newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

  • बिजनौर पहुंचीं आईएएस टॉपर श्रुति शर्मा का कलक्ट्रेट में सम्मान

    जिलाधिकारी ने आई0ए0एस0 टॉपर श्रुति शर्मा को किया सम्मानित

    रुचि के अनुरूप ही तैयारी करें युवा: श्रुति शर्मा

    बिजनौर। जनपद बिजनौर की गौरव संघ लोक सेवा आयोग (यू0पी0एस0सी0) में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सुश्री श्रुति शर्मा को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष मे बुके देकर व शॉल भेट कर सम्मानित किया व भगवान श्री कृष्ण जी की प्रतिमा भेंट की। जिलाधिकारी ने कहा कि आज युवतियां व महिलाएं हर क्षेत्र मे आगे बढ रही हैं तथा प्रदेश व देश का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होंने सुश्री श्रुति शर्मा को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। जिलाधिकारी ने उनके परिवारजनों को भी शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

    इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में श्रुति शर्मा ने बताया कि उनका जन्म बिजनौर जिले के छोटे से गांव बास्टा में हुआ। हालांकि, वह पली-बढ़ीं दिल्ली में और पढ़ाई भी दिल्ली से ही पूरी की। उन्होंने बताया कि वह केवल होली-दीपावली आदि त्योहारों पर ही अपने घर पहुंच पाती हैं। आज भी बचपन की यादें बिजनौर से ही जुड़ी हैं।
    श्रुति ने बताया कि आईएएस बनने के लिए उन्होंने सेल्फ स्टडी बहुत की है और जामिया से ही कोचिंग भी की थी।  आईएएस टॉप करने के सवाल पर श्रुति शर्मा ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं था कि वह टॉपर बनेंगी, लेकिन एग्जाम पास कर लेंगी यह पूरा विश्वास था।

    श्रुति ने युवाओं के साथ भी अपने अनुभव साझा करते हुए  कहा कि जो भी युवा आईएएस-आईपीएस की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें जिन विषयों में रुचि है, उसमें ही मन लगाकर पढ़ाई करनी होगी, आजकल युवा खेल में भी अपना भविष्य बना रहे हैं। महिलाओं के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार बहुत योजनाएं चला रही है। महिला उत्पीड़न संबंधी समस्याओं के विषय पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा अपने आप भी करनी चाहिए। माता पिता को भी चाहिए कि वह लड़का लड़की को समान भाव से देखें और लड़कों को भी ये बात समझाएं। यूपी में बुलडोजर मामले में उन्होंने कहा कि इस विषय में उन्होंने ज्यादा कुछ पढ़ा नहीं है, इसलिए कुछ नहीं कहेंगी।

  • साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ जी की जयंती पर कुमुद सम्मान से अलंकृत 75 साहित्यकार एवं समाजसेवी

    बरेली। रोटरी क्लब भवन चौपुला में साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर 75 साहित्यकार एवं समाजसेवी कुमुद सम्मान से अलंकृत किए गए।

    हास्य कवि निर्मल सक्सेना ( कासगंज), वरिष्ठ शायर जीतेश राज नक़्श (पीलीभीत), मुख्य अतिथि आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथिगण बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव, बरेली बार एसोसिएशन के सचिव वीपी ध्यानी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य देवेंद्र देव एवं कार्यक्रम संचालक कवि रोहित राकेश को संस्था के संस्थापक एवं कार्यक्रम आयोजक एडवोकेट उपमेंद्र सक्सेना एवं संस्था अध्यक्ष करुणा निधि गुप्ता ने उत्तरीय, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर कुमुद सम्मान से अलंकृत किया

    इसके अलावा 75 कवियों एवं समाजसेवियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। आमंत्रित कवियों में निर्मल सक्सेना एवं जीतेश राज ‘नक़्श’ ने अपने काव्य पाठ से सभी का दिल जीत लिया और खूब वाहवाही लूटी।

    खटीमा से पधारे सुप्रसिद्ध कवि प्रिय भाई रामरतन यादव द्वारा बहुत सुंदर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। साहित्यकार डॉ महेश मधुकर एवं साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ धीर ने ‘कुमुद’ जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजक एडवोकेट उपमेंद्र सक्सेना एवं संस्था अध्यक्ष  करुणा निधि गुप्ता ने सभी अतिथियों को हृदय से साधुवाद एवं आभार व्यक्त किया।

  • मलिहाबाद लखनऊ। चौथे बड़े मंगल पर जगह-जगह भण्डारे आयोजित किए गए। भोर से ही हनुमान मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंदिरों पर पहुंच कर माथा टेका व विधि-विधान से पूजा-आरती की। वहीं सुबह से ही लोगों ने स्टाल लगाकर शर्बत, पूड़ी सब्जी व प्रसाद का वितरण किया, जो शाम तक चलता रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मलिहाबाद, रहीमाबाद, कसमण्डी क्षेत्र सुबह से ही भारी संख्या में मंदिरों श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने मन्दिरों में विधि विधान से हनुमान जी की पूजा अर्चना की। बड़े मंगलवार को क्षेत्र के गोपेश्वर गोशाला में राजा स्वरूप में विराजमान चिंताहरण हनुमान जी के दरबार मे ब्रम्ह मुहूर्त में दिव्य और मनमोहक श्रृंगार कर आरती उतारी गई। पंडित लवकुश बाजपेई ने सुबह प्रथम पूजन के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए।गोशाला परिवार के प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर गोशाला में पल रही गायों की पूजा के साथ ही बड़ा मंगल मनाया गया।

    कई जगह विशाल भंडारे का आयोजन-
    क्षेत्र के कई जगह भण्डारे का आयोजन हुआ। इस क्रम में मलिहाबाद कस्बे में मीडिया ऑफिस व माँ वैष्णो इंटरप्राइजेज द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। हनुमान जी की मूर्ति पर प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना करके भंडारे की शुरूआत की गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोगो ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया। वहीं विशाल भण्डारे में नगर पंचायत की टीम ने भी भरपूर सहयोग किया।
    भंडारा सुबह से शाम 6 बजे तक चलता रहा। इस दौरान भण्डारे का संचालन अजीत सिंह मीडिया ऑफिस की टीम के लोगो के सहयोग से सम्पन्न हुआ। प्रसाद वितरण कार्यक्रम में शैलेश, कल्लू, विकास, रवि, शनि, सोनू यादव द्वारा सहयोग किया गया।

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव को समर्पित एक, दो, पांच, 10 और 20 रुपयों के नए सिक्के लॉन्च किए। सिक्कों की इस विशेष सीरीज की पहचान नेत्रहीन लोग भी आसानी से कर सकेंगे। ये सिक्के आजादी का अमृत महोत्सव को समर्पित किए गए हैं।

    इस तरह के हैं ये सिक्के
    स्पेशल सीरीज के तहत इन सिक्कों पर AKAM का लोगो है। इससे पहले पीएमओ के बयान में कहा गया था कि “सिक्कों की इन स्पेशल सीरीज में AKAM के लोगो की थीम होगी और दृष्टिबाधित व्यक्तियों को भी आसानी से पहचाना जा सकेगा।” विशेष रूप से, इस सप्ताह को 6 से 11 जून, 2022 तक ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ (AKAM) के हिस्से के रूप में मनाया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि ये सिक्के लगातार लोगों को अमृत काल के लक्ष्यों की याद दिलाएंगे और उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान करने के लिए प्रेरित करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में उपस्थित वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों से कहा, ‘आप सभी इस विरासत का हिस्सा हैं। देश के आम जन के जीवन को आसान बनाना हो, या देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करना हो, बीते 75 वर्षों में अनेक साथियों ने इसमें बहुत योगदान दिया है। बीते वर्षों में वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मंत्रालय ने अपने कार्यों के द्वारा, सही समय पर सही निर्णयों के द्वारा अपनी एक विरासत बनाई है, एक बेहतरीन सफर तय किया है।’

    वित्त और कार्पोरेट कार्य मंत्रालय 6 से 11 जून तक ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आइकानिक समारोह आयोजित करेगा। इस दौरान कार्पोरेट कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय का प्रत्येक विभाग अपने समृद्ध इतिहास और विरासत के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तत्परता का प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रेडिट लिंक्ड सरकारी योजनाओं के लिए ‘जन समर्थ पोर्टल’ शुरू किया। यह पोर्टल अलग-अलग योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। यह अपने आप में पहला ऐसा पोर्टल होगा जो लाभार्थियों को ऋणदाताओं से जोड़ेगा।

  • ओटावा (एजेंसी)। चूहों को लेकर आपने सुना होगा कि वह बिल्ली से डरते हैं, लेकिन शोधकर्ताओं ने चूहों के डर से जुड़ी एक अबीजोगरीब खोज की है। उन्होंने पता लगाया है कि चूहा केले से डरता है। 

    Research on Rat: चूहों पर हाल ही में एक ऐसी रिसर्च हुई है जिसे जानकर आप काफी हैरान होंगे. दरअसल वैज्ञानिकों से अनजाने में हुए इस रिसर्च में सामने आया है कि चूहे बिल्ली से ज्यादा केले से डरते हैं. उन्होंने इसके पीछे की वजह भी निकाली. आइए जानते हैं क्या है रिसर्च….

    Latest Viral News: अगर कोई आपसे ये पूछे कि चूहे सबसे ज्यादा किससे डरते हैं, तो शायद आप जवाब देंगे कि बिल्ली से. लेकिन ऐसा नहीं है, चूहे बिल्ली से भी ज्यादा ऐसी चीज से डरते हैं जिसकी कल्पना शायद आप न कर पाएं. हैरानी की बात ये है कि ये कोई जीव नहीं, बल्कि फल है. हाल ही में एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि चूहों को केले से बहुत डर लगता है. हालांकि यह खोज प्लानिंग के तहत नहीं, बल्कि अनजाने में हुई है, लेकिन अब इसकी खूब चर्चा हो रही है.

    क्या है पूरी रिसर्च

    साइंस एडवांस में छपी इस स्टडी रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया है कि, ‘नर चूहों में केले को देखने के बाद तनाव ज्यादा मिला. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मॉन्ट्रियल में मैगकिल यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम गर्भवती और स्तनपान कराने वाली मादा चूहों पर रिसर्च कर रही थी. इस दौरान दिखा कि अजनबी नर चूहों को कैसे मादा चूहे आक्रामकता दिखा रही हैं. आक्रमकता दिखाने के दौरान मादा चूहों ने मूत्र चिह्न के साथ रिएक्ट किया. यह रिएक्शन अजनबी नर चूहों को भगाने और उन्हें चेतावनी देने के लिए दिया गया था, लेकिन टीम यह देखकर हैरान हो गई कि जो नर चूहे अपनी आक्रमकता के लिए जाने जाते हैं, वो मादा चूहों के रसायन से कैसे भाग गए.

    मूत्र को सूंघते ही भाग गया चूहा

    इसके बाद टीम ने इस पर रिसर्च शुरू किया. इस स्टडी में शामिल प्रोफेसर जेफरी मोगिल ने बताया कि, चूहे और दूसरे स्तनधारी अपनी सूंघने की शक्तियों को यूज करते हैं. इन सबके लिए अलग-अलग समय पर यूरिन की गंध के अलग-अलग मतलब होते हैं. सूंघने वाले संकेत आमतौर पर नर किसी मादा को भेजते हैं, लेकिन यहां बिल्कुल उल्टा हुआ. इस रिसर्च में मादा चूहे ने नर चूहे को सूंघने वाला संकेत भेजा. इससे साफ हुआ कि मादा चूहा अजनबी नर चूहे को दूर रहने के लिए कह रही है.

    ये है केले की थियोरी

    अब रिसर्च टीम को ये पता करना था कि माद चूहे ने जो मूत्र चिह्न छोड़ा है उसमें ऐसा क्या था जिसे देखकर नर चूहे को भागना पड़ा. टीम ने जब इस पर काम किया तो पता चला कि स्तनपान कराने वाली मादा चूहों के मूत्र में एन-पेंटाइल एसीटेट (N-Pentyl Acetate) नाम का एक यौगिक था. यह केले समेत कई दूसरे बड़े फलों में मिलने वाले यौगिक के समान होता है. वैज्ञानिकों ने बताया कि केले का अर्क बनाने के लिए इसे फल से निकालते हैं. इस रसायन से नर चूहों में हार्मोन में परिवर्तन होने लगता है. इसके बाद टीम ने अलग से इस थ्योरी पर काम करने की योजना बनाई. उन्होंने केले के अर्क को नर चूहों के पिंजरे में डाल दिया. इसके बाद नतीजा देखकर वह हैरान हो गए. दरअसल केले के अर्क को देखने के बाद चूहों में तनाव अधिक बढ़ गया था. ये तनाव बिल्कुल उतना ही था, जितना दूसरे चूहों से लड़ाई के दौरान उनमें होता है.

  • अब पानी पी कर की फेंक नहीं पाएंगे बोतल, देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक हो जाएगी पूरी तरह बैन

    विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण को बचाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. एक तरफ जहां दुनिया को बचाने की मुहिम में भारत पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, वहीं अब इस सिलसिले में केंद्र सरकार देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन करने की तैयारी में है.

    सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर पूरी तरह बैन की तैयारी

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक खासकर पिन्नियों और पानी की बोतलों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. दरअसल केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी करते हुए सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single-Use Plastic) को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की सलाह दी है. केंद्र ने कहा है कि इससे ‘स्वच्छ और हरित’ पर्यावरण को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. सरकार का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक देश के 4,704 में से 2,591 शहरी स्थानीय निकायों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक को पहले से प्रतिबंधित (Ban) कर रखा है. ऐसे में अब सभी राज्यों (States) और केंद्र शासित प्रदेश (UT’s) मिलकर ये सुनिश्चित करें कि बाकी बचे 2,100 से अधिक निकाय भी 30 जून, 2022 तक हर हाल में इसे प्रतिबंधित कर दे.

    #WorldEnvironmentDay2022: Centre writes to states to phase out Single Use Plastic #WorldEnvironmentDay https://t.co/cSFvL7ffOS— Zee News English (@ZeeNewsEnglish) June 5, 2022

    बड़े पैमाने पर चलेगा अभियान

    जारी की गई सरकारी एडवायजरी में पर्यावरण बचाने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता के तहत केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 जून तक जिन आदेशों को पूरा करने के लिए कई गतिविधियां शुरू करने को कहा गया है. इसमें खासकर प्लास्टिक की पन्नी और पानी की बोतलों वाले कचरे की सफाई के लिए बड़े पैमाने पर सफाई और ‘प्लॉगिंग’ अभियान चलाने को कहा गया है. बता दें कि फिलहाल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय जो काम कर रहे हैं उसमें प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और एसयूपी का उन्मूलन भी शामिल है. 

    गलती करने वालों पर लगेगा जुर्माना

    रिपोर्ट के अनुसार केंद्र की एडवायजरी में ये भी कहा गया है कि सफाई के काम में तेजी के लिए यूएलबी को एसयूपी ‘हॉटस्पॉट’ की पहचान करने और उन्हें नष्ट करने की जरूरत होगी. इस सलाह में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की कार्रवाई का लाभ उठाने के साथ कुछ और विशेष प्रवर्तन दस्तों का गठन करने को कहा गया है. इसी तरह तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए एजेंसियों को औचक निरीक्षण बढ़ाने को कहा गया है. इसी तरह SUP प्रतिबंधों को लागू करने के लिए गलती करने वालों पर भारी जुर्माना यानी कठोर अर्थदंड लगाने की सलाह दी गई है.

    प्रतिबंध के बाद भी हो रहा प्रयोग

    गौरतलब है कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 के मुताबिक, 75 माइक्रोन यानि 0.075 मिमी मोटाई से कम के प्लास्टिक से बने कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और किसी भी तरह के उपयोग पर 30 सितंबर, 2021 से प्रतिबंध लगा हुआ है. ऐसे में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की वजह से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे संगठन सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.

  • लीची का लुत्फ उठाएं, लेकिन इसके छिलके को कूड़ेदान में न फेंके; फायदों को जानकर रह जाएंगे दंग

    Lychee Peel Benefits: लीची का लुत्फ उठाएं, लेकिन इसके छिलके को कूड़ेदान में न फेंके; इन फायदों से रह जाएंगे महरूम

    Lychee Peel For Home Remedies: लीची के फायदों के बारे में हम सभी वाकिफ हैं, लेकिन क्या आप इसके छिलके के फायदों के बारे में आप जानते हैं?

    Importance Of Lychee Peel: आजकल फल के बाजार लीची से भरे पड़े हैं, ये एक ऐसा फ्रूट है जिसकी पैदावार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सबसे ज्यादा होती है, लेकिन पूरे भारत में इसके शौकीनों की कोई कमी नहीं है, हालांकि लीची खाने के बाद इसके छिलके को हम अक्सर कूड़ेदान में फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि छिलकों के भी कई फायदे हैं

    लीची से मिलने वाले न्यूट्रिएंट्स

    लीची (Lychee) में विटामिन सी, फोलेट, नियासिन, राइबोफ्लेविन, बीटा कैरोटीन और फोलेट जैसे अहम न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. इससे हमारे शरीर को कई तरीके से फायदे पहुंच सकते हैं. 

    लीची खाने के 5 फायदे

    1. शरीर रहता है हाइड्रेट
    2. मोटापा होगा कम
    3. डाइजेशन रहेगा दुरुस्त
    4. गले की खराश से मिलेगी निजात
    5. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदे


    लीची के ज्यादातर फायदों के बारे में हम जरूर जानते होंगे, लेकिन इसके छिलके को हम हमेशा कूड़ेदान में फेंक देते है, लेकिन ये जानकर हैरानी होगी कि इसके लीची के छिलके भी कम लाभकारी नहीं है. 

    लीची के छिलकों के फायदे 

    -लीची के छिलकों को फेस स्क्रब (Lychee Face Scrub) के रूप उपयोग किया जा सकता है. इसके लिए छिलके को मिक्सर ग्राइंडर डालकर चावल का आटा, एलोवेरा जेल और गुलाब जल पीस लें. इसे अपने चेहरे को मसाज देकर साफ पानी से धो लें. इससे आपका चेहरा निखार आ जाएगा.

    – लीची के छिलके से गर्दन पर पड़ी मैल भी ठीक हो सकती है, इसके लिए छिलके को पीसकर नींबू का रस, नारियल तेल, हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करना है. इस गर्दन की डेड सेल्स निकल जाएगी.

    – एड़ियों की गंदगी साफ करने के लीची के छिलका बेहद मददगार है. इसके लिए छिलके को दरदरा पीसकर मुल्तानी मिट्टी, सेब का सिरका, खाने का सोडा मिक्स कर लें. इससे एड़ियों पर लगाकर 20 मिनट तक छोड़ दें. इसके बाद पानी से साफ कर लें.

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.) साभार- zee news desk

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय रेलवे ने देशभर में 45,000 डाकघरों में टिकट बुकिंग की व्यवस्था की तैयारी कर ली है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर ये फैसल लिया गया है।

    इसके लिए रेलवे ने 45,000 डाकघरों में टिकटिंग की व्यवस्था की है। यात्री बिना किसी परेशानी के यहां से टिकट ले सकते हैं। पिछले दिनों खजुराहो में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा करते हुए यह भी बताया था कि अब रेल टिकट लेने में यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही खजुराहो और दिल्ली के बीच वंदेभारत ट्रेन पर अपडेट देते हुए रेल मंत्री ने बताया था कि इस रूट पर अगस्त तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो जाएगा। तब तक वंदे भारत ट्रेन भी चलने लगेगी। अर्थात अगस्त के बाद कभी भी मध्य प्रदेश को वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल सकती है, जिसके लिए डाकघर से ही टिकट बुक हो सकता है।

    गौरतलब है कि स्टेशन से दूर दराज में रहने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक घरों में रेल आरक्षण कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि रेल रिजर्वेशन के लिए लोगों को भटकना न पड़े। इन डाक घरों में रेल आरक्षण बुकिंग का कार्य डाक घर के प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। रेलवे द्वारा नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ हार्डवेयर उपलब्ध कराया गया है। इस योजना से शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को आस पास के डाकघरों से अपनी ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन कराने की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वर्तमान में रेलवे द्वारा डाक घरों में प्रदत्त कराई गई रेल आरक्षण बुकिंग की सुविधा का लाभ उठाएं।

    ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन- इससे पहले भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें वेटिंग और लम्बी कतारों से मुक्ति देते हुए ई-टिकटिग की नई सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत रेल यात्री अब यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और मंथली पास के नवीकरण के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर पेटीएम, फोनपे, फ्रीचार्ज जैसे यूपीआई बेस्ड मोबाइल ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजीटल पेमेंट कर सकेंगे। इस सुविधा में यात्री ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन से मिलने वाली सुविधाओं के लिए डिजिटिल ट्रांजेक्शन से भी भुगतान कर सकेंगे। यात्री इसके जरिये एटीवीएम स्मार्ट कार्ड को भी रिचार्ज करा सकते हैं। क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री फोन के माध्यम से डिजीटल भुगतान कर टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

    इसे स्कैन करने और पेमेंट करने के बाद यात्रियों को तुरन्त अपने गंतव्य का टिकट मिल जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा डिजीटल मोड में पेमेंट करें और लंबी लाइन से छुटकारा पाएं।

    गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड को ऐसे स्टेशनों पर अक्सर यात्रियों की तरफ से घंटों लाइन में लग कर टिकट लेने की शिकायत मिली थी। कई बार स्टेशनों पर लंबी-लंबी लाइन में लगने से यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। लेकिन अब टिकट बिक्री के विकेंद्रीकरण के बाद यात्रियों को घंटों लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के यात्रियों को ध्यान में रखकर दो अगल-अलग सुविधाओं के बेहतर किया गया है।

  • लखनऊ। विश्व पार्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज अवध वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में रेंज परिसर में गोष्ठी आयोजित की गई।

    इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को पक्षी प्रेमी महेश साहू ने चांदनी, नींबू, मेंहदी, कनेर के पौधे व नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र व काकून के पैकेट वितरित किए।


    इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख काकोरी कुंवर रामविलास, बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य निर्मल श्रीवास्तव, श्री बुद्धेश्वर उधोग व्यापार मंडल पूर्व अध्यक्ष हिमांशु गुप्ता, सेवाभारती मनीष गुप्ता व पत्रकार सीमा मौर्या, रचित मौर्या, रेंजर शिवाकांत शर्मा, डिप्टी रेंजर मनीष कनौजिया, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी, प्रीति पाण्डेय, शिल्पी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • 6G

    6G Technology: दुनिया के कई देशों में 5G टेक्नोलॉजी आ चुकी है और अब 6G की तैयारी हो रही है. Nokia के CEO Pekka Lundmark ने 6G और स्मार्टफोन्स के फ्यूचर को लेकर एक भविष्यवाणी की है. उनका मानना है कि साल 2030 तक स्मार्टफोन खत्म हो जाएंगे.

    6G

    • नोकिया CEO Pekka Lundmark ने की भविष्यवाणी
    • साल 2030 तक खत्म हो जाएगी स्मार्टफोन की जरूरत?
    • दावोस में World Economic Forum में कही यह बात

    फोन से मोबाइल फोन और फिर स्मार्टफोन तक का सफर बहुत छोटा है. बातचीत के लिए तैयार किए गए इस डिवाइस का इतिहास आम लोगों के बीच मुश्किल से कुछ दशक का है. कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही यह इतिहास का हिस्सा भी बन सकते हैं. स्मार्टफोन तेजी से विकसित होने वाले प्रोडक्ट्स में से एक है.

    आज से 15-20 साल पहले मौजूदा स्मार्टफोन्स के फीचर्स वाले किसी डिवाइस को हाथ में लेकर घूमना एक कल्पना मात्र थी. स्मार्टफोन्स के तेज विकास की वजह से ही इसके भविष्य पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं.  

    Nokia के CEO की भविष्यवाणी 

    दरअसल, Nokia के CEO Pekka Lundmark का मानना है कि साल 2030 तक 6G टेक्नोलॉजी शुरू हो चुकी होगी, लेकिन तब तक स्मार्टफोन ‘कॉमन इंटरफेस’ नहीं होंगे. उन्होंने ये बात दावोस में चल रहे World Economic Forum में कही है.  Pekka Lundmark ने कहा कि कॉमर्शियल मार्केट में 2030 तक 6G की एंट्री हो जाएगी.

    उन्होंने कहा कि 6G के आने से पहले ही लोग स्मार्टफोन की तुलना में स्मार्ट ग्लासेस और दूसरे डिवाइस को यूज करने लगेंगे. नोकिया सीईओ ने बताया, ‘तब तक, हम जिन स्मार्टफोन्स को यूज कर रहे हैं, वह सबसे ज्यादा यूज होने वाला इंटरफेस नहीं रह जाएंगे. इनमें से बहुत सी चीजें हमारी बॉडी में सीधे तौर पर मिलने लगेंगी.’

    एलॉन मस्क की कंपनी कर रही इस पर काम

    हालांकि, Lundmark ने ये नहीं बताया है कि वह किस डिवाइस के बारे में बात कर रहे हैं. एलॉन मस्क की Neuralink जैसी कुछ कंपनियां फिलहाल इस पर काम कर रही हैं और ब्रेन कम्प्यूटर इंटरफेस तैयार कर रही हैं. 

    पिछले साल अप्रैल में मस्क ने एक फुटेज रिलीज कर इसका डेमो दिखाया था. वीडियो में उन्होंने दिखाया कि कैसे एक मेल मकाक (अफ्रीकी लंगूर) के दिमाग में चिप लगाई गई है और वह ‘माइंड पॉन्ग’ प्ले कर रहा है.

    लंगूर को जॉयस्टिक मूव करने के लिए ट्रेंड जरूर किया गया था, लेकिन इस टेस्ट के दौरान उसके अनप्लग रखा गया था. मकाक पैडल को अपने दिमाग की मदद से कंट्रोल कर रहा था. हालांकि, उसे ऐसा लग रहा था कि वह जॉयस्टिक की मदद से ऐसा कर पा रहा है.

    कब तक आएगा 6G?

    6G को लेकर अभी बहुत सी चीजें क्लियर नहीं है. भारत अभी 5G की लॉन्चिंग की तैयारी कर रहा है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6G पर बताया था कि एक टास्ट फोर्स को तैयार किया गया है. इस साल के अंत तक हमें भारत में 5G टेक्नोलॉजी देखने को मिल जाएगी.

    इससे पहले भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी घोषणा की थी कि देश अपनी स्वदेशी 6G तकनीक पर काम कर रहा है। 2023-2024 तक ये तकनीक तैयार भी हो सकती है। 6G को लेकर अभी कुछ भी साफ नहीं है। अभी 5G की लॉन्चिंग की तैयारी है और इस साल के अंत तक हमें भारत में 5G टेक्नोलॉजी देखने को मिल जाएगी। ऐसे में नोकिया के सीईओ का ये बयान भविष्य में टेक्नोलॉजी की मजबूती को बताता है।

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। रेस्टोरेंट में अक्सर खाने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार कुछ ऐसा करने की तैयारी में है, जिससे रेस्टोरेंट में खाना सस्ता हो सके। केंद्र सरकार जल्द रेस्टोरेंट्स और होटल्स में वसूले जाने वाले सर्विस चार्ज पर रोक लगाने के लिए नियम बनाएगी। रेस्टोरेंट और उपभोक्ता संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद केंद्र सरकार ने रेस्टोरेंट्स और होटल्स से ग्राहकों से सर्विस चार्ज नहीं वसूलने को कहा है। राजस्थान कैडर के आईएएस और वर्तमान में उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने यह जानकारी दी।

    पिछले कुछ समय से रेस्टोरेंट में लगने वाले सर्विस चार्ज को लेकर काफी चर्चा चल रही थी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने रेस्टोरेंट की तरफ से सर्विस चार्ज लगाए जाने को गैर कानूनी बताते हुए नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) से कहा कि वह तत्काल प्रभाव से बिल में सर्विस चार्ज ऐड करना बंद करे। मंत्रालय ने कहा कि सर्विस चार्ज लगाने के कारण कंज्यूमर्स पर बुरा असर होता है। इधर होटल इंडस्ट्री ने खानपान के बिल में सर्विस चार्ज लेने से रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था किए जाने की घोषणा को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं को सेवा देने वाले आम कर्मचारियों के हितों को चोट पहुंचेगी। एनआरएआई के अध्यक्ष कबीर सूरी ने कहा कि इस मुद्दे पर अभी कोई कानून नहीं बना है लिहाजा इस बारे में आने वाले प्रावधान का इंतजार किया जा रहा है।

    ‘रेस्टोरेंट किसी बिल में अलग से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते हैं। अगर आपको लगता है कि कर्मचारियों को कुछ अधिक लाभ देने हैं तो आप उसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाल सकते हैं। आप चाहें तो खानपान उत्पादों की दरें बढ़ा सकते हैं।’ -पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

    कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा है कि रेस्टोरेंट अपने बिल में अलग से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार एक कानून लाने के बारे में भी सोच रही है। इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए सूरी ने कहा कि सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट में आने वाले मेहमानों को सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए होता है। इसे रेस्टोरेंट में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के बीच बांट दिया जाता है। एक रेस्टोरेंट मालिक के रूप में हम उसी राशि को खानपान वाले उत्पादों के बिल में जोड़ सकते हैं, लेकिन फिर खाना परोसने वाले स्टाफ को कुछ नहीं मिलेगा।

    सर्विस चार्ज की बात करें तो रेस्टोरेंट्स टोटल बिल का करीब 10 फीसदी सर्विस चार्ज के रूप में वसूलते हैं। इस मुद्दे पर कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी रोहित कुमार सिंह ने कहा कि रेस्टोरेंट अपने मन से सर्विस चार्ज ऐड कर देते हैं। नियम के अनुसार यह वैकल्पिक होना चाहिए, जब तक कोई कंज्यूमर नहीं चाहता है। रेस्टोरेंट की तरफ से बिल में सर्विस चार्ज को नहीं जोड़ा जा सकता है।

    मंत्रालय की तरफ से जारी लेटर में कहा गया कि सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट की तरफ से जबरन वसूला जाता है। कंज्यूमर्स को इसको लेकर गलत जानकारी दी जाती है। जब कोई कंज्यूमर इस चार्ज को हटाने की बात करता है तो उसके साथ कई मौकों पर बदसलूकी भी की गई गई है। यह मामला रोजाना और पल-पल के कामों से संबंधित है। ऐसे में जरूरी है कि एक उचित नियम हो। हालिया फैसले से कंज्यूमर्स की भलाई होगी।

    केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि खाने के बिल में रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज (Food Bill Service Charge) नहीं जोड़ सकते हैं। हालांकि, अगर ग्राहक चाहें तो अपनी मर्जी से होटल में अलग से टिप दे सकते हैं। गोयल (Piyush Goyal) ने कहा है कि अगर रेस्त्रां के मालिक अपने कर्मचारियों को अधिक वेतन देना चाहता है तो वे खाने के मेन्यू कार्ड में रेट बढ़ा सकते हैं, क्योंकि देश में कोई प्राइस कंट्रोल नहीं है। उन्होंने रेस्त्रां मालिकों के इस तर्क को खारिज कर दिया कि सर्विस चार्ज हटाने के बाद उन्हें नुकसान होगा।


  • लखनऊ में स्वर्गीय मुन्नी देवी क्रिकेट लीग का शुभारंभ। मुख्य अतिथि सीनियर पत्रकार चंद्रभान यादव ने किया शुभारंभ। क्रिकेट खेल रहे बच्चों का बढ़ाया उत्साह। मैन ऑफ द मैच वाहबुल को सप्रेम भेंट प्रदान कर की उनके भविष्य उज्जवल कामना।

    लखनऊ। स्वर्गीय मुन्नी देवी क्रिकेट लीग का मैच शुक्रवार को जीबी पंत क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। इसमें रॉयल क्लब उन्नाव व शेर-ए-रजा के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी रॉयल्स क्रिकेट क्लब उन्नाव की टीम महज 18 ओवर में 110 रन बनाकर आल आउट हो गई। मोहित कनौजिया (39 रन) व विवेक कुमार (30 रन) के अलावा कोई बल्लेबाज क्रीज पर नहीं टिक सका। शेर ए रजा की थोड़ी खराब शुरुआत हुई; 40 रन पर दो विकेट गिर गए। फिर धीरे-धीरे मैच शेरे रजा के पक्ष में चला गया और टीम ने 113 रन 4 विकेट खोकर बना लिए। मैन ऑफ द मैच का खिताब वाहबुल अली ने 3 ओवर में 4 विकेट झटक कर हासिल किया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि jk 24×7 न्यूज़ के पत्रकार चंद्रभान यादव ने मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार वाहबुल अली को दिया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामनाएं करते हुए आयोजक अभिषेक चौरसिया की जमकर तारीफ की।

  • घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएँ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

    डाक विभाग का 13 जून तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के भुगतान हेतु विशेष अभियान- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

    ‘आपका बैंक,आपके द्वार’ की तर्ज पर घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

    लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य डीबीटी योजनाओं के तहत बैंक खातों में प्राप्त राशि की निकासी हेतु अब बैंक या एटीएम जाने की जरुरत नहीं है। डाक विभाग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से घर बैठे लोगों को अपने बैंक खातों से यह राशि निकालने की सुविधा दे रहा है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (ए.ई.पी.एस) द्वारा बैंक खातों से भुगतान की सुविधा घर बैठे डाकिया के द्वारा प्राप्त हो सकेगी।

    वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने सभी मंडलाधीक्षकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शाखा प्रबंधकों को इस हेतु व्यापक रूप से सघन अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया है। 4 जून को इस हेतु उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में महाभियान चलाया जायेगा, जो कि 13 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इस अभियान के दौरान ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ की तर्ज पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंक खातों से धन निकासी की सुविधा दी जायेगी तथा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त का भुगतान विशेष प्राथमिकता रहेगी। इसके तहत रसोई से लेकर दुकान व खेत-खलिहान तक, गलियों से लेकर नदियों में नाव तक धन निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है।

    वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा घर-घर जाकर लोगों के आधार लिंक्ड बैंक खाते से पैसा निकालने की सुविधा दे रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम घर बैठे लोग अब अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं, इसके लिए किसी बैंक या एटीएम पर जाने की जरूरत नहीं है। श्री यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक लगभग 15 लाख लोगों ने घर बैठे विभिन्न बैंकों के अपने खातों से 4.74 अरब रुपए की राशि डाक विभाग के माध्यम से निकाली है। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 55 हजार लोगों ने 23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकाली है। ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को चरितार्थ करते डाक विभाग की इस पहल को लोगों ने हाथों-हाथ लिया है।

    पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है।

    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर के किसानों के लिए कल्याणकारी योजना के रूप में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत 2000 रुपयों की सलाना तीन किश्तें जारी की जाती हैं। इस योजना से उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से अधिक किसानों को सीधा फायदा हो रहा है। अभी मंगलवार को ही प्रधानमंत्री ने शिमला में गरीब कल्याण योजना के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद करने के साथ ही देश के लघु और सीमांत किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपए की किसान सम्मान निधि जारी की। अब किसान घर बैठे यह राशि डाकिया के माध्यम से निकाल सकेंगे।

  • पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर कानपुर में जमकर बवाल, उपद्रवियों ने पत्थरबाजी के साथ बमबाजी

    कानपुर (एजेंसी)। पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित टिप्पणी को लेकर कानपुर में बवाल हो गया। एक समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जवाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने भी सड़क पर उतर कर पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने पथराव के साथ ही फायरिंग व बमबाजी भी की। घटना में छह लोग घायल हो गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार पैगंबर मोहम्मद साहब पर भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर नमाज के बाद एक पक्ष ने नई सड़क पर जमकर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालत बेकाबू हो गए और दोनों ही पक्ष आमने-सामने आ गए। बिगड़े हालात को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और घेराबंदी कर लोगों को शांत कराने का प्रयास करने लगे लेकिन अराजक तत्व लगातार पत्थरबाजी करते रहे। इस दौरान छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    कानपुर के यतीमखाने में दुकान बंदी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, जमकर चले ईंट-पत्थर; कई राउंड फायरिंग

    डीएम और संयुक्त पुलिस आयुक्त समेत भारी फोर्स ने मौके पर पहुंच कर पैदल मार्च करते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया।

    बवाल की सूचना पर भारी फोर्स के साथ डीएम नेहा शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी के साथ कई सर्किल के एसीपी और पीएसी समेत भारी फोर्स मौके पर पहुंचा। पैदल मार्च कर लोगों को समझाने का प्रयास किया तब कहीं जाकर हालात काबू में आए। सुरक्षा की दृष्टि से नई सड़क पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।

    सूत्रों के अनुसार पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां पर सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। अस्पताल में संजय शुक्ला, आशीष, अमर बाथम, अनिल गौड़, मुकेश देव गौड़ा, राजू सिंह आदि घायलों का इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

    खास बात यह है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर देहात के दौरे पर हैं।

    बताया गया है कि मुस्लिम अधिसंख्य आबादी वाले क्षेत्रों में नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में बाजार बंद रखने का आह्वान किया गया था। पुलिस सुरक्षा के बीच जुमे की नमाज अदा की गई।

    इसके बाद यतीमखाना स्थित सद्भावना चौकी के पास बााजर बंद कराने को लेकर दोनों पक्ष आमने- सामने आ गए और पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। लोग तंग गलियों में घुसकर पत्थरबाजी करने लगे।

  • आचार्य द्विवेदी स्मृति अभियान का 25वां वर्ष

    रजत जयंती समारोह में होगा देशभर के साहित्यकारों-पत्रकारों का जमावड़ा

    मुख्य आकर्षण
    -दौलतपुर में महावीर चौरा पर सुंदरकांड पाठ से रजत जयंती समारोह की शुरुआत
    -दो दिवसीय मुख्य वार्षिक समारोह 11-12 नवंबर को
    -ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ फोटो वाली प्रदर्शनी का आयोजन
    -रायबरेली शहर में आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ
    -गीत-संगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त की प्रस्तुति
    -“आचार्य पथ” स्मारिका/पत्रिका का विशेषांक

    रायबरेली से शुरू हुआ आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। अभियान की रजत जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। 11-12 नवंबर 2022 को आयोजित होने वाले रजत जयंती समारोह में देशभर के साहित्यकारों पत्रकारों को आमंत्रित किया जाएगा। लखनऊ और दिल्ली में भी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। आचार्य पथ स्मारिका का विशेषांक भी निकालने की तैयारी है।
    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की रायबरेली के आशीर्वाद इन होटल में आयोजित बैठक में तय किया गया कि रजत जयंती वर्ष में आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को नए रूप में संजोया जाएगा। वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी। इसकी शुरुआत आचार्य द्विवेदी के जन्म ग्राम दौलतपुर में सुंदरकांड के पाठ के साथ होगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ के साथ ही जनपद के साहित्यिक स्वाधीनता संग्राम इतिहास को समेटने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 12 नवंबर को वार्षिक आयोजन भी इस बार दो दिवसीय होगा। इसमें देशभर के पत्रकार-साहित्यकार शामिल होंगे। आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त को गीत-संगीत, नाटक और नृत्य के माध्यम से भी प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।


    अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि स्मृति संरक्षण अभियान 9 मई 1998 को समाज और सरकार को जगाने के लिए ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से प्रारंभ हुआ था। यह स्मृति अभियान 9 मई से रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। 25 वर्ष के सफर में कई सोपान तय किए गए। शहर से लेकर गांव तक तीन स्मृति द्वार बनाए गए। कई सरकारी और निजी संस्थाओं में सभागार आचार्य द्विवेदी के नाम पर रखे गए।
    उन्होंने बताया कि आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार अमेरिका तक पहुंच गई। अमेरिका इकाई की कमान श्रीमती मंजु मिश्रा एवं सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा, कुसुम नैपसिक, डॉक्टर ममता त्रिपाठी संभाले हुए हैं। अमेरिका इकाई साल में आचार्य द्विवेदी की स्मृति और हिंदी के प्रचार- प्रसार के लिए ऑनलाइन चार कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इनमें बच्चों की प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं।

    कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति-
    महामंत्री अनिल मिश्र ने बताया कि कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए मुन्ना लाल साहू, स्मिता दुबे, अनुपमा रावत और हिमांशु तिवारी को प्रभारी बनाया गया है। नाटक-नृत्य आदि के लिए अमित सिंह, रवि प्रताप सिंह और क्षमता मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदर्शनी का प्रभार अभिषेक द्विवेदी, नीलेश मिश्रा और अरुण पांडे को सौंपा गया है।
    बैठक के अंत में डॉ सुशील चंद्र मिश्र ने सभी को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। बैठक में राजीव भार्गव, दिनेश शुक्ला, सुधीर द्विवेदी, स्वतंत्र पांडे, राजेश वर्मा, श्रीमती रजनी सक्सेना, रामेंद्र मिश्रा, अमर द्विवेदी, दीपक तिवारी, लंबू बाजपेई, शशिकांत अवस्थी, घनश्याम मिश्रा, राकेश मोहन मिश्रा, राजेश द्विवेदी, कृष्ण मनोहर मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, रोहित मिश्रा, यशी अवस्थी, शिखर अवस्थी, हर्षित द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

    आचार्य द्विवेदी के नाम पर चौराहे का सुंदरीकरण करने का सुझाव

    रजत जयंती वर्ष की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित बैठक में कई सुझाव भी आए। समिति के सदस्य राजेश वर्मा ने सुझाव दिया कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए शहर के एक चौराहे को विकसित किया जाए। सदस्य चंद्रमणि बाजपेई ने छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकालय- वाचनालय स्थापित किए जाने पर जोर दिया।

    आचार्य द्विवेदी के साहित्य का डिजिटलाइजेशन भी होगा

    रजत जयंती वर्ष मनाने की तैयारियों से संबंधित बैठक में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा भी ऑनलाइन शामिल हुईं। उन्होंने आचार्य द्विवेदी के साहित्य समेत अन्य विषयों पर लिखी गई पुस्तकों को डिजिटल फॉर्म पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने आश्वस्त किया कि इस दिशा में भी काम तेज किया जाएगा।


  • 01 जून को नेशनल जनमत न्यूज चैनल और मासिक पत्रिका मिशन जनमत के प्रधान संपादक नीरज भाई पटेल का जन्म दिन था। वैसे तो इस युवा पत्रकार के प्रशंसकों की जमात समूचे उत्तर भारत में फैली हुई है जिससे उनको जगह-जगह से बधाइंया मिली लेकिन उनके गृह जनपद उरई में स्वाभाविक रूप से उत्साह कुछ अधिक ही रहा। इसके दो दिन पहले 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया गया। इस दिन पत्रकारों की दशा और दिशा को लेकर कई जगह व्यापक चर्चायें हुई। नीरज पटेल का संदर्भ जुड़ने से ये चर्चायें नये आयामों को छूने लगती हैं। चिंतन के वे आयाम जो समकालीन परिस्थितियों में बहुत जरूरी हैं।
    नीरज पटेल की पत्रकारिता अतीत की पत्रकारिता की याद दिला देती है। आधुनिक पत्रकारिता के उदय काल में इस विधा का मुख्य उद्देश्य जनमत का निर्माण करना था जिसकी वजह से पत्रकारिता में सूचनाओं के व्यापार के स्थान पर विचारों को प्रसारित करने पर बल रहता था। स्वाधीनता की लड़ाई के महानायक गांधी जी की पत्रकारिता को इस संदर्भ में स्मरण किया जाना प्रासंगिक है। उन्होंने जब यंग इंडिया के संपादन का दायित्व स्वीकार किया उस समय इस द्विसाप्ताहिक समाचार पत्र की प्रसार संख्या मात्र 1200 थी लेकिन तीन वर्षो में ही इसका प्रसार 40 हजार की संख्या पर पहुंच गया था। इसलिए नहीं कि गांधी जी ने उसमें खबरों की संख्या बढ़ा दी हो या आज की पत्रकारिता की तरह प्रसार और टीआरपी बढ़ाने के बाजारू हथकंडे इस्तेमाल किये हों बल्कि लोग गांधी जी के विचारों से प्रेरणा ग्रहण करते थे और गांधी जी के उस समय की हर घटना परिघटना पर विचारों को जानने की ललक लोगों को यंग इंडिया की ओर तेजी से खींचने में कामयाब हुई। जब यंग इंडिया में लिखे उनके विचारों से नाराज होकर अंग्रेजों ने उन पर देश द्रोह का अभियोग लगाकर उन्हें कारावासित करा दिया तो कुछ ही दिनों में यंग इंडिया का प्रसार घटकर मात्र 08 हजार रह गया क्योंकि उसमें लोगों को अब गांधी जी के विचार पढ़ने का अवसर उपलब्ध नहीं रह गया था।
    आजादी के बाद भी अखबार मूल रूप से विचारों के लिए ही पढ़े जाते थे। मैने अपने किशोर जीवन में दैनिक वीर अर्जुन में उसके प्रधान संपादक के0 नरेन्द्र के संपादकीय पढ़ने के लिए उस समय के प्रौढ़ों और बुजुर्गो में दीवानगी का आलम देखा था। के0 नरेन्द्र का लेखन हिन्दूवादी था और कांग्रेस का जमाना होते हुए भी एक खासा वर्ग ऐसे विचारों से प्रभावित रहता था जिसकी भीड़ सार्वजनिक पुस्तकालय के खुलने पर वीर अर्जुन पर उसमें प्रकाशित अग्र लेखों को पढ़ने के लिए टूट सी पड़ती थी। बैनेट कोलमैन एंड कंपनी की राजनीतिक पत्रिका दिनमान पर सोशलिस्टों का कब्जा रहता था और वे अपने एंगल से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर वैचारिक प्रस्तुतियां पत्रिका में सजाते थे। इस पत्रिका की भी बहुत डिमांड थी साथ-साथ में बहुत प्रतिष्ठा भी। हर कुलीन घर में चाहे उसके लोग दिनमान पढ़ें या न पढ़ें पर अपने बैठके में रखने के लिए दिनमान मंगाते जरूर थे। ड्राइंग रूम में दिनमान का होना स्टेट्स सिम्बल का पर्याय था। बाद में बैनेट कोलमैन एंड कंपनी के मालिकों की नई पीढ़ी ने दिनमान को बंद करने का फरमान यह कहते हुए जारी कर दिया था कि इसमें गरीबों और नंगे भूखों की चर्चायें छपती हैं जो बाजार में कोई अहमियत नहीं रखते इस कारण उनके बीच प्रसार के आधार पर दिनमान के लिए हमें कभी विज्ञापन नहीं मिलेगें और घाटे वाले प्रकाशन हमको मंजूर नहीं हैं। बाद में लेआउट के महारथी बनकर पत्रकारिता जगत में स्थापित हुए घनश्याम पंकज ने दिनमान को फायदे में चलाने का मोर्चा संभाला और उसके वैचारिक तत्व को समाप्त कर उसे बाजारू सांचे में ढ़ाल डाला। यह दूसरी बात है कि इसके बावजूद वे दिनमान में कोई करिश्मा नहीं कर पाये।
    जहां तक मीडिया के वर्तमान के ज्यादा से ज्यादा विज्ञापन बटोरने के प्रयोजन की बात है गांधी जी तो इसके बहुत खिलाफ थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रहने के अपने समय में ही इडियन ओपिनियन नाम के अखबार का संपादन किया था और इस दौरान यह संकल्प ले लिया था कि वे अपने अखबार के एक इंच स्पेस को भी विज्ञापन के लिए जाया नहीं होने देंगे। भारत आने के बाद उन्होंने यंग इंडिया, नवजीवन और हरिजन अखबारों में भी इस व्रत का पालन किया। उनके प्रभाव के कारण आजादी के बाद भी कई दशकों तक पत्र-पत्रिकाओं को लेकर अलग तरह की स्थिति बनी रही। कुलीन सेठों का रूझान पत्र-पत्रिकायें निकालने की ओर हुआ तो उन्होंने इस बात का ध्यान रखा कि भले ही उनमें घाटा हो जिसकी पूर्ति उनके अन्य धंधों से की जाये पर उनके प्रकाशनों की समाज में गरिमापूर्ण वैचारिक प्रतिष्ठा रहे। टाइम्स आफ इंडिया के मालिकान साहू शांति प्रसाद जैन अपने प्रकाशनों में इसी ख्याल का निर्वाह करते थे इसलिए उनके प्रकाशनों के संपादक साहित्य, संस्कृति और राजनीतिक विज्ञान की असाधारण हस्तियों में से चयनित किये जाते थे जिनके काम में खुद साहू शांति प्रसाद जैन भी दखल नहीं कर पाते थे पर उन्हें इसमें कोई हेठी महसूस नहीं होती थी।
    पर जब मीडिया उद्योग बनने की ओर अग्रसर हुई तो पत्रकारिता के सरोकार बदल गये। जिन दिग्गज लिक्खाड़ों को यह गुमान था कि अखबार या न्यूज चैनल उनकी वजह से चलते हैं और अगर उन्होंने छोड़ दिया तो गांधी जी के हट जाने की तरह वे जिस प्रतिष्ठान में काम करते हैं वह भी औंधे मुंह जा गिरेगा उन सभी को मीडिया जगत से आज आउट किया जा चुका है। पुण्य प्रसून वाजपेयी के हटने के बाद आज तक न्यूज चैनल टीआरपी में पिछड़ने की बजाय आगे बढ़ा है। प्रिंट मीडिया का भी यही आलम है। किसी अखबार को चलाने के लिए अब दिग्गज संपादक की कोई जरूरत नहीं रह गई है।
    लेकिन अब बात यही आती है कि क्या पत्रकारिता का उद्देश्य वास्तव में बदला जाना संभव है। अखबार और न्यूज चैनल सिर्फ विज्ञापनों के संवाहक हैं जिसके लिए पत्रकारिता में हर तरह का समझौता जायज है। इसी दृष्टि के चलते आज यह मांग भी उठने लगी है कि न्यूज चैनलों का दर्जा बदल कर उन्हें मनोरंजन चैनल के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए। आज पाठको और दर्शकों की तादात कई गुना बढ़ चुकी है लेकिन क्या मीडिया रचनात्मक जनमत के निर्माण में कोई सक्षम भूमिका निर्वाह कर पा रहा है। इसी बिन्दु से आगे के विमर्श की राह खुलती है। मीडिया को व्यापारिक उद्यम की तरह चलाने की प्रवृत्ति ने पत्रकारिता के स्वरूप को ही बदल डाला है। अखबारों में हर जिले के लिए चार पेज एलाट किये जाते तो इसलिए नहीं कि उनमें लोगों को अपने क्षेत्र की सार्थक सूचनायें ज्यादा से ज्यादा परिमाण में दी जा सकें बल्कि सूचनाओं के नाम पर पीआरशिप को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोई कार्यक्रम होता है तो रिपोर्टर काम के लोड के कारण उसकी सही रिपोर्टिंग के लिए पूरा समय नहीं दे सकता। वह फोटो खींचता है और चल देता है। इसके बाद आयोजक एक विज्ञप्ति बनाकर उसके पास भिजवा देते हैं कि कार्यक्रम में अमुक-अमुक ने प्रतिभाग किया। रिपोर्टर मुख्य अतिथि के संबोधन की पंक्तियां अपने मन से लिखकर और प्रतिभागियों की लिस्ट टांचकर फोटो के साथ हैडिंग और क्रासर का इस्तेमाल करके चार कालम की खबर साया कर देता है। अगर कोई अकादमिक आयोजन हुआ तो उसे भी यही ट्रीटमेंट मिलेगा और राजनैतिक हुआ तो उसे भी। ऐसी खबरों की क्या सार्थकता हो सकती है। सूचनाओं की अधिकता व्यापार बढ़ाने में सहायक होती है इसलिए अंधाधुंध सूचनायें बढ़ा दी गई हैं जबकि विचार और विश्लेषण के लिए स्पेस सिकोड़ दिया गया है। न्यूज चैनलों में भी यही हाल है। न्यूज चैनलों और अखबारों के मुकाबले प्रमुख पत्रकारों, विचारकों द्वारा संचालित पोर्टलों के दर्शकों का बढ़ना यह बताता है कि संक्रमण कालीन अलबेली, अटपटी पत्रकारिता से लोग ऊबने लगे हैं।
    नीरज पटेल की पत्रकारिता विचारों की पत्रकारिता के पुनर्जीवन का आभास कराने वाली है। सामाजिक उपनिवेशवाद के पुनरूत्थान के इस दौर के खतरों को समय रहते भांपने की जरूरत है वरना यह देश फिर उसी कगार पर पहुंच जायेगा जहां इसने दासता की कई सदियों को भोगा है। सामाजिक अन्याय के सोच पर उनका चैनल और पत्रिका जबरदस्त प्रहार कर रहे हैं जिससे वंचितों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि नीरज की पत्रकारिता में प्रतिशोध और प्रतिक्रिया का कोई पुट नहीं है जबकि सामाजिक न्याय की वैचारिकी में इस तरह के जोखिम की बहुतायत होती है। इसीलिए वे डा0 लोहिया से लेकर वीपी सिंह तक को नवाजने से नहीं चूकते जो भले ही उस वर्ग से आये हों जो सामाजिक अन्याय के लिए जिम्मेदार रहा है पर उन्होंने व्यवस्था और समाज को मानवीय बनाने में योगदान दिया। नीरज पटेल कहते हैं कि वंचितों को ऐसे महापुरूषों के लिए कृतज्ञता ज्ञापित करने में संकोच नहीं करना चाहिए। वे वंचितों के बीच के विभीषणों की शिनाख्त में भी पूरी तरह निर्मम रहते हैं जो एक पत्रकार की बेबाकी के अनुरूप है। युवा होते हुए भी उनकी परिपक्वता बेमिसाल है। सामाजिक परिवर्तन के कई अभियान गिरोहबंदी की भावना की तार्किक परिणति पर पहुंचने के पहले ही बलि चढ़ा दिये गये। मधु लिमये इसका उदाहरण है जिनके त्याग पर संदेह नहीं किया जा सकता पर उन्हें मालूम था कि मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू होने के बाद लोहियावाद की अग्रसरता किस ओर होना चाहिए फिर भी शायद उनकी वर्ग चेतना जाग गई या अन्य कारणों से वे गिरोहबाजी निभाने के लिए अभिशप्त हो गये। उन्हांेने लोहियावाद का बाना पहन रखा फिर भी उन्हें मुलायम सिंह की वंशवादी, परिवारवादी और डाला सीमेंट फैक्ट्री के मजदूरों पर गोली चलवाने की राजनीति का समर्थन करने में कोई धर्म संकट महसूस नहीं हुआ क्योंकि उन्हें बाहर से आये वीपी सिंह को सामाजिक न्याय की राजनीति को तार्किक परिणति पर पहुंचाने का श्रेय मिलना गवारा नहीं था। पौराणिक युग के उन तपस्यियों और ऋषियों को याद किया जाना चाहिए जिन्होंने त्यागपूर्ण जीवन इसलिए जिया ताकि सामाजिक उपनिवेशवाद को नैतिक प्रतिष्ठा दिलवाने के लिए अपना उपयोग करा सकें। हर शातिर षणयंत्र में ऐसे अवयव जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान करते रहे हैं। बहरहाल नीरज पटेल किसी ऐसी गिरोहबंदी की जकड़ में नहीं हैं इसलिए दोहरे चेहरे वाले अपने भी उनके तीरों से बेहाल रहते हैं। जन्म दिन पर मेरी ओर से भी उन्हें बधाई और उनकी पत्रकारिता के फलदायी होने की शुभकामनाएं।

    -केपी सिंह (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

  • बिजनौर। सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्म दिवस मनाने की तैयारी के लिए समीक्षा बैठक मुख्य अतिथि विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री पूर्व भाजपा विधायक डॉक्टर इंद्रदेव की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता विश्व हिंदू महासंघ मातृ शक्ति की जिला अध्यक्ष राजेश्वरी छवि कौशल ने तथा संचालन राजेंद्र सिंह ने किया।

    बैठक में मुख्य अतिथि ने महासंघ के सभी पदाधिकारियों के कार्यकर्ताओं से जन्म दिवस सप्ताह मनाने का संकल्प लिया। साथ ही सभी से सामाजिक कार्य से जुड़ी समस्याओं पर विचार रखने की अच्छी शुरुआत की। इसके तहत महिला सशक्तिकरण, गौसेवा, वृक्षारोपण पर भी विस्तार से चर्चा की। डॉक्टर इंद्रदेव ने आगामी 5 जून से 11 जून तक  मुख्यमंत्री योगी जी के जन्मदिवस पर कार्य निर्धारित किए। इनमें 5 जून को प्रातः हवन पूजन तथा सायं 7:00 बजे दीपोत्सव के अलावा 6 जून को गोष्ठी (हिंदुत्व ही राष्ट्रवाद है),  गौ सेवा संकल्प लेने का आह्वान किया। 7 जून को 5:00 बजे सुंदरकांड का पाठ, 8 जून को दीन दुखियों की सेवा संकल्प, 9 जून को वृक्षारोपण, 10 जून को पक्षियों के संरक्षण पर कार्य और 11 जून को संत संवाद (समाज हित में भूमिका) पर संत संपर्क अभियान चलाने का भी आह्वान किया।

    बैठक में इन सभी मुख्य बिंदुओं पर दिनेश केसरिया,  प्यारेलाल, संजय त्यागी, हेमेंद्र पाल सिंह, सुनील घसीटा,  सोनिया खुराना, शालू वार्ष्णेय, डॉ अनीता सिंह, श्रीमती राजुल त्यागी, सोहन वीर सिंह, विरेंद्र चौधरी, लव कुमार, लाल सिंह कश्यप, छवि कौशल, कंचन सिंह, विक्रम सिंह (पूर्व प्रधान), रघुनाथ सिंह, डेविड सिंह, नरेंद्र सिंह, उपेंद्र सालियान सिंह, चौधरी विनोद वाला, संजय पाल, सरदार कूड़े सिंह आदि ने विचार रखे।

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। स्टेशन छूटने की चिंता अब यात्रियों के लिए पुरानी बात हो जाएगी। अब वह निश्चिंत होकर ट्रेन में चद्दर तान के सोएं या घोड़े बेच के! कुल मिला कर अब वे पूरे इत्मीनान से नींद ले सकेंगे। लंबी दूरी वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने वेकअप एलर्ट सुविधा शुरू की है। इसके तहत डेस्टिनेशन स्टेशन आने से 20 मिनट पहले अब यात्री को इसकी जानकारी दी जायेगी। भारतीय रेल ने अपने यात्रियों की सेवाओं में एक और इजाफा करते हुए, डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

    कई बार यात्रा के समय नींद में या किसी और वजह से यात्रियों का स्टेशन पीछे छूट जाता है या जम्प हो जाता है। रात के सफर के दौरान ऐसा ज्यादा होता है। इसलिए रेलवे ने अब डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

    दरअसल रेलवे की तरफ से 139 नंबर की पूछताछ सेवा पर आईवीआरएस के माध्यम से अलार्म सेवा शुरू की गई है। यात्री अब 139 नंबर के इन्क्वायरी सिस्टम पर अलर्ट की सुविधा मांग सकते हैं। इस सुविधा को लेने वाले यात्री को 20 मिनट पहले फोन कर उसके गंतव्य स्टेशन के बारे में बताया जाता है।

    रेलवे के अनुसार इसके लिए यात्री को सबसे पहले भारतीय रेल के सहयोगी उपक्रम आईआरसीटीसी के 139 नंबर पर मोबाइल से कॉल या मैसेज करना होगा। कॉल रिसीव होने पर भाषा का चयन करना होगा। उसके बाद डेस्टिनेशन अलर्ट के लिए पहले 7 नंबर और फिर 2 नंबर दबाना होगा। इसके बाद यात्री से 10 अंकों का पीएनआर नंबर पूछा जाएगा जिसके बाद पीएनआर नम्बर डायल करने के बाद कन्फर्म करने के लिए 1 डायल करना होगा।

    इस प्रक्रिया के बाद सिस्टम पीएनआर नंबर का सत्यापन कर गंतव्य स्टेशन के लिए वेक अप अलर्ट फीड कर देगा। इसके बाद मोबाइल पर कंफर्मेशन का एसएमएस मिलेगा। जिसके तहत गंतव्य स्टेशन आने से 20 मिनट पहले मोबाइल पर वेक अप कॉल आएगी। इस सुविधा को लेने के लिए यात्री को प्रति अलर्ट 3 रुपये एसएमएस चार्ज लगेगा। गौरतलब है कि आईआरसीटीसी ने फिलहाल ये सुविधा रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए उपलब्ध कराई है।

  • गाने जो हिट थे हिट रहेंगे  ! बिनाका गीतमाला और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल !! साभार-अजय पौंडरिक

    एक संगीत प्रेमी के रूप में हम बीनका गीतमाला में श्री अमीन सयानी द्वारा मापे गए गीतों की लोकप्रियता पर विश्वास करते हैं…।

    साल 1953 में…

    बिनाका गीतमाला हिंदी सिनेमा के शीर्ष फिल्मी गीतों का एक साप्ताहिक रेडियो काउंटडाउन शो था, जिसे लाखों हिंदी संगीत प्रेमियों ने सुना, जिसे 1953 से 1988 तक रेडियो सीलोन पर प्रसारित किया गया और फिर 1989 में ऑल इंडिया रेडियो नेटवर्क की विविध भारती सेवा में स्थानांतरित कर दिया गया। 1994 तक चला। यह भारतीय फिल्मी गीतों का पहला रेडियो काउंटडाउन शो था और इसके चलने के दौरान इसे भारत में सबसे लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम के रूप में उद्धृत किया गया है। इसे बिनाका द्वारा प्रायोजित किया गया था, जहां से इसे इसका नाम मिला। बिनाका गीतमाला, और इसके बाद के अवतारों का नाम सिबाका, सिबाका संगीतमाला, सिबाका गीतमाला, और कोलगेट सिबाका संगीतमाला के नाम पर रेडियो सीलोन पर और फिर विविध भारती पर 1954 से 1994 तक चला, जिसमें वार्षिक वर्ष के अंत की सूची 1954 से 1993 तक प्रसारित हुई।

    बिनाका गीतमाला के वार्षिक प्रोग्राम में बजनेवाले  “फाइनल गीतों” की गिनती करें, तो 1953 से 1993 तक “फाइनल  गीतों ” की संख्या 40 वर्षों में 1259 हो जाती है

    लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल          २४५  गाने 

    शंकर-जयकिशन               १४४  गाने     

    राहुल देव बर्मन                  १३३  गाने 

    कल्याणजी-आनंदजी            ७५ गाने   

    सचिन देव बर्मन                   ५५ गाने     

    रवि                                  ४६ गाने  

    बप्पी लाहिरी                       ४४ गाने 

    नौशाद                             ३४  गाने                           

    ओ  पी  नय्यर                    ३३  गाने 

    राजेश रोशन                      २८  गाने

    मदन मोहन                        २४ गाने 

    रोशन                              १७ गाने 

    सलिल  चौधरी                  १५  गाने 

    AMIN SAYANI & PYARELAL (Laxmikant-Pyarelal)

    बिनाका गीतमाला में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के २४५”फाइनल गीतों” की वर्षवार सूची / स्थिति।

    1963

    लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, जिन्होंने कुछ “पारसमणि” फिल्म के अविस्मरणीय संगीत के साथ धमाकेदार शुरुआत की. इस फिल्म से उनकी चार रचनाओं को बिनाका गीतमाला साप्ताहिक और दो गाने फाइनल में शामिल किया गया जो पायदान नंबर १५ और  पायदान नम्बर ६ पर बजे. बहोत ही बढियाँ शरुआत,लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के लिए.. 

    नंबर 15   वो जब याद आया लता – रफ़ी.. “पारसमणि”

    नंबर 06  हसता  हुआ नूरानी चेहरा, लता – कमल बारोट “पारसमणि”

    1964

    बिनाका गीतमाला में  वर्ष के अंत में 32 “फाइनल गीत” हैं। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के  “हरिश्चंद्र तारामती” के कुछ बेहतरीन  गीत हैं. “दोस्ती” से लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल – मोहम्मद रफ़ी (३७९ गाने ) और  “मिस्टर एक्स इन बॉम्बे” से लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल – किशोर कुमार (४०२ गाने ) का लम्बा दौर चला.  “मिस्टर एक्स इन बॉम्बे” से लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और आनंद बक्शी की रिकॉर्ड ब्रेकिंग पार्टनरशिप शुरू (३०२ फिल्म्स और १६८० गाने )

    नंबर 30  मैं एक नन्हा सा .. लता .. “हरिश्चंद्र तारामती”

    नंबर 26  राही मनावा .. रफ़ी ..”दोस्ती”

    नंबर 21  चाहुंगा मैं तुझे..रफ़ी..”दोस्ती”

    नंबर 06  मेरे महबूब क़यामत ..किशोर .. “मिस्टर एक्स इन बॉम्बे”

    1965

    बिनाका गीतमाला 1965 भले ही बॉलीवुड संगीत निर्देशकों के बीच धीरे-धीरे लेकिन लगातार बदलाव देख रहा हो, क्योंकि इस बार शीर्ष स्लॉट सहित अधिकांश स्लॉट पर कल्याणजी आनंदजी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,       आर डी बर्मन जैसे नवागंतुकों का कब्जा था।

    जैसा कि पहले के वर्षों में हुआ था, इस वर्ष भी भारत में एक फिल्मी गीत को पंथ का दर्जा ( cult status) प्राप्त हुआ। यह गीत था- संत ज्ञानेश्वर का “ज्योत से ज्योत जगाते ते चलो”।

    नंबर 29  खुदा मुहब्बत ना होती..रफ़ी…”बॉक्सर”

    नंबर 25  कोई जब रहा ना पाये..रफी..दोस्ती’

    नंबर 24  नींद निगाहो की .. लता .. “लुटेरा”

    नंबर 18  अजनबी तुम जाने…किशोर..हम सब उस्ताद है”

    नंबर 04  ज्योत से ज्योत जगाते चलो … लता-मुकेश “संत ज्ञानेश्वर”

    नंबर 02  चाहुंगा मैं तुझे … रफ़ी “दोस्ती”

    1966

    नंबर 26  दिन जवानी की चार यार ..किशोर .. “प्यार किए जा”

    नंबर 24  गोर हाथों पर ना जुल्म..रफ़ी.”प्यार किए जा”

    नंबर 20   पायल की झंकार रस्ते .. लता .. “मेरे लाल”

    नंबर 14   ये आज कल के लडके..उषा “दिल्लगी”

    1967

    लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत निर्देशन में मिलन के गीतों ने 1967 में पूरे देश में धूम मचा दी और बिनाका गीतमाला कोई अपवाद नहीं था। एक और नवागंतुक, आर डी बर्मन, जिनका संगीत निर्देशक के रूप में करियर 1961 के बाद रुका हुआ था, ने अचानक अपने करियर को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ते हुए पाया- “तीसरी मंजिल” में उनके संगीत के लिए धन्यवाद।

    नंबर  33 ये कली जब त क..लता – महेंद्र “आए दिन बहार के”

    नंबर  24 माँ मुझे अपने आँचल .. लता .. “छोटा भाई”

    नंबर  23 मैं देखु  जिस और..लता..”अनीता”

    नंबर  21 मेरा यार बड़ा शर्मिला .. रफी .. “मिलन की रात”

    नंबर  17 मुबारक हो सबको..मुकेश..’मिलन’

    नंबर 13 मेरे दुश्मन तू .. रफ़ी ..” आए दिन बहार के “

    नंबर  07 ना बाबा ना बाबा..लता..अनीता”

    नंबर  06 हम तुम युग युग .. लता-मुकेश .. “मिलन”

    नंबर  01 सावन का महीना  ..लता-मुकेश .. “मिलन”

    1968

    नंबर  32 मस्त बहारों का मैं..रफ़ी..”फ़र्ज”

    नंबर  24 छलकाए  जाम..रफ़ी..”मेरे हमदम मेरे दोस्त’

    नंबर  22 बड़े मियां दीवाने..’शागिर्द’

    नंबर  20 महबूब मेरे..लता-मुकेश..”पत्थर के सनम”

    नंबर  16 मेरा नाम है चमेली .. लता .. “राजा और रैंक”

    नंबर  14 चलो सजना .. लता .. “मेरे हमदम मेरे दोस्त”

    नंबर  11 बड़दु क्या लाना..लता…”पत्थर के सनम”

    नंबर  01 दिल बिल प्यार व्यार .. लता .. “शागिर्द”

    1969

    नंबर  31 वो कौन है .. लता-मुकेश … “अंजना”

    नंबर  25 महबूबा महबूबा .. रफ़ी .. “साधु और शैतान”

    नंबर  23 रेशम की डोरी..लता-रफ़ी..”साजन”

    नंबर  22 रुक जा जरा … लता .. “इज्जत”

    नंबर 19 आया सावन झूम के..लता-रफी..”आया सावन झूम के’

    नंबर 18 बड़ी मस्तानी है..रफ़ी..”जीने की राह”

    नंबर 16 दिल में क्या है..लता-रफ़ी. “जिगरी दोस्त”

    नंबर 12 एक तेरा साथ.लता-रफ़ी.. “वापस”

    नंबर 09 जे हम तुम चोरी से..लता-मुकेश.. “धरती कहे पुकार के”

    नंबर 06 आ मेरे हमजोली आ..लता-रफी..’ जीने की राह’

    नंबर 01 कैसे रहूँ चुप , .. लता .. “इन्तेकाम

    1970

    लगातार चौथे वर्ष, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की रचना वर्ष के शीर्ष गीत के रूप में उभरी।

    नंबर  28 हाय रे हाय निंद नहीं .. लता-रफी .. “हमजोली”

    नंबर  18 झिल मिल सितारोंका .. लता-रफी .. “जीवन मृत्यु”

    नंबर  16 है शुक्र के तू है लडका..रफ़ी..’हिम्मत’

    नंबर  14 वो कौन है। लता-मुकेश .. “अंजना”

    नंबर  12 छुप गए सारे..लता-रफ़ी..’दो रास्ते’

    नंबर  11 शादी के लिए..रफ़ी..’देवी’

    नंबर  09 शराफत छोड दी..लता, “शराफत”

    नंबर  08 सा रे गा मा पा..लता-किशोर .. “अभिनेत्री”

    नंबर  05 खिलोना जान कर..रफ़ी..खिलोना”

    नंबर  01 बिंदिया चमकेगी..लता…”दो रास्ते

    1971

    नंबर  32 सोना लाई जा रे .. लता .. “मेरा गांव मेरा देश”

    नंबर  31 जवानी ओ दीवानी तू ..किशोर .. “आन मिलो सजना”

    नंबर  26 तारों ने सज के..मुकेश..जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली”

    नंबर  22 ओ मितवा ओ मितवा … लता .. “जल बिन मछलील नृत्य बिन बिजली”

    नंबर  14 तुमको भी तो ..लता-किशोर .. “आप आए बहार आई”

    नंबर  06 चल चल चल मेरे साथी..किशोर..’हाथी मेरे साथी’

    नंबर  02 अच्छा तो हम चलते हैं..लता-किशोर .. “आन मिलो सजना”

    1972

    नंबर  33  मैंने देखा तूने देखा..लता.”दुश्मन’

    नंबर  34 ना तू ज़मीन के लिए..रफ़ी..”दास्तान”

    नंबर  29 एक प्यार का नगमा है, लता-मुकेश “शोर”

    नंबर  28 रेशमा जवान हो गई..रफ़ी..’मॉम की गुड़िया’

    नंबर  24 राम ओ राम ..मुकेश .. “एक बेचारा”

    नंबर  23 दिल की बात दिल ही जाने..किशोर-लता..’रूप तेरा मस्ताना’

    नंबर  20 शीश भारी गुलाब की … लता .. “जीत”

    नंबर  16 मैं एक राजा हूं..रफी..उपहार’

    नंबर  08 ये जीवन है..किशोर .. “पिया का घर”

    नंबर  04 वादा तेरा वादा..किशोर..दुश्मन”

    1973

    नंबर  34 जरा सा उसे छुआ तो..लता..”शोर”

    नंबर  32 झूठ बोले कौवा कटे..लता-शैलेंद्र सिंह..’बॉबी’

    नंबर  29 आज मौसम बड़ा..रफ़ी..’लोफ़र’

    नंबर  20 मेरे दिल में आज क्या है..किशोर..’दाग’

    नंबर 16 धीरे धीरे बोल कोई .. लता-मुकेश .. “गोरा और काला”

    नंबर 12 एबीसीडी छोडो .. लता .. “राजा जानी”

    नंबर  07 अब चाहे मा रूठे .. लता-किशोर .. “दाग”

    नंबर  02 और चाबी खो जाए .. लता-शैलेंद्र सिंह, “बॉबी”

    1974

    नंबर  32 बैठ जा बैठ गई..किशोर-लता..”अमीर गरीब”

    नंबर  26 दाल रोटी खाओ ..किशोर-लता .. “ज्वार भाटा”

    नंबर  25 गम का फसाना..किशोर..’मनचली”

    नंबर  24 ओ मनचली कहां चली…किशोर..”मनचली”

    नंबर  23 तू रु तू रु तेरा मेरा..किशोर..”ज्वर भाटा’

    नंबर  22 शोर मच गया शोर..किशोर.. “बदला”

    नंबर  12 मैं शायर तो नहीं..शैलेंद्र सिंह..”बॉबी”

    नंबर  04 गड़ी बुला रही है..किशोर…”दोस्त”

    नंबर  03 झूठ बोले कौवा कटे .. लता-शैलेंद्र सिंह। “बॉबी”

    1975

    नंबर  26 मैं जाट यमला पगला..रफ़ी..”प्रतिज्ञा”

    नंबर  23 फौजी गया जब गांव मैं..किशोर..”आक्रमण’

    नंबर  21 आएगी जरूर चिट्ठी..लता…”दुल्हन”

    नंबर  20 जीजाजी जीजाजी..आशा-किशोर..”पोंगा पंडित”

    नंबर 15 ये जो पब्लिक है..किशोर…”रोटी”

    नंबर 13 कभी खोले ना ..किशोर ..”बिदाई”

    नंबर 10 चल दरिया मैं डुब जाए..किशोर-लता.. “प्रेम कहानी”

    नंबर 02 हाय ये मजबूरी .. लता .. “रोटी कपड़ा और मकान”

    नंबर  01 महंगाई  मार गई .. लता-मुकेश-चंचल-जानीबाबू .. “रोटी कपड़ा और मकान”

    1976

    1963 के बाद पहली बार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के गाने पहली १० में नहीं आ रहे हैं..

    नंबर  33 की गल है कोई नहीं .. लता-किशोर .. “जेन मैन”

    नंबर  28 जीजाजी जीजाजी मेरी ने किया ..किशोर-आशा ..”पोंगा पंडित”

    नंबर  26 कल की हसीन मुलकात .. लता-किशोर .. “चरस”

    नंबर  25 आजा तेरी याद आई..लता-आनंद बक्सी-रफी..’चरस’

    नंबर  24 मुझे दर्द रहता है..लता-मुकेश..दस नंबरी’

    नंबर  22 जेन मैन जेन मैन..किशोर ..”जेन मैन”

    नंबर 10 कहत कबीर सुनो..मुकेश..दस नंबरी’

    1977

    लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने पीक पीरियड के अपने दूसरे चरण में वापसी की।

    नंबर  41 तैयब अली प्यार का दुश्मन..रफ़ी-मुकरी..’अमर अकबर एंथनी’

    नंबर  34 आते जाते खूबसूरत..किशोर..अनुरोध’

    नंबर  29 मेरी दिलरुबा ..किशोर ..”आस पास”

    नंबर  24 ड्रीम गर्ल ड्रीम गर्ल किशोर ..’ड्रीम गर्ल’

    नंबर  21 बुरे काम का बुरा..रफ़ी-शैलेंद्र सिंह, “चाचा भतीजा”

    नंबर 18 यार दिलदार तुझे कैसा..आशा-किशोर..’छैला बाबू”

    नंबर 17 तेरी मेरी शादी पंडित ना..आशा-किशोर..”दिलदार”

    नंबर 11 अनहोनी को होनी  कर दे..महेंद्र-किशोर-शैलेंद्र.. “अमर अकबर एंथनी”

    नंबर 06 सत्यम शिवम सुंदरम .. लता .. “सत्यं शिवम सुंदरम”

    नंबर 05 आप के अनुरोध पे … किशोर ..”अनुरोध”

    नंबर 03 ओ मेरी महबूबा .. रफ़ी .. “धर्मवीर”

    नंबर 02 पर्दा है परदा .. रफी .. “अमर अकबर एंथनी”

    1978

    नंबर  33 अजी ठहरो जरा सोचो..किशोर, रफी, शैलेंद्र सिंह “परवरिश”

    नंबर  28 सोमवार को हम मिले … किशोर, सुलक्षणा पंडित .. “अपनापन”

    नंबर  26 हम प्रेमी प्रेम कराना  जाने..किशोर, रफी, शैलेंद्र सिंह “परवरिश”

    नंबर  25 ये खिडकी जो बंद रहती है… रफ़ी..”मैं तुलसी तेरे आंगन की”

    नंबर  24 चंचल शीतल निर्मल कोमल .. मुकेश .. “सत्यम शिवम सुंदरम”

    नंबर  23 मैं तुलसी तेरे आंगन की .. लता .. “मैं तुलसी तेरे आंगन की”

    नंबर  19 जब आती होगी याद मेरी..रफ़ी-सुलक्षणा पंडित..’फंसी’

    नंबर  07 यशोमती मैय्या से .. लता, मननाडे .. “सत्यं शिवम सुंदरम”

    नंबर 02 आदमी मुसाफिर है .. लता-रफी .. “अपनापन”

    1979

    नंबर  36 मन्नूभाई मोटर चली ..किशोर .. “फूल खिले है गुलशन गुलशन”

    नंबर  32 डफ़लीवाले डफ़ली बजा ..लता-रफ़ी, “सरगम”

    नंबर  26 चलो रे डोली उठाओ .. रफ़ी .. “जानी दुश्मन”

    नंबर  20 मेरी दुश्मन है ये … रफी .. “मैं तुलसी तेरे आंगन की”

    नंबर 16 मैं तेरे प्यार मैं पागल..किशोर, लता.. “प्रेम बंधन”

    नंबर 15 ओ मेरी जान ..किशोर, अनुराधा .. “जानी दुश्मन”

    नंबर 10 तेरे हाथो मैं पहचान के..आशा-रफ़ी..”जानी दुश्मन”

    नंबर 06 मैं तुलसी तेरे आंगन की .. लट्टा .. “मैं तुलसी तेरे आंगन की”

    नंबर 04 ना जाने कैसे..किशोर, रफ़ी, सुमन.. “बदलते रिश्ते”

    1980

    लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के ऊपर के तीन गाने शीर्ष स्थान पर. 

    नंबर  32 बने चाहे  दुश्मन..किशोर-रफ़ी..’दोस्ताना’

    नंबर  30 मार गई मुजे…किशोर-आशा..”जुदाई”

    नंबर  23  परबत के हम पर..लता-रफ़ी..”सरगम”

    नंबर  22 हम तो चले परदेस..रफ़ी..’सरगम’

    नंबर  16 मैं तो बेघर हौं..आशा..”सुहाग”

    नंबर 15 मैं सोला बार्स की ..लता-किशोर .. “कर्ज़”

    नंबर 11 तेरी रब ने बना दी..रफ़ी, आशा, शैलेंद्र..’सुहाग’

    नंबर 09 ऐ यार सुन यारी तेरी..रफ़ी-शैलेंद्र सिंग-आशा..’सुहाग’

    नंबर 07 कोयल बोली..लता-रफ़ी..”सरगम”

    नंबर 03 शीशा हो या दिल..लता। “आशा”

    नंबर 02 ओम शांति ओम..किशोर .. “कर्ज़”

    नंबर 01 डफलीवाले डफली बजा .. लता-रफी .. “सरगम”

    1981

    नंबर  32 हम बने तुम बने..लता-एसपीबी..’एक दूजे के लिए’

    नंबर  30 मेरे नसीब मैं .. लता “नसीब”

    नंबर  27 मेरे दोस्त किस्सा..रफ़ी..’दोस्ताना’

    नंबर  26 लुई शमशा उई .. लता-नितिन मुकेश .. “क्रांति”

    नंबर 16 चल चमेली .. लता-सुरेश वाडकर .. “क्रोधी”

    नंबर 12 एक रास्ता दो रही..रफ़ी-किशोर..’राम बलराम’

    नंबर 10 जॉन जॉनी जनार्दन..रफी, “नसीब”

    नंबर  08 मेरे जीवन साथी ..एसपीबी-अनुर्धा .. “एक दूजे के लिए”

    नंबर  07 मार्च गई मुजे..किशोर-आशा..’जुदाई’

    नंबर  06 चना ज़ोर गरम..किशोर, रफ़ी, किशोर, एन मुकेश .. “क्रांति”

    नंबर  05 तेरे मेरे बीच मैं..लता/एसपीबी..’एक दूजे के लिए’

    नंबर  03 चल चल मेरे भाई .. रफ़ी, अमिताभ .. “नसीब”

    नंबर  02 जिंदगी की ना टूटी लादी..लता-एन मुकेश..’क्रांति’

    1982

    नंबर  31 मेघा रे मेघा रे..लता-सुरेश वाडकर..”प्यासा सावन”

    नंबर  29 मेरी किस्मत में तू नहीं शायद .. लता-सुरेश वाडकर “प्रेम रोग”

    नंबर  28 मेरे दिलदार का बकपन..रफ़ी-किशोर..”दीदार-ए-यार’

    नंबर  25 सारा दिन सत्ते हो..किशोर-आशा..’रास्ते प्यार के’

    नंबर  21 मेरे महबूब तुझे सलाम..रफ़ी-आशा। ”बगावत”

    नंबर  20 अपने अपने मियां पे..आशा..”अपना बना लो’

    नंबर  18 खातून की खिदमत मैं…किशोर…”देश प्रेमी”

    नंबर  13 छोड मजा हाट ..किशोर-आशा .. “फिफ्टी फिफ्टी”

    नंबर  12 मैं तुम मैं समां…एसपीबी-आशा..”रास्ते प्यार के”

    नंबर  10 मोहब्बत है क्या चीज़..लता-सुरेश..”प्रेम रोग”

    नंबर  09 प्यार का वादा फिफ्टी फिफ्टी ..आशा-किशोर ..”फिफ्टी फिफ्टी”

    नबर  07 है राजू है डैडी..राजेश्वरी-एसपीबी .. “एक ही भूल”

    नंबर 05 मैं हूं प्रेम रोगी .. सुरेश वाडकर .. “प्रेम रोग”

    1983

    1963 के बाद से दूसरी बार, यह पाया गया कि पहले TEN में LP गाने गायब हैं।

    नंबर 29 ये अंधा कानून है ..किशोर कुमार .. “अंधा कंतों”

    नंबर 25 ज़िंदगी मौज उड़ने का नाम ..महेंद्र कपूर “अवतार”

    नंबर 19 लिखानेवाले ने लिख डाले .. लता-सुरेश वाडकर .. “अर्पण”

    नंबर 12 मेरी किस्मत मैं तू नहीं शायद। लता-सुरेश वाडकर “प्रेम रोग”

    1984

    नंबर 26 लंबी जुदाई .. रेशमा … “हीरो”

    नंबर 21 बिच्छू बालक गया ..किशोर-आशा “इंकलाब”

    नंबर 17 मुझे पीने का शंख नहीं .. शब्बीर-अनुराधा “कुली”

    नंबर 11 डिंग डोंग ओ बेबी एक गाना गाओ .. मनहर उधास-अनुराधा पंडवाल .. “हीरो”

    नंबर 10 प्यार करनेवाले कभी ..मनहर उधास- लता “हीरो”

    नंबर  08 ऊई मार्गई डॉ बाबू..अलका दग्निक – शैलेंद्र सिंह “घर एक मंदिर”

    नंबर  05 दोनो जवानी के मस्ती मैं .. शब्बीर – आशा .. “कुली”

    नंबर 01 तू मेरा जानू है। अनुराधा-मन्हार … “हीरो”

    1985

    नंबर  32 मन क्यों बेहका .. लता-आशा .. “उत्सव”

    नंबर  26 दिल बेकरार था दिल बेकरार है..अनुराधा-शब्बीर..’तेरी मेहरबानियां’

    नंबर  18 तेरी मेहरबानियां..शब्बीर कुमार..’तेरी मेहरबानियां’

    नंबर  15 जिंदगी हर कदम .. लता-शब्बीर ..”मेरी जंग”

    नंबर  14 ज़िहाल-ए-मुश्किल .. लता-शब्बीर … “गुलाम”

    नंबर  10 श्री देवी तू नहीं .किशोर कुमार… “सीराफोरश”

    नंबर  09 तुम याद न आया करो..शब्बीर-लता..’ जीने नहीं दूंगा’

    नंबर  05 चाह लाख तूफान आए..लता-शब्बीर..प्यार झुकता नहीं’

    नंबर  02 तुमसे मिल के ना जाने क्यों .. शब्बीर-कविता “प्यार झुकता नहीं”

    1986

    एक बार फिर टॉप थ्री गाने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के हैं

    नंबर  38 ओ मिस दे दे किस ..सुरेश वाडेकर-शैलेंद्र सिघ … “लव 86”

    नंबर  35 तू कल चला जाएगा…मोहम्मद अजीज-मन्हर..”नाम”

    नंबर  34 बोल बेबी बोल रॉक-एन-रोल ..किशोर-एस जानकी .. “मेरी जंग”

    नंबर  29 भला है बुरा है… अनुराधा..”नसीब अपना अपना”

    नंबर  27 एक लड़की जिस्का नाम..मोहम्मद अजीज-कविता…”आग और शोला”

    नंबर  26 अमीरों के शाम ..मोहम्मद अजीज…’नाम’..

    नंबर  23 मायका पिया बुलावे .. सुरेश वाडकर-लता .. “सुर संगम”

    नंबर  17 मन क्यों बेहका .. लता-आशा ..”उत्सव”

    नंबर  15 प्यार किया है .. शब्बीर-कविता “प्यार किता है प्यार करें”

    नंबर  12 चिचि आई है.. पंकज उहदेस “नाम”

    नंबर  11 बहरों की रंगिनीयों ..शब्बीर .. “नसीब अपना अपाना”

    नंबर  07 गोरी का साजन..एस जानकी-मोहम्मद अजीज..आखिरी रास्ता”

    नंबर  05 जिंदगी हर कदम..लता-शब्बीर..’मेरी जंग’

    नंबर  03 हर करम अपना करेंगे .. कविता-मोहम्मद अजीज .. “कर्म”

    नंबर  02 दुनिया मैं कितना घुम है..मोहम्मद अजीज..’अमृत’

    नंबर  01 यशोदा का नंदलाला … लता मंगेशकर … “संजोग”

    1987

    नंबर  26 ना तुमने किया ना मैंने किया … लता … “नचे मयूरी”

    नंबर  24 राम राम बोल..शब्बीर-अलका-कविता..”हुकुमत”

    नंबर  19 नाम सारे..मोहम्मद अजीज-लता… ”सिंदूर”

    नंबर  14 हवा हवाई .. कविता .. “मिस्टर इंडिया”

    नंबर  13 डी डी डीड फुटबॉल..कविता..मिस्टर इंडिया”

    नंबर  11 कराटे है हम प्यार..किशोर-कविता..’मिस्टर इंडिया’

    नंबर  08 अमीरों की शाम..मोहम्मद अजीज..’नाम’

    नंबर  05 तूने बैचैन इतना किया..मोहम्मद अजीज..”नगीना”

    नंबर  04 मैं तेरी दुशमन… लता….”नगीना”

    नंबर  03 न जयो परदेश..कविता.”कर्मा”

    नंबर  01 चिट्ठी  आई है .. पंकज उधास .. “नाम”

    1988

    नंबर  27 लोग जहां पर रहते हैं..सुरेश-मोहम्मद अजीज-कविता..प्यार का मंदिर’

    नंबर  25 फूल गुलाब का … अनुराधा-मोहम्मद अजीज .. “कीवी हो तो ऐसी”

    नंबर  22 मैंने ही एक गीत लिखा है… शब्बीर कुमार..”हमारा खांडन”

    नंबर  17 पतज़ड़ सावन बसंत बहार..सुरेश वाडकर-लता, “सिंदूर”

    नंबर  13 कह दो की तुम मेरी हो .. अनुराधा-अमित कुमार .. “तेज़ाब”

    नंबर  12 जब प्यार किया..मोहम्मद अजीज-अनुराधा..’वतन के रखवाले’

    नंबर  11 आज फिर तुम से प्यार आया है..अनुराधा-पंकज उहदेस “दयावान”

    नंबर  09 एक दो तीन चार..अलका याज्ञनिक/अमित कुमार…”तेज़ाब”

    नंबर  07 ऊँगली  मैं अंगुठी .. मोहम्मद अजीज-लता, “राम अवतार”

    नंबर  02 तुझे इतना प्यार करेन..लता-शब्बीर,। ” ”कुदरत का कानून”

    1989

    नंबर 19 चाहे तू मेरी जान ले ले..जॉली मुखर्जी..”दयावान”

    नंबर 18 दिल तेरा किसने तोड़ा..मोहम्मद अजीज..”दयावान”

    नंबर 10 मुझसे तुमसे है बिल्ली का बच्चा … मनहर उधास-अनुराधा “राम लखन”

    नंबर 08 सो गया ये जहान..नितिन मुकेश, अलका, शब्बीर “तेज़ाब”

    नंबर 07 तेरे लखन ने बड़ा दुख..लता मंगेशकर..’राम लखन’

    नंबर 06 कहदो के तुम हो .. अनुराधा-अमित कुमार .. “तेज़ाब”

    नंबर 04 हम तुम्हारे इतन प्यार करेंगे .. अनुराधा-मोहम्मद अजीज … “बीस साल बाद”

    नंबर 01 एक दो का चार..मोहम्मद अजीज.. “राम लखन”

    1990

    नंबर  25 तेरा बीमार  मेरा दिल..मोहम्मद अजीज-कविता।” चालबाज़ “

    नंबर  21 कहना ना तुम ये किस से..सलमा आगा-मोहम्मद अजीज..”पति पत्नी और तवायफ”

    नंबर 19 ना जाने कहां से आई है..अमित-कविता- “चलबाज़”

    नंबर  05 जुम्मा चुम्मा दे दे… सुदेश भोंसले..”हम”

    1991

    नंबर 19 इमली का बूटा .. सुदेश भोंसले-मोहम्मद अजीज ..”सौदागर”

    नंबर 15 कागज़ कलाम दावत .. मोहम्मद अजीज-शोआ जोशी .. “हम”

    नंबर 11 जां तुम चाहो जहां ..अमित कुमार-अलका याज्ञनिक “नरसिंह”

    नंबर 09 इलु इलु क्या है..मनहर-कविता.. “सौदागर”

    नंबर 05 सौदागर सौदा कर..कविता-मन्हार-सुखविंदर सिंह। “सौदागर”

    1992

    नंबर  22 तू रूप की रानी ..अमित कुमार-कविता .. “कमरे की रानी चोरों का राजा”

    नंबर  13 पी पी पिया .. अलका-उदित नारायण .. “प्रेम दीवाने”

    नंबर  03 तू मेज़ कुबुल मैं तुझे कुबुल ..मोहम्मद अजीज-कविथा.. “खुदा गवाह”

    1993

    नंबर  23 मैं तेरा आशिक हूं .. रूप कुमार राठौड़  “गुमराह”

    नंबर 16 नायक नहीं कहलनायक हूं मैं…विनोद राठौड़-कविता..”खलनायक”

    नंबर  01 चोली के पिछे  क्या है … अलका याग्निक -इला अरुण “खलनायक”

    1993 से 1998 के बाद कई गाने आए लेकिन फिर बिनाका गीतमाला बंद हो गई।

    बिनाका गीतमाला के इतिहास में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल सबसे सफल संगीत निर्देशक हैं

  • बिजनौर। आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर के छात्रों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर शरबत शिविर का आयोजन किया। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को शरबत पिलाया गया। लोगों ने छात्रों के इस कार्य की भरपूर सराहना की।

    समाजसेविका स्वाति वीरा ने फीता काटकर शिविर का उदघाटन किया। प्रधानाचार्य कैप्टन बिशनलाल के निर्देशन में स्काउट्स एवं एनसीसी कैडेट्स ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर शरबत शिविर लगाकर हजारों राहगीरों को रूह अफ़जा़ का ठंडा शरबत पिलाया। शिविर में उमड़ी भीड़ में लोगों ने शरबत पीकर बच्चों के इस प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्वाति वीरा ने कहा कि ऐसी भीषण गर्मी में राहगीरों को शरबत पिलाने का विद्यालय के छात्रों का यह कार्यक्रम नि:संदेह पुण्य का कार्य है और ऐसे आयोजन विद्यालय के द्वारा समय-समय पर किए जाते रहने चाहिए। शिविर के आयोजन में एनसीसी अधिकारी सुभाष बाबू राजपूत, तेजपाल सिंह तथा स्काउट डीओसी चंद्रहास सिंह, मुख्य लिपिक राजेंद्र सिंह आदि का विशेष योगदान रहा। प्रधानाचार्य कैप्टन बिशनलाल ने बताया कि प्रबंध समिति के निर्देशन पर इस प्रकार के आयोजन विद्यालय के द्वारा समाज तथा राष्ट्रहित में समय-समय पर किए जाते रहते हैं और भविष्य में भी किए जाते रहेंगे। शिविर के आयोजन में कला प्रवक्ता सुधीर कुमार ने सुंदर स्वागतम रंगोली बनाकर कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। कार्यक्रम का संचालन कृषि प्रवक्ता मनोज कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य ग़य्यूर आसिफ़, विधु शेखर चौहान, सुधांशु कुमार, सुधीर कुमार राजपूत, बृजेश कुमार, तेजपाल सिंह, अतुल रस्तोगी, भूपेंद्र पाल सिंह, लक्षेश कुमार, रश्मि चौहान, अलका अग्रवाल, नरेश कुमार आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

  • अतिक्रमण हटाने को चला बुलडोजर

    बिजनौर। अतिक्रमण के खिलाफ जारी अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। नगरपालिका व पुलिस टीम की मौजूदगी में नुमाइश ग्राउंड से बैराज कॉलोनी तक अवैध अतिक्रमण को लेकर बुलडोजर चलाया गया। कई स्थानों पर जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण व होर्डिंग्सआदि को हटाया गया।

    इस दौरान शहर कोतवाल रविंद्र कुमार वशिष्ठ, नगर पालिका ईओ विकास कुमार, खाद्य निरीक्षक गोविंद चौधरी, राजस्व निरीक्षक ऋषि पाल, सुंदरलाल नायब तहसीलदार सदर, टैक्स कलेक्टर रमेश कुमार आदि मौजूद रहे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।


  • जिले में सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सड़क से हटाए गए अतिक्रमण एवं अवैध होल्डिंग्स, 22 मई से संचालित अभियान के अंतर्गत 0.0041 टन पॉलिथीन जब्त करते हुए 4700/- रुपए का वसूल किया गया जुर्माना।

    बिजनौर। जनपद के समस्त 18 नगरीय निकायों में विगत 22 मई 2022 से संचालित सड़क सुरक्षा अभियान के अन्तर्गत कार्यवाही अनवरत जारी है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार अभियान जिले को पूर्ण रूप से अवैध कब्जों से मुक्त कराने तक संचालित रहेगा।

    उन्होंने बताया कि जिले के नगरीय निकायों में नगर पालिका परिषद शेरकोट सहित सड़कों के किनारे से अब तक 30 अवैध अतिक्रमणों को हटाया गया। इसके अलावा जनपद के मुख्य चौराहों से 03 अवैध अतिक्रमणों एवं 49 अवैध होर्डिग्स को हटवाया गया। निकाय क्षेत्रों में कुल 133 वेन्डिंग जोन चिन्हित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि 1174 स्ट्रीट वेन्डर्स को वेन्डिंग जोन में व्यवस्थित कराया गया है तथा मार्ग प्रकाश व्यवस्था के अन्तर्गत जनपद के निकायों में 49 खराब / बन्द स्ट्रीट लाईटों को ठीक कराकर पुनः संचालित किया गया है।

    जिलाधिकारी ने बताया कि प्रतिबन्धित पॉलिथीन के विरूद्ध नगर पालिका परिषद धामपुर, स्योहारा, अफजलगढ, चॉदपुर, बढापुर एवं नगीना में अभियान के अंतर्गत 0.0041 टन पॉलिथीन जब्त करते हुए 4700/- रुपए का जुर्माना वसूल किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त अभियान जिले को पूर्ण रूप से अवैध कब्जों से मुक्त कराने तक संचालित रहेगा।

  • बिजनौर। थाना शेरकोट पुलिस व वन विभाग की टीम ने मोहल्ला शेखान निवासी एक ब्रुश व्यापारी के यहां छापा मारकर प्रतिबंधित नेवले के बाल बरामद किये हैं। ब्रुश व्यापारी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला शेखान में ब्रुश व्यापारी बदरुद्दीन के यहां छापा मार कर प्रतिबंधित नेवले का लगभग तीन किलो सात सौ ग्राम बाल बरामद किया। आरोप है कि व्यापारी द्वारा प्रतिबंधित जीव नेवले के बालों से ब्रश बनाये जा रहे थे।

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    थानाध्यक्ष सनोज प्रताप सिंह का कहना है कि मोहल्ला शेखान निवासी बदरुद्दीन पुत्र शम्सुद्दीन के घर से मुखबिर की सूचना पर तीन किलो सात सौ ग्राम प्रतिबंधित बाल बरामद हुआ है। अभियुक्त बदरुद्दीन के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम 1972 के अन्तर्गत मामला पंजीकृत कर कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्त बदरुद्दीन पर वर्ष 2019 व 2021 में भी वन्य जीव अधिनियम 1972 अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत है।

  • गांव की सरकारी टंकी का पानी पीने से कई ग्रामीणों की हालत बिगड़ी। उल्टी व दस्त होने के बाद कराया गया भर्ती। कई साल से टंकी की सफाई न होने का आरोप।

    बिजनौर। नजीबाबाद विकास खंड के ग्राम समीपुर में टंकी का पानी पीने से ग्रामीणों की अचानक हालत बिगड़ गयी है। उपचार के लिए ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति करने वाली टंकी की सफाई न कराए जाने का आरोप लगाया है।

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    तहसील क्षेत्र के ग्राम समीपुर में पेयजल आपूर्ति के लिए सरकारी टंकी स्थापित है। ग्रामीणों का कहना है कि इस टंकी का पानी पीने से कई की हालत उल्टी व दस्त होने से बिगड़ गयी है। कई लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर भर्ती कराया गया है। कुछ मरीज शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं और कुछ का घर पर ही रह कर इलाज कराया जा रहा है।

    इस मामले में ग्रामीण महिपाल पुत्र भगवत दास ने बताया कि 10-12 दिन से पेयजल की टंकी का पानी पीने से लोगों की हालत बिगड़ रही है। वहीं निशा व अंजलि ने बताया कि पानी पीने से उल्टी दस्त की शिकायत हो गई। अंजली के पति महिपाल ने आरोप लगाया कि लगभग 20-25 साल से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई है। इसके चलते ग्रामीण टंकी से मिलने वाला गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीण टंकी से मिलने वाले पानी को छान कर ही पीते हैं।

    गांव के ही शुएब ने बताया कि पानी पीने से उसके परिवार के लोग बीमार पड़ गए हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने गांव में पेयजल आपूर्ति करने वाली टंकी के पानी की जांच करने की मांग की। ग्रामीण ओमवीर ने बताया कि टंकी का पानी पी कर उसकी पत्नी बीमार पड़ गयी। लूज मोशन की शिकायत के बाद वह तीन दिन से अस्पताल में भर्ती है। उसके इलाज पर लगभग 15 हजार रुपए से ऊपर का खर्चा अभी तक आ चुका है।

    सेंट मैरी अस्पताल के डाक्टर फादर जोश ने बताया कि उनके यहां केवल आठ मरीज ही इलाज करा रहे हैं, जो पानी पीने से बीमार हुए हैं। दो मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। जो मरीज अस्पताल में आए हैं उनको डाक्टर वायरल बता रहे हैं। हो सकता है पानी पीने से भी उनकी हालत बिगड़ी हो कहा नहीं जा सकता।

    दूसरी ओर गांव के प्रधान सत्यवीर का कहना है कि 10-12 दिन से पानी की समस्या चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर इस मामले की शिकायत दर्ज करायी है। माना जा रहा है कि पेयजल टंकी से सप्लाई के लिए बिछाई गई भूमिगत लाइन का कोई पाइप जमीन में लीक होने के कारण गंदा पानी आ रहा है।

  • बन्दियों के नैतिक बौद्धिक और सामाजिक विकास में जुटे प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह

    कारागार में निरुद्ध बंदियों द्वारा पूर्ण आस्था के साथ यज्ञ कार्य में लिया गया भाग

    बिजनौर। शनि देव जयंती के शुभ अवसर पर जिला कारागार बिजनौर में पूजा अर्चना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कारागार में निरुद्ध बंदियों ने पूर्ण आस्था के साथ यज्ञ कार्य मे भाग लिया।

    विदित हो कि जिला कारागार बिजनौर के प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह बंदियों के कल्याण हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन जेल में कराते रहते हैं ताकि बन्दियों का नैतिक बौद्धिक और सामाजिक विकास हो सके और बंदी सुधार गृह में रहते हुए अपने अंदर विकृतियों को दूर कर सकें।

    इस अवसर पर गायत्री परिवार से पधारे परिव्राजक विजेंद्र सिंह राठी एवं केदारनाथ साहू ने पूजा अर्चना तथा यज्ञ कराया। कारागार में निरुद्ध बंदियों ने पूर्ण आस्था के साथ यज्ञ कार्य मे भाग लिया। इस शुभ अवसर पर आचार्यो द्वारा यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, नैतिक प्रवर्चन किया गया। कार्यक्रम में जिला कारागार के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा पूर्ण आस्था के साथ भाग लिया गया। इस अवसर पर जिला कारागार बिजनौर के प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में यज्ञ को वातावरण को शुद्ध करने वाला अर्थात अशुद्धिनाशक एवं त्याग व समर्पण का प्रतीक बताया। साथ ही गायत्री परिवार संस्था के सदस्यों का आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

  • एक सप्ताह में बिजली आपूर्ति सुधारने का अल्टीमेटम

    अतर्रा/बांदा, के एस दुबे (AMJA) लगातार विद्युत कटौती से आजिज छात्रों व अन्य जागरूक युवाओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। इसी क्रम में उपखण्ड कार्यालय पहुंच कर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। साथ ही हालात ठीक न होने पर उग्र आन्दोलन की चेतावनी भी दी है।

    बिजली की लगातार आंख मिचौली से लोगों का ग़ुस्सा फूटने लगा है। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मिश्र (मुन्ना) की अगुवाई में एक दर्जन से अधिक युवाओं ने विद्युत उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह में बिजली सुधारने का अल्टीमेटम दिया। श्री मिश्र ने कहा कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली की लगातार कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। गर्मी अपने चरम पर है, ऐसी स्थिति में व्यापारी, छात्र आदि किसी भी वर्ग की चिंता सरकार को नहीं है।

    सुदूर गांवों के गरीब छात्र कमरा लेकर रहते हैं। बिजली गुल होने पर पढ़ने कहां जाएं। इससे आम उपभोक्ताओं में भी भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों रमाकांत अवस्थी, प्रकाश त्रिवेदी, आदित्य तिवारी, अमित गुप्ता आदि ने भी नाराज़गी व्यक्त की है। कांग्रेस नेता साकेत बिहारी मिश्र, सूरज बाजपेई, रमेश कोरी, विक्की गुप्ता, सपा नेता नीरज द्विवेदी, विवेक बिन्दु तिवारी, दिनेश गुप्ता एवं व्यापारी नेता उमाशंकर गुप्ता, श्रवण गुप्ता आदि ने भी बिजली कटौती पर अपना आक्रोश दर्ज कराया है। सौंपे गए ज्ञापन में बिजली व्यवस्था न सुधरने पर आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अर्जुन मिश्र, कांग्रेस के युवा नेता अविरल पाण्डेय, शिवा सिंह, दिनेश कुमार, मोहम्मद नसीम, आशीष गुप्ता, सत्यम सोनी, नवल रैकवार आदि शामिल रहे।

  • UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 का परिणाम घोषित; श्रुति शर्मा ने किया टॉप

    बिजनौर की रहने वाली हैं श्रुति शर्मा

    इस साल की UPSC टॉपर श्रुति शर्मा यूपी के बिजनौर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। एम. ए. की पढ़ाई उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पूरी की। UPSC की तैयारी के लिए श्रुति ने जामिया मिलिया इस्लामिया के रेसिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) जॉइन किया था।

    संघ लोक सेवा आयोग( यूपीएससी) ने सिविल सेवा 2021 का परिणाम जारी कर दिया है। परिणाम के अनुसार उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद की रहने वाली श्रुति शर्मा समेत अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला टॉपर बनीं हैं।

    सिविल सेवा परीक्षा 2021 के परिणाम के अनुसार श्रुति शर्मा ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। वहीं, दूसरे स्थान पर अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला रही हैं। इस साल तीनों ही टॉपर लड़कियां हैं।

    बिजनौर के धामपुर निवासी श्रुति शर्मा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की है।

    श्रुति के यूपीएससी परीक्षा में टॉप करने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि बेटी कोचिंग के साथ साथ घर में भी खूब पढ़ाई करती थी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है। 
    परीक्षा परिणाम ऑनलाइन रूप से उपलब्ध है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और इंटरव्यू में शामिल हुए थे वे अपना परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।  

    DU की ही स्टूडेंट रही हैं 2nd टॉपर- अंकिता अग्रवाल ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंकिता दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रही हैं। डीयू से उन्होंने इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशंस उनके ऑप्शनल सब्जेक्ट थे। वहीं तीसरे नंबर पर आने वाली गामिनी सिंगला कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री रखती है। उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर सोशियोलॉजी चुना था।

    पहला स्थान – श्रुति शर्मा
    दूसरा स्थान- अंकिता अग्रवाल
    तीसरा स्थान – गामिनी सिंगला
    चौथा स्थान – ऐश्वर्य वर्मा
    पांचवा स्थान – उत्कर्ष द्विवेदी
    छठा स्थान – यक्ष चौधरी
    सातवां स्थान – सम्यक एस जैन
    आठवां स्थान – इशिता राठी
    नौवां स्थान – प्रीतम कुमार
    दसवां स्थान – हरकीरत सिंह रंधावा

    आईएएस बनना चाहती हैं श्रुति-

    श्रुति शर्मा ने बताया कि परिणाम से वह आश्चर्य में हैं। वह बीते चार वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। श्रुति शर्मा का सपना आईएएस बनने का है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं।

    जामिया से कर रही थी तैयारी

    उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी (RCA) से अपनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। आरसीए को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों जैसी श्रेणियों से संबंधित छात्रों को मुफ्त कोचिंग और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए वित्त पोषित किया जाता है।  जामिया के एक अधिकारी ने बताया कि कोचिंग अकादमी के 23 छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा पास की है। 

    संघ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए परिणाम के अनुसार इस परीक्षा में कुल 685 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से हर साल आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के पदों पर चयन हेतु सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

    वहीं बिजनौर जिले के सहसपुर कस्बे की शुमायला चौधरी ने सिविल सर्विसेज यूपीएससी की परीक्षा में देश में 367 रैंक हासिल की है। शुमायला को मिल सकता है आईपीएस कैडर!

  • कोविड काल में अपने माता-पिता खो चुके अनाथ बच्चों की हर संभव सहायता के लिए अभिभावक के रूप में वे स्वयं हर समय तत्पर हैं, उनकी किसी भी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बच्चों को किया आश्वस्त

    बिजनौर। जिलाधिकरी उमेश मिश्रा ने कोविड काल में अपने माता-पिता खो चुके अनाथ बच्चों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी हर सहायता के लिए अभिभावक के रूप में वे स्वयं हर समय तत्पर हैं, उनकी किसी भी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा तथा उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके भविष्य को उज्जवल और उनके जीवन को सफल बनाने के लिए पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि कोविड काल में अनाथ बच्चों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और पालन-पोषण के लिए न केवल उनकी आर्थिक मदद की बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए उनकी काउन्सिलिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वे बिना किसी मानिसक एवं शारीरिक बाधा के जीवन में सफलता की उॅंचाई पर पहुंच सकें।
    इस अवसर पर पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत एनआईसी बिजनौर में प्रधानमंत्री भारत सरकार के द्वारा ऐसे सभी बच्चे जिनके माता-पिता अर्थात एक की मृत्यू पूर्व में हो गई हो तथा दूसरे की मृत्यू 11 मार्च,20 से 31 दिसम्बर,21 के बीच कोविड से ग्रस्त होने के कारण हुई हो या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता-पिता/एकल दत्तक माता-पिता 11 मार्च,20 से 31 दिसम्बर,21 के बीच कोविड-19 से हुई हो, ऐसे बच्चों को सभी आवश्यक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विगत 29 मई,21 को लांच की गई योजनातंर्गत जिले के 09 बच्चों को दस्तावेज प्रदान की गईं।
    उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उक्त योजना के लाभ के हकदार बच्चों के माता-पिता दोनों या जीवित माता/पिता या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता-पिता/एकल दत्तक माता-पिता जैसी भी स्थिति हो, की मृत्यु के दिनांक को बच्चे की आयु 18 वर्ष पूरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत अनाथ बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ, बीमा आदि हेतु रू0 10 लाख (दस लाख) की कार्पस फण्ड के रूप में सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत जिले में कुल 09 अनाथ बच्चों को पात्रता के आधार पर लाभान्वित किया है।
    जिलाधिकारी श्री मिश्रा द्वारा उक्त योजना के तहत अनाथ बच्चों को आयुष्मान भारत- प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना(आयुष्मान कार्ड) के द्वारा लाभान्वित जिसके अन्तर्गत रू० 05 लाख का स्वास्थ्य बीमा वार्षिक से लाभान्वित कराये जाने संबंधी प्रपत्र, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अन्तर्गत रू० 4 हजार प्रति माह की दर से लाभान्वित होने, रू0 10 लाख कार्पस फण्ड के रूप में पी० एम० केयर्स योजना के अन्तर्गत बच्चों के खातों में पी0 एफ0 एम० एस० के माध्यम से अन्तरित किए जाने तथा पी० एम० केयर्स योजना के अन्तर्गत कक्षा 01 से कक्षा 12 तक स्कूल जाने वाले लाभार्थी बच्चों को रू० 20000 की वार्षिक छात्रवत्ति (स्कॉलरशिप फॉर पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन) से प्रदान किये जाने की व्यवस्था है, जिसमें रू0 1000/प्रति माह एक वर्ष तक कुल रू0 12000/- तथा रू0 8000/- बच्चे की किताबें, वर्दी, जूते एवं शिक्षा से सम्बन्धित अन्य सामग्री दिये जाने का प्रावधान है, सम्बन्धित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
    दस्तावेज वितरण से पहले प्रधानमंत्री का संम्बोधन किया गया, जिसमें बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा गया कि हर बड़े व्यक्ति जिसका नाम इतिहास में दर्ज है, का जीवन संघर्षपूर्ण और विभिन्न कठिनाईयों से झूझते हुए गुजरा है, परन्तु उन्होंने हार नहीं मानी और जीवन में सफलता की चरम सीमा पर पहुंचे और आमलोगों के मार्गदर्शक बने। उन्होंने बच्चों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप लोग संघर्ष करें पूरा देश आपको सहयोग, सहायता और मार्गदर्शन करने के लिए तत्पर है।
    इस अवसर पर पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

  • बिजनौर। पंचायत सचिवों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में जारी ताबड़तोड़ कार्रवाई से ग्राम पंचायत समन्वय समिति के पदाधिकारी भड़क उठे हैं। समिति के बैनर तले विकास भवन प्रांगण में बैठक कर डीपीआरओ की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गईं है।

    बैठक में ग्राम पंचायत सचिवों ने कार्य निर्वहन में आ रही अनेक समस्याओं पर विस्तार के साथ विचार विमर्श किया। मुख्य रूप से विकास खंड एवं जिला स्तरीय उच्च अधिकारियों का सहयोग न मिलना, आर्थिक उत्पीड़न, धन के अभाव में कार्य कराने का दबाव बनाते हुए निलंबन की कार्रवाई करना, चरागाह की भूमि पर अवैध कब्जे को मुक्त कराने की कार्रवाई न करना, मनरेगा में बगैर सचिव व प्रधान की जानकारी के कार्य कराने का भी सचिवों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई करना, पंचायत घर, सार्वजनिक शौचालय, राजस्व विभाग द्वारा भूमि उपलब्ध न कराने पर भी एक तरफा कार्रवाई किए जाने तथा निलंबन जैसी कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि उक्त समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संघ को कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बैठक की अध्यक्षता कुलदीप राजपूत ने तथा संचालन हेमेंद्र सिंह ने किया। बैठक में धीरज सिंह, इकेश्वर सुन्द्रियाल, मुनेन्द्र सिंह, संजय सिंह, धर्म प्रिय, सौरभ कुमार, हिमांशु चौहान, अमरजीत, कुलदीप सिंह, गौसिया अंसारी, गौरव कुमार, अरविंद कुमार, दीपांशु आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

  • ठेकेदार ने हड़प लिया पंचायत घर का सरिया!

    बिजनौर। ग्राम पंचायत अब्दुलपुर मुन्ना उर्फ हादरपुर पंचायत घर के मामले में ग्राम पंचायत सचिव मोहित कुमार ने ठेकेदार कासिम पर सरिया चोरी का आरोप लगाया है। थाना शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि नए भवन के निर्माण के लिए जीर्णशीर्ण पड़े पंचायत घर को तोड़ना जरूरी था। इसके लिये टिकोपुर निवासी ठेकेदार कासिम को कहा गया था, लेकिन उसकी नीयत में खोट आ गई।

    वहीं बताया गया है कि इस मामले में ग्रामीणों, सचिव तथा राशन डीलर आदि के दबाव में आकर ठेकेदार कासिम ने चोरी किया हुआ सरिया हादरपुर में बने सरकारी स्कूल में रखवा दिया। राशन डीलर नरेंद्र कुमार का कहना है ठेकेदार कासिम के लोग सरिये को ठेले में भरकर कहीं ले जा रहे थे। पूछने पर बताया उक्त सरिया ठेकेदार ने मंगाया है। उस दौरान उनके साथ कई ग्रामीण भी मौजूद थे। इस मामले में ग्राम सचिव मोहित कुमार ने थाना कोतवाली शहर पुलिस को तहरीर भी दी है। दूसरी ओर ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।

  • लखनऊ। रविवार को 11 आईपीएस अफसरों के तबादले कर दिए गए। आईपीएस आलोक प्रियदर्शी को रायबरेली जिले का कप्तान बनाया गया है। अनिल कुमार सिंह को डीआईजी पीएसी लखनऊ अनुभाग बनाया गया है। वहीं, संतोष कुमार सिंह को एसीपी वाराणसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईपीएस श्लोक कुमार को बुलंदशहर का नया एसएसपी बनाया गया है।

    आलोक प्रियदर्शी रायबरेली जिले के नए पुलिस अधीक्षक होंगे। आईपीएस अजीत कुमार सिन्हा अंबेडकरनगर जिले के एसपी बनाए गए हैं। तेज स्वरूप सिंह को कानपुर आउटर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसी तरह श्रीपति मिश्रा को डीआईजी पीएसी मुख्यालय बनाया गया है। देवरिया जिले के नए कप्तान के रूप में आईपीएस संकल्प शर्मा कमान संभालेंगे। शुभम पटेल को हमीरपुर जिले का एसपी बनाया गया है। मैनपुरी के एसपी अशोक कुमार राय को एसपी संबद्ध पुलिस मुख्यालय किया गया है तो वहीं कमलेश दीक्षित को मैनपुरी का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

  • नटवरलाल गैंग करा सकता है व्यापारी की हत्या

    पुलिस महानिदेशक समेत कई पुलिस आला अधिकारियों को मेल से शिकायत कर व्यापारी में मांगी खुद औऱ परिवार की सुरक्षा

    बिजनौर। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जमीन और 25 लाख की रकम हड़प चुके गैंग की पुलिस से शिकायत करने पर व्यापारी को हत्या होने की आशंका है। व्यापारी ने अपनी जान की सुरक्षा कराने और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश सरकार से की है। तहरीर में नामजद अपराधी बेहद शातिर किस्म के है, जो अपना भंडा फूटते देख व्यापारी को सड़क हादसे में मरवाने का षड्यंत्र कर रहे हैं।
    पुलिस महानिदेशक, डीएम औऱ पुलिस अधीक्षक बिजनोर समेत आला अफसरों को भेजी शिकायत में पीड़ित दुष्यंत कुमार पुत्र विजयपाल सिंह निवासी गांव बलदिया थाना हल्दौर ने कहा कि वह एक व्यापारी है। प्रार्थी ने 16 मई 20 22 को थाना हल्दौर में अपने पिता स्व. विजयपाल सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी गांव बलदिया थाना हल्दौर जिला बिजनौर की 16 फरवरी 2022 को सदमे से मौत होने और करीब 25 लाख रुपए धोखाधड़ी होने की थाना हल्दौर में तहरीर दी है। थाना हल्दौर पुलिस ने घटना की रिपोर्ट फिलहाल दर्ज नहीं की है, इससे घटना के दोषी यशपाल सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, मिथलेश पत्नी यशपाल सिंह, अनुज सिंह पुत्र यशपाल सिंह निवासीगण वीआईपी कॉलोनी और सरला पत्नी धर्मपाल सिंह, धर्मपाल सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी मोहल्ला चौधरीयान थाना कोतवाली शहर के हौसले बुलंद है।
    शिकायतकर्ता के मुताबिक उसे विश्वसनीय सूत्रों से पता लगा कि तहरीर में नामजद लोग बेहद शातिर अपराधी किस्म के हैं, जो अपने दूसरे रिश्तेदार धर्मेंद्र उर्फ बबलू पुत्र रणधीर सिंह निवासी गांव तिबड़ी थाना कोतवाली शहर के साथ मिलकर प्रार्थी की सड़क दुर्घटना में हत्या करने की योजना बना रहे हैं। धर्मेंद्र पुत्र रणधीर सिंह और अनुज पुत्र यशपाल का कई पेशेवर अपराधियों के साथ संबंध है, इनमें धर्मेंद्र अपने इलाके में जुआ खिलाने में चर्चित है, साथ ही साल 2007 में धर्मेंद्र पुत्र रणधीर सिंह का नाम अपने चाचा जगवीर सिंह की हत्या कराने में पुलिस जांच में रहा था, लेकिन अपने शातिर होने के कारण धर्मेंद्र थाना कोतवाली शहर पुलिस को गुमराह करने में कामयाब रहा है।
    तहरीर में नामजद धर्मपाल और सरला ने बिजनौर नगर पालिका की जमीन कब्जा रखी है, यह लोग मारपीट करने, जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी करने में थाना कोतवाली शहर के रिकार्ड में नामजद है। दोनों के नाम तीन-चार मुक़दमे दर्ज हैं। उपरोक्त यशपाल सिंह सरकारी सेवाओं में रहने के कारण बेहद शातिर है, इसने कई लोगो की जमीन कब्जाने को मुकदमे कोर्ट में दायर कर आतंकित किया है। उपरोक्त अनुज सिंह मेरठ और हरियाणा में रहकर नशे का धंधा करता है, उसने पुलिस से बचने के लिए अपना धर्म तक परिवर्तन करके अपनी विवाहिता होने के बाबजूद दूसरी शादी मेरठ में की है, उसे उपरोक्त लोगों का पूरा संरक्षण रहता है।

    तहरीर में नामजद लोगों से व्यापारी और उसके परिवार को जान माल का खतरा पूर्ण रूप से बना हुआ है। उपरोक्त लोगों ने षडयंत्र करके प्रार्थी के पिता की बेशकीमती करीब डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन और उनके खाते से करीब 25 लाख रुपए का मिलकर गबन किया है, जिसे बार-बार मांगने पर प्रार्थी के पिता विजय पाल सिंह को उपरोक्त लोगों ने काफी डराया धमकाया, इससे वह सदमे में रहे और उनकी इसी सदमे के कारण मौत हो गई थी। उपरोक्त लोग बेहद शातिर किस्म के हैं, अन्य लोगों को भी तरह-तरह से परेशान करते रहते हैं, उपरोक्त अपराधियो के डर के कारण कुछ पीड़ित लोग पुलिस के पास तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, उपरोक्त अपराधी हर अपराध में पुलिस को तरह तरह से गुमराह करके ज्यादातर अपराध में बच निकलते हैं, जिस कारण के हौसले बुलंद है और यह लोग प्रार्थी के द्वारा अपने परिवार का करीब डेढ़ करोड रुपए से अधिक की संपत्ति और 25 लाख रुपया वापस मांगने पर तथा थाने में उपरोक्त लोगों की तहरीर देने पर प्रार्थी को कभी भी यह लोग सड़क हादसे में मरवा सकते हैं। तहरीर के मुताबिक पीड़ित ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने और अगर किसी कारण अगले एक साल तक अगर उसके साथ कोई दुर्घटना होती है तो उसका जिम्मेदार उपरोक्त लोगों को ही समझा जाए। पीड़ित ने खुद और अपने परिवार की सुरक्षा कराने की गुहार लगाई है।

  • आधार कार्ड की कॉपी देते समय रहें सावधान, न बरतें लापरवाही, हो सकता है गलत इस्तेमाल, केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजर

    • जानें क्या होता है मास्कड आधार
    • गैर-लाइसेंसी नहीं रख सकते आधार
    • साइबर कैफे से नहीं करें डाउनलोड
    सोच-समझकर शेयर करें आधार

    नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आधार कार्ड को लेकर एक ए़डवाइजरी जारी की है। सरकार ने नागरिकों से कहा है कि वे दुरुपयोग को रोकने के लिए अपने आधार कार्ड की केवल नकाबपोश प्रतियां ही किसी के साथ साझा करें। रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में सरकार ने कहा कि अपने आधार की फोटोकॉपी किसी व्यक्ति या संस्थान के साथ धड़ल्ले से साझा न करें क्योंकि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।

    सरकार ने इसका विकल्प बताते हुए सिर्फ नकाबपोश (मास्कड) आधार ही साझा करने की सलाह दी है। इस पर सिर्फ अंतिम चार अंक दर्ज होते हैं। इसके अलावा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि गैर-लाइसेंसी प्राइवेट इकाइयां आपका आधार कलेक्ट नहीं कर सकती हैं, ना ही उसे अपने पास रख सकती हैं। इसमें बिना लाइसेंस वाले होटल और सिनेमा हॉल शामिल हैं। सरकार ने कहा कि केवल वे संगठन जिन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से उपयोगकर्ता लाइसेंस प्राप्त किया है, वे ही किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के लिए आधार का उपयोग कर सकते हैं।

    सरकार ने नागरिकों से अपने आधार कार्ड साझा करने से पहले यह सत्यापित करने के लिए कहा कि किसी संगठन के पास यूआईडीएआई से वैध उपयोगकर्ता लाइसेंस है। इसके अतिरिक्त सरकार ने लोगों को अपने आधार कार्ड डाउनलोड करने के लिए इंटरनेट कैफे में सार्वजनिक कंप्यूटर का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी है। सरकार ने अपनी सलाह में कहा है कि यदि आप ऐसा करते हैं तो कृपया सुनिश्चित करें कि आप उस कंप्यूटर से ई-आधार की सभी डाउनलोड की गई प्रतियों को स्थायी रूप से हटा दें।

    आधार कार्ड (Aadhaar Card) को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण जारी करता है। ये एक 12 डिजिट का एक न्यूमेरिक कोड होता है, जिसे आधार संख्या कहा जाता है बये मूलत: आपकी बायोमीट्रिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

    क्या होता है मास्क्ड आधार
    मास्क्ड आधार में आपकी 12 डिजिट की पूरी आधार संख्या नहीं दिखाई देती है, बल्कि इसमें आधार संख्या के सिर्फ आखिरी चार अंक ही दिखाई देते हैं। इसे ऑनलाइन भी प्राप्त किया जा सकता है।

    Masked Aadhaar डाऊनलोड करने का तरीका
    अगर आप मास्क्ड आधार डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आप UIDAI की वेबसाइट पर जाकर  ‘ Do You Want a Masked Aadhaar’ का विकल्प चुन सकते हैं। यहां जरूरी डिटेल भरकर मास्क्ड आधार डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा Digi Locker और mAadhaar का भी विकल्प है।

    mAadhaar है सुरक्षित विकल्प
    UIDAI ने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक नई मोबाइल ऐप mAadhaar लॉन्च किया हुआ है। इसे एंड्राइड के प्ले स्टोर और एपल के ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। आपके आधार से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रहे, इसलिए इसमें एक विशेष फीचर जोड़ा गया है। एक आधार संख्या से ये ऐप एक बार में एक ही फोन डिवाइस पर एक्टिव रहती है। ऐसे में यदि आप अपना फोन बदलते हैं तो नए डिवाइस पर ऐप के एक्टिव होते ही ये पुराने डिवाइस पर खुदबखुद डिएक्टिवेट हो जाएगी।

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। भारी भीड़ वाले रेलवे रूट्स पर यात्रियों को टिकट बुक कराने यात्रा करने में अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए रेलवे ने दिल्ली, मुंबई, गोरखपुर और हावड़ा रूट पर यात्रियों को राहत देने का फैसला किया है। अब इस रुट के रेल यात्रियों को वेटिंग की दिक्कतों से नहीं गुजरना पड़ेगा।

    गर्मी में यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने अगल-अलग रूट पर आधा दर्जन ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।दरअसल रेलवे बोर्ड भारी भीड़ वाले रूट्स के बीच आधा दर्जन ट्रेनें चलाने की तैयारी में है। इसकी घोषणा जल्द होने की उम्मीद की जा रही है।

    रेलवे अधिकारी के मुताबिक दिल्ली से हावड़ा, गोरखपुर से मुंबई और लखनऊ ये नई ट्रेनें चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इन ट्रेनों की घोषणा की जाएगी।

    हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि भारत सरकार दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रेलवे कॉरिडोर पर चलने वाली रेल गाड़ियों को किसी भी एक्सीडेंट की आशंका से बचने के लिए ‘कवच’ का इस्तेमाल भी किया जायेगा। पश्चिमी रेलवे ने एसी लोकल ट्रेनों में इजाफा करने का फैसला किया था। वहीं गर्मियों की छुट्टियों को देखते हुए उत्तरी रेलवे ने 72 ट्रेनों के लिए ये बड़ा फैसला लिया था।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदमाशों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। गाजियाबाद में दो अलग अलग मुठभेड़ में दो शातिर ईनामी बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया वहीं हापुड़ जिले के देहात थाना क्षेत्र में एक लाख के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया गया है।

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एसपी दीपक भूकर के नेतृत्व में हापुड़ देहात थाने की पुलिस की एक लाख के इनामी बदमाश मोनू उर्फ मोइनुद्दीन से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान हाइवे पर लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाला अंतरराज्यीय बदमाश मोनू गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ में बदमाश की गोली एसपी और देहात थाना प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, वहीं एक सिपाही बदमाश की गोली से घायल हो गया।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस के साथ हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के असौड़ा में हुई मुठभेड़ के दौरान हापुड़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और हापुड़ देहात थाना प्रभारी विनोद पांडेय की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लग गई। इस दौरान सिपाही राजीव मलिक घायल हो गए। राजीव को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    एसपी ने बताया कि पुलिस करतारपुर चौराहे पर चेकिंग कर रही थी, उसी दौरान हेलमेट लगाकर गुजर रहा एक बाइक सवार पुलिस पर फायरिंग कर भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया और असौड़ा के पास बदमाश को घेर लिया। बदमाश पुलिस पर फायरिंग कर रहा था। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। बदमाश के हाथ व पैर में गोली लगी है। एसपी ने कहा कि बदमाश चार जिलों से वांछित चल रहा था। उक्त बदमाश हाइवे पर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था।

    वहीं दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक लाख के इनामी कुख्यात बदमाश बिल्लू दुजाना और उसके साथी 50 हजार के इनामी राकेश को गाजियाबाद पुलिस ने शुक्रवार की रात को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि सूचना के आधार पर वह सीओ प्रथम स्वतंत्र कुमार सिंह व टीम के साथ मधुबन बापूधाम‌ में चेकिंग कर रहे थे। बाइक सवार दो संदिग्ध व्यक्ति को रुकने का इशारा किया तो वे बैरिकेडिंग तोड़कर भागने लगे। इस कारण बाइक फिसली और दोनों गिर गए।

    वहीं, पुलिसकर्मियों को अपनी ओर आता‌ देख दोनों ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में गौतमबुद्धनगर के दुजाना गांव निवासी राकेश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। घायल को अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    उधर, दोनों बदमाशों की फायरिंग में एसपी सिटी प्रथम व सीओ प्रथम के बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी और एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गया है।‌ राकेश 50 हजार का इनामी बदमाश था।

    दूसरे एनकाउंटर में इंदिरापुरम में एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा और‌ सीओ इंदिरापुरम अभय मिश्र की टीम की चेकिंग से बचकर भाग रहे दो बदमाश बैरिकेड के साइड से निकलने के दौरान तारों में फंस गए। पकड़ने को दौड़ी पुलिस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें दुजाना गांव निवासी अवनीश उर्फ बिल्लू दुजाना गोली लगने से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

    गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, बिल्लू एक लाख रुपए का इनामी बदमाश था। बिल्लू ने राकेश व अन्य सदस्यों के साथ मिलकर वेवसिटी में जितेंद्र व हरेंद्र की हत्या कर दी थी। दोनों के खिलाफ हत्या, अपहरण व रंगदारी मांगने के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

  • घर के बाहर से गाय हो गई गायब- बिजनौर। शांति नगर कालोनी निवासी दिलावर सिंह उर्फ हरद्वारी की दुधारू गाय 15 मई 2022 की रात्रि रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। पीड़ित ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में सूचना देने वाले सज्जन को यथोचित पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सूचना मोबाइल नंबर 8899073622, 8958333695 अथवा 9411950325 पर दी जा सकती है।

  • बिजनौर। शुक्रवार को देर शाम परिवहन टैक्स अधिकारी ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। जानकारी के अनुसार बिजनौर मंडावर रोड स्थित चक्कर चौराहे पर शराब पीकर वाहन चला रहे चालकों पर शिकंजा कसते हुए लगभग 13 वाहनों को रोक कर उनके चालक व परिचालकों का परीक्षण किया गया। इस दौरान तीन ऐसे वाहन चालक निकले जो शराब पीकर वाहन चला रहे थे। परिवहन टैक्स अधिकारी राकेश मोहन ने बताया कि तीनों वाहन चालकों का लाइसेंस 3 माह के लिए निलंबित करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। सड़क सुरक्षा माह के तहत जनपद भर में यह चेकिंग अभियान 18 जून तक चलाया जाएगा। साथ ही शराब पीकर दो पहिया या चौपहिया वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों का लाइसेंस 3 माह के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। यही नहीं आर्थिक दंड भी वसूला जाएगा। चेकिंग के दौरान उनके साथ योगेश कुमार आदि टीम सहित मौजूद रहे।

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। यूपी का एक पंचर लगाने वाला करोड़ों रूपए की संपत्ति का मालिक है। पुलिस की जांच में इस खुलासे के साथ ही ये भी  पता चला कि यह अकूत संपत्ति उसने ड्रग्स के काले कारोबार से इकट्ठी की।

    यह मामला बरेली शहर के नकटिया इलाके का है। आरोपी इस्लाम खान अनपढ़ और बेराजगार था। उसने बरेली में ही दिल्ली-लखनऊ हाइवे के किनारे गाड़ियों के पंचर बनाने के लिए एक खोखा खोल लिया था। इस काम से होने वाली थोड़ी-बहुत आमदनी से उसके घर का गुजारा होने लगा था। इसी दौरान वह इस्लाम स्मैक के कुख्यात तस्कर नन्हे लंगड़ा के संपर्क में आ गया। फिर वह पंचर दुकान की आड़ में नन्हे लंगड़ा के लिए ड्रग और स्मैक तस्करी करने लगा।

    पंचर वाले ने स्मैक का धंधा करके शोरूम, आलीशान कोठी सब खड़ा कर लिया। ये सब मिलाकर उसके पास करीब 7 करोड़ की प्रॉपर्टी है। पुलिस द्वारा छानबीन करने पर ये राज सामने आया। उसके बड़े से घर को देखकर पुलिस भी हैरान थी कि आखिर किसी पंचार बनाने वाले पर इतना पैसा कैसे हो सकता है। लेकिन जब पूरी तरह जांच की गई तो सब पता चलता गया कि पैसा कहां से आ रहा था। इस्लाम की ज्यादातर प्रॉपर्टी उसकी पत्नी और बेटे के नाम पर थी। काले धंधे के पैसों से इस्लाम ने एक बाइक का शोरूम भी खोल लिया था।

  • विकास कार्यों में धांधली पर दो पंचायत सचिव निलंबित
    बिजनौर (रोहित चौधरी)। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के भ्रष्टाचार की पोल दिन-प्रतिदिन खुलती ही जा रही है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव अपनी तिजोरी भरने के चक्कर में विकास कार्यों के लिए शासन से आई रकम को डकारने में लगे हुए हैं। निरीक्षण के दौरान कई बार ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों पर गाज भी गिर चुकी है।


    ताजा मामला हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत मुकरंदपुर व बल्दिया का है। डीपीआरओ ने विकास कार्यों में घोर अनियमितताएं बरते जाने पर मुकरंदपुर के पंचायत सचिव विनीत कुमार को निलंबित कर दिया, तो वहीं ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने की बात कही गई है। इसके अलावा डीपीआरओ सतीश कुमार को हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत बल्दिया में भी ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में धांधली मिली। इसे लेकर उन्होंने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए एवं पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ ने बताया कि लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी निरीक्षण का दौर जारी रहेगा। डीपीआरओ की इस कार्यवाही से ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली है।

    भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं ग्राम पंचायत सचिव-
    सूत्रों की मानें तो जनपद में कई ग्राम प्रधान व कई ग्राम पंचायत सचिव भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं। विकास कार्यों में कमीशन लेना तो मानों उनके बाएं हाथ का काम हो। बताया तो यहां तक जाता है कि बिना कमीशन के वह किसी ठेकेदार को कोई काम नहीं देते हैं।

  • -फर्जी केस लगवा कर भिजवा दिया जेल।
    -पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से तमाम शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई। -जानलेवा हमला कर कई दिन तक बनाए रहे बंधक

    बिजनौर। एक दंपत्ति ने दबंग व्यक्ति पर उसके पुत्र को झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। इस मामले में डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया है।

    हीमपुरदीपा के गांव सिकंदरी निवासी गिरवर सिंह पुत्र विजयपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उसका पुत्र यूट्यूबर है, जिसका जिले में काफी नाम है। उन्होंने बताया कि घेर रामबाग निवासी कथित रूप से दबंग व अपराधी प्रवृत्ति के पति – पत्नी ने उनके पुत्र से मुंबई में फिल्म में काम दिलाने के नाम पर दो लाख रुपए लिए। काम न होने पर उनके पुत्र ने अपने दो लाख रुपए वापस मांगे। इसके चलते उन्होंने उसके पुत्र पर जानलेवा हमला किया और कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इसके बाद आरोपितों ने उसके पुत्र को युवती से छेड़छाड़ व एससी-एसटी के झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा  दिया। इस पूरे मामले में एक दरोगा भी उनके साथ हमसाज थे। उन्होंने डीआईजी मुरादाबाद को भी शिकायत भेज कर इंसाफ की गुहार लगाई थी।

    फिल्म बनाने का ख्याल भी छोड़ दे- आरोप है कि पूछने पर आरोपी ने कहा कि मैने तेरे लड़के को समझाया था कि किसी को कुछ मत बताना व रुपए वापिस मत मांगना और फिल्म बनाने का ख्याल भी छोड़ दे, लेकिन तुम दोनों बाप बेटे की समझ मे मेरी बात नहीं आयी, जब जीवन भर तेरा लड़का जेल में रहेगा। एल०बी० यू-ट्यूब चैनल चलाकर ऑफिस खोलकर हमारे काम को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। तुम दोनों बाप बेटे का काम ही खत्म कर दिया है। यह भी आरोप है कि उक्त अभियुक्तगण का बहुत बड़ा गैंग है।

    पुलिस प्रशासन से शिकायत पड़ी हैं पैंडिंग में- पीड़ित कई बार थाने गया तथा अन्य अधिकारियों से भी शिकायत कर चुका है। प्रार्थी इस सम्बन्ध में दिनांक 10.08.2021 व 19.05.2022 को जनता दरवार में तथा दिनांक 08.10.2021 को डाक रजिस्ट्री के माध्यम से डीएम के समक्ष प्रार्थना पत्र दे चुका है। वहीं 09.06.2021 को डी०आई०जी० मुरादाबाद के समक्ष प्रस्तुत होकर प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा 08.10.2021 व 26.05.2022 को डाक रजिस्ट्री के माध्यम से दिया तथा एक प्रार्थना पत्र मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली को दि. 26. 04.2022 को दिया। प्रार्थना पत्रों पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में हिन्द मजदूर किसान मोर्चा के राजेश, अमर पाल, अग्र्राज, रवेन्द्र, सपना, ज्यपाल, विपिन आदि शामिल रहे।

  • पुलिस का साथ मिलने से सहकारिता विभाग की बढ़ी ताकत

    हासिल करना है बकाया ऋणों की वसूली कर पूर्व वर्षों की भाँति शीर्ष स्थान

    बिजनौर। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय से जमा न करने वाले साढे चार हजार बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी / सम्पति कुर्क करने की व्यापक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

    इसी क्रम में गुरुवार को पुलिस विभाग से 10 सशस्त्र पुलिस बल को बकाया वसूली हेतु सहकारिता विभाग जनपद-बिजनौर से सम्बद्ध किया गया है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता जनपद बिजनौर द्वारा जनपद की प्रत्येक तहसील में दो-दो पुलिस बल को सम्बन्धित तहसील के वसूली अधिकारियों के साथ सम्बद्ध किया गया है, जिससे वांरन्ट प्राप्त कर बकायेदारों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही की जा सके। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बिजनौर, डा० प्रदीप कुमार द्वारा सम्बन्धित तहसील के वसूली अधिकारियों एवं पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गए सशस्त्र बल के साथ बकाया से वसूली की रणनीति तैयार करते हुए समन्वय बैठक की गई। बैठक में बैंक मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा सहकारिता विभाग के सभी तहसील प्रभारी अपर जिला सहकारी अधिकारी उपस्थित रहे। सहकारिता विभाग को बकाया वसूली के लिये पुलिस अधीक्षक बिजनौर के सहयोग से सशस्त्र पुलिस बल मिल जाने से बकाया वसूली में और अधिक तेजी आयेगी। सहकारिता विभाग द्वारा पूर्व से ही बकाया वसूली के लिये साईटेशन वारन्ट प्राप्त कर बकायेदारों की गिरफ्तारी / कुर्की की कार्यवाही जोर शोर से की जा रही है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सहकारिता विभाग की मांग पर सशस्त्र पुलिस बल उपलब्ध कराने से समिति की बकाया ऋण की वसूली में तेजी आयेगी। सहकारिता विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि दैनिक आधार पर सक्षम अधिकारियों से समिति से लिये गये ऋण के बकायेदारों के विरूद्ध वारन्ट प्राप्त किये जा रहे हैं और बकायेदारों की सम्पति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बिजनौर द्वारा यह भी बताया गया कि जिला सहकारी बैंक लि०, बिजनौर उ०प्र० शासन द्वारा दिये गये पुलिस बल की सहायता से बकाया ऋणों की वसूली कर पूर्व वर्षों की भाँति उ०प्र० के जिला सहकारी बैंकों में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगें।

  • बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर द्वारा प्रदेश की राज्यपाल महोदया को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को दिया गया।
    कांग्रेस जनों ने मांग पत्र में कहा कि प्रदेश के विभिन जनपदों में जिलाधिकारी/जिला पूर्ति अधिकारी राशन कार्ड वापस करने एवं गरीबों   को दिये राशन की रिकवरी को लेकर लगातार आदेश जारी कर रहे है, जिसके चलते प्रदेश की आम जनता में रोष व्याप्त है एवं आम जनता भृमित है, जबकि उनका यह आदेश खाद्य सुरक्षा कानून के खिलाफ है। अच्छे दिनों का वादा एवं गरीबों की भलाई का दावा करने वाली योगी सरकार लगातार गरीबों का  उपहास एवं अपमान कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।
    जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने मांग करते हुए कहा कि जनहित में राशन कार्ड वापस करने के आदेश को निरस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एवं समस्त जिलाधिकारीयों, समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को आदेश दिये जायें। साथ ही जिनके राशनकार्ड तहसीलों में जमा किये गए हैं, उन्हें वापस कार्ड धारकों को दिए जाएं।
    कांग्रेस जनों ने दूसरा ज्ञापन अपर जिला अधिकारी बिजनौर को दिया। इसमें नगर पालिकाओं की मतदाता सूची के पुनः निरीक्षण में मकान संख्या नगरपालिका के मकान क्रम संख्या के हिसाब से ही किये जाने और वार्डो के परिसीमन में भी उपरोक्त को ही ध्यान में रखे जाने की मांग की गई।
    इस अवसर पर सर्व श्री शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, हुक्म सिंह, बाला सैनी, डा०ओमप्रकाश सिंह, सुरेश सैनी, इकबाल अहमद, हर्षवर्धन सिंह राणा, पूनम, पदम् सिंह, कविता देवी, काज़ी आतिफ, असलम अंसारी, मो०राशिद, अदनान शेख, पदम् सिंह, वसीम अहमद, शाकिर बाबा, शमशाद अली, जियाउल हक, अनीस पहलवान, मो०इरशाद, शानू खान आदि कांग्रेस जन मौजूद रहे।

  • हार्टफेल से जलालाबाद चौकी के सिपाही की मौत

    बिजनौर। सुबह के समय के दौड़ते दौड़ते अचानक रास्ते पर गिरने से जलालाबाद पुलिस चौकी के सिपाही की मौत हो गई। चौकी इंचार्ज द्वारा तत्काल पूजा अस्पताल नजीबाबाद में सिपाही को भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया। सिपाही खुर्शीद की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। सिपाही खुर्शीद अहमद (37 वर्ष) पुत्र कल्लू खां संभल जिले के थाना असमौली अंतर्गत गांव मथना का रहने वाला था। मृतक सिपाही के शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सिपाही की मौत से पुलिस विभाग में छाया शोक का माहौल व्याप्त हो गया। मृतक सिपाही खुर्शीद जनपद बिजनौर के नजीबाबाद थाने की जलालाबाद चौकी पर तैनात था।

  • गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम को सौपा रुपए 11 हजार का चैक

    जिलाधिकारी ने जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के दिये।

    जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में 2400 गोवंश संरक्षित -जिलाधिकारी

    भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आयें आमजन-जिलाधिकारी

    मण्डल में सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में प्रथम स्थान पर है जिला बिजनौर -जिलाधिकारी

    बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में नुमाइश ग्राउण्ड में संचालित भूसा बैंक में गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए रू0 11 हजार का चैक सुनील कुमार शर्मा ने सौपा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान पर है। वर्तमान में जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर गोवंश आश्रय स्थलों में भूसा उपलब्ध कराने के लिए भूसा बैंक स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गोवंशों को चारे की कमी न होने पाए। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आकर इस पुण्य कार्य में अपना योदान उपलब्ध कराएं।

    निराश्रित गोवंश घूमता हुआ न पाया जाए- जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार केे महत्वांकक्षी गो संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में पूरी गंभीरता के साथ गोवंश को संरक्षण उपलब्ध कराते हुए उनके चारे-पानी एवं स्वास्थ्य आदि की निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र एवं ग्राम क्षेत्र के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं कि एक भी निराश्रित गोवंश घूमता हुआ पाया जाए तो तत्काल उसकी सूचना संबंधित नगर निकाय के अधिकारियों ,खण्ड विकास अधिकारी या पशुपालन विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके संरक्षण की समुचित व्यवस्था की जा सके।

    जिले में 2400 गोवंश संरक्षित- मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा0 विजेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में 03 वृहद गो आश्रय स्थल, 12 कान्हा गौशाला, 04 कांजी हाउस व 11 अस्थाई गौशाला केन्द्र सहित कुल 30 गो आश्रय स्थल स्थापित हैं। इनमें कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत 687 गोवंशों को पशुपालकों को व्यक्तिगत रूप से संरक्षण के लिये दिया गया है। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान तथा भूसा संग्रह करने में प्रदेश में नवें स्थान पर है। इस अवसर पर चैक प्रदान करने वाले समाजसेवी धीर सिंह, सुनील शर्मा व देवराज सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

  • रिपोर्ट-नरपाल सिंह

    गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री!

    2. संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक।

    3. आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक।

    4. पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार।

    सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला।

    फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते।

    अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान।

    8. प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

    9. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बावजूद मोटी चमड़ी वालों की ही चलती मर्जी।

    ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट “ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर फॉर एशिया’ के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में भारत अब एशिया में शीर्ष पर है। इस रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 फीसदी लोगों को अपना काम निकलवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। इनमें से 63 फीसदी ने इस डर से कोई शिकायत भी नहीं की क्योंकि इससे उन्हें कहीं बाद में कोई परेशान ना करे। इस रिपोर्ट के अनुसार करीब आधी आबादी अपने संपर्कों या जुगाड़ से काम निकलवाने में भरोसा रखती है। यह भी एक तरह का भ्रष्टाचार ही है और इससे सिस्टम में भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिलता है। भ्रष्टाचार के मामले में भारत और चीन की स्थिति बराबर की रही है, लेकिन जहां चीन ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं पिछले साल की तुलना में भारत की स्थिति और भी बदतर हुई है।

    ताकतवर ही सबसे भ्रष्ट …! हमारे यहां सबसे शक्तिशाली समूह राजनीतिज्ञों का है। भ्रष्टाचार जैसी बीमारी को दूर करने का काम केवल राजनैतिक इच्छाशक्ति से ही हो सकता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर हमारा राजनीतिक सिस्टम इसमें पहल क्यों नहीं करता? इसका जवाब इन आंकड़ों में है : हमारे यहां दागी सांसदों की संख्या जहां 2004 में 43 प्रतिशत थी, वहीं यह 2019 में बढ़कर 43 फीसदी हो गई। इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या सत्ताधारी पार्टी में है। इसी दरमियान बिहार में हुए चुनाव में दागी विधायकों की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 2015 में जहां चुने हुए विधायकों में से 58 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज थे, वहीं 2020 में यह संख्या बढ़कर 68 फीसदी हो गई। हमारे जनप्रतिनिधियों के दागी होने का मतलब यही है कि जब उनका दामन साफ नहीं होगा तो वे भ्रष्टाचार को दूर करने का प्रयास क्यों करेंगे, क्योंकि व्यवस्था में भ्रष्टाचार ही इन्हें अपने कारनामों को ढंकने में मदद करता है।

    तो नागरिक क्या कर सकते हैं? “ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर’ रिपोर्ट कहती हैं कि हमारे यहां 46 फीसदी लोगों ने अपने संपर्कों के जरिए अपने काम करवाए। इनमें से अधिकांश काम छोटे-बड़े नेताओं के जरिए ही करवाए जाते हैं। अगर ये नेता मदद नहीं करते तो उस काम के लिए उन्हें रिश्वत देनी पड़ती। यानी यहां लोगों को यह समझने की जरूरत है कि राजनीतिज्ञ इतने शक्तिशाली हैं कि अगर वे चाहें तो वे पूरे सिस्टम को बदल सकते हैं। अब यह आम नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे नेता ही ऐसे चुनेें जिनकी ईमानदारी और निष्ठा तमाम सवालों से परे हो। अगर राजनीति ईमानदार होगी तो नौकरशाही को अपने आप ईमानदार होना होगा। शीर्ष नौकरशाह जब ईमानदार होंगे तो निचले स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी भ्रष्टाचार करने का साहस नहीं कर पाएंगे। जब नेता ईमानदार होगा, अफसर ईमानदार होंगे, कर्मचारी ईमानदार होंगे तो आम लोगों में भी वे लोग जो अपने गलत काम भी पैसे देकर या जुगाड़ से करवा लेते हैं, उनके लिए यह सबकुछ इतना आसान नहीं रह जाएगा।

    लेकिन यह होगा कैसे? जनता ईमानदार नेता चुनें, यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। इसके लिए हमें कुछ बुनियादी बदलाव करने होंगे। इलेक्टोरल बॉड्स को बंद करके राजनीतिक दलों को होने वाली फंडिंग में पारदर्शिता लानी होगी। आपराधिक रिकॉर्ड वाले लागों को चुनाव का टिकट देने पर रोक लगानी होगी और किसी दागी को टिकट देने पर संबंधित राजनीतिक दल के मुखिया को जिम्मेदार ठहराना होगा। इसके लिए सिविल सोसाइटी का दबाव बनाना होगा और जब भी जरूरत हो, कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी नहीं पीछे नहीं रहना होगा। इसके लिए मीडिया को भी अहम भूमिका निभानी होगी।

    कहां है समस्या? – कुछ साल पहले एक जाने-माने राजनेता ने कहा था कि चुनावी फंडिंग ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी गंगोत्री है। इससे निबटने के लिए सरकार इलेक्टोरल बॉन्ड्स लेकर आई, लेकिन इसने तो चुनावी फंडिंग को और भी अस्पष्ट और अपारदर्शी बना दिया है। दरअसल, हमारे राजनीतिज्ञ राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बिल्कुल नहीं चाहते। यह बात कुछ कारपोरेट्स हाउसेस को भी रास आती है, क्योंकि इससे वे बड़ी आसानी से राजनीतिक दलों को पैसा दे देते हैं और चुनावों के बाद सरकार से बेजा फायदा उठाते हैं। – भ्रष्टाचार से निबटने के लिए हमें प्रभावी सीबीआई, सीवीसी और एंटी करप्शन ब्यूरो चाहिए। …लेकिन इन सभी विभागों का मूल संगठन यानी पुलिस के बारे में आम धारणा यही है कि यह सबसे भ्रष्ट विभाग है। इसलिए हम पुलिस से और प्रकारांतर में इन तमाम संगठनों से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि ये भ्रष्टाचार को मिटाने में कारगर रहेंगे, जब तक कि इनके पीछे राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं होगी। – सरकारी सेवकों को भी जवाबदेह नहीं बनाया गया है। सरकारी शिक्षक स्कूल नहीं जाते हैं या जाते हैं तो पढ़ाते नहीं। डॉक्टर सरकारी हास्पिटल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं जाते। अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिलती। सड़के, जलापूर्ति, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अक्सर खराब मिलती है। और दुर्भाग्य से किसी को भी खराब काम करने या जिम्मेदारी न निभाने पर नौकरी से नहीं निकाला जाता। समस्या यह है कि अच्छा काम करने वाले को पुरस्कार भी नहीं मिलता। तो अच्छा काम करने की प्रेरणा भी नहीं मिलती।

    केरल और बिहार के सबक … एक रिपोर्ट के अनुसर केरल में केवल 10 फीसदी नागरिकों को अपने काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी, जबकि बिहार में 75 फीसदी लोगों को। आखिर ऐसा क्यों है, इसको लेकर तो व्यापक अध्ययन की जरूरत है, लेकिन इसमें कहीं न कहीं शिक्षा और साक्षरता का योगदान तो नजर आता ही है। केरल भारत का सबसे साक्षर प्रदेश है, जबकि बिहार का नाम साक्षरता के मामले में नीचे से शीर्ष के राज्यों में शुमार होता है। त्रिलोचन शास्त्री

    (लेखक आईआईएम बैंगलोर में प्रोफेसर हैं। एडीआर – एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के फाउंडर चेयरमैन भी रहे हैं।)

  • गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक। आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक। सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला। पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार। फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते। अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान। प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

    बिजनौर (रोहित चौधरी)। जिले में ग्राम पंचायतों का विकास कार्यों को लेकर बुरा हाल है। पंचायतों को शासन से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये मिले। ..लेकिन अधिकारी जमीनी हकीकत देखकर हैरान हैं। अधिकारियों को निरीक्षण में गड़बड़ी मिली। इस मामले में कोतवाली ब्लॉक के चार ग्राम विकास अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। ग्राम विकास अधिकारियों पर ड्यूटी से नदारद रहने व विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के आरोप रहे।


    जिले में 11 ब्लॉक हैं, इनमें कोतवाली ब्लॉक सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला ब्लॉक है। इसमें सबसे अधिक 149 ग्राम पंचायत हैं। प्रशासन को कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों में अनियमितताओं की सबसे अधिक शिकायत मिल रही थी। उपनिदेशक पंचायत व डीपीआरओ ने कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों का निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली। पंचायत सचिव ड्यूटी से नदारद थे। गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर मिले। सड़कों व रास्तों में गंदगी फैली थी। दूषित पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई गई। पानी निकासी के नाले व नाली गंदगी से अटे मिले। सचिवालय में कामकाज ठप मिला। सामुदायिक शौचालय में ताले लटके मिले। प्रधानों द्वारा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं लेने के आरोप लगे। इस बिना पर कोतवाली ब्लॉक के चार पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया। गांवों में ये हुए हैं विकास कार्य
    ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों का जीर्णोद्धार हुआ। जहां पंचायत घर नहीं थे वहां नए पंचायत घर बने। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री की ग्राम सचिवालय मॉडल योजना में सचिवालय बने। बरसाती व घरेलू पानी की निकासी के लिए नाले व नाली बने। सीसी रोड बनीं। अंत्येष्टि स्थल बने। उपनिदेशक पंचायत पंचायतों के निरीक्षण में यह देखकर हैरान रह गए कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों की धनराशि आवंटित होने के बाद भी जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। निर्माण आधे अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने उपनिदेशक व डीपीआरओ के समक्ष आरोप लगाए कि सफाई कर्मचारी प्रधानों का निजी काम करते हैं। सफाई के लिए कहने पर बदसलूकी करते हैं। सचिव उनकी बात नहीं सुनते।ये ग्राम विकास अधिकारी हुए निलंबित
    जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार निरीक्षण आख्या के आधार पर ग्राम पंचायत खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव प्रियंका राजपूत, ग्राम पंचायत कनकपुर व फाजलपुर भारु में तैनात ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव काकेंद्र कुमार सिंह, ग्राम पंचायत नूर अलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी/सचिव कमलकांत पाल, तथा ग्राम पंचायत महमूदपुर भांवता में नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी/सचिव नंदराम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

    अब तक एक दर्जन से अधिक कर्मचारी हुए निलंबित
    डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर पंचायतों की जमीनी हकीकत परखी जा रही है। पंचायतीराज विभाग के जिला व मंडल अधिकारी लगातार पंचायतों में विकास कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। जांच में खूब अनियमितता सामने आ रही हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार अब तक एक दर्जन से अधिक पंचायत सचिव व सफाई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। आठ सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में रुचि नहीं लेने पर ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।

    दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि, रोकी वेतनवृद्धि
    कोतवाली ब्लॉक में एक और ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव की अनियमितताओं के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन वृद्धि रोक दी है। जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने बताया कि कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरपुर बरखेड़ा में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव विवेक देशवाल को उपनिदेशक की जांच में अनियमितता मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी है। डीडीओ के मुताबिक पंचायत में पंचायत घर का निर्माण दिसंबर 2021 से शुरू हुआ। जांच में अधूरा मिला। इसी तरह की अन्य अनियमितताएं मिली हैं।

  • लखनऊ। अंतिम दिन भागवत कथा सुनने का महत्व इतना है कि भागवत प्रेमी भक्त अगर श्रद्वा से उसे आखिरी दिन ही सुन लें, तो पूरे सप्ताह कथा सुनने के बराबर पुण्य अर्जित हो जाता है। यह संदेश कन्नौज की पूज्य सुधा दीदी ने कथा के अंतिम दिन काकोरी के गुरुदीनखेड़ा गांव में उन्नाव सांसद महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी डॉ साक्षीजी महराज के जिला प्रतिनिधि प्रेमचन्द लोधी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित श्राद्वालुओं को दिया। समापन पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद चखा।

    सुधा दीदी ने हरि अंनन्त हरि कथा अनन्ता की उक्ति सामने रखते हुए कहा कि गोविंद की यह भागवत कथा बगैर गोविंद के, बगैर राधारानी की अनुकम्पा के न तो कही जा सकती है और न ही सुनी जा सकती है। रुक्मिणी विवाह से आगे गोविंद के प्रथम पुत्र प्रद्युम्न की कथा कहते हुए कहा कि प्रद्युम्न को साक्षात कामदेव का रूप बताते हुए कहा कि हमें इस मानव तन पर तनिक भी घमण्ड नहीं करना चाहिए। यह तन भी उन्ही गोविंद का है और उन्हीं की कृपा से संचालित होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत भी कामदेव अर्थात महादेव की समाधि की भाषा में लिखा गया है। शिशुपाल वध की चर्चा करते हुए कहा कि गोविंद पर भरोसा करो तो पूरा करो, वही तुम्हारी नइया पार लगा सकते हैं और सिर्फ प्रभु पर ही नही, अपने आराध्य पर ही नहीं, जिस किसी पर भरोसा करो तो पूरा करो, तभी काज सफल होंगें। इसी तरह गोविंद से प्रेम करो या किसी और से करो, पूरे सच्चे मन से करो, तभी प्रेम को पाओगे। कथा समापन से पहले केशरी राव धारा सिंह यादव, प्रेमचन्द लोधी, कमलेश लोधी, राम सिंह लोधी, लवकुश यादव, ज्ञान सिंह, सत्यपाल सिंह आदि ने आरती उतारी। इससे पहले पूर्णाहुति देकर हवन किया गया। बाद में विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ, जिसमें  हजारों भक्तगणों ने प्रसाद चख कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

  • बिजनौर। डीएवी इंटर कालेज के प्रिंसिपल से कथित मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। कालेज के शिक्षक एवं अन्य स्टाफ ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर कालेज प्रधानाचार्य डा. मनोज कुमार गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए। स्टाफ के लोगों ने पत्रकारों को बताया कि प्रिंसिपल  स्टाफ को आएदिन गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। कालेज शिक्षक इनके व्यवहार से बुरी तरह से तंग आ चुके हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक से इनके यहां से स्थानान्तरण की मांग की गई है।

    पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के कृत्यों से कालेज की छवि लगातार खराब हो रही है। लिपिक शरद शर्मा को इन्होंने जान से मारने की नीयत से गला घोंटने का प्रयास किया। आएदिन थाने जाकर झूठी तहरीर देते रहते हैं। शिक्षक विशाल वत्स व राजेन्द्र सिंह ने भी प्रधानाचार्य पर अभद्रता व मारपीट का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया कि वह कर्मचारी दुष्यन्त कुमार से घर पर निजि कार्य कराते रहे और जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो उसका वेतन नहीं दिया। इस मामले में उपप्रबन्धक ने उनसे कहा तो अपने एक साथी से मिलकर उपप्रबन्धक पर हमला कर दिया और कुछ दलाल टाइप के लोगों को साथ लेकर थाने पहुंच गए जहां उल्टे उनके खिलाफ ही झूठी तहरीर दे दी। कालेज स्टाफ ने एक स्वर में प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह, राजबाला देवी, चन्द्र सिंह, लोकेश कुमार, मंजू रानी, खलेश कुमार शर्मा, अरूण कुमार गर्ग, नीरज कुमार शर्मा, अमित, शरद शर्मा, लेखराज सिंह, राजेन्द्र कुमार, सोमपाल सिंह, अनीता रानी, राजवीर सिंह, दिनेश शर्मा, शैलेन्द्र कुमार शर्मा, आसिफ अहमद खां, अशोक कुमार, राहुल कुमार आदि स्टाफ मौजूद रहे। वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य का भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका। गौरतलब है कि दो डिम पूर्व कालेज में कथित रूप से प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के ऊपर हमले की घटना हुई थी।

  • बिजनौर। बिजली विभाग के भी खेल निराले हैं। बिजली चोरी जैसे मामले तो आम बात हो गई है; जालसाजी के तो ऐसे-ऐसे मामले भरे पड़े हैं जो पता चल जाएं तो सिर घूम जाए। ऐसा ही एक मामला है जो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत, लापरवाही और अकर्मण्यता की पोल खोलता है।

    दअरसल दो भाइयों ने 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

    जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों लोगों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन लगवा लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

    इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

    वहीं 17 मई 2018 को अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन, किस से और कब करेगा? 

    दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस– दरअसल उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

    बहुत ही गंभीर मामला है। वह अधिशासी अभियंता को इस मामले में यथोचित कार्रवाई के लिये निर्देशित कर रहे हैं। यदि  इतने वर्ष से अवैध रूप से दोनों कनेक्शन संचालित हो रहे हैं तो इसमें संलिप्त विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच व कार्रवाई की जाएगी। शासकीय धन की वसूली के लिए भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। –नंदलाल, अधीक्षण अभियंता।

  • आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत लगाया बिना दवाई के उपचार को प्राकृतिक चिकित्सा शिविर

    बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत योगी अनंत एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड पर आरोग्य भारती इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन भारत स्वाभिमान द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

    शिविर में राम सिंह पाल जिला प्रभारी पतंजलि इंटरनेशनल, नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन इकाई बिजनौर के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, सेवा भारती के जिला मंत्री ओपी शर्मा द्वारा यज्ञ किया गया। उसके पश्चात उनका प्राकृतिक उपचार, मिट्टी चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन व जल चिकित्सा द्वारा रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया गया। शिविर में मिथलेश मुरादाबाद, सुमालखेड़ी से बलवंत, रूकनपुर नंगला से प्रीति, योगेंद्र सिंह डिंडोली, मुरादाबाद से नकुल विकुल बिजनौर से भुवनेश्वरी, गंगा बैराज से चंचल, राहुल, नमन पाल, अंजू, इकराम, नजीबाबाद से पुष्पा आदिअन्य लोगों ने नि:शुल्क उपचार कराया।

    प्राकृतिक उपचार चिकित्सक ओपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह योगी, अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान के अध्यक्ष योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनीता, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह एडवोकेट, संरक्षक एसके बबली, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग ने शिविर में प्रतिभाग किया। आयोजकों ने बताया कि सभी संगठनों का उद्देश्य रोगियों को बिना दवाई के स्वस्थ करना है।

  • व्यापारियों ने किया एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत। डीएम एसपी ने व्यापारियों से मांगे जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से जैन धर्मशाला में आयोजित हुआ कार्यक्रम।

    बिजनौर। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से व्यापारियों ने जैन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया। व्यापारियों ने जिले में अच्छी कानून व्यवस्था की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने सभी व्यापारियों से जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से रजनीश अग्रवाल, मनोज कुच्छल, मुनीष त्यागी, बीएस राजपूत, दिलशाद खान, डॉ. उस्मानी, दीपक अरोड़ा, सौरभ सिंघल, गुलाम साबिर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला कोषाध्यक्ष बीएस राजपूत ने किया।

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। कुतुब मीनार को लेकर छिड़े विवाद के बीच ऐतिहासिक परिसर में खुदाई की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए। एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा। इसके बाद ASI संस्कृति मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

    संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है। लिहाजा कुतुब मीनार के साउथ में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है। बता दें कि कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई का काम किया जाएगा।

    कुतुब मीनार परिसर में खुदाई के निर्णय से पहले संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की टीम के साथ निरीक्षण किया। इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे। इस मामले में ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है।

    ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुब मीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है। इसके अलावा कई रिसर्च भी पेंडिंग हैं, जिसकी वजह से ये फैसला लिया गया है।

    विष्णु स्तम्भ नाम देने की मांग- कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग भी हाल ही में की गई थी। इसके बाद वहां हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। हिंदू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ करने की मांग की थी। हिंदू संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा था कि मुगलों ने हमसे इसे छीना था। इसे लेकर हम अपनी मांगों को रख रहे हैं। हमारी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ किया जाए।

  • दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, भारी बारिश का अलर्ट

    नई दिल्ली (एजेंसी)। रोजाना बढ़ती गर्मी के कहर से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसी बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से पारा नियंत्रण में रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, धूल भरी आंधी आ सकती है या 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मानसून पूर्व बारिश में तेजी आ सकती है और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

    मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण म्यांमार और उससे सटे उत्तर पश्चिमी थाईलैंड पर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर भी है और यह आज पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

    हिमाचल, दक्षिण-पश्चिम UP और उत्तर पूर्व MP में लू! स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल, बिहार के पूर्वी हिस्सों, सिक्किम और पश्चिमी असम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान, मेघालय, असम के पश्चिमी हिस्सों, सिक्किम, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

    यहां हल्की बारिश संभव- बाकी पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, पश्चिमी हिमालय, लक्षद्वीप और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

    हवा चली 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में शनिवार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज हवा चलने और बारिश होने के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में दीवार के ढह जाने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नदिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यहां काल बैसाखी के दौरान रवींद्र सरोवर झील में एक नौका के पलट जाने से दो लड़कों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद अहमद खान ने बताया कि कोलकाता में तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

  • पेंड्रा की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक ने जीती निबंध प्रतियोगिता
    -अमेरिका वर्ग से अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रहीं
    -भारत वर्ग से रायबरेली की आद्या गुप्ता दूसरे और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं
    -7 बच्चों के निबंध सांत्वना पुरस्कार के रुप में चुने गए
    -अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की विजेता बच्चों के नामों की घोषणा
    -मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ कृपाशंकर चौबे ने समिति के प्रयासों की सराहना की

    नई दिल्ली आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रूप से 12 से 18 वर्ष के बच्चों की आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक अग्रवाल विजेता रहे।

    मैकल नामदेव को पुरस्कार में प्रमाणपत्र के साथ 21 सौ रुपए और ऋत्विक को 50 डालर दिए जाएंगे। इसी तरह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे विजेता बच्चों को भी प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित सभी निबंधों को ‘आचार्य पथ’ स्मारिका में भी स्थान देने का ऐलान किया गया।

    विजेता बच्चों के नामों की घोषणा रविवार को आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की। करतल ध्वनि से सभी विजेता बच्चों को बधाई दी गई। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अमेरिका वर्ग से ऋत्विक अग्रवाल प्रथम और अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रही। भारत वर्ग से मैंकल नामदेव प्रथम, आद्या गुप्ता द्वितीय और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं। तमिलनाडु की प्रतिभागी संजना एच, कात्यायनी त्रिवेदी, हिमांशी सिंह, गुनगुन मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, शान्तनु पांडेय और पंकज कुमार के निबंध भी सराहे गए। सभी को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की गई। विजेता बच्चों ने अपने-अपने निबंध भी पढ़कर सुनाए।

    पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृपा शंकर चौबे ने सभी विजेता बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जब हिंदी की विभिन्न विधाओं पर संकट गहरा रहा है ऐसे समय में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। बच्चे के अंदर एक रचना छुपी होती है और उस रचना को निखारने एवं सामने लाने का अवसर देना निहायत जरूरी है।

    समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी प्रतिभागी बच्चों के साथ- साथ कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल की सदस्य प्रोफेसर नीलू गुप्ता (अमेरिका), डॉ. पद्मावती (चेन्नई), डॉ भारती सिंह (नोएडा), अनुपम परिहार (प्रयागराज), डॉ. सुमन फुलारा (उत्तराखंड) और बद्री दत्त मिश्र (रायबरेली) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को बचाने और बढ़ाने के लिए भारत के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बच्चों को मातृभाषा से जोड़े रखने के ही यह छोटे-छोटे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत से करीब 122 निबंध प्राप्त हुए।

    भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कहा कि हिंदी को नया व्याकरण और भाषा देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के योगदान को आज सभी स्वीकार कर रहे हैं। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने में समाज जागृत हो चुका है लेकिन सरकार का जागृत होना बाकी है।

    आभार ज्ञापित करते हुए समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने कहा कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का यह 25वां वर्ष है। सभी के प्रयासों और सहयोग से आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार तक पहुंचने में सफल हुई हैं। भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया।

    कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी इकाई की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने किया और अमेरिका की शोनाली श्रीवास्तव ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में अमेरिकी इकाई की सदस्य डॉ कुसुम नैपसिक, श्रीमती ममता त्रिपाठी, गणेश दत्त, सुश्री नीलम सिंह, श्रीमती संगीता द्विवेदी, सुधीर द्विवेदी, करुणा शंकर मिश्रा, अभिषेक द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

  • पेट्रोल 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता, अब सिलेंडर पर 9 करोड़ लाभार्थियों को केंद्र सरकार देगी सब्‍सिडी

    नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में आठ रुपये तथा डीजल में छह रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि इस कटौती के कारण पेट्रोल के दाम साढ़े नौ रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम सात रुपये प्रति लीटर घट जायेंगे। उन्होंने ट्वीटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती किये जाने से सरकार को हर साल करीब एक लाख करोड़ रुपये राजस्व हानि होगी।

    Petrol-Diesel Price Today: आज के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें जारी, जानें  आपके शहर में क्या है रेट | TV9 Bharatvarsh

    उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज मुश्किल दौर से गुजर रही है। पूरी दुनिया कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर ही रही थी कि यूक्रेन में जारी युद्ध ने आपूर्ति बाधा की समस्यायें पैदा कर दीं। इसकी वजह से कई चीजों की किल्लत हो गई। इससे महंगाई बढ़ रही है और कई देशों में आर्थिक संकट के हालात पैदा हो गये हैं। सीतारमण ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत न रहे। यहां तक कि कुछ विकसित देश भी आपूर्ति बाधा और वस्तुओं की कमी से बच नहीं पाये हैं।

    उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने कहा, मैं सभी राज्य सरकारों से कहूंगी कि वे भी इसी तरह की कटौती करें और आम लोगों को राहत दें। यह आग्रह उन राज्यों के लिए खासकर है, जिन्होंने नवंबर 2021 के दौरान उत्पाद शुल्क में की गई कटौती के साथ कर में कटौती नहीं की थी। केंद्र सरकार ने साथ ही प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस साल 12 गैस सिलेंडर तक प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है। सीतारमण ने कहा कि इससे हमारी मां और बहनों को मदद मिलेगी। इससे राजस्व में 6,100 करोड़ रुपये की कमी आयेगी। केंद्र सरकार साथ ही प्लास्टिक उत्पादों के कच्चे माल पर भी उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी।

  • एनआइए अफसर व उनकी पत्नी की हत्या केस में मुख्य आरोपी मुनीर और  रैयान को फाँसी की सज़ा।  एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन ने सुनाई सज़ा। दोनों को फांसी की सजा का एलान। तंजीम,जेनी और रिजवान को किया गया बरी। मुख्य आरोपी मुनीर और रेयान ने गोली बरसाकर उतारा था एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना को मौत के घाट। 2/3 अप्रैल 2016 की घटना।

    बिजनौर। न्यायालय द्वारा एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद हत्याकाण्ड के मुख्य अभियुक्त/गैंगस्टर मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दण्डित किया गया है। तंजील अहमद पठानकोट आतंकी हमले की जांच टीम का हिस्सा थे। गत दिवस अदालत ने तीन आरोपितों को केस से बरी कर दिया था, जबकि मुनीर और उसके साथी रैय्यान को दोष करार दिया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुनहगारों को कोर्ट लाया गया था।

    गौरतलब है कि दिनांक 02/03 अप्रैल 2016 को एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की मुनीर तथा उसके साथियों द्वारा हत्या कर दी गयी थी। दिनांक 16 अप्रैल 2022 को इस अभियोग से सम्बन्धित गैंगस्टर एक्ट में न्यायालय द्वारा अभियुक्त मुनीर को 10 वर्ष के कारावास व 01 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया था। पुलिस उपाधीक्षक एवं उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के उपरान्त आज एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन द्वारा मुख्य अभियुक्त मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दंडित किया गया। मुनीर अन्तर्राज्यीय गैंग का गैंग लीडर (गैंग कोड सं–आईएस 32/21) तथा हिस्ट्रीशीटर है। मुनीर के खिलाफ विभिन्न जनपदों/राज्यों में कुल 33 अभियोग पंजीकृत हैं तथा शासन द्वारा चिन्हित राज्य स्तरीय आपराधिक माफिया घोषित है। अभियुक्तों की सजा से शासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आम लोगों का विश्वास उत्पन्न हुआ है तथा अपराधियों में भय का माहौल व्याप्त हुआ है।

    लेनदेन का था विवाद

    विवेचना के दौरान पता चला कि पारिवारिक प्रॉपर्टी में रुपयों के लेनदेन को लेकर मुनीर का एनआइए अफसर तंजील अहमद के साथ विवाद चल रहा था। मुनीर को संदेह था कि एनआइए अफसर उसकी मुखबिरी कर रहे हैं। इसे लेकर मुनीर ने अपने साथी रैयान, तंजीम, मोहम्मद जैनी और रिजवान के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थी। इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने निर्णय सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने मुख्य आरोपित मुनीर और रैयान को दोषी पाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित तंजीम, रिजवान और मोहम्मद जैनी को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

    अप्रैल 2016 की वारदात- अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद उर्फ अभिनव जंघाला के अनुसार एक-दो अप्रैल 2016 की रात एनआइए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर उस समय जानलेवा हमला किया गया, जब वह स्योहारा में एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। हमले में एनआइए अफसर तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी फरजाना की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई थी। उनके दो बच्चे हमले के दौरान बच गए थे।

    बचाव पक्ष की ओर से तर्क– बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने आरोपित मुनीर और रैयान को आर्म्स एक्ट सहित एक अन्य मामले में भी बरी कर दिया है। मुनीर और रैयान को हत्या का दोषी पाया है। उन्होंने दावा किया कि मुनीर और रैयान की तंजील अहमद से किसी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। एनआइए अफसर तंजील अहमद आतंकवादी तथा अन्य गंभीर मामलों की जांच करते थे, ऐसी संभावना है कि उक्त घटना को किसी अन्य व्यक्ति ने अंजाम दिया।

  • लखनऊ। साहित्य प्रोत्साहन संस्थान मनकापुर गोंडा के तत्वावधान एवं सुनील त्रिपाठी के संयोजन में स्थानीय डिप्लोमा इंजीनियर्स सभागार हजरतगंज लखनऊ में कवि व गीतकार राहुल द्विवेदी ‘स्मित’ एवं कवि चन्द्रगत भारती की काव्य कृतियों ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण किया गया।

    लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न इस लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि कार्यक्रम अधिशासी दूरदर्शन ओबी भट्टाचार्य, विशिष्ट अतिथि डॉ० सुशील कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी, आकाशवाणी लखनऊ एवं संपादक सांध्य दैनिक ‘पब्लिक इमोशन’ बिजनौर डॉ पंकज भारद्वाज तथा मुख्य वक्ता वरिष्ठ नवगीतकार मधुकर अस्थाना, अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना एवं वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल ‘राज’ ने मंच को सुशोभित किया।

    कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीपक प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात दोनों पुस्तकों का लोकार्पण संस्था के संस्थापक सचिव धीरज श्रीवास्तव एवं मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। लोकार्पित कृतियों पर अपने विचार रखते हुए मुख्य वक्ता मधुकर अस्थाना ने कहा कि पुनः युधिष्ठिर छला गया है; गीतकृति अपने शीर्षक से ही प्रतीक और व्यंजना की छाप छोड़ने लगती है, जिससे स्पष्ट होता है कि कवि की वाणी में पूरे  समाज की अन्तरात्मा की अभिव्यक्ति हो रही है और उनके गीत जीवन मूल्यों की प्रतिस्थापना हेतु प्रयत्नशील दिखाई देते हैं।

    मुख्य अतिथि ओबी भट्टाचार्य ने राहुल द्विवेदी को उनकी पुस्तक के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस पुस्तक में कल्पना, संवेदना, यथार्थ की अनुभूति और संघर्ष की अभिव्यक्ति के संग लेखनी के तारतम्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। युवा कवि राहुल द्विवेदी स्मित एवं चन्द्रगत भारती में छुपी क्षमता को उनकी पुस्तकें स्वत‍: ही प्रकाशित करती हैं। डॉ० सुशील कुमार राय ने दोनों कृतिकारों को उनकी पुस्तकों हेतु बधाई दी साथ ही पुस्तकों को समय की शिला पर अंकित पृष्ठों का संकलन कहा।

    डॉ० पंकज भारद्वाज ने कहा कि ‘पुनः युधिष्ठिर छला गया है’ कृति के प्रत्येक गीत मानवीय चेतना को जगाने में सफल होंगे।चन्द्रगत भारती की पुस्तक ‘मेंहदी रचे हाथ’ पर वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल राज ने कहा कि विपुल संवेदनाओं के धनी गीतकवि चन्द्रगत भारती हिन्दी साहित्य की रत्नमाला के आकर्षक व्यक्तित्व हैं। उनके गीत संग्रह ‘मेंहदी रचे हाथ’ में कोमल हृदय की भाव-तरलता के साथ-साथ युगीन बोध की सघनता पाठकों के हृदय को सहज ही मोह लेती है।

    अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अष्ठाना ने कहा कि राहुल द्विवेदी स्मित के गीतों में गहरी संवेदना की प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो हरिशंकर मिश्र ने कहा कि अरसा बाद एक विशुद्ध साहित्यिक कार्यक्रम में गीतों पर हुई चर्चा का विस्तृत स्वरूप देख रहा हूँ।दोनों पुस्तकें अपने कलेवर और रचनात्मक गुणवत्ता से पाठक को आकर्षित करती है।

    कार्यक्रम के दूसरे सत्र में शिक्षा, साहित्य एवं पत्रकारिता से जुड़ी ग्यारह हस्तियों को उनके अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ साहित्यकार कमलेश मौर्य मृदु, साहित्य भूषण शिवकांत मिश्र विद्रोही, डॉ अजय प्रसून, केवल प्रसाद सत्यम, रामानन्द सागर, डॉ सीके मिश्र, शालिनी सिंह, मनोज मानव, केदारनाथ शुक्ल, करन सिंह परिहार रहे। समारोह के प्रथम चरण का संचालन नवगीतकार अवनीश त्रिपाठी ने तथा द्वितीय चरण का संचालन ओज कवि उमाकांत पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का समापन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल के कृतज्ञता ज्ञापन से हुआ।

    कार्यक्रम में सुनील त्रिपाठी, नरेंद्र भूषण, मनोज मानव, साहित्य भूषण कमलेश मौर्य ‘मृदु’, डॉ अजय प्रसून, केदारनाथ शुक्ल, केवल प्रसाद सत्यम, करन सिंह परिहार, कुलदीप बृजवासी, साहित्य भूषण शिवाकांत मिश्र विद्रोही, मंजुल मिश्र मंजर ,  मुकेश कुमार मिश्र, हितेश शर्मा ‘पथिक’, धीरज मिश्रा, राजाभैया गुप्ता ‘राजाभ’, ज्ञान प्रकाश ‘आकुल’, ओमप्रकाश शर्मा, आत्मप्रकाश मिश्र, पुनीता देवी, रेनू सिंह, श्रीमती प्रमिला, रियाज अहमद, अलका अस्थाना, अनुज ‘अब्र’, कमल किशोर भावुक, प्रतिभा गुप्ता, शुभदा बाजपेई ,योगी योगेश शुक्ल, निशा सिंह, महेश प्रकाश अष्ठाना,आदि नगर के अनेक साहित्यिक संस्था-प्रमुखों, कवियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही।


  • आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह 22 मई 2022 रविवार को भारतीय समय के अनुसार सुबह 8:00 बजे ऑनलाइन आयोजित किया गया है।
    समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रमाकांत कुमार (चांसरी प्रमुख, भारतीय कौंसलावास सैनफ्रांसिस्को-अमेरिका) और डॉ. कृपा शंकर चौबे (अध्यक्ष-जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा-महाराष्ट्र) निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले भारत और अमेरिका के बच्चों को आशीर्वाद एवं पुरस्कार प्रदान करेंगे।
    पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह का लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी फेसबुक पेज पर भी किया जाएगा। आपकी उपस्थिति हम सबका उत्साहवर्धन करेगी।
    यह जानकारी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की श्रीमती मंजु मिश्रा अध्यक्ष अमेरिका इकाई एवं विनोद शुक्ल अध्यक्ष भारत इकाई ने संयुक्त रूप से दी।

  • कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल और बिस्किटजिला कार्यालय पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि। कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

    बिजनौर। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये। वहीं जिला कांग्रेस कार्यालय पर स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

    भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री संचार क्रांति के निर्माता स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर कांग्रेस जनों ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के साथ ही मरीज़ों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये गए।

    इससे पहले जिला कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान ने तथा संचालन जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी ने किया। कांग्रेस जनों ने स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने स्व. राजीव जी को कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
    इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, बाबू डूंगर सिंह, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मोनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, श्रीमती मीनाक्षी सिंह, हुकुम सिंह, इकबाल अहमद, वीरेश गहलोत, काज़ी आतिफ, यश गोयल, एड. ज़फ़र मलिक, अब्दुल समद आज़ाद, पदम् सिंह, विमल शर्मा, हीरा देवी, कविता, वसीम अहमद, आमोद शर्मा, मो. राशिद आदि मौजूद रहे।

  • बिजनौर। ग्राम पंचायतों में सचिवालय और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर चार ग्राम विकास अधिकारी निलम्बित कर दिए गए हैं। उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद एवं डीपीआरओ सतीश कुमार के निरीक्षण में मिली लापरवाही के आधार पर जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने कार्रवाई की है।

    गौरतलब है कि उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद मंडल एसके सिंह व डीपीआरओ सतीश कुमार ने कोतवाली ब्लॉक की करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। इस दौरान पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही मिली थी। लापरवाही बरतने पर महमूदपुर भावता के ग्राम विकास अधिकारी नंदराम सिंह, ग्राम पंचायत कनकपुर और फजलपुर भारू के ग्राम विकास अधिकारी काकेंद्र कुमार, खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका राजपूत व नूरअलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी कमलकांत पाल को निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत महमूदपुर भावता में शौचालय का निर्माण चार माह से किया जा रहा था, जबकि यह काम केवल दो माह में होना था। आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प का काम भी अधूरा पाया गया। कनकपुर के निरीक्षण में पंचायत भवन का निर्माण कार्य दो-तीन माह से बंद था। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में किए जा रहे निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    अलग अलग ब्लॉकों से संबद्ध- निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

    मई पड़ा भारी- माह मई के पहले हफ्ते में नजीबाबाद के एक मसाज सेंटर से आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद जेल पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित डबास का निलंबन हो चुका है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव सिकरेडा निवासी मोहित ग्राम पंचायत अधिकारी है और किरतपुर ब्लाक में तैनात है।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण के क्रम में शुक्रवार को डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग साढ़े 16 करोड़ रुपए की एक्सपायरी दवाईंयां मिलीं। इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर संबंधित से रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

    गौरतलब है कि डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अस्पतालों में मिल रही अव्यवस्थाओं पर वो जिम्मेदारों को फटकार लगा रहे हैं। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा है कि, ‘उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन, गोदाम पहुंचकर वहां मानक अनुरूप दवाइयों की उपलब्धता व सप्लाई रिपोर्ट का औचक निरीक्षण कर प्रथम दृष्टया 16,40,33,033 रुपये की एक्सपायरी दवाएं पाई गईं। इसकी जांच हेतु समिति को जांच रिपोर्ट 3 दिनों में प्रस्तुत करने संबंधी आदेश दे दिए गए हैं।’

    विदित हो कि, इससे पहले लोहिया अस्पताल में डिप्टी सीएम ने छापेमारी की थी, जहां पर लाखों रुपये की एक्सपायरी डेट की दवाईंया मिलीं थीं, जिसमें उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

  • बिजनौर। अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन बरेली राजकुमार व पुलिस उपाधीक्षक हृदय शंकर उपाध्याय द्वारा पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं / कार्यालयों का भ्रमण / निरीक्षण किया गया। कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रचलित अभिलेखों के रखरखाव / अभिलेखों को अद्यावधिक किये जाने, साफ-सफाई आदि के सम्बन्ध में दिशा निर्देश दिये। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर / ग्रामीण तथा अन्य अधिकारीगण/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

    अपर पुलिस महानिदेशक राजकुमार, बरेली जोन के जनपद बिजनौर पहुंचने पर रिजर्व पुलिस लाइन्स के अतिथि गृह में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के टर्न आउट ड्रिल आदि का भी निरीक्षण किया तथा जवानों को चुस्त दुरुस्त व शारीरक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिये परेड को दौड़ लगवाई। परेड में एकरूपता में अनुशासन बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल करवाई। एडीजी ने ड्रिल देखकर उसे और बेहतर तरीके से कराने के लिए प्रभारी पुलिस लाइन को निर्देशित किया। तत्पश्चात एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन में क्वाटर गार्ड, शस्त्रागार, पुलिस स्टोर, सीपीसी कैंटीन, पुलिस चिकित्सालय, परिवहन शाखा, पुलिस लाइंस आवासीय परिसर, डायल 112, भोजनालय, शिकायत प्रकोष्ठ समेत विभिन्न कार्यालय के अपराध शाखा, पुलिस पेंशनर्स शाखा, रिकॉर्ड रूम, शाखाओं का निरीक्षण किया। वहां पर अभिलेखों के रख-रखाव एवं साफ सफाई आदि को लेकर दिशा निर्देश दिए। आदि का निरीक्षण भी किया। अभिलेखों का निरीक्षण करने के पश्चात सम्बंधित को दिशानिर्देश दिये।

    पुलिस पेंशनर्स को धन्यवाद- एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स के सभागार कक्ष में पुलिस पेंशनर्स के साथ गोष्ठी की। इस दौरान पुलिस विभाग में उनके योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही उनकी समस्याओं को सुनकर समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित को निर्देशित एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। तत्पश्चात उन्होंने जनपद के जनप्रतिनिधियों के साथ गोष्ठी की तथा उनसे क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

  • …नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार रतिराम जी
    बिजनौर। मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार श्री रतिराम का हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। वह 62 वर्ष के थे। कुछ दिन पूर्व हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर फिसलने से उनका कूल्हा टूट गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह बिजनौर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे। मूल रूप से जनपद बिजनौर की तहसील चांदपुर अंतर्गत ग्राम हल्ला नंगला निवासी श्री रतिराम पुत्र रोहिताश सिंह का जन्म 04 जनवरी 1959 को हुआ था। वर्तमान में वह जिला मुख्यालय बिजनौर में रेलवे क्रॉसिंग के समीप शक्ति नगर में अपने परिवार समेत रह रहे थे। वह जीवन पर्यन्त पत्रकारिता से जुड़े रहे और वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में समाज के लिए कार्य कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों में अपनी लेखनी का कौशल दिखाया। उनके आकस्मिक निधन का समाचार सुनकर पत्रकारिता जगत के अलावा, परिजनों, मित्रों व शुभचिंतकों को यकायक यकीन नहीं हुआ। शोकाकुल माहौल में उनका अंतिम संस्कार गंगा बैराज पर कर दिया गया। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा एक पुत्र व पांच बेटियां छोड़ गए हैं। तीन पुत्रियों का विवाह हो चुका है।

  • लखनऊ (एजेंसी)। 27 महीने बाद शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे सपा नेता आजम खां जेल से रिहा हो गए। इससे पहले ही दोनों बेटे अब्दुल्ला, अदीब आजम और शिवपाल सिंह यादव सीतापुर जेल के बाहर पहुंच गए थे, जो उन्हें लेकर रवाना हो गए। गौरतलब है कि 89वें मामले में उन्हें गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी, लेकिन रिहाई का फरमान जिला कारागार न पहुंच पाने से वह रिहा नहीं हो सके थे।

    पहुंचे पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के घर

    पहले से ही लगाए जा रहे कयास के अनुसार आजम खां जेल से रिहा होकर सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे। अनूप गुप्ता को आजम के सुख दु:ख का साथी माना जाता है। वहीं आजम खां को हिदायत दी गई है कि वह मीडिया आदि से बात न करें, यही वजह रही कि उनकी कार का शीशा नीचे नहीं हुआ और उन्होंने किसी से भी बात नहीं की।

    आजम ने खाए आलू के पराठे
    पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि आजम खां ने नाश्ते में आलू के पराठे खाए। गुप्ता ने ये भी बताया कि अखिलेश यादव ने ही आजम खां का पूरा ध्यान रखने को कहा था। उनके परिवार की हर तरह से मदद करने को कहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी ऐसे में वह मुझे देखने आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या आजम अखिलेश यादव से नाराज हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई नाराजगी नहीं है।

    अब्दुल्ला आजम बोले हमें न्याय मिला

    अब्दुल्ला आजम ने सीतापुर में पत्रकारों से कहा, सुप्रीम कोर्ट ने हमें न्याय दिया। वह पिता को लेने अपने भाई अदीब आजम के साथ सीतापुर पहुंचे हैं।

    चौकस रही जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था

    सपा नेता आजम खान की रिहाई से पहले सीतापुर जिला जेल के बाहर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आजम के बेटे अदीब ने कहा कि मैं शीर्ष अदालत के फैसले से बहुत खुश हूं। हम सीधे रामपुर जाएंगे। वहीं बताया गया है कि आजम की रिहाई के मद्देनजर सपा विधायक आशु मलिक भी सीतापुर जेल पहुंच गए।

  • बिजनौर। अन्तजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, मुरादाबाद के द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर के परेड ग्राउण्ड में किया गयाप्रतियोगिता के प्रथम दिन में हुई प्रतियोगिताओं का विवरण निम्न प्रकार हैः-

    वालीबॉल
    बालीबॉल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व बरेली के बीच खेला गया, जिसमें जनपद बिजनौर की टीम ने 02-00 से विजय प्राप्त की, दूसरा मैच जनपद सम्भल व रामपुर के मध्य खेला गया जिसमें जनपद सम्भल की टीम ने 02-00 से विजय प्राप्त की, तीसरा मैच जनपद अमरोहा व बदायूं के मध्य खेला गया जिसमें जनपद अमरोहा की टीम ने 02-01 से विजय प्राप्त की, चौथा मैच जनपद शाहजहॉपुर व पीलीभीत के मध्य खेला गया जिसमें जनपद पीलीभीत ने 02-00 से विजय प्राप्त की।

    बास्केटवॉल
    बास्केटवॉल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व बदॉयू के बीच में खेला गया, जिसमें जनपद बिजनौर की टीम ने 04-02 से विजय प्राप्त की, दूसरा मैच शाहजहॉपुर व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें रामपुर की टीम ने 08-03 से विजय प्राप्त की, तीसरा मैच पीलीभीत व अमरोहा के बीच खेला गया, जिसमें पीलीभीत की टीम ने 03-02 से विजय प्राप्त की, चौथा मैच बरेली व मुरादाबाद के बीच खेला गया जिसमें मुरादाबाद की टीम ने 05-03 से विजय प्राप्त की एवं पॉचमा मैच सम्भल व पीलीभीत के बीच खेला गया जिसमें सम्भल की टीम ने 15-05 से विजय प्राप्त की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। शुक्रवार 20 मई 2022 को शेष मैच एवं सभी सेमीफाईनल मैच खेले जायेंगे।
    निर्णायक मण्डल में सर्व श्री अशोक कुमार त्यागी, ओमवीर सिंह राणा, दीपक चौधरी, अजीत सिंह, चन्द्रशेखर, मौ0 राशिद, मौ0 युनुस, आदेश दाहिमा, श्रीमती चित्रा चौहान, कुमारी भावना सिह ने अपना सहयोग प्रदान किया एवं आयोजन को सफल बनाया।

    इस अवसर पर सर्वश्री उमेश मिश्र, जिलाधिकारी बिजनौर, डॉ0 धर्मवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक बिजनौर, डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, अपर पुुलिस अधीक्षक नगर/लाइन्स, राम अर्ज अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, कुलदीप कुमार गुप्ता क्षेत्राधिकारी नगर/लाइन्स, शुभ शुचित क्षेत्राधिकारी कार्यालय, सुमित शुक्ला क्षेत्राधिकारी नगीना, भरत सोनकर क्षेत्राधिकारी यातायात, जयवीर सिंह, जिला क्रिडाधिकारी बिजनौर, शिव बालक वर्मा प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन्स बिजनौर आदि उपस्थित रहे।

  • बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 व सडक सुरक्षा जागरुकता अभियान का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा किया गया।

    रिजर्व पुलिस लाइन में शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। उनके द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली गार्द को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात पुलिस लाइन्स के ग्राउण्ड में बरेली जोन, बरेली की दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का उदघाटन किया गया। उक्त प्रतियोगिता में बरेली जोन के सभी 09 जनपदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी प्रतिभागी खिलाडियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया तथा खेल भावना के उददेश्य से खेलने की अपील करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
    तदोपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद श्री माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स को सडक सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। उनको बताया गया कि सड़क पर सभी को अपने बाँये तरफ चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये। चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये। अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये। गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में। सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये। सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो। यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें।

    एनसीसी कैडेट्स की जागरुकता रैली- इसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स के साथ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रैली को रवाना किया गया एवं आमजन मानस को यातायात नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, आरटीओ शिव शंकर, एआरटीओ राकेश मोहन, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, उ0नि0 यातायात बलराम सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


    इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा स्कूली वैन बस एवं एंबुलेंस का फिटनेस चेक कर वाहन से सम्बन्धित जानकारी ली गई तथा सम्बन्धित को इस सम्बन्ध में डाटाबेस बनाकर रखने हेतु निर्देशित किया गया। वाहन स्वामी को बताया गया कि स्कूली वाहनों में सभी मानकों को हमेशा पूरा रखा जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

    ग्राम प्रहरियों को वर्दी किट-
    डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में नगर सर्किल के ग्राम प्रहरियों को जर्सी, साफा, जीन कोट, बेल्ट, जूता, धोती (कुल 06) सामानों का वितरण किया गया। ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग मे एक मजबूत कडी है जो अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखते हैं, जिससे किसी घटना को घटित होने से रोका जा सकता है। उनके द्वारा सभी को समय से सूचना देने व अपने दायित्वों का अच्छी तरह से निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया। सभी ग्राम प्रहरियों को अपनी डयूटी को सतर्कता पूर्वक करने व किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने हेतु बताया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में आयोजित नेत्र शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में वाहन चालक अपनी ऑखों का इलाज, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की जाँच करा रहे थे। डीआईजी द्वारा सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय किसी भी नशे का सेवन न करने हेतु बताया गया तथा सभी को समय-समय पर अपनी जाँच कराने हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ व अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहे।

    GGIC में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई- उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पहुंच कर स्कूलों के बच्चों के साथ सडक सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई तथा सभी को सडक सुरक्षा में जागरुक करते हुए बताया गया कि

    1- ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ समझना ।
    2- रुको, देखो फिर सड़क पार करो ।
    3- ध्वनि पर ध्यान दें ।
    4- सड़क पर दौड़ें नहीं ।
    5- फुटपाथ का उपयोग करें ।
    6- पेडेस्ट्रियन से करें सड़क पार ।
    7- वाहन के बाहर हाथ न निकालें ।
    8- मोड़ से सड़क पार न करें ।
    9- ड्राइविंग के नियमों का पालन करे ।
    10- चलते वाहन में सुरक्षित बैठना ।
    11- वाहन के रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना ।
    12- हमेशा किनारे पर ही उतरें ।
    13- स्कूल बस का इस्तेमाल हमेशा लाइन में रहकर करें ।
    14- उतरने वाले यात्रियों को पहले अवसर दें ।
    15- हाथ का इशारा दें ।

    इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।


  • आखिर उत्तर प्रदेश के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक शीर्ष स्तर पर नौकरशाही की लाबिंग के भंवर में फंसकर प्रतिशोध की भेंट चढ़ ही गये। हालांकि उनसे पहले और डीजीपी भी रहे हैं जो कार्यकाल के पहले चलते किये गये हैं लेकिन किसी को इतने बेआबरू अंदाज का सामना नहीं करना पड़ा। मुकुल गोयल के बारे में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि वे निकम्मे, विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के रूप में प्रदर्शित रहे हैं। उनकी शराफत के कायल प्रदेश पुलिस के अधिकांश उच्चाधिकारी शासन की इतनी कठोर टिप्पणी से अवाक हैं और उन पर लगाये गये इन अतिरंजनापूर्ण आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं।


    अतिरिक्त कार्यभार औपचारिकता मात्र, उन्हें स्थायी डीजीपी मानो-
    फिलहाल उनकी जगह इंटेलीजेंस और विजीलेंस के मुखिया देवेन्द्र सिंह चौहान को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है। जिसे लेकर जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुकुल गोयल को डीजीपी नियुक्त किये जाने के समय से ही उन्हें इस पद पर आसीन कराने को व्यग्र थे। 2020 में उन्हें इसी मकसद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाया गया था। पर तकनीकी बाधाओं के कारण मुख्यमंत्री अपनी इस मंशा को उस समय पूरा नहीं कर सके थे चूंकि प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारियों में वे बहुत निचली पायदान पर थे। अगर मुकुल गोयल को कार्यकाल पूरा कर लेने दिया जाता तो देवेन्द्र सिंह चौहान उनसे लगभग एक साल पहले ही रिटायर हो जाते और डीजीपी बनने की उनकी हसरत दफन होकर रह जाती इसलिए मुकुल गोयल को नाकारा बताकर समय रहते डीजीपी का पद उनसे खाली कराने की कवायद तत्काल पूरी की जाना अब लाजिमी हो गया था।


    विजिलेंस मुखिया की पावर का नमूना श्रीराम अरूण भी थे-
    प्रसंगवश इसका उल्लेख किया जा सकता है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले भी डीजीपी पद तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी अफसर तमाम करिश्मे दिखा चुके हैं जिनमें एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले असीम अरूण के पिता श्रीराम अरूण का नाम भी कभी लिया गया था। श्रीराम अरूण जब एडीजी विजीलेंस थे उस समय उन्होंने भविष्य में डीजीपी पद के दावेदार बनने वाले सारे पुलिस अफसरों की फाइलें खुलवा दी थी ताकि उनके प्रमोशन का लिफाफा डीपीसी में बंद करना पड़ जाये।


    डीएस चौहान को लाने के लिए किस तरह बुना गया तानाबाना-
    देवेन्द्र सिंह चौहान को अभी स्थायी डीजीपी इसलिए नहीं बनाया जा सका है कि वे वरिष्ठता क्रम में अभी भी छठे नम्बर पर हैं। यूपी कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अनिल अग्रवाल केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं इसलिए उन्हें छोड़ भी दिया जाये तो वे पांचवे नम्बर पर रह जाते हैं। अब पांच शीर्ष आईपीएस में विश्वजीत महापात्रा को दो महीने बाद ही रिटायर होना है इसलिए उनको डीजीपी बनाया नहीं जा सकता। इनके अलावा गोपाल लाल मीणा हैं जिनका रिटायरमेंट अगले साल 10 जनवरी को है। जाहिर है कि दो महीने बाद उनका कार्यकाल भी छह महीने से कम बच पायेगा तो वे भी डीजीपी की दावेदारी की दौड़ से बाहर हो जायेंगे और देवेन्द्र सिंह चैहान का नाम टाप 3 में आ जायेगा। तब केन्द्र में उन्हीं के नाम पर मोहर लगवाने की पैरवी राज्य सरकार की ओर से पूरी मजबूती से हो सकेगी इसलिए लोग अभी से मानने लगे हैं कि देवेन्द्र सिंह चैहान कार्यवाहक नहीं बल्कि स्थायी डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद ही इस कुर्सी से अलग होंगे। नतीजतन फिलहाल उनको कार्यवाहक लिखा जाना औपचारिकता मात्र है।


    ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में भी सीएम ने सुपरसीड किये थे आधा दर्जन आईपीएस-
    वैसे सजातीय अधिकारी को इस कुर्सी पर देखने की मुख्यमंत्री की लालसा शुरू से ही इतनी प्रबल रही है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए उन्होंने उनके ऊपर के लगभग आधा दर्जन अधिकारी सुपरसीड कर दिये थे। इसी तरह अपनी सरकार पहली बार गठित होने के बाद जब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी जाबेद अहमद को हटाकर नया डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया तो कार्यकाल कम रह जाने के बावजूद उनकी निगाह सुलखान सिंह पर जाकर टिकी। हालांकि सुलखान सिंह चैबीस कैरेट के ईमानदार अधिकारी रहे हैं और उनके जबरदस्त सादगी भी थी इसलिए लोगों की सहानुभूति भी उनसे जुड़ी थी और स्वाभाविक रूप से इसके कारण उनका नाम बतौर डीजीपी इतिहास में शामिल कराने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी माना था।


    सपा से रिश्ते की बात का बतंगड़-
    पर देवेन्द्र सिंह चैहान को अपने को साबित करने के लिए बड़ी मशक्कत की जरूरत पड़ेगी अन्यथा उनके लिए आरपी सिंह और राजकुमार विश्वकर्मा को सुपरसीड किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पर उंगलियां जरूर उठेंगी जबकि उंगली तो मुकुल गोयल को हटाने के लिए बहुत लचर कारण बताये जाने पर भी उठ रही हैं। अगर उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कभी सपा के खास रहे थे तो इसमें बहुत दम नहीं है। इसके लिए उन्हें अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ बनाये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह बात छुपा ली जाती है कि अखिलेश सरकार ने बीच में ही उनको यहां से शंट करके लूप लाइन में डाल दिया था और बाद में उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाना पड़ा था। इस मामले में तो कोई देवेन्द्र सिंह चैहान का भी नाम ले सकता है क्योंकि मूलतः मैनपुरी जिले के होने के नाते उनके मुलायम सिंह से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं और इस कारण वे परिवार के बुजुर्ग के रूप में मुलायम सिंह से सामाजिक शिष्टाचार निभाने को मजबूर रहते थे जिसे लेकर उनकी कुछ तश्वीरे अखबारों में भी प्रकाशित करा दी गई थी।


    नाकारा बताये गये गोयल नबाजे जा चुके हैं उत्कृष्ट पुलिस सेवा मेडल से-


    जहां तक मुकुल गोयल की कार्यक्षमता का सवाल है उनको राष्ट्रपति के पुलिस पदक और उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से अलंकृत किया जा चुका है। यह भी याद करना होगा कि उन्हीं के कार्यकाल में पहली बार उत्तर प्रदेश में देश भर के पुलिस महानिदेशकों का तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया जो इतना सफल आयोजन माना गया कि दो दिन का समय इसके लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने और एक दिन का समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था। अगर वे विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले होते तो इतना बड़ा कामयाब पुलिस आयोजन कैसे करा पाते।


    गोयल फील्ड पर न जाने के लिए किये गये थे बाध्य-
    उनके फील्ड पर न जाने की बात भी बहुत स्पष्ट है। उनसे पहले हितेश अवस्थी को जब डीजीपी बनाया गया था तो उन्होंने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेस में ही कह दिया था कि डीजीपी का काम जिलों में जाना नहीं है लेकिन उन्हें कभी इस तरह की धारणा के लिए टोकने की जरूरत महसूस नहीं की गई जबकि मुकुल गोयल ने तो पहली मीडिया वार्ता में कहा था कि वे अपने कार्यालय में ही बने रहने की बजाय मानिटरिंग के लिए समय-समय पर बाहर समीक्षा बैठकें करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाये तो अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित रूप से उन्हें इसके लिए ऊपर से रोका गया होगा। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के निरीक्षण के समय व्याप्त गंदगी के आधार पर जब उन्होंने मौके पर ही प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया तो उन्हें नीचा दिखाने के लिए इसके क्रियान्वयन पर न केवल रोक लगा दी गई बल्कि इसे ऐसे प्रचारित किया गया जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर लोगों में संदेह व्याप्त हो जाये और मुख्यमंत्री के मुंह से वीडियों कान्फ्रेसिंग में यह कहला दिया गया कि डीजीपी कार्यालय की थानों में नियुक्ति की संस्तुतियां जिलों के मुखिया मान्य न करें। हालांकि तथ्य यह बताते हैं कि उनके समय थानों की नीलामी का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि योगी के समय ही एक दौर ऐसा था कि ऐसे आरोपों के कारण बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी एन कोलांची और प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अतुल शर्मा आदि को सरकार को निलंबित करना पड़ गया था। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तो अपने पांच समकक्षों द्वारा थाने देने के लिए सौदेबाजी करने के सबूत पैनड्राइव में इकट्ठा करके तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दिये थे। बाद में जब सरकार ने उनके आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की तो उसे ओपी सिंह ने पैनड्राइव देने में लगातार टालमटोल की। बाद में एसआईटी ने देरी से जांच रिपोर्ट सौंपते समय ओपी सिंह की इस अडंगेबाजी को भी वहन किया लेकिन ओपी सिंह को लेकर तरह-तरह की चचार्ये खूब चली बावजूद इसके मुख्यमंत्री का वरदहस्त उन पर बना रहा। यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुकुल गोयल के बारे में जिलों के अधिकारियों को बड़ी शिकायतें थी जबकि मुकुल गोयल उन्हें लगातार जलील किये जाने का एहसास कर लेने के बाद जोन, रेंज और जिलों के पुलिस मुखियाओं से बात तक करने में खुद ही कतराने लगे थे तो उनसे ये लोग तंग कैसे हो सकते थे। इसी तरह उनके द्वारा मीडिया ब्रीफिंग से बचने की बात भी बेमानी है क्योंकि उन्होंने तो पदभार संभालते ही लम्बी ब्रीफिंग की थी। पर आगे उन्हें इसके लिए अपने कदम संभवतः शासन की मंशा के कारण रोक देने पड़े थे।


    गोयल के स्वतः कहीं और शिफ्ट हो जाने का शायद था इंतजार-
    विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कारण जब हर स्तर पर पुलिस में तबादलों की सूची बनाने की कवायद की जाने लगी तो इसके लिए तीन समितियां बनायी गई पर मुकुल गोयल को एक भी समिति में नहीं रखा गया जबकि वे तीनों समितियों के अध्यक्ष होने चाहिए थे। यह भी सभी जानते हैं कि हर डीजीपी तभी सफलतापूर्वक काम कर पाता है जब उसे अपने मुताबिक अपनी टीम बनाने दी जाये लेकिन मुकुल गोयल की स्थिति यह थी कि वे जिन नामों की संस्तुति करते थे उन अधिकारियों को जिलों में पोस्ट करने की बजाय सजा वाले स्थानों पर भेज दिया जाता था। कुल मिलाकर प्रयास यह था कि मुकुल गोयल अपनी उपेक्षा से ऊबकर खुद ही पलायन करने की पेशकश कर दें।


    जो भी हो गोयल के हट जाने से होगा पुलिस व्यवस्था का भला-
    बहरहाल मुकुल गोयल का हट जाना एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि उनके प्रति शासन के रवैये से पुलिस की व्यवस्था डैड मोड में चली गई थी जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा था। भले ही उनके समय सोनभद्र में 11 आदिवासियों की हत्या, कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किये जाने और हाथरस में दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या और उसके शव को घर वालों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा जलबा दिये जाने जैसे सरकार की नाक कटाने वाला एक भी बड़ा कांड सामने नहीं आया। पर यह उनकी खुश किस्मती भर रही वरना जिस तरह से पुलिस व्यवस्था पंगु हो गई थी उसमें बहुत बड़े-बड़े बवाल हो जाने थे। अब मुख्यमंत्री की पसंद के डीजीपी कुर्सी पर बैठ गये हैं तो पुलिस व्यवस्था में यह गतिरोध निश्चित रूप से छटेगा। बशर्ते देवेन्द्र सिंह चैहान प्रभावी ढंग से मोर्चा संभालें। इंटेलीजेंस और विजीलेंस की कमान होने से देवेन्द्र सिंह चैहान को गड़बड़ी करने वाले जिला प्रमुखों की सारी कच्ची पक्की पुख्ता जानकारियां होंगी इसलिए उन्हें सारे दागदार एसएसपी, एसपी जिलों से वापस बुला लेना चाहिए और जिलों के लिए अपनी साफ सुथरी नई टीम बनानी चाहिए। जोन और रेंज के मुखिया मुकुल गोयल के कार्यकाल में शहंशाह बन गये थे जबकि जब तक ये लोग जिलों का लगातार भ्रमण न करते रहें तब तक जिलों में स्थिति ठीक नहीं रह सकती। देवेन्द्र सिंह चैहान को इन पदों के अफसरों को आराम तलबी छोड़कर फील्ड पर जाने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी झांसी मंडल के दौरे में इन्हें लक्ष्य करके चेतावनी जारी की थी। ओपी सिंह की तरह देवेन्द्र सिंह पर भी एसीएस होम को अभी की भांति पुलिस पर हावी बने रहने का अवसर नहीं मिल पायेगा इसलिए वे इस मामले में कारगर कदम आराम से उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अफसरों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों को  भी उन्हें दुरूस्त करना चाहिए जो अभी एकतरफा हैं। रेंकर आईपीएस को जिलों की कमान सौंपने में काफी कंजूसी दिखायी दे रही है जिससे उनमें कुंठा है। तमाम रेंकर अफसर इसके कारण लूप लाइन में ही रिटायर हो जाने के लिए विवश हैं। जिला पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य करने का उन्हें थोड़ा और ज्यादा अवसर दिलाने का अगर देवेन्द्र सिंह चौहान पैरवी कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।


    एसीएस होम के पुलिस पर हावी रहने के दिन भी लदेंगे-
    इस बीच जिला पुलिस प्रमुखों की जबावदेही तय की जाने में व्याप्त संकोच के कारण भी स्थितियां बिगड़ी हैं और पुलिस की निरंकुशता की शिकायतें बढ़ी हैं। नये डीजीपी इसमें कड़ाई करेंगे तो शिकायतें भी कम होगी और जिला पुलिस प्रमुखों के रूप में नई तैनातियां बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा अफसरों को आजमाया जा सकेेगा तो बेहतर पुलिसिंग के लिए ज्यादा विकल्प तैयार होंगे। अगर पुलिस के सम्मुख मौजूद चुनौतियांे के बेहतरीन निदान में देवेन्द्र सिंह चैहान ने अपना करिश्मा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी तो उनकी छवि भी मजबूत होगी और मुख्यमंत्री की भी शानदार छवि स्थापित होगी।  

    केपी सिंह, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

  • सहकारिता विभाग की सख्त कार्रवाई, पांच बकायेदारों को जेल, डेढ़ सौ पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

    बिजनौर। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय से जमा ना करने वाले बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। गुरुवार को ऐसे ही 5 बकायेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यही नहीं जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ भी वसूली ना होने की दशा में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता बिजनौर, डा० प्रदीप कुमार द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी बिजनौर द्वारा सहकारिता विभाग के बड़े बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारन्ट एवं कुर्की आदेश जारी करने के निर्देश जनपद के सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को देते हुए जनपद की सहकारिता विभाग की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिये गए हैं। गिरफ्तारी एवं कुर्की हेतु पुलिस अधीक्षक बिजनौर द्वारा विशेष रूप से 10 सशस्त्र पुलिस जवान सहकारिता विभाग को उपलब्ध करा दिये गये हैं। इसी कार्यवाही के तहत गुरुवार को सहकारिता विभाग द्वारा 3.20 लाख रू० के बकायेदार महेन्द्र पुत्र रामेश्वर, 2.58 लाख रू० के बकायेदार राजवीर पुत्र राजेन्द्र दोनों निवासी- मलकपुर, 3.68 लाख रू0 के बकायेदार मनोज पुत्र बलवन्त निवासी मुकरपुरी, 3.70 लाख के बकायेदार रियाज पुत्र शकील निवासी- सिरवासु चन्द, 1.22 लाख के बकायेदार कृपाल पुत्र सुखवा सिंह, निवासी – अमीनाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। डा० प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तार वारन्ट प्राप्त कर लिये गये हैं, वसूली ना होने की दशा में उन पर भी गिरफ्तारी की कार्यवाही करते हुए इसी प्रकार अन्य बकायेदारों से वसूली की कार्यवाही की जायेगी।

  • बिजनौर। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मुकरपुर गुर्जर में दो गुटों में दिनदहाड़े फायरिंग हो गई। घटना में वहां से गुजर रहा ग्रामीण घायल हो गया। उसे उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मुकरपुर गुर्जर में कुछ लोगों द्वारा की गई दिनदहाड़े फायरिंग में उलेढ़ा निवासी जयपाल पुत्र हिरदाराम गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली जयपाल सिंह के सीने के दाएं तरफ लगी है। बताया गया है कि जयपाल सिंह पूर्व प्रधान बलराम सिंह की बैठक पर बैठे हुए थे। आरोप है कि इस दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट व गोलीबारी शुरू हो गई। घटना गांव मुकरपुर निवासी शोभाराम पुत्र रामपाल सिंह को बुरी तरह मारा-पीट कर  घायल कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय भेज दिया। क्षेत्राधिकारी चांदपुर सुनीता दहिया ने मामले की जांच पड़ताल की। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुटी है।

  • जयपुर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के बालाघाट नगर के ज्वेलर्स राकेश सुराना ने; न केवल करोड़ों रुपए की संपत्ति दान कर दी, बल्कि परिवार सहित भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर वैराग्य जीवन की राह चुन ली है। 22 मई को दीक्षार्थी परिवार राकेश सुराना (40), उनकी धर्मपत्नी लीना सुराना (36) और 11 वर्षीय पुत्र अमय सुराना जयपुर में दीक्षा लेंगे। 17 मई को जैन समाज द्वारा इस दीक्षार्थी परिवार को विदाई दी गई। वैराग्य जीवन की ओर जाने से पहले दीक्षार्थी सुराना परिवार ने करीब 11 करोड़ रुपए की संपत्ति गौशाला और धार्मिक संस्थाओं को दान कर दी है।
    इस दीक्षार्थी परिवार के दीक्षा लेने के पूर्व 17 मई को जैन समाज ने शोभायात्रा निकालकर उन्हें विदाई दी। वैसे इस परिवार के अभिनंदन के लिए संयम शौर्य उत्सव का आयोजन 16 मई से ही प्रारंभ हो गया, जिसमें 16 मई को स्थानीय लॉन में उनका अभिनंदन किया गया। मंगलवार की सुबह करीब सवा सात से सवा आठ बजे तक श्री पार्श्वनाथ भवन में धार्मिक कार्यक्रम किया गया। काली पुतली चौक के समीप अहिंसा द्वार से वरघोड़ा निकाला गया। कृषि उपज मंडी इतजवारी गंज में दीक्षार्थी परिवार का साधर्मी वात्सल्य कराया गया। वहीं 18 मई को सुबह 9 बजे पार्श्वनाथ भवन में अष्टोत्तरी महापूजन होगा। वहीं 19 मई को सुबह 6 बजे संसार से संयम की ओर कदम बढ़ाने के लिए मुमुक्ष राकेश सुराना, मुमुक्ष लीना और मुमुझ अमय जयपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। जो 22 मई को जयपुर में दीक्षा लेंगे।


    वर्ष 2015 से परिवर्तित हुआ ह्रदय
    सुराना ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि उनका हृदय परिवर्तन महेंद्र सागर महाराज और मनीष सागर महाराज के प्रवचन से मिली प्रेरणा के कारण हुआ और उसके चलते ही उन्हें धर्म, अध्यात्म और आत्म स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा मिली। बताया कि अध्यात्म योगी गुरुदेव महेन्द्र सागर महाराज का बालाघाट में चौमासा हुआ था। इस दौरान उनके विचारों, बातों को पूरी तन्मयता से सूना इसके बाद उसे आत्मसात करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि संसार की भौतिक सुख-सुविधाएं नश्वर है। जो कमाया है उसे यहीं पर छोड़कर जान है। मानव जीवन बहुत दुर्लभता से मिलता है, पुण्य संचय किया तब मानव तन पाया। इस मानव तन का उपयोग केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में न करते हुए मानव जीवन कल्याण और मोक्ष प्राप्ति के लिए करना चाहिए। राकेश सुराना की पत्नी लीना जो अमेरिका में पढ़ी है, उन्हें बचपन से ही संयम पथ पर जाने की इच्छा थी, इतना ही नहीं बेटा अमय जब 4 साल का था तभी वह संयम के पथ पर जाने की बात करता था, मगर बहुत कम उम्र होने के कारण उन्होंने सात साल तक इसके लिए इंतजार किया। सुराना ने बताया कि जीवन में सब कुछ मिलने के बाद भी शांति की कमी थी। इसे खोजने का प्रयास किया गया। तब पता चला की शांति कर्म करके या मोक्ष के मार्ग पर चलकर ही मिल सकती है। सुख अपने ही भीतर होता है, बशर्त उसने खोजने की जरुरत होती है। इसी सुख को प्राप्त करने के लिए संयम की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आधुनिक शिक्षा की ओर बहुत भाग रहे हैं। बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी देनी चाहिए।

  • गोपालगंज (एजेंसी)। बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली जब टीम ने उत्तर प्रदेश से बिहार आ रही एक कार से शराब की जगह दो क्विंटल से अधिक चांदी बरामद की। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम बुधवार को अवैध शराब को लेकर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक कार से 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।

    गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बारीकी से जांच के दौरान कार में पीछे की सीट के नीचे तहखाना जैसी जगह मिली, जिससे 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

    कानपुर से हो रही थी तस्करी- उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कार चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों की पहचान दरभंगा जिला के नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी मनोज गुप्ता और चालक शिव शंकर महतो के रूप में की गई है। पूछताछ में पता चला है कि चांदी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दरभंगा ले जाया जा रहा था। सूचना पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

  • बरेली। कायस्थ चेतना मंच के तत्वावधान में 17 मई 2022 दिन मंगलवार को प्याऊ का उद्घाटन संस्था के संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना एवं संस्था के वरिष्ठ सदस्य पार्षद सतीश कातिब मम्मा जी द्वारा किया गया।

    डॉक्टर पवन सक्सेना ने इसे संस्था का सराहनीय कार्य बताया। सतीश मम्मा ने कहा कि समय समय पर ऐसे कार्य कराने से संस्था की छवि और उज्जवल होगी। अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया संस्था द्वारा एक प्याऊ बदायूं रोड स्थित पानी की टंकी के सामने 3 मई अक्षय तृतीया से संचालित हो रहा है, जिससे बदायूं रोड पर राहगीरों के लिए बहुत आराम मिलता है। चौपला पुल से लेकर करगैना तक और कोहरापीर पुलिस चौकी के आसपास भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। राहगीरों के लिए बहुत परेशानी होती है। यह विचार मन में आया था। इसीलिए प्याऊ संचालित किए गए हैं। अभी दो प्याऊ और संचालित करने का विचार है।

    संस्था के वरिष्ठ उपाध्याय अखिलेश सक्सेना ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया म। इस कार्यक्रम में महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, श्रीमती प्रतिभा जौहरी, अविनाश सक्सेना, बीनू सिन्हा, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, निर्भय सक्सैना, पंकज सक्सेना पंछी आदि लोग उपस्थित रहे।

    इससे पहले व्यंजन रेस्टोरेंट पर रेस्टोरेंट के मालिक गुप्ता के विशेष सहयोग से राहगीरों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए एक प्याऊ की व्यवस्था की गई। कायस्थ चेतना मंच संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा नारियल फोड़कर प्याऊ का उद्घाटन किया गया।

    अध्यक्ष संजय सक्सेना, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश चंद्र सक्सेना, अखिलेश कुमार सक्सेना, सुरेंद्र बीनू सिन्हा, निर्भय सक्सैना वरिष्ठ पत्रकार, जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, पार्षद सतीश कातिब मम्मा, वरिष्ठ पार्षद एवं बीडीए सदस्य पंकज जौहरी पंछी, श्रीमती प्रतिमा जौहरी आदि ने कार्यक्रम में सहयोग किया अंत में अखिलेश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।


  • बिजनौर। स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत क्रीड़ा भारती द्वारा 22 मई को पूरे देश में माँ भारती की अभिनव अर्चना; क्रीड़ा भारती के संग राष्ट्र प्रदक्षिणा का आयोजन किया जायेगा। क्रीड़ा भारती बिजनौर द्वारा भी 22 मई को राष्ट्र प्रदक्षिणा बाइक रैली डीएवी इन्टर कालेज बिजनौर से नौगावाँ सादात तक निकाली जायेगी, जिसमें 75 बाइक शामिल रहेंगी।
    यह निर्णय सुदर्शन भवन आदोपुर में क्रीड़ा भारती के मंत्री जैनेंद्र के संचालन में सम्पन्न हुई एक समीक्षा बैठक में लिया गया। समीक्षा बैठक में क्रीड़ा भारती के प्रदेश संयोजक विकास अग्रवाल व प्रदक्षिणा कार्यक्रम के संयोजक तथा प्रान्त अध्यक्ष विशाल मित्तल द्वारा बाइक रैली के आयोजन के उद्देश्य व आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। पदाधिकारी द्वय द्वारा बताया गया कि रैली पूरे देश में प्रातः ठीक आठ बजकर छप्पन मिनट पर प्रारंभ होगी। प्रदक्षिणा के माध्यम से युवाओं में देश प्रेम की भावना व खेलों के प्रति जागृत करने का संदेश दिया जाना है।
    इससे पूर्व कार्यक्रम की रुपरेखा की जानकारी विभाग सरसंघचालक महेश जी, विभाग प्रचारक विनीत कौशल, विभाग कार्यवाह प्रशांत महर्षि, सह नगर कार्यवाह दीपक चौहान द्वारा दी गयी।
    क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह योगी द्वारा बताया गया कि प्रदक्षिणा बाइक रैली का जनपद के अनेक स्थानों पर स्वागत किया जायेगा। इस दौरान क्रीड़ा भारती से जुड़े खिलाड़ियों व आम जन द्वारा पुष्प वर्षा की जायेगी। बैठक में भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष रोबिन चौधरी, विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री अनिल चौधरी, नगर प्रचारक प्रिन्स चौधरी, विद्यार्थी परिषद के युवराज सिंह, क्रीड़ा भारती के अरविंद अहलावत, प्रभात कुमार, संजीव डवास, विनय कुमार, राजेन्द्र सोलंकी द्वारा प्रदक्षिणा कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु पूर्ण रूप से सहयोग करने का आश्वासन दिया गया।

  • बिजनौर। वर्ष 2011 से ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन का निर्माण न होने से पूर्व सैनिकों में रोष है। इसी को लेकर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया। अब समिति इस बेहद महत्वपूर्ण मामले में संबंधित अधिकारियों से वार्ता करेगी।

    बताया गया है कि बिजनौर में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन का निर्माण किया जाना है। सेना मुख्यालय की ओर से प्रशासनिक विभाग स्टेशन हेड क्वार्टर मेरठ को भूमि का आवंटन नहीं हो पाया है। इसी मामले को लेकर काकरान वाटिका बिजनौर में पूर्व सैनिकों की एक बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सैनिक डीपीएस रावत ने की जबकि संचालन अजय फौजी ने किया। संघर्ष समिति के संरक्षक डीपीएस रावत होंगे। पांच सदस्यों में पूर्व सैनिक अजय सिंह, पूर्व सैनिक कंवरपाल सिंह, पूर्व सैनिक हरविंदर सिंह, पूर्व सैनिक कृष्ण वीर सिंह शर्मा व पूर्व सैनिक हेमेंद्र पाल सिंह होंगे।

  • लखनऊ (एजेंसी)। शौकीनों के लिए कंपनियों ने अब नई बीयर बाजार में उतार दी है। अब एक बोतल बीयर पीने पर दोगुना नशा होगा। यह प्रयोग बीयर पीने वाले उन लोगों को पसंद आ रहा है, जो शराब से कम पर बीयर से थोड़ा ज्यादा नशा चाहते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस नई बीयर के खरीदारों में नई उम्र के लोग ज्यादा हैं।

    अब तक आठ डिग्री अल्कोहल वाली ही बीयर बाजार में उपलब्ध थी। आठ डिग्री वाली केन की कीमत बाजार में 110 रुपये से लेकर 130 रुपये तक है, जबकि बोतल 150 रुपये के आसपास है। एक केन के बाद दूसरा केन पीने के लिए पैसे दोगुने खर्च करने होते हैं। ऐसे में शौकीनों के लिए कंपनी ने बाजार में 15 डिग्री अल्कोहल वाली बीयर उतार दी है। इसकी कीमत एक बोतल के बराबर है। ऐसे में एक बोतल के बराबर खर्च करने वालों को नशा दोगुना हो रहा है।

    फिलहाल दो ब्रांड में ऐसी बीयर उतारी गई है। आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि इस डिग्री की बीयर लगभग 20 साल पहले बाजार में आती थी। लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था। बाजार की मांग को देखते हुए अब लंबे समय बाद इतने अल्कोहल वाली बीयर उतारी गई है। आमतौर पर प्रयागराज में हर रोज 70 हजार बोतले बिकती हैं। अफसरों का कहना है कि नई 15 डिग्री वाली बीयर की 15 हजार बोतल हर रोज बिक रही है।

  • उरई (जालौन)। बुंदेलखंड कोकिला के नाम से संगीत की दुनिया में नवाजी जाती रहीं  सुर साम्राज्ञी स्वर्गीय वीणा श्रीवास्तव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उन्ही के द्वारा स्थापित रंगमंचीय सांस्कृतिक संस्था “वातायन” के तत्वावधान में शनिवार की रात राजमार्ग स्थित मणीन्द्रालय प्रेक्षागृह में मधुर यादें शीर्षक से संगीतमय भावभीना  कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार और विशिष्ट अतिथि लोक कला मर्मग्य अयोध्या प्रसाद कुमुद उपस्थित रहे। इस अवसर पर वीणा जी से जुड़े खट्टे मीठे संस्मरणों को भी साझा किया गया, जिससे सभा में मौजूद उनके प्रशंसकों  की आँखे नम हो गईं।

    इस अवसर पर नन्हें बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों को मुग्ध कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उरई के लोगों के लिए यहाँ की सांस्कृतिक विरासत उनके गौरव को स्थापित करने वाली है, जिसमें वीणा जी जैसी शख्सियतों का महत्वपूर्ण योगदान है। इस तरह के लोगों की स्मृति होने वाले आयोजनों से यहाँ की समृद्ध सृजन धारा अविरल बनी रहेगी और पीढी दर पीढी इसकी मशाल थामने वाली प्रतिभाएं जन्म लेती रहेंगी।

    वातायन के अध्यक्ष और वीणा जी के पति डॉ अरुण श्रीवास्तव ने जब वातायन संस्था के इतिहास पर प्रकाश डालने के साथ वीणा जी से जुडीं तमाम यादें ताजा की तो माहौल भावुक हो गया। कार्यक्रम का संचालन महेश अरोरा ने किया। संरक्षक डॉ आदित्य सक्सेना ने भी वीणा जी की बहुआयामी प्रतिभा के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला तो लोग रोमांच और कौतूहल से भर उठे।

    संगठन उपाध्यक्ष चौधरी जय करण सिंह और कार्यक्रम उपाध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा द्विवेदी ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। वातायन के अन्य पदाधिकारियों में कार्यक्रम सचिव वर्षा राहुल सिंह, संगठन सचिव अमर सिंह, कोषाध्यक्ष गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अरविंद नायक, कार्यक्रम निदेशक हेम प्रधान, कार्यक्रम उपनिदेशक डॉ विश्वप्रभा त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती पूर्णिमा सक्सेना, श्रीमती इंदु सक्सेना, सुधीर प्रकाश सिंह, श्रीमती शशि अरोड़ा, डॉ केएन सिंह निरंजन, श्रीमती रत्ना प्रधान, डॉ कुमारेन्द्र  सिंह ने भी कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    सौजन्य से जालौन टाइम्स उरई  

  • बिजनौर। शांति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से परिवार दिवस पर विनायक हॉस्पिटल ने कस्बा झालू में रविदास मंदिर धर्मशाला में रविवार को मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराया। शिविर में 307 मरीजों ने मुफ्त उपचार और दवाइयां ली।


    हॉस्पिटल इंचार्ज व फिजिशियन डॉक्टर दिग्विजय चौधरी और डॉक्टर रूपक की अगुवाई में शिविर में डॉक्टर इशरत जहां ने काफी महिलाओं की बीमारियों का चेकअप किया और उन्हें फ्री दवाइयां उपलब्ध कराई।


    इनके साथ ही जनरल फिजिशियन डॉक्टर रूपक, नैचुरोपैथी चिकित्सक डॉक्टर अमित उपाध्याय, डॉक्टर यश कुमार और डॉक्टर प्रशंसा आदि चिकित्सकों ने अनेक बीमारियों से ग्रसित बीमारों का फ्री उपचार किया।

    ट्रस्ट की ओर से हॉस्पिटल महाप्रबंधक राकेश मलिक ने शिविर में अधिक से अधिक मरीजों की समस्याओं को दूर करने का आह्वान किया। बताया कि विनायक अस्पताल के डॉक्टर के साथ शांति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट समाज की सेवा के प्रति हमेशा काम कर रहा है। कहा कि समाज सेवा ही मानव का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने बताया कि हर साल ट्रस्ट की ओर से लोगों को फ्री चिकित्सा दिलाने के लिए कैम्प आयोजित कराए जाते हैं।

    कैम्प में फ्री चेकअप के साथ ही दवाइयां भी वितरित की जाती हैं। कैम्प में विनायक कॉलेज शिक्षिका रश्मि चौधरी, संदीप सिंह, निकुंज शर्मा, स्वास्थ्य कर्मी बबली, पूजा रानी, जितेंद्र सिंह, नितिन कुमारी, तनुजा शर्मा, अलका सैनी, निखिल आदि ने मरीजों की सेवा की।


  • राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करने तथा ग्रुप पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने एवं जनप्रतिनिधियों से नियमित रूप से संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने के दिए निर्देश

    बिजनौर। राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से समन्वय बनाए रखें और विद्युत चोरी रोकने तथा विद्युत देयकों के भुगतान जैसे अहम कार्यों में उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जन सामान्य की विद्युत से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ण गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निचले स्तर पर ही समस्या का निराकरण कर दिया जाए तो समस्या विकराल रूप धारण नहीं कर सकती। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें जन प्रतिनिधियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें। विद्युत विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विद्युत देय के बड़े बक़ायादारों की सूची बना कर उनसे वसूली के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करें।


    राज्यमंत्री श्री तोमर कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित विद्युत विभाग के कार्याें की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
    उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को हर सम्भव राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है और उसमें ज्यादा से ज्यादा सुधार के लिए प्रयासरत भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित करें तथा किसी कारणवश विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के आम नागरिकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए निर्देशित किया कि सभी अधिशासी अभियन्ता विधानसभावार व्हाट्सअप ग्रुप बनाएं और उसमें क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए महत्वपूर्ण कार्य की सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वाहट्सअप ग्रुप पर आने वाली समस्याओं का निस्तारण भी पूर्ण गंभीरता और तत्परता के साथ करें ताकि उक्त समस्या इसी स्तर पर निस्तारित हो सके।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें उपभोक्ताओं को विद्युत ऊर्जा के अलावा वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में वैकल्पिक ऊर्जा अपना महत्वपूर्ण स्थान ग्रहण करेगी, जिससे आम नागरिकों को सस्ती ऊर्जा के साथ ही स्वच्छ पर्यावरण का लाभ भी प्राप्त होगा।

    अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को मिलेगी पवन ऊर्जा- जिले के दौरे पर आए राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बिजली ही नहीं अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी के कुछ जिलों में ही बिजली पहुंच पाती थी। आज सभी जिलों में एकरूपता के आधार पर बिजली दी जा रही है। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर और संस्कृति में भी आगे बढ़ा है। पहले उत्तर प्रदेश बीमार राज्य कहा जाता था, आज 40 स्थानों में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है। उन्होंने आश्रवस्त करते हुए कहा कि कुछ समय पहले विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में कुछ कारणों से थोड़ी समस्या उत्पन्न हुई थी, लेकिन वर्तमान में उसमें सुधार कर लिया गया है और आगे भी निरन्तर रूप से सुधार किया जाएगा। वर्तमान में बिजली की आपूर्ति पहले से बेहतर है।
    श्री तोमर ने यह भी बताया कि सरकार प्रयास कर रही है कि सभी सरकारी दफ्तरों पर सोलर एनर्जी से कनैक्शन दिये जायें, जिसके अंतर्गत वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों के दोहन कर कुछ जगह सरकारी संस्थाओं में इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रदेश में विद्युत नेटवर्क को बेहतर व आधुनिक बनाने के क्षेत्र में लगातार सार्थक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आमजन और उद्योगों को भरपूर बिजली मिले।
    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक नहटौर ओम कुमार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत के अलावा विद्युत विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

  • 13 मई 2022 को दैनिक जनवाणी के पेज नंबर 02 पर प्रकाशित बिजनौर से सचिन वर्मा की रिपोर्ट… अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

    अब तस्करी की शराब सरकारी दुकानों पर नहीं बिक सकेगी। इसके साथ ही कोई भी दुकान स्वामी या सेल्समैन शराब की बिक्री में गड़बड़ नहीं कर सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग ने एक अच्छा कदम उठाया है। विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर पोस मशीन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मशीन के माध्यम से विभाग के पास दुकानों पर होने वाले प्रत्येक दिन की बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही बार कोर्ड स्कैन किए बिना अब एक भी बोतल नहीं बेची जा सकेगी।

    पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें खुलासा हुआ है कि शराब की दुकानों पर तस्करी की शराब भी बेची जाती रही है। इसके अलावा विभाग को चूना लगाने के लिए कुछ दुकान स्वामी व सेल्समैन तरह-तरह के हथकंडे अपनाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। विभाग ने ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने व पारदर्शिता बरतने के लिए पोस मशीन को सहारा बनाया है। आबकारी विभाग की ओर से जनपद के सभी शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन देने का कदम उठाया है। इन पोस मशीनों के माध्यम से विभाग के पास सभी दुकानों पर प्रत्येक दिन होने वाली शराब की बिक्री व दुकानों पर बचे स्टॉक का पूरा लेखा जोखा बस एक बटन दबाते ही उपलब्ध हो जाएगा। इतना ही नहीं शराब बेचने वाले सेल्समैन को शराब बेचते समय बार कोड स्कैन करना ही होगा। बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जा सकेगा। विभाग की ओर से शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन वितरित की जा रही हैं।

    दुकान स्वामियों को वितरित की मशीनें

    गुरुवार को जिला मुख्यालय पर नजीबाबाद की आबकारी निरीक्षक मोनिका यादव ने नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीनों का वितरण किया। उन्होंने सभी दुकान स्वामियों से बताया कि अब बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जाएगा। दुकान पर हुई बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा इस मशीन में फीड होगा। उन्होंने बताया कि यह पोस मशीने धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को वितरित की जा चुकी हैं।

    मशीन बनेगी आबकारी विभाग का हथियार

    आबकारी विभाग की ओर से बांटी जा रही पोस मशीने आबकारी विभाग के लिए किसी हथियार से कम साबित नहीं होगी। आबकारी विभाग के अधिकारी इसी हथियार के माध्यम से अब शराब तस्करों की कमर तो तोड़ ही सकेंगे साथ ही एक बटन दबाते ही दुकान का पूरा ब्योरा उनके सामने होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि जो लोग लाइसेंस की आड़ में दुकानों पर तस्करी की शराब बेचते हैं वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। पोस मशीन से शराब की तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।

    जनपद में सभी दुकानों पर पोस मशीन रहेंगी। बिना कोड स्कैन किए अब एक भी बोतल नहीं बेची जाएगी। धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीने बांटी जा चुकी हैं। अन्य को बांटी जा रही है। पोस मशीन में शराब की दुकान की बिक्री का पूरा ब्योरा व स्टॉक का पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा। –गिरीशचंद्र वर्मा आबकारी अधिकारी, बिजनौर

    हमने गुरुवार को नजीबाबाद के सभी दुकान स्वामियों को पोस मशीने उपलब्ध करा दी हैं। पोस मशीनों के माध्यम से दुकान का रिकार्ड रखना काफी आसान होगा। पोस मशीन कोड एक ही बार स्कैन करेगी। कोड को पुनः प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगेगी। –मोनिका यादव, आबाकरी निरीक्षक, नजीबाबाद

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे जारी रहेगा। सर्वे पर तत्काल रोक लगाने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका के जरिए इस सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पेपर देखने के बाद ही कुछ बताएंगे। हालांकि इस संबंध में अर्जी पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जाहिर करते हुए कहा कि इस पर सुनवाई बाद में की जाएगी।

    बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई अगले हफ्ते कर सकता है। वाराणसी के लोकल कोर्ट ने कमिश्नर को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का आदेश दिया है। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से दायर अर्जी को लेकर चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि इस मामले में हमे कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में हम तत्काल कोई आदेश कैसे जारी कर सकते हैं? हम इस मामले की लिस्टिंग कर सकते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले से जुड़ी फाइलों को हमने पढ़ा नहीं है। उनके अध्ययन के बाद ही कोई आदेश जारी किया जा सकता है।

  • अब घर में भी खोल सकेंगे बार, पीने-पिलाने के लिए ले सकेंगे लाइसेंस, यूपी में बेहद आसान किए गए नियम।

    लखनऊ। यूपी में अब घर पर ही आप निजी बार खोल सकेंगे। इसके लिए सरकार लाइसेंस जारी करने जा रही है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली (प्रथम संशोधन) 2022 और (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली के प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

    इसके तहत लोगों को आवासीय परिसर में भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेश से आयातित मदिरा अपने परिजन, रिश्तेदारों, अतिथियों व मित्रों जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम न हो, को पीने-पिलाने के लिए होम बार लाइसेंस स्वीकृत किए जा सकेंगे। यह लाइसेंस सालाना जारी होंगे। इसके लिए 12 हजार रुपये शुल्क देना होगा और बतौर सिक्योरिटी 25 हजार रुपये जमा करना होगा। यही नहीं, यह लाइसेंस निरीक्षण के बाद आबकारी आयुक्त की अनुमति से ही किया जा सकेगा।

    अपर मुख्य सचिव आबकारी के मुताबिक पहले घर में चार बोतल (750 मिली) तक शराब निशुल्क रखने की मंजूरी थी। अब इस नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब घर में 15 कैटगरी की छोटी-बड़ी 71 बोतलें तक रखी जा सकेंगी।

    व्यावसायिक लाइसेंस के नियमों में भी ढील

    उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली 2022 में संशोधन करते हुए बार लाइसेंस के लिए जरूरी बैठने के क्षेत्रफल को अब 200 वर्गमीटर की जगह न्यूनतम 100 वर्गमीटर कर दिया गया है। यानी कम जगह में भी बार खोला जा सकेगा। वहीं, न्यूनतम 40 लोगों की बैठने की क्षमता को अब कम कर 30 का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा होटल व रेस्टोरेंट आदि में बार लाइसेंस लेने के लिए जरूरी भोजन कक्ष के प्रावधानों को शिथिल कर दिया गया है। वहीं स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

    मिश्रित आसवनियों को भी छूट, बना सकेंगे शराब

    कैबिनेट ने उप्र आबकारी (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली 2022 के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी। वर्तमान नियमावली में मिश्रित आसवनियों को उनकी कुल क्षमता का 90 फीसदी तक पेय मदिरा निर्माण की अनुमति देने की व्यवस्था है। इसे बढ़ाकर अब 95 प्रतिशत तक किए जाने का निर्णय लिया गया।

  • राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया, अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

    बिजनौर। राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बिजनौर द्वारा निर्मित किए जाने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर को रुपए 24,34,686 की लागत से तैयार किया गया है।
    One Stop Center Helpline- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित वन स्टाप सेंटर योजना (सखी) महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। किसी महिला के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो वन स्टाप सेंटर के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाया जाता हैै।


    राज्यपाल ने जिला अस्पताल में विभागीय अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महिला उत्पीडन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टाप सेंटर हेल्पलाइन नंबर पर सहायता के संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
    इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीन रंजन, संजय कुमार यादव के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

  • अमृतसर (एजेंसी)। पंजाब में अमृतसर के पास अजनाला में एक कुएं के भीतर भारतीय सैनिकों के कंकाल बरामद हुए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में एन्थ्रोपोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर जेएस सहरावत का कहना है कि ये कंकाल 282 भारतीय सैनिकों के हैं, जिनकी अंग्रेजों के खिलाफ 1857 में भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के समय हत्या कर दी गई थी। ये कुआं एक धार्मिक संरचना के नीचे पाया गया था। उन्होंने आगे कहा, अध्ययन में पता चला है कि इन सैनिकों ने सूअर और गाय की चर्बी से बने कारतूसों के इस्तेमाल के खिलाफ विद्रोह किया था।

    डॉक्टर जेएस सहरावत ने आगे बताया कि सिक्के, पदक, डीएनए अध्ययन, विश्लेषण, मानव विज्ञान, रेडियो-कार्बन डेटिंग, सभी एक ही ओर इशारा करते हैं कि ये भारतीय सैनिकों के कंकाल हैं। सबसे पहले अजनाला में 2014 में नर कंकाल मिले थे। तब भी अध्ययन में बताया गया था कि ऐसा हो सकता है कि ये भारतीय सैनिकों के कंकाल हों। हालांकि मई की शुरुआत में आई रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि हो सकता है कंकाल 1947 में हुए विभाजन के समय के हों। 28 अप्रैल को फ्रंटियर्स इन जेनेटिक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुए अध्ययन के अनुसार, पुरुष 26वीं मूल बंगाल इन्फैंट्री बटालियन का हिस्सा थे, जिसमें मुख्य रूप से बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के सैनिक शामिल थे।

    जॉइंट स्टडी?
    इस जॉइंट स्टडी को पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग, लखनऊ के बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियो साइंस, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के जूलॉजी विभाग की साइटोजेनेटिक लैबोरेटरी, हैदराबाद के सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी और हैदराबाद के सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायगनॉस्टिक ने किया है। रिसर्च का नेतृत्व पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजिस्ट जेएस सहरावत ने किया।

    क्या हुआ था 2014 में?
    सहरावत ने कहा कि इन सबकी शुरुआत 2014 में एक म्यूजियम लाइब्रेरी से हुई है। भारतीय रिसर्च स्कॉलर को एक सिविल सेवक की एक किताब मिली, जो 1857 में अमृतसर में तैनात था। किताब में पंजाब को लेकर जानकारी दी गई थी। किताब में 10 मई से 1858 में एफएच कूपर द्वारा दिल्ली के पतन तक के बारे में बताया गया है। इसी में उस जगह का उल्लेख किया गया है, जहां सैनिकों को मारकर सामूहिक रूप से दफन किया गया था। किताब में लिखा है कि ये जगह अजनाला (अमृतसर में) एक धार्मिक संरचना के नीचे है। सहरावत ने बताया, रिसर्चर खुद भी अजनाला से ही थे। वो अपने घर आए और प्रशासन को इस बात की जानकारी दी। तब किसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन स्थानीय लोगों ने खुद खुदाई का काम किया। उन्हें वाकई में धार्मिक ढांचे के नीचे कुंआ मिला, जिसमें मानव कंकाल, सिक्के और मेडल थे।
     

  • राशन कार्ड धारकों को जून से सितंबर तक मुफ्त गेहूं नहीं मिलेगा। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने लिया निर्णय। कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला। अब उनको मिलेगा प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल!

    लखनऊ। राशन कार्ड धारकों के लिए खास खबर है। मुफ्त में राशन कार्ड पर प्रति माह दो बार मिलने वाला गेहूं चार माह तक नहीं मिलेगा। यानी जून से लेकर सितंबर माह तक राशन कार्ड पर लोग नि:शुल्‍क गेहूं नहीं ले सकेंगे। इसका कारण ये है कि इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद धीमी हो रही है।

    गौरतलब है कि शासन से महीने में दो बार में कार्डधारकों को राशन मिलता है। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत माह के पहले सप्ताह व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में माह के 15 तारीख के बाद राशन का वितरण होता है। लेकिन इस बार गेहूं की खरीद कम होने से शासन स्तर से इसके आवंटन पर रोक दिया गया है। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला लिया है। अब उनको प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल मिलेगा। बाकी खाद्य सामग्री जैसे तेल आदि मिलेगा, यानी अब जून से लेकर सितंबर तक गेहूं नहीं मिलेगा। इसके बाद फिर से पीएमजीकेवाइ में गेहूं मिलने लगेगा।

    नमक न आने से वितरण पर रोक : विपणन गोदामों में नमक न आने से राशन का वितरण कोटेदार नहीं कर रहे हैं। खासकर शहर की कई दुकानों पर कार्डधारक राशन लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कोटेदार नमक का उठान न किए जाने की बात कहकर उनको वापस कर दे रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि अभी तक राशन का उठान नहीं किया है। एक विभागीय अधिकारी ने बताया कि नमक आने के बाद ही कोटेदार वितरण करेंगे।

    गेहूं आवंटन के कोटे में संशोधन के तहत बिहार, केरल और उत्तर प्रदेश को पीएमजीकेएवाई योजना के तहत गेहूं नहीं दिया गया है। इसकी भरपाई चावल से की जाएगी। यूपी में मौजूद गेहूं के स्टॉक को देखते हुए राज्य सरकार एक किलो गेहूं के साथ चार किलो चावल दे सकती है या फिर पूरा पांच किलो चावल ही दिया जाए, इस पर विचार चल रहा है।  

    केंद्र सरकार की तरफ से सितम्बर महीने तक के लिए यह संशोधन किया गया है। प्रदेश के करीब 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों पर इसका असर पड़ेगा। वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत दिए जाने वाले राशन पर अभी बातचीत चल रही है कि इसमें गेहूं की जगह चावल दिया जाए या फिर कोटे में थोड़ा संशोधन किया जाए। 

  • रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

    यही तारीख थी नौ मई। साल 1998। अपने ही गांव-घर, जनपद, प्रदेश और देश में भुला-बिसरा दिए गए हिंदी के प्रथम आचार्य हम सबको एक भाषा, एक बोली-बानी और नवीन व्याकरण देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृतियों को संजोने से जुड़ा अभियान शुरू हुआ। शुरुआत 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बीच रायबरेली शहर के शहीद चौक से ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से हुई। यह एक शुरुआत भर थी। कोई खाका नहीं। कोई आका नहीं। कुल जमा 40-50 और पवित्र संकल्प इस अभियान की नींव में थे। प्रकृति या यूं कहें खुद आचार्य जी ने शहीद चौक पर जुटे अनुयायियों की परीक्षा ली। टेंट के नीचे बैठे लोग अपने इस पूर्वज और हिंदी के पुरोधा की यादों को जीवंत बनाने का संकल्प ले ही रहे थे कि तेज अंधड़ से 18×36 का टेंट उड़ गया। लोग बाल बाल बचे लेकिन कोई डिगा न हटा। ध्यानाकर्षण धरना अपने तय समय पर ही खत्म हुआ।

    पहली परीक्षा में पास होने के बाद चल पड़ा स्मृति संरक्षण अभियान आप सब के सहयोग-स्नेह और संरक्षण से कई पड़ाव पार करते हुए आज यहां तक पहुंचा है। अभियान का यह 25वां वर्ष प्रारंभ हुआ है। किसी भी परंपरा के 25 वर्ष कम नहीं होते। इस दरमियान कुछ बदला, कुछ छूटा और बहुत कुछ नया शामिल भी हुआ। इस टूटे-फूटे ही सही अभियान के भवन में न जाने कितने लोगों का पैसा, पसीना और प्यारभाव ईंट-गारे के रूप में लगा है। सबके नाम गिनाने बैठे तो कागज नामों से ही भर जाए। मन की बहुत बातें मन में ही रखनी पड़ जाएं। इसलिए बात केवल उन पड़ावों की जो यादों में अंकित-टंकित हो चुकी हैं।
        अभियान का शुरुआती मुख्य मकसद साहित्यधाम दौलतपुर को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में घोषित कराने से जुड़ा था। इसके प्रयास भी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हुए। खूब हुए लेकिन हिंदी के पुरोधा का जन्मस्थान राष्ट्रीय स्मारक नहीं बन पाया तो नहीं बन पाया। अब इसके लिए हम खुद को गुनाहगार ठहराएं या शासन सत्ता को? राष्ट्रीय स्मारक तो छोड़िए जन्मस्थान पर एक ऐसा स्थान तक नहीं बन पाया जहां बैठकर आज  हिंदी भाषा और अपने पुरोधाओं से प्रेम करने वाली पीढ़ी प्रेम से बैठ ही सके। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी, इसलिए जरूरी है दूसरी तरफ चला जाए। अभियान से जुड़ी कुछ ऐसी तारीखें हैं, जो तवारीख बन गई।
       भला हो, कांग्रेस के सांसद रहे कैप्टन सतीश शर्मा का, जिन्होंने अभियान से प्रभावित होकर अपनी सांसद निधि से पुस्तकालय-वाचनालय का भवन जन्म स्थान के सामने आचार्य जी के सहन की भूमि पर ही निर्मित कराया। भला हिंदी के उन पुरोधा डॉ नामवर सिंह का भी हो जिन्होंने उस पुस्तकालय-वाचनालय भवन का लोकार्पण किया। यह अलग बात है कि तमाम मुश्किलों की वजह से पुस्तकालय वाचनालय संचालित नहीं हो पाया।
         साल वर्ष 2004 में एक नई शुरुआत आचार्य स्मृति दिवस के बहाने हुई। देश के शीर्षस्थ कवियों में शुमार रहे बालकवि बैरागी के एकल काव्य पाठ से शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है। वर्ष-प्रतिवर्ष यह परंपरा नई होती गई। निखरती गई। आज ‘आचार्य स्मृति दिवस’ अभियान का मुख्य केंद्र है। इस दिवस के बहाने देश भर के न जाने कितने स्नावनामधन्य साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और खिलाड़ियों को सुनने-गुनने, देखने-समझने के अवसर हम सबको मिल चुके हैं।
       

    अभियान का एक असल पड़ाव तो ‘आचार्य पथ’ स्मारिका-पत्रिका भी है। प्रधान संपादक साहित्यकार -गीतकार आनंद स्वरूप श्रीवास्तव के कुशल संपादन में निरंतर 11 वर्षों से प्रकाशित हो रही इस स्मारिका ने आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को जीवंत बनाने में कम योगदान नहीं दिया है। देशभर के साहित्यकार आचार्य द्विवेदी पर केंद्रित लेख लिखते हैं। छपते हैं। प्रधान संपादक ने स्मारिका को ‘सरस्वती’ की तरह ही विविध ज्ञान की पत्रिका बनाने का उपक्रम भी लगातार किया है और कर रहे हैं।
        अभियान वर्ष 2015 कि वह तारीख भी नहीं भूल सकता जब ‘द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ’‌ का पुन: प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट-नई दिल्ली ने किया। इस काम में अभियान की भूमिका दुर्लभ ग्रंथों को उपलब्ध कराने भर की ही थी पर यह भूमिका भी कम नहीं थी। अभियान अपने अग्रज-बुजुर्ग रमाशंकर अग्निहोत्री को हमेशा याद करता है और रहेगा, जिन्होंने यह दुर्लभ ग्रंथ अभियान से जुड़ी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति को खुशी-खुशी सौंपा और नेशनल बुक ट्रस्ट के सहायक संपादक हिंदी पंकज चतुर्वेदी के योगदान को भी हम नहीं भूल सकते। ग्रंथ का पुनः प्रकाशन उन्हीं की बदौलत हुआ।
        हम नहीं भूल सकते राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट रायबरेली) के निदेशक डॉ. भारत साह के उस योगदान को जो एक ऐसी किताब के रूप में दर्ज है, जिसका ऐतिहासिक महत्त्व है। इस किताब का नाम है विज्ञान वार्ता। आचार्य द्विवेदी द्वारा सरस्वती के संपादन के दौरान लिखे गए तकनीक, विज्ञान और नई नई खोजों से संबंधित लेखों को मुंशी प्रेमचंद ने अपने संपादन में संग्रहित कर वर्ष1930 में विज्ञान वार्ता नाम से पुस्तक प्रकाशित की थी। इस दुर्लभ पुस्तक को भी समिति ने निफ्ट रायबरेली के निदेशक को उपलब्ध और उन्होंने पुनः प्रकाशित कराया।
        तारीख तो नहीं भूलने वाली है,10 जनवरी 2021भी। ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान’ से सम्मानित प्रवासी भारतीय और कैलिफोर्निया अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देने वाली हिंदीसेवी श्रीमती मंजू मिश्रा ने आचार्य जी की स्मृतियों को सात समंदर पार जीवंत बनाने और इस बहाने प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़े रखने का बीड़ा अपनी प्रवासी साथी श्रीमती ममता कांडपाल त्रिपाठी, श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा और श्रीमती कुसुम नैपसिक से प्राप्त नैतिक-भौतिक-साहित्यिक-सामाजिक सहयोग के बल पर इसी दिन उठाया था। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की शुरुआत इसी दिन हुई। एक छोटे से शहर की छोटी सी शुरुआत के दुनिया के सबसे संपन्न देश अमेरिका तक पहुंचना हम जैसे अकंचिनों के लिए स्वप्न सरीखा है। समिति शुक्रगुजार है अमेरिका इकाई की सभी सदस्यों की।
         हमें याद है, 21 दिसंबर 1998 को रायबरेली शहर के राही ब्लाक परिसर में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी श्री विनोद सिंह और (अब दिवंगत) की अगुवाई में स्थापित की गई आचार्य श्री की आवक्ष प्रतिमा के अनावरण समारोह में पधारे अनेक साहित्यकार अपने संबोधन में महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम गिना रहे थे लेकिन अनवरत 25 वर्षों के प्रयासों से अब लोगों के दिल-दिमाग में महावीर प्रसाद द्विवेदी पुनर्जीवित हो चुके हैं।
         एक साहित्यकार-संपादक की स्मृतियों को भूलने बिसराने वाले समाज के मन में पुनः स्थापित करने का काम बिना समाज के सहयोग के संभव कहां था? इस मामले में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति समाज के सभी वर्गों-धर्मो-जातियों के लोगों की हमेशा ऋणी थी, है और रहेगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान समाज के सहयोग से आज अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति अभियान को सहयोग देने वाले ऐसे सभी गणमान्य, सामान्य और कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाने वाले श्रोताओं-दर्शकों के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करती है और आशा भी करती है कि अभियान की स्वर्ण जयंती पूर्ण कराने में भी आपका पूर्ण सहयोग-स्नेह-संरक्षण बना रहेगा।

    गौरव अवस्थी
    रायबरेली

  • बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय साहूकारा में मातृ दिवस पर कवि गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री नत्थू लाल सदाचारी के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय सागर जायसवाल ने की। मुख्य अतिथि डॉ शिव शंकर यजुर्वेदी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ रामशंकर ‘प्रेमी’ रहे।


    कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर हुआ। वंदना बृजेंद्र तिवारी “अकिंचन” ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मातृ दिवस पर साहित्यानुरागिनी श्रीमती मिथलेश गौड़ को समाज सेवा एवं परिवार में सामंजस्य के साथ उत्कृष्ट योगदान के लिए संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा सम्मानित किया गया।


    काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से माताओं की महिमा का गुणगान किया और जगत में उन्हें सबसे महान बताते हुए माताओं की सेवा का संकल्प लिया।


    कार्यक्रम में संस्थाध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’, सचिव उपमेंद्र सक्सेना एड., संयोजक नत्थू लाल सदाचारी, एस. ए. हुदा सोंटा, सत्यवती सिंह ‘सत्या’, ठा.राम प्रकाश ‘ओज’, अमित मनोज, पीयूष गोयल ‘बेदिल’, मिलन कुमार ‘मिलन’, जगदीश निमिष, उमेश त्रिगुणायत, रीतेश साहनी, रजत कुमार एवं व्यास नंदन शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज शुक्ल ‘गजल राज’ने किया।

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में बुलेट ट्रेन से तेज दौड़ रही दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के पहले चरण का ट्रायल कुछ ही दिनों में होने वाला है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। ये ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी, जो देश की पहली रीजनल ट्रेन होगी। दिल्ली से मेरठ यात्रा करने वाले यात्री लंबे समय से इस रैपिड रेल का इंतजार कर रहे हैं, जो जल्द ही खत्म होने वाला है। इसके ट्रायल की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। इसके लिए पहला कोच दुहाई पहुंच चुका है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के निर्धारित समय पर ट्रेन चलाने की पूरी तैयारी है। इसके तहत साहिबाबाद से दुहाई तक ट्रेन का ट्रायल इस साल मई से शुरू हो जाएगा, जबकि यात्री अगले साल से इस ट्रेन में सफर कर पाएंगे। दुहाई डिपो में एक किमी लंबे ट्रायल ट्रैक और 12 रनिंग ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।

    alstom india: Alstom hands over first Rapid Rail trainset to NCRTC - The  Economic Times

    दिल्ली से मेरठ के बीच 25 स्टेशन- इस ट्रेन का निर्माण गुजरात के सवाली में किया जा रहा है। इसे बहुराष्ट्रीय कंपनी अल्स्टोम ने बनाया है। रेलवे के मुताबिक इस ट्रेन से महज 50 से 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ की यात्रा की जा सकेगी। रेल नेटवर्क में ये देश में पहली प्रणाली है, जिसके तहत 180 किलोमीटर प्रति घंटे वाली ट्रेन पहले चरण में 100 किलोमीटर की दूरी एक घंटे में पूरा करेगी। दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ तक 82 किलोमीटर का सफर 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यात्रा के दौरान दिल्ली से मेरठ 25 स्टेशन तैयार किये जा रहे हैं। हर स्टेशन में 30 सेकेंड ट्रेन रुकेगी और हर 5-10 मिनट में ट्रेन मिल सकेगी।

    विदित हो कि देश की पहली रैपिड रेल का रैक तैयार हो गया है। गुजरात के सावली में शनिवार को इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया। ट्रेन जल्द गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। आधुनिक ट्रेन का डिजाइन हैदराबाद में तैयार किया गया, जबकि निर्माण गुजरात में चल रहा है। वर्ष के आखिर में ट्रायल शुरू हो जाएगा। एनसीआरटीसी भारत का पहला रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित कर रही है। इस तरह की पहली ट्रेन सराय काले खां गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलेगी। गुजरात के सावली में आयोजित कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव और एनसीआरटीसी अध्यक्ष मनोज जोशी ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन के रोलआउट की प्रक्रिया की। इसके बाद निर्माण कंपनी एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक ने रेल की चाबी अधिकारियों को सौंपी। रोलआउट के साथ ट्रेन की डिलिवरी शुरू हो गई है। एनसीआरटीसी के प्रबंधक निदेशक ने बताया कि यह ट्रेन जल्द ही गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। कुछ महीने में ट्रायल रन शुरू किया जाएगा।

    40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी कंपनी-एनसीआरटीसी के अनुसार, ट्रेन निर्माण के लिए एल्सटॉम कंपनी से अनुबंध किया गया है। उसके अनुसार कंपनी 40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी। इनमें से 10 ट्रेन तीन कोच वाली हैं, जो मेरठ मेट्रो के लिए होंगी। यह कंपनी 15 साल तक रोलिंग स्टॉक का रख रखाव करेगी। ट्रेन की विशेषता यह है कि ब्रेक लगाने पर बिजली उत्पन्न होगी। यह बिजली ट्रेन सिस्टम से वापस इलेक्ट्रिक ग्रिड में चली जाएगी।

    हैदराबाद में किया गया है डिजाइन-केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव ने कहा कि रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की योजना 2050 को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। 30 आरआरटीएस अल्ट्रा-मॉडर्न ट्रेनों को हैदराबाद में डिजाइन किया गया है।

  • बिजनौर। एक तरफ सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में तालाबों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने में जुटी हुई है। प्रशासनिक अमला दिन रात एक किये हुए है।

    वहीं एक सरकारी कर्मचारी की कृपा के चकते कक्षा पांच की फर्जी अंक तालिका के जरिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले कोटेदार ने तालाब पर कब्जा जमा लिया है।

    दरअसल मामला धामपुर तहसील अंतर्गत विकास खण्ड नहटौर, ग्राम मांडू, पोस्ट बसेड़ा खुर्द का है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार असलम पुत्र असगर ने पूर्व में तालाब खसरा संख्या 315 को समाप्त कर अपना व अपने परिजनों का भवन निर्माण किया हुआ है।

    यही नहीं वर्तमान में फर्जी अंकतालिका के द्वारा राशन डीलर के पद पर काबिज है। इस मामले में पूर्व में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन वह आम जनता के पैसों के द्वारा खुद को बचाता चला आ रहा है।

    आरोप है कि उक्त फर्जी कोटेदार को पटवारी नितिन तोमर का वरदहस्त प्राप्त है। कई बार उनके मोबाइल नंबर 8171358109 पर कॉल के बावजूद महोदय ने फ़ोन रिसीव नहीं किया।

    थक हार कर अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।

  • Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

    पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

    उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

    हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

    लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

    शराबी ने की ये मांग

    दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

    साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

  • पुलिस के डर से लोग नहीं करते पीड़ितों की सहायता। इसी कारण केंद्र सरकार ने की है इसके लिए एक अनूठी पहल। राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को दिया जाएगा एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार

    नई दिल्ली (PTI)। पुलिस के चक्कर में कौन पड़ेगा? कहीं हम ही न फंस जाएं! अस्पताल और पुलिसवाले हमें ही परेशान करेंगे! ये कुछ ऐसे वाक्य हैं, जो सड़क पर एक्सीडेंट के बाद घायल अवस्था में पड़े दर्द से कराह रहे व्यक्ति की मदद करने से हम सभी को रोकते हैं. पुलिस और सरकारें बार-बार कहती हैं कि एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता की सेवा है और ऐसा करने पर आपको पुलिस परेशान नहीं करेगी. इसके बावजूद आम लोग डर के मारे घायल को अस्पताल पहुंचाने में कतराते हैं. अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसके लिए एक अनूठी पहल की है.

    सड़क मंत्रालय ने बताया कि उसने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गंभीर चोट लगने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक खास योजना शुरू की है. मंत्रालय ने बताया कि सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 5000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि यह योजना 15 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी. मंत्रालय ने नेक मददगार को पुरस्कार देने की योजना’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए.

    मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का मकसद आपात स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है. नकद पुरस्कार के साथ एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

    क्या होता है गोल्डन आवर?
    स्वर्ण घंटे (गोल्डन आवर) पर बताया गया है कि मोटर वाहन अधिनियम के धारा 2 (12ए) के अनुसार स्वर्ण घंटे का मतलब वह एक घंटे का समय है, जो व्यक्ति को दर्दनाक चोट लगने के बाद का एक घंटा होता है. इस एक घंटे के दौरान घायल या घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि उसकी जान बच सके या बचने की संभावना होती है.

    वहीं बिजनौर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने गुड सेमरिटन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत घायलों को निकटतम अस्पताल में पहुंचाने पर किसी भी नागरिक को 5000 रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। सभी थाना क्षेत्रों में योजना का प्रचार-प्रसार किया गया है। बताया कि अभी तक कोई भी इसके लिये आगे नहीं आया है।


  • विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व जीरो टॉलरेन्स के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह

    बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ प्रदेश के सभी नागरिकों को प्राप्त हो तथा शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें और यदि कार्य किया जाना सम्भव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उसका कारण बताया जाए ताकि वह संतुष्ट हो सके।
    राज्य मंत्री शाम 04ः00 बजे विकास भवन के सभागार में अपराध/कानून व्यवस्था एवं विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
    उन्होंने सभी अधिकारियों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने के कार्य की उच्च स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। अतः सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा इसके अलावा और कुछ नहीं है कि शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे।

    डीएम ने उपलब्ध कराई प्रगति आख्या-
    इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार में जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि लगभग सभी योजनाओं में जिले को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है तथा एनआरएलएम में जिला कई वर्षाें से प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं उन्हें स्वालम्बी बनाने के लिए जिले में विशिष्ठ कार्य किए जा रहे हैं, जिनके सुपरिणाम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री से धामपुर में 100 बेड के तैयार अस्पताल के लिए चिकित्सक, मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए उक्त अस्पताल के संचालन से स्थानीय और आसपास के लोगों को भारी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने नगर क्षेत्र चांदपुर, किरतपुर एवं हल्दौर में जर्जर भवनों के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराने तथा नजीबाबाद-बालावाली-लक्सर मार्ग पर गंगा नदी के सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्याें के लिए भी शासन से आलोच्य वित्तीय वर्ष में एक मुश्त समुचित धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य मंत्री को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और शासन की मंशा और भावना के अनुरूप शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

    इस अवसर पर विधायक बिजनौर सूची चौधरी, नहटौर ओमकुमार, बढापुर सुशांत सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, अर्थ एवं संख्या अधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक तथा जिला स्तरीय अधिकारी व भाजपा जिलाध्यक्ष मौजूद थे।

    मीडिया के सवालों से विचलित हो उठे मंत्री जी! बैठक के उपरांत मंत्री द्वारा स्थानीय पत्रकार बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनता की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र मारवाड़ी ने जनपद में बांटे जा रहे राशन में प्रति उपभोक्ता आधा किलो घटतौली का मुद्दा उठाया। वहीं संजीव शर्मा ने पूछ लिया कि उनके ग्राम धर्मनगरी में जान चौपाल कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों को दुत्कार कर भगा क्यों दिया गया? इनके अलावा अवनीश त्यागी ने नमामि गंगे व पौधरोपण कार्यक्रम में शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला उठाया। मंत्री ने पत्रकारों द्वारा अवगत कराई गई शिकायतों की जांच व कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। हालांकि पत्रकार वार्ता के बीच में ही सवालों से विचलित मंत्री उठकर मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में जा बैठे।

  • महापुरुषों की जन्मतिथि को लेकर अक्सर मत-विमत और मतभेद होते आए हैं। ऐसा ही एक मतभेद हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भी हिंदी पट्टी में अरसे से चला आ रहा है। कुछ विद्वानों का मानना है कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि 6 मई है। कुछ विद्वान 5 मई या 15 मई को भी उनकी जन्मतिथि के रूप में मान्यता देते हैं। हालांकि अधिकतर विद्वान 9 मई को ही प्रामाणिक जन्मतिथि मानते-जानते हैं। यह अलग बात है कि आज के इंटरनेटिया ज्ञानी ‘गूगल बाबा’ और ‘विकीपीडिया’ ‘कुछ’ विद्वानों की मान्यता को बल देते हुए आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि 15 मई देश और दुनिया को बताते चले जा रहे हैं। वैसे भी, माना जाता है कि इन इंटरनेटिया ज्ञानियों को वास्तविक और प्रामाणिक तिथि से कोई लेना-देना नहीं होता। जिसने जो बता दिया वह हमेशा के लिए फीड कर दिया। हालांकि, बिना छानबीन और पुख्ता आधार के गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचाना अक्षम्य अपराध है।
    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर उठे विवाद के मूल में भारतीय पंचांग के अनुसार उनकी जन्मतिथि का हर जगह लिखा होना है। भारतीय पंचांग के अनुसार, आचार्य द्विवेदी का जन्म वैशाख शुक्ल चतुर्थी संवत 1921 को हुआ था। तिथि का उल्लेख स्वयं आचार्य द्विवेदी ने भी किया है। भारतीय पंचांग के अनुसार की तिथि को अंग्रेजी कैलेंडर से परिवर्तित करने को लेकर ही जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
    जन्मतिथि के विवाद के आधार के रूप में आचार्य द्विवेदी का 13 मई 1932 को प्रयागराज से प्रकाशित होने वाले पत्र ‘भारत’ में प्रकाशित आचार्य द्विवेदी का वह पत्र ही उपयोग किया जाता रहा है। यह पत्र आचार्य द्विवेदी ने “भारत” के संपादक पंडित ज्योति प्रसाद मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा था। दरअसल, 1932 में काशी से नए निकलने वाले पाक्षिक ‘जागरण’ के प्रस्ताव पर आचार्य द्विवेदी की 68 वीं वर्षगांठ देश के कई नगरों में धूमधाम से मनाई गई थी। इस संबंध में ‘कृतज्ञता ज्ञापन’ के लिए आचार्य द्विवेदी ने स्वयं एक पत्र भारत के संपादक पंडित ज्योति प्रकाश मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा। कहा जाता है कि इस पत्र को प्रकाशित करते समय मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई प्रकाशित हो गया। या बाद के वर्षों में आचार्य द्विवेदी का वह पत्र प्रकाशित करने में दूसरे पत्र या पत्रिकाओं में मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई टाइप हो गया। यह गलती ही आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा करने में सहायक सिद्ध हुई।
    कुछ विद्वान मानते हैं कि अपने समय की महत्वपूर्ण मासिक पत्रिका सरस्वती का संपादन करते हुए 10 करोड़ हिंदी भाषा-भाषियों का साहित्यिक अनुशासन करने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर हिंदी वालों में कई मतभेद और भ्रम जानबूझकर पैदा किए गए हैं। अपने समय के कुछ विद्वानों ने अपनी बात को मनवाने के लिए ही अपनी- अपनी अंग्रेजी तिथियों पर जोर देना शुरू किया। विद्वानों की इसी अखाड़ेबाजी से हिंदी भाषा भाषी समाज में आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम बढ़ता गया और इसे दूर करने की कोशिशें न के बराबर ही हुईं। आचार्य द्विवेदी के बाद सरस्वती का संपादन का भार संभालने वाले पंडित देवी दत्त शुक्ल के पौत्र और प्रयागराज निवासी पंडित वृतशील शर्मा भी 9 मई को ही मान्यता देते हैं। आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर उठे विवाद से वह अपने को आज तक आहत महसूस करते हैं। उनका कहना है कि आचार्य जी की जन्म तिथि से जुड़ा यह विवाद निर्मूल और अकारण है।
    वर्तमान में हिंदी समालोचना के सशक्त हस्ताक्षर एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष आचार्य डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित 9 मई को ही आचार्य द्विवेदी की वास्तविक और प्रामाणिक जन्मतिथि मानते हैं। इस लेखक से उन्होंने स्वयं यह बात अधिकार पूर्वक कहीं की सब लोग 9 मई को जन्मतिथि मानने की बात पर सहमत हैं। वह कहते हैं कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि से जुड़े विवाद के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए उन्होंने स्वयं कई किताबों का अध्ययन किया और पाया कि 9 मई ही आचार्य द्विवेदी की प्रामाणिक जन्मतिथि है क्योंकि अपने कृतज्ञता ज्ञापन में भी उन्होंने 9 मई का ही उल्लेख किया है।
    आचार्य द्विवेदी पर शोधपरक पुस्तक ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी’ लिखने वाले रायबरेली के साहित्यकार केशव प्रसाद बाजपेई की मान्यता भी 9 मई पर ही केंद्रित है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से प्रकाशित की जा रही स्मारिका ‘आचार्य पथ-2021’ के अंक में प्रकाशित अपने लेख में श्री बाजपेई कहते हैं कि जन्मतिथि के विवाद के निराकरण के लिए सबसे उपयुक्त उपाय संवत 1921 के पंचांग को देखने से जुड़ा था। इस विषय में खोजबीन करने पर पता चला है कि सन 1864 में 10 मई को हिंदू पंचांग के अनुसार संवत 1921 के वैशाख मास की पंचमी तिथि थी और दिन मंगलवार था। इस दिन आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती पड़ी थी। उसके अनुसार वैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार 9 मई 1864 को पड़ता है।
    वह अपने इस लेख में लिखते हैं- ‘इस विवेचना में अंग्रेजी की तिथि 6 मई असंगत है तथा 9 मई ही संगत है। 6 मई या तो मुद्रण की भूल से पत्र में अंकित हुई है या आचार्य जी का ध्यान ही कभी इस ओर नहीं गया कि पंचांग से इसकी संगति नहीं बैठती मेरी समझ में मुद्रण की त्रुटि से ही यह भ्रम पैदा हुआ है इनसे इतर तिथियां विचारणीय ही नहीं है। अतः यह निर्णय हुआ कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 9 मई 1864 है, जो हिंदू पंचांग के संवत 1921 बैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार से पूरी तरह मेल खाती है। एक दिन गणितीय विधि के अनुसार 9 मई 1864 को सोमवार का दिन आता है और आचार्य जी का जन्मदिन सोमवार ही है। अतः इस से भी उनकी जन्मतिथि 9 मई 1864 होनी ही पुष्टि होती है।’

    इन प्रमाणों के आधार पर हिंदी भाषा भाषी समाज को खड़ी बोली हिंदी का उपहार देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर जानबूझ कर पैदा किए गए विवाद से बचते हुए 9 मई को ही जन्मतिथि की मान्यता देकर अपने इस महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए।
    हालांकि, महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के लिए खास तिथि का कोई महत्व नहीं है। वर्ष पर्यंत हम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते रह सकते हैं, लेकिन दिन विशेष की बात आने पर हमें अपने इस पूर्वज को 9 मई (जन्मतिथि) और 21 दिसंबर 1938 (निर्वाण तिथि) को ही याद रखना होगा।

    ∆ गौरव अवस्थी
    रायबरेली/उन्नाव

  • कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने किया 100 आम उत्पादकों को मैनुअल हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण

    उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस मलिहाबाद तथा नवीन आधुनिक मण्डी स्थल का किया निरीक्षण

    प्रदेश सरकार आम उत्पादकों की समस्याओं के प्रति सजग

    • लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह आज मलिहाबाद के रहमान खेड़ा स्थित उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान संस्थान में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक विपणन संघ (हाफेड) द्वारा आयोजित कार्यक्रम तथा मण्डी परिषद की वित्तीय सहायता से आम उत्पादकों को प्रोत्साहन हेतु लखनऊ क्षेत्र के चयनित 100 आम उत्पादकों को मैनुअल मैंगो हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण किया।
    • इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम उत्पादकों को मैंगो हार्वेस्टर एवं क्रेट्स के वितरण से जहाँ एक ओर आम की गुणवत्ता सुरक्षित होगी और आम उत्पादकों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त होगा। जिससे उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
    • उद्यान मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता युक्त निर्यातनोमुखी आम की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के उद्देश्य से आम की तुड़ाई के बाद प्रबन्धन के लिए लखनऊ क्षेत्र के 100 आम उत्पादक का चयन जिला उद्यान अधिकारी द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के वित्तीय सहयोग से निर्यात योग्य आम उत्पादन करने वाले किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम का निर्यात विदेशों में किया जा रहा है इसके लिए उन्होंने हाफेड द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की।
      श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि किसानों और व्यापारियों की समस्या को गम्भीरता से लिया जाये तथा उनका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने आम उत्पादकों से उनकी समस्यायें एवं सुझाव मांगे हैं, ताकि उसका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने निदेशक उद्यान को निर्देश दिये हैं कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ हर किसान को मिले तथा उनको किसी भी प्रकार की समस्या न आने पाये।
      उद्यान मंत्री को मलिहाबाद के आम उत्पादकों द्वारा अपनी समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया, जिसमें सरकारी ट्यूबेल, फल मण्डी में दुकान, मलिहाबाद में आम उत्पादकों के लिए उचित दरों की दवा की दुकानें, पैकिंग बाक्स में जी.एस.टी. कम करने, मलिहाबाद में प्रोसेसिंग युनिट लगाने के लिए अनुरोध किया। इस पर उद्यान मंत्री ने आम उत्पादकों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या को प्राथमिकता पर हल करने का प्रयास किया जायेगा।
    • इसके उपरांत उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस, मलिहाबाद तथा आधुनिक मण्डी स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों एवं व्यापारियों की समस्या को सुना तथा विभागीय अधिकारियों को तत्काल निदान के निर्देश दिए।
      उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की अपर निदेशक श्रीमती निधि श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मण्डी परिषद किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। आम उत्पादकों के लिए उनके उत्पाद के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्यान निदेशक डा0 आर.के. तोमर ने कहा कि आम उत्पादक अपने उत्पादकों पैकिंग तथा ग्रेडिंग करके भेजे जिससे उनकों उचित मूल्य प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के माध्यम से किया गया है।
      इस कार्यक्रम में विभागीय विशेषज्ञों तथा निर्यात योग्य आम के उत्पादन हेतु आम की पूर्व एवं तुडाई उपरान्त प्रबन्धन से संबधित तकनीकि जानकारी दी गयी। इसमें गुणवत्तायुक्त पैकेंजिंग हेतु पूर्व कोरूगेटेडट बाक्स की उपयोगिता, उपलब्धता, मानक आदि के सबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।
    • कार्यक्रम में हाफेड के सभापति नवलेश प्रताप सिंह, उपनिदेशक उद्यान डा0 वीरेन्द्र यादव, नोडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार सुमन, जिला उद्यान अधिकारी बैजनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक तथा आम उत्पादक/किसान उपस्थित रहे।
  • गौरैया संरक्षण को लेकर हुई प्रतियोगिता

    प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर किया सम्मानित।

    लखनऊ। राजधानी में गौरैया संरक्षण को लेकर गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय बंशीगढ़ी व भरोसा में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व अवध वन प्रभाग की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय वंशी गढ़ी की विभा शर्मा, पूर्वी शर्मा, विशाल, तुसार व उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा की सोनालिका, नेहा सिंह, जाईना को प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

    इस मौके पर मुहिम संचालक व पक्षी प्रेमी महेश साहू ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए हम सबको आगे आना होगा क्योंकि नन्ही गौरैया की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। इस तपती गर्मी में नन्ही गौरैया व अन्य पक्षियों के लिए दाना पानी रखने व कृत्रिम घोंसले लगाने की अपील की। वहीं रेंजर शिवाकांत शर्मा ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दी और सभी छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। इस मौके पर समाजसेवी हिमांशु गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्या वीरेंद्र यादव, प्रीति त्रिवेदी, वन दरोगा शिवम यादव, अमित सिंह वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी सहित कई लोग मौजूद रहे।

  • यूआईडीएआई ने बताए आधार की सत्यता स्थापित करने के तरीके। ऑनलाइन और ऑफलाइन की जा सकती है जांच।

    नई दिल्ली (एजेंसी)। आधार कार्ड की असलियत को कैसे सत्यापित किया जाए, आमतौर पर किसी संस्‍थान के सामने सवाल तब पैदा होता है जब कोई व्‍यक्ति अपनी पहचान के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड प्रस्तुत करता है।

    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि आधार की सत्यता को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आसानी से इस प्रकार स्थापित किया जा सकता है:

    • ऑनलाइन माध्‍यम– आधार धारक के आयु वर्ग, लिंग, राज्य और मोबाइल के अंतिम 3 अंकों को https://myaadhaar.uidai.gov.in/verifyAadhaar पर जाकर आधार नंबर फीड करके सत्यापित किया जा सकता है।
    • ऑफलाइन माध्‍यम– प्रत्येक आधार कार्ड/ आधार पत्र/ ई आधार पर एक सुरक्षित क्यूआर कोड मुद्रित होता है जिसमें जनसांख्यिकीय विवरण (नाम, लिंग, जन्म तिथि और पता) के साथ-साथ आधार कार्ड धारक की तस्वीर भी होती है।

    भले ही आधार कार्ड पर तस्‍वीर की जगह फोटोशॉप के जरिये किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगाकर आधार कार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई हो लेकिन क्यूआर कोड में दी गई जानकारी सुरक्षित होती है और उससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है क्योंकि यह यूआईडीएआई द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित है। क्यूआर कोड को प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध ‘आधार क्यूआर स्कैनर’ ऐप द्वारा पढ़ा जा सकता है।

    यूआईडीएआई निवासियों के लिए अतिरिक्त जांच के तौर पर ‘आधार’ को सत्यापित करने का सुझाव देता है। उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी, घरेलू नौकर, ड्राइवर आदि को काम पर रखने या मकान किराये पर देते समय किरायेदार के आधार कार्ड की असलियत की जांच की जा सकती है। आम लोग भी किसी भी समय किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच के तौर पर उसके आधार को सत्यापित कर सकते हैं।

  • दिल्ली में बारिश के साथ ओले पड़ने से मौसम सुहाना हो गया। साथ ही झुलसती गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। आने वाले कुछ दिनों के लिए IMD ने संकेत दिए हैं।

    नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बुधवार को ओलावृष्टि और हल्की बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। नोएडा और गाजियाबाद समेत दिल्ली के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले तीन दिन तक बादल छाए रहने का अनुमान जतायाहै।

    मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अगले छह दिनों में पारा चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं, हालांकि लू नहीं चलेगी। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है।

    इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश स्थानों (लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला), नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के आसपास के क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

  • बिजनौर। बास्टा के मोहल्ला बेनियोवाला निवासी एक ही परिवार के तीन युवक गंगा नदी पर बने पुल के पास नहाते समय डूब गए। सूचना पर पुलिस व सैकड़ों लोग गंगा पर एकत्र हो गए।


    जलीलपुर क्षेत्र में गंगा पुल के सहारे नहाने को उतरे बास्टा के चार युवक डूब गये। एक युवक को बचा लिया गया, जबकि तीन पानी में समा गये। डूबे युवकों की तलाश में स्थानीय गोताखोर तलाश में जूट गए।

    सूचना पर पहुंची  हस्तिनापुर पुलिस व पांडव नगर पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
    बताया गया है कि फारूख पुत्र नसीम (18 वर्ष) वाजिद पुत्र तौला (21 वर्ष) एवं फुरकान पुत्र शामीम (17 वर्ष) मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहे थे। उसी समय ये हादसा हो गया।


    इनमें से फारूख व फुरकान ‌दिल्ली में वैल्डिंग रंग पेंटर तथा वाजिद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। तीनों आपस में तहेरे चचेरे भाई बताए गए हैं।

    एक दिन पहले कोटद्वार की खोह नदी में डूबने से हुई चार की मौत

    इससे एक दिन पहले उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में जिला बिजनौर के सराय नगीना निवासी चार युवकों की खोह नदी में कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग के बीच डूबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर बेस अस्पताल कोटद्वार भेज दिया।  कोटद्वार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि घटना शाम 5 बजे कोटद्वार दुगड्डा मार्ग पर दुर्गा देवी मंदिर के समीप हुईं।

    दो की हालत गंभीर
    प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि, आसपास के लोगों ने इसकी सूचना 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने 6 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस घटना में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनके साथ दो बच्चे भी थे जो नहा नहीं रहे थे। घटना में नदीम (42) पुत्र अनीश, जेब (29) पुत्र शाहिद, गुड्डू (24) पुत्र शाहिद निवासी निकट पुलिस चौकी नगीना बिजनौर यूपी और गालिब (15) पुत्र खालिद निवासी सीसी सराय नगीना बिजनौर यूपी की मौके पर मौत हो गई।

    पहले भी डूब चुके हैं लोग
    वन विभाग और पुलिस लगातार खोह नदी में लोगों को नहाने और आखेट को लेकर चेतावनी जारी करते रहते हैं लेकिन लोगों पर चेतावनी का फर्क नहीं पड़ता और इस तरह के हादसे होते जाते हैं। जानकारों का मानना है कि खोह नदी में स्थान-स्थान पर भंवर हैं, जिनमें फंसकर इससे पहले भी लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

  • अगर आपके घर में है ये 6 चीजें…तो नहीं मिलेगा फ्री राशन और देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी।

    ration card

    नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आपने भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई है तो आपके पास राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। केन्द्र और राज्य की सरकारों द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन आपके लिए बंद हो सकता है।

    बताया गया है कि सरकार द्वारा 27 रूपए किलो के हिसाब से गेहूं की पेनल्टी लगाई जाती है। यह पेनल्टी तब से लागू होती है, जब से आपने राशन लेना शुरू किया था। राशन कार्ड बनवाने के नियमों में भी रसद विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद परिवार फ्री राशन ले रहा है तो आपको जेल भी हो सकती है।


    इन परिस्थितयों में राशन कार्ड को करें सरेंडर
    -गरीबी रेखा के मापदंडों में नहीं आने पर
    -घर में तमाम सुख सुविधा होने बावजूद भी राशन लेने पर
    -परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में होने पर
    -पारिवारिक आय मासिक 3000 हजार रुपए से ज्यादा होने पर
    -APL के लिए पारिवारिक आय 10 हजार रुपए मासिक से ज्यादा होने पर -एक से अधिक जगह राशन कार्ड होने पर

    क्या है पूरा मामला! दरअसल वर्ष 2020 में कोरोना की शुरूआत में केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी किए थे। इन राशन कार्ड के जरिए लोगों को राशन, अनाज, तेल, चीनी आदि उपलब्ध करवाए गए थे। उस दौरान बहुत से अपात्र लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे और योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया था। परन्तु अब सरकार चाहती है अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर किया जाए। इसके लिए सरकार उन सभी लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का अंतिम अवसर दे रही हैं। यदि अपात्र होने के बावजूद भी किसी ने राशन कार्ड सरेंडर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी औऱ उन्हें दिए गए राशन के बदले भुगतान की वसूली भी की जाएगी।

    इन लोगों को माना गया है राशन कार्ड बनवाने के लिए अपात्र
    ऐसे नागरिकों को इस योजना के लिए अपात्र माना गया है जिनके पास…


    1. 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है,
    2. जिनके पास गाड़ी, ट्रैक्टर है,
    3. जिनके पास एयरकंडीशनर है,
    4. जिनकी गांवों में दो लाख रुपए व शहर में तीन लाख रुपए से अधिक की पारिवारिक आय है,
    5. जिनके पास 5 किलोवाट की क्षमता का जनरेटर हो या,
    6. जिनके पास एक या एक से अधिक हथियार के लाइसेंस हों।
    उपरोक्त में से यदि एक भी वस्तु जिनके पास है, वे सभी नए नियमों के अनुसार योजना के लिए अपात्र माने गए हैं। उन लोगों के अपील की गई है कि वे अपना राशन कार्ड तहसील अथवा डीएसओ कार्यालय में सरेंडर कर दें। बाद में यदि जांच में उन्हें अपात्र पाया गया तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
    केवल इनको मिल सकेगा Ration Card
    1. ऐसे सभी परिवार जिनके पास खुद का पक्का मकान नहीं है या झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं।
    2. भीख मांगने वाले
    3. दिहाड़ी मजदूर या कामगार
    4. घरेलू काम-काज कर अपनी आजीविका चलाने वाले श्रमिक
    5. ड्राईवर तथा कुली व बोझा उठाने वाले श्रमिक
    6. भूमिहीन किसान
    7. कूड़ा-करकट बीनने वाले
    8. राज्य सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार
    9. वर्ष 2011 में हुई आर्थिक जनगणना में चिन्हित किए गए गरीब परिवार

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने मार्च के महीने में भारत में 18 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया है। सोमवार को कंपनी ने कहा कि नए आईटी नियम 2021 का अनुपालन करते हुए प्लेटफॉर्म ने फरवरी में देश में ऐसे 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया था। उसे देश से उसी महीने में 597 शिकायत रिपोर्ट भी मिलीं, और ‘कार्रवाई’ वाले 74 खाते थे।

    Big blow to WhatsApp users, company banned more than 30 lakh accounts

    व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने मार्च 2022 महीने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस उपयोगकर्ता-सुरक्षा रिपोर्ट में उपयोगकर्ता की शिकायतों का विवरण और व्हाट्सएप द्वारा की गई संबंधित कार्रवाई के साथ-साथ व्हाट्सएप की स्वयं की निवारक कार्रवाइयां शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा, व्हाट्सएप ने मार्च महीने में 1.8 मिलियन (1,805,000) से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। 

  • नई दिल्ली (एजेंसी)। टैक्स वसूलने के लिए अब सरकार नया हाईटेक सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके बाद फास्टैग सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा। नया सिस्टम सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम पर आधारित होगा।

    किलोमीटर के हिसाब से लगेगा पैसा
    सूत्रों के मुताबिक नए सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इसका पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च हो चुका है। इसे हरी झंडी मिलते ही फास्टैग की जगह पर नेविगेशन सिस्टम से टोल वसूली का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से या तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाएगा। अभी फास्टैग में एक बार टोल टैक्स काटने का नियम है। अगर किसी हाइवे पर गाड़ी चलती है तो टोल प्लाजा पर एक निश्चित राशि फास्टैग अकाउंट से काट ली जाती है। इस राशि का सफर की दूरी या किलोमीटर से कोई वास्ता नहीं होता। नेविगेशन सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। नए सिस्टम में हाइवे या एक्सप्रेसवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय होगा, उतने किलोमीटर का टोल टैक्स देना होगा।

    क्या होगा नए सिस्टम में
    किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर जैसे ही गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ऑन हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही हाइवे से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क पर उतरेगी, तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम पैसा काट लेगा। यह नया सिस्टम भी फास्टैग की तरह होगा, लेकिन पैसा उतना ही लगेगा जितना फासला तय होगा। अभी भारत में तकरीबन 97 फीसदी गाड़ियों में फास्टैग लगा है जिससे टोल वसूली होती है।