बरामद किया गया है।

        जांच करते sp सिटी

        सोहित विवाहित था और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। इस घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार का भांजा था, जिसके कारण दवा व्यापारियों में शोक की लहर है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जाँच शुरू कर दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य कारण से युवक ने इतना कठोर कदम उठाया। पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है और परिजनों तथा आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की सही वजह सामने आ सके।

      41. लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सेवायोजन विभाग ने सेवा मित्र एप के माध्यम से पंजीकृत कुशल बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत, आम नागरिकों को अब विभिन्न प्रकार के कुशल श्रमिकों जैसे माली, प्लंबर, कारपेंटर, मैकेनिक, ब्यूटीशियन, नर्स, पेंटर, मोबाइल रिपेयरर और लॉन्ड्री सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

        नागरिक अब इन सेवाओं के लिए केवल टोल फ्री नंबर 155330 पर कॉल करके या सेवामित्र एप का उपयोग करके घर बैठे कुशल श्रमिकों को बुला सकते हैं। यह कदम न केवल श्रमिकों को काम देगा बल्कि आम लोगों के लिए सेवाओं को सुविधाजनक भी बनाएगा।

        पंजीकरण प्रक्रिया: कोई भी कुशल श्रमिक विभाग की वेबसाइट rojgarsangam.up.nic.in पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन करा सकता है। पंजीयन के दौरान जरूरी दस्तावेज और अन्य जानकारियां भी आनलाइन वेबसाइट पर मिल जाएगी।

        न्यूनतम आयु सीमा: श्रमिकों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है।

        अधिकतम आयु सीमा: इसमें अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है, जिसका अर्थ है कि युवा से लेकर बुजुर्ग तक सभी कुशल श्रमिक पंजीयन करा सकते हैं।

        कौशल श्रेणियां: इस पहल के तहत 65 तरह के कौशल वाले श्रमिकों का पंजीयन किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, बाइक रिपेयर मिस्त्री, कारपेंटर, ब्यूटीशियन, फोटोग्राफर, टीवी मैकेनिक, कार मिस्त्री, कंप्यूटर मिस्त्री, पंप रिपेयर और इंजन मैकेनिक शामिल हैं।

        दस्तावेज और जानकारी: पंजीयन के दौरान आवश्यक दस्तावेज और अन्य विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

        प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग द्वारा तैयार किए गए इस सेवामित्र एप का मुख्य उद्देश्य कुशल प्रवासी श्रमिकों को तलाशना और उन्हें विभिन्न विभागों में काम के अवसर उपलब्ध कराना है। यह एप श्रमिकों को घर बैठे पंजीयन कराने और रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता करता है।

        सेवायोजन के अपर निदेशक, पीके पुंडीर के अनुसार, यह सेवा ‘हर हाथ को काम’ देने की सरकार की मंशा के अनुरूप शुरू की गई है। इस पहल से आम लोगों को घर बैठे श्रमिक मिलेंगे और साथ ही श्रमिकों को काम मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि टोल फ्री नंबर के साथ-साथ श्रमिक ऑनलाइन पंजीयन भी करा सकते हैं, और इस व्यवस्था को अपडेट किया गया है।

        यह पहल न केवल बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह आम जनता के लिए दैनिक जीवन की आवश्यक सेवाओं को सुलभ और विश्वसनीय भी बनाती है।

      42. लखनऊ। आलमबाग के कृष्णा नगर कोतवाली क्षेत्र में एक बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ने पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से शिकायत करते हुए एक विशेष समुदाय के युवक पर संगीन आरोप लगाए हैं। छात्रा का आरोप है कि आरोपी युवक ने अपनी जाति और धर्म छिपाकर उससे दोस्ती की।

        शिकायत के अनुसार, आरोपी युवक ने अपना हिन्दू नाम बताकर छात्रा से दोस्ती की और उसके साथ घूमना-फिरना शुरू कर दिया। इस दौरान, उसने मौका पाकर छात्रा के कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। छात्रा को काफी समय बाद उस युवक के असली नाम और पहचान (सुहेल सिद्दीकी पुत्र मुमताज सिद्दीकी, निवासी गुप्ता बूंदी बालागंज, थाना ठाकुरगंज) का पता चला, जिसके बाद उसने युवक से दूरी बनाना शुरू कर दिया।

        छात्रा का आरोप है कि पहचान उजागर होने के बाद, आरोपी सुहेल सिद्दीकी ने उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो का सहारा लिया। वह कई बार छात्रा के घर पहुँचा और वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देकर उस पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। असफल होने पर उसने छात्रा के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी।

        छात्रा ने शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी आएदिन उसके घर आकर भद्दी-भद्दी गालियाँ और धमकियाँ देता था। उसने छात्रा का रास्ते में निकलना दूभर कर दिया और उसे रास्ते में रोककर छेड़खानी करने लगा। इन हरकतों से परेशान होकर छात्रा ने अपने परिजनों के साथ पुलिस उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।

        कृष्णा नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर पीके सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि छात्रा की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की गई है। आरोपी युवक सुहेल सिद्दीकी के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इंस्पेक्टर सिंह ने पुष्टि की है कि आरोपी युवक को हिरासत (कस्टडी) में ले लिया गया है और मामले में विधिक कार्यवाही की जा रही है।

      43. बिजनौर: गंगा स्नान के पावन अवसर पर बिजनौर के महात्मा विदुर वृद्ध सेवा आश्रम में एक महत्वपूर्ण नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में, ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश कुमार की देखरेख और समाज कल्याण अधिकारी, बिजनौर, जागेश्वर सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।

        कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. नरेंद्र सिंह द्वारा किए गए यज्ञ के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। यज्ञ के पश्चात, डॉ. नरेंद्र सिंह ने स्वयं रोगियों का नाड़ी परीक्षण किया और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को समझते हुए उन्हें आयुर्वेदिक औषधियाँ निशुल्क वितरित कीं।

        इस चिकित्सा शिविर में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूर-दूर से भी लोगों ने आकर अपने स्वास्थ्य का उपचार कराया और सेवाओं का लाभ लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा को सर्वोपरि रखना था, जैसा कि डॉ. नरेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि “पूजा से बढ़कर मानव सेवा है।”

        शिविर के सफल आयोजन में महात्मा विदुर वृद्ध सेवा आश्रम की श्रीमती लक्ष्मी देवी ने सक्रिय रूप से सहयोग किया। इस अवसर पर ट्रस्ट और आश्रम से जुड़े कई महत्वपूर्ण सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मनोज कुमार (प्रभारी), संजीव शर्मा, मिथिलेश यादव और नरेश कुमार शामिल थे। विशेष रूप से, हीमपुर से आए डॉ. हर्ष कुमार ने शिविर में अपनी सेवाएँ दीं। उन्होंने रोगियों की एक्यूप्रेशर चिकित्सा की और मसाज प्रदान करके विशेष रूप से सभी बुजुर्गों की सेवा की, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।

        यह पहल न केवल प्राकृतिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने का एक प्रयास था, बल्कि गंगा स्नान के पवित्र दिन पर वृद्धों और ज़रूरतमंदों की निस्वार्थ सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

        प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में वितरित की गई आयुर्वेदिक औषधियाँ कई पारंपरिक जड़ी-बूटियों और खनिजों से तैयार की जाती हैं, जिनके लाभ व्यापक होते हैं। यह जानकारी डॉ. नरेंद्र सिंह ने दी।

        1. समग्र स्वास्थ्य और संतुलन (Holistic Wellness): मुख्य ध्यान शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन (दोष संतुलन – वात, पित्त, कफ) बहाल करने पर होता है। औषधियाँ केवल लक्षणों का इलाज नहीं करतीं, बल्कि बीमारी के मूल कारण पर काम करती हैं, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है।

        2. पाचन और चयापचय में सुधार (Improved Digestion): कई आयुर्वेदिक दवाएं अग्नि (पाचन अग्नि) को मजबूत करती हैं। ये पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती हैं, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।

        3. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती (Immunity Boosting): गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, और आंवला जैसी औषधियाँ अक्सर उपयोग की जाती हैं। ये शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाते हैं, जिससे व्यक्ति मौसमी बीमारियों और संक्रमणों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।

        4. तनाव और मानसिक स्वास्थ्य में सहायता: ब्राह्मी, शंखपुष्पी और अश्वगंधा जैसी ‘रसायन’ औषधियाँ एडाप्टोजेनिक गुणों के लिए जानी जाती हैं। ये तनाव के स्तर को कम करने, चिंता (Anxiety) से राहत देने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाने में मदद करती हैं।

        5. जोड़ों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए: गठिया (Arthritis), जोड़ों का दर्द, और सूजन बुजुर्गों में आम है। गुग्गुलु और हल्दी युक्त औषधियाँ एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुणों से भरपूर होती हैं। ये जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में प्रभावी होती हैं।

        6. साइड इफेक्ट्स का कम होना: यदि सही तरीके से तैयार और सेवन किया जाए, तो प्राकृतिक और जड़ी-बूटियों पर आधारित होने के कारण, आयुर्वेदिक औषधियों के साइड इफेक्ट्स (दुष्प्रभाव) आमतौर पर सिंथेटिक दवाओं की तुलना में काफी कम होते हैं।

      44. नई दिल्ली/प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कंधई पुलिस स्टेशन के तत्कालीन एसएचओ गुलाब सिंह सोनकर द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की खुली अवहेलना करने, याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने और कथित तौर पर मारपीट करने के गंभीर मामले में, सुप्रीम कोर्ट की सख़्त फटकार के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई की है।

        सुप्रीम कोर्ट द्वारा “न्याय की धारा को दूषित करने” की कड़ी टिप्पणी और “लोहे के हाथों से निपटने” की बात कहे जाने के बाद, उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में खलबली मच गई। डीजीपी मुख्यालय से निर्देश जारी होने के बाद, प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) दीपक भूकर ने एसएचओ गुलाब सिंह सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया है। एसएचओ को उनके पद से हटाकर लाइन हाजिर (निलंबन से पहले) किया गया था, लेकिन बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई। एसएचओ के साथ-साथ इस मामले में शामिल दो अन्य दारोगाओं (राजेश यादव और मिथलेश चौरसिया) पर भी विभागीय कार्रवाई चल रही है। कंधई थाने की कमान पट्टी कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई है।

        यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में दायर अवमानना याचिका के परिणामस्वरूप हुई है। याचिका में कहा गया था कि एसएचओ ने कोर्ट के गिरफ्तारी पर रोक (स्टे) के स्पष्ट आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता राम सागर तिवारी को गिरफ्तार किया और मारपीट भी की। कोर्ट के आदेश पर एडीजी प्रयागराज जोन ने मामले की जाँच की थी, जिसकी रिपोर्ट में एसएचओ द्वारा जानबूझकर अवहेलना करने की पुष्टि हुई है। पिछली सुनवाई में, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा था कि ऐसे पुलिसकर्मी को वर्दी की आड़ में न्याय को गंदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उत्तर प्रदेश सरकार को इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कठोर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में 7 नवंबर 2025 को पेश करने का निर्देश दिया गया है।

        07 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई होनी है, जहाँ पीठ यूपी सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करेगी। कोर्ट यह तय करेगा कि एसएचओ का निलंबन और विभागीय जाँच शुरू करना पर्याप्त है, या अवमानना अधिनियम के तहत और अधिक कठोर सजा (जैसे जेल या जुर्माना) सुनाने की आवश्यकता है। फिलहाल यही स्थिति है कि एसएचओ निलंबित हैं और कोर्ट 7 नवंबर को सरकार के जवाब का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद कोर्ट का अंतिम फैसला आ सकता है।

      45. देव दीपावली विशेष

        लखनऊ/वाराणसी। कार्तिक पूर्णिमा की पावन भोर पर वाराणसी के घाट श्रद्धा और भक्ति से भर उठे, जब लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित किया। आरती, दीपदान और गूंजते मंत्रों के बीच आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह काशी की जीवंत आध्यात्मिक विरासत को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हर वर्ष लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं, जिससे यह शहर न केवल भक्ति का केंद्र बनता है बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का वैश्विक प्रतीक भी बन चुका है,”

        देव दीपावली के पावन अवसर पर इस वर्ष काशी का ‘दक्षिण द्वार’ अद्भुत आध्यात्मिक आलोक से जगमगा रहा है। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण पर्यटन योजना अंतर्गत चयनित वाराणसी जनपद का माधोपुर गांव अपनी विशिष्ट परंपराओं और लोक सहभागिता के साथ देव दीपावली का पर्व विशेष रूप से मना रहा है। गंगा तट पर अवस्थित शूलटंकेश्वर मंदिर, जिसे काशी का दक्षिण द्वार भी कहा जाता है, भव्य दीपोत्सव का साक्षी बन रहा है। ग्रामीण पर्यटन के तहत देव दीपावली की पूर्व संध्या पर शूलटंकेश्वर गंगा घाट पर दीप प्रज्वलित किए गए। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। 

        मंत्री ने बताया कि ‘शूलटंकेश्वर मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण के काशी खंड में भी मिलता है। मंदिर की पौराणिकता आगंतुकों को आकर्षित करती है। इस भव्य आयोजन में जलने वाले दीये माधोपुर गांव के साथ पंचकोशी यात्रा मार्ग अंतर्गत गांव के कुम्हारों द्वारा बनाए गए हैं।’ 

        देव दीपावली का यह भव्य आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के तत्वावधान में हुआ। विभाग द्वारा चयनित परियोजना संस्था ‘बकरी छाप’ के साथ-साथ स्थानीय होमस्टे लाभार्थियों, स्टेकहोल्डर्स, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से पूरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन के दौरान प्राचीन शूलटंकेश्वर घाट और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र ग्राम वासियों द्वारा हजारों मिट्टी के दीयों से आलोकित किया गया, जिससे पूरा दक्षिण काशी दीपों की अद्भुत आभा से नहा उठा।

        इस अवसर पर भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम “काशी की मृत्तिका कला: अतीत, वर्तमान एवं भविष्य” के अंतर्गत, वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से संबद्ध) के सौजन्य से 1001 दीपक प्रदान किए गए, जिससे यह पर्व और अधिक भव्य एवं उज्ज्वल बन सके।

        दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही एक विशेष ‘हेरिटेज स्टोरी टेलिंग’ सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें शूलटंकेश्वर मंदिर की पौराणिक कथा और माधोपुर गांव में पर्यावरण संरक्षण की परंपरा पर रोचक प्रस्तुतियां दी गई। इस सत्र के माध्यम से ग्राम वासियों को उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना की योजनाओं एवं उनके लाभों की जानकारी भी प्रदान की गई। 

        वाराणसी जनपद में रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के माधोपुर में गंगा तट पर शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यता है कि गंगा नदी जब काशी में प्रवेश करने वाली थीं, तब भगवान शिव ने काशी की रक्षा के लिए अपने त्रिशूल से गंगा के वेग को रोक दिया था। शिव ने गंगा से वचन लिया था, कि वे काशी को स्पर्श करती हुई प्रवाहित होंगी और काशी के भक्तों को कोई हानि नहीं होगी। यह कैंट स्टेशन से 15 किलोमीटर और अखरी बाईपास से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंदिर है। भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन के लिए यहां आम दिनों में तो श्रद्धालु आते ही हैं, देव दीपावली, शिवरात्रि और सावन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

        देव दीपावली के पावन उत्सव पर ग्राम माधोपुर में आयोजित ‘दीप पर्व’ न केवल श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह ग्रामीण पर्यटन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला एवं सामुदायिक सहभागिता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। ग्रामीण पर्यटन योजना अंतर्गत चयनित अन्य गांव- चंद्रावती (जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभु की जन्मस्थली), कैथी (मार्कण्डेय महादेव मंदिर), उमराह और रहती (त्रिलोचन महादेव मंदिर) में भी इसी क्रम में मिट्टी के दीयों से देव दीपावली मनाया जा रहा है।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘पर्यटन विभाग का उद्देश्य है कि देव दीपावली जैसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को सशक्त किया जाए। इससे स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिलता है साथ ही अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। ऐसे प्रयासों से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान प्रदान दिलाने में मदद मिलती है।’

      46. बिजनौर: शहर के मोहल्ला दक्ष नगर में नवनिर्मित शिव मंदिर में मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर तीन दिवसीय विशाल धार्मिक अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच मंदिर में शिव परिवार, शिवलिंग, नंदी सहित हनुमान जी की मूर्तियों को विधि-विधान से स्थापित किया गया।

        यह धार्मिक आयोजन तीन दिनों तक चला, जिसमें लगातार मंत्रों का उच्चारण किया गया। पूरे विधि-विधान से पूजा का कार्य पंडित आचार्य श्री गौरव शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, प्रदीप शर्मा, मनीष शर्मा, और अमित कौशिक के द्वारा संपन्न कराया गया। पंडितों के दिव्य मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और आनंदमय हो गया।

        इस पुनीत कार्य में अनेक भक्तों और प्रमुख यजमानों का संपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में श्री योगेश शर्मा और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेखा शर्मा रहीं, जबकि सहायक यजमान के रूप में मास्टर मनोज कुमार और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अलका शर्मा ने सहभागिता निभाई।

        इसके अतिरिक्त, संजय कुमार शर्मा, रचना शर्मा, ओम दत्त शर्मा, शालिनी शर्मा, ग्राम पंचायत रसीदपुर गढ़ी के प्रधान सत्यपाल सिंह, विपिन कुमार, राजपाल सिंह भुइयार, त्रिभान सिंह, भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, विजेंद्र शर्मा, संदीप कुमार (MR), विकास कुमार सहित अनेक मोहल्लेवासियों और उनके परिवारों का विशेष योगदान रहा।

        मूर्ति स्थापना के उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में दक्ष नगर, रसीदपुर गढ़ी, चौधरी पुरम सहित अन्य स्थानों के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक योगदान दिया और प्रसाद चखा। सुबह से ही मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही।

        कार्यक्रम के दौरान मोहल्ले वासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। चारों ओर भगवान के जयकारे और जोर-जोर से उद्घोष लगाए जा रहे थे। अपने आराध्यों के प्रति श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उल्लास ने पूरे क्षेत्र को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

      47. लखनऊ: केंद्र और राज्य सरकारें गाँवों को शहरों की तरह स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रही हैं। लेकिन, लखनऊ के मोहनलालगंज विकासखंड में खंड विकास अधिकारी (BDO) आशुतोष श्रीवास्तव के घोर सुस्त रवैये और लापरवाही के चलते इन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पा रहा है। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (Integrated Solid Waste Management Centre) आज महज ‘शो पीस’ बनकर रह गए हैं।

        विकासखंड मोहनलालगंज की अधिकांश ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के भव्य भवन तैयार किए गए हैं। इन केंद्रों को क्रियाशील बनाने के लिए ई-रिक्शा और अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।

        • जमीनी हकीकत: ग्रामीणों के अनुसार, BDO श्रीवास्तव की उदासीनता के कारण इन केंद्रों का संचालन आज तक शुरू नहीं हो सका है।
        • स्थिति: केंद्रों का केवल रंग-रोगन करवाकर, उस पर ताला जड़ दिया गया है। जिम्मेदारों की लापरवाही का आलम यह है कि महीनों से इन गेटों का ताला भी नहीं खोला गया है।
        • परिणाम: संसाधन होने के बावजूद ये केंद्र बेकार पड़े हैं, जिससे गाँव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग रहे हैं और सरकारी मंशा को गहरा धक्का लगा है।
          अधिकारी की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल:
          BDO आशुतोष श्रीवास्तव की कार्यशैली न सिर्फ अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के मामले में सवालों के घेरे में है, बल्कि ग्रामीणों ने उनकी ‘सुस्ती’ पर तंज कसते हुए एक गंभीर आरोप भी लगाया है।

        स्रोत और आगे की कार्रवाई: स्थानीय मीडिया के माध्यम से यह मामला उजागर होने के बाद, अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) इस गंभीर लापरवाही पर क्या संज्ञान लेते हैं। उम्मीद है कि सरकारी धन की बर्बादी और ग्रामीणों को स्वच्छता से वंचित रखने वाले इस रवैये पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों को तत्काल क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।

      48. बिजनौर। जनपद बिजनौर पुलिस की एंटी रोमियो टीम द्वारा ‘मिशन शक्ति फेस 5.0’ अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन हेतु विभिन्न स्थानों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस अभियान में जनपद के सभी थानों की पुलिस टीम जुटी हुई है।

        जन जागरूकता कार्यक्रम: सदर बाजार, रोडवेज बस स्टैंड, वर्धमान डिग्री कॉलेज, आरबीडी डिग्री कॉलेज, और विभिन्न मुख्य चौराहों (थाना नगीना देहात, अफजलगढ़, शिवाला कलां, धामपुर, रेहड़) तथा गांवों (इनायतपुर, ग्राम जलालपुर हसना, ग्राम नैनपुरा, ग्राम हरचंदपुर, गांव ढेला, मोहल्ला अचारजान, मोहल्ला पटियापाड़ा ढली बाजार) में चौपालों का आयोजन किया गया।

        हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी: महिलाओं/बालिकाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों जैसे वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प लाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्प लाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102/108, और साइबर हेल्प लाइन 1930 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

        अपराध जागरूकता: मोबाइल/सोशल मीडिया द्वारा लड़कियों को परेशान करने, अश्लील मैसेज भेजने, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, मारपीट और साइबर अपराधों से बचाव और अपराध होने के बाद की कानूनी कार्यवाही के संबंध में जागरूक किया गया।

        कल्याणकारी योजनाएं: ग्राम नैनपुरा (थाना नगीना) में महिलाओं को विधवा पेंशन योजना, वृध्दावस्था पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वल योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आदि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

        गुड टच बैड टच: थाना शिवाला कलां में बालकों को गुड टच बैड टच के बारे में भी जानकारी दी गई।

        संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ: सदर बाजार, रोडवेज बस स्टैंड, और थाना अफजलगढ़, थाना चांदपुर के क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई।

        जागरूकता स्थल: आरबीडी डिग्री कॉलेज, जसपुर तिराहा कस्बा व थाना अफजलगढ़, दीप परीक्षा गुरु कोचिंग सेंटर बड़ीगढ़ (थाना रेहड़), एस के पब्लिक स्कूल रायपुर सादात (थाना नगीना देहात), और MDKV इंटर कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया गया।

        नए आपराधिक कानून: MDKV इंटर कॉलेज (थाना नजीबाबाद) की 296 छात्राओं को नए आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूक किया गया, जिसमें जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, समय बद्ध न्याय, महिला एवं बाल संरक्षण के प्रावधान, नए अपराध, प्रौद्योगिकी एवं फोरेंसिक के उपयोग से संबंधित प्रावधान और पीड़ित केंद्रित प्रावधान शामिल थे।

        एंटी रोमियो चेकिंग: थाना नगीना देहात द्वारा जोगिरामपुरी चौराहा, रायपुर चौराहा, कोटकादर तिराहा आदि पर 20 व्यक्तियों को चेक किया गया और हिदायत दी गई।

        अभियान का उद्देश्य: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, उन्हें किसी भी उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में पुलिस एवं अन्य सेवाओं की मदद लेने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देना तथा समाज में भयमुक्त वातावरण बनाना है।

      49. लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बीते कुछ घंटों में अपराध और धोखाधड़ी की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें भू-माफिया द्वारा प्लॉट हड़पने, सब्जी विक्रेता से लूटपाट, ऑनलाइन ठगी और सड़क दुर्घटना के बाद जानलेवा धमकी के मामले शामिल हैं। पुलिस ने सभी मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

        सुशांत गोल्फ सिटी कोतवाली क्षेत्र स्थित साहू सोसायटी की प्लॉटिंग में एक बड़ा भू-माफिया का मामला सामने आया है। बाराबंकी में रहने वाली अनुसूचित जाति (SC) की महिला विद्यावती ने साहू सोसायटी के मालिक और उसके गुर्गों पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है।

        खरीद और कब्ज़ा: विद्यावती ने 31 जुलाई 2020 को ₹24 लाख में प्लॉट नंबर (131-C) खरीदा था, जिस पर 5 वर्ष पहले बाउंड्री वाल भी बनवा दी थी।

        फर्जीवाड़ा: आरोप है कि सोसायटी संचालक और भू-माफिया ने मिलकर उनके प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री पूर्व मालिक राम सुमिरन के माध्यम से 18 फरवरी 2025 को विनीत तिवारी के नाम करा दी।

        हमला और धमकी: दबंगों ने 5 वर्ष पुरानी बाउंड्री तोड़कर प्लॉट पर कब्ज़ा कर लिया। जब पीड़िता ने सोसायटी मालिक (तरुण साहू, सुभाष साहू) से शिकायत की, तो सुपरवाइजर (अवधेश, सुधीर) और विनीत तिवारी ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया।

        पुलिस कार्रवाई: पीड़िता की नामजद तहरीर और रजिस्ट्री के कागजात सौंपे जाने के बाद, सुशांत गोल्फ सिटी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।

        पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुद्धेश्वर पुल के नीचे सब्जी का ठेला लगाने वाली महिला सब्जी विक्रेता गंगा देवी के साथ दबंगों द्वारा मारपीट और ₹10 हजार की लूटपाट का मामला सामने आया है।

        विवाद का कारण: ठेला लगाने की जगह को लेकर विवाद हुआ। शनिवार रात करीब 10:30 बजे, जब गंगा देवी ठेला समेट रही थीं, तभी बगल में फल का ठेला लगाने वाले व्यक्ति ने उन्हें धमकाया।

        जबरन वसूली: मौके पर मौजूद राकेश गुप्ता और बाबा चाय वाले ने धमकी दी कि यह जगह उनकी है और ठेला लगाने के लिए रोजाना ₹100 देने होंगे।

        हमला और लूट: विरोध करने पर राकेश गुप्ता ने महिला का हाथ मरोड़ दिया और उन पर लकड़ी की चप्पल से हमला किया। महिला को जमीन पर गिराकर घसीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

        लूट और धमकी: गंगा देवी के अनुसार, राकेश गुप्ता ने उनके पर्स में रखे ₹10,000 नकद छीन लिए और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

        आलमबाग कोतवाली इलाके में ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गढ़ी कनौरा निवासी हर्ष कश्यप को जालसाजों ने टेलीग्राम पर मैसेज भेजकर ‘घर बैठे कमाई’ का झांसा दिया।

        धोखाधड़ी: 14 अक्टूबर को एक कॉलर ने हर्ष को टेलीग्राम पर एक लिंक भेजा। आरोप है कि जैसे ही उसने लिंक पर क्लिक किया, उसके खाते से ₹1 लाख 90 हजार की ऑनलाइन निकासी हो गई।

        पुलिस कार्रवाई: पीड़ित ने तुरंत साइबर सेल और स्थानीय आलमबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

        आलमबाग कोतवाली इलाके के फतेहअली चौराहा, आनंद नगर में चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाया। सुषमा पाण्डेय पत्नी देवताप्रसाद पाण्डेय 1 नवंबर को अस्पताल गई थीं, जब चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

        चोरी का सामान: चोरों ने घर में घुसकर अलमारी के लॉकर में रखे चार जोड़ी चाँदी की बिछिया, दो सोने की बाली, एक हीरे की अंगूठी, दस चाँदी के सिक्के और कुछ कपड़े चोरी कर लिए।

        जानकारी: सुषमा पाण्डेय को शाम करीब 9:50 बजे अस्पताल से लौटने पर चोरी का पता चला। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।

        कृष्णा नगर कोतवाली इलाके में सोमवार को सड़क पर विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया। सेक्टर एम निवासी शाश्वत मिश्रा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पलासियो मॉल से घर जा रहे थे, जब उनकी फॉर्च्यूनर कार एक तेज रफ्तार थार से टकरा गई।

        टक्कर और धमकी: काले रंग की थार (नंबर यूपी 16 सी डब्लू 6585) के चालक ने चंपारण मीट (कृष्णा नगर) के पास शाश्वत मिश्रा की फॉर्च्यूनर गाड़ी में टक्कर मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।

        जानलेवा प्रयास: आरोप है कि जब शाश्वत मिश्रा गाड़ी से नीचे उतरे, तो आरोपित थार सवार ने उन पर और उनके ड्राइवर के ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करते हुए भाग गया।

        पुलिस कार्रवाई: पीड़ित ने कंट्रोल रूम और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपित थार सवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

        मानक नगर थाना क्षेत्र के ओल्ड आर.डी.एस.ओ. लंगड़ा फाटक निवासी जनक लाल तिवारी की 18 वर्षीय मानसिक विक्षिप्त पुत्री रविवार शाम को लापता हो गई।

        लापता: पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री को कोई अनजान व्यक्ति बहला फुसला कर अपने साथ ले गया। पड़ोस के बच्चों ने उस व्यक्ति को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वह मुस्कान को लेकर चला गया।

        मुकदमा: पिता की लिखित शिकायत पर मानक नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लापता मानसिक विक्षिप्त युवती की तलाश शुरू कर दी है।

      50. ~ By Bhupendra

        बिजनौर। रशीदपुर गढ़ी के मोहल्ला दक्षनगर स्थित शिव मंदिर से एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कलश यात्रा में अनेक मोहल्लेवासी पुरुष और महिलाएं शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं का कलश यात्रा के प्रति उत्साह देखते ही बन रहा था।मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धा भाव से कलश यात्रा का अभिनंदन किया।

        शिव मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा मोहल्ला दक्ष नगर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए मंदिर पर आकर ही संपन्न हुई। रास्ते भर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।

        कलश यात्रा में शालिनी शर्मा, मीनाक्षी, रेखा देवी, सुनीता, सावित्री देवी, रचना शर्मा, मनोज कुमार, योगेश शर्मा, मास्टर मनोज शर्मा, संजय शर्मा, ओम दत्त शर्मा, विजेंद्र सिंह, राजपाल सिंह सहित अनेक पुरुष, महिला एवं बच्चे आदि मोहल्लेवासी शामिल रहे।

      51. करियर/व्यवसाय: कामकाज में तेजी रहेगी और पुरानी मेहनत का नतीजा अब दिखने लगेगा। किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन या नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी का योग है। बिजनेस में नई डील मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

        पारिवारिक जीवन: कोई बात मन पर असर डाल सकती है, लेकिन संयम रखेंगे तो माहौल जल्दी सुधर जाएगा। रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखना जरूरी है।

        स्वास्थ्य: सेहत को लेकर लापरवाही न करें। नींद और खानपान का ध्यान रखें।

        कार्यक्षेत्र: नई योजनाएं बनेंगी और कुछ पुराने अटके काम पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी बातों को गंभीरता से सुना जाएगा। कोई करीबी दोस्त या रिश्तेदार आपकी मदद कर सकता है।

        आर्थिक स्थिति: वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, पर अचानक खर्चे भी सामने आ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें।

        प्रेम संबंध: प्रेम संबंधों में पारदर्शिता जरूरी है। कोई गलतफहमी रिश्ते में दूरी ला सकती है।

        स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन सिरदर्द या तनाव जैसी छोटी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं। मेडिटेशन या हल्की सैर फायदेमंद रहेगी।

        करियर: ऑफिस में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति से मुलाकात करियर के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

        आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

        प्रेम संबंध: प्रेम जीवन में कोई पुराना मामला सुलझ सकता है। अविवाहित लोगों के लिए विवाह प्रस्ताव आने की संभावना है।

        यात्रा/स्वास्थ्य: लंबी यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो शुभ रहेंगे। खानपान में नियमितता रखें।

        करियर: करियर में कुछ बदलाव हो सकते हैं, जो आगे चलकर फायदेमंद साबित होंगे। ऑफिस में किसी सहकर्मी से मतभेद की स्थिति बन सकती है, धैर्य रखें।

        पारिवारिक जीवन: परिवार में सुखद माहौल रहेगा, लेकिन किसी बड़े सदस्य की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है।

        आर्थिक स्थिति: आर्थिक दृष्टि से समय ठीक है, लेकिन निवेश को लेकर जल्दबाजी न करें।

        प्रेम संबंध: प्रेम जीवन में थोड़ा उतार-चढ़ाव रहेगा लेकिन सच्चे भाव रिश्तों को संभाल लेंगे।

        करियर/व्यवसाय: नई नौकरी, प्रमोशन या किसी बड़े अवसर के संकेत हैं। बिजनेस में विस्तार के मौके मिल सकते हैं। आपकी लीडरशिप और आत्मविश्वास लोगों को प्रभावित करेगा।

        पारिवारिक जीवन: परिवार में कोई शुभ कार्य हो सकता है। दांपत्य जीवन में प्यार और समझ बढ़ेगी। दोस्तों के साथ मुलाकात पुरानी यादें ताजा करेगी।

        स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें, खासकर यात्रा के दौरान।

        करियर/आर्थिक: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। ऑफिस या कारोबार में आपके काम की तारीफ होगी। आर्थिक रूप से स्थिति मजबूत होगी और किसी पुराने निवेश से लाभ भी मिल सकता है।

        पारिवारिक जीवन: पारिवारिक जीवन में शांति बनी रहेगी। अविवाहित जातकों को कोई खुशखबरी मिल सकती है।

        स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी, पर ज्यादा काम के कारण थकावट महसूस हो सकती है। थोड़ा समय खुद को दें।

        आर्थिक/करियर: कोई रुका हुआ काम पूरा होगा या लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। नौकरी में तरक्की के संकेत हैं। कला, मीडिया या पब्लिक रिलेशन से जुड़े लोगों के लिए समय शुभ है।

        रिश्ते: रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखें। पार्टनर के साथ गलतफहमी न बढ़ाएं।

        यात्रा/स्वास्थ्य: घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। यात्रा के योग भी बन रहे हैं। स्वास्थ्य में हल्की परेशानी आ सकती है, लेकिन बड़ी बात नहीं होगी।

        करियर: आप किसी पुराने अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे। नौकरी में बदलाव या किसी नए काम की शुरुआत के योग हैं।

        संबंध: पुराने दोस्तों से मुलाकात हो सकती है जो भावनात्मक रूप से सुकून देगी। प्रेम जीवन में कोई नया मोड़ आ सकता है, पुराने रिश्ते फिर से जुड़ सकते हैं।

        आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी पर खर्चा थोड़ा बढ़ सकता है।

        स्वास्थ्य: सेहत में सुधार रहेगा। मन भी हल्का महसूस होगा।

        करियर/शिक्षा: काम में मेहनत का पूरा परिणाम मिलेगा। जो लोग स्टूडेंट हैं, उन्हें किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है।

        आर्थिक स्थिति: आर्थिक रूप से समय अच्छा है।

        पारिवारिक/प्रेम: परिवार में कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम जीवन में स्थिरता आएगी। पार्टनर के साथ मतभेद सुलझ जाएगा।

        स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन काम का दबाव बढ़ने से नींद कम हो सकती है।

        करियर/आर्थिक: ऑफिस में कोई बड़ी जिम्मेदारी या नई भूमिका मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मोर्चे पर स्थिरता आएगी। किसी पुराने निवेश से लाभ हो सकता है।

        संबंध: परिवार में शांति रहेगी। दोस्तों से सहयोग मिलेगा। अविवाहित लोगों के लिए विवाह प्रस्ताव आने की संभावना है।

        स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय अच्छा है, लेकिन नियमित व्यायाम जारी रखें।

        करियर: किसी दोस्त या रिश्तेदार की मदद से फायदा मिलेगा। नौकरी बदलने या नया काम शुरू करने का सही समय है।

        आर्थिक: पैसों को लेकर सतर्क रहें। जल्दबाजी में कोई फैसला नुकसान दे सकता है।

        संबंध: प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं, लेकिन संवाद रिश्तों को संभाल लेगा। परिवार में किसी सदस्य को आपकी सलाह की जरूरत पड़ सकती है।

        स्वास्थ्य: सेहत को लेकर ध्यान दें, खासकर पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।

        करियर/व्यवसाय: काम में पहचान बढ़ेगी और सीनियर आपकी तारीफ करेंगे। बिजनेस में नया कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है।

        आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

        संबंध: किसी धार्मिक या पारिवारिक कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिल सकता है। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी। अविवाहित लोगों के लिए कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

        स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, बस ओवरथिंकिंग से बचें। जीवन में नई दिशा तय करने का यह अच्छा समय है।

      52. भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश की लोक कला, नृत्य और पर्यटन आगंतुकों को कर रहा अभिभूत- जयवीर सिंह

        लखनऊ, (02 नवंबर 2025)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में 01 से 15 नवंबर तक आयोजित हो रहे ‘भारत पर्व 2025’ में उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग अपनी प्रभावशाली उपस्थिति से देशभर का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश अपनी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत, लोक-परंपराओं और पर्यटन विविधता को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना के साथ प्रस्तुत कर रहा है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। 

        मंत्री ने बताया कि ‘भारत पर्व 2025 में देश की ‘हृदयस्थली उत्तर प्रदेश’ की समृद्ध संस्कृति, लोक-कला, संगीत और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन के स्टॉल पर आगंतुकों के लिए राज्य के विभिन्न गंतव्यों की सचित्र जानकारी उपलब्ध होगी, जो राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक गौरव का संदेश देगा।’  

        भारत पर्व हर साल आयोजित होने वाला एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, खाद्य परंपरा एवं कला कौशल को दर्शाता है। इस वर्ष का भारत पर्व देश की विविधता, एकता व शक्ति का उत्सव मनाने वाले एक भव्य समारोह के रूप में आइकॉनिक पर्यटन स्थल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में हो रहा है। उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारों तथा केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि के साथ-साथ लोकप्रिय कलाकार, कारीगर तथा विशेष अतिथि इस 15 दिवसीय उत्सव के विभिन्न दिवसों में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

        भारत पर्व के मंच पर आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश अपनी अद्भुत सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करेगा। यहां प्रदेश के विविध लोक-नृत्य, संगीत और पारंपरिक कलाओं का संगम दर्शकों को उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर कर देगा। ब्रज की रसधारा, अवध की विरासत, बुंदेलखंड की वीरता और पूर्वांचल की लोक धुनें, सब मिलकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को नया आयाम देंगी। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए श्रेष्ठ लोक कलाकार अपने-अपने क्षेत्र की विशिष्ट लोक शैली का प्रदर्शन करेंगे। 

        मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘भारत पर्व में उत्तर प्रदेश से भेजे जा रहे 12 विशिष्ट विधाओं के 72 प्रतिभाशाली कलाकार पारंपरिक और शास्त्रीय कलाओं की अनूठी झलक प्रस्तुत करेंगे। इस दल में शहनाई की धुनें, शंख की गूंज, डमरू की ओजस्वी ध्वनि, कथक की मनमोहक संरचनाओं तथा मयूर और राइ जैसे रंगारंग लोक नृत्य दर्शकों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराएंगे। उत्तर प्रदेश के कलाकार 12 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

        उत्तर प्रदेश के विभिन्न सांस्कृतिक दल जैसे- पाई डंडा, चरकुला, फरुवाही, थारू लोक नृत्य, बधावा लोकनृत्य और ढेढ़िया, गुजरात में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित करेंगे।विविध रंगों, लयों और परंपराओं से सजी यह सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रदेश की एकता और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत उत्सव बनकर सामने आएगी।

        राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित भारत पर्व 2025 में आगामी 15 नवंबर तक दर्शकों के लिए हस्तशिल्प स्टॉल, फूड स्टॉल, कठपुतली शो, स्टूडियो किचन और थीम पेविलियन जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित करेगी। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश पर्यटन अपनी संस्कृति, खान-पान, नृत्य और आध्यात्मिकता को प्रदर्शित कर रहा है। विभाग का आकर्षक स्टॉल प्रदेश के विविध पर्यटन गंतव्यों की झलक प्रस्तुत कर रहा है। स्टॉल पर अयोध्या के श्रीराम मंदिर, वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, स्पिरिचुअल ट्रायंगल, दीपोत्सव, देव दीपावली, रंगोत्सव आदि को दर्शकों के समक्ष प्रदर्शित किया जा रहा है। साथ ही, ईको टूरिज्म स्थलों और ग्रामीण पर्यटन से संबंधित जानकारी भी आगंतुकों को दी जा रही है।’

      53. लखनऊ/वाराणसी, (02 नवम्बर 2025)। इस वर्ष देव दीपावली पर काशी एक बार फिर प्रकाश, आस्था और संस्कृति के अनुपम संगम का साक्षी बनेगी। वाराणसी के मनोरम घाटों पर देव दीपावली समितियों तथा कुण्डों और तालाबों पर स्थानीय समितियों द्वारा एक साथ लाखों दीप जलाए जाएंगे।

        पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा महोत्सव समिति, वाराणसी द्वारा 10 लाख से अधिक मिट्टी के दीपकों की व्यवस्था की गई है। दीपक, तेल एवं बाती आदि का वितरण राजघाट से प्रारंभ हो चुका है। गंगा के घाटों और उसके पार के तटों को सम्मिलित करते हुए दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए कुल 20 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं ताकि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे। यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

        मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद और डमरू की गूंज से होगी, जो भगवान शिव की उपस्थिति और काशी की दिव्य ऊर्जा का प्रतीक होगी। शो में भगवान शिव-पार्वती विवाह का पवित्र दृश्य, भगवान विष्णु के चक्र पुष्करिणी कुंड की कथा, भगवान बुद्ध के धर्मोपदेश, संत कबीर और गोस्वामी तुलसीदास की भक्ति परंपरा, तथा आधुनिक युग में महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित काशी हिंदू विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा को आकर्षक दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यह पूरा शो काशी की आत्मा, उसकी परंपरा और आध्यात्मिकता को एक सूत्र में पिरोते हुए यह संदेश देगा कि “कण-कण में काशी और रस-रस में बनारस”।

        देव दीपावली की पावन संध्या पर वाराणसी का आकाश अद्भुत रोशनी और आस्था के रंगों से जगमगाने वाला है। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, श्रद्धालु और पर्यटक इस अवसर पर एक अनोखे दृश्य के साक्षी बनेंगे, जब 25 मिनट का भव्य “काशी-कथा” 3-D प्रोजेक्शन मैपिंग एवं लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। यह शो काशी की दिव्यता, इतिहास, संस्कृति और अध्यात्म के अनूठे संगम को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा। इस अद्वितीय प्रस्तुति में काशी के प्राचीन गौरव, गंगा की महिमा और भगवान विश्वनाथ की नगरी की आस्था को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शाया जाएगा।

        इसके अलावा “इस भव्य कार्यक्रम में 8 मिनट का विशेष लेजर शो भी शामिल होगा, जो दर्शकों को दिव्यता और आधुनिकता के संगम का अनुभव कराएगा। संयुक्त निदेशक पर्यटन, दिनेश कुमार ने बताया कि, पर्यटकों के लिए 3-D प्रोजेक्शन मैपिंग शो का निःशुल्क प्रदर्शन तीन बार — रात्रि 8:15, 9:00 और 9:35 बजे — किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस दृश्य का आनंद ले सकें। इसके साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार के सामने रात्रि 8:00 बजे 10 मिनट की भव्य “ग्रीन आतिशबाजी” का निःशुल्क आयोजन भी किया जाएगा, जो पर्यावरण के अनुकूल होते हुए भी आकाश को दिव्य रंगों से भर देगी। इस पूरे आयोजन का उद्देश्य काशी की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है, जिससे देव दीपावली की रात एक अविस्मरणीय अनुभव बन सके।

      54. बिजनौर। मिलेट्स यानी ‘श्री अन्न’ के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और कृषकों को इसके बहुआयामी लाभों से परिचित कराने के उद्देश्य से आज, 01 नवम्बर 2025 को कृषि विज्ञान केंद्र, नगीना में एक दिवसीय जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव/मेला का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव कृषि नवाचार, पोषण जागरूकता और पारंपरिक अन्न को पुनर्जीवित करने के उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

        महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कृषकों को मिलेट्स की उन्नत खेती, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से संबंधित सटीक और अद्यतन जानकारी प्रदान करना था। मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य और अन्य संबंधित विभागों द्वारा आकर्षक और सूचनात्मक स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों पर किसानों को मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो आदि) की उन्नत किस्में, कम पानी में इनकी सफल खेती के तरीके, कटाई के बाद के प्रसंस्करण (Processing) की तकनीकें, और मिलेट्स-आधारित उत्पादों (जैसे बिस्किट, दलिया) के मूल्यवर्धन से जुड़ी जानकारी दी गई। कृषकों ने विशेष रूप से मिलेट्स से बने उत्पादों और उनकी खेती की तकनीकों में गहरी रुचि दिखाई।

        जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने आगामी रबी सीजन की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने किसानों को सूचित किया कि जनपद के सभी विकास खंडों में सरसों एवं गेहूं की उन्नत किस्में के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। कृषक भाई अपने आधार कार्ड के माध्यम से POS (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन पर अंगूठा लगाकर, इन बीजों को आधे मूल्य (50% सब्सिडी) पर क्रय कर सकते हैं।

        मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व परिवहन मंत्री ने मिलेट्स के उपभोग और खेती को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। कहा कि “मिलेट्स की खेती केवल एक कृषि कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है।

        यह महोत्सव किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का एक सफल संगम सिद्ध हुआ, जिसने परंपरा और आधुनिक कृषि तकनीक के सुंदर समन्वय को प्रदर्शित किया। किसानों ने आशा व्यक्त की है कि ऐसे आयोजन उन्हें ‘श्री अन्न’ की खेती को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

      55. नई दिल्ली/श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहाँ काशीबुग्गा स्थित प्रसिद्ध वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ मचने से कम से कम 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई जब एकादशी पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े थे।

        पीटीआई (Press Trust of India) के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कासीबुग्गा उप-मंडल प्रभारी डीएसपी लक्ष्मण राव ने इस घटना की पुष्टि की है। डीएसपी राव ने बताया कि भगदड़ सुबह करीब 11:30 बजे हुई।सूत्रों के अनुसार, एकादशी के कारण सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि भीड़ क्षमता से अधिक हो जाने और अचानक आगे बढ़ने की होड़ के कारण भगदड़ मच गई। कई श्रद्धालु संतुलन खोकर जमीन पर गिर गए, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।

        हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे।

        घायलों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया गया है।

        पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मंदिर परिसर को खाली कराया।

        अधिकारियों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि कम से कम 10 लोगों ने इस त्रासदी में अपनी जान गंवाई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

        इस हृदय विदारक घटना पर राज्य सरकार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अधिकारियों ने बताया कि भगदड़ के सही कारणों की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के एंगल से भी पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की है।

        आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस त्रासदी पर दु:ख व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं की मौत को “हृदय विदारक” बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ से मुझे बहुत दु:ख हुआ। यह बहुत दु:खद है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई। मैं पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।”

        https://x.com/PTI_News/status/1984520294602850601?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1984520294602850601%7Ctwgr%5E6af34da4bd7a22a804cf6279cbea80c77604f1c4%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.twitter.com%2F

      56. लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को यूनेस्को द्वारा ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ घोषित किया गया है। लखनऊ यूनेस्को की ‘क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क’ (UCCN) में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी के अंतर्गत शामिल किया गया है। यह घोषणा 31 अक्टूबर 2025 को समरकंद (उज़्बेकिस्तान) में आयोजित यूनेस्को की 43वीं जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसे ‘वर्ल्ड सिटीज डे’ के रूप में मनाया जाता है।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ‘लखनऊ की यह उपलब्धि उसके समृद्ध खान-पान परंपरा, नवाचार और सांस्कृतिक विविधता का वैश्विक सम्मान है’। 

        मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने लखनऊ के लिए नामांकन किया था। विभाग ने यह प्रस्ताव 31 जनवरी 2025 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को प्रस्तुत किया था। मंत्रालय द्वारा विस्तृत समीक्षा और अनुमोदन के बाद भारत सरकार ने 03 मार्च 2025 को यूनेस्को को अंतिम डॉसियर आधिकारिक रूप से भेजा।

        31 अक्टूबर 2025 को समरकंद में आयोजित यूनेस्को की 43वीं जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ में सम्मिलित किए जाने की घोषणा हुई।

        ”क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ का खिताब उन शहरों को दिया जाता है, जो अपनी अपनी प्राचीन कला, खाद्य संस्कृति और विरासत के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जिसे दुनियाभर में ‘नवाबों का शहर’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता है। यहां की संस्कृति, खान-पान और पहनावा लोगों को काफी आकर्षित करता है। 

        मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘यह वैश्विक सम्मान दर्शाता है कि पर्यटन क्षेत्र ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करने में कैसे योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर भारत को गौरवान्वित कर रहा है। 

        प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि ‘यूनेस्को की ओर से घोषित सूची के अनुसार अब दुनियाभर में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी की 70 क्रिएटिव सिटीज हो गई हैं। इस वर्ष की घोषणा में 08 नए शहरों को इस प्रतिष्ठित नेटवर्क में जोड़ा गया है। लखनऊ के इस चयन से न केवल उसकी व्यंजन परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक एवं पाक कला धरोहर को भी नए आयाम प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लखनऊ में कुल 82,74,154 पर्यटक आए, जबकि साल 2025 के पहले छह महीनों में ही 70,20,492 पर्यटकों ने आगमन हुआ। बढ़ते पर्यटक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि व्यंजन और संस्कृति, उत्तर प्रदेश में पर्यटन वृद्धि के प्रमुख प्रेरक तत्व हैं।

        ‘विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने बताया कि लखनऊ का चयन ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ में होना सम्मान की बात है। इस चयन के साथ, लखनऊ अब दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो खानपान को सांस्कृतिक संवाद और सतत विकास का माध्यम बना रहे हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लखनऊ की इस अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। लखनऊ की यह पहचान उसके अवधी व्यंजनों, परंपरा और खानपान की विविधता का प्रमाण है। यहां के स्वादिष्ट व्यंजन अब विश्व मानचित्र पर लखनऊ का प्रतिनिधित्व करेंगी।’

      57. वाराणसी/लखनऊ। सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार की 94वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के सार्वजनिक दर्शन हेतु विधिवत अनावरण किया जाएगा। आगामी 03 से 05 नवंबर 2025 तक भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेषों को बौद्ध श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। सारनाथ वही पुण्य भूमि है जहां भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ दिया था। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। 

        मंत्री ने बताया कि ‘पिछले वर्ष भी अस्थि अवशेष दर्शन के लिए बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री आए थे। इस वर्ष पूर्व से भी बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं और आस्थावानों के पहुंचने का अनुमान है। बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियां विभिन्न देशों जैसे- श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, नेपाल तथा कोलकाता, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों से सारनाथ पहुंच रहे हैं।’ यह आयोजन महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया, सारनाथ केंद्र और वियतनामी बौद्ध संघ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

        भगवान बुद्ध के अवशेषों को साल में दो बार बुद्ध पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा पर सार्वजनिक दर्शन हेतु रखा जाता है। इस दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेषों के दर्शन करते हैं। भगवान बुद्ध के अवशेषों और उससे जुड़े आस्था की यात्रा भी उतनी ही प्राचीन है। लगभग 2,600 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के उपरांत उनके अवशेषों को श्रद्धापूर्वक आठ भागों में विभाजित कर सम्पूर्ण भारत में बने स्तूपों में रखा गया। कालांतर में सम्राट अशोक ने इन पवित्र अवशेषों को पुनः खोजकर अपने विशाल साम्राज्य के विविध स्थलों पर पुनर्स्थापित कराया। 

        मूलगंध कुटी विहार में बुद्ध के दो अस्थि अवशेष सुरक्षित हैं। इनमें से एक अवशेष गांधार (तक्षशिला) क्षेत्र के एक प्राचीन स्तूप से प्राप्त हुआ था, जिसे भारत सरकार ने 1956 में भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के 2,500वें वर्ष पर महाबोधि सोसायटी को भेंट किया था। दूसरा अवशेष, दक्षिण भारत के नागार्जुनकोंडा से प्राप्त हुआ था, जो एक पात्र में सुरक्षित रखा गया। इन दोनों अवशेषों के दर्शन वर्ष में दो बार होते हैं। दर्शन के बाद अवशेषों को विधिवत बुद्ध प्रतिमा के नीचे स्थापित किया जाता है। 

        पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘सारनाथ भारत के आध्यात्मिक मानचित्र पर विशिष्ट स्थान रखता है। यही वह पावन भूमि है जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश दिया था। आज भी यह स्थल विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं और विद्वानों को आकर्षित करता है। वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर लगभग 28 लाख पर्यटक आए थे, जबकि 2024 तक यह संख्या बढ़कर 84 लाख से अधिक हो गई, जो लगभग 200 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। वर्ष 2025 की पहली छमाही में केवल सारनाथ में ही लगभग 5 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ, जो इसे बौद्ध स्थलों में विशिष्टता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार लगातार बौद्ध सर्किट के विकास, सुविधाओं के विस्तार और बेहतर संपर्क व्यवस्था पर कार्य कर रही है।

        ‘महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया, सारनाथ केंद्र के प्रधान भिक्षु भंते सुमिथानंद थेरो ने बताया कि ‘भक्ति और करुणा के इस उत्सव में समस्त बौद्ध समुदाय एकत्र होकर भगवान बुद्ध के अवशेषों का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेगा। यह आयोजन न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि विश्व बौद्ध एकता और शांति का संदेश भी देता है। पिछले वर्ष इस समारोह में 10,000 से अधिक श्रद्धालु सम्मिलित हुए थे।’

      58. बिजनौर: रोंगटे खड़े करने वाली हैवानियत को अंजाम देते हुए मासूम बच्ची की ‘बलि’ चढ़ाने के आरोपी दम्पति समेत 4 को अब अपनी आखिरी सांस भी जेल में बितानी होगी। आठ साल पहले, धामपुर के पाडली मांडू गांव में हुई इस वीभत्स घटना में सत्र न्यायाधीश संजय कुमार ने सज़ा सुनाई है।

        उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आठ साल पहले, धामपुर के पाडली मांडू गांव में हुई एक वीभत्स घटना में सत्र न्यायाधीश संजय कुमार ने एक मासूम बच्ची की बलि देने के चार दोषियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। यह जघन्य अपराध एक तांत्रिक के कहने पर किया गया था। सज़ा पाने वालों में हरपाल, उसकी पत्नी फूलवती उर्फ फूलो और बेटी शिवानी के साथ-साथ राकेश भी शामिल हैं। अदालत ने सभी चारों दोषियों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले का मुख्य आरोपी तांत्रिक अभी भी फरार है।

        जिला शासकीय अधिवक्ता वरुण राजपूत ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 05 अक्टूबर 2017 की है। धामपुर थाना क्षेत्र के पाडली मांडू निवासी कर्मवीर सिंह काशीपुर की एक फैक्ट्री में मज़दूरी करते हैं। घटना के दिन जब वह ड्यूटी पर थे, तब उनके दो बच्चे, एक बेटा और पांच वर्षीय बेटी राखी, उनके भाई बरम सिंह के मकान पर थे। शाम होते ही, कर्मवीर की मासूम बेटी राखी अचानक गायब हो गई। देर रात करीब आठ बजे, राखी का शव एक मकान की छत पर मिला।

        ग्रामीणों से मिली जानकारी और पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी हरपाल की बेटी शिवानी पिछले एक साल से बीमार थी और काफी इलाज के बावजूद उसे आराम नहीं मिल रहा था। इसी दौरान, एक तांत्रिक ने शिवानी पर भूत-प्रेत का साया बताते हुए, उसे ठीक करने के लिए एक कन्या की बलि देने को कहा था। तांत्रिक की बात मानकर, 5 अक्टूबर 2017 (जो पूर्णिमा का दिन था) को, आरोपी हरपाल, उसकी पत्नी फूलवती और बेटी शिवानी ने मिलकर पहले पूजा-पाठ किया और फिर, पांच वर्षीय मासूम राखी की बलि चढ़ा दी। इस मामले में कोर्ट ने कठोर फैसला सुनाते हुए दोषियों को उम्रकैद की सज़ा दी है, जिससे न्याय की जीत हुई है।

      59. लखनऊ, (30 अक्टूबर, 2025)। वाराणसी में 05 नवंबर को आयोजित होने वाली देव दीपावली की संध्या पर जब पूरी काशी अनगिनत दीपों की रोशनी से नहाएगी, तब गंगा तट आस्था, संस्कृति और भव्यता का अनुपम संगम प्रस्तुत करेगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

        उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार इस बार देव दीपावली का आयोजन ‘क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ की भावना के साथ किया जा रहा है। पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन सहभागिता से घाटों से लेकर गलियों तक सुंदरता, सुरक्षा और सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक स्मार्ट लाइटिंग, फ्लोरल डेकोरेशन, थीम-आधारित इंस्टालेशन, लेज़र शो और ग्रीन आतिशबाजी के माध्यम से काशी एक बार फिर दिव्यता और भक्ति का अद्भुत अनुभव कराएगी।

        मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि देव दीपावली अब सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रह गया है, यह काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन गया है। पर्यटन विभाग देव दीपावली को आकर्षक बनाने में कोई कोई-कसर नहीं छोड़ रहा। घाटों, गलियों और प्रमुख मार्गों की सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्येक घाट पर पर्याप्त सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि, कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहेंगे और कमांड सेंटर से सीसीटीवी फीड की निगरानी निरंतर की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। घाटों के समीप आपातकालीन नौका एवं एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध होंगे। नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग और निर्धारित रूट की जानकारी दी जा रही है।

        पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेजर शो का आयोजन करने की योजना है। इसी तरह, काशी विश्वनाथ घाट और चेत सिंह घाट के बीच रेत की सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन लगाई जाएगी। ग्रीन आतिशबाजी, लेजर शो और संगीत कार्यक्रम के साथ काशी विश्वनाथ धाम घाट के सामने 10 मिनट का ग्रीन फायर क्रैकर शो आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य काशी की प्राचीन धरोहर और समृद्ध विरासत तथा आस्था को श्रद्धालुओं से जोड़ना है।

      60. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले अपनी रणनीति की दिशा स्पष्ट कर दी है: मुस्लिम समाज को यह विश्वास दिलाना कि भाजपा को हराने की क्षमता सिर्फ बसपा में है। मुस्लिम भाईचारा संगठन की हालिया बैठक में दिए गए उनके निर्देश और बयानों का सूक्ष्म विश्लेषण बताता है कि बसपा अब केवल ‘वोट कटवा’ होने के तमगे को मिटाकर, खुद को ‘भाजपा विरोधी वोटों का निर्णायक विकल्प’ सिद्ध करने की जुगत में है।

        वर्ष 2022 के चुनावों में, मुस्लिम मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा सपा के पक्ष में लामबंद हुआ था, लेकिन इसके बावजूद भाजपा को सत्ता से बेदखल नहीं किया जा सका। मायावती इसी असफलता को अपनी रणनीति का केंद्र बना रही हैं। उनका तर्क स्पष्ट है: जब आपका ‘एकतरफा’ समर्थन भी भाजपा को नहीं हरा पाया, तो अब उस पार्टी (सपा/कांग्रेस) के बजाय सीधे बसपा को समर्थन दें, जिसका एक सुसंगठित और मज़बूत दलित आधार आज भी बरकरार है। यह रणनीति सपा के ‘कमजोर विकल्प’ होने की धारणा को मज़बूती देने और बसपा को ‘अधिक निर्णायक’ विकल्प के रूप में पेश करने पर टिकी है।

        सिर्फ बयानबाजी से परे, बसपा का ध्यान अब जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने पर है। 18 मंडलों और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-सदस्यीय भाईचारा संगठन का गठन, पार्टी की पुरानी, प्रभावी कैडर-आधारित राजनीति को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।छोटी बैठकों के माध्यम से सीधे मुस्लिम समाज तक पहुंचना, और उन्हें बसपा सरकार के 100 प्रमुख कार्यों की याद दिलाना, एक भावनात्मक और तथ्यात्मक जुड़ाव स्थापित करने की कोशिश है। यह बताता है कि बसपा अब केवल चुनावी गठबंधन नहीं चाहती, बल्कि एक स्थायी सामाजिक आधार फिर से बनाना चाहती है।

        शमसुद्दीन राईन पर कार्रवाई का सार्वजनिक उल्लेख कर मायावती ने दोहरे लक्ष्य साधे हैं।

        पार्टी के भीतर यह संदेश देना कि अनुशासन और मिशन के प्रति वफादारी सर्वोपरि है।

        मुस्लिम समाज को यह भरोसा दिलाना कि पार्टी किसी भी स्वार्थी या अवसरवादी नेता के दबाव में नहीं झुकेगी, और मुस्लिम हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

        राईन को ‘दूसरा नसीमुद्दीन सिद्दीकी’ बनने की कोशिश करने वाला बताकर, उन्होंने अपने नेतृत्व की कठोरता और केंद्रीयकरण को भी स्थापित किया है।

        मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव, सपा और बसपा के बीच ‘भाजपा को कौन हरा सकता है’ की लड़ाई बनने वाला है। बसपा का यह दाँव, अगर दलित-मुस्लिम-ओबीसी गठजोड़ को कुछ हद तक भी जोड़ने में सफल रहा, तो यह उत्तर प्रदेश की चुनावी तस्वीर को पूरी तरह से बदल सकता है। फिलहाल, बसपा ने राजनीतिक शतरंज की बिसात पर अपनी पहली चाल चल दी है। अब देखना यह है कि सपा और कांग्रेस इस ‘जीत की गारंटी’ वाले दाँव का जवाब कैसे देते हैं।

      61. विस्तृत जानकारी के लिए… https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202510300930583022346031

        लखनऊ। त्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही तेज मुहिम के बीच, एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। महानगर थानाक्षेत्र की पेपरमिल चौकी में तैनात दरोगा धनंजय सिंह को पुलिस ने ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम द्वारा अचानक मारे गए इस छापे से मौके पर चौकी परिसर में हड़कंप मच गया।मामला क्या था?

        महानगर थाने में एक युवती ने कुछ लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें एक कोचिंग संचालक का नाम भी शामिल था। कोचिंग संचालक ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। गिरफ्तार किए गए चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह ने गैंगरेप के इस केस की ‘विवेचना’ के नाम पर, कोचिंग संचालक का नाम हटाने के बदले में रिश्वत मांगी थी।

        दरोगा ने शुरू में ₹5 लाख की मांग की थी, लेकिन बाद में यह सौदा ₹2 लाख पर तय हुआ। कोचिंग संचालक ने दरोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने की जानकारी तुरंत एंटी करप्शन विभाग को दे दी। विभाग ने योजना बनाकर जाल बिछाया, और जैसे ही चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह ने ₹2 लाख की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

        गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ तब आया जब कोचिंग संचालक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके यहां काम करने वाली युवती ने चार महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी। उसने गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया और जानबूझकर उनका नाम उसमें जोड़ दिया। कोचिंग संचालक ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्हें पता चला कि रियाज अहमद नाम के एक व्यक्ति का नाम भी केस में शामिल था, जबकि वह रियाज को जानते भी नहीं। संचालक ने युवती पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें गैंगरेप में फंसाकर ₹50 लाख की मांग की थी।

        कोचिंग संचालक ने कहा कि वह केस से बचने के लिए ₹10 लाख देने को तैयार थे, लेकिन आरोपियों ने ₹50 लाख होने पर संपर्क करने को कहा और बयान बदलवाने का आश्वासन दिया था।अंततः, दरोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने के बाद कोचिंग संचालक ने न्याय के लिए एंटी करप्शन टीम का सहारा लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी गिरफ्तारी हुई।

      62. बिजनौर: रबी सीज़न की शुरुआत के साथ ही बिजनौर के किसानों को उर्वरक संकट से बचाने और कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए ज़िला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता यूरिया, डीएपी या एनपीके के साथ कोई अन्य उत्पाद बेचने की जबरन टैगिंग करता है या निर्धारित मूल्य से अधिक दर वसूलता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी और लाइसेंस रद्द हो सकता है। अधिकारी ने शिकायत दर्ज करने के लिए एक विशेष वॉट्सऐप नंबर (7844996360) भी जारी किया है।

        जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जनपद में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति लगातार जारी है। रबी सीज़न 2025-26 के लिए उपलब्ध स्टॉक विवरण इस प्रकार है:

        उर्वरक का नाम | निर्धारित लक्ष्य (मैट्रिक टन) | उपलब्ध स्टॉक (मैट्रिक टन)

        यूरिया निर्धारित लक्ष्य (मैट्रिक टन) 45973.00 उपलब्ध स्टॉक (मैट्रिक टन) 16473.00

        डीएपी (DAP) निर्धारित लक्ष्य (मैट्रिक टन) 16560.00 उपलब्ध स्टॉक (मैट्रिक टन) 4925.87

        एनपीके (NPK) निर्धारित लक्ष्य (मैट्रिक टन) 5451.00 उपलब्ध स्टॉक (मैट्रिक टन) 974.00

        एसएसपी (SSP) निर्धारित लक्ष्य (मैट्रिक टन) 5823.00 उपलब्ध स्टॉक (मैट्रिक टन) 3914.00

        जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने सभी उर्वरक विक्रेताओं/सहकारी संस्थाओं को सख्त हिदायत दी है कि:

        टैगिंग शून्य: मुख्य पोषक तत्व के उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की बिक्री की टैगिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है।

        मूल्य प्रदर्शन अनिवार्य: प्रत्येक विक्रय केंद्र पर दीवार पर उर्वरकों का कुल मूल्य, भारत सरकार का अनुदान और किसानों के लिए बिक्री मूल्य स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।

        मेंटेन करें रिकॉर्ड: किसानों को उनकी जोतबही/बोई गई फसलों के आधार पर संस्तुत मात्रा में ही उर्वरक बेचें। कैश मीमो दें और वितरण रजिस्टर को अद्यतन रखें।

        जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि विभाग तत्पर है और वे स्वयं भी सतर्कता बरतें:

        आधार कार्ड: उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड अवश्य साथ ले जाएं।

        PoS मशीन: अपनी पहचान की पुष्टि पीओएस (PoS) मशीन पर कराएं और मशीन से जारी हुई रसीद लेना सुनिश्चित करें।

        शिकायत: यदि आपसे अधिक मूल्य लिया जाता है या जबरदस्ती टैगिंग की जाती है, तो तत्काल लिखित सूचना जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर कार्यालय के वॉट्सऐप नं. 7844996360 पर दें।

        संतुलित उपयोग: फसलों में संस्तुति के अनुसार ही उर्वरक का उपयोग करें, क्योंकि अधिक इस्तेमाल से कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है।

      63. लखनऊ, (28 अक्टूबर, 2025)। देव दीपावली पर जब पूरी काशी गंगा तट पर दीयों की रौशनी में नहाएगी, तब शहर एक बार फिर “मिनी भारत” की झलक पेश करेगा। इस बार की देव दीपावली में वाराणसी के घाट केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता से भी आलोकित होंगे।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गंगा किनारे जगमगाते लाखों दीप इस बार देश की विविध परंपराओं का जीवंत चित्र बनेंगे। हर घाट अपनी विशिष्ट पहचान के साथ अलग-अलग संस्कृति का रंग बिखेरेगा- कहीं मराठी परंपरा झलकेगी, कहीं दक्षिण भारत की रीतियाँ, कहीं मैथिल ब्राह्मणों के द्वारा दीपों की साज-सज्जा, तो कहीं गुजराती रंगोली और थालियों की साज-सज्जा आकर्षण का केंद्र बनेगी। काशी की यह देव दीपावली वैश्विक स्तर पर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करती दिखाई देगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव बनेगी। इसके लिए पर्यटन विभाग ने तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

        काशी के पंच तीर्थों में गिने जाने वाले पंचगंगा घाट पर इस बार भी मराठी संस्कृति की अलग छटा दिखेगी। यहाँ के मराठी मोहल्ले के परिवार पारंपरिक तरीके से दीये सजाने और गंगा आरती करने की तैयारियों में जुटे हैं। इसी घाट के पास बसे नेपाली लोगों के मोहल्ले में भी सजावट की तैयारियाँ चल रही हैं। नेपाली परिवार अपनी पारंपरिक शैली में दीये जलाकर गंगा तट को रोशन करेंगे। दोनों संस्कृतियों का यह संगम देव दीपावली की रात पंचगंगा घाट को विशेष बना देगा।

        गौरीकेदार घाट पर इस बार दक्षिण भारतीय संस्कृति का रंग गहराने वाला है। गौरी केदारेश्वर मंदिर परिसर में दीप सज्जा, भक्ति संगीत और पारंपरिक पूजा की तैयारियाँ जोरों पर हैं। यहां पर दक्षिण भारत के अधिकतर लोग रहते हैं। ऐसे में गौरीकेदार घाट पर दक्षिण भारतीय परंपराओं की छटा देखने को मिलेगी।

        पुराने गुजराती मोहल्ले में भी दीप सज्जा शुरू हो चुकी है। चौक, ठठेरी बाजार और मणिकर्णिका के आसपास स्थित मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। गुजराती समुदाय पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना करेगा और रंगोली से सजे दीयों की थालियाँ इस इलाके को खास बनाएंगी। यहां पर गुजराती परंपरा के अनुसार दीपसज्जा देखने को मिलेगी।

        गंगा तट के दशाश्वमेध घाट और राजेन्द्र प्रसाद घाट के आसपास मैथिल ब्राह्मणों की पूजा-पद्धति से दीप जलते दिखेंगे। इस बार इऩ घाटों पर दीयों की संख्या और सजावट दोनों ऐतिहासिक होंगी। देव दीपावली की शाम जब गंगा के दोनों तट लाखों दीपों से जगमगाएंगे, तब यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का अनूठा उत्सव होगा। यहां मैथिली संस्कृति की झलक दिखाई देगी।

        देव दीपावली भारत की आत्मा का उत्सव है। काशी के घाटों पर देश के हर कोने की परंपरा एक साथ दमकती है। मराठी, दक्षिण भारतीय, गुजराती, मैथिल और नेपाली संस्कृतियों का यह संगम काशी को ‘मिनी भारत’ बना देता है। सरकार का प्रयास है कि ऐसी परंपराओं को प्रोत्साहित कर काशी को वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और सशक्त किया जाए।

        संयुक्त निदेशक पर्यटन, दिनेश कुमार ने बताया कि देव दीपावली 2025 पर पर्यटन विभाग की ओर से 10 लाख दीप जलाए जाएंगे, जबकि शेष घाटों की स्थानीय समितियाँ अपने स्तर पर दीये जलाएँगी। उन्होंने कहा कि हर घाट पर समितियाँ सक्रिय हैं और सभी मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रही हैं। आस-पास के जिलों जैसे मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, प्रयागराज के अलावा दक्षिण भारत, गुजरात और अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु और विदेशी पर्यटक भी आने वाले हैं। ऐसे में पर्यटन विभाग तैयारियों को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

      64. बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में एक सहायक अध्यापक पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल कर मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी पाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि शिक्षक ने अपने सेवानिवृत्त पिता को मृत दर्शाकर यह नियुक्ति पाई। शिकायत के बाद, दस्तावेजों की गहन जाँच कर आरोपी शिक्षक पर सख्त कार्यवाही की माँग की गई है।

        यह मामला बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बिजनौर के विकास क्षेत्र अफजलगढ़ के कंपोजिट स्कूल रामनगर गोसाई से जुड़ा है। यहां कार्यरत सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार ने 04 दिसंबर 1996 को मृतक आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा के आधार पर शिक्षक की नियुक्ति प्राप्त की थी। शिकायत के अनुसार, अखिलेश कुमार ने यह नियुक्ति अपने पिताजी स्वर्गीय रामचंद्र सिंह, जो प्राथमिक विद्यालय शहजादपुर प्रथम में मुख्याध्यापक थे, के मृतक आश्रित अनुकम्पा के रूप में प्राप्त की है।

        अखिलेश कुमार पर शासन-प्रशासन के साथ धोखाधड़ी करके अनुकंपा के आधार पर शिक्षक की नियुक्ति पाने का आरोप है।शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को दबाने में क्यों लगे हैं और आरोपी अध्यापक के खिलाफ कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं में जांच का विषय है। फिलहाल, इस पूरे मामले में पुनः शिकायत दर्ज कराई गई है, जिससे यह उम्मीद है कि अब दस्तावेजों की गहन जाँच कर उचित कार्यवाही की जाएगी।

        शिकायत में यह दावा किया गया है कि जिस समय रामचंद्र सिंह का रिटायरमेंट हुआ था, उस समय विद्यालय में नसीम अहमद, मिश्री सिंह, और संजीव कुमार सहायक अध्यापक के रूप में तैनात थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि रामचंद्र सिंह का विदाई समारोह भी किया गया था, और उस समय तैनात तीनों अध्यापक आज भी जीवित हैं तथा उनसे इस संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

        शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस गंभीर विषय के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बिजनौर और खंड शिक्षा कार्यालय अफजलगढ़ को मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन संबंधित अध्यापक पर कोई कार्यवाही नहीं हुई!

      65. लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ‘पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में मार्केट रिसर्च स्टडी (बाजार अनुसंधान अध्ययन)’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पहल उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में पर्यटन उद्योग के विकास, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन को गति देना है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

        मंत्री ने बताया कि ‘अनुसंधान का विषय उद्योग की प्रासंगिकता और आवश्यकता के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। यह अध्ययन प्रदेश में यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र की वर्तमान प्रवृत्तियों, संभावनाओं एवं चुनौतियों पर केंद्रित होगा, ताकि नीतिगत निर्णयों के लिए सटीक और उपयोगी सुझाव प्राप्त किए जा सकें।’

        इस योजना के तहत राज्य सरकार अकादमिक संस्थानों, शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञ संगठनों को पर्यटन से संबंधित अनुसंधान कार्यों के लिए सहयोग प्रदान करेगी। पर्यटन विभाग का मानना है, कि इस तरह के अध्ययन न केवल प्रदेश के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानकों के अनुरूप विकास की दिशा भी तय करेंगे।

        उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, मान्यता प्राप्त ट्रैवल एसोसिएशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, अन्य ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी संस्थान, प्रतिष्ठित और पंजीकृत एनजीओ (जैसे- वाइल्डलाइफ, हेरिटेज कंजरवेशन, क्राफ्ट या पर्यावरण संरक्षण से जुड़े एनजीओ) सहित मैनेजमेंट संस्थान एवं विश्वविद्यालय इस पहल के तहत आवेदन कर सकते हैं।

        इच्छुक संस्थाएं उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की वेबसाइट https://up-tourismportal.in पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह पोर्टल आगामी 15 नवम्बर 2025 तक खुला रहेगा। इस अवधि के भीतर इच्छुक इकाइयां निर्धारित प्रारूप में अपने प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। इसके अंतर्गत, प्रत्येक स्वीकृत मार्केट रिसर्च स्टडी के लिए अधिकतम 10 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत यह पहल प्रदेश में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटन उद्योग में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ें, साथ ही नीतिगत निर्णयों के लिए सटीक और व्यावहारिक सुझाव मिलें। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम अकादमिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञ संगठनों को समर्थन प्रदान करेंगे, ताकि प्रदेश के पर्यटन ढांचे को मजबूत किया जा सके और वैश्विक पर्यटन मानकों के अनुरूप विकास सुनिश्चित हो।’

      66. नई दिल्ली (एजेंसियां)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में रहने वाले 78 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंकर नरेश मल्होत्रा से साइबर अपराधियों ने 22.92 करोड़ रुपये की ठगी की है। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन खाताधारक, एक बिचौलिया और एक एनजीओ का मालिक शामिल है।

        सेवानिवृत्त बैंकर नरेश मल्होत्रा को साइबर ठगों ने लगभग छह हफ्ते तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान, उन्हें प्रतिदिन वीडियो कॉल के माध्यम से दो-दो घंटे ‘कैद’ रखा जाता था। ठगी की शुरुआत 1 अगस्त को हुई, जब मल्होत्रा के पास एक महिला का फोन आया। महिला ने खुद को एक दूरसंचार कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया गया है। बाद में, उन्हें मुंबई पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई अधिकारी बनकर डराया गया और आतंकी फंडिंग तथा पुलवामा हमले से उनके आधार कार्ड डिटेल जुड़ने का झूठा आरोप लगाकर धमकाया गया। मल्होत्रा को मजबूर किया गया कि वे अपने इक्विटी शेयर बेचकर यह रकम आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दें, यह आश्वासन देकर कि सत्यापन के बाद पैसा वापस मिल जाएगा।

        ठगी गई मोटी रकम (22.92 करोड़ रुपये) को कंबोडिया में बैठे चीन के साइबर अपराधियों तक पहुंचाने और कानूनी अड़चनों से बचने के लिए उत्तराखंड के एक गांव में स्कूल व एनजीओ चलाने वाले व्यक्ति को भी कमीशन के लालच में इस साजिश में शामिल किया गया था। कंबोडिया में बैठे मुख्य ठगों ने दिल्ली में अपने भारतीय एजेंटों के माध्यम से इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान कुछ बैंक खातों में जमा करीब 3 करोड़ रुपये को फ्रीज करा दिया है।

        यह मामला एक सेवानिवृत्त बैंकर से जुड़ा है, जो बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की गहरी समझ रखते थे। इसके बावजूद, वे 22.92 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हुए, जो आम लोगों में जागरूकता की कमी के गंभीर सवाल खड़े करता है।

        अथॉरिटी का डर (Fear of Authority): साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई, या ईडी जैसे उच्च सरकारी विभागों के अधिकारी बताते हैं। भारतीय समाज में इन एजेंसियों के प्रति एक स्वाभाविक डर और सम्मान होता है, जिसका फायदा उठाकर ठग पीड़ित को इतना डरा देते हैं कि वे सोचने-समझने की क्षमता खो देते हैं।

        भावनात्मक ब्लैकमेल और गोपनीयता: ठग अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग या टेरर फंडिंग जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों का जिक्र करते हैं, जिससे पीड़ित बदनामी और गिरफ्तारी के डर से गोपनीयता बनाए रखने को मजबूर हो जाता है और किसी से सलाह नहीं लेता। नरेश मल्होत्रा को भी बेटियों और नाती-पोतों को जान से मारने की धमकी देकर किसी को न बताने के लिए मजबूर किया गया था।

        डिजिटल अरेस्ट एक नई तकनीक: ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक नई तकनीक है, जिसमें ठग वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार दबाव बनाकर पीड़ित को एक वर्चुअल ‘कैद’ में रखते हैं। लगातार दबाव और निगरानी से पीड़ित मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है और ठगों के निर्देशों का पालन करने लगता है।

        तकनीकी समझ का अभाव: भले ही पीड़ित सेवानिवृत्त बैंकर हों, लेकिन नई साइबर अपराध तकनीकों और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे खतरों के बारे में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं थी। यह दिखाता है कि साइबर सुरक्षा जागरूकता का ज्ञान हर उम्र और पेशे के व्यक्ति के लिए लगातार अपडेट होते रहना जरूरी है।

        पुलिस प्रक्रिया की जानकारी का अभाव: आम इंसान और यहाँ तक कि अनुभवी बैंकर भी, पुलिस या जांच एजेंसियों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित नहीं होते। उन्हें यह नहीं पता होता कि कोई भी जांच एजेंसी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट वारंट जारी नहीं करती और न ही निजी खातों में पैसा ट्रांसफर करने को कहती है। इस जानकारी के अभाव में वे आसानी से जाल में फंस जाते हैं।

      67. लखनऊ/वाराणसी। देव दीपावली 2025 पर काशी की उत्तरवाहिनी गंगा के दोनों तट दीपों की अद्भुत रोशनी से जगमगाएंगे। महादेव की नगरी में अर्धचंद्राकार घाट करीब 25 लाख दीयों की माला से सजकर साक्षात दिव्यता का रूप धारण करेंगे, तो गंगा पार रेत पर रंग, रोशनी और संगीत का समावेशी प्रदर्शन सृष्टि को आलोकित करेगा। वहीं, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो की अद्भुत झलक श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव कराएगी।

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विभागीय प्रयास है कि ‘देवों की दिवाली’ वाराणसी आने वाले हर आगंतुक के लिए यादगार हो। मंत्री ने बताया, ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा 03 से 05 नवम्बर 2025 तक काशी के चेत सिंह घाट और गंगा द्वार पर अत्याधुनिक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग एवं लेजर शो का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मनमोहक प्रस्तुति में गंगा, काशी और देव दीपावली की पावन कथा को 25 मिनट के दर्शनीय अनुभव में पिरोया जाएगा, जिसमें 17 मिनट की प्रोजेक्शन मैपिंग और 08 मिनट का लेजर शो सम्मिलित होगा।’ 

        मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ‘3D प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए देव दीपावली, काशी-वाराणसी, भगवान शिव, गंगा और अन्य पौराणिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी। गंगा तट स्थित प्राचीन इमारतों की दीवारों और घाटों पर आधुनिक लेजर तकनीक के माध्यम से विभिन्न छवियां उकेरी जाएंगी। हिंदी में संवाद के माध्यम से संबंधित कहानियां बताई जाएगी। 

        इस बार देव-दीपावली पर वाराणसी के घाटों पर करीब 25 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसमें 10 लाख दीये राज्य सरकार की ओर से, जबकि बाकि दीप घाटों की स्थानीय समितियों द्वारा जलाए जाएंगे। यह प्रकाश उत्सव घाटों को दिव्यता और सौंदर्य से भर देगा, जिससे गंगा तट और पूरे शहर का दृश्य भक्तों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। देव दीपावली के लिए स्थानीय कुम्हार परिवार दिए तैयार कर रहे हैं।

        काशी के गंगा तट केवल दीपों से नहीं, बल्कि आकाश तक फैली रोशनी से भी जगमगाने वाले हैं। लगभग डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में 10 मिनट तक चलने वाला शानदार फायर क्रैकर्स शो औसत 200 मीटर ऊंचाई तक रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरेगा, जो देखने वालों के लिए अलौकिक अनुभव प्रदान करेगा। यह शो ग्रीन फायर क्रैकर्स (पर्यावरण-अनुकूल आतिशबाजी), तकनीक और कंप्यूटर आधारित कोरियोग्राफी के साथ तैयार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरा करता यह अद्भुत नजारा काशी की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देगा। इस वर्ष देव दीपावली के अवसर पर काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में आगंतुकों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन व्यापक तैयारियां कर रही  है, ताकि प्रत्येक आगंतुक को सुगम व सुरक्षित माहौल मिले। 

        पर्यटन सूचना अधिकारी, वाराणसी नितिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि ‘देव दीपावली को लेकर गंगा घाटों की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि 05 नवंबर को होने वाली देव दीपावली से पहले 01 से 04 नवंबर तक ‘गंगा महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से काशी की परंपरा और कला की झलक देखने को मिलेगी।’

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        वाराणसी में देव दीपावली के लिए स्थानीय कुम्हार परिवार दिए तैयार कर रहे हैं।

      68. राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर कोतवाली इलाके में शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से चोटिल हुए युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपित कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

        कृष्णा नगर कोतवाली प्रभारी पी के सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र स्थित यातायात पार्क निकट शीला गैस गोदाम के पास रहने वाली अंजु कश्यप पत्नी स्व सोनू कश्यप के अनुसार, शनिवार 25 अक्टूबर की दोपहर 2.45 बजे उनके घर के मोड़ के पास एक चार पहिया गाड़ी चालक ने उनके पति सोनू कश्यप को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। पड़ोसी द्वारा घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने एम्बुलेंस की मदद से घायल सोनू कश्यप को इलाज के लिए नजदीकी लोकबन्धु अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पड़ोसी द्वारा गाड़ी का रंग सफेद और हरा बताया जा रहा है। इसके चलते उन्होंने अज्ञात आरोपित कार चालक के खिलाफ लिखित शिकायत की है, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

        उधर, आलमबाग के आशियाना थाना क्षेत्र की अंबिका विहार कॉलोनी में रहने वाले एक युवक के घर पर 21 अक्टूबर की रात्रि में एक युवक ने घर के बाहर गाली गलौज करते हुए पथराव किया और बाहर खड़ी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर शनिवार को आशियाना पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। आशियाना के सेक्टर जे अंबिका बिहार कॉलोनी में रहने वाले आशीष गुप्ता के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात्रि करीब 9 बजे पुराना बर्फ खाना, उदयगंज में रहने वाला कुलदीप सोनकर पुत्र स्व कन्हैया लाल उनके घर के बाहर पहुंच करीब बीस मिनट तक हंगामा करता रहा। उसने गाली गलौज के साथ घर पर पथरावबाजी भी की, इस दौरान घर के बाहर खड़ी कार पर पत्थर लगने से कार का शीशा टूट गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित ने कंट्रोल नंबर पर पुलिस को सूचना देने के बाद स्थानीय आशियाना थाने पर युवक के खिलाफ नामजद शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

      69. लखनऊ। अक्सर देखा जाता है कि जब पड़ोसियों या दो पक्षों के बीच कोई गंभीर विवाद या झगड़ा होता है, तो महिलाओं द्वारा विरोधी पक्ष के पुरुषों पर यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ (IPC की धारा 354) जैसे गंभीर आरोप लगा दिए जाते हैं। यह प्रवृत्ति एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बन गई है, जहां व्यक्तिगत रंजिश निपटाने के लिए कठोर कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय न्याय व्यवस्था में पुरुषों के लिए ऐसी कोई ठोस ‘व्यवस्था’ है, जो उन्हें इन झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामलों से तुरंत बचा सके?

        महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून, जैसे कि आईपीसी की धारा 354, 354ए (यौन उत्पीड़न), और 509 (शब्द, हावभाव या कार्य से अपमान), अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। …लेकिन सामाजिक झगड़ों में इन कानूनों का इस्तेमाल अक्सर दबाव बनाने, समझौता कराने या बदला लेने के औजार के रूप में किया जाता है।

        एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया, “हमें ऐसे कई मामले मिलते हैं जहाँ मामूली संपत्ति विवाद या पार्किंग झगड़े को तुरंत ‘छेड़छाड़’ का रूप दे दिया जाता है। चूँकि ये धाराएँ संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) हो सकती हैं, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, जिससे आरोपी पुरुष को भारी सामाजिक कलंक और कानूनी परेशानी झेलनी पड़ती है, भले ही वह बाद में निर्दोष साबित हो जाए।

        हालांकि ‘झूठे आरोप’ रोकने के लिए कोई सिंगल “पूर्व-व्यवस्था” नहीं है, भारतीय कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं में पुरुषों को खुद को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय प्रदान किए गए हैं:| कानूनी बचाव का उपाय | प्रासंगिक धारा | विवरण |

        सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने भी कई फैसलों में यह माना है कि कुछ कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है। विशेष रूप से घरेलू विवादों से जुड़े मामलों (जैसे IPC 498A) में, कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे केवल आरोपों के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी न करें। न्यायालयों ने बार-बार कहा है कि कानून का उद्देश्य सुरक्षा देना है, न कि निजी प्रतिशोध का माध्यम बनना।न्यायविदों का मानना है कि पुलिस जांच अधिकारियों को भी प्रारंभिक जांच में “छेड़छाड़” जैसे आरोपों की प्रकृति और पृष्ठभूमि (जैसे कि पड़ोसी विवाद) की अधिक सावधानी से जांच करनी चाहिए, ताकि बेकसूर लोगों पर झूठे मामले दर्ज होने से रोका जा सके।

        किसी भी पुरुष के लिए जिस पर झूठा आरोप लगा हो, ये कदम तत्काल आवश्यक हैं:

        1. शांत रहें: आवेश में आकर कोई भी प्रतिक्रिया या धमकी न दें, क्योंकि यह आपके खिलाफ सबूत बन सकता है।
        2. कानूनी सलाह: तुरंत एक अनुभवी आपराधिक वकील से संपर्क करें।
        3. दस्तावेज़ीकरण: घटना से संबंधित सभी सबूत, गवाहों के नाम और संपर्क विवरण, और अन्य प्रासंगिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
        4. जाँच में सहयोग: पुलिस जाँच में सहयोग करें, लेकिन वकील की सलाह पर ही कोई बयान दें।

        निष्कर्षतः, झूठे आरोपों से बचाव के लिए कानून में रास्ते हैं, लेकिन पुरुष को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मजबूत कानूनी रणनीति और धैर्य की आवश्यकता होती है। यह न्याय व्यवस्था के लिए एक निरंतर चुनौती है कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए, कानून के दुरुपयोग से बेकसूर नागरिकों को भी बचाए।