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  • छेड़छाड़ और शारीरिक संबंध बनाने को दबाव डालने का आरोप

    सास, जेठ और जेठ के बेटे ने मिलकर उसे घर से निकाला

    पति की मृत्यु के बाद बहू को प्रताड़ित कर रहा जेठ

    ~ Geetanjali singh

    बाराबंकी। पति की मौत के बाद संपत्ति के लालच में ससुराल वालों द्वारा एक बहू को बेरहमी से प्रताड़ित करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने जेठ पर छेड़छाड़ और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। विरोध करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई और झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश भी की गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।

    क्या है पूरा मामला

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना बाराबंकी के कोतवाली नगर क्षेत्र की है। अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ रहने वाली पीड़िता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उनके जेठ पामेश उन पर बुरी नजर रखते थे। वह अक्सर जबरन उनके कमरे में घुस आते और छेड़छाड़ करते, साथ ही जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालते थे। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो जेठ ने कहा कि अगर वह उनकी बात मान लेगी तो वह उसे रानी बनाकर रखेंगे, नहीं तो उसे घर से निकाल देंगे और कोई उनका कुछ नहीं कर पाएगा।
    पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर पामेश और उनके बेटे यश ने उसे मारा-पीटा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 28 जून 2025 को पीड़िता की सास, जेठ और जेठ के बेटे ने मिलकर उसे घर से निकाल दिया था। पीड़िता ने बताया कि वह अपने पति के कारोबार में भी शामिल थी और उसे बखूबी संभालती थी।

    रिपोर्ट दर्ज, पुलिस कार्रवाई का इंतजार

    पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली नगर थाने में ससुराल वालों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। चौकी इंचार्ज संजीव प्रकाश ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस इस मामले में आरोपियों के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाती है।

  • अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पूर्वी उत्तर प्रदेश

    प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धा से किए गए याद

    स्व. हृदय नारायण श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि अर्पित

    ~ गीतांजलि, विनीत सिन्हा

    लखनऊ। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर से पूर्व अध्यक्ष व संरक्षक हृदय नारायण श्रीवास्तव की प्रथम पुण्यतिथि पर सोमवार को जियामऊ स्थित विश्व संवाद केंद्र में स्मृति सभा एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया।

    प्रदेश अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईपीएस उमेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हृदय नारायण जी की सादगी व जनसेवा की भावना का अनुसरण संपूर्ण कायस्थ समाज को करना चाहिए।

    इस अवसर पर विधायक ओपी श्रीवास्तव, भाजपा प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने भी उनके व्यक्तित्व कृतित्व के बारे में बताया।

    इस दौरान ज्ञान प्रकाश अस्थाना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद निगम, संयोजक डीके श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी संजय निगम, नानक चंद्र, भरत दीक्षित, कुलदीप श्रीवास्तव, कीर्ति श्रीवास्तव, अतुल निगम और बीएस लाल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। स्व. हृदय नारायण श्रीवास्तव के पुत्र शेखर श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकाें के प्रति आभार जताया।

  • मिस्टर क्लीन के दौर में बदलवा डाला वीपी सिंह का विभाग

    रिटायर अधिकारियों को मोहरा बना कर देश लूटने का षडयंत्र !

    रिलायंस के कारनामों से हुआ था बिजनेस का नया हथकंडा उजागर!

    ~ KP Singh

    https://jalauntimes.com/2025/08/25/there-is-a-conspiracy-to-loot-the-country-by-using-retired-officers-as-pawn

    बात यूपीए सरकार के समय की है, जिसमें डा. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। इस सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्री यानी अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए जो टेलीकॉम लाइसेंस नीति बनाई थी। इसके चलते डब्ल्यूएलएल-एसटीडी घोटाला को अंजाम देने का मौका रिलायंस को मिला था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। जांच हुई तो पता चला कि एसटीडी और आईएसडी कॉल्स को लोकल दिखाकर रिलायंस ने सरकार को करोड़ों का चूना लगा दिया था। यह मामला बाद में रिलायंस से कुछ जुर्माना लेकर रफादफा कर दिया गया, जबकि सरकार के राजस्व का नुकसान कई गुना ज्यादा था।
    इस मामले में बिजनेस का नया हथकंडा उजागर हुआ था। रिलायंस; टेलीकॉम के रिटायर अधिकारियों को ऊंचे वेतन पर हायर कर लेती थी। इसके बाद उनका इस्तेमाल टेलीकॉम नीति में सेंधमारी के गुर बताने और मामले को फंसने न देने के लिए सेवाकाल में उनके अधीनस्थ रहे वे अधिकारी जो अब उच्च पदासीन हो गए थे, उनको प्रभावित करने में किया जाता था। फिर वह केवल पुराने लिहाज को भुनाने के रूप में हो या लेन-देन से उनको सेट करने के रूप में। सरकार को उसी समय खबरदार हो जाना चाहिए था कि उसके अधिकारियों द्वारा रिटायर होने के बाद किसी संदिग्ध कंपनी का चाकर बनने की गुंजाइश को कैसे कड़ा किया जाये, लेकिन यह कैसे होता। अंबानी तो हर पार्टी की सरकार का बाप जो होता है।

    मिस्टर क्लीन राजीव गांधी जब प्रधानमंत्री थे, तब उनके वित्त मंत्री के रूप में विश्वनाथ प्रताप सिंह ने अर्थव्यवस्था को पारदर्शी और स्वच्छ बनाने के ठोस कदम उठाए थे। यह वो दौर था जब आयकर फार्म का सरलीकरण कर ईमानदार करदाताओं को सहूलियत प्रदान की गई थी, लेकिन काला धन इकठ्ठा करने वालों की शामत लाने का इंतजाम किया गया था। उन्होंने दुनिया की उस समय की आर्थिक अभिसूचना जुटाने वाली सर्वश्रेष्ठ कंपनी फेयरफैक्स को अनुबंधित किया था ताकि देश में किन लोगों के पास ज्यादा काला धन है और यह धन कहां निवेशित किया गया है, पता किया जा सके। कहा जाता है कि इसमें फेयरफैक्स ने अपनी जानकारी में सबसे ऊपर रिलायंस का नाम दर्ज किया था। पर राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहले दिन से ही धीरू भाई अंबानी से अनुग्रहीत थे। मुरली देवड़ा के माध्यम से धीरू भाई अंबानी ने उनसे संपर्क जोड़कर कांग्रेस के उनके समय के पहले राष्ट्रीय अधिवेशन का जो अत्यंत भव्य स्वरूप में हुआ था, उसका पूरा खर्चा उठाया था। इसलिए रिलायंस का तो कुछ नहीं बिगड़ा लेकिन विश्वनाथ प्रताप सिंह का विभाग बदल गया और बाद में नौबत उन्हें कांग्रेस पार्टी से निकाले जाने की आ गई।

    PM बनने का रोड मैप बनी उठा-पटक 

    हालांकि यह उठा-पटक उनके लिए वरदान भी बनी। विश्वनाथ प्रताप सिंह का प्रधानमंत्री बनने का रोड मैप इसी शुरूआत से तैयार हुआ था। …लेकिन वीपी सिंह ऊंची सीढ़ियां चढ़े तो समानान्तर रिलायंस भी अपनी बुलंदी को बढ़ाता गया। उसका रुतबा उस मयार पर पहुंच गया जहां देश की सरकार बनाने और बिगाड़ने की कुंजी उसके हाथ में आ गई। मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू होने के बाद जनता दल की टूट स्वतः स्फूर्त नहीं थी। रिलायंस द्वारा खरीदे गए सांसदों के समर्थन से तथाकथित समाजवादी चंद्रशेखर को जीवन में एक बार प्रधानमंत्री बनने की अपनी हविश पूरी करने का मौका मिल पाया था, जबकि ऐसी सरकार को कबूल करना कलंक का विषय होना चाहिए था। बहरहाल इस पायदान पर पहुंचने के बाद रिलायंस को फिर कोई पीछे मुड़कर देखने के लिए विवश न कर सका। नरसिंहा राव ने पांच वर्षों तक अल्पमत सरकार चलाकर दिखाई, जिसमें कोई चमत्कार नहीं था। झारखंड मुक्ति मोर्चा रिश्वत कांड की याद लोगों को अभी भी होगी। जाहिर है कि यह अपने आप में इस बात को स्पष्ट करने वाला था कि भारत की राजनीति के फैसले अब जनादेश से नहीं बल्कि थैलीशाहों की मेहरबानी पर निर्भर करेंगे। बाद में अटल जी आये तो भी इसका चक्र नहीं टूटा। सभी जानते हैं कि उनकी सरकार में भी धीरू भाई अंबानी को सरकार रूपी कंपनी के मालिक के बतौर ट्रीटमेंट दिया जाता था। उस समय के अखबारों में यह दर्ज है कि जिस दिन अंबानी मुंबई से दिल्ली आते थे, अटल जी के दत्तक दमाद रंजन भटटाचार्य और पीएमओ का एक सीनियर अधिकारी उनकी अगवानी के लिए हवाई अड्डे पर हाजिर मिलता था। संयुक्त मोर्चे की अर्थहीन सरकारों की चर्चा के लिए मैंने जानबूझकर स्याही खर्च करने की जरूरत नहीं समझी। उस समय तक रिलायंस टेलीकॉम सैक्टर के एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित हो चुका था। इसके विभाग संचार की हालत यह थी कि मंत्री बेनीप्रसाद वर्मा रोते थे कि नीति निर्धारक वे हैं और उनके विभाग के निर्णयों को तय करने का काम अमर सिंह अपनी मुटठी में कैद किये हुए हैं। उनकी पार्टी के नेता मुलायम सिंह को बेनी बाबू के दुखड़े की कोई परवाह नहीं थी, क्योंकि अमर सिंह उनके लिए दुधारू सहयोगी थे। ऐसे में कहा जाए कि संचार विभाग तो अंबानी के पास गिरवी हो गया था तो अन्यथा न होगा।
    इस तरह रिलायंस के पैर देश की सत्ता में जमे तो मजबूत ही होते चले गए। मनमोहन सिंह की सरकार में उनका हस्तक्षेप कितना मजबूत था इसकी चर्चा इस आलेख की शुरूआत में हम कर ही चुके हैं। मोदी तो काला धन को विदेशों से खींचकर लाने की प्रतिज्ञा पर ही हीरो बने थे और लोगों के लिए उन पर विश्वास करने का बड़ा कारण यह था कि उनका कोई परिवार नहीं है। विवाह हुआ था, लेकिन जिसे घर बसाना कहते हैं वह उन्होंने कभी नहीं किया। उनके भाई हैं लेकिन उन्हें कभी लाभ पहुंचाया हो इसका उदाहरण उनके मुख्यमंत्रित्व काल से ही किसी को नहीं दिखा। इसलिए इतने वीतराग नेता से स्वाभाविक रूप से अपेक्षा थी कि वे काला धन रखने वाले अमीरों और भ्रष्ट कारगुजारी करने वालों पर कोई रहम नहीं करेगें। …लेकिन उनके मामले में मानवीय मनोविज्ञान के सहज नियम फेल दिखाई दे रहे हैं। अब जबकि मोदी के चहेते उद्योगपतियों का विस्तार विदेशों तक में भरपूर हो चुका है और उनकी व्यवसाय महत्वाकांक्षाओं का कैनवास अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पसर चुका है तो सरकार में उनके दखल को लेकर सतर्कता बरती जानी चाहिए थी लेकिन इस समय तो राष्ट्रीय हितों की कीमत पर इस मामले में उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    चर्चा का विषय बना हुआ है ओआरएफ

    ओआरएफ का फुलफॉर्म है आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन। अंबानी ने आब्जर्वर के नाम से अखबार निकाले थे। इसी नाम से उन्होंने यह फाउंडेशन बनाया जो दरअसल एक थिंक टैंक है। इस फांउडेशन से पहले एस. जयशंकर जुड़े थे अब उनका बेटा ध्रुव जयशंकर अमेरिका में इस फाउंडेशन का हैड है। इस फाउंडेशन के लिए 65 प्रतिशत फंड अंबानी जुटाते हैं। 35 प्रतिशत फंडिंग इसमें विदेशी होती है। ध्रुव जयशंकर ही नहीं रॉ के दो रिटायर चीफ, बीएसएफ के रिटायर डीजी और सरकार को प्रभावित करने की क्षमता रखने वाले अधिकारी, पत्रकार और तमाम अन्य लोग इस फाउंडेशन में नौकरी कर रहे हैं। जैसा कांग्रेस के समय टेलीकॉम में बड़ा मुनाफा हथियाने के लिए रिलायंस ने उसके सेवानिवृत्त अधिकारियों को अपना नौकर बनाकर मोहरा बनाया वैसा अब अंबानी और बड़े स्तर पर कर रहे हैं क्योंकि अब उनके पास पहले से भी ज्यादा ताकतवर लोगों की फौज है। अमेरिका में अंबानी के स्वार्थ को पूरा करने के लिए ध्रुव का इस्तेमाल क्यों नही हो सकता। आखिर पापा को उनकी बात तो माननी ही पड़ेगी। यहां तक कि चूंकि ध्रुव अमेरिका में सैट है, जहां की एजेंसियों को कहा जाता है कि निरंकुश पॉवर हैं तो उन्हें डराकर अमेरिका अपने हित के लिए भारत की नीतियों को ट्विस्ट करा दे यह आशंका दिमाग में क्यों नहीं रखी जानी चाहिए। आरोप लग रहा है कि ध्रुव जयशंकर की इसी हैसियत के कारण भारत की विदेश नीति के लिए गच्चा खाने की नौबत आई है।

    अजीत डोभाल और उनके दो बेटे

    अब बात अजीत डोभाल की, जो मोदी सरकार के पहले दिन से अभी तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। उनके दो बेटे हैं शौर्य और विवेक। शौर्य को वंशवाद के खिलाफ जुबानी जंग छेड़े मोदी जी को पौड़ी गढ़वाल से लोकसभा का उम्मीदवार बनाते समय बिल्कुल नहीं लगा कि यह करके वे लोगों की निगाह में अपना धर्म भ्रष्ट करने के अपराधी बन रहे हैं। आखिर शौर्य ने फील्ड पर कोई काम तो किया नहीं था, जिससे पौड़ी की जनता शौर्य-शौर्य करके उन्हें चुनाव मैदान में लाने की मांग कर रही हो! उनको टिकट के लिए चयनित करने का एक ही आधार था कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बेटे हैं। शौर्य और विवेक के बिजनेस कनेक्शन भी चर्चा का विषय है। शौर्य का कनेक्शन इण्डिया फाउंडेशन नाम के एक थिंक टैंक से है, जिसमें निर्मला सीतारमण भी निदेशक रहीं हैं। निजी कंपनी द्वारा पोषित इस फाउंडेशन की भी सरकार को नीतियों के मामले में गाइड करने में बड़ी भूमिका बताई जाती है। अब उसकी गाइडेंस देश के हितों के मद्देनजर होती है या अपने आका कॉरपोरेट के हितों के लिए; यह शोध का विषय है। विवेक ने कैमल द्वीपीय देश में अपनी एक कंपनी रजिस्टर करा रखी है। दुनिया में यह चर्चा आम है कि कैमल, कर चोरों का स्वर्ग देश है जहां बड़े पैमाने पर मनी लांड्रिंग का काम होता है। खुद अजीत डोभाल भी विवेकानंद फाउंडेशन के नाम से राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्रित एक थिंक टैंक चला रहे हैं।

    देश की गोपनीय जानकारियां सुरक्षित ?

    क्या ऐसी स्थितियों में देश की गोपनीय जानकारियां सुरक्षित रहने को लेकर आश्वस्त हुआ जा सकता है। क्या ऐसा सोचा जा सकता है कि ऐसी स्थितियों में सरकार देश के लोगों के उत्थान की नीतियां बना और लागू कर सकती हैं या तंत्र ने अपने को निहित स्वार्थों के हितों की पूर्ति के लिए टिका दिया है। हो सकता है कि हमारे अंदेशे गलत हों लेकिन सरकार को ऐसे विधि-विधान बनाने की सोचना ही पड़ेगा, जिसमें उच्च पदों के रिटायर लोगों के लिए मुनाफाखोरों का मोहरा बनने की गुंजाइश न रहे। इसी के दृष्टिगत नियम बनाया गया है कि विधायक, सांसद, मंत्री पद पर रहते हुए ठेकेदारी आदि कोई निजी कारोबार नहीं करेंगे तो इस बंदिश का विस्तार और क्यों नहीं हो सकता? रिटायरमेंट के बाद उच्च पदाधिकारियों को अच्छी खासी पेंशन मिलती है फिर भी उनका पेट क्यों नहीं भरता? रिटायरमेंट के बाद अगर वे घर नहीं बैठना चाहते तो देश हित के लिए बिना कुछ लिए स्वयंसेवा क्यों नहीं करते? व्यक्तिगत कामों की चिंता के अलावा हर व्यक्ति में समाज के लिए अपने समय और कमाई का एक अंश अर्पित करने का जज्बा होना चाहिए। अगर ऐसे संकल्प नहीं होंगे तो उच्चादर्श पर आरूढ़ समाज के निर्माण की कल्पना कैसे हो सकेगी?

  • शिक्षिका ने प्रेमी संग दिया वारदात को अंजाम

    सनसनीखेज मामले का बिजनौर पुलिस ने किया खुलासा

    मेरठ के युवक को शिक्षिका ने किया अगुवा, तलाश रही पुलिस

    बिजनौर। पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। एक शिक्षिका ने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर मेरठ के एक युवक को अगवा कर लिया और उसकी बुरी तरह पिटाई कर मरणासन्न स्थिति में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अपहृत युवक की बरामदगी के लिए पुलिस टीम लगी हुई हैं।

    स्वाट/सर्विलांस व थाना चाँदपुर पुलिस टीम ने मु.अ.सं. 420/25 धारा 140 (1)/115(2)/3(5) बीएनएस में वांछित 05 अभियुक्तों को घटना में प्रयुक्त कार, मोटरसाईकिल एवं 04 मोबाईल फोन सहित किया गिरफ्तार।

    यह मामला तब शुरू हुआ जब मेरठ के अनुराग आर्य ने अपनी जीरो एफआईआर (Zero FIR) में बताया कि उनके चचेरे भाई अमित आर्य को बिजनौर बुलाकर ज्योति और 4 अज्ञात लोगों ने पीटा और उसे अपनी कार में कहीं ले गए। इस शिकायत के आधार पर, चांदपुर थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि इस घटना की मुख्य आरोपी ज्योति है, जो चांदपुर के एक कॉलेज में शिक्षिका है। उसके साथ उसका प्रेमी सचिन और उसके दोस्त यक्षु, शुभम और अनस भी इस वारदात में शामिल थे।

    जानिए क्या हुआ था

    पुलिस पूछताछ में पता चला है कि ज्योति का सचिन के साथ प्रेम संबंध था। अमित आर्य ने इंस्टाग्राम पर ज्योति को अश्लील फोटो और वीडियो भेजना शुरू कर दिया था। उसने ज्योति को लगातार कॉल करके परेशान किया। ज्योति ने यह बात सचिन को बताई और उन्हें स्क्रीनशॉट भी दिखाए। इसके बाद, ज्योति, सचिन और उनके दोस्तों ने अमित को सबक सिखाने की योजना बनाई।

    अपहरण और पिटाई: 11 जुलाई 2025 को, ज्योति, सचिन और यक्षु एक कार से बिजनौर के गोलबाग चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने अमित को वहां बुलाया और कालीमाता मंदिर से झालू रोड पर उसका अपहरण कर लिया।

    मारपीट और वीडियो रिकॉर्डिंग: आरोपियों ने अमित का फोन छीन लिया, उसकी सिम तोड़ दी और उसे चांदपुर की अकोन्दा नहर पटरी पर ले गए। वहां उन्होंने अमित की जमकर पिटाई की। इस दौरान, यक्षु ने अपने फोन से पूरी घटना का वीडियो बनाया।

    मरणासन्न हालत में छोड़ा: पिटाई के बाद, उन्होंने अमित के कपड़े बदले और उसे उसकी सिम के बिना मोबाइल लौटा दिया। इसके बाद, वे उसे अम्हेड़ा चौराहे से आगे कुल्चाना गांव के पास सड़क किनारे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए।

    पुलिस की पूछताछ में क्या हुआ खुलासा ? 

    अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विनय कुमार सिंह ने बताया कि अभियुक्तगण से पूछताछ पर यह तथ्य प्रकाश में आए हैं कि ज्योति राजपूत वर्ष 2023 से आसरा कॉलेज, नहटौर रोड पर शिक्षिका के पद पर कार्यरत है तथा वर्ष 2023 से उसके सचिन से संबंध थे। दिनांक 04 जुलाई 2025 को ज्योति की इंस्टाग्राम पर अमित आर्या नामक व्यक्ति की आईडी से हाय/हैलो मैसेज आए, जिनका उसने उत्तर नहीं दिया, परन्तु दिनांक 08 जुलाई 2025 को अमित द्वारा ज्योति को इंस्टाग्राम पर अश्लील फोटो/वीडियो भेजे जाने लगे तथा आडियो/वीडियो कॉल कर परेशान किया गया। दिनांक 09 जुलाई 2025 को कॉलेज के दौरान भी लगातार कॉल आने लगी तो कॉलेज मालिक के बेटे प्रियांशु पुत्र कुलवन्त के कहने पर ज्योति ने अपना नम्बर अमित को दे दिया। इसके बाद अमित द्वारा लगातार वाट्सएप कॉल/मैसेज आने लगे, जिनकी जानकारी अभियुक्ता ज्योति ने सचिन को दी और स्क्रीनशॉट भी दिखाए। ज्योति ने सचिन व प्रियांशु के साथ मिलकर अमित आर्या को बुलाकर मारपीट की योजना बनाई, जिसमें सचिन द्वारा यक्षू उर्फ यक्षराज, छोटू उर्फ शुभम व अनस को भी सम्मिलित किया गया।
    दिनांक 11.07.2025 को पूर्व योजना के अनुसार ज्योति, सचिन व यक्षू आई-20 कार से निकले और गोलबाग चौराहा, बिजनौर पर अमित को बुलाकर काली माता मंदिर से झालू रोड पर हत्या करने के इरादे से अपहरण कर लिया गया, जहां पर अभियुक्तों ने अमित को दबोचकर उसका मोबाइल छीन कर सिम तोड़ दिया तथा अमित को अकोंधा नहर पटरी चाँदपुर ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। इसकी वीडियो यक्षू उर्फ यक्षराज ने अपने मोबाईल फोन से बना ली। इसके उपरान्त अमित के कपड़े बदलवाकर उसका मोबाइल (बिना सिम) लौटाकर कार में बैठाया गया और सचिन, यक्षू व छोटू द्वारा उसे आई-20 कार से अम्हेड़ा चौराहे से आगे कुल्चाना गांव के पास सड़क किनारे मरणासन्न अवस्था में कार से उतार कर फरार हो गए।

    गिरफ्तारी और बरामदगी

    पुलिस ने इस मामले में ज्योति पुत्री परमेन्द्र नि० स्याऊ थाना चाँदपुर जनपद बिजनौर, सचिन उर्फ शोभित पुत्र गजराज, यक्षु उर्फ यक्ष उर्फ यक्षराज पुत्र राकेश, शुभम उर्फ छोटू पुत्र सुभाष निवासीगण ग्राम कौशल्या थाना चाँदपुर जनपद बिजनौर और अनस कुरैशी पुत्र उस्मान नि० ग्राम बास्टा थाना चाँदपुर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक आई-20 कार नंबर DL7CL-3036, एक प्लैटिना मोटरसाइकिल UP20CD-6056, एक वेन्यू कार UP23AM-2051, अमित के मोजे और 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

    आरोपियों पर दर्ज मामले:

    सचिन उर्फ शोभित: इसके खिलाफ पहले भी 6 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास (धारा 307), मारपीट, धमकी और हथियार अधिनियम (Arms Act) जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
    यक्षु उर्फ यक्ष उर्फ यक्षराज: इसके खिलाफ मारपीट और धमकी देने के 2 पुराने मामले दर्ज हैं।
    शुभम उर्फ छोटू: इसके खिलाफ भी मारपीट और धमकी का एक मामला दर्ज है।
    ज्योति: इसके खिलाफ कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

    गिरफ्तार करने वाली थाना चांदपुर की पुलिस टीम:
    प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार,
    प्रभारी स्वाट टीम, निरीक्षक सचिन मलिक मय टीम
    उप-निरीक्षक मदनपाल राणा,
    उप-निरीक्षक संदीप पंवार,
    उप-निरीक्षक हिमांशु पंवार,
    महिला उप-निरीक्षक सुश्री अल्पना,
    उप-निरीक्षक रोबिन कौशिक,
    हेड कांस्टेबल विपिन कुमार,
    हेड कांस्टेबल कृष्णपाल,
    कांस्टेबल अवनीश,
    कांस्टेबल सागर कुमार,
    कांस्टेबल चरन सिंह,
    महिला कांस्टेबल प्रीति।

  • ‘पाटा ट्रैवल मार्ट 2025’

    बैंकॉक, थाईलैंड में 26 से 28 अगस्त तक आयोजन

    उत्तर प्रदेश बौद्ध पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करेगा

    लखनऊ/बैंकॉक, 25 अगस्त, 2025:

    उत्तर प्रदेश सरकार ‘पाटा ट्रैवल मार्ट 2025’ में अपनी बौद्ध विरासत को दुनिया के सामने पेश करने के लिए तैयार है। यह कार्यक्रम 26 से 28 अगस्त तक बैंकॉक, थाईलैंड के क्वीन सिरकिट नेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाला है।

    पाटा ट्रैवल मार्ट 2025, या PTM 2025, 26 से 28 अगस्त, 2025 तक क्वीन सिरिकिट नेशनल कन्वेंशन सेंटर (QSNCC), बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित किया जा रहा है। यह एक दिवसीय सम्मेलन, दो दिवसीय बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) ट्रैवल मार्ट और नेटवर्किंग के अवसरों का एक संयोजन है, जो एशिया प्रशांत क्षेत्र के यात्रा और पर्यटन पेशेवरों को एक साथ लाता है।

    बौद्ध सर्किट पर ध्यान केंद्रित

    ‘उत्तर प्रदेश में अपनी बोधि यात्रा शुरू करें’ शीर्षक के विशेष अभियान के साथ, राज्य अपने अद्वितीय आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक बुनियादी ढांचे और वैश्विक साझेदारी के साथ मिलाते हुए, बौद्ध पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को उजागर करेगा। उत्तर प्रदेश के पवेलियन में बौद्ध सर्किट के छह प्रमुख पवित्र स्थलों – सारनाथ, कपिलवस्तु, संकिसा, कौशांबी, श्रावस्ती और कुशीनगर – पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। गहन प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कहानियों और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से, आगंतुकों को भगवान बुद्ध की यात्रा का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय परंपराओं, शिल्प और व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

    आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रदर्शन

    उत्तर प्रदेश अपने आधुनिक विकास को भी प्रदर्शित करेगा, जिसमें कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विश्व स्तरीय सुविधाएं, वाराणसी तक बेहतर कनेक्टिविटी और बौद्ध स्थलों पर उन्नत यात्री बुनियादी ढांचा शामिल है। ये सभी सुविधाएं अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “पाटा ट्रैवल मार्ट में हम उत्तर प्रदेश को बौद्ध पर्यटन के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करेंगे। हमारा बौद्ध सर्किट आध्यात्मिक खोज के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक और अनुभवात्मक यात्राएं भी प्रदान करता है। नए हवाई अड्डों, बेहतर कनेक्टिविटी और वैश्विक ऑपरेटरों के साथ सहयोग के माध्यम से, हम यूपी को अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों के लिए बौद्ध यात्रा का केंद्रीय केंद्र बनाने के लिए तैयार हैं।”

    पर्यटन एवं संस्कृति के प्रमुख सचिव, मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा, “राज्य ने विश्व स्तरीय सुविधाओं, डिजिटल पहुंच और स्थायी पर्यटन प्रथाओं के साथ बौद्ध सर्किट को मजबूत करने के लिए एक केंद्रित प्रयास किया है। पाटा में, हम एयरलाइंस, डेस्टिनेशन मैनेजरों और निवेशकों के साथ वैश्विक साझेदारी बनाने के लिए जुड़ेंगे, जो उत्तर प्रदेश में अधिक यात्रियों को लाएगा। हमारा लक्ष्य यूपी में बोधि यात्रा को तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक निर्बाध, सुरक्षित और समृद्ध यात्रा बनाना है।”

    व्यापक पर्यटन परिदृश्य

    बौद्ध प्रदर्शन के साथ, उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को अपने व्यापक पर्यटन परिदृश्य से भी परिचित कराएगा। इसमें अयोध्या और मथुरा-वृंदावन की जीवित परंपराएं, कन्नौज की इत्र विरासत और देव दीपावली, महाकुंभ, रंगोत्सव और ताज उत्सव जैसे भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।

    बैंकॉक में इन तीन दिनों के दौरान, यूपी पर्यटन नए सहयोग बनाने, यात्रा योजनाओं को सह-निर्मित करने और वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उत्तर प्रदेश की दृश्यता को मजबूत करने के लिए वैश्विक हितधारकों के साथ बैठकें करेगा। उम्मीद है कि राज्य की भागीदारी व्यापक रुचि को आकर्षित करेगी और भारत के आध्यात्मिक हृदय के रूप में इसकी छवि को मजबूत करेगी, जो दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है।

  • भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के लिए क्यों इतने दुलारे हो गए ब्रजभूषण

    भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के लिए क्यों इतने दुलारे हो गये ब्रजभूषण

    ~ केपी सिंह

    पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह पर भाजपा हाईकमान का लाड़ आजकल जिस तरह बरस रहा है वह चर्चा का विषय बना हुआ है। गत 19 अगस्त को ब्रजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण ने अपने बच्चों कामाक्षी सिंह और अमर्थ भूषण सिंह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों ही नेता बहुत व्यस्त रहते हैं। प्रधानमंत्री तो इतने व्यस्त रहते हैं कि हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ कई बार उनसे मुलाकात करने दिल्ली गए लेकिन उनको अमित शाह और जेपी नड्डा के दर्शन में ही संतोष करके वापस लौटना पड़ा। प्रधानमंत्री उनसे मुलाकात के लिए समय नही निकाल सके। हालांकि कई बार के प्रयास के बाद उन्हें किसी तरह प्रधानमंत्री से भेंट की इच्छा का सौभाग्य बाद में प्राप्त हो गया था। लेकिन करण भूषण सिंह पहली बार के निर्वाचित सांसद हैं और वह भी एवजी सांसद हैं। उनके पिता ब्रजभूषण के महिला पहलवानों पर दिखाई गई मर्दानगी के कारण भाजपा उनको 2024 का टिकट देने में सकुचा गई थी। लेकिन ऐसे पुण्य कर्ता से मुंह मोड़ने का पाप भी संभव नही था। इसलिए बात बनाई गई और ब्रजभूषण के स्थान पर उनके बेटे करण भूषण को टिकट दे दिया गया तो करण भूषण एवजी सांसद हुए न!

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीति में वंशवाद के खिलाफ भी दिल्ली आने के बाद से परचम उठाये हुए हैं। लेकिन करण भूषण को मुलाकात का समय देते हुए इस मामले में उनको धर्म भ्रष्ट होने का डर नहीं सताया। प्रधानमंत्री की बहादुरी के ऐसे नमूने हर दिन और दिन में कई बार सामने आते हैं जब कई बार अपनी घोषित आन तोड़ने में लोकलाज उनके आड़े नहीं आ पाती। चूंकि वे अलौकिक प्रधानमंत्री हैं इसलिए उन्हें जवाबदेही के घेरे में लेना मुनासिब नहीं है।

    महिला पहलवान जब उनके खिलाफ आसमान सिर पर उठाए हुए थीं तो उस समय प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के लिए उनके गुणों को पहचानने का अवसर था। चूंकि देश के ये शिखर नेता इस मामले में असाधारण प्रतिभा के धनी हैं। इन्होंने कई बार अपनी गुण ग्राहक विशिष्टता का प्रदर्शन किया है। अजय मिश्रा टिन्नी के साहबजादे द्वारा अपनी थार जीप से किसानों को कुचलने के मामले में भी इन नेताओं की अडिगता का नमूना सामने आया था। अजय मिश्रा ने खुलेआम इस घटना को नकारने का प्रयास करके गृह राज्य मंत्री की अपनी हैसियत का उपयोग केस को ट्विस्ट करने की कोशिश की थी लेकिन इस दुस्साहस के बावजूद उनका विभाग तक बदलने की नही सोची गई। इसे प्रशासनिक दृढ़ता कहें या धृष्टता यह लोगों के विवेक पर निर्भर है। लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इतने साहसी नही हैं। वे मानते हैं कि लोकलाज भी कोई चीज है जिस पर आंच आते दिखती है तो वह हाथ खींचने में अपनी भलाई समझते हैं। महिला पहलवानों के मामले में केंद्रीय नेतृत्व के रवैये के विपरीत योगी का रुख अपने पुराने मित्र ब्रजभूषण के प्रति ऐसा रहा कि वे उसे दगा की तरह मानने लगे।

    ब्रजभूषण और सीएम के बीच बोलचाल तक बंद हो गई। खबरें तो यहां तक हैं कि देवीपाटन मंडल में ब्रजभूषण शरण सिंह की सरकार के समानान्तर हुकूमत को खत्म करने तक का इरादा योगी ने बना लिया तांकि ब्रजभूषण सिंह को एहसास हो सके कि उनको सीमा का ध्यान रखना चाहिये था। पानी सिर से ऊपर चला गया तो कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके तहत योगी ने पीडब्लूडी और अन्य विभागों में टेंडरों पर उनके एकाधिकार को रोक दिया। गोंडा के डीएम, एसपी को हिदायत दी गई कि वे ब्रजभूषण से दूरी बनाकर काम करें। देवीपाटन क्षेत्र में उन्होंने ब्रजभूषण शरण सिंह के बरक्स कीर्तिवर्धन सिंह का कद बढ़ाना शुरू कर दिया।

    ब्रजभूषण ने अपना साम्राज्य खत्म होते देख केंद्रीय नेतृत्व का सहारा लिया तो केंद्रीय नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को इशारा दिया कि ब्रजभूषण से राजनीतिक अदावत पार्टी को मंहगी पड़ सकती है इसलिए उन्हें मुलाकात का समय दें और उनसे दूरियां खत्म करें। योगी आदित्यनाथ ने इस पर यस कह दिया जिसके चलते 31 महीने के अबोलेपन के बाद 21 जुलाई को ब्रजभूषण लखनऊ में योगी के सरकारी आवास पर पहुंचे। योगी और उनके बीच कोई कहता है कि केवल 15 मिनट बात हुई और कोई कहता है कि मुलाकात 1 घंटे चली। लेकिन जो भी हो यह स्पष्ट रहा कि योगी ने मुलाकात में किसी ठोस मुददे पर चर्चा का अवसर नही आने दिया और उनकी और उनके परिवार की कुशलक्षेम पूंछने में मुलाकात का पूरा समय गुजार दिया। ब्रजभूषण योगी के इस रवैये से खिन्न होकर निकले लेकिन उन्होंने फिर भी संयम साधा। पर पत्रकारों से यह जताकर कि मुलाकात की पहल उन्होंने नही की थी मुख्यमंत्री की ओर से मिलने का संदेश आया तो वे चले आये ब्रजभूषण ने कहीं न कहीं भड़ास सी निकाली थी।
    इसके बाद ब्रजभूषण के सामने यह स्पष्ट होता गया कि अभी भी देवीपाटन मंडल में उनका साम्राज्य बरकरार न रहने देने के योगी के निश्चय पर कोई अंतर नही आया तो ऐंठू मिजाज के ब्रजभूषण भी जबावी कार्रवाई के लिए तैयार हो गये। योगी से भेंट करने गये बाबा रामदेव को सार्वजनिक रूप से काना बाबा कहकर ब्रजभूषण ने एक तरह से योगी को चिहुकाने का काम किया। मीडिया में इस तरह की खबरे प्लांट कराई जाने लगीं जिससे ब्रजभूषण को उत्तर प्रदेश की राजनीति के अत्यंत सशक्त राजपूत नेता के रूप में जनमानस में स्थापित किया जा सके। यहां तक कि ऐसी खबरे भी चलवाई गईं कि ब्रजभूषण को भाजपा का हाईकमान योगी का विकल्प बना सकता है। जाहिर है कि ब्रजभूषण के कद संवर्द्धन की इस कवायद के पीछे भाजपा हाईकमान के अदृष्ट प्रयास रहे। इसी कड़ी में उनके पुत्र से परिवार सहित भेंट करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने समय निकाल लिया। चूंकि उनकी नजर में इस मुलाकात में बड़ी राष्ट्रीय उपयोगिता नजर आई होगी।

    2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री थे तो तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह देश के सबसे बड़े क्षत्रिय नेता के रूप में आम धारणाओं में मान्य किये जा चुके थे। वैसे तो राजनाथ ने ही नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में पार्टी की ओर से पेश कराने मेें भूमिका निभाई थी। लेकिन कहा यह जाता है कि उनको यह उम्मीद नही थी कि चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलेगा। इसलिए उन्होंने सोच रखा था कि गठबंधन में सहयोगी दलों को मोदी स्वीकार नही होगें और गेंद उनके पाले में आ जायेगी पर यह नही हुआ। कुर्सी पर आसीन होने के बाद ये चर्चाएं मोदी के कानों में भी पहुंची तो उन्होंने राजनाथ के कद के अल्पीकरण का इंतजाम किया। इसी के तहत उन्होंने नरेंद्र सिंह तोमर को अपने मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाकर राजनाथ के समकक्ष खड़ा किया। उत्तर प्रदेश में भी क्षत्रियों के एकछत्र नेता के रूप में राजनाथ के कद को कट साइज करने के लिए ही उन्होंने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति दे दी। इस क्रम में शुरूआत में केंद्रीय नेतृत्व ने योगी को पर्याप्त प्रोत्साहित भी किया पर बाद में अपनी महत्वाकांक्षाओं के कारण जिसे दवा समझा गया था वे योगी केंद्रीय नेतृत्व के लिए दर्द बन गये। इस बीच राजनाथ चूंकि मोदी के सामने पूरी तरह सरेंडर कर गये थे इसलिए नरेंद्र सिंह में केंद्रीय नेतृत्व की रुचि समाप्त हो गई थी और उन्हें मध्य प्रदेश का विधानसभा अध्यक्ष बनाकर निपटा दिया गया था। अब योगी के मुकाबले नया ठाकुर चेहरा लाने की मशक्कत हो रही है। क्षत्रिय राजनीति की बिसात पर केंद्रीय नेतृत्व के मोहरेबाजी के खेल में फिलहाल ब्रजभूषण के नाम की गोटी लाल की जा रही।

  • MP 2000 year old Shani Navgrah temple is very amazing to get relief from Shani Sadesati and Pitru Dosh

    MP का 2000 साल पुराना शनि नवग्रह मंदिर है बेहद अद्भुत, दर्शन मात्र से शनि साढ़ेसाती व पितृ दोष से मिलती है राहत

    एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ – Hindustan

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  • ताजी हवा की कमी बन सकती है दम घुटने (asphyxiation) का कारण

    एयर टाइट कमरे में AC चलाते वक्त बरतें सावधानी ⚠️

    पूरी तरह से बंद (एयर टाइट) कमरे में AC चलाना खतरनाक हो सकता है। इसका सबसे बड़ा खतरा है ताजी हवा की कमी, जिससे कमरे में कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2) का स्तर बढ़ सकता है और ऑक्सीजन (O_2) का स्तर घट सकता है, जो दम घुटने (asphyxiation) का कारण बन सकता है।

    एयर टाइट कमरे में AC चलाते समय हवा के सही वेंटिलेशन के लिए थोड़ी देर के लिए दरवाजा खोलना, नियमित समय पर एयर फिल्टर साफ करना, और एसी को बहुत कम तापमान पर लगातार चलाने से बचना महत्वपूर्ण है। इससे हवा में नमी बनी रहेगी और घुटन या एलर्जी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकेगा।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ताजी हवा की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करें। एयर कंडीशनर कमरे की मौजूदा हवा को ठंडा करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, वे बाहर से ताजी हवा नहीं लाते। हवा के आदान-प्रदान के लिए एक खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें।

    खतरे ⚠️

    ऑक्सीजन की कमी: जब लोग एक बंद जगह में साँस लेते हैं, तो वे ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। एक एयर टाइट कमरे में, ऑक्सीजन का स्तर धीरे-धीरे कम होता जाएगा जबकि कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ता जाएगा। इससे सिरदर्द, चक्कर आना और भ्रम जैसी समस्याएँ हो सकती हैं, और गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है।

    कार्बन डाइऑक्साइड का जमाव: CO_2की अधिक मात्रा भी जहरीली हो सकती है। भले ही कमरे में ऑक्सीजन मौजूद हो, अधिकCO_2 होने पर शरीर उसका ठीक से उपयोग नहीं कर पाता, जिससे हाइपरकेनिया (hypercapnia) नामक स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

    AC में खराबी:

    हालाँकि यह दुर्लभ है, एक खराब AC यूनिट से रेफ्रिजरेंट गैस लीक हो सकती है, जो जहरीली होती है। एक सीलबंद कमरे में, ये गैसें बहुत जल्दी खतरनाक स्तर तक जमा हो सकती हैं।

    सुरक्षा उपाय और सुझाव ✅

    सुनिश्चित करें उचित वेंटिलेशन:

    एग्जॉस्ट फैन का उपयोग करें: यदि संभव हो, तो कमरे की बासी हवा को बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन का उपयोग करें, जिससे ताजी हवा अंदर आ सके।

    कार्बन डाइऑक्साइड मॉनिटर लगाएं: अतिरिक्त सुरक्षा के लिए, एक CO_2 मॉनिटर लगाने पर विचार करें जिसमें अलार्म हो। यह डिवाइस आपको तब अलर्ट करेगा जब कमरे में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर असुरक्षित हो जाएगा।

    कमरे को पूरी तरह से सील करने से बचें: बेहतर कूलिंग के लिए दरवाजों, खिड़कियों या किसी भी अन्य खुले स्थान को टेप लगाकर “अधिक एयर टाइट” बनाने की कोशिश न करें। कूलिंग दक्षता में थोड़ी सी वृद्धि के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उठाना सही नहीं है।

    नियमित AC रखरखाव: यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका AC सही ढंग से काम कर रहा है और किसी भी संभावित रिसाव को रोकने के लिए, उसकी नियमित सर्विसिंग करवाएं।
    हमेशा अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य को कूलिंग दक्षता से ऊपर रखें। एक अच्छी तरह से हवादार कमरा ही एक सुरक्षित कमरा है।

  • मुख्यालय पर लगभग 192 वर्ग गज की भूमि का चयन

    भुइयार समाज उत्थान समिति की भूमि खरीद हेतु बैठक

    अब जल्द होगा भुइयार समाज की धर्मशाला का निर्माण

    ~भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। भुइयार समाज की धर्मशाला का निर्माण अब जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए बिजनौर मुख्यालय पर लगभग 192 वर्ग गज की भूमि का चयन कर लिया गया है।

    भुइयार समाज उत्थान समिति (रजि०) बिजनौर के सौजन्य से आज, 24 अगस्त 2025 को, एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक महा सिंह के नवनिर्मित व्यावसायिक भवन, बख्शीवाला फाटक के पास, बिजनौर में हुई।

    बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष करनपाल सिंह ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी महामंत्री बलजीत सिंह ने संभाली। इस दौरान समाज के लिए धर्मशाला के निर्माण हेतु भूमि खरीदने पर चर्चा हुई। अध्यक्ष ने बताया कि बिजनौर मुख्यालय पर लगभग 192 वर्ग गज की भूमि का चयन कर लिया गया है। इस आवश्यक बैठक में समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनमें संरक्षक राजपाल सिंह और विजयपाल सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष बलवंत सिंह, कोषाध्यक्ष सुभाष सिंह, प्रचार मंत्री शेर सिंह, और अन्य कोर कमेटी सदस्य शामिल थे।

    नूरपुर से भी मास्टर हरपाल सिंह, कैलाश सिंह, विजयपाल और देवराज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस बैठक में शामिल हुए। सभी ने समाज के उत्थान के लिए धर्मशाला निर्माण के इस प्रयास का समर्थन किया।

  • संत निरंकारी मंडल, ब्रांच चांदपुर का विशाल रक्तदान शिविर

    लंगर और एक विशाल सत्संग का भी आयोजन

    निरंकारी मिशन के शिविर में 100 यूनिट रक्तदान

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    चांदपुर, बिजनौर। संत निरंकारी मंडल, ब्रांच चांदपुर के तत्वावधान में धनोरा रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन चांदपुर की पूर्व विधायक कमलेश सैनी और बरेली जोन 58 के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

    शिविर में जिला संयुक्त चिकित्सालय बिजनौर के डॉक्टरों की देखरेख में करीब 100 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस नेक कार्य में बिजनौर, नजीबाबाद, हल्दौर, नूरपुर, धामपुर, किरतपुर, खानपुर खादर जैसी जनपद की विभिन्न ब्रांचों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष रक्तदाताओं ने भाग लिया। रक्तदान शिविर के साथ-साथ, लंगर और एक विशाल सत्संग का भी आयोजन किया गया।

    1985 से अब तक लगभग 10 लाख यूनिट से अधिक रक्तदान

    सत्संग में जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल ने निरंकारी मिशन की रक्तदान परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिशन 1985 से लगातार रक्तदान कर रहा है और अब तक लगभग 10 लाख यूनिट से अधिक रक्तदान कर चुका है। उन्होंने सद्गुरु से ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने और उसके महत्व पर भी जोर दिया, यह बताते हुए कि यही ज्ञान आत्मा को मोक्ष और मुक्ति दिला सकता है।

    कार्यक्रम का संचालन महात्मा सुरेंद्र खन्ना ने किया। इस दौरान जनपद बिजनौर के बिजनौर, नजीबाबाद, हल्दौर, नूरपुर, धामपुर, किरतपुर, खानपुर खादर सहित विभिन्न ब्रांचों के रक्तदाताओं और सेवादारों का विशेष योगदान रहा।सत्संग कार्यक्रम में खानपुर खादर ब्रांच के कैलाश सिंह, धामपुर से भीम सिंह, योगेश कुमार, खानपुर राजा के ताजपुर ब्रांच से मुकेश, सुरेंद्र सिंह, किरतपुर से हुकम सिंह, नहटौर से कुशल पाल शर्मा, बिजनौर ब्रांच से भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, क्षेत्रीय संचालक पवन कुमार, डीके सागर, बृजेश कुमार के साथ ही चांदपुर ब्रांच के संचालक राहुल खन्ना, पारुल, अंकित, चारुल, संतोष कुमारी, मिथिलेश, अनीता, मनोज, कमल कुमार, खानपुर शिक्षक यशराज और आदित्य समेत कई अन्य लोगों ने अपना सहयोग दिया।

    स्थानीय मुखी डॉ. केपीएस चौहान ने सभी अतिथियों, मीडिया कर्मियों और सेवादल सदस्यों का आभार व्यक्त किया। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की डॉ. जैस्मिन के नेतृत्व में डॉ. सुमित, योगेंद्र शर्मा, विनोद कुमार सहित 10 सदस्यीय टीम ने रक्तदान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर मीडिया कर्मी राजीव अग्रवाल अमर उजाला, पवन शर्मा दैनिक जागरण, रामावतार शर्मा, मुनेश चंद्र शर्मा, धर्मेंद्र कुमार पब्लिक इमोशन आदि सहित अन्य पत्रकार भी उपस्थित रहे।

  • मेरठ मंडल की आठ परियोजनाओं को मंजूरी: जयवीर सिंह

    गौतमबुद्ध नगर-गाजियाबाद के प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहार का पर्यटन विकास

    धार्मिक पर्यटन के विकास पर खर्च होंगे 07 करोड़ रुपए

    लखनऊ: 24 अगस्त, 2025

    उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए तेजी से काम कर रही है। प्राचीन मंदिरों, गुरुद्वारे और बौद्ध विहार जैसे धार्मिक स्थलों की भव्यता पुनर्स्थापित करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने मेरठ मंडल की आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों में धार्मिक पर्यटन के विकास पर कुल 07 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

    पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विभागीय प्रयासों से श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और प्रदेश में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। हाल के वर्षों में धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थों के साथ-साथ श्रद्धालुओं का रुझान प्रदेश के नए गंतव्यों की ओर भी बढ़ रहा है। मंत्री ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और पर्यटक विकास विभाग की प्राथमिकता में शामिल है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे होने से गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं। इसी क्रम में गौतमबुद्ध नगर जनपद के ग्राम नगली वाजिदपुर के प्राचीन बेरी वाला मंदिर और जेवर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरसा माचीपुर जेवर में मां भूड़ावाली देवी मंदिर का पर्यटन विकास का 01-01 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि से किया जाएगा। इसी प्रकार, नोएडा विधानसभा क्षेत्र के अक्षरधाम कॉलोनी स्थित धम्मदीप बौद्ध विहार और ग्रेटर नोएडा स्थित साईट- बी, सूरजनगर स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए क्रमशः 50-50 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। पर्यटन विभाग के इस तरह के प्रयासों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गाज़ियाबाद जिले के पर्यटन विकास को लेकर बड़ी पहल की गई है। पर्यटन विभाग द्वारा जिले के प्राचीन मंदिरों का सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार कराया जाएगा। इसके तहत जय भीम पार्क (वार्ड-01, कृष्णा नगर बागू), मुरादनगर विधानसभा के ग्राम असालतनगर स्थित श्री हनुमान जी मंदिर, नगर निगम साहिबाबाद के वार्ड-31 सिहानी स्थित प्राचीन शिव मंदिर और मोदीनगर विधानसभा के नगर पंचायत निवाड़ी स्थित चुकाय वाली माता मंदिर के पर्यटन विकास कार्यों पर क्रमशः एक-एक करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की योजना को मूर्त रूप दे रहा है। परियोजनाओं के माध्यम से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों का पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इन प्रयासों से आधुनिक आधारभूत ढांचे का निर्माण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक विरासत को आधुनिक रूप देकर पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय संस्कृति को संजोए रखना है।

  • प्रीपेड बूथ बंद होने से बढ़ी अराजकता

    शिकायत पर जीआरपी ने जब्त किया ऑटो

    ऑटो चालक ने डॉक्टर से 200 मीटर दूरी के वसूले ₹ 2000

    लखनऊ। लखनऊ रेलवे स्टेशन और लखनऊ जंक्शन के नामों के बीच भ्रम का फायदा उठाकर ऑटो चालकों द्वारा यात्रियों से मनमानी वसूली का एक और मामला सामने आया है। इस बार केजीएमयू के डॉक्टर सनी चौधरी को इसका शिकार होना पड़ा, जिनसे महज 200 मीटर की दूरी तय करने के लिए एक ऑटो चालक ने 2000 रुपए वसूल लिए।

    डॉक्टर चौधरी को शुक्रवार की सुबह देहरादून के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़नी थी। स्टेशन के नामों में भ्रम के कारण वह लखनऊ स्टेशन (चारबाग) पहुँच गए, जबकि उनकी ट्रेन लखनऊ जंक्शन (छोटी लाइन) से छूटने वाली थी। स्टेशन के बाहर एक ऑटो चालक ने उन्हें सही प्लेटफॉर्म तक पहुँचाने का झाँसा दिया। ऑटो चालक डॉक्टर को 200 मीटर दूर लखनऊ जंक्शन तक ले गया और इसके लिए उनसे 2000 रुपए वसूल लिए।

    शिकायत पर हरकत में आई GRP

    डॉक्टर चौधरी की शिकायत पर जीआरपी हरकत में आई और ऑटो नंबर यूपी 35 एटी 8997 को जब्त कर लिया गया। जीआरपी प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह ऑटो शाही ऑटो एसोसिएशन से पंजीकृत है और डॉक्टर से तहरीर मिलने के बाद कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

    यात्रियों के लिए स्टेशन के नामों में भ्रम

    यह घटना कोई नई नहीं है। लखनऊ आने वाले यात्री अक्सर लखनऊ स्टेशन (लखनऊ एनआर (LKO)) और लखनऊ जंक्शन (लखनऊ NE (LJN)) के बीच अंतर नहीं समझ पाते। शताब्दी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनें लखनऊ जंक्शन से चलती हैं, जबकि लखनऊ स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों के टिकट पर LKO कोड होता है। ऑटो चालक इसी भ्रम का फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं।

    लापरवाही का नतीजा: प्रीपेड बूथ बंद

    पहले लखनऊ स्टेशन पर जीआरपी द्वारा एक प्रीपेड ऑटो बूथ चलाया जाता था, जहाँ आरटीओ द्वारा तय किराया लिया जाता था। लेकिन यह बूथ कई साल पहले बंद कर दिया गया। अब कोई किराया तय नहीं है और शाही ऑटो एसोसिएशन से जुड़े लगभग 300 ऑटो चालक स्टेशन पर मनमानी वसूली कर रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    पिछले दिनों उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने भी स्टेशन पर अव्यवस्थित ऑटो और जाम की स्थिति पर नाराज़गी जताई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे और प्रशासन को मिलकर इस स्थिति पर नियंत्रण करना ज़रूरी है।

  • निलॉन्स मेगा डिस्ट्रीब्यूटर मीट 2025: रिश्तों को मज़बूत करना, नए नवाचारों की शुरुआत

    निलॉन्स ने बाजार में उतारी नए खाद्य पदार्थों की श्रृंखला

    लखनऊ। निलॉन्स एंटरप्राइजेज, जो भारत का सबसे बड़ा अचार और टूटी-फूटी निर्माता है, ने सफलतापूर्वक अपना मेगा डिस्ट्रीब्यूटर मीट 2025 हयात रीजेंसी, लखनऊ में आयोजित किया। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के केंद्रीय क्षेत्र से आए 150 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स और सुपर स्टॉकिस्ट्स ने भाग लिया, जिससे निलॉन्स की इस गहरी प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई कि वह अपने डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क को केवल व्यापारिक भागीदार नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानता है।

    इस मीट की शोभा बढ़ाई चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक सांघवी ने, जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से डिस्ट्रीब्यूटर्स से एक-एक करके संवाद किया और उनके अनुभवों एवं आकांक्षाओं को समझा। इस अवसर पर उपस्थित रहे चीफ रेवेन्यू ऑफिसर सुनीत झा, नेशनल सेल्स हेड विजय वर्मा, रीजनल सेल्स मैनेजर संतोष सिंह, मार्केटिंग हेड रमेश गुरुराज और ब्रांड मैनेजर सुरेश खेड़कर, जिन्होंने लीडरशिप और पार्टनर नेटवर्क के बीच के रिश्ते को और गहरा किया।

    नए उत्पादों का लोकार्पण

    इस मीट का एक महत्वपूर्ण पहलू था नए उत्पादों का लॉन्च। प्रमुख लॉन्च में शामिल थेः निलॉन्स गीला मसाला रेंज, जो प्रामाणिक क्षेत्रीय स्वादों को सुविधाजनक गीले मसाले के रूप में प्रस्तुत करता है। उत्तर प्रदेश रीजनल अचार, उत्तर प्रदेश की समृद्ध खाद्य विरासत को समर्पित विशेष अचार, जो स्थानीय स्वादानुसार तैयार किया गया है। ये नए उत्पाद निलॉन्स की उस दृष्टि को मजबूत करते हैं जिसमें परंपरा और नवाचार का संगम है, ताकि उपभोक्ताओं को भारत की विविधताओं से भरपूर स्वाद का आनंद मिल सके।

    पुरस्कार और सम्मान

    आभार के प्रतीक के रूप में, निलॉन्स ने अपने कई लंबे समय से जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर भागीदारों की सम्मानित किया, जिन्होंने वर्षों से कंपनी की प्रगति यात्रा में अहम योगदान दिया है। यह सम्मान समारोह विश्वास, निष्ठा और साझा सफलता का उत्सव था।

    मज़बूत ब्रांड मूल्यों की पुनः स्थापना

    इस मेगा मीट ने न केवल नए लॉन्ब को उजागर किया बल्कि निलॉन्स के “साथ और विश्वास” वाले मज़बूत ब्रांड मूल्यों को भी पुनः स्थापित किया। लीडरशिप ने ज़ोर दिया कि डिस्ट्रीब्यूटर्स सिर्फ बिचौलिये नहीं, बल्कि असली व्यापारिक भागीदार हैं, जो निलॉन्स की विकास और विस्तार यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं।

    निलॉन्स एंटरप्राइजेज के बारे में …

    1962 में स्थापित, निलॉन्स आज हर घर का जाना-पहचाना नाम है। इसके उत्पादों की श्रेणी में अचार, सॉस, मसाले, वर्मिलेली, सोया चंक्स और बहुत कुछ शामिल है। आज निलॉन्स गर्व से भारत का सबसे बड़ा अचार और टूटी-फूटी निर्माता है, जिसकी मौजूदगी पूरे भारत में है और जिसका निर्यात 30 से अधिक देशों में किया जाता है।

  • राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह भातखण्डे कैसरबाग में कार्यक्रम

    25 अगस्त को लखनऊ में अखण्ड आर्यावर्त आर्य महासभा का अधिवेशन

    ~विनीत सिन्हा

    लखनऊ। अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदण्डी महासभा का द्वितीय स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 25 अगस्त को आयोजित किया जा रहा है। राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह भातखण्डे कैसरबाग में प्रातः 11 बजे से शुरू होने वाले स्थापना दिवस एवं अधिवेशन की तैयारियों को अन्तिम रूप देने के लिए कुर्सी रोड स्थित संगठन के मुख्यालय में हुई।

    देशभर से जुटेंगे साधु-संत व अतिथि

    राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने बताया कि इस अधिवेशन में देश के अलग-अलग हिस्सों से साधु-संत, विशिष्ट अतिथि और भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी पवन सिंह चौहान सहित संगठन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे।
    त्रिवेदी ने बताया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए संगठन के पदाधिकारी और सदस्य सोमवार से लखनऊ पहुंचना शुरू हो जाएंगे।

    कई महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा

    संगठन के संयोजक पंकज तिवारी ने बताया कि स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय अधिवेशन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इनमें संगठन के भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करना, सनातन संस्कृति को मजबूत करने के लिए जातिवाद से ऊपर उठकर हिंदू समाज को एकजुट करना और क्षेत्रीय स्तर पर लोगों को हरसंभव मदद पहुँचाने के लिए हिंदू धार्मिक स्थलों को ‘शक्ति केंद्र’ के रूप में स्थापित करना शामिल है।

  • डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियों का सामना करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

    सुरक्षित रहने के उपायों की दी जानकारी

    SP बिजनौर ने पेंशनर्स को साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक

    बिजनौर। पुलिस पेंशनर्स को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनसे सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार ने पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में इस उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया।

    पुलिस अधीक्षक बिजनौर ने जनपद के पुलिस पेंशनर्स के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उनसे सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी देना था।

    पुलिस अधीक्षक ने विस्तार से विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग, ओटीपी फ्रॉड, और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों के बारे में बताया। उन्होंने पेंशनर्स को इन अपराधों से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर भी जोर दिया। उन्होंने समझाया कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते के विवरण या ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) को साझा न करें। साथ ही, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध कॉल का जवाब देने से बचें।

    इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल पुलिस पेंशनर्स को बल्कि उनके माध्यम से समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना और जागरूकता फैलाना है। पुलिस अधीक्षक ने पेंशनर्स से अपील की, कि वे इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ भी साझा करें ताकि पूरा समाज इस खतरे से बच सके।

    यह पहल पुलिस विभाग की ओर से समाज को सुरक्षित रखने और डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियों का सामना करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • कजाकिस्तान के शिमकेंट शहर में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप

    अंश की सफलता का क्रम जारी, मिक्स डबल में जीता गोल्ड मेडल

    बिजनौर। अंश डबास की सफलता का क्रम जारी रहा आज मिक्स डबल में  भारत के अंश डबास व अरशद अमीराह  ने  शिन सुंगवो व किम मिशनों की जोड़ी को 20.1- 19.2 से हराया

    अंश इस प्रतियोगिता में अब तक दो गोल्ड मेडल व एक कांस्य पदक जीत चुके। उनके इस प्रदर्शन से जनपद के सभी शूटर व खेल प्रेमी गदगद हैं।

    अंश डबास की इस सफलता पर जहां परिजन, उनके कोच  तथा करीबी मित्र रिश्तेदार बहुत खुश हैं, वहीं गांव वाले भी अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहें हैं।
    विवेकानन्द दिव्य भारती उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह योगी ने घोषणा की‌ है कि बिजनौर पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जायेगा।

    गौरतलब है कि अंश डबास ने कजाकिस्तान के शिमकेंट शहर में आयोजित एशियन चैंपियनशिप के 10 मीटर एयर राइफल वर्ग के टीम इवेंट में स्वर्ण व व्यक्तिगत इवेंट में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। अंश डबास की सफलता का समाचार मिलते ही जनपद के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है।

  • ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने किया उप्र पर्यटन विभाग के स्टॉल का उद्घाटन

    यूपी पर्यटन के स्टॉल पर स्पिरिचुअल ट्रायंगल, इत्र नगरी कन्नौज, दीपोत्सव और रंगोत्सव की झलकियां

    परफ्यूम टूरिज्म और आध्यात्मिक सर्किट ने आगंतुकों को किया आकर्षित, सम्मेलन में पर्यटन क्षेत्र के विविध आयामों पर महामंथन

    22 से 25 अगस्त 2025 तक आयोजित सम्मेलन में जुटे पर्यटन उद्योग के दिग्गज- जयवीर सिंह

    ओडिशा के पुरी में 40वें आयटो वार्षिक सम्मेलन की भव्य शुरुआत

    लखनऊ: (23 अगस्त, 2025) इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आयटो) का 40वां वार्षिक सम्मेल ओडिशा के पुरी में 22 से 25 अगस्त 2025 तक आयोजित हो रहा है। अधिवेशन का शुभारंभ केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। रिजुवेनेट इनबाउंड@2030 थीम पर आधारित इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के स्टॉल का उद्घाटन ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने किया। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 40वें आयटो वार्षिक सम्मेलन में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने अपने विविध पर्यटन आकर्षणों को प्रदर्शित किया। यूपी पर्यटन के स्टॉल पर श्भारत की इत्र नगरीश् कन्नौज, स्पिरिचुअल ट्रायंगल (अयोध्या-काशी-प्रयागराज) और दीपोत्सव से लेकर रंगोत्सव तक के भव्य वार्षिक आयोजनों की झलक प्रस्तुत की गई। आयोजन में देशभर से 1,000 प्रतिनिधि, टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी और ट्रैवल मीडिया के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन को इस मंच से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन एक ऐसा मंच प्रदान कर रहा है, जहां पर्यटन उद्योग के पेशेवरों और सरकारी हितधारकों की भागीदारी के साथ इनबाउंड टूरिज्म के भविष्य पर विचार-विमर्श होगा। उन्होंने बताया, आयटो उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान कर रहा है। आयोजन के दौरान पर्यटन क्षेत्र से जुड़े निवेश, नवाचार और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा कर रहे हैं।

    सम्मेलन के पहले दिन उत्तर प्रदेश पर्यटन मंडप आगंतुकों का मुख्य आकर्षण रहा। प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से इत्र पर्यटन में गहरी रुचि दिखाई। यहां कन्नौज की सदियों पुरानी अत्तर निर्माण परंपरा को घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक अनूठा अनुभवात्मक उत्पाद के रूप में प्रस्तुत किया गया।

    सम्मेलन के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नेटवर्किंग सत्रों का भी आयोजन हुआ, जहां उत्तर प्रदेश पर्यटन के अधिकारियों ने अयोध्या के राम मंदिर सर्किट, वाराणसी के रिवर फ्रंट और दुधवा व बुंदेलखंड में इको-टूरिज्म से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की। आगामी दो दिनों में भी उत्तर प्रदेश पर्यटन अपने प्रचार-प्रसार की गतिविधियां जारी रखेगा।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आयटो सम्मेलन राज्य के लिए पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने का अवसर है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक प्रदेश को भारत के बहुआयामी पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए। उत्तर प्रदेश आने वाला हर पर्यटक यहां से न केवल अच्छी यादें लेकर जाए, बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिकता से गहरा जुड़ाव भी महसूस करे।

    प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति उ.प्र., मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि आयटो के माध्यम से राज्य सरकार देश के अग्रणी टूर ऑपरेटरों और उद्योग जगत के नेताओं से सीधा संवाद कर रही है। यह पहल केवल धरोहर और स्मारकों के प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यटन अवसंरचना का विस्तार, निजी निवेश को आकर्षित करना और अनुभवों का विविधीकरण भी शामिल है। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, इको टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, एग्री टूरिज्म, इत्र पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं, जो देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    इस अवसर पर पर्यटन महानिदेशक एवं अतिरिक्त सचिव भारत सरकार सुमन बिल्ला, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की चेयरमैन नीलू शर्मा तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मिट्टी की महक और मेहमाननवाज़ी से भरी पर्यटन विभाग की अनोखी फैम ट्रिप

    फार्म स्टे, स्थानीय भोजन और गांव की कला रहे आकर्षण का केंद्र

    महिलाओं की सहभागिता ने ग्रामीण पर्यटन को दी नई पहचान

    ग्रामीण पर्यटन से खुलेगी गांवों में रोजगार, संस्कृति और संस्कार की नई राह -पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह

    लखनऊः (22 अगस्त, 2025) उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ग्रामीण पर्यटन कॉन्क्लेव-2025 के सफल आयोजन के अगले दिन आज प्रतिभागियों के लिए एक विशेष फैमिलियराइजेशन ट्रिप (फैम ट्रिप) का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को गांव की असली खुशबू, परंपराओं और ग्रामीण जीवन की झलक से सीधे रूबरू कराना रहा। यात्रा के दौरान मेहमानों ने खेतों की पगडंडियों पर चलते हुए ग्रामीण परिवेश का अनुभव लिया, पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा, लोककला और संस्कृति को करीब से देखा तथा स्वयं सहायता समूहों के हुनर की सराहना की।

    इसमें पीलीभीत के राजेंद्र गुप्ता, अनिल शाही, मुजाहिद अली, प्रयागराज के बीके द्विवेदी, तन्मय अग्रवाल, सार्थक, देवेंद्र कुमार तिवारी, कन्नौज के संदीप कुमार कटियार, फर्रूखाबाद के अजय कुमार सिंह, महेश सिंह, कानपुर के राज किशोर, मथुरा से संतोषी शर्मा, यशवीर सिंह, झांसी से सियाराम, विजय शंकर मिश्र, अनिल कुमार, जालौन से उदय प्रताप सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, आगरा से रागिनी, पीलीभीत से साहेब सिंह, मोबीन आरिफ, ज्ञान दीक्षित और लखीमपुर खीरी से पूजा डोंग शामिल रहे।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि “गांव केवल भौगोलिक स्थान नहीं हैं, बल्कि भारत की जीवंत धरोहर और असली पहचान हैं। हमारी परंपराएं, संस्कृति और मूल जीवनशैली गांवों से ही निकलकर दुनिया तक पहुँचती हैं। ग्रामीण पर्यटन न केवल भारत की नई वैश्विक पहचान बनेगा, बल्कि यह विभिन्न समुदायों को रोजगार, आत्मनिर्भरता और गौरव की नई राह भी दिखाएगा। आने वाले समय में गांव ही पर्यटन के सबसे बड़े आकर्षण और भारत की सॉफ्ट पावर साबित होंगे।”

    इकिगाई फार्म स्टे के मालिक कर्नल सहाई ने कहा, “ग्रामीण पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत स्थानीय समुदाय की भागीदारी है। जब तक गांववाले सक्रिय रूप से इसमें शामिल नहीं होंगे, यह मॉडल सफल नहीं हो सकता। ग्रामीण पर्यटन शहर और गांव के बीच की दूरी को मिटाकर दोनों को एक-दूसरे से जोड़ने का मजबूत पुल बन सकता है।”

    पद्मश्री किसान राम सरन वर्मा ने कहा, “मल्टी-लेयर खेती, केले की टिशू खेती और फसल विविधीकरण से न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ती है, बल्कि यह ग्रामीण पर्यटन के नए अवसर भी खोलता है। यहां आने वाले पर्यटक खेती के आधुनिक तरीके नज़दीक से देख और समझ सकते हैं। अगर खेती आगे बढ़ेगी, तभी भारत भी तरक्की करेगा।”

    विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने कहा, “आज का पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा की तलाश का माध्यम बन चुका है। हर घर, चाहे मिट्टी के बर्तन हों या अचार, पर्यटन इकाई बनने की क्षमता रखता है। इस तरह की फैम ट्रिप यह साबित करती है कि सामुदायिक मॉडल न केवल संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि भविष्य को भी टिकाऊ बना सकते हैं।”

    प्रयागराज के फूलकली फार्म स्टे के मालिक श्री सार्थक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “यह यात्रा मेरे लिए अविस्मरणीय रही। गांव की असली खूबसूरती को नज़दीक से देखने और महसूस करने का अवसर मिला। यूपी टूरिज्म का आभारी हूं कि उन्होंने हमें सीखने और जुड़ने का इतना सार्थक मौका दिया।”

  • ~ KP SINGH

    Jalaun Times

    सच का सफर

    कल्याण सिंह की क्षमताओं पर भारी पड़ गई प्रतिद्वंदी मानसिकता के शिकार नेताओं की जलन

    कल्याण सिंह की क्षमताओं पर भारी पड़ गई प्रतिद्वंदी मानसिकता के शिकार नेताओं की जलन


    भाजपा में सुशासन के सबसे भारी मॉडल रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की चौथी वर्षी पर अलीगढ़ में उनके परिवार के लोगों द्वारा किया गया आयोजन एक बिग पॉलिटिकल शो बन गया। पूर्व मुख्यमंत्री कह देने से स्व. कल्याण सिंह का परिचय पूरा नही होता क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री तो बहुत रहे होगें। कल्याण सिंह उस कतार की एक शख्सियत भर नही थे। सरदार पटेल को उनके कड़े फैसलों के कारण जनमानस में लौह पुरुष के बतौर नवाजा गया था। चौधरी चरण सिंह चाहते थे कि उन्हें दूसरे लौह पुरुष के रूप में देश याद करे। अपने मुख्यमंत्रित्व के समय एक झटके में प्रदेश भर के पटवारियों को बर्खास्त करके उन्होंने इसके लिए काफी सोपान तय कर लिए थे। देश में पहली बार गैर कांग्रेस सरकार बनने पर चौधरी साहब को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रशासनिक दृढ़ता दिखाने का अवसर मिला। उनके पास विभाग भी गृह था। जनता पार्टी के आरंभिक दिनों में जनता देखना चाहती थी कि इमरजेंसी में हुए दमन की जिम्मेदार इंदिरा गांधी को चौधरी साहब कैसा सबक सिखाते हैं। लेकिन परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी कि चौधरी साहब के इरादे बूमरेंग कर गए। वे इंदिरा गांधी से जेल की चक्की न पिसवा सके बल्कि उनके समर्थन से ही उनको भारत का अनोखा प्रधानमंत्री बनने का अवसर जुटाना पड़ा। इस व्यतिक्रम ने चौधरी साहब का मूर्तिभंजन कर डाला। वे शिखर पर कदम रखने के पहले ही फिसलकर जमीन पर आ गिरे। लालकृष्ण आडवाणी की भी हसरत थी कि लोग उन्हें सरदार साहब के बाद दूसरे लौह पुरुष के रूप में याद करें पर उनकी किस्मत भी काफी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद औंधे मुंह गिरने के लिए अभिशप्त हो गई। कल्याण सिंह के मन में शायद लौह पुरुष कहलवाने की कोई हसरत कभी नही रही लेकिन देश के सबसे बड़े सूबे में अराजकता की विरासत को उन्होंने जिस तरह से दुरुस्त किया उससे बाद में लोग उनमें लौह पुरुष का अक्स अनायास देखने लगे थे। इस बीच लखनऊ की गोमती नदी में बहुत पानी बह चुका है। कितनी ही सरकार बदल चुकी हैं जिनके अलग-अलग हिस्सों की स्मृतियां और अनुभव लोगों के जेहन में हैं जिनके आधार पर उन्हें आयरन मैन मानने की धारणा अब तो बहुत पुख्ता हो चुकी है।

    कल्याण सिंह की पुण्य तिथि के दिन 75 वर्ष की उम्र में दायित्व मुक्ति लेने की बहस भी नये सिरे से प्रासंगिक हो गई। इसलिए कुछ चर्चा इस पर भी। हिन्दू कहो या सनातन इसके परंपरागत विधान में जीवन को चार चरणों में विभक्त करने की कल्पना की गई है। वैसे तो पौराणिक आख्यान और मिथकों में प्राचीन विभूतियों के 10 हजार वर्ष तक तप में लीन रहने के वर्णन आम हैं। लेकिन कथानक को रुचिकर बनाने के लिए अतिश्योक्ति को अलंकार का दर्जा दिये जाने की व्यवस्था से जो परिचित हैं वे उसमें केवल वास्तविकता को प्रयोजनीयता के लिए निथार कर उस पर चलते हैं। इसके तहत सामान्य स्वस्थ व्यक्ति की आयु 100 वर्ष निर्धारित की गई थी। 75वां वर्ष जिसे चौथेपन में प्रवेश भी कहा जाता है, इस परिभाषा को और सुबोध बनाया जाये तो यह जीवन के अंतिम सोपान के रूप में व्याख्यायित किया जाता है। 75 वर्ष की उम्र के बाद मान लिया जाता है कि व्यक्ति की आंखें कभी भी मुंद सकती हैं। ऐसे में यह व्यवस्था की गई थी कि उम्र का यह पड़ाव तय करते ही वह अपने उत्तराधिकारी को सारे उत्तरदायित्व सौंप कर खुद को हलका कर लें। इससे दो बातें होगीं। एक तो आपके सामने ही आपका उत्तराधिकारी सारी जिम्मेदारियों के लिए खुद को तैयार कर लेगा। दूसरा जिस दिन आपकी चला-चली की बेला आयेगी आप शांन्ति के साथ देह छोड़ सकेगें। 2014 में जब संघ ने भाजपा के लिए यह नियम बनवाया था तब उसके कर्ता-धर्ताओं के मन में हिन्दू अध्यात्म की प्रेरणाएं काम कर रहीं थीं या नेतृत्व के लिए जिस चेहरे को तय कर लिया गया था उसका अपने वरिष्ठों के सामने निष्कंटक रास्ता तैयार करने की रणनीति का परिणाम थी यह व्यवस्था। अगर यह स्थायी व्यवस्था नही थी तो 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बन जाने के बाद इसे विराम दे दिया जाना चाहिए था। लेकिन लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मार्गदर्शक मण्डल में भेजे जाने के बाद भी इसे याद रखा गया। उनके परवर्तियों में चाहे कल्याण सिंह हो, चाहे सुमित्रा महाजन जो कि 75 वर्ष की दहलीज पर पैर रखने के बाद भी चुस्त-दुरुस्त बने हुए थे उनका कैरियर भी इस नियम की बलिवेदी पर चढ़ा दिया गया। तो क्या नियम तो नियम वाली बात फिर होगी। आपने अगर 75 वर्ष की लाइन क्रास कर ली है तो भले ही आप अपने को युवाओं से ज्यादा फिट दिखायें पर आपको कुर्सी का मोह छोड़ना ही पड़ेगा। कल्याण सिंह की पुण्य तिथि पर यह जिज्ञासा फिर उठ खड़ी हुई।

    कल्याण सिंह को भाजपा को 1991 में इसलिए मुख्यमंत्री बनाना पड़ा था क्योंकि मण्डल क्रांति के कारण ओबीसी अपने हक के लिए सारे देश में मचल पड़ा था। भाजपा के सोशल इंजीनियरिंग के मास्टर गोविंदाचार्य ने पार्टी को हिदायत दी कि अगर मुख्यमंत्री पद के लिए सवर्ण चेहरे को चुनने की गलती की गई तो मण्डलवादी दल फिर राजनीतिक परिदृश्य पर छा जायेगें और भाजपा को दूरगामी तौर पर स्थायी नुकसान हो जायेगा। यह बात भाजपा के रणनीतिकारों को समझ में आई इसलिए अंतरिम व्यवस्था के तौर पर कल्याण सिंह के राजतिलक की हामी भर दी गई। पर कल्याण सिंह ने उच्च प्रशासनिक मानकों का निर्वाह करते हुए जिस तरह का शासन चलाया उससे भाजपा की असल वर्गसत्ता के होश उड़ गए। लोगों को सेवा और न्याय सुलभ होने लगा, व्यवस्था द्रोहियों के हौसले पस्त होने लगे तो कल्याण सिंह की पकड़ बहुत मजबूत होती दिखने लगी। भाजपा विरोधी मानने लगे थे कि अगर कल्याण सिंह की सरकार ने कार्यकाल पूरा कर लिया तो भाजपा को दशकों तक उत्तर प्रदेश में कोई हरा नही पायेगा और राष्ट्रीय राजनीति में भी भाजपा को इससे इतना बल मिलेगा कि केंद्र की सरकार की बागडोर उसके हाथ में आ जायेगी। लेकिन भाजपा की संचालक शक्तियों को ही यह मंजूर नही हुआ। लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में स्व. रामप्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में जाति विशेष के भाजपा विधायकों ने बैठक करके कल्याण सिंह को उखाड़ फेकने के लिए अपनी शिखाएं खोल दीं। कल्याण सिंह सरकार की बलि देने के लिए अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को हठधर्मिता पूर्वक विवादित ढांचा ढहाने का तांडव कर दिया गया। जबकि सारे सयाने कह रहे थे कि पहले कल्याण सिंह की सरकार को चलने दो। सरकार कार्यकाल पूरा करते-करते उस बुलंदी पर पहुंच जायेगी जहां से उसे कोई खिसका नही सकता। कल्याण सिंह यह उददेश्य हासिल करने के बाद सरकार के अंत के दिनों में विवादित ढांचे पर हिन्दुओं के आराध्य भगवान राम का मंदिर भी खड़ा करवा देगे। कल्याण सिंह की मंदिर के लिए निष्ठा में भी संदेह नही किया जा सकता था जो कि बाद में प्रमाणित हुआ। बाबरी मस्जिद गिरने का जो मुकदमा चला उसमें आखिर कल्याण सिंह ने इसके ध्वंस की सारी जिम्मेदारी अपने सिर पर ले ली और सजायाफ्ता बनना कुबूल कर लिया। लेकिन दूसरे लोगों को मंदिर के निर्माण की उतनी लगन नही थी जितनी कि शूद्र को समय रहते अपने छाती से हटा देने की थी।

    कल्याण सिंह को फिर एक बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। लेकिन बहुत बुरी स्थितियों में। कल्याण सिंह नही चाहते थे कि वे इस भानुमती का पिटारा बनी हुई सरकार को चलाएं। ऐसी सरकार बनाएं, जिसमें हर दलबदलू को मंत्री पद देना पड़े!… पर राजनाथ सिंह जो प्रदेश अध्यक्ष थे अपने आप को चाणक्य का अवतार सिद्ध करने के लिए मरे जा रहे थे। पार्टी के दबाव के कारण कांटों का ताज कल्याण सिंह को पहनना पड़ा। लेकिन उन स्थितियों में भी उन्होंने सुशासन की झलक देने में कोई कसर नही छोड़ी। राजनीति के जानकार उन मंथराओं के नाम जानते हैं जिन्होंने कल्याण सिंह के प्रति अपनी डाह भंजाने के लिए कुसुम राय के नाम से जोड़कर रची कहानियों से अखबारों के गॉसिप कॉलम भरवा दिये तांकि कल्याण सिंह की गुड गवर्नेंस की जनमानस में गहरी हो रही छाप को धुंधला किया जा सके। 2014 में जब भाजपा में सबसे बड़ी बहार आई तो अनुमान यह किया गया था कि पार्टी का नेतृत्व कल्याण सिंह की क्षमताओं का सदुपयोग करने को उत्सुक होगा। लेकिन निर्द्वंद्व सत्ता के लिए पार्टी में सामूहिक नेतृत्व की हर गुंजाइश पर पहले दिन से ही फरसा ताने भाजपा के नये नेतृत्व ने कल्याण सिंह को भी नही बख्शा। राजस्थान का राज्यपाल बनाकर सक्रिय राजनीति से उनकी पारी के विराम का इंतजाम कर दिया गया। भाजपा के शुभचिंतक मानते हैं कि अगर मोदी कल्याण सिंह को अपने मंत्रिमंडल में जगह दे देते तो उनकी सरकार का इकबाल बेहद चमकदार बनाने में कल्याण सिंह बड़ा योगदान दे सकते थे। इसके बाद 2019 में कल्याण सिंह को ही उत्तर प्रदेश की बागडोर सौंपी जानी चाहिए थी क्योंकि वे देश के सबसे बड़े सूबे को व्यवस्थित करने के मामले में पूरी तरह टेस्टेड थे। भाजपा के नये नेतृत्व की नीति स्पष्ट है कि जिनके पंख अभी उगे न हों उन्हें राज्यों की बागडोर सौंपी जाए ताकि वे सिर उठाकर काम न कर सकें। इस सिलसिले की शुरूआत यूपी से की गई थी। जिसके लिए पार्टी के मूल्यवान एसेस्ट्स की पहचान रखने वाले कल्याण सिंह के कैरियर को बर्बाद करने का जोखिम मोल लिया गया।

    कल्याण सिंह जब पहली बार मुख्यमंत्री थे किसानों के मुददे पर पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने आंदोलन छेड़ रखा था कल्याण सिंह को आरएसएस के स्कूल में दीक्षा मिली थी जहां ब्रेनवॉश मंडली पवित्र सामाजिक व्यवस्था को छूने वाले को सबसे बड़े पापी के रूप में देखना सिखाया जाता है। चूंकि विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू करके इस सामाजिक व्यवस्था की चूलें हिला देने का अधम कृत्य किया था इसलिए कल्याण सिंह के मन में उनका नाम आते ही दुष्ट दलन की तरंगे फंुफकारने लगती थी। फर्रुखाबाद में कल्याण सिंह के हुकुम पर विश्वनाथ प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर उनके पूर्व प्रधानमंत्री के प्रोटोकोल को परे करके उन्हें जेल में सामान्य कैदियों वाली कोठरी में धकेल दिया गया जहां अस्त-व्यस्त वायरिंग के कारण विश्वनाथ प्रताप सिंह को करंट लग गया था।

    लेकिन वही कल्याण सिंह थे जिन्होंने लखनऊ में आयोजित वीपी सिंह के पुण्यतिथि के कार्यक्रम में जयपुर के राजभवन से चलकर आने की स्वीकृति दी और जब वे आए तो दिल खोलकर बोले। कल्याण सिंह ने कहा कि पिछड़ा वर्ग वीपी सिंह का कर्जा कभी नहीं चुका पायेगा। उन्होंने हमें अपना हक पहचानना सिखाया और हक मांगने से नहीं छीनने से मिलता है। उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण पदों से दलितों पिछड़ों को दूर रखने की जो कवायद चल रही थी उसे निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा था कि वीपी सिंह से प्रेरणा लेकर हमें थानेदार से लेकर एसपी तक और लेखपाल से लेकर कलेक्टर तक के पदों को अपनी आबादी के अनुपात में छीनकर लेने के लिए तत्पर होना पड़ेगा। कल्याण सिंह के वारिस अभी इस भाषा को दोहराने की दम नहीं रखते लेकिन उनके अनुयायी अपने बाबूजी की इस सीख को अमल में लाने की ठान लें तो कल्याण सिंह के अरमान जमीन पकड़ सकते हैं और शायद तभी उनकी आत्मा का सही तर्पण हो सकता है।

    KP SINGH

  • शूटिंग में जीता एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक

    कजाकिस्तान में अंश डवास ने रचा इतिहास

    बिजनौर। विकास खण्ड नूरपुर के ग्राम शादीपुर मिलक के रहने वाले संजीव डबास के पुत्र अंश डवास ने कजाकिस्तान के शिमकेंट शहर में आयोजित एशियन चैंपियनशिप के 10 मीटर एयर राइफल वर्ग के टीम इवेंट में स्वर्ण व व्यक्तिगत इवेंट में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। अंश डबास की सफलता का समाचार मिलते ही जनपद के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई और बधाई देने वालों का तांता लग गया है। अभी तक इससे पहले जनपद का कोई भी शूटर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल नहीं जीत पाया था। अंश ने एक नहीं बल्कि एक साथ दो मेडल जीतकर कर इतिहास रच दिया।

    अंश ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पिता संजीव डवास, कोच आकाश कुमार व परिवार को दिया है। अंश के पिता जी ने बताया कि इस सफलता के लिए भारत व प्रदेश सरकार की खेल प्रोत्साहन की नीति का बहुत बड़ा योगदान है।
    भारतीय रेडक्रास सोसायटी बिजनौर के चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर, डा. सुबोध चन्द्र शर्मा निदेशक, विवेकानन्द दिव्य भारती के अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह योगी, जिला व्यायाम शिक्षक अरविन्द अहलावत, खेल परिवार यूट्यूब चैनल के विनय तितोरिया ने उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है। कोच आकाश कुमार ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि अंश निश्चित रूप से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगा। अंश अब तक स्कूल गेम, राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 100 के लगभग पदक ट्राफी जीत चुका है।

    अंश डबास की कामयाबी का सफर

    अंश डबास का शूटिंग का सफर आरआर पब्लिक स्कूल व किसान शूटिंग रेंज से शुरू हुआ, जहां प्रबंधक मनुजेन्द्र व प्रधानाचार्य प्रमन्यु गुप्ता, उपप्रधानाचार्य टीकम सिंह के प्रोत्साहन और कोच आकाश कुमार के प्रशिक्षण में अंश लगातार जिला, मण्डल, प्रान्त व राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन करते रहे। उसके बाद अलवर राजस्थान में कोच परवेन्द्र सिंह व कर्णी सिंह नेशनल शूटिंग एकेडमी दिल्ली में कोच दीक्षान्त की देखरेख में लक्ष्य को कैसे हासिल किया जाता है, सीखा। उनके सफल होने पर जिला राइफल ऐसोसिएशन के खान ज़फ़र सुल्तान, ताजपुर के एमपी सिंह आदि का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अंश के पिता विवेकानन्द दिव्य भारती के नूरपुर विकास खण्ड अध्यक्ष व आरआर पब्लिक स्कूल में फिजिकल के अध्यापक हैं। एक मध्य वर्गीय आय वाले संजीव डवास ने अपना तन मन धन अंश की कामयाबी में लगा कर हर सुविधा देने का प्रयास किया, ऐसा समर्पण बहुत कम देखने को मिलता है।

  • लखनऊ में राष्ट्रीय सामाजिक न्याय महासम्मेलन का आयोजन

    नंद, सेन और सविता समाज के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम

    विस चुनाव 2027 में अति पिछड़ा जातियों की भागीदारी हो सुनिश्चित

    ~ विनीत सिन्हा

    लखनऊ। राजधानी के सहकारिता भवन में राष्ट्रीय सामाजिक न्याय सम्मेलन का आयोजन नंद, सेन और सविता समाज के तत्वावधान में किया गया। सम्मेलन में अति-पिछड़ी जातियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
    सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों में अति-पिछड़ी जातियों की भागीदारी बढ़ाना रहा। सम्मेलन में लंबित रोहिणी आयोग और केंद्र में नवरत्न समिति की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई, जो बुद्धजीवियों की चर्चा का विषय थीं।

    सहकारिता भवन में बुधवार को नंद, सेन, सविता, श्रीवास समाज की ओर से अति पिछड़ा वर्ग की जातियों का राष्ट्रीय सामाजिक न्याय महासम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में अति पिछड़ा जातियों की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की मांग की। समाज के नेताओं ने अति पिछड़ा आरक्षण को लागू किए जाने पर चर्चा के साथ ही केन्द्र में लंबित रोहिणी आयोग की सिफारिशों को लागू कराने के लिए रणनीति तैयार करने पर चर्चा की।

    अति पिछड़ा वर्ग की जातियों के उत्थान पर जोर

    इस मौके पर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अशोक कुमार, कार्यक्रम संयोजक डॉ. गौरव नंद (भाजपा नेता, पूर्व विधानसभा प्रभारी-मऊ) ने अति पिछड़ा वर्ग की जातियों के उत्थान पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही सम्मेलन में सतीश पाल, आरडी पाल, संजय सेन, धनश्याम, भानू, महेश पाल, राम प्रकाश समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बुद्धजीवी पहुंचे।

  • ~विनीत सिन्हा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय में कार्यरत निजी सचिव रतन कुमार श्रीवास्तव ‘रतन’ के दूसरे गजल संग्रह ‘ख्वाबों का ताना-बाना’ का हाल ही में लखनऊ के सहकारिता भवन स्थित ऑडिटोरियम में विमोचन हुआ।

    इस समारोह का आयोजन राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के संरक्षण में और नई पीढ़ी फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया। इस गजल संग्रह को वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है। समारोह की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सूर्यप्रसाद दीक्षित ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन रहे। इनके अलावा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, पूर्व डीजीपी महेश चंद्र द्विवेदी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दिनेश चंद्र अवस्थी, व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना, प्रख्यात छायाकार रवि कपूर और दूरदर्शन, उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम प्रमुख आत्म प्रकाश मिश्र सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

    मूलतः जौनपुर के मछलीशहर तहसील अन्तर्गत ग्राम कोटवा निवासी रतन कुमार वर्तमान में उत्तर प्रदेश सचिवालय लखनऊ में निजी सचिव पद पर कार्यरत हैं लेकिन उनकी असली पहचान एक संवेदनशील साहित्यकार के रूप में उभर रही है।

    लेखक रतन कुमार श्रीवास्तव ‘रतन’ ने अपनी किताब के बारे में बताया कि जिंदगी में कई बार चीजें मन मुताबिक नहीं होतीं, और ऐसे में खुश रहने के लिए सामंजस्य बैठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ख्वाबों और ख्यालों से मिलने वाली थोड़ी-सी खुशी को भी अपना लेना चाहिए, क्योंकि यही जिंदगी को जीवंत और खुशहाल बनाए रखती है। समारोह में गायिकाओं नीतू श्रीवास्तव और छाया चौबे ने ‘रतन’ की लिखी गजलों को गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन नई पीढ़ी फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी चंद्रशेखर पांडेय ने कुशलतापूर्वक किया।

    रतन जी की पहली पुस्तक वर्ष 2021 में प्रकाशित हुई थी, जिसने अमेज़न की बेस्टसेलर रैंकिंग में जगह बनाई। इस कृति के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिष्ठित “जयशंकर प्रसाद पुरस्कार” (1,00,000) और ‘कादम्बरी’ (जबलपुर म.प्र.) का ‘साज जबलपुरी स्मृति सम्मान’ (2024) प्राप्त हुआ।

    रतन कुमार को साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए देशभर की विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है: हर घर तिरंगा नारा लेखन प्रतियोगिता (2022) राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग निबंध प्रतियोगिता (2022) तृतीय स्थान, भारत मेरी जान अवार्ड (2023) मुंबई स्थित सर्वधर्म समभाव संस्था द्वारा साहित्य श्री सम्मान (2024) स-व-रू फाउंडेशन लखनऊ, रेवांत साहित्य गौरव सम्मान (2024) रेवांत संस्था लखनऊ।

    उनकी पहली पुस्तक को अब तक ₹ 51,000 की रॉयल्टी प्राप्त हो चुकी है जो पाठकों के बीच उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है। ‘पद्मावतीयम्’, रतन खण्ड, शारदा नगर योजना, लखनऊ में रहने वाले रतन कुमार का कहना है कि “ख़्वाबों की आमद आज तब और मुकम्मल हुई, जब मेरी ग़ज़लों की किताब पाठकों के हाथों में पहुँची। अब उड़ान आप सब के हाथों में है।”

  • ~भूपेन्द्र कुमार

    बिजनौर। संत निरंकारी मिशन बिजनौर ब्रांच के महात्मा मनजीत सिंह चौधरी पुत्र रमेश चौधरी ने जिला अस्पताल पहुंचकर अस्पताल के लिए भर्ती एक महिला को अपना ब्लड डोनेट किया।

    जानकारी के अनुसार ग्राम गोपालपुर निवासी गजेंद्र सिंह की पत्नी नूतन जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उनका ऑपरेशन होना है। उससे पहले उन्हें ब्लड की आवश्यकता थी। जैसे ही मनजीत चौधरी को इस बारे में पता लगा, उन्होंने तुरन्त जिला अस्पताल पहुंचकर अपना ब्लड डोनेट किया। रक्तदान बहुत ही पुण्य का काम है, क्योंकि रक्तदान महादान। किसी को अपना रक्त देना, किसी की मदद करना बहुत ही पुण्य का कार्य है। ईश्वर ऐसे ही पुण्य कार्यों से खुश होते हैं और हमें समाज सेवा की प्रेरणा मिलती है।

  • ~भूपेंद्र कुमार

    धामपुर। शोधादर्श के संपादकाचार्य पंडित रुद्रदत्त शर्मा विशेषांक का विमोचन-लोकार्पण शिवाजी पार्क स्थित पंडित जी की प्रतिमा स्थल पर सम्पन्न हुआ। संपादक आचार्य पंडित रुद्रदत्त शर्मा सम्मान समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश चंद अग्रवाल नवीन ने और संचालन डॉ अनिल शर्मा अनिल व मनोज कात्यायन (संयोजक) ने किया।

    मुख्य अतिथि डॉ पंकज भारद्वाज ने कहा कि संपादकाचार्य की स्मृतियों को संजोए रखने की कड़ी में यह विशेषांक एक मील का पत्थर है। एक ही जिल्द में पंडित रुद्रदत्त शर्मा पर इतनी सामग्री अन्यत्र कहीं भी उपलब्ध नहीं है। यह विशेषांक एक ऐसा दस्तावेज बन गया है जो आने वाली पीढ़ियों को उनके संबंध में बताता रहेगा।

    संपादक शोधादर्श अमन कुमार त्यागी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता में अतुलनीय योगदान करने वाले पत्रकार पंडित रुद्रदत्त शर्मा जी पर भारतवर्ष के सभी पत्रकारों को गर्व है। धामपुर स्थित उनकी एकमात्र प्रतिमा के समक्ष इस विशेषांक का विमोचन लोकार्पण एक ऐतिहासिक पल है।

    विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा ने कहा कि पंडित रुद्रदत्त शर्मा पुस्तकालय और यह प्रतिमा अमूल्य धरोहर है, आज इन धरोहरों यह विशेषांक भी जुड़ गया है। डॉ अनिल शर्मा अनिल ने पंडित रुद्रदत्त जी के संबंध में चर्चा करते हुए अमन कुमार त्यागी के श्रम और संयोजन से तैयार इस विशेषांक में उल्लेखित कुछ विशेष बिंदुओं को रेखांकित किया।

    अध्यक्षीय संबोधन में दिनेश चंद अग्रवाल नवीन ने पंडित रुद्रदत्त शर्मा पुस्तकालय के नामकरण और उद्घाटन के संस्मरण सुनाते हुए अमन कुमार त्यागी के कार्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।समाजसेवी विवेक अग्रवाल, डॉ.अमित कुमार सिंह और रोमियो मयूर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पंडित जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मनोज कात्यायन ने पंडित रुद्रदत्त शर्मा सम्मान समिति के कार्यों की चर्चा करते हुए इस पत्रिका को महत्त्वपूर्ण दस्तावेज बताया।अंत में पंडित रुद्रदत्त शर्मा सम्मान समिति की ओर से विवेक अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

  • बिजनौर। संत निरंकारी मंडल ब्रांच चांदपुर के तत्वावधान में आगामी दिनांक 24 अगस्त दिन रविवार को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन होने जा रहा है। संत निरंकारी सत्संग भवन चांदपुर में उक्त आयोजन प्रातः 9:00 बजे से 2:00 तक होगा।

    चांदपुर ब्रांच के मुखी महात्मा डॉक्टर केपीएस चौहान व सेवादल संचालक राहुल खन्ना ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि बरेली जोन 58 ए के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल की हुजूरी में यह कार्यक्रम संपन्न होगा। इस अवसर पर लंगर सहित विशाल सत्संग का आयोजन भी होगा। सरकारी अस्पताल के कुशल चिकित्सकों व उनकी टीम के कुशल नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन होगा। उन्होंने जनपद बिजनौर की समस्त ब्रांचों के मुख महात्माओं, सेवादल संचालकों में साथ संगत से कार्यक्रम में शामिल होने की विनती की है। मुख महात्मा डॉक्टर केपीएस चौहान ने बताया कि संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान में समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन होता है। अबकी बार यह मौका चांदपुर ब्रांच को प्राप्त हुआ है।

  • ~विनीत सिन्हा

    लखनऊ पूर्वी विधानसभा द्वारा 15 अगस्त की शाम को ऑपरेशन सिंदूर विजय उत्सव तिरंगा बाइक रैली मिठाई वाले चौराहे से हनुमान चौराहे तक और हैनीमैन चौराहे से हुसेड़िया चौराहा, पत्रकार पुरम चौराहा होते हुए कैप्टन मनोज पांडे चौराहे पहुंची। मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह और लखनऊ पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओपी श्रीवास्तव ने कैप्टन मनोज पांडे चौराहे पर क्रेन पर चढ़कर शहीद की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।

    लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लखनऊ पूर्वी विधानसभा द्वारा आयोजित ऑपरेशन सिंदूर विजयोत्सव तिरंगा यात्रा अद्वितीय उत्साह, जोश और देशभक्ति के माहौल में सम्पन्न हुई।

    यह बाइक रैली मिठाई वाले चौराहे से प्रारंभ होकर गोमती नगर के विभिन्न मोहल्लों से होते हुए हैनीमैन चौराहे पर पहुंची, जहां सम्मानित पार्षदगण, मंडल अध्यक्षगण, मोहल्ला समितियों के प्रतिनिधि, समाजसेवी तथा महिला मोर्चा की पदाधिकारी बड़ी संख्या में एकत्र हुए। यहां से रैली हुसेड़िया चौराहा, पत्रकारपुरम चौराहा होते हुए कैप्टन मनोज पांडे चौराहा पहुंची।

    कैप्टन मनोज पांडे चौराहे पर विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नीरज सिंह ने क्रेन पर चढ़कर भव्य माल्यार्पण किया। पुष्पांजलि के दौरान उपस्थित जनसमूह ने “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान कर दिया।

    मुख्य अतिथि नीरज सिंह ने कहा, “तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, यह हमारी अस्मिता, हमारी शौर्यगाथा और हमारे बलिदानों का प्रतीक है। हमें इस सम्मान को हमेशा अपने हृदय में जीवित रखना है।”

    विधायक ओपी श्रीवास्तव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा “इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना, रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना, लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने, इस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना।” उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, एकता और अखंडता का जनआंदोलन है। तिरंगा हमारी आन-बान-शान का प्रतीक है, जो हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य का प्रतिबिंब है।ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सोच भले ही शांति की हो, लेकिन हमारे खून में देशभक्ति का जोश और साहस सदैव प्रबल है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के शहीद कैप्टन मनोज कुमार पांडे के भाई मनमोहन पांडे, राइफलमैन सुनील जंग महत की मां एवं बहन सुनीता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. मानसिंह आजाद की पुत्रवधू श्रीमती सुमन सिंह, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नरेंद्र दत्त किमोठी की पुत्रवधू श्रीमती चंद्र कल किमोठी, लेफ्टिनेंट स्व. रजनीकांत यादव के पिता बृजेन्द्र सिंह यादव व परिवारीजनों को सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर भाजपा लखनऊ महानगर के विभिन्न वार्डों के लखनऊ महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष सीता नेगी, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र देवडी, अभिषेक राय, सुश्री रीना चौरसिया, सुमित खन्ना, पार्षद अरुण तिवारी, संजय सिंह राठौड़, राजेश सिंह गब्बर, प्रमोद राजन, भृगु नाथ शुक्ला, शैलेंद्र वर्मा, अरुण राय, कौशल शंकर पांडे, हरिश्चंद्र लोधी, भूपेंद्र शर्मा, अशोक उपाध्याय, राम कुमार वर्मा, राकेश मिश्रा, उमेश संनवाल, हरिश्चंद्र लोधी, पार्षद प्रतिनिधि सुनील शंखधर, संदीप पाठक, शैलेंद्र राय डब्बू, कृष्ण वीर बंटू, कृष्ण वीर बंटू, सूरज जसवानी, दीपक तिवारी समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा समाजसेवी व सम्मानित नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां सभी ने तिरंगे को सलाम किया और देश सेवा का संकल्प लिया।

  • लखनऊ। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), इंदिरा नगर कैंपस द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विश्व एकता एवं शांति महोत्सव ‘कान्फ्लुएन्स-2025’ का शुभारंभ हो गया है। रविवार को CMS कानपुर रोड ऑडिटोरियम में शुरू हुए इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी में एकता और शांति के मूल्यों को स्थापित करना है।

    समारोह के मुख्य अतिथि विधायक ओपी श्रीवास्तव ने उद्घाटन करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में बच्चों को मानवीय गुणों से परिपूर्ण करने और उन्हें एकता व शान्ति की महत्ता से अवगत कराना बहुत आवश्यक है।

    इस महोत्सव में युगांडा, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका सहित कई देशों के साथ ही भारत के विभिन्न राज्यों से आए छात्र-छात्राएँ भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों ने इस आयोजन को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आपसी भाईचारा बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मानवता का भविष्य एकता और शांति पर ही निर्भर करता है।

    महोत्सव की थीम “एम्ब्रेसिंग डिफरेंसेज, सेलीब्रेटिंग वननेस” रखी गई है, जो विभिन्न संस्कृतियों और विचारों के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर जोर देती है। CMS की प्रबंधक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने कहा कि यह आयोजन छात्रों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और समझ विकसित करने का मौका देगा।

    महोत्सव की संयोजिका सुश्री कनिका कपूर ने बताया कि 18 अगस्त से विभिन्न प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। इनमें फोटोग्राफी, कविता पाठ, भाषण, क्विज, पेपर प्रेजेंटेशन, ड्रामा, समूह गायन और कोरियोग्राफी जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्र अपनी रचनात्मकता और विचारों को साझा कर पाएंगे।

    CMS हेड कम्युनिकेशन्स ऋषि खन्ना के अनुसार, यह महोत्सव न केवल एक प्रतिस्पर्धा का मंच है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जो युवाओं को वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करेगा।

  • तम्बाकू की लत जानलेवा हो सकती है. चाहे व्यक्ति गुटका चबाता हो या फिर धूम्रपान करता हो, ये आदतें सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचाती हैं और व्यक्ति को बीमार कर सकती हैं. कहते हैं तंबाकू के सेवन से कई सालों तक की उम्र कम हो जाती है. लेकिन, तंबाकू की लत दूर करना आसान काम नहीं है. एक बार यह लत लग जाती है तो छुड़ाए नहीं छूटती है. लेकिन, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट सुभाष गोयल का कहना है कि घर का ही एक मसाला तंबाकू की लत छुड़वाने में मददगार साबित हो सकता है. यहां जानिए एक्सपर्ट गुटका (Gutka) या धूम्रपान (Smoking) छोड़ने के लिए क्या सलाह दे रहे हैं.

    इस मसाले से दूर होगी तंबाकू की लत एक्सपर्ट का कहना है कि जिन लोगों को गुटका खाने की आदत है उन्हें खासतौर से इस नुस्खे को आजमाकर देखना चाहिए. आपको करना बस इतना है कि हथेली पर अजवाइन और सेंधा नमक रखें बिल्कुल ऐसे जैसे जर्दा और चूना रखते हैं. इसे अंगूठे से मसलकर होंठ के पीछे रख लें जैसे कि तंबाकू रखा जाता है. इसे 3 घंटों के लिए मुंह में रखें. तंबाकू, गुटका या सिगरेट की इच्छा खुद ब खुद मरने लगेगी. एक्सपर्ट का कहना है कि इस नुस्खे को आजमाने के बाद जो लोग दिन की 20 सिगरेट पी जाया करते थे वो लोग 1 या 2 सिगरेट पर आ जाएंगे और फिर इच्छा बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी. ये टिप्स भी आएंगे काम खानपान की अच्छी आदतें तंबाकू की लत को दूर करने में फायदा दिखा सकती हैं. तंबाकू चबाने की या फिर सिगरेट पीने की इच्छा ना हो इसके लिए मुंह को व्यस्त रखना जरूरी होता है. आप संतरा खा सकते हैं, ओट्स या ब्राउन राइस का सेवन किया जा सकता है, सूरजमुखी के बीज चबाए जा सकते हैं या फिर डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कर सकते हैं. एक्सरसाइज करना भी बेहद जरूरी है. इससे सिगरेट (Cigarette) ना पीने की या तंबाकू ना चबाने के कारण हो रही एंजाइटी दूर रहती है. फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दिया जाए तो खुद ही व्यक्ति सिगरेट से दूर रहने लगता है. जिन चीजों से आप ट्रिगर होते हैं या कहें जिन चीजों को देखकर या सुनकर सिगरेट पीने या गुटका चबाने की इच्छा होती है उन ट्रिगर करने वाली चीजों से दूरी बनाएं।

  • बिजनौर। कला और सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली शिक्षिका कविता सागर, बिजनौर के मोहल्ला अंबा विहार की निवासी हैं। वह न सिर्फ एक कुशल शिक्षिका हैं, बल्कि एक अद्भुत चित्रकार भी हैं, जिनकी कलाकारी और सामाजिक सेवा की भावना दोनों ही सराहनीय हैं।

    कविता सागर की शिक्षा बिजनौर में ही हुई। उन्होंने अपनी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई जीजीआईसी बिजनौर से पूरी की, जिसके बाद वर्धमान डिग्री कॉलेज से बीए और एमए की डिग्री हासिल की। उन्होंने धर्मवीरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, नूरपुर से बीएड किया, जिसने उन्हें शिक्षण के क्षेत्र में कदम रखने का मौका दिया।

    कविता जी की सबसे बड़ी खूबी उनकी चित्रकला है। वे आर्ट पेंटिंग हो या वॉल पेंटिंग, सभी को बड़ी ही शालीनता और निपुणता से बनाती हैं। उनकी बनाई हुई पेंटिंग्स इतनी आकर्षक होती हैं कि वे दर्शकों को बरबस अपनी ओर खींच लेती हैं। कला के प्रति उनका जुनून और लगन साफ दिखाई देता है। शैक्षणिक जीवन में भी वे हमेशा आगे रहीं। पढ़ाई में तेज और कुशाग्र बुद्धि वाली कविता जी घर के कामों में भी उतनी ही दक्ष हैं। उनके मृदुभाषी और व्यवहार कुशल स्वभाव के कारण सभी उनकी प्रशंसा करते हैं। उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।

    कविता जी के पति बृजेश कुमार, पेशे से एडवोकेट हैं। यह दंपत्ति लंबे समय से संत निरंकारी मिशन की बिजनौर शाखा को अपनी निस्वार्थ सेवाएं दे रहा है। मिशन के प्रति उनका समर्पण और लगन देखते ही बनता है। वे पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ हर जिम्मेदारी को निभाते हैं, जो उन्हें सौंपी जाती है। कविता सागर कला, शिक्षा और समाज सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण हैं, जिनकी बहुमुखी प्रतिभा और विनम्रता उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है।

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने पुलिस परिवार और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति व सौहार्द्र स्थापित करने की अपील की।

    सीएम ने पुलिस को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में सौहार्द्र और एकता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने पुलिस कर्मियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात कर निष्काम कर्म के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की। इस अवसर पर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित देशभक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति को सीएम ने देखा। समारोह में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

    वाराणसी के शिवपुर स्थित सेंट्रल कारागार में आधी रात जन्माष्टमी का पर्व बंद कैदियों के बीच भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया गया। भजन-कीर्तन संग कथा वाचक ने श्रीकृष्ण के कारागार में जन्म की कथा सुनाई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा ने कहा कि श्रीकृष्ण के जन्म की कथा ने कैदियों को यह विश्वास दिलाया कि जब भगवान स्वयं कारागार में जन्म लेकर अधर्म का नाश कर सकते हैं, तो सत्य और भक्ति के बल पर जीवन की हर बाधा को पार किया जा सकता है। इस आयोजन में कैदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर अपने अतीत को भूलकर एक नई शुरुआत की प्रेरणा ली।

    प्रयागराज में कटरा स्थित रामवाटिका पार्क में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर झांकियों और मंचन का आयोजन हुआ। शुरुआत श्रीकृष्ण जन्म से हुई। इसके बाद ताड़का वध, कालिया मर्दन, माखन चुराते लड्डू गोपाल और गोवर्धन धारण की झांकियों ने श्रद्धालुओं को भगवान की लीलाओं की याद दिलाई। बच्चे जब भगवान कृष्ण के रूप में सजे मंच पर उतरे तो दर्शक भाव-विभोर हो उठे। धार्मिक झांकियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी। इस झांकी में एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाया गया, वहीं दूसरी ओर भारतीय सेना की मिसाइलें पाकिस्तान के टैंकों को ध्वस्त करती नजर आईं। साथ ही हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के दृश्यों को भी इसमें दर्शाया गया, जिसने दर्शकों को भीतर तक झकझोर दिया।

    आगरा की पुलिस लाइन में जन्माष्टमी कार्यक्रम में के दौरान श्री कृष्ण के जन्म से लेकर उनके बाल लीलाओं का मंचन किया गया। श्री कृष्णा भजनों के साथ शिव तांडव और महाकाली के रौद्र रूप में नृत्य की प्रस्तुति ने लोगों को प्रभावित किया। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पूरे विश्व में भगवान श्री कृष्ण के भक्त हैं। पूरा विश्व भगवान कृष्ण के नाम की पूजा अर्चना करता है। अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म जेल में हुआ था इसलिए पुलिस का इस उत्सव से भी सीधा नाता है। वहीं पारसनाथ पंचवटी कॉलोनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर को आकर्षक रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया और भव्य जगमग रोशनी से पूरा मंदिर भी जगमगाया।

    बिजनौर पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं जनप्रतिनिधि सम्मिलित हुए। उन्होंने सभी को पावन पर्व की बधाई दी।

    छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कृष्ण लीलाओं ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। तदोपरान्त पुलिस परिवार द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना/भजन कीर्तन में सम्मिलित होकर महोत्सव को हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।

  • लखनऊ, आशियाना। युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी सेवा संस्थान ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार शुक्ला के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आशियाना उपवन गेस्ट हाउस, सेक्टर-आई, आशियाना में हुआ। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

    युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी सेवा संस्थान द्वारा आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग शामिल हुए। इस अवसर पर, संस्थान के सदस्यों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने वाजपेयी जी के जीवन, उनके आदर्शों और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वाजपेयी जी को एक महान राजनेता, कवि और दूरदर्शी नेता के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रसेवा में समर्पित कर दिया।

    प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात सभी उपस्थित अतिथियों व सदस्यों ने अटल जी को पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

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    इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार शुक्ला ने अटल जी के राजनीतिक जीवन, साहित्यिक योगदान, पत्रकारिता, भारतीय जनसंघ से लेकर भाजपा की स्थापना तक की यात्रा एवं प्रधानमंत्री के रूप में उनकी विकास योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। अटल जी एक दूरदर्शी नेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे, जिनकी कविताएं आज भी हमें रास्ता दिखाती हैं।साथ ही उनकी कविताओं एवं साहित्यिक रचनाओं का भी उल्लेख किया गया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रवि श्रीवास्तव (उप श्रमायुक्त, सेवानिवृत्त) एवं विशिष्ट अतिथि आरके गुप्ता (उपाध्यक्ष, निषाद पार्टी) तथा एसएन पांडे (अध्यक्ष, पीतांबरा समूह) रहे। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बाद में पी.के. मिश्रा भी उपस्थित हुए और उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में प्रदेश अध्यक्ष श्री शुक्ला ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इसी अवसर पर वरिष्ठ पत्रकारों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई। संस्थान में अनिल सिंह को मीडिया प्रभारी तथा वीरेन्द्र श्रीवास्तव को सह-मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया।

  • देहरादून/नैनीताल। प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के खिलाफ दायर आरटीआई का असर अब दिखने लगा है। महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड ने आदेश जारी कर राज्य के सभी जनपदों के अधीक्षकों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से एक माह के भीतर अपने-अपने जनपद में कार्यरत MBBS एवं PG डिग्रीधारी चिकित्सकों की तैनाती व सेवा स्थिति संबंधी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

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    गौरतलब है कि यह कार्रवाई भीमताल निवासी पूर्व कृषि अधिकारी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रशेखर जोशी द्वारा डाली गई आरटीआई के आधार पर हुई है। उनके साथ अल्मोड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट संजय कुमार पाण्डे भी लगातार कंधे से कंधा मिलाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। दोनों ने ही स्वास्थ्य विभाग में गहरे पैठे भ्रष्टाचार को उजागर करने का साहसिक कार्य किया है।

    जानकारों का मानना है कि इन आरटीआई के चलते निदेशालय स्तर पर कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं और आने वाले समय में बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। इस आदेश से अब स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में प्रदेश में कितने चिकित्सक कार्यरत हैं, और किन क्षेत्रों में चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि आम जनता को बेहतर सुविधाएं दिलाने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

    आरटीआई एक्टिविस्टों का कहना है कि “हमारी लड़ाई केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि उन गरीब और वंचित लोगों की है, जिन्हें सही समय पर इलाज न मिलने से अपनी जान गंवानी पड़ती है। भ्रष्टाचार मुक्त स्वास्थ्य विभाग ही प्रदेश की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”

  • धूमधाम से मनाया जा रहा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व

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    जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण ने चम्मच से पिया दूध…VIDEO:

    कोंडागांव में CMO के घर अनोखी घटना, दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

    https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202508170040214781969621

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात के 12:00 बजते ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ढोल-नगाडे़, झांझ-मंजीरे और मृदंग की आवाज गूंज उठी। भगवान के प्राकट्योत्सव की खुशी में भक्त झूमने लगे।मंदिर के कोने-कोने में कृष्ण कन्हैया की जय-जयकार होने लगी। भगवान को सोलह श्रृंगार में सजाया गया है। उनका अलौलिक रूप निखर आया, जिसके दर्शन के लिए हर भक्त लालायित है।

    धूमधाम से मनाया जा रहा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज, 16 अगस्त 2025 को, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा, वृंदावन और अन्य जिलों शहरों में माहौल भक्तिमय है।

    भारी भीड़: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। लाखों श्रद्धालु जन्मस्थान और अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे हैं।

    सजावट: मथुरा और वृंदावन के प्रमुख मंदिरों, जैसे श्रीकृष्ण जन्मस्थान और बांके बिहारी मंदिर को फूलों, रोशनी और झालरों से भव्य रूप से सजाया गया है।

    सुरक्षा व्यवस्था: भारी भीड़ को देखते हुए, मथुरा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और यातायात को भी डायवर्ट किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा का दौरा किया। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पूजा-अर्चना की और आरती में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने मथुरा को ₹646 करोड़ की 118 विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिनमें 80 योजनाओं का लोकार्पण और 38 का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए ₹30,000 करोड़ की कार्ययोजना की भी घोषणा की। अपने संबोधन में, उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि गुलामी के प्रतीक को हटाया गया है और अब मथुरा में भी यही काम होगा।

    लखनऊ: लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य शहरों में भी मंदिरों और घरों में भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना हो रही है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में जन्माष्टमी का पर्व भक्ति, उल्लास और सरकारी घोषणाओं के साथ एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।

    नोएडा: इस्कॉन मंदिर में भव्य आयोजन किए गए हैं, जहाँ डिजिटल कृष्णलीला भी आकर्षण का केंद्र है। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर के आसपास ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।

    कुशीनगर: 31 साल बाद सभी पुलिस थानों में जन्माष्टमी मनाई जा रही है, जो एक पुरानी परंपरा की वापसी है।

    जिला बिजनौर में भी मोहल्ला अंबे विहार निवासी बृजेश कुमार एडवोकेट व शिक्षिका कविता के होनहार सुपुत्र अर्थव कुमार संदेश (5 वर्ष) ने भगवान कृष्ण जी की वेशभूषा धारण की। इस दौरान उनका बहुत ही मनमोहक रूप है, जैसे साक्षात भगवान श्री कृष्ण जी बाल रूप में धरा पर बांसुरी के साथ अपनी बाल लीलाएं कर रहे हैं।

    बिजनौर से रिपोर्टर भूपेंद्र कुमार बताया कि बहुत ही कुशाग्र बुद्धि के अर्थव कुमार संदेश इतनी कम उम्र में विभिन्न जगह सम्मानित हो चुके हैं। पढ़ने में बहुत ही तेज अर्थव को जब भी अवसर मिलता है वह सभी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाते हैं। उन्हें कोई भी किरदार दे दो, उसी को पूरी निपुणता के साथ निभाते हैं

  • नई दिल्ली। पिछले कुछ वर्षों में, भारत में बनी सिंगल माल्ट व्हिस्की ने वैश्विक बाजार में अपनी एक मजबूत जगह बनाई है। इसी कड़ी में, इंद्री (Indri) सिंगल माल्ट व्हिस्की ने अपनी पहचान को और भी ऊँचा उठाया है। हरियाणा के एक छोटे से गाँव इंद्री में बनी यह व्हिस्की, अपने लॉन्च के कुछ ही सालों के भीतर दुनिया के सबसे बड़े व्हिस्की ब्रांड्स में से एक बन गई है।

    इंद्री ने ‘व्हिस्की ऑफ द वर्ल्ड अवार्ड्स’ (Whiskies of the World Awards) में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए हैं, जिसमें ‘वर्ल्ड्स बेस्ट व्हिस्की’ का ख़िताब भी शामिल है। यह लगातार दूसरी बार है जब इंद्री के दिवाली कलेक्टर एडिशन ने इस सम्मान को हासिल किया है। इसके अलावा, इंद्री को अमेरिकी प्लेटफॉर्म ‘वाइनपेयर’ (Winepair) द्वारा ‘बेस्ट न्यू वर्ल्ड व्हिस्की’ का भी सम्मान मिला है, जिससे यह साबित होता है कि पारंपरिक व्हिस्की बनाने वाले देशों के अलावा अब भारत भी इस क्षेत्र में एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। इन पुरस्कारों ने न केवल इंद्री की क्वालिटी को मान्यता दी है, बल्कि भारतीय डिस्टिलरीज को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान भी दिलाई है।

    इंद्री व्हिस्की को खास बनाने के पीछे कई कारण हैं:

    आइंद्री भारत की पहली ट्रिपल कास्क (Triple Cask) सिंगल माल्ट व्हिस्की है। इसे तीन अलग-अलग प्रकार के लकड़ी के बैरल में परिपक्व किया जाता है:

    एक्स-बोरबॉन (ex-bourbon): इसमें वेनिला और नारियल का स्वाद आता है।

    एक्स-वाइन (ex-wine): यह व्हिस्की में शहद और काली मिर्च के नोट्स जोड़ता है।

    पीएक्स शेरी कास्क (PX-Sherry Cask): यह गहरा एम्बर रंग और मीठे किशमिश का स्वाद देता है।

    भारतीय जलवायु का फायदा: भारत की उपोष्ण कटिबंधीय (Subtropical) जलवायु व्हिस्की को स्कॉटलैंड जैसे देशों की तुलना में तेज़ी से परिपक्व करती है। जहाँ स्कॉटलैंड में एक व्हिस्की को 10-15 साल लगते हैं, वहीं भारत में 3-5 साल में ही वह उसी गुणवत्ता को पा लेती है। यह तेज प्रक्रिया भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की को एक अनूठा और गहरा स्वाद देती है।

    भारतीय जौ (Barley): यह व्हिस्की राजस्थान के स्वदेशी जौ से बनाई जाती है, जो इसे एक अलग और समृद्ध स्वाद देता है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 में पहली बार, भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की की बिक्री स्कॉच व्हिस्की से भी आगे निकल गई है। लोग अब स्कॉच की जगह भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की को पसंद कर रहे हैं, जिसका एक बड़ा कारण इंद्री जैसे ब्रांड की बढ़ती लोकप्रियता है। इंद्री ने लॉन्च होने के सिर्फ दो सालों में ही एक लाख से ज्यादा बोतलें बेचकर एक मील का पत्थर हासिल किया है, जिससे यह दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले सिंगल माल्ट ब्रांड्स में से एक बन गया है। यह इंद्री की सफलता सिर्फ एक ब्रांड की नहीं, बल्कि भारतीय व्हिस्की उद्योग की सफलता का प्रतीक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि क्वालिटी, इनोवेशन और भारतीयता का सही मिश्रण किसी भी उत्पाद को विश्व मंच पर स्थापित कर सकता है।

    मियामी ग्लोबल स्पिरिट अवार्ड्स 2025: इंद्री-ड्रू सिंगल माल्ट को इस प्रतियोगिता में स्कॉटलैंड, जापान और अमेरिका के प्रतिष्ठित ब्रांडों को पीछे छोड़ते हुए “बेस्ट वर्ल्ड व्हिस्की” का खिताब मिला।

    व्हिस्कीज़ ऑफ़ द वर्ल्ड अवार्ड्स 2024: इंद्री दिवाली कलेक्टर एडिशन ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एक बार फिर गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले 2023 में भी इसने “बेस्ट इन शो, डबल गोल्ड” का पुरस्कार जीता था।

    न्यूयॉर्क इंटरनेशनल स्पिरिट्स प्रतियोगिता: इंद्री-ड्रू सिंगल माल्ट को इस प्रतियोगिता में “इंडिया व्हिस्की ऑफ़ द ईयर” के रूप में मान्यता मिली है।

  • मुंबई। ‘FASTag वार्षिक पास’ को पहले ही दिन उपयोगकर्ताओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। लगभग डेढ़ लाख उपयोगकर्ताओं ने वार्षिक पास खरीदकर उसे एक्टिवेट कर लिया।

    सालाना FASTag की अच्छी प्रतिक्रिया, पहले ही दिन 1.4 लाख उपयोगकर्ताओं ने खरीदा वार्षिक पास! https://thh.newzo.in/Lnk/SRWR202508161143043022343230

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त, 2025 के अवसर पर आधिकारिक तौर पर FASTag वार्षिक पास लॉन्च कर दिया है। यह वार्षिक पास देश भर के चुनिंदा राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर मान्य है। ‘FASTag वार्षिक पास’ की आधिकारिक बुकिंग भी से शुरू हो गई। उपयोगकर्ता इसे घर बैठे ऑनलाइन बुक/एक्टिवेट कर सकते हैं। इस वार्षिक पास को पहले ही दिन उपयोगकर्ताओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।

    वार्षिक पास को राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। बुकिंग के पहले दिन शाम 7 बजे तक लगभग 1.4 लाख उपयोगकर्ताओं ने वार्षिक पास खरीदकर उसे एक्टिवेट कर लिया। इसके अलावा, पहले दिन टोल प्लाजा पर लगभग 1.39 लाख लेनदेन दर्ज किए गए। बताया गया कि लगभग 20,000 से 25,000 उपयोगकर्ता लगातार राजमार्ग यात्रा ऐप का उपयोग कर रहे हैं और वार्षिक पास उपयोगकर्ताओं को टोल शुल्क में शून्य कटौती के एसएमएस प्राप्त हो रहे हैं। वार्षिक पास से यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रत्येक टोल प्लाजा पर एनएचएआई के अधिकारी और नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा, पास उपयोगकर्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 में 100 से अधिक अधिकारी जोड़कर इसे और सुदृढ़ किया गया है।

    सबसे पहले, उपयोगकर्ताओं को 3,000 रुपए का वार्षिक फास्टैग पास खरीदना होगा। यह एक साल या 200 यात्राओं के लिए वैध है। इसे NHAI की आधिकारिक वेबसाइट और राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप के माध्यम से खरीदा या सक्रिय किया जा सकता है। यह पास केवल निजी वाहनों जैसे कार, जीप या वैन के लिए ही मान्य है। इस पास का उपयोग व्यावसायिक वाहनों में नहीं किया जा सकता।

  • लखनऊ : एडीजी साइबर क्राइम के पद पर तैनात 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बिनोद कुमार सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में डीजी (महानिदेशक) के पद पर प्रोन्नत हो गए हैं। आईपीएस अधिकारी आनंद स्वरूप के केंद्र में जाने से डीजी का पद रिक्त हुआ था। तभी से ही इस पद के लिए लगातार आईपीएस अधिकारी बीके सिंह के नाम पर चर्चा चल रही थी। बीके सिंह डीजीपी राजीव कृष्ण की टॉप-10 प्राथमिकताओं की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों की लिस्ट में शामिल हैं।

    बिनोद कुमार (बीके) सिंह जो मूलरूप से पटना के निवासी हैं। बीके सिंह की प्रोन्नति को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में लोकभवन में डीपीसी की बैठक हुई थी। बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी थे। इस बैठक के बाद अगले दिन आदेश जारी किया गया।

    राष्ट्रपति के वीरता पदक, सराहनीय कार्य सेवा पदक और उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बीके सिंह ने एडीजी साइबर क्राइम के 13 महीने के कार्यकाल से दौरान साइबर अपराधियों से लोगों बचाने के लिए काफी काम किया।लखनऊ में 1930 साइबर क्राइम हेल्प लाइन के केंद्र की स्थापना करवाने के साथ लोगों को जागरूक करने के बड़े अभियान को चलाने का काम किया। यह कॉल सेंटर साइबर क्राइम हेल्प लाइन के भारत के सबसे बड़ा कॉल सेंटर में से एक है।

    आईपीएस अधिकारी बीके सिंह की पहली पोस्टिंग ट्रेनी एएसपी के पद पर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई। इसके बाद वह एएसपी फैजाबाद व गाजियाबाद में तैनात रहे। बीके सिंह सिद्धार्थनगर, मिर्जापुर, बांदा, सोनभद्र, बिजनौर और रेलवे मिर्जापुर व इलाहाबाद में एसपी रहे। एसएसपी फैजाबाद, इलाहाबाद और बुलंदशहर के साथ ही पीएसी 35 वाहिनी लखनऊ व वाराणसी में भी उनकी तैनाती रही।

    उत्तर प्रदेश सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान बीके सिंह की छवि एक दबंग अधिकारी की रही। उनकी गिनती सरकार के भरोसेमंद अधिकारियों में होती है। उन्होंने यूपी में एडीजी सुरक्षा के पद पर भी काम किया है। वे केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के ओएसडी भी रहे हैं।

  • मुजफ्फरनगर। पुलिस सेवा में समर्पण, साहस और त्वरित निर्णय क्षमता ही वह गुण हैं, जो किसी अधिकारी को विशेष बनाते हैं। ऐसे ही एक जांबाज़ और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं इंस्पेक्टर दिनेश चन्द्र बघेल, जिन्हें उनके अद्वितीय साहस और वीरता के लिए गैलेन्ट्री पदक से सम्मानित किया जा रहा है।

    यह सम्मान उन्हें उस साहसिक कार्रवाई के लिए मिला, जिसमें उन्होंने कुख्यात अपराधी चांद उर्फ काला को मुठभेड़ में मार गिराकर समाज को एक बड़े खतरे से मुक्त कराया। चांद उर्फ काला लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और उसके नाम पर गंभीर अपराधों की लंबी फेहरिस्त दर्ज थी। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी, लेकिन इंस्पेक्टर बघेल ने न केवल इस चुनौती को स्वीकार किया बल्कि अद्वितीय रणनीति और बहादुरी के साथ उसे अंजाम तक पहुंचाया। मुठभेड़ के दौरान खतरे को सामने देखकर भी पीछे न हटना और अपराधी को न्याय के कटघरे में लाना, उनके साहस की गवाही देता है।

    फिलहाल इंस्पेक्टर दिनेश चन्द बघेल मुजफ्फरनगर में नयी मंडी कोतवाली प्रभारी के रूप में तैनात हैं। यहां भी उनका कार्यशैली अनुशासन, संवेदनशीलता और सख्ती के संतुलन से भरपूर है। अपराध नियंत्रण और जनता के बीच भरोसा कायम रखने में उनकी विशेष पहचान है। इंस्पेक्टर बघेल न केवल एक कुशल पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि वीरता और बहादुरी के सशक्त पुरोधा भी हैं। उनकी कार्यशैली से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस सेवा केवल वर्दी पहनने का नाम नहीं, बल्कि यह वह जिम्मेदारी है, जिसमें हर क्षण जान जोखिम में डालकर समाज की सुरक्षा करनी होती है। गैलेन्ट्री पदक से सम्मानित होना न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे पुलिस विभाग और जनपद के लिए गर्व का विषय है। इंस्पेक्टर बघेल का यह साहसिक कारनामा आने वाले समय में पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा और यह संदेश देगा कि कर्तव्य के रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती से डटकर मुकाबला करना ही असली सेवा और सच्चा सम्मान है।

  • मलिहाबाद, लखनऊ। समाजवादी पार्टी व संगठन को विस्तार देते हुए पंकज यादव को लखनऊ जिला सचिव नियुक्त किया गया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याल लाल पाल ने मनोनयन पत्र भेजते हुए पंकज यादव को शुभकामनाएं दी तथा कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिशा निर्देश में पंकज यादव संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए उसे आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दिशा निर्देशन में प्रदेश अध्यक्ष श्याल लाल पाल के अनुमोदन से जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत के नेतृत्व में जिला सचिव पद पर पंकज यादव को मनोनीत किया गया है। श्री जयंत ने आशा जताई है कि वह अपनी लखनऊ जिले की विधानसभाओं एवं संगठन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में काम करेंगे।

    उन्होंने कहा कि पंकज यादव हमेशा से पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं और पार्टी उम्मीद करती है कि वह संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे तथा आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिलाने की दिशा में काम करेंगे। मनोनयन पत्र सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा, विधानसभा मलिहाबाद के पूर्व प्रत्याशी सोनू कनौजिया, पूर्व प्रत्याशी विधान सभा मलिहाबाद एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख सपा नेत्री राजबाला रावत, मोहनलालगंज से पूर्व विधायक अमरीश पुष्कर, वरिष्ठ समाजवादी नेता भारत यादव, वरिष्ठ समाजवादी नेता टीवी सिंह यादव, विधानसभा मलिहाबाद के महासचिव पन्नालाल रावत,एवं मुख्य रूप से संदीप यादव ब्लॉक अध्यक्ष मलिहाबाद मौजूद रहे।

  • लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर शराब पीने के शौकीनों की उम्मीदों पर वज्रपात हो गया है। राजधानी लखनऊ में 15 अगस्त के दिन शराब की दुकानें बंद रहने का एलान कर दिया गया है। इसके बावजूद पीने वालों को किसी खास समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा! …वजह ये है कि आबकारी और पुलिस विभाग से कथित सैटिंग के चलते सब कुछ संभव हो गया है? हालांकि जिम्मेदार अफसर बयान देने से बच रहे हैं।

    इस संबंध में लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. ने पत्र जारी कर आदेश दे दिया है। जिलाधिकारी विशाख जी. ने बताया कि आगामी 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लखनऊ में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। लाइसेंस शर्तों के अनुसार, पिछले साल की तरह इस साल भी देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, भांग, ताड़ी की दुकानें, बार अनुज्ञापन, मिथाइल अल्कोहल संबंधी अनुज्ञापन, सीएसडी डिपो, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों की कैंटीनें, और सभी प्रकार के थोक व फुटकर अनुज्ञापन वाले प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

    डीएम ने पत्र के जरिये लाइसेंस धारकों को साफ तौर पर चेतावनी भी दी है। 15 अगस्त को कोई भी शराब बिक्री से जुड़ा प्रतिष्ठान खुला पाया गया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बंदी के लिए किसी भी अनुज्ञापी को कोई प्रतिफल नहीं दिया जाएगा। इस तरह 15 अगस्त यानी शुक्रवार को लखनऊ में पूरी तरह से ड्राई डे रहेगा। इस आदेश के बाद शराब पीने वाले लोग 16 अगस्त को शराब खरीद और उसका सेवन कर सकेंगे।

    ड्राई डे के बावजूद शराब बेची ही जाएगी, ये पक्की बात है! शौकीनों को भले ही ब्लैक में खरीदनी पड़े! वजह ये है कि आबकारी और पुलिस विभाग से कथित सैटिंग के चलते सब कुछ संभव है?

    दरअसल बंदी के दिन शॉप के आसपड़ोस से नंबर दो में शराब की बिक्री की जाती है। शराब ठेकेदार के आदेश पर सेल्समैन एक दिन पहले ही रोजाना की खपत के हिसाब से माल दाएं बाएं कर देते हैं। सूत्रों का दावा है कि शराब ठेके (शॉप) के आसपास चाय पकौड़ी के ठेले, दुकानें, खाने पीने के ढाबे के अलावा रुकने के होटल, लॉज आदि इसके लिए सबसे मुफीद जगह हैं। चारबाग सुदर्शन टॉकीज के पास, फीनिक्स मॉल के पास नहरिया, आलमबाग चंदर नगर पुलिस के पड़ोस में, मुंशी की पुलिया, चौक, डालीगंज, राजाजीपुरम आदि समेत कम से कम पांच सैकड़ा जगह इसे लेकर कुख्यात हैं। इनको तो छोड़िए उत्तर प्रदेश की राजधानी का कोई ही हिस्सा अछूता रह नहीं सकता, जहां चोरी छिपे नहीं, बल्कि शराब खुलकर बेची जाती है।

  • लखनऊ। यूपी के कई जिलों के साथ राजधानी लखनऊ में बुधवार देर रात की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की तमाम सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं हैं। कई मोहल्लों और कॉलोनियों में पानी घुस गया। कई इलाकों में बिजली गायब है।

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    विधानभवन, KGMU ट्रॉमा सेंटर, गोमतीनगर और आशियाना में भारी जलभराव हुआ। ताज होटल और गोमतीनगर के कई हिस्सों में कारें पानी में डूबी नजर आईं।

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    अलीगंज कॉलोनी में राधेलाल स्वीट्स के सामने सड़क करीब 15 फीट धंस गई। सरोजनीनगर, नरही और हजरतगंज में भी पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

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    पॉश इलाके जैसे गोमतीनगर के विक्रांतखंड व अन्य खंड़ों और पीजीआई क्षेत्र की एल्डिको उद्यान कॉलोनी में घरों में पानी घुसने से लोगों में आक्रोश फैल गया।

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    हालात को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूलों में पढ़ाई बंद रखने का आदेश जिला प्रशासन ने जारी किया है। नगर निगम की कई टीम देर रात से पंप लगाकर पानी निकासी के कार्य में लगी हुई हैं।

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    मंडलायुक्त डॉ. रौशन जैकब, डीएम और नगर आयुक्त ने खुद सड़कों पर उतरकर हालात का जायजा लिया और संबंधित विभागों को जलभराव निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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    बिजली संकट ने मुसीबत और बढ़ा दी। विपुल खंड, विशाल खंड और आधी गोमतीनगर कॉलोनी में घंटों बिजली सप्लाई ठप रही। दूसरे कई मोहल्लों ने भी बिजली संकट झेला।

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    इस बारिश ने अगस्त में एक दिन में हुई बारिश का रिकॉर्ड बनाया है। 2017 में अगस्त में 161.8 मिमी बारिश हुई थी, जबकि बुधवार को 117.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य मुकेश शर्मा ने राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ रहे यातायात जाम की समस्या पर चिंता व्यक्त की है। विधान परिषद में उक्त मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लखनऊ की आउटर रिंग रोड पर एक एकीकृत बस अड्डे के निर्माण का सुझाव भी दिया है।

    सदन में मुकेश शर्मा ने कहा कि कैसरबाग, चारबाग, आलमबाग जैसे बस अड्डों से बड़ी संख्या में अंतरजिला बसों का लगातार आवागमन होता है। यह लखनऊ के प्रमुख मार्गों पर जाम का प्रमुख कारण बन रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि लखनऊ की आउटर रिंग रोड पर एक एकीकृत बस अड्डे का निर्माण किया जाए और अन्य जिलों को जाने वाली बसों का संचालन वहीं से किया जाए, जिससे शहर को जाम से राहत मिल सके और यातायात सुचारू रूप से चल सके। मुकेश शर्मा ने कहा कि “यह लोक महत्व का विषय है और मैं सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान इस दिशा में आकर्षित करना चाहता हूँ।

    गौरतलब है कि राजधानी में आउटर रिंग रोड पर कई एकीकृत बस अड्डों के निर्माण का सुझाव दिया गया है, ताकि शहर के अंदरूनी हिस्सों जैसे चारबाग, कैसरबाग और आलमबाग के बस अड्डों पर दबाव कम हो और यात्रियों का आवागमन सुगम हो सके। इन प्रस्तावित अड्डों के माध्यम से आसपास के आठ जिलों को जोड़ने की योजना है, जिसमें जमीन की तलाश भी शुरू हो गई है और इसके लिए परिवहन निगम को एलडीए से जमीन मांगी गई है।

    शहर के अंदर दबाव कम करना: चारबाग, कैसरबाग, और आलमबाग जैसे पुराने बस अड्डों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसों और यात्रियों के आवागमन से उत्पन्न होने वाले जाम और भीड़भाड़ को कम करना।

    शहर के बाहरी क्षेत्रों में निर्माण: शहर के भीतर सड़कों पर जाम की समस्या को हल करने के लिए, आउटर रिंग रोड और राजमार्गों के किनारे नए बस टर्मिनल बनाने की योजना है।

    कनेक्टिविटी बढ़ाना: इन बस अड्डों का निर्माण आसपास के आठ जिलों जैसे सीतापुर, मोहान, कानपुर, हरदोई, रायबरेली, अयोध्या, कुर्सी रोड और सुल्तानपुर के लिए कनेक्टिविटी और आवागमन को आसान बनाएगा।

    पर्याप्त भूमि की उपलब्धता: प्रत्येक बस अड्डा बनाने के लिए लगभग 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग स्टेशन भी शामिल किए जाएंगे।

    योजना की प्रक्रिया: इस प्रस्ताव पर एक बैठक में चर्चा की गई है और जिलाधिकारियों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भी भेजे गए हैं। परिवहन निगम इस मामले में जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय से शासन को भेजेगा।

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    लखनऊ। भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाईयों की कलाईयों पर राखी बांधी और भाईयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। भाईयों ने बहनों को उपहार भी भेंट किए। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र की कामना की तो भाइयों ने भी बहनों को जीवन भर रक्षा करने का वचन दिया। इस दौरान बाजार में खासी चहल पहल रही। मिठाई और राखियों की दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।

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    बारिश के कारण कई बाजार में रौनक कम देखी गई। अमीनाबाद, सदर बाजार, चौक बाजार, निशात गंज, आलमबाग सहित अन्य स्थानों पर भी यही स्थिति रही। बीते शनिवार से लगातार बारिश के कारण बाजार इस समय पूरी तरह से गुलजार नहीं हो पाए लेकिन, जैसे ही बारिश बंद होती, वैसे ही दुकानदार अपनी दुकान सजा लेते। शाम के समय बाजारों में काफी रौनक दिखाई दी।

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    चौक सराफा एसोसिएशन के महामंत्री विनोद माहेश्वरी के अनुसार इस बार चांदी और सोने के साथ ही डायमंड की राखियां भी उपलब्ध रहीं। इनमें विभिन्न डिजाइन की ओम नमः शिवाय राखी, क्रिश राखी, वीरा राखी, डिज़ाइनर राखी, शिवाजी महाराज राखी, डोरमैन कंप्यूटर राखी, मिक्की हाउस राखी, श्री जय श्री राम, जय श्रीकृष्ण, स्वस्तिक राखी, छत्रपति शिवाजी महाराज, गणेश जी की मुद्राएं, श्री श्याम, ओम रुद्राक्ष श्री ओम, सिंघम ब्रदर, डायमंड ब्रो, आई हार्ट ब्रो,बेस्ट ब्रो, गोल्ड ब्रो, हाईफाई ब्रो व अन्य प्रकार की राखियां शामिल हैं। इन राखियों की विभिन्न डिज़ाइन और वजन के अनुसार कीमतें तय की जाती हैं। चांदी की राखी 500 से 3000 रुपए, सोने की राखी 10 हजार से 1 लाख तक और डायमंड की राखी 20 हजार से 2 लाख तक व आवश्कतानुसार उपलब्ध रहीं।

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    पावन रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर लखनऊ भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने आलमबाग स्थित कार्यालय में महिला मोर्चा एवं क्षेत्र की बहनों से राखी बंधवाकर भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का संदेश दिया।

    इस अवसर पर आनंद द्विवेदी ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, जो हमें परस्पर स्नेह, सुरक्षा और सम्मान का संदेश देता है। उन्होंने बहनों को हर संभव सहयोग और सुरक्षा का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में महानगर मंत्री मधुबाला त्रिपाठी, महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष सीता नेगी कार्यालय मंत्री दीपक शुक्ला सहित महिला मोर्चा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं। इस मौके पर सभी ने समाज में भाईचारे और आपसी सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।

    रक्षाबंधन से पहले FSDA की टीमों ने मिलावटी मिठाइयों और खाद्य पदार्थों को लेकर छापेमारी की। लखनऊ, आगरा, मथुरा, देवरिया, गोरखपुर, रामपुर और संत कबीर नगर जैसे जिलों में मिठाइयों, खोआ, घी, और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और मिलावट की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। कई जगहों पर छापेमारी के दौरान गंदगी और मिलावटी खाद्य पदार्थों को नष्ट भी किया गया।

    FSDA की सात टीमों ने लखनऊ में 53 नमूने जांच को लिए, इनमें मिठाइयां, तेल, और मसाले शामिल हैं। एत्मादपुर में एक गोदाम से 3 क्विंटल नकली घी बरामद किया। मथुरा में 7 दुकानों पर छापेमारी कर मिठाइयों के सैंपल लिए। देवरिया 6 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी में 10 नमूने लिए। गोरखपुर में FSDA ने 10 नमूने जांच के लिए भेजे। संत कबीर नगर में लखनऊ स्वीट्स और राधे गोविंद मिष्ठान भंडार से 6 नमूने लिए। रामपुर के शाहबाद क्षेत्र में 5 दुकानों से 8 नमूने भरे और एक दुकान में दूषित मिठाई नष्ट की।

  • बिजनौर। रिश्तों को तार तार करने की घटनाएं लोगों के मन को उद्वेलित कर देती हैं, लेकिन बिजनौर की एक घटना न सिर्फ दिलों को झकझोर कर रख देगी बल्कि सोचने पर भी मजबूर कर देगी। दरअसल एक मां ने अपने ही हाथों से सगे बेटे को मौत के घाट उतार दिया।

    मंडावली थाना क्षेत्र के गांव श्यामीवाला में युवक शराब पीकर घरवालों के साथ आएदिन मारपीट व गालीगलौज करता था। शराब के नशे में उसने मां के साथ गलत काम किया था। लोकलाज के कारण मां चुप रही। बेटे ने दोबारा ऐसा करने का प्रयास किया तो महिला ने उसे मार डाला।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 08 अगस्त 2025 को चन्द्रपाल पुत्र बक्शी निवासी ग्राम श्यामीवाला थाना मंडावली जनपद बिजनौर ने थाना मंडावली पर तहरीर दी कि रात्रि में करीब 12.30 बजे उसके पुत्र अशोक (32 वर्ष) की किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हत्या कर दी है।

    घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ा भाई गांव में ही रहता है, जबकि उससे छोटा भाई चंडीगढ़ में रहकर प्राईवेट नौकरी करता है। मृतक दूसरे नंबर का था। वे छह भाई-बहन थे। इनमें से एक भाई और दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि दो भाई एक बहन अभी अविवाहित हैं। सूचना मिलते ही एसओ रामप्रताप सिंह और सीओ नितेश सिंह मौके पर पहुंच गए। इसके बाद देर रात में ही एसपी अभिषेक झा और एएसपी सिटी संजीव वाजपेई भी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। एसपी ने मां मुन्नी देवी, पिता चंद्रपाल, बहन स्वाति और अन्य स्वजन से जानकारी ली। सीओ नितेश प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक की अभी शादी नहीं हुई थी। घटनास्थल के पास वाले कमरों में ही बड़ा भाई, भाभी, माता-पिता व बहन सो रहे थे। उसके पिता चंद्रपाल की तरफ से मंडावली थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

    इस संबंध में चंद्रपाल की तहरीर के आधार पर थाना मंडावली पर मु.अ.सं. 97/25 धारा 103 (1) बीएनएस पंजीकृत किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही घटना के अनावरण हेतु टीमों का गठन किया गया। स्वाट सर्विलांस टीम व थाना प्रभारी मंडावली को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान अभियोग में वादी चन्द्रपाल की पत्नी मुन्नी पत्नी (56 वर्ष) का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो हत्या का कारण पता चलते ही पुलिस कर्मियों के भी होश उड़ गए।

    पूछताछ में अभियुक्ता मुन्नी देवी ने स्वीकार किया कि उसका पुत्र अशोक (अविवाहित) नशे का आदी था तथा नशे की हालत में कई बार घरवालों के साथ अभद्रता एवं मारपीट की थी। अभियुक्ता ने यह भी बताया कि अशोक द्वारा कुछ समय पूर्व उसके साथ अनैतिक कृत्य की घटना कारित की थीं, जिसे लोक-लज्जा के कारण परिवार व समाज में बताया नहीं था लेकिन मन में घुटन महसूस करने लगी थी। अभियुक्ता ने बताया कि दिनांक 07.08.2025 को उसका पति समय करीब 20.00 बजे रात को खाना खाकर घेर मे सोने चला गया था तथा उसकी पुत्रवधु व बड़ा बेटा बराबर में अपने घर में सोने के लिये चले गये थे। उसका बेटा अशोक रात लगभग 23:00 बजे नशे की हालत में घर आया और पुनः अभियुक्ता के साथ जबरन अनैतिक कृत्य का प्रयास किया। इसी बात से क्षुब्ध होकर उसी रात को अभियुक्ता ने लगभग 00:30 बजे, जब अशोक गहरी नींद में सो गया, अभियुक्ता ने घर में रखी लोहे की पाठल (दांती) से उसकी गर्दन पर कई वार कर हत्या कर दी तथा शोर मचाकर गुमराह करने का प्रयास किया था।

    बरामदगी का विवरण – घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल लोहे का पाटल। अभियुक्ता द्वारा घटना के समय पहने हुए खून लगे कपड़े।

    1. सचिन मलिक, प्रभारी स्वाट मय टीम जनपद बिजनौर।
    2. योगेश कुमार, प्रभारी सर्विलांस मय टीम जनपद बिजनौर।
    3. राम प्रताप सिंह, थाना प्रभारी मंडावली जनपद बिजनौर
    4. उ. नि. संजय कुमार थाना मंडावली जनपद बिजनौर
    5. उ. नि. सोनू कुमार थाना मंडावली जनपद बिजनौर
    6. आरक्षी पंकज कुमार थाना मंडावली जनपद बिजनौर
    7. आरक्षी राहुल कुमार थाना मंडावली जनपद बिजनौर
    8. म. आरक्षी स्वाति थाना मंडावली जनपद बिजनौर
    9. म. आरक्षी सोनम थाना मंडावली जनपद बिजनौर
    10. आरक्षी मोनू सर्विलांस टीम जनपद बिजनौर।
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    10. *दिल्ली के अस्पताल में लगी आग, एक स्टाफ की मौत, शीशे तोड़कर निकाले गए मरीज *https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202508091859374781964120
    11. *इटावा में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा: 300 किलो लिक्विड ग्लूकोज और 20 किलो अस्वच्छ मिल्क केक जब्त* https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202508091900544781968755
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    14. *ऑपरेशन सिंदूर में सरप्राइज ही सरप्राइज थे… NDTV से बोले अमेरिकी वॉर एक्सपर्ट जॉन स्पेंसर* https://newz.nd.tv/Lnk/SRWR202508100823493022345910
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    बेल पत्र जिसे अक्सर मंदिर में शक्कर जी को चढ़ाया जाता है। भगवान को अर्पित करने वाले इन पत्तों का सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं है बल्कि इसके कई आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। बेल पत्र पोषक तत्वों का भंडार हैं। इन पत्तों में विटामिन A, विटामिन B1, विटामिन B6, विटामिन C, कैल्शियम और फाइबर मौजूद होता है जो बॉडी को हेल्दी रखता है।

    रोज इन पत्तों का सेवन करने से कई बीमारियों का उपचार होता है। ये पत्ते इम्यूनिटी को स्ट्रांग करते हैं और बीमारियों से बचाव करते हैं। डायबिटीज कंट्रोल करने में ये पत्ते जादुई असर करते हैं। इनका सेवन करने से पैंक्रियाज इंसुलिन का तेजी से निर्माण करता है और ब्लड शुगर नॉर्मल रहता है। ये पत्ते पैंक्रियास की कार्यक्षमता बेहतर बनाते हैं।

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  • लखनऊ। विभूति खंड पुलिस ने तीन चेन स्नेचर को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। अभियुक्तों के कब्जे से कुछ जेवरात, नगदी व एक बाइक बरामद की गई। इनमें से दो अभियुक्तों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

    गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ के थाना विभूति खंड क्षेत्र स्थित गुलाम हसन पुरवा की एक महिला के साथ सोमवार को चेंज स्नेचिंग की घटना हुई थी। पीड़िता ने थाना विभूति खंड में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी थी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थाना विभूति खंड और पुलिस उपायुक्त पूर्वी की क्राइम टीम से एक विशेष टीम गठित की गई। संयुक्त टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज व मुखबिर को सक्रिय किया गया। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम द्वारा थाना विभूति खंड क्षेत्र के विशेष खंड स्थित पीएनबी आवासीय परिसर के पास से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तों के कब्जे से दो चेन के टुकड़े (पीली धातु), नगदी व घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल हीरो स्प्लेंडर बिना नंबर प्लेट के बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में शिवम कुमार व सत्यम पोरवाल पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

    1. शिवम कुमार (23 वर्ष) पुत्र प्रमोद कुमार निवासी मोहल्ला कटरा हेमनाथ थाना फफूंद औरैया।
    2. सत्यम पोरवाल (20 वर्ष) पुत्र अवनीश पोरवाल निवासी मोहल्ला संजय नगर थाना दिबियापुर औरैया।
    3. दीपेश यादव (21 वर्ष) पुत्र कप्तान सिंह यादव निवासी मोहल्ला कटरा हेमनाथ थाना फफूंद औरैया।
  • https://x.com/lkopolice/status/1953416432181502110?t=NzVW-0io0dylIdWbc5wTTw&s=19

    लखनऊ। आशियाना थाना पुलिस ने बंद घरों में चोरी करने वाले 4 शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्त में आए शातिरों के कब्जे से 35 लाख रुपए के कीमती जेवरात सहित नकदी बरामद की है।

    डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने बंद घरों में चोरी करने वाले 4 शातिर चोरों को थाना क्षेत्र स्थित बीबीयू विश्वविद्यालय की दीवार के पास से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शातिरों के नाम सुधीर कश्यप पुत्र स्वर्गीय कल्लू निवासी अर्जुन पुरवा थाना कोतवाली सदर लखीमपुर जनपद लखीमपुर खीरी, गौरव सिंह पुत्र कुवर बहादुर सिंह निवासी गुरड्डा खुर्द थाना खमरिया जनपद लखीमपुर, मोहम्मद जिसान पुत्र जुबेर अहमद निवासी मेहवागंज थाना सदर कोतवाली जनपद लखीमपुर, नमित मिश्रा पुत्र रामकुमार मिश्रा उपचारिका भवन के पीछे बलरामपुर अस्पताल थाना वजीरगंज जनपद लखनऊ बताए गए हैं।

    आशियाना थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह के अनुसार शातिरों के पास से 35 लाख रुपए के कीमती जेवरात और नकदी बरामद की गई है। इनमें पीली धातु के कंगन, हार, लॉकेट, चेन और सफेद धातु की पायल, बिछिया, कटोरी और प्लेट शामिल हैं। सुधीर कश्यप पर राजधानी सहित गैर जनपद लखीमपुर में पहले से ही कई मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और लूट के आशियाना थाने में दो मामले दर्ज हैं और गोमतीनगर थाने में भी एक मामला दर्ज है। शातिरों को बरामदगी के आधार पर थाने में दर्ज मुकदमे के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है।

    1. सुधीर कश्यप पुत्र स्वर्गीय कल्लू निवासी अर्जुन पुरवा थाना कोतवाली सदर लखीमपुर जनपद लखीमपुर खीरी।
    2. गौरव सिंह पुत्र कुवर बहादुर सिंह निवासी गुरड्डा खुर्द थाना खमरिया जनपद लखीमपुर।
    3. मोहम्मद जिसान पुत्र जुबेर अहमद निवासी मेहवागंज थाना सदर कोतवाली जनपद लखीमपुर।
    4. नमित मिश्रा पुत्र रामकुमार मिश्रा उपचारिका भवन के पीछे बलरामपुर अस्पताल थाना वजीरगंज जनपद लखनऊ।
  • निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान/बफर गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं अन्य उर्वरकों का मिलान आईएफएमएस पोर्टल पर उपलब्ध स्टाक एवं भौतिक रूप में उपलब्ध उर्वरकों से किया गया, जो पोर्टल के अनुसार सही पाया गया।

    निरीक्षण के समय जिला प्रबन्धक, पीसीएफ, डीसीएफ एवं एसकेवीएस बफर गोदाम प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद की समितियों पर आवश्यकता के अनुसार तत्काल उर्वरकों की आपूर्ति कराई जाए एवं गोदामों में उपलब्ध उर्वरकों का रख-रखाव नियमानुसार कराएं, जिससे उर्वरकों की गुणवत्ता में कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    निरीक्षण के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया। समस्त थोक/फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए।

    यह भी निर्देशित किया गया कि बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए तथा किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न किये जाने एवं कृषक को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए, यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये गये कि कृषकों को वितरित उर्वरकों की रसीद अवश्य उपलब्ध कराई जाए।

  • UP STF से मुठभेड़ में झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर छोटू सिंह ढेर, AK-47 व 9 MM पिस्टल बरामद https://thh.newzo.in/Lnk/SRWR202508071206254781967443

    प्रयागराज, 7 अगस्त 2025: यूपी के प्रयागराज जिले में बुधवार देर रात एक सनसनीखेज मुठभेड़ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने झारखंड के कुख्यात इनामी गैंगस्टर आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह को मार गिराया। STF की घेराबंदी के दौरान गैंगस्टर ने AK-47 जैसी रायफल से ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसकी चपेट में आने से तीन पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे….

    STF को इनपुट मिला था कि धनबाद, झारखंड का यह शातिर अपराधी प्रयागराज में किसी बड़ी आपराधिक योजना पर काम कर रहा है। सूचना के आधार पर STF ने इलाके में घेराबंदी की। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो छोटू सिंह ने AK-47 और 9 एमएम पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF ने भी फायरिंग की, जिसमें छोटू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां छोटू की मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक AK-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस, बाइक आदि बरामद किया है।STF के मुताबिक छोटू सिंह झारखंड के कुख्यात अमन सिंह गैंग का सक्रिय सदस्य है। नीरज तिवारी व लाला खान हत्याकांड समेत कई संगीन मामलों में वांछित था। धनबाद मंडल जेल में बंद रहने के दौरान भी उसका गैंग संचालित होता रहा। पुलिस का कहना है कि वह यूपी और बिहार में सक्रिय रहकर कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। फिलहाल पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की कुंडली खंगाल रही है।

  • लखनऊ। जन सेवा दल और लोक मोर्चा के बैनर तले फतेहपुर में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में लोकमोर्चा के सभी घटक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने एक सुर में सामाजिक न्याय और सत्ता में वंचित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद लोधी ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य उपस्थित रहे।

    प्रमोद लोधी ने कहा कि लोक मोर्चा के गठन के बाद बड़ी-बड़ी पार्टियों की नींव हिलने लगी है, लोकमोर्चा सामंतवादी विचार धारा के लोगों को 2027 में मुंहतोड़ जवाब देगा, अब उन्हें कुर्सी का डर सताने लगा है। उन्होंने दावा किया कि लोधी समाज पूरी तरह से लोक मोर्चा के साथ खड़ा है। गाँव-गाँव जाकर लोगों के विचारों को सुनने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि अगर दलित, पिछड़ा और ओबीसी वर्ग एक साथ आए, तो सरकार बनना निश्चित है। उन्होंने समाज पर हो रहे अन्याय और उत्पीड़न का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता प्राप्ति ही इससे मुक्ति का एकमात्र रास्ता है।

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग आतंक का माहौल बनाकर दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को डराना चाहते हैं, लेकिन अब यह सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने ठान लिया है कि हर जाति को उनकी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी दिलाकर सत्ता में भागीदार बनाऊंगा।

    जनसेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश भईया ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कार्यकताओं में जोश का संचार किया और सत्ता में हिस्सेदारी का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब अति पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और बहुजन समाज को उनके वोट के अनुपात में सत्ता में भागीदारी मिलनी चाहिए। विनेश भईया ने कहा, सैन सविता नंद पाल प्रजापति सैनी कश्यप समेत अति पिछड़ों का 42% वोट हैं, लेकिन सत्ता पर राज सिर्फ 2% वोट वाले लोग करते हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। लोकमोर्चा का सीधा एजेंडा है जिस बिरादरी का जितना वोट, उसे उतनी ही हिस्सेदारी। विधानसभा टिकट से लेकर सरकार के हर फैसले तक हमारी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसेवा दल और लोकमोर्चा का उद्देश्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और हक की लड़ाई को मजबूत करना है। उन्होंने आह्वान किया कि अगर सभी अति पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक एकजुट हो जाएं तो 2027 में लोकमोर्चा की सरकार बनना तय है। जनसेवा दल प्रमुख ने जातीय उत्पीड़न और अपमान पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा, लोकमोर्चा की सरकार बनते ही जातिगत अपमान करने वालों को जेल भेजा जाएगा। हम सिर्फ वोट नहीं, अब हक भी लेंगे।

    सम्यक पार्टी के तपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि हमें एक-दूसरे की मदद कर सत्ता में आना होगा, क्योंकि यही एक मजबूत रास्ता बचा है। उन्होंने कहा कि जनता पाखंड और ढोंग से छुटकारा चाहती है, लेकिन यह एक क्रमिक प्रक्रिया है जिसे मिलकर ही आगे बढ़ाया जा सकता है। रिटायर्ड आइपीएस बीपी अशोक ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने जो रास्ता दिखाया, वही हमें सत्ता तक पहुंचा सकता है। उन्होंने चेताया कि सत्ता में आने के बाद रास्ता बदलने वालों की वजह से समाज पिछड़ता है। उन्होंने बताया कि पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी आरक्षित वर्गों के हित में लगातार काम कर रही है। पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि हम सब अपनी सुख-सुविधा छोड़कर गांव-गांव जाकर मेहनत कर रहे हैं लेकिन आप लोगों को भी घरों से निकलकर मेहनत करनी होगी। उन्होंने साफ कहा कि सत्ता ही आपको सम्मान दिला सकती है। विवेक ठाकुर ने कहा कि हम प्रथम चक्रवर्ती सम्राट के वंशज होते हुए भी सत्ता से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जन सेवा दल का गठन हमारी विचारधारा से जुड़े लोगों को जोड़ने और सत्ता तक पहुंचाने के लिए किया गया है। स्वतंत्र राज पार्टी के अध्यक्ष घनश्याम कोरी ने कहा कि हमारे महापुरुषों ने जो संघर्ष किया, उससे हम भटक गए, लेकिन अब समय है फिर से एकजुट होकर सत्ता प्राप्त करने का। उन्होंने लोकमोर्चा के गठन पर विस्तार से प्रकाश डाला। राजेश प्रताप ने कहा कि अब आरक्षित वर्ग के लोगों को मांगने वाला नहीं, निर्णय लेने वाला बनना होगा।उन्होंने कहा कि लोकमोर्चा ऐसे नेतृत्व की तरफ बढ़ रहा है, जो आरक्षित वर्ग की वास्तविक हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगा।

    इस भव्य आयोजन में फतेहपुर जिलाध्यक्ष अशोक फौजी, प्रदेश उपाध्यक्ष राजौल सैन, प्रदेश प्रभारी भोलाराम सविता, उमेश नंदवंशी, शशि सैन, संगीता सैन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री धर्मेंद्र सविता, जिलाध्यक्ष कौशांबी अनिल शर्मा, युवा जिलाध्यक्ष अनुज नंदवंशी, राजेश सिद्धार्थ, बीपीअशोक, वसी अहमद, शिवप्रसाद विश्वकर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी नेताओं ने प्रमोद लोधी को बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में अति पिछड़े वर्ग को सत्ता में भागीदारी जरूर मिलेगी।

  • लखनऊ। रायबरेली में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को एक युवक ने माला पहनाने के दौरान थप्पड़ जड़ दिया। भीड़ ने आरोपी युवकों की जमकर पिटाई कर दी। हमलावर करणी सेना से जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि, इसको लेकर संगठन से कोई बयान नहीं आया है। मौर्य समर्थकों की पिटाई से हमलावर युवकों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। फिलहाल, इस घटना से इलाके का माहौल गरमा गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारे में तेजी से वायरल हो रहा है।

    “राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी” (RSSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को लखनऊ से फतेहपुर जाते समय रायबरेली में रुके थे। रायबरेली के गोल चौराहे पर समर्थक फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत कर रहे थे। तभी एक युवक ने माला पहनाने के दौरान मौर्य को थप्पड़ मार दिया। इस घटना से स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थक भड़क उठे और उन्होंने दो युवकों को लात-घूंसों और डंडों से पीटना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने बामुश्किल उन्हें बचाया और साथ ले गए। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया।

    घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि दिनदहाड़े चौराहे पर मारपीट से पता चलता है कि योगी सरकार में गुंडे-माफियाओं के हौसले कितने बढ़े हुए हैं। ये लोग करणी सेना के नाम पर कीड़े-मकोड़े हैं। खुलेआम कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक जाति विशेष के लोगों को अपराध करने का लाइसेंस मिला है। जब पुलिस की मौजूदगी में अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद है तो ये अकेले में क्या करते होंगे। प्रदेश में जंगलराज फैला हुआ है।

    मिल एरिया थानाध्यक्ष अजय राय का कहना है कि युवकों द्वारा पूर्व मंत्री से अभद्रता व उनपर हमले का प्रयास किया गया था। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपितों ने अपने नाम रोहित द्विवेदी व शिवम यादव बताए हैं। मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।‍

    स्वामी प्रसाद को थप्पड़ मारने वाले युवक रोहित द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने सदैव ब्राह्मणों को गाली देने के साथ, भगवान राम और सनातन का विरोध किया है। इसी कारण हमने थप्पड़ मारा है। रोहित ने स्वयं को करणी सेना का सदस्य बताया।

    घटना बेहद शर्मनाक : चंद्रशेखर आजाद

    नगीना से सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया में सोशल मीडिया प्लेट्फॉर्म एक्स पर ट्वीट कर इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया है। उन्होंने लिखा है कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पूर्व मंत्री, वैचारिक व मिशनरी साथी स्वामी प्रसाद मौर्य जी पर हमला निंदनीय और शर्मनाक है।

  • देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार दोपहर 1.45 बजे बादल फटा। गंगोत्री के पहाड़ों से बहने वाली खीर गंगा नदी में बाढ़ आ गई। तेज रफ्तार पानी के साथ आए मलबे ने 34 सेकेंड में धराली गांव को जमींदोज कर दिया। आपदा में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं।

    उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली के ऊंचाई वाले गांवों में मंगलवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कई घर क्षतिग्रस्त हो गए या पानी में बह गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस घटना में करीब चार लोगों की मौत हो गई है और 50 से ज़्यादा लोग लापता हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई, जिसके बाद विनाशकारी बाढ़ आई। इस आपदा के कारण पानी और मलबे का एक ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया और कई एजेंसियों को इमरजेंसी राहत अभियान चलाना पड़ा।

    प्रभावित क्षेत्र गंगोत्री धाम के पास स्थित है। पर्यटकों द्वारा रिकॉर्ड किए गए विजुअल्स में पहाड़ियों से एक तेज़ धारा बहती हुई दिखाई दे रही है, जो कई घरों और वनस्पतियों को बहा ले जा रही है।

    धराली में आई विनाशकारी आपदा के बीच केंद्रीय एजेंसियां राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है। आपदा प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने कार्यवाही तेज कर दी है। लगभग 80 आपदा पीड़ितों को ITBP के जवानों ने सुरक्षित स्थान पर, कोपांग कैंप में शिफ्ट कर दिया है। यह कैंप आपदा पीड़ितों के लिए अस्थायी आवास और मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रहा है। घायलों का इलाज प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

  • लखनऊ। आशियाना पुलिस ने सरगना समेत दो पहिया वाहन चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी 21 दो पहिया वाहन बरामद किए गए हैं।

    आशियाना पुलिस वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए थाना क्षेत्र में दो पहिया वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर मंगलवार को बड़ा खुलासा किया।

    आशियाना थाने पर मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में डीसीपी मध्य आशीष श्रीवास्तव ने इस गिरोह का खुलासा किया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि यह एक नया गिरोह है, जो 2025 में ही बना है। इनका सॉफ्ट टारगेट मॉल और अस्पताल होते हैं। इस गिरोह का मुख्य सरगना आशियाना क्षेत्र का ही सेक्टर एम~1 तिवारी मार्केट निवासी सूरज गौतम उर्फ छोटू पुत्र उदयराज है, जो मूलरूप से ग्राम महादेवा जनपद बाराबंकी का रहने वाला है। इसके अलावा इस गिरोह में पांच अन्य सदस्य शामिल हैं। इनमें से चार सदस्य पुलिस हत्थे लगे हैं। इनमें सुमित सिंह उर्फ शानू पुत्र सुदेश सिंह निवासी मानस नगर आशाराम बापू रोड थाना कृष्णा नगर, अभिषेक राजपूत उर्फ गंगू पुत्र स्व राजू राजपूत निवासी रिक्शा कॉलोनी सेक्टर एम1 थाना आशियाना, रवि थापा उर्फ एनडी पुत्र अमर सिंह थापा निवासी रिक्शा कॉलोनी सेक्टर एम1 एवं सूरज उर्फ अंश सिंह पुत्र शिलवाल सिंह निवासी ई 192 एलडीए कॉलोनी सेक्टर ई थाना सरोजनी नगर शामिल हैं।

    इसके अलावा मुकदमे में वांछित उन्नाव जनपद के रहने वाले अरुण उर्फ गब्बर को गिरफ्तार करने को पुलिस जुट गई है। गिरोह की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से चोरी के कुल 21 दो पहिया वाहन बरामद किए गए हैं, जिसमें से आठ वाहन चोरी के मुकदमे विभूतिखंड, गौतमपल्ली, चिनहट, काकोरी, सुशांत गोल्फ सिटी और तीन मुकदमे आशियाना में दर्ज हैं। अन्य बरामद वाहनों के विषय में पता किया जा रहा है। फिलहाल गिरफ्तार शातिरों के खिलाफ कार्यवाही कर जेल भेज दिया गया है।

  • लीवर के स्वास्थ्य के लिए कॉफी बहुत फायदेमंद हो सकती है। कई शोधों में यह बात सामने आई है कि नियमित और संतुलित मात्रा में कॉफी का सेवन करने से लिवर को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।

    एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण: कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व होते हैं जो लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। ये तत्व सूजन (Inflammation) को कम करने में भी मदद करते हैं, जो लिवर की बीमारियों का एक प्रमुख कारण है।

    फाइब्रोसिस को कम करना: कॉफी का सेवन लिवर में फाइब्रोसिस (लिवर में घाव या निशान बनना) की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

    फैटी लिवर से बचाव: नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) से पीड़ित लोगों के लिए कॉफी फायदेमंद हो सकती है। यह लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है और लिवर एंजाइम के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करती है।

    सिरोसिस और लिवर कैंसर का खतरा कम: कुछ अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से कॉफी पीते हैं, उनमें लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर का खतरा 40-50% तक कम हो सकता है।

    डिटॉक्सिफिकेशन में मदद: कॉफी शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी सहायक हो सकती है।कितनी मात्रा में और कैसे पिएं?

    विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में 2-3 कप ब्लैक कॉफी का सेवन लिवर के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। ब्लैक कॉफी पीना ज्यादा फायदेमंद है, क्योंकि दूध और चीनी मिलाने से इसके कुछ लाभकारी गुण कम हो सकते हैं और कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है।

    ध्यान रखें, किसी भी चीज़ की अधिकता हानिकारक हो सकती है। बहुत ज्यादा कॉफी पीने से अनिद्रा, चिंता और हृदय गति बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

  • अल्मोड़ा। लंबे समय से प्रतीक्षित नई लिफ्ट की सौगात अब पंडित हर गोविंद पंत जिला अस्पताल अल्मोड़ा को मिलने जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के निरंतर प्रयासों और जनहित में उठाई गई मजबूत आवाज का परिणाम है कि वर्ष 2024 में भेजा गया प्रस्ताव अब अंततः साकार रूप लेने जा रहा है। इस लिफ्ट की स्थापना से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को अब चार मंज़िला इमारत की सीढ़ियाँ चढ़ने की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।

    वर्तमान में अस्पताल की ओपीडी में रोज़ाना 500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वे लोग होते हैं जिनके लिए सीढ़ियाँ चढ़ना एक गंभीर चुनौती होती है। संजय पाण्डे ने बताया कि “पिछली दोनों लिफ्टें गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जिससे बार-बार खराबी की शिकायतें आती रहीं। इस बार विशेष आग्रह किया गया है कि जो लिफ्ट लगाई जाए वह न केवल आधुनिक हो, बल्कि टिकाऊ और भरोसेमंद भी हो। फिलहाल अस्पताल में जो लिफ्ट कार्यरत है, वह भी जिला चिकित्सालय हरिद्वार के नाम से है, यानी स्थायी समाधान नहीं, बल्कि एक अस्थायी व्यवस्था है। अब जो नई लिफ्ट लगने जा रही है वह 20 लोगों की भार वहन क्षमता वाली होगी और इसे स्वास्थ्य मुख्यालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.सी. गड़कोटी ने भी पुष्टि की है कि कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।

    इस पहल से एक बार फिर साबित हुआ है कि जब सामाजिक सरोकारों के लिए नीयत और नीति एकजुट हो, तो बदलाव संभव है। संजय पाण्डे ने पहले भी जिले के अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन, एमआरआई, ईएनटी विशेषज्ञ, ऑडियोमेट्री सुविधा और ब्लड बैंक जैसे कई जनहित कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई है।

  • बिजनौर। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशी रसायन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को साकार करने हेतु गठित टास्क फोर्स ने तहसील चांदपुर एवं बिजनौर क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान कुल 20 कीटनाशक विक्रय केंद्रों पर औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

    जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा त्वरित एवं कठोर कार्रवाई करते हुए मेसर्स गणपति बीज भंडार चांदपुर, राजश्री कृषि सेवा केंद्र खासपुर एवं विपिन खाद भंडार शादीपुर चौराहा अमहेड़ा के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।

    इसके अतिरिक्त आर्य खाद बीज भंडार खासपुर, मनोज बीज भंडार चांदपुर, विश्वकर्मा फर्टिलाइजर हीमपुर दीपा, विवेक खाद भंडार हीमपुर बुजुर्ग, आईपीएल किसान सेवा केंद्र कामराजपुर एवं गौरव खाद भंडार नांगल सोती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही, दो कीटनाशी रसायनों के नमूने आहरित कर जांच हेतु प्रयोगशाला प्रेषित किए गए।

    इस अभियान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों की सुरक्षा और फसल की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

  • लखनऊ। राजधानी में जारी मूसलाधार बारिश के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव, पेड़ गिरने और सीवर जाम जैसी समस्याएं सामने आईं। इस परिस्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त गौरव कुमार ने नगर निगम की सभी टीमों को तुरंत फील्ड में एक्टिव होने के निर्देश दिए।

    नगर आयुक्त के निर्देशानुसार, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी फील्ड में लगातार सक्रिय नजर आए। शहर के सभी 8 जोन में टीमों ने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और पंपिंग सेट लगाकर पानी की निकासी सुनिश्चित की। बारिश से कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिनके निस्तारण के लिए नगर निगम के उद्यान विभाग की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाया और रास्तों को साफ कराया, जिससे यातायात सुचारु रूप से बहाल हो सका।

    अभियंत्रण विभाग द्वारा नालों की सफाई का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी रहा। कई प्रमुख मार्गों, चौराहों और निचले इलाकों में विशेष रूप से तैनात टीमें नाले और सीवरों की सफाई में जुटी रहीं, जिससे पानी का बहाव सामान्य हो सके और जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत मिले। इसके साथ ही, नगर निगम के कंट्रोल रूम से पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम में गठित विशेष निगरानी टीम को नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। टोल फ्री नंबर 1533 के माध्यम से नागरिक अपने क्षेत्र की समस्याओं की सूचना दे सकते हैं, जिन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

    नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि नगर निगम किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि है, और टीमों को 24×7 फील्ड पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी समस्या की स्थिति में तुरंत नगर निगम से संपर्क करें।

  • लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा विभाग में संयुक्त निदेशक के पद के लिए साक्षात्कार देने वालों को दरकिनार कर दिया गया। यही नहीं, जिसने साक्षात्कार नहीं दिया, उसे चिन्हित कर नियमों को दरकिनार कर संयुक्त निदेशक बना दिया गया।

    दअरसल चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण महानिदेशक ने 13 जनवरी 2025 को सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों, हृदय रोग संस्थान और जेके कैंसर संस्थान कानपुर के निदेशक को पत्र भेजा। इसमें अपर निदेशक का एक पद और संयुक्त निदेशक के दो पद के लिए इच्छुक चिकित्सा शिक्षकों के आवेदन भिजवाने का निर्देश दिया गया था। अपर निदेशक पद के लिए बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रो. डॉ. गुलजारी लाल निगम और प्रयागराज के प्रो. डॉ. खुर्शीद परवीन ने आवेदन किया। संयुक्त निदेशक पद के लिए कन्नौज से डॉ. मधुलिका यादव, अंबेडकरनगर से डॉ. रीतेश कुमार राय, सहारनपुर से डॉ. अमित मोहन वार्ष्णेय और डॉ. दीपेश कुमार ने आवेदन किया। आवेदकों को 11 फरवरी 2025 को महानिदेशालय में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। 30 मई को जारी परिणाम में अपर निदेशक के लिए आवेदन करने वाले डॉ. गुलजारी लाल निगम का चयन संयुक्त निदेशक पद के लिए कर दिया गया। जीएसवीएम कॉलेज कानपुर के फार्मेसी विभाग के सह आचार्य डॉ. सचिन कुमार को संयुक्त निदेशक पद पर चयनित किया गया। डॉ. सचिन पहले से महानिदेशालय में संबद्ध थे। उनका नाम संयुक्त निदेशक पद के लिए साक्षात्कार देने वालों की सूची में भी नहीं था। संबंधित मामले में महानिदेशक किंजल सिंह का कहना है कि चयन कमेटी करती है। मुझे जानकारी नहीं है। इस मामले में अपर निदेशक ही बता पाएंगे। मतलब हेराफेरी हुई, जानकारी भी हुई और अपर निदेशक के मत्थे मढ़ने के साथ अपना पल्ला भी झाड़ लिया?

  • लखनऊ। हरदोई – लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-731) के अंतर्गत बन रहे रोड ओवर ब्रिज (ROB) पर स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को रोक दिया है। यह विरोध किलोमीटर 259.500 से 260.500 के बीच चल रहे कार्य के दौरान सामने आया है।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आरओबी के निर्माण में सीढ़ी या रास्ते की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे उन्हें पुल के ऊपर से नीचे आने-जाने में भारी असुविधा हो रही है। गांववालों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि पुल से नीचे उतरने के लिए उचित सीढ़ी या रैम्प की सुविधा दी जाए।

    प्रदर्शन के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, वे निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। सूत्रों के अनुसार, यह मामला 30 जुलाई को NHAI की परियोजना इकाई द्वारा जिला प्रशासन को सूचित किया गया था।

    एजेंसी ने जल्द समाधान की मांग करते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चिंता भी जताई है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यह रोड ओवर ब्रिज ट्रैफिक मूवमेंट के लिए अति आवश्यक है और किसी भी प्रकार की देरी से प्रोजेक्ट की लागत और समय सीमा दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

  • लखनऊ। आशियाना थाना इलाके में रहने वाली एक महिला खाताधारक के खाते से साइबर हैकरों ने 83,349 रुपये पार कर दिया।

    आशियाना थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर आई निवासी अल्पना आर्या के अनुसार बीते 14 मई को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात कालर ने फोन किया और खुद को फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर एजेंट के रूप में पेश किया। आरोप है कि उन्हें फ्लिपकार्ट के 2 कैंसिल ऑर्डर के रिफंड के संबंध में उलझाकर कन्फ्यूज कर दिया और व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर उनसे पिन डलवाकर यूपीआई के माध्यम से उनके बचत खाता से 83,349 रुपए का ट्रांजेक्शन कर लिया। जानकारी होने पर उसने साइबर सेल सहित स्थानीय आशियाना थाने में पुलिस से लिखित शिकायत की है। आशियाना थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह के अनुसार पीड़िता की शिकायत पर आईटी एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

  • बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड बिजनौर अध्यक्ष योगेश कुमार के द्वारा कार्यालय के प्रांगण में नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। अध्यक्ष योगेश कुमार ने बॉडी एनालाइजर मशीन से रोगियों का परीक्षण किया तथा एक्यूप्रेशर मशीन से रोगियों का उपचार किया।

    डॉक्टर नरेंद्र सिंह डाइटिशियन आयुर्वेदाचार्य प्राकृतिक चिकित्सक योगाचार्य ने मिट्टी चिकित्सा, स्टीम बाथ, मसाज चिकित्सा, मर्म चिकित्सा के द्वारा रोगियों का उपचार किया। डॉ. अमित कुमार के साथ आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहयोगी के रूप में सोमदत्त शर्मा ने कार्य किया।

    प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में उपचार कराने वालों में निगोहा लखनऊ से दीपांशु यादव, प्रयागराज इलाहाबाद से राजीव यादव, नूरपुर बिजनौर से चेष्टा, मनु रानी व मनोज कुमार, बिजनौर से भुवनेश्वरी, मनोज, दीपांशी, वर्षा देवी, झालू से अमलेश शामिल रहे। डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि मेहनत से कमाया हुआ धन बचाए रखने के लिए हमें आसपास में खड़ी जड़ीबूटियों का ज्ञान होना अति आवश्यक है। छोटे-छोटे घरेलू मसालों से हम छोटी-छोटी बीमारियां अपने ठीक कर सकते हैं। अनावश्यक दवाइयों का प्रयोग हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इसलिए किसी योग्य चिकित्सा के परामर्श अनुसार ही दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए। आज समाज और राष्ट्र का अधिकांश धन दवाइयों पर खर्च हो रहा है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए हमें पुनः अपनी भारतीय संस्कृति पर आना होगा तथा योग आसन प्राणायाम प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाना होगा। इसलिए राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करें।

  • राजनीति में दो वाद बहुत प्रसिद्ध हैं – 1_ चमचावाद 2_ जातिवाद। चमचावाद पर फिर कभी बात करेंगे, लेकिन आज चर्चा जातिवाद पर होगी क्योंकि Ward 16 के उपचुनाव में जातिवाद को रंग दिए जाने की सूचना है। हालांकि हम इसकी पुष्टि नहीं करते।

    दरअसल, वार्ड नंबर 16 का चुनाव कुछ लोगों के लिए “नाक का सवाल” बन गया है। सच पूछिए तो इस उपचुनाव पर पूरे शहर के राजनीतिज्ञों, समाजसेवियों और पत्रकारों की नज़र है। ऐसा क्यों है, इस पर भी बाद में चर्चा होगी।

    राजनीति में जातिवाद एक ऐसी ढाल है, जिसकी आड़ में उम्मीदवार का प्रत्येक दुर्गुण छुप जाता है। उम्मीदवार को तो छोड़िए साहब, उसके बाप_दादाओं की भी करतूतें छिपा दी जाती हैं। दलाली, भ्रष्टाचार, शराबखोरी, गुंडागर्दी, चमचागीरी और शैक्षिक योग्यताओं, सब पर पूरी तरह से परदा पड़ जाता है। जातिवाद मतदाता को अंधभक्त बना देता है, और इसका कोई तोड़ भी नहीं है। जातिवाद ही एकमात्र ऐसा दोधारी हथियार है, जो एक तरफ गुंडों और दलालों को सत्ता हासिल करा देता है, तो दूसरी तरफ शरीफ, ईमानदार, कर्मठ, जुझारू और निष्ठावान उम्मीदवारों को सत्ता से बेदखल करवा देता है। इस उपचुनाव में इसीलिए इस हथियार का इस्तेमाल किया जा सकता है। …लेकिन वार्ड नंबर 16 में अधिकांश मतदाता ब्राह्मण और वैश्य (बनिया) समाज से आते हैं। जहां एक ओर ब्राह्मण समाज बुद्धिजीवी और दूरदर्शी वर्ग है, वहीं दूसरी ओर वैश्य समाज चतुर और व्यापारी वर्ग माना जाता है। व्यापारी होने के कारण उनमें लाभ_हानि की गहरी समझ होती है। कोई भी समझदार और बुद्धिजीवी व्यक्ति नज़दीक के फायदे के लिए, दूर का नुकसान नहीं करता। इसलिए जातिवाद का यह हथियार इस उपचुनाव में किसी काम नहीं आने वाला, अलबत्ता शाम को पव्वा पीकर और मुर्गा डकार कर जातिवाद पर भाषण देना, सभी को आता है। भले ही सुबह होते ही वह यह भूल जाएं कि रात को कौन सा ब्रांड पिया था, मुर्गा कहां से आया था, खर्चा किसने किया था और चर्चा क्या हुई थी।इस वार्ड में शिक्षक, पत्रकार, समाजसेवी, अधिवक्ता, चिकित्सक और व्यापारी वर्ग रहता है। जो न केवल बुद्धिजीवी वर्ग है, अपितु सर्वसमाज में अपना एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह वह वर्ग है जो स्वयं निर्णय लेने में पूर्णतः सक्षम है। उसे न तो कोई शराबी बहका सकता है, और न ही कोई दलाल बरगला सकता है। बाक़ी, आप स्वयं समझदार हैं।

    आपका दिन शुभ हो। कृपया हमें धमकाने/सुझाव देने अथवा शिकायत करने हेतु 9058118317 पर संपर्क करें। ध्यान रहे कि जिस भाषा में आप बात करेंगे, हम उसी भाषा में आपकी उत्तर देने में पूर्णतया सक्षम हैं। जय हिंद जय भारत

  • बिजनौर। संयुक्त कृषि निदेशक, मुरादाबाद मंडल जीवन प्रकाश की मौजूदगी में जनपद बिजनौर में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डॉ. घनश्याम वर्मा (उप कृषि निदेशक, बिजनौर), जसवीर सिंह तेवतिया (जिला कृषि अधिकारी/भूमि संरक्षण अधिकारी, बिजनौर) सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं तकनीकी कार्मिक उपस्थित रहे।

    बैठक उपरांत संयुक्त निदेशक द्वारा राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र, पृथ्वीपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रक्षेत्र अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि फसलों की निराई-गुड़ाई, समुचित देखरेख एवं परिसर की सफाई नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए, जिससे आदर्श प्रक्षेत्र का स्वरूप स्थापित किया जा सके।

    इसके पश्चात किसानों को गुणवत्ता युक्त उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद के प्रतिष्ठित थोक विक्रेता मैसर्स जुगल किशोर रामरक्षपाल, चांदपुर के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय उर्वरक स्टॉक का मिलान स्टॉक रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों से किया गया।

    संयुक्त निदेशक द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि समस्त उर्वरकों का वितरण POS मशीन के माध्यम से किया जाए, प्रत्येक बिक्री पर कैश मेमो / रसीद अनिवार्य रूप से कृषकों को प्रदान की जाए, ओवर रेटिंग एवं अनुचित टैगिंग जैसी गतिविधियों को कदापि न होने दिया जाए।

    अगले चरण में भूमि संरक्षण इकाई, बिजनौर द्वारा ग्राम पीपलसाना, चांदपुर में WDC योजना के अंतर्गत कराए गए तालाब जीर्णोद्धार कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह कार्य जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

    इसी क्रम में राजकीय बीज भंडार, नूरपुर का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान भारत सरकार की “श्री अन्न मिलेट्स अभियान” के अंतर्गत रागी, शावा, बाजरा आदि मोटे अनाज की नि:शुल्क मिनी किट्स कृषकों को वितरित की गईं। प्रमुख लाभार्थियों में अर्जुन सिंह, कल्लू सिंह एवं सकित कुमार सम्मिलित रहे। किसानों से अपील की गई कि वे इन मिनी किट्स की समय से बुवाई कर पोषक अनाज उत्पादन को प्रोत्साहित करें।

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    इस अवसर पर आईसीडीपी योजना के तहत ग्राम ठेरी स्थित कृषक श्याम सिंह के खेत पर एक हेक्टेयर धान प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण किया गया। साथ ही आत्मा योजना अंतर्गत ग्राम गोहावर में श्रीमती विमला देवी के फार्म स्कूल में स्थापित एक हेक्टेयर धान प्रदर्शन प्लॉट का भी अवलोकन किया गया।

    उपस्थित टीम में जिला कृषि अधिकारी/भूमि संरक्षण अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, राजकीय कृषि निवेश भंडार, नूरपुर के प्रभारी, क्षेत्रीय एटीएम/बीटीएम, तकनीकी सहायकों सहित समस्त संबंधित कर्मचारीगण शामिल रहे। यह निरीक्षण दौरा न केवल योजनाओं की प्रगति की वस्तुनिष्ठ समीक्षा हेतु उपयोगी रहा, बल्कि विभागीय टीम को उच्च स्तर की क्रियान्वयन गुणवत्ता हेतु प्रेरित करने वाला भी सिद्ध हुआ।

  • मुजफ्फरनगर। जन सेवा दल के तत्वाधान में मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में लोक मोर्चा का कार्यकर्ता सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मांगेराम ने की जबकि संचालन मास्टर भोपाल सिंह ने किया। इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी और भावनात्मक संबोधन में न केवल मंच को आंदोलित किया बल्कि सैकड़ों कार्यकताओं और समर्थकों के दिलों में राजनीतिक चेतनाकी नई लौ जला दी।

    जनसेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक विनेश भइया ने अपने भावुक लेकिन जोशीले वक्तव्य में कहा 21 मई को मेरा लिवर ट्रांसप्लांट हुआ… और उसी दिन विनेश ठाकुर मर गया अब जो खड़ा है, वो विनेश भइया है जो अपने समाज को सम्मान दिलाए बिना नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि अब नंदवंशी समाज और भारत का अति पिछड़ा वर्ग उपेक्षा और छलावा नहीं सहेगा। बड़े दलों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि “हम 4 प्रतिशत हैं तो सत्ता में हिस्सेदारी भी 4 प्रतिशत के अनुपात से बनती है। यानी यूपी की 16 से 20 सीटो पर हमारा हक हैं और जब तक सैन समाज के 20 विधायक जीतकर विधानसभा नहीं पहुंचेंगे, मैं चैन से नहीं बैठूंगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 2 प्रतिशत लोगों ने 42 प्रतिशत अति पिछड़ों पर दशकों से हुकूमत चलाई है। अब यह अन्याय बंद होगा। अब सत्ता की चाभी बहुजन, दलित और अति पिछड़ों के हाथ में होगी। वोट हमारा और राज तुम्हारा अब नहीं चलेगा। विनेश भइया ने यहां भी अपनी चर्चित शैली में कहा, मैं नेता नहीं हूं, अभिनेता हूं, और जनसेवा दल के नेतृत्व में लोकमोर्चा की फिल्म बना रहा हूं, जिसका क्लाइमैक्स 2027 के चुनाव में सत्ता परिवर्तन के साथ आएगा। उन्होंने आगे कहा, मैं अखबार चलाता हूं, मेरे विधान केसरी के संवाददाता हर जिले में हैं, लेकिन मेरे समाज की राजनीतिक हैसियत नहीं थी ये मेरी सबसे बड़ी पीड़ा थी। इसलिए जनसेवा दल बनाया, ताकि समाज को राजनीतिक अधिकार मिले। विनेश ठाकुर ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, हमारी चुप्पी ही अब तक हमारी सबसे बड़ी सजा थी, लेकिन अब हम चुप नहीं रहेंगे। अब कोई सामंतवादी ताकत किसी बहुजन या अति पिछड़े व्यक्ति का अपमान नहीं कर पाएगी। हमारी सरकार आने पर ऐसे लोगों को जेल में डाला जाएगा।

    राष्ट्रीय सलाहकार ब्रहापाल कौशिक ने कहा अब अति पिछड़ों की आवाज दबेगी नहीं, जनसेवा दल उसका मंच बनेगा। समाज की चेतना जाग चुकी है. अब राजनीतिक भागीदारी तय है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दयाल चंदेल ने कहा, समय आ गया है जब सत्ता की कुंजी सैन सविता नंद समेत समस्त अति पिछड़ों के हाथ में होगी। हमारी एकता ही हमारी ताकत बनेगी, यह लड़ाई अब निर्णायक होगी।”

    राजेश कुमार ने कहा “वर्षों से जो समाज हाशिए पर था, अब वही निर्णायक भूमिका में आएगा। हम अब सिर्फ वोट नहीं देंगे, सत्ता की जिम्मेदारी भी उठाएंगे। अरविंद ठाकुर ने कहा विनेश भैया की यह लड़ाई हमारी अस्मिता की लड़ाई है। हर गांव, हर शहर में लोकमोर्चा का संदेश पहुंचाना है।” उमेश माथुर ने कहा अब सत्ता में हमारी गिनती नहीं, हिस्सेदारी होगी। जो समाज दशकों से उपेक्षित था, अब नेतृत्व करेगा।” मांगेराम सेन ने कहा हमारे पास अब न संगठन की कमी है, न सोच की स्पष्टता। जनसेवा दल के नेतृत्व में नंदवंश समाज नई इबारत लिखेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश सेन ने कहा “मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, वह एक मिशन है। अब यूपी के कोने-कोने में सैन समाज की शक्ति दिखाई देगी।” मंडल उपाध्यक्ष मेरठ राजपाल सेन ने कहा मेरी मेरठ मंडल में प्राथमिकता है कि हर पिछड़ा परिवार लोकमोर्चा का सिपाही बने। संगठन की ताकत से सत्ता की बुनियाद हिलाएंगे। सन्नी सेन ने कहा समाज को अब नेताओं की नहीं, भागीदारों की जरूरत है। हर नौजवान लोकमोर्चा की मशाल लेकर आगे बढ़े।” सुरेंद्र ठाकुर बोले अब निर्णय लेने का समय है, सिर्फ नारों से नहीं, रणनीति से लड़ना है। सत्ता की चाबी अब अति पिछड़ों के पास होनी चाहिए।” किरतपाल सेन ने कहा सिर्फ मंच पर नहीं, गांव-गांव में जाकर बदलाव की अलख जगाएंगे। अब हमारा संकल्प सत्ता में सैन समाज की निर्णायक भागीदारी। दीपक सेन ने कहा जनसेवा दल अब विकल्प नहीं, भविष्य है। युवाओं का जोश और बुजुर्गों का अनुभव साथ है हमारे। अशोक सेन ने कहा बहुजन समाज की सियासी चुप्पी अब टूट चुकी है। 2027 में उसका जवाब ईवीएम में दर्ज होगा। धर्मपाल सेन बोले अब हम वोटर नहीं, सत्ता के निर्णायक बनेंगे। विनेश भइया की अगुवाई में हर अन्याय का जवाब मिलेगा।

  • नई दिल्ली। देश में सार्वजनिक और निजी बैंकों में बिना दावे वाली जमा राशि साल दर साल बढ़ती जा रही है। सोमवार को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, यह दावा रहित राशि जून 2025 के अंत तक 67,003 करोड़ रुपए तक पहुँच गई है। इसमें से सबसे ज़्यादा 58,330 करोड़ 26 लाख रुपए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग संस्थानों के खातों में हैं, जबकि 8,673 करोड़ 72 लाख रुपए निजी क्षेत्र के बैंकिंग संस्थानों के खातों में पड़े हैं।

    बैंकों के आंकड़ों पर गौर करें तो, पहले स्थान पर मौजूद स्टेट बैंक के खातों में 19,329.92 करोड़ रुपए की लावारिस जमा राशि है। दूसरे स्थान पर मौजूद पंजाब नेशनल बैंक के खातों में 6,910.67 करोड़ रुपए हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित बयान में बताया कि तीसरे स्थान पर मौजूद केनरा बैंक के खातों में लावारिस जमा राशि 6,278.14 करोड़ रुपए तक पहुँच गई है।निजी क्षेत्र के बैंकों की बात करें तो आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज़्यादा 2,063.45 करोड़ रुपए की बिना दावे वाली जमा राशि है, उसके बाद एचडीएफसी बैंक में 1,609.56 करोड़ रुपए और एक्सिस बैंक में 1,360.16 करोड़ रुपए की जमा राशि है।हालाँकि, ज्ञातव्य है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने खाताधारकों के कानूनी उत्तराधिकारियों को ये जानकारी प्रदान करने के लिए एक केंद्रीकृत वेब पोर्टल UDGAM शुरू किया है। इसमें सभी बैंकों में बिना दावे वाली जमा राशि का विवरण एक स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

  • लखनऊ। मंगलवार को जिलाधिकारी विशाख जी द्वारा NHAI की निर्माणाधीन परियोजना लखनऊ हरदोई रोड को 4 लेन बनाने के कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया गया।

    निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी द्वारा बताया गया कि उक्त रोड को 280.72 करोड़ की लागत से 4 लेन में परिवर्तित किया जा रहा है। परियोजना की कुल लंबाई 31.730 किलोमीटर है और किसान पथ फ्लाईओवर NH731 से हरदोई बार्डर तक 4 लेन रोड का निर्माण कराया जा रहा है।

    परियोजना अधिकारी द्वारा बताया गया कि लगभग 98% निर्माण कार्य पूरा हो गया है, शेष काम प्रगति पर है। जिलाधिकारी द्वारा किसान पथ अंडरपास काकोरी रोड से निरीक्षण की शुरुआत करते हुए किए जा रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए गए कि उक्त स्थल शहर का एंट्री प्वाइंट है, जिसके मद्देनजर किमी 260+800 से किमी 260+600 के बीच मेडियन (मध्य पट्टी) में मेडियन प्लांटेशन सुनिश्चित किया जाए।

    उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा किमी 256+019 पर स्थित मेजर ब्रिज पर किए जा रहे कार्यों का भी जायजा लिया गया। परियोजना अधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में अप्रोच स्लैब का कार्य चल रहा है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि दोनों ओर यातायात को आगामी 10 दिनों के भीतर प्रारंभ करने के साथ ही शेष कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।

    निरीक्षण के दौरान पीडी NHAI, उप जिलाधिकारी मलिहाबाद राहुल चक्रेश (जीएम), सूर्या विकास जायसवाल (डीपीएम) राकेश कुमार (प्रोजेक्ट मैनेजर) सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • जादू का पिटारा है ये सब्जी बीपी, डायबिटीज, अर्थराइटिस करता है दूर वेट कंट्रोल में भी है भरपूर कारगर टेस्ट में बेस्ट, ये सब्जी है सर्वश्रेष्ठ ~by Shalie Saxena आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है। आज भी लोग विभिन्न रोगों को ठीक करने के लिए आयुर्वेद पर भरोसा करते हैं। ऐसी ही सब्जियों में […]

    टेस्ट में बेस्ट, ये सब्जी है सर्वश्रेष्ठ

    ~by Shalie Saxena

    आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है। आज भी लोग विभिन्न रोगों को ठीक करने के लिए आयुर्वेद पर भरोसा करते हैं। ऐसी ही सब्जियों में शामिल पौष्टिकता से भरपूर टिंडा हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें पाए जाने वाले बहुत से औषधीय गुण शरीर के कई रोगों को दूर करने में मदद करते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, कैरेटिनॉइड विटामिन सी, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह आपके स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों में फायदेमंद हैं। चिकित्सा विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि टिंडे में बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं। ये हमें कई बीमारियों से बचाते हैं। टिंडा की सब्जी को डाइट में शामिल कर कई लाभ पाए जा सकते हैं। असल में टिंडा में पाए जाने वाले गुण पाचन के लिए बहुत गुणकारी माने जाते हैं।

    ब्लड प्रेशर: हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए टिंडे के जूस का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इसमें ऐसे बहुत सारे तत्व मौजूद होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नॉर्मल रखने में मदद मिल सकती है।

    डायबिटीज: मधुमेह के रोगियों के लिए यह बहुत फायदेमंद साबित होता है। टिंडे के छिलके में मौजूद फोटोकेमिकल रक्त शर्करा को कम करने में मदद करते हैं। ताजा टिंडे की सब्जी बना कर खाना मधुमेह के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है।

    वजन घटाना: टिंडे में लगभग 94 प्रतिशत पानी की मात्रा होती है, जो वजन को कम करने में मदद कर सकता है। रोजाना टिंडे की सब्जी या जूस का सेवन कर वजन को कंट्रोल में रख सकते हैं।

    अर्थराइटिस: आमतौर पर उम्र बढ़ने पर जोड़ों में दर्द की परेशानी होती है, लेकिन आजकल कम उम्र में भी ये समस्या नजर आ रही है। ऐसे में टिंडे के फल को पीसकर जोड़ों पर लगाने से दर्द से राहत मिलती है।

    पाचन क्रिया: टिंडे में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है। साथ ही इसका सेवन करने से पाचन से जुड़ी कई समस्या दूर होती हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है।

    दिल: टिंडे का सेवन हमारे दिल के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। टिंडे में मौजूद पोषक तत्व दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके सेवन से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर रहता है।

  • लखनऊ। जिला बिजनौर में तैनात एक एसडीएम को जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का हवाला देते हुए रुपए 15 लाख फिरौती भी मांगी। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मामला धामपुर तहसील में तैनात एसडीएम रितु सिंह से जुड़ा हुआ है।

    जिला बिजनौर की धामपुर तहसील में तैनात एसडीएम रितु सिंह को एक अज्ञात नंबर से मैसेज भेज कर जान से मारने की धमकी दी गई। यही नहीं धमकी देने वाले ने तंजीम हत्याकांड का हवाला देते हुए रुपए 15 लाख की फिरौती भी मांगी। पुलिस ने शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    उपजिलाधिकारी (SDM) रितु सिंह ने धामपुर थाना पुलिस से लिखित शिकायत की। बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर 24 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 2:50 बजे कई आपत्तिजनक संदेश और बारकोड भेजे गए। मैसेज में जान से मारने व अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। धमकी देने वाले ने तंजीम अहमद हत्याकांड का हवाला देते हुए 15 लाख रुपए की फिरौती भी मांगी है।

    आरोप है कि जानबूझ कर हत्याकांड का जिक्र भय पैदा करने की कोशिश की गई। एसडीएम रितु सिंह ने धामपुर पुलिस को लिखित शिकायत में आरोपी के मैसेज और बारकोड के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के तौर पर सौंपे हैं। मामला अब साइबर अपराध, फिरौती व धमकी जैसे गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है। एसपी अभिषेक झा ने फोन पर जानकारी दी कि पुलिस की ओर से इस घटना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विस्तृत जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का अनावरण किया जाएगा।

  • लखनऊ। यूपी के बिजनौर में कपड़ा व्यापारी द्वारा धर्म बदलवाकर निकाह के बाद महिला की किडनी का सौदा करने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी, निकाह में गवाह और मौलाना समेत दस के खिलाफ केस दर्ज किया है। कपड़ा व्यापारी और उसकी पत्नी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सहकारी बैंक के पूर्व संचालक सहित अन्य पांच की तलाश की जा रही है।

    बिजनौर के ग्राम तिसोतरा निवासी तारिक मंसूरी की किरतपुर में कपड़े की पांच दुकानें हैं। इन्हीं में से एक साड़ी और सूट की दुकान में आराध्या नौकरी कर रही थी। व्यापारी ने धर्म बदलवाकर उससे निकाह कर लिया। बाद में व्यापारी ने महिला की किडनी बेचने का सौदा कर रहा था, विरोध करने पर महिला को जहर देकर मारने की कोशिश की गई।

    पीड़ित महिला आराध्या ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि दस महीने पहले उसके पति ने काम करने के लिए मो. तारिक मंसूरी की कपड़े की दुकान पर लगवाया था। तारिक थोक में कपड़ा खरीदने के लिए उसे अपने साथ दूसरे शहरों में ले जाने लगा। अक्सर देर रात तक आने पर पति से विवाद होने पर तारिक ने उसे मंडावर में कमरा दिलवा दिया। आरोप है कि 23 फरवरी 2025 को तारिक मंसूरी के साथ उसकी पत्नी नसरीन और अन्य लोग नशा सुंघाकर आराध्या को बुरका पहना कर नजीबाबाद ले गए। वहां तारिक ने उसके साथ निकाह कर लिया और उसका नाम आयशा रख दिया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ताबड़तोड़ दबिश देकर रात में ही तारिक और उसकी पत्नी नसरीन समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार लिया, अन्य पांच की तलाश की जा रही है।

    आरोप है कि आरोपी तारिक आराध्या उर्फ आयशा की किडनी बेचने की फिराक में था। 13 जुलाई को उसे दिल्ली के एक अस्पताल में ले जाया गया। वहां पर तारिक किडनी के 90 लाख रुपए मांग रहा था लेकिन 50 लाख रुपए से अधिक नहीं मिल रहे थे। इस पर उसे ऋषिकेश के एक अस्पताल में ले जाया गया। वहां से किसी प्रकार विरोध करते हुए कपड़ा व्यापारी और उसके साथियों से लड़ झगड़कर लौट आई। आरोप है कि ऋषिकेश अस्पताल में झगड़ा होने के बाद आरोपियों ने उसे जहर देकर मारने की कोशिश की। 21 जुलाई को जबरन उसके मुंह में जहर डालकर पानी पिला दिया। समय पर अस्पताल में पहुंचने पर उसकी जान बच सकी। इसके बाद आराध्या ने फोन कर अपने भाई और पिता को जानकारी दी।

    1. मोहम्मद तारिक मंसूरी निवासी गांव तिसोतरा थाना नांगल
    2. नसरीन पत्नी तारिक मंसूरी
    3. नदीम पुत्र रफीक निवासी मोहल्ला मिर्जापुर किरतपुर
    4. अमन उर्फ सुलेमान पुत्र अब्दुल वहाब निवासी मोहल्ला खेल मैदान किरतपुर
    5. अयान पुत्र मौ० आजम निवासी मोहल्ला अंसारियान किरतपुर

    इनकी तलाश जारी ~ पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद रेशमा, अदनान, महराज, संदीप और फहीम की तलाश कर रही है। इनको पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।

    रिपोर्ट में नामजद संदीप भट्ठेवाला जिला सहकारी बैंक का पूर्व संचालक और काफी रसूखदार है। रिपोर्ट के अनुसार किडनी बेचने के विरोध पर आराध्या की मारपीट के दौरान आरोपियों के पक्ष में संदीप भट्ठेवाला वहां पहुंचा। उसने कहा कि इसे ऐसे मत मारो, जहर दे दो।

    गिरफ्तार करने वाली थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर की टीम –

    1. प्रभारी निरीक्षक उदयप्रताप सिंह

    2. म. उ. नि. ममता

    3. उ. नि. बबलू

    4. उ. नि. तेजवीर सिंह,

    5. म. का. सरिता,

    6. का. अर्पित,

    7. का. मोहित,

    8. का. विमल.

  • बेलपत्र, जिसे बिल्व पत्र भी कहा जाता है, भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और उनकी पूजा में इसका विशेष महत्व है। यह एक त्रिपर्णी पत्ता होता है, जिसके तीन पत्तों को त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का प्रतीक माना जाता है। बेलपत्र का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इसे तोड़ने और चढ़ाने के कुछ नियम हैं जिनका पालन करना शुभ माना जाता है।

    कुछ नियमों का पालन करके आप भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने का पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    पूर्णिमा तिथि: पूर्णिमा के दिन बेलपत्र तोड़ना बहुत शुभ और उत्तम फलदायी माना जाता है।

    सूर्योदय से सूर्यास्त तक: बेलपत्र हमेशा सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले तोड़ लेना चाहिए। सूर्यास्त के बाद बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना जाता है।

    अन्य दिनों में: अगर आप किसी विशेष तिथि पर बेलपत्र चढ़ाना चाहते हैं और उस दिन तोड़ना वर्जित है, तो आप एक दिन पहले बेलपत्र तोड़कर रख सकते हैं। बेलपत्र कभी बासी नहीं होते और इन्हें धोकर कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

    तोड़ने से पहले और बाद में: बेलपत्र तोड़ने से पहले और बाद में वृक्ष को मन ही मन प्रणाम करना चाहिए।बेलपत्र कब नहीं तोड़ना चाहिए?

    कुछ विशेष दिनों में बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना गया है, क्योंकि ऐसा करने से दोष लगता है:

    सोमवार: सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। अगर आपको सोमवार को बेलपत्र चढ़ाना है, तो एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

    चतुर्थी: इस तिथि पर बेलपत्र तोड़ना मना है।

    अष्टमी: अष्टमी तिथि पर भी बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए।

    नवमी: नवमी तिथि पर बेलपत्र तोड़ना वर्जित है।

    चतुर्दशी: चतुर्दशी तिथि पर भी बेलपत्र तोड़ने से बचना चाहिए।

    अमावस्या: अमावस्या के दिन बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए।

    संक्रांति: संक्रांति के समय भी बेलपत्र तोड़ना वर्जित है।

    प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि या अन्य विशेष व्रत/त्योहार: जिन दिनों भगवान शिव से संबंधित विशेष व्रत या उत्सव होते हैं, उन दिनों बेलपत्र नहीं तोड़ा जाता है। पूजा के लिए एक दिन पहले ही बेलपत्र तोड़ लेना चाहिए।

    बेलपत्र तोड़ने के अन्य महत्वपूर्ण नियम:

    पूरी टहनी न तोड़ें: टहनी से चुन-चुनकर सिर्फ बेलपत्र ही तोड़ना चाहिए। कभी भी पूरी टहनी नहीं तोड़नी चाहिए।

    वृक्ष को नुकसान न पहुंचाएं: बेलपत्र इतनी सावधानी से तोड़ें कि वृक्ष को कोई नुकसान न पहुंचे।

    सही बेलपत्र का चुनाव: कटे-फटे, छेद वाले, कीड़े लगे या पीले पड़े बेलपत्र नहीं चढ़ाने चाहिए। हमेशा हरे-भरे और स्वस्थ बेलपत्र ही चुनें।

    त्रिदल बेलपत्र: भगवान शिव को हमेशा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र (त्रिदल बेलपत्र) ही चढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह शिवजी के त्रिनेत्र का प्रतीक माना जाता है।

    दोबारा इस्तेमाल: यदि नया बेलपत्र उपलब्ध न हो, तो किसी दूसरे के चढ़ाए हुए बेलपत्र को भी धोकर कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • बिजनौर। किसानों को उनके स्मार्टफोन पर ही कीट और रोग प्रबंधन के लिए NPSS एक शक्तिशाली उपकरण प्रदान करता है। जिला स्तर पर कृषि विभाग और KVKs इस प्रणाली के अधिकतम उपयोग के लिए किसानों को शिक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और फसल के नुकसान को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    बिजनौर के उपकृषि निदेशक डा. घनश्याम वर्मा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम किसानों के लिए कृषि से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रणाली है। किसान इसका उपयोग करके अपनी उपज को कीट से सुरक्षित रख सकते हैं। अपनी किसी भी समस्या के समाधान के लिए वह पंचायत स्तर पर कृषि मित्र से परामर्श हासिल कर सकते हैं। इस योजना के विषय में उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।

    नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम (NPSS) भारत सरकार द्वारा फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाने और किसानों को समय पर सही जानकारी व सलाह देने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रणाली है। इसका मुख्य लक्ष्य कीटों और रोगों के प्रकोप का प्रारंभिक पता लगाना, निगरानी करना और भविष्यवाणी करना है, ताकि समय रहते उचित नियंत्रण उपाय किए जा सकें और फसल के नुकसान को कम किया जा सके। यह प्रणाली डिजिटल तकनीकों का उपयोग करती है ताकि कीट और रोगों से संबंधित डेटा को इकट्ठा किया जा सके, उसका विश्लेषण किया जा सके और किसानों तथा संबंधित कृषि अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके।

    कीटों और रोगों की निगरानी:

    फसलों पर कीटों और रोगों की उपस्थिति, तीव्रता और प्रसार की निरंतर निगरानी करना।

    प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली: संभावित प्रकोपों की पहचान करना और किसानों को समय पर चेतावनी देना ताकि वे निवारक उपाय कर सकें।

    डेटा संग्रह और विश्लेषण: कीटों और रोगों से संबंधित सटीक और अद्यतन डेटा एकत्र करना और उसका वैज्ञानिक विश्लेषण करना।

    सटीक भविष्यवाणी: एकत्रित डेटा के आधार पर भविष्य में होने वाले प्रकोपों की भविष्यवाणी करना।

    सलाह और सिफारिशें: किसानों को कीट और रोग प्रबंधन के लिए उचित और प्रभावी सलाह और सिफारिशें प्रदान करना।

    नीति निर्धारण में सहायता: प्राप्त जानकारी का उपयोग करके कृषि नीतियों और रणनीतियों को तैयार करना।

    NPSS कई स्तरों पर काम करता है और इसमें विभिन्न हितधारक शामिल होते हैं:

    फील्ड स्तर पर डेटा संग्रह: कृषि वैज्ञानिक और विस्तार अधिकारी: ये खेतों का नियमित रूप से दौरा करते हैं और कीटों व रोगों की पहचान करते हैं, उनकी गंभीरता का आंकलन करते हैं।

    किसान: किसान भी अपने मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से या स्थानीय कृषि कार्यालयों को कीट/रोग की समस्या की रिपोर्ट कर सकते हैं।

    रिमोट सेंसिंग: कुछ मामलों में, सैटेलाइट और ड्रोन जैसी तकनीकों का उपयोग करके बड़े क्षेत्रों में फसल स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है।

    डेटा का ट्रांसमिशन: एकत्रित डेटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म (जैसे मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल) के माध्यम से केंद्रीय डेटाबेस तक पहुंचाया जाता है।

    डेटा विश्लेषण: केंद्रीय स्तर पर, कृषि विशेषज्ञ और डेटा विश्लेषक इस डेटा का विश्लेषण करते हैं। इसमें ऐतिहासिक डेटा, मौसम संबंधी जानकारी और कीटों/रोगों के प्रसार पैटर्न का भी उपयोग किया जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी तकनीकों का भी उपयोग किया जा सकता है ताकि सटीक भविष्यवाणियां की जा सकें।

    सलाह और प्रसार: विश्लेषण के आधार पर, विशिष्ट क्षेत्रों या फसलों के लिए उपयुक्त सलाह और सिफारिशें तैयार की जाती हैं।

    यह जानकारी किसानों तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाई जाती है…

    SMS अलर्ट: किसानों को उनके मोबाइल पर सीधे चेतावनी संदेश और उपाय भेजे जाते हैं। मोबाइल एप्लिकेशन: विशेष रूप से विकसित ऐप्स के माध्यम से विस्तृत जानकारी और प्रबंधन विधियां प्रदान की जाती हैं। वेब पोर्टल: कृषि विभाग की वेबसाइटों पर नवीनतम अपडेट और सलाह उपलब्ध होती है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs): स्थानीय कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी सीधे किसानों से संवाद करते हैं।

    NPSS का महत्व:

    फसल सुरक्षा: समय पर हस्तक्षेप से फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय सुरक्षित रहती है। रासायनिक कीटनाशकों का कम उपयोग: सटीक और लक्षित जानकारी से अनावश्यक कीटनाशक उपयोग से बचा जा सकता है, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। खाद्य सुरक्षा: फसल के नुकसान को कम करके देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है। किसानों का सशक्तिकरण: किसानों को बेहतर निर्णय लेने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाता है। अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाकर समग्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।

    कुल मिलाकर नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम एक आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण है जो भारत में कृषि को कीटों और बीमारियों के खतरों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम (NPSS) के तकनीकी पहलुओं और किसानों के लिए इसके जिला-स्तर पर लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी के लिए यह समझना ज़रूरी है कि यह प्रणाली कैसे काम करती है ताकि इसका अधिकतम लाभ उठाया जा सके।

    नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम (NPSS) का तकनीकी विवरण:

    NPSS एक डिजिटल और डेटा-संचालित प्रणाली है जो आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाती है। इसके प्रमुख तकनीकी घटक इस प्रकार हैं: कई गांवों में किसान समूह या सहकारी समितियां होती हैं। NPSS द्वारा प्राप्त जानकारी को इन समूहों के माध्यम से साझा किया जा सकता है, जिससे सभी सदस्य लाभान्वित हो सकें।

    मोबाइल एप्लिकेशन (NPSS App): यह NPSS का सबसे महत्वपूर्ण इंटरफ़ेस है, खासकर किसानों और कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं के लिए। यह एंड्रॉइड और iOS जैसे सामान्य मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम पर उपलब्ध होता है।

    मुख्य कार्य: फील्ड डेटा संग्रह: किसान या कृषि अधिकारी खेत में मौजूद कीट या रोग की फोटो खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही, वे फसल का प्रकार, रोग के लक्षण, कीट की संख्या आदि जानकारी भी दर्ज करते हैं।

    GPS/भू-स्थानिक टैगिंग: ऐप स्वचालित रूप से डेटा संग्रह स्थान की GPS निर्देशांक (Geographical Positioning System) को रिकॉर्ड करता है, जिससे प्रकोप के सटीक स्थान का पता चलता है।

    ऑफ़लाइन कार्यक्षमता: कई ऐप्स में ऑफ़लाइन काम करने की क्षमता होती है, ताकि नेटवर्क न होने पर भी डेटा रिकॉर्ड किया जा सके और बाद में सिंक्रनाइज़ किया जा सके। सलाह प्राप्त करना: किसान अपनी समस्या की फोटो अपलोड करने के बाद ऐप पर ही विशेषज्ञ सलाह और प्रबंधन के तरीके प्राप्त कर सकते हैं।

    बहुभाषी समर्थन: ऐप विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होता है, ताकि किसानों के लिए इसका उपयोग करना आसान हो।

    वेब पोर्टल और केंद्रीय डेटाबेस:

    एक केंद्रीय वेब पोर्टल और मजबूत डेटाबेस NPSS का दिल है।

    कार्य: सभी एकत्रित डेटा (किसानों और फील्ड स्टाफ द्वारा अपलोड की गई जानकारी) को एक केंद्रीय डेटाबेस में संग्रहीत किया जाता है। इस पोर्टल के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता डेटा को एक्सेस और विश्लेषण कर सकते हैं। यह डैशबोर्ड और विज़ुअलाइज़ेशन टूल प्रदान करता है ताकि कीट और रोग के प्रसार के पैटर्न को आसानी से देखा जा सके।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML):

    NPSS इस क्षेत्र में AI और ML एल्गोरिदम का उपयोग करता है।

    कार्य:

    छवि पहचान: AI एल्गोरिदम अपलोड की गई कीटों या रोगों की तस्वीरों का विश्लेषण करते हैं और उनकी पहचान करने में मदद करते हैं। यह मानव पहचान की तुलना में अधिक तेज़ और सटीक हो सकता है।

    पैटर्न विश्लेषण: ML मॉडल ऐतिहासिक डेटा, मौसम के पैटर्न और वर्तमान निगरानी डेटा का विश्लेषण करके भविष्य के कीट प्रकोपों की भविष्यवाणी करते हैं। उदाहरण के लिए, वे बता सकते हैं कि अगले कुछ दिनों में या हफ्तों में किसी विशेष क्षेत्र में किस कीट या रोग का प्रकोप हो सकता है।

    सलाह अनुकूलन: AI किसानों की विशिष्ट समस्या, फसल के प्रकार और स्थानीय मौसम के आधार पर अनुकूलित (personalized) सलाह उत्पन्न करने में मदद करता है।

    भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS):

    GIS तकनीक का उपयोग कीट और रोग के प्रकोप को नक्शे पर दर्शाने के लिए किया जाता है।

    कार्य:

    यह प्रकोप के हॉटस्पॉट (जहां समस्या अधिक है) की पहचान करने में मदद करता है।

    यह कृषि अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देने और संसाधन आवंटित करने में सहायता करता है।

    नक्शे पर प्रकोप के प्रसार को देखकर, अधिकारी प्रभावी नियंत्रण रणनीति बना सकते हैं।

    संचार प्रोटोकॉल:

    डेटा और सलाह के कुशल आदान-प्रदान के लिए मजबूत संचार प्रोटोकॉल आवश्यक हैं।

    इसमें SMS गेटवे (किसानों को अलर्ट भेजने के लिए), ईमेल सिस्टम और API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस) शामिल हैं जो विभिन्न कृषि-संबंधी प्रणालियों के बीच डेटा साझाकरण की सुविधा प्रदान करते हैं।

    जिला स्तर पर NPSS का लाभ कैसे उठाएं किसान?

    जिला स्तर पर किसानों के लिए NPSS का लाभ उठाने के कई तरीके हैं:

    NPSS मोबाइल ऐप का उपयोग करें:

    एप डाउनलोड करें: किसान अपने स्मार्टफोन में कृषि विभाग या संबंधित सरकारी पोर्टल से NPSS ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।

    समस्या की पहचान: खेत में किसी कीट या रोग के लक्षण दिखने पर, किसान तुरंत ऐप खोलकर प्रभावित हिस्से की स्पष्ट तस्वीर खींचें और ऐप पर अपलोड करें।

    विवरण दर्ज करें: ऐप में फसल का प्रकार, कीट/रोग के लक्षण (जैसे पत्तियां पीली पड़ना, छेद होना, कीटों की संख्या), और समस्या कब से है, आदि जैसे आवश्यक विवरण दर्ज करें।

    सलाह प्राप्त करें: ऐप AI और विशेषज्ञ प्रणाली का उपयोग करके आपको तुरंत कीट/रोग की संभावित पहचान और उसके प्रबंधन के लिए प्रारंभिक सलाह प्रदान करेगा। इसमें जैविक, रासायनिक या अन्य एकीकृत नियंत्रण के उपाय शामिल हो सकते हैं।

    सतर्कता और चेतावनी: ऐप के माध्यम से किसानों को उनके क्षेत्र में संभावित कीट प्रकोपों या रोगों के बारे में समय पर अलर्ट और चेतावनी भी मिल सकती है।

    कृषि विस्तार अधिकारी और कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs):

    प्रशिक्षण: जिला कृषि विभाग और KVKs NPSS ऐप के उपयोग और कीट/रोग पहचान के लिए किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इन प्रशिक्षणों में भाग लें।

    सीधी सहायता: यदि किसान ऐप का उपयोग करने में कठिनाई महसूस करते हैं या उन्हें अधिक विशिष्ट सलाह की आवश्यकता होती है, तो वे अपने स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी या KVK वैज्ञानिक से संपर्क कर सकते हैं। ये अधिकारी किसानों द्वारा बताई गई समस्याओं को NPSS सिस्टम में दर्ज करने में मदद कर सकते हैं और विशेषज्ञों से संपर्क स्थापित करा सकते हैं।

    सामूहिक चर्चा: KVKs किसानों के समूह के साथ बैठकें आयोजित कर सकते हैं जहाँ NPSS द्वारा प्राप्त जानकारी और सलाह पर चर्चा की जाती है और समाधान सुझाए जाते हैं।

    जिला कृषि विभाग के कार्यालय:

    किसान सीधे जिला कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर अपनी फसल की समस्या बता सकते हैं। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी NPSS प्रणाली का उपयोग करके उनकी समस्या को दर्ज कर सकते हैं और उन्हें संबंधित सलाह प्रदान कर सकते हैं।

    कई कार्यालयों में हेल्पडेस्क भी होते हैं जो NPSS से संबंधित जानकारी और सहायता प्रदान करते हैं।

    सामुदायिक जानकारी साझाकरण:

    कई गांवों में किसान समूह या सहकारी समितियां होती हैं। NPSS द्वारा प्राप्त जानकारी को इन समूहों के माध्यम से साझा किया जा सकता है, जिससे सभी सदस्य लाभान्वित हो सकें।संक्षेप में, NPSS किसानों को उनके स्मार्टफोन पर ही कीट और रोग प्रबंधन के लिए एक शक्तिशाली उपकरण प्रदान करता है। जिला स्तर पर कृषि विभाग और KVKs इस प्रणाली के अधिकतम उपयोग के लिए किसानों को शिक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और फसल के नुकसान को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • बिजनौर। नहटौर के ग्राम मडोरी में आठ वर्षीय लड़की को गुलदार उठाकर ले गया। सूचना पर वन विभाग की टीम व ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश की। सारी रात तलाश करने के बाद अगले दिन प्रातः करीब 8 बजे बच्ची के शरीर के अलग-अलग अंश जंगल के कई हिस्सों में बिखरे मिले। बच्ची के शरीर के अंगों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पिंजरा लगवाया। घटना से गांव में गम व दहशत का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गांव मंडोरी में बताया जाता है कि कनिका पुत्री रवि कुमार 10 वर्ष बुधवार को शाम 5 बजे घर के बाहर खेलने गई थी। दिन छिपने के बाद भी जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश की। बच्ची के लापता होने की सूचना पर अनेक ग्रामीण व पुलिस भी मौके पर पहुंच गए और तलाश में जुट गए। काफी तलाश के बाद पास के जंगल में खून दिखाई देने पर बच्ची को दिलदार के उठा ले जाने की बात सामने आई।

    बच्ची को गुलदार के उठा ले जाने की सूचना पर तुरंत वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और तलाश में जुट गए। वन विभाग अधिकारियों व पुलिस ने ड्रोन आदि से जंगल की कांबिंग करते हुए तलाश की लेकिन सारी रात बच्ची का कहीं पता नहीं चला। गुरुवार की प्रातः 8 बजे जंगल में अलग-अलग स्थान पर बच्ची के शरीर के कई अंग मिले। बच्ची के शरीर के अलग-अलग अंग मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में दहशत व्याप्त हो गई।

    बच्ची की मौत के बाद हरकत में आये वन विभाग की टीम रेंजर हरदेव सिंह के नेतृत्व में पिंजरा लेकर मौके पर पहुंची तथा ग्रामीणों की मदद से घटना स्थल पर पिंजरा लगाया। वन विभाग की टीम में वन दारोगा लखमीचंद, तेजपाल सिंह, नरेश कुमार आदि शामिल रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि वे वन विभाग से लंबे समय से पिंजरा लगवाकर गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका मानना है कि यदि वन विभाग उनकी मांग को गंभीरता से लेता, तो शायद घटना टल सकती थी।

    नहटौर। बताया गया है कि करीब एक वर्ष पूर्व भी इसी गांव में मुकेश कुमार की 10 वर्षीय पुत्री कनिष्का को भी जंगल में गुलदार ने मार डाला था। बाद में वन विभाग की टीम ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया था। करीब एक माह तक गांव में पिंजरा लगा रहने के बावजूद गुलदार पकड़ में नहीं आया था। उसके बाद वन विभाग की टीम पिंजरे को ले गई थी। तभी से आज तक गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। समय-समय पर ग्रामीण वन विभाग से गुलदार को पकड़े जाने की मांग कर रहे थे।

  • बिजनौर। आज दिनांक 24.07.2025 को पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, मुरादाबाद मुनिराज जी के जनपद बिजनौर आगमन पर रिजर्व पुलिस लाइन में सलामी दी गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

    पुलिस उपमहानिरीक्षक ने रिजर्व पुलिस लाइन बिजनौर में संचालित आरटीसी प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण कक्षों, दैनिक कक्षा कार्यक्रम, प्रशिक्षुओं हेतु भोजनालय (मेस), आवासीय सुविधाएं, संसाधनों, अनुशासन आदि के संबंध में सर्वसम्बंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

    बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन, सभागार कक्ष में इंडोर के एसआई टीचर व आउटडोर के आईटीआई व पीटीआई प्रशिक्षकों के साथ गोष्ठी की गयी। गोष्ठी के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, अनुशासित तथा परिणामदायक बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

    डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज जी के बिजनौर आगमन पर रिजर्व पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के लिए सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। डीआईजी ने रिक्रूट्स आरक्षियों से संवाद करते हुए उन्हें पूर्ण मनोयोग, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर अभिषेक झा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

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  • बिजनौर। भ्रूण हत्या रोकने के लिए बना पीसीपीएनडीटी अधिनियम (पूर्व प्रसव और प्रसव पूर्व निदान तकनीक निषेध अधिनियम) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में हुई पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति की बैठक में जहां अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर शिकंजा कसने के सख्त निर्देश दिए गए, वहीं जमीनी सच्चाई इन दावों की धज्जियाँ उड़ाती नजर आई।

    बैठक में नियमित औचक निरीक्षण, पत्रावलियों की गहन जांच और मासिक ही बैठकें अनिवार्य करने जैसे तमाम प्रस्ताव रखे गए। लेकिन गत कई माह में न तो कोई सेंटर सील हुआ, न ही किसी अवैध अल्ट्रासाउंड पर प्रशासनिक डंडा चला। नोडल अधिकारी डॉ. के. के. राहुल पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। जनचर्चा है कि जांच के नाम पर औपचारिक खानापूर्ति होती है, असल में रेट तय कर सेंटरों को खुला छोड़ दिया जाता है।

    जिले में ऐसे दर्जनों अल्ट्रासाउंड सेंटर सक्रिय हैं जो पंजीकृत नहीं हैं। कथित नीम हकीम बिना प्रशिक्षण के प्रसव पूर्व जांच कर रहे हैं, और इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही। वहां पर नीम हकीमों द्वारा रिपोर्ट्स तैयार की जा रही हैं।

  • बिजनौर। थाना हल्दौर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दिनांक 20.07.2025 को चेकिंग के दौरान चोरी की 05 मोटरसाइकिल सहित 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में तरूण पुत्र टीकम सिंह उर्फ गुड्डू सैनी और अरमान पुत्र मकसूद निवासीगण ग्राम नसीरपुर नैनसिंह थाना हल्दौर जनपद बिजनौर को चोरी की मोटरसाइकिल (यूपी 20 के 3432) सहित गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगण की निशादेही पर चोरी की गयी अन्य 04 मोटरसाकिलों को भी बरामद किया गया। बरामद मोटरसाइकिल (यूपी20 के 3432)की चोरी के संबंध में थाना हल्दौर पर मु०अ०सं० 182/25 धारा 303 (2) बीएनएस पंजीकृत है, मोटरसाइकिल (यूपी 11 बीएन 9408) की चोरी के संबंध में थाना जनकपुर जनपद सहारनपुर पर मु. अ. सं. 159/25 धारा 303 (2) बीएनएस पंजीकृत है, मोटरसाइकिल (यूपी 20 बीजे 3732) की चोरी के संबंध में थाना कोतवाली शहर बिजनौर पर मु.अ.सं. 609/25 धारा 303 (2) बीएनएस पंजीकृत है तथा मोटरसाइकिल (यूपी 21 बीआर 1015) की चोरी के संबंध में थाना सिविल लाइन, मुरादाबाद पर मु.अ.सं. 245/21 धारा 379 भादवि पंजीकृत है। शेष मोटरसाइकिल हीरो होण्डा सीडी डान (यूपी 14 एजे6258) के संबंध में जानकारी की जा रही है, अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है।

    गिरफ्तार अभियुक्तगणों से पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आये कि अभियुक्तगण तरूण व अरमान आपस में दोस्त है तथा दोनों मिलकर बिजनौर व आसपास के जनपदों से मोटरसाइकिल चोरी करते है। दोनों ने दिनांक 12.07.2025 को जय शंकर कॉम्पलेक्स लाइब्रेरी हल्दौर से मोटरसाइकिल (यूपी 20 के 3432) चोरी की थी। मोटरसाईकिल सीटी बजाज रजि० नं.- यूपी 11 बीएन 9408 दोनों ने सहारनपुर से चोरी की थी। होन्डा सीडी डाउन मोटरसाईकिल रजि. सं.- यूपी 14 एजे 6258 दोनों ने मिलकर पिछले वर्ष सावन माह में कांवड यात्रा के दौरान चन्डी घाट हरिद्वार से चोरी की थी। मोटरसाईकिल हीरो स्पलेन्डर प्लस रजि. सं. – यूपी 20 बीजे 3532 दोनों ने मिलकर विवेक कॉलेज बिजनौर के सामने से चोरी की थी। मोटरसाईकिल हीरो स्पलेन्डर रजि. सं. यूपी 21 बीआर 1015 दोनों ने छोटू उर्फ विशान्त पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी ग्राम राजोपुर सादात थाना कोतवाली देहात जनपद बिजनौर से 4000 रुपए में खरीदी थी। अभियुक्त छोटू उर्फ विशान्त भी मोटरसाईकिल चोरी कर बेचता है।

    1. तरूण पुत्र टीकम सिंह निवासी ग्राम नसीरपुर नैनसिंह थाना हल्दौर जनपद बिजनौर।

    2. अरमान पुत्र मकसूद निवासी ग्राम नसीरपुर नैनसिंह थाना हल्दौर जनपद बिजनौर।

    1. मोटरसाइकिल काइनेटिक बॉक्स (रजि. नं. यूपी 20 के 3432) चेचिस नं. FE51001021 (सम्बन्धित मु. अ. सं. 182/25 धारा 303 (2) बीएनएस थाना हल्दौर बिजनौर)

    2. मोटर साइकिल सीटी बजाज रजि. नं. यूपी 11 बीएन 9408 चेचिस नं0 MD2A18AY7JWG05150 (सम्बन्धित मु0अ0सं0 159/2025 धारा 303 (2) बीएनएस थाना जनकपुरी सहारनपुर)

    3. मोटरसाइकिल हीरो होण्डा सीडी डान रंग काला रजि० नं० यूपी 14 एजे 6258 चेचिस नं० 08B22F05177

    4. मोटरसाइकिल स्पलेण्डर प्लस रंग काला रजि० नं० यूपी 20 बीजे 3732 चेचिस नं० MBLHAR08XJHK17570 (सम्बन्धित मु0अ0सं0 609/25 धारा 303(2) बीएनएस थाना को०शहर बिजनौर)

    5. मोटरसाइकिल स्पेलेण्डर प्लस रंग सिलवर रजि० नं0 यूपी 21 बीआर 1015 चेचिस नं० MBLHARO81HHJ03175 (सम्बन्धित मु0अ0सं0 245/21 धारा 379 भादवि थाना सिविल लाईन मुरादाबाद)

  • 20 जुलाई को पुनः घर में हुई चोरी 112 पर सूचना से भड़के पड़ोसी ने नाबालिग लड़की को मारा पीटा लेकिन मुकदमा फिर भी दर्ज नहीं

    लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव के एक ही घर में लगातार दो बार चोरी होने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आरोप तो यहां तक है कि अब तक ना तो पुलिस ने मुआयना किया ना मुकदमा दर्ज किया! यही नहीं पीड़ित पर समझौते का भी दबाव बनाया।

    काकोरी थाना क्षेत्र के चिलौली गांव के समीप बांकी पुलिया के रहने वाली रम्पाता पत्नी कमलेश को 8 जुलाई सुबह उठने पर घर में चोरी होने का एहसास हुआ। पुलिस को दी तहरीर में ₹10000 नगद एवं जेवर सहित कुछ अन्य सामान गायब होने का उल्लेख किया। आश्चर्य की बात यह है कि नीचे प्रवेश द्वार पर ताले बंद थे चोर छत के रास्ते से आया और चोरी करके भाग गया। सूचना पर 8 जुलाई को ही पहुंची 112 नंबर पुलिस ने वीडियो बनाया तथा थाने पर लिखित प्रार्थना पत्र देने को कहा। आरोप है कि रम्पाता अपनी बेटी के साथ चौकी पर 2 घंटे बैठी रही, फिर थाने पर दिन भर बैठी रही परंतु उसका मुकदमा दर्ज करना तो दूर की बात पुलिस ने एक बार मौका मुआयना भी नहीं किया। तीसरे दिन घर के बाहर टूटे हुए ताले पड़े हुए मिले।

    इससे पहले भी कुछ महीने पूर्व घर से मोबाइल फोन चोरी कर लिए गए थे और वह फिर तीन दिन के बाद घर के बाहर कीचड़ में पड़े मिले थे। पीड़िता की बेटी ने आरोप लगाया उस समय भी पुलिस को सूचना दी गई थी। उन्होंने कहा जो फोन मिल गए हैं, उनको घर में वापस रख लो। किसी प्रकार की जांच की जरूरत नहीं समझी

    चोरी या प्रताड़ना ?

    चोर द्वारा चोरी करने के साथ-साथ ही प्रताड़ित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे हो सकता है उसका कोई अन्य उद्देश्य भी हो।

    पुलिस द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही न किए जाने से मन बढ़ चोरों द्वारा 19 – 20 जुलाई की दरमियानी रात को चार्जर पैनल बैटरी एवं ₹2000 चोरी कर लिए गए

    112 नंबर की सूचना पर पहुंची पुलिस मौके पर पूरा वीडियो बनाया। सीढ़ी के सहारे चढ़े एवं भागे चोर की हड़बड़ाहट में एक चप्पल वहीं पर छूट गई थी। पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ था। बक्से और कपड़े दूसरी जगह पड़े हुए थे।

    112 नंबर की सूचना पर पहुंची पुलिस जैसे ही घटना का मुआयना करके लौटी पड़ोसी ने हमला बोल दिया और उसकी 17 वर्षीय बेटी को मारा पीटा। पीड़ित लड़की ने बताया उस समय घर पर वह अपनी मां और एक 14 वर्षीय भाई के साथ थी।

    पैसा न होने की स्थिति में मां बेटी पैदल ही दुबग्गा तक पहुंची। घटना की सूचना पाकर थाना क्षेत्र में रहने वाला भाई साइकिल से पहुंचा और तीनों मिलकर किसी तरह काकोरी थाने पहुंचे।

    मीडिया में मामला चलने पर 2 घंटे बाद थानेदार ने अपने कक्ष में बुलाया और पीड़िता का कीपैड मोबाइल जब्त करा कर दोनों पार्टी के खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेजने का फरमान सुना दिया। यही नहीं पुलिस ने पूरी घटना को फर्जी बताते हुए पीड़िता अनपढ़ मां बेटी से अंगूठा लगवा लिया।

    सूचना पुलिस उपायुक्त को भी पहुंची। रविवार का दिन होने के कारण उन्होंने सोमवार को कार्यालय पर आने को कहा गया। घटना की सूचना पर पत्रकारों की टीम थाने पर पहुंची। सहायक पुलिस आयुक्त शकील अहमद को सारे साक्ष्य दिखाए एवं तथ्य बताए। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एसीपी ने वहां उपस्थित चौकी इंचार्ज आशीष बालियान एवं फोन पर प्रभारी निरीक्षक काकोरी सतीश राठौर को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिए, परंतु आरोप है कि अब तक ना तो पुलिस ने मुआयना किया ना मुकदमा दर्ज किया!

  • लखनऊ। सावन का व्रत रखे दो युवकों को जोमैटो ऐप के जरिए मंगाए गए पनीर काली मिर्च की जगह ड्राई चिकन काली मिर्च डिलीवर कर दिया गया। खाना खाने के बाद एक युवक की तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। घटना को लेकर युवकों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए विभूतिखंड थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामला राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक रेस्टोरेंट से जुड़ा हुआ है।

    Zomato के जरिए यह ऑर्डर इंदिरा नगर निवासी मनीष तिवारी और उनके दोस्त विशाल शर्मा ने पंचवटी कॉलोनी स्थित चाइनीज वॉक रेस्टोरेंट को दिया था। मनीष ने बताया कि ऑर्डर आने के बाद खाना चार लोगों को परोसा गया। खाने के दौरान शक हुआ कि यह डिश पनीर नहीं बल्कि कुछ और है। जब ध्यान से जांच की गई, तो स्पष्ट हुआ कि उसमें चिकन था।

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    मनीष ने बताया कि चिकन खाने के बाद उनके दोस्त विशाल शर्मा की हालत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां आने लगीं। इस घटना को लेकर मनीष ने कहा कि सावन जैसे पवित्र माह में इस तरह की लापरवाही से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद दोनों युवक रेस्टोरेंट पहुंचे, जहां स्टाफ ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि चिकन गलती से भेज दिया गया था!

    इस मामले में मनीष तिवारी ने विभूतिखंड थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि मामले से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है और पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • लखनऊ। एक पेड़ मां के नाम अभियान में मातृशक्ति ने अभिनव ऐतिहासिक पहल की है। अवध वन प्रभाग, लखनऊ की मोहनलालगंज रेंज अंतर्गत पुरसैनी वन ब्लाक में सोमवार को “शक्ति वन’ की स्थापना की गई। यह वन क्षेत्र विशेष रूप से महिलाओं को सशक्त बनाने, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा प्रकृति के प्रति उनकी संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करने हेतु समर्पित है।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती सुनैना चौधरी उपस्थित रहीं, जिनकी प्रेरणा से इस कार्यक्रम को एक नई दिशा मिली। कार्यक्रम में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक राम कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मण्डल, लखनऊ डा० रेणु सिंह, मुख्य वन संरक्षक नीति विश्लेषण एवं समन्वय, उ०प्र० लखनऊ श्रीमती अदिति शर्मा, सेवानिवृत्त वन संरक्षक अनिरूद्ध पाण्डेय सहित डीएफओ बाराबंकी आकाशदीप बधावन, डीएफओ लखनऊ सितान्शु पाण्डेय एवं चन्दन चौधरी, उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहनलालगंज सहित स्वयंसेवी संस्थाओं की महिला सदस्य एवं स्कूली छात्र – छात्राओं द्वारा प्रतिभाग कर वृक्षारोपण किया गया।

    मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती सुनैना चौधरी द्वारा सिन्दूर के पौधे का रोपण किया गया। साथ ही अन्य महिला सदस्यों द्वारा स्वयं पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महिला शक्ति के योगदान को दर्शाया गया। कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों की छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

    मोहनलालगंज रेंज के पुरसैनी वन ब्लाक में स्थापित “शक्ति वन” न केवल पर्यावरणीय पहल है, बल्कि यह महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बनकर उभरा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाना, उन्हे वन संरक्षण की मुख्यधारा से जोड़ना और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ाना है।

    वन क्षेत्र में सिंदूर, ऑवला, जामुन, नीम, कंजी आदि प्रजातियों का रोपण किया गया, जो आने वाले समय में न केवल पर्यावरण को समृद्ध करेंगे, बल्कि स्थानीय महिलाओं को जैविक उत्पादों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे।

    गौरतलब है कि सिंदूर के पौधे को कुमकुम ट्री (Kumkum Tree), कमीला ट्री (Kamila Tree), या वैज्ञानिक रूप से बिक्सा ओरेलाना (Bixa orellana) के नाम से जाना जाता है यह एक ऐसा पौधा है, जिससे प्राकृतिक सिंदूर प्राप्त होता है। यह सिर्फ भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूजा-पाठ में भी महत्वपूर्ण माना जाता है

  • बिजनौर। हमेशा विवादों में घिरे रहने वाली बिजनौर जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। एक ही बैरक में बंद कैदी ने दूसरे को पीट पीट कर मौत के घाट उतार डाला! वारदात की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी, ADM, सीओ सिटी ने जेल पहुंच कर जांच पड़ताल की। जेल प्रशासन की ओर से आरोपी के खिलाफ शहर कोतवाली में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं मामले की ज्यूडिशियल जांच भी होगी।

    जानकारी के अनुसार शनिवार को जिला कारागार में दो कैदियों में जमकर मारपीट के दौरान एक कैदी की मौके पर ही मौत हो गई? हालांकि उसे जेल अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टर ने कैदी को मृत घोषित कर दिया। कैदी की मौत की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। एएसपी सिटी संजीव बाजपेई, एडीएम प्रशासन विनय सिंह और सीओ सिटी राकेश वशिष्ठ ने जेल पहुंच कर जांच पड़ताल की। जेल प्रशासन की ओर से आरोपी जाकिब के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

    एसपी सिटी संजीव वाजपेई ने बताया कि जिला कारागार में कैदी आशू चौहान और जाकिब एक ही बैरक नंबर 13-बी में बंद थे। दोनों का बिस्तर पास में ही था। शनिवार को किसी बात पर दोनों में पहले बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। दोनों में जमकर लात-घूंसे चले। इस बीच कैदी आशू जमीन पर बेहोश होकर गिर गया। सूचना पर जेल प्रशासन ने कैदी को जेल अस्पताल पहुंचाया। जेल के डॉक्टरों ने कैदी आशू को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया। जेल में कैदी की मौत की जानकारी मिलते ही पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

    एसपी सिटी संजीव वाजपेई ने बताया कि उत्तराखंड के उधमसिंह नगर का आशू चौहान चोरी के मामले में जेल में बंद था। अमरोहा निवासी आरोपी जाकिब गैंगस्टर एक्ट में जेल में बंद है। आशू चौहान की मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की ज्यूडिशियल जांच भी होगी।

  • बिजनौर। दबंगों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि राह चलते एक युवक को जमकर पीटा और घटना की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दी। हालांकि शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उसके शेष साथियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। मामला जनपद बिजनौर के थाना नजीबाबाद क्षेत्र का है।

    जानकारी के अनुसार दिनांक 17 जुलाई 2025 को निवासी थाना नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर उर्फ बाजोपुर का हिमांशु कुमार पुत्र मुनेश कुमार अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से लुकादडी जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर आये गुलशन पुत्र अमर सिंह, पंकज लालू धनौरा व सागर पुत्र पीयोम निवासी लालूवाला थाना नजीबाबाद तथा 03-04 अज्ञात लड़कों ने हिमांशु के साथ गाली गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। यही नहीं मारपीट का वीडियो बनाया तथा जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये। इसके उपरान्त अभियुक्तों द्वारा मारपीट के वीडियो को वायरल कर दिया गया।

    इस संबंध में तहरीर के आधार पर थाना नजीबाबाद पर मु.अ.सं. 254/25 धारा 115 (2)/352/351(2)/126(2)/191 (2) बीएनएस पंजीकृत किया गया।

    पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 18.07.2025 को थाना नजीबाबाद पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोग से संबंधित अभियुक्त सागर को गिरफ्तार किया गया। शेष अभियुक्तगण की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं, अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है।

    1.उ. नि. मौ० कय्यूम अली थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।

    2. आरक्षी अशोक थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।

    3. आरक्षी सीताराम थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।

  • बिजनौर। अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर असलमपुर भुल्लन की ग्राम प्रधान बनी शिवाली को दोषी पाने पर एससी/एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष जज अवधेश कुमार ने तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी महिला पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

    विश्व दलित परिषद युवा मोर्चा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष नगीना निवासी पुष्पेंद्र आनंद ने इस मामले में जुलाई 2017 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत असलमपुर भुल्लन का ग्राम प्रधान पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था। गैर अनुसूचित जाति की महिला शिवाली पत्नी ओमप्रकाश चौहान ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नामांकन दाखिल किया। वह मूलतः पश्चिम बंगाल के मालदा जनपद की रहने वाली थी। चुनाव में वह ग्राम प्रधान चुनी गई। शिवाली के ग्राम प्रधान निर्वाचित होने पर उसकी प्रतिद्वंद्वी लक्ष्मी देवी के संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ।

    पुलिस क्षेत्राधिकारी नगीना ने मामले की विवेचना करते हुए शिवाली सहित कई लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में विचारण के दौरान कई गवाह पेश किए गए, जिन्होंने आरोपों का समर्थन किया। अदालत ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़कर ग्राम प्रधान बनने के अपराध को संगीन मानते हुए महिला शिवाली को सजा सुनाई, जबकि इस मामले में शामिल हलका लेखपाल ओमप्रकाश को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।

    असलमपुर भुल्लन से शिवाली देवी 2015 में ग्राम प्रधान चुनी गई थी। दूसरे स्थान पर रही लक्ष्मी देवी ने उसके खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण के आधार पर चुनाव लड़ने की शिकायत की थी। इसके बावजूद करीब ढाई साल तक शिवाली देवी ग्राम प्रधान रही। बाद में उसे पद से हटा दिया गया और लक्ष्मी देवी पत्नी रोहताश ग्राम प्रधान बनीं।

  • लखनऊ। नगर निगम लखनऊ द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत शहर के सभी 110 वार्डों में फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव तथा नालियों की नियमित सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। मॉनसून सीज़न में बीमारियों के प्रसार की आशंका को देखते हुए इस अभियान को पूरी गंभीरता से लागू किया गया है।

    नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की नियमित समीक्षा जिलाधिकारी, नगर आयुक्त गौरव कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके श्रीवास्तव, जोनल सेनेटरी ऑफिसर तथा एसएफआई स्तर पर की जा रही है। प्रत्येक गतिविधि का पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया गया है ताकि शहर में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि वेक्टर जनित बीमारियों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय से भी समन्वय स्थापित कर समय-समय पर वेक्टर बोर्न डिजीज से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त कर उन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जहां कहीं भी संभावित प्रकोप की सूचना मिलती है, वहां विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव कराया जाता है। बारिश और अत्यधिक नमी के कारण यदि किसी क्षेत्र में फॉगिंग नहीं हो पाती है, तो संबंधित टीमों को निर्देशित किया गया है कि अगले 2 से 4 दिनों के भीतर वहां फॉगिंग अवश्य कराई जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी क्षेत्र में फॉगिंग या सफाई से संबंधित कार्य लंबित न रह जाए।

    इसके अतिरिक्त, जिन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, वहां जलकल, इंजीनियरिंग विभाग और R.R. विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर तत्काल समाधान कराया जा रहा है। जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नगर निगम द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास जलभराव न होने दें और कहीं भी मच्छरों के प्रजनन स्थल बनने की आशंका हो तो तुरंत संबंधित वार्ड कार्यालय या हेल्पलाइन पर सूचना दें।

  • लखनऊ। शहर में लगातार मिल रही अतिक्रमण संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल के निर्देश एवं नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेशानुसार लखनऊ नगर निगम द्वारा गुरुवार को एक साथ कई जोनों में सघन अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इन अभियानों का नेतृत्व संबंधित जोनों के जोनल अधिकारियों ने किया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और फुटपाथों से अस्थायी अवैध कब्जों को हटाया गया और अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई।

    जोन 4 के जोनल अधिकारी संजय यादव के नेतृत्व में टैक्स सुपरिंटेंडेंट बनारसी दास के सहयोग से जेनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नं. 7 से ग्रीनवुड अपार्टमेंट के चारों ओर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान लगभग 2 ट्रक सामान जब्त किया गया, जिसमें ठेले, काउंटर, गुमटी व अन्य सामग्री शामिल रही। अभियान के दौरान प्रभारी निरीक्षक थाना गोमती नगर विस्तार की देखरेख में भारी संख्या में पुलिस बल एवं प्रवर्तन दल (296) भी मौके पर तैनात रहा।

    जोनल अधिकारी नंद किशोर के नेतृत्व में कर अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक राजू कुमार व पीयूष तिवारी तथा प्रवर्तन दल की टीम ने काशीराम गार्डन, चंदर नगर भूमिगत पार्किंग से लेकर आलमबाग मेट्रो स्टेशन तक अतिक्रमण हटाया। इस दौरान 5 काउंटर, 2 गुमटी, 8 ठेले हटाए गए और पुनः कब्जा न करने की चेतावनी दी गई।

    जोनल अधिकारी मनोज यादव के नेतृत्व में वार्ड कन्हैया माधवपुर प्रथम क्षेत्र में सरदार नगर चौराहा से एकता नगर चौराहा तक अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 30 ठेले, 10 गुमटी, 35 अस्थायी दुकानें, 10 टायर, 2 तख्त, 4 तराजू व 20 कैरेट जब्त की गईं। अतिक्रमणकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई और पुनः अतिक्रमण न हो इसके लिए क्षेत्रीय थानाध्यक्ष को पत्र भी भेजा गया।

    नगर निगम द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाना प्राथमिकता है और इस दिशा में भविष्य में भी ऐसे सघन अभियान निरंतर चलाए जाएंगे।

  • लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण नये बिल्डिंग बायलॉज के तहत शमन मानचित्र स्वीकृत करेगा। इससे पूर्व में निर्माण कार्य करा चुके लोगों को भी नये नियमों का लाभ मिलेगा और वे शमन कराकर अपने निर्माण को नियमित करा सकेंगे।

    एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गुरुवार को प्राधिकरण में आयोजित जनता अदालत में फरियाद लेकर पहुंचे लोगों की मांग पर इस बाबत आदेश जारी किये हैं। साथ ही सभी प्रवर्तन जोन के जोनल अधिकारियों को शमन मानचित्र जमा कराने का टारगेट दिया गया है। इससे शमन मानचित्र पास कराने के लिए आने वाले लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा और अधिकारी लोगों को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।

    उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेग्युलेशन-2025 पारित किया है। इसके अंतर्गत भवन निर्माण के लिए भू-आच्छादन क्षेत्रफल व एफ.ए.आर. (फ्लोर एरिया रेशियो) का दायरा बढ़ाते हुए काफी रियायत दी गयी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नयी नियमावली के तहत नये भवनों के मानचित्र के साथ पूर्व में कराये जा चुके निर्माण कार्यों का शमन मानचित्र भी स्वीकृत किया जाएगा। जनता के हित में जरूरी है कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। इसके लिए जोनल अधिकारियों को शमन मानचित्र जमा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत जोन-1 को 200, जोन-2 को 220, जोन-3 को 75, जोन-4 को 100, जोन-5 को 200, जोन-6 को 75 तथा जोन-7 को 100 शमन मानचित्र जमा कराने का टारगेट दिया गया है।

    जनता अदालत में पहुंचे गुड़म्बा के आदिल नगर निवासी महेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें बसन्तकुंज योजना में प्रधानमंत्री आवास संख्या-45/22 आवंटित हुआ है। लेकिन, कई बैंकों के चक्कर लगाने के बाद भी होम लोन नहीं मिल रहा है, जिसके चलते वह भवन का पैसा नहीं जमा करा पा रहे हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बैंकों के सक्षम अधिकारियों से वार्ता करके प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के लिए होम लोन मेला लगवाया जाए। मौके पर ही सभी आवंटियों को होम लोन की सुविधा दिलायी जाए।

    कानपुर रोड योजना के सेक्टर-डी निवासी सोनू ने प्रार्थना पत्र दिया कि उन्हें शारदा नगर योजना के रूचिखण्ड में भवन संख्या-1/902 आवंटित हुआ है। मकान की पूर्ण धनराशि जमा करा दी है, लेकिन आवंटन पत्र में नाम सोनू और आईडी में नाम भूपेन्द्र सिंह होने के चलते रजिस्ट्री नहीं हो रही है। उपाध्यक्ष ने फाइल मंगायी तो पता चला कि आवंटी के अलग-अलग नाम की जांच हो चुकी है और प्रकरण सही है। उन्होंने मौके पर ही रजिस्ट्री के लिए फाइल तैयार कराकर प्रकरण का निस्तरण करा दिया।

    कैंट क्षेत्र के उदयगंज निवासी नीरज तिवारी ने प्रार्थना पत्र दिया कि उन्हें शारदा नगर विस्तार योजना में प्रधानमंत्री आवास संख्या-28/43 आवंटित हुआ है। वह भवन की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, जिसके लिए अंतिम गणना करा दी जाए। मौके पर ही भवन की गणना कराकर आवंटी को मांग पत्र दे दिया गया। इसी तरह रूपेश कुमार ने कानपुर रोड योजना में भूखण्ड की रजिस्ट्री के सम्बंध में प्रार्थना पत्र दिया, जिसकी फाइल मौके पर ही अनुमोदित कर दी गयी।

    अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण के कमेटी हॉल में आयोजित जनता अदालत/प्राधिकरण दिवस में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार व सचिव विवेक श्रीवास्तव ने लोगों की समस्याओें को विस्तारपूर्वक सुना। इस दौरान रजिस्ट्री, नामांतरण, मानचित्र, अवैध निर्माण आदि से सम्बंधित कुल 62 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 15 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों के निस्तारण के सम्बंध में समय-सीमा निर्धारित करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।

  • लखनऊ। बहुचर्चित शासकीय धन गबन के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को राजकीय निर्माण निगम के अवर अभियंता (तत्समय उप अभियंता सिविल) जितेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। राजधानी लखनऊ के निशातगंज स्थित निगम कार्यालय से जितेंद्र की गिरफ्तारी हुई। जितेन्द्र सिंह पर गाजीपुर जिले में पर्यटन विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों की सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप है।

    जानकारी के अनुसार वर्ष 2012-13 में गाजीपुर ज़िले के भदौरा ब्लाक स्थित 5 स्थलों, परेमन शाह का तालाब, सेवराई चीरा का पोखरा, मां कामाख्या धाम गहमर, देवकली स्थल एवं कीनाराम स्थल देवल का चयन पर्यटन विकास और सौन्दर्यीकरण योजनाओं हेतु किया गया था। शासन द्वारा उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम यूनिट वाराणसी इकाई को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया था। उस समय प्रदेश में सपा सरकार थी।

    कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के द्वारा इन स्थलों का कार्य अपूर्ण रखा गया और मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया गया। इससे सरकार को लगभग 07 करोड़ रुपए की शासकीय धन की क्षति हुई। मामले में जॉइंट डायरेक्टर पर्यटन वाराणसी अविनाश चंद्र मिश्रा द्वारा गाजीपुर जिले के थाना गहमर पर कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदारों समेत कुल 26 अभियुक्तों के विरुद्ध शासकीय धन गबन किये जाने का अभियोग पंजीकृत कराया गया था। इसमें मांडा, प्रयागराज निवासी अभियुक्त इंजीनियर जितेंद्र सिंह वांछित था। बताया गया है कि अभियुक्त के द्वारा कुल 32 अग्रिम भुगतान विभिन्न फर्मो को विभिन्न तिथियों में कुल धनराशि 2,41,07,499 रुपए (02 करोड़ 41 लाख 07 हजार, 499 रुपए) का किया गया। इस प्रकरण में अब तक 14 अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय को प्रेषित किया जा चुका है।

  • कानपुर। आधे कानपुर शहर को पूरे तीन दिन तक पानी नहीं मिलेगा। इसलिए लोगों को जरूरत का पानी सहेज कर रखना होगा। दरअसल जल निगम 18 से 20 जुलाई तक कंपनी बाग से रावतपुर मार्ग पर पाइप लाइन की मरम्मत करने जा रहा है।

    जल निगम पेयजल के एक्सईएन प्रवीण यादव ने बताया कि कंपनी बाग से रावतपुर मार्ग पर एक हफ्ते से पेयजल लाइन में लीकेज था। इसके चलते पानी प्रेशर के साथ घरों तक नहीं पहुंच रहा था। रावतपुर मार्ग पर जलभराव भी हो रहा था। जल निगम ने पाइप लाइन की मरम्मत के लिए ट्रैफिक पुलिस से परमिशन मांगी थी, मंजूरी मिल गई है। 18 जुलाई से मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।

    नौबस्ता, बर्रा, निराला नगर, दर्शनपुरवा, शास्त्रीनगर, पांडु नगर, राजीव पार्क, बारादेवी, बर्रा ईस्ट सेकंड, मिक्की हाउस, कारगिल पार्क नौबस्ता, इंदिरा नगर समेत तमाम इलाकों में जलापूर्ति नहीं होगी। 30 टंकियों से पानी सप्लाई नहीं किया जाएगा। जीआरपी पाइप लाइन को 18 जुलाई को खाली किया जाएगा। पाइप से पानी निकालने में ही एक दिन लग जाएगा। इसके बाद 19 जुलाई को पाइप लाइन की मरम्मत की जाएगी। 20 को पाइप लाइन को केमिकल से जोड़कर 21 से जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

    तीन दिन डायवर्जन कंपनी बाग चौराहा से रावतपुर तिराहा की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। सभी वाहन वाया नवाबगंज, चिड़ियाघर, गुरुदेव पैलेस चौराहा होकर गंतव्य को जा सकेंगे। कंपनी बाग चौराहा से रावतपुर जाने वाले वाहन गोपाला तिराहा से गैस्ट्रोलिवर होते हुए स्वरूप नगर तिराहा से गोल चौराहा होकर गंतव्य को जा सकेंगे। इसी प्रकार रावतपुर की ओर से आने वाले सभी वाहन गोल चौराहा होकर गंतव्य को जा सकेंगे।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पानी को बचाने की अपील करते हुए कहा कि पानी को बर्बाद न करे, नहीं तो यह हम सब को बर्बाद कर देगा। श्री सिंह बुधवार को मरीन ड्राइव, गोमती नगर में भूजल सप्ताह 2025 का उद्घाटन कर रहे थे।

    मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि हम सब को अपने वाली पीढ़ी को पीने योग्य जल पर्याप्त मात्रा में न सिर्फ देकर जाना है, बल्कि यह सीख भी देनी है कि जल को कैसे बचाएं, उसे कैसे संरक्षित करें। सिंगापुर में लोग शौचालय के पानी को ट्रीट करके अपने दैनिक कार्यों में प्रयोग कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि दैनिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले पानी को दोबारा इस्तेमाल करने के तौर तरीके सीखने होंगे, नदियां, तालाब के पानी को स्वच्छ रखना होगा। बरसात के पानी को बचाने के लिए हमें उपाय करना होगा। क्योंकि तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। इस विश्वयुद्ध में भारत शामिल नहीं होगा। हमारे लोग पानी बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं और इनका साथ केंद्र की नरेन्द्र मोदी और व राज्य की योगी आदित्यनाथ बड़े पैमाने पर कर रही है।

    आर्ट गैलरी का अवलोकन करते हुए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्कूली छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों को जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित की भावना आत्मसात करने का संकल्प दिलाया। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों से जल संरक्षण के तौर तरीके पूछे। कहा कि जल एक अनमोल प्राकृतिक संसाधन है, जिसके बिना जीवन की कल्पना असंभव है।

  • बिजनौर। विशेष छापामारी अभियान में जनपद में कुल 11 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेन्स को निलम्बित कर दिया गया है। इसी के साथ सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला कृषि अधिकारी के अलावा पांच उप जिलाधिकारियों की संयुक्त टीम की इस कार्रवाई से जिले भर में हड़कंप मचा हुआ है।

    उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह एवं उपजिलाधिकारी, धामपुर व चान्दपुर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चान्दपुर और धामपुर, उप कृषि निदेशक डा. घनश्याम वर्मा एवं उपजिलाधिकारी, बिजनौर एवं नजीबाबाद की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर के अलावा नजीबाबाद एवं अमित कुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक-ग्रुप-ए., कार्यालय जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर एवं उपजिलाधिकारी नगीना की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना मे उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।

    छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 54 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध उर्वरकों एवं अन्य उर्वरकों में से कुल 20 उर्वरकों के नमूने संग्रहित किये गए। साथ ही मै. भारत बीज भण्डार, बास्टा, मै. किसान उर्वरक केन्द्र, सिकन्दर नंगला, मै. शर्मा खाद भण्डार, सिकन्दर नंगला, मै. माॅ वैष्णो देवी बीज भण्डार, रसूलपुर नंगला, मै. रिया सैनी पेस्टीसाइड खाद भण्डार, रसूलपुर नंगला, मै. देहात एग्रीजक्शन वन स्आप शाप, रसूलपुर नंगला, मै. एग्री जंक्शन वन स्टाप शाप, रसूलपुर नंगला, मै. कृषक सेवा केन्द्र, जलीलपुर, मै. ओम एन्अरप्राइजेज, धीवरपुरा, मै. नवीन खाद भण्डार, कोतवाली देहात एवं मै. पुनीत बीज भण्डार, नगीना द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने एवं उनके मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क करने पर फोन बन्द पाये जाने के कारण कुल 11 उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक लाइसेन्स को निलम्बित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    निरीक्षण के दौरान जनपद के थोक/फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सचेत किया गया है कि कृषकों को उनकी जोतबही एवं फसलवार संस्तुति के आधार पर उनकीे आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का वितरण पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाकर उनको निर्धारित दर पर एवं कृषकों को विक्रय किये गये उर्वरकों की रसीद/कैश मैमो अवश्यक उपलब्ध करायी जाए। साथ ही उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देशित किया गया है कि निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करने एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ अन्य गौण उर्वरकों एवं कीटनाशक की टैगिंग न की जाय अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध उर्वरक नियन्त्रण आदेश-1़985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

  • यूं तो विनेश ठाकुर वह नाम है जो किसी परिचय का मोहताज नहीं। सरकार से बेसुध रही उन वंचित जातियों को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाने का बीड़ा उठाने के साथ संविधान को ग्रंथ व लोकसभा, विधानसभा को मंदिर एवं अपनी मां को भगवान मानने वाले विनेश ठाकुर से विनेश भैया बने जनसेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के संघर्ष की हम कुछ बातें बताना चाहते हैं।

    10 नवंबर 1966 को जनपद बिजनौर की तहसील नजीबाबाद के छोटे से अति पिछड़े गांव भरेकी, जहाँ सदा जाट पंडित बाहुल्य जातियों का दबदबा रहा। यहीं के गरीब चंद्रपाल ठाकुर के घर जन्मे विनेश भैया का पूरा जीवन संघर्ष और परिश्रम की जिंदा मिसाल रहा है। सभी को पता है कि जनसेवा दल का गठन विनेश भैया द्वारा क्यों किया गया। आजादी के पहले से आज तक किस तरह सैन, सविता, नंद सहित हर 5 साल में सरकार बनाने में अहम योगदान देने वाली सत्ता से वंचित 40 फीसद से अधिक अति पिछड़ी जातियों को एक षड्यंत्र के तहत शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सम्मान से दूर रखा गया। महापुरुष तो बहुत हुए लेकिन समाज की पीड़ा को समझने का काम किसी ने नहीं किया।

    2027 तक अति पिछड़े समाज को सत्ता सरकार में पर्याप्त हिस्सेदारी दिलाने के साथ साथ समाज के बड़े-बड़े ठेकेदारों से चुनौतियां कबूल कर इन्हीं विनेश भैया ने यह कदम उठाया और जनसेवा दल का गठन कर डाला। अब सवाल उठता है कि पत्रकारिता क्षेत्र में नाम कमाने के साथ-साथ आज राजनीति मैं कदम क्यों रखना पड़ा। विनेश भैया ने जो भी आज तक हासिल किया है अपने संघर्ष और बड़ी सोच के कारण किया है। गरीब पिता की मौत के बाद और उससे पहले पूरे परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी के साथ-साथ अपने 6 भाई बहनों को अच्छी शिक्षा दिलाकर प्रण लिया था कि भाइयों को जिल्लत की जिंदगी से दूर रख सम्मान की जिंदगी जीना सिखाते हुए कलम पकड़वाऊंगा। विनेश भैया के संघर्ष का ही नतीजा है आज तीन भाई पत्रकारिता क्षेत्र में है एक भाई बड़ा ठेकेदार है।

    बात राजनीति और पत्रकारिता क्षेत्र में आने की करें तो सन 1995 में बसपा ज्वाइन की थी और मंडल कोऑर्डिनेटर तक का सफर तय किया। लेकिन अपनों की पीड़ा को दूर करना यहां दूर की कौड़ी लगा क्योंकि हमेशा से चाह यही थी कि किराएदार बनकर नहीं अपना घर बनाकर समाज को आर्थिक शैक्षिक और सामाजिक सम्मान दिलाने का काम करूंगा। सबसे पहले बसपा सुप्रीमों बहन मायावती जी द्वारा जिले का मीडिया प्रभारी बनाया गया तो खबर लेकर अखबारों के दफ्तर में जाना पड़ता था कि भैया हमारी खबर छाप देना। …लेकिन एक नाई के बेटे द्वारा बसपा की खबर लेकर आना बड़े अखबारों के दफ्तर में कलम पकड़े बैठे अगड़ी जातियों के तुच्छ सोच रखने वाले खबरचियों को चुभता था। एक पंडित पत्रकार ने तो यह कहकर विज्ञप्ति फेंक कर मार दी थी रोज-रोज तुम्हारा यही काम रह गया है। उस दिन विनेश ठाकुर ने यह प्रण लिया था कि तेरे जैसे हजारों पत्रकार बनाऊंगा और तुझ जैसे पत्रकार मेरे सामने काम के लिए गिड़गिड़ाएंगे। उसी दिन संविधान रचयिता बाबा साहब बीआर अंबेडकर के नाम से “अंबेडकर ज्योति” नामक समाचार पत्र का रजिस्ट्रेशन कराकर अखबार की दुनिया में कदम रखा। कुछ दिन अंबेडकर ज्योति में अपनी कलम का जादू दिखाया, लेकिन उस समय लोगों को लगा कि साप्ताहिक अखबार चलाकर विनेश ठाकुर क्या बिगाड़ लेगा? उन्हें नहीं पता था कि विनेश ठाकुर उस क्रांति का नाम है जो एक बार ठान लेता है करके छोड़ता है। लगभग 4 साल अंबेडकर ज्योति चलाने के बाद लखनऊ के एक बड़े अखबार राष्ट्रीय स्वरूप में काम किया, लेकिन यहां भी यह सोचकर अखबार छोड़ दिया कि विनेश ठाकुर तुझे तो अपना घर बनाना है। अब किराए के मकान में नहीं रहना। यही सोच कर विधान केसरी का रजिस्ट्रेशन कराकर दैनिक अखबार से संबंधित बहुत कम समय में सारी प्रक्रिया पूरी कर डाली। आज विधान केसरी के कई एडिशन हैं। …और जिस पत्रकार ने खबर छापने से मना किया था उसके जैसे 1000 से ज्यादा पत्रकार विधान केसरी में खबर लिखने का काम कर रहे हैं। लेकिन राजनीति के बिना सामाजिक पीड़ा को दूर करना कठिन ही नहीं नामुमकिन लगा। विनेश भैया का सदा सत्ताधारी सहित तमाम पार्टियों में दखल रहा। विपक्षी दलों में भी खासी साठ गांठ होने के बावजूद उन्हें लगा कि मेरी जाति के 3प्रतिशत सहित 45 फीसदी अति पिछड़ी जातियों के लोग आज भी सत्ता सरकार से कोसो दूर हैं। इन पार्टियों ने हमारा वोट तो लिया लेकिन किसी ने एमपी, एमएलए तो दूर जिला व नगर पंचायत अध्यक्ष भी छोड़िये प्रधान तक बनाने का काम नहीं किया। यही सोचकर विनेश भैया ने जन सेवा दल का गठन किया।

    साथियों इसी दौरान संघर्षशील इस क्रांतिकारी को किसी की नजर लग गई और लीवर डैमेज हो गया। विरोधियों को लगा कि अब विनेश का काम तमाम हो जाएगा लेकिन यहां यह भी सनद रहे कि फानूस बन के जिसकी हिफाजत हवा करे, वह शमा क्या बुझे जिसे रोशन खुदा करे। पांच भाई और दो बेटे और बेटी का लिवर मैच नहीं हुआ तो भाई संजीव ने अपने बेटे जतिन का कलेजा निकाल कर रख दिया कि कुछ हो जाए हम सभी भाई भतीजे मिलकर भैया का बाल भी बांका नहीं होने देंगे।

    लिवर ट्रांसप्लांट जैसा बड़ा ऑपरेशन होने के बाद भैया की हिम्मत ने साथ नहीं छोड़ा। उस समय जो जनसेवा दल केवल रेंग रहा था आज तेजी से दौड़ लगा रहा है। अब तक एटा, चित्रकूट एवं लोनी में तीन बड़ी रैली हेलीकॉप्टर द्वारा की जा चुकी है व लगातार हर जिले में और विधानसभा में मीटिंगों का दौर जारी है। सुबह शाम सिर्फ एक ही जिद है की किस तरह सैन सहित अति पिछड़ी जातियों को सत्ता में हिस्सेदारी मिले। जगह-जगह उत्पीड़न का शिकार हो रहे अपने लोग सीना तानकर कह सकें कि हम भी सरकार का हिस्सा हैं। विनेश भैया ने हमारा कद इतना ऊंचा कर दिया है कि अब हमारा उत्पीड़न करने की किसी के बस की बात नहीं। यहां यह कहने में कतई संकोच नहीं है कि अगर 2027 तक विनेश भईया ने वंचित समाज को सरकार में हिस्सेदारी का प्रण लिया है तो उनकी गारंटी को भगवान भी नहीं काट सकता। कवि दुष्यंत कुमार ने कहा था कि …कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों!

    साथियों एकजुट होकर हमें विनेश भैया के हाथों को मजबूत करना है और प्रण लेकर जाना है कि हम उनके पावर प्रोजेक्ट सत्ता में हिस्सेदारी विजन को कामयाब बना कर रहेंगे। बाबा साहब ने नारा दिया था शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित रहो। मानसिक गुलामी की जंजीरो को तोड़कर आगे बढ़ जाओ कोई माई का लाल हमें सत्ता में हिस्सेदारी पाने से रोक नहीं पाएगा।संविधान मेरा ग्रंथ लोकसभा विधानसभा मेरा मंदिर माँ मेरा भगवान

    आज स्वार्थ में डूबे टूटते बिखरते परिवार तो बहुत मिल जाएंगे लेकिन परिवार को एक माला में पिरो कर रखना किसी सपने के बराबर नहीं है। विनेश भैया के परिवार की यही जीत है। समस्या कितनी भी बड़ी हो उसका आसानी से समाधान हो जाता है। यही कारण है कि करोड़ों में शुभचिंतक होने के बाद कुछ विरोधी भी सामने आ जाते हैं जो प्रगति में रोड़ा नहीं आगे बढ़ने को प्रेरित करते हैं। खास बात यह है कि विनेश भैया जहां अपनी मां को भगवान का दर्जा देते हैं वही संविधान को ग्रंथ व लोकसभा विधानसभा को मंदिर मानना ही उनकी आस्था है। विनेश भईया ने 2005 में विधान केसरी की शुरुआत बिजनौर के आवास विकास कॉलोनी स्तिथ अपने आवास से 2013 में मुरादाबाद व 2016 में लखनऊ से की। तीनों ही जगह खास बात यह रही कि यहां अवसर तो खूब आए अधिकारी भी सैकड़ों की संख्या में रहे लेकिन यूनिट का उद्घाटन अपनी माताजी के द्वारा कराया। उनका मानना है कि मां-बाप के अलावा दूसरा भगवान धरती पर नहीं है। वहीं न्याय दिलाने वाला लोकसभा, विधानसभा के सिवा दूसरा मंदिर नहीं है तथा जो बराबरी का दर्जा दे संविधान से बड़ा ग्रंथ कोई नहीं है।

  • लखनऊ। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की वर्किंग कमेटी की प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हुई बैठक में संगठन के दैनिक मुद्दों के प्रबंधन के लिए पांच सदस्यीय कोर ग्रुप का गठन किया गया। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर के. विक्रम राव के निधन के कारण रिक्त हुए अध्यक्ष पद तथा नई वर्किंग कमेटी का गठन वर्ष के अंत तक होगा।

    इससे पूर्व कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में हुई शोक सभा में स्वर्गीय राव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोक सभा में देशभर से आए पत्रकारों के अलावा पीटीआई कर्मचारी संघ, टाइम्स कर्मचारी संघ तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यूज़पेपर इंप्लाइज सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों, शिक्षकों और वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त किये।

    प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में हुई वर्किंग कमेटी की बैठक में तीन उपाध्यक्षों गोपाल मिश्रा, उपेंद्र सिंह राठौर, मोहन कुमार और कोषाध्यक्ष रजत मिश्रा को कोर ग्रुप में शामिल किया। विपिन धूलिया ग्रुप के समन्वयक होंगे। बैठक में राजस्थान इकाई के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ का राजस्थान में राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

  • लखनऊ। आलमबाग कोतवाली इलाके में रहने वाले एक कर्नल व मेजर के सरकारी आवास को चोरों ने निशाना बनाया। बंद मकानों का ताला तोड़ कर चोर कीमती जेवरात सहित हजारों की नकदी चोरी कर फरार हो गए। जानकारी होने पर दोनों पीड़ितों ने स्थानीय आलमबाग कोतवाली में पुलिस से लिखित शिकायत की है।

    आलमबाग कोतवाली प्रभारी सुभाष चन्द्र सरोज ने बताया कि मूल रूप से ग्राम कुसुम्हा, पोस्ट-बरडीहादल, थाना मदनपुर रुद्रपुर, जिला देवरिया निवासी कर्नल हरि कुमार गुप्ता पुत्र स्व० राम नाथ गुप्ता के अनुसार वह बीते अक्टूबर वर्ष 24 से बेस अस्पताल, लखनऊ में नियुक्त हैं और एमआरए विहार कलोनी के सरकारी आवास संख्या 15 बी में सपरिवार रहते हैं। वह 15 जून से 14 जुलाई तक अवकाश पर थे। उनके माली सुनील रावत ने 11 जुलाई को घर का ताला टूटा होने की सूचना दी। जब वह घर पहुंचे तो देखा कि उनके बेडरूम के अलमारी में रखे सोने का हार सेट और लगभग 70 हजार रुपए नकद चोरी हो गए थे।

    दूसरे पीड़ित उनके पड़ोसी मेजर देवाशीष मोहन कपूर पुत्र मनमोहन कपूर सेक्टर सी महानगर लखनऊ निवासी के सरकारी क्वार्टर संख्या 14 बी में भी चोरी की घटना को अंजाम दे कर चोर फरार हो गए। मेजर देवाशीष मोहन कपूर 9 जून से 14 जुलाई तक अवकाश पर थे। जब उनके सहायक राइफलमेन दिल बहादुर प्रधान ने उन्हें सूचना दी कि उनके घर का ताला टूटा हुआ है, तो उन्होंने देखा कि उनकी अलमारी में रखी चांदी की पायल, बिछिया, कीमती पर्स और लगभग दस ग्राम सोने की चेन चोरी हो गई थी। पुलिस के अनुसार दोनों पीड़ितों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल चोरों की तलाश की जा रही है।

    पुलिस ने इलाके में लगे सीसी कैमरे को देखा तो दोनों चोरी महज एक घंटे के अंदर होना पाया गया है। इतने कम समय में चोरी की घटनाओं से पुलिस को अंदेशा है कि चोरों को घर के अंदर की पूरी जानकारी थी। शक के आधार पर कुछ लोगों से पुलिस पूछताछ की जा रही है।

  • लखनऊ। श्रावण मास के पहले सोमवार पर राजधानी लखनऊ शिवभक्ति से सराबोर रही। सभी प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करने उमड़ पड़े। रविवार देर रात से ही श्रद्धालु बेलपत्र, जल कलश और पूजा सामग्री के साथ मंदिर पहुंचने लगे। मंदिरों के बाहर लंबी लाइनें लगने लग गईं। मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।

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    सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शहर के प्रमुख शिवालय मनकामेश्वर, बुद्धेश्वर महादेव, नागेश्वर महादेव मंदिर आशियाना, राजेन्द्रनगर महाकाल समेत सभी प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा सामग्री ले कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करने उमड़ पड़े। भक्तों ने गंगाजल, गाय का कच्चा दूध, दही, घी, शहद, चीनी, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद फूल, चंदन, रोली, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित की।

    नागेश्वर महादेव मंदिर आशियाना के पंडित श्री देवी प्रसाद तिवारी जी ने बताया कि इस साल 11 जुलाई 2025 से शुरू हुआ सावन 9 अगस्त 2025 तक चलेगा। आज 14 जुलाई 2025 को सावन का पहला सोमवार है। धनिष्ठा नक्षत्र और आयुष्मान योग का शुभ संयोग होने से पूजा का महत्व और बढ़ गया है।

    सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से कई लाभ मिलते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, विशेषकर अविवाहित लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है। शिवलिंग पर जल, दूध, शहद आदि से अभिषेक करने से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भगवान शिव की उपासना करने से तनाव, रोग और कर्ज से मुक्ति मिलती है। सावन के सोमवार का व्रत रखने से ग्रहों की प्रतिकूलता दूर होती है और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

    पंडित श्री रोहित तिवारी जी ने बताया कि श्रावण मास में नागेश्वर महादेव मंदिर सोमवार के दिन प्रातः 06 बजे से 13:00 बजे तक खुला रहेगा। सोमवार को सायं 07.30 बजे मंदिर में श्रृंगार होगा। उसके बाद में जलाभियेक एवं फल, फूल चढ़ाने का कार्यक्रम स्थगित, रहेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से दीप, धूप, मंदिर के बाहर जलाने तथा उपासना भी गर्भगृह के बाहर ही करने की अपील की। बताया कि महिला मंडल द्वारा प्रत्येक सोमवार 3.30 बजे से भजन कीर्तन आयोजित होगा, 20 जुलाई को हरियाली तीज का उत्सव सायं 03.00 से प्रारम्भ होगा।

  • लखनऊ। अगले वर्ष यानी 2026 में यूपी पंचायत चुनाव को लेकर मतदाता पुनरीक्षण का कार्य 18 जुलाई से शुरू हो जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 जनवरी 2026 को जारी की जाएगी। मार्च-अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

    उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अगले साल की पहली तिमाही में पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके पहले चरण में वोटर लिस्ट के व्यापक पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। 18 जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। 14 अगस्त से बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचकर सर्वे करेंगे और अर्ह लोगों को वोटर बनाएंगे। पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत के किसी हिस्से या पूरी ग्राम पंचायत के शहरी निकाय में शामिल होने की स्थिति में वहां की वोटर लिस्ट डिलीट करने से होगी। साथ ही BLO और पर्यवेक्षकों को इस अवधि में उनके कार्यक्षेत्र का आवंटन भी किया जाएगा। 1 जनवरी, 2026 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान छुट्टियों के दिन भी दफ्तर खुलेंगे। किसी भी स्थिति में अभियान की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। आयोग की वेबसाइट https://sec.up.nic.in/OnlineVoters/ के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा। BLO इन आवेदनों के आधार पर भी आवेदक के घर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और उसके आधार पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज किया जाएगा।

    18 जुलाई-13 अगस्त : बीएलओ को कार्यक्षेत्र का आवंटन

    14 अगस्त-29 सितंबर : घर-घर सर्वे, अर्ह वोटरों का नाम जोड़ना

    14 अगस्त-22 सितंबर : ऑनलाइन आवेदन की अवधि

    23 सितंबर-29 सितंबर : ऑनलाइन आवेदनों की घर जाकर जांच

    30 सितंबर -24 नवंबर : वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी तैयार करना

    25 नवंबर-04 दिसंबर : बूथों की नंबरिंग, मैपिंग

    05 दिसंबर : वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी होगा

    6-12 दिसंबर : दावे व आपत्तियां प्राप्त करना

    13-19 दिसंबर : दावों व आपत्तियों का समाधान

    15 जनवरी : फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन

    यूपी पंचायत चुनाव एक तरह से सत्ता का सेमीफाइनल बनकर सामने आ रहा है। इसे केवल स्थानीय निकाय चुनाव समझना भूल होगी। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले, यह चुनाव राजनीतिक दलों को जमीनी ताकत आजमाने का पहला बड़ा मौका होगा।सत्तारूढ़ भाजपा जहां पंचायत स्तर पर अपने संगठन की मजबूती दिखाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल जैसे सपा, कांग्रेस, बसपा और आरएलडी इस चुनाव को अपने पुनरुत्थान का आधार बनाना चाहेंगे। खास बात यह है कि पंचायत चुनाव में दल सीधे तौर पर नहीं उतरते, लेकिन समर्थित उम्मीदवारों के जरिए संगठन की ताकत का परिक्षण जरूर होता है।

    2026 पंचायत चुनाव में लाखों नए वोटर पहली बार मतदान करेंगे। 1 जनवरी 2025 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। इससे यह बात साफ है कि युवाओं की भागीदारी इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकती है।

  • बिजनौर। विकास खण्ड नूरपुर के ग्राम शादीपुर मिलक निवासी संजीव डवास के पुत्र अंश डवास दिनांक 16 अगस्त से 30 अगस्त तक कजाकिस्तान के शिमकेंट शहर में आयोजित होने वाली एशियाई शूटिंग प्रतियोगिता के 10 मी रायफल इवेंट में भारत का प्रतिभाग करते हुए निशाना लगायेंगे।

    उक्त विचार जसजीत कौर जिलाधिकारी बिजनौर ने उस वक्त व्यक्त किये जब अंश डबास को लेकर योगेन्द्र पाल सिंह योगी अध्यक्ष विवेकानन्द दिव्य भारती, आकाश चौधरी कोच व पिता संजीव डवास जिलाधिकारी बिजनौर से भेंट कर जिला प्रशासन से अंश के लिए आर्थिक सहयोग की मांग की। जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया कि खेल प्रोत्साहन समिति से हर संभव सहयोग कराया जायेगा। अंश डबास ने यूथ कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए यह सफलता पायी है।

    अंश डबास ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच आकाश चौधरी व अपने पिता संजीव डवास को दिया है, जो कई वर्षों से उनके साथ कड़ी मेहनत व सुविधा उपलब्ध करा रहें हैं। अंश डवास स्कूल व जूनियर स्तर पर अनेक बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अनेक मेडल जीत चुका है।

  • बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट साकेत कॉलोनी अध्यक्ष योगेश कुमार के द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में एक्यूप्रेशर मसाज, मिट्टी चिकित्सा, स्टीम बाथ, कटी बस्ती एनिमा चिकित्सा एवं आहार परिवर्तन के द्वारा रोगों का इलाज किया गया।

    डॉ. नरेंद्र सिंह आहार आयुर्वेदाचार्य प्राकृतिक चिकित्सक योगाचार्य ने रोगियों को योगासन और प्राणायाम और नाड़ी परीक्षण कर बिना किसी दवाई के स्वस्थ रहने के उपाय बताए। डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि हम हमारा परिवार हमारा राष्ट्र आसपास की कई जड़ी बूटियों, योगासन, प्राणायाम एवं आहार परिवर्तन के माध्यम से छोटे-छोटे रोगों का उपचार स्वयं कर सकते हैं। इससे समाज तथा राष्ट्र, दोनों प्रकार से भला होगा। हमारी भारत की संस्कृति आज विदेशी लोग अपना रहे हैं। योगासन और प्राणायाम अपना रहे हैं तथा उसका लाभ ले रहे हैं। इसलिए नए भारत के निर्माण के लिए हमें पुनः अपनी भारतीय संस्कृति पर आना होगा, इसलिए भारतीय संस्कृति पर चलिए नए भारत का निर्माण में सहयोग करिये।

    प्राकृतिक उपचार करने वालों में रामवीर सिंह ग्राम खारपोड जिला मुजफ्फरनगर, ग्राम बारूकी से पूजा चौधरी, बिजनौर से शेर सिंह होमगार्ड विभाग, प्रभोध रंजन सेवानिवृत ऑडिट विभाग बिजनौर, श्रीमती उषा देवी, वेद अजय गर्ग, राम सिंह पाल शामिल रहे। शिविर में अनंत कुमार, श्रीमती सुनीता, सोमदत्त शर्मा प्राकृतिक चिकित्सक ने सहयोगी के रूप में कार्य किया।

  • अल्मोड़ा। नगर क्षेत्र और आस-पास के गांवों में तेंदुओं व बंदरों की लगातार बढ़ती सक्रियता और मानव जीवन पर बढ़ते खतरे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह से उनके कार्यालय में एक महत्वपूर्ण और सार्थक बैठक की। बैठक में जनसुरक्षा, वन्यजीव प्रबंधन और प्रशासनिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और समस्याओं की जड़ तक जाकर समाधान की ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।

    संजय पाण्डे ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने हेतु लगाए गए पिंजरों में कई बार जानवरों को चारे के रूप में रखने पर कुछ लोग “पशु प्रेम” के नाम पर हस्तक्षेप करते हैं, जिससे तेंदुआ पिंजरे तक आकर भी फंस नहीं पाता। इससे नागरिकों की सुरक्षा पर सीधा खतरा बना रहता है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में जो लोग आपत्ति करें, उनसे मौके पर एक लिखित शपथ-पत्र लिया जाए, जिसमें यह उल्लेख हो कि यदि तेंदुए द्वारा जनहानि होती है तो उसका पूर्ण उत्तरदायित्व वे स्वयं वहन करेंगे। इस पर प्रभागीय वनाधिकारी ने सहमति जताई।

    प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि बंदरों को अन्य जिलों से ट्रकों में भरकर अल्मोड़ा के वन क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। इसे रोकने हेतु वन विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

    1. सभी चेकपोस्टों पर भारी वाहनों की गहन जांच के आदेश।

    2. सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे सक्रिय निगरानी। पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर सभी चौकियों को सतर्क रहने का आग्रह।

    संजय पाण्डे ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर विषय को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (शिकायत संख्या CMHL-062025-8-767870) के माध्यम से उठाया था, लेकिन यह नगर निगम स्तर पर अभी तक लंबित है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने अपने चुनावी वादों में बंदर समस्या के समाधान का वादा किया था, परन्तु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी पर भी नाराज़गी जताई कि वे आम जनता की अपेक्षाओं को नजरअंदाज़ कर रहे हैं और केवल राजनीतिक प्रतिनिधियों की सुनवाई कर रहे हैं।

    पाण्डे ने सुझाव दिया कि जंगलों में फलदार वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाना चाहिए, ताकि बंदर, भालू, तेंदुए जैसे वन्य जीवों को भोजन के लिए मानव बस्तियों में न आना पड़े। इस कार्य में उद्यान विभाग का तकनीकी सहयोग आवश्यक होगा।प्रभागीय वनाधिकारी ने इस सुझाव की सराहना करते हुए इसे दीर्घकालिक समाधान की दिशा में उपयोगी पहल बताया और आश्वासन दिया कि वन विभाग इस दिशा में कार्रवाई करेगा।

    पाण्डे ने स्पष्ट कहा, “यह केवल वन विभाग या नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। मैं केवल बोलने नहीं, समाधान के लिए संकल्प के साथ खड़ा हूं। यदि लापरवाही जारी रही तो मैं यह विषय शासन, न्यायालय और जनता के बीच लेकर जाऊंगा।”

    शासन की ओर से समाधान को ठोस पहल!

    बताया गया है कि उत्तराखंड सरकार ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान और मनुष्यों पर हो रहे हमलों की रोकथाम के लिए एक अहम प्रशासनिक पहल शुरू की है। प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग की अध्यक्षता में दिनांक 30 अप्रैल 2025 को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में वन विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, शहरी विकास और पशुपालन विभाग के अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक के निर्णय के आधार पर शहरी विकास विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि वे शासनादेश संख्या 3666/X-2-13-19(06)2013, दिनांक 02.09.2013 से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

    SOP का उद्देश्य

    शहरी क्षेत्रों में मानव-बंदर संघर्ष को रोकनाबंदर समस्या का प्रभावी और व्यवस्थित समाधाननगर निकायों के कार्यों में समन्वय और जवाबदेही लानासंबंधित अधिकारियों को SOP की प्रति भेजी गई है और अपेक्षा की गई है कि वे वैज्ञानिक, मानवीय और प्रशासनिक रूप से संतुलित उपायों को अमल में लाएं।

    निष्कर्ष

    सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे की पहल ने, न केवल स्थानीय प्रशासन को जगाया है, बल्कि वन विभाग से ठोस आश्वासन भी प्राप्त किए हैं। साथ ही, राज्य सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता भी इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। अब वक्त है कि समाज, प्रशासन और शासन – सभी मिलकर इस संकट का समाधान करें, ताकि इंसान और वन्यजीव – दोनों सुरक्षित रह सकें।

  • लखनऊ। वी-केयर मल्टी ट्रेड प्रा.लि. (V-Care Multi trade Pvt. Ltd.) कम्पनी द्वारा जनता के साथ धोखाधड़ी कर लगभग 250 करोड़ रुपए घोटाले के फरार एक आरोपी को ईओडब्लू ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में 26 केस दर्ज किए गए थे। कुल 23 अभियुक्तों में से 19 की गिरफ्तारी पूर्व में की गई जबकि 01 अभियुक्त की मृत्यु हो चुकी है। शेष 3 अभियुक्तों में से इस गिरफ्तारी के बाद शेष 02 अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

    वी-केयर मल्टी ट्रेड प्राइवेट लि. (V-Care Multi trade Pvt. Ltd.) कम्पनी द्वारा कम्पनी आर्टिकल आफ एसोशिएशन कम्पनी एक्ट 1956 के अन्तर्गत कम्पनी का पंजीकरण वर्ष 2008-09 में राजधानी क्षेत्र दिल्ली एवं हरियाणा में कराया गया, जिसका पंजीयन संख्या-U51109DL2008PTC177146 है। कम्पनी का पंजीकृत कार्यालय A 53, प्रशांत विहार नई दिल्ली है। कम्पनी द्वारा A 8, सिन्धु नगर, कृष्णा नगर लखनऊ में क्षेत्रीय कार्यालय खोला गया। यहां रिलाइन्स लाइफ इन्श्योरेन्स कम्पनी, फ्यूचर जनरली लाइफ इन्श्योरेन्स, एगौन लाइफ इन्श्योरेन्स की पॉलिसी वी-केयर मल्टी ट्रेड प्राइवेट लि. कम्पनी के माध्यम से क्रय करने पर ग्राहकों को अनेकों प्रकार के फायदे देने का प्रलोभन दिया गया। लगभग 250 करोड़ रुपए की पॉलिसी कराकर, निवेशकों की निवेशित धनराशि का गबन करके कम्पनी कार्यालय बन्द कर फरार हो गई।

    इस सम्बन्ध में, जनपद लखनऊ के थाना कृष्णानगर एवं थाना आशियाना पर कुल 26 अभियोग पंजीकृत हुए। मामले की विवेचना उत्तर प्रदेश शासन के आदेश से ईओडब्लू (E.O.W.) लखनऊ को आवंटित हुई। उक्त अभियोग की विवेचना के क्रम में ईओडब्लू (E.O.W.) लखनऊ द्वारा अभियोग में नामजद/प्रकाश में आए कुल 23 अभियुक्तों को दोषी पाया गया। इसमें से 19 अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर पूर्व में आरोप पत्र प्रेषित किया जा चुका है। वहीं 01 अभियुक्त की मृत्यु हो चुकी है, शेष 3 अभियुक्तों में से अभियुक्त प्रेम प्रकाश सिंह पुत्र शिवदयाल सिंह निवासी-303, तृतीय तल, अपोजिट जेल, चर्च कॉम्प्लेक्स, मेन रोड़ रांची, झारखण्ड को ई.ओ.डब्लू. (E.O.W) द्वारा कलकत्ता, प्रान्त पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। शेष 02 अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।