पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
चंडीगढ़ (एजेंसी)। हरियाणा में सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को स्मार्ट वॉच पहनना जरूरी होगा, जिससे ड्यूटी के दौरान उनकी लोकेशन को ट्रैक किया जा सके। इसके अलावा वह इस वॉच से ही अपनी हाजिरी लगाएंगे।
इससे पहले सरकारी कर्मचारियों के ड्यूटी टाइम और आवाजाही की निगरानी के लिए पहले बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन कोरोना काल में बीमारी के संक्रमण के डर से इसे बंद कर दिया गया। अब स्मार्ट वॉच को दूसरे विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
हरियाणा के सोहना के सर्माथला गांव में एक विकास रैली को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उक्त जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विकास घोषणाओं का पिटारा भी खोल दिया। उन्होंने लगभग 50 विकास योजनाओं की मंजूरी दे दी। इन सभी योजनाओं के ऊपर 125 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सोहना में किसी भी लेवल पर विकास की कमी नहीं दिखाई देगी।
गौरतलब है कि इसी महीने सरकारी कर्मचारियों के लिए ही एक ऐलान में खट्टर सरकार ने 1967 और 1980 के दो आदेश वापस ले लिए थे। इन आदेशों में कर्मचारियों को आरएसएस (RSS) की गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाई गई थी। हालांकि खट्टर के इस फैसले पर कांग्रेस भड़क गई थी। इसको लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक ट्वीट किया था और इसमें लिखा था- ‘अब हरियाणा के कर्मचारीयों को “संघ” की शाखाओं में भाग लेने की छूट। सरकार चला रहे हैं या भाजपा- आरएसएस की पाठशाला!’
नई दिल्ली (एजेंसी)। फेसबुक के स्वामित्व वाला मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप तस्वीरें एडिट करने के लिए Undo और Redo बटन पर काम कर रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार कंपनी WhatsApp Status के लिए भी एक नया Undo बटन लाने जा रही है। यह Undo बटन स्टेटस लगाते समय आपसे हुई गलती को चुटकियों में सुधार देगा।
WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार पॉपुलर मैसेजिंग ऐप एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जो इसके यूजर्स को गलती से पोस्ट किए गए स्टेटस अपडेट को तुरंत डिलीट करने में मदद करेगा। इसके लिए ऐप में एक Undo बटन दिया जाएगा। यह बटन Status Sent मैसेज के ठीक बगल में लिखा होगा। यानी स्टेटस लगते ही आप तुरंत एक्शन ले सकते हैं। ऐसा अक्सर देखा गया है कि कई बार गलती से स्टेटस पर तस्वीरें या वीडियो अपलोड हो जाती हैं।
गौरतलब है कि व्हाट्सएप पर पहले से ही यूजर्स को स्टेटस डिलीट करने का ऑप्शन मिलता है। हालांकि इसके लिए आपको पहले Status सेक्शन में जाकर स्टेटस सिलेक्ट करना होगा और तब डिलीट कर पाएंगे। इतनी देर में हो सकता है आपके कई कॉन्टैक्ट उस स्टेटस को देख भी लें। ऐसे में नया बटन तस्वीर/वीडियो हटाने का काम तेजी से कर पाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक जब आप किसी स्टेटस अपडेट को अनडू करते हैं, तो आप अब डिलीट करने की प्रक्रिया को भी फॉलो कर सकते हैं। पूरा होने पर व्हाट्सएप आपको सूचित करेगा कि आपने स्टेटस डिलीट कर दिया है। स्टेटस अपडेट के लिए Undo बटन फिलहाल व्हाट्सएप बीटा के एंड्रॉइड वर्जन 2.21.22.6 पर टेस्ट किया जा रहा है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे सभी यूजर्स के लिए जारी कर दिया जाएगा।
बिजनौर। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टिकोपुर, नरुल्लापुर में वरिष्ठ सपा नेता एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ. रमेश तोमर का जोरदार स्वागत किया गया। डॉ. रमेश तोमर ने ग्रामीणों से कहा कि इस बार अखिलेश यादव को एकजुट होकर मुख्यमंत्री बनाना है।
असद मामू प्रधान के आवास पर वरिष्ठ सपा नेता डॉ. रमेश तोमर ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में एक जुट होकर सपा को वोट करना है और सभी का सम्मान भी अखिलेश यादव सरकार में होता है। आज इस सरकार में गरीब की जेब को काटा जा रहा है और भाई को भाई से लड़ाया जा रहा है। डॉ. रमेश तोमर ने कहा कि सरकार बनते ही भ्रष्टाचारी और गरीब जनता को लूटने वाले अधिकारी इस इलाके को छोड़कर भाग जाएंगे। यदि आप लोग क्षेत्र का विकास चाहते हो तो आने वाले विधानसभा चुनाव 2022 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिता कर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएं। सपा नेता डॉ. रमेश तोमर ने आगे कहा जो बच्चे वर्ष के हो गए हैं उनके वोट जरूर बनवा लें। इस दौरान गांव के बहुत जिम्मेदार लोग मौजूद रहे इनमें बाबा शफीक, हाजी नईमुद्दीन, काले खा, मुना ठेकेदार, शाह आलम, जावेद पूर्व प्रधान, बिजनौर से वरिष्ठ सपा नेता डॉ जमरुद्दीन उस्मानी, अख़लाक पप्पू आदि शामिल रहे।
लखनऊ। बहादुर शाह ज़फ़र ने बरतानिया हुकूमत के खिलाफ जो किया उसे चाहे बगावत कहा जाए, चाहे आजादी की लड़ाई, पर आजादी की नींव वहीं से रखी गई थी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने राजधानी लखनऊ में ‘बहादुर शाह ज़फ़र जयन्ती समारोह’ में बोलते हुए कही।
राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘बहादुर शाह ज़फ़र जयन्ती समारोह’ में बोलते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि बहादुर शाह ज़फ़र ने बरतानिया हुकूमत के खिलाफ जो किया उसे चाहे बगावत कहा जाए, चाहे आजादी की लड़ाई पर आजादी की नींव वहीं से रखी गई थी। ऐसे ही बलिया की धरती पर शुरू हुए सम्पूर्ण क्रांति के आंदोलन का भी शीर्ष महत्व है। चौधरी ने कहा कि आज फिर समझने और एक होकर स्थिति का मुकाबला करने की जरूरत है, अन्यथा जैसे हम कभी अंग्रेजों के गुलाम थे आगे कुछ पूंजीपतियों के गुलाम होंगे।
उन्होंने अमर शहीद महान स्वतंत्रता सेनानी बहादुर शाह ज़फ़र को याद करते हुए कहा कि हमें बदलाव की ओर चलना पड़ेगा। चौधरी ने एक कविता की लाइनों के साथ अपनी बात पूरी की ‘गंगा की कसम, जमुना की कसम यह ताना बाना बदलेगा, कुछ तुम बदलो कुछ हम बदलें, तब सारा जमाना बदलेगा’।
इस अवसर पर वामपंथी नेता अतुल कुमार अंजान ने कहा कि 24 अक्टूबर बहुत ही पाक और मुकद्दस दिन है, इस दिन पर आयोजित यह प्रोग्राम बेहद खास है। आज जब हम आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं तो लखनऊ वालों से मेरी यह गुजारिश है कि अब वास्तविक अर्थों में बहादुर शाह ज़फ़र को याद किया जाए। उन्होंने कहा कि जिसके विचारों के साये तले दो तिहाई दुनिया चलती है, उन कार्ल मार्क्स जैसे विचारक ने भी ढेर सारे आर्टिकल ‘फर्स्ट फ्रीडम वार ऑफ इंडिया’ पर लिखे हैं। अंजान ने कहा कि ऐसी अजीम शख्शियत को याद करते हुए हमें एक दूसरे के एहतराम का संकल्प लेना चाहिए। चुनौतियों के इस दौर में मिलजुलकर ही इस देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ का आजादी के पहले और बाद में भी देश के लिए बड़ा योगदान रहा। भारत के संविधान निर्माण के समय की एक बात का जिक्र करते हुए बताया कि इसी लखनऊ के भगवान दीन ने कहा था कि इस संविधान में नारियों के मौलिक अधिकारों की बात को शामिल करना भी जरूरी है।
इससे पहले कांग्रेस मीडिया विभाग के डिप्टी चेयरमैन डॉ पंकज श्रीवास्तव ने बहादुर शाह ज़फ़र के भारत की आजादी के लिए किये गए संघर्ष को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 70 साल के उस शख्श द्वारा जलायी गई आजादी की मशाल की तपिश में एक दिन ब्रिटिश हुकूमत का सूरज अस्त हो गया।
प्रोफेसर साबिरा हबीब ने बताया कि दूसरे लोग जिसे बगावत कहते हैं, बहादुर शाह ज़फ़र ने ही आजादी की उस लड़ाई को शुरू किया था। आगे चलकर यही लड़ाई हमारी जम्हूरियत का सबब बनी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गिरि विकास अध्ययन संस्थान के डॉ एके सिंह ने कहा कि जो लोग अपने पूर्वजों को याद नहीं करते उनकी आने वाली पीढ़ियों उनको भी याद नहीं करतीं।
समारोह में मुख्य अतिथि नेता राम गोविन्द चौधरी एवं मंचासीन अन्य अतिथियों ने शहर की कई हस्तियों को सम्मानित भी किया। सम्मान पाने वालों में प्रदीप कपूर, डॉक्टर अब्दुल कुददूस, डॉक्टर कौसर उस्मान, शिव शरण सिंह, बीडी नक़वी, मधुकर त्रिवेदी, अमीर हैदर, सुरेंद्र सिंह चौधरी, श्रीमती शिल्पा चौधरी, बेचई यादव, डॉक्टर उदय खत्री शामिल रहे। बहादुर शाह जफर की कुर्बानी के संदेश के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी रामगोविंद चौधरी ने किया। समारोह के संयोजक इंसराम अली ने सभी अतिथियों का स्वागत कर यह अपील किया कि आज की युवा पीढ़ी आजादी के पहले के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन का अध्ययन जरूर करें, जिससे कि युवा पीढ़ी को यह पता रहे कितनी कुर्बानियों के बाद हिंदुस्तान को आजादी मिली थी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना अब्दुल कयूम रहमानी फाउंडेशन के अध्यक्ष बदरे आलम ने सभी आगंतुकों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया। अंत में पूर्व एमएलसी सिराज मेहंदी ने सभी आगंतुकों का आभार जताया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक इंसराम अली और उनकी टीम को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर प्रमुख वरिष्ठ पत्रकार एहतेराम सिद्दीकी, चांद मियाँ सभासद, खालिद अंसारी, औसाफ़ अकबर सहित आदि उपस्थित थे।
भारतीय जन सेवा पार्टी का प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में हुआ ऐतिहासिक विलय: मुर्तजा अली
भारतीय जन सेवा पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य और राष्ट्रीय महासचिव मुर्तजा अली के नेतृत्व में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में विलय
कार्यकर्ताओं पर शिवपाल यादव ने पुष्प वर्षा कर किया स्वागत
लखनऊ। भारतीय जन सेवा पार्टी का शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में विलय हो गया है। भारतीय जन सेवा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुर्तजा अली ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय कार्यालय, 114 इंसाफ नगर, लखनऊ से 200 गाड़ियों के साथ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचकर विलय की ऐतिहासिक घोषणा की।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा मुख्य द्वार पर कार्यकर्ताओं पर पुष्प वर्षा करके भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों का माला पहनाकर सम्मान किया। श्री शिवपाल यादव ने कहा कि 2022 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी सत्ता में आएगी। हम तो चाहते हैं कि समान विचारधारा वाली पार्टी एक साथ आकर भारतीय जनता पार्टी को हराएं। भारतीय जन सेवा पार्टी का प्रसपा में विलय होने से हमारी पार्टी बड़ी हो गई है। भारतीय जन सेवा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी शंकराचार्य ने कहा की भाजपा सिर्फ लोगों को हिंदू-मुस्लिम के नाम पर व जाति धर्म पर बाँटने का काम करती है। भारतीय जन सेवा पार्टी के महासचिव मुर्तुजा अली ने कहा कि समाज के कई मुद्दों को लेकर पार्टी का गठन किया था लेकिन आज अपनी पार्टी का विलय श्री शिवपाल जी की उपस्थिति में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में विलय कर दिया है। श्री मुर्तुजा ने कहा आज बीजेपी सरकार टैक्स के नाम पर लोगों को लूट रही है, लेकिन शराब व पेट्रोल-डीजल पर टैक्स नहीं लगाती है।
कार्यक्रम में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बदरुल हसन, भारतीय जन सेवा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी शंकराचार्य, महासचिव मुर्तुजा अली, राष्ट्रीय सलाहकार खालिद इस्लाम, यू०पी० रत्न अवार्ड प्राप्त इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष कुदरत उल्ला खान, मौलाना वसीम सुल्तानपुरी, फैजुद्दीन सिद्दीकी, यूसुफ सिद्दीकी, खुर्शीद सिद्दीकी, कारी अब्दुल कलाम, सैयद अब्बास, पीसी कुरील, दीपक मिश्रा, अमीर खालिद खान, फरहान,मौलाना कुम्मी, वसीम काज़मी, अफ़ज़ाल समेत कई समुदाय के धर्म गुरु भी मौजूद थे। अंत में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करते हुए हर मौके पर साथ देने का वादा किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव में पार्टी को मज़बूती प्रदान करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन ख़ालिद इस्लाम ने किया।
लखनऊ। यूपी सरकार ने शनिवार देर शाम 10 आईएएस व 14 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया है। साथ ही बाराबंकी और आगरा के एसपी को हटा दिया गया है।
यूपी सरकार ने बरेली में तैनात रहे जिलाधिकारी नीतीश कुमार को अयोध्या का नया डीएम बनाया है। इसी तरह आईएएस सीपी सिंह को बुलंदशहर, विशेष सचिव नियुक्ति रहे संजय कुमार सिंह को फर्रुखाबाद डीएम, मानवेंद्र को बरेली, रविंद्र कुमार को झांसी, हर्षिता माथुर को कासगंज, सत्येन्द्र कुमार को महाराजगंज, मनोज कुमार को महोबा, नेहा प्रकाश को श्रावस्ती और टीके शिबू को सोनभद्र को नया डीएम बनाया है।
यूपी सरकार ने शनिवार को सात जिलों के पुलिस कप्तान समेत 14 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया। इसमें आगरा, आजमगढ़, सहारनपुर, बाराबंकी, उन्नाव, चंदौली व इटावा जिले के पुलिस कप्तान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एसएसपी आगरा मुनिराज जी को सफाईकर्मी अरुण वाल्मीकि की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में हटाया गया है। एडीजी कार्मिक राजकुमार की तरफ से जारी आदेश के अनुसार एसपी आजमगढ़ सुधीर कुमार सिंह को एसएसपी आगरा, एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना बरेली अनुराग आर्य को एसपी आजमगढ़, एसपी डीजीपी मुख्यालय लखनऊ आकाश तोमर को एसएसपी सहारनपुर, सेनानायक 9वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद अनुराग वत्स को एसपी बाराबंकी, एसपी/उप सेनानायक पीएसी मुख्यालय लखनऊ दिनेश त्रिपाठी को एसपी उन्नाव, अपर पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर अंकुर अग्रवाल को एसपी चंदौली, एसपी/एएसपी एटीएस लखनऊ जय प्रकाश सिंह को एसएसपी इटावा, एसएसपी आगरा मुनिराज जी को एसपी चुनाव सेल डीजीपी मुख्यालय लखनऊ, एसएसपी सहारनपुर एस. चेनप्पा को एसपी वीआईपी सुरक्षा लखनऊ, एसएसपी इटावा बृजेश कुमार सिंह को एसपी एटीएस लखनऊ, एसपी उन्नाव अविनाश पांडेय को सेनानायक 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़, एसपी बाराबंकी यमुना प्रसाद को एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना बरेली तथा एसपी चंदौली अमित कुमार द्वितीय पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के पद पर स्थानान्तरित किया गया है। सेनानायक 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ के पद से स्थानान्तरणाधीन डॉ. अखिलेश कुमार निगम को तबादला निरस्त कर दिया गया है। वह एसपी कोआपरेटिव सेल लखनऊ के पद पर बने रहेंगे।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता अमान हसन विधानसभा मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार जनता के बीच में जाकर बीजेपी के झूठ को उजागर कर रहे हैं! इसके लिए रोज सुबह प्रत्येक गांवों में जाकर ग्रामीणों को समझा कर समाजवादी पार्टी से जोड़ने का काम किया जा रहा है!
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दिशा निर्देशन व जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता अमान हसन पार्टी की गतिविधियों को बढ़ाने में तत्परता से जुटे हुए हैं।
इसी क्रम में शुक्रवार को 50 दिन पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नबिपनाह, सैफलपुर, पीर बाबा की मजार जमुलिया, इब्राहिमपुर व सलात खेड़ा सहित दर्जनों गांवों में मीटिंग का आयोजन किया गया। एक दर्जन गांव में चौपाल लगाकर बैठक की गई।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष जय सिंह जयन्त ने कहा कि प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार की नीति-रीति के खिलाफ जनाक्रोश चरम पर है। वादा खिलाफी का दंश झेल रहे किसानों के लिए भाजपा का जंगलराज काल बन गया है। युवाओं ने युवा व छात्र विरोधी भाजपा सरकार के खिलाफ जगह-जगह संघर्ष छेड़ दिया है। दूसरी तरफ प्रशासन दिन पर दिन बिगड़ती आर्थिक व सामाजिक स्थितियों के प्रति उदासीन है। जनता को उसके भाग्य पर छोड़कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां-तहां व्यस्त हो जाते हैं। उनसे यह प्रदेश सम्हलने वाला नहीं है। भाजपा सरकार की खुशहाली विनाशक नीतियों के चलते श्रमिक, किसान लगातार अपनी जानें गंवा रहे हैं। हत्या, लूट अपहरण और छेड़छाड़ की घटनाएं तो रोज की बात हो गई है। इन पर कोई लगाम नहीं लगी है।भाजपा सरकार की किसानों के प्रति निष्ठुरता का पता इसी से लगता है। युवाओं में भाजपा सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। रोजगार के नाम पर लोगों को भटकाया जा रहा है। गरीब छात्रों के पास बस वही लैपटाप हैं, जो समाजवादी सरकार ने बांटे थे। भाजपा ने भी लैपटाप देने का वायदा किया था लेकिन वायदा खिलाफी भाजपा का स्थायी चरित्र है।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी की मांग है कि भाजपा सरकार युवाओं एवं छात्रों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए ‘यूथचार्टर‘ जारी करे। एक बात बहुत साफ है कि नौजवानों और किसानों ने ही हमेशा आगे बढ़कर व्यवस्था और सत्ता में परिवर्तन किया है। जब यूथ काफिला बढ़ता है तो तमाम विरोधी ताकतें इनके रास्ते से भाग खड़ी हो जाती है। भाजपा सरकार के खिलाफ बढ़ता जनरोष अब नए बदलाव की दिशा तय करेगा।
इस अवसर पर मनोज यादव (प्रदेश प्रवक्ता), नागेन्द्र यादव, मसूद हसन खां, वीरेन्द्र प्रताप यादव विधान सभा अध्यक्ष, मोइन खान विधान सभा महासचिव, संदीप यादव ब्लॉक अध्यक्ष, सौनिश मोर्या, आशीष यादव, राजीव रत्न गुप्ता, शारीक खान (आशु खान) , पुन्नू यादव, कालिका दादा समेत बहुत लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश में सजने लगा चुनावी समर, महारथी बदलने लगे खेमे, होने लगी वायदों की बौछार
इस चुनाव पूर्व माहौल में एक बात विशेष नजर आ रही है कि मुस्लिम मतदाताओं के वोट लेने के लिए उनके बारे में कोई दल अभी तक खुलकर कुछ नहीं कह रहा। सब चुप्पी लगाए हैं। लगता है कि उन्हें डर है कि कहीं हिंदू वोटर भाजपा के साथ न चला जाए।
उत्तर प्रदेश में चुनावी समर सजने लगा है। महारथी अपने अपने खेमे तलाश कर उनमें पहुंचने लगे हैं। चुनावी समर के मतदाता रूपी सैनिकों को धर्म, संप्रदाय, आरक्षण और उल्टे सीधे लालच देकर लुभाने की कोशिश चल रही है। वायदों की बौछार शुरू हो गई है। मतदाताओं को लुभाने के लिए शतरंज की बिसात बिछने लगी है। अभी थोड़ी देर है देखिए, चुनावी ऊंट किस करवट बैठता है।
मची हुई है भगदड़: उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित वोटरों के बूते पर पैसे लेकर टिकट देने को मशहूर बसपा में इस बार भगदड़ मची हुई है। उसके वर्तमान विधायक और नेतागण अन्य दलों में भाग रहे हैं। लगता है कि शायद उनको बसपा का दलित वोट खिसकता नजर आ रहा है। इसीलिए वे पाले बदल रहे हैं। बसपा के पूर्व सांसद कादिर राणा, बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आरएन कुशवाह ने सपा का दामन थाम लिया। ये ही हाल प्रदेश कांग्रेस का है। बुंदेलखंड के कांग्रेस प्रभारी व पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी, पूर्व विधायक उरई विनोद चतुर्वेदी भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। पश्चिम उत्तर प्रदेश से बसपा के पूर्व एमएलसी और ब्राह्मण नेता सुबोध पाराशर ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। नेताओं की भागदड़ जारी है। सब अपनी−अपनी गोट बिछाने में लगे हैं। सपा−भाजपा से सौदेबाजी कर रहे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर लिया। इसका एलान अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने प्रेस कांफ्रेंस कर के किया। उन्होंने कहा कि हमारी अखिलेश यादव के साथ सहमति बन गई है। लोग भाजपा से परेशान हैं। हम उन्हें सत्ता से हटाने के लिए साथ आए हैं। रालोद की भी सपा से गठबंधन की बात लगभग फाइनल स्टेज में है, बस सीटों का बंटवारा होना बचा है।
बौछार वायदों की- अभी तक “आप” ही 300 यूनिट बिजली फ्री देने के दावे कर रही थी। कांग्रेस ने यूपी चुनाव में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने का एलान किया ही था कि अब गुरुवार को एक और घोषणा की है। उसने एलान किया है कि प्रदेश में सरकार बनने पर इंटर पास छात्राओं को एक-एक स्मार्ट फोन वितरित किया जाएगा। वहीं, ग्रेजुएट हो चुकी छात्राओं को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी दी जाएगी। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी यूपी से चुनाव लड़ने की घोषणा की है, पर इनके लड़ने से भाजपा पर कोई असर पड़ने वाला नही है।
भाजपा भी मुस्तैद- प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो वह, वे सब कार्य कर रही है, जो उससे बन पड़ रह है। पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस का 25 फीसदी आहार भत्ता बढ़ाने और दो हजार रुपए मोबाइल खर्च देने का एलान कर दिया। आंगनवाड़ी और होमगार्ड के लिए कुछ दिन पूर्व ऐसी ही घोषणा हो चुकी हैं। प्रत्येक जिले में मेडिकल कालेज बन रहे हैं। योजनाओं के शिलान्यास पर काम चल रहा है। सपा भी जनता से सम्पर्क में लगी हुई है। इस चुनाव पूर्व माहौल में एक बात विशेष नजर आ रही है कि मुस्लिम मतदाताओं के वोट लेने के लिए उनके बारे में कोई दल अभी तक खुलकर कुछ नहीं कह रहा। सब चुप्पी लगाए हैं। लगता है कि उन्हें डर है कि कहीं हिंदू वोटर भाजपा के साथ न चला जाए।
हिंदू वोटर बांटने का प्रयास- भाजपा के हिंदू वोटर को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। मिहिरभोज की प्रतिमा को लेकर गूजर और चौहान तलवारे ताने हैं। दोंनों मिहिर भोज को अपना माने हैं। एक विवाद के बाद अब तो दोनों पक्ष मिहिर भोज की जगह-जगह प्रतिमा लगा रहे हैं। गोरखपुर में व्यापारी मनीष गुप्ता की मौत से प्रदेश के व्यापारियों में रोष है। अन्य दल इसका लाभ उठाने की कोशिश में हैं। लखीमपुर खीरी प्रकरण में केंद्र के गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की बात से प्रदेश का ब्राह्मण नाराज होने लगा था, वह तो भाजपा ने कोई कार्रवाई नहीं की। अभी मामला है, पर चुनाव में अभी समय होने के बावजूद प्रदेश में राजनैतिक सरगर्मी बढ़ गयी है।
बिजनौर। भारत सरकार द्वारा 100 करोड़ कोविड वैक्सीन का आँकड़ा सबसे कम समय में सफलता पूर्वक पूरा करने के उपलक्ष्य में नजीबाबाद स्थित लाला भोजराम नेत्र चिकित्सालय में अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर भाजपा जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी ने वैक्सीनेशन टीम का अभिनंदन किया। साथ ही अस्पताल में मौजूद सभी चिकित्सकों और स्टाफ़ का धन्यवाद किया। सभी ने देशवासियों की कोरोना काल में समय हर सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे पीएम वास्तव में जननायक हैं, जो बिना भेदभाव किए हमेशा देशवासियों की चिंता में लगे रहते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ फ़ैज़ हैदर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर निपेंद्र चौधरी, अखिलेश वर्मा, वैशाली कुमारी, अभिषेक त्यागी, संदीप पांडे फार्मेसिस्ट, बृजेश कुमार फार्मेसिस्ट, कौशिक, विशाल कुमार, राजवीर कुशवाहा बाला देवी आदि उपस्थित रहे।
बिजनौर। कृषि विभाग में नव चयनित निशांत कुमार व सागर तोमर को प्राविधिक सहायक ग्रुप सी के पद पर नियुक्ति पत्र का वितरण जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह व जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा किया गया।
लोक भवन लखनऊ में हुआ मुख्य कार्यक्रम- कृषि विभाग में 1863 प्राविधिक सहायक ग्रुप सी में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का विवरण व अभिलेख का सत्यापन ऑनलाइन किये जाने के उपरांत पूरे प्रदेश में आज शुक्रवार सायं चार बजे चयनित समस्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति वितरण किए गए जाने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए थे। नियुक्ति पत्र वितरित करने का मुख्य कार्यक्रम लोकभवन लखनऊ में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सात जनपदों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
उज्जवल भविष्य की कामना- जिला पंचायत अध्यक्ष व जिलाधिकारी ने चयनित प्राविधिक सहायकों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए लगन से काम करने करने के लिए कहा। बिजनौर में नियुक्ति पत्र वितरण के समय उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, आत्मा प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी व अरविंद कुमार उपस्थित रहे।
रहीमिया पब्लिक स्कूल में फाउन्डर्स डे समारोह का आयोजन।
बिजनौर। रहीमिया पब्लिक स्कूल में बिजनौर मुस्लिम फंड की सहयोगी संस्था खलीलुर्रहमान एड एंड रिलीफ एनटिटी (KARE) के तत्वधान में फाउन्डर्स डे पूरे हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह एवं विशिष्ट अतिथि 30 यूपी बटालियन एनसीसी के कमाण्डिंग आफिसर कर्नल आरएस चौहान रहे।
कार्यक्रम में कोविड-19 महामारी से अनाथ हुए स्कूली बच्चों को 2000/- रुपए नगद राशि की सहायता प्रदान की गई।साथ ही उन बच्चों को स्कूल बैग व शिक्षण सामग्री भी वितरित की गई। इसके साथ ही रहीमिया पब्लिक स्कूल के कक्षा 12 में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र क्रमशः तसमिया खान, मुस्कान तथा ज़ोया खान एवं कक्षा 10 के इसी क्रम में मौहम्मद उमर, शीबा परवीन तथा अलनिदा को पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
इस अवसर पर कोविड-19 महामारी में गरीबों एवं बेसहारा लोगों को चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सकों, डॉ० अवधेश वशिष्ठ, डॉ० सत्यपाल सेतिया, डॉ० जेडी अन्सारी के साथ ही चेयरपर्सन पति नगर पालिका परिषद बिजनौर शमशाद अन्सारी को खलील- उर- रहमान मैमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसी प्रोग्राम में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी लंदन से शिक्षित डॉ० मौहम्मद आसिम को कैंसर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य एवं योगदान के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी के साथ जदीद बैतुलमाल नगीना के फाउण्डर प्रेजीडेंट मुमताज़ अहमद को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
केयर फाउंडेशन के चैयरमेन मुजीब उर रहमान ने बताया कि यह संस्था निरंतर बिजनौर मुस्लिम फण्ड बिजनौर के सहयोग से समाज के गरीब व बेसहारा लोगों को चिकित्सा व शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ० धर्मवीर सिंह ने पाँच दशकों से समाज सेवा एवं जन कल्याण को समर्पित बिजनौर मुस्लिम फण्ड बिजनौर व केयर फाउंडेशन की प्रशंसा की व उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों को समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। इस मौके पर मौलाना अनवार उर रहमान अध्यक्ष बिजनौर मुस्लिम फण्ड, सचिव सुहैब उर रहमान (KARE), अब्दुल रहमान मैनेजर बिजनौर मुस्लिम फण्ड, मुनीर अख्तर प्रबंधक इलाहाबाद बैंक, रिज़वानुल्लाह खाँ मैनेजर रहीमिया पब्लिक स्कूल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती फातिमा इरम प्रधानाचार्या रहीमिया पब्लिक स्कूल ने किया तथा श्रीमती उसमाना नाहिद ने सभी अतिथिगण का स्वागत किया।
बिजनौर। भारत सरकार द्वारा 100 करोड़ कोविड वैक्सीन लगाने का आँकड़ा सबसे कम समय में सफलतापूर्वक पूरा करने के उपलक्ष्य में जिला अस्पताल में वैक्सीनेशन टीम का अभिनंदन किया गया।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोविड वैक्सीनेशन टीम के अभिनंदन के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला अस्पताल में मौजूद सभी चिकित्सक और स्टाफ़ का धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ ही मिष्ठान वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, भीष्म सिंह राजपूत, आईटी विभाग संयोजक विपुल शर्मा, नगर अध्यक्ष के साथ नगर टीम के पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।
अग्र सेवा समिति द्वारा शरद पूर्णिमा पर लगाया गया बालाजी महाराज को 2 क्विंटल दूध से बनी खीर का महाभोग। बालिका शिक्षा का संदेश देते हुए जरूरतमंद बालिका को साईकिल भेंट।
श्रीगंगानगर। उदाराम चौक स्थित श्री झांकी वाले बालाजी मंदिर में 2 क्विंटल दूध से बनी खीर का महाभोग बालाजी महाराज को लगाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन अग्र सेवा समिति, युवा अग्र सेवा समिति तथा महिला अग्र सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के अवसर पर अध्यक्ष किशन खारीवाल के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम प्रभारी योगेश्वर बंसल ने बताया कि महाभोग के तत्पश्चात इस खीर प्रसाद को श्रद्धालुओं को वितरित किया गया।
गौरतलब है कि शरद पूर्णिमा पर खीर को चंद्रमा की रोशनी के नीचे रखकर खाने से स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभदायक माना गया है तथा इससे व्यक्ति का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
तत्पश्चात् बालिका शिक्षा का संदेश देते हुए मंदिर के बाहर फूल बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रही महिला की जरूरतमंद पुत्री को साईकिल भेंट की गई। साथ ही पढ़-लिखकर जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष किशन खारीवाल, नितिन खारीवाल, कार्यक्रम संयोजक योगेश्वर बंसल, ऋषभ सर्राफ, मनीष बाजोरिया, रमेश बंसल, पवन गर्ग, मोहित खारीवाल, योगेश मंगल, सीए नीरज गोयल, अंजनी गर्ग, तरूण सिंगल, मयंक गर्ग सहित अग्र सेवा समिति परिवार पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
लखनऊ: 21 अक्टूबर। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि गांव और देश के बाद कुछ नही बचता। गांव सुखी, देश सुखी तो हम सब सुखी है। इसलिए सरकार भी गांव की तरक्की के लिए अनवरत प्रयासरत है। यह उद्गार श्री अवस्थी ने गुरुवार को राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका “गांव-देश” के 20 वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस दौरान पत्रिका “गांव-देश” के अक्टूबर अंक का विमोचन भी किया। उन्होंने “गांव-देश” के प्रबंध संपादक शिवशरण सिंह को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।
अपर मुख्य सचिव गृह ने पत्रिका में प्रकाशित लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि यूपीडा यूपी में फर्राटा भर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में पूरे प्रदेश में सड़कों और एक्सप्रेस-वे का जाल बिछाया जा रहा है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी की है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गांव की कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है।
अवनीश अवस्थी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पिछले चार साल का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दीपावली बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस वे औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि एक्सपेस वे शुरू होने से गाजीपुर से लेकर जुड़ने वाले किसी भी जिले के लोग हों, लखनऊ आने के लिए किसी और रास्ते से नहीं आएंगे। इस दौरान सूचना निदेशक शिशिर, अपर निदेशक अंशुमान राम त्रिपाठी, दुर्गेश उपाध्याय मीडिया सलाहकार यूपीडा, वरिष्ठ पत्रकार अविनाश शुक्ला, छायाकार रितेश सिंह, सौरभ कुमार, अजीत प्रताप सिंह, आनन्द द्विवेदी व अन्य लोग उपस्थित रहे।
न्यायपालिका में ही, सभी जगह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने पिछले दिनों महिला वकीलों से आह्वान किया कि वे न्यायपालिका में 50 फीसदी आरक्षण की अपनी मांग को जोरदार ढंग से उठाएं। सीजेआई ने यह भी आश्वस्त किया कि उन्हें उनका पूरा समर्थन है। प्रश्न उठता है कि महिलाएं न्यायपालिका में ही क्यों 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। देश की सभी सेवाओं और विधायिका में क्यों नहीं 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। आधी दुनिया उनकी है तो अपने हिस्से का आधा आसमान उन्हें क्यों नहीं दिया जाताॽ नौ नवनियुक्त न्यायाधीशों के शीर्ष कोर्ट की महिला वकीलों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सीजेआई ने यह अहम बात कही। सीजेआई रमण ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि आप रोएं, लेकिन आप गुस्से से चिल्लाएं और मांग करें कि हम 50 फीसदी आरक्षण चाहते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘यह अधिकार का मामला है, दया का नहीं। मैं देश के लॉ स्कूलों में महिलाओं के लिए निश्चित मात्रा में आरक्षण की मांग का भी समर्थन करता हूं, ताकि वे न्यायपालिका में आ सकें’।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने न्यायपालिका में महिला वकीलों को 50 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। प्रश्न यह है कि यह मांग न्यायपालिका तक ही सीमित क्यों रहे। महिलाएं जब आधी दुनिया हैं। आधी आबादी हैं। समाज का आधा हिंस्सा है, तो सभी क्षेत्र में आधी आबादी की बात होनी चाहिए। आधा आरक्षण देने की बात करनी चाहिए थी। आसमान के आधे हिस्से पर उनका हक होना चाहिए। जब दुनिया के साथ ही भारत में महिलाओं की आधी आबादी है। तो उस पूरी आधी आबादी के लिए सेवाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों नहीं होती? उसे उसका आधा हिस्सा क्यों नहीं मिलताॽ
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधान सभा में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देंगी। उन्होंने कहा कि वह तो 50 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देना चाहती थीं, किंतु मजबूरी है। हो सकता है कि अगली बार 50 प्रतिशत को भी टिकट दिया जा सकता है। एक ओर दावे यह हैं, वहीं हमारे राजनेता तो विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत भी आरक्षण देने को तैयार नहीं। 2008 से विधायिका में महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला लंबित है। राज्य सभा में पारित हो जाने के बाद भी कुछ राजनैतिक दलों के रवैये के कारण से ये बिल संसद में पारित नही हो सका। प्रश्न यह है कि महिलाएं न्यापालिका में ही 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों करें। सभी सेवाओं में आरक्षण की मांग करें। सेना में अभी तक महिलाओं को प्रवेश नहीं था। न्यायालय के आदेश के बाद केंद्र सरकार को महिलाओं के लिए सेना के द्वार खोलने पड़े। आज ये हालत है कि देश की युवतियां लड़ाकू विमान उड़ा रहीं हैं। टोक्यो ओलम्पिक में भारत को मिले कुल पदकों में बेटियों का प्रतिशत 42.85 रहा जो अब तक का रिकॉर्ड है। त्रिस्थानीय पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत स्थान आरक्षित है। इसके बावजूद विजयी महिलाओं के कार्य उनके पति ही देखते हैं। अधिकांश विजेता महिला जन प्रतिनिधि स्वयं निर्णय लेने की हालत में नहीं होती। लेखक की एक परिचित महिला सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री रहीं। किंतु उनका सारा कार्य उनके पति ही करते। पत्नी की ओर से पत्र भी वही लिखते हस्तक्षर भी वही करते रहे हैं। महिलाओं को हम तब आगे लाते हैं, जब आरक्षण या किसी मजबूरी के कारण हमारी दाल नहीं गलती। लालू यादव अपनी पत्नी राबडी देवी को मुख्यमंत्री पद खुशी से नहीं देते। जब उनकी कुछ नहीं चलती, तभी मजबूरी में ही वे उन्हें मुखयमंत्री बनाते हैं। महिलाओं का आरक्षण देने के साथ हमें उन्हें आत्मनिर्भर भी करना होगा। उनके हिस्से का आधा आसमान उन्हें सौंपना ही होगा। ऐसाकर हम उन पर कोई अहसान नहीं करेंगे, उनका हक ही उन्हे देंगे।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कमर कस ली है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिला उपाध्यक्ष श्रीमती संजू प्रधान को सदस्यता अभियान का जिला संयोजक व जिला अध्यक्ष श्रीमती गार्गी अग्रवाल को जिला सह संयोजक घोषित किया गया।
श्रीमती संजू प्रधान
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की बैठक जिला कार्यालय पर सम्पन्न हुई। बैठक में महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका यादव ने सभी बहनों को भाजपा के सदस्यता अभियान के बारे में जानकारी दी। सभी से बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने को कहा गया।
श्रीमती गार्गी अग्रवाल
इस अवसर पर श्रीमती संजू प्रधान, जिला उपाध्यक्ष को सदस्यता अभियान का जिला संयोजक और श्रीमती गार्गी अग्रवाल जिला अध्यक्ष को जिला सह संयोजक घोषित किया गया। सभी जिला पदाधिकारी बहनों को जिले की आठों विधानसभावार संयोजिका और सह संयोजिका भी घोषित किया गया ।
बैठक में जिला महामंत्री भारती गौड, जिला उपाध्यक्ष विनोद मलिक, जिला मंत्री सहिता सैनी व नीतू अग्रवाल, सोशल मीडीया प्रभारी डिम्पल सिंह और मीडीया प्रभारी शीला राणा उपस्थित रहीं।
BSNL को कनेक्टिविटी के लिए मिला लाइसेंस। हवाई जहाज और समुद्र में भी मिलेंगी सेवाएं।
नई दिल्ली। हवाई जहाज और समुद्र में चलने वाले जहाजों के यात्री इंटरनेट का मजा ले सकेंगे। इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड को लाइसेंस मिल गया है। कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी भी देगी। BSNL के रणनीतिक साझेदार और वैश्विक मोबाइल उपग्रह संचार दिग्गज इनमारसैट ने पुष्टि की कि टेल्को को भारत में इनमारसैट की ग्लोबल एक्सप्रेस (GX) मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवाएं देने के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त हुआ है। इनफ्लाइट एंड मैरीटाइम कनेक्टिविटी लाइसेंस के तहत GX सरकार, विमानन और समुद्री क्षेत्र में भारतीय ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा।
इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए GX तैनात करने वाली उड़ानों के साथ-साथ, भारत की वाणिज्यिक समुद्री कंपनियां भी प्रभावी जहाज संचालन और चालक दल कल्याण सेवाओं के लिए अपने जहाजों के डिजिटलीकरण को बढ़ाने में सक्षम होंगी। बीएसएनएल का लाइसेंस यह भी सुनिश्चित करेगा कि GX सेवा, सरकार के साथ-साथ अन्य उपयोगकर्ताओं को भी दी जाए। ग्राहकों और भागीदारों के लिए सेवाओं की चरणबद्ध शुरुआत होगी।
बीएसएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, पीके पुरवार ने कहा कि ग्लोबल एक्सप्रेस को सरकार और मोबिलिटी बिजनेस ग्राहकों के लिए दुनिया की सबसे अच्छी हाई-स्पीड सैटेलाइट संचार सेवा के रूप में मान्यता प्राप्त है और हम भारत में उपयोगकर्ताओं के लिए इन क्षमताओं को उपलब्ध कराकर बहुत खुश हैं।
इनमारसैट के सीईओ राजीव सूरी ने कहा कि वे भारत के लिए प्रतिबद्ध हैं और हाल के विकास से उन्हें आगे की आर्थिक वृद्धि को कम करने में मदद मिलेगी जो वे भारत में देखना चाहते हैं। वहीं, स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि जब हम अपना नया बोइंग 737 मैक्स विमान पेश करेंगे, तो उम्मीद करते हैं कि यात्रियों को यह अभूतपूर्व कनेक्टिविटी सेवा दे पाएंगे।
गौरतलब है कि यूपी के गाजियाबाद में स्थित, GX केए-बैंड में संचालित होता है और यह एक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क है, जिसे गतिशीलता और सरकारी ग्राहकों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सेवा हाई बैंडविड्थ, विश्वसनीयता और सुरक्षा प्रदान करती है जो कमर्शियल और सरकारी-ग्रेड मोबिलिटी ग्राहकों की डिमांड है। कंपनी अगले तीन वर्षों में सात GZ उपग्रहों को और लॉन्च कर रही है।
दीपक या दीया – अखिल भारतीय जनसंघ का चुनाव चिह्नभारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी
भारतीय जनसंघ भारत का एक पुराना राजनैतिक दल था जिससे 1980 में भारतीय जनता पार्टी बनी। इस दल की स्थापना डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 21 अक्टूबर 1951 को दिल्ली में की गयी थी। इस पार्टी का चुनाव चिह्न दीपक था। इसने 1952 के संसदीय चुनाव में 3 सीटें प्राप्त की थीं, जिनमें डाक्टर मुखर्जी स्वयं भी शामिल थे।दीपक या दीया – अखिल भारतीय जनसंघ का चुनावचिह्न था।भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लागू आपातकाल (1975-1976) के बाद जनसंघ सहित भारत के प्रमुख राजनैतिक दलों का विलय कर के एक नए दल जनता पार्टी का गठन किया गया। आपातकाल से पहले बिहार विधानसभा के भारतीय जनसंघ के विधायक दल के नेता लालमुनि चौबे ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बिहार विधानसभा से अपना त्यागपत्र दे दिया। जनता पार्टी 1980 में टूट गयी और जनसंघ की विचारधारा के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का गठन किया। भारतीय जनता पार्टी 1998 से 2004 तक राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की सबसे बड़ी पार्टी रही थी। 2014 के आम चुनाव में इसने अकेले अपने दम पर सरकार बनाने में सफलता प्राप्त की।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण काल में सभी जगत के लोगों को बड़ा नुकसान हुआ है, जिससे आर्थिक पहिया भी बेपटरी हो गया है। सभी के सामने पैसा कमाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
ऐसे में अगर आप पैसा कमाना चाहते हैं तो सबसे अच्छा मौका होगा। आपको पुराने सिक्के कलेक्ट करके रखने का शौक है तो फिर आपसे ज्यादा किस्मत वाला कोई नहीं। इन दिनों पुराने सिक्कों की निलामी लाखों और करोड़ों रुपए में हो रही है, जिससे आप भी पलक झपकते ही मोटी कमाई कर सकते हैं। आज आपको हम ऐसे सिक्के के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप करोड़ों रुपए की कमाई घर बैठे कर सकते हैं। दरअसल, 1 रुपए का यह सिक्का 10 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ, लेकिन यह सिक्का मामूली सिक्का नहीं था। यह सिक्का अंग्रेजों के जमाने का होगा और उस पर सन् 1885 मुद्रण हो तो आपको उसके लिए 10 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसे आप ऑनलाइन नीलामी के लिए डाल सकते हैं।
– यहां करें सिक्के की बिक्री
ऑनलाइन सेल में आप इस सिक्के की नीलामी कर 9 करोड़ 99 लाख रुपए तक आसानी से जीतेंगे। आपके पास ऐसे सिक्के हैं और आप इन्हें बेचना चाहते हैं तो सबसे पहले आप साइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।सबसे पहले आप इस सिक्के की फोटो क्लिक करें और इसे साइट पर अपलोड करें। खरीदार सीधे आपसे संपर्क करेंगे। वहां से आप पेमेंट और डिलीवरी की शर्तों के मुताबिक अपना सिक्का बेच सकते हैं। साथ ही यहां आप बारगेनिंग भी कर सकते हैं। इसके साथ ही आप indiamart.com पर भी आप अपनी आईडी बना कर सिक्के की नीलामी कर सकते हैं। इसके लिए आपको लाखों रुपए मिल सकते हैं। नीलामी के लिए आपको अपने सिक्के की फोटो शेयर करनी होगी। बहुत से लोग एंटीक सामान खरीदते हैं। कुछ लोग जो पुराने सिक्कों को इकट्ठे करते हैं वे आपको इसके लिए अच्छे पैसे दे सकते हैं। (साभार)
कार सवार चार युवकों की डूबने से मौत का मामला उलझा। परिजनों ने तीन साथियों पर लगाया हत्या का आरोप। एसपी को ज्ञापन देकर लगाई न्याय की गुहार। थाना पुलिस पर भी निष्क्रियता बरतने का आरोप।
बिजनौर। कोतवाली देहात क्षेत्र में 12 अक्टूबर की रात तालाब में डूबने से कार सवार चार युवकों की मौत का मामला उलझ गया है। परिजनों ने एसपी को ज्ञापन देकर मामले को हत्या ठहराया है। संदेह जताया है मृतक चार युवकों के तीन साथी जिंदा कैसे बच गए। यही नहीं थाना पुलिस ने भी मामले की गंभीरता से जांच नहीं की। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन पीड़ित पक्ष को दिया है।
कोतवाली देहात थानांतर्गत ग्राम रोशनपुर प्रताप निवासी भागीरथ सिंह ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में बताया कि वह एक सीदा सादा इन्सान है तथा मेहनत कर के अपने परिवार का लालन पालन करता है। उसका बड़ा पुत्र रजत पाल रोशनाबाद (हरिद्वार) में नौकरी करता था। रजत 12 अक्टूबर 2021 को अपने गांव रोशनपुर प्रताप आया था। वह अपने 6 दोस्तों प्रशांत कुमार, विशाल कुमार, दीपक, निखिल, अक्षय कुमार व अभिजीत के साथ शादी में जाने की बात कह कर गया था। 14 अक्टूबर को रात लगभग 11:30 बजे गांव का ही सौरभ आया। उसने फोटो दिखा कर पूछा कि यह आपका लड़का है। भागीरथ सिंह ने अपने बड़े लड़के को पहचान लिया। इसके बाद कोतवाली देहात अस्पताल पहुंचे वहां उसका पुत्र मृत अवस्था में पड़ा था। पत्र में कहा कि उसे पूरा संदेह है कि आपस में रिश्तेदार दीपक उर्फ दीपू, अभिजीत और निखिल ने जान बूझकर उसके पुत्र और तीन आम लड़कों की हत्या की है। भागीरथ सिंह ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। यही नहीं वैगनआर यूपी बीबी 6367, मोबाइल फोन आदि गाड़ी मालिक को दे दिया। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन पीड़ित पक्ष को दिया।
भागीरथ सिंह के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों में रणवीर सिंह, भूपेंद्र कुमार, संतराम सिंह, धर्मवीर सिंह, रमेश चंद, जितेंद्र कुमार, राम सिंह, अमित कुमार, रमेश, प्रदीप कुमार, रुपेश कुमार, तुलाराम, सोमपाल, इशरत सिंह, तिलकराम, विजयपाल व रविन्द्र आदि शामिल थे।
शाहजहांपुर में वकील की हत्या को लेकर आक्रोश। न्यायिक कार्य से विरत भी रहे वकील। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। दिवंगत अधिवक्ता के परिजनों को ₹50 लाख की सांत्वना राशि व एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग।
बिजनौर। जनपद शाहजहांपुर समेत विभिन्न जनपदों में अधिवक्ताओं की निर्मम हत्याओं को लेकर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन एन्ड लाइब्रेरी बिजनौर ने आक्रोश जताया है। सुरक्षा, सांत्वना राशि आदि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। यही नहीं न्यायिक कार्य से विरत भी रहे।
जिला शाहजहांपुर के अधिवक्ता भूपेन्द्र सिंह की निर्मम हत्या पर बुधवार को जिला बार द्वारा दु:ख व्यक्त किया गया। साथ ही हत्याभियुक्त को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई। बाद में कलक्ट्रेट पहुंच कर प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा, सांत्वना राशि आदि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। मुख्य रूप से जनपद शाहजहांपुर समेत विभिन्न जनपदों में अधिवक्ताओं की निर्मम हत्याओं पर रोष व्यक्त करते हुए उनके परिवारों को सांत्वना धनराशि दिये जाने पर जोर दिया गया। ज्ञापन में अधिवक्ता के परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने, उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, दिवंगत अधिवक्ता भूपेन्द्र सिंह के परिवार को 50,00000/-रुपए की सांत्वना धनराशि प्रदान करने की मांग की गई। इसके अलावा दिवंगत अधिवक्ता भूपेन्द्र सिंह के परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी सेवा प्रदान करने, उप्र के सभी जनपदों के अधिवक्ताओं की सुरक्षा हेतू बदोवस्त करने की मांग की गई ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृति न हो सके।
इस अवसर पर विवेक चौधरी एडवोकेट, सुनील कुमार शर्मा एडवोकेट, सौरव चौधरी एडवोकेट, आषीश चौधरी, मनोज सेटठी, हरेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह, जावेद, प्रसून चौधरी एडवोकेट अध्यक्ष रेवेन्यू बार एसोसिएशन बिजनौर आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
दोस्तों, यह पोस्ट शांति के लिए और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए समर्पित है। क्योंकि कुंडलिनी योग विशेषरूप से हिंदु धर्म से जुड़ा हुआ है, इसीलिए इसको कतई भी अनदेखा नहीँ किया जा सकता। मैं वैसा बनावटी और नकली योगी नहीँ हूँ कि बाहर से योग-योग करता फिरूँ और योग के मूलस्थान हिंदूवाद पर हो रहे अत्याचार को अनदेखा करता रहूँ। अभी हाल ही में इस्लामिक आतंकियों ने कश्मीर में एक स्कूल में घुसकर बाकायदा पहचान पत्र देखकर कुछ हिंदुओं-सिखों को मार दिया, और मुस्लिम कर्मचारियों को घर जाकर नमाज पढ़ने को कहा। इसके साथ ही, बांग्लादेश में मुस्लिमों की भीड़ द्वारा हिंदुओं और उनके धर्मस्थलों के विरुद्ध व्यापक हिंसा हुई। उनके सैकड़ों घर जलाए गए। उन्हें बेघर कर दिया गया। कई हिंदुओं को जान से मार दिया गया। जेहादी भीड़ मौत का तांडव लेकर उनके सिर पर नाचती रही। सभी हिंदु डर के साए में जीने को मजबूर हैं। मौत से भयानक तो मौत का डर होता है। यह असली मौत से पहले ही जिंदगी को खत्म कर देता है। इन कट्टरपंथियों के दोगलेपन की भी कोई हद नहीँ है। हिंदुओं के सिर पर तलवार लेके खड़े हैं, और उन्हीं को बोल रहे हैं कि शांति बनाए रखो। भई जब मर गए तो कैसी शान्ति। हिंसा के विरुद्ध कार्यवाही करने के बजाय हिंसा को जस्टिफाई किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि कुरान का अपमान हुआ, इस्लाम का अपमान हुआ, पता नहीँ क्या-2। वह भी सब झूठ और साजिश के तहत। फेसबुक पर झूठी पोस्ट वायरल की जा रही है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चुपचाप मूकदर्शक बनी हुई हैं। उनके सामने भी हिंसा हो रही है। धार्मिक हिंसा के विरुद्ध सख्त अंतरराष्ट्रीय कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत है। दुनियादारी मानवीय नियम-कानूनों से चलनी चाहिए। किसी भी धर्म में कट्टरवाद बर्दाश्त नहीं होना चाहिये। सभी धर्म एक-दूसरे की ओर उंगली दिखाकर अपने कट्टरवाद को उचित ठहराते हुए उसे जस्टिफाई करते रहते हैं। यह रुकना चाहिए। कट्टरवाद के खिलाफ खुल कर बोलना चाहिए। मैं जो आज आध्यात्मिक अनुभवों के शिखर के करीब पहुंचा हूँ, वह कट्टरपंथ के खिलाफ बोलते हुए और जीवन जीते हुए ही पहुंचा हूँ। कई बार तो लगता है कि पश्चिमी देशों की हथियार निर्माता लॉबी के हावी होने से ही इन हिंसाओं पर इतनी अंतरराष्ट्रीय चुप्पी बनी रहती है।
इस्कॉन मंदिर को गम्भीर रूप से क्षतिग्रस्त किया गया, भगवान की मूर्तियां तोड़ी गईं, और कुछ इस्कॉन अनुयायियों की बेरहमी से हत्या की गई। सबको पता है कि यह सब पाकिस्तान ही करवा रहा है। इधर दक्षिण एशिया में बहुत बड़ी साजिश के तहत हिंदुओं का सफाया हो रहा है, उधर पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय चुप, संयुक्त राष्ट्र संघ चुप, मानवाधिकार संस्थाएँ चुप। क्या हिंदुओं का मानवाधिकार नहीँ होता? क्या हिंदु जानवर हैँ? फिर यूएनओ की पीस कीपिंग फोर्स कब के लिए है। हिंदुओं के विरुद्ध यह साजिश कई सदियों से है, इसीलिए तो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसँख्या कई गुणा कम हो गई है, और आज विलुप्ति की कगार पर है, पर मुसलमानों की जनसंख्या कई गुना बढ़ी है। अफगानिस्तान और म्यांमार में भी हिंदुओं के खिलाफ ऐसे साम्प्रदायिक हमले होते ही रहते हैं। यहाँ तक कि भारत जैसे हिन्दु बहुल राष्ट्र में भी अनेक स्थानों पर हिंदु सुरक्षित नहीं हैं, विशेषकर जिन क्षेत्रों में हिन्दु अल्पसंख्यक हैं। आप खुद ही कल्पना कर सकते हैं कि जब भारत जैसे हिन्दु बहुल देश के अंदर और उसके पड़ोसी देशों में भी हिंदु सुरक्षित नहीं हैं, तो 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों में हिंदुओं की कितनी ज्यादा दुर्दशा होती होगी। पहले मीडिया इतना मजबूत नहीं था, इसलिए दूरपार की दुनिया ऐसी साम्प्रदायिक घटनाओँ से अनभिज्ञ रहती थी, पर आज तो अगर कोई छींकता भी है, तो भी ऑनलाइन सोशल मीडिया में आ जाता है। इसलिए आज तो जानबूझकर दुनिया चुप है। पहले संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी संस्थाएँ नहीं होती थीं, पर आज भी ये संस्थाएँ न होने की तरह ही हैं, क्योंकि ये अल्पसंख्यकों को कोई सुरक्षा नहीँ दे पा रही हैं। वैसा बॉस भी क्या, जो अपने मातहतों को काबू में न रख सके। मुझे तो यह दिखावे का यूएनओ लगता है। उसके पास शक्ति तो कुछ भी नहीँ दिखती। क्योँ वह नियम नहीं बनाता कि कोई देश धर्म के आधार पर नहीँ बन सकता। आज के उदारवादी युग में इस्लामिक राष्ट्र का क्या औचित्य है। इसकी बात करना ही अल्पसंख्यक के ऊपर अत्याचार है, लागू करना तो दूर की बात है। जब इस्लामिक राष्ट्र का मतलब ही अन्य धर्मों पर अत्याचार है, तो यूएनओ इसकी इजाजत कैसे दे देता है। यूएनओ को चाशनी में डूबा हुआ खंजर क्यों नहीं दिखाई देता। प्राचीन भारत के बंटवारे के समय आधा हिस्सा हिंदुओं को दिया गया, और आधा मुसलमानों को। पर हिंदुओं को तो कोई हिस्सा भी नहीं मिला। दोनों हिस्से मुसलमानों के हो गए। आज जिसे भारत कहते हैं, वह भी दरअसल हिंदुओं का नहीं है। दुनिया को हिन्दुओं का दिखता है, पर है नहीँ। यह एक बहुत बड़ा छलावा है, जिसे दुनिया को समझना चाहिए। भारत में मुसलमानों को अल्पसंख्यक के नाम से बहुत से विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसका ये खुल कर दुरुपयोग करते हैं, जिसकी वजह से आज भारत की अखंडता और संप्रभुता को खतरा पैदा हो गया लगता है। पूरी दुनिया में योग का गुणगान गाया जाता है, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, पर जिस धर्म से योग निकला है, उसे खत्म होने के लिए छोड़ दिया गया है। बाहर-बाहर से योग का दिखावा करते हैं। उन्हें यह नहीं मालूम कि यदि हिंदु धर्म नष्ट हो गया, तो योग भी नहीं बच पाएगा, क्योंकि मूलरूप में असली योग हिंदु धर्म में ही है। पतंजलि योगसूत्रों पर जगदप्रसिद्ध और गहराई से भरी हुई पुस्तक लिखने वाले एडविन एफ. ब्रयांट लिखते हैं कि हिंदू धर्म और इसके ग्रँथ ही योग का असली आधारभूत ढांचा है, जैसे अस्थिपंजर मानव शरीर का आधारभूत ढांचा होता है। योग तो उसमें ऐसे ही सतही है, जैसे मानवशरीर में चमड़ी। जैसे मानव को चमड़ी सुंदर और आकर्षक लगती है, वैसे ही योग भी। पर अस्थिपंजर के बिना चमड़ी का अस्तित्व ही नहीँ है। इसलिए योग को गहराई से समझने के लिए हिन्दु धर्म को गहराई से समझना पड़ेगा। इसीलिए योग को बचाने के लिए हिन्दु धर्म और उसके ग्रन्थों का अध्ययन और उन्हें संरक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने कई वर्षों तक कड़ी मेहनत करके हिन्दु धर्म को गहराई से समझा है, उसे अपने जीवन में उतारा है। मैंने भी हिंदु धर्म का भी गहराई से अध्ययन किया है, और योग का भी, इसलिए मुझे पता है। अन्य धर्मों का भी पता है मुझे कि वे कितने पानी में हैं। अधिकांशतः वे सिर्फ हिंदु धर्म का विरोध करने के लिए ही बने हुए लगते हैं। तो आप खुद ही सोच सकते हैं कि जब हिंदु धर्म पूरी तरह से वैज्ञानिक है, तो दूसरे धर्म कैसे होंगे। बताने की जरूरत नहीं है। समझदारों को इशारा ही काफी होता है। जिन धर्मों को अपने बढ़ावे के लिए हिंसा, छल और जबरदस्ती की जरूरत पड़े, वे धर्म कैसे हैं, आप खुद ही सोच सकते हैं। मैंने इस वेबसाइट में हिंदु धर्म की वैज्ञानिकता को सिद्ध किया है। अगर किसी को विश्वास न हो तो वह इस वेबसाइट का अध्ययन कर ले। मैं यहाँ किसी धर्म का पक्ष नहीं ले रहा हूं, और न ही किसी धर्म की बुराई कर रहा हूँ, केवल वैज्ञानिक सत्य का बखान कर रहा हूं, अपनी आत्मा की आवाज बयाँ कर रहा हूँ, अपने कुंडलिनी जागरण के अनुभव की आवाज को बयाँ कर रहा हूँ, अपने आत्मज्ञान के अनुभव की आवाज को बयाँ कर रहा हूँ, अपने पूरे जीवन के आध्यात्मिक अनुभवों की आवाज को बयां कर रहा हूँ, अपने दिल की आवाज को बयां कर रहा हूँ। मैं तो कुछ भी नहीँ हूँ। एक आदमी क्या होता है, उसका तर्क क्या होता है, पर अनुभव को कोई झुठला नहीं सकता। प्रत्यक्ष अनुभव सबसे बड़ा प्रमाण होता है। आज इस्कॉन जैसे अंतरराष्ट्रीय हिन्दु संगठन की पीड़ा भी किसी को नहीं दिखाई दे रही है, जबकि वह पूरी दुनिया में फैला हुआ है। मैंने उनकी पीड़ा को दिल से अनुभव किया है, जिसे मैं लेखन के माध्यम से अभिव्यक्त कर रहा हूँ। यदि हिंदु धर्म को हानि पहुंचती है, तो प्रकृति को भी हानि पहुंचती है, धरती को भी हानि पहुंचती है। प्रकृति-पूजा और प्रकृति-सेवा का व्यापक अभियान हिंदु धर्म में ही निहित है। देख नहीँ रहे हो आप, दुनिया के देशों के बीच किस तरह से घातक हथियारों की होड़ लगी है, और प्रदूषण से किस तरह धरती को नष्ट किया जा रहा है। धरती को और उसके पर्यावरण को यदि कोई बचा सकता है, तो वह हिंदु धर्म ही है।भगवान करे कि विश्व समुदाय को सद्बुद्धि मिले।
आईआईएमसी की प्रोफेसर अनुभूति यादव की किताब ’मीडिया लिट्रेसी’ का सफ़लता पूर्वक हुआ विमोचन
लखनऊ । वर्तमान मीडिया युग के दौर में सही खबरों का स्थान फेक न्यूज और अफवाहों ने बहुत तेजी से ले लिया है. इसी को मद्देनजर रखते हुए गलत खबरों को रोकने के लिए तमाम मीडिया संस्थानों द्वारा नए –नए प्रयोग किए जा रहे हैं।
खासकर महामारी के दौर में फेक न्यूज ने काफी विकराल रूप धारण कर लिया। सोमवार को आईआईएमसी की प्रोफेसर डॉ.अनुभूति यादव की किताब ’ मीडिया लिट्रेसी ’ का सफलता पूर्वक विमोचन हुआ। इस मौके पर डा अनुभूति यादव ने बताया कि मीडिया लिटरेसी: कीज़ टू इंटरप्रेटिंग मीडिया मैसेजेस नामक पुस्तक में मीडिया और सूचना साक्षरता के क्षेत्र के अपने समृद्ध अनुभवों के साथ इस प्रिंट संस्करण को निकालने का फैसला किया, जब हम सभी गलत सूचना, दुष्प्रचार और विभिन्न प्रकार की अफवाहों से घिरे हैं। महामारी के दौरान दुनिया ने इंफोडेमिक से निपटने के लिए मीडिया और सूचना साक्षरता के महत्व को पहचाना है।
इस किताब में लेखक के तौर पर प्रो. आर्ट सिल्वरब्लैट वेबस्टर यूनिवर्सिटी, सेंट लुइस, मिसौरी में मीडिया कम्युनिकेशंस के प्रोफेसर एमेरिटस प्रो. अनुभूति यादव, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में न्यू मीडिया के प्रोफेसर भारत, डॉ. वेद व्यास कुंडू, गांधी स्मृति और दर्शन समिति के कार्यक्रम अधिकारी, भारत से वैश्विक एमआईएल समारोहों में एक योगदान है। यह भारतीय संस्करण डिजिटल इंटरनेशनल मीडिया लिटरेसी एजुकेशन प्रोजेक्ट (DIMLE) के तहत विकसित किया गया था।
तमाम मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों ने बताया कि मीडिया लिटरेसी किताब, मीडिया के छात्रों के अत्यंत उपयोगी साबित होगी। न्यू मीडिया व सोशल मीडिया के त्वरित सूचना प्रवाह में गलत खबरों की समस्त तरीकों से यह किताब रूबरू कराएगी।
पुस्तक के भाग एक में मीडिया पाठ के महत्वपूर्ण विश्लेषण के लिए एक सैद्धांतिक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। भाग दो-छात्रों को इस पद्धतिगत ढांचे को विभिन्न प्रकार के मीडिया प्रारूपों में लागू करने का अवसर देता है: पत्रकारिता, विज्ञापन और राजनीतिक संचार। भाग तीन में मास मीडिया मुद्दों (मीडिया, मीडिया और बच्चों में हिंसा, मीडिया और सामाजिक परिवर्तन, और वैश्विक संचार) पर एक संक्षिप्त विचार शामिल है, साथ ही लोगों के अधिक मीडिया साक्षर होने के बाद संभावित परिणामों की चर्चा भी शामिल है।
लखनऊ। राजधानी में समाजवादी महिला सभा व लोहिया वाहिनी में पदाधिकारियों की घोषणा की गई है। इस अवसर पर दर्जनों लोगों ने समाजवादी पार्टी की सदस्या ग्रहण की।
राजधानी स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय 6, लाजपत राय भवन, कैसरबाग लखनऊ पर जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’, जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान एवं विधायक अम्ब्रीश सिंह पुष्कर की उपस्थिति में समाजवादी महिला सभा में रामकली रावत उर्फ सुनीता को जिला उपाध्यक्ष, सरोज यादव को जिला सचिव और तनवीर अहमद को समाजवादी लोहिया वाहिनी में जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। साथ ही दर्जनों लोगों ने समाजवादी पार्टी की सदस्या ग्रहण की। इस अवसर पर जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सभी का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’ ने कहा कि आप सभी के मनोनयन से समाजवादी पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूती मिलेगी एवं 2022 विधानसभा चुनाव में आप सभी की अहम भूमिका रहेगी।
मीडिया प्रभारी रमेश सिंह ‘रवि’ ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान पूर्व प्रदेश सचिव विजय सिंह यादव, पूर्व सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी वीर बहादुर सिंह, पूर्व प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक सभा इरशाद अहमद ‘गुड्डू’, जिला सचिव शहीम खान, मुन्ने बेग, सतीष गुप्ता, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष शशिलेन्द्र यादव, महिला सभा जिलाध्यक्ष प्रेमलता यादव, जिला पंचायत सदस्य विजय लक्ष्मी, दाऊद नदवी, मौलाना रईस अहमद, हकीम साहब मौजूद रहे।
चारागाहों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट। रोपे जाएंगे पीपल के पौधे। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की छह ग्राम पंचायत चयनित। 205 बीघा भूमि पर मनरेगा के तहत होगा कार्य।
बिजनौर। अब ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी चारागाह की भूमि जीवनदायिनी ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत बनेगी। दरअसल पंचायत में कार्यों के प्राक्कलन में समतलीकरण, मेढबन्दी तथा वृक्षारोपण को सम्मिलित करते हुए योजना तैयार कर कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिये गए हैं। कार्य पूर्ण होते ही यहां पीपल के पौधे रोपे जाएंगे। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की छह ग्राम पंचायत अंतर्गत पड़ने वाली 205 बीघा चारागाहों की भूमि निकट भविष्य में नवजीवन का रूप लेने वाली है।
जीवनदायिनी ऑक्सीजन को प्रचुरता से प्राप्त करने के उपायों के तहत उपायुक्त (श्रम रोजगार) संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक बिजनौर ने 07 अक्टूबर 2021 को आदेश जारी किया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजनान्तर्गत कार्य कराने के सम्बंध में उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को निर्देश दिये हैं कि उक्त पंचायत में कार्यों के प्राक्कलन में समतलीकरण, मेढबन्दी तथा वृक्षारोपण को सम्मिलित करते हुए योजना तैयार कर एक सप्ताह में कार्य प्रारम्भ कराएं। उक्त कार्य के पूरा होने के बाद यहां पीपल की पौध लगा दी जाएगी। बीडीओ को निर्देश हैं कि तकनीकी सहायकों द्वारा प्राक्कलन दिनेश कुमार अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (जनपद स्तर) के पर्यवेक्षण में तैयार किये जाने हेतु निर्देशित करना सुनिश्चित करें। कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को विकास खण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों का विवरण भी दिया गया है। बताया गया है कि शासन की ओर से 1500 मानव दिवस एवं 1500 से अधिक मानव दिवस सृजन करने वाले कार्यों को कराये जाने के निर्देश दिये गये है।
कोरोना के काल में सभी लोग ऑक्सीजन का महत्व समझ चुके हैं। यह भी सर्वविदित है कि पीपल का वृक्ष हमें 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। इसका धार्मिक महत्व भी है। पर्यावरण को शुद्ध रखने के साथ स्वच्छ हवा की जरूरत को पूरा करने के लिए पीपल के पौधों के रोपण की जरूरत बताई गई है। पीपल के पेड़ को अश्वत्ता का पेड़ भी कहते हैं। भारतीय धर्मशास्त्रों में पीपल में भगवान विष्णु का वास माना गया है। बौद्ध और जैन धर्म में भी इसका खासा महत्व है। ये ऑक्सीजन का बड़ा अच्छा स्रोत है। इसके अलवा अस्थमा, डायबिटीज और डायरिया जैसी बीमारियों में भी पीपल काफी लाभकारी है।
लखनऊ। किसानों के लिए बिना सत्यापन के धान बेचने की सीमा 50 कुंतल से बढ़ा कर 100 कुंतल कर दी गई है। किसानों को बुआई के रकबे के सत्यापन के लिए एसडीएम के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे सत्यापन के मामले बढ़ने के साथ ही धान खरीद में तेजी नहीं आ पा रही थी।
धान खरीद में बुआई के रकबे के सत्यापन के बिना धान बेचने का प्रावधान नहीं था। अक्तूबर की शुरुआत में ही 50 कुंतल तक रकबे के सत्यापन की शर्त हटा दी गई थी। अब इस सीमा को बढ़ाते हुए 100 कुंतल किया गया है। किसानों को अफसरों के न मिलने पर तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ता था। इसके बावजूद चकबंदी के तहत गांवों के किसानों का धान, चकबंदी सबंधी प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही खरीदा जाएगा। इस बार कॉमन धान श्रेणी 1940 रुपए प्रति कुंतल व ग्रेड ए के धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।
लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सेक्युलर दलों से गठबंधन करेगी। परिवर्तन यात्रा लेकर निकले श्री यादव कहा कि सपा उनकी प्राथमिकता में है लेकिन पार्टी का विलय नहीं गठबंधन होगा। उन्होंने दावा किया नेताजी उनके साथ हैं और पूरी तरह से उनका आशीर्वाद उन्हें प्राप्त है।
प्रसपा की परिवर्तन यात्रा पुखरायां से शुरू होनी थी, लेकिन विपरीत मौसम के चलते यात्रा अहरौली शेख से जालौन के लिए रवाना हुई। अहरौली शेख बाईपास स्थित एक गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य सत्ता का परिवर्तन है। मौजूदा समय में प्रदेश की जनता मंहगाई, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी से परेशान है। खाद व बीज के दाम बढ़ गए हैं। निजीकरण के नाम पर रेल, टेलीफोन, एयरपोर्ट सब पूंजीपतियों को सौंपे जा रहे हैं। इससे पूंजीपतियों की आय 40 गुना बढ़ गयी है, जबकि आम लोग महंगाई से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों पर काला कानून थोपा गया है। प्रसपा की सरकार बनने पर वह 300 यूनिट बिजली मुफ्त देंगे। उन्होंने कहा कि 2022 में सरकार बनाने की चाबी उनके पास है, वह सेक्युलर दलों से समझौता कर रहे हैं। सपा उनकी प्राथमिकता में हैं, लेकिन पार्टी का विलय नहीं सिर्फ गठबंधन ही संभव है। देर शाम यात्रा झांसी पहुंची, रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार को यात्रा आगे बढ़ेगी।
चेताया कि कन्या भ्रूण चिन्हिकरण बर्दाश्त नहीं। सप्ताह में कम से कम तीन अल्ट्रासाउंड सेन्टर्स का हो निरीक्षण।
“अल्ट्रासाउण्ड मशीन की अनुमति प्राप्त करने से पूर्व पुरानी मशीन का डिस्पोजल और एक्सपर्ट की आख्या, डाक्टर का निरीक्षण सहित चैकलिस्ट के आधार पर सभी आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चिित करें, अल्ट्रासाउंड नीवनीकरण होने वाले मामलों में भी पूरी छानबीन करने के बाद ही उन्हें अनुमति प्रदान की जाए-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा”
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्राईवेट स्वास्थ्य केन्द्रों में नई अल्ट्रासाउण्ड मशीन की अनुमति प्राप्त करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि अनुमति से पूर्व पुरानी मशीन का डिस्पोजल और एक्सपर्ट का ओपनीयन, डाक्टर का निरीक्षण सहित चैकलिस्ट के आधार पर सभी आवश्यक कार्यवाही पहले ही करना सुनिश्चिित करें तभी नई मशीन लगाने की अनुमति दिये जाने की कार्यवाही की जाय। उन्होंने नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी को निर्देशित किया कि नर्सिंग होम आदि की जांच के लिए संबंधित उपजिला मजिस्ट्रेट को साथ लेना भी सुनिश्चिित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में कन्या भ्रूण चिन्हिकरण का कार्य नहीं होने दिया जाएगा और जिस किसी को भी अल्ट्रासाउंड सैन्टर पर इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होती है और निरीक्षण के बाद सही पायी जाती है तो केन्द्र को बन्द करा कर उसके संचालक के विरूद्व कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
पीसीपीएनडीटी से संबंधित समिति की बैठक– जिलाधिकारी श्री मिश्रा सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी से संबंधित समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी को निर्देश दिये कि अल्ट्रासाउण्ड मशीन ऑपरेटिंग के लिए आवेदन पत्र में जिस व्यक्ति का नाम अंकित किया गया है, उसके अभिलेखों की जांच कर सुनिश्चित कर लें कि वह व्यक्ति पात्र है, यदि अल्ट्रासाउण्ड संचालक के अभिलेख आदि संदिग्ध पाए जाते हैं तो किसी भी सूरत में उसका अनुमोदन नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सप्ताह में कम से कम तीन अल्ट्रासाउंड सैन्टर्स का निरीक्षण करना सुनिश्चित करें और नए अल्ट्रासाउंड केन्द्र एवं नवीनीकरण की अनुमति तभी दी जाए, जब संबंधित अल्ट्रासाउंड केन्द्रों में सभी औपचारिकताएं पूरी पाई जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे देश और जिले में लिंग अनुपात में भारी अन्तर का होना एक गम्भीर एवं चिंताजनक समस्या है। इस समस्या का समाधान केवल बैठकों से ही सम्भव नहीं है, बल्कि जन सामान्य को लिंग अनुपात के संकट के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होने निर्देश दिए कि जिले में अल्ट्रासाउंड सेन्टर्स और नीवनीकरण होने वाले मामलों में पूरी छानबीन करने के बाद ही उन्हें अनुमति प्रदान की जाए और हर सेन्टर पर कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित कानूनी जानकारी पर आधारित स्पष्ट शब्दों में बोर्ड अथवा दीवार पर आईसी मेटीरियल लिखवाना और अल्ट्रासाउंड कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को अनिवार्य किया जाए, उसके बाद ही अल्ट्रासाउंड केन्द्रों के नवीनीकरण आदि की अनुमति दी जाए। उन्हेांने कड़े निर्देश दिये कि कन्या भ्रूण चिन्हिकरण करने वाले किसी भी सेन्टर एवं संचालक पर सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लायें चाहे वह व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली या बलशाली हो, तभी इस कानून का औचित्य सिद्व हो सकता है।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डा. एसके निगम, डा0. प्रभा रानी मुख्य चिकित्साधीक्षिका, डा. बीआर त्यागी, श्रीमती सुधा राठी, मुकेश त्यागी डीजीसी सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।
PCPNDT का तात्पर्य!पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994 भारत में कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए भारत की संसद द्वारा पारित एक संघीय कानून है। इस अधिनियम से प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक ‘पीएनडीटी’ एक्ट 1996, के तहत जन्म से पूर्व शिशु के लिंग की जांच पर पाबंदी है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड या अल्ट्रासोनोग्राफी कराने वाले जोड़े या करने वाले डाक्टर, लैब कर्मी को तीन से पांच साल सजा और 10 से 50 हजार जुर्माने की सजा का प्रावधान है। प्रत्येक आनुवांशिक परामर्श केंद्र, आनुवांशिक प्रयोगशाला या आनुवांशिक क्लिनिक परामर्श देने या प्रसव पूर्व निदान तकनीकों का संचालन करने में लगे हुए हैं, जैसे कि गर्भाधान से पहले और बाद में लिंग चयन की संभावनाओं के साथ इन विट्रो फर्टिलाईजेशन (आईवीएफ) पीसीसीपीटी अधिनियम के दायरे में आता है और इस पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद जनपद बिजनौर में ये हवाहवाई साबित हो रहा है। जिले के लगभग हर तहसील, कस्बों में खुलेआम अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे हैं और जिले के प्रशानिक मुखिया यानी जिलाधिकारी को अंधेरे में रख कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौज काट रहे हैं। कायदे से जांच हो जाए तो इक्का दुक्का अल्ट्रा साउंड सेंटर में ही प्रशिक्षित स्टाफ मिलेगा। अधिकतर अल्ट्रासाउंड सेंटर जिस चिकित्सक के नाम से संचालित हैं, उनका कुछ आता पता नहीं है।
मलिहाबाद, लखनऊ। सोमवार को विकास खण्ड कार्यालय मलिहाबाद के सभागार में राज्य स्तरीय सोशल आडिट जनसुनवाई एवं सोशल आडिट जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग भारत सरकार द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव समारोह 15 से 21 अक्टूबर के बीच 1 सप्ताह की राज्य स्तरीय जनसुनवाई एवं जागरूकता का अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसमें मनरेगा योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संबंध में स्थानीय प्रचार प्रसार के माध्यमों से जनसुनवाई एवं जन जागरूकता रैली से सोशल ऑडिट कार्यक्रम को बल मिलेगा। इसी क्रम में वर्तमान में चल रहे सोशल आडिट प्रक्रिया एवं जन सुनवाई हेतु ग्राम सभा में बैठकों का आयोजन तथा बैठकों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर सोशल आडिट टीम द्वारा ग्राम पंचायत में दीवार लेखन एवं जन जागरूकता रैली के माध्यम से प्रचार प्रसार किया गया।
सोमवार को विकासखंड स्तर पर सोशल आडिट सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में सभी उपस्थित सदस्यों, ग्राम प्रधान, बीडीसी, ग्राम रोजगार सेवक, ग्राम पंचायत सचिव, सोशल आडिट टीम सदस्य आदि को मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास के सोशल आडिट के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
इस मौके पर ब्लाक प्रमुख मलिहाबाद निर्मल वर्मा, खंड विकास अधिकारी प्रभारी शिव कुमार वर्मा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत रविंद्र प्रताप त्रिपाठी, सहायक विकास अधिकारी एनआरएलएम बाबूलाल वर्मा, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा अनिरुद्ध केलकर, ब्लॉक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर वंदना यादव एवं ब्लाक रिसोर्स पर्सन कमलेश कुमार सहित ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू एवं कार्यालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
भारत के लोग रोज लुट रहे हैं। ठगी के शिकार हो रहे हैं। धोखा देकर उनके खातों से रकम निकाली जा रही है। युवा फर्जी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर धन और समय बर्बाद कर रहे हैं। इतना होने पर भी रोकने के लिए जिम्मेदार संस्थाएं आंखें मूंदे बैठी हैं। वह कुछ नहीं कर पा रहीं। आम उपभोक्ता, देश का युवा नागरिक रोज लुट-पिट कर घर बैठ जाता है। शिकायत करने के बाद भी कुछ भी नहीं कर पाता।
भारतीय स्टेट बैंक ने अपने खाताधारकों से कहा है कि वह बैंक का कस्टमर केयर नंबर गूगल या किसी और प्लेटफार्म पर सर्च ना करें। स्टेट बैंक की सही वेबसाइट का प्रयोग करें। उसने यह भी कहा है उसके नाम (स्टेट बैंक) से मिलती -जुलती लगभग आधा दर्जन वेब साइट गूगल और अन्य ऐसे ही प्लेटफार्म पर मौजूद थे। जरा सी गलती से आप इन पर लॉगिन करके ठगी के शिकार हो सकते हैं। यह आदेश स्टेट बैंक के नहीं हैं, आज सभी बैंक इस तरह के आदेश कर रहे हैं। बैंक खाताधारकों को जानकारी दे रहे हैं कि वे बैंक के नाम पर हो रही ठगी से कैसे बचेंॽ
यही हालत यूजीसी ग्रांट कमीशन (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की है। उसे पता है कि देश में कितने फर्जी विश्वविद्यालय चल रहे हैं। वह साल में कई बार इन विश्वविद्यालयों की सूची अखबार में छपवाता है। वह सिर्फ सूची छपवा कर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाता है। अपनी जिम्मेदारी से छूट जाता है। सही विश्वविद्यालयों की जानकारी संज्ञान में ना होने पर जो युवा इन फर्जी विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लेते हैं, उनके साल तो बर्बाद होते ही है पढ़ाई के दौरान व्यय हुआ धन भी बेकार जाता है।
कुछ यही हालत राम मंदिर की साइट की भी है। मंदिर का निर्माण कार्य कराने का निर्णय हुआ। धन संग्रह के लिए मंदिर निर्माण समिति ने साइट बनाई। उसकी साइट तो बाद में बनी, उस जैसी मिलते- जुलते नाम की कई साइट और बनकर खड़ी हो गई। आम आदमी राम मंदिर को चंदा देना चाहता है। उसकी मंदिर में आस्था है, लेकिन ये फर्जी साइट बनाने वाले उनकी आस्था और विश्वास का लाभ उठाकर उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं। उनकी मेहनत की कमाई लूट रहे हैं। राम मंदिर ही नहीं, अन्य प्रसिद्ध मंदिरों के नाम से मिलती −जुलती साइट भी मौजूद हैं।
भारतीय सेना के लिए धन संग्रह वाली अलग साइट है। इसके लिए जो दान करना चाहता है, वहाँ जाकर कर सकता है, लेकिन इसके नाम से मिलती-जुलती कई साइट पहले ही मौजूद हैं। पिछले साल जब चीन से तनातनी चली, तब इन फर्जी संस्थाओं में दान देने के बारे में पब्लिक प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक आदि पर लगातार मैसेज आए। जनता से अपील की गई कि सेना को मजबूत करने सैनिकों की सुविधा विस्तार के लिए खुले मन से इनमें दान करें। बाद में पता चलता है कि इन इन सब का अधिकृत एजेंसी से कोई लेना-देना नहीं। यह तो देशवासी की आस्थाओं पर डाका डालने में लगे हुए है। ऐसी ही साइट के बारे में लोगों ने रक्षा मंत्रालय और केंद्र की कई जिम्मेदार संस्थाओं को मेल कर वस्तु स्थिति जाननी चाही। एक साल बीतने पर भी कोई उत्तर नहीं मिला।
जिम्मेदार संस्थाएं बैंक, विश्व विद्यालय अनुदान आयोग आदि इन धोखेबाज के खिलाफ मुकदमे दर्ज क्यों नहीं करते? हम जानते हैं कि ठगी हो रही है। लोगों की आस्थाओं का गलत लाभ उठाया जा रहा है। कुछ चोर −लुटेरे आराम से लोगों की मेहनत की कमाई पर अय्याशी कर रहे हैं।
इस तरह की ठगी, लूट और धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर कोई संस्था होनी चाहिए। ऐसा करने वालों पर कठोर दंड की व्यवस्था हो, तुरत-फुरत न्याय हो, कठोर साइबर कानून हो। इसके साथ जरूरी है कि अपराधी के प्रति कोई दया या कृपा न बरती जाए। उत्तर प्रदेश की तरह अपराधियों की संपत्ति पर तुरंत सरकार कब्जा कर ले। तभी जाकर इन अपराधों पर रोक लग सकती है, अन्यथा ये तो चलता ही रहेगा।
बिजनौर। दबंगों के कहर से परेशान एक गरीब किसान के न्याय न मिलने पर परिवार समेत आत्मदाह की चेतावनी के बाद पुलिस अधीक्षक (नगर) ने पीड़ित किसान परिवार को न्याय दििलाया।
जानकारी के अनुसार नरेश सिंह पुत्र शिव ध्यान सिंह राजा का ताजपुर थाना नूरपुर जिला बिजनौर का रहने वाला एक गरीब किसान है। आरोप है कि 6-10-2021 को नरेश सिंह अपने खेत पर काम कर रहा था। इस दौरान कुछ दबंगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में किसान की एक टांग टूट गई और सिर में काफी चोट आईं। पीड़ित ने थाना नूरपुर में गांव के ही कई लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी, जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक से भी लिखित शिकायत की गई। जिला अस्पताल में भर्ती किसान ने एक दिन पूर्व ही न्याय न मिलने पर अपने परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस अधीक्षक (नगर) को मिली तब उन्होंने थानाध्यक्ष को निर्देशित किया। तब दो अभियुक्तों पकड़ कर चालान कर दिया गया। अब पीड़ित किसान परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।
बिजनौर। दबंगों के कहर से परेशान एक गरीब किसान ने न्याय न मिलने पर परिवार समेत आत्मदाह की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार नरेश सिंह पुत्र शिव ध्यान सिंह राजा का ताजपुर थाना नूरपुर जिला बिजनौर का रहने वाला एक गरीब किसान है। आरोप है कि 6-10-2021 को नरेश सिंह अपने खेत पर काम कर रहा था। इस दौरान कुछ दबंगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में किसान की एक टांग टूट गई और सिर में काफी चोट आईं। पीड़ित ने थाना नूरपुर में गांव के ही कई लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी, जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक से भी लिखित शिकायत की । जिला अस्पताल में भर्ती किसान ने न्याय न मिलने पर अपने परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में जमीन विवादों को जड़ से ही खत्म करने की योजना बनाई है। गाटे के सह खातेदारों के बीच अपने-अपने हिस्से की जमीन के बंटवारे के लिए अब मुकदमेबाजी की नौबत नहीं आएगी। सह खातेदारों के बीच हिस्से का बंटवारा अब पंचायत स्तर पर ही हो जाएगा। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन राजस्व गांवों में खतौनी का पुनरीक्षण और अंश निर्धारण का काम पूरा किया जा चुका है, वहां सह खातेदारों के बीच गाटों के भौतिक विभाजन की योजना तैयार कर उसे अमली जामा पहनाया जाए।
गांवों में अक्सर मिनजुमला यानी मिले-जुले खातेदारों वाले गाटे होते हैं। एक ही गाटे में कई सह खातेदार होते हैं लेकिन यह निश्चित नहीं होता है कि इसमें किसका हिस्सा किस तरफ है। इससे जमीन के बंटवारे को लेकर आए दिन विवाद होते हैं। दिक्कत यह भी आती है कि यदि कोई अपना हिस्सा बेचना चाहे तो यह तय नहीं हो पाता कि वह किस तरफ की जमीन बेचे। ऐसा ही असमंजस जमीन खरीदने वाले के सामने भी होता है।
यदि उसने किसी व्यक्ति से कोई जमीन खरीदी तो बाद में उस गाटे का कोई अन्य सह खातेदार यह दावा कर सकता है कि वह भूमि तो उसके हिस्से की थी। सह खातेदारों के बीच जमीन के बंटवारे के लिए अभी एसडीएम के यहां मुकदमा दर्ज कराना पड़ता है। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार प्रदेश में मिनजुमला गाटों की जमीन के बंटवारे से जुड़े तकरीबन 20 हजार मुकदमे लंबित हैं।
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता में सह खातेदारों के बीच गाटे के भौतिक विभाजन की व्यवस्था है। इसमें कहा गया है कि मिनजुमला गाटों का निर्धारित तरीके से भौतिक विभाजन किया जाएगा और मानचित्र व खसरा सहित राजस्व अभिलेखों को उसके मुताबिक संशोधित किया जाएगा। राजस्व संहिता नियमावली में इसका तरीका भी बताया गया है लेकिन इसे अब तक प्रदेश में लागू नहीं किया जा सका है।
प्रदेश में राजस्व गांवों की खतौनियों के पुनरीक्षण और गाटों में अंश निर्धारण का काम वर्ष 2017 से लगातार जारी है। लिहाजा आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद मनीषा त्रिघाटिया ने अब जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन गांवों में खतौनी पुनरीक्षण व अंश निर्धारण का काम पूरा कर लिया गया है, प्राथमिकता के आधार पर उन गांवों में मिनजुमला गाटों के भौतिक विभाजन की योजना तैयार कराते हुए उसके अनुसार राजस्व अभिलेखों को संशोधित कराया जाए। भविष्य में भी जिन गांवों में खतौनी पुनरीक्षण व अंश निर्धारण का कार्य पूरा होता जाए, वहां भी ऐसा किया जाए।
बिजनौर। शहर के एक वरिष्ठ चिकित्सक से इंश्योरेंस कंपनी का मैनेजर बनकर लाखों की ठगी करने के मामले में एसपी की साइबर सैल ने कार्यवाही करते हुए पैसे वापस करा दिए। इस पर चिकित्सक ने पुलिस अधीक्षक व उनकी टीम को सम्मानित किया।
वरिष्ठ चिकित्सक डा. नीरज चौधरी कुछ दिन पूर्व ठगी का शिकार हो गए थे। ठगी करने वाले ने अपने को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का मैनेजर बताकर पॉलिसी मैच्योर प्रीमियम जमा कराने के नाम पर 3 लाख 50 हजार रूपए ठग लिए थे। इसके बाद डा. नीरज चौधरी ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी। पुलिस अधीक्षक ने कार्यवाही के लिए साइबर सैल को निर्देशित किया था। साइबर सैल ने कार्यवाही करते हुए ठगी किए गए 3 लाख 50 हजार रुपए की धनराशि को वापस करा दिया। पैसे वापस आने पर डा. नीरज चौधरी पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंचे और उन्होंने पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, साइबर सैल के प्रभारी पंकज तोमर व उनकी टीम में शामिल विवेक तोमर, नवनीत झा तथा जितेंद्र कुमार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकतंत्र पर आए संकट को देखते हुए वोट से परिवर्तन की नई मंजिल तय करनी है। विजयदशमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि अहंकार और अत्याचार का परिणाम सदैव बुरा होता है। यह भी सुनिश्चित है कि बुराई और असत्य के मुकाबले हमेशा सत्य की जीत होती है और असत्य पराजित होता है। हमें इसलिए अपने आचरण में सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। संकीर्ण मानसिकता के चलते आपसी सौहार्द बिगड़ रहा है। अधिनायकशाही सोच से सरकारअसहमति की आवाज का दमन कर रही है।
लोकतंत्र और सामाजिक समरसता को कमजोर करना ही भाजपा का मूल एजेंडा है। जनता के हित में भाजपा सरकार की नीतियां पूरी तरह विफल है। शुक्रवार को दशहरे के मौके पर सपा कार्यालय आए वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत महिलाओं व अल्पसंख्यकों आदि की बधाई स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि चंद महीने बाद ही प्रदेश की जनता को अपने भाग्य के निर्णय का अधिकार मिलेगा। इस मौके पर राजपुरोहित पण्डित हरि प्रसाद मिश्रा ने विजयदशमी पर अखिलेश यादव को ‘विजयी भव‘ का आशीर्वाद दिया और रक्षा सूत्र बांधा। उन्होंने कहा समय, परिस्थतियां ग्रह-नक्षत्र सब अखिलेश यादव के अनुकूल हैं। वह ही मुख्यमंत्री बनेंगे।
“आशी ही भन्नत भिंगारी” मराठी फिल्म रिलीज होने वाली थी लेकिन अभिनेत्री सुश्री आशु सुरपुर की मां का कोरोना के कारण निधन हो गया। अब यह जल्द ही रिलीज होगी।
पुणे (सुनील ज्ञानदेव भोंसले)। जब यह मराठी फिल्म “आशी ही भन्नात भिंगारी” महाराष्ट्र में रिलीज होने वाली थी, तब अभिनेत्री सुश्री आशु सुरपुर की माता जी जयश्री का कोरोना से निधन हो गया। बेटी को एक अभिनेत्री के रूप में देखने का उनका सपना अधूरा रह गया, वह आशु को एक अभिनेत्री के रूप में देखना चाहती थीं, लेकिन नियति ने उन्हें एक असमय ही ले लिया। “यह मराठी फिल्म साई समर्थ चित्रा, जनार्दन म्हस्कर और संजीव यशवंत कोलटे द्वारा निर्देशित एक बड़ी धूम मचाएगी। अभिनेत्री सुश्री आशु सुरपुर ने कहा कि प्रेम कहानी को समुद्र तट पर फिल्माया गया है। दर्शकों द्वारा प्यार और सराहना की जाएगी।
श्विश्वास पाटिल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रेम कहानी और मधुर गीत दर्शकों को पसंद आएंगे। आशु सुरपुर बचपन से ही बहुत बुद्धिमान रहीं। उनका सपना एक लोकप्रिय अभिनेत्री बनने का था और उनका सपना सच हो गया। मराठी फिल्मों में उसी आत्म-शुद्धता के साथ काम करना चाहिए, आज उसकी इच्छा पूरी हो गई है, आशु ने टीवी सीरियल “पुडचा पॉल”, प्रसिद्ध मराठी फिल्म “जला बोभाटा, तू ही रे, मोहर, दुनिया गली तेल लवत, चालू” में अभिनय किया है। दिया तुम्हारी, प्रधानमंत्री मूवी” में कई बड़े नामी अभिनेताओं के साथ काम किया है। आशु सुरपुर ने यह भी कहा कि वह पिछले 9 वर्षों से मराठी फिल्मों में काम कर रही हैं, लेकिन मुख्य भूमिका में मराठी फिल्म “आशी ही भन्नत भिंगारी” जल्द ही रिलीज हो रही है। आशु सुरपुर ने कहा कि उनका संक्षिप्त साक्षात्कार सुनील ज्ञानदेव भोसले द्वारा आयोजित किया गया था, पुणे में मराठी मूवीमेकर्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष संपादक, जब उन्होंने मूवी में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट बातचीत की। मूवी देखने के लिए सिनेमा हॉल में जाना बहुत खुशी की बात होगी।
पी.एफ.पी. म्यूजिक कंपनी ने जारी किया म्यूजिक वीडियो ‘जिस्म को जिस्म से’
संवाददाता सुनिल ज्ञानदेव भोसले
प्राजक्ता फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी म्यूजिक वीडियो ‘जिस्म को जिस्म से’ को पीएफपी म्यूजिक कंपनी ने जारी कर दिया है। केलवा बीच के लोकेशंस पर फिल्माई गई इस म्यूजिक वीडियो में कंचन भोर और अजीत पंडित की रोमांटिक जोड़ी नज़र आएगी।
मधुबाला और माधुरी दीक्षित को अपना आदर्श मानने वाली अभिनेत्री कंचन भोर इस सोलो नंबर के रिलीज होने के बाद बहुत रोमांचित और उत्साहित हैं। रेखा सुरेंद्र जगताप द्वारा निर्मित इस म्यूजिक वीडियो के गीत को जमील अहमद ने लिखा है, स्वर दिया है अनुपमा ने और संगीतकार राजा अली हैं। डीओपी सद्दाम शेख हैं और प्रोडक्शन हेड हैं मोहम्मद जावेद।
इमरान मालगुनकर द्वारा वीडियोग्राफी और कोरियोग्राफी से सजी इस म्यूजिक वीडियो के रिलीज के बाद रेखा सुरेंद्र जगताप द्वारा नवोदित प्रतिभाओं को प्रकाश में लाने के उद्देश्य से एल्बम और फिल्मों का निर्माण करने की योजना बनाई जा रही है।
लखनऊ। राज्य सरकार इस बार प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में दीपावली मेले का आयोजन कराने जा रही है। यह मेला 28 अक्तूबर से शुरू होकर चार नवंबर को समाप्त होगा। प्रभारी अपर मुख्य सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
शासनादेश में कहा गया है कि मेले के आयोजन के लिए शहरों में पर्याप्त व समुचित स्थान का चयन किया जाएगा। इसमें पटरी विक्रेताओं के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित किया जाएगा। इसमें फूड स्टाल, मनोरंजन के झूले आदि व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेला स्थल के पास पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी। स्ट्रीट वेंडर के लिए समुचित स्थान की व्यवस्था की जाएगी। इसका मकसद पटरी दुकानदारों का कारोबार बढ़ाना है। पटरी दुकानदारों को इसके लिए समुचित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा साथ में फूड स्टाल व बच्चों के लिए सुरक्षित प्रकार के झूले आदि भी लगवाए जाएंगे। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए मंच की व्यवस्था की जाएगी।
होंगीं ये प्रतियोगिताएं: मेले को आकर्षक बनाने के लिए सेल्फी, सेल्फी विद ग्रेट लीडर्स और विभिन्न प्रकार के पोस्टर, स्लोगन आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी। मेला स्थल पर सफाई की विशेष व्यवस्था की जाएगी। कोविड से बचाव के भी जरूरी उपाय किए जाएंगे। स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के एक डेडीकेटड पंजीकरण डेस्क की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रत्येक शहर में इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय इसके सदस्य सचिव होंगे। एसएसपी, एसपी, सीएमओ, ईओ, जिला सूचना अधिकारी व डीएम द्वारा नामित एक अधिकारी इसका सदस्य होगा। मेला स्थल का चयन 16 अक्तूबर से शुरू कर दिया जाएगा।
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री वसमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रामनवमी की अनंत मंगल कामनाएं देकर हंसी का पात्र बन गए हैं। नवरात्र के आखिरी दिन महानवमी के अवसर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रामनवमी की शुभकामनाएं देकर विपक्षी दलों के साथ ही सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए। हालांकि बाद में अखिलेश यादव ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया और फिर महानवमी की शुभकामनाएं दीं।
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसे रामनवमी और महानवमी का अंतर नहीं पता, वह अब जनता को अपने झूठे बयानों से बरगला रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि कोरोना के दौरान घर में दुबके रहने वाले अखिलेश यादव अब जनता को ठगने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं जबकि सीएम योगी कोरोना काल में पॉजिटिव होने के बाद भी लगातार बैठकें और दौरे करते रहे। यह अंतर दशार्ता है कि जनता की सेवा के लिए कौन तत्पर है और कौन सत्ता में आकर लूटने के लिए लालायित है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता ने कई बार नकार दिया है, इनकी सरकारों में सिर्फ गुंडागर्दी, जंगलराज, अराजकता, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का बोल बाला रहा है। योगी सरकार में बुंदेलखंड में पहली बार किसी सरकार ने तरक्की के दरवाजे खोले हैं, जो दशकों से पिछड़े बुंदेलखंड को नई पहचान देगा। दरअसल, आज सुबह अखिलेश यादव ने अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्विट किया था कि आपको और आपके परिवार को रामनवमी की अनंत मंगलकामनाएं। जबकि शारदीय नवरात्र में महानवमी होती है। लोगों के विरोध के कारण उन्हें ट्विट डिलीट करना पड़ा, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट वायरल हो गया।
इसे लेकर ही कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अपनी पार्टी में सभी वरिष्ठों को किनारे कर अखिलेश यादव खुद तानाशाह के रूप में अध्यक्ष बन गए हैं, उनसे बड़ा झूठा खोजने पर भी नहीं मिलेगा। योगी सरकार के हर कार्य को अपना बताने लगते हैं, ऐसा लगता है कि योगी सरकार के कार्यकाल में कराए गए कार्य उन्हें रात में सपने में भी आते हैं। जिस कारण दिन में वह उन्हें अपना बताने लगते हैं।
भाजपा के लिए सत्ता सेवा का माध्यम: सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता सेवा का माध्यम है, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस, सपा और बसपा की सरकारों में अधिक से अधिक भ्रष्टाचार करने की प्रतिस्पर्धा थी। यह दल सिर्फ अपना पेट भरने के लिए सत्ता में आना चाहते हैं। यूपी कांग्रेस के संगठन में भी घोटाले की बातें सामने आ रही हैं। इस बारे में सच कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ही बता सकती हैं, लेकिन सवाल यह है कि जो पार्टी अपने संगठन में घोटाला नहीं रोक पा रही है, उसे नैतिकता के आधार पर जनता के बीच जाने भी नहीं जाना चाहिए।
वहीं भाजपा नेता अमित मालवीय ने अखिलेश पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने कार सेवकों पर गोली चलाई, वे नाटक कर रहे हैं। क्योंकि चुनाव आ गए हैं और वह हिंदू होने का दिखावा कर रहे हैं। अखिलेश यादव के ट्वीट पर मालवीय ने लिखा है कि चैत्र के महीने में रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है जबकि महानवमी शारदीय नवरात्रों में मनाई जाती है। जिसमें देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। इसके बाद दशहरा आता है अर्थात जिस दिन भगवान राम रावण का वध करते हैं। यही होता है जब कार सेवकों पर गोली चलाने वाले, चुनाव आते ही हिंदू बनने का ढोंग करने लगते हैं। भाजपा नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट किया कि जिन लोगों ने श्री राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। आज चुनावी डर से उनके सपनों में भगवान श्रीराम आने लगे हैं। आज वह रामनवमी की बधाई दे रहे हैं, बधाइयां।
यूपी बीजेपी ने भी साधा निशाना
वहीं यूपी बीजेपी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा और ट्वीट कर कहा कि जिन्हें यह भी नहीं पता कि रामनवमी और महानवमी में क्या अंतर है, वह ‘राम’ और ‘परशुराम’ की बात करते हैं। जनता को ‘टोपी’ मत पहनाइए, वह आप पर ज्यादा अच्छी लगती है।
अखिलेश यादव ने डिलीट किया ट्वीट
सोशल मीडिया और बीजेपी के निशाने पर आने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने अपने ट्वीट डिलीट किया और उसके बाद उन्होंने महानवमी की शुभकामनाएं दी और लिखा कि आपको और आपके परिवार को महानवमी की अनंत मंगलकामनाएं!
लखनऊ। दशहरा पर्व पर शराब की दुकानें बंद रहेंगी। 15 अक्तूबर को दुकानें बंद रखने का निर्णय जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में लिया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि आबकारी अधिनियम की धारा-59 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दशहरा व मूर्ति विसर्जन के अवसर पर शान्ति व्यवस्था को देखते हुए जनपद की समस्त आबकारी की थोक एवं फुटकर दुकानों के साथ देशी शराब, विदेशी मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही बीयर, ताड़ी, डिनेचर स्प्रीट, बार, भांग की भी बिक्री नहीं होगी। क्लब एवं होटल बार भी बंद रहेंगे। इस बन्दी के लिए अनुज्ञापन धारकों को कोई प्रतिफल देय नहीं होगा। कोई भी लाइसेंसी या होटल मालिक शराब की बिक्री करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
लखनऊ (शालिनी सक्सेना)। हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। हिंदू धर्म में दीपावली का बहुत अधिक महत्व है। पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत धनतेरस के दिन से होती है और भाई दूज के दिन इस पर्व का समापन होता है। इस साल इस पर्व की शुरुआत नवंबर में होगी। दीवाली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है।
धनतेरस
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। दीवाली की शुरुआत धनतेरस के त्योहार से होती है। इस साल धनतेरस 2 नवंबर 2021, दिन मंगलवार को पड़ रहा है। इस दिन भगवान धनवंतरी की पूजा की जाती है। साथ ही कुबेर देव का पूजन भी किया जाता है।
महालक्ष्मी पूजा
महालक्ष्मी पूजन 4 नवंबर को किया जाएगा। कार्तिक मास की अमावस्या के दिन बड़ी दीवाली या महालक्ष्मी पूजा की जाती है। इस पावन दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की विधि- विधान से पूजा-अर्चना की जाती है, ताकि घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे।
गोवर्धन पूजा
महालक्ष्मी पूजन से अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस साल 5 नवंबर के दिन गोवर्धन पूजा की जाएगी। इसे देश के कुई हिस्सों में अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन 56 या 108 तरह के पकवानों से भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाना शुभ माना जाता है।
भाई दूज
दीपावाली पर्व का समापन भाई दूज के त्योहार के साथ होता है। इस साल 6 नवंबर को भाई दूज पर्व मनाया जाएगा। भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्यार और समर्पण का प्रतीक है इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। इसे यम द्वितीया या भातृ द्वितीया भी कहा जाता है।
बिजनौर। आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से लोगों के राशन पर डाका डाला जा रहा है। ये बात सोलह आने सच है। जिले भर के अधिकतर राशन डीलर कटौती (घटतौली) कर रहे हैं। उपभोक्ता शिकायत करें तो किस से, क्योंकि हमाम में सभी नंगे हैं! राशन डीलर उपभोक्ता के प्रति यूनिट आधा किलो की कटौती कर रहे हैं। बताया गया है कि इस कटौती के पीछे एक पूरा काकस सक्रिय है। दरअसल आपूर्ति विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी, कर्मचारी मिले हुए हैं? गोदाम से राशन सामग्री उठाकर किसी अन्य जगह भेज दी जाती है। उपभोक्ता को कम राशन दिया जाता है, कोई पूछ ले तो उसे समझाया जाता है कि इतने के ही आदेश हैं। इस पर भी यदि कोई ज्यादा पूछताछ करता है तो उसे कायदे से समझा भी दिया जाता है।
शिकायत के लिए लोग जुटाओ: जिला पूर्ति अधिकारी के लिये राशन डीलर द्वारा कटौती की शिकायत कुछ भी मायने नहीं रखती। अभी हाल ही में एक ग्रामीण द्वारा अपने राशन डीलर द्वारा की जा रही कटौती की शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी से की गई। मजेदार बात यह है कि डीएसओ ने साफ शब्दों में समझा दिया कि कुछ और शिकायतकर्ता लाओ, एक व्यक्ति की शिकायत मायने नहीं रखती।
नक्कारखाने में तूती की आवाज
जानकारी के अनुसार कोटेदार को राशन पर 70 पैसा प्रति किलो की दर से कमीशन मिलता है। उदाहरण के तौर पर मानिये कि किसी पात्र व्यक्ति का सिर्फ एक यूनिट है यानी 5 किलो तो कोटेदार का कमीशन होगा 5×70 पैसा=3 ₹ 50 पैसा। किसी पात्र परिवार, जिसके 4 यूनिट हैं, उसमें कोटेदार को 14 रुपए मिलते हैं। कोटेदार की दुकान तक राशन उत्तर प्रदेश सरकार अपने खर्च से पहुंचाती है। फिर भी अगर कोई कोटेदार घटतौली करता है तो तुरन्त *1076 या 1075 शिकायत कर सकते हैं।
लखनऊ। प्रमुख अभियंता कार्यालय लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता के अधीन कार्यरत करीब तीन दर्जन कम्प्यूटर आपरेटरों का वेतन पिछले तीन वर्ष से नहीं बढ़ाया गया है। आउटसोर्सिंग से तैनात इन कम्प्यूटर आपरेटरों का आरोप है कि विभाग के कई अन्य खण्डीय वृत्त कार्यालयों के कम्प्यूटर आपरेटरों का वेतन बढ़ा दिया गया है।
बताया गया है कि गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती, गोरखपुर, बदायूं, पीलीभीत, प्रयागराज, बुलंदशहर वृत्त के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों को 24 हजार रुपए (दस प्रतिशत लाभांश व जीएसटी के अलावा) दिया जा रहा है। मगर विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय में कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों को ठेकेदार का लाभांश व जीएसटी के अलावा 19651 रुपए प्रतिमाह का वेतन दिया जा रहा है। इस वेतन को भी समय से देने में मनमानी की जाती है।
कम्प्यूटर आपरेटरों ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को एक ज्ञापन भी दिया था। उन्होंने विभाग के प्रमुख अभियंता (विकास)/विभागाध्यक्ष को कम्प्यूटर आपरेटरों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक कार्यवाही करने के लिखित निर्देश दिए थे। मगर आज तक विभागीय मंत्री के इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया। कम्प्यूटर आरपरेटरों ने बताया कि बीती 17 सितम्बर को प्रमुख अभियंता विकास एवं विभागाध्यक्ष कार्यालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि लखनऊ वृत्त के अधीनस्थ खण्डीय कार्यालयों में संविदा / आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों का मासिक पारिश्रमिक 22 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए। नियमानुसार ठेकेदार का लाभांश और जीएसटी अलग से देय होगा। इसके बावजूद उक्त निर्णय का क्रियान्वयन अब तक नहीं किया गया। यही नहीं इन को समय से वेतन भी नहीं दिया जाता। कम्प्यूटर आपरेटरों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण इतने कम वेतन में पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन बहुत मुश्किल होता जा रहा है जबकि विभाग में हर साल बढ़ते बजट के साथ ई-टेण्डरिंग, ई-आफिस और शासनादेश को आनलाइन किये जाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का निष्पादन तत्परता के साथ पूरी लगन के साथ कार्य कर रहे हैं। इस संबंध में लोनिवि के वरिष्ठ स्टाफ आफिसर रामनाथ सिंह ने कुछ बताने से इंकार कर दिया।
रूबरू के बच्चों से रू-ब-रू होना…गौरव अवस्थी “आशीष” रायबरेली/उन्नाव
लखनऊ की सामाजिक संस्था “रूबरू एक्सप्रेस” महिलाओं खासकर गृहणियों की बनाई और चलाई जा रही है। कभी किटी पार्टी में व्यस्त रहने वाली महिलाएं पिछले 3 साल से जानकीपुरम और उसके आसपास के गरीबों के बच्चों को पढ़ा-बढ़ा रही हैं। अब इन महिलाओं के मनोरंजन का पैसा और समय दोनों बच्चों का भविष्य गढ़ने में खर्च हो रहा है। गरीबों के 8 बच्चों से यह सिलसिला कभी पार्क के खुले मैदान में और कभी बांके बिहारी कुंज के बेसमेंट में फटी चटाइयों, गांव में कुछ मिली स्टेशनरी से शुरू हुआ था। आज इस केंद्र में गुदड़ी के 60 लाल शिक्षा और संस्कार दोनों साथ-साथ गृहण करते हुए बड़े हो रहे हैं। घर के कामकाज करते हुए यह महिलाएं बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को निखार कर उनके भविष्य का सुखद और सफल मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।
इन महिलाओं की मुखिया हैं, पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच मैनेजर मुकेश वार्ष्णेय की बहुमुखी प्रतिभा की धनी धर्मपत्नी श्रीमती कल्पना वार्ष्णेय। उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं अलका गुप्ता (सचिव), सविता वार्ष्णेय, मधुलिका गुप्ता, शालिनी कपूर, सुधा वार्ष्णेय, प्रीति तिवारी, नम्रता, ममता गुप्ता, किरण गुप्ता, सरिता, ज्योति खरे एवं कृति वार्ष्णेय। मुकेश वार्ष्णेय, राजीव वार्ष्णेय, संजीव गुप्ता, राजीव श्रीवास्तव, यूएस अवस्थी, अमरनाथ मिश्रा, विकास मेहरोत्रा, आकाश उनके घर की दहलीज लांघ कर बच्चों का भविष्य बनाने निकली महिलाओं का कदम से कदम मिलाकर साथ देकर काबिले तारीफ काम कर रहे हैं।
कभी लखनऊ जाएं तो महिलाओं के प्रयास को अपनी आंखों से देखें जरूर। संस्था के तीसरे स्थापना दिवस पर इन मातृ शक्तियों और गुदड़ी के लालों से हमें भी मिलने का मौका मिला। झोपड़ी, कच्चे घरों, दूसरे के प्लाट में छप्पर डालकर रह रहे परिवारों के इन बच्चों- पूजा, प्राची, नीलू, मनीषा, मुस्कान, शिवांश, उर्मिला, यश में गजब की प्रतिभा के दर्शन हमने भी किए। छोटे-छोटे बच्चे नन्हे हाथों से पोस्टर बना कर लाए। बच्चों की कढ़ाई के एक से बढ़कर एक नमूने देखने को मिले। शिक्षा संस्कार बीज रोपना तो महिलाओं का प्रमुख ध्येय है ही। भोजन के पहले मंत्र उच्चारण। स्कूल छोड़ने के पहले प्रार्थना। सुमधुर स्वर में गीतों की प्रस्तुतियां हम सबका मन मोहने वाली रहीं। मात्र 3 दिन की तैयारियों में लघु नाटिका प्रभावी और आकर्षक प्रस्तुति आसान नहीं थी, लेकिन इस केंद्र पर बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से शानदार-जानदार प्रतिभा का परिचय प्रस्तुत किया। एक स्कूल संचालक होने के नाते भी हम जानते हैं कि छोटे बच्चों की स्टेज पर प्रस्तुति के समय शिक्षिकाएं नीचे से डायरेक्शन देती रहती हैं, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं था। बच्चों के प्रभाव का ही परिणाम था कि लघु नाटिका के एक दृश्य के बीच हम भी पात्र के रूप में प्रस्तुत हो गए। ऐसे रूबरू शिक्षा संस्कार केंद्र के दो बच्चों-अभिषेक वाल्मीकि और आर्यन साहू ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रुप से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 11 सितंबर 2021 को पहली बार ऑनलाइन आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए थे। पूरे आत्मविश्वास के साथ इन दोनों बच्चों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कर सबको चौंका दिया था। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रतिभा के बल पर ही इन बच्चों ने यह स्थान प्राप्त किया होगा। किसी कृपा की बदौलत नहीं। इनके द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने के निर्णायक और कोई नहीं 120 साल पुरानी पत्रिका "सरस्वती" के वर्तमान प्रधान संपादक प्रोफ़ेसर देवेंद्र शुक्ल थे। बच्चों की पारिवारिक परिस्थिति ऐसी नहीं है कि वह स्कूली शिक्षा ग्रहण कर पाएं। अभिषेक वाल्मीकि के पिता मुकेश वाल्मीकि मूल रूप से बाराबंकी के रहने वाले हैं और जानकीपुरम में ही स्थित एक नर्सिंग होम में सफाई कर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। नर्सिंग होम के मालिक द्वारा ही दी गई जगह पर कच्चा घर बनाकर परिवार के साथ रहने वाले मुकेश वाल्मीकि का यह सुयोग्य पुत्र अभिषेक केवल कविता करना ही नहीं जानते। उसके अंदर अन्य तमाम प्रतिभाएं छिपी हुई हैं। रूबरू के प्रयासों से यह प्रतिभाएं अंकुरित होकर सामने भी आने लगी हैं। रूबरू शिक्षा संस्कार केंद्र की प्रेरणा से ही इस वर्ष सरकारी विद्यालय में कक्षा 5 में वह पढ़ाई कर रहा है। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले आर्यन साहू के पिता चेतराम राजमिस्त्री है और मां सोनी गृहणी। मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले चेतराम जानकीपुरम में ही किसी के खाली पड़े प्लाट में कच्चा घर बना कर गुजर-बसर करते हैं। रूबरू के प्रयासों का ही फल है कि आर्यन भी कक्षा चार में एडमिशन ले पाया है।
आर्यन की स्वरचित कविता पढ़िए- “देश से प्यार” अब कोई ना आगे आए ना हम से टकराए हमें देश से इतना प्यार अपना झंडा हम फहराएं दुश्मन को हम मजा चखाएं अपनी धरती पर मिट जाएं और देश की शान बढ़ाएं
अभिषेक की स्वरचित कविताओं की चंद लाइन- आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से हमें आजादी मिली शहीदों के बलिदान से आजादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी लोगों ने प्राण की कीमत बड़ी चुकाई थी व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया हम को आपस में लड़ाने की नीति अपनाई थी हमने अपना गौरव पाया अपने स्वाभिमान से हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से..”
गुदड़ी के इन लालों द्वारा लिखी गई यह कविताएं शब्द शिल्प में आपको भले कमजोर लगें लेकिन भाव इसमें भरपूर है। इन कविताओं के वाचन की प्रस्तुति भी आपको आश्चर्य में डालने वाली लगेगी। अंतस से निकली कविताएं यह साबित करने के लिए काफी हैं कि यह बच्चे भविष्य में हमारी-आपकी-सबकी शान बनेंगे। हम सबको गर्व का मौका प्रदान करेंगे। बशर्ते हम इनके संघर्ष में साथ दें और साक्षी बनें। इन बच्चों को गढ़ने में अपना पैसा पसीना और समय लगा रहीं रूबरू एक्सप्रेस सामाजिक सेवा संस्था की सभी मातृ शक्तियों को प्रणाम है..प्रणाम है..प्रणाम है..
बिजनौर। एआरटीओ कार्यालय में भारी फर्जीवाड़ा का मामला कुछ ले-दे के निबट गया? अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर विभाग को चूना लगाने वाली महिला को अभयदान दे दिया गया! इस प्रकार की सूचनाएं मिल रही हैं।
मामला एक महिला द्वारा फ़र्जी तरीके से अधिकारियों के हस्ताक्षर कर विभागीय कामकाज निपटाने का है। उक्त महिला, विभाग के कई प्रकार के लाइसेंस, परमिशन आदि के कागजात पर एआरटीओ और आरआई के हस्ताक्षर कर अवैध कमाई कर रही थी। सूत्रों का दावा है कि करीब एक माह पूर्व दोनों ही अधिकारियों को इस गंभीर मामले की जानकारी हुई तो उनके हाथ पांव फूल गए। उक्त महिला को बुलाकर पूछताछ की गई। पहले बताया गया था कि यह पता लगाया जा रहा है कि उक्त महिला ने फर्जीवाड़ा कर एआरटीओ विभाग को अब तक कितना चूना लगाया है। यह भी जांच का विषय था कि यह गोरखधंधा कितने समय से चल रहा था और इसमें किस विभागीय कर्मचारी का भी हाथ है? विभाग को विभिन्न मदों से मिलने वाली फीस सरकार के खाते में जमा होने की जगह उक्त महिला और उसके सहयोगी हजम कर रहे थे। आरोप है कि अभी तक कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की गई है।
इस संबंध में दोनों ही अधिकारियों का पक्ष जानने के लिये कॉल की गई। मोबाइल फोन पर पूरी रिंग गई, लेकिन उन्होंने न रिसीव किया और न ही बैक काल!
‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ के तहत मनाया गया डाक जीवन बीमा दिवस, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वितरित किये पॉलिसी बांड
डाक जीवन बीमा दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया सम्मानित
वाराणसी। डाक विभाग, जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक लम्बे समय से कार्यरत है। 1 फरवरी 1884 को आरंभ ‘डाक जीवन बीमा’ भारत में सरकारी व अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे पुरानी बीमा योजना है, जिसका लाभ अब निजी क्षेत्र के प्रोफेशनल्स भी उठा सकते हैं। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ के अंतर्गत ‘डाक जीवन बीमा दिवस’ पर व्यक्त किये। क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में आयोजित सम्मान समारोह में ‘फील्ड ऑफिसर’ श्रेणी में पूरे उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु श्री आर.बी.मौर्या एवं श्री बी.बी. मिश्रा को क्रमशः प्रथम व तृतीय स्थान प्राप्त होने पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश की तरफ से प्रमाण पत्र व नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया। डाक जीवन बीमा दिवस के अवसर पर वाराणसी परिक्षेत्र के अधीन 6 जनपदों के 62 स्थानों पर आयोजित मेले में 2500 से ज्यादा लोगों ने डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी ली और बीमाधारकों को पॉलिसी बांड सौंपकर उनके सुखी भविष्य की कामना की गई।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि बीमा के क्षेत्र में भी डाक विभाग नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। डाकघरों में लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनायें हैं, जिनमें सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी शामिल हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में वर्तमान में कुल 1.38 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ संचालित हैं। कोरोना महामारी के दौर में इस वित्तीय वर्ष में 6 हजार से ज्यादा पॉलिसियाँ जारी की गईं। कोरोना महामारी की भयावहता को देखते हुए आज के दौर में जीवन बीमा एक अभिन्न आवश्यकता बन गया है, जिससे भारत सरकार के 100 प्रतिशत स्वामित्व वाले डाक जीवन बीमा की मांग बढती जा रही है। एक अभिनव पहल करते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के 205 गाँवों में सभी योग्य लोगों का बीमा करते हुए इन्हें ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ बना दिया गया है।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। अब प्रीमियम की राशि ऑनलाइन जमा की जा सकती है।
डाक जीवन बीमा के अन्तर्गत लाभों की चर्चा करते हुए प्रवर अधीक्षक डाकघर वाराणसी पूर्वी मंडल श्री राजन ने कहा कि निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 80 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा करने की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।
सहायक निदेशक श्री राम मिलन ने बताया कि डाक जीवन बीमा में अधिकतम बीमित सीमा 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 10 लाख है। वाराणसी परिक्षेत्र में 62 विभिन्न जगहों पर डाक बीमा मेले लगाकर ‘डाक जीवन बीमा दिवस’ मनाया गया, जिसमें लोगों को इसके बारे में जागरूक किया गया और लोगों का बीमा भी किया गया।
इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन, सहायक निदेशक राममिलन, अधीक्षक डाकघर वाराणसी पश्चिम मंडल संजय वर्मा, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार मौर्या, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, विशम्भर नाथ द्विवेदी, श्री प्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
बिजनौर। इस वर्ष 16 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में बिजनौर मंडल के प्रधान डाकघरों पर सजावट व रौशनी कराई गई है।
अधीक्षक डाकघर मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को राष्ट्रीय डाक सप्ताह के प्रथम दिवस को बैंकिंग दिवस के रूप में मनाया गया। बिजनौर मंडल में विभिन्न जगह पर डाक मेलों का आयोजन कर सुकन्या खाते खोले गए। मेलों में अधीक्षक डाकघर मुकेश कुमार सिंह, सहायक अधीक्षक धामपुर ईशम सिंह, निरीक्षक डाकघर उत्तरी हीरा सिंह दसीला, निरीक्षक डाकघर दक्षिणी रमेश कुमार, मरगूब अहमद, अवधेश त्यागी, राजेश कुमार, शिवनाथ, अवधेश, बाबू राम, अंकित चौधरी, रचना कपूर आदि उपस्थित रहे। ग्राम रसूलाबाद, एमपी बिल्लौच, छोईया नंगली सहित 21 ग्रामों को संपूर्ण सुकन्या ग्राम घषित किया गया। इसी के साथ शत प्रतिशत छोटी बच्चियों के सुकन्या खाते खुलवाने का लक्ष्य रखा गया।
बिजनौर। पूर्व सैनिक संगठन ऑल इंडिया ने एक और सर्जिकल स्ट्राइक की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा हरवेन्द्र सिंह राणा के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट में जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में शहीद जवानों और लखीमपुर खीरी में मृतक किसानों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्व सैनिकों और किसानों ने मंगलवार को कलक्ट्रेटट में जम्मू कश्मीर में शहीद हुए सेना के जवानों को इंसाफ दिलाने के लिए केन्द्र सरकार से आंतकवादियों के खिलाफ एक सर्जिकल स्ट्राइक करने की मांग की। साथ ही किसानों ने लखीमपुर खीरी प्रकरण मे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान प्रभाष फौजी, बलवान सिंह, राजकुमार, लवकुश, महावीर सिंह, मनोज कुमार, उपदेश कुमार, बलराम सिंह, संजीव चौधरी, अंकुल प्रधान, कपिल चौधरी, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
आत्महत्या का अंदेशा, शव के पास मिला सल्फास का पैकेट। चल रहा था दहेज का मुकदमा।
बिजनौर। नजीबाबाद के ग्राम खीदरीपुरा स्थित धर्मशाला के पास मंडावर के एक युवक का शव बरामद हुआ है। शव के पास सल्फास का पैकेट व गिलास मिला है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मंगलवार सुबह ग्राम की त्रिपुरा स्थित धर्मशाला के पास एक शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। शव के पास सल्फास का एक पैकेट भी बरामद हुआ। मृतक की शिनाख्त निकुल (26 वर्ष) पुत्र अनिल कुमार निवासी जटबहादुर पुर थाना मंडावर जनपद बिजनौर के रुप में हुई। निकुल का विवाह करीब 17 माह पूर्व ग्राम खीदरीपुर के लक्ष्मण सिंह की पुत्री के साथ हुआ था। बताया गया कि दोनों के बीच विवाद के बाद दहेज का मुकदमा चल रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लखनऊ। बेटी बचाओ का नारा दम तोड़ने की हालत में पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश में आम महिलाएं ही क्या, जनप्रतिनिधि भी शोहदों से काफी परेशान हैं।
दरअसल, राजधानी लखनऊ के एक ग्रामीण इलाके से एक ऐसा ही मामला उजागर हुआ है। मामला काकोरी ब्लॉक के काकराबाद ग्राम का है, जहां की मौजूदा प्रधान गरिमा सिंह को शोहदों की शर्मनाक हरकत का शिकार होना पड़ा। गरिमा सिंह ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि वो अपने परिवार के साथ वॉटर पार्क घूमने गई हुईं थीं। इसी दौरान वहां मौजूद गांव के ही कुछ युवकों ने उनकी तस्वीरें अपने मोबाइल में उतार लीं और वहां से चलते बनें। बाद में शोहदों ने तस्वीरों को भद्दे और शर्मनाक संदेश के साथ गांव भर में वायरल करना शुरु कर दिया।
जब तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं तो प्रधान के पास भी पहुंची। जिन्हें देखने के बाद ग्राम प्रधान गरिमा सिंह के होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन में माल थाना पहुंचकर गांव के ही कुछ युवकों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराईं। इसके बाद पुलिस ने मामले पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गरिमा सिंह ने इस मामले पर दु:ख जताते हुए कहा है कि ये सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि पूरे ग्राम सभा की महिलाओं का अपमान है। लिहाजा, उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि आगे कोई इस तरह की गिरी हुई हरकत करने की बात अपने ज़हन तक में न लाए। (ग्राम प्रधान गरिमा सिंह के कहे अनुसार उनका नाम समाचार में दिया गया है)
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने पिछली जीत को दोहराने के लिये चुनावी एजेंडा तैयार किया है। अब 100 दिन, 100 प्रोग्राम की तैयारी है।
पांच महीने के भीतर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने को हैं। पिछली जीत को दोहराने के लिए भारतीय जनता पार्टी हर संभव प्रयास कर रही है। अब चुनावी एजेंडा के तहत 100 दिनों के अंदर 100 प्रोग्राम करने की तैयारी है। मतदाताओं से जुड़ने के लिए पार्टी के 100 दिन के इस कार्यक्रम पर आखिरी दौर की वार्ता के लिए दिल्ली में 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने रणनीतिक बैठक भी बुलाई है। संगठन महासचिव सुनील बंसल, यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह, यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह वहां पहुंचेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि हर मोर्चे को विधानसभा क्षेत्रवार अपने कार्यक्रमों और बैठकों को पूरा करने के लिए तय दिनों का समय दिया जाएगा। हर मोर्चे को हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुंचना है। इस सूची में पन्ना प्रमुख सम्मेलन मंडलवार, छह क्षेत्रों में सदस्यता अभियान, कमल दीवाली, हर बूथ पर 100 सदस्यों को शामिल किया जाना और उन 81 सीटों पर रैलियां शामिल हैं, जो बीजेपी पिछले विधानसभा चुनावों में हार गई थी।
दिल्ली में बुलाई गई बैठक के दौरान न सिर्फ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा होनी है बल्कि अपने काडर और नेताओं को एक-एक वोटर तक कैसे पहुंचाना है, इस पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही विपक्षी पार्टियों की तरफ से हिंदू वोटों को बांटने की कोशिशों को लेकर भी बातचीत होगी। इससे पहले रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बैठक भी इसी संदर्भ में की।
आज़ादी का अमृत महोत्सव: पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने किया श्रमदान, पुलिस लाइन से लेकर सभी थानों में चला स्वच्छता अभियान
वाराणसी। आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत रविवार को वाराणसी पुलिस ने स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने श्रमदान भी किया। इस स्वच्छता अभियान और श्रमदान का आगाज़ पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने पुलिस लाइन वाराणसी कमिश्नरेट के परिसर से किया।
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश के साथ अपर पुलिस आयुक्त सुभाष दुबे सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता अभियान के साथ ही साथ श्रमदान किया। इसके अलावा पुलिस लाइन यातायात में एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी ने स्वयं श्रमदान किया और मातहतों संग परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। पुलिस लाइन में स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ करने के बाद पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने कहा कि डेंगू एवं अन्य संचारी रोग जो गन्दगी से फैलते हैं, उनसे बचाव के लिए साफ-सफाई आवश्यक है।
आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के सभी थानों, चौकियों पर स्वच्छता अभियान के साथ ही साथ श्रमदान किया गया और आम जनता को सन्देश दिया गया है कि यदि हम अपने आसपास ही स्वच्छता रखेंगे तो सब जगह सफाई दिखेगी। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के सभी थानों और चौकियों पर पुलिसकर्मियों ने स्वच्छता अभियान चलाया और श्रमदान किया।
बिजनौर। अग्रवाल वैश्य समाज बिजनौर के तत्वावधान में महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह का आयोजन धूमधाम से शहनाई बैंकट हाल में मनाया गया। कार्यक्रम में डीपीएस स्कूल के बच्चों व दिल्ली से आयी पार्टी द्वारा भजन संध्या प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर प्रेम चंद्र अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवाद, समरसता का नारा महाराजा अग्रसेन ने दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे समाज ने हमेशा सामाजिक, राजनीतिक, राष्ट्रहित में अग्रणी भूमिका अदा की है। वैश्य समाज की एकता पर बल देते हुए अग्रवाल ने कहा कि तलवार क्षत्रिय की पहचान होती है। महाराजा अग्रसेन क्षत्रिय थे। श्री अग्रवाल ने नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार, अमित गौतम की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने जो पाप किया है उसकी सजा जरूर मिलेगी।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डॉ. विशेष गुप्ता ने कहा कि हमारी एकजुटता हमे आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि एक ईंट एक रुपए का सिद्धांत देने वाले कोई राजा हुए तो वो सिर्फ महाराज अग्रसेन हुए।
कार्यक्रम को मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल, अंकित रस्तोगी, राकेश बंसल हीरा व्यापारी, हिमांशु गोयल मेरठ आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता अशोक अग्रवाल ने व संचालन व्यापारी नेता मुकुल अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम आयोजक श्री राम दर्शन अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन जी की मूर्ति देकर सभी अतिथियों का सम्मान किया। कार्यक्रम में लाला अरुण अग्रवाल, कृष्ण अवतार अग्रवाल, अमित अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, दीपक सर्राफ, मुकेश टिंकू, राजकुमार गोयल, आशीष अग्रवाल, श्रीराम अग्रवाल, अमित मोनू, रीना अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, संध्या गुप्ता, प्रियंका अग्रवाल, तनु अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल एडवोकेट, डॉ. टीसी अग्रवाल, श्रीमति मधुमिता, सत्यकाम विश्नोई, विष्णु गोपाल अग्रवाल, दीपक गर्ग मोनू, राजीव लोचन, सौरभ सिंघल, भारत गर्ग, कपिल सर्राफ, लाला योगेन्द्र, सुमित सिंघल, अचल अग्रवाल, हरिओम, राजू अग्रवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।
बिजनौर। नजीबाबाद नगर के टीले पर स्थित रामलीला मैदान तथा साहनपुर कस्बे में रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया। भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल ने फीता काटकर शुभारंभ किया।
नजीबाबाद नगर के टीले पर स्थित रामलीला मैदान में रामलीला मंचन का शुभारंभ भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर प्रांतीय पार्षद व संभावित प्रत्याशी लीना सिंघल ने कहा कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन का सजीव चित्रण देखने और सुनने को मिलता है, जिससे हमारे जीवन का भी उद्धार हो जाता है, क्योंकि रामलीला से हमें त्याग की भावना, बड़ों का सम्मान, परिवार में एकता, समाज के प्रति लगाव, जनता के प्रति राजा की जिम्मेदारी और सच्चाई का मार्ग सहित जीवन के हर पहलू की जानकारी मिलती है।
इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, संजय सैनी, राजेंद्र कर्णवाल, आशीष वर्मा, बिट्टू भटनागर, राकेश कौशिक, सीमा कर्णवाल, शोभित मित्तल, शुभम ग्रोवर, समीर अग्रवाल, दीपक कर्णवाल ललित वर्मा आदि उपस्थित रहे।
वहीं नजीबाबाद विधानसभा के साहनपुर कस्बे में रामलीला का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल साथ मे समिति अध्यक्ष वरुण कौशिक, मंडल अध्यक्ष भाजपा राजकुमार प्रजापति, पूर्व अध्यक्ष अरुण राजपूत, संजीव शर्मा, योगेश भुइयार आदि लोग उपस्थित थे।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर जिला स्तरीय बैठक का आयोजन जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि प्रदेश सह प्रभारी भाजपा संजय भाटिया रहे। बैठक का शुभारंभ मुख्य अतिथि संजय भाटिया, क्षेत्रीय महामंत्री / जिला प्रभारी हरिओम शर्मा एवं जिला अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्ज्वलन द्वारा किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश सह प्रभारी संजय भाटिया ने उपस्थित सभी जिला पदाधिकारियों को पार्टी द्वारा संचालित कार्यक्रमों को सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से करने हेतु महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए सफलता के मंत्र दिए। साथ ही बताया कि मिशन 2022 को सफल कराने के लिए हमें अभी से जी जान से जुट जाना है और सफलता के बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत योगी आदित्यनाथ को पुनः उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है। बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के प्रत्येक कार्यकर्ता को जागरूक व सक्रिय रहकर पूर्ण निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना है। हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कमल खिलाना है। हमें उत्तर प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए योगी जी के नेतृत्व में सरकार बनानी है।
उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की जन हितैषी एवं लाभकारी योजनाओं को विस्तार से समझाते हुए देश के प्रत्येक जन के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता को खड़े रहने का संकल्प दिलाया। साथ ही बताया कि आज मोदी जी के नेतृत्व में देश बदल और योगी जी के नेतृत्व में प्रदेश बदल रहा है। जिला प्रभारी हरिओम शर्मा ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि आज हमें बहुत ही अनुभवी एवं कर्मठ महानुभव का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। सभी को इन बिंदुओं को अपने जहन में समाहित कर लेना है।
बैठक में क्षेत्रीय मंत्री किसान मोर्चा सीपी सिंह जिला महामंत्री, विनय राणा जी, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, विवेक कर्णवाल, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान जी, वेद प्रकाश विश्वकर्मा, सुभाष चौहान, दिनेश सैनी, पूनम गोयल, पुष्कर सिंह, संगीता अग्रवाल, अरविंद गहलौत, जिला मंत्री नरेश भाटी, राजन टन्डन गोल्डी, बलराज त्यागी, तरुण राजपूत, अभिषेक उपमन्यु, मायापाल, सुरेंद्र प्रजापति, जिला कोषाध्यक्ष केके रवि, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, मोर्चा अध्यक्ष सुधीर भुइयार, मोनिका यादव, तिलकराज सैनी, रोबिन चौधरी उपस्थित रहे।
लोहा गरम है, किसान चोट कर दे। बढ़े हुए 25 रुपए वापस ले ले सरकार। डीजल आदि हर चीज का दाम पांच साल पहले जैसा कर दे।
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्तूबर तक ब्याज सहित गन्ना भुगतान के निर्देश दिए हैं। सरकार पर कोर्ट का दबाव है। मिल मालिकों से एक बार ब्याज ले लिया तो फिर कभी किसान को भुगतान के लिए धरना नहीं देना होगा।
अमरोहा में आयोजित गन्ना ब्याज हुंकार रैली में जाने से पहले बिजनौर पहुंचे वीएम सिंह ने गन्ना समिति में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसान को लागत का डेढ़ गुना वादा करने वाली सरकार अब गन्ने में चार साल बाद केवल 25 रुपए बढ़ा रही है। सरकार ये बढ़ी रकम वापस ले ले और डीजल आदि हर चीज का दाम पांच साल पहले जैसा कर दे। गन्ना दाम कम से कम 450 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि 25 साल हम लड़े। पिछली सरकार ने ब्याज माफ कर दिया। लोहा गरम है, किसान चोट कर दे। चुनाव आ गए हैं, योगी जी को पता चल जाएगा। ब्याज मिल जाए तो हर एकड़ पर किसान के घर मे 25-25 हजार रुपए ब्याज आ जाएगा, उसके त्योहार अच्छे मन जाएंगे। कई मिल ग्रुप ऐसे भी हैं जो किसानों को विलंब भुगतान का ब्याज देने के नाम पर नुकसान दिखा रहे थे और अब कई कई चीनी मिल खोल चुके हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान न मिलने पर किसान को गन्ना समिति को ब्याज देना पड़ता है तो किसान को भी सरकार से ब्याज लेने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने ब्याज सहित भुगतान देने को कहा है। सरकार पर कोर्ट का दबाव है।
लखीमपुर खीरी प्रकरण में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि गृह राज्यमंत्री अजय शर्मा के गलत बयान की वजह से किसान भड़के और ये हादसा हुआ। मंत्री पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उनके साथ वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार आदि रहे।
किसान आंदोलन में लोगों को तोड़फोड़ के लिए उकसाने वाले अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू का बयान आने के बाद यह साफ होता जा रहा है कि लखीमपुर खीरी प्रकरण अपने आप नहीं हुआ। इसके पीछे साजिश की बू आने लगी है।
लखीमपुर खीरी प्रकरण में मृतकों का अंतिम संस्कार भले ही हो गया हो, पर इसको लेकर राजनीति जारी है। चिंगारी अभी दहक रही है। किसान नेताओं ने मृतकों की अरदास 12 अक्तूबर को उसी जगह करने की घोषणा की है, जहां आंदोलनकारी किसानों की मौत हुई। वे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े हैं। इस प्रकरण को लेकर देशभर में राजनीति हो रही है। महाराष्ट्र में तो शिवसेना नीत गठबंधन ने 11 अक्तूबर को बंद का आह्वान किया है। विपक्ष के नेता सक्रिय हुए तो दो प्रदेश के कांग्रेसी मुख्यमंत्री भी आगे आए। यह भी स्पष्ट हो रहा है कि राज्यों के मुख्यमंत्री सरकारी कोष को अपनी संपदा समझकर इस्तेमाल कर रहे हैं। मनमर्जी से उसका प्रयोग हो रहा है। उनसे पूछने वाला नहीं, कोई रोकने वाला नहीं।
साजिश की बू: किसान आंदोलन में लोगों को तोड़फोड़ के लिए उकसाने वाले अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू का बयान आने के बाद यह साफ होता जा रहा है कि लखीमपुर खीरी प्रकरण अपने आप नहीं हुआ। इसके पीछे साजिश की बू आने लगी है। पन्नू ने मृतकों के परिवारों से कहा है कि वह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई मुआवजा राशि को लेने से मना कर दें। उसने यह भी घोषणा की, कि वह मृतकों के परिवारों को सरकार से दुगनी राशि प्रदान करेंगे। लखीमपुर खीरी में जो हुआ वह यहां तक तो ठीक लगता है कि किसान उप मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर स्थल पर चले गए। वे अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पर उप मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से आने की सूचना पर जाकर हंगामा करना, कारों को रोकने की कोशिश करना नारेबाजी करना, उन पर हमला करना यह तो आंदोलन में नहीं आता। आंदोलनकारियों के बीच भिंडरावाला की फोटो लगी शर्ट पहने युवक और भिंडरावाला के निशान छपे काले झंडे देखकर तो कुछ और ही लगता है। यह भी सामने आ रहा है उप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के विरोध के लिए कोई ग्रुप बनाया गया था। जो भी हो न्यायिक जांच में सब साफ हो जाएगा।
दबाव में कोई गिरफ्तारी नहीं: उधर मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि किसी के दबाव में कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के हवाले से कहा कि किसी की गिरफ्तारी से पूर्व पर्याप्त सुबूत होने चाहिए। …जबकि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर शुक्रवार को निराशा जताई। कोर्ट ने आरोपित को गिरफ्तार नहीं किए जाने और नोटिस भेजे जाने पर सवाल उठाए। हालांकि कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच की संभावनाओं को भी नकारते हुए दूसरे विकल्प पर ध्यान देने की बात कही। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई हल नहीं है, कारण आप जानते हैं.. कुछ लोगों के कारण.. बेहतर हो कि कुछ और विकल्प देखा जाए। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट से कुछ समय मांगते हुए दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को कार्रवाई करने का समय देते हुए डीजीपी को मामले से जुड़े सुबूत और सामग्री सुरक्षित रखने का आदेश दिया।
अपने प्रदेशों की नहीं चिंता: इस पूरे प्रकरण में हो रही राजनीति का सही कारण कुछ माह बाद उत्तर प्रदेश में होने वाला चुनाव है। इसीलिए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृतक किसानों के परिवारजनों को 50−50 लाख रूपया देने की घोषणा की है। वे यह राशि सरकारी कोष से दे रहे हैं, अपने पास से नहीं। ये राशि उनकी नहीं, सरकारी है। सरकारी कोष में पैसा राज्य के टैक्स प्रदाताओं का होता है। उसे ऐसे ही नहीं लुटाया जा सकता। दूसरे, दूसरे प्रदेश की व्यवस्था में जिस तरह वह दखल दे रहे हैं, ऐसे यदि अन्य प्रदेश के मुख्यमंत्री उनके यहां दखल देने लगें तो क्या होगाॽ व्यवस्थागत परेशानी आएगी। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लखीमपुर खीरी के मृतक किसानों के परिवार को 50−50 लाख रुपया दे रहे हैं। उन्हें चाहिए कि वे अपने प्रदेश के किसानों की हालत सुधारने के लिए कार्य करें। छत्तीसगढ़ विधानसभा में दिये गए एक सवाल के जवाब में बताया गया कि दस माह में राज्य में 141 किसानों ने आत्महत्या की। प्रश्न उठता है कि मुखयमंत्री भूपेश बघेल को अपने राज्य के आत्महत्या करने वाले किसानों का ख्याल नहीं आया। उन्हें कोई मदद नहीं की। दूर के प्रदेश, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के किसानों की मदद की जा रही है।
अन्य मृतकों के परिवार के आंसू?: सारे राजनैतिक दल सिर्फ मृतक किसानों के आंसू पोंछते नजर आए। कार में सवार उन व्यक्तियों के परिवार से मिलना या मदद करना “आप” के अलावा किसी ने गंवारा नहीं किया, जिन्हें उत्तेजित किसानों ने पीट−पीटकर मार डाला। सभी राजनैतिक दल उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोटर को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं, किसानों की पिटाई से मरने वाले कार सवार दो व्यक्ति भी तो ब्राह्मण थे। इस प्रकरण में कार चालक की गलती मानी जा सकती है। माना जा सकता कि उसने प्रदर्शन करते किसानों पर कार चढ़ाई, पर कार में सवार की क्या गलती थी ॽ वे तो निरपराध थे। राजनैतिक नेताओं को उनके घर भी तो जाना चाहिए था। उनके आंसू पोंछने का काम भाजपा ने ही किया है। उसने कार सवार मृतकों के परिवार वालों को भी किसानों की तरह 45−45 लाख रुपए और एक−एक परिवारजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। उसने इनके घाव पर मरहम लगाने का काम किया है। अब आंदोलनकारी किसान और उनके नेता राकेश टिकैत ने घोषणा की है कि मृतकों की अरदास 12 को वहीं होगी, जहां उनकी मृत्यु हुई है। दरअसल ये किसान नेता भी यह जानते हैं कि किसानों पर कार चढ़ाने वाला कार चालक जितना दोषी है, उतने ही दोषी वे किसान भी हैं, जिन्होंने कार चालक और कार के सवार को पीट−पीटकर मार डाला। किसानों पर तो कार चढ़ाने वाला एक या दो कार चालक ही दोषी होंगे, पर कार में सवार को पीट−पीटकर मारने वाले तो बड़ी तादाद में हैं। आंदोलनकारी किसान ओर उनके नेताओं का प्रयास है कि कार में सवार को मारने वाले बच जाएं, इसीलिए वह दबाव बनाए हुए हैं, किंतु प्रदेश की योगी सरकार ऐसा करेगी नहीं। कार सवार मरने वाले भाजपा कार्यकर्ता हैं। भाजपा को उनके परिवारजनों को भी जवाब देना है। उधर किसान नेता दबाव दे रहे हैं कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त किया जाए, इसमें कार्रवाई करते भाजपा को ध्यान रखना होगा, कि उसका ब्राह्मण वोटर उससे नाराज हो सकता है, हालांकि लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर अन्य दलों से भी ब्राहमण मतदाता खुश नहीं हैं।
जल्द हो जाएगा स्पष्ट: अब अजय मिश्र के बेटे आशीष क्राइम ब्रांच के सामने पेश हो गए हैं। उनसे पूछताछ हो रही है। जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह उस कार में थे या नहीं, जिसने किसान को कथित रूप से कुचला। दूसरा दोषी तो कार चालक होगा, जिसने कार चढ़ाई, कार में बैठने वाला नहीं, वह तो कार चालक को उकसाने का ही दोषी हो सकता है। कार का चालक और उसके सवार ही जब जिंदा नहीं बचे तो यह भी सिद्ध करना सरल नहीं होगा कि कार में बैठे किसी ने चालक को लोगों को कुचलने के लिए उकसाया। इस प्रकरण का प्रमुख गवाह है, कार से कूद कर भागने वाला। सब कुछ उसकी गवाही तय करेगी कि क्या हुआ थाॽ ये जांच ऐसे ही पूरी नहीं हो जाएगी, इसमें बहुत कुछ निकल कर सामने आएगा।
जिस साड़ी को हम ठुकरा रहे हैं आज दुनिया के कई देश उसे अपना रहे हैं
आज समय बदल रहा है। जींस पैंट शर्ट, पंजाबी सलवार−सूट ज्यादा पहने जाने लगे। साड़ी को पहनने की परेशानी से बचने के लिए महिलाओं और युवतियों ने टॉप−जीन्स, सलवार−सूट स्वीकार कर लिया। भारतीय महिलाओं का सबसे पसंदीदा परिधान साड़ी अब समारोह में पहनी जाने लगी।
हाल ही में दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में एक महिला को इसलिए प्रवेश नहीं दिया गया कि वह साड़ी पहने थी। समाचार आया। बड़ा अजीब-सा लगा। भारत में महिलाओं की वेशभूषा में सदियों से साड़ी स्वीकार्य है। महिलाएं साड़ी पहनती रही हैं। साड़ी का पहनावा भारतीय है। हालांकि क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग भी पहनावे रहे पर साड़ी भारतीयों की महिलाओं की पहचान मानी गई। साड़ी पहने महिला को रेस्टोरेंट में न जाने देना अजीब-सा लगा। लगा कि आधुनिकता में हम इतने रम गए कि हम अपना पहनावा, रहन सहन, वेशभूषा ही भूल गए।
आज समय बदल रहा है। जींस पैंट शर्ट, पंजाबी सलवार−सूट ज्यादा पहने जाने लगे। साड़ी को पहनने की परेशानी से बचने के लिए महिलाओं और युवतियों ने टॉप−जीन्स, सलवार−सूट स्वीकार कर लिया। भारतीय महिलाओं का सबसे पसंदीदा परिधान साड़ी अब समारोह में पहनी जाने लगी। साड़ी अब किसी समारोह या विवाह आदि में ही पहने जाने वाले परिधान में आ गई। हालांकि भारतीय महिलाओं को आज भी सबसे ज्यादा पसंद साड़ी ही है।
लगभग सात साल पहले श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में मुझे श्रीलंका जाने का अवसर मिला। सात दिन का प्रवास था। एक बड़े मॉल में हम खरीदारी करने के लिये गए। मॉल में लगभग सभी अटेंडेंट महिलाएं थीं। उनमें एक−दो को छोड़ सब साड़ी पहने थीं। कुछ अजीब-सा लगा। भारत, जहां महिलाओं का पहनावा साड़ी है, वहां की युवतियां अब साड़ी नहीं पहनतीं। यहां शान के साथ युवतियां साड़ी पहने ड्यूटी कर रहीं हैं। श्रीलंका की संसद में हमारे लिए भोजन की व्यवस्था थी। भोजन के बाद संसद का भ्रमण भी कार्यक्रम में शामिल था। मैं देखकर आश्चर्यचकित था कि वहां कार्य करने वाली सभी युवतियां और महिलाएं साड़ी पहने हुए थीं। ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका में नहीं भारत में खड़ा हूं। हमारी गाईड भी साड़ी पहने थी। हम कोलंबो के एक पार्क में जाते हैं। यहां एक नवयुगल फोटो शूट करा रहा है। युवती बहुत खूबसूरत रंगबिरंगी साड़ी पहने हुए है। श्रीलंका में घूमने के दौरान काफी तादाद में महिलाएं साड़ी पहने मिलीं। साड़ी श्रीलंका स्टाइल में अलग होती है। भारतीय से अलग श्रीलंकन साड़ी पहनती हैं। ये नीचे से लहंगा टाइप होती है। ऊपर से उसे साड़ी की तरह बांधती हैं।
श्रीलंका की हमारी पत्रकार साथी सुभाषिनी डी. सिल्वा ने बताया कि साड़ी श्रीलंकाई महिलाओं की नेशनल ड्रेस है। कई सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में भी महिलाओं के लिए साड़ी पहनकर ऑफिस आने के आदेश हैं। महिलाओं के लिये साड़ी पहनना गौरव की बात मानी जाती है। हमारे यहां साड़ी पहनने का प्रचलन कम होता जा रहा है, जबकि दूसरे देश वाले इसे स्वीकार कर रहे हैं। 2012 में मैं नेपाल के होटल ड्रेगन में रुका था। ये एक चाइनीज होटल है। एक दिन सवेरे नाश्ते के दौरान मैंने और मेरी पत्नी ने चीन की दो लड़कियों को सफेद साड़ी पहने देखा। ठिगना कद। गोरा दूधिया रंग और गुलाबी चेहरा। ऐसे बदन पर सफ़ेद साड़ी ऐसा लग रहा था, कि स्वर्ग की अप्सराएं धरती पर उतर आईं हों। उनसे कुछ दूर बैठे हम उन्हें काफी देर देखते रहे। वह तो हिंदी−अंग्रेजी नहीं समझ पा रहीं थीं, किंतु होटल के प्रबंधक ने बताया कि चीन की नई युवतियां साड़ी पसंद करतीं हैं। इसमें नया लुक आता है। ये गर्व की बात है कि हम भारतीय जिस पहनावे को त्याग रहे हैं, दूसरे देश उसे स्वीकार कर रहे हैं।
बिजनौर। नगर पालिका बिजनौर के EO (अधिशासी अधिकारी) के कथित रूप से प्रेमचंद अग्रवाल स्पीकर उत्तराखंड व कपिल देव मंत्री उत्तर प्रदेश के पोस्टर पर लात मारने का मामला गर्मा गया है!
शुक्रवार देर शाम नगर पालिका परिषद कार्यालय परिसर में अग्रवाल समाज के लोगों ने मामले में विरोध दर्ज कराया। घटना को लेकर अग्रवाल समाज के लोगों में बहुत ज्यादा गुस्से का माहौल बना हुआ है। वह लोग EO के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। वहीं पालिका सूत्रों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान शहर में लगे पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स आदि उतारे गए। किसी भी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी के लिये इस तरह का कृत्य नहीं किया गया। दूसरी ओर अग्रवाल समाज के लोगों का आरोप है कि पोस्टर आदि के लिये अनुमति ली गई थी।
समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार, अवर अभियंता यशवंत, सेनेटरी इंस्पेक्टर गोविंद के अलावा गौतम अग्रवाल समाज के लोगों को समझाने में जुटे हुए थे।
विदित हो कि महाराजाधिराज अप्रसेन जी की जयंती समारोह का आयोजन शनिवार 09 अक्टूबर को सायं 06 बजे शहनाई बैंकट हॉल में किया जा रहा है।
चर्चाओं में हैं पालिका प्रशासन!
नगर पालिका परिषद के अधिकारी विवादों से नाता बना बैठे हैं। अभी शहर की एक मानक विपरीत बनी सड़क का मामला उनके गले की फांस बना हुआ है? उच्च स्तर पर शिकायत के बाद संबंधित ठेकेदार से लाखों की रकम वसूल कर शासकीय खजाने में जमा कराने के साथ ही उसे ब्लैकलिस्टेड करने के आदेश पर लीपापोती की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि उक्त सड़क को श्रमदान में घोषित करा कर ठेकेदार को भले ही कुछ लाख की आर्थिक क्षति पहुंचा दी जाए लेकिन उसे ब्लैकलिस्टेड होने से बचाने के साथ ही अपनी और अन्य की गर्दन भी बचा ली जाएगी!
9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस, 9-16 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में डाक विभाग की अहम भूमिका – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
वाराणसी। डाक विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है जो कि देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से बाहर अन्य देशों तक पहुँचने में भी हमारी मदद करता है। पूरे विश्व में हर वर्ष 9 अक्टूबर को “अंतर्राष्ट्रीय डाक दिवस” और उसी क्रम में 9-16 अक्टूबर तक भारत में राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जायेगा। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। इस दौरान ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया जायेगा।
इसलिए मनाया जाता है विश्व डाक दिवस
9 अक्टूबर को “अंतर्राष्ट्रीय डाक दिवस” मनाये जाने के बारे में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ‘एक विश्व-एक डाक प्रणाली’ की अवधारणा को साकार करने हेतु 9 अक्टूबर, 1874 को ‘यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन’ की स्थापना बर्न, स्विटजरलैण्ड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस स्थापना दिवस को ‘विश्व डाक दिवस’ के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया। तब से पूरी दुनिया में इस दिन को प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। विश्व डाक दिवस के क्रम में ही पूरे सप्ताह को राष्ट्रीय डाक सप्ताह के रूप में मनाया जायेगा, इस दौरान तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
विश्व डाक दिवस के क्रम में राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि परिक्षेत्र के विभिन्न डाक मंडलों में भी ‘विश्व डाक दिवस’ और तदन्तर 9 से 16 अक्टूबर तक ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में 9 अक्टूबर को ‘विश्व डाक दिवस’, 11 अक्टूबर को बैंकिंग दिवस, 12 अक्टूबर को डाक जीवन बीमा दिवस, 13 अक्टूबर को फिलेटली दिवस, 14 अक्टूबर को व्यवसाय विकास दिवस और 16 अक्टूबर को मेल दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने कहा कि ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के परिप्रेक्ष्य में इस दौरान क्षेत्रीय, मंडलीय कार्यालय और प्रधान डाकघरों को रोशनी से सुसज्जित करने के साथ-साथ उन पर अमृत महोत्सव का बोर्ड भी प्रदर्शित किया जायेगा। सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा, वहीं उत्कृष्टता हेतु डाक कर्मियों का सम्मान, कस्टमर मीट, डाक सेवाओं की कार्य-प्रणाली को समझने हेतु स्कूली बच्चों द्वारा डाकघरों का भ्रमण, माई स्टैम्प, पेंटिंग व क्विज प्रतियोगिता, बचत बैंक, सुकन्या समृद्धि योजना, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व डाक जीवन बीमा मेला, आधार कैम्प इत्यादि तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
वाराणसी में डाक सेवाएं
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी में डाक सेवाओं का पुराना इतिहास रहा है। आजादी के पहले से ही डाक सेवाओं ने यहाँ के सामाजिक-आर्थिक परिवेश को प्रभावित किया है। वाराणसी डाक क्षेत्र के अधीन वाराणसी पूर्वी, वाराणसी पश्चिमी, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया डाक मंडल अवस्थित हैं। वाराणसी में डाक सेवाओं की महत्ता के मद्देनजर ही वर्ष 2016 में यहाँ पोस्टमास्टर जनरल का पद सृजित किया गया, उससे पहले यहाँ का डाक प्रशासन पोस्टमास्टर जनरल, इलाहाबाद परिक्षेत्र के अधीन था। वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 1699 डाकघर हैं, जिनमें से 6 मंडलों के अधीन कुल 6 प्रधान डाकघर, 268 उपडाकघर और 1425 शाखा डाकघर हैं। अकेले वाराणसी जनपद में कुल 252 डाकघर हैं। आज भी वाराणसी प्रधान डाकघर और वाराणसी सिटी डाकघर हेरिटेज भवनों में संचालित हैं। वाराणसी सिटी डाकघर सम्पूर्ण महिला डाकघर के रूप में कार्यरत है। विशेश्वरगंज स्थित प्रधान डाकघर में आज भी आजादी से पहले का लेटर बॉक्स धरोहर रूप में लगाया गया है, वहीं डाक बाँटने हेतु डाकियों द्वारा इस्तेमाल किये गए भाले इत्यादि भी सुरक्षित रखे गए हैं। प्रधान डाकघर में स्थित फिलेटलिक ब्यूरो डाक टिकट संग्रह के शौकीनों हेतु प्रमुख स्थल है, जहाँ तमाम नए-पुराने डाक टिकट प्रदर्शित हैं। डाक विभाग से तमाम मशहूर हस्तियों का भी नाता रहा है। उपन्यास सम्राट के नाम से प्रसिद्ध मुंशी प्रेमचंद के पिताजी भी डाक विभाग में ही कार्य करते थे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही किसानों एवं व्यापारियों की हत्याएं, बेतहाशा मूल्य वृद्धि, महंगाई, बच्चियों के साथ दुष्कर्म, लूट की घटनाएं एवं भ्रष्टाचार से कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यन्त गम्भीर है। हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार की घटनाएं रोज ही घट रही हैं, जिस पर प्रदेश सरकार नियंत्रण लगा पाने में पूर्णतया विफल है। जनता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है, चारों तरफ भय और आतंक का माहौल व्याप्त हो चुका है। भाजपा राज में सर्वाधिक किसान, महिलाएं एवं बच्चियां असुरक्षित हैं। इन आरोपों को लगाते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’ एवं जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान के नेतृत्व में राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी लखनऊ को कलक्ट्रेट में सौंपा गया। ज्ञापन देने के दौरान हजारों की संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष ने गिनाईं सरकार की नाकामियां: ज्ञापन देने केे दौरान जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’ ने कहा कि खाद्य पदार्थों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं पर सरकार द्वारा बेतहाशा मूल्य वृद्धि किये जाने के कारण जनमानस त्राहि-त्राहि करने पर मजबूर है। पेट्रोल एवं डीजल के दाम, रसोई गैस के दाम, दालें, सब्जियों आदि के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसी स्थिति में लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लखीमपुर खीरी में 03 अक्टूबर 2021 को दिनदहाड़े भाजपा सरकार के केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे द्वारा गाड़ी चढ़ा कर कई किसानों की निर्मम हत्या कर दी गयी। गृह राज्य मंत्री और उनके बेटे के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने प्रत्येक मृतक किसान के परिवारों को 2-2 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि गोरखपुर में पुलिस द्वारा कानपुर के व्यापारी को पीट-पीट कर मार दिया गया, जिसमें अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कानपुर में 5 लोगों की हत्या कर दी गयी, परन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। तत्काल कार्यवाही कर परिवारों को न्याय दिलाया जाये। इस दौरान जयप्रकाश नारायण जी की जयन्ती के अवसर पर सभी समाजवादी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
ज्ञापन देने के दौरान सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी चौ. जगदीप सिंह यादव, विधायक अम्ब्रीष सिंह पुष्कर, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सीएल वर्मा, पूर्व प्रदेश सचिव विजय सिंह, रामसागर यादव, दिनेश सिंह, पूर्व विधायक गोमती यादव, राजेन्द्र यादव, इन्दल रावत, पूर्व प्रत्याशी अनुराग यादव, शिवशंकर सिंह ‘शंकरी’, राजबाला रावत, वरिष्ठ नेता नागेन्द्र सिंह यादव, टीबी सिंह, मनोज यादव, मीडिया प्रभारी रमेश सिंह ‘रवि’, जिला उपाध्यक्ष मान सिंह वर्मा, अनिल पासी, महेश सिंह लोधी, कुलदीप यादव, विनय दीक्षित, वरिष्ठ नेता अभिषेक यादव, मधुलिका यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख रामगोपाल यादव, सरोज यादव, सुशील यादव ‘गुड्डू’, पूर्व जिला उपाध्यक्ष रूद्र विनायक यादव, मनीष यादव, पूर्व केकेसी अध्यक्ष रवि भूषण यादव ‘राजन’, जिला सचिव राजकुमार यादव, डाॅ0 संतोष रावत, अजय सिंह चैहान, मो0 अकरम ‘बब्लू’, मो0 इब्राहीम, पंकज रावत, सुनीता कष्यप, सुहागवती, आदिल इदरीश, मुर्सरफअली सिद्दीकी, अरविन्द गौतम ‘सुनील’, सतीष गुप्ता, अंकित मौर्या, मो0 शफीक, नजम मुस्तफा, मसूद हसन खान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहन यादव, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष डाॅ0 मोहनलाल पासी, अधिवक्ता सभा जिलाध्यक्ष अंजनी प्रकाश यादव एवं महासचिव सिद्धार्थ आनन्द, महिला सभा जिलाध्यक्ष प्रेमलता यादव, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष शशिलेन्द्र यादव, पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पाल, छात्र सभा जिलाध्यक्ष महेन्द्र यादव एवं महासचिव तुषार त्रिपाठी, मजदूर सभा जिलाध्यक्ष रामबाबू चैरसिया, अल्पसंख्यक सभा जिलाध्यक्ष एसयू खान ‘भईया जी’, पूर्व जिलाध्यक्ष लोहिया वाहिनी रामप्रकाश यादव, सरोजनी नगर विधानसभा अध्यक्ष चन्द्रशेखर यादव, बीकेटी विधानसभा अध्यक्ष विदेश पाल यादव, मलिहाबाद विधानसभा अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह, अमेठी चयरमेन मो0 वाहिद, जिला पंचायत सदस्य निहाल अहमद, जितेन्द्र यादव ‘गुड्डू’, महेश कुमार रावत, मायाराम वर्मा, लोहिया वाहिनी जिला महासचिव विनय रावत, आरपी यादव ‘दिलीप’, पार्षद मोनू कनौजया, लल्लू यादव, रेषभ खान, रईस अहमद, कामिनी पटेल, सुधा यादव, मनीषा साहा, आशा यादव, कुमुदिनी यादव, रंजना पटेल, डाॅ0 मंजू यादव, शिल्पी चौधरी, राधा यादव, त्रिभुवन यादव, गोविन्द यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोनीश मौर्या, शिवम यादव ‘गोलू’, सुदीप कुमार यादव, सुहेल सिद्दीकी, सिराज खान, वीर बहादुर सिंह, रूपराज रावत, नन्द किशोर यादव, फरहा खान, राजेश यादव, मनोज यादव, विमलेश, विमल यादव, धर्मेन्द्र वर्मा, रामनरेश यादव के साथ हजारों की संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा मना रहा आजादी का अमृत महोत्सव। मंडल मंडावर अंतर्गत गांव फजलपुर में सैनिकों के सम्मान में सैनिकों के परिवारों को किया सम्मानित।
बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा सैनिकों के सम्मान में सैनिकों के परिवारों को सम्मानित किया गया।
बिजनौर विधानसभा के मंडल मंडावर अंतर्गत गांव फजलपुर में ओमवीर सिंह व बंटी कुमार के परिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा सम्मानित किया गया। इस शुभ अवसर पर संकित राठी जिला मंत्री भाजपा युवा मोर्चा बिजनौर, सुभाष कुमार, अनुज कुमार, गौरव कुमार, प्रमोद कुमार, गोविंदा सिंह, सानू कुमार आदि उपस्थित रहे।
नई दिल्ली (एजेंसी)। फेस्टीवल सीजन को देखते हुए 10 अक्टूबर से त्योहार विशेष रेलगाड़ियां शुरू होने जा रही हैं। फिलहाल दिल्ली से चलने वाली आठ ट्रेन की घोषणा की गई है। आगे इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इनमें से नवरात्र के मौके पर दो ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए भी हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिहार और उत्तर प्रदेश के उन रूट्स की पहचान की जा रही है, जहां पिछले वर्ष दीपावली और छठ पर्व पर ट्रेन फुल रहीं या मांग अधिक रही थी। इसकी पहचान होने के बाद यहां के लिए त्योहार स्पेशल ट्रेन की घोषणा की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार कुछ डिब्बे रिजर्व रखे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर अंतिम समय में किया जाएगा। वहीं व्यस्त रूटों पर कुछ क्लोन ट्रेन चलाई जाएंगी, जिनका उपयोग यात्री आगे भी कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि बुकिंग काउंटर और आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट से ही टिकट खरीदें। वर्ष 2020 में दिल्ली से करीब 40 से अधिक त्योहार विशेष ट्रेन चलाई गई थीं। इनमें से करीब 90 फीसदी ट्रेन बिहार और उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए थीं।
आठ विशेष रेलगाड़ियां ट्रेन संख्या रूट कब से 01633/ 01634 नई दिल्ली-कटड़ा 10 अक्तूबर 01676/ 01675 आनंद विहार-मुजफ्फपुर 11 अक्टूबर 01662/ 01661 आनंद विहार-सहरसा 11 अक्तूबर 01671/ 01672 आनंद विहार- कटड़ा 11 अक्तूबर 01670/ 01669 नई दिल्ली-दरभंगा 11 अक्टूबर 01660/ 01659 नई दिल्ली-बरौनी 12 अक्तूबर 01668/ 01667 आनंद विहार-जयनगर 12 अक्तूबर 01674/ 01673 दिल्ली-वाराणसी 12 अक्तूबर
उत्तर और पश्चिम रेलवे ने बढ़ाई मार्च 2022 तक परिचालन अवधि
त्योहारों का महीना शुरु हो चुका है। टिकट के लिए मारामारी की स्थिति उत्पन्न ना होने देने के लिए रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन अवधि का विस्तार करने का फैसला किया है। विभिन्न रेलवे जोन में ट्रेन की संख्या बढ़ाई जा रही है। वहीं, अलग-अलग रुट्स पर ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया जा रहा है। उत्तर रेलवे ने मुंबई, यूपी के बीच चलने वाली ट्रेनों की परिचालन अवधि बढ़ाई है, तो पश्चिम रेलवे ने गुजरात-बंगाल के बीच चलने वाली गाड़ियों की समयावधि बढ़ा दी है।
विदित हो कि त्योहारों के दौरान दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगरों में काम करने वाले अधिकतर लोग अपने घरों को जाते हैं। ऐसे में लिमिटेड ट्रेनों की संख्या और लगातार बढ़ती भीड़ की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए रेलवे इंतजाम कर रहा है.
विस्तारित की गई कुछ ट्रेन
-गाड़ी संख्या 01407 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन अब 29 मार्च तक चलेगी। -गाड़ी संख्या 01408 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया। -गाड़ी संख्या 02107 एलटीटी लखनऊ जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी। -गाड़ी संख्या 02108 लखनऊ जंक्शन एलटीटी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक जारी रहेगा। -गाड़ी संख्या 02099 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन का परिचालन 29 मार्च तक बढ़ाया गया। -गाड़ी संख्या 02100 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी। -गाड़ी संख्या 01079 एलटीटी गोरखपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया। -गाड़ी संख्या 01080 गोरखपुर एलटीटी स्पेशल का परिचालन 2 मार्च तक बढ़ाया गया।
अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन का विस्तार
वहीं पश्चिम रेलवे ने ट्वीट कर अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन को 27 जनवरी 2022 से सप्ताह में एक बार आसनसोल स्टेशन तक विस्तारित करने की जानकारी दी है।
बरेली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब अपात्रों से रिकवरी की तैयारी है। सरकारी नौकरी में होने या फिर अच्छा बिजनेस करने के बावजूद भी 55,243 खातों में सम्मान निधि की धनराशि पहुंच रही थी। बरेली मंडल में सितंबर में शासन स्तर पर मामले की जांच कराई गई। तब फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। अब इन अपात्रों को जिला कृषि विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वसूली गई रकम भारत सरकार के कोष में जमा कराई जाएगी।
केंद्र सरकार के पास तीन महीने पहले प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के संबंध में फर्जीवाड़ा की शिकायतें पहुंची थीं। आरोप था कि बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो किसान नहीं बल्कि सरकारी नौकरी में हैं या फिर बड़े बिजनेस कारोबारी हैं। इसके बावजूद भी उनके खाते में सम्मान निधि योजना की रकम पहुंच रही है। शासन स्तर पर मामले की जांच के दौरान जिला स्तर पर जब सम्मान निधि की रिपोर्ट मांगी गई तो जांच में खुलासा हुआ।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में 2,34,010 आयकर दाता, 32,393 मृतक, 3,86,250 गलत खाते पकड़े गए। 57,987 अपात्र और 68,540 अवैध आधार कार्ड मिले। प्रदेश में 7,79,180 अपात्रों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। बरेली मंडल में सम्मान निधि का लाभ लेने वाले आयकर दाता 8,314, मृतक 2189, गलत खाता में भुगतान वाले 31,637, अपात्र 5,336, अवैध आधार 7,767 कुल मिलाकर 55,243 लोग चिन्हित किए गए। यह वह लोग हैं, जो गलत तरीके से सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। बरेली जिले में 16707, बदायूं में 15743, पीलीभीत में 12817 व शाहजहांपुर में 9,976 लोग सम्मान निधि को अपात्र चुने गए हैं।
आधार कार्ड से पकड़ में आया घपला
सरकार ने किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों की सत्यापन रिपोर्ट आधार कार्ड से कराई। बैंक एकाउंट में आधार नंबर को डालकर सर्च करते ही आधार से जुड़े सभी एकाउंट लिंक हो गए। जांच में बरेली मंडल में 8,314 आयकर दाता किसान सम्मान निधि का लाभ लेते मिले। 5,336 ऐसे किसान चिन्हित हुए, जिनके एक परिवार में कई- कई लोग सम्मान निधि ले रहे थे। पत्नी, बेटे और बहू के खाते में भी सम्मान निधि पहुंच रही थी। जो किसान मर गए, उनके खाते भी सम्मान निधि आ रही थी। ऐसे 2189 मृतकों के खाता पकड़ में आए। 31,637 गलत खाते मिले।
बरेली मंडल में कुल 55,243 अपात्र: किसान सम्मान निधि पाने वालों का सत्यापन जिला स्तर पर किया गया। किसान के नाम, पिता या पति का नाम, गांव, आधार संख्या, खसरा खतौनी की जांच ऑनलाइन की गई। मण्डल में 55,243 अपात्र मिले। उनको रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं। -धीरेंद्र सिंह चौधरी प्रभारी उप कृषि निदेशक
लखनऊ (एजेंसी)। कानपुर जिले में नगर क्षेत्र के परिषदीय शिक्षक और शिक्षिकाएं अब राशन वितरण का काम भी देखेंगे। उन्हें अन्त्योदय कार्ड धारकों को अनाज वितरण का कार्य अपनी निगरानी में कराना होगा। दूसरी ओर नगर क्षेत्र में शिक्षक संख्या कम होने से कई विद्यालयों में ताले पड़ने की नौबत है।
नगर क्षेत्र में अनाज वितरण के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए शिक्षक-शिक्षिकाओं को हर कोटेदार के यहां वितरण के दौरान नोडल अधिकारी के रूप में मौजूद रहना पड़ेगा। उन्हें इस बात की निगरानी करनी है कि तय अनाज सम्बंधित कार्ड धारक को उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। अपर जिलाधिकारी (नाआ) बसंत अग्रवाल ने खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर शिक्षकों व शिक्षिकाओं के नाम भेजे हैं, जिनकी डयूटी लगाई गई है। अक्तूबर व नवंबर में नियमित वितरण चक्र अन्त्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलोग्राम खाद्यान्न (20 किग्रा गेहूं व 15 किग्रा चावल) तथा पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट 05 किग्रा खाद्यान्न (03 किग्रा गेहूं व 02 किग्रा चावल) निर्धारित मूल्य गेहूं 02 प्रति किग्रा एवं चावल 03 रु प्रति किग्रा की दर से वितरण किया जाना है। इसी तरह से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के संदर्भ में जानकारी दी गई है।
बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश में होने वाली सभा से जिला अस्पताल में बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट का गुरुवार को वर्चुअल लोकार्पण किया।
विदित हो कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने के लिए जिला अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गया है। यहां से ऑक्सीजन अस्पताल में मरीजों को सप्लाई होगी। एक अन्य प्लांट भी जिला अस्पताल में बनाया जा रहा है। लोकार्पण से पहले जिला अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन प्लांट को अंतिम रूप देने में लगा रहा। सीएमएस डा. अरुण कुमार पांडेय व अन्य स्टाफ ने इसकी निगरानी की। प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई करने में आई कुछ तकनीकी परेशानी को दूर कर लिया गया। अब प्लांट ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए तैयार हो गया है। इसका सफल ट्रायल कर लिया गया है। इस अवसर पर परिवहन मंत्री, जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा, सौरभ सिंघल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
वहीं धामपुर में नगीना मार्ग स्थित ग्राम मानपुर रज्जा में निर्माणीधीन 100 बेड के अस्पताल में बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फॉउण्डेशन द्वारा प्रदत्त और पाथ संस्था के समर्थन से 750 एलपीएम ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट तैयार कराया गया है। गुरुवार को क्षेत्रीय भाजपा विधायक अशोक राणा व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र चौधरी ने फीता काटकर ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर विधायक अशोक राणा ने कहा कि शासन प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्ता परक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का सफलतापूर्वक प्रयास कर रही है। कोविड की तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन पर्याप्त उपलब्धता के लिए आक्सीजन प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने निर्देश दिए कि ओपीडी का कार्य बढ़ाएं और स्वास्थ्य सेवाओं पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप सुचारु और सुव्यवस्थित रूप से संचालित करें। जल्द ही 100 बेड का अस्पताल भी प्रारम्भ होकर क्षेत्र की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इस मौके पर चेयरमैन राजू गुप्ता, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राघव शरण गोयल, अल्हैपुर ब्लाक प्रमुख श्रीमती क्षमा हेमलता चौहान, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह, एसडीएम धीरेन्द्र सिंह, तहसीलदार रमेशचन्द चौहान, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, सभासद जितेन्द्र गोयल, सोनू वाल्मीकि, सुरेन्द्र सिंह बाबी, जयवीर सिंह सिसौदिया, डॉ. मनीष राज शर्मा स. सतवंत सिंह सलूजा, अनिल शर्मा, भूपेन्द्र सैनी, अश्वनी शर्मा लवी, स.सतमीत सिंह मन्नी, स. हरभजन सिंह सलूजा मिनिस्टर आदि प्रमुख रुप से मौजूद रहे।
नई दिल्ली (एजेंसी)। शारदीय नवरात्र के पहले दिन आज भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इसमें कुल 344 नेताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं।
भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने राष्ट्रीय कार्यसमिति, विशेष आमंत्रित सदस्यों एवं स्थायी आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। इस बार मेनका गांधी, वरुण गांधी और विनय कटियार को शामिल नहीं किया गया है।
सूची के अनुसार डेढ़ साल पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और बंगाल चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल मिथुन चक्रवर्ती को भी इसमें जगह दी गई है। राष्ट्रीय कार्यसमिति में 80 सदस्य हैं। इनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, पूर्व अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह, राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल, ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हैं। राष्ट्रीय कार्यसमिति में 50 विशेष आमंत्रित और 179 स्थायी आमंत्रित सदस्यों को शामिल किया गया है। इनमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री, विधानसभाओं एवं विधान परिषदों में विधायक दल के नेताओं, प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश प्रभारियों, सह प्रभारियों, प्रदेश संगठन महामंत्रियों एवं संगठकों को शामिल किया गया है। पार्टी ने प्रवक्ताओं के लिए भी अपनी सूची जारी की है, जिसमें अनिल बलूनी, संजय मयूख, संबित पात्रा, सुधांशु त्रिवेदी, सैयद शाहनवाज हुसैन, राजीव प्रताप रूडी, शाजिया इल्मी, नलिन कोहली, गौरव भाटिया, सैयद जफर इस्लाम, टॉम वडक्कन के नाम शामिल हैं। प्रवक्ताओं की सूची में राज्यवर्धन सिंह राठौर, नूपुर शर्मा, राजू बिष्ट, केके शर्मा और प्रेम शुक्ला का भी नाम है।
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2021 को सार्वजनिक जीवन में 20 साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान वह 12 साल से ज्यादा गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और फिलहाल 7 वर्ष से अधिक समय से देश के प्रधानमंत्री हैं।
7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद से पीएम नरेंद्र दामोदर दास मोदी अब तक लगातार संवैधानिक पद पर कायम हैं। इस समयावधि में वे एक भी चुनाव नहीं हारे। वहीं 26 मई 2014 को पीएम पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी 2692 दिनों से शासन कर रहे हैं। सीएम पद पर उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को शपथ ली और 22 मई 2014 तक इस पद पर रहे। इस तरह वह बतौर सीएम 4607 दिन पद पर रहे।
अभी भी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और डॉ मनमोहन सिंह का कार्यकाल नरेंद्र मोदी के मौजूदा कार्यकाल से ज्यादा है। नेहरू कुल 6130 दिन देश के पीएम रहे। इसके बाद इंदिरा गांधी 5829 दिन पीएम रहीं। वहीं डॉ मनमोहन सिंह 3656 दिन पीएम रहे। 20 साल एक लंबा समय होता है। लोक प्रशासक के लिए ये इतना वक्त तो होता है कि उसकी नीतियों की झलक और असर आम लोगों की जिंदगी में दिखने लगे।
Amazon Great Indian Festival 2021: Nokia का झक्कास फोन पाएं सिर्फ 200 रुपए में, इन Phones पर भी ऑफर्स
Amazon Great Indian Festival 2021: Amazon की सेल में Nokia के फोन पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. नोकिया के फीचर फोन को आप सिर्फ 200 रुपए में खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं Offers And Discounts
Amazon पर Nokia के फोन पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं.
Nokia 5310 को खरीदा जा सकता है सिर्फ 199 रुपए में.
Amazon सेल में नोकिया के फीचर फोन्स पर शानदार ऑफर्स हैं.
नई दिल्ली: Amazon की Great Indian Festival Sale 2021 पर Smartphones और बाकी प्रोडक्ट्स पर धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. महंगे से महंगा फोन भी काफी सस्ते में मिल रहा है. Xiaomi, iPhone और Samsung के स्मार्टफोन्स की धूम है. सेल में Nokia पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. Nokia के फोन आप 499 रुपए में खरीद सकेंगे. आइए जानते हैं Amazon Great Indian Festival Sale में नोकिया के फीचर फोन पर ऑफर्स और डिस्काउंट…
Nokia 105 Single SIM
Amazon Sale में Nokia 105 सिंगल सिम वाले फोन की कीमत 1,249 रुपए है, लेकिन आप इसको और सस्ते में खरीद सकते हैं. अमेजन नोकिया फोन पर 750 रुपए का एक्सचेंज बोनस दे रहा है. यानी पुराना फोन एक्सचेंज करने पर 750 रुपए तक का बोनस मिलेगा. इस तरह आप फोन को 499 रुपए में खरीद सकते हैं. एक्सचेंज बोनस की राशि पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर करेगी.
Nokia 5310 Dual SIM
Nokia 5310 Dual SIM अपने एडवांस फीचर्स के कारण काफी पॉपुलर है. फोन की कीमत वैसे तो 3,999 रुपए है, लेकिन अमेजन सेल में इसकी कीमत 3,249 रुपए रखी गई है. फोन पर एक्सचेंज ऑफर है. अगर आप अपने अच्छे कंडीशन और लेटेस्ट मॉडल वाले फोन को एक्सचेंज करते हैं, तो 3,050 रुपए का एक्सचेंज बोनस मिलेगा. पूरा लाभ मिलने के बाद नोकिया फोन को 199 रुपए में खरीद सकते हैं.
Nokia 110 4G
Amazon Sale में Nokia 110 4G की कीमत 2,799 रुपए है. फोन पर 2,650 रुपए का एक्सचेंज ऑफर है. अगर पुराना फोन एक्सचेंज करने पर 2,650 रुपए बोनस मिल जाए, तो आप इस फोन को 149 रुपए में खरीद सकेंगे.
बिजनौर। शिवसेना की एक बैठक शिवसेना कार्यालय बागड़पुर में जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह की अध्यक्षता व जिला महासचिव विकास त्यागी के संचालन में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार विमर्श किया गया।
इसके बाद सभी शिवसैनिकों ने बाबा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने कहा कि महेंद्र सिंह टिकैत किसान व मजदूरों के मसीहा थे। वह विश्व व्यापार, बीज विधेयक 2004, परिवर्तित बीज, किसानों पर कर्ज की माफी, फसलों का लाभकारी मूल्य व गन्ने की लड़ाई आदि को लेकर लड़ते रहे। उन्होंने अंतिम सांस तक अन्नदाता की लड़ाई लड़ी।
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में “मीडिया प्रभारी जिला कार्यशाला” का आयोजन किया गया । मुख्य अतिथि/ मुख्य वक्ता, प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी रहे। संचालन जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रान्त चौधरी ने किया। कार्यक्रम का विधिवत तरीके से शुभारंभ अवनीश त्यागी एवं जिला अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि/ मुख्य वक्ता, प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने मिशन 2022 सफल कराने हेतु मीडिया की भूमिका के महत्व पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित सभी मंडल मीडिया प्रभारियों से कहा कि आगामी 2022 चुनाव में मीडिया को महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर हर बिंदु को सक्रिय रहते हुए प्रसारित कराया जाना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। जिला अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया प्रभारी मीडिया और पार्टी के बीच में सेतु का कार्य करता है। सभी मीडिया प्रभारी को अपने अपने कर्तव्य का निर्वहन लक्ष्य प्राप्ति तक पूर्ण निष्ठा के साथ करना है, जब तक हमारा मिशन सफल नहीं हो जाता। सभी नवनियुक्त मंडल मीडिया प्रभारियों को जिला अध्यक्ष द्वारा शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मीडिया विभाग संयोजक राजीव लोचन, जिला सह मीडिया प्रभारी मुकुल चौहान, नीतू अग्रवाल, विनय वर्मा, कमलजीत सिंह, मंडल मीडिया प्रभारीगण सचिन देशवाल, राजीव ठाकुर, अक्षय कुमार, भोला राजपूत, शेखर चौहान, मुकुल कुमार, अकाश कुमार, लव अग्रवाल, सर्वजीत सिंह, अमित चौधरी, मोहित कुमार, गौरव गुर्जर आदि उपस्थित रहे।
पूरा हिंदुस्तान ही आपका है तो खालिस्तान की मांग क्यों कर रहे हैं ?
अशोक मधुप Oct 06, 2021 14:46
विश्लेषण
…तो ऐसा करने वालों को ये जरूर सोचना चाहिए कि वो “दशम पातशाह” की शिक्षाओं का अनुकरण कर रहे हैं या उसके विपरीत जा रहे हैं? उन्हें ये जरूर सोचना चाहिए कि उनके आचरण से पवित्र “खालसा” शब्द शोभित हो रहा है अथवा इस पवित्र शब्द दुरूपयोग हो रहा है?
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ लोग खालिस्तान की मांग क्यों करते हैं जबकि पूरा हिन्दुस्तान उनका है। उन्होंने यह टिप्पणी उस समय की जब वह केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ ‘शाइनिंग सिख यूथ ऑफ इंडिया’ नामक पुस्तक के विमोचन में शामिल हो रहे थे। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘भारतीय संस्कृति को अतीत में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा था। अगर भारतीय संस्कृति आज कायम है तो यह सिख समुदाय के कारण है। सिख समुदाय का गौरवशाली इतिहास है। विडंबना यह है कि उनमें से बहुत से लोग उनका इतिहास नहीं जानते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं कहूंगा कि अपने युवाओं को सिख समुदाय का इतिहास सिखाएं। यह देश सिख समुदाय के योगदान को कभी नहीं भूलेगा। कुछ लोग खालिस्तान की मांग करते हैं। आप खालिस्तान के बारे में क्यों बात करते हैं, जब पूरा हिंदुस्तान आपका है?’ उन्होंने कहा, ‘इस साल हम गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती (प्रकाश पर्व) मना रहे हैं। गुरु तेग बहादुर के नाम पर शौर्य है, साहस है और उनका नाम और काम दोनों ही हमें प्रेरणा देते हैं। सिख समुदाय अपनी जाति, धर्म के बावजूद सभी के लिए लंगर की सेवा करता है। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी भी सिख धर्म के इतिहास और बलिदान की सराहना करते हैं।’ स्वतंत्रता संग्राम में सिख समुदाय का बहुत बड़ा योगदान था। जब हमें आजादी मिली और विभाजन की त्रासदी का सामना करना पड़ा, तो सिखों ने बहुत कुछ झेला।’ उन्होंने यह भी कहा कि सिख समुदाय ने राम मंदिर आंदोलन में बड़ा योगदान दिया। निहंग सिखों ने पहले इसके लिए आंदोलन किया। मैं राजनाथ सिंह का यह बयान पढ़ रहा हूं तो मेरी आखों के सामने एक दृश्य आ जाता है…
24 अगस्त। दिल्ली का एयरपोर्ट।
अफगानिस्तान से वहां बसे भारतीयों को लेकर एक विमान एयरपोर्ट पर उतरता है। विमान में अफगानिस्तान से आने वालों में अफगानी सिख भी हैं। सिख समाज अपने साथ गुरु ग्रंथ साहब के तीन पावन स्वरूप भी लाया है। गुरुग्रन्थ साहिब के स्वरूप को रिसीव करने के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी खुद एयरपोर्ट पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री पी. मुरलीधरन भी मौजूद थे। अफगानी भारतीयों का स्वागत करने काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी एयरपोर्ट पर आये थे। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियों को सिर पर रखकर रिसीव किया। नंगे पांव गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियों को सिर पर रखे वह एयर पोर्ट से बाहर आये। यह अलग तरह का दृश्य है। गुरु ग्रन्थ साहब जी के सम्मान का दृश्य देखते ही बनता है। कोई किसी तरह का भेदभाव नहीं। जो व्यक्ति यह दृश्य देख रहा है, वह हाथ जोड़कर गुरु ग्रन्थ साहिब के स्वरूप को प्रणाम कर रहा है। नतमस्तक हो रहा है। ऐसे ही तो हिंदू समाज रामायण और गीता का सम्मान करता है। इनके आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा, “हम अफगानिस्तान से मात्र अपने भाई-बहनों को ही नहीं लाये हैं बल्कि सिर पर रखकर गुरु ग्रंथ साहिब भी लाये हैं। मैं सोच रहा हूं कि अफगानिस्तान से देश वापस लाने वाले हिंदू−मुस्लिम-सिख में कोई भेदभाव नहीं। सब भारत माता के लाल हैं। सब भारत मां के सपूत। देश का व्यवहार सबके प्रति एक-सा है। फिर खालिस्तान क्योंॽ खालिस्तान के बारे में सोचता हूं कि आज सिख समाज पूरे भारत में कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र है। खालिस्तान की मांग करने वालों के लिए, उनकी आंख खोलने के लिए संघ प्रचारक इन्द्रेश कुमार के विचार काफी हैं। संघ प्रचारक इन्द्रेश कुमार से पंजाब के Nangal (नंगल) और लुधियाना में हुए कार्यक्रमों में पूछा गया कि खालिस्तान के बारे में आपकी क्या राय है। उन्होंने बोलते हुए कहा था− “हिंदुस्तान ही खालिस्तान है” और “सारा खालिस्तान ही हिंदुस्तान है”। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब देश को और धर्म को आध्यात्मिकता से ओत-प्रोत शीश देने वाले वीरों की आवश्यकता थी तब “पिता दशमेश” गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने “ख़ालसा पंथ” का सृजन करते हुए “संत-सिपाही” परंपरा की नींव डाली। इसमें हर जाति, वर्ण और क्षेत्र के लोग शामिल हुए ताकि धर्म बच सके। यानि खालसा पंथ लोगों को समाज को और राष्ट्र को जोड़ने के लिए आया था। दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने इस पवित्र शब्द का दुरुपयोग कर इस शब्द का प्रयोग भारत को तोड़ने के लिए और लोगों को बांटने के लिए इस्तेमाल किया और नाम दिया “खालिस्तान”। तो ऐसा करने वालों को ये जरूर सोचना चाहिए कि वो “दशम पातशाह” की शिक्षाओं का अनुकरण कर रहे हैं या उसके विपरीत जा रहे हैं? उन्हें ये जरूर सोचना चाहिए कि उनके आचरण से पवित्र “खालसा” शब्द शोभित हो रहा है, अथवा इस पवित्र शब्द दुरूपयोग हो रहा है? इसके बाद उन्होंने प्रश्न करने वाले से कहा- सतगुरु “नानक देव जी” की प्राकट्य स्थली ‘तलवंडी साहिब’ वर्तमान पाकिस्तान में है। चतुर्थ पातशाही “गुरु रामदास जी” की प्राकट्य स्थली चूना मण्डी, लाहौर में है। वह भी दुर्भाग्य से आज पाकिस्तान में आता है। दशम पातशाह “गुरु गोविंद सिंह जी” का प्रकाश बिहार के पटना साहिब में हुआ था तो जहाँ तक खालिस्तान का ही प्रश्न है तो मुझे आपसे इतना पूछना है कि जो खालिस्तान आप मांग रहे हो उसमें हमारे गुरुओं की ये प्राकट्य स्थली शामिल होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? उन्होंने आगे कहा- “करतारपुर साहिब” जहाँ गुरु नानक देव जी ज्योति-जोत में समाये थे वो आज पाकिस्तान में हैं। पंचम “गुरु अर्जुन देव” जी ने ‘लाहौर’ में शरीर छोड़ा था। दशम पातशाह “गुरु गोविंद सिंह जी” महाराज ‘नांदेड़ साहिब’, महाराष्ट्र में ज्योति-ज्योत में समाये थे। मुझे आपसे इतना ही पूछना है कि जो खालिस्तान आप मांग रहे हो उसमें हमारे गुरुओं के ज्योति-ज्योत में समाने की ये स्थली होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? उन्होंने आगे कहा- “दशमेश पिता” ने जब “खालसा “सजाया था तो शीश देने जो पंज प्यारे आगे आये थे। उनमें से एक ‘भाई दयाराम’ लाहौर से थे। दूसरे मेरठ के ‘भाई धरम सिंह जी’ थे। तीसरे जगन्नाथपुरी, उड़ीसा के ‘हिम्मत सिंह जी’ थे। चौथे द्वारका, गुजरात के युवक ‘मोहकम चन्द जी’ थे और पांचवें कर्नाटक के बीदर से भाई ‘साहिब चन्द सिंह’ जी थे। मेरा प्रश्न ये है कि उस खालिस्तान के अंदर इन पंज प्यारों की जन्म-स्थली होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? तो उन्होंने आगे कहा- सिख धर्म के अंदर पांच तख्त बड़ी महत्ता रखते हैं, इनमें से एक तख्त श्री पटना साहिब में है, जो बिहार की राजधानी पटना शहर में स्थित है। 1666 में “गुरु गोबिंद सिंह जी” महाराज का यहाँ प्रकाश हुआ था और आनंदपुर साहिब में जाने से पहले उन्होंने यहाँ अपना बचपन बिताया था, लीलाएं की थीं। इसके अलावा पटना में गुरु नानक देव जी और गुरु तेग बहादुर जी के भी पवित्र चरण पड़े थे। एक और तख़्त श्री हजूर साहिब महाराष्ट्र राज्य के नांदेड़ में है। तो मेरा प्रश्न ये है कि ये सब पवित्र स्थल आपके खालिस्तान में होने चाहिए कि नहीं होने चाहिए? उन्होंने आगे कहा- महाराजा रणजीत सिंह ने जिस विशाल राज्य की स्थापना की, उसकी राजधानी लाहौर थी। उनके महान सेनापति हरिसिंह नलवा की जन्म स्थली और शरीर त्याग स्थली, दोनों ही आज के पाकिस्तान में हैं। इसके अलावा अनगिनत ऐसे संत जिनका बाणी पवित्र श्री गुरुग्रंथ साहिब में है, वो सब भारत के अलग-अलग स्थानों में जन्मे थे। मेरा प्रश्न है कि आपके इस खालिस्तान में ये सब जगहें आनी चाहिए कि नहीं आनी चाहिए? प्रश्नकर्ता से उन्होंने कहा- इन सारे प्रश्नों के उत्तर तभी मिल सकते हैं और ये सारे ही स्थल खालिस्तान के अंदर तभी आ सकते हैं, जब आप और मैं ये मानें कि सारा “हिंदुस्तान ही खालिस्तान है” और “सारा खालिस्तान ही हिंदुस्तान है”। मान लो अगर आपने खालिस्तान ले भी लिया तो क्या इन जगहों पर वीजा और पासपोर्ट लेकर आओगे जो आज तुम्हारे अपने है? आप तो बड़े छोटे मन के हो जो इतने से खालिस्तान मांग कर खुश हो रहे हो और मैं तो आपको खालिस्तान में पूरा अखंड हिंदुस्तान दे रहा हूँ। है हिम्मत मेरे साथ ये आवाज़ उठाने की? संघ प्रचारक भारत के कुछ और प्रसिद्ध गुरूद्वारों का जिक्र नहीं कर पाए। उनका यहां करना जरूरी है।
देश के अन्य प्रसिद्ध गुरुद्वारे: देश के कुछ महत्वपूर्ण गुरुद्वारे हैं− हिमाचल प्रदेश में गुरुद्वारा पौंटा साहिब। माना जाता है कि पौंटा साहिब पर सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह ने सिख धर्म के शास्त्र दसम् ग्रंथ या ‘दसवें सम्राट की पुस्तक’ का एक बड़ा हिस्सा लिखा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरु गोबिंद सिंह चार साल यहां रुके थे। जम्मू कश्मीर का गुरुद्वारा मटन साहिब अनंतनाग भी विश्व प्रसिद्ध है। यह श्रीनगर से 62 किलोमीटर की दूरी पर है। बताया जाता है कि श्री गुरुनानक देव जी अपनी यात्रा के दौरान यहां 30 दिन ठहरे थे। कनार्टक का गुरुद्वारा श्री नानक झिर साहिब, एक ऐतिहासिक जगह है। रोजाना लगभग चार से पांच लाख लोग इस गुरुद्वारे में माथा टेकने आते हैं। उत्तराखण्ड का गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब सिखों का एक विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक पवित्र गुरुद्वारा है। यह गुरुद्वारा जिला उधमसिंह नगर के खटीमा क्षेत्र में देवहा जलधरा के किनारे बसा हुआ है। यह स्थान सिखों के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों में से एक है। गुरुद्वारे का निर्माण सरयू नदी पर किया गया है। नानक सागर डेम पास में ही स्थित है, जिसे नानक सागर के नाम से जाना जाता है। यह, वह स्थान है जहाँ सिक्खों के प्रथम गुरु नानकदेव जी और छठे गुरु हरगोविन्द साहिब के चरण पड़े। इस राज्य में तीन सिख पवित्र स्थानों में से एक है। अन्य पवित्र स्थानों में गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब हैं। दिल्ली के तो आठ गुरुद्वारे विश्व प्रसिद्ध हैं: ये हैं− गुरूद्वारा बंगला साहिब, गुरुद्वारा शीशगंज, गुरुद्वारा रकाब गंज, गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर, गुरुद्वारा माता सुंदरी, गुरुद्वारा बालासाहिब, गुरुद्वारा मोती बाग साहिब और गुरुद्वारा दमदमा साहिब। इनके अलावा देश भर में और भी महत्वपूर्ण गुरुद्वारे हैं। विशेष बात यह है कि इन गुरुद्वारों में बड़ी तादाद में हिंदू भी जाकर माथा नवाते हैं। ऐसे में खालिस्तान बनने पर क्या होगाॽ खालिस्तान के बाहर के गुरुद्वारों में तो बिना पासपोर्ट और वीजा के जाना संभव नहीं होगा। फिर हिंदू भी गुरुद्वारों में जाते कतरांएगे। ऐसे में गलत मांग क्यों की जाएॽ आज पूरा देश सब भारतवासियों का है, सबको सब जगह जाने की छूट है, फिर ऐसे रास्ते क्यों देखें, जे व्यवधान पैदा करें।
लखनऊ। राज्य के 60 लाख से लेकर एक करोड़ तक युवाओं को स्मार्ट फोन या टैबलेट देने की योजना उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाई है। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इस योजना पर करीब तीन हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी।
कैबिनेट की बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगी। प्रदेश के खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए यह स्मार्ट फोन या टैबलेट स्नातक / परास्नातक, बीटेक, पालीटेक्निक, चिकित्सा शिक्षा, पैरा मेडिकल और कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षुओं को दिए जाएंगे।
हर जिले में चयन के लिए कमेटी
युवाओं को स्मार्ट फोन और टैबलेट उपलब्ध करवाने के लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह सदस्यों की एक कमेटी बनेगी। उक्त कमेटी चिन्हित शिक्षण संस्थानों की सूची तैयार करेगी। स्मार्ट फोन या टैबलेट जेम पोर्टल के जरिये ही खरीदे जाएंगे। जेम पोर्टल ही नोडल एजेंसी होगी। टैबलेट या स्मार्ट फोन देने के लिए युवाओं की पात्रता भी तय की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग मंत्री ने कहा कि अब अधिकांशत: पढ़ाई ऑनलाइन होने लगी है। कई परीक्षाएं भी ऑनलाइन हो रही हैं। ऐसे में युवाओं को अब सूचना प्रौद्योगिकी के इन माध्यमों से जोड़ना जरूरी हो गया है।
नर्स, बढ़ई, प्लंबर को भी सुविधा
सेवा मित्र पोर्टल कौशल विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से विभिन्न कुशल कारीगरों को पंजीकृत कराकर चिन्ह्ति एजेन्सियों के माध्यम से विभिन्न नागरिक सेवाएं जैसे प्लम्बर, कारपेंटर, नर्स, इलेक्ट्रीशियन, ए.सी. मैकेनिक आदि जनसामान्य को दी जा रही हैं। उन्हें भी टैबलेट/स्मार्ट फोन दिए जाएंगे, जिससे वे नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हुए अपनी जीविका भी चला सकें।
अन्य वर्ग के युवा भी होंगे शामिल
योजना के तहत प्रस्तावित लाभार्थी वर्ग में अन्य वर्ग के युवाओं को भी समय-समय पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन से सम्मिलित किया जाएगा। टैबलेट या स्मार्ट फोन किस लाभार्थी वर्ग को दिए जाने हैं, इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से लिया जाएगा। इनके वितरण के लिए लाभार्थी वर्ग की प्राथमिकता का निर्धारण और चरणबद्ध क्रय के संबंध में भी निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से लिया जाएगा। भविष्य में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के निराकरण के लिए योजना के तहत किसी भी संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-सुपर स्पेशियलिटी (नीट-एसएस) 2021 पैटर्न में बदलाव पर केंद्र की खिंचाई करते हुए कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा नियमन एक व्यवसाय बन गया है और प्रतीत होता है कि सारी जल्दबाजी खाली सीटों को भरने के लिए है। न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, हमें यह धारणा मिलती है कि चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विनियमन एक व्यवसाय बन गए हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न की पीठ ने कहा कि यह देश में चिकित्सा शिक्षा के लिए एक त्रासदी बन जाएगा।
पीठ ने केंद्र के वकील से कहा, यदि आपकी ओर से अभद्रता है, तो इसे रोकने के लिए कानून के हथियार काफी लंबे हैं। पीठ ने कहा, आमतौर पर सरकारी कॉलेजों में सीटें खाली नहीं होती हैं, बल्कि यह हमेशा निजी कॉलेज होते हैं। हमारा अनुमान है कि सरकारी कॉलेजों में सीटें खाली नहीं पड़ी हैं। यह एक उचित अनुमान है। ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी जल्दबाजी खाली सीटों को भरने के लिए है। दो घंटे से अधिक लंबी सुनवाई में पीठ ने जोर देकर कहा कि छात्रों की रुचि संस्थानों और निजी संस्थानों की तुलना में कहीं अधिक है और इस परिदृश्य में संतुलन बनाने की जरूरत है। पीठ ने कहा, अब सभी प्रश्न सामान्य चिकित्सा से हैं। क्या यह उन छात्रों को विशेषाधिकार देता है, जिन्होंने अन्य सभी फीडर विशिष्टताओं की कीमत पर सामान्य चिकित्सा की पढ़ाई की है?
पाठ्यक्रम में बदलाव के पहलू पर पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) के वकील से कहा, जल्दबाजी क्या थी? आपके पास परीक्षा पैटर्न है जो 2018 से 2020 तक चल रहा था..। पीठ ने केंद्र से पुराने पाठ्यक्रम को बहाल करने और अगले साल से बदलाव लाने पर विचार करने को कहा और केंद्र के वकील को एक दिन का समय दिया। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और एनबीई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह पेश हुए। पीठ बुधवार को भी मामले की सुनवाई जारी रखेगी। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने फैसला किया है कि 2021 के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा दो महीने की अवधि के लिए टाल दी जाए और 10-11 जनवरी, 2022 को आयोजित की जाए।
युवाओं एवं छात्रों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए भाजपा सरकार जारी करे ‘यूथ चार्टर’ गरीब छात्रों के पास बस वही लैपटाप हैं, जो समाजवादी सरकार ने बांटे-सीएल वर्मा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अखिलेश यादव के निर्देशन में पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सीएल वर्मा ने मलिहाबाद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जिन्दाना सहित दर्जनों गांवों में बैठक कर पार्टी की नीतियों एवं सपा सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों को जनता को बताया।
बताते चलें कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशन में मोहनलालगंज लोकसभा सीट के पूर्व संयुक्त प्रत्याशी सीएल वर्मा समाजवादी पार्टी द्वारा किए गए विकास कार्यों को तथा पार्टी की नीति को गांव गांव जाकर जनता के बीच बताने का काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में मलिहाबाद के जिदाना गांव सहित एक दर्जन गांव में चौपाल लगाकर उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार की नीति-रीति के खिलाफ जनाक्रोश चरम पर है। वादा खिलाफी का दंश झेल रहे किसानों के लिए भाजपा का जंगलराज काल बन गया है। भाजपा सरकार की किसानों के प्रति निष्ठुरता का पता इसी से लगता है। युवाओं में भाजपा सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। इसीलिए युवाओं ने युवा व छात्र विरोधी भाजपा सरकार के खिलाफ जगह-जगह संघर्ष छेड़ दिया है। दूसरी तरफ प्रशासन दिन पर दिन बिगड़ती आर्थिक व सामाजिक स्थितियों के प्रति उदासीन है। जनता को उसके भाग्य पर छोड़कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां-तहां व्यस्त हो जाते हैं। उनसे यह प्रदेश संभलने वाला नहीं है। भाजपा सरकार की खुशहाली विनाशक नीतियों के चलते श्रमिक, किसान लगातार अपनी जानें गंवा रहे हैं। हत्या, लूट अपहरण और छेड़छाड़ की घटनाएं तो रोज की बात हो गई हैं। इन पर कोई लगाम नहीं लगी है। रोजगार के नाम पर लोगों को भटकाया जा रहा है।गरीब छात्रों के पास बस वही लैपटाप हैं, जो समाजवादी सरकार ने बांटे थे। भाजपा ने भी लैपटाप देने का वायदा किया था, लेकिन वायदा खिलाफी भाजपा का स्थायी चरित्र है। समाजवादी पार्टी की मांग है कि भाजपा सरकार युवाओं एवं छात्रों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए ‘यूथ चार्टर‘ जारी करे। एक बात बहुत साफ है कि नौजवानों और किसानों ने ही हमेशा आगे बढ़कर व्यवस्था और सत्ता में परिवर्तन किया है। जब यूथ काफिला बढ़ता है तो तमाम विरोधी ताकतें इनके रास्ते से भाग खड़ी हो जाती है। भाजपा सरकार के खिलाफ बढ़ता जनरोष अब नए बदलाव की दिशा तय करेगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता ने की कमल शक्ति अभियान की शुरुआत
बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा “कमल शक्ति अभियान” के तहत पूरे प्रदेश में 2000 स्थानों पर कमल शक्ति संवाद कार्यक्रम करने जा रही है। इस अभियान की शुरुआत बिजनौर में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता द्वारा की गई। क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती वर्षा कौशिक के सफल नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
क्षेत्रीय अध्यक्ष वर्षा कौशिक ने कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं परिचय रखते हुए बहनों को आगामी 2022 के चुनाव में जी-जान से जुटने के लिए आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्रदेश महामंत्री डॉ. रश्मि रावल ने भी अक्टूबर माह से दिसंबर तक भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए बहनों को आगामी कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य अतिथि महिला मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाओं का पूर्ण समर्थन भाजपा को प्राप्त है। भाजपा पूरे प्रदेश में कमल शक्ति अभियान के तहत अलग अलग स्थानों पर सभी लाभार्थी महिलाएं जिनको मोदी जी व योगी जी की योजनाओं का लाभ मिला है, ऐसी सभी महिलाओं से संपर्क करने का काम करेगी।
साथ ही और भी महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश से कार्य करेगी। इस अभियान में प्रदेश स्तर से लेकर मंडल स्तर तक महिला मोर्चा की सभी कार्यकर्ता काम कर भाजपा की जीत को 2022 के चुनाव में सुनिश्चित करेंगी।”
बिजनौर जिला के भाजपा महामंत्री विनय राणा ने सभी बहनों को धन्यवाद दिया और सभी का बिजनौर पधारने पर स्वागत व अभिनंदन किया। जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा मोनिका यादव ने राष्ट्रीय, प्रदेश, क्षेत्रीय, और जिला अध्यक्ष व महामंत्री बहनों का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय महामंत्री दीपमाला संतोषी ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अंजू वारियर, विनीता शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया अग्रवाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कल्पना चौहान, मीडिया प्रभारी अनीता चौहान, जिला महामंत्री अनामिका जैन, भारती शर्मा, मीडिया प्रभारी नीतू अग्रवाल, शोध प्रमुख रजनी कालरा, जिला कार्यकारिणी की समस्त बहनों का विशेष योगदान रहा। मुख्य अतिथि महिला मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता ने तिमरपुर गांव की मलिन बस्ती की बहनों के साथ सरकार के कार्यक्रमों के विषय में चाय पर चर्चा की। इससे पहले मां गंगा बैराजघाट पर मुख्य अतिथि के नेतृत्व में सभी बहनों ने भाजपा सरकार के साथ मिलकर काम करने का तथा नमामि गंगे के अंदर नदियों की स्वच्छता का संकल्प लिया।
लखनऊ। ग्राम पंचायतों में काम कर रहे राेेजगार सेवकों को नौकरी से निकाला नहीं जाएगा। मनरेगा सम्मेलन के मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य की 600 ग्राम पंचायतें अब नगर निकाय का हिस्सा हो गई हैं। इन पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवकों को सेवा से निकाले जाने का खतरा था। ऐसा नहीं होने दिया गया। 415 को दूसरी पंचायतों में तैनाती दी गई है, किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। जो बचे हैं उन्हें भी जल्द तैनाती दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ग्राम रोजगार सेवक का करीबी रिश्तेदार गांव का प्रधान चुन लिया गया है तो भी उसे सेवा से न हटा कर दूसरी पंचायतों में तैनात किए जाने का इंतजाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मनरेगा में और काम जोड़ने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में 12622 करोड़ रुपए खर्च कर 1.16 करोड़ रोजगार सृजन किया गया। 39.46 करोड़ मानव दिवस का सृजन करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बना। पीएम आवास योजना में 42 लाख आवास दिये। इसमें भी यूपी पहले नंबर है। चार साल में 103.27 करोड़ मानव दिवस सृजित किया गया, जिसमें से अकेले वर्ष 2020-21 में ही 39.46 करोड़ में किया गया। 26 जून 2020 को एक दिन में राज्य में 62.25 लाख मजदूर मनरेगा के तहत काम पर लगे थे। इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ था। 7.79 लाख परिवारों को 100 दिन मनरेगा के तहत रोजगार दिया। किसानों को सिंचाई और खेत तालाब योजना का काम कर लाभ पहुंचाया। 2020-21 में ही 25 नदियों को मनरेगा के तहत पुनर्जीवित किया गया।
अपर आयुक्त व कई अन्य का सम्मान
कोरोनाकाल में मनरेगा के तहत राज्य में रिकार्ड लोगों को रोजगार से जोड़ने पर अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार सम्मानित किए गए। ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ‘‘मोती सिंह’’ ने उनकी सराहना की। मुख्यमंत्री के हाथों मंच पर सम्मानित होने वालों में मनरेगा के तहत एक साल में 100 दिन काम करने वाले कई किसान व अफसर शामिल हैं।
लखनऊ। कोरोना की रोकथाम को लेकर लड़ी जा रही लड़ाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कसमंडी खुर्द स्थित ग्राम अमानीगंज में आरसी फाउंडेशन संस्था द्वारा वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया।
इस मौके पर आरसी फाउंडेशन के संचालक शिव कुमार यादव रिटायर्ड एएसपी एवं डॉ. भानवेंद्र प्रताप सिंह यादव एसोसिएट प्रोफेसर मौजुद रहे।
साथ ही पूर्व ब्लाक प्रमुख काकोरी एवं पूर्व प्रत्याशी 168 मलिहाबाद विधानसभा श्रीमती राजबाला रावत, पार्षद मोनू कनौजिया, ब्लॉक अध्यक्ष मलिहाबाद युवजन सभा, दीपक यादव, अर्जुन कुमार, रामू गुप्ता, संतोष यादव, शशीकांत व संस्था के अन्य सभी सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
वैक्सीनेशन कैंप में मुख्य रूप से डॉ. शिव मोहन पांडेय एवं एएनएम अंशु रावत उपस्थित रहीं। कैंप में लगभग 400 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
बिजनौर। लुप्तप्राय वन्यजीव पैंगोलिन की तस्करी के आरोप में स्वॉट व नगीना देहात पुलिस की टीम ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। तीन तस्कर फरार हैं। इनके कब्जे से एक जीवित पैंगोलिन, नकद 14920 रुपए, तीन गाड़ियां व 14 मोबाइल बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार तस्करों में एक बिहार एसटीएफ का जवान भी शामिल है। एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह ने टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
स्वॉट टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग रविवार को लुप्तप्राय वन्यजीव पैंगोलिन को बेचने के लिए नगीना देहात क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। स्वॉट टीम ने नगीना देहात पुलिस के साथ मिलकर उक्त तस्करों को दबोचने के लिए जाल बिछा दिया। संयुक्त टीम ने ग्राम बनोवाला में मस्तान के घेर में दबिश दी। मौके से पैंगोलिन की खरीद फरोख्त करने आए 15 लोगों को दबोच लिया गया। हिरासत में लिये गए लोगों ने पूछताछ में बताया कि वह पैंगोलिन को बेचने के लिए आए थे। पुलिस ने उनके पास से एक जीवित पैंगोलिन, 14920 रुपए की नकदी, तीन गाड़ियां, 14 मोबाइल बरामद किए हैं।
गिरफ्तार और फरार: स्वॉट व पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए तस्करों में 1. नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बनोवाला निवासी मस्तान पुत्र स्व. महताब, 2. ग्राम टांडा माईदास निवासी साबिर पुत्र शरीफ, 3. फुरकान पुत्र मुस्तफा हसन, 4. हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम चौकपुरी निवासी मनोज कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह, 5. मंडावर के ग्राम अंगाखेड़ी निवासी विकास पुत्र ओमपाल सिंह, 6. नजीबाबाद निवासी सुमित चौहान, पवन कुमार, 7. हरियाणा निवासी राजेश कुमार, 8. मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी दीपक, 9. बिहार निवासी संदीप साहू, 10. मृत्युंजय सिंह, 11. बालेंद्र कुमार, 12. शंभू कुमार ठाकुर, 13. आशीष कुमार व 14. संतन राज शामिल है। इसके अलावा उनके फरार साथी 1. नजीबाबाद निवासी परवेज, 2. संजीव त्यागी व 3. तनवीर आलम निवासी बिहार की तलाश में पुलिस जुट गई है।
एसटीएफ का जवान है संतनराज!
पुलिस गिरफ्त में आए तस्करों में से संतनराज एसटीएफ बिहार का जवान बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार सुरक्षा व विभागीय जानकारी के लिए संतनराज को दस लाख रुपए में तय करके लाया गया था। एसपी के अनुसार स्वाट टीम व नगीना देहात पुलिस द्वारा दबोचे गए तस्करों के पास से बरामद पैंगोलिन शक्तिवर्धक दवाइयों को बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कीमत 3 से 4 करोड़ रुपए तक होती है। विदेशों में इसकी काफी मांग है।
टीम को इनाम 15 हजार: तस्करों को दबोचने वाली टीम में स्वॉट प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार, उपनिरीक्षक जर्रार हुसैन, हैड कां. राजकुमार नागर, कां. खालिद, अरूण कुमार, मोहित शर्मा आदि तथा नगीना देहात के थानाध्यक्ष संजय कुमार, उपनिरीक्षक रामवीर सिंह, श्रीपाल सिंह, अजेंद्र कुमार, शेर सिंह, अरविंद कुमार आदि शामिल रहे। एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह ने टीम के उत्साहवर्धन के लिए 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
सरकार ने शराबबंदी लागू नहीं की तो गांधी जी के बलिदान दिवस 30 जनवरी से समिति आमरण अनशन करेगी: मुर्तुजा अली
लखनऊ। शराबबंदी संयुक्त मोर्चा एवं शराबबंदी संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वाधान में 2 अक्टूबर गांधी जयंती के मौके पर उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर 24 घंटे का आमरण अनशन का प्रोग्राम गांधी भवन लखनऊ में गांधी प्रतिमा के नीचे किया गया। इस अनशन के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से पूर्ण शराबबंदी की मांग को रखते हुए 5 सूत्रीय ज्ञापन सरकार को दिया गया। इस मौके पर शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तजा अली, रोहित अग्रवाल, फैजुद्दीन सिद्दीकी, पीसी कुरील, मोहम्मद फहीम, आरबी लाल , नेशनल यूथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार ने उत्तर प्रदेश सरकार से सारी बुराइयों की जननी शराबबंदी की मांग की है। शराब बंदी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक और राष्ट्रीय संरक्षक सुल्तान सिंह, स्वामी संतोष आनंद ने उत्तर प्रदेश के आगामी 2022 का चुनाव लड़ने वाली सभी पार्टियों से शराबबंदी में सहयोग की अपील की। उन्होंने पूरे प्रदेश में शराबबंदी के लिए आंदोलन को तेज करने के लिए लोगों से आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से आये शादाब सिद्दीकी, सैयद रिहान ,वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हुस्नआरा, इंसानियत वेलफ़ेयर सोसाइटी के अध्यक्ष क़ुदरत उल्ला खान, टीम केयर इंडिया एंड रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष शहज़ादे कलीम, जावेद, शाहिद सिद्दीकी, फहद सिद्दीकी, राजेश्वर मिश्रा, फिरोज, खुर्शीद, वरिष्ठ अधिवक्ता युसूफ सिद्दीकी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बदरुल हसन साहब, मोहम्मद फरहान, फहद सिद्दीकी, सेठपाल सिंह शाहजहांपुर, सूरज सिंह, अरविंद पाठक, विनय भास्कर आदि प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
देवा शरीफ की दरगाह पर पत्रकारों और समाजसेवियों ने पेश की अकीदत की चादर
प्रदेश की खुशहाली और अमन- शांति के लिए की गई दुआ
बाराबंकी। हिंदु मुस्लिम एकता की प्रतीक देवा शरीफ, बाराबंकी ख्याति प्राप्त हाजी वारिस अली शाह की पाक दरगाह पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन, न्यूज़ पेपर ट्रस्ट ऑफ इंडिया, टीम केयर इंडिया एंड रिसर्च फाउंडेशन और शराबबंदी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश में अमन, शांति, एकता-अखंडता और समस्त प्रदेश वासियों की खुशहाली की दुआ के साथ अकीदत की चादर पेश की गई। इस अवसर पर पत्रकारों एवं उनके परिजनों की खुशहाली के लिए विशेष रूप से दुआ भी की गई। दरगाह पर चादर पेश करने वालो में पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद, सचिव जुबैर अहमद न्यूज़ पेपर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नजम अहसन, शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तुजा अली, टीम केयर इंडिया एंड रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष शहज़ादे कलीम आदि प्रमुख थे। इस अवसर पर आल इंडिया वारसी समाज के राष्ट्रीय अध्यछ हाजी वासिक वारसी द्वारा सभी को अंग वस्त्र पहनाकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर नेशनल वाइस के डायरेक्टर वकास वारसी साहब ने अपने घर पर सभी का पुरजोर तरीके से स्वागत किया।
देवा शरीफ की दरगाह पर पत्रकारों और समाजसेवियों ने पेश की अकीदत की चादर
प्रदेश की खुशहाली और अमन- शांति के लिए की गई दुआ
बाराबंकी। हिंदु मुस्लिम एकता की प्रतीक देवा शरीफ, बाराबंकी ख्याति प्राप्त हाजी वारिस अली शाह की पाक दरगाह पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन, न्यूज़ पेपर ट्रस्ट ऑफ इंडिया, टीम केयर इंडिया एंड रिसर्च फाउंडेशन और शराबबंदी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश में अमन, शांति, एकता-अखंडता और समस्त प्रदेश वासियों की खुशहाली की दुआ के साथ अकीदत की चादर पेश की गई। इस अवसर पर पत्रकारों एवं उनके परिजनों की खुशहाली के लिए विशेष रूप से दुआ भी की गई। दरगाह पर चादर पेश करने वालो में पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद, सचिव जुबैर अहमद न्यूज़ पेपर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नजम अहसन, शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तुजा अली, टीम केयर इंडिया एंड रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष शहज़ादे कलीम आदि प्रमुख थे। इस अवसर पर आल इंडिया वारसी समाज के राष्ट्रीय अध्यछ हाजी वासिक वारसी द्वारा सभी को अंग वस्त्र पहनाकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर नेशनल वाइस के डायरेक्टर वकास वारसी साहब ने अपने घर पर सभी का पुरजोर तरीके से स्वागत किया।
बिजनौर। राष्ट्रीय लोकदल शहर बिजनौर के अध्यक्ष धनगर यादराम सिंह चंदेल के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया।
जुलूस राष्ट्रीय लोक दल के कार्यालय से प्रारंभ होकर रामलीला मैदान गांधी मूर्ति पर समाप्त किया गया। मशाल जुलूस में राष्ट्रीय लोक दल के बूथ कमेटी अध्यक्ष आचार्य नरेंद्र सिंह, चौधरी राम सिंह, छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अभिनव चौधरी हिमांशु चौधरी, राष्ट्रीय लोक दल के जिला महासचिव हिमांशु अनुज डबास, परितोष कुमार चंदेल, जुनेद आलम, अदनान आलम, नमन कुमार, सोनू धनगर, विपुल कुमार, विनय कुमार, भूपेंद्र सिंह, आर्यन सिंह, गौरव कुमार, राज आर्यन आदि ने भाग लिया। इस दौरान मनीष गुप्ता के हत्यारों को फांसी दो, राष्ट्रीय लोकदल जिंदाबाद, जयंत चौधरी जिंदाबाद, योगी सरकार की पुलिस मुर्दाबाद आदि नारे लगाए गए। गांधी जी की मूर्ति पर समापन के समय रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम ईश्वर अल्लाह तेरे नाम योगी, मोदी को सद्बुद्धि दे भगवान, की प्रार्थना की गई|
रियल इस्टेट ग्रुप के 22 ठिकानों पर IT का छापा, 98 लाख रुपये के जेवरात व एक करोड़ की नकदी जब्त
नई दिल्ली। आयकर विभाग ने अहमदाबाद में रियल इस्टेट डेवलपर ग्रुप एवं उससे जुड़े ब्रोकरों के 22 से अधिक ठिकानों पर छापा मारकर एक करोड़ रुपये नकद और 98 लाख रुपये के जेवरात जब्त किये हैं। आयकर विभाग की ओर से शनिवार को जारी बयान में बताया गया कि विभाग ने रियल इस्टेट डेवलपर ग्रुप और उससे जुड़े ब्रोकरों के खिलाफ 28 सितंबर को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान 22 आवासीय और व्यापारिक परिसरों को खंगाला गया। अब तक लगभग एक करोड़ रुपये नकद और 98 लाख रुपये के जेवरात जब्त किये गये हैं। तलाशी और जब्ती अभियान अभी चल रहा है तथा आगे और तफ्तीश जारी है।
स्थानांतरित होने वाले आईपीएस अधिकारियों में धर्मेंद्र सिंह, राम बदन सिंह, अनिल कुमार, अभिषेक वर्मा, संकल्प शर्मा, अपर्णा गौतम और ओपी सिंह शामिल।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सात IPS अधिकारियों के तबादले किये गए हैं। इसमें पुलिस अधीक्षक भदोही, पुलिस अधीक्षक बदायूं, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के साथ-साथ अपर पुलिस उपायुक्त (कानपुर) का नाम शामिल है। अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने गुरुवार देर शाम आदेश जारी किया।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से प्रशासनिक सेवाओं को अधिक बेहतर करने का काम किया जा रहा है। इसके चलते विभागीय अफसरों में फेरबदल की कवायद भी तेज हो गई है।
अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, रेलवे पुलिस में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) धर्मेंद्र सिंह का ट्रांसफर कर उन्हें प्रदेश के रूल्स एंड मैनुअल्स विभाग में डीआईजी पद पर भेज दिया गया है। भदोही जिला के एसपी राम बदन सिंह को गाजीपुर का एसपी बना दिया गया है। गाजीपुर के एसपी डा. ओपी सिंह को बदायूं का एसएसपी नियुक्त कर दिया गया है। कानपुर कमिश्नरेट के अपर पुलिस उपायुक्त अनिल कुमार को भदोही का एसपी बना दिया गया है। अनिल कुमार के स्थान पर बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संकल्प शर्मा को भेज दिया गया है। लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक मुख्यालय पर तैनात एसपी अभिषेक वर्मा को औरैया जिला के एसपी के तौर पर नियुक्त किया गया है। यहां नियुक्त एसपी अपर्णा गौतम को लखनऊ स्थित डीजीपी मुख्यालय में एसपी के पद पर नियुक्त किया गया है।
10 दिन में 67 PCS: पिछले महीने उत्तर प्रदेश में 29 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के तबादले हुए थे। इसमें गोंडा, बहराइच व रायबरेली सहित कई जिलों के अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ था। इससे कुछ दिन पहले ही 38 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों का तबादला किया गया था। इस तरह 10 दिनों के भीतर 67 अधिकारियों का तबादला किया।
पुलिस महकमे पर योगी की सख्त निगाह
यूपी पुलिस को लेकर सीएम ने कानपुर में गुरुवार को कड़ा रुख दिखाते हुए साफ कहा था कि अगर पुलिस कर्मी की वर्दी पर कोई दाग (भ्रष्टाचार आदि में संलिप्ता) मिला तो, उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे पुलिसकर्मियों की लिस्ट बनाने को कहा है, जिन पर कई तरह के आरोप हैं। सीएम का कहना है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त एक भी पुलिसकर्मी यूपी पुलिस में नहीं रहना चाहिए। विदित हो कि गोरखपुर में कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में इंसपेक्टर समेत छह पुलिस कर्मियों पर आरोप है।
नई दिल्ली (एजेंसी)। बैंक से लेकर रोजमर्रा से जुड़े कई नियम आज 1 अक्टूबर से बदल गए हैं। इन बदलावों का असर आम आदमी से लेकर खास तक के जीवन पर होगा। कई बैंकों के चेक बुक, ऑटो डेबिट भुगतान, एलपीजी सिलेंडर के दाम और पेंशन से जुड़े नियम इसमें मुख्य हैं।
खाने के बिल पर FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर जरूरी: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया FSSAI ने एक अक्टूबर तक खाद्य पदार्थों से जुड़े सभी दुकानदारों को रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया था। आज से खाद्य पदार्थों से जुड़े दुकानदारों को सामान के बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना अनिवार्य हो गया है। अब दुकान से लेकर रेस्टोरेंट को डिस्प्ले में बताना होगा कि वह किन खाद्य पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं। ग्राहकों को बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं देंने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसमें जेल जाने तक की सजा है।
पेंशन नियम में बदलाव: डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ा नियम बदल गया है। देश के सभी बुजुर्ग पेंशनर्स जिनकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है, वो देश के सभी प्रधान डाकघर के जीवन प्रमाण सेंटर में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।
पुरानी चेक बुक खत्म: ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और इलाहाबाद बैंक की पुरानी चेकबुक काम नहीं करेंगे। इन बैंकों का विलय दूसरे बैंकों में हो चुका है, इसके बाद खाताधारकों के खाता नंबर, चेक बुक, आईएफएससी व एमआईसीआर कोड बदल गए। अब तक ग्राहक पुराने चेक बुक का इस्तमाल कर ले रहे थे। आज से वो ऐसा नहीं कर पाएंगे। खाताधारकों को नए चेकबुक लेनी होगी।
LPG सिलेंडर महंगा: आज से एलपीजी सिलेंडर करीब 36 रुपये महंगा हो गया है। राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर में हुई है। दिल्ली में नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अभी भी 884.50 रुपये ही है।
दिल्ली में प्राइवेट शराब की दुकानें बंद: दिल्ली में निजी शराब की दुकानें आज से 16 नवंबर, 2021 तक बंद रहेंगी। तब तक सिर्फ सरकारी दुकानें खुलेंगी। यह बदलाव लाइसेंस के अलॉटमेंट को लेकर किया गया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के अनुसार नई एक्साइज पॉलिसी राजधानी को 32 जोन में बांटेगी। नई गाइडलाइन के मुताबिक 17 नवंबर से नई नीति के तहत आने वाली दुकानें ही संचालित हो सकेंगी।
बदलेगा ऑटो डेबिट भुगतान का तरीका: क्रेडिट-डेबिट कार्ड के पेमेंट से जुड़े नियम में बदलाव हो गया है। आज से क्रेडिट/डेबिट कार्ड से होने वाले ऑटो भुगतान का नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत बिना ग्राहक को जानकारी दिए बैंक आपके खाते से पैसा नहीं काट सकेंगे। इसके लिए बैंक आपको पूर्व जानकारी देगा, तभी पेमेंट आपके बैंक से कटेगी। बैंक उपभोक्ता के खाते से पैसा तभी डेबिट होगा, जब वह इसके लिए अनुमति देगा।
निष्क्रिय होगा डीमैट अकाउंट: सेबी ने डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट रखने वाले लोगों को 30 सितंबर 2021 से पहले केवाईसी डिटेल्स अपडेट करने के लिए कहा था। अगर अब तक डीमैट अकाउंट में केवाईसी अपडेट नहीं किया है तो आपका डीमैट अकाउंट सस्पेंड हो जाएगा और आप बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। यह तब तक चालू नहीं होगा, जब तक आप केवाईसी अपडेट नहीं कर लेते।
म्यूचुअल फंड निवेश में बदलाव: बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेश के नियम में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक एसेट अंडर मैनेजमेंट, म्यूचुअल फंड हाउस में काम करने वाले जूनियर कर्मचारियों पर लागू होगा। 1 अक्टूबर 2021 से एमएससी कंपनियों के जूनियर कर्मचारियों को अपनी सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा म्यूचुअल फंड के यूनिट्स में निवेश करना होगा, जबकि 1 अक्टूबर 2023 तक फेज वाइज यह सैलरी का 20 फीसदी हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी समृद्ध अंतर्दृष्टि और नीतिगत मामलों की समझदारी राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी अमानत है। वह कमजोरों की सेवा करने के प्रति बेहद दयालु हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
पीएम ने राष्ट्रपति को दी जन्मदिन की बधाई
‘कमजोरों की सेवा करने को लेकर बेहद दयालु’
राष्ट्रपति के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी समृद्ध अंतर्दृष्टि और नीतिगत मामलों की समझदारी राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी अमानत है। वह कमजोरों की सेवा करने के प्रति बेहद दयालु हैं।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनकी समृद्ध अंतर्दृष्टि और नीतिगत मामलों की समझदारी हमारे राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी संपत्ति है। वह कमजोरों की सेवा करने को लेकर बेहद दयालु हैं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।
आत्मीय बधाई: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विनम्र और स्नेहिल व्यक्तित्व के धनी राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जी को जन्मदिन की आत्मीय बधाई व शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि आप स्वस्थ और दीर्घायु हों व आपके कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्र इसी प्रकार प्रगति के नित नए आयाम स्थापित करता रहें।
सर्वोच्च पद पर पहले स्वयंसेवक: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कठिन संघर्ष से देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे हैं। रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे। ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई स्वयंसेवक देश का राष्ट्रपति बना। उन्होंने कई तरह की भूमिका निभाई। इन्होंने एक समाज सेवी, एक वकील और एक राज्यसभा सांसद के तौर पर काम किया, लेकिन इनकी पिछली पृष्ठभूमि में जाएं तो वो एक बहुत ही साधारण इंसान हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात 48 पीसीएस अफसरों के तबादले कर दिए। तबादलों की सूचना सीधे संबंधित अधिकारियों को मेल पर भेज दी गई है।
सूत्रों के अनुसार संतोष कुमार एसडीएम लखनऊ से उप निदेशक मंडी परिषद, सूर्यकांत त्रिपाठी एसडीएम लखनऊ से अपर नगर आयुक्त कानपुर नगर निगम, अजीत सिंह को सचिव विकास प्राधिकरण प्रयागराज, चंदन पटेल को उप निदेशक मंडी परिषद, विजेता को सिटी मजिस्ट्रेट उन्नाव बनाया गया है।
भानु प्रताप सिंह को एडीएम (एफआर) मऊ, अतुल कुमार सीआरओ मऊ, उमेश मिश्र एडीएम (एफआर) चंदौली, राजेंद्र प्रसाद सिटी मजिट्रेट इटावा बनाए गए हैं। विनय श्रीवास्तव अपर आयुक्त कानपुर, रमेश चंद्र एडीएम (एफआर) हमीरपुर, पंकज सिंह अपर आयुक्त लखनऊ, सहदेव एडीएम एटा बनाए गए हैं।विवेक मिश्रा एडीएम (एफआर) बुलंदशहर, सदानंद सिटी मजिस्ट्रेट हरदोई, धीरेंद्र प्रताप एडीएम न्यायिक फतेहपुर, अभिषेक सिंह एडीएम (एफआर) फिरोजाबाद बनाए गए हैं। अनूप कुमार सिटी मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर, एसपी सिंह अपर आयुक्त कानपुर, शत्रोहन वैश्य सचिव कानपुर विकास प्राधिकरण बनाए गए हैं। सुनील शुक्ला एडीएम एफआर प्रतापगढ़, वीरेंद्र मौर्य सिटी मजिस्ट्रेट जालौन, अशोक मौर्य ओएसडी राजस्व परिषद, राजेंद्र सिंह सेंगर संयुक्त निदेशक चीनी मिल, दीपाली भार्गव सिटी मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद, देवी दयाल एडीएम (एफआर) कुशीनगर बनाए गए हैं। दुष्यंत मौर्य अपर नगर आयुक्त वाराणसी, राम अरज वक्फ प्राधिकरण भेजे गए हैं।
वहीं धर्मेंद्र सिंह एडीएम (भू/आ) लखनऊ, अनिल सिंह एडीएम न्यायिक भदोही, ज्योति राय को सिटी मजिस्ट्रेट बहराइच, शलील पटेल एडीएम न्यायिक अयोध्या, अरुण सिंह सिटी मजिस्ट्रेट झांसी, वंदिता श्रीवास्तव एडीएम न्यायिक चित्रकूट, माया शंकर एडीएम न्यायिक अमरोह बनाए गए हैं। पल्ली मिश्रा सिटी मजिस्ट्रेट रायबरेली और गंभीर सिंह सिटी मजिस्ट्रेट गाजियाबाद बनाए गए हैं।
मनीष गुप्ता के बाद मनीष प्रजापति को गुंडों ने मार डाला
वरदानी मॉडल शॉप की कैंटीन पर काम करता था युवक
लखनऊ। कानपुर के व्यापारी मनीष हत्याकांड को लेकर मचे बवाल के बीच गोरखपुर में एक और हत्या हो गई। रामगढ़ताल क्षेत्र में गुरुवार रात हिस्ट्रीशीटर के भाई और उसके साथियों ने मॉडल शॉप के कर्मचारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उसे बचाने आये कर्मचारी को अधमरा कर दिया। मौके पर एडीजी अखिल कुमार, डीआईजी जे. रवीन्द्र गौड़ तथा कैंट व रामगढ़ताल पुलिस पहुंच गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलवारों की तलाश शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार महराजगंज के नागेंद्र प्रताप सिंह का रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में वरदायिनी के पास मॉडल शॉप है। उनके बेटे मनीष सिंह इसका संचालन करते हैं। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के पनगढ़ी निवासी मनीष प्रजापति (23 वर्ष) पुत्र श्रवण प्रजापति मॉडल शॉप पर कैंटीन कर्मचारी के रूप में काम करता था।
आरोप है कि कोतवाली इलाके के हिस्ट्रीशीटर का भाई अपने साथियों के साथ पहुंचा। आर्डर लेने आए कर्मचारी से उन्होंने शराब लाने के लिए कहा। कैंटीन कर्मचारी ने पैसा मांगा। इससे नाराज एक युवक खुद को एक हिस्ट्रीशीटर का भाई बता कर धमकी देने लगा। इसी को लेकर बात बढ़ गई। आरोपियों ने बवाल शुरू कर दिया। इस पर कर्मचारी मॉडल के अंदर जा कर छिप गए। आरोपियों ने अंदर घुसकर कर्मचारी मनीष प्रजापति को हॉकी और डंडे से पीटना शुरू कर दिया। बचाने गए उसके साथी बहराइच के हुजूरपुर थाना क्षेत्र स्थित पातोपुर निवासी रघु की भी पिटाई कर दी। वहीं अन्य वेटर व कर्मचारी जान बचाकर भागने लगे। हमलावरों के आतंक से मॉडल शॉप में काम करने वाले अन्य वेटर और कर्मचारी उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
हमले के दौरान कोई काउंटर तो कोई मेज के नीचे छिप गया। आरोपी पिटाई कर आराम से निकल गए। दोनों घायलों को पास के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।रास्ते में ही मनीष की मौत हो गई। गंभीर घायल रघु का इलाज चल रहा है। पुलिस ने सरेआम हुई गुंडागर्दी के आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई है। सूचना के बाद मौके पर एडीजी अखिल कुमार और डीआईजी जे. रवीन्द्र गौड़ तथा कैंट और रामगढ़ताल पुलिस पहुंची गई।
बिजनौर। तालाब में मछलियां पालने वाले ने गांव के ही चार दबंगों को मछली चोरी करते पकड़ा तो पुत्र समेत पीटा गया। इतने पर भी मन नहीं भरा तो दबंगों ने तालाब में जहर डाल कर सभी मछलियों की जान ले ली। उस पर थाना पुलिस भी उस्ताद निकली, पीड़ित की शिकायत पर दोनों ही पक्षों का चालान कर दिया। अब पीड़ित मछली पालक की पत्नी ने कलक्ट्रेट पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई है। मरी हुई मछलियों की कीमत ₹पांच लाख बताई गई है।
ये है पूरा मामला: नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव उमरी खादान निवासी किसान शहीद अहमद ने गांव में ही एक तालाब में मछली पालन किया हुआ है। एक रात्रि में शहीद ने अपने तालाब से मछलियां चोरी करते हुए गांव के ही कुछ दबंगो को मौके पर पकड़ा। आरोप है कि शहीद ने जब इन सभी को मछली चोरी करने के लिए मना किया तो उक्त लोगों ने शहीद व उसके लड़के सैफ अली की जमकर मारपीट कर दी। इसमें शहीद और सैफ घायल हो गए। घायलों द्वारा अस्पताल में उपचार कराया गया। बाद में इकबाल, मानू, इसरार और फयाजू के खिलाफ तहरीर दी गई तो पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दोनों पक्ष के लोगों का चालान कर दिया।
न्याय की गुहार: इसी के चलते पीड़ित शहीद की पत्नी ग्रामीणों और परिजनों के साथ कलक्ट्रेट परिसर पहुंची। वहां उसने जिला प्रशासन से मरी मछलियों के मुआवजे और उक्त दबंगो के खिलाफ कार्यवाही की गुहार लगाई। मरी हुई मछलियों की कीमत ₹पांच लाख बताई गई है।
लखनऊ। गोरखपुर में पुलिस पिटाई में मारे गए प्राॅपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर पुलिस लाइन में मुलाकात की। सीएम ने मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी को विकास प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी देने और राहत राशि भी 10 लाख से बढाने के लिये जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा। परिवार के सीबीआई जांच की मांग पर भी आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि जांच के संबंध में भी जो कुछ होगा किया जाएगा। हर हाल में न्याय मिलेगा, सरकार आपके साथ है।
घटना बेहद शर्मनाक, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी: सीएम
सीएम ने कहा कि दो दिन पहले गोरखपुर में हुई घटना बेहद शर्मनाक है। कल सुबह ही मैंने पीड़ित परिवार से मिलने की इच्छा जताई थी। अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। कोई अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार को निपटना आता है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों का नाम लिए बिना कहा कि प्रदेश के लोगों के जीवन और जीविका के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं देंगे। ये वही लोग हैं जिनके नेतृत्व में प्रदेश में दंगे होते थे। सीएए के दौरान कानपुर में भी दंगा कराया। ऐसे लोगों से सरकार को निपटना आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी सुरक्षा का बेहतरीन बेहतरीन मॉडल दे रहा है। विकास और सुशासन के मॉडल से नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है। साढ़े 4 वर्ष से समर्पण के साथ मिशन उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ा रहा है।
सीएम से पहले परिजनों से मिले अखिलेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानपुर पहुंचने से पहले सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने समाजवादी पार्टी की तरफ से 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया। यह भी कहा कि सपा परिवार के न्याय के लिए हर संभव प्रयास करेगी। पीड़ित परिजनों से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार पुलिस से गलत काम करा रही है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ब्लॉक प्रमुखों के अधिकार बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही मनरेगा में मजदूरी दर बढ़ाने के लिए भी केन्द्र सरकार से सिफारिश की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह और ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह को शामिल करते हुए दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित की गयी है। यह कमेटी जल्द ही ब्लाक प्रमुखों के अधिकार बढ़ाने के संबंध में अपनी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष पेश करेगी।
ग्राम्य विकास विभाग के सूत्रों ने बताया कि कमेटी ब्लाक प्रमुखों के पुराने अधिकार बहाल करने और कुछ नये अधिकार उन्हें दिये जाने पर अपनी संस्तुति देगी। मनरेगा में ब्लाक प्रमुखों को कोई अधिकार नहीं है। खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) और ब्लाक प्रमुख के संयुक्त हस्ताक्षर से ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग की विकास योजनाओं का खाता संचालित करने की व्यवस्था भी नहीं है और न ही ब्लाक प्रमुखों को खण्ड विकास अधिकारी की चरित्र पंजिका लिखने का अधिकार है।
बिजनौर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डन और सहायक अध्यापिकाओं को डीबीटी एप का प्रशिक्षण देकर इस पर कार्य करने के संबंध में समझाया गया।
गुरुवार को बीएसए कार्यालय सभागार में बालिका डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर मित्र लाल गौतम और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एमआईएस अनुज कुमार शर्मा ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की सभी वार्डन और सहायक अध्यापकों को डीबीटी ऐप पर काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया। उन्हें डीबीटी एप पर छात्राओं का डाटा अपलोड करने का तरीका बताया गया। प्रशिक्षण में मीनाक्षी ,रितु अग्रवाल, राजरानी आदि वार्डन मौजूद रहेl
बिना ड्रेस के नौनिहाल: अप्रैल से शुरू शिक्षा सत्र के छह माह बीतने के बावजूद बेसिक स्कूलों में अध्यनरत नौनिहालों को यूनिफॉर्म नहीं मिली है। बच्चे बिना यूनिफॉर्म के ही विद्यालय पहुंच रहे हैं।
गौरतलब है कि बेसिक स्कूलों के नौनिहालों की यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते मोजे और स्कूल बैग का पैसा अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश शासन ने दिये हैं। डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में पैसा आएगा। इसके लिए बेसिक स्कूलों के अध्यापकों के मोबाइल फोन में डीबीटी एप डाउनलोड कराया गया है। एप पर अध्यापकों को छात्रों का डाटा फीड करना होगा। डीबीटी एप पर प्रत्येक बच्चे के अभिभावक का आधार नम्बर, उसका बैंक खाता नम्बर, मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड के अनुसार अभिभावक का नाम उसमें भरना है। कई अध्यापकों का कहना है कि अभी डीबीटी एप पर पूरी गति से छात्रों का डाटा फीडिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। अब सवाल यह है कि ऐसे में अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म का पैसा कब आएगा? वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि थोड़ा समय लग सकता है लेकिन आने वाले सालों में यूनिफॉर्म वितरण को लेकर सभी परेशानी दूर हो जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा कि डीबीटी एप पर छात्रों के डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। बहुत जल्द अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते मोजे और स्वेटर का पैसा पहुंचेगा। कार्य तेजी से चल रहा है, जल्द ही नौनिहालों को यूनिफॉर्म मिल जाएगी।
नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की ओर से पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़ा किए जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की। कांग्रेस के सीनियर नेता आनंद शर्मा ने इसे गुंडागर्दी करार दिया है। आनंद शर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सोनिया गांधी से इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
ये तो गुंडागर्दी है: आनंद शर्मा ने कपिल सिबल के घर के बाहर हुए प्रदर्शन के मद्देनजर गुरुवार को कई ट्वीट कर कहा कि कपिल सिब्बल के घर पर हमले और गुंडागर्दी की खबर सुनकर स्तब्ध और निराश हूं। यह निंदनीय कार्रवाई पार्टी को बदनाम करती है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें अनुशासित किया जाना चाहिए।
सोनिया से कार्रवाई का आग्रह: उन्होंने अपने ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मामले का संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘कांग्रेस का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कायम रखने का इतिहास रहा है। राय और धारणा के मतभेद लोकतंत्र के अभिन्न अंग हैं। असहिष्णुता और हिंसा कांग्रेस के मूल्यों और संस्कृति से अलग है।’
बयान से आहत हुए कार्यकर्ता: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार सिब्बल के बयान से कार्यकर्ता आहत हुए और इस वजह से उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। सिब्बल के आवास के बाहर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्ती ले रखी थी जिस पर ‘गेट वेल सून सिब्बल’ (सिब्बल आप जल्द स्वस्थ हों) लिखा हुआ था। उन्होंने ‘गद्दारों को पार्टी से बाहर निकालो’ के नारे भी लगाए।
कल दिया था सिब्बल ने बयान: इससे पहले कपिल सिब्बल ने पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर बुधवार को पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। कहा कि कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए तथा संगठनात्मक चुनाव कराये जाने चाहिए। उन्होंने कई नेताओं के पार्टी छोड़ने का उल्लेख करते हुए गांधी परिवार पर इशारों-इशारों में कटाक्ष किया कि ”जो लोग इनके खासमखास थे वो छोड़कर चले गए, लेकिन जिन्हें वे खासमखास नहीं मानते वे आज भी इनके साथ खड़े हैं।’
कपिल सिब्बल ने पूछा आखिर लोग क्यों छोड़ कर जा रहे कांग्रेस। सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग।
नई दिल्ली (एजेंसी)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाने की मांग की है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने फिर से कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस के पास कोई अध्यक्ष नहीं है।
सिब्बल ने कहा, ‘मैं आपसे उन कांग्रेसियों की ओर से बोल रहा हूं जिन्होंने पिछले साल अगस्त में कांग्रेस वर्किंग कमेटी और सेंट्रल इलेक्शन कमेटी को पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए पत्र लिखा था और हम अभी तक इसका इंतजार कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा कि लोगों के कांग्रेस छोड़ने पर खुद से सवाल है। ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद पार्टी छोड़कर चले गए। लोगों का पार्टी से जाना बंद नहीं हुआ तो पार्टी का भारी नुकसान होगा। मैं पार्टी का नुकसान होते नहीं देख सकता। मैं पार्टी के साथ हूं, किसी व्यक्ति के साथ नहीं। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी में चर्चा हो, कि ऐसा क्यों हो रहा है। सोचना होगा कि कांग्रेस कैसे आगे बढ़े। पार्टी के अंदर संवाद की जरूरत है। आपसी बातचीत से मामले सुलझाए जाएं। सिब्बल ने कहा कि मैंने कभी पार्टी के खिलाफ बयान नहीं दिया। उन्होंने मजबूत विपक्ष की बात उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत होना होगा। अगर कांग्रेस कमजोर होगी तो विपक्ष भी कमजोर होगा। हम संसद में अपनी आवाज कैसे उठाएंगे।
पालिका सभासदों के अनिश्चितकालीन धरने को कांग्रेस ने दिया समर्थन। शहर अध्यक्ष आशीष शर्मा ने लगाया आरोप मोदीनगर शहर के साथ पालिका प्रशासन कर रहा है सौतेला व्यवहार
मोदीनगर। शहर कांग्रेस कमेटी मोदीनगर के तत्वाधान में शहर अध्यक्ष आशीष शर्मा के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद मोदीनगर गेट पर पालिका सभासदों द्वारा शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर पहुँचकर भारी संख्या में कांग्रेसजनों के साथ अपना समर्थन पत्र सौंपा।
इस मौके पर शहर अध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि पालिका प्रशासन शहर के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। पूरे शहर में गढडे हैं, सारी गलियां टूटी पड़ी हैं। सीकरी रोड, फफराना रोड, महेश मार्ग, तिबड़ा रोड, आन्नदीपुरा, गुरूद्वारा रोड, सौंदा रोड, महेन्द्रपुरी सी लाईन, बिसोखर रोड, गोविन्दपुरी, सारा रोड, हरमुखपुरी सभी सड़के टूटी पड़ी हैं। सीवरेज योजना में अनिमितताएं बरती जा रही हैं। वार्डो में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, लेकिन पालिका प्रशासन इन सब समस्याओं से अपनी आंख मूंदे बैठा है। शहर अध्यक्ष आशीष शर्मा ने सभी सभासदों को कांग्रेस कमेटी की ओर से आश्वस्त किया कि आपके हर संघर्ष में कांग्रेस कमेटी कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ है।
इस मौके पर इंटक प्रवक्ता सुरेश कुमार शर्मा, शहर उपाध्यक्ष पंकज सोई, डा. रवि सिंह, शहर महासचिव नंद किशोर शर्मा, हरविन्द्र भुटानी, शारदा सैन, शहर सचिव बीना ठाकुर, ममता शर्मा, इन्द्रा शर्मा, निर्मल पाॅल, गुलबीर भारद्वाज, पवन कोरी, ईशांत सहगल, कोषाध्यक्ष श्रीओम शर्मा, अरमान मेंहदी, रोहित सिंह अध्यक्ष सेवादल युथ विंग, आकाश वर्मा, वार्ड अध्यक्ष अरूण शर्मा, विनय कुमार, समीर, जितेन्द्र कुमार, राजेन्द्र शर्मा, मुकुल शर्मा, प्रेम कुमार सिंह, महेश दत्त शर्मा, इन्द्रा पाॅल, रामकिशन शर्मा, सन्नी कुमार ब्लाक अध्यक्ष एससी, सुरज कुमार, गोपाल शर्मा, सोमदेव शर्मा, अमन सहित काॅफी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।
बिजनौर। नजीबाबाद ब्लाक में रोस्टर के अनुसार ग्राम सचिवों को पंचायत में बैठक कर ग्रामवासियों की समस्याओं का समाधान करना है। 27 सितम्बर को संयुक्त मोर्चा के बन्द आह्वान पर किसानों ने जगह जगह पर मुख्य मार्गो को बंद किया हुआ था। इसके बाद अनेक कर्मचारी अपने कार्यालय पर नहीं समय से नहीं पहुंच सके। ऐसा ही मामला नजीबाबाद विकास खण्ड में कार्यरत सचिव के साथ भी हुआ। सचिव गौसिया अंसारी रोस्टर के अनुसार अपनी ग्राम पंचायत भागुवाला में जा रही थीं। उनका कहना है कि हाइवे पर लगे जाम के चलते उन्हें वहां से निकलने नहीं दिया गया। इसके चलते वह अपनी पंचायत में नहीं पहुँच पायीं। उधर सूत्रों का कहना है कि सचिव के पंचायत में ना पहुँचने के बावजूद ब्लाक प्रमुख ने मस्जिद से मुनादी करा दी कि पंचायत भागुवाला में अधिकारीगण आ रहे हैं। मुनादी होने के बाद भागुवाला की प्रधान को भी बाद में पता चला कि उनकी पंचायत में अधिकारीगण आ रहे हैं।
बिजनौर। व्यापारियों की समस्याओं को लेकर जिला अध्यक्ष मनोज कुच्छल के नेतृत्व में व्यापारी खाद्य विभाग कार्यालय पहुंचे. इस दौरान खाद्य विभाग के कर्मचारी अपनी कुर्सी छोड़कर कार्यालय से गायब हो गए।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले जिलाध्यक्ष मनोज कुछल के नेतृत्व में व्यापारी आज खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां उन्हें देख कर्मचारी कुर्सियां छोड़ कर गायब हो गए। इसके बाद उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार को फोन करके बुलाया और ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में 31 मार्च तक लाइसेंस होने के बाद भी रिनुअल के समय 1 माह पहले 100 प्रतिदिन के हिसाब से लेट फीस लगाई जा रही है। इससे व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने मांग की कि लाइसेंस की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद ही लेट फीस लगाई जाए। उन्होंने कहा कि पैकिंग के आइटम में कंपनियों के साथ-साथ रिटेल के व्यापारियों को भी सजा व जुर्माने से दंडित किया जा रहा है, जिसमें उसका कोई दोष नहीं होता है। सैंपल पास होने पर भी पैकिंग पर छपे प्रिंटिंग मटेरियल में कमी पाए जाने पर रिटेल के व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। पैकिंग को रिटेल का व्यापारी नहीं छापता है। इसलिए उसका कोई अपराध नहीं है। पैकिंग पदार्थ के सैंपल भरे जाने पर यदि कोई कमी आती है तो रिटेलर के खिलाफ कोई कार्यवाही, जुर्माना न लगाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उसे सिर्फ गवाह बनाया जाए व सजा और जुर्माना कंपनी पर लगाया जाए। उनकी मांग थी कि निर्माताओं के लिए विभाग द्वारा मांगी जा रही सालाना रिटर्न ऑडिट की व्यवस्था समाप्त की जाए। व्यापारियों की यह भी मांग थी कि अधिकारियों द्वारा सैंपलिंग के समय सैम्पल शीशी मौके पर सील न करने व फार्म 5 मौके पर ना उपलब्ध कराने की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस पर सख्त आदेश पारित किया जाए। सैंपल शीशी मौके पर सील की जाए तथा फार्म 5 सेम्पलिंग के समय तत्काल भरकर व्यापारिक उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन देने वालों में मनोज कुच्छल, सचिन राजपूत, मानव सचदेवा, नवनीत चौध री, मनु कुमार, दिलशाद खान, बीएस राजपूत आदि मौजूद रहे।
लखनऊ। योगी सरकार 1.23 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन बांटने के बाद अब उनके खाते में हर महीने दो सौ रुपए भी जमा करेगी।विभागीय अधिकारियों के अनुसार कार्यकत्रियों को मोबाइल डेटा के लिए 200 रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। स्मार्टफोन में अपलोडेड पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन पर कार्यकर्त्री विभागीय दैनिक कार्यों की प्रविष्टियां अंकित करेंगी। इससे उनका काम ट्रैक होगा और प्रोत्साहन राशि भी इसी से निर्धारित की जायेगी।
इससे पहले मंगलवार को स्मार्ट फोन बांटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया था कि इससे ये कार्यकत्रियां स्मार्ट बनेंगी। इससे शिशु-मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। योगी ने कहा कि चार साल पहले यही कार्यकत्रियां धरना-प्रदर्शन के लिए बदनाम थीं लेकिन वह आंगनबाड़ी वर्कर, आशा, एएनएम की ताकत को जानते थे। हमने इस ताकत को कोरोना के दौरान आजमाया और उत्तर प्रदेश का मॉडल पूरे विश्व में सराहा गया। कोरोना के समय यूपी पर पूरा फोकस था। तब हमने हर मोहल्ले के लिए निगरानी समिति बनाई कि इसमें आंगनबाड़ी वर्करों ने घर-घर जाकर पहचान की। संदिग्धों की जांच करवाई, मेडिसिन किट दी। निगरानी समिति की रिपोर्ट से हमने मॉनिटरिंग की।
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