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update रहें…हर दम, हर पल

  • लखनऊ साइबर सेल और इटौंजा पुलिस का बड़ा खुलासा

    100 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े की आशंका

    मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस

    मजदूर के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर 2.75 करोड़ की टैक्स चोरी, महिला समेत चार गिरफ्तार

    ~ शैली (newsdaily24)

    लखनऊ। राजधानी की साइबर सेल, स्वाट और इटौंजा पुलिस की संयुक्त टीम ने जीएसटी चोरी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने एक साधारण मजदूर के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म बनाई और करोड़ों रुपये का कागजी कारोबार दिखाकर सरकार को चूना लगाया। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।

    कागजों पर चलता था करोड़ों का कारोबार

    डीसीपी (अपराध एवं साइबर अपराध) कमलेश दीक्षित के अनुसार, यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अभिमन्यु पाठक ने सितंबर 2025 में इटौंजा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जांच में सामने आया कि कानपुर निवासी मजदूर दौलतराम के नाम पर ‘स्वराज ट्रेडर्स’ नामक फर्म पंजीकृत की गई थी। इस फर्म के जरिए एल्युमिनियम वेस्ट, स्क्रैप और स्टील की फर्जी बिक्री दिखाई गई। हैरानी की बात यह है कि यह व्यापार केवल कागजों पर था, धरातल पर फर्म का कोई अस्तित्व नहीं मिला।

    10-20 हजार के लालच में हड़पे दस्तावेज

    पुलिस की विवेचना में गिरोह के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का सनसनीखेज खुलासा हुआ है:
    * दस्तावेजों की खरीद: गिरोह गरीब लोगों को 10 से 20 हजार रुपये का लालच देकर उनके आधार और पैन कार्ड ले लेता था।
    * फर्जी पंजीकरण: इन दस्तावेजों के आधार पर मास्टरमाइंड अम्मार अंसारी की मदद से जीएसटी पोर्टल पर फर्जी फर्म रजिस्टर कराई जाती थीं।
    * कमीशन का खेल: फर्जी फर्म बनाने के बदले बिचौलियों को 1 लाख रुपये तक मिलते थे। मजदूर दौलतराम को उसके दस्तावेजों के बदले मात्र 25 हजार रुपये दिए गए थे।

    पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया है:
    * तबस्सुम उर्फ जान्हवी सिंह: गिरोह की अहम सदस्य, जो पहचान बदलकर लोगों को फंसाती थी।
    * प्रशांत बेंजवाल: कानपुर के एक मॉल का पूर्व कैशियर, जो तबस्सुम के साथ मिलकर नेटवर्क चला रहा था।
    * सुमित सौरभ: ‘एसएस गैलक्सी’ और ‘एसएस इंटरप्राइजेज’ का मालिक, जिसने फर्जी इनवॉइस के जरिए 19 लाख की टैक्स चोरी की।
    * दौलतराम: वह मजदूर जिसके नाम पर फर्जी फर्म ‘स्वराज ट्रेडर्स’ बनाई गई थी।

    > “जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने न केवल टैक्स चोरी की, बल्कि 52 लाख रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) भी अन्य कंपनियों को अवैध रूप से बेचा। आशंका है कि यह पूरा घोटाला 100 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है।” — पुलिस उपायुक्त, लखनऊ

    रडार पर कई अधिकारी और मास्टरमाइंड

    पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड अम्मार अंसारी की सरगर्मी से तलाश कर रही है। जांच टीम को अंदेशा है कि इतने बड़े स्तर पर फर्जी फर्मों का पंजीकरण बिना किसी विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है, इसलिए कई सरकारी अधिकारी भी अब पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस ने आरोपितों के पास से भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।

  • घरों पर चस्पा किए ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर

    बरेली के मोहम्मदगंज में गहराया तनाव: 200 हिंदू परिवारों ने किया पलायन का ऐलान

    लखनऊ/बरेली | विशारतगंज: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सांप्रदायिक तनाव और प्रशासनिक अनदेखी की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तहसील क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में अवैध रूप से संचालित नमाज स्थल को लेकर उपजा विवाद अब इस कदर बढ़ गया है कि गांव के लगभग 200 हिंदू परिवारों ने सामूहिक पलायन की चेतावनी दे दी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर ‘यह मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।

    विवाद की जड़: घर में सामूहिक नमाज पर आपत्ति

    मोहम्मदगंज गांव एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, जहाँ हिंदू अल्पसंख्यक आबादी के रूप में रहते हैं। विवाद का मुख्य कारण गांव के ही एक निजी घर को मदरसे या नमाज स्थल के रूप में इस्तेमाल करना बताया जा रहा है।
    * पुरानी व्यवस्था: ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कोई आधिकारिक मस्जिद नहीं है। वर्षों से मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ने के लिए 1 किलोमीटर दूर पड़ोसी गांव जाते थे।
    * नया घटनाक्रम: आरोप है कि पिछले कुछ समय से एक खाली घर में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के सामूहिक नमाज (विशेषकर जुम्मे की नमाज) का आयोजन शुरू कर दिया गया।
    * विरोध का कारण: हिंदू पक्ष का कहना है कि नई परंपरा डालकर गांव का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है और बिना अनुमति धार्मिक स्थल का संचालन अवैध है।
    सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा तनाव
    मामला तब और गरमा गया जब 16 जनवरी 2026 को इस सामूहिक नमाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो के आधार पर हिंदू संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
    > कार्रवाई का अभाव: उस समय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 12-15 लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपियों के छूटने के बाद वहां फिर से गतिविधियां शुरू हो गई हैं।

    ‘असुरक्षा के साये में ग्रामीण’: पलायन को क्यों हुए मजबूर?
    पलायन का ऐलान करने वाले परिवारों का कहना है कि वे अब अपने ही गांव में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
    * प्रशासनिक उदासीनता: बार-बार शिकायत के बावजूद अवैध नमाज स्थल को स्थायी रूप से बंद नहीं कराया गया।
    * मनमानी का आरोप: समुदाय विशेष द्वारा नियमों को ताक पर रखकर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
    * डर का माहौल: ग्रामीणों का कहना है कि यदि आज इस पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में स्थितियां और भी विकट हो सकती हैं।

    प्रशासनिक रुख और वर्तमान स्थिति

    बरेली पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले को शांत कराने के प्रयास में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि:
    * मामले की गहन जांच की जा रही है।
    * किसी भी नई धार्मिक परंपरा या बिना अनुमति के सामूहिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
    * गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ग्रामीणों का भरोसा प्रशासन पर से डगमगा चुका है। वे अब किसी ठोस कार्रवाई से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं।

    बरेली के मोहम्मदगंज में 200 हिंदू परिवारों ने किया पलायन का ऐलान, घरों के बाहर लगे ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर
    https://news.newzo.in/Lnk/SRWR202602161852433022342333

  • बजट तुलना के जरिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने साधा विपक्ष पर निशाना

    12 सर्किट मॉडल से बदलेगा पर्यटन का नक्शा, मंत्री जयवीर सिंह ने गिनाईं 366 परियोजनाएं

    पर्यटन विकास हेतु 109 करोड़ बनाम 1734 करोड़

    मंदिर, मठ और स्मारकों के विकास पर फोकस

    योगी सरकार ने कनेक्टिविटी के लिए दिए 1000 करोड़- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह

    यूपी विधानसभा में पर्यटन पर सियासी संग्राम, विपक्ष के सवालों पर मंत्री जयवीर सिंह का आंकड़ों से पलटवार

    ~ shalie saxena

    लखनऊ, (16 फरवरी, 2026)। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा शुरू होते ही पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा प्रमुखता से उभरा। जिस पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सरकार द्वारा परियोजनों और उसके बजट के आंकड़ों से विपक्ष को करारा जवाब दिया। सदन में समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर और नफीस अहमद ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और नई पर्यटन नीति को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे। विपक्ष ने जानना चाहा कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिहाज से किन स्थलों को विकसित किया जा रहा है और प्रदेश सरकार की दीर्घकालिक नीति क्या है?

    12 सर्किट में बंटा प्रदेश, सभी वर्गों को किया शामिल: मंत्री जयवीर सिंह

    जवाब में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश को 12 पर्यटन सर्किट में विभाजित कर समग्र विकास की रणनीति अपनाई है। इनमें रामायण, कृष्ण-ब्रज, बौद्ध, महाभारत, शक्तिपीठ, आध्यात्मिक, सूफी-कबीर, जैन, बुंदेलखंड, इको टूरिज्म, वन्यजीव एवं पर्यावरण, शिल्प और स्वतंत्रता संग्राम सर्किट शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इन सर्किटों का गठन किसी धर्म या जाति के आधार पर नहीं, बल्कि सभी समुदायों और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर किया गया है।

    110 परियोजनाएं पूरी, 366 नई स्वीकृत

    मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025-26 के बीच बौद्ध धर्म से जुड़ी 43, जैन धर्म से संबंधित 30, वाल्मीकि समाज के 6 पर्यटन स्थलों पर सुविधा विकसित की, रविदास समाज के लिए 19, रैदास समाज के लिए 1, कबीर पंथ के 7, गुरुद्वारों के लिए 9 और डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति में 5 परियोजनाएं समेत कुल 110 परियोजनाएं स्वीकृत कर पूरी की गई हैं। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में पिछली सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में केवल 24 परियोजनाएं और 109 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इसके मुकाबले वर्तमान सरकार ने वर्ष 2024-25 में 1734.31 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जो 15-16 गुना अधिक है। इसी अवधि में 366 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं और उन्हें समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जा रहा है। इसके अलावा कनेक्टिविटी पर भी फोकस पर अपनी बात रखते हुए, मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए धर्मार्थ कार्य विभाग से 1000 करोड़ रुपये अलग से स्वीकृत किए गए हैं।

    विपक्षी विधायक के क्षेत्र का भी जिक्र

    सदन में मंत्री ने सीधे कमाल अख्तर का नाम लेते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में भी विकास कार्य कराए गए हैं। वर्ष 2020-21 में 50 लाख रुपये की धनराशि दी गई थी। इसके अलावा ग्राम ढाकी स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 91 लाख रुपये और भोजीपुरा के मोइनी मंदिर के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।बजट बहस के बीच पर्यटन विकास को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखे। जहां विपक्ष नीति की पारदर्शिता और प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार आंकड़ों और बजट प्रावधानों के जरिए अपने कामकाज का दावा मजबूत कर रही है। स्पष्ट है कि 2026-27 के बजट सत्र में पर्यटन केवल विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श का भी केंद्र बन चुका है। हालांकि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आंकड़ों से यह स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्णता कटिबंध है।

    बजट बहस के बीच पर्यटन विकास को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखे। जहां विपक्ष नीति की पारदर्शिता और प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार आंकड़ों और बजट प्रावधानों के जरिए अपने कामकाज का दावा मजबूत कर रही है। स्पष्ट है कि 2026-27 के बजट सत्र में पर्यटन केवल विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श का भी केंद्र बन चुका है। हालांकि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आंकड़ों से यह स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्णता कटिबंध है।

  • पांच पत्रों की अनदेखी के बाद पुलिस सख्त

    185 सफाईकर्मी पहले ही छोड़ चुके हैं नौकरी, सत्यापन में टालमटोल जारी

    संदिग्ध बांग्लादेशियों पर नगर निगम की ‘खामोशी’, संयुक्त पुलिस आयुक्त ने थमाया छठा नोटिस

    ~ ब्यूरो रिपोर्ट, शैली सक्सेना (newsdaily24)

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और संदिग्धों की धरपकड़ के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर निगम प्रशासन सफाई कर्मचारियों का ब्योरा पुलिस को उपलब्ध कराने में लगातार ‘टालमटोल’ कर रहा है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार ने अब नगर आयुक्त को छठा पत्र लिखकर सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।

    पत्राचार का लंबा सिलसिला: कब-कब भेजे गए नोटिस?

    पुलिस विभाग की ओर से संदिग्धों की सूची और सत्यापन के लिए लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं, लेकिन निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।

    • पिछले वर्ष: 21 नवंबर, 2 दिसंबर और 12 दिसंबर को पत्र भेजे गए।
    • इस वर्ष: 6 जनवरी, 7 जनवरी और अब 7 फरवरी को ताजा नोटिस भेजा गया है।

    9 जनवरी को नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कागजी कार्रवाई करते हुए जोन 1, 3, 4, 6 और 7 के जोनल सेनेटरी अफसरों को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सत्यापन के निर्देश दिए थे, लेकिन हकीकत में जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।

    ATS की रडार पर सफाई संस्थाएं

    आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने 7 नवंबर 2025 को ही नगर निगम से कूड़ा प्रबंधन और सफाई कार्य देख रही निजी संस्थाओं के श्रमिकों का पूरा ब्योरा मांगा था। एटीएस ने स्पष्ट किया था कि प्रदेश में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की मौजूदगी की जांच की जा रही है।

    मांगा गया विवरण: ठेकेदारों की प्रमाणित सूची, श्रमिकों का निवास स्थान, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर।

    एनआरसी (NRC) नंबर मांगते ही 185 कर्मचारी फरार

    जांच की सुगबुगाहट शुरू होते ही संदिग्धों में हड़कंप मच गया है। जब कूड़ा प्रबंधन देखने वाली कंपनियों—मेसर्स लखनऊ स्वच्छता अभियान और मेसर्स लायन सिक्योरिटी—ने कर्मचारियों से एनआरसी नंबर मांगा, तो 185 सफाईकर्मी बिना किसी सूचना के रातों-रात काम छोड़कर गायब हो गए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये लोग शहर छोड़ चुके हैं या छिपकर कहीं और काम कर रहे हैं।

    अन्य जिलों की स्थिति: लखनऊ पिछड़ा, बरेली-मेरठ ने दी क्लीन चिट
    जहां लखनऊ नगर निगम ब्योरा देने में सुस्ती बरत रहा है, वहीं प्रदेश के अन्य जिलों ने अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है:

    नगर स्वास्थ्य अधिकारी का तर्क

    इस पूरे मामले पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके श्रीवास्तव का कहना है कि सूची भेजी गई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि नगर निगम के पास ऐसा कोई ‘तंत्र’ नहीं है जिससे किसी व्यक्ति के मूल रूप से बांग्लादेशी होने की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सके।अब देखना यह है कि सात फरवरी को भेजे गए इस छठे पत्र के बाद नगर निगम सात दिनों की समय सीमा के भीतर संदिग्धों का ब्योरा पुलिस को सौंपता है या यह मामला फाइलों में ही दबता रहेगा।

  • ब्रज क्षेत्र को मिलेगी विशिष्ट पहचान: मंत्री जयवीर सिंह

    सेवा और समानता की राह दिखाएंगे पाँच पिलर

    ‘वेदों की ओर लौटो’ का संदेश देगा आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम

    ~ शैली सक्सेना

    लखनऊ/आगरा, (15 फरवरी 2026)। उत्तर भारत का आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम अब लगभग तैयार है। नई तकनीक से सुसज्जित यह संग्रहालय अतीत की गौरवगाथा को नए और आकर्षक अंदाज़ में पेश करेगा, जहां इतिहास केवल पढ़ा नहीं जाएगा, बल्कि महसूस किया जाएगा। ब्रज क्षेत्र की यह महत्वाकांक्षी परियोजना न सिर्फ पर्यटन को नई राष्ट्रीय पहचान देगी, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम भी बनेगी। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में 24.45 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश का पहला आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम तेजी से तैयार हो रहा है, जिसका लगभग 80 फीसदी से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है। इसको लेकर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने समीक्षा बैठक के दौरान जल्द से जल्द कार्य संपन्न करने के निर्देश दिए।

    विज़ुअल स्टोरीटेलिंग में सजेगा आर्य इतिहास

    इसकी विशेषता पर जानकारी देते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, इस म्यूजियम में इतिहास को इमर्सिव लर्निंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के जरिए दिखाया जाएगा, ताकि हर उम्र का व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। यहां स्थापना और शुरुआती दौर, संस्थापक और स्थानीय नेताओं का योगदान, आजादी की लड़ाई में भूमिका, सिद्धांत और विचारधारा, योग की अहमियत और आज के समय में इसकी जरूरत जैसे जोन बनाए गए हैं। कुल मिलाकर, आर्य गुरुकुल म्यूजियम सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और उनसे प्रेरणा लेने का एक बेहतरीन माध्यम है।

    म्यूजियम में ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, एम्फीथिएटर, हेलीपैड, फायर फाइटिंग सिस्टम और कई ब्लॉकों का ढांचा तैयार हो गया है और अधिकतर जगहों पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। बाहरी इलेक्ट्रिफिकेशन, ट्यूबवेल, अंडरग्राउंड सम्प और कुछ अन्य कार्य प्रगति पर हैं, जबकि सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास, फ्लोटिंग मल्टीमीडिया और CCTV जैसे कुछ काम अभी शुरू होने बाकी हैं। कुल मिलाकर परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और तय समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    सत्य, धर्म और सेवा का संदेश देता संग्रहालय

    इसके अलावा इस म्यूजियम में पाँच पिलरों की सीख भी होगी। जिसमें पहला, ईश्वर ही सच्चे ज्ञान का असली स्रोत है-वह निराकार, अनंत और पूरी सृष्टि का रचयिता है। दूसरा, वेद हमें सही सोच और सही जीवन जीने का मार्ग दिखाते हैं, इसलिए उन्हें समझना और उनके अनुसार चलना हमारी जिम्मेदारी है। तीसरा, हमें हर हाल में सच का साथ देना चाहिए और गलत बातों से दूर रहना चाहिए, ताकि हमारा हर कदम धर्म और ईमानदारी पर टिका हो। चौथा, हमारा उद्देश्य केवल अपनी तरक्की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक उन्नति करना है; और पाँचवां, हमें सभी लोगों के साथ प्रेम, सम्मान और न्याय से व्यवहार करना चाहिए एवं दूसरों की प्रगति में ही अपनी सफलता देखनी चाहिए।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में हुई एक बैठक में इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आर्य गुरुकुल म्यूजियम हमारे अतीत की विरासत और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक सशक्त माध्यम है। अब सिर्फ आगरा का ताजमहल ही नहीं बल्कि आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान कायम करेगा। ब्रज क्षेत्र का यह म्यूज़ियम केवल इतिहास को संजोने का प्रयास नहीं, बल्कि उस चेतना को फिर से जागृत करने का संकल्प है जिसने समाज को ज्ञान, समानता और राष्ट्रभाव की दिशा दी। आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी के दिल और दिमाग से जोड़ रहे हैं, ताकि वे केवल इतिहास को जानें ही नहीं, बल्कि उसे महसूस करें, समझें और उससे प्रेरणा लेकर एक सशक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

    हाल ही में पर्यटन मंत्री ने प्रमुख और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर अहम समीक्षा बैठक की थी, जिसमें फिरोजाबाद में बन रहे ग्लास म्यूजियम फिरोजाबाद, मैनपुरी के कल्चरल सेंटर, आर्य गुरुकुल म्यूजियम तथा सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स की प्रगति और विकास योजनाओं का विस्तार से अवलोकन किया गया था।

    आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम सिर्फ एक भवन नहीं है, बल्कि एक ऐसे आंदोलन की कहानी बताएगा, जिसने भारत में सोच, समाज और देशभक्ति को नई दिशा दी। आर्य समाज ने “वेदों की ओर लौटो” का संदेश देकर लोगों को जागरूक किया और सामाजिक बराबरी, शिक्षा और तर्क की सोच को मजबूत बनाया। यह म्यूज़ियम आज की पीढ़ी के लिए एक एजुकेशनल हब की तरह काम करेगा, जहां लोग अपने इतिहास और संस्कारों को आसान और दिलचस्प तरीके से समझ सकते हैं।

  • Cyber Alert! कहीं आपका Bank Account न हो जाए खाली, Phone में तुरंत बदलें ये 5 Security Settings

    Hackers Pixabay
    दिव्यांशी भदौरिया । Feb 15 2026 6:40PM

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  • मोतियाबिंद का एकमात्र समाधान सर्जरी

    विशेष रिपोर्ट: सोशल मीडिया पर ‘जादुई’ आई ड्रॉप्स के दावों की हकीकत

    लखनऊ | समाचार डेस्क (शैली – newsdaily24) आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक विज्ञापनों की बाढ़ आ गई है। इनमें सबसे खतरनाक ‘Clear Vision’ जैसे आई ड्रॉप्स के विज्ञापन हैं, जो बिना ऑपरेशन के मोतियाबिंद (Cataract) को जड़ से खत्म करने का दावा करते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे दावों में फंसना न केवल आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है, बल्कि आँखों की रोशनी हमेशा के लिए छीन सकता है।

    क्या ड्रॉप से मोतियाबिंद ठीक होना संभव है?

    नेत्र रोग विशेषज्ञों (Ophthalmologists) के अनुसार, मोतियाबिंद कोई संक्रमण नहीं है जिसे दवा या ड्रॉप से ‘साफ’ किया जा सके। यह आँख के प्राकृतिक लेंस के प्रोटीन में होने वाला एक संरचनात्मक बदलाव है, जिससे लेंस धुंधला हो जाता है। वर्तमान में दुनिया भर के चिकित्सा विज्ञान में ऐसी कोई भी आई ड्रॉप प्रमाणित नहीं है जो इस धुंधलेपन को वापस पारदर्शी बना सके।

    भ्रामक विज्ञापनों के पीछे का छुपा हुआ खतरा

    सोशल मीडिया पर बिकने वाले इन ड्रॉप्स में अक्सर स्टेरॉयड या हानिकारक रसायन हो सकते हैं। इनके इस्तेमाल से होने वाले जोखिम निम्नलिखित हैं:

    • काला मोतिया (Glaucoma): स्टेरॉयड युक्त ड्रॉप्स आँख का दबाव बढ़ा सकते हैं, जिससे काला मोतिया हो सकता है।
    • सर्जरी में जटिलता: ड्रॉप के भरोसे रहने से मोतियाबिंद ‘पक’ (Hyper-mature) जाता है, जिससे बाद में होने वाली सर्जरी कठिन और जोखिम भरी हो जाती है।
    • संक्रमण का डर: गैर-प्रमाणित दवाओं से आँखों में गंभीर एलर्जी या अल्सर हो सकता है।

    मोतियाबिंद: पहचान और आधुनिक समाधान

    शुरुआती लक्षण:

    1. दृष्टि का धीरे-धीरे धुंधला होना।

    2. रात में गाड़ी चलाते समय सामने वाली लाइट से बहुत ज़्यादा चकाचौंध (Glare) होना।

    3. रंगों का फीका या पीला नजर आना।

    4. चश्मे के नंबर का बार-बार बदलना।

    आज की तकनीक: दर्द रहित और सुरक्षित

    अब मोतियाबिंद का ऑपरेशन पहले जैसा डरावना नहीं रहा। फेको (Phacoemulsification) और लेजर (FLACS) जैसी तकनीकों से बिना टांके और बिना पट्टी के मात्र 10-15 मिनट में ऑपरेशन संभव है। अत्याधुनिक लेंस (जैसे Multifocal या Toric) की मदद से मरीज को दूर और पास, दोनों के चश्मों से मुक्ति मिल सकती है।

    सर्जरी के बाद ‘रिकवरी’ के लिए गोल्डन रूल्स

    ऑपरेशन की सफलता केवल डॉक्टर पर नहीं, बल्कि मरीज की बाद की सावधानी पर भी निर्भर करती है: स्वच्छता: आँखों को छूने से पहले हाथ साबुन से धोएं। सुरक्षा: धूल और तेज़ धूप से बचने के लिए काला चश्मा लगाएं। परहेज: कम से कम एक हफ्ते तक आँख में सीधा पानी न जाने दें और झुककर भारी वजन न उठाएं। आहार: विटामिन-C (आंवला, संतरा) और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। डायबिटीज के मरीज अपना शुगर लेवल नियंत्रित रखें।

    विशेषज्ञ की राय (अलर्ट): > “आँखों के मामले में किसी भी विज्ञापन पर भरोसा न करें। यदि दृष्टि में बदलाव महसूस हो, तो तुरंत किसी योग्य नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। मोतियाबिंद का एकमात्र वैज्ञानिक इलाज सर्जरी ही है।”

    यह जानकारी जनहित में newsdaily24 द्वारा साझा की गई है। आँखों के किसी भी उपचार से पहले डॉक्टरी परामर्श अनिवार्य है।

  • रणनीति और प्रस्तुति से चमकेगा रिजल्ट

    जेपी पब्लिक स्कूल की शिक्षिका अनुपम अग्रवाल ने साझा किए सफलता के मंत्र

    newsdaily24 शिक्षा विशेष: हिंदी की बोर्ड परीक्षा में कैसे पाएं 90+ अंक?

    ~ विकास अग्रवाल

    बिजनौर/चांदपुर | ब्यूरो रिपोर्ट – newsdaily24 जैसे-जैसे बोर्ड परीक्षाओं की घड़ी नजदीक आ रही है, छात्र-छात्राओं में अच्छे परिणाम को लेकर तनाव और उत्साह दोनों बढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों की इसी उलझन को दूर करने के लिए जेपी पब्लिक स्कूल, चांदपुर की प्रसिद्ध हिंदी शिक्षिका अनुपम अग्रवाल ने एक विशेष मार्गदर्शिका साझा की है। उनका मानना है कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि अंकों का वह खजाना है जिसे सटीक रणनीति और सुंदर प्रस्तुति से हासिल किया जा सकता है।

    रटने की आदत छोड़ें, ‘समझ’ पर दें जोर

    शिक्षिका अनुपम अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि हिंदी में अच्छे अंक लाने के लिए रटना काफी नहीं है। छात्र सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम (Syllabus) को समझें:
    * गद्य और पद्य: कविताओं के भावार्थ और काव्य-सौंदर्य को गहराई से समझें। गद्यांश के उत्तर हमेशा तार्किक और क्रमबद्ध होने चाहिए।
    * नोट्स का महत्व: अध्यायों को पढ़ते समय महत्वपूर्ण अंशों को रेखांकित (Underline) करें और स्वयं के नोट्स तैयार करें।

    व्याकरण: सफलता का सॉलिड आधार

    व्याकरण को गणित की तरह अंकदायी बताते हुए उन्होंने कहा कि रस, अलंकार, छंद और वाक्य-शुद्धि का नियमित अभ्यास विद्यार्थियों को दूसरों से आगे खड़ा कर सकता है। नियमों को उदाहरणों के माध्यम से समझना परीक्षा में प्रश्न हल करना आसान बना देता है।

    अनुपम अग्रवाल, प्रसिद्ध हिंदी शिक्षिका, जेपी पब्लिक स्कूल, चांदपुर बिजनौर

    लेखन कौशल: परीक्षक के दिल तक पहुंचने का रास्ता

    लेखन अनुभाग (Writing Section) में निबंध, पत्र और अनुच्छेद लेखन की भाषा सहज लेकिन प्रभावशाली होनी चाहिए।
    * लिखावट और वर्तनी: शुद्ध वर्तनी (Spelling) और साफ-सुथरी लिखावट परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।
    * पॉइंट्स में लिखें: लंबे पैराग्राफ के बजाय उत्तरों को बिंदुवार (Point-wise) लिखने से स्पष्टता बढ़ती है।

    परीक्षा भवन के लिए ‘टाइम मैनेजमेंट’ टिप्स

    अनुपम अग्रवाल ने समय प्रबंधन पर विशेष जोर दिया:
    * शुरुआती 15 मिनट: प्रश्नपत्र को शांत मन से पढ़ें।
    * सरल से कठिन की ओर: जो प्रश्न सबसे अच्छे से आते हों, उन्हें पहले हल करें।
    * अंतिम जांच: पेपर खत्म होने के बाद कम से कम 10 मिनट उत्तरपुस्तिका की त्रुटियों को सुधारने के लिए बचाकर रखें।

    🔎 सफलता के लिए ‘चेकलिस्ट’

    * ✅ भाषा: सरल और प्रभावशाली शब्दों का प्रयोग करें।
    * ✅ व्याकरण: व्याकरण संबंधी प्रश्नों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
    * ✅ अपठित गद्यांश: उत्तरों को कॉपी करने के बजाय अपने शब्दों में लिखें।
    * ✅ अभ्यास: पुराने प्रश्नपत्रों (PyQs) को समय सीमा में हल करें।

    प्रेरक व्यक्तित्व: समर्पण की प्रतिमूर्ति अनुपम अग्रवाल

    चांदपुर की अनुपम अग्रवाल केवल एक शिक्षिका नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक हैं। अपनी सरल शिक्षण शैली के लिए विख्यात अनुपम विद्यार्थियों में भाषा के प्रति प्रेम और आत्मविश्वास जगाने का कार्य बखूबी कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में छात्र न केवल बोर्ड परीक्षाओं में टॉप कर रहे हैं, बल्कि भाषा की गरिमा को भी समझ रहे हैं।

    शिक्षा विभाग डेस्क, newsdaily24 (शैली)
    विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित
    newsdaily24 (शैली) की ओर से शुभकामनाएं

  • युवक की संदिग्ध मौत मामले में FIR दर्ज करने में टालमटोल पर भड़के संजय सिंह गंगवार

    SP को बुलाकर जताई नाराजगी

    राज्यमंत्री का कड़ा रुख, पीलीभीत कोतवाल को सस्पेंड करने के निर्देश

    [पीलीभीत/लखनऊ | ब्यूरो रिपोर्ट – newsdaily24]

    पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत और पुलिस की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। पूर्व पुलिसकर्मी से कॉलोनाइजर बने एक रसूखदार व्यक्ति के कार्यालय में हुई युवक की मौत के मामले में 30 घंटे तक FIR दर्ज न करने पर राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री ने कोतवाल की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए एसपी (SP) को तत्काल उन्हें सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं।

    दफ्तर की छत पर फंदे से लटका मिला शव

    मामला कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छोटा खुदागंज का है। यहाँ के निवासी 24 वर्षीय अनिल कुमार का शव शुक्रवार सुबह मोहल्ला देशनगर स्थित कॉलोनाइजर वेदप्रकाश कश्यप (पूर्व पुलिसकर्मी) के दफ्तर ‘मधुरवानी फर्म’ की छत पर लटका मिला था।

    • नौकरी से निकाला गया था: अनिल कुमार पिछले सात साल से इसी दफ्तर में काम करता था, लेकिन कुछ दिन पहले ही उसे नौकरी से हटा दिया गया था।
    • सुबह 4 बजे का रहस्यमयी कॉल: परिजनों का आरोप है कि घटना की सुबह 4 बजे कॉलोनाइजर ने अनिल को फोन करके बुलाया और उसके महज तीन घंटे बाद घर पर उसकी मौत की खबर पहुंची।

    पुलिस की ‘टालमटोल’ और रसूखदार को बचाने का आरोप

    परिजनों ने शुक्रवार को ही हत्या की तहरीर देकर कॉलोनाइजर पर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस 30 घंटे से अधिक समय तक मामले को दबाए रही। आरोप है कि पुलिस आरोपी कॉलोनाइजर के रसूख के आगे नतमस्तक थी और एफआईआर दर्ज करने से बचती रही।

    गोलमोल बातें करते नजर आए कोतवाल

    जब पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की, तो पीड़ित परिवार राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के पास पहुंचा। मंत्री ने जब कोतवाल सत्येंद्र कुमार से जवाब मांगा, तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके और गोलमोल बातें करते नजर आए।

    मंत्री का एक्शन: एसपी को कड़े निर्देश

    पीड़ित परिवार का दर्द देख राज्यमंत्री ने तत्काल एसपी को मौके पर बुलाया। उन्होंने कोतवाली पुलिस की लापरवाही को अत्यंत गंभीर मानते हुए कोतवाल को तुरंत निलंबित करने और तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

    प्रशासन में मची खलबली

    राज्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। रसूखदार कॉलोनाइजर वेदप्रकाश कश्यप, जिसने पुलिस की नौकरी छोड़कर प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था, अब कानूनी शिकंजे में है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा लिया है और अब मंत्री के हस्तक्षेप के बाद आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

    ~ संपादक मंडल, newsdaily24
    निष्पक्ष जांच और न्याय के संकल्प के साथ

  • कौशांबी में आक्रोश, आंदोलन ने पकड़ा जोर

    अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय के घेराव की कड़ी चेतावनी

    तीसरे दिन भी ‘डायट मैदान’ में डटे पत्रकार

    | ब्यूरो रिपोर्ट – newsdaily24

    कौशांबी। जिला मुख्यालय स्थित डायट मैदान में पत्रकार इश्तियाक अहमद के समर्थन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन की हठधर्मी और मामले में निष्पक्ष जांच की अनदेखी से आक्रोशित पत्रकारों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। धरना स्थल पर मौजूद पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय परिसर में विशाल धरना प्रदर्शन करने को विवश होंगे।

    न्याय की आस में ठिठुरती रातें, पर हौसले बुलंद

    कौशांबी संदेश के अनुसार, पत्रकार इश्तियाक अहमद को जिस तरह जल्दबाजी में जेल भेजा गया, उसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। समर्थकों और पत्रकारों का आरोप है कि बिना किसी पारदर्शी और समुचित जांच के की गई यह गिरफ्तारी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की एक साजिश है।

    SP कार्यालय के घेराव की बड़ी चेतावनी

    धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा:
    * निर्णायक मोड़: “अब आंदोलन केवल डायट मैदान तक सीमित नहीं रहेगा। यदि हमारी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो अगला पड़ाव पुलिस अधीक्षक कार्यालय होगा।”
    * प्रशासनिक चुप्पी: तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक संवाद न होने को पत्रकारों ने अपना अपमान बताया है।
    * दबाव की राजनीति: पत्रकारों ने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में आकर जांच पूरी होने से पहले ही गिरफ्तारी का कदम उठाया गया?

    व्यापक समर्थन और एकजुटता

    धरने के तीसरे दिन जिले के विभिन्न कोनों से पत्रकार संगठन और सामाजिक संगठनों ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया। धरना स्थल पर लगातार भीड़ बढ़ रही है और लोग इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला मान रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि जब तक दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।

    सच्चाई के लिए संघर्ष जारी

    पत्रकारों की मुख्य मांग है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई किन परिस्थितियों और किन स्वार्थों के चलते की गई है। फिलहाल, जिले में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन की अगली चाल पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • यूपी में पर्यटन विभाग की होमस्टे नीति को मिली नई उड़ान, दो महीनों में प्रमाणन करीब 5 गुना, घर-घर रोजगार के अवसर बढ़े

    पिछले छह महीनों में तेजी से बढ़ी होमस्टे की संख्या, बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) पॉलिसी से रुक रहा पलायन, हो रही घर वापसी

    रिकॉर्ड पर्यटक संख्या को ध्यान में रखते हुए ‘अतिथि देवो भव’ के तहत 1 लाख से अधिक कमरों की स्टे क्षमता बढ़ाने का प्रयास: जयवीर सिंह

    अब अपना घर बन रहा आय का जरिया, पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना से यूपी में बढ़ रहे रोजगार के अवसर

    ~ शैली सक्सेना

    लखनऊ, (14 फरवरी 2026)। उत्तर प्रदेश में पर्यटन बढ़ने के साथ अब आम लोगों के घर भी आय का जरिया बन रहे हैं। प्रदेश की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) और होमस्टे पॉलिसी-2025 के तहत लोग अपने घर के खाली कमरों को पर्यटकों को किराये पर देकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। सरकार इस योजना के तहत पंजीकरण, प्रशिक्षण और प्रचार जैसी सुविधाएं भी दे रही है। इससे न सिर्फ ग्रामीण पलायन रुका है, बल्कि बाहर काम कर रहे लोग अब घर वापसी कर रहे हैं और होमस्टे पॉलिसी से रोजगार कर रहे हैं।

    होमस्टे प्रमाणपत्र में पांच गुना वृद्धि

    पिछले छह महीनों में होमस्टे योजना के तहत आवेदन और प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। फरवरी 2026 की शुरुआत तक 1700 से अधिक लोगों ने अपने घरों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत कराने के लिए आवेदन किया, जिनमें से करीब 700 होमस्टे को आधिकारिक प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक प्रमाणपत्र प्राप्त होमस्टे की संख्या केवल करीब 150 थी, जो अब बढ़कर लगभग 700 हो गई है। इसका मतलब है कि बहुत कम समय में प्रमाणपत्र जारी होने की संख्या में लगभग पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। केवल जनवरी महीने में ही 400 से अधिक होमस्टे को प्रमाणपत्र दिए गए, जो इस योजना के तेजी से लागू होने और लोगों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि अब आम लोग भी पर्यटन से जुड़कर अपने घरों को आय का नया स्रोत बना रहे हैं।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, “उत्तर प्रदेश में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत 1 लाख से अधिक कमरों की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को घर के पास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय बढ़ रही है।”अपर मुख्य सचिव, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग, अमृत अभिजात* ने कहा,“यह योजना आम परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है। जिन लोगों के पास अतिरिक्त कमरे हैं, वे अब उन्हें पर्यटकों को देकर नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ रहा है और लोगों को बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है।”

    अपर मुख्य सचिव, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग, अमृत अभिजात ने कहा,“यह योजना आम परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है। जिन लोगों के पास अतिरिक्त कमरे हैं, वे अब उन्हें पर्यटकों को देकर नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ रहा है और लोगों को बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है।”

    योजना के तहत मिल रही प्रमुख सुविधाएं

    उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, इस योजना में पंजीकरण कराने वाले लोगों को कई लाभ मिलते हैं—

    1. घर के खाली कमरे किराये पर देकर अतिरिक्त आय का मौका
    2. बिजली, पानी और हाउस टैक्स में आवासीय दरों का लाभ
    3. पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर होमस्टे का प्रचार-प्रसार
    4. मुफ्त प्रशिक्षण और कौशल विकास की सुविधा
    सोलर ऊर्जा योजना से जुड़ने पर अतिरिक्त लाभ
    5. सुरक्षित संचालन के लिए सीसीटीवी और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था

    होमस्टे में मालिक का घर में रहना जरूरी होता है और अधिकतम छह कमरे (12 बेड) पर्यटकों को दिए जा सकते हैं। वहीं बेड एंड ब्रेकफास्ट श्रेणी में केयरटेकर रखना अनिवार्य होता है।

  • 15 से 17 फरवरी तक होंगी रंगारंग प्रस्तुतियां, ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ और ‘बांदा गॉट टैलेंट’ होंगे मुख्य आकर्षण 

    कालिंजर महोत्सव-2026 बनेगा विरासत, पर्यटन और जनभागीदारी का विराट उत्सव- जयवीर सिंह

    खेल महोत्सव में होंगी खो-खो, कबड्डी एवं दंगल प्रतियोगिताएं 

    तृप्ती शाक्या एण्ड ग्रुप, साधो द बैण्ड और चर्चित गायिका ममता शर्मा सजाएंगी सुरमयी शाम 

    कालिंजर महोत्सव 2026: ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम के साथ बांदा में सजेगा तीन दिवसीय सांस्कृतिक महासंगम

    लखनऊ, (14 फरवरी 2026)। बुंदेलखंड के बांदा जिले के ऐतिहासिक धरती पर 15 से 17 फरवरी तक तीन दिवसीय भव्य कालिंजर महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम पर आधारित यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता का अद्भुत उत्सव होगा। महोत्सव का आयोजन जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से कटरा कालिंजर मेला ग्राउंड में किया जाएगा।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘कालिंजर महोत्सव के दौरान बुंदेली लोक नृत्य, आल्हा गायन, भजन और लोकगीतों सहित विविध प्रस्तुतियां होंगी, जो क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं को नया मंच प्रदान करेंगी। बांदा जनपद के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक वैभव से परिपूर्ण कालिंजर किले की पृष्ठभूमि में यह आयोजन आगंतुकों को लोक उत्सव के वातावरण में इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी स्मरणीय अनुभव सिद्ध होगा।’

    हर विधा के कलाकार संग परंपरा और नवाचार 

    कालिंजर महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन में जहां एक ओर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखरेगी, वहीं खेल महोत्सव के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मंच मिलेगा। ‘बांदा गॉट टैलेंट’ के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, तो ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ के अंतर्गत विभिन्न विधाओं के कलाकार, गायक और खिलाड़ी अपनी विधा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। यह महोत्सव स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर की झलक के साथ परंपरा और नवाचार का उत्सव बनकर भी उभरेगा। महोत्सव अंतर्गत मंडलीय सरस मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉल लगाए जाएंगे तथा सम्मेलन एवं गोष्ठी भी होगी। 

    खेल महोत्सव और ‘बांदा गॉट टैलेंट’

    खेल महोत्सव प्रतिदिन प्रातः 08 बजे से अपराह्न 04 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 15 फरवरी को खो-खो प्रतियोगिता, 16 फरवरी को कबड्डी प्रतियोगिता तथा 17 फरवरी को दंगल प्रतियोगिता का आयोजन होगा। कालिंजर महोत्सव के अंतर्गत ‘बांदा गॉट टैलेंट’ का आयोजन प्रतिदिन अपरान्ह 01 बजे से 03 बजे तक किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 15 फरवरी को विद्यालय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तरीय प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जबकि 17 फरवरी को सांस्कृतिक उत्सव 2025-26 के जनपद स्तरीय विजेताओं द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 

    ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ से सजेगी सुरमयी शाम 

    कालिंजर महोत्सव में 15, 16 व 17 फरवरी को प्रतिदिन अपराह्न 04 बजे से सायं 06 बजे तक ‘स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर’ के अंतर्गत बुंदेली लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां होंगी। इनमें बुंदेली लोक नृत्य, बुंदेली लोक गायन, वीर रस से ओत-प्रोत आल्हा गायन तथा भजन एवं लोक गीतों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध परंपरा की झलक दर्शकों को देखने को मिलेगी।  ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ के अंतर्गत महोत्सव में प्रतिदिन शाम 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया जाएगा। 15 फरवरी को तृप्ती शाक्या एण्ड ग्रुप अपनी प्रस्तुति से माहौल को सुरमयी बनाएंगे। 16 फरवरी को साधो द बैण्ड एण्ड ग्रुप तथा राधा श्रीवास्तव एण्ड ग्रुप दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। वहीं, 17 फरवरी को ममता शर्मा एवं राजा रेन्चो अपनी प्रस्तुतियों से महोत्सव की संध्या को यादगार बनाएंगे।

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘कालिंजर महोत्सव-2026 बुंदेलखंड की ऐतिहासिक चेतना और जनभागीदारी का सशक्त उत्सव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस की झांकी में भी कालिंजर किला को प्रमुखता से प्रदर्शित कर उसकी वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई दी गई है। पर्यटन विभाग का सतत प्रयास है कि बुंदेलखंड के चर्चित एवं विरासत स्थलों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित किया जाए। हमें विश्वास है कि यह आयोजन पर्यटन संवर्धन, स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’

  • मंदबुद्धि का दिखावा या देश को खतरे में डालने का षड्यंत्र?

    वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से पार्टी में बढ़ा आक्रोश

    अंतर्कलह के भंवर में कांग्रेस: नेतृत्व पर सवाल या वजूद का संकट?

    नई दिल्ली/ब्यूरो। भारतीय राजनीति की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। एक तरफ जहां चुनावी मैदान में पार्टी का ग्राफ लगातार गिर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर से ही राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर तीखे सवाल उठने लगे हैं। वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा और मुस्लिम वोट बैंक का खिसकना पार्टी के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है।

    राहुल गांधी के नेतृत्व पर अपनों ने ही खोला मोर्चा

    कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे डॉ. शकील अहमद ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘असुरक्षित और अहंकारी’ करार दिया है। अहमद का कहना है कि राहुल वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करने में असहज महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें अनुभवी नेताओं को ‘आप’ कहकर संबोधित करना पड़ता है, जो उनके अहंकार को रास नहीं आता। उन्होंने यहाँ तक आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खरगे महज एक ‘कठपुतली अध्यक्ष’ हैं, जबकि पर्दे के पीछे सारे निर्णय राहुल ही लेते हैं।

    मुस्लिम नेताओं का मोहभंग: वोट बैंक की राजनीति पर चोट

    स्वतंत्रता के बाद से ही कांग्रेस का आधार स्तंभ रहे मुस्लिम मतदाता अब छिटकते नजर आ रहे हैं। वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी केवल मुसलमानों का वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है, लेकिन उनके हितों की परवाह नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदिरा और राजीव गांधी के दौर में कार्यकर्ताओं की पहुंच नेतृत्व तक आसान थी, लेकिन आज संवाद के सारे रास्ते बंद हैं। इसी तरह बसपा से कांग्रेस में आए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी अनदेखी के कारण पार्टी को अलविदा कह दिया।

    विद्वता की उपेक्षा: शशि थरूर और ‘जी-23’ का दर्द

    पार्टी के भीतर केवल मुस्लिम नेता ही नहीं, बल्कि शशि थरूर जैसे विद्वान नेता भी हाशिए पर धकेले जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि थरूर की काबिलियत ही उनके लिए मुसीबत बन गई है। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना और राष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट स्टैंड लेना शायद आलाकमान को पसंद नहीं आया। पार्टी के कुछ सांसद अब इन आत्ममंथन की मांग करने वाले नेताओं को “2026 बैच के जयचंद” कहकर अपमानित कर रहे हैं।

    चुनावी प्रदर्शन: बिहार और बीएमसी में करारी हार

    आंकड़े गवाह हैं कि कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा चरमरा रहा है:
    * बिहार विधानसभा चुनाव: कांग्रेस को मात्र 8.71% वोट मिले और वह केवल 6 सीटें जीत सकी। गठबंधन सहयोगियों ने भी हार का ठीकरा कांग्रेस के कमजोर प्रचार पर फोड़ा।
    * बीएमसी चुनाव: यहाँ भी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहाँ 227 सीटों में से कांग्रेस केवल 24 सीटें जीत पाई और वोट प्रतिशत गिरकर 9.31% रह गया।

    आगामी चुनौतियां: क्या नेतृत्व परिवर्तन ही एकमात्र विकल्प?

    अब जब तमिलनाडु, केरल, बंगाल और असम जैसे राज्यों में चुनाव नजदीक हैं, पार्टी के भीतर दबी जुबान में यह मांग उठने लगी है कि क्या कांग्रेस को राहुल गांधी के नेतृत्व से मुक्ति मिल पाएगी? क्या पार्टी वास्तव में आत्ममंथन करेगी या “बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे” वाली स्थिति बनी रहेगी?

    प्रस्तुति: आर्य राजेश, उपसंपादक (Super India News TV 5 / Z9 News TV)

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    > (newsdaily24) – सत्यमेव जयते

  • विशेष रिपोर्ट: मिशन 2029 की तैयारी और राजनीतिक बिसात

    ‘मूड ऑफ द नेशन 2026’: क्या विपक्ष की एकता को चुनौती दे रही है पीएम मोदी की बढ़ती लोकप्रियता?

    नई दिल्ली | newsdaily24 डेस्क | 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद लगा था कि भारतीय राजनीति में विपक्ष की वापसी एक नया मोड़ लेगी, लेकिन जनवरी 2026 के ताज़ा आंकड़ों ने समीकरणों को फिर से दिलचस्प बना दिया है। ‘इंडिया टुडे-सी वोटर मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) के ताज़ा सर्वे के अनुसार, अगर आज चुनाव होते हैं, तो सत्ताधारी गठबंधन (NDA) अपनी पकड़ और मज़बूत करता दिख रहा है।

    सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े

    * NDA की बढ़त: सर्वे के अनुसार, बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए 352 सीटों तक पहुँच सकता है। यह 2024 के मुकाबले एक बड़ी छलांग है।
    * बीजेपी का खुद का प्रदर्शन: बीजेपी अकेले 287 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार करती दिख रही है, जो कि 2024 में 240 पर रुक गई थी।
    * विपक्ष (INDIA गठबंधन) की स्थिति: विपक्षी गठबंधन को इस सर्वे में तगड़ा झटका लगता दिख रहा है। उनकी सीटें 234 से घटकर 182 के आसपास रहने का अनुमान है।

    प्रमुख राजनीतिक बदलाव और चुनौतियां

    newsdaily24 के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में राजनीति तीन बड़े केंद्रों पर घूम रही है:
    * नेतृत्व का चेहरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग अभी भी 57-58% पर स्थिर है। वहीं राहुल गांधी की लोकप्रियता में भी इजाफा हुआ है (27% के करीब), लेकिन यह वोटों में कितना बदल पाएगा, यह बड़ा सवाल है।
    * राज्यों के समीकरण: पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर है, तो वहीं केरल में बीजेपी अपना वोट शेयर बढ़ाने की कोशिश में है। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के आकस्मिक निधन (जनवरी 2026) के बाद सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
    * जातीय जनगणना और परिसीमन: 2026 तक जनगणना पूरी होने की संभावना है, जिसके बाद लोकसभा सीटों का परिसीमन (Delimitation) एक बड़ा मुद्दा बनेगा। सीटों की संख्या 800 से अधिक हो सकती है, जो भविष्य की राजनीति को पूरी तरह बदल देगी।

    newsdaily24 का नज़रिया

    आगामी महीनों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये चुनाव केवल राज्यों के मुख्यमंत्री तय नहीं करेंगे, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए ‘सेमीफाइनल’ की तरह देखे जा रहे हैं।

    एक्सक्लूसिव (फरवरी 2026 तक के घटनाक्रम के आधार पर):
    1. महाराष्ट्र: ‘सहानुभूति’ और ‘विलय’ की आहट

    अजित पवार के निधन (28 जनवरी 2026) के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ आया है।
    * नतीजे: हाल ही में संपन्न हुए 12 जिला परिषद चुनावों में महायुति (BJP, NCP-अजित, शिवसेना-शिंदे) ने प्रचंड जीत हासिल की है। अजित पवार की NCP के पक्ष में बड़ी ‘सहानुभूति लहर’ देखी गई है।
    * विलय की चर्चा: शरद पवार ने संकेत दिए हैं कि दोनों NCP गुटों के विलय पर अंतिम फैसला जल्द हो सकता है, जो 2029 की बिसात को पूरी तरह पलट सकता है।

    2. पश्चिम बंगाल: चौतरफा मुकाबला
    बंगाल में खेल अब केवल TMC बनाम BJP नहीं रहा।
    * कांग्रेस का दांव: कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह 2026 विधानसभा चुनाव में सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। इससे ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के वोटों में बिखराव तय माना जा रहा है, जिसका सीधा फायदा BJP को मिल सकता है।
    3. परिसीमन (Delimitation) का नया मोड़
    सरकार ने संकेत दिए हैं कि 2027 की जनगणना के बाद सीटों का बंटवारा जनसंख्या और विकास (Development) दोनों मानकों पर आधारित हो सकता है, ताकि दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व कम न हो।

    इन्फोग्राफिक डेटा (Infographic Ideas):

  • समाज ने जताया सामूहिक आभार

    पंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की कर्मठता को सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने सराहा

    तालियों की गूंज और भावुक क्षणों के बीच हुआ अभिनंदन

    विषम परिस्थितियों में ‘देवदूत’ बने चिकित्सकों का ऐतिहासिक सम्मान

    अल्मोड़ा। सीमित संसाधन, कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और जिम्मेदारियों का भारी बोझ—इन सबके बीच मानवता की सेवा को अपना सर्वोच्च धर्म मानने वाले चिकित्सकों के सम्मान में आज अल्मोड़ा का वातावरण श्रद्धा और कृतज्ञता से भर गया। स्थानीय पंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों के सम्मान में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के नेतृत्व में एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया, जिसने चिकित्सा जगत और समाज के बीच के अटूट विश्वास को एक नई ऊंचाई दी।

    सेवाभावी चिकित्सकों का अभिनंदन

    समारोह में चिकित्सालय के उन स्तंभों को सम्मानित किया गया जो दिन-रात जनसेवा में जुटे हैं:
    * डॉ. हरीश चंद्र गड़कोटी (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक)
    * डॉ. अमित सुकोटी एवं डॉ. धीरज राज (वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक सर्जन)
    * डॉ. मोनिका सम्मल (नाक-कान-गला विशेषज्ञ)
    * डॉ. अविनाश (अस्थि रोग विशेषज्ञ)
    * डॉ. मोहित टम्टा (रेडियोलॉजिस्ट)
    सभी चिकित्सकों को शॉल ओढ़ाकर और पुष्प मालाएं अर्पित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य नागरिकों ने खड़े होकर तालियों की गूंज के साथ इन जीवन रक्षकों का स्वागत किया।

    चिकित्सा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनता अल्मोड़ा

    वक्ताओं ने इस बात पर विशेष हर्ष व्यक्त किया कि आज जिला चिकित्सालय में आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक से जटिल सर्जरी, ईएनटी के सफल ऑपरेशन और सटीक रेडियोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध हैं। अब मरीजों को बड़े शहरों की ओर नहीं दौड़ना पड़ता। यह आत्मनिर्भर चिकित्सा व्यवस्था की ओर अल्मोड़ा का एक बड़ा कदम है।

    “डॉक्टर ही ईश्वर का साक्षात रूप”

    अपने संबोधन में संजय पाण्डे अत्यंत भावुक नजर आए। उन्होंने कहा: “जब कोई व्यक्ति जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा होता है, तब डॉक्टर ही उसके लिए ईश्वर का साक्षात रूप बनकर सामने आते हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद इनका समर्पण कर्तव्य नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या है। समाज इस ऋण को कभी चुका नहीं सकता।”

    उपस्थित गणमान्य जन

    इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन चंद्र आर्य (बबलू भाई), टेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.आर. बेग, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री आनंद सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक बने। सभी ने एक स्वर में चिकित्सकों के मृदुभाषी और करुणामयी व्यवहार की प्रशंसा की।
    कार्यक्रम के अंत में संजय पाण्डे ने घोषणा की, कि उत्कृष्ट सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित करने की यह परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि सेवा और संवेदना का यह प्रवाह निरंतर बना रहे।

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका पर पीड़िता को जारी किया नोटिस 

    आदित्य पंचोली की कोर्ट से 2019 का रेप केस रद्द करने की मांग

    मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली को बॉम्बे हाईकोर्ट से एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया में राहत की उम्मीद जगी है। अदालत ने साल 2019 में दर्ज दुष्कर्म की प्राथमिकी (FIR) को रद्द करने की उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता महिला को नोटिस जारी किया है।

    मुख्य कानूनी घटनाक्रम

    गुरुवार को न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। आदित्य पंचोली ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और यह FIR कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट ने अब इस मामले में शिकायतकर्ता का पक्ष जानने के लिए उन्हें अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला 2019 का है, जब एक प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री ने आदित्य पंचोली के खिलाफ वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
    *आरोप: अभिनेत्री ने आरोप लगाया था कि 2004 से 2009 के बीच पंचोली ने उनका यौन शोषण किया, उन्हें बंधक बनाकर रखा और मारपीट की।
    *धाराएं: पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म), 328, 384, 341, 342, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था।

    पंचोली का पक्ष

    आदित्य पंचोली शुरुआत से ही इन आरोपों को नकारते रहे हैं। उनके कानूनी दल का कहना है कि यह प्राथमिकी काफी देरी से दर्ज कराई गई थी और इसके पीछे आपसी रंजिश या अन्य उद्देश्य हो सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर इस FIR को पूरी तरह से रद्द (Quash) करने की मांग की है।

    आगे की राह

    हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब शिकायतकर्ता को अदालत में अपना पक्ष रखना होगा। यदि अदालत को लगता है कि प्राथमिकी में पर्याप्त मेरिट नहीं है, तो इसे रद्द किया जा सकता है। फिलहाल, मामले की अगली सुनवाई तक सभी की नजरें पीड़िता के जवाब और कोर्ट के अगले रुख पर टिकी हैं।

    आदित्य पंचोली बनाम अभिनेत्री: कानूनी विवाद की कहानी

    यह मामला दशकों पुरानी घटनाओं और हालिया कानूनी लड़ाइयों का एक जटिल मिश्रण है। इसकी मुख्य कड़ियाँ :
    | समय सीमा | मुख्य घटनाक्रम |
    | 2004 – 2009 | अभिनेत्री के आरोपों के अनुसार, इसी कालखंड के दौरान कथित तौर पर यौन शोषण और मारपीट की घटनाएं हुईं। |
    | मई 2019 | अभिनेत्री की बहन ने मुंबई पुलिस में आदित्य पंचोली के खिलाफ दुर्व्यवहार की प्रारंभिक शिकायत दर्ज कराई। |
    | जून 2019 | वर्सोवा पुलिस स्टेशन में अभिनेत्री के बयान के आधार पर धारा 376 (दुष्कर्म) सहित अन्य गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई। |
    | जुलाई 2019 | मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत ने आदित्य पंचोली को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की। |
    | 2020 – 2024 | मामला विभिन्न अदालती प्रक्रियाओं और पुलिस जांच के दौर से गुजरा। पंचोली ने लगातार इन आरोपों को “झूठा और प्रेरित” बताया। |
    | फरवरी 2026 | आदित्य पंचोली ने बॉम्बे हाईकोर्ट में FIR रद्द करने की याचिका दायर की। |
    | 12 फरवरी 2026 | वर्तमान स्थिति: बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की और शिकायतकर्ता को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया। |

    क्या होगा अगला कदम?

    अब शिकायतकर्ता (अभिनेत्री) को हाईकोर्ट में अपना हलफनामा (Affidavit) दाखिल करना होगा, जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि FIR को रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद अदालत तय करेगी कि क्या मामले को ट्रायल के लिए भेजा जाए या इसे यहीं समाप्त कर दिया जाए।

  • एक साल पहले होने वाले दामाद संग रचाया था घर

    अब बहनोई के साथ रफूचक्कर हुई महिला, थाने पहुंचा पीड़ित युवक

    दामाद को भी दे गई ‘धोखा’, अब जीजा संग फरार हुई दो बच्चों की मां

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज और पुलिस दोनों को हैरान कर दिया है। करीब एक साल पहले अपनी बेटी के होने वाले पति (दामाद) के साथ फरार होकर सुर्खियां बटोरने वाली महिला ने एक बार फिर नया कांड कर दिया है। जिस दामाद के लिए महिला ने अपना घर-बार छोड़ा था, अब उसे भी धोखा देकर वह अपने जीजा (बहनोई) के साथ फरार हो गई है।

    दामाद से जीजा तक: बेवफाई का नया मोड़

    घटनाक्रम के अनुसार, करीब एक साल पहले इस महिला का प्रेम संबंध अपनी ही बेटी के होने वाले ससुराल पक्ष के युवक से हो गया था। फोन पर शुरू हुई बातचीत प्यार में बदली और महिला अपने होने वाले दामाद के साथ फरार हो गई थी। इस मामले ने उस समय जिले में काफी चर्चा बटोरी थी। युवक और महिला साथ रहने लगे थे, लेकिन अब इस प्रेम कहानी का अंत बेहद अप्रत्याशित रहा।

    काम पर गया था पति, पीछे से ले उड़ा जीजा

    पीड़ित युवक (पूर्व दामाद) ने थाने में गुहार लगाते हुए बताया कि वह 6 फरवरी को अपने काम पर गया था। आरोप है कि इसी दौरान गंगीरी क्षेत्र का रहने वाला एक व्यक्ति, जो महिला का बहनोई बताया जा रहा है, उसके घर पहुंचा। वह महिला को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। जब युवक घर लौटा तो उसे महिला के गायब होने और जीजा के साथ जाने की जानकारी मिली।

    पारिवारिक उलझनें और पुलिस की कार्रवाई

    बताया जा रहा है कि महिला के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी की शादी होने वाली थी और एक बेटा भी है। महिला के पहले पति ने भी करीब 15 दिन पहले ही दूसरी शादी कर ली है। जांच में सामने आया है कि महिला पिछले कुछ समय से अपनी बेटी, बहन और इसी बहनोई के संपर्क में थी।

    > पुलिस का बयान:

    > मामले की गंभीरता को देखते हुए दादो थाना प्रभारी सरिता द्विवेदी ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। चूंकि मामला नेपाल बॉर्डर से सटे क्षेत्र से भी जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए जांच का दायरा विस्तृत है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है और महिला की तलाश जारी है।

    > मुख्य बिंदु:

    * पुरानी घटना: एक साल पहले बेटी के होने वाले पति के साथ फरार हुई थी।
    * वर्तमान कांड: अब अपने ही जीजा के साथ फरार होने का आरोप।
    * तारीख: 6 फरवरी को हुई घटना।
    * पुलिस स्टेशन: दादो थाना, अलीगढ़।

  • उत्तर प्रदेश बजट 2026–27: आकांक्षाओं और आत्मनिर्भरता का दस्तावेज

    उत्तर प्रदेश का बजट 2026–27 केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह उस बदलते हुए उत्तर प्रदेश का प्रतिबिंब है जो अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की आर्थिक धुरी बनने की ओर अग्रसर है। ₹9.12 लाख करोड़ का यह बजट सरकार की विकास-दृष्टि, वित्तीय अनुशासन और सामाजिक संतुलन—तीनों का समन्वय प्रस्तुत करता है।

    पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था जिस गति से आगे बढ़ी है, वह इस बजट में स्पष्ट दिखाई देती है। जीएसडीपी का 30 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँचना और प्रति व्यक्ति आय का दोगुना होना यह दर्शाता है कि राज्य अब केवल जनसंख्या के बोझ से नहीं, बल्कि उत्पादन और निवेश की शक्ति से पहचाना जा रहा है।

    इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका ग्रामीण और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण है। गन्ना मूल्य में वृद्धि, रिकॉर्ड खरीद और फसल बीमा जैसी योजनाएँ केवल राहत नहीं बल्कि कृषि को सम्मान देने का संकेत हैं। जब किसान आर्थिक रूप से सुरक्षित होता है, तभी गाँवों में समृद्धि आती है और शहरों की ओर पलायन रुकता है।

    महिलाओं के लिए प्रस्तुत योजनाएँ भी इस बजट को सामाजिक रूप से प्रगतिशील बनाती हैं। बीसी सखी, महिला दुग्ध उत्पादक कंपनियाँ, वर्किंग वुमन हॉस्टल और सेफ सिटी जैसी पहल यह दिखाती हैं कि सरकार महिला को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि आर्थिक भागीदार के रूप में देख रही है।

    युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और टैबलेट-स्मार्टफोन वितरण इस बात का संकेत हैं कि सरकार रोजगार को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि स्वरोजगार और तकनीकी दक्षता को भविष्य का आधार मान रही है।

    स्वास्थ्य और शिक्षा में किए गए निवेश आने वाले वर्षों में राज्य की मानव पूंजी को मजबूत करेंगे। मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों में हुई वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार केवल इलाज नहीं, बल्कि स्वास्थ्य-आधारित आत्मनिर्भरता चाहती है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विकास के साथ-साथ सरकार ने वित्तीय अनुशासन को नहीं छोड़ा। कर्ज-जीएसडीपी अनुपात को कम करने का लक्ष्य यह साबित करता है कि यह विकास कर्ज के बोझ पर नहीं, बल्कि मजबूत आर्थिक नींव पर खड़ा किया जा रहा है।

    कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश का बजट 2026–27 एक ऐसे राज्य की कहानी कहता है जो अब सपने देखने के साथ-साथ उन्हें साकार करने की क्षमता भी रखता है। यह बजट अगर सही तरीके से लागू हुआ, तो उत्तर प्रदेश केवल भारत का सबसे बड़ा राज्य ही नहीं, बल्कि सबसे मजबूत राज्यों में भी शामिल होगा।

  • सुविधाओं, डिजिटलीकरण और थारू संस्कृति के संगम से मिलेगी इको-टूरिज्म को नई रफ़्तार

    मुख्यमंत्री योगी के निर्देशों पर पर्यटन विभाग ने कसी कमर

    आधुनिक व्याख्या केंद्र, 3-डी म्यूरल और ‘श्री अन्न थाली’ बनेंगे पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण

    दुधवा नेशनल पार्क में ‘सफारी सीजन-2026’ का आगाज़

    लखनऊ | (11 फरवरी 2026)। उत्तर प्रदेश का दुधवा नेशनल पार्क अब केवल वन्यजीवों के दीदार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आधुनिक सुविधाओं, तकनीक और स्थानीय संस्कृति के एक बेजोड़ केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग ने ‘सफारी सीजन-2026’ को ध्यान में रखते हुए इको-टूरिज्म परियोजनाओं की गति बढ़ा दी है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दुधवा बेल्ट के कायाकल्प के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट साझा किया है।

    आधुनिकता के रंग में रंगेगा दुधवा: 3-डी म्यूरल और हाई-टेक रिसेप्शन

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, दुधवा टाइगर रिजर्व के व्याख्या केंद्र (Interpretation Center) को पूरी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है।
    * नया रिसेप्शन ब्लॉक: पर्यटकों के स्वागत के लिए आकर्षक और सर्वसुविधायुक्त रिसेप्शन ब्लॉक तैयार होगा।
    * डिजिटल अनुभव: दीवारों पर वन्य जीवन को दर्शाती 3-डी म्यूरल आर्ट और पेंटिंग्स लगाई जाएंगी, जिससे पर्यटक जंगल के भीतर जाने से पहले ही उसकी जैव विविधता को महसूस कर सकेंगे।
    * बुनियादी ढांचा: परियोजना के तहत लाइब्रेरी, मीटिंग हॉल, आधुनिक कैंटीन और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ कैंप कार्यालय की मरम्मत भी की जाएगी।

    डिजिटलीकरण और सुगम पर्यटन पर जोर

    पर्यटकों की सुविधा के लिए अब दुधवा की जानकारी केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी:
    * समर्पित वेब पोर्टल: यूपी पर्यटन की वेबसाइट पर दुधवा टाइगर रिजर्व का अलग पेज होगा, जहाँ होटल, होमस्टे और सफारी की ऑनलाइन बुकिंग आसान होगी।
    * स्मार्ट साइनेज: पलिया और दुधवा मार्ग पर आधुनिक और आकर्षक साइनेज लगाए जाएंगे ताकि पर्यटकों को मार्गदर्शन मिल सके।
    * वेलनेस टूरिज्म: प्रकृति की गोद में योग और मेडिटेशन स्पेस विकसित किए जाएंगे, जो मानसिक शांति की तलाश में आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।

    थारू संस्कृति और ‘श्री अन्न थाली’ का स्वाद

    इस बार का सफारी सीजन स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा:
    * पारंपरिक खान-पान: पर्यटकों को पारंपरिक थारू थाली और मोटे अनाजों से बनी ‘श्री अन्न थाली’ परोसी जाएगी।
    * महिला सशक्तिकरण: क्षेत्र के 23 पंजीकृत होमस्टे में से अधिकांश का संचालन महिलाएं कर रही हैं। उन्हें आतिथ्य, डिजिटल भुगतान (UPI) और ‘स्टोरी टेलिंग’ का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
    * रोजगार के अवसर: करीब 150 स्थानीय युवाओं को ‘नेचर गाइड’ के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे पर्यटकों को जंगल की बारीकियों से रूबरू करा सकें।

    आंकड़ों में दुधवा की बढ़ती लोकप्रियता

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सामुदायिक भागीदारी और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के कारण दुधवा में पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आया है:
    * 2022: 1.2 लाख पर्यटक।
    * 2025: लगभग 2.1 लाख पर्यटक (लगभग 75% की वृद्धि)।
    * इको-प्रोजेक्ट्स: 2022 से 2025 के बीच प्रदेश भर में 44 इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिनमें दुधवा, पीलीभीत और कतर्नियाघाट प्रमुख हैं।

    “हमारा लक्ष्य दुधवा को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है, जहाँ पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलें और वे हमारी थारू संस्कृति की जड़ों से भी जुड़ सकें।” — जयवीर सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, उ.प्र.

  • अज्ञात चोर ने दुकान से पार किया मोबाइल

    यूपीआई के जरिए ICICI और IDBI खातों में लगाई सेंध

    सावधान! मोबाइल चोरी होते ही खाली हो रहे बैंक खाते, दुकानदार के उड़े 1.41 लाख

    लखनऊ, (newsdaily24): राजधानी में मोबाइल चोर अब सिर्फ डिवाइस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आपके बैंक खातों पर भी सीधी नजर रख रहे हैं। ताजा मामला आलमबाग के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक स्टेशनरी दुकानदार का मोबाइल चोरी होने के बाद साइबर अपराधियों ने उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1,41,137 रुपये पार कर दिए।

    पलक झपकते ही हुआ हाथ साफ

    स्नेह नगर निवासी गौतम वाजपेयी, जिनकी क्षेत्र में ही स्टेशनरी की दुकान है, ने बताया कि बीते 21 जनवरी की शाम वह अपनी दुकान पर व्यस्त थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने बड़ी चालाकी से उनका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। गौतम ने तत्काल इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, लेकिन जब तक सिम ब्लॉक होता या अन्य सुरक्षा उपाय किए जाते, चोरों ने हाथ साफ कर दिया था।

    यूपीआई का गलत इस्तेमाल

    पीड़ित के अनुसार, चोरों ने मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर यूपीआई (UPI) के जरिए उनके दो खातों को निशाना बनाया:
    * ICICI बैंक खाता: इस खाते से सबसे बड़ी सेंधमारी करते हुए 1.40 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
    * IDBI बैंक खाता: इस खाते से भी चोरों ने 2137 रुपये निकाल लिए।

    धोखाधड़ी की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर टोल-फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और कृष्णा नगर थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट (IT Act) की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    लखनऊ में बढ़ता ट्रेंड: पिछले दो महीनों की प्रमुख घटनाएं

    राजधानी में जनवरी और फरवरी के शुरुआती दिनों में मोबाइल चोरी के जरिए डिजिटल डकैती के मामलों में तेजी आई है। शैली के संज्ञान में आए कुछ अन्य मामले इस प्रकार हैं:
    * हजरतगंज क्षेत्र (फरवरी प्रथम सप्ताह): एक निजी कंपनी के कर्मचारी का ऑटो में मोबाइल चोरी हुआ और अगले 2 घंटे के भीतर उसके खाते से 45,000 रुपये निकाल लिए गए।
    * गोमतीनगर विस्तार (जनवरी अंत): मॉर्निंग वॉक पर गए एक बुजुर्ग का मोबाइल छीनकर भागे बदमाशों ने उनके क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर ऑनलाइन शॉपिंग कर डाली।
    * चिनहट क्षेत्र: यहां भी एक छात्र का मोबाइल चोरी होने के बाद उसके डिजिटल वॉलेट (Wallet) से करीब 12,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

    सुरक्षा के लिए क्या करें?

    * मोबाइल चोरी होते ही तुरंत 1930 (साइबर हेल्प लाइन) पर कॉल करें।
    * अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को फोन कर SIM Card तुरंत ब्लॉक करवाएं।
    * नेट बैंकिंग और यूपीआई पिन को दूसरे डिवाइस से तुरंत बदलें या ब्लॉक करें।

  • राजस्थान में आदिवासी समाज का कड़ा फैसला

    डूंगरपुर में ‘समाज सुधार महासमिति’ की बैठक में लिया गया निर्णय

    फिजूलखर्ची और दहेज प्रथा पर भी वार

    नाबालिग और अविवाहित लड़कियों के मोबाइल इस्तेमाल पर रोक

    उदयपुर/डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में आदिवासी समाज को कुरीतियों से मुक्त करने और युवा पीढ़ी को “भटकाव” से बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। आदिवासी समाज सुधार महासमिति की हालिया बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नाबालिग और अविवाहित लड़कियों के मोबाइल फोन उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

    16 गांवों के पंचों ने लिया सामूहिक निर्णय

    इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के 16 गांवों के पंचों, प्रबुद्धजनों और समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। समिति का तर्क है कि मोबाइल के अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग से किशोरियों में अनुशासनहीनता बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक है।

    अनावश्यक घूमने-फिरने और मेलों पर पाबंदी

    केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं:
    * बाजार पर रोक: लड़कियों के त्योहारों और मेलों के दौरान बाजारों में अनावश्यक घूमने-फिरने पर पाबंदी लगाई गई है।
    * अनुशासन पर जोर: समाज के बुजुर्गों का मानना है कि इससे पारंपरिक मूल्यों की रक्षा होगी।
    दहेज और फिजूलखर्ची के खिलाफ अभियान

    आदिवासी समाज ने इस बैठक के जरिए आर्थिक सुधारों का संदेश भी दिया है। समिति ने स्पष्ट किया कि:
    * विवाह कार्यक्रमों में होने वाली भारी फिजूलखर्ची को रोका जाएगा।
    * दहेज प्रथा का कड़ा विरोध किया जाएगा ताकि गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न बढ़े।
    * शादी-ब्याह के आयोजनों को सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न करने पर जोर दिया गया।

    विशेष : राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में इस तरह के ‘खाप’ नुमा फैसले पहले भी चर्चा में रहे हैं। जहां समाज इसे ‘सुधार’ का नाम दे रहा है, वहीं आधुनिक दृष्टिकोण रखने वाले लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और डिजिटल शिक्षा के दौर में पीछे ले जाने वाला कदम मान रहे हैं। 

  • डीएम चित्रकूट ने पेश की समानता की अनूठी नजीर

    जमीन पर बैठकर अन्य बच्चों के साथ भोजन करती नजर आईं ‘नन्ही सिया’

    IAS पुलकित गर्ग की मिसाल: महंगे प्ले-स्कूल को ठुकराया, आंगनबाड़ी केंद्र में कराया बेटी ‘सिया’ का दाखिला

    चित्रकूट (newsdaily24)। आज के दौर में जहाँ रसूखदार और साधन संपन्न लोग अपने बच्चों को लाखों की फीस वाले आलीशान प्राइवेट स्कूलों और प्ले-वे में भेजने की होड़ में लगे हैं, वहीं चित्रकूट के जिलाधिकारी (DM) पुलकित गर्ग ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। डीएम ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का दाखिला किसी महंगे निजी स्कूल के बजाय जिला मुख्यालय के समीप स्थित एक सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है।

    समानता का संदेश: फर्श पर बैठकर खाया खाना

    सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में इस कदम की जमकर सराहना हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची ‘सिया’ बिल्कुल आम बच्चों की तरह वहां के माहौल में रमी नजर आईं। सबसे खास बात यह रही कि डीएम की बेटी ने अन्य बच्चों के साथ टाट-पट्टी (जमीन) पर बैठकर आंगनबाड़ी में मिलने वाला पोषाहार ग्रहण किया। इस कदम ने यह संदेश दिया है कि सरकारी व्यवस्थाएं और शिक्षा किसी भी स्तर पर निजी संस्थानों से कम नहीं हैं, यदि उन पर भरोसा जताया जाए।

    सरकारी व्यवस्था पर भरोसे की मजबूत पहल

    जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का यह निर्णय केवल एक दाखिला नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे पर जनता का विश्वास बहाल करने की एक सोची-समझी कोशिश मानी जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब जिले का सबसे बड़ा अधिकारी अपने बच्चे को आंगनबाड़ी भेजता है, तो इससे न केवल केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार होगा, बल्कि अन्य अभिभावकों का भी सरकारी तंत्र के प्रति नजरिया बदलेगा।

    कौन हैं IAS पुलकित गर्ग?

    * बैच और प्रोफाइल: पुलकित गर्ग 2016 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
    * कार्यशैली: वह अपनी सादगी और जमीनी स्तर पर जाकर समस्याओं के निस्तारण के लिए जाने जाते हैं।
    * पूर्व मिसाल: इससे पहले भी कई आईएएस अधिकारियों (जैसे छत्तीसगढ़ या ओडिशा कैडर के कुछ अधिकारी) ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाया है, लेकिन बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में डीएम द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है।

    न्यूज डायरी कमेंट (newsdaily24 की कलम से) > “यह कदम उन लोगों के लिए आईना है जो सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ियों को केवल गरीबों के लिए समझते हैं। डीएम पुलकित गर्ग ने साबित किया है कि शिक्षा में ‘समानता’ भाषणों से नहीं, बल्कि आचरण से आती है।”>

  • भीषण सड़क हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली के उड़े परखच्चे, चालक गंभीर

    चांदपुर-धनौरा रोड पर बागड़पुर के पास सुबह 6 बजे हुआ हादसा

    सेब और संतरों से लदे ट्रक ने आलू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली मारी जोरदार टक्कर

    बिजनौर (newsdaily24)। जनपद के थाना चांदपुर क्षेत्र में शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दिल्ली की ओर से आ रहे सेब और संतरों से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने आलू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि ट्रक चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    सुबह का वक्त और तेज रफ्तार का कहर

    हादसा आज सुबह करीब 6:00 बजे चांदपुर-धनौरा मार्ग पर स्थित ग्राम बागड़पुर के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, ग्राम कमलपुर धनौरा निवासी कलवा अपने गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली में आलू लादकर चांदपुर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ट्रक, जो सेब और संतरों से भरा हुआ था, ने ट्रैक्टर में पीछे से टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर लगते ही ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर क्षतिग्रस्त हो गया और चालक सड़क पर गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गया।

    शिवसेना प्रमुख ने पहुँचाया अस्पताल

    हादसे की सूचना मिलते ही शिवसेना प्रमुख वीर सिंह तत्काल मौके पर पहुँचे। उन्होंने घायल चालक कलवा की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उन्हें मेरठ अस्पताल के लिए रेफर करवाया। फिलहाल घायल चालक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

    जांच में जुटी पुलिस

    घटना के बाद सड़क पर आलू और फलों के बिखरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। आरोपी ट्रक चालक वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा। सूचना पर पहुँची स्थानीय पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • नगर आयुक्त के निर्देश पर विभिन्न जोनों में चला सघन अभियान

    जोन-3 और जोन-7 में की गई बड़ी कार्रवाई

    सिंगल यूज प्लास्टिक और गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम का शिकंजा, वसूला भारी जुर्माना

    लखनऊ। शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के संकल्प के साथ नगर निगम लखनऊ ने प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के सीधे निर्देश पर चलाए गए इस विशेष प्रवर्तन अभियान में निगम की टीमों ने कुल ₹34,400 का जुर्माना वसूल कर सरकारी कोष में जमा कराया।

    जोन-3: गोल मार्केट से करामत मार्केट तक चला ‘सफाई स्ट्राइक’

    जोन-3 में जोनल सेनेटरी अधिकारी मनोज यादव के नेतृत्व में गोल मार्केट चौराहा से करामत मार्केट तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की:
    * गंदगी पर कार्रवाई: सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने वाले 13 लोगों के चालान किए गए, जिनसे ₹16,900 वसूले गए।
    * पॉलीथीन पर प्रहार: प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग करने वाले 8 दुकानदारों पर ₹8,000 का जुर्माना लगाया गया।
    * कुल उपलब्धि: इस क्षेत्र से निगम ने कुल ₹24,900 का राजस्व प्राप्त किया।

    इस टीम में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक प्रमोद कुमार गौतम, सुमित मिश्रा, पुष्कर सिंह पटेल, आकांक्षा गोस्वामी सहित प्रवर्तन दल के 296 कार्मिक और क्षेत्रीय सुपरवाइजर मुस्तैद रहे।

    जोन-7: नामचीन दुकानों पर पड़ा छापा, जब्त हुई प्रतिबंधित सामग्री

    जोन-7 के अंतर्गत जोनल सेनेटरी अधिकारी अजीत कुमार राय के मार्गदर्शन में आर्यन चौराहा, कुर्सी रोड और मामा चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों में छापेमारी की गई।
    * इन प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज: गुड मीट शॉप, लक्की मिष्ठान, अभिषेक डेरी, मारवाड़ी जनरल स्टोर और स्पाइसी बाइट जैसे व्यावसायिक केंद्रों पर चेकिंग की गई।
    * जब्ती और जुर्माना: मौके से 1.1 किलोग्राम प्रतिबंधित पॉलीथीन जब्त की गई। प्लास्टिक के उपयोग पर ₹7,000 और गंदगी फैलाने पर ₹2,500 का जुर्माना लगाया गया।
    * संयुक्त टीम: कार्रवाई के दौरान सफाई एवं खाद्य निरीक्षक रूपेन्द्र भास्कर और बृजेश प्रजापति अपनी टीम के साथ सक्रिय रहे।

    जागरूकता पर भी जोर

    नगर निगम की टीम ने केवल चालान ही नहीं काटे, बल्कि दुकानदारों और राहगीरों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। नागरिकों से अपील की गई कि वे जूट या कपड़े के थैलों का प्रयोग करें ताकि लखनऊ को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।

  • अगर आप बिना किसी की इजाजत के फोन कॉल रिकॉर्ड करते हैं तो यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है और आपके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हो सकती है। बिना किसी की इजाजत के कॉल recording निजता के अधिकार का उल्लंघन कॉल रिकॉर्डिंग करने पर लगती है कौन सी धारा ? अगर आप किसी की इजाजत […]

    बिना किसी की इजाजत के कॉल recording निजता के अधिकार का उल्लंघन
  • 1.27 करोड़ रुपए से होगा पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण

    स्कंद पुराण व दुर्गा सप्तशती में मां इन्द्री का वर्णन, महाकुंभ और माघ मेला-2026 में दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु

    वर्ष 2025 में प्रयागराज में रिकॉर्ड 69.14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन

    प्रदेश के अल्पज्ञात और कम चर्चित पर्यटन स्थलों को उभारने के प्रति प्रतिबद्ध- जयवीर सिंह

    इन्द्री धाम के विकास से प्रयागराज का धार्मिक पर्यटन नई ऊंचाइयों को छुएगा- जयवीर सिंह

    प्रयागराज के प्राचीन इंद्री धाम को मिलेगा नया स्वरूप

    लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पर्यटन विभाग ने प्रयागराज जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित प्राचीन इंद्री धाम मंदिर के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया है। स्कंद पुराण एवं दुर्गा सप्तशती में वर्णित मां इन्द्री के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को केंद्र में रखते हुए शासन स्तर से स्वीकृत कार्य योजना अंतर्गत 1.27 करोड़ रुपए की लागत से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा। 

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘तीर्थराज प्रयाग स्थित मां इन्द्री धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है।यहां विशेष रूप से चैत्र एवं शारदीय नवरात्र के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। नवरात्र के आठवें दिन देवी के महागौरी स्वरूप में भव्य श्रृंगार और विधिवत पूजन की परंपरा श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभूति कराती है। महाकुंभ और माघ मेला-2026 के दौरान भी प्रयागराज पहुंचने वाले श्रद्धालु इन्द्री धाम में दर्शन-पूजन करने पहुंचे।’

    पर्यटन विकास अंतर्गत ये होंगे कार्य

    फूलपुर स्थित पावन इंद्री धाम मंदिर को पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इस उद्देश्य के लिए पहली किस्त के रूप में 30 लाख रुपए की धनराशि जारी की गई है। परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आकर्षक एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ़्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने हेतु बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा, डस्टबिन, साइनेज तथा म्यूरल आर्ट जैसे कार्य किए जाएंगे। 

    इन्द्री धाम मंदिर है खास?

    प्रयागराज में महर्षि दुर्वासा आश्रम के समीप स्थित इन्द्री धाम मंदिर को ‘आनंदी मैया’ के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल अत्यंत प्राचीन है, जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से नवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं भी भारी भीड़ उमड़ती है। अब पर्यटन विकास के माध्यम से इस प्राचीन धार्मिक स्थल को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

    ‘प्रयागराज पहुंचे रिकॉर्ड पर्यटक’

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘प्रयागराज आज धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर सशक्त पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में प्रयागराज में 69.14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक शामिल रहे। संगम नगरी, घरेलू के साथ-साथ इनबाउंड टूरिज्म का हब बनकर उभरा है। ग्रामीण पर्यटन विकास से आगंतुकों को होम स्टे की भी सुविधा मिल रही है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर खोले हैं। विभाग का प्रयास है कि प्रदेश के कम चर्चित और अल्पज्ञात स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर उभारा जाए।’

  • बदहाल सड़क के खिलाफ कंभौर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू

    ~ बिजनौर में विकास के नाम पर विनाश की तस्वीर। ~ ओवरलोड डंपरों ने 14 किमी लंबी सड़क को मलबे और कीचड़ में तब्दील कर दिया है। अब शिव भक्तों की सुविधा के लिए कंभौर के ग्रामीणों ने खोल दिया है मोर्चा!
    📍 कहाँ: शिव मंदिर कंभौर।
    मांग: कांवड़ यात्रा से पहले जर्जर सड़क की मरम्मत।
    ⚠️ हालत: अमरोहा, अलीगढ़ और हापुड़ के कांवड़ियों के लिए पैदल चलना भी हुआ मुश्किल।
    ~ आखिर कब टूटेगी प्रशासन की नींद ? देखिए पूरी रिपोर्ट।

    6 महीने से ओवरलोड डंपरों ने तोड़ी 14 किमी सड़क की कमर

    प्रशासन की अनदेखी से ग्रामीणों में भारी रोष

    🚨 बड़ी खबर: कांवड़ियों की राह में PWD का ‘गड्ढा’! 🚨

    बिजनौर (सतेंद्र सिंह): आगामी कांवड़ यात्रा से पहले बिजनौर क्षेत्र में सड़कों की बदहाली को लेकर जन-आक्रोश फूट पड़ा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही और सरकारी कार्यों में लगे ओवरलोड डंपरों की वजह से सिरधनी-कंभौर-नंगली मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। कांवड़ यात्रियों को होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए ग्रामीणों ने शिव मंदिर कंभौर के मैदान में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

    डंपरों ने बनाया सड़क को ‘कीचड़ का तालाब’

    बिजनौर शहर के चांदपुर चुंगी से शुरू होकर सिरधनी, कंभौर, गंदासपुर, छोईया, नंगली फतेहपुर और झाल होते हुए उलेढा तक जाने वाला यह 14 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 6 महीनों से सरकारी काम के नाम पर ओवरलोड मिट्टी से भरे डंपर इस मार्ग पर दौड़ रहे हैं। भारी दबाव के कारण सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं और बारिश के बाद स्थिति “चलने लायक भी नहीं” बची है।

    हजारों श्रद्धालुओं की आस्था पर संकट

    यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिवर्ष इस रास्ते से बिजनौर के अलावा अमरोहा, अलीगढ़, बुलंदशहर और हापुड़ जिले के हजारों कांवड़ यात्री गुजरते हैं। वर्तमान स्थिति ऐसी है कि पैदल चलना भी नामुमकिन है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।

    “हमने एक सप्ताह पहले ही प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। मजबूर होकर हमें धरने पर बैठना पड़ा। जब तक रास्ता दुरुस्त नहीं होता, प्रदर्शन जारी रहेगा।”

    — धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीण

    धरने पर डटे ग्रामीण, शासन-प्रशासन को दी चेतावनी

    शिव मंदिर कंभौर में आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सड़क का पुनर्निर्माण या प्रभावी मरम्मत सुनिश्चित की जाए। मौके पर मुख्य रूप से रामेंद्र सिंह, निपेंद्र कुमार, सुभाष सिंह, योगेश सिंह, अमित कुमार, राहुल, देवेंद्र सिंह राठी, गौरव चौधरी, अजय कुमार राणा, सुखबीर सिंह, सोमपाल, मोहम्मद जाहिद, विनय राणा एडवोकेट, नरदेव सिंह राठी, हरिओम सिंह, आकेंद्रपाल सिंह, उदय कुमार, प्रेम, हिमांशु राणा, नजाकत अली (कंभौर) आदि मौजूद रहे।

  • 48 लाख आवेदनों से संतुष्ट नहीं आयोग

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग को भेजा प्रस्ताव

    मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6 फरवरी को खत्म नहीं होगा समय, बढ़ सकती है दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि

    लखनऊ | newsdaily24 ब्यूरो | उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि, जो वर्तमान में 6 फरवरी निर्धारित है, उसे दो सप्ताह से लेकर एक माह तक बढ़ाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है।

    क्यों बढ़ाई जा रही है समय सीमा?

    चुनाव आयोग द्वारा समयसीमा बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण उम्मीद से कम आए आवेदन और लंबित सुनवाई है।
    * लक्ष्य से पीछे: अब तक प्रदेश में मात्र 48 लाख लोगों ने ही मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरा है, जो आयोग की अपेक्षाओं से काफी कम है।
    * नोटिस और सुनवाई का दबाव: प्रदेश में तार्किक विसंगतियों वाले करीब 2.22 करोड़ मतदाता हैं, जिन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जानी है। इसके अतिरिक्त 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिनका रिकॉर्ड 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा है।

    सुनवाई की रफ्तार बेहद धीमी, केवल 7% मामलों का निपटारा

    आंकड़ों पर नज़र डालें तो मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया अभी कछुआ गति से चल रही है:
    * नोटिस की स्थिति: कुल ज़रूरी नोटिसों में से अब तक मात्र 1.7 करोड़ नोटिस ही जारी किए जा सके हैं।
    * बीएलओ की रिपोर्ट: इनमें से केवल 80 लाख नोटिस ही बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा मतदाताओं तक पहुँचाए गए हैं।
    * सुनवाई का आंकड़ा: सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब तक केवल 22 लाख मामलों की ही सुनवाई हो सकी है, जो कुल लक्ष्य का मात्र 7 प्रतिशत है।

    अंतिम प्रकाशन की तारीख भी खिसकेगी

    वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार, सुनवाई की अंतिम तिथि 27 फरवरी और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 6 मार्च तय है। यदि समयसीमा बढ़ती है, तो:
    * सुनवाई का समय: दावे और आपत्तियों के निस्तारण का समय मार्च मध्य तक जा सकता है।
    * अंतिम सूची: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में होने की प्रबल संभावना है।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) का कदम

    उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर समय बढ़ाने का आग्रह किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश की विशाल जनसंख्या और वर्तमान लंबित आवेदनों को देखते हुए निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करना चुनौतीपूर्ण है।
    बेहतरीन विचार! समाचार रिपोर्ट के साथ यह गाइड पाठकों के लिए बहुत मददगार साबित होगी। यहाँ newsdaily24 के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड का ड्राफ्ट है:

    विशेष गाइड: घर बैठे कैसे बनें मतदाता? जानें फॉर्म-6 भरने की पूरी प्रक्रिया

    अगर आपकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या आपका नाम अभी तक मतदाता सूची में नहीं है, तो समयसीमा बढ़ने का इंतज़ार न करें। newsdaily24 आपको बता रहा है कि आप डिजिटल माध्यम से कैसे आवेदन कर सकते हैं:
    1. ऑनलाइन पोर्टल या ऐप का उपयोग करें
    * सबसे पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं।
    * या फिर अपने स्मार्टफोन पर ‘Voter Helpline App’ डाउनलोड करें।
    2. पंजीकरण (Registration)
    * ‘New Voter Registration’ पर क्लिक करें।
    * अपना मोबाइल नंबर डालें और ओटीपी (OTP) के जरिए लॉग-इन करें।
    3. फॉर्म-6 (Form-6) भरें
    * व्यक्तिगत विवरण: अपना नाम, जन्मतिथि और लिंग की जानकारी भरें।
    * पता: अपने वर्तमान निवास का पूरा पता लिखें।
    * दस्तावेज़ अपलोड करें: * पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस।
       * निवास प्रमाण: बिजली बिल, पानी का बिल या आधार कार्ड।
       * फोटो: अपनी एक पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो अपलोड करें।
    4. सबमिट और ट्रैकिंग
    * सभी जानकारी जाँचने के बाद ‘Submit’ बटन दबाएं।
    * आपको एक Reference ID मिलेगी। इसे संभाल कर रखें, ताकि आप बाद में अपने आवेदन की स्थिति (Status) चेक कर सकें।

    महत्वपूर्ण बातें:
    * बीएलओ (BLO) वेरिफिकेशन: आपके आवेदन के बाद बीएलओ आपके घर आकर जानकारी की पुष्टि करेगा।
    * कोई शुल्क नहीं: यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। किसी भी व्यक्ति को इसके लिए पैसे न दें।

    क्यों ज़रूरी है इस बार नाम जुड़वाना?

    इस बार मतदाता सूची का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ हो रहा है। पुरानी सूचियों की विसंगतियों को दूर किया जा रहा है, इसलिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि आपका नाम सही तरीके से दर्ज हो ताकि आने वाले चुनावों में आप अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

  • विश्व कैंसर दिवस से पूर्व उत्तर प्रदेश पर्यटन की विशेष पहल, 30 कैंसर मरीजों ने किया ‘लखनऊ दर्शन’

    यूपीएसटीडीसी की लखनऊ दर्शन बस से कैंसर मरीजों ने देखा लखनऊ का गौरवशाली इतिहास

    कैंसर मरीजों ने की ‘उम्मीद की यात्रा’, मुस्कान से मिली पर्यटन को विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

    कैंसर मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश है लखनऊ दर्शन भ्रमण- जयवीर सिंह

    ~ शैली सक्सेना

    लखनऊ। विश्व कैंसर दिवस से पूर्व मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने लखनऊ में एक भावनात्मक और प्रेरणादायी पहल की। उपचार के कठिन दौर से गुजर रहे एक अस्पताल के 30 कैंसर मरीजों को शहर की विरासत और खूबसूरती से रूबरू कराने के लिए ‘लखनऊ दर्शन’ डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस के माध्यम से विशेष शहर भ्रमण कराया गया। यह विशेष टूर 03 फरवरी की दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित किया गया, जो लखनऊ दर्शन की नियमित सुबह-शाम सेवाओं से अलग था।

    विभिन्न आयु वर्ग के मरीजों, डॉक्टरों और सहयोगी मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी में आयोजित इस विशेष टूर का उद्देश्य इलाज के दबाव से कुछ पल की राहत देकर मरीजों को शहर की खूबसूरती और जीवन के सकारात्मक रंगों से दोबारा जोड़ना था। पूरी यात्रा को सुविधाजनक बनाए रखने का प्रयास किया गया। भ्रमण के दौरान हर यात्री के चेहरे पर सुकून और उम्मीद की झलक दिखाई दी।

    पर्यटन से जुड़ी संवेदना की मिसाल- जयवीर सिंह

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘लखनऊ दर्शन’ बस के माध्यम से किया गया यह विशेष आयोजन महज एक पर्यटन कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवेदना और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा प्रयास है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से अस्पतालों में उपचाररत कैंसर मरीजों को खुले वातावरण में लाकर शहर की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना, उनका मनोबल बढ़ाना और उनके चेहरों पर मुस्कान लाना इस पहल का मूल उद्देश्य रहा। यह आयोजन संदेश देता है कि पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी निभाने का भी एक सशक्त माध्यम है। उत्तर प्रदेश पर्यटन आगे भी ऐसी पहलों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए पर्यटन को अधिक संवेदनशील और समावेशी बनाने के लिए प्रयासरत रहेगा।’

    मरीजों ने बताए अनुभव

    वहीं, कई मरीजों के लिए यह भ्रमण अस्पताल की दिनचर्या से बाहर निकलकर सामान्य जीवन को महसूस करने का अवसर बना। शहर की दौड़ती-भागती जिंदगी को नए नजरिए से देखने और एक साथ समय बिताने से मरीजों में सुकून और आत्मीयता का भाव देखने को मिला। अपने अनुभव साझा करते हुए मरीज रजनी वर्मा ने कहा कि अस्पताल के कमरे से बाहर निकलना उनके लिए बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि विधानसभा को अंदर से देखना उनके लिए यादगार अनुभव बना। वहीं, मरीज अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि बीमारी के कारण यात्रा संभव नहीं हो पा रही थी, लेकिन इस टूर ने उन्हें फिर से खुशी और सकारात्मकता का एहसास कराया।

    मरीजों के साथ मौजूद डॉ. अभिषेक ने बताया कि यात्रा के दौरान मरीज उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। ऐसे सकारात्मक अनुभव मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। मरीजों की सेहत को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की सलाह के अनुसार बस में हल्का एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया। सभी यात्रियों को स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया।

    लखनऊ दर्शन मार्ग में 7-23 फरवरी तक परिवर्तन

    उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के कारण 7 से 23 फरवरी तक विधानसभा बंद रहने के चलते यूपीएसटीडीसी लखनऊ दर्शन डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस की सुबह एवं शाम की सेवाओं के मार्ग में अस्थायी परिवर्तन किया गया है।
    जोड़े गए स्थल:
    • जीपीओ
    • रेज़ीडेंसी
    • जनरल की कोठी
    विधानसभा के स्थान पर यात्रियों को जीपीओ एवं जनरल की कोठी ले जाया जाएगा।

  • 📢 newsdaily24 विशेष:

    HeyTap Cloud भारत समेत कई देशों में अपनी सेवाएं कर रहा है बंद 

    हमेशा के लिए डिलीट हो जाएगा आपका डेटा

    स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी!

    Alert! HeyTap Cloud Services Discontinued
    Save Your Data Today! All data will be deleted after June 30, 2026.


    नई दिल्ली | newsdaily24 ब्यूरो

    अगर आप भी स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं और अपना कीमती डेटा क्लाउड पर भरोसे छोड़ देते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा झटका हो सकती है। लोकप्रिय क्लाउड सेवा प्रदाता HeyTap Cloud ने आधिकारिक नोटिस जारी कर घोषणा की है कि वह भारत सहित कई प्रमुख एशियाई देशों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाओं को बंद करने जा रहा है।

    🚨 क्या है पूरा मामला?

    HeyTap Cloud, जो मुख्य रूप से OPPO, realme और OnePlus जैसे बड़े स्मार्टफोन ब्रांड्स के साथ एकीकृत होकर काम करता है, ने निर्णय लिया है कि वह 30 जून 2026 से अपनी क्लाउड सिंक सेवाओं को बंद कर देगा। कंपनी के अनुसार, अब उपयोगकर्ता अपने संपर्क (Contacts), ब्राउज़र हिस्ट्री और वाई-फाई सेटिंग्स को क्लाउड पर सुरक्षित नहीं रख पाएंगे।

    🗓️ महत्वपूर्ण समय सीमा (Deadlines)

    सेवा को दो चरणों में बंद किया जा रहा है, जिसे समझना हर यूजर के लिए अनिवार्य है:
    * पहला चरण (जारी है): 15 दिसंबर 2025 से ही क्लाउड पर नया डेटा अपलोड करने की सुविधा बंद कर दी गई है। अब आप केवल पुराना डेटा डाउनलोड कर सकते हैं।
    * दूसरा चरण (30 जून 2026): यह आखिरी तारीख है। इसके बाद न तो आप डेटा डाउनलोड कर पाएंगे और न ही क्लाउड का उपयोग कर सकेंगे। इस दिन HeyTap Cloud आपके अकाउंट से पूरी तरह हटा दिया जाएगा और सर्वर पर मौजूद आपका सारा डेटा स्थायी (Permanently) रूप से डिलीट कर दिया जाएगा।

    🌍 कौन-कौन से देश प्रभावित हैं?

    कंपनी ने साफ किया है कि यह फैसला भारत, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, कंबोडिया, जापान, ताइवान और सिंगापुर के लिए लागू होगा।

    ✅ क्या रहेगा सुरक्षित ?

    राहत की बात यह है कि आपकी ‘क्लाउड नोट्स’ (Cloud Notes) सेवा पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। नोट्स ऐप में लिखे गए आपके जरूरी दस्तावेज और जानकारियां पहले की तरह सुरक्षित रहेंगी और आप उन्हें आधिकारिक वेबसाइट के जरिए एक्सेस कर पाएंगे।

    💡 ‘newsdaily24’ की सलाह: अपना डेटा कैसे बचाएं?

    ~ अपने फोन की ‘Settings’ में जाएं और ‘Account’ के अंदर ‘HeyTap Cloud’ को चुनें।
    ~ यहां ‘Sync’ चालू करें ताकि क्लाउड पर मौजूद डेटा आपके फोन की इंटरनल मेमोरी में आ जाए।
    ~ एक बार सिंक पूरा होने पर, उस डेटा को किसी हार्ड ड्राइव या गूगल ड्राइव जैसी अन्य सुरक्षित जगह पर कॉपी कर लें।

  • शोक समाचार:

    मॉडल टाउन स्थित संजय नगर शमशान भूमि पर होगा अंतिम संस्कार; शोक में डूबा परिवार

    बरेली के प्रतिष्ठित सक्सेना परिवार की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती विमला देवी का निधन

    बरेली। बड़े ही दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि बरेली की वरिष्ठ एवं सम्मानित महिला श्रीमती विमला देवी (96 वर्ष) का निधन हो गया है। उनके निधन की सूचना से स्थानीय क्षेत्र और सक्सेना परिवार के परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है।
    श्रीमती विमला देवी, स्वर्गीय श्री जगत नारायण सक्सेना की धर्मपत्नी और सेवानिवृत्त सहायक अभियंता उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (UPSIDC/UPIDA) स्वर्गीय श्री राजेंद्र प्रताप की पूजनीय माताजी थीं। वह newsdaily24 के संपादक संजय सक्सेना की दादीजी थीं। उनका जीवन सादगी, धर्मपरायणता और परिवार के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।

    पुत्रों और पौत्र ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    उनके निधन पर उनके कनिष्ठ पुत्रों महेंद्र, नवीन, विनोद, दीपक, रुपेश, विकास और आकाश सक्सेना सहित उनके पौत्र संजय सक्सेना ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उनका जाना परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है और उनके द्वारा दिखाए गए संस्कार सदैव उनका मार्गदर्शन करेंगे।

    अंतिम संस्कार का विवरण:

    परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीमती विमला देवी जी की अंतिम यात्रा 03 फरवरी 2026 (मंगलवार) को निकाली जाएगी। उनका अंतिम संस्कार प्रातः 11:00 बजे मॉडल टाउन, संजय नगर शमशान भूमि, बरेली में किया जाएगा।

    शोक संतप्त:
    महेंद्र, नवीन, विनोद, दीपक, रुपेश, विकास, आकाश सक्सेना (पुत्र), संजय सक्सेना (पौत्र) एवं समस्त सक्सेना परिवार।

  • ॥ ॐ शांति ॥
    श्रीमती विमला देवी
    (भावभीनी श्रद्धांजलि)

    स्वर्गीय श्री राजेंद्र प्रताप की पूजनीय माताजी
    एवं संजय सक्सेना की दादी जी
    धर्मपत्नी: स्वर्गीय श्री जगत नारायण सक्सेना

    अंतिम संस्कार:

    • दिनांक: 03 फरवरी 2026, मंगलवार
    • समय: प्रातः 11:00 बजे
    • स्थान: मॉडल टाउन, संजय नगर श्मशान भूमि, बरेली
    • शोकाकुल पुत्र: महेंद्र, नवीन, विनोद, दीपक, रुपेश, विकास एवं आकाश
    • पौत्र: संजय सक्सेना एवं समस्त सक्सेना परिवार
      ~ newsdaily24

    || OM SHANTI ||
    Smt. Vimla Devi
    (Humble Tribute)
    Mother of Late Shri Rajendra Pratap
    &
    Grandmother of Sanjay Saxena
    Wife of: Late Shri Jagat Narayan Saxena

    Funeral Ceremony:
    Date: 03 February 2026
    Time: 11:00 AM
    Location: Model Town, Sanjay Nagar Cremation Ground

    Grief-stricken:
    Mahendra, Naveen, Vinod, Deepak, Rupesh, Vikas & Akash (Sons)
    Sanjay Saxena (Grandson)
    And the entire Saxena Family

    ~ newsdaily24

  • जगह-जगह पुष्प वर्षा और प्रसाद वितरण

    पुलिस की सुरक्षा के बीच ऐतिहासिक झांकियों ने मोहा मन

    संत शिरोमणि गुरु रविदास जन्मोत्सव पर श्रद्धा और उल्लास के साथ निकला भव्य जुलूस

    बिजनौर। परम शिरोमणि संत श्री गुरु रविदास जी महाराज का जन्मोत्सव जनपद बिजनौर में पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर शहर के विभिन्न मार्गों से भव्य और ऐतिहासिक झांकियां निकाली गईं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। भक्ति गीतों और गुरु की महिमा के नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

    सेवा भाव: जगह-जगह स्टाल लगा कर खिलाया प्रसाद
    जुलूस के दौरान समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्य में हिस्सा लिया।

    इसी क्रम में करणी फाउंडेशन के अध्यक्ष रत्नेश पूषण और कुलदीप सिंह भारती ने अपने साथियों के साथ मिलकर जुलूस में शामिल लोगों को हलवा वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया।

    * बुखारा: उज्जवल फोटो स्टूडियो के पुष्पराज कमल और साथियों ने हलवा प्रसाद का वितरण किया।
    * सिविल लाइन: यहाँ पीयूष राज उर्फ शानू, दुष्यंत शर्मा, सुनील और अनु त्यागी द्वारा कढ़ी-चावल का भंडारा आयोजित किया गया।

    * अन्य सेवादार: जगदीश कुमार (भारत गैस एजेंसी) और सतीश कुमार सिद्धार्थ ने पकौड़ी और हलवे का प्रसाद वितरित किया। इस सेवा कार्य में मोहित, आसाराम, उमेश प्रधान, हरीराज सिंह, एडवोकेट राकेश, रतन सिंह और वेद प्रकाश जैसे गणमान्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।

    पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी रही सराहनीय

    जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की भूमिका बेहद सराहनीय रही। पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस ने सुचारू यातायात प्रबंधन के जरिए शहर में जाम की स्थिति पैदा नहीं होने दी, जिसकी आम जनमानस और आयोजकों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

    सौहार्दपूर्ण समापन

    सिविल लाइन सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में सेवादारों द्वारा किए गए स्वागत और प्रसाद वितरण ने आयोजन को भव्य बना दिया। पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से जुलूस का समापन हुआ, जिसने आपसी भाईचारे और गुरु रविदास जी के संदेशों को जीवंत कर दिया।

    मुख्य आकर्षण:

    * भव्य झांकियां: गुरु रविदास जी के जीवन और दर्शन पर आधारित कलाकृतियां।
    * प्रसाद वितरण: हलवा, पकौड़ी और कढ़ी-चावल का वितरण।
    * अनुशासन: पुलिस प्रशासन की बेहतर व्यवस्था और जाम मुक्त यातायात।

  • नव उदय प्रकाशन ने कला और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए किया सम्मानित

    जयपुर में आयोजित हुआ भव्य समारोह

    बहुमुखी प्रतिभा के धनी संजय कुमार अम्बष्ट ‘संत मीराबाई अंतरराष्ट्रीय सम्मान’ से विभूषित

    ~ शैली सक्सेना

    जयपुर/पटना। कला, साहित्य और अभिनय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके बहुमुखी प्रतिभा के धनी संजय कुमार अम्बष्ट को विगत दिनों राजस्थान की राजधानी जयपुर (विद्याधर नगर) में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में ‘संत मीराबाई नव उदय साहित्यिक व सांस्कृतिक सम्मान-2025’ से नवाजा गया। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उन्हें नव उदय पब्लिकेशन, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) द्वारा कला और साहित्य के क्षेत्र में उनके निरंतर और असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया।

    अभिनय से लेकर साहित्य तक का सफर

    मूल रूप से पटना के रहने वाले संजय कुमार अम्बष्ट न केवल एक कुशल अभिनेता हैं, बल्कि एक मंझे हुए साहित्यकार और कवि भी हैं। वर्तमान में वे लघु सिंचाई प्रमंडल, पटना में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं और नया सचिवालय में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। उनके व्यक्तित्व में प्रशासनिक कुशलता और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

    समाज सेवा और सम्मान

    संजय कुमार अम्बष्ट को इससे पूर्व भी दर्जनों प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें भारत रत्न डॉ. अंबेडकर यश भारती सम्मान, लाल बहादुर शास्त्री रत्न अवार्ड, और राष्ट्रीय हास्य सम्राट गौरव सम्मान प्रमुख हैं। वे समाज सेवा में भी अग्रणी हैं और ‘अखिल भारतीय कायस्थ कल्याणकारी सभा’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    भविष्य की राह

    सम्मान मिलने पर श्री अम्बष्ट ने कहा कि यह पुरस्कार उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ा देता है। वे भविष्य में अपनी लेखनी और अभिनय के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर प्रहार करना और भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित करना चाहते हैं। उनकी इस उपलब्धि पर साहित्य जगत और उनके सहयोगियों ने उन्हें बधाई दी है।

    उपलब्धियों का विस्तृत फलक

    संजय कुमार अम्बष्ट की यात्रा उपलब्धियों से भरी रही है। उनकी प्रमुख उपलब्धियों को निम्नलिखित बिंदुओं में देखा जा सकता है:

    • अभिनय और फिल्म जगत: उन्होंने ‘सजनवां साथ निभहिय’, ‘कसम बा तोहार’, और ‘तृष्णा’ जैसी फिल्मों सहित कई हिंदी धारावाहिकों में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है।
    • नाट्य मंचन: उनके द्वारा स्वरचित लघु नाटक ‘पुरुषस्य चरित्रंम’ की पूरे भारत में 375 से अधिक प्रस्तुतियाँ हो चुकी हैं, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है। इसके अतिरिक्त ‘एक चाणक्य’, ‘प्रायश्चित’ और ‘वाह! दारोगा जी’ जैसे नाटकों ने उन्हें मंच का दिग्गज बनाया है।
    • साहित्यिक सृजन: उनके नाम दर्जनों नाटक, गजलें और लगभग 50 कविताएँ हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाएँ प्रमुखता से झलकती हैं।

    मुख्य तथ्य एक नजर में:

    नाम: संजय कुमार अम्बष्ट

    सम्मान: संत मीराबाई अंतरराष्ट्रीय सम्मान (2025)

    आयोजक: नव उदय पब्लिकेशन, ग्वालियर

    स्थान: विद्याधर नगर, जयपुर (राजस्थान)

  • विधानसभा देख रोमांचित हुए बच्चे
    यूपीएसटीडीसी की अनूठी पहल

    100 से अधिक विद्यार्थियों ने रियायती दर पर जाना राजधानी का इतिहास

    स्पीकर सतीश महाना ने की सराहना

    ‘लखनऊ दर्शन’ बनी छात्रों के लिए चलती-फिरती क्लासरूम

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा के माध्यम से कक्षा 6 और 7 के 100 से अधिक विद्यार्थियों को राजधानी की ऐतिहासिक और आधुनिक पहचान से रूबरू कराया गया। इस शैक्षिक भ्रमण का मुख्य आकर्षण उत्तर प्रदेश विधानसभा का दौरा रहा, जहां बच्चों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से समझा।

    अनुभव आधारित शिक्षा पर जयवीर सिंह का जोर

    प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार की ‘अनुभव आधारित पर्यटन’ के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी विरासत को देखना विद्यार्थियों को भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाएगा।” सत्र के समापन और अनुकूल मौसम के कारण बड़ी संख्या में स्कूल इस सेवा से जुड़ रहे हैं।
    छात्रों को किराए में २० प्रतिशत की विशेष छूट
    शैक्षिक पर्यटन को सुलभ बनाने के लिए यूपीएसटीडीसी ने विद्यार्थियों के लिए किराए में विशेष रियायत दी है। नियमित ४०० रुपये के स्थान पर छात्रों को मात्र ३२० रुपये में यह भ्रमण कराया गया। इस कदम का उद्देश्य अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    विधानसभा भ्रमण: किताबों से निकलकर लोकतंत्र के मंदिर तक इस यात्रा का सबसे यादगार पल विधानसभा का दौरा रहा।
    * अथर्व त्रिपाठी नामक छात्र ने बताया कि मुख्य सदन को प्रत्यक्ष देखना एक अविस्मरणीय अनुभव था।
    * सान्वी शुक्ला और मोनिशा वर्मा ने बस यात्रा को रोमांचक बताते हुए कहा कि इससे शहर के इतिहास को समझने में काफी मदद मिली।

    पर्यटन विभाग ने बच्चों के उत्साह को दोगुना करने के लिए उन्हें हल्का नाश्ता और स्मृति-चिह्न भी भेंट किए।

    स्पीकर सतीश महाना ने बढ़ाया यात्रियों का उत्साह

    २८ जनवरी का दिन यात्रियों के लिए तब खास बन गया जब विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने स्वयं बस यात्रियों से भेंट की। उन्होंने इस अभिनव पहल को युवाओं को प्रदेश की गौरवशाली विरासत से जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बताया।

    सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव का सेतु

    अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति) अमृत अभिजात ने कहा कि ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा ने बहुत कम समय में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यह सेवा न केवल पर्यटकों को जोड़ रही है, बल्कि स्कूली छात्रों के लिए शिक्षा का एक नया और व्यावहारिक आयाम खोल रही है।

  • Quick Recipe: only 15 minutes

    सीखें बनाने का आसान तरीका

    शाम की चाय के साथ लें क्रिस्पी ‘चीज़ बॉल्स’ का मज़ा

    ~ साक्षी सिन्हा

    Lifestyle Desk: अगर आप शाम के नाश्ते में कुछ चटपटा और क्रिस्पी ढूंढ रहे हैं, तो ‘चीज़ बॉल्स’ एक बेहतरीन विकल्प है। यह न सिर्फ बनाने में आसान है, बल्कि बच्चों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है। आज हम पाठकों के लिए लाए हैं बाज़ार जैसे परफेक्ट चीज़ बॉल्स बनाने की सीक्रेट रेसिपी…

    https://youtube.com/shorts/RqTmhDGV9fk?si=OQVEvbkWvS16JkHA

    सिर्फ 15 मिनट में करें तैयार

    चीज़ बॉल्स बनाने के लिए आपको किचन में मौजूद बेसिक चीज़ों की ही ज़रूरत है।

    • मुख्य सामग्री: उबले आलू, मोज़ेरेला चीज़, और कॉर्न फ्लोर।
    • स्वाद का तड़का: लहसुन, चिली फ्लेक्स और ऑरिगेनो इसे इटैलियन टच देते हैं।

    बनाने का तरीका (Step-by-Step)

    बेस तैयार करें: सबसे पहले उबले आलू में मसाले और कॉर्न फ्लोर मिलाकर एक नरम डो (Dough) तैयार कर लें।

    फिलिंग: छोटी-छोटी लोइयां (Dough balls) बनाकर उनके बीच में चीज़ का टुकड़ा भरें।

    क्रंच फैक्टर: बॉल्स को ब्रेड क्रम्ब्स में अच्छी तरह लपेटें ताकि तलते समय ये बाहर से एकदम कुरकुरे बनें।

    प्रो टिप: चीज़ बॉल्स को तलने से पहले 10 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें, इससे ये तेल में फटेंगे नहीं और चीज़ अच्छी तरह सेट रहेगा।

  • अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा का विरोध प्रदर्शन

    राष्ट्रपति और PM को भेजा ज्ञापन

    सामान्य वर्ग के अधिकारों की अनदेखी और कानून के दुरुपयोग की जताई आशंका

    UGC की नई अधिसूचना के खिलाफ ब्राह्मण महासभा ने खोला मोर्चा

    बिजनौर। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने यूजीसी (UGC) द्वारा जारी वर्ष 2026 की नई अधिसूचना को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। महासभा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा, जिसमें इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है। संगठन का आरोप है कि यह कानून समानता के मूल संवैधानिक सिद्धांत के विपरीत है।

    समानता के अधिकार का उल्लंघन: महासभा

    ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी की यह अधिसूचना उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने के नाम पर लाई गई है, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग छात्रों के अधिकारों पर विशेष बल दिया गया है। इसके तहत 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों के गठन का प्रावधान है। महासभा का तर्क है कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, लेकिन यह अधिसूचना केवल विशिष्ट वर्गों पर केंद्रित होकर सामान्य वर्ग के छात्रों के संवैधानिक संरक्षण को पूरी तरह नजरअंदाज करती है।

    झूठी शिकायतों और दुरुपयोग का खतरा

    संगठन ने अधिसूचना की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि इसमें दुर्भावनापूर्ण या झूठी शिकायतों पर दंड का कोई प्रावधान नहीं है। इससे शैक्षणिक परिसरों में इस कानून के दुरुपयोग की व्यापक संभावना बढ़ जाएगी, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच असंतोष और असमानता का वातावरण उत्पन्न होगा।

    40-50 करोड़ आबादी की अनदेखी का आरोप

    महासभा ने जनसंख्या के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की लगभग 140 करोड़ की आबादी में से एक-तिहाई हिस्सा (करीब 40 से 50 करोड़) सामान्य वर्ग का है। ऐसी एकतरफा अधिसूचनाएं करोड़ों नागरिकों के अधिकारों का प्रत्यक्ष उल्लंघन हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि इसे वापस नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक और विधिक (कानूनी) तरीके से इसका विरोध जारी रखेंगे।

    ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख सदस्य

    इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा अंगिरस के नेतृत्व में भारी संख्या में सदस्य मौजूद रहे। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से शामिल थे:
    * दिनेश शर्मा शास्त्री (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)
    * कृष्ण वीर फौजी, डीके कौशिक, नरेश शर्मा
    * अशोक कुमार, आलोक भारद्वाज, आशीष कुमार
    * नरोत्तम शर्मा, प्रमोद कुमार, सुशील शर्मा
    * विकास कौशिक एडवोकेट, मनोज शर्मा एडवोकेट एवं सुनील शर्मा आदि।

  • मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता

    बिजनौर में आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की हुंकार: निजीकरण और आउटसोर्सिंग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई

    ~

    बिजनौर। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित धरने में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया कि अब वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होने वाली हैं।

    आउटसोर्सिंग का विरोध और पारदर्शिता की मांग

    धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने मांग की कि विभाग में निजीकरण और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूर्णतः बंद किया जाए। साथ ही केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण पोषाहार उपलब्ध कराने और एजुकेटर भर्ती बंद कर विभागीय निरीक्षण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई गई।

    लखनऊ कूच की चेतावनी

    ​ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यदि 7 मार्च 2026 तक इन मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं आता है, तो 8 मार्च 2026 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) पर प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लखनऊ की ओर कूच करेंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

    मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

    ज्वलंत समस्याओं को लेकर आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा बिजनौर द्वारा धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा अंगिरस, वेदलता शर्मा, शीला देवी, पूनम विश्नोई, सुनीता पाल, बबीता शर्मा, संतोष देवी, मधु शर्मा, रेखा देवी, उमेश, शिवानी, सोनम, मृदुला और पूजा शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

  • ऑफिस या घर की छत पर उल्लू का दिखना?

    क्या है दिशा और समय का गुप्त संकेत!

    क्या आपकी छत पर कभी बैठा है उल्लू? क्या कहता है शास्त्र और विज्ञान!

    1. प्राचीन मान्यताएं: लक्ष्मी का आगमन या महज एक पक्षी?

    2. दिशाओं का रहस्य: उत्तर में लाभ तो पूर्व में शुभ समाचार

    3. समय का संकेत: सूर्यास्त के समय उल्लू का दिखना क्या दर्शाता है?

    4. कार्यक्षेत्र (Office) पर आगमन: करियर में उन्नति के संकेत?

    अक्सर हम अचानक किसी पक्षी को देखकर उसे शकुन-अपशकुन से जोड़ देते हैं। … लेकिन क्या आप जानते हैं कि उल्लू का दिखना इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस दिशा में दिखा और किस समय? आइए, शास्त्रों और मान्यताओं के आधार पर इसका विश्लेषण करते हैं।

    1. समय का महत्व: दिन या रात?

    * रात में दिखना: चूंकि उल्लू रात्रिचर प्राणी है, इसलिए रात में इसका दिखना सामान्य है और इसे शुभ माना जाता है। यह धन लाभ का संकेत हो सकता है।
    * दिन में दिखना: यदि उल्लू दिन के उजाले में दिखाई दे, तो इसे ‘दृष्टि परिवर्तन’ या जीवन में किसी बड़े बदलाव का संकेत माना जाता है। हालांकि, दुर्लभ होने के कारण कुछ लोग इसे सचेत रहने की चेतावनी भी मानते हैं।

    2. दिशाओं का खेल: कहाँ दिखा उल्लू?

    शकुन शास्त्र के अनुसार, उल्लू का अलग-अलग दिशाओं में दिखना अलग फल देता है:

    | पूर्व (East) | दूर से किसी शुभ समाचार के आने की संभावना बढ़ जाती है। |
    | पश्चिम (West) | करियर या ऑफिस में किसी बड़ी उपलब्धि या पदोन्नति का संकेत। |
    | उत्तर (North) | यह दिशा कुबेर की मानी जाती है, यहाँ उल्लू का दिखना आर्थिक लाभ की ओर इशारा करता है। |
    | दक्षिण (South) | इसे अक्सर शत्रुओं पर विजय या अचानक आए संकट के टलने से जोड़कर देखा जाता है। |

    3. छत पर बैठकर उड़ जाना: क्या कहता है विज्ञान?

    अगर आपके ऑफिस की छत पर उल्लू बैठा और आपके देखते ही उड़ गया, तो ज्योतिष इसे “बाधाओं का दूर होना” मानता है। वहीं, वैज्ञानिक दृष्टि से यह दर्शाता है कि आपका ऑफिस परिसर शोर-शराबे से मुक्त है, जिससे उल्लू वहां सुरक्षित महसूस कर रहा था।

    विशेष टिप: डरें नहीं, करें स्वागत

    प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, अगर उल्लू आपकी आंखों में आंखें डालकर देखे, तो समझ लीजिए कि आपके जीवन में बेहिसाब धन या ज्ञान आने वाला है। इसे ‘अशुभ’ मानकर डराने के बजाय, इसे प्रकृति के एक दूत के रूप में देखना सकारात्मक ऊर्जा भरता है।

    newsdaily24 की राय: प्रकृति का हर जीव किसी न किसी संतुलन का हिस्सा है। उल्लू का आपके कार्यस्थल पर आना एक दुर्लभ और सकारात्मक अनुभव हो सकता है।

  • इजराइली दूतावास के बाहर धमाके के बाद लोग जानना चाहते होंगे, आखिर क्या है मोसाद! दिल्ली में इजराइली दूतावास के बाहर शुक्रवार शाम बम विस्फोट हुआ तो जांच भी शुरू हो गई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच में जुट गईं। कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है। भारतीय एजेंसियों […]

    Mosad! हम ना भूलते हैं, और ना ही माफ करते हैं…
  • राज्यपाल और कुलपति ने मेधावी रक्षित को गोल्ड मेडल से नवाजा

    स्थापना दिवस और दीक्षांत समारोह में दोहरा सम्मान

    बिजनौर के लाल डॉ. रक्षित चौधरी ने मेरठ मेडिकल कॉलेज में गाड़े सफलता के झंडे, मिला स्वर्ण पदक

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर/मेरठ। जनपद बिजनौर के निवासी और वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. शूरवीर सिंह के सुपुत्र डॉ. रक्षित चौधरी ने चिकित्सा क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज (LLRM) मेरठ के MD (कम्युनिटी मेडिसिन) के छात्र डॉ. रक्षित को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक सफलता के लिए लगातार दो बड़े मंचों पर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है।

    स्थापना दिवस पर ‘प्रो. मंजुला भटनागर स्वर्ण पदक’ से सम्मान

    मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस के भव्य समारोह में डॉ. रक्षित चौधरी को एमडी की यूनिवर्सिटी परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर प्रतिष्ठित ‘प्रोफेसर मंजुला भटनागर स्वर्ण पदक’ प्रदान किया गया।

    * अतिथि गण: इस अवसर पर जीआईएमएस नोएडा के प्रधानाचार्य डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश कुमार गुप्ता, जिलाधिकारी मेरठ और मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता सहित कई दिग्गज चिकित्सक उपस्थित रहे।

    कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह में सौंपा गोल्ड मेडल

    डॉ. रक्षित की सफलता का सिलसिला यहीं नहीं थमा। इससे पूर्व चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में भी उन्होंने अपनी मेधा का लोहा मनवाया। उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने डॉ. रक्षित को वर्ष 2025 की परीक्षा हेतु ‘कुलपति स्वर्ण पदक’ एवं विशिष्टता प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

    दिग्गजों की उपस्थिति में बढ़ाया मान

    दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, AICTE के चेयरमैन प्रोफेसर टी.जी. सीताराम और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला जैसी विभूतियां मौजूद रहीं।

    क्षेत्र में खुशी की लहर

    डॉ. रक्षित की इस स्वर्णिम सफलता पर उनके गृह जनपद बिजनौर में हर्ष का माहौल है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शूरवीर सिंह के आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। लोगों का कहना है कि रक्षित की इस उपलब्धि ने युवाओं के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया है।

  • मरीजों से शालीन व्यवहार और समय पर रेफरल सुनिश्चित करने पर जोर

    लापरवाह कर्मियों को मिली चेतावनी

    सीएमओ ने कादराबाद पीएचसी का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश

    बिजनौर। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने कादराबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।

    स्वास्थ्य सेवाओं और पंजीकरण व्यवस्था की समीक्षा

    निरीक्षण के दौरान डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने अस्पताल में आने वाले मरीजों को दी जा रही चिकित्सकीय परामर्श, दवा वितरण प्रणाली और जांच सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने पंजीकरण काउंटर पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा और निर्देशित किया कि मरीजों को लंबी कतारों से बचाने के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए।

    जनसामान्य तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ

    सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सर्वेश निराला और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा संचालित समस्त स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य आमजन को एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।”

    गंभीर मरीजों के लिए ‘रेफरल प्रोटोकॉल’ पर निर्देश

    डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि मरीजों के साथ व्यवहार में शालीनता बरती जाए। दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि:
    * गंभीर रोगियों की स्थिति को भांपते हुए उन्हें बिना देरी किए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर किया जाए।
    * ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद नागरिकों को नियमित और बेहतर उपचार मिले।

    फार्मासिस्ट और कर्मचारियों को सुधार की चेतावनी

    निरीक्षण के दौरान पीएचसी पर कुछ कमियां पाए जाने पर सीएमओ ने संबंधित फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के आदेश दिए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि निरीक्षण के समय सभी स्वास्थ्यकर्मी अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थित पाए गए।

  • ओम धारा नर्सरी बिजनौर के स्वामी शैलेंद्र वीर सिंह चौधरी की प्रिय बिटिया दृष्टि के जन्मदिन पर आशीर्वाद सहित हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

    प्रिय बिटिया दृष्टि के जन्मदिन पर
    आशीर्वाद सहित हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ

    नन्ही सी किलकारी बन आई थी जिस दिन तुम,
    घर-आँगन में खुशियों के रंग भर गई थीं तुम।
    तेरी मुस्कान में बसता है सारा जहान,
    तेरी आँखों में सपनों का सुंदर आसमान।
    सदा उज्ज्वल रहे जीवन की हर एक राह,
    सफलता, संस्कार और प्रेम हो संग-संग वाह।
    ईश्वर करे हर कदम पर मिले तुम्हें सम्मान,
    खुशियों से भरा रहे सदा तुम्हारा जहान।
    जन्मदिन मुबारक हो बिटिया प्यारी,
    सदा यूँ ही महकती रहो — फूलों सी न्यारी 🌸

  • सामाजिक समरसता बिगाड़ने का आरोप

    कुंवर रसिक चौहान के नेतृत्व में दर्जनों संगठनों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

    UGC के नए प्रस्ताव पर बिजनौर में उबाल: सवर्ण संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना, बिल वापस लेने की मांग

    ~भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षा में समानता को बढ़ावा देने के नाम पर लाए जा रहे नए संभावित बिल के विरोध में जनपद बिजनौर के सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने लामबंद होकर हुंकार भरी है। बुधवार को बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर में कुंवर रसिक चौहान के आह्वान पर भारी संख्या में सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए और जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजकर इस बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की।

    “जातिगत जहर फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं”

    प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ के जिला अध्यक्ष विभोर कौशिक एडवोकेट और नगर अध्यक्ष तुषार शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि इस प्रकार के कानूनों से समाज में जातिगत विद्वेष और जहर फैल रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह बिल लागू होता है तो भविष्य में सामाजिक माहौल और खराब होगा। संगठनों का तर्क है कि सरकार को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे फैसले लेने चाहिए जो समाज को जोड़ें, न कि विभाजित करें।

    आरक्षण का आधार आर्थिक हो, जाति नहीं!

    ज्ञापन के माध्यम से सवर्ण समाज ने एक स्वर में मांग की कि आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की आवश्यकता है। नेताओं ने कहा कि:
    * आरक्षण का आधार जातिगत न होकर आर्थिक होना चाहिए।
    * गरीबी किसी एक जाति तक सीमित नहीं है; सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC/ST) सभी में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवार मौजूद हैं।
    * प्रतिभाशाली छात्रों के हक की रक्षा के लिए आर्थिक मापदंड ही सबसे सटीक पैमाना है।

    बड़े आंदोलन की चेतावनी: उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे भारत में होगा चक्का जाम

    किसान मजदूर संगठन के पश्चिम उत्तर प्रदेश महामंत्री कुंवर रसिक चौहान ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सरकार ने ऐसे कानूनों को थोपकर सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश की, तो आने वाले समय में सवर्ण समाज चुप नहीं बैठेगा। यह आंदोलन केवल बिजनौर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक विशाल जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।”

    इन संगठनों की रही सक्रिय सहभागिता

    प्रदर्शन में मुख्य रूप से शोभा शर्मा, सवर्ण आर्मी जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा, क्षत्रिय सभा समिति बिजनौर के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष शेखर लाडयान, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) के जिला अध्यक्ष ललित चौहान और वीर सेना युवा के जिला अध्यक्ष रजत राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ प्रतिभाग किया। इसके साथ ही राहुल चौहान, विशेष राजपूत, प्रियांशु चौहान, सिद्धार्थ भारद्वाज, चंचल राजपूत, रोहित भारद्वाज, पुखराज सिंह, मोहित कुमार, राजवीर सिंह और देवेंद्र सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रोष प्रकट करते हुए कानून को वापस लेने की पुरजोर मांग की।

  • जाट बाल विद्यालय में गणतंत्र दिवस की धूम

    छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मोहा मन

    देशभक्ति के नारों से गूंजा विद्यालय परिसर

    तिरंगा फहराकर दी गई वीर शहीदों को सलामी

    बिजनौर। जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जाट बाल विद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस बेहद हर्षोल्लास और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर विद्यालय को तिरंगे के रंगों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था।

    ध्वजारोहण और राष्ट्रगान

    समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। तिरंगा फहराने के पश्चात उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और भारत माता के जयघोष से आकाश गुंजायमान कर दिया। प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को देश के प्रति कर्तव्यों की याद दिलाई।

    रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम

    गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छोटे बच्चों ने जहाँ मनमोहक कविताओं और भाषणों के माध्यम से सबका दिल जीता, वहीं वरिष्ठ छात्रों ने समूह गान और नाटक के जरिए देश की अखंडता और विविधता का संदेश दिया।

    इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

    इस भव्य आयोजन की व्यवस्था और संचालन प्रधानाचार्या अनीता सैनी के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित शिक्षक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:
    शिक्षण स्टाफ: सुनीता सिंह, राशि शर्मा, कुमारी राखी, शिवानी रानी, शिल्पी चौधरी, रूपा चौधरी।
    गणमान्य अतिथि: एडवोकेट हरेंद्र चौधरी, सूरज सिंह, सुधीर शर्मा, अनूप कुमार, वीनू सिंह।

    संदेश और समापन

    समारोह के अंत में प्रधानाचार्या अनीता सैनी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को अनुशासित रहकर देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे खिल उठे।

  • पापी पेट की खातिर जोखिम में नन्हीं जान…

    किरतपुर रोड पर बच्चों के हैरतअंगेज करतब देख सिहर उठा शहर

    मजबूरी की रस्सियों पर टिका बचपन: पढ़ाई की उम्र में ‘पापड़ बेलने’ को मजबूर नौनिहाल

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। कहते हैं कि ‘पापी पेट’ इंसान से क्या-कुछ नहीं कराता। बिजनौर नगर के किरतपुर रोड पर इन दिनों कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है, जहाँ छोटे-छोटे मासूम बच्चे केवल दो वक्त की रोटी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर बांस और बल्लियों के सहारे हैरतअंगेज करतब दिखा रहे हैं। जिस उम्र में इन नौनिहालों के हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, उस उम्र में वे सड़कों पर तमाशा दिखाकर अपना और अपने परिवार का पेट पालने को मजबूर हैं।

    मात्र ₹10-20 देकर कर्तव्य की इतिश्री कर रहे लोग

    सड़क से गुजरने वाले राहगीर इन बच्चों के खेल को देखते हैं और 10, 20 या अधिकतम 50 रुपये देकर आगे बढ़ जाते हैं। समाज का यह रवैया चिंताजनक है। केवल चंद रुपये देना इन बच्चों के भविष्य का समाधान नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग, जिला प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं इन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करें ताकि ये बच्चे इस नारकीय जीवन’ से बाहर निकलकर मुख्यधारा से जुड़ सकें।

    समाजसेवियों ने बढ़ाया मदद का हाथ

    इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर वरिष्ठ समाजसेवी मानसिंह भुइयार ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इन बच्चों की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया और शहर के जागरूक व संभ्रांत नागरिकों सहित जिला प्रशासन से अपील की कि इन बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ज्ञात हो कि मानसिंह भुइयार पूर्व में भी समय-समय पर जरूरतमंदों की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।

    ब्रजवीर सिंह चौधरी ने भी जताई प्रतिबद्धता

    इस अवसर पर ब्रजवीर सिंह चौधरी ने भी बच्चों की दयनीय स्थिति पर दुख जताते हुए कहा, “मुझसे जितना बन पड़ेगा, मैं इन बच्चों की व्यक्तिगत रूप से मदद करूँगा और अन्य लोगों को भी इनके भविष्य को संवारने के लिए प्रेरित करूँगा।”

    विश्व गुरु बनने की राह में बड़ी बाधा

    स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जब तक हमारे देश का बचपन इस तरह सड़कों पर संघर्ष करेगा, तब तक ‘विश्व गुरु’ बनने का सपना अधूरा रहेगा। यदि इन बच्चों को सही दिशा और शिक्षा मिले, तभी हमारा भारत वास्तव में महान बनेगा। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन और समाज इन बच्चों की पुकार सुनता है या इनका बचपन यूँ ही सड़कों पर नीलाम होता रहेगा।

  • “26 जनवरी के शुभ अवसर पर आज बिजनौर के किरतपुर रोड स्थित सुप्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभु शर्मा जी के ‘भोला हॉस्पिटल’ में तिरंगा फहराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे के सान्निध्य में स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। भारत माता की जय! हिंदुस्तान जिंदाबाद!”
    — भूपेंद्र निरंकारी

    इस शुभ अवसर पर भोला हॉस्पिटल बिजनौर के डॉक्टर विभु शर्मा वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं PRO श्री सुनील शर्मा भी उपस्थित रहे। लैब के संचालक डॉक्टर जावेद अहमद ने भी अहम योगदान दिया तिरंगे के साथ उनका उत्साह देखते ही बन रहा था।

  • भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई

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    भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, newsdaily24 आप सभी को हार्दिक बधाई देता है। देशप्रेम और उत्साह के इस उत्सव में हम आपके व्यवसाय और आपकी भावनाओं को करोड़ों पाठकों तक पहुँचाने के लिए एक विशेष विज्ञापन अभियान लेकर आए हैं।
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    संजय पांडेय, अल्मोड़ा उत्तराखंड
    नरपाल सिंह
  • श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया बसंत पंचमी का पर्व
    जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविर

    मां सरस्वती की वंदना और ‘राम लड्डू’ के प्रसाद वितरण से भक्तिमय हुआ माहौल

    सिख समाज ने पेश की ‘नर सेवा नारायण सेवा’ की मिसाल

    बसंत पंचमी: “बसंत पंचमी के उल्लास में डूबा बिजनौर…”

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    सिख समाज द्वारा जगह-जगह दूध और जल सेवा के शिविर लगाए गए। मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन। राम लड्डू के प्रसाद वितरण ने घोली रिश्तों में मिठास।

    बिजनौर। समाज सेवा और धार्मिक निष्ठा के संगम के रूप में आज शहर का कोना-कोना सिख समाज के सेवा भाव और बसंत पंचमी की रौनक से सराबोर नजर आया। जहाँ एक ओर सिख समाज के अनुयायियों ने मानवता की सेवा का अनुपम उदाहरण पेश किया, वहीं दूसरी ओर विद्या की देवी माँ सरस्वती की आराधना कर बसंत उत्सव धूमधाम से मनाया गया।

    सेवा भक्ति: ‘सैल्यूट’ कर रहा है आम जनमानस

    सिख समाज के अनुयायी अपनी परंपरा के अनुरूप हर धार्मिक और सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। शहर के विभिन्न चौराहों और स्थानों पर समाज द्वारा सेवा शिविर लगाए गए। कहीं राहगीरों को प्रेमपूर्वक दूध पिलाया जा रहा था, तो कहीं लड्डू खिलाकर लोगों का मुंह मीठा कराया गया। पूरी तन्मयता के साथ की जा रही इस सेवा को देखकर हर कोई सिख समाज के जज्बे को सलाम कर रहा है। सेवादारों का कहना है कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और इसी मूलमंत्र के साथ वे जनमानस की सेवा में जुटे हैं।

    धूमधाम से मना बसंत उत्सव, गूंजी ढोल-नगाड़ों की थाप

    बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर संगीत और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की साक्षात आराधना की गई। उत्सव का माहौल ऐसा था कि युवा और बुजुर्ग सभी ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते नजर आए। पारंपरिक नृत्य और संगीत ने कार्यक्रम में समां बांध दिया। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने बसंत पंचमी के पौराणिक और प्राकृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व नई ऊर्जा और ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है।

    राम लड्डू का विशेष प्रसाद और पूजन

    कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुई। इस विशेष अवसर पर मूंग की दाल के प्रसिद्ध ‘राम लड्डू’ तैयार किए गए थे, जिसे प्रसाद के रूप में भारी संख्या में लोगों के बीच वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।

    इन सेवादारों का रहा विशेष सहयोग

    इस पूरे आयोजन को सफल बनाने और सेवा व्यवस्था संभालने में समाज के प्रबुद्ध जनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य रूप से: सर्वश्री विजय शर्मा, गौरव खरबंदा, कपिल भाटिया, अमित रिदम, सार्थक, गर्वित, कृष्ण, सिद्धि, बंटी खेड़ा, कमल मदान, टिंकू, हार्दिक, मानव सचदेवा आदि का विशेष योगदान रहा। इन सभी कार्यकर्ताओं ने अथक परिश्रम कर कार्यक्रम को भव्य और यादगार बनाया।

  • ‘सरदार पटेल इंडस्ट्रियल जोन’ और ‘सीएम युवा’ योजना से खुलेंगे रोजगार के द्वार

    विंग कमांडर शुभांशु शुक्ल और अलख पांडेय समेत 5 हस्तियों को मिला ‘यूपी गौरव सम्मान’

    UP दिवस 2026: ‘विकसित भारत’ का ग्रोथ इंजन बना यूपी; शाह और योगी ने दिया ‘ODOC’ का उपहार

    लखनऊ | 24 जनवरी, 2026। लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर शनिवार को ‘उत्तर प्रदेश दिवस-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में राज्य की समृद्ध संस्कृति और आधुनिक औद्योगिक प्रगति का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने यूपी को आत्मनिर्भर भारत का सबसे मजबूत स्तंभ बताया।

    प्रमुख घोषणाएं: अब हर जिले का अपना ‘व्यंजन’ होगा वैश्विक

    एक जनपद-एक व्यंजन (ODOC): ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ की सफलता के बाद अब 75 जनपदों के 75 विशिष्ट व्यंजनों को वैश्विक ब्रांड बनाया जाएगा। इसमें मिलेट्स (श्री अन्न) और हाइजीन युक्त स्थानीय खाद्य सामग्री पर विशेष जोर रहेगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य को नई आर्थिक ऊंचाई देने के लिए दो बड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया:

    सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन: युवाओं को उनके जनपद में ही रोजगार और उद्यम के अवसर प्रदान करने के लिए इस नई औद्योगिक योजना की शुरुआत की गई है।

    सम्मान: ‘यूपी के गौरव’ और बेहतरीन जिलाधिकारी सम्मानित
    समारोह में उन पांच प्रतिभाओं को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ दिया गया, जिन्होंने दुनिया भर में प्रदेश का मान बढ़ाया। इन्हें 11 लाख रुपये, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र दिए गए:

    1. विंग कमांडर शुभांशु शुक्ल: अंतरिक्ष यात्रा में योगदान हेतु।

    2. अलख पांडेय (Physics Wallah): शिक्षा, उद्यमिता और स्वावलंबन के लिए।

    3. सुश्री रश्मि आर्य: शिक्षा एवं नवाचार।

    4. डॉ. हरिओम पंवार: साहित्य के क्षेत्र में।

    5. डॉ. सुधांशु सिंह: कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु।

    इसके अलावा ‘सीएम युवा’ योजना में शानदार प्रदर्शन करने वाले जौनपुर, आजमगढ़, हरदोई, अंबेडकरनगर और झांसी के जिलाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।

    पीएम मोदी का संदेश: ‘डिफेंस कॉरिडोर से मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग तक यूपी नंबर 1’

    मुख्यमंत्री द्वारा पढ़े गए प्रधानमंत्री के पत्र में यूपी की बदली हुई छवि की सराहना की गई:

    औद्योगिक शक्ति: यूपी आज सेमीकंडक्टर चिप और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण के साथ डिफेंस कॉरिडोर का केंद्र बन रहा है।

    मोबाइल क्रांति: मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश में नंबर वन होने का गौरव।

    कानून व्यवस्था: राज्य आज सुरक्षित परिवेश और ‘अंत्योदय’ (अंतिम व्यक्ति तक लाभ) का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    सांस्कृतिक वैभव: मंच पर दिखा ‘मिनी उत्तर प्रदेश’
    राष्ट्र प्रेरणा स्थल के मंच पर ब्रज, बुंदेली, अवधी और भोजपुरी कलाकारों ने ‘सांस्कृतिक संगम’ की प्रस्तुति दी।

    गृह मंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की और शिल्प मेले व ‘विकसित भारत-विकसित यूपी’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

    कल मनाया जाएगा ‘राष्ट्रीय पर्यटन दिवस-2026’: पर्यटन से सशक्तिकरण
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्सव का क्रम जारी रहेगा। 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर विशेष आयोजन होंगे:

    • थीम: ‘ग्रामीण एवं समुदाय-केंद्रित पर्यटन’।
    • कार्यक्रम: ‘चार युग’ और ‘कृष्ण लीला’ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
    • विशेष आकर्षण: ‘दुधवा टाइगर रिजर्व’ पर लघु फिल्म और प्रगतिशील किसानों व ग्रामीण पर्यटन समूहों का सम्मान।
    • पर्यटन का लक्ष्य: जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन अब केवल दर्शन तक सीमित नहीं, बल्कि रोजगार और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक है।
  • राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर उत्तर प्रदेश पर्यटन की अनूठी पहल

    प्रतिभागी उत्तर प्रदेश की विरासत और वैश्विक पहचान को देंगे रचनात्मक अभिव्यक्ति

    30 सेकंड की रील, कविता अथवा वॉटरकलर पेंटिंग की होंगी तीन श्रेणियां, प्रतिभागी आठ बिंदुओं पर करेंगे रचनात्मकता प्रस्तुत

    ‘जेन जी’ को जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल, यूपी पर्यटन से सीधे जुड़ने का अवसर

    उत्तर प्रदेश ने वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सशक्त पहचान स्थापित की- जयवीर सिंह

    राष्ट्रीय पर्यटन दिवस: रील, कविता और पेंटिंग से उभरेगी यूपी की पहचान

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन उपलब्धियों और वैश्विक पहचान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय पर्यटन दिवस’ (25 जनवरी) के अवसर पर विशेष रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस पहल के माध्यम से नागरिकों को उत्तर प्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धियों से प्रेरणा लेकर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। 

    मंत्री ने बताया कि ‘प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रतिभागी 30 सेकंड की रील, कविता अथवा वॉटरकलर पेंटिंग के माध्यम से अपनी सहभागिता दर्ज करा सकते हैं। प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई है कि वे उत्तर प्रदेश की मान्यता प्राप्त उपलब्धियों एवं महत्वपूर्ण स्थलों से प्रेरणा लेते हुए अपनी रचना प्रस्तुत करें। प्रतियोगिता में केवल वही प्रविष्टियां मान्य होंगी, जो सूचीबद्ध 08 मुख्य बिंदुओं से प्रेरित होंगी। चयनित विजेताओं को उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय पर्यटन दिवस’ कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टि 23 जनवरी 2026 तक जमा कर सकते हैं।’

    इन आठ बिंदुओं पर रचनात्मकता करेंगे प्रस्तुत

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन ने वर्ष 2025 में विभिन्न उपलब्धियों के माध्यम से विश्व  मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। प्रतिभागी जिन आठ बिंदुओं पर अपनी रचनात्मकता दिखा सकते हैं वो है- 

    – महाकुंभ 2025 (प्रयागराज)- विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम में करोड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता।
    – दीपोत्सव 2025 (अयोध्या)- अयोध्या ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा।
    – यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी (लखनऊ)- समृद्ध पाक विरासत को वैश्विक मान्यता। 
    – ग्रामीण पर्यटन को वैश्विक पहचान- बहराइच के करिकोट गांव को ICRT इंडियन सबकॉन्टिनेंट अवॉर्ड 2025
    – वैश्विक बौद्ध पर्यटन सर्किट- अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण।
    – काशी पर्यटन की ऐतिहासिक उपलब्धि- वर्ष 2025 में वाराणसी में 146.97 मिलियन पर्यटकों का आगमन। 
    – सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य- उत्तर प्रदेश को ‘सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य’ का पुरस्कार। 
    – सलखन जीवाश्म पार्क- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल।

    इच्छुक क्यूआर कोड स्कैन कर या दिए गए लिंक पर क्लिक कर पंजीकरण कर सकते हैं – 
    https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSc9-KO6_Osrleo7Ar6cfbO6axD1RgSeRmgOs9oJJT9PpvI5sA/viewform

    उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित रचनात्मक प्रतियोगिताओं के अंतर्गत वाटर कलर पेंटिंग, कविता एवं 30 सेकंड की रील श्रेणियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जो इस प्रकार हैं-

    वाटर कलर प्रतियोगिता के लिए निर्देश

    यह प्रतियोगिता सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए खुली है, जिसमें चित्रकला श्रेणी के अंतर्गत केवल उत्तर प्रदेश के विरासत स्थलों का ही चित्रण किया जाना अनिवार्य होगा। इस प्रतियोगिता में माध्यम के रूप में केवल वॉटर कलर्स की अनुमति होगी। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत कलाकृति पूर्णतः मौलिक होनी चाहिए, नकल किया गया कार्य अस्वीकार्य होगा। प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक ही प्रविष्टि भेज सकेंगे। कलाकृति को डिजिटल प्रारूप में, उच्च गुणवत्ता की स्कैन कॉपी या फोटोग्राफ के रूप में जमा करना अनिवार्य होगा। प्रतिभागी को प्रस्तुत कलाकृति के समस्त अधिकार अपने पास रखने होंगे। चयनित कलाकृतियों का प्रदर्शन, प्रकाशन अथवा प्रचार-प्रसार संबंधित प्राधिकरण द्वारा किया जा सकेगा, जबकि आधिकारिक मंचों पर इन कलाकृतियों को साझा करने का अधिकार प्राधिकरण के पास सुरक्षित रहेगा।

    कविता प्रतियोगिता के लिए आवश्यक निर्देश

    उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा आयोजित कविता प्रतियोगिता में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों को भाग लेने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागियों को स्वयं कविता पाठ करते हुए अधिकतम 60 सेकंड की एक कविता रील बनाकर अपलोड करनी होगी, जिसमें कागज़ से पढ़ना मान्य नहीं होगा। कविता पूर्णतः मौलिक होनी चाहिए तथा उसका विषय उत्तर प्रदेश की थीम से संबंधित होना अनिवार्य है। रील में ऑडियो स्पष्ट, प्रस्तुति प्रभावशाली और रिकॉर्डिंग शोर रहित वातावरण में की जानी चाहिए। प्रति प्रतिभागी केवल एक प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी, जिसे MP4 या MOV जैसे डिजिटल वीडियो प्रारूप में जमा करना होगा। कविताएं हिंदी अथवा अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में मान्य होंगी। चयनित कविता रील के प्रदर्शन, प्रचार एवं आधिकारिक मंचों पर साझा करने का अधिकार प्राधिकरण के पास सुरक्षित रहेगा।

    30 सेकंड रील प्रतियोगिता के लिए निर्देश

    उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित 30 सेकंड रील प्रतियोगिता सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए खुली है। प्रतियोगिता में प्रस्तुत की जाने वाली रील पूरी तरह मौलिक होनी चाहिए। इसे पूर्व में कहीं प्रकाशित या पुरस्कृत नहीं किया गया होना चाहिए। रील को इंस्टाग्राम रील्स के अनुकूल वर्टिकल फॉर्मेट (9:16) में तैयार करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के कॉपीराइटेड संगीत, विजुअल या पाठ के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। रील की सामग्री मर्यादित, प्रामाणिक तथा उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक भावना के अनुरूप होनी चाहिए। अत्यधिक फ़िल्टर, भ्रामक दृश्य या किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री पाए जाने पर प्रविष्टि निरस्त कर दी जाएगी। प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक ही प्रविष्टि भेज सकेगा तथा रील डिजिटल वीडियो प्रारूप (MP4 या MOV) में प्रस्तुत की जानी चाहिए। चयनित रील्स का प्रदर्शन, प्रचार एवं आधिकारिक मंचों पर साझा करने का अधिकार संबंधित प्राधिकरण के पास सुरक्षित रहेगा।

  • जिला पंचायत अध्यक्ष ने डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’ के प्रयासों को सराहा

    आर्य समाज में साहित्यिक समागम: छात्राओं को मिलीं जर्सियां

    ‘ज्ञानोदय’ पत्रिका भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाने में होगी सहायक: साकेंद्र प्रताप सिंह

    बिजनौर। सोमवार को आर्य समाज के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने ‘ज्ञानोदय ब्रह्म दिग्दर्शिका’ पत्रिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने पत्रिका को समाज के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’ द्वारा संकलित यह लेख संग्रह नई पीढ़ी के सामाजिक स्तर को ऊंचा उठाने का काम करेगा।

    पुस्तकों का अध्ययन दिलाता है कर्तव्यों की याद

    विशिष्ट अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी विनय कुमार चौबे ने कहा कि ज्ञानप्रद पुस्तकें केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती हैं। उन्होंने जोर दिया कि अध्ययन के माध्यम से ही हम अपने पूर्वजों, राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ सकते हैं।

    रेड क्रॉस सोसाइटी ने छात्राओं को बांटी जर्सियां

    साहित्यिक चर्चा के साथ-साथ सेवा का प्रकल्प भी इस कार्यक्रम का हिस्सा रहा। जिला रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं को शीतकालीन जर्सियां वितरित की गईं। रेड क्रॉस के डायरेक्टर डॉ. सुबोध चंद्र शर्मा एवं योगेंद्र योगी ने पत्रिका की सफलता के लिए पूरी संपादकीय टीम को शुभकामनाएं दीं।

    वक्ताओं ने रखे विचार

    डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’ एवं डॉ. रंजना के कुशल संचालन में आयोजित इस सभा को पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद राठी, दिनेश चंद्र शास्त्री और आर्य प्रतिनिधि सभा के जिला सह प्रशासक मा. ब्रह्मपाल सिंह ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने पत्रिका के कंटेंट को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।

    प्रमुख उपस्थिति

    इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रधानाचार्य मीरा रानी, प्रबंधक विजेंद्र सिंह आर्य, आलोक भारद्वाज, विभूतिकांत शर्मा, चंद्रमणि, अवनीश गौड़, दीपेंद्र त्यागी, नवीन गर्ग, रजनीश राजपूत, सभासद राजवीर सिंह एडवोकेट, महेश चंद शर्मा, सविता शर्मा, नरेश शर्मा, गिरीश चंद्र गौड़, अशोक कुमार, डीके कौशिक, ब्रह्मपाल सिंह, अमन सिंह और रामप्रीत ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

  • YouTube, instagram पर जारी किया वीडियो

    गीत के जरिए साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ा रही बिजनौर पुलिस

    बिजनौर। आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का प्रयोग करते हुए बिजनौर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता हेतु निरंतर वीडियो जारी किए जा रहे हैं।

    इसी क्रम में स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कोलैबोरेशन में गीत के माध्यम से साइबर जागरूकता पर आधारित एक वीडियो तैयार कर बिजनौर पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया है। https://youtube.com/shorts/WW3Xm19GtNU?si=HwHRm5sXK1YjbS0b

  • बिजनौर में जनवरी से जारी सेवा ने पेश की मिसाल

    भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़ाया उत्साह

    वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर डॉ. मोहित शर्मा की ‘निशुल्क कुल्हड़ चाय सेवा’ का भव्य समापन

    बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी)। ठिठुरती ठंड में आमजन को गर्माहट पहुँचाने के पावन उद्देश्य से जनवरी के प्रथम सप्ताह से शुरू की गई डॉ. मोहित शर्मा की ‘निशुल्क कुल्हड़ चाय सेवा’ का वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के अवसर पर विधिवत समापन हो गया। साहित्य विहार कॉलोनी निवासी डॉ. मोहित शर्मा द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली इस सेवा ने इस बार भी जनपद में समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    गणमान्य व्यक्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

    निशुल्क सेवा के समापन अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री राजीव सिसोदिया उपस्थित रहे। उनके साथ सांध्य दैनिक ‘चिंगारी’ के प्रधान संपादक सूर्यमणि रघुवंशी और भाजपा नगर अध्यक्ष अंकुर गौतम सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। उपस्थित अतिथियों ने डॉ. शर्मा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सर्दी के इस मौसम में कुल्हड़ वाली गर्म चाय न केवल शरीर को गर्माहट देती है, बल्कि यह सेवा भाव समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है।

    टीम वर्क और सहयोग को दिया श्रेय

    समापन समारोह के दौरान डॉ. मोहित शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि बिना जनसहयोग के कोई भी सामाजिक अनुष्ठान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि यह सेवा महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि को समर्पित रहती है और इस वर्ष भी उन्हीं के चरणों में सेवा अर्पण कर समापन किया गया है। उन्होंने अपनी पूरी टीम और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया जिन्होंने दिन-रात इस सेवा को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

    इन सहयोगियों का रहा विशेष योगदान

    सेवा के अंतिम दिन व्यवस्था संभालने और जन-जन तक चाय पहुँचाने में पंकज शर्मा, राजीव कश्यप, राजीव शर्मा दानी, दीपक कुमार, दिनेश कुमार शर्मा, प्रो. अजय राणा, शरद शर्मा, सिद्धार्थ लंकेश, मयंक, पारस वत्स, पवन कुमार शर्मा, सुनील भारद्वाज और विजयपाल सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।
    साहित्य विहार कॉलोनी और आस-पास के क्षेत्र में यह चाय सेवा चर्चा का केंद्र बनी रही, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया।

  • प्रकृति और मनुष्य: एक टूटता रिश्ता, विरासत में क्या देंगे हम?

    विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति का क्रंदन

    ~ ममता मेहंदीरत्ता की स्वरचित कविताएँ

    आज का मनुष्य खुद को ब्रह्मांड का सबसे श्रेष्ठ प्राणी मानता है। श्रेष्ठता का यह अहंकार उसे यह अधिकार तो देता है कि वह जिए, लेकिन क्या यह उसे दूसरों के अस्तित्व को मिटाने का लाइसेंस भी देता है? ममता मेहंदीरत्ता जी की हालिया कविताएँ इसी चुभते हुए सवाल के इर्द-गिर्द बुनी गई हैं।

    विकास या विनाश?

    कविता का एक हिस्सा हमें आईना दिखाता है—जब हम नदियों के प्राकृतिक मार्ग को रोककर वहाँ कंक्रीट के जंगल खड़े करते हैं, तो हम उसे ‘विकास’ का नाम देते हैं। परंतु, जब वही नदियाँ अपना स्थान वापस लेने आती हैं, तो हम उसे ‘प्रलय’ या ‘विनाश’ कहकर प्रकृति को दोष देते हैं। यह हमारी सोच का दोहरापन है। प्रकृति कभी विनाश नहीं करती, वह केवल अपना संतुलन पुन: प्राप्त करने का प्रयास करती है।

    स्मृतियों में खोया स्वच्छ वातावरण

    लेखिका पुरानी यादों और आज की भयावह वास्तविकता के बीच एक तुलनात्मक चित्र खींचती हैं। एक समय था जब जल स्वच्छ था, हवा में जीवन देने वाली ताजगी थी और रातें सुकून की नींद लेकर आती थीं। हमारे पूर्वज प्रकृति के शोषक नहीं, बल्कि उसके ‘उपासक’ थे। वे जानते थे कि अगर प्रकृति समृद्ध रहेगी, तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा। आज हमने उसी पूजनीय प्रकृति को केवल एक ‘संसाधन’ बना दिया है, जिसका परिणाम हमारे सामने प्रदूषित वायु और प्लास्टिक के ढेरों के रूप में खड़ा है।

    आने वाली पीढ़ियों का संकट

    लेखिका की सबसे मार्मिक चिंता आने वाली पीढ़ियों को लेकर है। आज का विज्ञान और आधुनिक शिक्षा हमें प्रकृति के संरक्षण से दूर ले जा रहे हैं। हम अपने वंशजों को विरासत में क्या दे रहे हैं? बोतलबंद पानी, प्रदूषित हवा और प्लास्टिक का साम्राज्य। यदि आज हमने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी, तो आने वाली पीढ़ियाँ कभी प्रकृति की उस असली समृद्धि को नहीं देख पाएँगी जिसे हमने भोगा है।

    समय है जागने का

    ‘जब जागो तभी सवेरा’—यह लेखिका का स्पष्ट आह्वान है। हमें केवल सोचने और विचारने के दायरे से बाहर निकलकर धरातल पर कुछ करना होगा। प्लास्टिक के अति-उपयोग को कम करना, वनों का संरक्षण और नदियों के प्रति सम्मान, ये केवल शब्द नहीं बल्कि हमारे अस्तित्व की अनिवार्य शर्तें होनी चाहिए।

    प्रकृति ईश्वर का एक अनुपम उपहार है। यदि हम इस धरा को सजाने और संवारने का संकल्प लेते हैं, तभी हमारा जीवन सफल कहलाएगा। याद रखिए, धरती के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं है। आइए, एकजुट होकर अपनी इस जिम्मेदारी को निभाएँ।

    कविता 1: मनुष्य की जागृति

    हाँ, माना कि मनुष्य है श्रेष्ठ, है जीने का अधिकार,
    लेकिन यह क्या—अपने अधिकार से सभी पर अत्याचार?
    जब मनुष्य ने ली नदियों की जगह, तो इसे दिया ‘विकास’ का नाम,
    और जब नदियों ने ली अपनी जगह, तो इसे दे दिया ‘विनाश’ का नाम।
    धरा पर जिसने जन्म लिया, अवश्य उसका मरण होगा,
    पर जीवन जीने के लिए, करना प्रकृति का संरक्षण होगा।
    वरना यह धरा यूँ ही दुःख सहते-सहते मुरझा जाएगी,
    युगों-युगों तक मनुष्य की अनुदारता की दास्तान सुनाएगी।
    जब जागो तभी सवेरा, मनुष्य! जाग जरा,
    धरती ही नहीं, अपना अस्तित्व भी है अब संकट में पड़ा।
    अभी तो सोचना है आने वाली पीढ़ियों के बारे में भी,
    अगर नहीं जागे, तो क्या फल पाएँगी वे कभी?
    आओ साथ मिलकर चलें और करें जतन,
    ताकि प्रकृति का रक्षण हो और न हो हमारा पतन।
    सोचना-विचारना बहुत हुआ, अब कुछ करने की है बारी,
    एकजुट हो जाएँ चलो, निभाएँ अपनी जिम्मेदारी।

    कविता 2: स्मृतियाँ और संरक्षण

    स्मृतियाँ ही शेष रह जाती हैं,
    बीती बातें कहाँ लौट कर आती हैं।
    वह स्वच्छ जल की नदियाँ, वनों की हरियाली,
    कहाँ गई वह स्वच्छ हवा, जीवन देने वाली?
    खो गया अपनेपन का वातावरण,
    प्लास्टिक और प्रदूषण से जब मुक्त था जीवन।
    रातें थीं जब नींदों वाली, दिनों में भरी थी उमंग,
    चिंताएँ तो तब भी थीं, पर बाँट लेते थे सबके संग।
    हमारे पूर्वज किया करते थे पूजा प्रकृति की,
    तो देखो, उन्हें उपहार स्वरूप मिली समृद्धि प्रकृति की।
    और हमने तो किया केवल प्रकृति का शोषण,
    तो हमें मिले प्रदूषित वायु, जल और कटे हुए वन।
    हमारे वंशज—उन्हें तो विज्ञान ने है सिखाया,
    प्रकृति न पूज्य है, न करना इसका संरक्षण।
    तो देखो आज क्या बचा है उनके लिए,
    बोतल वाला पानी, चारों ओर प्लास्टिक, संकट में जीवन।
    आओ, अब जो बचा है उसी को समेटें,
    शिक्षा दें अपने वंशजों को प्रकृति के संरक्षण की,
    ताकि वे भी हमारी तरह देख सकें प्रकृति की समृद्धि।
    क्योंकि हमारे प्लास्टिक के अति-प्रयोग ने बढ़ाई है मुश्किल,
    चारों तरफ संकट में हैं—जंगल, जीवन, वायु, जल।
    धरा के पुत्र (मानव), धरा के लिए ही ले आए संकट,
    इस तरह की लापरवाही तो बना रही समस्या को विकट।
    करना है इन मुश्किलों का हमें ही हल,
    केवल सोचते ही रहे, तो जीवन जाएगा निकल।
    ‘कभी नहीं’ से ‘देर भली’, चलो सब जाग जाएँ,
    प्रकृति के साथ मिलकर इस धरा को सजाएँ।
    प्रकृति है ईश्वर का उपहार अनुपम,
    इस धरा को बेहतर बनाएँ, तो जीवन हो जाएगा सफल।

    “ममता मेहंदीरत्ता जी की ये पंक्तियाँ इस कड़वे सच को उजागर करती हैं कि जिसे हम ‘विकास’ कह रहे हैं, वह वास्तव में प्रकृति पर किया गया ‘अतिक्रमण’ है। लेखिका ने बहुत ही मार्मिक ढंग से याद दिलाया है कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को ‘पूजनीय’ मानकर समृद्धि पाई थी, जबकि हमने इसे केवल ‘उपभोग की वस्तु’ मानकर संकट मोल ले लिया है। यह कविता केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक चेतावनी और पुकार है।”

  • आधुनिक सुविधाओं से लैस सर्वसुविधायुक्त वैवाहिक स्थल

    नगीना रोड पर 23 जनवरी को होगा भव्य शुभारंभ

    ‘मंगलम् पैलेस गार्डन’ के रूप में क्षेत्रवासियों को मिलेगी नई सौगात

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। जनपद के नगीना रोड स्थित ग्राम बरूकी में आगामी 23 जनवरी को एक नए सर्वसुविधायुक्त वैवाहिक स्थल ‘मंगलम् पैलेस गार्डन’ का उद्घाटन होने जा रहा है। यह प्रतिष्ठान आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिससे क्षेत्र के लोगों को मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक शानदार विकल्प मिलेगा।

    प्रतीकात्मक फोटो

    धार्मिक अनुष्ठान के साथ होगी शुरुआत

    प्रतिष्ठान के संचालकों ने बताया कि शुभारंभ के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है:
    * सुन्दर काण्ड पाठ: प्रातः 09:00 बजे से भक्तिमय प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का आगाज़ होगा।
    * भव्य उद्घाटन: प्रातः 11:00 बजे गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रतिष्ठान का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।
    * प्रीतिभोज: दोपहर 01:00 बजे से आगंतुकों के लिए स्वरुचि भोज की व्यवस्था की गई है।

    प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति

    इस नवनिर्मित प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर और आयोजकों में करन पाल सिंह (जिला पंचायत सदस्य), पवन कुमार, उत्तम कुमार और हरपाल सिंह मुख्य भूमिका में हैं। आयोजकों ने सभी स्नेही स्वजनों और क्षेत्रीय नागरिकों से अपील की है कि वे इस शुभ अवसर पर पहुँचकर अपना आशीर्वाद प्रदान करें।

    समारोह स्थल का विवरण

    * नाम: मंगलम् पैलेस गार्डन
    * स्थान: ग्राम बरूकी, नगीना रोड, जिला बिजनौर
    * दिनांक: शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

  • सावधान: 2 दिन बंद रहेगा बिजनौर-नगीना मार्ग पर रेलवे फाटक, रूट डाइवर्ट

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। रेलवे प्रशासन द्वारा बिजनौर-नगीना मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक संख्या 59/B पर मरम्मत कार्य किया जाना है। इस कारण अगले दो दिनों तक यह मार्ग सड़क यातायात के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा। यदि आप इस मार्ग से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो वैकल्पिक रास्तों का चयन करें।

    महत्वपूर्ण समय और तिथि

    रेलवे विभाग (सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलपथ) द्वारा जारी सूचना के अनुसार फाटक बंद रहने का समय निम्नलिखित है:
    * बंद होने की तिथि: 20 जनवरी 2026, मंगलवार।
    * समय: सुबह 07:00 बजे से।
    * खुलने की तिथि: 22 जनवरी 2026, गुरुवार।
    * समय: शाम 08:00 (20:00) बजे तक।

    क्यों बंद रहेगा फाटक?

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेलवे किमी. 69/19-20 पर स्थित इस फाटक पर रेलवे ट्रैक का अनुरक्षण (Maintenance) कार्य किया जाना है। रेल यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है।

    यातायात के लिए निर्देश

    रूट डाइवर्जन: इस अवधि के दौरान बिजनौर-नगीना मार्ग का सारा यातायात अन्य वैकल्पिक मार्गों पर डाइवर्ट किया जाएगा।
    अपील: प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे इस आवश्यक कार्य में सहयोग करें और परेशानी से बचने के लिए पहले से निर्धारित डाइवर्जन रूट का पालन करें।

  • डॉ. बीरबल सिंह की बहन के त्रयोदश संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

    बिजनौर। वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह की पूजनीय बहन स्वर्गीय श्रीमती गहलता (पत्नी श्री तेजपाल सिंह) का त्रयोदश संस्कार सोमवार को नगर के शहनाई बैंक्वेट हॉल में सपंन्न हुआ। इस अवसर पर राजनीति, शिक्षा, न्याय और पत्रकारिता जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने सम्मिलित होकर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    राजनीतिक एवं सामाजिक दिग्गजों की उपस्थिति

    कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा सिंह और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष हेमेंद्र पाल सिंह व सुभाष वाल्मीकि ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित की। इनके साथ ही पूर्व नगर अध्यक्ष नीरज शर्मा, लोकेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद राठी भी उपस्थित रहे।

    विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

    शोक सभा में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली:

    * न्यायिक एवं प्रशासनिक: सेवानिवृत्त जज राम अवतार सिंह, कुलपति भानु प्रताप सिंह, और एडवोकेट हुकुम सिंह।
    * पत्रकारिता जगत: ‘चिंगारी’ के संपादक श्री सूर्यमणि रघुवंशी, वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र निरंकारी, ब्रजवीर सिंह चौधरी और राजवीर सिंह चौधरी।
    * चिकित्सा एवं व्यापार: डॉ. दिग्विजय चौधरी, डॉ. ध्यान सिंह, डॉ. सुमित बिश्नोई, डॉ. सोनवीर सिंह और व्यापारी नेता अनिल गंभीर।
    * अन्य प्रमुख नेता: रालोद के पूर्व जिला अध्यक्ष विजेंद्र अशोक चौधरी, गन्ना समिति नजीबाबाद के अध्यक्ष बृज कुमार, पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र मलिक और नगर पालिका परिषद के सभासदगण।

    डॉ. बीरबल सिंह ने जताया आभार

    श्रद्धांजलि सभा के अंत में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह ने अपनी बहन को याद करते हुए भावुक स्वर में सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में आप सभी की उपस्थिति ने परिवार को संबल प्रदान किया है।

    इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी उपस्थित होकर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं।

  • बिजनौर पुलिस की अभिनव पहल

    🛡️ साइबर सुरक्षा के 5 सुनहरे नियम

    * गोपनीयता बनाए रखें: बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वालों को कभी भी OTP, PIN या CVV न दें। असली बैंक कभी ये जानकारी फोन पर नहीं मांगता।
    * अज्ञात लिंक से बचें: लॉटरी, बिजली बिल कटने या KYC अपडेट के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।
    * रिमोट ऐप से दूरी: किसी के कहने पर AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड न करें, इससे आपके फोन का कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है।
    * लालच में न आएं: “घर बैठे लाखों कमाएं” या “कम समय में पैसा डबल” करने वाले निवेश विज्ञापनों से बचें।
    * सत्यापित जानकारी ही चुनें: कस्टमर केयर नंबर हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से लें, गूगल सर्च के रैंडम नंबरों पर भरोसा न करें।

    🚨 ठगी होने पर क्या करें?

    यदि आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो गोल्डन ऑवर (पहले 1-2 घंटे) में कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण है:
    * 📞 तुरंत 1930 डायल करें।
    * 💻 पोर्टल http://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

    सतर्क रहें – सुरक्षित रहें!

    एक जागरूक नागरिक बनें और इस संदेश को अपने परिवार व मित्रों के साथ साझा करें। आपका एक शेयर किसी की मेहनत की कमाई बचा सकता है।

  • Newzo ऐप पर हिंदी और इंग्लिश, दोनों न्यूज़

    पत्रकारों के लिए घर बैठे कमाई का अवसर

    ~ by Chhagan Sahu

    रायपुर: यदि आप स्ट्रिंगर हैं और घर बैठे हर रोज कमाई का अवसर तलाश रहे हैं, तो यह खबर खास आपके लिए है. NEWZO एक ऐसा न्यूज़-शेयरिंग ऐप है, जो आपको देश-दुनिया की ताज़ा खबरें पढ़ने के साथ-साथ उन्हें शेयर कर सीधे पैसे कमाने का मौका देता है.

    NEWZO की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में खबरें उपलब्ध हैं. यूज़र अपनी पसंद की खबरों का चयन कर उन्हें सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर कर सकते हैं और हर दिन 500 से 700 रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. लेकिन ये ऐप ख़ास उनके लिए है जिनके पास अपना मजबूत लोकल नेटवर्क हैं और लोग अपने क्षेत्र से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद करते हैं, उनके लिए NEWZO घर बैठे कमाई का बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है.

    NEWZO ऐप पर NDTV और नवभारत जैसी देश की सबसे विश्वसनीय व प्रतिष्ठित वेबसाइटों के साथ-साथ अंग्रेजी वेबसाइट Illustrated Daily News और Indian Masterminds की खबरें भी उपलब्ध हैं. इसके अलावा क्षेत्रीय चैनलों में लल्लूराम.कॉम, केसरिया न्यूज़ और वयम् भारत जैसी वेबसाइटों की भरपूर और भरोसेमंद खबरें भी NEWZO पर पढ़ी जा सकती हैं.

    हर शेयर, हर क्लिक से बढ़ती है कमाई

    NEWZO पर शेयर की गई हर खबर और उस पर मिलने वाला हर क्लिक सीधे आपके अकाउंट में इनकम जोड़ता है. जितना अधिक आप एक्टिव रहेंगे और जितनी ज्यादा खबरें शेयर करेंगे, आपकी कैटेगरी और रिवॉर्ड्स उतने ही बेहतर होते जाएंगे. अब खबरें पढ़ना और शेयर करना सिर्फ जानकारी का जरिया नहीं, बल्कि नियमित इनकम का साधन भी बन चुका है.

    क्या है NEWZO?

    NEWZO देश का पहला ऐसा ऐप है, जहां खबरें पढ़ने के साथ-साथ उन्हें शेयर कर सीधे कमाई की जा सकती है…देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े कई पत्रकार और स्ट्रिंगर इस प्लेटफॉर्म के जरिए महीने की फिक्स इनकम जनरेट करने के साथ ही लाखों रुपये तक की कमाई कर चुके हैं. यह ऐप खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जिनका लोकल रीडर बेस मजबूत है और जो देश के किसी भी कोने में बैठकर अपनी ख़बरें लोगों तक पहुंचा सकते हैं.

    कैसे काम करता है NEWZO पर कैटेगरी सिस्टम ?

    यूज़र्स की मेहनत और एक्टिविटी के आधार पर उन्हें 5 कैटेगरी में बांटा गया है-

    प्लैटिनम: टॉप लेवल, सबसे ज्यादा कमाई और रिवॉर्ड.
    गोल्ड: बेहतर परफॉर्मेंस पर तेज़ी से बढ़ती कमाई.
    सिल्वर: लगातार एक्टिव यूज़र्स के लिए.
    बेसिक: शुरुआत की कैटेगरी.
    ब्रॉन्ज़: कम एक्टिविटी और कमजोर रीडर बेस.

    जैसे-जैसे आपकी कैटेगरी बढ़ती है, वैसे-वैसे आपकी कमाई और रिवॉर्ड्स में भी इज़ाफा होता है.

    कैसे अपडेट होगी कैटेगरी ?

    कैटेगरी अपडेट करने के लिए जरूरी है कि आप- ज्यादा से ज्यादा खबरें शेयर करें.
    नए व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं.
    अपनी खबरें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं.
    हर दिन नए रीडर के साथ जुड़ें.
    पूरे महीने की एक्टिविटी के आधार पर आपकी कैटेगरी अगले महीने ऑटोमैटिक अपडेट हो जाती है.

    अकाउंट में पैसा कैसे मिलेगा?

    प्रोफाइल में जाकर Request Redeem बटन पर क्लिक करें. फिर Redeem Now पर क्लिक करें, केवीसी की प्रक्रिया पूरी होने पर पैसे सीधे आपके खाते में चल जाएंगे.
    प्लैटिनम और गोल्ड यूज़र्स को 24 घंटे के भीतर भुगतान मिल जाता है.

    अन्य कैटेगरी के लिए यह प्रक्रिया एक महीने में पूरी होती है.
    खास बात यह है कि गुरुवार को रिडीम करने पर, शनिवार तक भुगतान मिल जाता है, चाहे आप किसी भी कैटेगरी में हों.

    स्ट्रिंगर बनकर बढ़ाएं पहचान और कमाई

    NEWZO देशभर से ऐसे स्ट्रिंगर्स की तलाश में है, जो अपने क्षेत्र की खबरें लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं और घर बैठे कमाई करना चाहते हैं. यदि आप ऐसे पत्रकार हैं तो आज ही Newzo ऐप को डाउनलोड कर कमाई शुरू करें. अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर आप संपर्क कर सकते हैं.

    डाउनलोड लिंक: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.lalluram.shareware&hl=en_IN

    संपर्क करें: 📞  9109959434, 9685717257, 9685827491

    📧 sonal@newzo.in

  • नकद, मोबाइल और आपत्तिजनक सामग्री बरामद

    गिरोह की सरगना भी पुलिस गिरफ्त में

    बिजनौर पुलिस का बड़ा एक्शन

    अनैतिक देह व्यापार का भंडाफोड़: पुलिस ने 2 महिलाओं सहित 5 को दबोचा

    बिजनौर। जनपद बिजनौर के मण्डावली थाना क्षेत्र में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुरुषों और दो महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी से क्षेत्र के अनैतिक कार्यों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।

    पुलिस टीम की सटीक घेराबंदी

    जानकारी के अनुसार, दिनांक 14.01.2026 को क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद के कुशल निर्देशन में थाना मण्डावली पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सटीक सूचना के आधार पर छापेमारी की, जिसमें अनैतिक कार्यों में लिप्त कुल 5 अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इनके खिलाफ थाना मण्डावली में मु.अ.सं. 04/2026, धारा 3/4/5 अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    क्षेत्राधिकारी नितेश प्रताप सिंह

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • अमित कुमार पुत्र नरपाल सिंह (निवासी: ग्राम कामगारपुर, मण्डावली)
    • सोनू पुत्र मुन्ने (निवासी: मौ० चमरिया बिलाल बाग, भागूवाला)
    • वसीम पुत्र अमीर हसन (निवासी: ग्राम नारायणपुर, मण्डावली)
    • घटना में शामिल 02 महिलाएं।

    लालच देकर कराया जाता था अनैतिक कार्य

    पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पकड़ी गई एक महिला ने बताया कि मुख्य अभियुक्ता उसे अधिक पैसों का लालच देकर अनैतिक कार्यों के बरामदगी और पुलिस टीम लिए प्रेरित करती थी। वह न केवल ग्राहक उपलब्ध कराती थी, बल्कि इसके लिए स्थान और अन्य आवश्यक सामग्री भी मुहैया कराती थी। मुख्य अभियुक्ता ने स्वीकार किया कि वह केवल अधिक धन कमाने के उद्देश्य से इस गिरोह का संचालन कर रही थी और प्राप्त होने वाली राशि को आपस में बांट लिया जाता था।

    पुलिस ने मौके से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं:

    05 मोबाइल फोन 3300/- रुपये नकद भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री
    सराहनीय भूमिका: इस सफल ऑपरेशन में क्षेत्राधिकारी नितेश प्रताप सिंह, थाना प्रभारी राकेश तालान, उप-निरीक्षक संजय कुमार, राहुल कुमार, कांस्टेबल मोनू मलिक, पंकज कुमार और महिला कांस्टेबल पूजा व मानसी की मुख्य भूमिका रही।

  • भारत की अदालतों में लगी लेडी जस्टिस की मूर्ति की जगह कौन सी मूर्ति लगनी चाहिए?, जो हाथ में तराज़ू लिए खड़ी होती है।

    भारत की अदालतों में लगी पहली मूर्ति लेडी जस्टिस की है, जो हाथ में तराज़ू लिए खड़ी होती है। यह मूर्ति ग्रीक देवी थीमिस की पुत्री #डाइकी की है जिसे अब भारतीय वस्त्र में दिखाकर #न्यायदेवी बोला गया। लेकिन भारतीय परंपरा में न्याय का सच्चा प्रतीक #भगवानचित्रगुप्त हैं, जो हर व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों का पूरा लेखा रखते हैं। वे बिना आँख ढके सत्य देखते हैं और कर्म के अनुसार न्याय करते हैं। इसलिए विदेशी प्रतीक की जगह भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति लगाना हमारी संस्कृति और न्याय की भारतीय सोच को बेहतर ढंग से दर्शाएगा। आपकी इस विषय पर क्या विचार है, कमेंट करें।

  • मंगलवार को हनुमान जी तो बुधवार को काटे मां दुर्गा मूर्ति के चक्कर

    जांच को पहुंची डॉक्टरों की टीम भी रह गई दंग! 

    बिजनौर के नंदपुर गांव में उमड़ा जनसैलाब

    आश्चर्यजनक: मंदिर में कुत्ता कर रहा मूर्तियों की परिक्रमा!

    ~ शैली सक्सेना

    लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के नगीना तहसील अंतर्गत आने वाले गांव नंदपुर में इन दिनों एक ऐसी घटना घट रही है, जिसे देखकर लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। नगीना-बढ़ापुर मार्ग पर स्थित इस गांव के प्राचीन मंदिर में एक कुत्ता पिछले दो दिनों से लगातार देवी-देवताओं की मूर्तियों की परिक्रमा कर रहा है। इसे ईश्वरीय चमत्कार मानकर आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।

    हनुमान मंदिर से शुरू हुआ परिक्रमा का सिलसिला

    स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, परिक्रमा का यह सिलसिला मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे शुरू हुआ। कुत्ता सबसे पहले हनुमान मंदिर पहुंचा और वहां हनुमान जी की मूर्ति के चारों ओर परिक्रमा करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उसने पूरी रात मंदिर परिसर में ही विश्राम किया और सुबह फिर से भक्ति भाव में मग्न होकर चक्कर काटना शुरू कर दिया।

    बुधवार को मां दुर्गा की मूर्ति के लगाए चक्कर

    हैरानी की बात तब और बढ़ गई जब बुधवार दोपहर करीब 1:00 बजे से कुत्ते ने हनुमान मंदिर छोड़कर पास ही स्थित मां शेरों वाली (दुर्गा जी) की मूर्ति की परिक्रमा शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि वह पिछले कई घंटों से बिना रुके, बिना कुछ खाए-पिए लगातार चक्कर काट रहा है। थकान के कारण वह अपने पैर उठा-उठाकर चल रहा है, लेकिन उसकी आस्था या जिद कम होती नहीं दिख रही।

    चिकित्सकों ने भी माना ‘अद्भुत करिश्मा’

    घटना की सूचना मिलते ही बिजनौर से पशु चिकित्सकों की एक टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने पहले आशंका जताई थी कि शायद कुत्ता किसी बीमारी या रेबीज (पागलपन) का शिकार हो सकता है, लेकिन बारीकी से जांच करने और कुत्ते के व्यवहार को देखने के बाद वे भी संतुष्ट नजर आए। डॉक्टरों ने एम्बुलेंस तक बुला ली थी, लेकिन कुत्ते के शांत और अनुशासित व्यवहार को देखकर उन्होंने भी इसे एक ‘अद्भुत करिश्मा’ करार दिया।

    दूर-दराज से पहुंच रहे हैं लोग

    जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, नगीना ही नहीं बल्कि स्योहारा, चांदपुर, अमरोहा और नजीबाबाद जैसे शहरों से भी भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग इसे ‘भगवान की लीला’ मान रहे हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु कुत्ते के दर्शन कर रहे हैं और वहां पूजा-अर्चना का माहौल बना हुआ है।

    प्रभु का चमत्कार?

    गांव के निवासी अजय कुमार ने बताया, “यह नजारा अविश्वसनीय है। कुत्ता न कुछ खा रहा है, न पी रहा है, बस मूर्तियों के चक्कर काट रहा है। उसका पेट भी काफी पिचक गया है, लेकिन वह रुकने को तैयार नहीं है। हम इसे प्रभु का चमत्कार ही मान रहे हैं।”

  • पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दी गई आहुति

    अग्नि प्रज्वलित कर सुख-समृद्धि की कामना

    गिद्दा और भंगड़े की धुन पर झूमे परिजन व मित्रगण

    कपिल नरूला के प्रतिष्ठान पर धूमधाम से मनाया गया लोहड़ी का पर्व

    बिजनौर, (भूपेंद्र निरंकारी)। लोहड़ी के पावन अवसर पर स्थानीय प्रतिष्ठित व्यवसायी कपिल नरूला जी के प्रतिष्ठान पर एक भव्य और हर्षोल्लासपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उत्सव में नरूला परिवार के साथ-साथ शहर की गणमान्य हस्तियों ने शिरकत की और एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।

    पारंपरिक तरीके से जलाई गई लोहड़ी

    कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ लोहड़ी जलाकर की गई। पवित्र अग्नि में तिल, गुड़ और रेवड़ी अर्पित कर सभी ने क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान वातावरण “लोहड़ी की लख-लख बधाइयां” के नारों से गूंज उठा।

    प्रसाद का वितरण और सांस्कृतिक उल्लास

    इस शुभ अवसर पर उपस्थित सभी मेहमानों को पारंपरिक प्रसाद के रूप में रेवड़ी, मूंगफली, पॉपकॉर्न और टॉफियां वितरित की गईं। ढोल की थाप पर पंजाबी गीतों के बीच सभी ने जमकर नृत्य किया और उत्सव का आनंद लिया।
    मुख्य रूप से उपस्थित अतिथि एवं परिवारजन
    इस गरिमामय कार्यक्रम में नरूला और सेतिया परिवार के सदस्यों सहित शहर के कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

    * नरूला परिवार: श्रीमती सुनीता नरूला, कपिल नरूला, सुरभि नरूला, अतिका नरूला, कुंज नरूला, जितेंद्र नरूला।
    * सेतिया परिवार: विकास सेतिया, राखी सेतिया, मदनलाल सेतिया, शुभम सेतिया।
    * अन्य गणमान्य अतिथि: जोगिंदर मदनलाल, मनोज शर्मा, सूर्यदेव रथ राजपूत, विनीत कुमार, जोगिंदर लाली, नीरज शर्मा, पवन कुमार, नितिन शर्मा।
    * विशेष उपस्थिति: कृतिका फोटो स्टूडियो के मालिक ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    मेल-मिलाप का केंद्र बना आयोजन

    कपिल नरूला जी ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे त्योहार आपसी भाईचारे और प्रेम को बढ़ाते हैं। कार्यक्रम के अंत में विकास सेतिया और उनके परिवार सहित अन्य मित्रों ने इस सफल आयोजन की सराहना की।

  • तीन दिवसीय विशेष दीवान में भाई सतविंदर सिंह जी करेंगे कीर्तन

    15 जनवरी को सजेगा भव्य दरबार, बरतेगा अटूट लंगर

    गुरुद्वारा साहिब में ‘श्री अखंड पाठ साहिब’ के साथ धार्मिक समागम का शुभारंभ

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह के जयकारों के साथ स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में आज से विशेष धार्मिक समागम का आयोजन किया जा रहा है। भक्ति और श्रद्धा के इस पावन अवसर पर समूह संगत की ओर से मानवता के कल्याण और गुरु कृपा प्राप्ति हेतु तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

    श्री अखंड पाठ साहिब का प्रारंभ

    धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज, 13 जनवरी (मंगलवार) को प्रातः 8:30 बजे श्री अखंड पाठ साहिब जी का आरंभ मर्यादा पूर्वक किया गया। कल, 14 जनवरी (बुधवार) को प्रातः 8:00 बजे मध्य की अरदास होगी, जिसमें भारी संख्या में संगत के जुटने की संभावना है।
    15 जनवरी: कीर्तन दरबार और समापन समारोह

    समागम का मुख्य दिन बृहस्पतिवार, 15 जनवरी को होगा। कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है:

    • प्रातः 8:30 बजे: श्री अखंड पाठ साहिब जी की समाप्ति (भोग)। तत्पश्चात विशेष कीर्तन अरदास होगी और गुरु का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
    • शाम 7:00 बजे: ‘सो दर रहरास साहिब’ जी का पाठ सामूहिक रूप से किया जाएगा।
    • विशेष कीर्तन (शाम 7:30 – 8:45): भाई साहब भाई सतविंदर सिंह जी एवं उनके साथी अपनी मधुर रसना से इलाही बाणी का कीर्तन कर संगत को निहाल करेंगे।
      गुरु का अटूट लंगर
      समापन समारोह के उपरान्त अरदास की जाएगी, जिसके बाद गुरुद्वारा साहिब में ‘गुरु का अटूट लंगर’ बरतेगा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समूह संगत से विनम्र विनती की है कि अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार गुरुद्वारा साहिब पहुँचकर गुरु घर की खुशियाँ प्राप्त करें और कीर्तन श्रवण कर अपना जीवन सफल बनाएं।

    कार्यक्रम की रूपरेखा (संक्षिप्त)

  • अधूरे पुल के कारण हर साल ‘खो नदी’ बरपाती है कहर

    कीचड़ और बीमारियों के बीच जीने को मजबूर ग्रामीण

    पोर्टल पर शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन

    विकास से कोसों दूर नरूलापुर: बदहाल रास्ते और अधूरे पुल ने छीना ग्रामीणों का चैन, अब पलायन की तैयारी

    बिजनौर, (भूपेंद्र निरंकारी)। नगीना देहात का गांव नरूलापुर आज के आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। रायपुर सादात से चंदन वाला होते हुए नरूलापुर को गड़ी गामड़ी से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इस कदर बदहाल है कि यहाँ इंसानों का चलना तो दूर, एंबुलेंस तक नहीं पहुँच पाती। बदहाल सड़कों, अधूरे पुल और जलभराव की समस्या से त्रस्त ग्रामीण अब गांव से पलायन करने का मन बना चुके हैं।

    खूनी सड़क और अधूरा पुल: जान पर भारी लापरवाही

    ग्रामीणों का आरोप है कि नरूलापुर से गड़ी गामड़ी के बीच खो नदी पर बने पुल का निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ दिया गया है। पुल अधूरा होने के कारण बरसात में नदी का पानी सीधे गांव में घुस जाता है, जिससे हर साल करोड़ों की संपत्ति का नुकसान होता है। खराब रास्तों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

    कीचड़ के साम्राज्य से बीमारियों का खतरा

    गांव के भीतर की स्थिति नारकीय बनी हुई है। अंबेडकर मंदिर के सामने वाला नाला गंदगी और कीचड़ से लबालब है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से रास्तों पर पानी भरा रहता है, जिससे पीने का पानी भी दूषित हो गया है। गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।

    ग्रामीणों की जुबानी: बदहाली की कहानी

    * सड़कों का हो तत्काल निर्माण: “गांव के अंदर की सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं। बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है। सरकार को तत्काल सड़कों का निर्माण कराना चाहिए।” — दीपक पाल

    * नाले का निर्माण है जरूरी: “अंबेडकर मंदिर के सामने नाला कीचड़ से भरा रहता है। यहाँ नए नाले का निर्माण होना अनिवार्य है ताकि गंदगी से निजात मिल सके।” — टीकम सिंह

    * स्वास्थ्य सेवाओं से कटे ग्रामीण: “इमरजेंसी के समय गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुँच पाती। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि कम से कम मरीज को अस्पताल तक समय पर ले जाया जा सके।” — डॉ. अरुण कुमार

    * बाढ़ और पलायन का डर: “खो नदी का पुल अधूरा होने से पानी गांव में तबाही मचाता है। खेती और संपत्ति का भारी नुकसान हो रहा है। अगर पुल और ठोकर (नोकी) का निर्माण न हुआ तो हम पलायन को मजबूर होंगे।” — अजय पाल

    * अनसुनी हुई शिकायतें: “हमने तहसील प्रशासन, जिला प्रशासन सहित मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर भी गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई जमीनी कार्रवाई नहीं हुई।” — मोनू कुमार

    प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल

    हैरानी की बात यह है कि शासन के सभी बड़े पोर्टल्स और अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) और ग्राम प्रधान की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को विवश होंगे।

  • साहित्य विहार निवासी चिकित्सक की अनूठी पहल; वर्षों से जारी है ठिठुरते लोगों के लिए ‘निशुल्क कुल्हड़ चाय’ का सेवा यज्ञ

    इच्छाशक्ति के आगे पस्त हुई ठंड: कड़कड़ाती शीतलहर में डॉ. मोहित शर्मा बने राहगीरों का सहारा

    बिजनौर, (भूपेंद्र निरंकारी)। जब इरादे नेक और इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो मौसम की दुश्वारियां भी रास्ता नहीं रोक पातीं। उत्तर भारत में इन दिनों कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जहाँ लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं और राहगीर चौराहों पर ठिठुरते हुए घंटों वाहनों का इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं साहित्य विहार निवासी डॉ. मोहित शर्मा मानवता की एक नई इबारत लिख रहे हैं।

    कोहरे की चादर और सेवा का जज्बा

    डॉ. मोहित शर्मा अपने हौसले और हिम्मत के दम पर हर सुबह-शाम सड़कों पर उतरते हैं। उनका लक्ष्य केवल एक है—ठंड से कांपते आम जनमानस और राहगीरों को राहत पहुँचाना। इसी क्रम में मुख्य डाकघर के बाहर ‘निशुल्क चाय सेवा’ का भव्य आयोजन किया गया। घने कोहरे के बीच गरम-गरम कुल्हड़ वाली चाय पीकर राहगीरों के चेहरों पर सुकून साफ देखा गया।

    वर्षों से अनवरत जारी है सेवा यात्रा

    यह कोई एक दिन का आयोजन नहीं है। डॉ. शर्मा पिछले कई वर्षों से बिना रुके, प्रत्येक शीतकाल में इस सेवा को निरंतर जारी रखे हुए हैं। उनकी यह पहल अब नगर में चर्चा का विषय बन गई है और हर कोई उनके इस निस्वार्थ कार्य की सराहना कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी पहल समाज में सकारात्मकता का संचार करती है।

    > “सच्ची सेवा वही है जो दूसरों के कष्ट को अपना समझकर की जाए। भीषण ठंड में एक प्याली गर्म चाय न केवल शरीर को गर्माहट देती है, बल्कि मानवता में विश्वास भी जगाती है।” — डॉ. मोहित शर्मा >

    सहयोगियों का मिला साथ

    पुण्य के इस कार्य में डॉ. शर्मा अकेले नहीं हैं; उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर नगर के कई प्रबुद्ध नागरिक भी सेवा दे रहे हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोगों का विशेष सहयोग रहा:
    * पंकज शर्मा एवं विपिन चौहान
    * पुनीत अग्रवाल एवं वैभव बिंदल
    * राजीव कश्यप एवं त्रिलोक चंद
    * मानव सचदेवा एवं ऋषि कुमार
    * पुनीत भारद्वाज एवं दीपक कुमार

    इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि यदि समाज के लोग एक साथ आ जाएं, तो किसी भी आपदा या कठिन मौसम के प्रभाव को कम किया जा सकता है। नगर के विभिन्न वर्गों ने डॉ. मोहित शर्मा की इस मुहिम को ‘सेवा की मिसाल’ बताया है।

  • नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में 2000 मरीजों की जाँच

    अनुभवी डॉक्टरों ने दीं सेवाएं

    BMD और HbA1c जैसी गंभीर जाँचें भी हुईं मुफ्त

    स्व. पंडित चंद्रकांत आत्रेय की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। स्वर्गीय पंडित चंद्रकांत आत्रेय की पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को एक विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। थाना शहर कोतवाली के पास स्थित पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 12 जनवरी को आयोजित इस शिविर में मानवता की सेवा का अनुपम उदाहरण देखने को मिला, जहाँ बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग दो हजार मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

    डॉ. मिताली आत्रेय नेत्र रोग विशेषज्ञ पंडित चंद्रकांत आत्रेय मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर नगीना रोड बिजनौर

    विशेषज्ञों की टीम ने दिया परामर्श

    डॉ. प्रज्ञा आत्रेय

    शिविर में चिकित्सा जगत के जाने-माने विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। इनमें मुख्य रूप से:
    * डा. अवधेश वशिष्ठ (छाती रोग विशेषज्ञ)
    * डा. मिताली आत्रेय (नेत्र रोग विशेषज्ञ)
    * डा. विभु शर्मा (बाल रोग विशेषज्ञ)
    * डा. मीतू कान्त (नाक, कान व गला विशेषज्ञ – ENT)
    * डा. पार्थ, डा. आभा और डा. प्रज्ञा
    इन अनुभवी चिकित्सकों ने मरीजों का गहन परीक्षण किया और उन्हें उचित उपचार व स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया

    डॉ. विभु शर्मा बाल रोग विशेषज्ञ,भोला हॉस्पिटल बिजनौर
    डॉक्टर अवधेश वशिष्ठ, पंडित चंद्रकांत आत्रेय मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर नगीना रोड बिजनौर
    दीपक वशिष्ठ, पंडित चंद्रकांत आत्रेय मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर नगीना रोड बिजनौर

    नि:शुल्क जाँच एवं दवा वितरण

    स्वास्थ्य शिविर की सबसे बड़ी विशेषता आधुनिक और खर्चीली जाँचों का पूरी तरह नि:शुल्क होना रहा। शिविर के दौरान मरीजों के लिए BMD (Bone Mineral Density), HbA1c (तीन महीने की औसत शुगर), ब्लड शुगर और PFT (फेफड़ों की जाँच) जैसी महत्वपूर्ण जाँचें मुफ्त की गईं। साथ ही, जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां और स्वास्थ्य लाभ के लिए फल भी वितरित किए गए।

    इनका रहा विशेष योगदान

    कैंप को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में मैनेजर दीपक वशिष्ठ और रघुनंदन विश्नोई के नेतृत्व में पूरी टीम ने सराहनीय कार्य किया। आयोजन में डा. दानिश, अंकुर विश्नोई, संजय वर्मा, गीतेश भारद्वाज, मोहित शर्मा, नीरज कुमार, प्रिंस शर्मा, अरुण कुमार, डा. विमल, समीर और जीतेन्द्र कुमार का विशेष सहयोग रहा।

    मरीजों ने जताया आभार

    शिविर में आए मरीजों और उनके परिजनों ने आयोजकों की इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। स्थानीय निवासियों का कहना था कि स्व. पंडित चंद्रकांत आत्रेय की स्मृति में किया जाने वाला यह वार्षिक आयोजन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

  • वैचारिकी पर सवाल: एक विशेष रिपोर्ट

    बिहार से हरियाणा तक प्रतीकों की राजनीति विफल

    गलत दिशा में ले जा रहे हैं राहुल गांधी के सलाहकार?

    वैचारिकी पर सवाल: वामपंथी चश्मे से जमीनी हकीकत देख रही है कांग्रेस?

    नई दिल्ली/ब्यूरो रिपोर्ट: अखिल भारतीय संगठन से लैस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आज एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ वह लोक मर्म और जनता की बुनियादी जरूरतों को छूने वाले विचारों से दूर होती दिख रही है। ताज़ा राजनीतिक हालातों का विश्लेषण करें तो बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा में 61 सीटों पर लड़ कर महज 6 सीटें जीतना कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय है। जानकारों का मानना है कि पार्टी की रणनीति और शीर्ष नेतृत्व की वैचारिकी अब चुनावी सफलता दिलाने में नाकाम साबित हो रही है।

    प्रतीकों की राजनीति और चुनावी हकीकत

    राजनीति में प्रतीकों के जरिए जनता तक संदेश पहुँचाने की पुरानी परंपरा रही है। राहुल गांधी ने भी बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान मखाने के खेत में उतरने से लेकर हरियाणा चुनाव में ट्रैक्टर चलाने और धान की रोपाई करने तक कई प्रयास किए। बौद्धिक वर्ग इसे ‘अभूतपूर्व’ कदम करार देता है, लेकिन चुनावी नतीजे बताते हैं कि जनता इसे स्वीकार नहीं कर पा रही है। सवाल यह उठता है कि इन कोशिशों के बावजूद लोग कांग्रेस के साथ जुड़ क्यों नहीं रहे?

    वामपंथी सोच का ‘शिकंजा’

    विश्लेषकों का दावा है कि कांग्रेस आज उन मुद्दों को ज्यादा हवा दे रही है जो उनके वामपंथी सलाहकार सुझाते हैं। बौद्धिक और अकादमिक जगत में ये मुद्दे भले ही आकर्षक लगें, लेकिन जमीनी स्तर पर ये अस्वीकार्य हो चुके हैं। उदाहरण के तौर पर, निजीकरण की कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन इसने देश में जो आर्थिक चमक और अवसर पैदा किए हैं, उसे वामपंथी वैचारिकी नहीं देख पा रही है। पार्टी के भीतर भी कई वरिष्ठ नेता सच बोलने से कतरा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि ‘कड़वी दवा’ सुझाना उनके करियर के लिए हानिकारक हो सकता है।

    इंदिरा गांधी की समझ बनाम वर्तमान नेतृत्व

    कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से की जा रही है। इंदिरा गांधी की भारतीय समाज को लेकर समझ बहुत गहरी थी। वे वक्त और इलाके की परंपरा के अनुसार खुद को ढालना जानती थीं। स्वाधीनता आंदोलन के दौरान कांग्रेस की छतरी तले कई विचारधाराएं थीं, लेकिन आज पार्टी पर वामपंथ का असर इतना गहरा है कि वह अपनी बुनियादी ‘मध्यमार्गी’ और ‘समाजवादी’ विचारधारा को खोती जा रही है।

    भाजपा के ‘प्रतिकार’ के सामने पस्त होती रणनीति

    भाजपा के खिलाफ हर बार सांप्रदायिकता को चुनावी मुद्दा बनाना भी कांग्रेस की सलाहकार मंडली की एक ऐसी रणनीति मानी जा रही है जिसका तोड़ भाजपा ने ढूंढ लिया है। इसी वैचारिक कमजोरी के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कांग्रेस उन क्षेत्रीय दलों के सामने ‘छोटे भाई’ की भूमिका में सिमट गई है, जिनका उदय ही कभी कांग्रेस विरोध की राजनीति से हुआ था।

    अस्तित्व का संकट?

    प्रकृति का नियम है कि हर वस्तु की एक निश्चित आयु होती है। जिस तरह से कांग्रेस अपने बुनियादी सिद्धांतों से भटककर वामपंथी एजेंडे की ओर झुकी है, उससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या पार्टी अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है? आज का साक्षर और सूचनाओं से लैस मतदाता प्रतीकों के पीछे के असली संदेशों को समझने लगा है, लेकिन कांग्रेस शायद इस बदलाव को भांपने में देरी कर रही है।

    ~ आर्य राजेश
    उप-संपादक (सुपर इंडिया न्यूज़ TV / Z9 न्यूज़ TV)

  • ब्रेकिंग न्यूज़: मौत की सौदागर दादी, आज पूरे होंगे रुके हुए काम, आजादी दिलाने में मदद करेंगे ट्रंप!, बुजुर्ग डॉक्टर कपल से 14 करोड़ 85 लाख की ठगी, Border 2: मेजर की पत्नी का वरुण धवन को आशीर्वाद

    [11/01, 8:02 am] Sanjay Saxena: ‘दादी’ निकली ‘मौत की सौदागर, 4 पिस्टल के साथ महिला तस्कर अरेस्ट
    https://lalluram.newzo.in/Lnk/SRWR202601110759163022344647


    [11/01, 8:04 am] Sanjay Saxena: 11 January: पूरे होंगे रुके हुए काम, धन के मामले में सोच-समझकर लें फैसला
    https://lalluram.newzo.in/Lnk/SRWR202601110802243022346697


    [11/01, 8:05 am] Sanjay Saxena: आजादी दिलाने में मदद करेंगे ट्रंप! … क्या ईरान पर हमले की है तैयारी?
    https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202601110804373022344229


    [11/01, 8:07 am] Sanjay Saxena: बुजुर्ग डॉक्टर कपल से 14 करोड़ 85 लाख ठगे, दो हफ्ते रखा डिजिटल अरेस्ट
    https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202601110806193022343842


    [11/01, 8:09 am] Sanjay Saxena: Border 2: मेजर होशियार सिंह दहिया की पत्नी ने वरुण धवन को दिया आशीर्वाद
    https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202601110808583022341077

  • राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन द्वारा 17 जनवरी को विशाल नि:शुल्क उपकरण वितरण शिविर

    दिव्यांगों, वृद्धों और जरूरतमंदों को बांटी जाएंगी सिलाई मशीनें, ट्राई-साइकिल और कंबल: एम.आर. पाशा

    बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के तत्वाधान में आगामी 17 जनवरी 2026 कोबुढ़नपुर (उत्तर प्रदेश) में एक भव्य जनसेवा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.आर. पाशा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह शिविर समाज के वंचित, दिव्यांग, वृद्ध और विधवा महिलाओं की सहायता के लिए समर्पित है।

    शिविर का मुख्य विवरण:

    • दिनांक: 17 जनवरी 2026
    • समय: प्रातः 10:00 बजे से
    • स्थान: पार्कर पब्लिक स्कूल, बुढ़नपुर
    • आयोजक: राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन
      इन उपकरणों और सामग्रियों का होगा वितरण
      अध्यक्ष एम.आर. पाशा ने जानकारी दी कि शिविर में पात्र व्यक्तियों को उनकी आवश्यकतानुसार निम्नलिखित वस्तुएं नि:शुल्क प्रदान की जाएंगी:
    • दिव्यांग सहायता: ट्राई-साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी और कैलिपर्स।
    • स्वावलंबन हेतु: गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए सिलाई मशीनें।
    • शीत लहर से बचाव: निर्धन, वृद्ध और विधवाओं के लिए कंबल, रजाई और लिहाफ।

    ‘हर साल सेवा का संकल्प’

    एम.आर. पाशा ने कहा, “हमारा संगठन हर वर्ष जनवरी माह में इस विशाल कार्यक्रम का आयोजन करता है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी दिव्यांग या गरीब साधन के अभाव में पीछे न रहे। सिलाई मशीन के माध्यम से हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं ट्राई-साइकिल और व्हीलचेयर दिव्यांगों के जीवन को सुगम बनाएगी।”

    पहुंचने की अपील

    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्षेत्र के समस्त दिव्यांगों, वृद्धों, युवाओं और गरीब मजदूरों से अपील की है कि वे 17 जनवरी को सुबह 10 बजे पार्कर पब्लिक स्कूल पहुंचकर इस शिविर का लाभ उठाएं। उन्होंने समाज के अन्य वर्गों से भी इस पुनीत कार्य में सहयोग की अपेक्षा की है।

  • बिजनौर के किसानों के लिए सुनहरा अवसर

    कृषि दर्शन 2 पोर्टल पर बुकिंग शुरू, ऑनलाइन लॉटरी से होगा चयन

    गन्ने के साथ उर्द-मूंग की सहफसली खेती के लिए मिलेगा मुफ्त बीज, 15 जनवरी तक करें आवेदन

    बिजनौर। जनपद के किसानों को दलहन उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने विशेष पहल की है। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘राज्य सहायतित निःशुल्क दलहन बीज मिनीकिट वितरण’ कार्यक्रम के तहत जायद 2026 में गन्ने के साथ उर्द एवं मूंग की सहफसली खेती के लिए जिले को लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं।

    योजना की मुख्य बातें:

    किसे मिलेगा लाभ: ऐसे किसान जो गन्ने के साथ उर्द या मूंग की सहफसली खेती करना चाहते हैं।

    बीज की मात्रा: एक कृषक को अधिकतम एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए 20 किग्रा उर्द और 20 किग्रा मूंग का बीज पूर्णतः निःशुल्क दिया जाएगा।

    चयन प्रक्रिया: लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

    कैसे करें आवेदन?
    इच्छुक किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए ‘कृषि दर्शन 2’ पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण/बुकिंग करनी होगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।

    बीज का वितरण:
    ऑनलाइन लॉटरी में चयनित होने वाले किसानों को उनके संबंधित विकास खंड (ब्लॉक) स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार से बीज वितरित किया जाएगा।

    “अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र), लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद को लक्ष्य प्राप्त हो चुके हैं। सभी इच्छुक किसान भाई समय रहते 15 जनवरी तक पोर्टल पर आवेदन कर दें ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके।”
    — जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर

  • योगी सरकार की पहल: परेड ग्राउंड से छिवकी स्टेशन तक स्थापित हुए हाई-टेक केंद्र

    प्रयागराज में 20 लाख श्रद्धालु उठा चुके हैं लाभ: जयवीर सिंह

    माघ मेला 2026: आस्था और आधुनिक सुविधाओं का संगम, पर्यटन सूचना केंद्र बने श्रद्धालुओं के ‘सारथी’

    ~ शैली सक्सेना

    प्रयागराज/लखनऊ, (8 जनवरी, 2026)। संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 अपनी दिव्यता और भव्यता के साथ गतिमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘भव्य और सुरक्षित मेला’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए, इस बार श्रद्धालुओं की सहायता के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने विशेष पहल की है। मेले के प्रमुख केंद्रों पर स्थापित अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़े मददगार साबित हो रहे हैं। 3 जनवरी से शुरू हुए मेले में अब तक लगभग 20 लाख श्रद्धालु इन केंद्रों से जानकारी प्राप्त कर चुके हैं।

    इन चार प्रमुख स्थानों पर मिल रही है सहायता

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए शहर और मेला क्षेत्र के चार रणनीतिक स्थानों पर ये केंद्र संचालित हैं:

    • परेड ग्राउंड (मुख्य मेला क्षेत्र)
    • नागवासुकी मंदिर परिसर
    • प्रयागराज छिवकी जंक्शन रेलवे स्टेशन
    • अरैल घाट (यमुना तट)

    सूचना केंद्रों की मुख्य विशेषताएं: एक छत के नीचे सारी जानकारी

    इन केंद्रों को मात्र एक डेस्क न बनाकर एक ‘कंपलीट गाइडेंस हब’ के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं:

    बहुभाषी सहायता: श्रद्धालुओं को हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में सूचनात्मक पुस्तिकाएं (Booklets) दी जा रही हैं।

    डिजिटल डिस्प्ले: बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सुरक्षा, स्वच्छता और मेला रूट के वीडियो दिखाए जा रहे हैं।

    सेक्टर मैप: मेले के जटिल भूगोल को समझाने के लिए विस्तृत सेक्टर मैप लगाए गए हैं, ताकि लोग भटकें नहीं।

    आवास की जानकारी: पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की सूची भी यहाँ उपलब्ध है। टूरिस्ट गाइड: प्रशिक्षित गाइडों की सूची दी जा रही है ताकि विदेशी और बाहरी पर्यटक सांस्कृतिक महत्व को समझ सकें।

    “श्रद्धालुओं की संतुष्टि ही हमारा लक्ष्य” — जयवीर सिंह

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस वर्ष मेले में 12 से 15 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा, “योगी सरकार माघ मेले को न केवल धार्मिक, बल्कि एक विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव के रूप में प्रस्तुत कर रही है। हमारा उद्देश्य हर आगंतुक को सुरक्षित और यादगार अनुभव देना है।”

    वहीँ, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति, मुकेश मेश्राम ने बताया कि कुंभ 2025 की वैश्विक सफलता के बाद अब माघ मेला 2026 उत्तर प्रदेश की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।

    विशेष: इन केंद्रों पर न केवल प्रयागराज, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों (जैसे अयोध्या, काशी, मथुरा) की भी जानकारी उपलब्ध है, जिससे प्रदेश के समग्र पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।

  • दम घुटने के बाद आग की चपेट में आया परिवार, मासूम बेटी समेत पति पत्नी की मौत

    मुकुंदपुर DMRC स्टाफ क्वार्टर में देर रात हुआ हादसा

    रूम हीटर ने परिवार को सुला दिया मौत की नींद

    नई दिल्ली | मुख्य संवाददाता
    राजधानी के मुकुंदपुर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित डीएमआरसी (DMRC) स्टाफ क्वार्टर में शॉर्ट सर्किट के कारण रूम हीटर फटने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मेट्रो के असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर, उनकी पत्नी और 10 वर्षीय बेटी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि हीटर फटने के बाद कमरे में जहरीली गैस भरने से तीनों बेसुध हो गए और आग की चपेट में आने से उनकी जान चली गई।

    फाइल फोटो

    धमाके के साथ फटा हीटर, नहीं मिला संभलने का मौका

    उत्तर पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह के अनुसार, हादसा मजलिस पार्क मेट्रो अपार्टमेंट्स की पांचवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में सोमवार देर रात हुआ। मृतक की पहचान अजय विमल (असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर, DMRC), उनकी पत्नी नीलम और 10 वर्षीय बेटी जाह्नवी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से हीटर में जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे कमरे में आग फैल गई।

    दम घुटने से हुए बेसुध, फिर आग ने लिया आगोश में

    फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस का अनुमान है कि हीटर फटने के बाद कमरे में भारी मात्रा में धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर गई थी। बंद कमरे में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरा, जिससे गहरी नींद में सो रहे अजय, नीलम और जाह्नवी बेसुध हो गए। बेसुध होने के कारण उन्हें कमरे से बाहर निकलने या मदद मांगने का मौका ही नहीं मिला और वे बिस्तर पर ही आग की चपेट में आ गए।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: गेट काटकर अंदर दाखिल हुई टीम
    पुलिस को घटना की सूचना देर रात करीब 2:39 बजे मिली। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले सोसायटी के इन-हाउस फायर फाइटिंग सिस्टम से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई।
    दरवाजा तोड़ना पड़ा: फ्लैट का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। दमकल कर्मियों को पहले लोहे के गेट का सेंट्रल लॉक तोड़ना पड़ा और फिर लकड़ी के दरवाजे के कब्जे काटकर अंदर प्रवेश किया गया।
    बेड पर मिले शव: अंदर का नजारा खौफनाक था; अजय, नीलम और उनकी बेटी के शव एक ही बेड पर जले हुए पाए गए।
    सुरक्षा अलर्ट: सर्दियों में हीटर के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
    दमकल विभाग ने इस घटना के बाद लोगों को सचेत किया है कि सर्दियों में रूम हीटर का उपयोग करते समय कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें:

    वेंटिलेशन जरूरी: हीटर चलाते समय कमरे का कोई खिड़की या रोशनदान थोड़ा खुला रखें ताकि ऑक्सीजन का स्तर बना रहे।
    टाइमिंग: सोते समय हीटर को बंद कर दें या टाइमर का उपयोग करें।
    वायरिंग की जांच: पुराने या स्थानीय हीटर के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इनमें शॉर्ट सर्किट का खतरा अधिक होता है।

    सावधानी: जानलेवा साबित हो सकता है बंद कमरे में हीटर का उपयोग

    सर्दियों के मौसम में रूम हीटर और ब्लोअर का उपयोग आम है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। मुकुंदपुर जैसी घटनाओं से बचने के लिए विशेषज्ञ इन बातों का पालन करने की सलाह देते हैं:
    1. ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस
    बंद कमरे में हीटर चलाने से हवा में मौजूद ऑक्सीजन कम होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसी जहरीली गैस का स्तर बढ़ जाता है। यह गैस गंधहीन और रंगहीन होती है, जिससे व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि वह बेहोश हो रहा है।
    बचाव: हीटर चलाते समय कमरे की खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें ताकि ताजी हवा आती रहे।
    2. शॉर्ट सर्किट का खतरा
    हीटर भारी मात्रा में बिजली (Wattage) खींचते हैं। अगर घर की वायरिंग पुरानी है या बोर्ड पर लोड अधिक है, तो तार जल सकते हैं और शॉर्ट सर्किट से धमाका हो सकता है।
    बचाव: हीटर को हमेशा ‘पावर प्लग’ (15A) में ही लगाएं और एक्सटेंशन कॉर्ड का इस्तेमाल करने से बचें।
    3. ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी
    अक्सर लोग हीटर को बेड या पर्दों के पास रख देते हैं। हीटर की तेज गर्मी से कपड़ों या बेडशीट में आग लग सकती है।
    बचाव: हीटर को हमेशा बिस्तर, पर्दे, लकड़ी के फर्नीचर और कागजों से कम से कम 3 फीट की दूरी पर रखें।
    4. सोते समय रखें ध्यान
    पूरी रात हीटर चलाकर सोना सबसे घातक होता है। गहरी नींद में सांस लेने में तकलीफ का एहसास नहीं होता।
    बचाव: कमरे को गर्म करने के बाद सोने से पहले हीटर बंद कर दें। यदि संभव हो, तो ‘ऑटो-कट’ और ‘टाइमर’ वाले हीटर का ही उपयोग करें।

    > विशेषज्ञ की सलाह: कभी भी हीटर के ऊपर कपड़े न सुखाएं और छोटे बच्चों को अकेले कमरे में हीटर के साथ न छोड़ें।

  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दिखाई हरी झंडी

    07 जनवरी से आमजन और पर्यटकों के लिए होगी नियमित सेवा

    पर्यटन को नई ऊंचाई: ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा का शुभारंभ

    ~ शैली सक्सेना

    लखनऊ, (06 जनवरी 2026)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पर्यटन परिदृश्य में मंगलवार को एक ऐतिहासिक पहल जुड़ गई, जब पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने 1090 चौराहे से ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक, पर्यावरण अनुकूल बस सेवा राजधानी की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक स्वरूप को एक ही यात्रा में पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करेगी।

    07 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा ‘लखनऊ दर्शन’

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संचालित यह सेवा 07 जनवरी 2026 से नियमित रूप से प्रारंभ होगी। बस प्रतिदिन दो पालियों—सुबह और शाम में 1090 चौराहे से रवाना होगी, जिससे शहरवासी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आरामदायक भ्रमण कर सकेंगे।

    ‘विकास भी, विरासत भी’ की सजीव तस्वीर है लखनऊ दर्शन

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ दर्शन बस सेवा राजधानी की पहचान को पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगी। विधानसभा, रेजीडेंसी, अंबेडकर पार्क, यूपी दर्शन पार्क सहित प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण पर्यटकों को एक समृद्ध अनुभव प्रदान करेगा। यह पहल स्मार्ट सिटी लखनऊ में पर्यावरण अनुकूल और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    प्लांटेबल सीड पेपर टिकट: यादगार भी, जिम्मेदार भी

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस बस सेवा में यात्रियों को प्लांटेबल सीड पेपर टिकट दिया जाएगा, जिसमें तुलसी के बीज शामिल होंगे। यात्री इन्हें अपने घर में बो सकेंगे। यह पहल रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म और सस्टेनेबल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यात्रा को यादगार बनाएगी।

    ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टिकट की सुविधा

    यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन ई-टिकट बुकिंग और यात्रा स्थल से ऑफलाइन टिकट की व्यवस्था की गई है। इच्छुक पर्यटक यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट http://www.upstdc.co.in के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं। बस में यात्रा के दौरान टूर गाइड भी उपलब्ध रहेंगे।

    पर्यटकों की सुविधा अनुसार टूर पैकेज का चयन

    यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि—
    वयस्क (12 वर्ष से अधिक): ₹500 प्रति व्यक्ति
    बच्चे (05 से 12 वर्ष): ₹400 प्रति व्यक्ति
    31 जनवरी तक टिकट बुकिंग पर 10% की विशेष छूट
    आने वाले समय में पूरी बस बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक विस्तार की योजना

    पर्यटन मंत्री ने कहा कि भविष्य में ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा को राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित यह स्थल लखनऊ की विरासत श्रृंखला की नवीन कड़ी है। बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए बसों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।

    यूनेस्को की ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ बना लखनऊ

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ का यूनेस्को की ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में चयनित होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि लखनऊ की समृद्ध पाक-परंपरा, खान-पान की विविधता और सांस्कृतिक रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाती है।
    टूर एंड ट्रेवल विशेषज्ञों ने किया अनुभवात्मक भ्रमण
    ‘लखनऊ दर्शन’ की औपचारिक शुरुआत के अवसर पर टूर एंड ट्रेवल उद्योग से जुड़े 24 विशेषज्ञों ने डबल डेकर बस में यात्रा की। इस अनुभवात्मक भ्रमण के माध्यम से सुविधाओं, मार्ग, समयबद्धता और पर्यटक अनुभव का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया गया।

    पर्यटकों में दिखा जबरदस्त उत्साह

    डबल डेकर बस को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
    अमर (लखनऊ) ने कहा कि बस की ऊंचाई से शहर का नजारा बेहद आकर्षक है।
    आकाश सिंह (अमेठी) ने इसे अपने लिए एक नया और यादगार अनुभव बताया।
    रामजी द्विवेदी (हरदोई) ने कहा कि बस के अंदर से बाहर का दृश्य साफ और मनोहारी दिखता है।
    पीयूष त्रिपाठी (प्रयागराज) ने इस पहल को लखनऊ की खूबसूरती को नए अंदाज में देखने का अवसर बताया।

    अधिकारियों और मीडिया के प्रति आभार

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सफलता के लिए महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार द्वितीय, यूपीएसटीडीसी एमडी आशीष कुमार एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों की सराहना की। साथ ही, इस ऐतिहासिक पहल को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग देने वाले मीडिया बंधुओं के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।

  • इन 6 प्रॉम्प्ट्स से मिनटों में होगा घंटों का काम

    वीडियो एडिटिंग का भविष्य: Gemini AI बना क्रिएटर्स का ‘सुपर असिस्टेंट’

    नई दिल्ली | वीडियो कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में अब घंटों तक स्क्रीन के सामने बैठकर कट्स और ट्रांजिशन लगाने के दिन पुराने होने वाले हैं। AI एक्सपर्ट और कंटेंट क्रिएटर अवा के. पेन ने बताया कि कैसे Google Gemini Nano Banana Pro का सही इस्तेमाल एक प्रोफेशनल वीडियो एडिटिंग असिस्टेंट की तरह किया जा सकता है।
    पेन के अनुसार, सही ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ के जरिए एडिटिंग की प्लानिंग, स्टोरी टेलिंग और टेक्निकल सेटिंग्स को ऑटोमेट किया जा सकता है।

    6 प्रभावी प्रॉम्प्ट्स, जिन्हें आप सीधे कर सकते हैं इस्तेमाल:

    1. एडिटिंग रोडमैप (Editing Plan)

    एडिटिंग शुरू करने से पहले एक क्लियर स्ट्रैटेजी बनाने के लिए इस प्रॉम्प्ट का उपयोग करें। यह आपको पेसिंग और ट्रांजिशन का सटीक प्लान देगा।

    फायदा: इससे वीडियो में ‘ओवर-एडिटिंग’ का खतरा कम हो जाता है और दर्शकों का ध्यान अंत तक बना रहता है।
    > Prompt: Act as a professional video editor. Review this raw footage description and create a precise editing plan, including pacing, cut points, b-roll placement, and transitions. The goal is to keep viewer attention high without distracting effects. Here is the footage description: [paste description].
    >

    2. स्टाइल कॉपी करना (Style Matching)

    अगर आप किसी खास प्रोफेशनल वीडियो जैसा लुक चाहते हैं, तो यह प्रॉम्प्ट AI को उस स्टाइल का विश्लेषण करने का निर्देश देता है।

    फायदा: बिना ज्यादा प्रयोग किए आप सीधे प्रोफेशनल लेवल का लुक हासिल कर सकते हैं।
    > Prompt: Analyze the editing style of this reference video and explain how to replicate it step by step. Focus on cuts, timing, color grading, sound design, and text usage. Then show how to apply that style to my video topic: [insert topic or link].
    >

    3. कहानी को प्रभावी बनाना (Narrative Improvement)

    वीडियो की स्क्रिप्ट को एंगेजिंग बनाने और दर्शकों को बांधे रखने के लिए इस प्रॉम्प्ट का सहारा लें।

    फायदा: वीडियो का फ्लो बेहतर होता है और ऑडियंस रिटेंशन (दर्शक जुड़ाव) बढ़ता है।
    > Prompt: Review this video script and suggest edits to improve flow, clarity, and emotional engagement. Identify sections that should be trimmed, reordered, or emphasized during editing. The intended audience is [describe audience]. Script below: [paste script].
    >

    4. टेक्निकल सेटिंग्स (Technical Settings)

    यूट्यूब, इंस्टाग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म के लिए सही बिटरेट और कोडेक चुनने के लिए यह प्रॉम्प्ट सबसे सटीक है।

    फायदा: एक्सपोर्ट के बाद वीडियो की क्वालिटी एकदम क्रिस्प और प्रोफेशनल रहती है।
    > Prompt: Recommend optimal settings for this video based on platform, resolution, and content type. Include frame rate, bitrate range, codec, and audio settings. The platform is [insert platform], and the video style is [insert video style].
    >

    5. रॉ फुटेज का विश्लेषण (Raw Footage Review)

    जब आपके पास बहुत सारा रॉ डेटा हो, तो Gemini से पूछें कि उसमें सबसे बेहतरीन पल कौन से हैं।

    फायदा: आपको पता चल जाता है कि कहां बी-रोल या टेक्स्ट डालना जरूरी है, जिससे एडिटिंग की गति दोगुनी हो जाती है।
    > Prompt: Review this uploaded raw video footage and provide detailed editing recommendations. Identify weak sections, strong moments, suggested cuts, pacing improvements, and opportunities for b-roll, text, or sound enhancement. The goal is a clean, professional final edit.
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    6. फाइनल क्वालिटी चेक (Edited Video Feedback)

    वीडियो एक्सपोर्ट करने से पहले एक प्रोफेशनल रिव्यू के लिए इस प्रॉम्प्ट का उपयोग करें।

    फायदा: गलतियों की गुंजाइश खत्म हो जाती है और फाइनल आउटपुट पूरी तरह से पॉलिश नजर आता है।
    > Prompt: Critically evaluate this edited video and provide professional feedback. Comment on pacing, visual flow, audio balance, color consistency, and overall clarity. Suggest specific revisions that would improve quality, retention, and polish.
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    क्रिएटर्स के लिए नया युग

    अवा के. पेन का अनुभव बताता है कि AI अब केवल टेक्स्ट लिखने तक सीमित नहीं है। वीडियो एडिटिंग जैसे रचनात्मक काम में Gemini एक “को-पायलट” की तरह काम कर रहा है। इन प्रॉम्प्ट्स की मदद से न केवल समय बचता है, बल्कि आउटपुट की क्वालिटी भी वर्ल्ड-क्लास हो जाती है।

  • षट्तिला एकादशी के कारण तिथि में हुआ बदलाव

    ज्योतिषीय संयोग: 14 नहीं, 15 जनवरी को मनेगी ‘मकर संक्रांति’

    ~शैली सक्सेना

    लखनऊ | इस वर्ष मकर संक्रांति की तिथि को लेकर बना संशय पंचांगों और ज्योतिषियों की गणना के बाद स्पष्ट हो गया है। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात को हो रहा है, जिसके कारण पुण्यकाल 15 जनवरी को प्राप्त होगा। साथ ही, 14 जनवरी को षट्तिला एकादशी होने के कारण भी मकर संक्रांति का पर्व और खिचड़ी दान 15 जनवरी को करना ही शास्त्र सम्मत माना गया है।

    सूर्य का गोचर और पुण्यकाल का गणित

    लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान विभाग के डॉ. बिपिन पांडेय के अनुसार, सूर्य 14 जनवरी की रात 9:38 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य के राशि प्रवेश के बाद के 16 घंटे पुण्यकाल कहलाते हैं।
    15 जनवरी का मुहूर्त: 15 तारीख को सुबह सूर्योदय (06:57 बजे) के समय एकादशी समाप्त हो चुकी होगी और संक्रांति का पुण्यकाल प्रभावी रहेगा। इसलिए स्नान-दान के लिए 15 जनवरी का दिन सर्वश्रेष्ठ है।

    एकादशी का संयोग और चावल निषेध

    इस बार संक्रांति के साथ षट्तिला एकादशी का विशेष संयोग बन रहा है।
    ~ आचार्य शक्तिधर त्रिपाठी और ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि 14 जनवरी को सूर्योदय से पूर्व ही एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो सूर्यास्त के बाद तक रहेगी।
    ~ धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन चावल का सेवन और दान दोनों ही वर्जित (निषिद्ध) होते हैं। चूंकि मकर संक्रांति का मुख्य पर्व ‘खिचड़ी’ (चावल और दाल का मिश्रण) से जुड़ा है, इसलिए एकादशी के दिन इसे मनाना दोषपूर्ण हो सकता है। इसी कारण 15 जनवरी को खिचड़ी का पर्व मनाना श्रेष्ठ है।

    विभिन्न विद्वानों और पंचांगों ने समय की गणना कुछ इस प्रकार की है:

    15 जनवरी खिचड़ी दान और दोष मुक्ति

    केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य पवन दीक्षित ने स्पष्ट किया कि 14 जनवरी को एकादशी होने के कारण जो लोग दान को लेकर संशय में थे, वे अब निश्चिंत होकर 15 तारीख को दान कर सकते हैं। 15 जनवरी को एकादशी का प्रभाव समाप्त हो जाएगा, अतः खिचड़ी के दान और सेवन से कोई दोष नहीं लगेगा।

    दो दिन का भ्रम और समाधान

    ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, पंचांगों के समयभेद के कारण कुछ स्थानों पर भ्रम की स्थिति बनी है। हालांकि, अधिकांश गणनाओं में सूर्य का प्रवेश 14 की रात्रि को ही हो रहा है। चूंकि सूर्य अस्त होने के बाद संक्रांति होती है, तो उसका पुण्यकाल अगले दिन के सूर्योदय से जोड़ा जाता है। अतः 15 जनवरी, गुरुवार को ही पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मकर संक्रांति मनाई जाएगी।
    > मुख्य बिंदु: 15 जनवरी को सुबह 06:04 बजे से दोपहर 01:19 बजे तक खिचड़ी पर्व और दान का विशेष महत्व रहेगा।

    मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पाठकों की सुविधा के लिए स्नान, दान और विशेष अनुष्ठानों की विस्तृत समय सारणी :

    🔱 दान के लिए विशेष सामग्री (राशि अनुसार और सामान्य)

    मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं का दान सुख-समृद्धि लाता है:
    * तिल और गुड़: सूर्य और शनि की प्रसन्नता के लिए।
    * खिचड़ी (चावल-दाल): 14 को एकादशी के कारण, 15 जनवरी को इसका दान अत्यंत फलदायी होगा।
    * ऊनी वस्त्र एवं कंबल: ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को वस्त्र दान का विशेष महत्व है।
    * घी और रेवड़ी: शारीरिक स्वास्थ्य और घर में लक्ष्मी के वास के लिए।

    ⚠️ विशेष : “चूंकि इस बार 14 जनवरी को षट्तिला एकादशी है, इसलिए जो श्रद्धालु उपवास रख रहे हैं, वे 15 जनवरी को सूर्योदय के पश्चात एकादशी का पारण कर मकर संक्रांति का उत्सव मनाएं। इससे एकादशी और संक्रांति दोनों के पुण्य का लाभ मिलेगा।” — आचार्य परिषद, लखनऊ।

  • दूसरी पत्नी बताने वाली महिला और पति पर लगा गंभीर आरोप

    पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार, कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल

    बिजनौर में विवाहिता को बंधक बनाकर छत से फेंका, लूटपाट और मारपीट!

    बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्र में एक विवाहिता के साथ बर्बरता और जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है! पीड़िता नीलम चौहान ने अपने पति सत्यप्रकाश और एक अन्य महिला मोहिनी पर बंधक बनाकर मारपीट करने, सोने की चेन लूटने और जान से मारने की नीयत से छत से नीचे फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है!

    पीड़िता के अनुसार, उसका विवाह 26 नवंबर 2015 को हुआ था। वर्ष 2016 के 04 अप्रैल को पति की नौकरी विद्युत विभाग में जेई के पद पर लगने के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था, जिसके बाद घरेलू हिंसा का मामला भी चला। पीड़िता का आरोप है कि 26 दिसंबर को जब वह अपने पति के गोविंदपुर स्थित दूसरे कमरे पर गई, तो वहां मोहिनी नामक महिला मिली, जिसने खुद को सत्यप्रकाश की पत्नी बताते हुए पीड़िता के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान पति ने भी महिला का साथ दिया और पीड़िता की एक तोला सोने की चेन व मोबाइल छीन लिया।

    पीड़िता नीलम चौहान

    बंधक बनाकर छत से फेंका

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे घर में कैद कर लिया गया और 28 दिसंबर 2025 की रात को पति और उक्त महिला ने उसके हाथ-मुंह बांधकर उसे छत से नीचे फेंक दिया। किसी तरह जान बचाकर भागते समय कुछ अज्ञात लोगों ने उसे पकड़ लिया और जंगल के रास्ते ले गए। पीड़िता को जब होश आया तो वह नजीबाबाद थाना क्षेत्र में थी।

    पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

    पीड़िता का कहना है कि उसने नजीबाबाद थाने और फिर 30 दिसंबर 2025 को कोतवाली शहर बिजनौर में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने जिला अस्पताल में मेडिकल मुआयना तो कराया, लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर जान-माल की सुरक्षा और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

    • “Quantum AI” के नाम पर आजकल सोशल मीडिया (Facebook, Instagram) और YouTube पर जो विज्ञापन चल रहे हैं, वे पूरी तरह से एक सोची-समझी साइबर ठगी (Cyber Fraud) का हिस्सा हैं।

      Quantum Al स्कीम – “साढ़े तीन लाख का सपना या साइबर ठगी का जाल?”

      इस ‘स्कीम’ की सच्चाई और इसके पीछे के खतरे :

      1. यह कैसे काम करता है? (ठगी का तरीका)

      फेक सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट: ये ठग एलन मस्क (Elon Musk), गौतम अडानी या रतन टाटा जैसे बड़े नामों के Deepfake (AI से बने फर्जी वीडियो) का इस्तेमाल करते हैं। वीडियो में दिखाया जाता है कि वे किसी ऐसी तकनीक के बारे में बता रहे हैं जो रातों-रात पैसा बढ़ा देगी।

      भारी मुनाफे का लालच: विज्ञापन में दावा किया जाता है कि मात्र ₹20,000 या ₹25,000 निवेश करने पर आपको कुछ ही दिनों में साढ़े तीन लाख या उससे ज्यादा का रिटर्न मिलेगा।

      फर्जी इंटरफेस: जब आप उनकी वेबसाइट पर रजिस्टर करते हैं, तो वे आपको एक ‘डैशबोर्ड’ दिखाते हैं जहाँ आपका पैसा बढ़ता हुआ नजर आता है। लेकिन असल में वह सिर्फ एक नंबर होता है, आपका पैसा उनके पास जा चुका होता है।

      वरिष्ठ पत्रकार श्री योगेंद्र सिंह

      2. “Quantum AI” का सच

      कोई आधिकारिक संस्था नहीं: दुनिया में ऐसी कोई रजिस्टर्ड निवेश कंपनी या प्लेटफॉर्म नहीं है जो “Quantum AI” के नाम से इस तरह का रिटर्न दे रही हो।

      तकनीक का गलत इस्तेमाल: ‘क्वांटम कंप्यूटिंग’ एक बहुत ही जटिल वैज्ञानिक विषय है। ठग इस शब्द का इस्तेमाल केवल लोगों को प्रभावित करने और इसे “भविष्य की तकनीक” बताकर डराने या लुभाने के लिए करते हैं।

      पैसे निकालने पर रोक: जब आप अपना ‘मुनाफा’ निकालने की कोशिश करते हैं, तो वे आपसे “टैक्स,” “प्रोसेसिंग फीस,” या “एक्टिवेशन चार्ज” के नाम पर और भी अधिक पैसे मांगते हैं और अंत में गायब हो जाते हैं।

      3. ठगी के संकेत (Red Flags)

      अवास्तविक रिटर्न: कोई भी कानूनी निवेश (Stock Market, Mutual Funds) गारंटी के साथ पैसा 10 गुना करने का दावा नहीं कर सकता।

      दबाव बनाना: वे आपको फोन करेंगे और कहेंगे कि “यह मौका सिर्फ आज के लिए है,” ताकि आप सोचने का समय न पाएं।

      अज्ञात लिंक: ये ऐप कभी भी Google Play Store या Apple App Store पर नहीं होते, बल्कि आपको व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर डाउनलोड करवाए जाते हैं।

      क्या करें यदि आप या कोई परिचित फंस गया है?

      तुरंत रिपोर्ट करें: भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

      हेल्पलाइन नंबर: तुरंत 1930 पर कॉल करें। यह साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के लिए नेशनल हेल्पलाइन नंबर है।

      बैंक को सूचित करें: अपने बैंक को कॉल करके उस ट्रांजैक्शन को ब्लॉक करने या रिपोर्ट करने की कोशिश करें।

      सावधान रहें: इंटरनेट पर पैसा बनाने का कोई “जादुई बटन” नहीं है। यह ‘साढ़े तीन लाख का सपना’ असल में आपकी मेहनत की कमाई लूटने का एक डिजिटल जाल है।

    • इस्लामपुर दास में रेडियो संदेश 89.6 ने ‘सेहत सही लाभ कई’ अभियान के तहत ग्रामीणों को किया जागरूक

      सर्दियों में सेहत का रखें ख्याल, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव: रेडियो संदेश

      ~ भूपेंद्र निरंकारी

      बिजनौर। कुंवर सत्यवीरा इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा संचालित रेडियो संदेश 89.6 ने जन जागरूकता की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए ग्राम इस्लामपुर दास में एक विशेष जागरूकता बैठक का आयोजन किया। श्री नरेश शर्मा के आवास पर आयोजित इस बैठक का मुख्य विषय ‘सेहत सही लाभ कई’ रहा, जिसमें कड़ाके की ठंड से होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

      बदलते मौसम में सावधानी जरूरी

      रेडियो टीम के सदस्य मनोज यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में बढ़ती ठंड के कारण सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार और कोल्ड एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से पनप रही हैं। इन बीमारियों के लक्षण दिखते ही तुरंत सही उपचार लेना आवश्यक है, अन्यथा यह गंभीर रूप ले सकती हैं।

      खान-पान और पहनावे पर दें ध्यान

      टीम के सदस्य सुनील भारद्वाज ने सुरक्षात्मक उपाय साझा करते हुए बताया कि ठंड के प्रकोप से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े, कैप और मफलर का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) के लिए पोषण युक्त आहार लें। ताजा भोजन, हरी सब्जियां और मौसमी फलों को अपनी डाइट में शामिल करें ताकि शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए सक्षम बना रहे।

      ग्रामीणों की उत्साहजनक उपस्थिति

      इस जागरूकता अभियान में गांव के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से प्रभाकर शर्मा, इसरार अहमद, शाहना, मोनू, योगेंद्र सिंह, हर्ष कुमार, जलील अहमद, राजवीर सिंह और हरिराम शामिल थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में रेडियो टीम से श्यामल मंडल, मनोज यादव और डॉ. शबनम का विशेष सहयोग रहा।

      संस्थान के पदाधिकारियों ने दी बधाई

      रेडियो सचिव स्वाति वीरा एवं निदेशक डॉ. अमित कुमार बंसल ने रेडियो संदेश की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रेडियो संदेश का प्राथमिक लक्ष्य है और इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।

    • फूलों से लद जाएगा आपका बगीचा

      सर्दियों में गुलाब की रंगत बढ़ाएगी मात्र 10 रुपये की फिटकरी

      खास बात:
      * मिट्टी का pH लेवल ठीक करती है फिटकरी।
      * कीटों और फंगस से बचाकर जड़ों को बनाती है मजबूत।
      * महीने में सिर्फ एक बार इस्तेमाल से दिखता है जादुई असर।

      ~ शैली सक्सेना

      लखनऊ/नई दिल्ली/बागवानी डेस्क: सर्दियों का मौसम दस्तक दे चुका है और बागवानी के शौकीनों के लिए यह गुलाब के पौधों की देखभाल का सबसे महत्वपूर्ण समय है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका गुलाब का पौधा हरा-भरा तो है, लेकिन उसमें कलियां नहीं आ रही हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो रसोई में इस्तेमाल होने वाली मात्र 5-10 रुपये की फिटकरी (Alum) आपके बगीचे की कायापलट कर सकती है। आइए जानते हैं गुलाब के लिए फिटकरी के फायदे और इसके इस्तेमाल का सही तरीका…

      गुलाब के लिए क्यों ‘वरदान’ है फिटकरी?

      फिटकरी में मुख्य रूप से एल्युमिनियम और पोटैशियम सल्फेट पाया जाता है। गुलाब के पौधों को फलने-फूलने के लिए थोड़ी अम्लीय (Acidic) मिट्टी की आवश्यकता होती है। कई बार लगातार पानी देने या खाद के गलत इस्तेमाल से मिट्टी क्षारीय (Alkaline) हो जाती है, जिससे पौधा पोषक तत्व सोखना बंद कर देता है। फिटकरी मिट्टी के pH स्तर को संतुलित करती है। इसके अलावा, यह एक प्राकृतिक कीटनाशक (Pesticide) के रूप में कार्य करती है, जो जड़ों में लगने वाले हानिकारक कीटों और फंगस को खत्म करती है।

      फिटकरी का घोल तैयार करने की विधि

      फिटकरी का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि इसकी अधिकता मिट्टी को नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसे इस्तेमाल करने के दो प्रमुख तरीके हैं:

      तरल घोल (Liquid Solution): एक लीटर पानी में फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा (लगभग 20-30 ग्राम) डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। जब पानी हल्का दूधिया होने लगे, तो टुकड़ा बाहर निकाल लें। अब इस पानी को पौधे की जड़ों में डालें।

      पाउडर विधि: फिटकरी को पीसकर महीन पाउडर बना लें। एक गमले के लिए आधा छोटा चम्मच पाउडर काफी है। इसे मिट्टी में चारों ओर छिड़क कर हल्की गुड़ाई कर दें।

      विशेष टिप: फिटकरी डालने से एक दिन पहले गमले की मिट्टी की गुड़ाई करें और उसे थोड़ा सूखने दें। सूखी मिट्टी घोल को जड़ों तक गहराई से सोखती है।

      सर्दियों में गुलाब को फूलों से भरने के 5 अचूक उपाय
      सिर्फ फिटकरी ही नहीं, गुलाब की बेहतर ग्रोथ के लिए इन पांच बातों का ध्यान रखना भी अनिवार्य है:
      1. धूप की खुराक: गुलाब ‘धूप का प्रेमी’ पौधा है। सर्दियों की हल्की धूप में इसे कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप वाली जगह पर रखें।
      2. पानी का संतुलन: सर्दियों में वाष्पीकरण कम होता है, इसलिए अधिक पानी देने से बचें। जब ऊपर की एक इंच मिट्टी सूखी दिखे, तभी पानी दें।
      3. सही समय पर प्रूनिंग (छंटाई): सूखी टहनियों और मुरझाए हुए फूलों को समय-समय पर काटते रहें। इससे पौधे की ऊर्जा नई शाखाएं और कलियां बनाने में लगती है।
      4. जैविक खाद का पोषण: 15-20 दिनों के अंतराल पर गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या सरसों की खली का तरल फर्टिलाइजर दें।
      5. सावधानी है जरूरी: फिटकरी का प्रयोग महीने में सिर्फ एक बार ही करें। बार-बार इसके इस्तेमाल से मिट्टी जरूरत से ज्यादा अम्लीय हो सकती है, जो पौधे को सुखा सकती है।

      अगर आप धूप, पानी और खाद के साथ फिटकरी का सही तालमेल बिठा लेते हैं, तो इस सर्दी आपका बगीचा न सिर्फ गुलाब की खुशबू से महकेगा, बल्कि फूलों के आकार और रंग में भी स्पष्ट सुधार दिखेगा।

      💡 एक्सपर्ट की सलाह: अधिक फूलों के लिए ‘सीक्रेट फर्टिलाइजर’
      यदि फिटकरी के साथ आप घर में बची हुई इस्तेमाल की गई चाय की पत्ती (अच्छी तरह धोकर सुखाई हुई) मिट्टी में मिलाते हैं, तो यह सोने पर सुहागा का काम करती है। चाय की पत्ती में मौजूद नाइट्रोजन और फिटकरी का अम्लीय गुण मिलकर गुलाब को नर्सरी जैसा लुक देते हैं।

    • पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (गंज इकाई) की बैठक में स्थानीय समस्याओं पर हुई चर्चा

      व्यापारी एकजुट रहें, एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति: वासु अग्रवाल

      बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, इकाई नगर गंज की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार देर शाम सरस्वती शिशु मंदिर, गंज में संपन्न हुई। बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर गहन मंथन किया गया और संगठन की मजबूती पर जोर दिया गया।

      एकता में ही बल है

      बैठक को संबोधित करते हुए जिला महामंत्री (युवा) वासु अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारियों को एकजुट रहने की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “यदि व्यापारी एकजुट होगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत इकट्ठा होगा, तो हमारी एकता के सामने कोई भी दूसरी ताकत उग्र नहीं हो सकती और न ही हमें कोई तोड़ सकता है।”

      स्थानीय मुद्दों पर सरकार से मांग

      कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिनमें शामिल हैं:
      ~ सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक सुलभ शौचालय की मांग।
      ~ बाजार और बस स्टैंड पर उचित प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) का प्रबंध।
      ~ व्यापारिक सुरक्षा और स्थानीय प्रशासनिक सहयोग।

      नगर अध्यक्ष महेश अग्रवाल ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि इन सभी जायज मांगों को लेकर जल्द ही संगठन के बैनर तले जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
      वरिष्ठ व्यापारी सुधीर शर्मा एवं सुभाष पाल की अध्यक्षता तथा महामंत्री विशाल अग्रवाल के संचालन में हुई इस बैठक में सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।

      प्रमुख रूप से जिला महामंत्री युवा वासु अग्रवाल, अध्यक्ष महेश अग्रवाल, महामंत्री विशाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, राकेश सैनी, युवा अध्यक्ष विकांशु तोमर, युवा महामंत्री शिवम अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष आशु अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष युवा गौरांग हरित, संरक्षक कौशल अग्रवाल, नीरज शर्मा, अशोक अग्रवाल, राजीव माहेश्वरी के साथ वरिष्ठ व्यापारी मूलचंद, पंकज, विनय, माधव, निशांत और प्रियांक आदि शामिल हुए।

    • ए.आर. रेल विकास के 40 वर्ष पूर्ण होने पर भागवत कथा का आयोजन

      श्री सूर्य नारायणी नव दुर्गे देव स्थली, बीकेटी ब्लॉक कुम्हरावां लखनऊ के पंडित विमल मिश्र का विशेष सहयोग

      हरिद्वार के स्वामी कामेश्वर पुरी जी महाराज के प्रवचन सुनने उमड़ रहे हैं श्रद्धालु

      लखनऊ। ए.आर. रेल विकास सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के 40 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, आशियाना स्थित ए.आर. हाउस में 24 से 30 दिसंबर 2025 तक श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कथा प्रतिदिन दोपहर 4 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित है।

      इस पुनीत अवसर पर, देव स्थली हरिद्वार के तुलसी मानस मंदिर से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास स्वामी श्री कामेश्वर पुरीजी महाराज अपने मुखारविंद से भगवान की पावन लीलाओं का वर्णन कर रहे हैं। स्वामी जी के प्रवचन आस्था चैनलों जैसे ‘दिव्य चैनल’ और ‘अमृतवाणी टीवी’ पर भी प्रसारित होते हैं, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनसे जुड़ते हैं।
      गौरतलब है कि ए.आर. रेल विकास सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड मुंबई स्थित एक प्रतिष्ठित कंपनी है, जो 30 वर्षों से अधिक समय से भारतीय रेलवे के लिए महत्वपूर्ण सिग्नलिंग, दूरसंचार प्रतिष्ठानों और सामग्री की खरीद में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ने इन चार दशकों में विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के उच्च मानक स्थापित किए हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में श्री सूर्य नारायणी नव दुर्गे देव स्थली, बीकेटी ब्लॉक कुम्हरावां, लखनऊ के पंडित विमल मिश्र का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।

      समस्त ए.आर. रेल परिवार मुंबई इस कार्यक्रम के आयोजक हैं, जिनमें मुख्य रूप से कंपनी के निदेशक श्री आर पी सिंह एवं श्रीमती वीना सिंह, श्री संजय तिवारी एवं श्रीमती छाया तिवारी, और श्री अमित सिंह एवं श्रीमती नेहा सिंह शामिल हैं।

    • अधिक से अधिक किसानों को लाया जाए इस योजना के दायरे में: डीएम

      खरीफ में धान, उर्द व मूंगफली और रबी में गेहूं, सरसों, मसूर व आलू की फसलों का बीमा

      फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, अधिक से अधिक किसान उठाएं लाभ

      बिजनौर। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के अधिक से अधिक किसानों को इस योजना के दायरे में लाया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

      इन फसलों का होगा बीमा

      उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने बताया कि वर्ष 2025-26 के तहत खरीफ में धान, उर्द व मूंगफली और रबी में गेहूं, सरसों, मसूर व आलू की फसलों को बीमा से आच्छादित किया गया है। जिलाधिकारी ने बैंक प्रबंधकों (LDM, जिला सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक) को कड़े निर्देश दिए कि वे पात्र कृषकों का अनिवार्य रूप से बीमा सुनिश्चित करें।

      प्रचार-प्रसार पर जोर

      बीमा कंपनी (इफको टोकियो) के प्रतिनिधि प्रदीप कुमार को निर्देशित किया गया कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर गोष्ठियां आयोजित कर किसानों को जागरूक करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुँचना चाहिए।

      पंजीकरण की प्रक्रिया और अंतिम तिथि

      जिला कृषि अधिकारी ने अवगत कराया कि फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है।
      * ऋणी किसान: अपनी संबंधित बैंक शाखा के माध्यम से बीमा करा सकते हैं।
      * गैर-ऋणी किसान: नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर या जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

      सहायता के लिए यहां करें संपर्क… किसान, किसी भी जानकारी या समस्या के लिए तहसील स्तर पर तैनात निम्नलिखित प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं:
      | बिजनौर | श्री प्रदीप कुमार | 7906748077 |

      | चांदपुर | श्री दुष्यन्त कुमार | 9759071781 |

      | नजीबाबाद | श्री नीरज सिंह | 6394523128 |

      | नगीना  | श्री कल्लू सिंह | 8650443733 |

      | धामपुर | श्री पंकज कुमार | 8130315097 |

      इसके अतिरिक्त, किसान बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 14447 पर भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ उठाएं।

    • इंसाफ की चौखट पर आदित्य राणा की विधवा

      ससुरालियों द्वारा उत्पीड़न, हड़पी गई संपत्ति

      पुलिस प्रशासन पर पक्षपात और अभद्रता के गंभीर आरोप

      खाकी ने ठुकराया, महिला डीएम ने समझा विधवा का दर्द

      बिजनौर। (सतेंद्र चौधरी) कुख्यात अपराधी रहे आदित्य राणा की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब उसकी पत्नी स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल करने के संगीन आरोप लगाए हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़िता ने जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर और पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष पेश होकर सुरक्षा और हक की गुहार लगाई है।

      संपत्ति पर कब्जे और पेड़ बेचने का विवाद

      पीड़िता स्वदेशना राजकुमारी (निवासी ग्राम राना नंगला, हाल निवासी युसूफपुर हमीदपुर) ने बताया कि वर्ष 2015 में उसका विवाह आदित्य चौधरी उर्फ आदित्य राणा के साथ हुआ था। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद उसके जेठ चंद्रवीर उर्फ बिट्टू (ग्राम प्रधान), ननद (होमगार्ड) और ससुर ने मिलकर उसे वैवाहिक घर से निकाल दिया है।

      पति आदित्य राणा के साथ स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू (फाइल चित्र)

      पीड़िता के अनुसार:

      • भूमि विवाद: ससुर की 24 बीघा जमीन में से आदित्य के हिस्से की 12 बीघा जमीन पर जेठ ने अवैध कब्जा कर लिया है।
      • आर्थिक नुकसान: खेत में खड़े करीब 7 लाख रुपये के पेड़ बेच दिए गए, जिसकी एक पाई भी विधवा को नहीं दी गई। अब पुनः बचे हुए पेड़ों को काटने की तैयारी चल रही है।
      • हवेली से बेदखली: पुश्तैनी हवेली और गन्ने की फसल पर भी ससुराल पक्ष ने अपना एकाधिकार कर लिया है।

      खाकी पर गंभीर सवाल: “बिना महिला कांस्टेबल के ले गई पुलिस”

      स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू

      स्वदेशना ने स्योहारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसका जेठ ग्राम प्रधान है और ननद विभाग में ही होमगार्ड है, जिसके चलते पुलिस उसे ही प्रताड़ित कर रही है।

      “जब मैंने 1076 पर शिकायत की, तो पुलिस आई लेकिन मुझे ही बिना किसी महिला कांस्टेबल के जबरन गाड़ी में बैठाकर नूरपुर ले जाया गया। मेरे भाई सोनू को भी झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया।”

      संघर्ष और डर का साया
      पीड़िता का कहना है कि जब भी वह अपना हक मांगने ससुराल जाती है, तो उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। पति के जेल जाने के बाद से ही उस पर दबाव बनाया जा रहा था, और अब उनकी मृत्यु के बाद उसे पूरी तरह बेसहारा छोड़ दिया गया है।
      अधिकारियों का आश्वासन
      मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने पीड़िता को धैर्यपूर्वक सुना और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि एक विधवा महिला को उसका कानूनी अधिकार मिल सके।
      पृष्ठभूमि: बता दें कि आदित्य राणा बिजनौर का एक कुख्यात नाम था, जिस पर हत्या और लूट जैसे 43 से अधिक मामले दर्ज थे, 2.5 लाख का इनामी आदित्य राणा 11 अप्रैल 2023 को स्योहारा क्षेत्र के बुढ़नपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद अब संपत्ति और हक की यह जंग सड़क से लेकर प्रशासन के गलियारों तक पहुंच गई है।

    • भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

      सपा नेता एड. मदन लाल सैनी और शेख जाकिर हुसैन ने फीता काटकर किया शुभारंभ

      मनमोहक झांकियों ने जीता शहर का दिल

      धूमधाम से मनाई गई महाराजा शूरसैन जयंती

      बिजनौर। जनपद बिजनौर में सैनी समाज द्वारा महाराजा शूरसैन सैनी जयंती का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और भव्यता के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित विशाल शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय और गौरवशाली रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाज के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने भागीदारी कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।

      भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक छटा

      जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा में दर्जनों प्रसिद्ध बैंड-बाजे और देवी-देवताओं व महापुरुषों की मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। नगर परिक्रमा के दौरान इन झांकियों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक और प्रेरणादायक दृश्यों ने सभी का मन मोह लिया।

      साझा एकता का संदेश और उद्घाटन

      शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ भागीरथ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सपा नेता एडवोकेट मदन लाल सैनी और शेख जाकिर हुसैन ने सामूहिक रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी कार्यालय पर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने समाज के लोगों को माला पहनाई। सेवा भाव दिखाते हुए जगह-जगह चाय और हलवे का प्रसाद भी वितरित किया गया।

      महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान

      उद्घाटन के अवसर पर एडवोकेट मदन लाल सैनी ने आयोजक मंडल को बधाई देते हुए कहा, “महापुरुषों की जयंती हमें उनके त्याग और आदर्शों की याद दिलाती है। ऐसे आयोजन समाज में गौरव और सम्मान की भावना जागृत करते हैं।” वहीं, भागीरथ सेना के संयोजक सोनू सैनी सुदर्शन ने महाराजा शूरसैन को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सैनी समाज को संगठित होकर शिक्षा और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए और अपने पूर्वजों के बताए रास्ते का अनुसरण करना चाहिए।

      कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक मंडल के मास्टर धर्मवीर सैनी, कमल सैनी, योगेंद्र एडवोकेट, राजपाल सैनी, मनीष कुमार सैनी, कैलाश चंद, दुष्यंत कुमार सैनी और हितेश सभासद का विशेष सहयोग रहा।

      इस मौके पर ललित सैनी सभासद, मंसाराम सैनी, विपिन सैनी, बाबूराम प्रधान, रामगोपाल सैनी, डॉ. रामपाल, पिंटू सैनी, बलराम सैनी, चुन्नीलाल सैनी, महेंद्र सैनी और संजय सैनी सहित भारी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    • नौ कुंडीय महायज्ञ में समाज ने दी आहुतियां

      26 अप्रैल को निकलेगी भव्य परशुराम शोभायात्रा

      धूमधाम से मनाई गई महामना मालवीय एवं अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती

      बिजनौर। भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती स्थानीय शहनाई बैंकेट हॉल में समस्त ब्राह्मण समाज द्वारा  धूमधाम से मनाई गई।

      पुरोहित संघ बिजनौर द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञाचार्य श्री गौरी शंकर भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित नौ कुंडीय महायज्ञ के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित ब्राह्मण समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से आहुतियां दीं।

      इस अवसर पर समाज की एकता पर बल देते हुए निर्णय लिया गया कि आगामी 26 अप्रैल 2026 को समस्त ब्राह्मण समाज के सहयोग से भव्य परशुराम जन्मोत्सव शोभायात्रा निकाली जाएगी।

      कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष विभोर कौशिक एडवोकेट, नगर अध्यक्ष तुषार शर्मा एडवोकेट एवं महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा का विशेष योगदान रहा।

      समारोह में ब्राह्मण महासभा, ब्राह्मण जागृति फाउंडेशन, पुरोहित संघ एवं युवा मंच के अभिषेक पाराशर, अभिषेक भारद्वाज, केशव, सिद्धार्थ, अमित शर्मा, मोहित भारद्वाज शेखुपुरा, रविकांत कौशिक, अंकुर शर्मा, सतीश शर्मा, विपुल शर्मा, गौरांग, नीरज शर्मा गंज, पंकज भारद्वाज और अवनीश गौर सहित जिले भर के ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे।

      (report by: Bhupendra Nirankari)
    • बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। किसानों के मसीहा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जन्म जयंती आज जनपद के ग्राम खड़क में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर गांव में नवनिर्मित ‘चौधरी चरण सिंह पार्क’ में उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण मुख्य अतिथि, सदर विधायक पति एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी द्वारा किया गया।प्रतिमा अनावरण के उपरांत पार्क परिसर में एक विशाल किसान सभा का आयोजन हुआ। सभा की अध्यक्षता वयोवृद्ध किसान चौधरी आसाराम ने की तथा मंच का संचालन चौधरी राजकुमार सिंह एडवोकेट (फतेहपुर वाले) द्वारा किया गया।

      मुख्य अतिथि ऐश्वर्य मौसम चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, “नर सेवा नारायण सेवा से बढ़कर कोई भी कार्य नहीं है।” उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अथक प्रयासों से हमारा देश आगामी 20 वर्षों में पुनः ‘सोने की चिड़िया’ होने का गौरव प्राप्त करेगा। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की धाक पूरी दुनिया में जम रही है।

      कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख बिजेंद्र चौधरी ने ऐश्वर्या मौसम चौधरी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें विधानसभा के लिए ‘नायाब हीरा’ बताया। वहीं, कांग्रेसी नेता व पूर्व ब्लॉक प्रमुख चौधरी धर्मवीर सिंह ने भी राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने ग्राम प्रधान नीरज कुमार द्वारा कराए गए कार्यों को अन्य प्रधानों के लिए एक मिसाल बताया।

      सभा में चौधरी चरण सिंह द्वारा किसान हितों में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद किया गया। इस अवसर पर जिला बार संघ अध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह एडवोकेट, राजेंद्र चौधरी एडवोकेट, चरण सिंह, बीडीओ कुणाल रस्तोगी, सूरज प्रधान, शैलेंद्र ढाका, राकेश कुमार, दिनेश कुमार, गौरांग हरित (मंडल अध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा), नीरज शर्मा, शीशपाल सिंह, नरेंद्र कुमार, चौधरी सहदेव सिंह, हर्ष चौधरी, भाजपा नेता चौधरी तेजपाल सिंह और विपुल कुमार सहित सैकड़ों किसान और भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

    • https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202512232131583022341256

    • अल्मोड़ा। नगर निगम परिसर स्थित जन सुविधा केंद्र में पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी खाता-खतौनी की ऑनलाइन सेवा जल्द ही दोबारा शुरू होने जा रही है। रेवेन्यू बोर्ड ने सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे को आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि तकनीकी बाधाओं को दूर कर जनवरी 2026 से यह सुविधा आम जनता के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।

      रेवेन्यू बोर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष हुए साइबर अटैक के कारण पोर्टल की तकनीकी व्यवस्था प्रभावित हुई थी, जिससे सुरक्षा कारणों से इस केंद्र पर सेवाएं बाधित थीं। इस अवरोध के कारण किसानों, बुजुर्गों और दूरदराज के ग्रामीणों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए शहर से बाहर भटकना पड़ रहा था। अब तकनीकी सुधार के बाद, दोपहर 12 बजे तक इस केंद्र से खाता-खतौनी के कार्य संपादित किए जा सकेंगे।

      इस गंभीर समस्या को सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने निरंतर शासन-प्रशासन के समक्ष उठाया। उन्होंने पहले कुमाऊँ कमिश्नर को वस्तुस्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद मामले को रेवेन्यू बोर्ड तक पहुँचाया गया। पाण्डे के प्रयासों का ही परिणाम है कि अब सेवा बहाली का रास्ता साफ हो गया है।

      इस सफलता की सबसे खास बात यह रही कि संजय पाण्डे ने बिना किसी धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी या हंगामे के, केवल ठोस तथ्यों और प्रशासनिक पत्राचार के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकाला। उन्होंने इसे राजनीतिक दलों की विफलता बताते हुए कहा: “जो पार्टियाँ रोज धरने देती हैं, वे जनता की इस बुनियादी समस्या पर पूरी तरह मौन रहीं। जनता की समस्याओं पर राजनीति नहीं, जिम्मेदारी दिखनी चाहिए।”

      अल्मोड़ा की जनता ने इस निर्णय का स्वागत किया है। यह पहली बार नहीं है जब संजय पाण्डे की ‘परिणाम आधारित’ कार्यशैली से किसी बड़े जनहित कार्य को गति मिली हो। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि उनकी यह पहल साबित करती है कि गंभीर प्रयास और सही संवाद से बड़े से बड़े प्रशासनिक कार्यों को सिद्ध किया जा सकता है।

    • बिजनौर। भूमि अधिग्रहण के एक पुराने मामले में मुआवजे का भुगतान न करने पर मुरादाबाद की ‘लैंड एक्विजिशन रिहैबिलिटेशन एंड रिसैटलमेंट’ (LARA) कोर्ट ने बिजनौर जिलाधिकारी (डीएम) के सरकारी आवास को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए बिजनौर डीएम को आगामी 9 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

      यह विवाद सिंचाई विभाग द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण और उसके मुआवजे से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, उमेश बनाम सरकार केस में ‘लैंड एक्विजिशन ट्रिब्यूनल’ मुरादाबाद के न्यायाधीश जैग़म उद्दीन ने यह आदेश पारित किया है। वादी उमेश के अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने 13 मार्च 2020 को ही मुआवजा देने का फैसला सुना दिया था। बावजूद इसके, पिछले पांच वर्षों से जिला प्रशासन ने इस मामले को लंबित रखा और मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया। बार-बार स्मरण कराने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर वादी ने डीएम आवास कुर्क कर भुगतान कराने की गुहार लगाई थी।

      याचिकाकर्ता का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा उसे 25 लाख 23 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था, जिसे डीएम की रिपोर्ट और प्रशासनिक अनुमति के अभाव में रोक कर रखा गया। कोर्ट ने अब रजिस्ट्री की शर्तें तय करने और स्पष्टीकरण देने के लिए डीएम को स्वयं उपस्थित होने को कहा है।

      मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर के हवाले से सूचना विभाग द्वारा एक प्रेस नोट जारी किया गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि सिंचाई विभाग द्वारा याचिकाकर्ता को बकाया धनराशि का भुगतान न करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि “9 जनवरी की तारीख से पहले शासन से धनराशि जारी कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि नियमानुसार भुगतान हो सके।” पूरे मामले की जांच कराई जाएगी कि आखिर किस स्तर पर फाइल को रोकने या मांग भेजने में देरी हुई। जिस भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

      जिलाधिकारी के आवास की कुर्की के आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पांच साल पुराने इस मामले में अब शासन स्तर से बजट आवंटित कराकर समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब सभी की नजरें 9 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

    • बिजनौर। ब्राह्मण महासभा (पंजी.) बिजनौर द्वारा महामना पं. मदनमोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य ‘कवि सम्मेलन एवं पत्रकार प्रतिभा सम्मान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पं. अमर शर्मा की अध्यक्षता और डॉ. अशोक शर्मा के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से सैकड़ों ब्राह्मण बंधुओं ने शिरकत की।

      कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा भगवान परशुराम, पं. मदनमोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेयी के चित्रों के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान आचार्य पं. हीरामणि भारद्वाज, शिवकुमार शास्त्री, अंबरीश शर्मा, रानू पंडित, विजय कौशिक और चेतन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार कर वातावरण को आध्यात्मिक बनाया।कवि सम्मेलन: ओज और व्यंग्य की बही धाराप्रथम सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन की शुरुआत धामपुर से आईं कवयित्री शुचि शर्मा की सरस्वती वंदना से हुई।

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      इसके बाद…अरुण दीक्षित ‘स्वच्छंद’ (बदायूँ) ने समसामयिक विषयों पर अपनी चुटीली व्यंग्य रचनाओं से सबको लोटपोट कर दिया। श्रीमती विनोद शर्मा (धामपुर) ने अपने मधुर गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया। श्रीमती शुचि शर्मा ने ज्ञानवापी पर आधारित ओजपूर्ण काव्य पाठ कर राष्ट्रभक्ति का जोश भर दिया। डॉ. अशोक शर्मा (बिजनौर) ने अपने दमदार दोहों के माध्यम से समाज की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष किया और खूब तालियां बटोरीं। सतेंद्र शर्मा ‘तरंग’ (देहरादून) ने मालवीय जी और अटल जी के व्यक्तित्व पर आधारित प्रेरक रचनाएं सुनाकर कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी।

      दूसरे सत्र में समाज और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार राजनारायण कौशिक (दैनिक जागरण), अवनीश गौड़ (प्रयाण) और विपिन भारद्वाज (सांध्य दैनिक चिंगारी) को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पत्रकारिता में उल्लेखनीय कार्य हेतु भूपेंद्र निरंकारी और रत्नेश को भी सम्मानित किया गया।

      मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी श्री सुबोध पाराशर ने कहा, “ब्राह्मणों ने सदैव समाज को सही दिशा दी है। ब्राह्मण शिक्षा, संस्कार और संख्या, किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं, हमें बस अपनी इस शक्ति और एकता को बनाए रखना है।” श्रीमती शोभा शर्मा ने बेटियों की शिक्षा पर विशेष बल दिया, जबकि जिलाध्यक्ष पं. विजय वशिष्ठ ने समाज निर्माण में पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

      इस अवसर पर पं. भोनेंद्र कुमार शर्मा को ब्राह्मण महासभा बिजनौर ब्लॉक का अध्यक्ष मनोनीत कर उन्हें मनोनयन पत्र सौंपा गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय हरित, अशोक कुमार शर्मा, ललित कुमार एडवोकेट, मयंक पाराशर, और आमोक दीक्षित सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ब्राह्मण बंधुओं और बहनों ने सामूहिक भोज में प्रसाद ग्रहण किया।

    • लखनऊ/बिजनौर। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश, लखनऊ के प्रबंध तंत्र विवाद में माननीय उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए सोसाइटी रजिस्ट्रार के आदेश को निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की आर्य समाज इकाइयों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

      विदित हो कि सोसाइटी रजिस्ट्रार लखनऊ मंडल ने गत 5 दिसंबर 2025 को एक आदेश पारित कर आचार्य सुदेश को प्रधान और भुवन तिवारी को मंत्री घोषित किया था। इस आदेश को वर्तमान प्रधान देवेंद्र पाल आर्य एवं मंत्री पंकज जायसवाल ने माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी (याचिका संख्या 12312/2025)।

      माननीय उच्च न्यायालय ने इस मामले में 17, 18 एवं 19 दिसंबर को लगातार तीन दिनों तक गहन बहस सुनने के उपरांत रजिस्ट्रार के आदेश को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया। न्यायालय ने पूर्व में कार्यरत देवेंद्र पाल आर्य (प्रधान) एवं पंकज जायसवाल (मंत्री) की कमेटी को ही आधिकारिक कार्य जारी रखने हेतु अधिकृत कर दिया है। साथ ही, न्यायालय ने रजिस्ट्रार लखनऊ को निर्देशित किया है कि संस्था के विवादों का निस्तारण समय रहते सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से कराया जाए।

      न्यायालय के इस निर्णय के बाद आज रविवार, 21 दिसंबर को बिजनौर में साप्ताहिक यज्ञ के उपरांत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। लखनऊ से लौटे सभा के उपमंत्री मनजीत सिंह और बिजनौर के प्रशासक रविंद्र पाल आर्य मुनी का आर्य समाज के सदस्यों ने फूल-मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। मनजीत सिंह ने न्यायालय के आदेश की प्रति पढ़कर सुनाई और बताया कि प्रधान देवेंद्र पाल आर्य, मंत्री पंकज जायसवाल एवं कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार आर्य ने लखनऊ स्थित कार्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार पुनः ग्रहण कर लिया है। स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से प्रधान डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’, मंत्री हर्ष कुमार, कोषाध्यक्ष अनुपम शर्मा, प्रबंधक विजेंद्र पाल सिंह आर्य, गौरव शर्मा, हितेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह (बुडगरा वाले) सहित बड़ी संख्या में आर्यजन उपस्थित रहे।

    • देहरादन/रुड़की। उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। रुड़की की सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने साधु-संतों का भेष धरकर लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले 11 बहरूपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए ठगों में से कई दूसरे समुदाय के हैं, जो अपनी पहचान छिपाकर भगवा वस्त्रों में ठगी कर रहे थे।

      एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि ये फर्जी बाबा गलियों और मोहल्लों में घूमकर महिलाओं और युवाओं को अपनी बातों में फंसाते थे। वे ‘घरेलू क्लेश दूर करने’ और ‘किस्मत बदलने’ का झांसा देकर उनसे मोटी रकम और कीमती सामान ठग लेते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश के बाद पुलिस ने सत्यापन अभियान तेज किया, जिसके बाद इन पाखंडियों का पर्दाफाश हुआ।

      • मुजफ्फरनगर (UP): अमजद, साकिर, इरफान।
      • सहारनपुर (UP): शहजाद, आरिफ।
      • शामली (UP): मोमिन।
      • अन्य: साहिल (हरियाणा), मुकेश (हरिद्वार), रामपाल, सुरेश और राजू (उत्तर प्रदेश)।

      एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि ‘ऑपरेशन कालनेमि‘ का नाम रामायण के उस प्रसंग पर रखा गया है, जहाँ कालनेमि राक्षस ने हनुमान जी को धोखा देने के लिए साधु का रूप धरा था। पुलिस ने जब इन संदिग्धों को रोककर पूछताछ की और उनके आईडी प्रूफ (आधार कार्ड आदि) चेक किए, तो उनकी असलियत सामने आ गई।

      किसी भी अनजान बाबा या तांत्रिक के बहकावे में न आएं। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति भेष बदलकर आपके इलाके में घूमता दिखे, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें।

    • लखनऊ, (18 दिसंबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘रेपर्टवा फेस्टिवल 2025’ के उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का आगाज किया। उन्होंने कहा कि ‘ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। आने वाले दिनों में शहरवासियों को कला, संस्कृति, संगीत, हास्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े देश के प्रख्यात कलाकारों, रचनाकारों और सांस्कृतिक हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा।’ 

      मंत्री जयवीर सिंह ने ‘रेपर्टवा फेस्टिवल 2025’ के 13वें सीजन के पहले दिन आयोजन स्थल पहुंचकर परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ‘ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी कला-संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। रेपर्टवा फेस्टिवल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं।’

      उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में गुरुवार से चार दिवसीय कला महोत्सव ‘रेपर्टवा’ की भव्य शुरुआत हुई। 18 से 21 दिसंबर तक चलने वाले ‘रेपर्टवा’ में स्थानीय के साथ-साथ देशभर की कला प्रतिभाओं को एक मंच मिला है, जहां वो अपनी कला बिखेरेंगे। इसके लिए कला क्षेत्र के विभिन्न कलाकारों का चयन किया गया है। समारोह के दौरान साहित्य, व्यंग्य, थिएटर और संगीत क्षेत्र के दिग्गज अलग-अलग सत्र में प्रस्तुति देंगे। आयोजन स्थल पर बच्चों के लिए किड्स जोन के साथ हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगी है।

      गोमतीनगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर- 6 के भीतर ‘रेपर्टवा फेस्टिवल’ में प्रतिदिन के आयोजन को प्रमुखतः चार सत्रों- शब्द, माहौल, रंग और ताल में बांटा गया है। पहले दिन चंदुलाल कलबुर्गी, देवेशि सहगल और मनोज शाह द्वारा निर्देशित ‘मोहन का मसाला’ का मंचन हुआ। आने वाले दिनों में मानव कौल ग्रुप की ओर से ‘जो डूबा सो पार’, लिलेट दुबे का ‘वोडका एंड नो टॉनिक’ और अतुल कुमार का नाटक ‘अम्बा’ का मंचन होगा।

      इसी प्रकार, अनुव जैन, निखिल चिनप्पा और यूफोरिया बैंड संगीत से समां बांधेंगे। आकाश गुप्ता, गौरव गुप्ता व गुरलीन पन्नू कॉमेडी के तड़के से सभी को हंसाएंगे। इसके अलावा, साहित्य और संगीत की बातें भी होंगी, जिसमें लोकप्रिय शायर वसीम बरेलवी, गायक अंकुर तिवारी, बादल शर्मा, हिमांशु बाजपेई और प्रज्ञा शर्मा समेत अन्य कलाकार प्रस्तुति देंगे।

    • बिजनौर। अभिभावक संघ ने जिले के सभी बोर्ड के स्कूलों का समय 10 से 3 कराये जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में अभिभावक संघ की बैठक का आयोजन भरत विहार स्थित एड शिवाली सिंह के निवास पर हुआ।

      बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल ने कहा कि कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा आने के कारण गांव देहात से आने वाले बच्चों व टीचर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और छोटी क्लास में पढ़ने वाले बच्चों को जल्दी स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध करते हुए जिले के सभी बोर्ड के स्कूलों का समय 10 से 3 कराये जाने की मांग उठाई।

      बैठक का संचालन कर रहे संघ के सचिव अभिषेक वत्स ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि प्ले स्कूल से ले कर कक्षा 5 तक के बच्चों का अवकाश घोषित हो और बाकी कक्षाओं के समय को बढ़ा कर शुभ 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाए, जिससे बच्चे और अध्यापक कोहरे के चलते दुर्घटना से सुरक्षित रहें और ठंड के प्रकोप से बच सकें। बैठक में अतुल विक्रम सिंह, शिवाली सिंह, जया अग्रवाल, सीमा भारती, सीमा सिंह, गुलशेर आलम, खालिद, मोहित, विक्रांत, अजहर आदि मौजूद रहे।

    • नाइट क्लब के सह-संचालक अजय गुप्ता और अब लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी से उन परिवारों को शायद ही सांत्वना मिले, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। यह एक कड़वा सत्य है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए इस ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के कुएं) ने 25 हंसते-खेलते लोगों का जीवन लीला समाप्त कर दी।

      जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि नाइट क्लब के निर्माण से लेकर संचालन तक, हर कदम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। सवाल यह है कि जब यह अवैध निर्माण हो रहा था, तब प्रशासन कहां था? क्या 25 चिताओं के जलने के बाद ही सिस्टम को यह अहसास होना था कि वहां नियमों का उल्लंघन हो रहा था।

      इस पूरे प्रकरण का सबसे चिंताजनक पहलू स्थानीय प्रशासन की भूमिका है। घटना के बाद नाइट क्लब मालिकों पर तो शिकंजा कसा जा रहा है, जो कि जरूरी भी है, लेकिन उन सरकारी बाबुओं और अधिकारियों पर कोई आंच नहीं आ रही जिनकी नाक के नीचे और संभवतः जिनकी मिलीभगत से—यह अवैध धंधा फल-फूल रहा था।

      भ्रष्टाचार का दीमक: यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संस्थागत भ्रष्टाचार है। कोई भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना ‘एनओसी’ (NOC) और सरकारी मुहर के संचालित नहीं हो सकता। जिन अधिकारियों ने बिना जांच के सुरक्षा प्रमाण पत्र दिए, वे भी उन 25 मौतों के उतने ही जिम्मेदार हैं जितने कि क्लब के मालिक। जब तक ऐसे अधिकारियों को दंडित नहीं किया जाएगा, तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा।

      सिर्फ गोवा नहीं, पूरे देश का यही हाल: यह समस्या केवल गोवा तक सीमित नहीं है। अगर हम गहराई से देखें, तो यह पूरे भारत की एक भयावह तस्वीर पेश करती है:

      असुरक्षित मेट्रो शहर: दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में हज़ारों रेस्त्रां, पब और कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में चल रहे हैं, जहां आग लगने पर निकास (Exit) का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है।

      कागजों पर सुरक्षा: फायर सेफ्टी ऑडिट अक्सर केवल फाइलों का पेट भरने के लिए किए जाते हैं। हकीकत में, अग्निशमन यंत्र या तो खराब होते हैं या एक्सपायर हो चुके होते हैं।

      इतिहास से न सीखना: उपहार सिनेमा कांड से लेकर मुंडका अग्निकांड और अब गोवा—हर हादसे के बाद जांच कमेटियां बनती हैं, रिपोर्ट आती हैं, कुछ दिन सख्ती होती है, और फिर सब ‘पुराने ढर्रे’ पर लौट आता है।

      चलता है’ वाला रवैया: नियमों की इस अवहेलना के पीछे हमारे समाज का ‘चलता है’ वाला दृष्टिकोण भी एक बड़ा कारण है। मुनाफा कमाने की होड़ में सुरक्षा मानकों को ‘अनावश्यक खर्च’ माना जाता है। एस्थेटिक्स (साज-सज्जा) के नाम पर ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जो आग लगने पर बारूद का काम करते हैं। यह औसत भारतीय नागरिक और व्यापारी के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को रेखांकित करता है।

      कानून बनाने का कोई लाभ नहीं यदि उनका पालन सुनिश्चित न कराया जा सके। लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी एक शुरुआत है, लेकिन यह अंत नहीं हो सकता। हमें अब ‘प्रतिक्रियात्मक’ (Reactive) दृष्टिकोण को छोड़कर ‘निवारक’ (Proactive) दृष्टिकोण अपनाना होगा। आगे की राह:

      सख्त जवाबदेही: जिस क्षेत्र में अवैध निर्माण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाए, वहां के संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त और दंडित किया जाए।

      नियमित ऑडिट: सुरक्षा ऑडिट को पारदर्शी बनाया जाए और उसे ऑनलाइन पब्लिक डोमेन में रखा जाए।

      जन जागरूकता: नागरिकों को भी सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक होना होगा और असुरक्षित स्थानों का बहिष्कार करना होगा।जब तक हम अपनी गलतियों से सीखकर व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन नहीं करेंगे, तब तक हम हर हादसे के बाद केवल लकीर ही पीटते रहेंगे और बेगुनाह लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे। यह समय है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए, ताकि फिर किसी परिवार को वह दर्द न सहना पड़े जो गोवा हादसे के पीड़ितों ने सहा है।