पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
नई दिल्ली। दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब समेत सर्दी का सितम झेल रहे उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका कहर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह स्थिति बन सकती है। शुक्रवार की रात से ही इन इलाकों में बारिश शुरू हो सकती है, जो अगले दो दिनों तक जारी रहेगी। यही नहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी में यह बारिश गुरुवार से ही शुरू हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, मुजफ्फराबाद औरउत्तराखंड में बारिश हो सकती है।
ऊपरी इलाकों में बर्फबारी होने की उम्मीद के साथ ही निचले इलाकों में बारिश से पारा और लुढ़कने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और यूपी में बीते कई दिनों से खुलकर धूप नहीं निकल रही है और इसके चलते लोगों को भीषण सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर शीतलहर का कहर लोगों को झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते पारा थोड़ा और लुढ़क सकता है।
21 जनवरी से यहां शुरू हो जाएगी बारिश
इस महीने के अंत तक सर्दी का सितम फिलहाल जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 22 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है। इसके अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तर राजस्थान में 21 जनवरी से बारिश शुरू हो सकती है, जो 22 और 23 जनवरी को और बढ़ जाएगी। मध्य प्रदेश में भी बारिश होगी। हरियाणा और पंजाब में 22 जनवरी को ज्यादा बारिश होने की संभावना है। यही नहीं 22 और 23 जनवरी की बारिश लंबे क्षेत्र में होनी है।
बिहार, झारखंड व सिक्किम तक रहेगा ऐसा मौसम
दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा जैसे उत्तर भारत के राज्यों के अलावा सिक्किम, बंगाल, बिहार, झारखंड यानी पूर्वी भारत में भी 22 और 23 जनवरी को बारिश होगी। इसके अलावा सुबह और रात में मैदानी इलाकों में घना कोहरा जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर यूपी और बिहार के इलाकों में अगले दो दिनों तक शीत लहर का प्रकोप जारी रह सकता है। वहीं हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
26 जनवरी जिले में गणतन्त्र दिवस परम्परागत रूप से पूर्ण हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जायेगा; सीडीओ
समस्त सरकारी भवनों पर झण्डा अभिवादन, राष्ट्रगान होगा। उसके उपरांत संविधान में उल्लिखित संकल्प का कराया जायेगा स्मरण।
बिजनौर। मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश और राष्ट्र के सम्मान एवं गौरव का प्रतीक होता है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि झण्डा रोहण करते समय पूरी सावधानी के साथ उसका फहराया जाना सुनिश्चित करें, झण्डारोहण के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अनियमितता जो राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को प्रभावित करे, बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोविड-19 से बचाव एवं सुरक्षित रखने के लिए शासन द्वारा निर्गत गाईड लाईन का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए गणतंत्रत दिवस को त्योहारों की तरह पूरे उत्साह एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाएं और इस अवसर पर निर्धारित अपने विभागीय कार्यक्रमों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सम्पादित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों के निर्देश दिये कि गणतंत्र दिवस के दिन विशेष सफाई व्यवस्था के साथ विशेष रास्तों एवं भवनों पर चूना डालने का कार्य कराएं तथा शहीद स्थलों पर भी विशेष रूप से सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी श्री सिंह विकास भवन के सभागार में गणतन्त्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने सम्बन्धी बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी 26 जनवरी, 2022 को जिले में गणतन्त्र दिवस परम्परागत रूप से पूर्ण हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जायेगा। इस दौरान सरकारी व अर्द्व सरकारी स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उनके माध्यम से जनसामान्य को गणतन्त्र के महत्व और आवश्यकता के सम्बन्ध में जानकारी दी जायेगी। उन्होंने गणतन्त्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 26 जनवरी, 2022 को प्रातः 8:30 बजे समस्त सरकारी भवनों पर झण्डा अभिवादन, राष्ट्रगान होगा उसके उपरांत संविधान में उल्लिखित संकल्प का स्मरण कराया जायेगा। क्रीड़ा विभाग के माध्यम से 9ः15 बजे से 12ः30 बजे के दरमियान दौड़ का आयोजन तथा 9:30 बजे पुलिस लाईन में परेड का आयोजन होगा। कार्यक्रम में जिले के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों तथा सैन्यबल की विधवाओं व अभिभावकों को ससम्मान आमन्त्रित किया जायेगा। 10 बजे जिले कीे समस्त शिक्षण संस्थानों में झण्डा रोहण के उपरांत राष्ट्रीय गान होगा। अपरान्ह 01ः00 बजे अपर जिलाधिकारी प्रशासन द्वारा कुष्ठ आश्रम में फल वितरण तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला अस्पताल में रोगियों को फल वितरण किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह ने समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को निर्देश देते हुए कहा कि गणतन्त्र दिवस के अवसर पर जिले के समस्त नगरीय क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए तथा शहीद स्मारकों पर भी सफाई एवं प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इस अवसर पर उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियेां को निर्देशित किया कि नगर के प्रमुख मार्गाे पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करायें। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, डीसी एनआरएलएम सहित सभी विभागिय अधिकारी व समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत मौजूद रहे।
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी में एंट्री लेने के साथ ही मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू बीजेपी की पोस्टर गर्ल बन गईं हैं। बीजेपी ने अपर्णा यादव को पोस्टर पर जगह देते हुए कानून व्यवस्था पर विपक्ष को जवाब दिया है। पोस्टर में अपर्णा के अलावा हाल ही में बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में गए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और सांसद संघमित्रा मौर्य को भी शामिल किया गया है। बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने पोस्टर ट्वीट करते हुए लिखा, ”योगी सरकार ने यूपी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया। सुरक्षा जहां बेटियां वहां।” इससे पहले यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी और जेपी नड्डा के साथ अपर्णा की मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”बेटियां वहां… सम्मान और सुरक्षा जहां।
साधे कई कई निशाने- बीजेपी ने इस पोस्टर के सहारे कई निशाने साधे हैं। एक तरफ पार्टी ने अखिलेश यादव को जवाब दिया तो दूसरी तरफ हाल ही में सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को भी घेरा है। स्वामी प्रसाद मौर्य खुद सपा में चले गए हैं, लेकिन बदायूं से बीजेपी के टिकट पर सांसद बनीं उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य ने साफ कर दिया है कि वह बीजेपी में ही बनी रहेंगी। बीजेपी ने इस पोस्टर के जरिए चुनाव से पहले महिला सुरक्षा के मुद्दे पर आधी आबादी को साधने की कोशिश की है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव, अखिलेश यादव का कारवां छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले कई दिनों से जारी इन अटकलों पर अपर्णा यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो कयास लगाए जाने लगे कि रविवार को वह भाजपा का दामन थाम सकती हैं, लेकिन यह मामला परवान चढ़ा बुधवार को।
समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। अपर्णा के भाजपा में शामिल होने को जहां भाजपा अखिलेश यादव की बड़ी नाकामी बताते हुए परिवार तक न संभाल पाने का तंज कस रही है वहीं इस मौके पर अपर्णा यादव ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि वे मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद लेकर आई हैं।
सभी बड़ों का है आशीर्वाद: मीडिया से बातचीत के दौरान अपर्णा ने कहा कि वह परिवार से विमुख नहीं हैं। सभी बड़ों का आशीर्वाद है। भाजपा में शामिल होने को विचारधारा की बात बताते हुए उन्होंने कहा- ‘मैं स्वतंत्र हूं। मुझे पता है मुझे क्या करना है, इसलिए बीजेपी में आई हूं। बीजेपी के भी सभी बड़ों ने मुझे आशीर्वाद दिया है। वह जरूर मेरे लिए कुछ अच्छा करेंगे। अपर्णा से जब यह पूछा गया कि यदि आप चुनाव लड़ती हैं तो क्या मुलायम आपके लिए प्रचार करेंगे तो अपर्णा ने कहा कि मुझे उनका आशीर्वाद प्राप्त है, बाकी बातें बाद की हैं।
मोदी योगी के लिए राष्ट्रधर्म सबसे ऊपर: अपर्णा यादव ने पीएम मोदी और सीएम योगी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके लिए राष्ट्रधर्म सबसे ऊपर है। बीजेपी में शामिल होने के अपने फैसले पर अपर्णा यादव ने कहा कि मैंने राष्ट्र को हमेशा अपना धर्म माना है। हमेशा राष्ट्र के लिए ही फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मैं बहुत प्रभावित हूं। उनकी नीतियां मुझे नैतिक रूप से अच्छी लगती हूं। इन्हीं कारणों से आज भाजपा ज्वाइन की है। यह पूछे जाने पर कि क्या अखिलेश यादव और सपा राष्ट्रधर्म का निर्वहन नहीं करती?, अपर्णा यादव ने कहा कि वह परिवार से विमुख होकर कोई बात नहीं कहना चाहतीं। मेरा निजी विचार है कि पिछले पांच वर्षों में सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में जिस तरह काम किया है, जितनी योजनाएं चलाई हैं, वे प्रभावशाली हैं। लखनऊ कैंट से चुनाव लड़े जाने के सवाल पर अपर्णा ने कहा कि वह किसी शर्त के तहत भाजपा में नहीं आई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलेगा और उत्तर प्रदेश में उसी की सरकार बनेगी।
राष्ट्र की अराधना करने निकली अपर्णा: उन्होंने कहा, ‘सभी लोग जानते हैं कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित रही हूं। मेरे चिंतन में राष्ट्र सबसे पहले है। राष्ट्र का धर्म मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। मैं राष्ट्र की अराधना करने निकली हूं। इसमें मुझे सबका सहयोग चाहिए।’ अपर्णा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं खासकर स्वच्छ भारत अभियान और महिलाओं तथा बेरोजगारों के लिए शुरू की गई योजनाओं की तारीफ की।
राजनैतिक सफर- अपर्णा बिष्ट यादव लखनऊ की कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2017 में विधानसभा लड़ चुकी हैं। अपर्णा पहले सीएम योगी से मुलाकात कर चुकी हैं और समय-समय पर पीएम मोदी व सीएम योगी की प्रशंसा करती रहती हैं। अपर्णा बिष्ट यादव को योगी सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है।
विदित हो कि मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव और अपर्णा ने सालों के प्रेम संबंध के बाद 2011 में शादी की थी। 2011 में हुई ये शादी शहर की चर्चित शादियों में से एक थी। अपर्णा-प्रतीक की इस शादी में अनिल अंबानी, अमिताभ बच्चन सरीखे सेलिब्रेटीज शामिल हुए थे। अर्पणा बिष्ट यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है।
पत्नी को राजनीति में देखना चाहते हैं प्रतीक जानकारों की मानें तो प्रतीक खुद राजनीति में नहीं आना चाहते, वो अपनी पत्नी अपर्णा यादव को राजनीति में देखना चाहते हैं। अपनी पत्नी अपर्णा को प्रतीक हर तरह की आजादी देते हैं। इसका उदाहरण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करके अपर्णा यादव सुर्खियों में आ गई थीं।
एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत चांदपुर क्षेत्र में आगामी सामान्य निर्वाचन विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने पैदल मार्च निकाला। चांदपुर के संवेदनशील क्षेत्रों में भी की जाएगी एरिया डोमिनेशन की कार्यवाही। असामाजिक तत्व और गुंडा तत्व को दी जा रही है सख्त चेतावनी। जनता फ्रीफेयर होकर मतदान करें पुलिस चुनाव की कार्यवाही में लगी हुई है-अपर पुलिस अधीक्षक राम अर्ज।
बिजनौर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत चांदपुर क्षेत्र में पैदल मार्च निकाला।
चुनाव आचार संहिता लगते ही पुलिस फोर्स अलर्ट हो गई है। पुलिस और बीएसएफ के जवान पैदल मार्च निकालकर लोगों को भय मुक्त कर रहे हैं तथा जनता को बता रहे हैं कि आने वाले चुनाव को लेकर शांति से आप लोग मतदान करें। बिजनौर पुलिस ने चुनावी तैयारियों को पूरा कर लिया है। जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में 14 फरवरी को भयमुक्त और निष्पक्ष होकर बढ़-चढ़कर चुनाव करें।
चांदपुर और क्षेत्र में पुलिस ने एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत पैदल मार्च की कार्यवाही कर रही है तथा अति संवेदनशील क्षेत्र में जाकर भी एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पैदल मार्च के दौरान गुंडा तत्वों और असामाजिक तत्व को चुनाव के दौरान गुस्ताखी ना करने की सख्त चेतावनी दी। पैदल मार्च में अपर पुलिस अधीक्षक राम अर्ज, कोतवाल मनोज कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर अता मोहम्मद सहित पुलिस फोर्स और बीएसएफ के जवान मौजूद रहे।
एसपी ग्रामीण राम अर्ज ने बताया कि जनपद में सामान्य निर्वाचन विधानसभा चुनाव 2022 संपन्न होना है। उसी को लेकर पुलिस तैयारियों में लगी हुई है। इस के तहत पुलिस फोर्स और बीएसएफ के जवानों के साथ एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत चांदपुर कस्बे में पैदल मार्च किया गया। चांदपुर क्षेत्र में और जगह भी पैदल मार्च किया जायेगा। अति संवेदनशील इलाकों का भी भ्रमण किया जाएगा। सामान्य निर्वाचन आगामी विधानसभा चनाव 14 तारीख को जनपद में मतदान होना है, जनता उसमें फ्री फेयर होकर मतदान करे। इसके लिए हम सारी तैयारियां कर रहे हैं। चुनाव के संबंध में जो भी कार्यवाही की जानी है, वह हम कर रहे हैं ताकि 14 तारीख का सामान्य निर्वाचन चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो।
रामअर्ज एएसपी
क्षेत्र में और जगह भी एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत पैदल मार्च किया जाएगा, जो भी असामाजिक तत्व हैं, गुंडा तत्व हैं, उनको संदेश दिया जा रहा है कि किसी तरह की भी गुस्ताखी करने का प्रयास ना करें। गुस्ताखी करने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। सरकार द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन जारी की गई है, उसका सभी लोग कड़ाई से पालन करें क्योंकि संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। फोर्स के लोग भी बूस्टर वैक्सीन लगवा रहे हैं। सभी लोगों से अपील है कि 2 गज की दूरी व मास्क का कड़ाई से पालन करें। सभी लोगों से अपील है कि सामान्य निर्वाचन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और निष्पक्ष और फ्रीफेयर होकर मतदान करें पुलिस उनकी सेवा में लगी हुई है।
चांदपुर पुलिस ने अवैध शराब सहित माफिया को किया गिरफ्तार, बरामद 2300 लीटर लाहन को पुलिस ने किया नष्ट
बिजनौर (इमरान अंसारी)। चांदपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर खेत में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाकर बेच रहे एक शराब माफिया को मौके से गिरफ्तार किया है। लगभग 50 लीटर अवैध कच्ची शराब, ₹910 नगद के अलावा शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 2300 लीटर बरामद लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
चांदपुर पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब मुखबिर की सूचना पर कच्ची शराब बनाकर बेचते हुए एक शराब माफिया को लगभग 50 लीटर शराब तथा मय उपकरण के गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम बसंतपुर के पास खेत में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने के स्थान पर छापा मारा। पुलिस को करीब 40 लीटर कच्ची शराब, एक जरीकेन में 5 लीटर तथा सफेद थैले में प्लास्टिक की पन्नी के पाउच लगभग 5 लीटर व 910 रुपए नकद तथा शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए।
उप निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम बसंतपुर निवासी हरिओम पुत्र सीताराम को गिरफ्तार किया गया है। मौके से करीब 23 सौ लीटर शराब बनाने में काम आने वाला लाहन भी बरामद हुआ। जिसे नष्ट कर दिया गया। आरोपी को धारा 60 के तहत गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया गया है।
मंडल रेल प्रशासन ने महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की कही थी बात। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने किया खुलासा।
नजीबाबाद (बिजनौर)। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की बात करने वाला मंडल रेल प्रशासन अब अपनी बात से पलट गया और कहा कि महाप्रबंधक को मीडिया से ना मिलने संबंधित कोई आदेश जारी नहीं किए गए थे। उल्लेखनीय हो कि 27 दिसंबर 2021को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल नजीबाबाद रेलवे स्टेशन का एक दिवसीय निरीक्षण करने आए थे, जिसमें उन्होंने विभिन्न कार्यालय अनुभागों आदि का निरीक्षण किया था। निरीक्षण से पूर्व रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा कह दिया गया था कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे किसी भी जनप्रतिनिधि या फिर मीडिया से कोई वार्ता नहीं करेंगे। जब इस बात की जानकारी आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा को लगी तो उन्होंने खुद मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद अजय नंदन से इस संबंध में मोबाइल पर वार्ता की, जिस पर मंडल रेल प्रबंधक ने आरटीआई कार्यकर्ता से कहा कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे आशुतोष गंगल का जनप्रतिनिधियों और मीडिया से कोई मिलने का कार्यक्रम नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता ने रेल मंत्री भारत सरकार से की शिकायत में अवगत कराया कि किस प्रकार से महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को जनप्रतिनिधियों तथा मीडिया से अलग रखकर सरकार की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने से रोका जा रहा है, जो कि गलत है। रेल मंत्रालय ने इस संबंध की जांच सहायक महाप्रबंधक उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस को सौंपी। उपसचिव शिकायत कार्यालय बड़ोदा हाउस नई दिल्ली ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय मुरादाबाद से रिपोर्ट मांगी, जिस पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद में अपनी आख्या रिपोर्ट में कहा कि महाप्रबंधक के बाद के दौरान जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को उनसे ना मिलने देने संबंधी कोई भी आदेश जारी नहीं किए गए थे और इसकी भी विधिवत सूचना पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों को दी गई थी। वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान नजीबाबाद और धामपुर में जनप्रतिनिधियों ने महाप्रबंधक से बैठक कर बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा इस तरह अपनी बात से पलट जाने को आरटीआई कार्यकर्ता ने एक चमत्कार बताया है। उन्होंने कहा कि किस प्रकार से झूठ बोला जा रहा है जबकि उनके द्वारा खुद इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद से जब वार्ता की गई थी और उन्होंने साफ इंकार कर दिया था कि मीडिया से मिलने का कोई कार्यक्रम महाप्रबंधक उत्तर रेलवे का नहीं है। उन्होंने पुनः जॉच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आए तथा भविष्य में पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उनसे दूर न रखा जाए।
बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राजा भारतेंद्र सिंह का चुनावी अभियान तेजी पकड़ता जा रहा है। जनसंपर्क अभियान में पूर्व सांसद को भारी जनसमर्थन भी मिल रहा है।
इसी क्रम में नजीबाबाद विधानसभा अंतर्गत भागुवाला मन्डल के ग्राम गढ़वाला, पदारथपुर, खलीलपुर व मुख्त्यारपुर में भाजपा प्रयाशी राजा भारतेंद्र सिंह द्वारा गांव में डोर टू डोर जनसंपर्क किया गया। इस दौरान उन्होंने लोगों को मोदी जी तथा योगी जी द्वारा चलाई गई योजनाओं से अवगत कराया एवं लोगों से कमल के फूल पर वोट डालने की अपील की। लोगों ने भी उन्हें वोट व सपोर्ट का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, मंडल अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, चौधरी इसम सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख पंकज चौधरी, मा. कर्ण सिंह, मयंक चौहान, अशोक राजपूत, दीपक बाल्मीकि, रितेश सेन, गौतम सिंह, सुशील प्रधान, सचिन कुमार, अनुज कुमार, योगेश राजपूत समेत काफी समर्थक मौजूद रहे।
BSNL ने डेली 3GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ निकाला एक्स्ट्रा वैलिडिटी का प्लान। बिगाड़ा दूसरी कंपनियों का खेल।
नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकारी टेलिकॉम कंपनी BSNL अपने प्रीपेड प्लान्स और ऑफर्स से प्राइवेट कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही है। इसी कड़ी में बीएसएनएल अपने 2399 रुपये वाले ऐनुअल प्लान में 90 दिन की एक्स्ट्रा वैलिडिटी ऑफर कर रहा है। कंपनी ने इस ऑफर घोषणा पिछले महीने की थी और यह 15 जनवरी को खत्म होने वाला था। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और यूजर्स की डिमांड को देखते हुए बीएसएनएल का यह ऑफर अभी भी लाइव है। 2399 रुपये वाले प्लान में कंपनी 365 दिन की वैलिडिटी देती है, लेकिन इस ऑफर के साथ प्लान की वैलिडिटी बढ़कर 455 दिन की हो जाती है।
इसी तरह बीएसएनएल अपने तीन महीने की वैलिडिटी वाले प्लान में भी दूसरी कंपनियों के मुकाबले बेहतर बेनिफिट दे रहा है। जियो से तुलना करें तो जियो अपने यूजर्स 666 की कीमत में 84 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान ऑफर करता है, जिसमें डेली 1.5जीबी डेटा मिलता है। वहीं, बीएसएनएल का क्वॉटर्ली प्लान 485 रुपये का है और इसमें आपको 90 दिन की वैलिडिटी और डेली 1.5जीबी डेटा मिलेगा।
जियो के 2999 रुपये वाले प्लान में 365 दिन की वैलिडिटी जियो के इस प्लान में एक साल की वैलिडिटी मिलती है। इंटरनेट यूज करने के लिए कंपनी इस प्लान में हर दिन 2.5 जीबी डेटा देती है। अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग के साथ आने वाले इस प्लान आपको डेली 100 फ्री एसएमएस का भी फायदा होगा। वहीं, बीएसएनएल के 2399 रुपये वाले प्लान में आपको हर दिन 3जीबी डेटा और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग जैसे बेनिफिट मिलेंगे।
झालू (बिजनौर)। विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत पुलिस व सीमा सुरक्षा बल ने संयुक्त रूप से झालू व निकटवर्ती ग्रामों में फ्लैग मार्च निकाला। अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण रंजन सिंह के नेतृत्व में पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलदीप गुप्ता, हल्दौर कोतवाल उदय प्रताप सिंह, झालू चौकी प्रभारी हरीश कुमार व विनोद कुमार के अलावा भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कमांडर राकेश कुमार ने अपनी कंपनी व भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। झालू चौकी से प्रारंभ करते हुए मोहल्ला रामलीला, महाजनान, मेन बाजार, छतरी वाला कुआं, सादात, नसिरीयान होते हुए फ्लैग मार्च निकाला गया।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि आगामी 2022 विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत थाना क्षेत्र के ग्राम खारी, धर्मपुरा, रसूलपुर आबाद, चिडिया खेड़ा, कान्हा नंगला, रुकनपुर, नांगल जट, इनामपुरा, कस्बा हल्दौर, बल्दीया, बिसाठ, शेरपुर, कल्याण, अमहेडा, धनोरी, पावटी, ताहरपुर, करनपुर गावड़ी, फजलपुर ढाकी, गाजीपुर, उमरीबड़ी, खासपुर, बमनोला, अथाई जमरुद्दीन, सोत खेरी, भानीपुर, महमदाबाद में पुलिस व बीएसएफ द्वारा आमजन की सुरक्षा व विश्वास कायम रखने तथा शरारती तत्व, उपद्रव मचाने वालों में भय पैदा करने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है।
फ्लैग मार्च में सिपाही नरेश पूनिया, अनुज पवार, गुलाब सिंह, रोहित त्यागी, प्रमोद कुमार, सुनील मलिक, शोएब अहमद आदि समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
पिछले दिनों पत्रकार-इतिहासकार सुधीर सक्सेना की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ में मुक्तिसंग्राम और आदिवासी’ पढ़ते हुए 57 की क्रांति में छत्तीसगढ़ में विद्रोह की ज्वाला भड़काने वाले वीर नारायण सिंह के साथ हनुमान सिंह की वीरगाथा सामने आई। गाथा में इस बात का जिक्र पढ़कर मन और गौरवान्वित हो गया कि अंग्रेजी सेना के शिविर में ही सार्जेंट कैप्टन सिडवेल की तलवार के वार से हत्या करने वाले 5 फीट 4 इंच लंबे बलिष्ठ वीर हनुमान सिंह बैसवारे ( उत्तर प्रदेश के रायबरेली-उन्नाव के विशेष भू-भाग को मिलाकर बना क्षेत्र) के ही रहने वाले थे। पुस्तक में संदर्भ के तौर पर इतिहासकार डॉ राम कुमार बेहार किताब ‘छत्तीसगढ़ का इतिहास’ को भी उद्धृत किया गया। इतिहास कि इन किताबों में दर्ज संक्षिप्त कथा बताती है कि बैसवारे के इस गुमनाम योद्धा वीर हनुमान सिंह ने छत्तीसगढ़ में महाविद्रोह के समय रायपुर (छत्तीसगढ़ की राजधानी) में आज से 163 साल पहले 18 जनवरी 1858 को अंग्रेजी सेना के कैंप में कैप्टन सिडवेल को तलवार के वार करके मार डाला था। कैप्टन सिडवेल के नेतृत्व में नागपुर से 100 सैनिकों की अंग्रेजी पल्टन को छत्तीसगढ़ में विद्रोह दबाने के लिए रायपुर भेजा गया था। इसी पल्टन में बैसवारे के वीर हनुमान सिंह मैगजीन लश्कर के रूप में शामिल थे। छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महानायक पहाड़ी अंचल सोनाखान के जमींदर वीर नारायण सिंह को 10 दिसंबर 1857 को खुलेआम रायपुर के प्रमुख चौराहे पर तोपों से उड़ा दिया गया। वीर नारायण सिंह को चौराहे पर तोपों से उड़ाकर छत्तीसगढ़ अंचल में महाविद्रोह को दबाने की चेष्टा अंग्रेज हुकूमत ने की थी। अंग्रेजों ने यह मान लिया था कि अब छत्तीसगढ़ अंचल में विद्रोह नहीं होगा लेकिन उन्हें यह अंदाज नहीं था कि क्रांति की ज्वाला उनके अपने सैन्य शिविर में ही धधक रही है। वीर नारायण सिंह की शहादत पर वीर हनुमान सिंह का खून खौल उठा और बदला लेने के लिए ही उन्होंने 18 जनवरी 1858 की रात अपने दो साथियों की मदद से कैप्टन सिडवेल को तलवार से 9 वार करके मौत की नींद सुला दिया था। सिडवेल को मारने के बाद वीर हनुमान सिंह ने सैन्य शिविर में घूम घूम कर बदला लेने का ऐलान किया और भारतीय सिपाहियों को विद्रोह में शामिल होने के लिए खुले रुप में साथ देने के लिए ललकारा लेकिन कोई दूसरा सिपाही उनकी जैसी हिम्मत नहीं जुटा पाया। सिडवेल की हत्या के बाद अंग्रेजी सेना के शिविर में हड़कंप मच गया। अंग्रेजी सेना ने हनुमान सिंह का साथ देने वाले दोनों सिपाहियों को पकड़ लिया लेकिन वीर हनुमान सिंह साथियों का साथ ना मिलने पर छत्तीसगढ़ अंचल के पहाड़ी जंगलों में छिप गए। सिडवेल की हत्या के बाद भी वीर हनुमान सिंह का अंग्रेजों से बदला लेने का जज्बा कम नहीं हुआ। 2 दिन बाद 20 जनवरी 1858 की आधी रात को वीर हनुमान सिंह तलवार लेकर अकेले ही शेर की मांद में शेर के शिकार का जज्बा रखते हुए रायपुर के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट चार्ल्स इलियट की हत्या के इरादे से उसके बंगले में घुसे और इलियट जिस कमरे में सो रहा था, उसका दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया लेकिन दरवाजे के मजबूत होने से प्रयास असफल रहा। इसके बाद अपनी खून की प्यासी तलवार के साथ वीर हनुमान सिंह छत्तीसगढ़ के जंगलों और पहाड़ों में गुम हो गए। उसके बाद उनका कोई भी पता नहीं चला। चार्ल्स इलियट के आदेश पर ही वीर नारायण सिंह को रायपुर के चौराहे पर तोपों से उड़ा दिया गया था। इसीलिए वीर हनुमान सिंह इलियट को भी मार डालना चाहते थे लेकिन उनके मजबूत इरादों पर एलियट के बंगले के मजबूत दरवाजों ने पानी फेर दिया। अंग्रेज हुकूमत ने उनको पकड़ने के लिए हजारों जासूसों और गुप्तचरों का जाल बिछाया। ₹500 का इनाम भी घोषित किया (यह आज के 5 लाख रुपए से ज्यादा ही है) लेकिन अंग्रेज सेना वीर हनुमान सिंह को पकड़ने में कभी भी कामयाब नहीं हो सकी। बैसवारे के महानायक राना बेनी माधव बक्श सिंह की तरह ही वीर हनुमान सिंह भी अंग्रेजों के हत्थे नहीं चढ़े। राना बेनी माधव की तरह बाकी का जीवन उन्होंने जंगलों-पहाड़ों में ही गुजार कर जीवन लीला पूरी की। रायपुर के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट चार्ल्स इलियट के साथ उस रात बंगले में ही सोए हुए लेफ्टिनेंट स्मिथ ने उस रात के भयानक मंजर के बारे में लिखा भी-"यदि उस रात हम लोग जगाए ना गए होते तो लेफ्टिनेंट इलियट और मैं तो सोए सोए ही काट डाले गए होते और बंगले के अंदर अन्य निवासियों का भी यही हाल हुआ होता।"
सिडवेल की हत्या के तुरंत बाद अंग्रेज सेना ने वीर हनुमान सिंह के दो साथ ही सिपाहियों को कैद कर लिया था। डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट चार्ल्स इलियट की अदालत में सुनवाई चली और 2 दिन बाद ही रायपुर के चौराहे पर सरेआम वीर हनुमान सिंह के नेतृत्व में अल्पकालिक विद्रोह में साथ देने वाले उनके 17 साथियों-गाजी खान (हवलदार), अब्दुल हयात, ठाकुर सिंह, पन्नालाल, मातादीन, ठाकुर सिंह, अकबर हुसैन, बुलेहू दुबे, लल्ला सिंह, बदलू, परमानंद, शोभाराम, दुर्गा प्रसाद, नजर मोहम्मद, देवीदीन और जय गोविंद (सभी गोलंदाज) को 22 जनवरी 1957 को खुलेआम फांसी पर चढ़ा कर सजा-ए-मौत दे दी गई। (रायपुर गजेटियर पेज 71)
वीर हनुमान सिंह छत्तीसगढ़ में सन’ 57 की क्रांति के अग्रणी नायकों में गिने-माने जाते हैं। हालांकि महाविद्रोह की चर्चा जब भी चलती है, तब छत्तीसगढ़ अंचल से वीर नारायण सिंह का ही नाम लिया जाता है, जबकि हनुमान सिंह का दुस्साहस और शौर्य वीर नारायण सिंह से ज्यादा बड़ा था। वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत द्वारा अपनी ज़मीदारी छीने जाने के विरोध में विद्रोह किया था लेकिन वीर हनुमान सिंह तो एक साधारण सिपाही थे। उनकी संपत्ति अंग्रेजों ने जब्त नहीं की थी। इतिहास में उन्हें वीर नारायण सिंह से ज्यादा नहीं तो कम भी आंका नहीं जाना चाहिए था लेकिन इतिहास ने वीर हनुमान सिंह के साथ न्याय नहीं किया। इतिहासकार मानते हैं कि अगर अंग्रेजी सेना के भारतीय सिपाहियों ने साथ दिया होता तो वीर हनुमान सिंह की बहादुरी से छत्तीसगढ़ अंचल में एक बार फिर क्रांति की ज्वाला भड़क उठती। अंग्रेजों को छत्तीसगढ़ छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता। रायबरेली-उन्नाव के विशेष भू-भाग को मिलाकर बना बैसवारा अपने शौर्य और वीरता के लिए जाना जाता है। प्रथम स्वाधीनता संग्राम में राना बेनी माधव सिंह (शंकरपुर-रायबरेली) और राजा राव राम बक्श सिंह (बक्सर-उन्नाव) की शौर्य गाथा यहां जन-जन के मन में बसी है। 1857 के विद्रोह में बेगम हजरत महल का साथ देने वाले राना बेनी माधव बख्श सिंह के किले को अंग्रेजों ने तोपों से उड़ा दिया था। राना बेनी माधव बहराइच होते हुए हिमालय की वादियों में खो गए। अंग्रेज हुकूमत उनका कोई पता नहीं लगा पाई। राजा राव राम बक्स सिंह अंग्रेजों ने बक्सर में पेड़ पर सरेआम फांसी पर लटकाकर विद्रोह को कुचलने की हिमाकत की थी। '57 की क्रांति के इस गुमनाम योद्धा ने छत्तीसगढ़ अंचल में अकेले ही क्रांति की लौ जलाकर अपना और बैसवारे का नाम इतिहास में हमेशा-हमेशा के लिए अमर कर दिया। समय रहते समाज और सरकार की ओर से वीर हनुमान सिंह के इतिहास को ढूंढने का उद्यम किया जाता तो आज वह अपने बैसवारे में ही गुमनाम न होते। होना तो यह चाहिए था कि 18 जनवरी (अंग्रेजी सैन्य अफसर सिडवेल की हत्या की तारीख) को उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ अंचल में शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता। दुर्भाग्यवश अपने इस महान सपूत के बारे में बैसवारे के लोग भी डेढ़ सौ वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद अपरिचित ही हैं जबकि जरूरत थी कि वीर हनुमान सिंह की गौरव गाथा का गान राना बेनी माधव सिंह एवं राजा राव राम बक्स सिंह की तरह ही इस अंचल में जन-जन के बीच गाया जाता। आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। इस अमृत महोत्सव में भी आजादी का यह महानायक विस्मृत ही है। न छत्तीसगढ़ की सरकार ने वीर हनुमान सिंह को वह सम्मान दिया और न उत्तर प्रदेश सरकार ही सम्मान देने के बारे में सोच पाई है। समाज तो सोया हुआ है ही।
बैसवारे के इस गुमनाम योद्धा को शौर्य दिवस (18 जनवरी 1858) पर कोटि-कोटि नमन!!
पुलिस अधिकारियों की बैठक में एसपी सिटी डॉ, प्रवीन रंजन ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश
बिजनौर। विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने पुलिस लाइन में सैक्टर पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें चुनाव से सम्बंधित आवश्यक दिशा – निर्देश दिये। बैठक में एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने सैक्टर प्रभारियों को हिदायत दी कि वे अपने-अपने सैक्टरों में मतदान केंद्रों का पहले से भ्रमण कर लें और अपने चौकी, हलका व थाना प्रभारियों के फोन नम्बर चस्पां करा दें । मतदान केंद्रों पर लोगों की बैठक लेकर उन्हें एमसीसी के बारे में बतायें और सख्ती से उसके अनुपालन की हिदायत दे दें। जिन मतदान केंद्रों पर चार बूथ या उससे अधिक हों और वहां चारदीवारी न हो, ऐसी स्थिति में राजस्व विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर बैरिकेडिंग करा दें। मतदान केंद्र के अंदर असामाजिक तत्वों, ट्रबुल मैकर की पहचान कर उन्हें लाल कार्ड दे दें और प्राप्ति के हस्ताक्षर करा लें। मतदान केंद्रों के आसपास के पांच – पांच व्यक्तियों को पीला कार्ड दे दें और उनके मोबाइल नम्बर नोट कर उन्हें हिदायत दें कि मतदान वाले दिन वे अपना मोबाइल फोन खुला रखें, कोई समस्या हो तो पुलिस अधिकारियों को तुरंत अवगत करायें । कुछ भले लोगों को अपने विवेक से हरे कार्ड भी उपलब्ध करायें। इन कार्डों पर पुलिस अधिकारियों के नम्बर अंकित हैं। मतदान केंद्रों पर पर्ची का बस्ता लगाने वाले राजनीतिक दलों के लोगों की पहले से जानकारी कर लें और उन्हें ब्रीफ कर दें। उनके लिये स्थान चिन्हित कर उन्हें बता दें। मतदान के 48 घंटे पूर्व से किसी भी दशा में शराब या अन्य कोई सामग्री वितरित न होने पाये, इसके लिये सैक्टर प्रभारी पहले से पुख्ता जाल बिछा दें। मतदान की पूर्व संध्या पर मतदान केंद्रों पर मतदान पार्टियों एवं पुलिस बल को चैक कर अपने थाना प्रभारी कंट्रोल रूम, चुनाव कार्यालय को रिपोर्ट करें कोई समस्या हो तो अधिकारियों को अवगत करायें । मतदान केंद्रों पर जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगे उन्हें तमाम बारीकियां पहले से समझा दी जायें। एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। कोई भी पुलिसकर्मी चुनावों के दौरान अनावश्यक रूप से किसी का विरोध या फेवर किसी भी हालत में न करे। यदि शिकायत मिली तो ऐसे पुलिसकर्मी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। चुनावों के दौरान न किसी का विरोध करने न फेवर।
अधिसूचित विभाग के कर्मचारी अपने मताधिकार का प्रयोग पोस्टल बैलट के माध्यम से कर सकते हैं,डीएम
बिजनौर। भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आवश्यक सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र की सुविधा प्रदान की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आयोग द्वारा आवश्यक सेवाओं से संबंधित अधिसूचित विभागों में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, डाक विभाग, परिवहन विभाग, रेलवे, विद्युत विभाग, नागरिक उड्डयन विभाग, मेट्रो रेल कारपोरेशन उत्तर प्रदेश, दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो तथा भारत संचार निगम लिमिटेड को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त विभागों से संबंधित यदि कोई कर्मचारी, जो पोस्टल बैलट के माध्यम से मतदान करना चाहता है तो वह फार्म – 12 घ पूर्ण रूप से भरकर अपने विभाग अध्यक्ष से प्रमाणित कराते हुए नाम निर्देशन के अंतिम दिनांक से पूर्व संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरे विश्व में मॉडल के रूप में देखा जाता है। भारतीय लोकतंत्र की इस गौरवशाली उपलब्धि को क़ायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है और हम मिलकर इसको बनाए रखने में अपना धर्म निभाएं-जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा। विवेक कॉलेज में पीठासीन अधिकारी/मतदान अधिकारी प्रथम के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस मतदान कार्मिकों को दो पालियों में उपलब्ध कराया गया प्रशिक्षण। अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरूद्व होगी कड़ी कार्यवाही-जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा।
बिजनौर। जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि मतदान सम्पन्न कराने में पीठासीन अधिकारी/मतदान अधिकारियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः समस्त संबंधित अधिकारी पूरे मनोयोग और ध्यानपूर्वक प्रशिक्षण ग्रहण करें और अपनी किसी भी शंका का समाधान प्रशिक्षण स्थल पर ही मास्टर ट्रेनर से निश्चित रूप से करा लें। उन्होंने सलाह देते हुए यह भी कहा कि मतदान कार्मिकों के दायित्वों से संबंधित इन्टरनेट पर उपलब्ध वीडियो से भी सहयोग लिया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिये कि समस्त पीठासीन अधिकारी मतदान से पूर्व आयोग की निर्देशिका का गहनता से अध्यन करें और उसमें दिये गये निर्देशों का शत प्रतिशत कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि का अंदेशा न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि चुनाव डयूटी के दौरान कोई भी मतदान कार्मिक बिना मास्क पहने न रहे और अपने पास सेनिटाइजर भी रखें और समय समय पर उसका प्रयोग भी अनिवार्य रूप से करते रहें।
उमेश मिश्रा विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के अंतर्गत मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए विवेक कालेज, बिजनौर में आयोजित पीठासीन अधिकारी सहित मतदान कार्मिकों के प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम दिसव के अवसर पर निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की धाक जमी हुई है क्योंकि विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की निर्वाचन व्यवस्था सबसे स्वच्छ, निष्पक्ष और स्वस्थ है, यही कारण हैैं कि हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरे विश्व में मॉडल के रूप में देखा जाता है। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि भारतीय लोकतंत्र की इस गौरवशाली उपलब्धि को क़ायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है और हम इसको बनाए रखने में अपना धर्म निभाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण है इसलिए समस्त संबंधित अधिकारी ध्यानपूर्वक और गम्भीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपनी शंकाओं का समाधान उपस्थित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से मौके पर ही करा लें ताकि मतदान के समय किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो सके। उन्होंने समस्त पीठासीन अधिकारी/मतदान अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरी निर्भीकता और स्वतंत्रता के साथ अपने दायित्वों को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता, स्वतंत्रा और सुरक्षात्मक रूप से निर्वहन करें, उनकी सुरक्षा के लिए हर समय पुलिस बल मौजूद रहेगा तथा मतदान स्थल पर उन के लिए खान-पान एवं शौचालय आदि की व्यवस्था भी उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जो मतदान कार्मिक अनुपस्थित पाया जाता है, उसके विरूद्व एफआईआर दर्ज कराते हुए निर्वाचन आयोग की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर जिला अर्थ एंव संख्याधिकारी डा0 हरेन्द्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव, जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी, मास्टर ट्रेनर एवं मतदान कार्मिक मौजूद थे।
बिजनौर। मोहल्ला चाहशीरी बी 24 मोहम्मद मुस्तकीम के आवास पर विश्व मानवाधिकार परिषद की एक बैठक हुई। जिला अध्यक्ष विश्व मानवधिकार परिषद नदीम अहमद ने बताया कि मानव अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है। जब तक लोगों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं होगी तो वह ना अपने अधिकारों को ले सकते हैं और ना अपनी रक्षा कर सकते हैं। विश्व मानवाधिकार परिषद के कार्यकर्ता मानव अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे।
बैठक में विश्व मानव अधिकार परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारी मोहम्मद अफजाल जिला उपाध्यक्ष, मोहम्मद आसि जिला सचिव, डॉ अनवर अहमद जिला उपाध्यक्ष, राहुल कुमार गौतम सिटी अध्यक्ष को विश्व मानवधिकार परिषद का सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड दे कर जनता के हित में काम करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मोहम्मद मुस्तकीम शमशेर आलम नाजिम सिद्दीकी मोहम्मद आरिफ आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के अंतर्गत कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नामांकन केंद्रों का किया निरीक्षण।
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के अंतर्गत सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट कैंपस स्थित नामांकन कक्षों का निरीक्षण करते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी कक्षाओं में आरओ तथा स्टाफ के बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ कंप्यूटर एवं सीसी कैमरों की भी समुचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक कक्ष के बाहर निश्चित रूप से रैंप बनवाएं ताकि बुज़ुर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों को कक्ष में प्रवेश करने में किसी प्रकार की कोई असुविधा न होने पाए। इस अवसर पर उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष के सामने निर्मित होने वाले नए भवन भी का निरीक्षण किया, जहां दो विधानसभा क्षेत्रों के नामांकन कक्ष बनाए जाएंगे। उन्होंने कार्यदाई संस्था को निर्देश दिए कि कल सुबह तक दोनों कक्षों को तैयार करना सुनिश्चित करें ताकि उनमें समय पूर्वक सभी सामग्री एवं उपकरण आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ प्रवीण रंजन तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम क्षेत्र के 19 संगठनात्मक जिलों के मीडिया प्रभारियों की वर्चुअल बैठक संपन्न हुई। बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व विधानसभा चुनाव में पश्चिम क्षेत्र के मीडिया समन्वयक आलोक अवस्थी ने उप्र विधानसभा चुनाव-2022 को लेकर मीडिया प्रभारियों को उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी दी। प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटों पर प्रथम व दूसरे चरण में चुनाव संपन्न होगा। इसके लिए सभी मीडिया प्रभारियों को कमर कस कर पार्टी के मीडिया विभाग द्वारा बताए गए कार्यों को समय रहते प्रतिदिन पूर्ण करना है। सभी मीडिया प्रभारियों को प्रतिदिन शाम को दिन भर किए गए कार्यों की रिपोर्टिंग क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा और सह मीडिया प्रभारी निमित जायसवाल को सोशल मीडिया व वर्चुअल माध्यम से प्रेषित करनी है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय मीडिया टीम और प्रदेश मीडिया टीम के सदस्य सभी जिलों व विधानसभाओं में प्रवास करेंगे। बैठक में बिजनौर से मीडिया प्रभारी के रूप में विक्रान्त चौधरी सहित पश्चिम क्षेत्र के संगठनात्मक 19 जिलों के मीडिया प्रभारी व सह मीडिया प्रभारी उपस्थित रहे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, फूड डिलीवरी कंपनी से खाना मंगाना पड़ा भारी, सब्जी में निकली छिपकली
नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रेस्टोरेंट से मंगाई गई सब्जी में छिपकली निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। एप से बुकिंग कर होम डिलीवरी करने वाली कंपनी के माध्यम से यह भोजन मंगाया गया था। युवक ने मामले की शिकायत ट्विटर के माध्यम से संबंधित कंपनी से शिकायत की है। कंपनी ने जांच का भरोसा दिया है।
कंपनी ने जांच का आश्वासन दिया
कॉस्तव कुमार सिन्हा नाम के युवक ने अपने ट्विटर हैंडल से वीडियो शेयर किया है। इसमें आरोप लगाया कि उन्होंने पंजाबी रसोई रेस्टोरेंट से शुक्रवार को भोजन का ऑर्डर जोमैटो के माध्यम से किया था। रेस्टोरेंट से मंगाई गई सब्जी में छिपकली निकली। उन्होंने रेस्टोरेंट संचालक के साथ जोमैटो के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कंपनी ने ट्विटर पर इस मामले का संज्ञान लिया है। इस मामले में कंपनी ने जांच का आश्वासन दिया है। पीड़ित ने सवाल खड़ा किया कि जांच होने तक बहुत सारे ग्राहक यह भोजन खा चुके होंगे।
कमाल को श्रद्धांजलि उनकी सौम्यता, विनम्रता सीखने से होगी – के. विक्रम राव
यूपी प्रेस क्लब में दी गई श्रद्धांजलि
लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान को श्रद्धांजलि देते हुए इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के अध्यक्ष के. विक्रम राव ने कहा कि कमाल हम सब पत्रकारों से जुदा था। उससे हमें सीखना चाहिये, जैसे उसकी विनम्रता। उसे जो कहना होता था वो अपनी बात बड़े सहज़ ठंग से कहता है। उसका आखरी विश्लेषण देखियेगा, जिसमें उसने सभी पार्टियों में हो रही दलबदल पर बताया था। उसका विश्लेषण निष्पक्ष, सौम्य और सटीक था। हम कमाल को असली श्रद्धांजलि, उसकी सौम्यता और विनम्रता को अपने अंदर सम्मलित कर ही दे सकते हैं। श्री राव ने कहा कि एक संदेश दे गया कमाल। जिस पर हमें विचार करना होगा। कमाल ने अपने आँखें दान कर दीं, जिससे दो दृष्टिहीन को दुनिया देखने को मिल रहीं है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यूज़पेपर एम्पलाइज के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवगोपाल मिश्रा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कमाल खान जब भी रेलवे की कोई स्टोरी करते थे तो मुझसे पूछा करते थे। मुझे याद है एक बार रायबरेली कोच फैक्ट्री के विषय में स्टोरी पर उन्होंने मुझ से चर्चा की थी और मेरे कहने पर उन्होंने उस स्टोरी में दोनों पक्षों का मत रखा।
यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, प्रदेश महामंत्री प्रेम कांत तिवारी, लखनऊ मंडल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव शिवशरण सिंह, लखनऊ मंडल के महामंत्री के विश्वदेव राव, यूपी प्रेस क्लब के संयुक्त सचिव इफ्तिदा भट्टी, शिव विजय सिंह, प्रदीप उपाध्याय, महिमा तिवारी, अशोक नवरत्न, इश्तियाक अहमद, अब्दुल वहीद, जुबेर खान, आरिफ मुकीम, अभिषेक मिश्र, विजय मिश्र, शाश्वत तिवारी, राजीव बाजपेई आदि पत्रकार गण ने पुष्प अर्पित किए।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 की सभी प्रक्रियाओं को सुव्यथित एवं निर्वाध रूप से सम्पन्न कराने के लिए पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान स्थल आईटीआई एवं वर्धमान कॉलेज का किया विस्तृत निरीक्षण, कोरोना के दृष्टिगत कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए सभी कार्यवाही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बिजनौर। जिला निर्वाचन अधिाकरी/जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 की सभी प्रक्रियाओं को सुव्यथित एवं निर्वाध रूप से सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय आईटीआई एवं वर्धमान कॉलेज का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोलिंग पार्टीयों को चुनाव सामग्री उपलब्ध कराते समय कोविड प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्था सुनिश्चित करें कि सोशल डिस्टेंसिंग का हरसंभव पालन सुनिश्चित को सके। उन्होंने उप संभागीय परिवहन अधिकारी तथा जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि पोलिंग पार्टीयों को उनके गंतव्य पर ले जाने वाले वाहनों को प्रस्थान से 2 दिन पूर्व अतिरिक्त स्थान का निर्धारण करते हुए डीजल की पर्ची का वितरण कराएं ताकि संबंधित वाहन डीज़ल भरवाकर प्रस्थान के लिए निर्धारित स्थान पर खड़े हो सकें। जिलाधिकारी स्थानीय आईटीआई कॉलेज तथा वर्धमान डिग्री कॉलेज में पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान स्थलों का मुआयना करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने आईटीआई कैम्पस का निरीक्षण करते हुए उपस्थित प्राचार्य एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देश दिए कि तत्काल प्रांगण की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं और सफाई करने वाले कार्मिकों के लिए अलाव की भी व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। उन्होंने पोलिंग पार्टियों को लेकर जाने वाले वाहनों के खडे होने के स्थान का चिन्हिकरण करते हुए उप सभागीय परिवहन अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता लोनिवि को निर्देश दिए कि वाहनों के सुगम मुवमेंट एवं प्रस्थान के लिए वाहनों के खड़े होने वाले स्थान के बीच कम से कम 25 मीटर का फासला रखें ताकि आवागमन में किसी भी प्रकार की दुश्वारी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने जिला पूर्ति अधिकारी एवं उप सम्भागीय अधिकारी परिवहन को निर्देशित करते हुए कहा कि वाहनों को पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान से दो दिन पूर्व डीजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें और डीजल की पर्ची के वितरण के लिए अलग से स्थान का चिन्हिकरण करें ताकि संबंधित वाहन डीजल भरवा कर अपने निर्धारित स्थान पर खड़ा रहे और मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों को लेकर ही वहां से प्रस्थान करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टेबिलों का निर्धारण एवं मतदान कार्मिकों के बैठने की इस प्रकार व्यवस्था करें कि निर्धारित दूरी का पालन होता रहे। उन्होंने सभी कार्मिकों को निर्देश दिए कि मास्क पहन कर तथा सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सुनील सागर, उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार सदर, जिला पूर्ति अधिकारी, उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
संभल। पवांसा स्थित प्रथमा यू० पी० ग्रामीण बैंक द्वारा दुर्घटना के परिजनों को दुर्घटना बीमा की दो लाख रुपए की धनराशि का चेक दिया गया।
धाना बहजोई ब्लॉक पवांसा के गाँव अजीमावाद निवासी धूम सिंह की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। शाखा प्रबन्धक पुनीत भटनागर ने बताया कि मृतक का कृषि कार्ड चल रहा था जिसके तहत मृतक के परिजनों को फ्यूचर जेनेरली इण्डिया इन्श्योरेस कम्पनी द्वारा दुर्घटना बीमा के रूप में दो लाख रुपए का चैक दिया गया। चैक प्राप्त करने पर मृतक के परिजनों ने बैंक प्रबन्धक सहित बीमा कम्पनी की सराहना की। इस मौके पर बीमा कम्पनी के गौरव अग्रवाल, आशिन अग्रवाल, रजत शर्मा व प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक पवांसा के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।
रणनीति के चलते प्रचार अभियान में अन्य दलों से आगे निकलते दिख रहे बसपा प्रत्याशी डा. शकील हाशमी। चिकित्सा के माध्यम से कर रहे क्षेत्र की जनता की सेवा।
चांदपुर। विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान में बहुजन समाज पार्टी अन्य दलों से आगे निकलती दिख रही है। पार्टी प्रत्याशी डा. शकील हाशमी जनसंपर्क के दौरान 2007 से 2012 तक के बसपा सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिना कर मत एवं समर्थन मांग रहे हैं। लोग भी उनकी बेदाग छवि और समाजसेवी कार्यों को देखते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन देने से पीछे नहीं हट रहे। वह पिछले करीब 15 वर्ष से बाईपास रोड स्थित अपने कफील नर्सिंग होम के माध्यम से क्षेत्र की जनता की सेवा कर रहे हैं।
गिना रहे बसपा सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां- मिनी छपरौली के नाम से विख्यात चांदपुर विधानसभा क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी डा. शकील हाशमी सुबह से ही जनसंपर्क में जुट जाते हैं। कार्यक्रम के तहत डा. शकील हाशमी ने मंडी समिति के आढ़तियों एवं वहां पहुंचने वाले व्यापारियों से मिलकर बहुजन समाज पार्टी के जनहितकारी कार्यों को बताया। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा व सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दोनों झूठों की पार्टी हैं। इनके वादे किसानों का कर्ज माफी, बिजली-पानी मुफ्त, मुस्लिमों को 18 प्रतिशत आरक्षण, महंगाई से मुक्ति, अच्छे दिन, भ्रष्टाचार का खात्मा सभी हवा हवाई साबित हुए हैं।
उन्होंने 2007 से 2012 तक के बसपा सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि भाजपा हिदुओं के नाम पर तो सपा मुस्लिमों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करती है, जबकि बसपा सर्वधर्म की पार्टी है। आने वाला समय बसपा का ही है। लोग बसपा की तरफ ही निगाह लगाए हुए हैं।
इस दौरान बसपा के नगर अध्यक्ष मुजम्मिल कुरैशी, नबील अहमद, नसीम अहमद, जिला सचिव अकील अंसारी आदि नेता, कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद रहे। इसके अलावा डा. हाशमी ने धनौरा रॉड स्थित मोहल्ला सराय रफी में भी डोर टू डोर जनसंपर्क किया।
काम आई आगे दिखाई देने की रणनीति- गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड प्रभारी शमसुद्दीन राईन ने चांदपुर विधानसभा सीट से डा. शकील हाशमी को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा की थी। उस समय यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। इसके पीछे मंशा यह थी कि पार्टी अपने उम्मीदवारों को लेकर जनता के बीच की प्रतिक्रियाओं को जान सके। साथ ही पार्टी ने विधानसभा क्षेत्र के लिए तय किए गए उम्मीदवारों को ही प्रभारी की जिम्मेदारी दे दी थी, ताकि जनता का मूड देखकर आगे की रणनीति तय की जा सके। इसका फायदा ये हुआ कि मतदाताओं को साधने के लिए बेहतर तरीके से रणनीति तैयार कर उस पर अमल भी किया गया। यही कारण है कि इन तैयारियों के चलते अब बसपा आगे निकलती दिख रही है। भारतीय जनता पार्टी ने एक दिन पहले ही सिटिंग एमएलए कमलेश सैनी को प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि सपा-रालोद गठबंधन में सहमति नहीं बन सकी है।
श्रमिकों के खाते में जल्द आ सकते हैं बकाया 1000 रुपए
लखनऊ। योगी सरकार ने ई-श्रम पोर्टल के तहत श्रमिकों को 500 रुपए महीना देने का ऐलान किया था। पिछले महीने सरकार ने इस स्कीम के तहत 1000 रुपए की राशि करीब 2 करोड़ श्रमिकों के खाते में ट्रांसफर की थी। इसकी अगली किश्त जल्दी ही खाते में ट्रांसफर हो सकती है।
ट्रांसफर किए हैं अबतक 1000 रुपए – ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 22 करोड़ से ज्यादा कामगरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं, यूपी में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या करीब 8 करोड़ हो गई है। यूपी की योगी सरकार ने पिछले महीने इन श्रमिकों के खाते में 1000 रुपए की किश्त ट्रांसफर की थी।
2000 रुपए देना था भत्ता – इस पोर्टल के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वालों को कुल 2000 रुपए भत्ता दिया जाना था, लेकिन अभी तक 1000 रुपए ही ट्रांसफर किए गए हैं। जल्द ही सरकार बकाया 1000 रुपए भी लोगों के खाते में ट्रांसफर कर देगी। इस समय सभी लोग अगली किश्त का इंतजार कर रहे हैं।
नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनावी रैलियों, रोड शो आदि पर रोक 22 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पंजाब, यूपी समेत 5 राज्यों में 15 जनवरी तक चुनावी रैलियों, रोड शो आदि पर रोक लगा दी थी। उम्मीद थी कि 16 जनवरी से इसमें छूट मिलेगी। इस दौरान राजनीतिक पार्टियों को केवल वर्चुअल रैली करने की इजाजत दी गई है, हालांकि कुछ शर्तों के साथ इंडोर मीटिंग को भी इजाजत दी गई है।
चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि रैलियों और रोड शो के बैन को 22 जनवरी तक बढ़ाया गया है। हालांकि अब राजनीतिक पार्टियां इंडोर मीटिंग कर सकती हैं। इनमें अधिकतम 300 लोग या हाल की क्षमता के 50 प्रतिशत लोग शामिल होंगे। इस दौरान राज्य और केंद्र तय नियमों का (इंडोर हॉल संबंधी) पालन करना होगा। दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग सभी दलों से अनुरोध करता है कि वो व्यापक दिशानिर्देशों का पालन करें। इसके अलावा राज्य/जिला प्रशासन ये सुनिश्चित करे कि हर जगह पर राजनीतिक दल उनके निर्देश का अनुपालन कर रहे हैं।
पहले चरण की अहम सीटों पर बीएसपी ने चर्चित सीट कैराना से राजेंद्र सिंह उपाध्याय और बुढ़ाना से मो. अनीश को टिकट दिया है। नोएडा से कृपाराम शर्मा को टिकट दिया गया है। अलीगढ़ से पार्टी ने रजिया खान को प्रत्याशी बनाया है।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 58 में से 53 सीटों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। आज मायावती का जन्मदिन भी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाने का तोहफा मांगा है। उन्होंने कहा है कि कोविड काल में सभी कार्यकर्ता घर से ही मेरा जन्मदिन मना रहे हैं और वह अपने क्षेत्र में ही पार्टी के प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताएं। इसके साथ ही 2007 की भांति बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाएं।
पूर्व मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात कर रही थीं। इस मौके पर उन्होंने बीएसपी की ब्लू बुक मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा भाग-17 और उसके अंग्रेजी संस्करण का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि बसपा किसी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। साथ ही बसपा को इस बार के विधानसभा चुनाव में फिर से जनता वापस जरूर लाएगी। इसके साथ ही पूर्व की भांति सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के आधार पर सरकार चलेगी। सारे ओपीनियन पोल व सर्वे फेल हो जाएंगे।
उन्होंने प्रचार के लिए क्षेत्रों में न जाने को लेकर विपक्षियों द्वारा भ्रम फैलाने का आरोप लगाया साथ ही भतीजे आकाश आनंद को लेकर की जा रही तरह-तरह की बातों को भी षडयंत्र बताया। उन्होंने कहा कि आकाश धीरे-धीरे आगे आएंगे। यदि विरोधी आकाश आनंद के पीछे पड़ते हैं तो और वह उन्हें और बढ़ावा देंगी। यही नहीं उन्होंने महासचिव सतीश मिश्र के बेटे कपिल मिश्र द्वारा पार्टी में नौजवानों को जोड़कर किए जा रहे कामों की भी सराहना की। बसपा प्रमुख ने कहा कि यही नहीं पार्टी में बाकी पुराने लोगों की नयी पीढ़ी भी आगे आ रही है। उन्होंने कहा कि मेरा निजी परिवार नहीं है। दलित, गरीब, शोषित, पीड़ित ही मेरे परिजन हैं। पार्टियों में नेताओं की चल रही जोड़तोड़ पर कहा कि इसके लिए सख्त दल बदल विरोधी कानून बनना चाहिए।
बिजनौर। मिनी छपरौली के नाम से विख्यात जनपद की चांदपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला रोचक रहने के आसार हैं। 13 व 14वें विधानसभा चुनाव में स्वामी ओमवेश (पहले निर्दलीय, फिर राष्ट्रीय लोक दल) और 15वें व 16वें चुनाव में मोहम्मद इकबाल (बसपा) यहां से विधायक रह चुके हैं।
17 वें चुनाव के बाद चांदपुर विधानसभा सीट से भाजपा की कमलेश सैनी विधायक हैं। बिजनौर जिले की आठ विधानसभा सीटों में शामिल चांदपुर सीट पर 2017 के चुनाव में कमलेश सैनी ने बसपा के मोहम्मद इकबाल को हराया था।
चांदपुर विस समेत पूरे जिले में दूसरे चरण में 14 फरवरी को चुनाव होना है। आचार संहिता लागू होने और कोरोना के बढ़ने के चलते नेताओं के प्रचार कार्यक्रमों पर रोक लगी है। इसके बावजूद गली-मोहल्लों और नुक्कड़ों पर चुनावी चर्चा हो रही है। बसपा की ओर से पूर्व में ही डा. शकील हाशमी को प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है, सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी अभी घोषित नहीं हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को पुनः सिटिंग विधायक कमलेश सैनी को चुनाव मैदान में उतारा है। सपा रालोद गठबंधन में दोनों ही दल इस सीट पर अपना प्रत्याशी उतारना चाहते हैं।
पिछली बार- 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कमलेश सैनी को 92345 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे बसपा के प्रत्याशी मोहम्मद इकबाल को 56696 वोट मिले थे। वहीं तीसरे नंबर पर रहे समाजवादी पार्टी के मोहम्मद अरशद को 36531 वोट मिले थे। कांग्रेस के शेरबाज चौथे नंबर पर थे, उन्हें 15826 वोट मिले थे, जबकि रालोद के सुरेंद्र कुमार वर्मा 11880 वोट हासिल कर पांचवें नंबर पर रहे थे।
पार्टियों को हासिल मत प्रतिशत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा का दबदबा था। भाजपा का वोट शेयर 42.27 प्रतिशत, बसपा का वोट शेयर 25.97 प्रतिशत, समाजवादी पार्टी का वोट शेयर 16.73 प्रतिशत, कांग्रेस का वोट शेयर 7.25 प्रतिशत और रालोद का वोट शेयर 5.44 प्रतिशत था।
2012 विधानसभा चुनाव के आंकड़े
2012 में हुए विधानसभा चुनाव में चांदपुर सीट से बसपा के मोहम्मद इकबाल चुनाव जीतकर विधायक बने थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के शेर बाज को हराया था। बसपा प्रत्याशी इकबाल को 54941 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे सपा प्रत्याशी शेरबाज को 39928 वोट मिले थे। वहीं भाजपा की कविता सिंह को 36941 वोट मिले थे, जबकि महान दल के अरविंद कुमार को 31945 वोट तथा रालोद के स्वामी ओम वेश को 16016 वोट मिले थे।
चांदपुर विधानसभा क्षेत्र के कुल मतदाता- वर्ष 2012 के आंकड़ों के अनुसार इस सीट पर कुल 278379 मतदाता थे। इनमें 151639 पुरुष मतदाता, जबकि 126740 महिला मतदाता शामिल थीं।
चांदपुर विधानसभा सीट मुस्लिम और जाट बाहुल्य रही है। इस सीट पर मुस्लिम और जाट मतदाताओं के बाद सैनी और अनुसूचित जाति जनजाति के मतदाताओं की तादाद अधिक है। ब्राह्मण, चौहान और वैश्य बिरादरी के मतदाता भी इस सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। वर्तमान में इस विधानसभा क्षेत्र में करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं।
107 उम्मीदवारों की सूची में 20 फीसदी विधायकों के टिकट काटे। 10 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को उतारा। लिस्ट में 63 मौजूदा विधायकों के नाम, 21 नए चेहरे शामिल।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहले और दूसरे फेज के लिए 107 उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। पार्टी ने जहां 20 फीसदी विधायकों के टिकट काटे हैं तो 10 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को उतारा है। लिस्ट में 63 मौजूदा विधायकों के नाम हैं तो 21 नए चेहरों को शामिल किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने दलितों और पिछड़ों पर भी बड़ा दांव खेला है। हाल ही में तीन मंत्रियों समेत कई ओबीसी उम्मीदवारों के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा ने 60 फीसदी से अधिक सीटों पर दलित और पिछड़ों को टिकट दिया है। पार्टी ने ऐसी सीटों पर भी ओबीसी और एससी उम्मीदवार उतारे हैं जो आरक्षित नहीं हैं।
बीजेपी के उम्मीदवारों में 57 पहले फेज में चुनाव लड़ेंगे जबकि 48 उम्मीदवार दूसरे फेज के हैं। पार्टी ने 44 सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों को उतारकर ‘स्वामी’ फैक्टर की काट निकालने की कोशिश की है। इसके अलावा 19 सीटों पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है।
भाजपा मुख्यालय में शनिवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फेंस में उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। भाजपा ने तमाम अटकलों को गलत साबित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या या मथुरा की बजाय उनके पुराने गढ़ गोरखपुर शहर से ही चुनाव मैदान में उतारा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सिराथू सीट से चुनाव लड़ेंगे। उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को आगरा (ग्रामीण) से उम्मीदवार बनाया है। जाटव दलित समुदाय से आने वालीं मौर्य पहले भी एक बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि, तब उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
ओबीसी-दलित वोट साधने की कोशिश 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 403 विधानसभा सीटों में से 300 से अधिक पर कमल खिलाने में कामयाब रही थी। माना जाता है कि उस समय बीजेपी को ओबीसी और दलित मतदाताओं का काफी साथ मिला था। हाल ही में जिस तरह कई ओबीसी नेताओं ने भाजपा से किनारा किया, उसके बाद भगवा कैंप की चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में भाजपा ने अधिकतर सीटों पर ओबीसी-दलित उम्मीदवारों को उतारकर बड़ा दांव चल दिया है। माना जाता है कि राज्य की आबादी में करीब 45 फीसदी हिस्सेदारी ओबीसी की है। सपा में शामिल होने के बाद शुक्रवार को स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में चुनाव को अगड़ों और पिछड़ों की लड़ाई बताने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने यहां तक कहा कि सरकार 85 फीसदी पिछड़े बनाते हैं और मलाई 15 फीसदी अगड़े खाते हैं।
अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा गणतंत्र दिवस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती भी समारोह में होगी शामिल
नई दिल्ली (एजेंसी)। गणतंत्र दिवस समारोह अब 24 जनवरी के बजाए हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा। ऐसा सुभाष चंद्र बोस की जयंती को शामिल करने के लिए किया गया है। पहले गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 24 जनवरी से होती थी। अब मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है।
जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस का समारोह अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जन्मदिन को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल करने के लिए ये बड़ा फैसला लिया गया है। मोदी सरकार ने इससे पहले सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी।
विदित हो कि मोदी सरकार आने के बाद हर साल कई और दिन भी मनाए जाने लगे हैं जो इस प्रकार हैः-
14 अगस्त – विभाजन भयावह स्मृति दिवस। 31 अक्टूबर- एकता दिवस-राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार पटेल की जयंती)। 15 नवंबर – जनजातीय गौरव दिवस (भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिन)। 26 नवंबर – संविधान दिवस। 26 दिसंबर- वीर बाल दिवस (4 साहिबजादों को श्रद्धांजलि)।
बहुजन समाज पार्टी से प्रत्याशी घोषित होने के बाद से पूर्व विधायक कुँवररानी रुचि वीरा का जनसंपर्क अभियान तेजी से जारी है। विधानसभा क्षेत्र के अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचना खास रणनीति का हिस्सा है।
इसी क्रम में उन्होंने बिजनौर के मोहल्ला काजीपाड़ा में लतीफ भाई के आवास पर लोगों से मुलाकात की। इस दौरान नदीम, ज़ाकिर हुसैन, रज़ि अहमद, फुरकान, ज़ाकिर, गणेश जी, अंकुर चौधरी, गौरव, सईद अहमद सहित काफ़ी लोग मौजूद रहे। वहीं बिजनौर विधानसभा के मण्डावर में इक़रार कुरेशी की बैठक में चाय पर चुनावी चर्चा की। इस दौरान नवनीत, मोहम्मद ज़ाकिर, बाबू कुरैशी, कोमल सिंह, नईम अहमद आदि लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपने कम समय के विधायकी के कार्यकाल (लगभग 2 वर्ष) में उन्होंने अपनी बिजनौर विधानसभा में भरसक विकास कार्य कराने का प्रयत्न किया था। उनके 2 वर्ष के विकास कार्य, बिजनौर के 20 वर्ष के अन्य विधायकों के कार्यकाल पर भारी हैं। उन्हें खुशी और गर्व है कि विरोधी भी इस बात से सहमत हैं। इसके बावजूद वह जानती हैं कि मात्र 2 वर्ष में पूर्ण विकास नहीं कराया जा सकता है, कुछ कार्य अधूरे रह गए हैं। उदाहरण के तौर पर बालावाली के गंगा पुल में उनके कार्यकाल के बाद एक भी कट्टा सीमेंट का विकास के नाम पर नहीं लगाया गया है। उन्होंने वादा करते हुए कहा कि यदि वह विधायक बनती हैं, तो आने वाले समय में बिजनौर में और अधिक विकास देखने को मिलेगा एवं अधूरे छुटे विकास कार्यों को पूर्ण कराया जाएगा।
वहीं एक बयान में उन्होंने कहा कि विधायक बनीं तो बिजनौर के छात्र छात्राओं को फ्री वाई फाई देंगी। इस बार रुचि वीरा बड़े दांव खेल रही हैं। माना जा रहा है कि रूचि वीरा और भाजपा प्रत्याशी के बीच इस बार कांटे की टक्कर है।
बिजनौर विधानसभा क्षेत्र की जनता से अपील– मैं आप सभी के सामने पली बढ़ी हूँ, आप में से ही एक सेवक हूँ। आपके बीच हमेशा से थी, हूँ और रहूँगी। मेरा कई सालों का समर्पण, त्याग और प्रतिज्ञा सिर्फ इस मेरे क्षेत्र के लिए समर्पित रहे हैं और आगे भी रहेंगे। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद ही मुझे निरंतर निष्ठा, ईमानदारी और ऊर्जा से काम करने की प्रेरणा देता आया है। मैं ये प्रतिज्ञा लेती हूँ कि आपकी सेवा नि:स्वार्थ भाव से करती रहूँगी और मैं आशा करती हूँ कि आप भी हर स्थिति में मेरा साथ ऐसे ही देते रहेंगे।
आपकी बेटी, आपकी बहन रुचि वीरा प्रत्याशी बिजनौर सदर विधानसभा (22)
EC जल्द कर सकता है घोषणा। पहले चुनाव आयोग ने कहा था कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को 15 जनवरी तक रोड शो, वाहन रैली और पदयात्रा की नहीं है अनुमति।
नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के एलान के बीच कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई प्रकार की रोक लगाईं जा रही है। इस बीच सूत्रों ने दावा किया है कि कोरोना के चलते चुनाव आयोग ने 15 जनवरी के बाद भी रैली, रोड शो और पदयात्रा पर रोक लगाई है। इससे पहले चुनाव आयोग ने कहा था कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को 15 जनवरी तक रोड शो, वाहन रैली और पदयात्रा की अनुमति नहीं है।
कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रॉन के प्रकोप के बीच चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को वर्चुअल (ऑनलाइन) मोड में अभियान चलाने की सलाह भी दी थी। चुनाव आयोग ने कहा कि उनका लक्ष्य व्यापक तैयारी के साथ 5 राज्यों में कोविड-सुरक्षित चुनाव कराना है। वहीं, पांच राज्यों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित विधानसभा चुनाव कराने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की। अधिकारियों के मुताबिक आगामी चुनाव में तैनात किए गए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोग की यह पहली ब्रीफिंग है। सूत्रों के मुताबिक सामान्य, पुलिस और व्यय जैसी विभिन्न श्रेणियों में चुनाव पर्यवेक्षकों के रूप में नामित लगभग 900 अधिकारी बैठक में भाग ले रहे हैं, जिसमें आयोग चुनाव प्रक्रिया के मुख्य मुद्दों पर चर्चा कर रहा है।
लखनऊ। विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने गठबंधन के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 29 विधानसभा सीटों के लिये उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है।
सपा की ओर से जारी बयान के अनुसार सूची में 20 विधानसभा सीटों पर रालोद और नाै सीटों पर सपा के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। उम्मीदवारों में कैराना से नाहिद हसन (सपा), शामली से प्रसन्न चौधरी (रालोद), चरथावल से पंकज मलिक (सपा), पुरकाजी से अनिल कुमार (रालोद), खतौली से राजपाल सिंह सैनी (रालोद), नहटौर से मुंशी राम (रालोद), किठौर से शाहिद मंजूर (सपा), मेरठ से रफीक अंसार (सपा), बागपत से अहमद हमीद (रालोद), लोनी से मदन भैया (रालोद), साहिबाबाद से अमर पाल शर्मा (सपा), मोदीनगर से सुरेश शर्मा (रालोद), धौलाना से असलम चौधरी (सपा), हापुड़ से गजराज सिंह (रालोद), जेवर से अवतार सिंह भड़ाना (रालोद), बुलंदशहर से हाजी यूनुस (रालोद), स्याना से दिलनवाज खान (रालोद), खैर से भगवती प्रसाद सूर्यवंशी (रालोद), कोल से सलमान सईद (सपा), अलीगढ़ से जफर आलम (सपा), सादाबाद से प्रदीप चौधरी गुड्ड (रालोद), छाता से तेजपाल सिंह (रालोद), गोवर्धन से प्रीतम सिंह (रालोद), बल्देव से बबीता देवी (रालोद), आगरा कैंट से कुंअर सिंह वकील (सपा), आगरा देहात से महेश कुमार जाटव (रालोद) फतेहपुर सीकरी से ब्रिजेश चाहर (रालोद), खैरागढ़ से रौतान सिंह (रालोद) और बाह से मधुसूदन शर्मा (सपा) शामिल हैं। विदित हो कि इन सीटों पर पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान होना है। इस चरण के लिये चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
बिजनौर। विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन के बाद नूरपुर सीट से रालोद का प्रत्याशी होना लगभग तय लग रहा है। यह जानकारी रालोद नेता अजयवीर चौधरी के पास पहुंची तो पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और नूरपुर विधानसभा सीट पर आरएलडी से चुनाव लडऩे के लिए अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने लगे। इनमें अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष लोकदल नेता गौहर इकबाल भी हैं।
अभी फिलहाल दो ही नेताओं की दावेदारी सामने आई है, जिसमें लोकदल नेता अजयवीर चौधरी व गौहर इकबाल शामिल हैं। दोनों ही लोकदल नेताओं से नूरपुर विधानसभा की जनता खुश है क्योंकि अजयवीर चौधरी प्रारंभ से ही लोक दल के नेता हैं और किसानों को एकजुट करने का काम बखूबी करते आए हैं। साथ ही लोकदल अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल पहले भी दो बार नूरपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन कामयाब नहीं हुए थे। बताया गया है कि रालोद से टिकट के दावेदार अजय वीर चौधरी व गौहर इक़बाल लखनऊ कूच कर चुके हैं। अजय ने हमेशा किसानों के हित में लड़ाई लड़ी है, जिसके चलते किसान उनका टिकट पक्का मान रहे हैं और कंधे से कन्धा मिलाकर साथ चल रहे हैं। कई संगठनों में कार्यरत अजयवीर चौधरी को व्यापार मंडल में भी व्यापारियों का स्नेह भी मिलता रहता है। दोनों ही नेताओं के समर्थकों में भी खुशी की लहर है।
कैट ने जताई स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर की चुप्पी पर नाराजगी
नई दिल्ली। कॉनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और आईसीएमआर के अध्यक्ष डॉक्टर बलराम भार्गव को एक ज्ञापन भेज उनसे तत्काल ये स्पष्ट करने को कहा कि चलन में चल रहे नोटों में वायरस हैं या नहीं? वहीं मुद्रा नोट वायरस के वाहक हैं या नहीं, यह स्पष्ट करने के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे में से एक पर स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की चुप्पी पर भी कैट ने खेद व्यक्त किया है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि, मामला 2018 से लटका हुआ है, जिसके लिए कैट ने नियमित रूप से विभिन्न ज्ञापन भेजे हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर दोनों ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। देश भर के करोड़ों व्यापारियों द्वारा मुद्रा नोटों को संभालना व्यावसायिक गतिविधियों का एक नियमित और अभिन्न अंग है और अगर यह साबित करता है कि मुद्रा नोट वायरस के वाहक हैं, तो यह न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि उनके उपभोक्ताओं के लिए घातक हो सकता है।
कैट के मुताबिक, 2 सिंतबर 2018 में तत्कालीन वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को एक ज्ञापन भेजा था और उसके बाद 2019, 2020 और 2021 में स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर को कई अन्य रिमाइंडर भी दिए गए, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर दोनों से कोई स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ, जबकि ये मुद्दा बेहद गम्भीर प्रकृति का है। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि स्पष्टीकरण को क्यों दबाया जा रहा है।
पांच राज्य उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में चुनाव की घोषणा होने के साथ ही तेजी से बढ़ते कोरोना के केस चिंता बढ़ा रहे हैं। मन में भय पैदाकर रहे हैं।सरकार और चिकित्सक कह रहे हैं कि नया वायरस ज्यादा गंभीर नहीं हैं। इस सबके बावजूद कोई इन पर यकीन करने को तैयार नहीं। महाराष्ट्र और दिल्ली में तेजी से बढ़े केस के बाद सरकार द्वारा लागू की गई सख्ती, दिल्ली में लगे वीकेंड लाँक डाउन से जनता में भय व्याप्त है। श्रमिक पलायन कर रहे हैं। सब डरे सहमें हैं, जिस तेजी से केस बढ़ रहे हैं, ऐसे में लगता है कि हो सकता है। मतदान के दिन चुनाव डयूटी पर तैनात अधिकाशं कर्मी कोरोना पोजिटिव होकर क्वार्टीन हों।मतदाता बूथ से गायब हों। राजनैतिक दल,चुनाव आयोग और सरकार ही बूथ की निगहबानी करती नजर आए। आम जनता चाहती है कि पांच राज्यों में होने वाले चुनाव न हों। कोरोना के बढ़ते केस को लेकर अधिकतर लोग चिंतित हैं, किंतु राजनैतिक दल नहीं चाहते कि चुनाव हटें। सरकार भी इस पर चुप्पी साधे हैं। ऐसे मे आयोग ने चुनाव कराने की घोषणा कर दी। कोरोना महामारी के काल में आयोग को मतदाता प्रदेश में मतदान में लगे कर्मियों की राय लेनी चाहिए थी। क्या वह भी इसके लिए तैयार है। जिन्हें वोट डालने हैं, उनसे पूछा नहीं गया और तय कर दिया कि चुनाव तो होंगे ही। कोरोना की हालत यह है कि देश में 24 घंटे में एक लाख 93 हजार नए कोरोना संक्रमित पाए गए। 24 घंटे में 15.8 फीसदी अधिक नए मरीज मिले। तीन दिन में मौत का आंकड़ा 900 के करीब पहुंच गया। एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 1 लाख 33 हजार 318 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस वक्त 9.48 लाख कोरोना संक्रमितों का इलाज चल रहा है।सिर्फ 11 दिन पहले यह आंकड़ा एक लाख था। कोराना केस बढने की ये ही हालत रही तो मतदान के दिन तक देश में कोरोना के केस की संख्या करोडों में होगी। अस्पताल में बैड नहीं होंगे। दूसरे फेज की तरह दवा और बैड को लेकर मारामारी होगी। दिल्ली में मंगलवार को फिर से नए मामले बढ़ गए। पिछले 24 घंटे के दौरान राजधानी में 21,259 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। सोमवार को यहां 19,166 नए केस मिले थे। इस दौरान 23 लोगों की मौत हुई है, जो 25 दिसंबर से शुरू हुई तीसरी लहर के दौरान किसी एक राज्य में एक दिन में सबसे ज्यादा मौत हैं। अब तक राजधानी में 25,200 लोगों की मौत हो चुकी है! यूपी में सात दिन में 1985 से बढ़कर 11 हजार हो गए। यूपी में पांच जनवरी को 1985 नए संक्रमित मिले थे, जबकि मंगलवार को देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले इस राज्य में 11,089 मामले सामने आए। पंजाब में मंगलवार को 4,552 लोग संक्रमित पाए गए। 687 लोग ठीक हुए और 9 मरीजों की मौत हो गई। अब तक राज्य में 6.29 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 5.89 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 16,692 लोगों की मौत हो गई। कुल 22,235 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। हालत यह है कि बॉलीवुड सिंगर लता मंगेशकर कोरोना संक्रमित हो गई हैं। फिल्म बाहुबली में कटप्पा के नाम से फेमस हुए साउथ के दिग्गज एक्टर सत्यराज पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। तबियत बिगड़ने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी कोरोना हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई की कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री आवास के 27 कर्मचारी भी पॉजिटिव मिले थे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल और कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी पहले ही कोरोना पोजिटिव हो चुकी हैं। दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया आइसोलेट हो गए हैं। उनका ड्राइवर कोरोना पॉजिटिव मिला है। दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी चिन्मय बिस्वाल समेत 1000 सिपाही कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इससे पहले संसद के 400 कर्मचारी कोरोना के संक्रमण के शिकार हो चुकें हैं। दिल्ली पुलिस के एक हजार जवान कोरोना संक्रमित बताए गए है। उत्तर प्रदेश में पिछले पंचायत चुनाव में तैनात 1600 के आसपास कर्मचारी डयूटी के दौरान कोरोना से मरे थे। इस चुनाव के बाद उत्तरप्रदेश में कोराना बुरी तरह फैला था। सबसे ज्यादा खराब हालत गांव की थी। एक एक−गांव में एक –एक दिन में कई− कई मौत हो रहीं थी। सरकार असहाय बनी देख रही थी। शहरों के मरीजों को ही अस्पताल में बेड और दवाई उपलब्ध नहीं थीं। गांव की सोचने की किसे पड़ी थी। चुनाव आयोग से रैली, सभा और बाइक रैली आदि निकालने पर रोक लगाई। काफी बंदिश रखीं हैं। इन सबके बावजूद चुनाव सरकारी कर्मचारी, पुलिस, पैरा मिलेट्री फोर्स को कराना है। वोट प्रदेश के मतदाता को डालना है। चुनाव की घोषणा के बाद से सबसे ज्यादा चिंतित सरकारी कर्मचारी और उनके परिवारजन हैं। डरे हैं। वैसे ही कर्मचारी स्वेच्छा से चुनाव डयूटी नहीं करना चाहता। अब तो कोरोना की आफत सिर पर मौजूद है। सब सकते में हैं। पहले ही वह ऐन−केन प्रकरेण डयूटी कटवाना चाहता था। अब तो कोरोना जैसी महामारी में कोई बिरला ही डयूटी करना चाहेगा। जो करना चाहेगा, उसे उसके परिवारजन रोकेंगे। कहेंगे पहले परिवार की सोचो। इन कर्मचारियों को चुनाव तक लंबी प्रक्रिया से गुजरना है। चुनाव सामग्री,चुनाव बाक्स व्यवस्था में ही बड़ा स्टाफ लगता है। इस दौरान बहुतों के संपर्क में आना होता है। मतदान और मतगणना तो बहुत बाद की बात है। लोकतंत्र में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मतदाता बताया गया है। कहा गया है कि वह सरकार बनाता और बिगाड़ता है। कोराना महामारी के दौरान वह मतदान करेगा या नहीं, उससे नही पूछा गया। कहा जा रहा है कि कोरोना से बचना है तो घर में रहो। अनावश्यक रूप से बाहर न निकलो। अब यह इन पांच प्रदेश के मतदाता को सोचना है कि उसे जान प्यारी है या मतदान। क्या उसे जान की सुरक्षा की कीमत पर मतदान करने घर से निकलना है?
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा पांचों राज्यों के लिए विधान सभा चुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग ने घोषित कर दिया। कोराना को देखते हुए रैली और जनसंपर्क पर प्रतिबंध भी लगाए हैं। कोराना के बीच होने वाले ये चुनाव इन पांच प्रदेश का राजनैतिक भविष्य ही तय नही करेंगे, अपितु देश की राजनीति को भी प्रभावित करेंगे।सबसे बड़ा काम करेंगे देश के चुनाव के डिजीलाइजेशन का।इस चुनाव के बाद के आने वाले चुनाव नई तरह से होंगे, नए तरह से प्रचार होगा।
चुनाव के पहले चरण के लिए नामजदगी की प्रक्रिया आठ फरवरी से प्रारंभ होगी। दस मार्च को चुनाव परिणाम आ जांएगे। आयोग ने बढ़ते कोरोना के केस को देखते हुए 15 जनवरी तक चुनावी रैली, साइकिल, बाइक रैली, नुक्कड़ सभाओं पर रोक लगा दी है। विजय जुलूस पर पहले भी रोक रहती थी। इस बार भी रोक रहेगी। पांच व्यक्ति ही घर− घर जाकर जनसंपर्क कर सकेंगे। हालात देखते हुए 15 जनवरी के बाद फिर निर्णाय होंगे। यह भी आदेशित किया गया है कि सर्विस वोटर के अलावा 80 से अधिक और बीमार मतदाताओं को घर से वोट डालने की सुविधा होगी। मतदान अधिकारी उनके घर जाकर वोट डलवाएंगे। प्रत्याशी अपनी नामजदगी आनलाइन करा सकेंगे। चुनावी रैली पर 15 जनवरी तक रोक रहेगी। चुनावी रैली की जगह वर्चुअल रैली होगी।
आयोग के निर्णय से लगता है कि इस बार चुनाव नई तरह का होगा। प्रचार होगा पर शोर नहीं होगा। चुनावी रैली होंगी, पर उनमें जनता नही होगी। वाहनों का शोर और प्रदूषण नहीं होगा बदला –बदला होगा चुनाव। कोरोना ने कक्षाएं आँन लाइन करा दीं। परीक्षांए ऑनलाइन करा दीं। नामजदगी आँन लाइन होगी। ऐसे माहौल ऑनलाइन चुनाव की दिशा दिखा रहा है। मोबाइल लगभग प्रत्येक व्यक्ति पर पहुंच गए। हो सकता है कि आने वाले समय में वोट भी मोबाइल से डालें जा सकें। मतदान अपने घर से किया जा सके। लगता है बदलेगा। आगे चलकर बहुत कुछ बदलेगा।अब ऑनलाइन मीटिंग, सभाएं और गोष्ठियां शुरू हों गईं। आगे चलकर रैली की जगह वर्चुअल रैली लें लेंगी। आगे चलकर वर्चुअल रैली होने लगेंगी।
चुनाव आयोग के निर्देश से चुनाव के प्रचार और रैली में निकलने वाली भीड़ पर लगाम लगेगी। लोग और राजनैतिक व्यक्ति घर से बैठकर संपर्क करेंगे। रैली की भीड़ जुटाने के लिए वाहन नहीं चलेंगे। नेताओं के वाहन कम दौडेंगे। प्रशासन को रैली के लिए व्यवस्थाए नहीं करनी होंगी। फोर्स नही लगानी होंगी। इससे डीजल पेट्रोल बचेगा तो प्रदूषण भी कम होगा। यह वास्तव में कोरोना के बढ़ने की दिशा में अच्छा प्रयास है। प्रदूषण रोकने में अच्छा कार्य होगा। शोर प्रदूषण से जनता का इस चुनाव में काफी रहत मिलने की उम्मीद है।
चुनाव में रैली आदि के नाम पर श्रमिक काफी मजदूरी कर लेते थे। प्रचार− प्रसार के लिए उन्हें अच्छी आय हो जाती थी। इससे इनके सामने संकट पैदा होगा। कोरोना काल में बहुतों के रोजगार गए। रोटी−रोजी की समस्या बढ़ी। अब उनका जीवन और कष्टप्रद होगा। हाथ से लिखे हार्डिंग, बैनर की जगह फलेक्सी ने ले ली। ऐसे ही अब प्रचार के नए रास्ते निकलेंगे।समय खुद परिवर्तन ला देता है। यह समय का चक्र चलता रहेगा। लगता है कि ऐसा ही आगे होगा। आगे चलकर बहुत कुछ बदलेंगा। चुनाव आयोग के निर्णय अच्छें हैं किंतु जरूरी है कि इनको सख्ती से पालन भी कराया जाए। लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो।
नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के मामले में तेजी से जारी वृद्धि को देखते हुए भारतीय रेलवे ने नई गाइडलाइंस जारी की है। बीते दो वर्षों में कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने अपने कई नियमों में बदलाव किए थे, जिसे धीरे-धीरे वापस सामान्य किया जाने लगा था। वहीं कोरोना की तीसरी लहर के चलते रेलवे ने एक बार फिर नई गाइडलाइंस जारी की है।
दरअसल, दक्षिण रेलवे ने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के लिए नया नियम निर्धारित किया है। इस नियम के तहत रेल में ऐसे लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी, जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगाया है। लोकल ट्रेन में नो वैक्सीन नो एंट्री पॉलिसी लागू की गई है। इतना ही नहीं, यदि किसी व्यक्ति ने कोरोना की केवल पहली डोज ली है, तब भी उन्हें ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी। दोनो डोज अनिवार्य है।
अब यात्रा टिकट या मासिक सीजन टिकट जारी करने के दौरान यात्रियों को वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जिनके पास वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट नहीं होगा उनको टिकट नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि दक्षिण रेलवे के इस कदम को देखते हुए अन्य जगहों पर भी यह नियम लागू किया जा सकता है।
बिजनौर। कोरोना काल में सराहनीय कार्य करने पर बिजनौर क्लब की पूर्व पदाधिकारी को बेस्ट प्रेसिडेंट का अवार्ड दिया गया। शहर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित एक कार्यक्रम में बिजनौर क्लब की पूर्व प्रेसिडेंट संगीता अग्रवाल को कोरोना का काल में मास्क, सैनिटाइजर, खाद्य सामग्री वितरण तथा आर्थिक सहायता देने और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए बेस्ट प्रेसिडेंट का सम्मान दिया गया इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके द्वारा समय-समय पर किए गए कार्य को सराहा तथा कहा कि वास्तव में ऐसे कार्यों से ही भारतीय सामाजिक ताने-बाने की मजबूती स्पष्ट होती है, आपको बता दे कि संगीता अग्रवाल भाजपा की जिला उपाध्यक्ष पद पर है तथा पूर्व में वह जिला जिलामहामंत्री भाजपा महिला मोर्चा, पूर्व सभासद, वैश्य महिला संगठन की जिला अध्यक्ष एव पूर्व प्रेसिडेंट, समर्पण क्लब बिजनौर एनजीओ प्रकोष्ठ की पूर्व जिला संयोजिका तथा भाजपा में चांदपुर की पूर्व विधानसभा प्रभारी आदि के पद पर रह चुकी हैं। कार्यक्रम का संचालन बिजनौर क्लब की प्रेसीडेंट पूजा ने किया। इस मौके पर क्लब की सचिव नीति सरीन, सीमा, खुशबू, सोनी, राखी, दीप्ति, विशाखा , कनक, अंजना आदि महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
चुनाव के मद्देनजर यूपी-उत्तराखंड के अधिकारियों की बैठक जनपद की सीमाओं पर सतर्कता बरतने के निर्देश
बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा ने बिजनौर एवं उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों पुलिस एवं आबकारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के दृष्टिगत जिला बिजनौर से मिलने वाली सीमाओं पर विशेष सर्तकता एवं सजगता की आवश्यता है। इसके लिए दोनों राज्य विशेष रूप से बिजनौर के सीमावर्ती जिलों के पुलिस एवं आबकारी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है ताकि असामाजिक एवं अपराधिक तत्व चुनाव के दौरान शराब, अवैध धन तथा किसी भी प्रकार की सामग्री की तस्करी न करने पाएं जो निर्वाचन प्रक्रिया अथवा मतदाताओं को कुप्रभावित कर सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरूद्व संयुक्त रूप से विषेश सर्चिंग अभियान चलाया जाए और गश्त की प्रक्रिया में भी वृद्धि की जाए।
डीएम उमेश मिश्रा बरकातपुर चीनी मिल के प्रांगण में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के दृष्टिगत जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य के सीमावर्ती जिले के प्रशासनिक, पुलिस एवं आबकारी अधिकारियों के साथ आयोजित समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि विधानसभा चुनाव-2022 के दृष्टिगत जिला बिजनौर के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उत्तराखण्ड के सीमावर्ती थानों के सीयूजी नंबर, सीमावर्ती मार्गों, सीमावर्ती नदी एंवं वन क्षेत्रों के नक्शों के साथ-साथ वांछित वारंटी एवं कोविड-19 के दौरान अंतरिम जमानत पर रिहा अभियुक्तों, इनामी, पंजीकृत गैंग एवं संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे अभियुक्तों की सूची भी प्राप्त कर लें ताकि सीमा पर संदिग्ध असामाजिक/अवांछित व्यक्तियों के आवागमन पर नियंत्रण स्थापित हो सके तथा अवैध शराब एवं मादक पदार्थों, अवैध हथियारों, तथा अवैध धन की तस्करी पर नियंत्रण रखना सम्भव हो सके। उन्होंनेे निर्देशित किया कि विधानसभा निर्वाचन को लेकर अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों में आवागमन के मार्गों पर नियमित दृष्टि रखी जाए और संयुक्त रूप से गश्त एवं सजगता के लिए कार्यक्रम का निर्धारण किया जाए ताकि उसके अनुसार कार्यों का संचालन किया जा सके। उन्होंने थाना पुलिस व अभिसूचना इकाई को सक्रिय कर सीमावर्ती अवैध शराब, मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर बिजनौर एवं उत्तराखंड के हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने अपने मुद्दों को रखते हुए आपस में समन्वय बातचीत बैठक करने का आश्वासन देते हुए सहमति प्रकट की ताकि चुनाव को पारदर्शिता के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा. प्रवीण रंजन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रामाअर्ज, पूर्वी ओमवीर, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, कोटद्वार के पुलिस एवं आबकारी अधिकारी सहित जिले के सभी उप जिलाधिकारी, उपाधीक्षक पुलिस एवं सीमावर्ती जिलों के थानाध्यक्ष मौजूद थे।
न्यूयॉर्क (एजेंसी)। कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनियाभर के तमाम देशों में तेजी से पांव पसार रहा है। खतरे को देखते हुए कई देशों में वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है। ओमिक्रॉन के संक्रमण को रोकने के मकसद से तैयार की जा रही वैक्सीन को लेकर भी काम चल रहा है। दिग्गज फार्मा कंपनी फाइजर को उम्मीद है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को टारगेट करने वाली कोविड-19 वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। कंपनी के प्रमुख ने यह जानकारी दी।
फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलबर्ट बौर्ला ने सीएनबीसी को बताया कि सरकारों की ओर से भारी मांग के चलते फाइजर पहले से ही वैक्सीन की खुराकों का निर्माण कर रही है क्योंकि कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसमें ऐसे लोगों की संख्या भी काफी है जो वैक्सीनेटेड होने के बावजूद ओमिक्रॉन के शिकार हुए। बौर्ला ने कहा, “यह वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। मुझे नहीं पता कि हमें इसकी आवश्यकता होगी या नहीं। मुझे नहीं पता कि इसका उपयोग कैसे किया जाएगा।”
सावधान: साइबर चोरों ने निकाला ठगी का नया तरीका, अब RT-PCR रिपोर्ट का इस्तेमाल कर लोगों को बना रहे शिकार
पटना (एजेंसी)। एक ओर जहां सरकारी एजेंसियां कोरोना मामलों से निपटने में व्यस्त हैं, वहीं साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए फर्जी आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसी ही एक घटना पटना में तब सामने आई जब संतोष कुमार नाम के शख्स को उसके मोबाइल फोन पर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मिली। दो मिनट बाद, एक व्यक्ति ने संतोष से संपर्क किया और कहा कि उसकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट गलती से उसके मोबाइल फोन पर भेज दी गई थी। अब, आपके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, कृपया उस ओटीपी को साझा करें, उन्होंने संतोष से अनुरोध किया।
साइबर क्राइम सेल के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा, संतोष को इस तरह की फर्जीवाड़े के बारे में पता था और उन्होंने ओटीपी शेयर करने से इंकार कर दिया। यह सुनकर, कॉल करने वाला उससे नाराज हो गया और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी। संतोष ने कॉल काट दिया और नंबर को ब्लॉक कर दिया। उन्होंने साइबर क्राइम सेल में एक ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की है।
अधिकारी ने कहा, हमें एक व्यक्ति से एक और शिकायत मिली है, जिसने कहा कि जैसे ही उसने ओटीपी साझा किया, उसके पेटीएम वॉलेट से 5,000 रुपये निकाल लिये गए। अधिकारी ने कहा, हमें फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट, कोरोना वैक्सीन के फर्जी पंजीकरण का उपयोग करके ठगे गए लोगों द्वारा शिकायतें मिल रही हैं। इन मामलों में, सिस्टम से ओटीपी कभी उत्पन्न नहीं होता है। अधिकारी ने बताया कि बिहार के नवादा, नालंदा, औरंगाबाद जैसे जिलों में साइबर अपराधी सक्रिय हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को उनके ही मंत्री ने बड़ा झटका दिया है। भाजपा के बड़े नेता और योगी सरकार के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को भाजपा से इस्तीफा दे कर समाजवादी पार्टी का हाथ थाम लिया है। उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात भी की। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अपना इस्तीफा भेजा है। मौर्य ने मौजूदा सरकार में दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे व्यापारियों की उपेक्षा होने का आरोप लगाया है।
योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पत्र में लिखा है कि, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है, किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं.”
वहीं मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मौर्य का स्वागत करते हुए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा है कि, “सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन! सामाजिक न्याय का इंक़लाब होगा ~ बाइस में बदलाव होगा.”
अखिलेश से सीधे संपर्क में थे स्वामी प्रसाद मौर्य!
पिछले कई दिनों से चर्चा चल रही थी कि स्वामी प्रसाद मौर्य, बीजेपी का दामन छोड़कर अखिलेश यादव की साईकिल पर सवार हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के ज्वॉइनिंग मामले को सीधे अखिलेश यादव देख रहे थे और बातें उनके स्तर पर ही हो रही थी। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अखिलेश कर रहेपिछड़ी जाति की गोलबंदी
पिछले चुनाव में बीजेपी को सत्ता में पहुंचाने का श्रेय पिछड़ी जातियों को जाता है और इस बार अखिलेश यादव हर हाल में पिछड़ी जातियों को अपने तरफ मोड़ने में लगे हैं। यही वजह है कि छोटे छोटे दलों से गठबंधन के अलावा उन्होंने पिछड़े नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराने का अभियान छेड़ रखा है। स्वामी प्रसाद मौर्य इस अभियान का हिस्सा हैं।
दो और मंत्री दे सकते हैं इस्तीफा
स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री धर्म सिंह सैनी और दारा सिंह चौहान के भी इस्तीफे की अटकलें हैं। धर्म सिंह और दारा सिंह दोनों उनके खेमे के माने जाते हैं। तीनों योगी सरकार में मंत्री हैं, लेकिन तीनों बीएसपी के बड़े नेता रहे हैं और बसपा सरकार में भी मंत्री रहे हैं। ऐसे में इन तीनों के भाजपा छोड़ने की चर्चा है।
संघमित्रा के भाषण में हुई थी टोकाटाकी
पिछले दिनों लखनऊ के कार्यक्रम में स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और बदायूं से बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य को जब बोलते वक्त टोकाटाकी की गई थी तो उन्होंने मुख्यमंत्री और अध्यक्ष के सामने ही अपनी नाराजगी दिखाते हुए माइक छोड़ दिया था हालांकि बाद में उन्हें मना कर वापस भाषण देने के लिए कहा गया।
स्वामी प्रसाद के सपा में आने की वजह ऊंचाहार सीट
स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य रायबरेली की ऊंचाहार सीट से पिछले बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, हालांकि बहुत कम अंतर से वह चुनाव हार गए थे लेकिन कहा यह जा रहा है कि बीजेपी से वह सीट जीतना बेहद मुश्किल है. ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को अगर यह सीट जीतनी है तो समाजवादी पार्टी से ही वह जीत सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी एक बार फिर स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को ऊंचाहार सीट से टिकट देने को तैयार है लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य को लगता है कि इस सीट के लिए समाजवादी पार्टी ही मुफीद है।
कोरोना वायरस का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है। सारे विश्व में तनाव व्याप्त है। पिछले वर्ष अज्ञानी व्यक्तियों की अपेक्षा ज्ञानी लोगों की मृत्यु दर अधिक रही। उसका कारण मानसिक विकार (साइकोलॉजीकल डिसऑर्डर) रहा। दिमाग ने सोचा, कानों ने सुना, मानसिक चिंता से पेट गड़बड़ाया और लीवर; लीवर से फेफड़े और फेफड़ों से हृदय और ह्रदय से नर्वस सिस्टम। नर्वस सिस्टम कमजोर होने से उसकी जीवनी शक्ति कमजोर गई तथा मन की स्थिति तथा तन की स्तिथि दोनों खराब हो गई, जिसके कारण श्वास लेने में दिक्कत और भूख की स्तिथि खराब हो गई और लोगों को असाध्य बीमारी ने घेर लिया। सोचने मात्र से सर चकराना, उल्टी आना, जी घबराना, घबराहट, दिल की धड़कन बढ़ जाना, रक्तचाप कम हो जाना, सांस लेने में कमी होना, सांस लेने की शक्ति न होना; जैसे लक्षण पैदा हो जाते हैं। आप विचार करें कि ज्ञानियों की अपेक्षा अज्ञानी लोग कम बीमार हुए; इसका कारण जैसा कि उसे मानसिक रोग हुआ ही नहीं। असाध्य रोग का कारण क्या है? बहुत ज्यादा सोचना, ऐसे समाचार देखना, सोचने मात्र से तन की स्तिथि एवं मन की स्तिथि दोनों खराब हो जाती है, जिसके कारण जीवनी शक्ति कमजोर पड़ जाती है और शरीर के आंतरिक अंग काम करना बंद कर देते हैं।
समाधान सरकारी नियमों का पालन करें अफवाएं न फैलाएं गुनगुना पानी का प्रयोग करें हरी सब्जियों, फलों का प्रयोग करें कोल्ड कंमप्रेस करे जीवनी शक्ति का विकास करें
प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक
बेसिक विभाग ने खण्ड शिक्षाधिकारियों के तबादले में किया गया है जमकर खेल
आचार संहिता लगने के बाद बैक डेट में रात्रि में ही जारी की लिस्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक विभाग ने आचार संहिता लागू होने के बाद में बड़े स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादला हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता है कि प्रयागराज के जिलाधिकारी ने बिना रिलीव हुए ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक आबंटित कर दिया। प्रयागराज के डीएम संजय खत्री ने रायबरेली के दो बीईओ की ड्यूटी ब्लॉक आवंटन के साथ में माघ मेला में लगा दी है। सबसे मजे कि बात ये है कि अभी वह रायबरेली से रिलीव भी नहीं हुए है कि उन्हें प्रयागराज के डीएम के पास में ब्लॉक आवंटन की सूची पहुँच गई है। ब्लॉक आवंटन की सूची प्रयागराज के बीएसए प्रवीण तिवारी की तरफ से भेजी गई है। उनकी तरफ से किस तरह खेल किया गया है इसका बड़ा नमूना ब्लॉकों का आवंटन है।
बता दें, बेसिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले आचार संहिता लगने के बाद में किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बैक डेट में सात जनवरी को तबादले किये हैं, जबकि खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे ऑर्डर 8 जनवरी की रात में किया है। विभाग के बड़े अधिकारियों ने खेला करते हुए रात्रि में ही लगभग 450 खण्ड शिक्षाधिकारियों की लिस्ट जारी की है। तबादला होने वाले खण्ड शिक्षाधिकारियों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों की तरफ से मनमानी की गई है और चुनाव आयोग के पत्र का हवाला देकर भारी संख्या में तबादला करके परेशान करने का काम किया गया है। वहीं, विभाग के इस काम से खण्ड शिक्षा अधिकारी संघ ने भी आपत्ति जाहिर की है और अधिकारियों से नाराज है। संघ ने अधिकारियों से वार्ता भी की, लेकिन अभी तक कुछ खास नतीजा नहीं निकलकर आया है।
बिना जिला रिलीव हुए ही मिल गया ब्लॉक
खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में किस तरह से खेल किया गया और इसमें कितने अधिकारी शामिल है; इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज के डीएम ने बिना जिलों से रिलीव हुए बीईओ की ड्यूटी लगाई है। माघ मेला की जिलाधिकारी संजय खत्री की तरफ से जारी की गई सूची में दो ऐसे खण्ड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जो अभी रायबरेली जिले से रिलीव ही नहीं हुए है। रायबरेली के सलोन और ऊंचाहार ब्लॉक में तैनात रहे विश्वनाथ प्रजापति और अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में विकासखंड भी आवँटित कर दिए गए हैं। अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में सैदाबाद और विश्वनाथ प्रजापति को फूलपुर विकास खण्ड आवँटित कर दिया गया है।
इन जिलों के डीएम ने रिलीव करने से किया मना
बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भले ही खण्ड शिक्षाधिकारी का तबादला कर दिया गया है लेकिन चुनाव में बाधा आने की वजह से कई जिलों के डीएम ने बीईओ को रिलीव करने से मना कर दिया है। बरेली, मिर्जापुर, ललितपुर, सहारनपुर,अमेठी, बहराइच, कन्नौज, एटा, प्रयागराज, शाहजहॉपुर, फतेहपुर, कौशांबी, मुरादाबाद,बलरामपुर, लखीमपुर, बांदा, अंबेडकर नगर, मथुरा, सुल्तानपुर, मैनपुरी के डीएम ने रिलीव करने से मना कर दिया है। बता दें, जिला निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से बीईओ को एआरईओ से लेकर मास्टर ट्रेनर तक में ड्यूटी लगा दी गई है और उन लोगों ने ट्रेनिंग भी ले ली है, ऐसे में उन्हें कार्यमुक्त करने से निर्वाचन कार्य में बाधा भी आएगी।
खबर का दिखा असर: विभाग ने मानी गलती, कुछ स्थान्तरण निरस्त
खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में की गई धांधली को प्रमुखता के साथ में प्रकाशित किया गया। इसका असर यह दिखा है कि आज निदेशालय की तरफ से बैक डेट में फिजा मिर्जा, अजय तिवारी और भारती शाक्य का तबादला बदलकर निकट के जिलों में कर दिया गया है। विभाग की तरफ से बैक डेट में संशोधन करके ही उन्हें पास के जिलों में तैनाती दी गई है।
एक घंटे तक डाउन रहने के बाद UPI का सर्वर फिर से शुरु, गूगल पे, फोन पे और पेटीएम पर अटक गया था लोगों का पेमेंट
नई दिल्ली (एजेंसी)। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई (NPCI) द्वारा विकसित यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई का सर्वर रविवार को डाउन होने से यूजर्स को कुछ समय के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन में कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि अब यूपीआई सर्विस ऑपरेशनल हो चुकी है।
इससे पहले ट्विटर पर कई लोगों के ट्वीट कर यूपीआई सर्वर करीब एक घंटे डाउन होने की शिकायत की। कई यूजर्स ने सर्वर डाउन होने की वजह से पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसे यूपीआई ऐप से लेनदेन में दिक्कत होने की बात कही। यूपीआई को डेवलप करने वाली एनपीसीआई ने ट्वीट कर कहा, ”तकनीकी दिक्कत की वजह से यूपीआई यूजर्स को हुई असुविधा के लिए खेद है। यूपीआई सर्विस अब काम कर रही है और हम सिस्टम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।”
यूपीआई का सिस्टम यूपीआई एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है, जो मोबाइल ऐप के माध्यम से बैंक अकाउंट में पैसे तुरंत ट्रांसफर कर सकता है। डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई जैसी सुविधा आपको घर बैठे आसानी से मनी ट्रांसफर की सुविधा देती है। इसके लिए आपको केवल यूपीआई सपोर्ट करने वाले ऐप जैसे पेटीएम, फोनपे, भीम, गूगलपे आदि की जरूरत होती है। यूपीआई के माध्यम से आप एक बैंक अकाउंट को कई यूपीआई ऐप से लिंक कर सकते हैं।
विश्व हिंदी दिवस आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की प्रथम वर्षगांठ के रूप में मनाया गया। वर्तमान में द्विवेदी युग की प्रासंगिकता विषय पर परिचर्चा में पद्मश्री प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित और कुलपति प्रो. प्रकाश मणि त्रिपाठी ने व्यक्त किए विचार।
रायबरेली। विश्व हिंदी दिवस सोमवार को आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति अमेरिकी इकाई की प्रथम वर्षगांठ के रूप में ऑनलाइन मनाया गया। इस अवसर पर ‘वर्तमान में द्विवेदी युग की प्रासंगिकता’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई।
परिचर्चा में बतौर मुख्य अतिथि प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित ने आचार्य द्विवेदी के हिंदी को दिए गए योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आचार्य द्विवेदी ने साहित्य को अनुशासन दिया। भाषा का परिष्कार किया और राष्ट्रीय स्तर के कवि साहित्यकार दिए। हिंदी साहित्य में दलित और स्त्री विमर्श उन्हीं की देन है। सरस्वती में हीरा डॉन की कविता छाप कर उन्होंने दलितों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया। हिंदी भाषा को दिया गया उनका योगदान आज भी प्रासंगिक है। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही हिंदी को विश्व भाषा बनाया जा सकता है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय (अमरकंटक) के कुलपति प्रोफ़ेसर प्रकाश मणि त्रिपाठी ने विश्व हिंदी दिवस पर हिंदी के संसार की भाषा बनने की कामना करते हुए कहा कि आचार्य जी समग्र रूप से साहित्यिक विचारक चिंतक और निर्माता थे। सामान्य परिवार और पृष्ठभूमि से निकलकर वह स्वाध्याय से निखरते गए। स्वाध्याय के बल पर संस्कृत अंग्रेजी गुजराती मराठी भाषा सीखकर बहुभाषाविद् और हिंदी के महावीर बने। उन्होंने रास्ते को बनाया, सुझाया और सिखाया भी। उन्होंने कहा कि आचार्य द्विवेदी पथ प्रदर्शक थे। उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर ही हम हिंदी को आने वाले दिनों में विचार, व्यवहार, बाजार, ज्ञान और विज्ञान की भाषा बना सकते हैं।
अमेरिकी इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी का स्वागत करते हुए एक वर्ष का लेखा जोखा और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि समिति का दायरा अन्य देशों में भी बढ़ाया जाएगा। विदेशों में रह रहे भारतीयों के बच्चों में समय-समय पर हिंदी के प्रति प्रेम को जागृत करते रहेंगे। आभार भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत शिकागो में रह रही अयाति ओझा की सरस्वती वंदना और ऑनलाइन दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। संचालन श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम में प्रवासी भारतीय प्रोफेसर नीलू गुप्ता, श्रीमती कुसुम नैपसिक, श्रीमती शुभ्रा ओझा, अनुराग (कैलिफोर्निया), दिनेश कुमार माली (ओडिशा), प्रो. एके शुक्ला (बांदा), आनंद स्वरूप श्रीवास्तव, रितु प्रिया खरे, आशुतोष त्रिवेदी, विनय विक्रम सिंह नोएडा, पत्रकार संजीव कुमार नई दिल्ली, कवियत्री रश्मि श्रीवास्तव लहर एवं स्नेहलता (लखनऊ), डॉ. राहुल मिश्रा (लद्दाख), डॉ. वैशाली चंद्रा, हरीश दर्शन शर्मा (रतलाम), हरिश्चंद्र त्रिपाठी, डीके पांडे आदि ने भाग लिया।
ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब यहीआ गंज लखनऊ में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज मनाई गई जयंती
लखनऊ। गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब यहीआ गंज एक पावन पवित्र स्थान है। यहां पर महान बलिदानी सतगुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी आकर 3 दिन रुके थे एवं नगर के आसपास की साध संगत को एक प्रभु परमात्मा के साथ जुड़कर मानव सेवा में अच्छे कार्य करने का उपदेश दिया। इसके पश्चात सन 1672 ईस्वी में बाल अवस्था में सतगुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज अपनी माता, माता गुजरी जी एवं मामा कृपाल चंद जी के साथ इस पवित्र स्थान पर 2 महीने रुके थे।
इस पवित्र स्थान से श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का सदैव भावनात्मक संबंध रहा है। श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने वर्ष 1686 में पोटा साहिब से हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब अपने हस्ताक्षर करके इस स्थान पर भेजे थे। प्राप्त जानकारी के आधार पर इस प्रकार के हस्तलिखित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन भारत में बहुत दुर्लभ हैं और इसी स्थान पर मौजूद हैं ।
इसके पश्चात वर्ष 1693 ईस्वी में एवम् वर्ष 1701 ईसवी में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के दो हुक्मनामे (हस्तलिखित चिट्ठी) यहां की संगत को भेजे गए थे, जो भाग्यवश इस पवित्र स्थान पर मौजूद एवं सुरक्षित हैं, जिनके दर्शन करके संगत अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस करती है ।
ऐसे महान तेजस्वी युगपुरुष 700 वर्ष से बना मुगलों का साम्राज्य समाप्त करने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का प्रकाश पर्व मनाने के लिए 9 जनवरी दिन रविवार सुबह 4:00 बजे से ही संगत आने लगी थी। गुरुद्वारा याहिया गंज साहिब में जो कि शीश महल की तरह बहुत शोभनीय दिखाई दे रहा था, उस अति शोभनीय पावन दरबार हाल में सुबह 4:00 बजे से दीवान की आरंभ था। नितनेम की 5 बाणीयों को पढ़कर की गई। उसके उपरांत श्री सुखमणि साहिब का पाठ एवं संगत मुख्य ग्रंथी ज्ञानी परमजीत सिंह जी द्वारा किया गया। उसके उपरांत श्री अखंड पाठ साहिब की संपूर्णता की गई; फिर बंगला साहिब दिल्ली से आए भाई अमनदीप सिंह जी ने आसा की वार का कीर्तन किया, फिर ज्ञानी जगजीत सिंह जाचक जी ने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के बाल्यावस्था एवं उनके सामाजिक संघर्षों के बारे में कथा करके संगत को गुरु महाराज के सिद्धांतों से अवगत कराया। उसके उपरांत याहिया गंज के हजूरी रागी भाई वीर सिंह जी ने कीर्तन किया। लखनऊ की रहने वाली बीवी सिमरन कौर जी ने संगत को कीर्तन द्वारा निहाल किया उसके उपरांत गुरुद्वारा शीश गंज साहिब दिल्ली से आए ज्ञानी अंग्रेज सिंह जी ने संगत को गुरु महाराज के इतिहास से अवगत कराया। अमृतसर से आए भाई गुरकीरत सिंह जी ने संगत को कीर्तन श्रवण कराकर भावविभोर किया। इसके साथ ही जो गुरसिक्खी बड़ा मुकाबला रखा गया था, उसके तहत छोटे-छोटे बच्चे एवं नवयुवक सभी सिख धर्म की परंपरागत वेशभूषा में सज धज कर आए हुए थे, जिन्होंने अपने परंपरागत पोशाक का बहुत अच्छे से प्रदर्शन किया। उनको देखकर पुरातन समय की सीखी की याद आने लगी। सभी संगत के लोग उन बच्चों की परंपरागत पोशाक की सराहना कर रहे थे। गुरुद्वारा अध्यक्ष डॉ गुरमीत सिंह जी ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके साथ साथ 8 जनवरी शाम को जो प्रश्नोत्तरी जारी की गई थी, उसमें भी सैकड़ों पत्र जवाब लिखकर आए विजेताओं को गुरुद्वारा अध्यक्ष डॉक्टर गुरमीत सिंह, महासचिव सरदार परमजीत सिंह, कोषाध्यक्ष गुलशन जोहर, मनजीत सिंह तलवार, सतनाम सिंह सेठी, एस.पी.सेठी, हरमिंदर सिंह मिंदी सहित सभी सम्मानित महानुभाव ने बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
तत्पश्चात रात्रि के समय गुरु महाराज के प्रकाश के समय ज्ञानी अंग्रेज सिंह जी ने प्रकाश कथा की और भाई वीर सिंह जी ने नाम सिमरन वह जयकारों की गूंज से फूलों की वर्षा करते हुए गुरु महाराज का प्रकाश पर्व मनाया फूलों की वर्षा होते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि फूल गुरुद्वारा साहिब की बालकनी से नहीं मानो सीधे स्वर्ग से देवताओं द्वारा बरसाई जा रहे हो क्यों ना हो क्योंकि संगत में ही देवताओं का निवास रहता है बड़ी ही श्रद्धा भावना प्यार सम्मान सत्कार के साथ गुरुद्वारा यहीआ गंज में गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मनाया गया साथ ही जितने भी मीडिया कर्मी गुरुद्वारा साहिब में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया जो कवरेज करने के लिए पहुंचे हुए थे एवम् प्रशासनिक अधिकारियों सहित सभी श्रद्धालु जनों सभी को डॉक्टर अमरजोत सिंह देवेंद्र सिंह गगनदीप सिंह सेठी गगन बग्गा ,जसप्रीत सिंह गुरजीत छाबड़ा सन्नी आनंद द्वारा सभी का स्वागत करते हुए उनको सम्मान भेंट किया सारा दिन गुरु का लंगर अटूट वितरित किया गया।
विश्व हिंदी दिवस (10 जनवरी) : तीन पीढ़ियों संग हिंदी के विकास में जुटा है पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव का परिवार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिंदी हेतु कई सम्मानों से विभूषित हैं पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव व उनका परिवार
लखनऊ। ‘विश्व हिन्दी दिवस’ प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना व हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। हिंदी को लेकर तमाम संस्थाएँ, सरकारी विभाग व विद्वान अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का अनूठा परिवार ऐसा भी है, जिसकी तीन पीढ़ियाँ हिंदी की अभिवृद्धि के लिए न सिर्फ प्रयासरत हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कई देशों में सम्मानित हैं।
वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के परिवार में उनके पिता श्री राम शिव मूर्ति यादव के साथ-साथ पत्नी आकांक्षा यादव और दोनों बेटियाँ अक्षिता व अपूर्वा भी हिंदी को अपने लेखन से लगातार नए आयाम दे रही हैं। देश-दुनिया की तमाम पत्रिकाओं में प्रकाशन के साथ श्री कृष्ण कुमार यादव की 7 और पत्नी आकांक्षा की 3 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में इस परिवार का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अग्रणी है।
‘दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति’ सम्मान से विभूषित यादव दम्पति को नेपाल, भूटान और श्रीलंका में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन’ में ‘परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान’ सहित अन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। जर्मनी के बॉन शहर में ग्लोबल मीडिया फोरम (2015) के दौरान ‘पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड’ श्रेणी में सुश्री आकांक्षा यादव के ब्लॉग ‘शब्द-शिखर’ को हिंदी के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है।
सनबीम स्कूल, वरुणा, वाराणसी में अध्ययनरत इनकी दोनों बेटियाँ अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी इसी राह पर चलते हुए अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के बावजूद हिंदी में सृजनरत हैं। अपने ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया’ हेतु अक्षिता को भारत सरकार द्वारा सबसे कम उम्र में ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका (2015) में भी अक्षिता को “परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया गया। अपूर्वा ने भी कोरोना महामारी के दौर में अपनी कविताओं से लोगों को सचेत किया।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का कहना है कि, सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। डिजिटल क्रान्ति के इस युग में हिन्दी में विश्व भाषा बनने की क्षमता है। वहीं, उनकी पत्नी आकांक्षा यादव का मानना है कि हिन्दी भाषा भारतीय संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम होने के साथ-साथ भारत की भावनात्मक एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। आप विश्व में कहीं भी हिन्दी बोलेगें तो आप एक भारतीय के रूप में ही पहचाने जायेंगे।
लखनऊ। विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान होने के साथ ही उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही हैं। सभी पार्टियां जोर-शोर से चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं। वहीं अब प्रचार के साथ चुनाव आयोग (EC) से शिकायत करने का सिलसिला तेज होता जा रहा है।
समाजवादी पार्टी ने लिखा EC को पत्र
सपा (SP) ने यूपी सरकार (UP Government) के कई अधिकारियों को हटाने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा। शिकायती पत्र में पार्टी ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार और एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश को हटाने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी के नेताओं का मानना है कि इन सभी अधिकारियों को एक साथ हटाए बिना प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं है। सपा का यह भी कहना है कि ये सभी सरकारी अधिकारी किसी चुनावी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली। पांच राज्यों;उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच कुल सात चरणों में होंगे। इसके बाद 10 मार्च को मतगणना होगी। इस बीच चुनाव से पहले एक मतदाता के लिए जरूरी है कि वह देख लें कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। चुनाव आयोग ने यह जांचने का तरीका बेहद आसान कर दिया है। आप घर बैठे लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं। ये है तरीका…
वोटर लिस्ट में ऑनलाइन ऐसे देखें अपना नाम इसके लिए आपको चुनाव आयोग की वेबसाइट http://electoralsearch.in/ पर जाना होगा। इस वेबसाइट पर आप दो तरीकों से अपना नाम सर्च कर सकते हैं। पहला तरीका ‘Search by Details’ के नाम से हैं। जहां आपकी अपना नाम, पता, और उम्र जैसी जानकारी डाल सकते हैं। दूसरा तरीका ‘Search by EPIC number’ है। यहां आपको पहचान पत्र क्रमांक (EPIC No.) डालना होगा।
बिना EPIC नंबर ऐसे सर्च करें अपना नाम इसके लिए ‘Search by Details’ का ऑप्शन सिलेक्ट करें। अपना नाम, पिता का नाम, उम्र, लिंग, राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र सिलेक्ट करें। अब नीचे दिया गया captcha कोड दर्ज करें और Search ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद पूरी डिटेल्स खुलकर आ जाएगी। इसमें आपका पहचान पत्र क्रमांक/EPIC No, और मतदान केंद्र तक लिखा होगा। आप चाहें तो नीचे दिए गए Print Voter Information ऑप्शन पर क्लिक कर मतदाता सूचना भी प्रिंट कर सकते हैं।
लखनऊ। यूपी में कोरोना संक्रमण ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। 24 घंटों में 7695 नए कोरोना पॉजिविट पाए गए। इसी अवधि में 253 लोग कोरोना से ठीक भी हुए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। मास्क के प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन इत्यादि से इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि निगरानी समितियां और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूर्णतः सक्रिय किया जाए। होम आइसोलेशन, निगरानी समितियों से संवाद, एम्बुलेंस की जरूरत और टेलिकन्सल्टेशन के लिए अलग- अलग नम्बर जारी किए जाएं। जनपदीय आईसीसीसी में डॉक्टरों का पैनल तैनात करते हुए लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।
यूपी में अभी भी चल रहा है जंगलराज। चुनाव को दिया जा रहा धार्मिक रंग। कहने से ज्यादा करने में विश्वास करती है बीएसपी। फ्री और फेयर होने चाहिए चुनाव। वर्तमान सरकार से यूपी की जनता परेशान।
लखनऊ। बीएसपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने चुनाव आचार संहिता सख्ती से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया है। राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस पर सख्ती से नजर रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी में EC का खौफ जरूरी है। ‘निष्पक्ष चुनाव के लिए उसका सख्त होना जरूरी’ है, वह शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव को धार्मिक रंग दिया जा रहा है। चुनाव लोकतंत्र का त्योहार है। साथ ही कहा कि बीएसपी एक अनुशासित पार्टी है। हमारे कार्यकर्ता आचार संहिता का पालन करेंगे। बीएसपी की कथनी-करनी में कोई अंतर नहीं है। ‘बीएसपी कहने से ज्यादा करने में विश्वास करती है’, अधिकारी निष्पक्ष रूप से कार्य करें। ये चुनाव फ्री और फेयर होने चाहिए। जनता इस बार बीएसपी को सत्ता में लाएगी। अभी भी यूपी में जंगलराज चल रहा है, जबकि हमारी सरकार में कानून का राज रहा है। वर्तमान सरकार से यूपी की जनता परेशान हो चुकी है, इस बार जनता की हितैषी बीएसपी की सरकार बनेगी। बसपा सुप्रीमो ने जनता को सचेत करते हुए कहा कि वह दूसरे दलों के प्रलोभन से दूर रहे। चुनावी घोषणा पत्र के बहकावे में न आएं। चुनाव में बाधा डालने की इजाजत किसी को नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर बैठक बुलाई है। पंजाब में भी बीएसपी गठबंधन की सरकार बनेगी।
इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक के बाद एक कर के चार ट्वीट किये; जिसमें उन्होंने कहा कि…
यूपी सहित पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तिथि की घोषणा का स्वागत। आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आयोग यह चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुचारू व शान्तिपूर्वक कराने की अपनी ज़िम्मेदारी को जन अकांक्षा के अनुरूप पूरी मुस्तैदी से जरूर निभाएगा।
खासकर सत्ताधारी पार्टी द्वारा हर चुनाव में नए-नए हथकण्डे अपनाकर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने की प्रवृति घातक रूप से आम होती जा रही है, जिस पर इस चुनाव में पूरी गंभीरता से ध्यान देने एवं तत्परता के साथ उसके विरुद्ध कार्रवाई करने की चुनाव आयोग से ख़ास अपील।
चुनाव लोकतंत्र का त्योहार है, जिसके प्रति खासकर ग़रीब, मजदूर व मेहनतकश लोग अति उत्साहित रहते हैं, जिनकी भावना व अधिकारों की विशेषकर वोटिंग वाले दिन हर प्रकार से रक्षा जरूर हो। नागरिकों के मताधिकार की रक्षा उनके मूलभूत अधिकार की तरह संविधान के मंशा के अनुरूप हो तो बेहतर।
बी. एस. पी. के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व उम्मीदवारों आदि को भी सख्त निर्देश है कि वे पार्टी अनुशासन के साथ-साथ आज से ही लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता ( Model Code of Conduct) का कड़ाई के साथ अनुपालन करें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है।
एक ट्वीट में, प्रधानमंत्री ने कहा;
“श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर बधाई। उनका जीवन और संदेश लाखों लोगों को शक्ति देता है। मैं हमेशा इस तथ्य को संजो कर रखूंगा कि हमारी सरकार को उनके 350वें प्रकाश उत्सव को मनाने का अवसर मिला है। उस समय की अपनी पटना यात्रा की कुछ झलकियां साझा कर रहा हूँ। https://t.co/1ANjFXI1UA“
Greetings on the Parkash Purab of Sri Guru Gobind Singh Ji. His life and message give strength to millions of people. I will always cherish the fact that our Government got the opportunity to mark his 350th Parkash Utsav. Sharing some glimpses from my visit to Patna at that time. pic.twitter.com/1ANjFXI1UA— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2022
लखनऊ। 300 पार के मिशन को लेकर भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व बेहद संजीदा है। यही कारण है कि रूठों को मनाने और साथ छोड़ कर जाने वालों को घर वापस लाने की प्रक्रिया पिछले काफी समय से जारी है। इसी क्रम में यूपी विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी गलियारों में एक बार फिर ओम प्रकाश राजभर की भाजपा वापसी की चर्चा चल पड़ी है। इस बात को हवा इसलिए भी मिली क्योंकि बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह ने शनिवार को एक बार फिर ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की। हालांकि इन दोनों में क्या बातें हुईं यह सामने नहीं आ पाई है पर कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी ओम प्रकाश राजभर को अपने खेमे में फिर से शामिल करना चाहती है। इसलिए दयाशंकर सिंह उनसे बार-बार मुलाकात कर रहे हैं।
दूसरी ओर बीजेपी का सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने भी एक प्रेसवार्ता में कहा था कि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर फिर से साथ आएं, इसके लिए कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश राजभर हमारे भाई हैं। पता नहीं कौन उनका राजनीतिक सलाहकार बन गया है, जो बार-बार उनका नुकसान करा दे रहा है। वह हम लोगों के साथ आएं, इसके लिए कोशिश की जा रही है।
बिजनौर। नजीबाबाद ब्लाक प्रमुख और ग्राम पंचायत सचिव का मामला तूल पकड़ गया है। पंचायत सचिव द्वारा लगाए गए आरोपों के विरोध में ब्लाक प्रमुख, ग्राम प्रधानों व बीडीसी सदस्यों के साथ तहसील में अनिश्चतकालीन धरने पर बैठ गए।
ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह ने ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शुक्रवार से ब्लाक कार्यालय पर धरने की घोषणा की थी। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने ग्राम प्रधानों व बीडीसी सदस्यों के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह ने ग्राम पंचायत सचिव के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए डीएम से मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरने पर बैठने वालों में प्रधान संघ के अध्यक्ष प्रशांत चौधरी, सुनील चौधरी, राजवीर सिंह, धीर सिंह, भोपाल राठी आदि शामिल रहे। साथ ही जिला पंचायत सदस्य मौ. यूनूस, अमर सिंह, बृजराज सिंह, कुलवीर सिंह, मास्टर पवन भारती, करन सिंह, हिमांशु राजपूत, भोपाल राठी आदि मौजूद रहे। उधर ग्राम पंचायत सचिव गौसिया का पक्ष जानने के लिए प्रयास के बावजूद उनसे बात नहीं हो सकी।
उत्तर प्रदेश- 403 विधान सभा सीट गोवा- 40 विधान सभा सीट मणिपुर- 60 विधान सभा सीट पंजाब- 117 विधान सभा सीट उत्तराखंड- 70 विधान सभा सीट
2017 में किसे मिली थीं कितनी सीट …
उत्तर प्रदेश के पिछले विधान सभा चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत मिली थी। बीजेपी गठबंधन को 325, सपा को 47, बीएसपी को 19, कांग्रेस को 7 और अन्य को 7 सीटों पर जीत मिली थी। पंजाब में कांग्रेस को बहुमत मिला था. कांग्रेस ने 77, आम आदमी पार्टी ने 20, अकाली दल ने 15 और बीजेपी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की थी। उत्तराखंड में भी बीजेपी की सरकार है. पिछले विधान सभा चुनाव में बीजेपी को 56, कांग्रेस को 11 और अन्य को 2 सीटों पर जीत मिली थी। मणिपुर में 60 विधान सभा सीटों में से कांग्रेस ने 28 सीटें जीती थीं। BJP ने 21 और अन्य ने 11 पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा 40 विधान सभा सीटों वाले राज्य गोवा में भाजपा 13 सीटों के साथ सरकार में है तो वहीं कांग्रेस ने 17 सीटें जीती थीं, जबकि अन्य को 10 सीटें मिली थीं, जिन्होंने सत्ताधारी दल को समर्थन दिया।
कुछ खास बातों पर रहेगा जोर
– पहली बार वोटर को चुनाव नियमों की पर्ची दी जाएगी। – उम्मीदवार सुविधा ऐप के जरिये ऑनलाइन नामांकन कर सकेंगे। – चुनाव के दौरान किसी भी गलत गतिविधि के लिए Cvigil एप पर शिकायत दर्ज की जाएगी। – जीत के बाद विजय जुलूस पर रोक रहेगी। – EC का ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल माध्यम को बढ़ावा देने पर जोर। – घर-घर पांच लोगों के प्रचार की इजाजत रहेगी।
क्या रहा था पिछले विधानसभा चुनाव में?
पिछला चुनाव फरवरी-मार्च 2017 में हुआ था और बीजेपी की अगुवाई में एनडीए 325 सीटें जीतकर सत्ता में लौटी थी। योगी आदित्यनाथ 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सीएम योगी बीजेपी के पहले नेता है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और पार्टी ने उन्हीं के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ रही है। ऐसे मे यह उनके लिए अग्नि परीक्षा है।
ये है गठबंधन का गणित
बीजेपी अपना दल (एस) और निषाद पार्टी के साथ गठबंधन कर 2022 के यूपी चुनाव मैदान में उतरी है। प्रदेश में बीजेपी की सत्ता को बचाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित बीजेपी नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों के चुनाव का ऐलान निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में मतदान होगा। इसके अलावा उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में 14 फरवरी को एक ही राउंड में मतदान होना है। मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और 3 मार्च को वोटिंग होगी। उत्तर प्रदेश में पहले राउंड की वोटिंग 10 फरवरी को होगी। इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी को होना है। 20 फरवरी को तीसरे और 23 तारीख को चौथे राउंड की वोटिंग होगी। 27 फरवरी को 5वें, 3 मार्च को छठे और 7 मार्च को 7वें राउंड का मतदान होना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि 10 मार्च को सभी 5 राज्यों के नतीजों का ऐलान किया जाएगा।
सिर्फ वर्चुअल कैंपेन की होगी परमिशन। रैली, रोड शो पर लगी पाबंदी
यूपी समेत सभी 5 राज्यों में वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा सभी राज्यों में 15 जनवरी तक किसी भी तरह की रैली, रोड शो, बाइक रैली, नुक्कड़ सभाओं पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ वर्चुअल कैंपेन की ही अनुमति होगी। 15 जनवरी के बाद हालात की समीक्षा की जाएगी। यदि कोरोना नियंत्रण में होता है तो फिर कुछ छूट दी जा सकती हैं। चुनाव की समाप्ति के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक होगी।
UP में 7 चरणों में होगी वोटिंग
पहला चरण- 10 फरवरी दूसरा चरण- 14 फरवरी तीसरा चरण- 20 फरवरी चौथा चरण- 23 फरवरी 5वां चरण- 27 फरवरी छठा चरण- 3 मार्च 7वां चरण- 7 मार्च
उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई 2022 को पूरा हो रहा है। ऐसे में 14 मई से पहले हर हाल में विधानसभा और नई सरकार के गठन की प्रकिया पूरी होनी है। उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं।
सभी चुनाव अधिकारियों के लिए कोरोना की दोनों डोज जरूरी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव के दौरान कोरोना नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि हमें महामारी से निकलने का यकीन रखना होगा। उन्होंने बताया कि चुनाव में तैनात सभी कर्मियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी चाहिए। चुनाव आयुक्त ने कहा कि उत्तराखंड और गोवा में ज्यादातर लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। यूपी में 90 फीसदी वयस्कों को कम से एक टीका लग चुका है।
अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू
चुनाव आयोग ने कहा कि इलेक्शन के दौरान अवैध पैसे और शराब पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा कोरोना संकट को देखते हुए उम्मीदवारों को ऑनलाइन नामांकन की भी सुविधा दी जाएगी। चुनाव आचार संहिता इलेक्शन शेड्यूल जारी होने के बाद ही लागू हो जाएगी। चुनाव की अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इसके चलते अब किसी भी राज्य में कोई सरकार जनता को लुभाने की घोषणाओं का ऐलान नहीं कर सकेगी।
आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के बारे में अखबार में देनी होगी जानकारी
यदि कोई राजनीतिक दल आपराधिक छवि वाले कैंडिडेट को चुनता है तो उसके बारे में अखबारों में जानकारी देनी होगी। इसके अलावा यह भी बताना होगा कि उन्हें क्यों चुना गया है। उम्मीदवारों को भी अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों के बारे में जानकारी होगी। Know Your Candidate ऐप भी लॉन्च किया गया है। इसके जरिए लोग अपने उम्मीदवार के बारे में विस्तार से जान सकेंगे। मुख्य आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि सभी राज्यों में कुल 900 पर्यवेक्षक चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
हर कार्यक्रम की वीडियोग्राफी, 1620 पोलिंग स्टेशनों पर महिला कर्मचारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। कोरोना काल में चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण है। यूपी समेत 5 राज्यों के चुनावों में 690 सीटों पर मतदान कराया जाना है। हमने सभी राज्यों के डीजीपी और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया है। कोरोना काल में भी चुनाव कराना हमारा कर्तव्य है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि 1620 पोलिंग स्टेशनों पर महिला कर्मचारी होंगी। सभी राज्यों के लिए मतदाता सूची 5 जनवरी को प्रकाशित हुई है। इसमें 24.9 लाख नए वोटर जोड़े गए हैं। पोलिंग स्टेशनों में 16 फीसदी का इजाफा हुआ है।
लखनऊ। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत शासन ने कर चोरी में संलिप्त पाए गए मुरादाबाद के वाणिज्य कर विभाग के 14 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन पर कम टैक्स जमा करने का आरोप है, जिससे सरकार को करीब 25 लाख रुपए राजस्व की हानि हुई थी। इस संबंध में द मुरादाबाद टैक्स बार, जोनल टैक्स बार एवं टैक्स बार एसोसिएशन ने 18 सितंबर 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री को संयुक्त शिकायती पत्र भेजा था।
मामले में सचल दल अधिकारियों की अनियमित कार्यप्रणाली, गठित भौतिक सत्यापन समिति की अनियमित कार्यप्रणाली और जोनल एडिशनल कमिश्नर द्वारा भ्रामक आख्या प्रेषित करने के कारण 14 अधिकारियों तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
निलंबित किए गए वरिष्ठ अधिकारियों में 2 एडिशनल कमिश्नर, 4 ज्वाइंट कमिश्नर, 4 असिस्टेंट कमिश्नर और 4 वाणिज्य कर अधिकारी शामिल हैं, वहीं 14 अधिकारियों पर कार्रवाई होने से पूरे प्रदेश के वाणिज्यकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
ये अधिकारी हुए निलंबित
निलंबित होने वालों में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 अरविंद कुमार-1, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 मुरादाबाद अवधेश कुमार सिंह, ज्वाइंट कमिश्रर सम्भाग ए मुरादाबाद, ज्वाइंट कमिश्नर संभाग बी मुरादाबाद चन्द्र प्रकाश मिश्र शामिल है। इसके अलावा, ज्वाइंट कमिश्नर (कारपोरेट) मुरादाबाद डॉ. श्याम सुंदर तिवारी, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) सम्भाग बी मुरादाबाद अनूप कुमार प्रधान, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) चतुर्थ इकाई, मुरादाबाद कुलदीप सिंह प्रथम, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) पंचम इकाई मुरादाबाद सत्येंद्र प्रताप, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) षष्टम इकाई मुरादाबाद राकेश उपाध्याय और असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) द्वितीय इकाई मुरादाबाद, देवेंद्र कुमार प्रथम शामिल हैं।
कर चोरी करा रहे थे अधिकारी दरअसल मुरादाबाद के वाणिज्य कर विभाग के सचल दल ने 26 और 27 जुलाई 2021 को दो ट्रक यूपी-23 टी-5177 और यूपी-23 एटी-1745 को जांच के लिए पकड़ा था। इन दोनों मामले में व्यापारियों से सांठगांठ कर कम टैक्स जमा करवाया गया। इससे विभाग को करीब 25 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। एक ट्रक में 10.97 लाख और दूसरे ट्रक में 15.37 लाख रुपए की राजस्व हानि हुई। मामले की जांच की गई तो कई अधिकारियों को दोषी पाया गया। इसके बाद वाणिज्यकर अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावसात चरणों में हो सकता है। चुनाव आयोग की ओर से इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। वोटर लिस्ट के प्रकाशन के साथ ही प्रदेश में विधानसभा चुनाव की विधिवत तैयारी शुरू हो गई है। किसी भी समय आयोग की ओर से तारीखों की घोषणा की जा सकती है।
प्रदेश में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव आठ चरणों में कराए गए थे। उस समय प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राजनीतिक दलों की ओर से भी चुनाव को अधिक चरणों में संपादित करने का अनुरोध किया गया था। इस बार कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए चरणों की संख्या में कम हो सकती है।
कोरोना और ओमीक्रोन पर इनपुट ले चुका है आयोग कोरोना संक्रमण की दर देश में लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए आयोग की ओर से चुनावी राज्यों में कोरोना और ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों पर काफी नजदीक से नजर रखी जा रही है। इसको देखते हुए आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से संपर्क साध रखा है।
चुनाव तारीखों पर आयोग ले चुका है फैसला
चुनाव आयोग प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर फैसला ले चुका है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव को 6 से 7 चरणों में संपादित करने का निर्णय लिया जा सकता है। प्रदेश में करीब एक माह विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी रहने की उम्मीद है। 17-18 फरवरी से चुनाव प्रदेश में हो सकते हैं। वहीं, इसके मार्च के तीसरे सप्ताह तक पूरा होने की संभावना है। 25 मार्च तक यूपी विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के अंत या फिर अगले सप्ताह के शुरुआत में आयोग चुनाव तारीखों की घोषणा कर सकता है।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खतरे के बीच पांच राज्यों में चुनाव किस तरह से कराए जाएंगे? यह जानने के लिए हर कोई उत्सुक होगा। दरअसल चुनाव आयोग ने कोरोना प्रोटोकॉल के तहत मतदान कराने की तैयारी कर ली है।
बड़ी नहीं, छोटी होंगी रैलियां
केंद्रीय चुनाव आयोग पिछले कुछ समय से चुनावी तैयारियों पर लगातार बैठकें कर रहा है। चुनाव के एलान के साथ ही रैलियों और सभाओं के आकार को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार बड़ी चुनावी रैलियों और जनसभाओं पर पूरी तरह से रोक लग सकती है। इनकी जगह छोटी-छोटी रैलियां या जनसभाओं को ही इजाजत मिल सकती है। खास बात यह है कि ये छोटी रैलियां भी तभी हो पाएंगी, जब कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। दोनों डोज़ लगा चुके लोगों को ही रैलियों में ले जाने की पार्टियों से अपील की जा सकती है।
लगी हों दोनों डोज़, तभी कर सकेंगे ड्यूटी
खतरा सिर्फ चुनावी रैलियों और जनसभाओं से ही नहीं है। फिक्र उन कर्मचारियों को लेकर भी है, जो मतदान के काम में जुटे होंगे। सूत्रों का कहना है कि आयोग ऐसे अधिकारियों को चुनाव में तैनात करेगा जो कि कोविड वैक्सीन की दोनों डोज़ ले चुके हो। सुरक्षाकर्मी भी वही तैनात किए जाएंगे जो वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हों। पोलिंग बूथ पर 1500 वोटरों की जगह अब ज्यादा से ज्यादा 1250 वोटरों को ही वोट डालने की अनुमति होगी। यही नहीं नामांकन के लिए उम्मीदवार अपने साथ अधिकतम 5 लोगों को ही ले जा सकेगा। इसके अलावा डोर टू डोर चुनाव प्रचार के लिए भी ज्यादा से ज्यादा 5 लोगों को ही अनुमति मिल सकती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय से जाने ताजा हालात- कोरोनाकाल में चुनाव कराना कितनी बड़ी चुनौती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से कोरोना के ताजा हालात और टीकाकरण की जानकारी ली है। आयोग ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ बैठक के अलावा एम्स के निदेशक से भी चुनाव आयोग ने सलाह ली है।
हो सकती है नई गाइडलाइन्स की घोषणा
सूत्रों से ये भी पता चला है कि चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ चुनाव आयोग नई गाइडलाइन्स की घोषणा भी कर सकता है। ऐसा भी नहीं होगा कि एक बार जारी दिशा निर्देश ही अंतिम होंगे। कोरोना के हालातों को देखते हुए उनमें फेरबदल किया जाता रहेगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों को जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। इसके लिए परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक संजय सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश भर के हजारों रोडवेज कर्मियों को दो से छह हजार रुपए प्रति माह का फायदा मिलने की उम्मीद है।
पहली बार रोडवेज कर्मचारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में एक मुश्त मिलने जा रहा है। परिवहन निगम के कर्मचारियों को अभी तक सात फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा था। अब दस प्रतिशत और बढ़कर कुल 17 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। फिलहाल रोडवेज कर्मचारियों को एक जुलाई 2021 से 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मंजूरी उत्तर प्रदेश शासन से मिली है। इससे प्रदेश भर के हजारों रोडवेज कर्मियों को हर माह सैलरी दो हजार से छह हजार रुपए बढ़कर मिलेगी।
परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक संजय सिंह ने जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता नियमित कर्मचारियों को देने का आदेश जारी कर दिया है। परिवहन निगम की तरफ से पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी 17 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। दरअसल, 27 दिसंबर, 2021 को सार्वजनिक उद्यम विभाग की अध्यक्षता में गठित अधिकृत कमेटी ने डीए यानी महंगाई भत्ते के पेमेंट को मंजूरी दे दी थी।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष चंद्रशेखर पांडे व महामंत्री गिरीश मिश्र ने बताया कि प्रमुख सचिव परिवहन से बीते 14 दिसम्बर 2021 को हुई वार्ता में रोडवेज कर्मचारियों को 17 फीसदी महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया था। उसी निर्णय के क्रम में अब आदेश जारी करने के लिए प्रमुख सचिव परिवहन और प्रबंध निदेशक नवदीप रिणवा को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
विदित हो कि यूपी रोडवेज और दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी संगठन अरसे से महंगाई भत्ते को लेकर लड़ाई लड़ रहे थे। रोडवेज के भी कर्मचारी संगठन महंगाई भत्ते को लेकर लगातार मांग कर रहे थे।
बसों में लोड फैक्टर 70 फीसदी लाने की अपील उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, महामंत्री रमाकांत सचान और अवध यादव ने इसे कर्मचारियों की जीत बताया है। उन्होंने कर्मचारियों से निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए 70 फीसदी यात्री लोड फैक्टर लाने की अपील की है।
लखनऊ। यूपी में नए कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि अभी भी कई राज्यों की तुलना में यहां केसों की संख्या कम है। पिछले 24 घंटे में हुई दो लाख 19 हजार 256 कोविड सैंपलों की जांच में नोएडा में 721, गाजियाबाद में 607 केस, लखनऊ में 577, मेरठ में 411, वाराणसी में 224 सहित कुल 4228 नए केस मिले हैं। महाराजगंज में कोरोना से एक मौत भी हुई है। इसी अवधि में 119 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। वर्तमान में एक्टिव कोविड केसों की संख्या बढ़कर 12,327 पर पहुंच गई है।
आगरा में 169 मुरादाबाद में 157 और प्रयागराज में 104, कानपुर नगर और मुजफ्फरनगर में 91-91, अलीगढ़ में 85, सहारनपुर में 80, गोरखपुर में 71, शामली में 62, बुलंदशहर में 58, बरेली में 53, झांसी में 51, बागपत में 43, मथुरा में 42, संभल में 26, बाराबंकी व उन्नाव में 24, बिजनौर में 22, हापुड़ और चंदौली में 20-20, अमरोहा और रामपुर में 19-19, मैनपुरी में 18, रायबरेली में 16, जौनपुर, अयोध्या और देवरिया में 15-15, गाजीपुर में 14, सोनभद्र और लखीमपुर खीरी में 13-13, आजमगढ़, सीतापुर और एटा में 12-12, बदायूं, फिरोजाबाद, बस्ती, शाहजहांपुर में 11-11, हरदोई, मिर्जापुर, महाराजगंज और हाथरस में 10-10, औरैया में 09, फर्रुखाबाद में 08, बलिया, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, इटावा, अंबेडकर नगर में 07-07, बहराइच, मऊ और कन्नौज में 06-06, बांदा, कुशीनगर, ललितपुर, गोंडा में 05-05, महोबा, फतेहपुर और कासगंज में 04-04, कानपुर देहात में 03, हमीरपुर, संतकबीर नगर, कौशांबी, चित्रकूट में 02-02, जालौन, प्रतापगढ़, पीलीभीत, अमेठी, बलरामपुर में 01-01 कोरोना केस मिले हैं।
रिकवरी रेट में गिरावट
कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही रिकवरी रेट भी कम होने लगा है। शुक्रवार को पॉजिटिविटी रेट जहां बढ़कर 1.93 फीसदी पहुंच गया। वहीं रिकवरी रेट घट कर अब 98 फीसदी पर आ गया है। गुरुवार को यह 98.2 प्रतिशत था।
मोतियाबिंद लोगों में दृष्टि हानि का आम कारण है, जो 40 साल एवं उससे अधिक उम्र के लोगों में अमूमन पाया जाता है। मोतियाबिंद का इलाज नहीं किया जाए तो यह अंधेपन का प्रमुख कारण बन सकता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज़ अब तक सिर्फ सर्जरी के जरिए किया जाता था, पर अब हैसलैब होम्योपैथिक मेडिसिन ने इस बीमारी के लिए एक अचूक एवं बेहतरीन समाधान निकाला है।
इस होम्योपैथिक दवा का नाम एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप है। यह आइड्रॉप लेंस में दोषपूर्ण प्रोटीन को भंग कर प्रकाश को इधर उधर होने से रोकता है जो मोतियाबिंद निरोधक है। इस हैसलैब एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप का प्रयोग कई लोगों ने किया जिन्हें मोतियाबिंद की शिकायत थी, इस आइड्रॉप को इस्तेमाल करके उन्हें इसके सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं।
इस दवा की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सर्जरी के बिना मोतियाबिंद से छुटकारा देता है एवं उससे भी महत्त्वपूर्ण यह है कि इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है। मोतियाबिंद से दुनिया भर में लगभग 17 मिलियन लोग ग्रसित हैं। कई विकासशील देश में, शल्य चिकित्सा प्रदान करने के लिए न तो धन और न ही मानव शक्ति उपलब्ध है। इन परिस्थितियों में हैसलैब-एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप मानव की सेवा में बहुत मददगार है। यह कई लोगों के व्यक्तिगत अनुभव के अनुसार एक बहुत ही प्रभावी होम्योपैथिक उत्पाद है, जिसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं हैI
कम्पोजीशन -: Senecio Cineraria Q, AcidumBoracicum, NatrumMuriaticum, Glycerine. खुराक: दोनों आँखों में 2 से 3 बार एक दिन में 1-2 बूंदों को थराना रोग: मोतियाबिंद, आँखों की सूजन
माधौगढ विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलचंद्र निरंजन
उरई (जालौन)। माधौगढ विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलचंद्र निरंजन के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश चुनाव करीब आते ही जुबान से फूटने लगा है। भाजपा किसान मोर्चा की रैली में जिस तरह से भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरेआम भाजपा विधायक मूलचंद्र निरंजन को चोर है चोर है के नारों से संबोधित किया। वह भाजपा विधायक के पांच साल के कारनामों का आइना कहा जा सकता है और यह नारे पार्टी नेतृत्व को यह समझाने के लिए पर्याप्त हैं कि अगर कार्यकर्ताओं की नजर में चोर विधायक को फिर से टिकट दिया तो भगवान ही मालिक होगा। ऐसे नारे भाजपा के लिए भी अशुभ संकेत माने जा सकते हैं।
चेयरमैन रामपुरा शैलेन्द्र सिंह
माधौगढ विधायक के खिलाफ नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले पांच सालों में माधौगढ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने अपनी जेब भरने पर कहीं अधिक ध्यान दिया। भाजपा किसान मोर्चा की सभा, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को संबोधित करना था लेकिन जनसभा में किसानों की भीड़ न जुटने के कारण प्रदेश अध्यक्ष को अपना दौरा रद्द करना पड़ा था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में माधौगढ में विधानसभा क्षेत्र से टिकट पाकर मूलचंद्र निरंजन मोदी लहर में चुनाव जीत गये थे। लेकिन उनका कार्यकाल पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को खुश नहीं कर पाया। आरोप है क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच फूट डालो राज करो की राजनीति अपनाई। लेकिन विकास के मामले में पक्षपात स्पष्ट झलका। जहां तक विकास कार्यों की बात है उनके द्वारा बनवाई गई सड़कों के लोकार्पण के दिन ही उखड़ जाने के वीडियो, फोटो समाचार उनके क्रियाकलापों को दर्शाते हैं। कसेपरा से रामपुरा – माधौगढ से सिहारी रोड आज भी क्षतिग्रस्त है। तो बालू माफियाओं को संरक्षण देने, अवैध कारोबार को संरक्षण के चर्चे आम रहे हैं। उनके कारनामों को लेकर क्षेत्र की भाजपा में जिस तरह से आक्रोश पनप रहा है। उसकी बानगी सनातन इंटर कालेज उरई में आयोजित किसान पंचायत में देखने को मिली उनके कारनामे ही उनका टिकट कटने की वजह बनते जा रहे हैं।
माधौगढ विधानसभा क्षेत्र से अन्य दावेदारों की बात करें तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह मुन्नू, गिरीश अवस्थी, शैलेन्द्र सिंह चेयरमैन रामपुरा एवं चेतना शर्मा को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। बृजभूषण मुन्नू कद्दावर नेता बाबूराम एमकॉम के करीब माने जाते रहे हैं और तब उनका राजनैतिक जलवा पीक पर था। उसके बाद वह पार्टी में हाशिये पर रहे। गिरीश अवस्थी बसपा छोड़कर भाजपा में आये हैं और अपने रिश्तेदार के दम पर भाजपा का टिकट मिलने की जुगत कर रहे हैं। चेतना शर्मा को क्षेत्र की जनता स्काइलैब दावेदार के रूप में मान रही है। ऐसे में चेयरमैन रामपुरा शैलेन्द्र सिंह को टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष रामपुरा के रूप में उनके अब तक के कार्यकाल को क्षेत्रीय जनता एवं कान्हा गौशाला में उनकी कार्य पद्धति को सराहना ही मिली है। ऐसे में शैलेन्द्र सिंह अब माधौगढ विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं अगर भाजपा शैलेन्द्र सिंह जैसे युवा पर भरोसा करती है तो भविष्य में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को क्षेत्रीय जनता से माधौगढ विधायक कैसा है चोर है चोर है के नारे नही सुनने पड़ेंगे। इन नारों से तो यही लगता है कि क्षेत्र में मूलचंद्र निरंजन ने भाजपा की लुटिया इबोने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिजली की दरों में कमी का एलान किया। अब शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी।
लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के बाद अन्य बिजली उपभोक्ताओं को भी बड़ा उपहार दिया है। इसके तहत शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट किया गया है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिजली दरों में कमी का एलान किया। इसके तहत शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट किया गया है। इसके साथ ही फिक्स चार्ज 130 रुपए प्रति हॉर्स पावर से घटकर 65 रुपए प्रति हॉर्स पावर किया गया है। एनर्जी एफिशिएंट पंप में दर 1.65 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 83 पैसे प्रति यूनिट तथा फिक्स चार्ज 70 रुपए प्रति हॉर्स पावर की जगह 35 रुपए प्रति हॉर्स पावर किया गया है।
श्रीकांत शर्मा ने बताया कि निजी नलकूप के नए बिलों में, ग्रामीण मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर 2 रुपए प्रति यूनिट से घटकर एक रुपए यूनिट व फिक्स चार्ज 70 रुपए प्रति हॉर्स पावर से घटकर 35 रुपए प्रति हॉर्स पावर होगा। अनमीटर्ड कनेक्शन में फिक्स चार्ज 170 रुपए प्रति हॉर्स पावर की जगह 85 रुपए प्रति हॉर्स पावर होगा। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में निजी नलकूप कनेक्शनों की विद्युत दरों में 50 प्रतिशत की कमी कर बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हार्दिक अभिनंदन है।”
गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुरुवार को सिंचाई के लिए निजी नलकूप की मौजूदा बिजली दर में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय किया था। इससे राज्य के 13 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा। उनका सिंचाई का खर्चा आधा हो जाएगा। बिजली की दरों में 50 प्रतिशत की कटौती करने के लिए सरकार लगभग एक हजार करोड़ रुपए का अनुदान उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को देगी। देश के दूसरे कई राज्यों में जहां सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली मिल रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में किसानों के निजी नलकूप की बिजली की दर दो रुपए से छह रुपए यूनिट तक है। फिक्स चार्ज भी 70 रुपए से 130 रुपए प्रति हार्सपावर (एचपी) है।
अखिलेश ने किया था 300 यूनिट फ्री का वादा
हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनावी वादे में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा किया था। इसके अलावा कहा था कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त मिलेगी। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजकल कई दल जगह जगह जाकर 300 यूनिट और 200 यूनिट फ्री बिजली देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन यह कोई नहीं दे सकता है। इसका फॉर्मूला सिर्फ और सिर्फ हमारी सरकार को आता है।
उरई (जालौन)। अब जब विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने में कुछ समय बचा है। कभी भी निर्वाचन आयोग चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में टिकट के दावेदार अपने घोड़े दौड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। विपक्ष के साथ ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में टिकट को लेकर मौजूदा विधायकों एवं दावेदारों के बीच जमकर रस्साकशी चल रही है।… क्योंकि जिस तरह से पार्टी हाईकमान ने कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने के संकेत दिये हैं, उससे विधायकों की हालत पतली होती जा रही है। उन्हें लगता है कि कहीं उनका टिकट न उड़ा दिया जाए। उरई- जालौन विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो मौजूदा विधायक गौरीशंकर वर्मा की सिटिंग विधायक होने के नाते दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन सिंटिंग विधायक होने के नाते उनके खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय जनता की नाराजगी न हो ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि एक साल पहले ही ग्राम गढ़र में खुलेआम पार्टी कार्यकर्ताओं से उनकी मुंहाचाही हुई थी और कार्यकर्ताओं ने उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए विकास कार्य न कराने के आरोप जड़े थे। जहां तक क्षेत्र के विकास की बात है तो जिला मुख्यालय उरई नगर की सड़कें उन्हें मुंह चिढ़ा रही हैं। पिछले साढे चार साल से जेल रोड पर चल कर अपने वाहन कबाड़ा कर चुके लोगों की सुध कार्यकाल के आखिरी में ली। पूरे शहर की सड़कों को पैचवर्क के नाम पर ढका जा रहा है। जहां दूसरे दिन ही गड्ढे दिखाई देने लगते हैं। उरई विधानसभा क्षेत्र की सड़कों का हाल कम खराब नहीं है। सूत्रों की मानें तो जब चुनाव करीब आया तो ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंताओं से विकास कार्यों के स्टीमेट बनवाकर कार्यकर्ताओं को दिखाये जा रहे हैं, जबकि विधायक निधि पहले ही साफ हो चुकी है। कार्यकर्ताओं को बहलाया तो जा ही सकता है,जिसे विधायक गौरीशंकर वर्मा अच्छी तरह से अंजाम दे रहे हैं। हालांकि मौजूदा विधायक गौरीशंकर वर्मा के खिलाफ पार्टी के आम कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र की जनता जनार्दन की नाराजगी की बहुत सारी वजह है, जिनका सामना टिकट मिलने पर उन्हें कार्यकर्ताओं की नाराजगी के रूप में करना पड़ सकता है।
फिलहाल सिटिंग विधायक के रूप में उनकी दावेदारी तो मजबूत मानी जा रही है, लेकिन उनकी प्रत्याशिता को लेकर भाजपा में द्वन्द की स्थिति बनी हुई कि क्या वह फिर से भाजपा को जीत दिला पायेगे ? असमंजस की ऐसी स्थिति में टिकट के अन्य दावेदारों पर भाजपा विचार कर सकती है और उनमें पहला नाम जिला पंचायत सदस्य पूनम अरविंद निरंजन एट का आता है। इनका नाम जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी में भी सामने आया था लेकिन आखिर में डा. घनश्याम अनुरागी को प्रत्याशी घोषित किया गया था। पूनम ग्राम एट की प्रधान बनने के साथ ही दो बार जिला पंचायत सदस्य बन चुकी हैं। पार्टी के भीतर उनकी दावेदारी को तबज्जो दी जा रही है। प्रांतीय स्तर पर भी पूनम की दावेदारी चर्चा में है। हालांकि जिस तरह से कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने की बात कहीं जा रही है, उसे देखते हुए उरई सीट पर पूर्व सभासद सुनीता वर्मा एवं रेखा वर्मा भी टिकट के लिए ताल ठोक रही हैं। कहने को रामप्रकाश मुखिया भी दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा विधायक गौरीशंकर वर्मा की दावेदारी अभी भी मजबूत मानी जा रही है। सिटिंग विधायक के रूप में वह टिकट पाने में भले सफल हो जाएं लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सीट निकाल पायेगे ? यही सवाल पार्टी नेतृत्व को हलकान किये है। सूत्रों की माने तो सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा का रिपोर्ट कार्ड भी ज्यादा संतुष्ट करने वाला नहीं माना जा रहा है। यही वजह है कि उनके टिकट को लेकर पार्टी के जिम्मेदार भी फिलहाल मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं।
“अनाथों की मां” सिंधुताई सपकाल नहीं रहीं। उनके असमय निधन का पहला संदेश-”सिंधुताई सपकाल गुजर गई” रात करीब 10:15 बजे नासिक की सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा श्रंगारपुरे से मिला। संदेश आते ही दिल धक। ऐसे संदेश पर एकबारगी भरोसा कैसे हो? तुरंत फोन मिलाया। पूछा-कब और कैसे? जवाब आया-“इतनी ही सूचना है। सोचा आपसे शेयर करूं।” मन बेचैन। बाद में मैसेज पर मैसेज और उस मनहूस सूचना पर यकीन करना मजबूरी बन गई। सिंधु ताई का जीवन संघर्षों से भरा रहा लेकिन स्त्री मन की कोमलता आजीवन जीवंत रही। संघर्षों की आग में तपकर कुंदन बनकर देश-दुनिया में चमकीं सिंधुताई ने अपनी कोमलता पर कभी आंच नहीं आने दी। सिंधुताई सच्चे अर्थों में सामाजिक कार्यकर्ता थीं। नाम की नहीं काम की। संघर्षों से मिली अपनी जीत उन्होंने समाज को समर्पित कर दी। सिंधुताई के जीवन का वह सबसे बुरा दौर था, जब उन्हें अपने माता-पिता ने पांचवी के बाद पढ़ाने से मना कर दिया। पढ़ने का शौक जिंदा दफन हो गया। 10 वर्ष की उम्र में अपने से 10 साल बड़े युवक से “नाथ” दिया गया था। यानी फेरे करा दिए गए। तब उन्हें “शादी” शब्द का अर्थ तक नहीं मालूम था। ससुराल में पति के प्यार की बजाए दुत्कार-मार मिली। वनाधिकारियों-ग्राम पंचायत कर्मियों की साजिश पर गर्भावस्था के अंतिम पायदान पर पति ने मारपीट कर बेहोशी हालत में गाय के तबेले में फेंक दिया। वहीं उन्होंने नवजात को जन्म दिया। नवजात की हिफाजत के लिए कुछ दिन श्मशान में भी बिताए। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि घर के गोवंशों के गोबर पर अपना हक माना और वनाधिकारियों की आपत्तियों को दरकिनार किया। सिंधुताई “अनाथों की मां” ऐसे ही नहीं जानी-मानी गईं। नवजात बच्ची के साथ अपने जीवन का संघर्ष भरा सफर शुरू करने वाली सिंधु ताई ने ट्रेनों में भीख मांगी। अपनी खुद की दुधमुंही बेटी को दूसरे को गोद देकर अनाथ बच्चों को गले लगाया। भीख मांग कर मिलने वाले भोजन को उन्हीं के साथ मिल बैठकर खाया। उनके मन की कोमलता ही थी कि धीरे-धीरे यह अनाथ बच्चे ही उनके “अपने” होते गए। मांग कर खुद खाने और अनाथ बच्चों का पेट भरने से सिंधुताई का सामाजिक काम का शुरू हुआ सिलसिला पुणे में “सन्मति बाल निकेतन संस्था” के रूप में सामने आया। इस संस्था को सिंधुताई आश्रम मानती थीं। बिना सरकारी मदद के अपने सीमित संसाधनों से संस्था में धीरे-धीरे अनाथ बच्चों की संख्या बढ़ती गई। जिस सिंधुताई को उनके अपने परिवार और ससुराल ने ठुकरा दिया था, उन सिंधुताई के अपने इस “परिवार” में ढाई हजार लोगों से ज्यादा सदस्य हैं। सिंधु ताई की कोमल परवरिश से अनाथ बच्चे आश्रम में पले ही नहीं, पढ़े और बढ़े भी। उनके पाले और पोसे हुए कई अनाथ बच्चे पढ़ लिखकर लायक बन गए। कोई यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बना कोई लायर और कोई इंजीनियर। एक ने तो बाकायदा उन पर रिसर्च भी की।
पति को बेटा मानकर आश्रम में दिया आश्रय
सिंधुताई की संघर्ष की गाथा से भी बड़ी है कोमल कथा। अपने आत्मबल से संघर्षों की जंग जीत का समाज में “अनाथों की मां” के रूप में प्रतिष्ठापित हो चुकी सिंधुताई के लिए वह दिन एक अजीब कशमकश के साथ गुजरा जब उन्हें गर्भावस्था में लात से मारकर घर से निर्वासित करने वाले पति ने आश्रम में आश्रय मांगा। कोमल मन वाली सिंधुताई ने पति के उस अनुरोध को ठुकराया नहीं। बस एक शर्त सामने रखी-“बेटे के रूप में रहना चाहो तो रह सकते हो”। सिंधुताई के लिए अनाथ बच्चे ही उनका सब कुछ थे। अपने सभी संबंध उन्होंने “खत्म” मानकर नया जीवन शुरू किया लेकिन कोमलता फिर भी मरने नहीं दी। शर्त स्वीकार करने पर उन्होंने पति को आश्रम में आश्रय भी दे दिया। वह आज भी आश्रम में आश्रय पाए हुए हैं।
पिंक कलर से प्रेम.. सिंधुताई को देश और विदेश में मंचों से सुनने वाले यह सुनते ही रहे हैं। पिंक कलर से उन्हें कुछ ज्यादा ही प्रेम था। ज्यादातर साक्षात्कार में उनसे पिंक कलर की साड़ी पहनने के बारे में प्रश्न पूछे जाते थे। हर बार उनका हंसते हुए एक ही जवाब होता था-“जीवन में बहुत काला हुआ है रे! अब तो गुलाबी रहने दो”। सिंधुताई से पहली और आखरी बार मिलने का संयोग रायबरेली में वर्ष 2017 में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति कार्यक्रम में पधारने पर ही हुआ। इसके पहले उनके समाजसेवा के किस्से ही सुन रखे थे। समिति का “डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी लोक सेवा सम्मान” उन्हें समर्पित किया गया था। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सिंधुताई सुबह 5 बजे पुणे से चली थीं। दत्तक पुत्र विनय सपकाल साथ आए थे। करीब 12 घंटे बाद शाम 5 बजे रायबरेली पहुंचने पर होटल में उनके इस्तकबाल और आशीर्वाद के लिए हमने जिस साड़ी में उन्हें देखा था, गुलाबी रंग की ही थी। वही साड़ी पहनकर वह कार्यक्रम में पधारीं और दूसरे दिन घर पर विदाई के क्षणों में भी पिंक कलर की उसी साड़ी को पहने हुए पाया। उन्हें रंग से प्रेम था। परिधान से नहीं।
जल्दी करो नहीं तो भगवान नाराज हो जाएंगे.. सिंधुताई सपकाल विधिवत और पारंपरिक पूजा की पक्षधर कभी नहीं रही। उनके लिए आजीवन कर्म ही पूजा रहा। कर्म को पूजा मानने का फल ही था कि उनके परिवार की सदस्य संख्या ढाई हजार से अधिक हो गई थी। इस बात का हमें ज्ञान नहीं था। महिला होने के नाते रायबरेली से विदाई के वक्त हमने गायत्री मंदिर के कुछ स्वयंसेवकों को बुला कर पूजा के प्रबंध किए। माई सिंधु ताई ने प्रबंधों को नकार कर हम सब का दिल नहीं तोड़ा। यह जरूर कहती रहीं-“बड़ा टाइम लग रहा है। जल्दी करो नहीं तो भगवान भी नाराज हो जाएंगे”। सिंधुताई के सम्मान में घर आए लोगों ने उनसे खूब आत्मीयता पाई और उपहार देकर छुपाने की कोशिश भी की।
माई से बड़ा कोई नहीं.. रायबरेली से विदाई के वक्त घर पर एक छोटी सी पार्टी रखने का रिवाज है। सुबह करीब 8:00 बजे थे, सिंधुताई घर पर पधारीं। गाड़ी से उतरते ही अपने प्रेम भरे अंदाज में बोली-“गौरव तू तो बहुत बड़ा आदमी है रे!”तब मेरे मुख से सहसा यही निकला था-“माई से बड़ा कोई नहीं”। उनके रहते उनके आश्रम को देखने सुनने और समझने का बहुत मन था लेकिन अचानक उनकी असमय विदाई से यह सपना चूर-चूर हो गया।
बिजनौर। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली ने इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह को उनके सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान स्वरूप गुरु गोविंद सिंह जी का चित्र भेंट किया।
पूर्व अध्यक्ष एसके बबली ने डॉक्टर नरेंद्र सिंह को योग और प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, रंग चिकित्सा, जल चिकित्सा, बिना किसी दवाई के चिकित्सा आदि के जरिये समाज की नि:शुल्क सेवा करने के लिए सम्मानित किया। साथ ही उनसे आशा की, कि इसी प्रकार समाज की सेवा करते रहेंगे। इस अवसर पर साथ में बार एसोसिएशन के एडवोकेट भी उपस्थित रहे। विदित हो कि वरिष्ठ अधिवक्ता एसके बबली इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन यूनिट बिजनौर के संरक्षक भी हैं।
गुरुवार शाम 7 बजे तक लगाई गईं 85 लाख से अधिक वैक्सीन की खुराक।
नई दिल्ली (PIB)। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत का कोविड-19 टीकाकरण कवरेज गुरुवार शाम 149.57 करोड़ के पार (1,49,57,01,483) पहुंच गया। शाम 7 बजे तक टीके की 85 लाख से ज्यादा (85,32,595) खुराक लगाई गईं। देर रात तक दिन की अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के साथ दैनिक टीकाकरण का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि देश में कोविड टीकाकरण का 356वां दिन था।
लखनऊ। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी, अयोध्या और बस्ती में 12981 करोड़ रुपये की लागत वाली 572 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
श्री गडकरी ने कौशांबी में 2659 करोड़ रुपये की लागत वाली 6 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने अयोध्या में 8,698 करोड़ रुपये की लागत वाली 6 एनएच परियोजनाओं की आधारशिला रखी और बस्ती में मंत्री महोदय ने 1,624 करोड़ रुपये की लागत वाली 3 एनएच परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
बताया गया है कि अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग बन जाने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अयोध्या रिंग रोड बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या दूर हो जाएगी। भगवान श्री राम वन गमन मार्ग के निर्माण से महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी और श्रृंगवेरपुर धाम जुड़ जाएंगे। एनएच-233 के निर्माण से लुम्बिनी स्थित भगवान बुद्ध की जन्मस्थली वाराणसी और सारनाथ से जुड़ जाएगी।
फिट इंडिया मूवमेंट 29 अगस्त, 2019 को प्रधान मंत्री द्वारा फिटनेस को हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की दृष्टि से शुरू किया गया था। आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है। इस मिशन को प्राप्त करने की दिशा में, फिट इंडिया निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न पहल करने और कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव करता है:
फिटनेस को आसान, मजेदार और मुफ्त के रूप में बढ़ावा देना।
फिटनेस और विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए जो केंद्रित अभियानों के माध्यम से फिटनेस को बढ़ावा देते हैं।
स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देना।
फिटनेस को हर स्कूल, कॉलेज/विश्वविद्यालय, पंचायत/गांव आदि तक पहुंचाने के लिए।
भारत के नागरिकों के लिए जानकारी साझा करने, जागरूकता बढ़ाने और व्यक्तिगत फिटनेस कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच तैयार करना।
अपने फिटनेस स्तर की जांच करें, अपने कदमों को ट्रैक करें। अपनी नींद को ट्रैक करें, अपने कैलोरी सेवन को ट्रैक करें, फिट इंडिया इवेंट्स का हिस्सा बनें, अनुकूलित डाइट प्लान प्राप्त करें आयु-वार फिटनेस स्तर फिटनेस मंत्र फिट इंडिया मिशन लोगों को अपने दैनिक जीवन में कम से कम 30-60 मिनट की शारीरिक गतिविधियों को शामिल करके फिट इंडिया मूवमेंट का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है।
फिटनेस की खुराक आधा घंटा रोज- इनसाइट्स फिट इंडिया ने फिटनेस के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और फैलाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं कि फिटनेस हर स्कूल, कॉलेज / विश्वविद्यालय, पंचायत / गांव आदि तक पहुंचे।
बिजनौर। …कहते हैं कि नर सेवा ही नारायण सेवा। कुछ इसी तर्ज पर राष्ट्रीय लोक दल के शहर अध्यक्ष यादराम सिंह चंदेल चल पड़े हैं। सर्दियों के मौसम को देखते हुए उन्होंने अपने आवास पर गरीबों को कंबल वितरित किए।
कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। गरीबों, बेसहारा लोगों के लिए एक ओर जहां प्रशासनिक स्तर से विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं रैन बसेरों के जरिए उनके विश्राम का भी खासा खयाल रखा जा रहा है।
ऐसे में विभिन्न राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों का भी कर्तव्य बनता है कि समाज हित में कुछ करें। इसी क्रम में वरिष्ठ समाजसेवी एवं राष्ट्रीय लोक दल के शहर अध्यक्ष यादराम सिंह चंदेल ने अपने आवास पर गरीबों को कंबल वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सामाजिक हित के कार्य करने से उन्हें आत्मसंतुष्टि मिलती है। वह कभी भी गरीबों की सेवा करने से पीछे नहीं हटे और न ही हटेंगे। कंबल प्राप्त करने के बाद लाभान्वित लोगों ने उन्हें भरपूर आशीर्वाद दिया।
बिजनौर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक दल फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर पूर्व में निष्कासित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की घर वापसी कराई गई।
कार्यक्रम का आयोजन जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता एवं जिला प्रभारी व क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा और जिला प्रवासी सत्यव्रत शास्त्री की उपस्थिति में हुआ।
बताया गया कि जिला पंचायत चुनाव में तत्कालीन परिस्थिति को देखते हुए पार्टी के विरोध में चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं का निष्कासन किया गया था। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी हित में उन कार्यकर्ताओं का निष्कासन रद्द करते हुए पार्टी में उनकी पुनः वापसी करायी जा रही है।
इनमें मुख्य रुप से जिला उपाध्यक्ष रहे नगीना निवासी कृष्ण बलदेव सिंह, पूर्व जिला महामंत्री किसान मोर्चा अवनीश चौहान, विजेंद्र राणा, सरदार कुलवंत सिंह, रमेश रागी, जितेंद्र राणा, गिरिराज सैनी, नरेश कुमार, संजय चौहान, ज्ञानेश्वर, राजन, विष्णु दत्त, टीकम सिंह, अरविंद प्रजापति, विनीत बहादुर, नरेश कुमार, विनोद कुमार आदि की घर वापसी कराई गई। इस अवसर पर सभी का फूल मालाओं से स्वागत किया गया।
घर वापसी के बाद सभी ने भाजपा की रीतियों नीतियों के अनुरूप कार्य करने का प्रण लिया। साथ ही कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए जनता के बीच जा कर समाज हित में किए गए कार्यों से अवगत कराएंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला महामंत्री विनय राणा, मुकेन्द्र त्यागी, भूपेंद्र बॉबी, सुभाष चौहान, संगीता अग्रवाल, चौधरी देव सिंह, संदीप तायल, पुष्कर सिंह, अभिषेक उपमन्यु, डॉ. भुवनेंद्र चौधरी, सुरेंद्र प्रजापति, राजीव लोचन, विक्रांत चौधरी, विपुल शर्मा, अजय राणा आदि समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नई नियमावली में धारा 376डी सामूहिक दुष्कर्म, 302 हत्या, 395 लूट, 396 डकैती और 397 हत्या कर लूट जैसे अपराधों में गैंगस्टर लगाया जा सकता है। साथ ही अब अगर कोई नाबालिग भी गंभीर धाराओं में अपराध करता है तो उस पर डीएम की अनुमति से गैंगस्टर की कार्रवाई की जा सकेगी। पहले नाबालिग इस तरह की कार्रवाई से बच जाते थे।
लखनऊ। अब गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होते ही अपराधी की संपत्ति जब्त हो सकेगी। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शासन ने प्रदेश में पहली बार लागू हुई गैंगस्टर नियमावली-2021 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
गौरतलब है कि पहले जब्तीकरण की कार्रवाई वैकल्पिक थी। नई नियमावली 27 दिसंबर 2021 से प्रदेश में लागू हो चुकी है। गत सोमवार रात सभी थानाध्यक्षों को नियमावली में हुए, बदलाव की जानकारी दे दी गई है। डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि इससे अपराधियों में भय का माहौल बनेगा।
नई नियमावली के प्रावधानों के मुताबिक संपत्ति जब्त करने की रिपोर्ट आने पर डीएम खुद संपत्तियों की जांच कर सकते हैं या किसी विधि अधिकारी से जांच करा सकते हैं। गैंगरेप, हत्या, डकैती, हत्या कर लूट जैसे अपराधों में से किसी एक भी अपराध में मुकदमा दर्ज होते ही तत्काल संबंधित अपराधी/अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। पुरानी व्यवस्था में कितनी भी गंभीर धारा हो, गैंगस्टर की कार्रवाई करने के लिए एक से अधिक केस का होना अनिवार्य था। यही नहीं डीएम की अनुमति से इन अपराधों में शामिल नाबालिग पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई हो सकेगी।
गैंग चार्ट में नाम नहीं, फिर भी विवेचना में जोड़ा जा सकेगा नाम
नियमावली के अनुसार यदि गैंग चार्ट में नाम नहीं है और विवेचना के दौरान यह बात सामने आती है कि किसी की संबंधित अपराध में संलिप्तता रही है या अपराधी का किसी रूप में सहयोग किया है तो डीएम की अनुमति से उसका नाम भी गैंगस्टर में जोड़कर चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। विवेचना की समीक्षा हर तीन महीने पर डीएम करेंगे। हर छह महीने पर कमिश्नर एवं एक साल पर अपर मुख्य सचिव गृह इसकी समीक्षा करेंगे।
गलत कार्रवाई पर हट जाएगा नाम
यदि किसी पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई गलती से कर दी गई है तो विवेचना के दौरान डीएम उसे वापस ले सकेंगे। यदि आरोप पत्र दाखिल हो चुका है, तो राज्य सरकार से संस्तुति की जाएगी। गैंग चार्ट में जिस विषय वस्तु का उल्लेख किया जाएगा, उसके सही होने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होगी।
गैंगस्टर से संबंधित नई नियमावली लागू हो गई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस को भी बदले हुए प्रावधानों की जानकारी दे दी गई है। अब अपराधियों में भय व्याप्त होगा। वे गंभीर अपराध करने से घबराएंगे। -विजय किरन आनंद जिलाधिकारी उरई जालौन
साभार-संजय श्रीवास्तव- प्रधान सम्पादक एवं स्वत्वाधिकारी यंग भारत, अनिल शर्मा निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी. एम.
👉 उरई जालौन विधानसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी की टिकट के प्रबल दावेदार पूर्व मंत्री दयाशंकर वर्मा को भरोसेमंद नहीं मानते सपा कार्यकर्ता। 👉लोकसभा विधानसभा एवं निकाय चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ चला चुके हैं मुहिम, जालौन नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में थोपन यादव के खिलाफ बागी प्रत्याशी के समर्थन में रहे थे दयाशंकर वर्मा। 👉 गांधी इंटर कॉलेज उरई की जमीन पर दया शंकर वर्मा पर लगे थे कब्जा करने के आरोप, कॉलेज के क्रीड़ा स्थल पर खोल लिया था दरवाजा, कोंच में पूर्व मंत्री के भाइयों पर भी मकान पर कब्जे एवं छेड़खानी के आरोपियों को संरक्षण देने के चलते कटा था 2017 में टिकट।
उरई (जालौन)। उरई-जालौन सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट की दावेदारी कर रहे पूर्व विधायक दयाशंकर वर्मा के कारनामे ही अब उनके टिकट में बाधक माने जा रहे हैं। उनके क्रियाकलापों से पार्टी कार्यकर्ताओं में व्याप्त नाराजगी को जहां वह दूर करने में असफल रहे हैं, वहीं उनके ऊपर अपने स्वार्थ के लिए ही काम करने के आरोप लग रहे हैं कि वह पार्टी के मूल वोट बैंक यादव समाज के व्यक्ति की सफलता को हजम नहीं कर पाते हैं। जब भी मौका आया उन्होंने हमेशा विरोध में ही काम किया। पूर्वमंत्री दयाशंकर वर्मा पर अपने पिछले विधायकी कार्यकाल में जिस तरह से जमीनों एवं मकानों पर कब्जे के आरोप लगे थे उसके चलते ही वर्ष २०१७ के विधानसभा चुनाव के दौरान नामांकन के बाद उनका टिकट काटकर महेन्द्र कठेरिया को दे दिया गया था, क्योंकि नामांकन के दौरान उनके भाई पर कोंच नगर की युवती ने जबरन मकान पर कब्जा करने एवं उत्पीड़न के आरोप लगाये थे। २०१७ के विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद उनके बागी तेवर जगजाहिर हुए थे। तो लोकसभा चुनाव में दयाशंकर वर्मा के रवैये को लेकर समाजवादी पार्टी के आम कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई थी। निकाय चुनाव में भी उन पर जालौन नगर पालिका परिषद से समाजवादी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी चंद्रप्रकाश उर्फ थोपन यादव के खिलाफबागी प्रत्याशी को उतारने का षड़यंत्र रचने के आरोप लगे चुके हैं।
गांधी इंटर कालेज के क्रीडा स्थल पर कब्जे का आरोप
उरई। समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे दयाशंकर वर्मा पर श्री गांधी इंटर कालेज उरई की प्रबंधक श्रीमती इंदु शर्मा एवं तत्कालीन प्रधानाचार्य ने कालेज के क्रीडा स्थल पर कब्जा करने का आरोप बकायदा पत्रकार वार्ता में लगाया था। उनके लॉज में अराजकतत्वों के ठहरने के भी आरोप लगे थे। स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों के साथ अप्रिय घटना घटने की आशंका व्यक्त की गई थी। दरअसल दयाशंकर वर्मा ने अपने लॉज के पीछे एक दरवाजा लगा दिया था जो गांधी इंटर कालेज के क्रीड़ा स्थल में खुलता था। तब समाजवादी पार्टी के नेताओं के दबाव में दयाशंकर वर्मा को यह कहते हुए सफाई देनी पड़ी थी कि लॉज में मरम्मत का कार्य चल रहा है और निर्माण सामग्री अंदर ले जाने के लिए दरवाजा खोला गया था, लेकिन असल मंशा क्रीड़ा स्थल पर कब्जे की मानी जा रही थी।
थोपन यादव के खिलाफ खड़ा किया था बागी प्रत्याशी-उरई। पूर्वमंत्री दयाशंकर वर्मा पर वर्ष २०१७ के निकाय चुनाव में जालौन नगर पालिका परिषद से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चंद्रप्रकाश उर्फ थोपन यादव के खिलाफ बागी प्रत्याशी खड़ा करने में दयाशंकर वर्मा की भूमिका चर्चा का विषय रही थी। दरअसल समाजवादी पार्टी ने थोपन यादव को टिकट दिया था, लेकिन पार्टी के फैसले के विरूद्ध जाकर उन्होंने इकबाल मंसूरी को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना समर्थन दे दिया था। जिसके चलते थोपन यादव को पराजय का सामना करना पड़ा था। तो इकबाल मंसूरी भी हार गये थे। इस तरह वोटों के विभाजन का फायदा भाजपा प्रत्याशी गिरीश गुप्ता को मिला था, जो चुनाव में सफल रहे थे। तब थोपन यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से दयाशंकर वर्मा की कुटिल राजनीति करने की शिकायत की थी।
लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में भितरघात के आरोप
उरई। वर्ष २०१७ के चुनाव में टिकट कटने के बाद प्रत्याशी बनाये गये महेन्द्र कठेरिया के चुनाव में पूर्वमंत्री एवं सपा नेता दयाशंकर वर्मा पर भितरघात के आरोप लगे थे। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता आज भी यह कहते पाये जाते हैं कि दयाशंकर ने महेन्द्र कठेरिया सपा प्रत्याशी को हराने के लिए भाजपा के उम्मीदबार गौरीशंकर वर्मा के पक्ष में अपने लोगों को लगाया था। तब महेन्द्र कठेरिया ने भी उन पर भितरघात के आरोप लगाये थे। यही नहीं लोकसभा चुनाव २०१९ में सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी अजय सिंह पंकज के चुनाव प्रचार से दयाशंकर वर्मा ने दूरी बना रखी थी। तत्कालीन जिला कमेटी के अनुरोध के बाद भी दयाशंकर वर्मा ने पार्टी के खिलाफ जाकर अघोषित रूप से भाजपा का साथ दिया था। इस तरह के आरोप आज भी सपा नेता लगाने से नहीं चूकते है।
दयाशंकर को भरोसेमंद नहीं मानते सपाई
उरई। समाजवादी पार्टी से टिकट की दावेदारी कर रहे दयाशंकर वर्मा को समाजवादी पार्टी के नेता भरोसेमंद नहीं मानते, क्योंकि किसान कामगार पार्टी से पहली बार विधायक बनने के बाद से दल बदलने के आरोप लगाये जाते रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेता तो उन्हें सौदेबाज बताते हैं। पार्टी के मिशनरी नेताओं का मानना है कि दयाशंकर वर्मा को टिकट देना नेकी कर दरिया में डालने जैसा होगा, क्योंकि २०१२ में विधायक बनने के बाद गनीमत रही कि सपा की सरकार बन गई अगर कहीं हंग असेम्बली होती तो फिर वह मौके पर चौका लगाने से नहीं चूकते। उनके यह तमाम कारनामे उरई जालौन क्षेत्र से उनके टिकट में बाधक माने जा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का तो यह तक कहना है कि दयाशंकर वर्मा को टिकट दिया तो पार्टी के मूलवोट बैंक यादव समाज की नाराजगी का सामना चुनाव में करना पड़ सकता है।
सुरेश खरकया जिला संवाददाता स्वतंत्र भारत उरई जालौन
बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुस्तरीय जंग छेड़ दी है। समाज के हर स्तर तक सम्पर्क कर प्रदेश में एक बार फिर परचम लहराने का जोश भरपूर है। इसी क्रम में नूरपुर विधान सभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी की सेक्टर स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया। मीटिंग में जिला अध्यक्ष जितेंद्र सागर ने पार्टी की नीतियों से अवगत कराते हुए कहा कि केवल बसपा सरकार ही उत्तर प्रदेश में कानून एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर कर सकती है। इस दौरान नूरपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी हाजी जियाउद्दीन, इसरार नवी, मुख्य सेक्टर प्रभारी काके रवि, सेक्टर प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह, जिला संयोजक बलवंत सिंह, अध्यक्ष नूरपुर डॉक्टर शमशाद, जिला सचिव परम सिंह प्रधान, जिला सचिव डैनी भाई आदि साथी उपस्थित रहे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पहचाने जाएंगे फसलों के बीच में उगे खरपतवार
नई दिल्ली (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हर क्षेत्र में तेजी से इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। यह इंसानी जिंदगी का एक तरह से पहिया बनता जा रहा है। यही वजह है कि AI का कारोबार तेजी से विस्तार ले रहा है। भारत में भी इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है। भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दे रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से छत्तीसगढ़ के दो युवा वैभव देवांगन और धीरज यादव ने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिससे फसलों के बीच में उगे खरपतवारों को पहचानने में मदद मिलेगी।
इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू पर डिजिटल इंडिया ने एक वीडियो के साथ पोस्ट शेयर किया है। डिजिटल इंडिया ने लिखा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- द फ्यूचर ऑफ द नेशन, दो युवाओं ने एआई संचालित तकनीक की मदद से एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। ‘एआई के लिए वीड डिटेक्टर सिस्टम’, जो आसानी से खेतों में विभिन्न प्रकार के खरपतवारों की पहचान करता है और उन्हें हटाने में सहायता करता है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नर्रा के छात्र वैभव देवांगन और धीरज यादव द्वारा एआई तकनीक से तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए मददगार साबित हो सकता है।
पूरे जोश और ऊर्जा के साथ फिर बनाएंगे भाजपा सरकार:राजेन्द्र अग्रवाल। भाजपा युवा मोर्चा ने किया युवा महासम्मेलन का आयोजन।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से प्रेरित होकर ही आज युवा वर्ग भाजपा के साथ है और योगी को फिर से 2022 में मुख्यमंत्री देखने का सपना संजोए हुए है। उक्त उद्गार मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भाजपा युवा मोर्चा के युवा महासम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।
भाजपा युवा मोर्चा के युवा महासम्मेलन का आयोजन डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर में किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि राजेंद्र अग्रवाल सांसद मेरठ, विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा सत्येंद्र अवाना रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि पार्टी की नीतियों से प्रेरित होकर ही आज युवा वर्ग भारतीय जनता पार्टी के साथ है और योगी को 2022 में फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखने का सपना संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि कभी किसी पुरानी सरकार ने युवाओं और जनहित के ऐसे कार्य नहीं किए, जो भाजपा की सरकार ने किए।
महा सम्मेलन की अध्यक्षता रॉबिन चौधरी एवं संचालन ललित सैनी ने किया। मुख्य रूप से क्षेत्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा वीनस शर्मा, क्षेत्रीय मंत्री भाजपा अनूप बाल्मीकि, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कविता चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप, सदर विधायक सूची मौसम चौधरी, जिला महामंत्री विनय राणा, डा. मंजू चौधरी, आकाश शास्त्री, सौरभ सिंघल, जिला मीडिया प्रभारी सभासद दीपक गर्ग मोनू, विक्रांत चौधरी, संकित राठी, विनीत चौधरी, नवजोत, अनमोल मित्तल, ऋतिक त्यागी, वरुण गोलू एड., अर्पित सिंघल, संदीप बालहरे, उदयवीर, सुमित गुर्जर, विक्की जोशी, कार्तिक, सुधांशु अक्षय आदि उपस्थित रहे।
डा. मंजू चौधरी ने पेश की मजबूत दावेदारी! बिजनौर। डा. मंजू चौधरी ने हजारों समर्थकों की भीड़ जुटाकर न सिर्फ भाजयुमो के सम्मेलन की सफलता में अहम भूमिका निभाई, बल्कि टिकट के लिए अपनी मजबूत दावेदारी भी पेश की। सम्मेलन में बिजनौर विधानसभा से टिकट के दावेदार दमखम के साथ शामिल हुए। कड़ाके की सर्दी होने के बावजूद सुबह से ही नजीबाबाद मार्ग पर रेलवे स्टेशन चौराहे के पास स्थित डा. मंजू चौधरी के कैंप कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। यहां से ढोल नगाड़ों के साथ डा. मंजू चौधरी सम्मेलन के लिए रवाना हुईं। वह खुली जीप में सवार थीं, जबकि उनके समर्थक गाड़ी, बाइक के अलावा पैदल ही साथ चल रहे थे।
Indian Railway: साल 2022 में मिली बड़ी सौगात, लंबी दूरी के ये ट्रेन अब इन 5 स्टेशनों पर भी रुकेंगी
Railway latest news: रेलवे 6 महीने बाद इसकी समीक्षा करेगा और ये तय किया जाएगा कि इन्हें नियमित किया जाए या फिर बंद कर दिया जाए.
रेलवे ने नये साल पर यात्रियों को बड़ा तोहफा दिया है. नये साल में अब आप अपने शहर के स्टेशन से ही लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ पायेंगे. इसके तहत उत्तर पश्चिम रेलवे ने लंबी दूरी की कई ट्रेनों का स्टोपेज छोटे स्टेशनों पर भी कर दिया है. इससे अब इन स्टेशनों के यात्री अपने शहरों से सीधी बड़े स्टेशनों का सफर तय कर सकेंगे. अब उन्हें लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिये नजदीकी बड़े स्टेशन पर जाने की जरुरत नहीं रहेगी. लंबी दूरी की ट्रेनों का उनके स्टेशनों पर होने से उन्हें काफी फायदा मिलेगा.
जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे प्रबंधन ने नए साल में यात्रियों को बड़ी सौगात दी है. NWR ने मध्य प्रदेश से जुड़े पांच छोटे स्टेशनों पर लंबी रूट की ट्रेनों का ठहराव (Stoppage) देकर इन इलाकों के यात्रियों को बड़ी राहत दी है. अब छोटे रेलवे स्टेशन के यात्री भी अपने स्टेशनों से ही सीधे बड़े शहरों के लिये ट्रेन पकड़ सकेंगे. पांच रेलवे स्टेशनों पर ये ठहराव शुरू हो चुके हैं. इन स्टेशनों पर पर लंबी दूरी की ट्रेनों का अधिकतम ठहराव 2 से 5 मिनट के बीच का होगा.
लंबे रूट की ट्रेनों के ठहराव की वजह से यहां के यात्रियों को अपने ही रेलवे स्टेशन से लंबी दूरी के स्टेशनों पर जाने की सीधी सुविधा मिल सकेगी. ये ठहराव फिलहाल 6 महीने के लिए ही दिया जा रहा है. इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और ये तय किया जाएगा कि इन्हें नियमित किया जाए या फिर बंद कर दिया जाए.
रेलवे प्रशासन की ओर से रतलाम–उदयपुर-रतलाम एक्सप्रेस का मलहारगढ़, जोधपुर- इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस का दालौदा, जयपुर-हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस का जावरा और इंदौर-उदयपुर-इंदौर एक्सप्रेस का जावद रोड और पिपलिया स्टेशन पर ठहराव दिया जा रहा है.
रतलाम–उदयपुर एक्सप्रेस 01. गाड़ी संख्या 19327 रतलाम–उदयपुर एक्सप्रेस 3 जनवरी से रतलाम से प्रस्थान करेगी. यह मलहारगढ़ स्टेशन पर शाम 6.31 बजे आयेगी और 6.32 बजे प्रस्थान करेगी. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 19328 उदयपुर–रतलाम एक्सप्रेस 3 जनवरी से उदयपुर से प्रस्थान कर मल्हारगढ़ स्टेशन पर 5:24 बजे पहुंचेगी. वहां से 5:25 बजे प्रस्थान करेगी.
जोधपुर–इंदौर एक्सप्रेस 02. गाड़ी संख्या 14801 जोधपुर–इंदौर एक्सप्रेस से जोधपुर से प्रस्थान करेगी. यह दलौदा स्टेशन पर शाम 7.08 बजे आयेगी और 7.09 बजे वहां से प्रस्थान करेगी. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 14802 इंदौर–जोधपुर एक्सप्रेस इंदौर से प्रस्थान करेगी. उसके बाद यह दलौदा स्टेशन पर 7.35 बजे आयेगी शाम 7.36 बजे वहां प्रस्थान करेगी. यह शेड्यूल 1 जनवरी से लागू कर दिया गया है.
जयपुर–हैदराबाद एक्सप्रेस 03. गाड़ी संख्या 17019 जयपुर–हैदराबाद एक्सप्रेस 4 जनवरी से जयपुर से प्रस्थान कर रात 11.14 बजे जावरा स्टेशन पर पहुंचगी. वहां से 11.16 बजे प्रस्थान करेगी. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 17020 हैदराबाद–जयपुर एक्सप्रेस हैदराबाद से रवाना होकर शाम 7.43 बजे जावरा स्टेशन पर आयेगी और 7.45 बजे प्रस्थान करेगी.
इंदौर-उदयपुर एक्सप्रेस 04. गाड़ी संख्या 19329 इंदौर-उदयपुर एक्सप्रेस 2 जनवरी को इंदौर से रवाना होने के बाद रात 12:54 बजे जावद रोड स्टेशन पर पहुंचेगी और 12:56 बजे वहां से प्रस्थान कर जायेगी. 4 जनवरी को इंदौर से प्रस्थान करने वाली ट्रेन रात 11:35 पर पिपलिया स्टेशन पर आयेगी और 11:36 बजे वहां से प्रस्थान करेगी.
उदयपुर- इंदौर एक्सप्रेस 05. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 19330 उदयपुर- इंदौर एक्सप्रेस 3 जनवरी को उदयपुर से प्रस्थान करेगी. उसके बाद यह रात 11:28 पर जावद रोड स्टेशन पहुंचेगी और 11:29 वहां से रवाना होगी. यह रात 12:19 बजे पिपलिया स्टेशन पर पहुंचेगी और 12:20 बजे वहां से रवाना होगी.
संयुक्त मोर्चा की बैठक में आपसी एकता पर दिया गया जोर
नजीबाबाद (बिजनौर)। पत्रकार संयुक्त मोर्चा की बैठक में आपसी एकता पर जोर दिया गया। साथ ही देश और समाज हित में लेखनी को मजबूत करने का आह्वान किया गया। पीडब्लूडी के डाक बगले पर संयुक्ता मोर्चा की बैठक आयोजित की गई। हाशिम अहमद की अध्यक्षता व अल्ताफ रजा़ के संचालन में आयोजित बैठक में सभी पत्रकारों से आपसी एकता बनाए रखने पर जोर दिया गया। साथ ही देश एवं समाजहित में लेखनी को मजबूत करने, समाज के पीड़ितों की आवाज को उठाने का आह्वान किया गया। बैठक में सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी गई। बैठक में नईम सिद्दीकी, शहजाद मलिक, कलीम हुसैन, शहजाद नोमानी, सुखविंदर सिंह, नौशाद सैफी, सुहैल राजू, सपना वर्मा, चेतना गुप्ता, मुशर्रफ हुसैन, शमीम सिददीकी, गुलजार कुरैशी आदि मौजूद रहे।
मेरठ। सर्व दलीय गौरक्षा मंच के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अमित कुमार शांडिल्य ने मेरठ निवासी भूपेंद्र सिंह (सोनू ठाकुर) को मंच का महानगर अध्यक्ष मनोनीत किया है। इसी के साथ उनसे संगठन हित में कार्य करने की अपेक्षा की है। उनके मनोनयन पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं एवं मेरठ क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने हर्ष व्यक्त कर बधाई दी है।
कृष्ण कुमार यादव; पोस्ट मास्टर जनरल वाराणसी परिक्षेत्र
हम में से हर किसी ने अपने जीवन में किसी न किसी रूप में प्रेम-पत्र लिखा होगा। प्रेम-पत्रों का अपना एक भरापूरा संसार है। प्रेम जैसी अनुपम भावना को व्यक्त करने के लिए शब्द सचमुच नाकाफी होते हैं। दुनिया की तमाम मशहूर शख्सियतों ने प्रेम-पत्र लिखे हैं- फिर चाहे वह नेपोलियन हों, अब्राहम लिंकन, क्रामवेल, बिस्मार्क या बर्नार्ड शॉ हों। आज ये पत्र एक धरोहर बन चुके हैं। ऐसे में यह जानना अचरज भरा लगेगा कि दुनिया का सबसे पुराना प्रेम पत्र बेबीलोन के खंडहरों से मिला था। बेबिलोन की किसी युवती का प्रेमी अपनी भावनाओं को समेटकर उससे जब अपने दिल की बात कहने वहां तक पहुंचा, तो वह युवती तब तक वहां से जा चुकी थी। वह प्रेमी युवक अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाया और उसने वहीं मिटटी के फर्श पर खोदते हुए लिखा- ‘मैं तुमसे मिलने आया था, तुम नहीं मिली।’ यह छोटा-सा संदेश विरह की जिस भावना से लिखा गया था, उसमें कितनी तड़प शामिल थी। इसका अंदाजा सिर्फ वह युवती ही लगा सकती थी, जिसके लिए इसे लिखा गया। भावनाओं से ओत-प्रोत यह पत्र ईसा से बहुत पहले का है और इसे ही दुनिया का प्रथम प्रेम पत्र माना जाता है।
बिजनौर। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज क्षेत्र अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्षों की सेक्टर बैठक का आयोजन मोहल्ला जाटान में जोगिंदर सिंह वालिया के निवास स्थान पर किया गया।
इस दौरान सेक्टर संयोजक जोगिंदर सिंह वालिया, सेक्टर प्रभारी श्रीमती संगीता अग्रवाल अनु, मुख्य अतिथि श्रीमती कविता चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के अतिरिक्त बूथ अध्यक्ष हिमांशु शर्मा, विमल चौधरी, मुनेश सैनी, कुलदीप सिंह, ललित सैनी, पन्ना प्रमुख देवेंद्र चौधरी, राम कुमार पप्पू आदि काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सक्रिय होने का आह्वान- सेक्टर संयोजक जोगिंदर सिंह वालिया ने जनसंपर्क अभियान आदि पार्टी की नीतियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी से आगामी चुनाव के दृष्टिगत जनसंपर्क अभियान में तेजी लाने एवं पार्टी की नीतियों पर काम करने के लिए सक्रिय होने के आह्वान के साथ ही 9 तारीख को लखनऊ जाने के लिए तैयार रहने को कहा।
नजीबाबाद (बिजनौर)। डाकघरों में स्वीकृत आधार केंद्रों पर कई माह से अधिक समय से आधार कार्ड नहीं बनने और उनमें विभिन्न परिवर्तन की सुविधा ना मिलने की शिकायत के बाद अब यह सुविधा शुरू हो गई है।
आरटीआई का हथियार आया काम आरटीआई कार्यकर्ता आदर्श नगर निवासी मनोज शर्मा ने केंद्रीय संचार मंत्री भारत सरकार से शिकायत में कहा था कि जनपद के नजीबाबाद, साहनपुर, मंडावर, नगीना में स्वीकृत आधार केंद्रों पर कई माह से कार्य बंद होने से आमजन को परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। उक्त डाकघरों में आधार कार्ड बनाने का पूरा साजो-सामान होने के बाद भी आधार कार्ड नहीं बनने तथा आधार कार्ड में होने वाले परिवर्तनों के सही ना होने से विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजर्गों, विकलांगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पेंशन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा कई लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आमजन आएदिन उक्त डाकघरों के चक्कर काट रहे हैं।
हुई जांच और काम शुरू इस पर जांच शुरू हुई और डाक विभाग के बिजनौर कार्यालय से इन आधार केंद्रों पर जनमानस को सुविधा का लाभ नहीं मिलने के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया। अब नजीबाबाद में थाने के पास मौजूद उपडाकघर पर आधार कार्ड बनाने और उसमें विभिन्न परिवर्तनों का काम शुरू हो गया है।
वैष्णो देवी मंदिर में शनिवार तड़के मची भगदड़ के बाद जम्मू से लेकर गोरखपुर तक कोहराम मच गया है। इस हादसे में कई परिवानों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। माता वैष्णो का आशीर्वाद लेने गए परिजनों की मौत की खबर मिली तो लोग हाल-बेहाल हो गए। देश भर से लोग अपने परिजनों का हाल जानने के लिए संपर्क कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों पर लोग कॉल करके अपने परिजनों का हाल ले रहे हैं। इसके अलावा मदद की गुहार भी लगा रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले 12 लोगों में से अब तक 11 की पहचान हो पाई है, जिनमें गाजियाबाद की रहने वाली श्वेता सिंह, गोरखपुर के अरुण कुमार सिंह समेत देश के कई राज्यों के लोग शामिल हैं।
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसारहादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान इस प्रकार है...
1- श्वेता सिंह, उम्र-35 पति का नाम- विक्रांत सिंह गाजियाबाद
2-डॉ अरुण प्रताप सिंह, उम्र- 30 पिता का नाम- सत प्रकाश सिंह गोरखपुर
3-वनीत कुमार, उम्र- 38 पिता का नाम- वीरमपाल सिंह सहारनपुर
4-धरमवीर सिंह, उम्र-35 सहारनपुर
5- विनय कुमार, उम्र- 24 पिता का नाम- महेश चंद्र भादेरपुर, दिल्ली
6-सोनू पांडेय, उम्र-24 पिता का नाम- नरिंदर पांडेय भादेरपुर, दिल्ली
7-ममता, उम्र- 38 पति का नाम- सुरिंदर बीरी झज्जर, हरियाणा
8- धीरज कुमार, उम्र- 26 पिता का नाम- तरलोक कुमार राजौरी, जम्मू- कश्मीर
9. सोनू शर्मा, उम्र- 32 पिता का नाम- फेरूमल, पता- मोहल्ला नया दादरी, गौतमबुद्धनगर, यूपी
10. महिंदर गौर, उम्र-26 पिता का नाम- शिव कुसम पता- कानपुर, यूपी
11. नरेंद्र कश्यर, उम्र-40 पिता का नाम- सुहाब पता- कानपुर, यूपी
मदद या परिजनों से संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
हादसे में मृत अन्य लोगों की पहचान के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। श्राइन बोर्ड की ओर से दो हेल्पलाइन नंबर 01991-234804 और 01991-234053 जारी किए गए हैं। इसके अलावा प्रशासन से भी संपर्क कर स्थिति के बारे में पता लगाया जा सकता है। पीसीआर कटरा की ओर से दो नंबर 01991232010/ 9419145182 जारी किए गए हैं। पीसीआर रियासी से 0199145076/ 9622856295 नंबरों पर कॉन्टेक्ट किया जा सकता है। रियासी के जिलाधिकारी के कंट्रोल रूम के नंबर 01991245763/ 9419839557 भी साझा किए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके लोग वैष्णो देवी की यात्रा पर गए अपने परिजनों के बारे में जान सकते हैं और किसी भी तरह की मदद के लिए भी संपर्क कर सकते हैं।
माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़, मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हुई; नए साल पर दर्शन के लिए आए थे श्रद्धालु
नए साल की शुरुआत के साथ ही जम्मू-कश्मीर से बुरी खबर आ रही है। वैष्णो देवी मंदिर परिसर में भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया है।
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में बड़ा हादसा हो गया है। माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ मच गई है। इसमें अब तक 20 लोगों के घायल होने की खबर है। ये सभी श्रद्धालु नए साल के दर्शन के लिए आए थे। इस हादसे में अब तक 12 लोगों के मारे जाने की खबर है। फिलहाल वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।
इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है, माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ में लोगों की मौत से अत्यंत दुखी हूं; शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय जी से बात की और स्थिति का जायज़ा लिया। पीएम ने घोषणा की है कि माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।
पुलिस नियंत्रण कक्ष रियासी ने जानकारी दी कि कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ में घायल होने की सूचना है। बचाव अभियान जारी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ गोपाल दत्त ने कहा है कि में मची भगदड़ में 6 की मौत हो गई है। अभी ठीक संख्या नहीं कहा जा सकता है। उनका पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। घायलों को नारायणा अस्पताल ले जाया जा रहा है, कुल घायलों की भी पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा महिला मोर्चा के सम्मेलन में दिखी महिला शक्ति बिजनौर। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन में नारी शक्ति का अहसास हुआ।
इस अवसर पर विधायक अशोक राणा ने कहा कि सरकार की उपलब्धियों से विपक्ष पूरी तरह से परेशान है। विपक्ष कोई भी चाल चल ले, पर प्रदेश की जनता कामयाब नहीं होने देगी। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने को जा रही है। उन्होंने महिलाओं को एक होकर भाजपा के पक्ष में वोट दिलाने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपनी शक्ति को पहचान लिया है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश की जन कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताया। भाजपा राज में न केवल अपराध कम हुए हैं, बल्कि महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। सरकार सबको साथ लेकर जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर विकास करा रही है। चांदपुर विधायक कमलेश सैनी ने भी महिलाओं से पूरी ताकत के साथ भाजपा का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया। पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक ताकत की उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाएगी। नौगांवा विधायक संगीता चौहान ने कहा कि अब महिलाओं ने अपनी शक्ति को पहचान लिया है। प्रदेश मंत्री मोनिका चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री अंजू चौधरी, जिला अध्यक्ष मोनिका यादव, जिला मंत्री योजना गुप्ता, रचना पाल, अनीता चौहान, विनीता सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष सुमन त्यागी, जिला महामंत्री भूपेंद्र बॉबी, अनामिका जैन, भारतीय गौड़, हरजिंदर कौर, रजनी कालरा, ब्लाक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान, आकांक्षा चौहान, विनीता शर्मा, उज्जवल चौहान, लवी शर्मा, राकेश चौधरी, महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल आदि रहे।
सम्मेलन को सफल बनाने में जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने अतिथियों को तलवार भेंट कर, शॉल ओढ़ा कर एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। संचालन अनामिका जैन व भारती गौड़ ने किया।
भाजपा के पूर्व नगर महामंत्री की सडक़ हादसे में मौत नहटौर (बिजनौर)। नमाज पढक़र लौट रहे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व नगर महामंत्री की सडक़ हादसे में मौत हो गई। उन को बाइक सवार ने टक्कर मार दी। परिजन प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिये मुरादाबाद ले जा रहे थे कि उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। उनकी आकस्मिक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
नगर के मोहल्ला जोशियान निवासी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व नगर महामंत्री सुबहानुल हक अंसारी बीती देर सायं मस्जिद से नमाज पढ़ कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक बाइक सवार उनको टक्कर मार कर मौके से फरार हो गया। दुर्घटना में सुबहानुल हक अंसारी बुरी तरह से घायल हो गए। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने नगर के ही एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया। हालत नाजुक देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रैफर कर दिया गया। परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिये मुरादाबाद ले जा रहे थे, तो उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सूचना पर नगर के भाजपाईयों व गणमान्य लोगों ने उनके आवास पर पहुंच कर उनके अंतिम दर्शन किये तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
उधर मृतक के परिजनों की ओर से मोहल्ला जोशियान के मोनू पुत्र महेश सैनी तथा शुभम पुत्र नरेश सैनी निवासी के विरुद्ध तहरीर दी है। सिटी ईंचार्ज बब्लू सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्यवाही की जायेगी।
कोरोना पकड़ने लगा रफ्तार, एक दिन में मिले 193 केस: सबसे ज्यादा गौतमबुद्धनगर में 38, मेरठ में 27, लखनऊ में 26 पॉजिटिव केस, एक्टिव केस हुए 645
लखनऊ। यूपी में 24 घंटे में 193 केस मिले हैं, इसी के साथ प्रदेश में सक्रिय मामलें 645 तक पहुंच गए।
यूपी में कोरोना के आकंड़े डरा रहे हैं। राज्य में कोरोना के सक्रिय केस अब साढ़े छह सौ के करीब पहुंच गए हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 193 पॉजिटिव केस रिपोर्ट सामने आए हैं। सबसे ज्यादा मामले गौतमबुद्ध नगर में मिले हैं। यहां एक ही दिन में 38 केस रिपोर्ट किए गए हैं। वहीं, मेरठ में 27 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा लखनऊ में 26 व महाराजगंज में 19 व गाजियाबाद में 17 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई है। वहीं, रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या महज 21 रही। इसी के साथ प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 तक पहुंच गई है।
एक ही दिन में मिले रिकॉर्ड तोड़ 193 संक्रमित
यूपी के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक एक दिन में 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई, जिसमें कोरोना संक्रमण के 193 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच 21 लोग रिकवर भी हुए। उन्होंने दावा किया कि अब तक प्रदेश में 9 करोड़ 27 लाख 31 हजार 505 सैंपल की जांच हो चुकी है। प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 हो चुकी है।
लखनऊ में लगातार दूसरे दिन 2 दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज
दिल्ली से जुड़े NCR के अलावा लखनऊ में कोरोना संक्रमण बेकाबू है। यहां लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के मामले 2 दर्जन से ज्यादा है। बुधवार को यहां 25 मामले आए थे, वहीं गुरुवार को संख्या 26 पहुंच गई। लखनऊ एसीएमओ मिलिंद वर्धन के मुताबिक यहां के 5 CHC को रेड जोन में रखा गया है। अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट, आलमबाग और सरोजनीनगर में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले है। यहां लगातार कांटेक्ट ट्रेसिंग में मरीज पॉजिटिव मिल रहे है। यही कारण है कि स्वास्थ्य महकमे के अफसर भी बढ़ती संख्या से सकते में हैं।
प्रदेश में 19.97 करोड़ से ज्यादा लगी कोरोना वैक्सीनेशन की डोज
राज्य में अब तक वैक्सीनेशन की 19 करोड़ 97 लाख 68 हजार 242 डोज लग चुकी हैं। 12 करोड़ 73 लाख 46 हजार 985 लोगों को पहली डोज लगी। 7 करोड़ 24 लाख 21 हजार 257 को दोनों डोज लग चुकी हैं। बुधवार को प्रदेश में 11 लाख 79 हजार 155 लोगों को लगी वैक्सीन। गुरुवार को प्रदेश के 16 हजार 142 केंद्र पर वैक्सीनेशन हो रहा है। 3 जनवरी से प्रदेश में 15 साल से 18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन। 10 जनवरी से प्रदेश में बूस्टर डोज भी लगनी शुरु हो जाएंगी।
बिजनौर। पुलिसकर्मी से राइफल लूट के दूसरे बदमाश को भी दबोच लिया गया है। स्वाट, सर्विलांस व अफजलगढ़ पुलिस की कालागढ़ मार्ग पर मुठभेड़ में दरोगा की बुलेट प्रूफ जैकेट व बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भर्ती कराया गया।
विदित हो कि अफजलगढ़ के भूतपुरी तिराहे पर बाइक सवार दो बदमाश; एक सिपाही व होमगार्ड से मारपीट के बाद सिपाही की इंसास रायफल लूट कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने बुधवार की शाम उत्तराखंड के काशीपुर में स्थानीय पुलिस की मदद से रहमान को दबोच लिया था। वहीं गुरूवार की शाम स्वाट, सर्विलांस टीम व अफजलगढ़ पुलिस को सूचना मिली कि राइफल लूट कांड का दूसरा बदमाश काशीपुर के मोहल्ला विजय नगर नई बस्ती निवासी हैदर कालागढ़ मार्ग से जा रहा है। पुलिस कालागढ़ मार्ग पर पहुंची, तो पुलिस को देखते ही बदमाश हैदर ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। बदमाश की गोली दरोगा दिनेश शर्मा की बुलेट प्रूफ जैकेट में फंस गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश हैदर के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस टीमों ने बदमाश को दबोच लिया। पुलिस ने घायल हो उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भर्ती कराया है। उसके पास से पुलिस ने 315 बोर का एक तमंचा, दस जिंदा कारतूस, बाइक व राइफल की मैग्जीन व बीस कारतूस बरामद हुए हैं।
इस ऑपरेशन में सीओ सुनीता दहिया के अलावा कोतवाल मनोज कुमार, कमल कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी जर्रार हुसैन, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, रेहड़ थाना अध्यक्ष रविन्द्र कुमार भाटी, शेरकोट थाना अध्यक्ष मनोज कुमार, कस्बा इंचार्ज टेकराम किशोर, कांस्टेबल राजकुमार नागर आदि मौजूद रहे।
मुठभेड़ के बाद राइफल लूट के बाद दूसरे आरोपी को भी दबोच लिया है। बदमाश की गोली एक दरोगा की बुलैट प्रूप जैकेट लगी है। बदमाश को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। -एसपी डा. धर्मवीर सिंह
लखनऊ। चुनाव आयोग ने कोरोना संकट के फिर से उभरने की वजह से उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में निर्धारित समय से एक घंटा अधिक मतदान कराने सहित अन्य अहम फैसले किये हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आज चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुये आयोग ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश मे मतदान की अवधि को एक घंटे के लिये बढ़ा दिया जाए।
चंद्रा की अगुवाई में आयोग के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उप्र के तीन दिवसीय समीक्षा दौरे में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों सहित निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अन्य पक्षकारों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह जानकारी दी। आयोग के प्रतिनिधि मंडल में देश के दोनों निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और डा. अनूप चंद्र पांडेय तथा चुनाव आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
चंद्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य में कुल 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 317 सामान्य, 84 अनुसूचित जातियों तथा 02 अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षित विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी सीटों पर विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराये जाने हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल हुए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराते हुए समय से चुनाव संपन्न कराने की मांग की है। यह भी साफ किया गया कि आखिरी मतदाता सूची 5 जनवरी को आएगी, मतलब चुनाव की तारीखों का ऐलान उसके बाद ही होगा।
लखनऊ। एंटी करप्शन विभाग की टीम ने राजधानी के बिजनौर थाना क्षेत्र के नतकुर चौकी इंचार्ज राधेश्याम यादव को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा ठगी के मामले में दर्ज एफआईआर में धाराएं बढ़ाने के नाम पर रिटायर्ड सीओ बीएल दोहरे से रिश्वत मांग रहा था। रिश्वत देने के लिए दोहरे के साथ पहुंची भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बिजनौर चौराहे पर रंगे हाथों आरोपी दरोगा को दबोच लिया।
20 लाख की ठगी का मामला हिन्द नगर निवासी रिटायर्ड सीओ बीएल दोहरे के मुताबिक एक साल पहले उनकी मुलाकात मलिहाबाद के चौकराना निवासी सौरभ सैनी व ऋषभ सैनी से हुई थी। जालसाजों ने उन्हें एक करोड़ रुपए देने पर मंडी परिषद का चेयरमैन बनाने की बात कही थी। झांसे में लेने के लिए बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ अपनी फोटो भी दिखाई। 20 लाख रुपए रिश्वत दे भी दी, लेकिन उन्हें चेयरमैन का पद नहीं मिला। रकम वापस मांगने पर आरोपित टालमटोल करने लगे। इस पर उन्होंने सरोजनी नगर थाने में सौरभ सैनी समेत सात लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। यह मुकदमा नव सृजित थाना बिजनौर में स्थानांतरित हो गया। इसकी विवेचना दरोगा राधेश्याम यादव कर रहे थे। आरोप है कि दरोगा बिना रिश्वत के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाह रहे थे। कुछ भी कहने पर वह रिश्वत की मांग कर रहे थे।
टीम ने पकड़ारंगे हाथ- गुरुवार की दोपहर बीएल दोहरे करीब साढ़े तीन बजे सरोजनी नगर के बिजनौर चौराहे पर पहुंचे। वहां मिठाई की एक दुकान पर उन्होंने दरोगा राधेश्याम यादव को पांच हजार रुपए घूस दी। रकम लेकर जेब में रखते ही एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर लक्ष्मी नारायण यादव व उनकी टीम ने दरोगा राधेश्याम यादव को धर दबोचा तो राधेश्याम टीम के पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की करने लगा, लेकिन किसी तरह उसे काबू कर लिया गया। इसके बाद दरोगा को पीजीआई थाने ले जाया गया। पीजीआई इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि घूस लेते पकड़े गए बिजनौर थाने के दरोगा राधेश्याम यादव निवासी ग्राम व पोस्ट डुमरी, थाना फेफना, जिला बलिया के खिलाफ एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर लक्ष्मी नारायण यादव ने तहरीर दी है। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी दरोगा को कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिटायर्ड डीएसपी श्री दोहरे का कहना है कि मुकदमे में कार्रवाई के लिए विवेचक राधेश्याम यादव छह महीने से दौड़ा रहे थे। वह कहते थे कि कार्रवाई कराना है तो कुछ खर्च करो…, धारा बढ़वानी है और गिरफ्तारी करानी है तो कुछ खर्च करो…। एंटी करप्शन टीम का कहना है कि आरोपी दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में दो बदमाश एक सिपाही से इंसास राइफल लूट कर फरार हो गए। घटना भूतपुरी तिराहा की है। बदमाशों ने सिपाही को तमंचे व राइफल की बट से जमकर पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दो बदमाश एक सिपाही से इंसास राइफल छीनते और पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है। बदमाशों की पहचान नही हो पाई है, न ही राइफल मिल सकी है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात करीब एक बजे अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के भूतपुरी में रूद्रपुर से ट्रक में मैली भरकर लाई जा रही थी। कुछ मैली सड़क पर गिर गई। इसको वहां से हटाने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई। मैली हटाने के दौरान वहां पहुंचे बाइक पर सवार दो बदमाशों ने जेसीबी के ड्राइवर से गाली-गलौज शुरू कर दी। मौके पर हलका नम्बर तीन में तैनात सिपाही ललित व एक होमगार्ड भीम सिंह मौजूद थे। बदमाशों ने सिपाही व होमगार्ड को देखते ही उनसे मारपीट कर राइफल लूटने का प्रयास किया। सिपाही व होमगार्ड बदमाशों से भिड़ गए। बदमाशों ने सिपाही ललित से राइफल लूट ली और राइफल की बट से मारपीट कर उसे घायल कर दिया, सिपाही जमीन पर जा गिरा। दोनों बदमाश राइफल लूटकर फरार हो गए। घायल सिपाही को उपचार के लिए सीएचसी अफजलगढ़ में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना से पुलिस व क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया। वारदात के बाद पड़ोसी जनपदों के थानों को भी अलर्ट भेजा गया। पड़ोसी जनपदों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया है कि जेसीबी के चालक ने पूरी घटना की वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
सिपाही की बहादुरी पर शक क्यों, लोग हैं डरपोक
लोग कुछ भी कहें, सिपाही और होमगार्ड ने दिलेरी तो दिखाई ही। सिपाही की पिटाई कर इंसास राइफल लूटने की घटना खुद में एक बड़ी वारदात है। वायरल वीडियो में ये सब कुछ दिखाई दे रहा है। साथ ही यह भी दिख रहा है कि एक बड़ी गाड़ी वहां से गुजर रही है। सोचने वाली बात है कि यदि वह गाड़ी मौका-ए-वारदात पर रुकती और उसमें बैठे लोग नीचे उतर कर बदमाशों को ललकारते तो यकीनन किस्सा कुछ और होता। वास्तव में लोगों को सब कुछ चाहिए, लेकिन करना कुछ नहीं चाहते?
लखनऊ। इंण्टल प्राइड पब्लिक इंटर कॉलेज में विकासखंड काकोरी के प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं प्राथमिक विद्यालयों की प्रधानाध्यापिका की एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा एवं सीडीपीओ प्रेमावती ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी राममूर्ति यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जिम्मेदारी कर्तव्य एवं गर्भावस्था से लेकर 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की परवरिश एवं शैक्षिक गतिविधियों में किए जा रहे हैं दायित्व की प्रशंसा की और कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर उनमें प्राथमिक शिक्षा की नींव डालती हैं। बच्चा जब आंगनबाड़ी केंद्र में अच्छी तरह से शिक्षा ग्रहण ग्रहण कर लेता है तो प्राथमिक विद्यालय में उस बच्चे को शिक्षित करने में कोई भी समस्या उत्पन्न नहीं होती है।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक सबको बताया एवं प्री प्राइमरी शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना, लोक नृत्य प्रस्तुत कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पावर की अनुदेशक चंदा ने कक्षा 6 के बालकों से तैयार कराया गया मिशन प्रेरणा पर आधारित एक नाटक का मंचन कराया। हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम को डाइट मेंटर पवन कुमार, अभय सिंह चौहान, सीडीपीओ प्रेमावती, एआरपी टीपी दिवेदी, एआरपी मनीषा बाजपेई, संकुल शिक्षिका नीलम गौतम, मोनिका गुप्ता एवं एसआरजी हादी हसन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एआरपी चैताली यादव ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, सीडीपीओ प्रेमावती, जिला समन्वयक संतोष मिश्रा, डायट मेंटर पवन कुमार, संजय सिंह, एआरपी मुकुल पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, मनीषा बाजपेई, राजेश कुमार, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव एवं काकोरी ब्लाक के समस्त संकुल सदस्य प्रधानाध्यापक एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजर कार्यकत्री उपस्थित रहे ।
संडीला विधानसभा सीट पर बीजेपी हुई कमजोर सपा दे रही है जोरदार टक्कर!
पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भावी प्रत्याशी विधानसभा 161 संडीला, सरोज यादव का जनसंपर्क के दौरान जगह जगह हुआ भव्य स्वागत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब हैं। हर सियासी दल अपनी रणनीति पर तेजी से काम कर रहे हैं। इसी क्रम में सबसे महत्वपूर्ण विधानसभाओं में से एक संडीला विधानसभा में भी सियासत अपनी चरम पर है। भाजपा से राजकुमार अग्रवाल 2017 में इस सीट से विधानसभा पहुंचे थे।
लेकिन उनको इस दफा सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी से कड़ी टक्कर मिल रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरोज कुमार यादव पूरी तरह से सक्रिय हो चुके हैं। सरोज कुमार यादव पिछले कई दिनों से लगातार एक बेहतर रणनीति के तहत लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। सरोज कुमार यादव ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र में निकले और लोगों से मुलाकात की। इस दौरान वो जनता की समस्याओं से रूबरू हुए और उन्हें हल करने का पूरा आश्वासन दिया।
इससे पहले सरोज कुमार यादव ने अपने काफिले से अपनी ताकत का एहसास करवाया। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता पूरी गर्मजोशी के साथ समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का काम करते देखे जा रहे हैं।
जनसंपर्क कार्यक्रम में अजीम खान, रामगोपाल यादव, रामकिशोर यादव, ईश्वर दिन यादव ,नागेंद्र यादव, वेद प्रकाश यादव, ओपी यादव , राम शंकर यादव ,शिवपाल यादव, मुकेश यादव ,आरपी यादव, सुरजीत यादव ,संदीप यादव, सहित सैकड़ों सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
लखनऊ। विकासखंड काकोरी के प्रधानों शिक्षकों एवं एसएमसी अध्यक्ष की संयुक्त बैठक का आयोजन सरदार भगत सिंह डिग्री कॉलेज मोहान रोड पर किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने उपस्थित समस्त प्रधानों, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंध समिति के सहयोग से सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय; बाउंड्री वाल, टाइल्स पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय आदि से संतृप्त हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र छात्राओं को यूनिफॉर्म स्वेटर जूता मोजा खरीदने के लिए सरकार द्वारा अभिभावकों के खाते में धनराशि सीधे भेजी जा रही है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों ने विद्यालय की साज-सज्जा विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में छात्र संख्या को बढ़ाने में अपना भरपूर सहयोग किया है। साथ ही ग्राम प्रधानों ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कायाकल्प करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी ने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल ने बच्चों द्वारा किए गए स्वागत गीत सरस्वती वंदना, कठपुतली नाटक और इंग्लिश स्पीकिंग क्लास का मंचन देख कर उपस्थित सभी अध्यापकों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय के बच्चे प्राइवेट स्कूलों के बच्चों से कम नहीं हैं। सरकार द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए लगातार अच्छे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हीं का परिणाम है कि कायाकल्प योजना शिक्षकों की ट्रेनिंग आज विस्तृत रूप से चल रही है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। काकोरी ब्लाक के एआरपी मुकुल चंद्र पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, राजेश कुमार और मनीषा बाजपेई ने मिशन प्रेरणा के अंतर्गत आने वाले समस्त पहलुओं की विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए ग्राम प्रधानों और विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों को विद्यालय में चल रहे शिक्षण कार्य एवं उनकी गुणवत्ता की जानकारी दी।
ग्राम पंचायत थावर की प्रधान माधुरी सिंह एवं पूर्व प्रधान थावर अतुल कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धियों के बारे में और उनकी मेहनत की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एआरपी डा. चैताली यादव ने शारदा कार्यक्रम को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव, एसआरपी काकोरी हादी हसन, संजय पांडे, संजय सिंह, अमोल सरल, मोहम्मद उमर, मोनिका गुप्ता, ललिता दीक्षित, महिमा सक्सेना, कविता छावड़ा, बिनीश, फातिम, सुबुही सिद्दीकी, रागिनी, विवेक त्रिपाठी, गीतांजलि शाक्य, सुनीता, कविता, अभिषेक शुक्ला, मोहित पाल, देशराज, विजय बहादुर, राजकिशोर, वीना मीरपुरी, हूरजहां, मोहम्मद अरशद, वाली उदय सहित काकोरी ब्लाक के समस्त प्रधानाध्यापक प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उपस्थित रहे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सर्व समाज व्यापार मंडल ने 12वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर संगठन की ओर से सैकड़ों जरूरतमंदों को मुख्य अतिथि विपिन मिश्रा अपर जिलाधिकारी लखनऊ ने कंबल वितरित किए।
उत्तर प्रदेश सर्व समाज व्यापार मंडल का 12वां स्थापना दिवस केक काटकर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हजारों की संख्या में लोगों ने तहरी एवं मिठाइयों के स्वाद का आनंद लिया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सैयद महमूदुर रहमान ‘पम्मू’, प्रदेश के मुख्य संरक्षक प्रमोद अग्रवाल, संरक्षक सैयद नावेद अहमद मैनेजर प्रबंधक करामत कॉलेज, प्रदेश विधि सलाहकार ध्रुव कुमार सिंह, प्रदेश संयुक्त सचिव विनोद सोनकर, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष अब्दुल अकील, प्रदेश महासचिव प्रदीप सिंह बब्बू, प्रदेश महासचिव संदीप सिंह, इकराम अली, विनीत यादव, सीज गोमती अध्यक्ष लखनऊ आलोक सिंह, प्रदेश महासचिव विनय कुमार सिंह सोनू शहर अध्यक्ष लखनऊ, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, सुभाष यादव, मुख्य अतिथि विपिन मिश्रा अपर जिलाधिकारी लखनऊ को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश, जिला, शहर व क्षेत्रीय इकाई के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख रूप से रेहान सिद्दीकी, मोहम्मद मोहसिन, नरेंद्र सिंह, मोहम्मद नाजिम पप्पू अध्यक्ष टू व्हीलर समाज व्यापार मंडल, गोपाल यादव कोषाध्यक्ष, इमरान मलिक, आदित्य मिश्रा, मोहम्मद यूनुस, मुर्तुजा अली, राहुल सिंह, राकेश कुमार, इमरान खान आदि हजारों लोग उपस्थित रहे|
मुरादाबाद। ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए आयुर्वेद कारगर हथियार बनने जा रहा है। गिलोय समेत कई गुणकारी औषधियों वाली आयु रक्षक किट कोरोना के नए वैरिएंट से दो-दो हाथ करने को तैयार है।
सूत्रों के अनुसार मुरादाबाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में आयु रक्षक किट की आपूर्ति हो चुकी है। यह किट अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए विशेष प्राथमिकता के साथ दी जाएगी। इस किट में गिलोय समेत कई ऐसी औषधियां शामिल की गई हैं, जिनका इस्तेमाल कर के संक्रमण से बचाव हो सकेगा। साथ में अगर किसी मरीज में सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार की समस्या है तो उसका इलाज इन औषधियों के माध्यम से हो सकेगा। मुरादाबाद के आयुर्वेदिक अस्पतालों में 400 से अधिक आयु रक्षक किट उपलब्ध कराई गई हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश जल संस्थान कर्मचारी महासंघ के प्रादेशिक चुनाव में अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी बार रणवीर सिंह सिसोदिया व महामंत्री पद पर लगातार तीसरी बार राजेंद्र यादव निर्वाचित हुए हैं।
जलकल विभाग वाराणसी के प्रांगण में प्रादेशिक चुनाव संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश जलकल विभाग के समस्त कर्मचारियों की मौजूदगी में महासंघ द्वारा पिछले कई वर्षों से किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों एवं कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संगठन के 41 सदस्यीय कमेटी ने सर्वसम्मति से एक बार फिर अपने वर्तमान अध्यक्ष रणवीर सिंह सिसोदिया और महामंत्री राजेंद्र यादव पर भरोसा जताया। चुनाव अधिकारी राम प्रकाश गोस्वामी एवं ओपी शर्मा ने बताया कि इन दोनों पदाधिकारियों द्वारा लगातार पूरे प्रदेश के जल संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने एवं कर्मचारियों के हितों के लिए लड़ाई लड़ी जा रही थी। बहुत सारी समस्याओं का समाधान इनके कार्यकाल में किया गया। इस वजह से चुनाव की शुरुआत होने के बाद किसी भी अन्य कर्मचारी ने नामांकन ना करते हुए पुनः इन दोनों लोगों को निर्विरोध अध्यक्ष और महामंत्री चुन लिया। इन लोगों के लिए चुने जाने पर वाराणसी जलकल विभाग के महाप्रबंधक राघवेंद्र कुमार की मौजूदगी में शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। महाप्रबंधक ने दोनों पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन की वजह से आज हजारों कर्मचारी अपनी समस्याओं के लिए सजग रहते हैं और संगठन उनका निराकरण कराता है इसलिए संगठन में एकता समरूपता अति आवश्यक है।
इस अवसर पर संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अवधेश नारायण चतुर्वेदी एवं पूर्व महामंत्री नींबू लाल, कोषाध्यक्ष देवी प्रसाद पाल, कलीमुद्दीन बेग, विनोद पटेल, परवेज अख्तर, अरविंद तिवारी, घनश्याम यादव, महादेव यादव, प्रवीण वर्मा, तिलक सिंह यादव, आलोक भट्टाचार्य, दिलीप कुमार भारती, संतोष कुमार, बृजलाल फूलचंद रमाकांत कुशवाहा, मनोज यादव मौजूद रहे।
नई दिल्ली (एजेंसी)। वॉट्सऐप यूजर्स अब चंद सेकंड में अपने बैंक बैलेंस की डिटेल पा सकते हैं। भारत में वॉट्सऐप UPI पेमेंट की भी सर्विस देता है। वॉट्सऐप से आप पैसे भेज या मंगवा सकते हैं। …जैसे आप किसी दूसरे UPI एप्लीकेशन से ऐसा करते हैं। यह फीचर उपयोगकर्ताओं को तुरंत पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है। यह उन्हें ऐप से अपने बैंक अकाउंट बैलेंस चेक करने में भी सुविधा प्रदान करता है। वॉट्सऐप के जरिए बैंक अकाउंट बैलेंस चेक करने के दो तरीके हैं। आप या तो ऐप पर सेटिंग सेक्शन से बैलेंस चेक कर सकते हैं या पैसे भेजते समय इसे पेमेंट स्क्रीन पर देख सकते हैं।
पहला तरीका: सेटिंग से अपना अकाउंट बैलेंस चेक करना…
स्टेप 1: अपने फोन में वॉट्सऐप खोलें।
स्टेप 2: यदि आपके पास एंड्रॉइड है, तो More ऑप्शन पर टैप करें। अगर आपके पास आईफोन है तो Settings पर टैप करें।
स्टेप 3: अब, Payments पर टैप करें।
स्टेप 4: पेमेंट मेथड के अंतर्गत, संबंधित बैंक अकाउंट पर टैप करें।
स्टेप 5: यहां, View Account Balance पर टैप करें और अपना UPI PIN डालें।
दूसरा तरीका: पैसे भेजते समय अपना अकाउंट बैलेंस चेक करें
स्टेप 1: पेमेंट मैसेज स्क्रीन से, अपनी उपलब्ध पेमेंट मेथड पर टैप करें।
स्टेप 2: View Account Balance पर टैप करें।
स्टेप 3: यदि आपके वॉट्सऐप अकाउंट से जुड़े कई बैंक अकाउंट जुड़े हैं, तो संबंधित बैंक अकाउंट का चयन करें।
आरबीडी बिजनौर में स्मार्टफोन वितरण का हुआ सजीव प्रसारण। कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए।
लखनऊ। प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, मेडिकल, इंजीनियरिंग और कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़े विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की योजना का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में प्रतीकात्मक रूप से कुल 26 छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन दिया। इसके बाद स्टेडियम में मौजूद 60 हजार विद्यार्थियों में टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली मणिपुर की मीराबाई चानू को 1.50 करोड़ और उनके कोच विजय शर्मा को 10 लाख की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में योजना का शुभारंभ करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं सिद्धांतों की चर्चा की। जनपद बिजनौर में जनसमूह ने इसका सजीव प्रसारण देखा। टेबलेट, स्मार्टफोन वितरण अभियान के नोडल अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद बिजनौर के कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए। इस योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से अपडेट करना है इस स्मार्टफोन और टेबलेट में ना सिर्फ पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पाठ्य सामग्री मिलेगी बल्कि रोजगार से संबंधित जानकारियां भी मिलेंगी। शासन की रोजगार परक योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त होगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पाठयसामग्री मिलेगी। कार्यक्रम को जनपद के सभी डिग्री कॉलेजो के छात्र छात्राओं ने सजीव प्रसारण देखा। इस अवसर पर संबंधित डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य, राजकीय महामाया गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज क प्रभारी प्राचार्य विशाल दुबे, नोडल अधिकारी तथा समस्त प्रवक्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।
आरबीडी में स्मार्टफोन वितरण का सजीव प्रसारण
लखनऊ से सजीव प्रसारण का आरंभ होते ही आरबीडी डिग्री कालेज की प्राचार्या डा.पारूल त्यागी के दिशा निर्देशन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर के छात्राओं को प्रसारण दिखाया गया। छात्राओं ने उत्साह से सजीव प्रसारण को देखा एवं सुना। कालेज की 488 छात्राएं उपस्थित रहीं। डा.जकिया रफत, डा.सविता मिश्रा, डा.मंजु अरोड़ा, डा.आबिदा, डा.मृदुल, डा. सुष्मिता, डा.सुनिता आर्य, शिखा मालवीय, नाजमीन, डा.रेनु, नवा आदि उपस्थित रहे। तकनीकी व्यवस्था को तौफीक अहमद एवं सीमा ने सुचारू रखा।
आपको बता दें कि सीएम योगी ने 19 अगस्त 2021 को फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के माध्यम से करीब एक करोड़ युवाओं को टेबलेट या स्मार्ट फोन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार द्वारा इस योजना का संचालन करने के लिए 3000 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, टेक्निकल और डिप्लोमा में अध्ययनरत छात्र यूपी फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
योजना का लाभ प्रदान करने के लिए डीजी शक्ति पोर्टल फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डीजी शक्ति पोर्टल लांच किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों का डाटा फीड किया जा रहा है, इसके पश्चात छात्रों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। महाविद्यालय छात्रों का डाटा विश्वविद्यालय को देंगे। विश्वविद्यालयों द्वारा यह डाटा पोर्टल पर फीड किया जाएगा, फिर छात्रों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।
इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करने वाला आवेदक उत्तर प्रदेश का ही मूल निवासी होना चाहिए।
फ्री टेबलेट योजना में लाभान्वित होने के लिए विद्यार्थी को सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है।
विद्यार्थी की पारिवारिक आय 2 लाख रुपए प्रति वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए तभी वह इस योजना में आवेदन भरने योग्य होगा।
किसी भी बैकलॉग वाले छात्र को इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा पिछली सभी कक्षाओं में अच्छे मार्क्स के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज- फ्री टेबलेट योजना में पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता भी होगी जो इस प्रकार है –
विद्यार्थी का आधार कार्ड
सरकारी स्कूल का आईडी कार्ड
यूपी के मूल निवासी की पहचान करने के लिए आवासीय प्रमाण पत्र
विद्यार्थी एवं अभिभावक का मोबाइल नंबर
नवीनतम पासपोर्ट आकार फोटो
यूपी फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया
सर्वप्रथम आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
होम पेज पर आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना अप्लाई ऑनलाइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इसके पश्चात आपके सामने आवेदन पत्र खुलकर आएगा।
आप को आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करना होगा।
अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
इसके पश्चात आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इस प्रकार आप यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।
फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना लिस्ट देखने की प्रक्रिया
सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
अब आपके सामने होम पेज खुलकर आएगा।
इसके पश्चात आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
अब आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
इस पेज पर आपको अपने जिले का चयन करना होगा।
अब आपको अपने ब्लॉक का चयन करना होगा।
इसके बाद आपको व्यू लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
आपके सामने यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट खुलकर आ जाएगी।
38 लाख युवाओं को हुआ पंजीकरण- पहले चरण में एमए, बीए, बीएससी, आईटीआई, एमबीबीएस, एमडी, बीटेक, एमटेक, पीएचडी, एमएसएमई और स्किल डिवेलपमेंट आदि के अंतिम वर्ष के छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए अब तक डीजी शक्ति पोर्टल पर 38 लाख से अधिक युवाओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
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