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  • जनता ने सर्वे में माना कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं नंबर वन

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्टर हैं। यूपी में आमजनों की इस सोच पर अब देश की जनता ने भी मोहर लगा दी है। आजतक द्वारा किए गए सर्वे में देश की जनता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सबसे अच्छा काम करने वाला सीएम माना है।

    इस सर्वे में योगी आदित्यनाथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, बिहार के सीएम नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन पर बीस साबित हुए हैं। देश के साथ-साथ राज्य की सरकारों के कामकाज को जानने और समझने के लिए आजतक ने कर्वी इनसाइट्स के साथ मिलकर सर्वे किया है। इस सर्वे में जनता से देश के अलग-अलग राज्यों में वहां की सरकार के शासन के साथ-साथ बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्टर को लेकर सवाल पूछे गए। इनमें देश की जनता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सबसे लोकप्रिय सीएम बताया है।

    यह पहला मौका नहीं है, जब देश की जनता ने उन्हें बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्टर बताया है। बीते साल भी जनता ने उन्हें देश का सबसे बेहतर काम करने वाला सीएम माना था। जो लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जानते हैं, उन्हें पता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अव्वल रहना ही पसंद है। हर कार्य को पूरे परफेक्शन और सबसे बेहतरीन करना उनका शगल रहा है। उनके इस स्वभाव को सूबे की जनता बीते पौने चार साल से देख रही है। इस दौरान जनता ने देखा कि कैसे बड़े बड़े उद्योगपतियों को यूपी में निवेश करने के लिए उन्होंने सम्मेलन आयोजित किये, किसानों के कर्ज माफ़ किये, फिर कैसे उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए युद्धस्तर पर समूची ब्यूरोक्रेसी और पुलिस को जनता की मदद में लगाया, कैसे यूपी के चिकित्सा ढ़ांचे को बदल कर रखा दिया और कैसे उन्होंने हर अस्पताल में वेंटिलेटर लगवा कर कोरोना पीड़ितों के इलाज का इंतजाम किया।

    मुख्यमंत्री के इन्ही प्रयासों का नतीजा है कि आज कोरोना से निपटने में यूपी ने देश के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया और कोरोना मैनेजमेंट में योगी सरकार देश में नंबर वन साबित हुई। उनके इन प्रयासों को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऐसे ही तमाम कार्यों के चलते ही आजतक के सर्वे में सबसे अधिक लोगों ने उनको पसंद किया और उन्हें देश का बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्टर बताया। बीते साल भी आजतक ने देश की जनता से बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्टर को लेकर सवाल पूछा था, तब भी लोगों ने योगी आदित्यनाथ का देश का नंबर वन चुना था। बीते साल के मुकाबले इस साल यूपी में मुख्यमंत्री ने अपने कामकाज से लोगों के दिलों में ज्यादा जगह बनाई है। उनको पसंद करने वालों की संख्या बढ़ी है। खास बात यह है कि योगी पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं, जिनसे तुलना की गई है उनमें से अधिकांश एक बार या उससे अधिक बार मुख्यमंत्री रह चुके है। ऐसे बतौर मुख्यमंत्री योगी की ये लोकप्रियता उनको और खास बना देती है। यह बेहतरीन कार्यशैली का भी सबूत है।



    वैसे भी साल दर साल कीर्तिमान बनाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शगल है। आज से नहीं करीब ढाई दशक से। सांसद के रुप में शुरु ये सिलसिला मुख्यमंत्री बनने के बाद भी जारी है। आजतक की ओर से किए गए सर्वे ने फिर इस बात पर मुहर लगायी है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का कोई जवाब नहीं। वर्ष 2020 में देश के सबसे तेज मुख्यमंत्रियों के लिए हुए सर्वे में भी योगी नंबर वन बनकर उभरे थे। उस सर्वे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, बंगाल की ममता बनर्जी, राजस्थान के अशोक गहलोत और मध्यप्रदेश के शिवराज सिंह चौहान पर भारी पड़े थे।

    जनता की नजर में देश के बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्टर माने गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ माह पहले फेम इंडिया की रिपोर्ट में सबसे प्रभावशाली भारतीयों की सूची में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने गये थे। अपनी ईमानदार छवि, कठोर निर्णय लेने की क्षमता तथा बुलंद इरादे की वजह से वह देश के सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़ते हुए नंबर वन बने थे। समग्रता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नंबर वन रहे। उसके बाद सीएम योगीजी का नाम लिया गया था। इस सूची में देश के कुल आठ मुख्यमंत्री शामिल थे। टॉप 10 में छठे नंबर पर केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन और दसवें नंबर पर उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक रहे। झारखंड के हेमंत सोरेन बारहवें, दिल्ली के अरविंद केजरीवाल 13वें, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 17वें, गोवा के प्रमोद सावंत 30वें और पंजाब के अमरिंदर सिंह 31वें नंबर पर रहे।

  • आईएफएफआई-51 ने ‘द फॉरगौटन हीरो’ की विशेष स्क्रीनिंग के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती के वर्ष का जश्न शुरू किया। नेताजी की विरासत अमर है और आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है।

    पणजी। भारत का 51 वाँ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्‍तर पर मनाई जा रही 125 वीं जयंती वर्ष के समारोहों में विशिष्‍ट तरीके से शामिल हो रहा है। गोवा में पणजी में फिल्‍म समारोह स्‍थल पर आज, (23 जनवरी, 2021 को) 2005 की इस फिल्म को विशेष रूप से दिखाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी द्वारा दिखाई गई वीरता और दृढ़ता का बेनेगल ने जो दिलचस्‍प वर्णन किया है उसे देखकर महोत्‍सव में शामिल प्रतिनिधियों को राहत और प्रेरणा मिलेगी। भारत के दहला देने वाले स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने कहा था “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा”, काम को अंजाम देने वाले शख्‍स थे। ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई में, उन्होंने देश के युवाओं को एकजुट होने और स्वतंत्रता के लिए लड़ने का आह्वान किया। 220 मिनट की उनके जीवन पर आधारित इस ऐतिहासिक युद्ध फिल्म में 1941-1943 के नाजी जर्मनी, 1943-1945 के दौरान जापान के कब्जे वाले एशिया में नेताजी का जीवन, और आज़ाद हिंद फौज के गठन के लिए हुई घटनाओं को दर्शाया गया है। इसमें फ्लैशबैक अनुक्रम में उनके जीवन की कहानी भी शामिल है।



    आईएफएफआई में ‘द फॉरगॉटन हीरो’ का प्रदर्शन की स्क्रीनिंग एक बेहद उचित क्षण में हो रहा है, जिस दिन भारत सरकार ने नेताजी की 125 वीं जयंती वर्ष के समारोहों का जश्न शुरू किया है। नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने और उन्हें याद करने के लिए, सरकार ने हर साल 23 जनवरी को नेताजी का जन्मदिन “पराक्रम दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पराक्रम दिवस का उत्सव हमारे नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को प्रतिकूल परिस्‍थति में दृढ़ता के साथ, और उनमें देशभक्ति के उत्‍साह की भावना का संचार कर, उसी तरह कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा, जैसा कि नेताजी ने किया था।

    विशेष स्क्रीनिंग के बारे में, महोत्‍सव के निर्देशक चैतन्य प्रसाद कहते हैं: “नेताजी सबसे प्रिय राष्ट्रीय नायकों में से एक हैं और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अत्‍यन्‍त उत्‍कृष्‍ट प्रतिरूप हैं। ‘द फॉरगॉटन हीरो’ का प्रदर्शन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अदम्य व्यक्तित्व को सम्मान देने और देश के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा को याद करने के लिए किया गया है। महान स्वतंत्रता सेनानी की 125 वीं जयंती पर, हम नेताजी के देश के लिए अद्वितीय योगदान को याद करते हैं।”


    नेताजी सुभाष चंद्र बोस: नेताजी का किरदार निभाने वाले अभिनेता और निर्देशक सचिन खेडेकर मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म को वर्ष 2005 के लिए राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है।

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  • लखनऊ। गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर एलडीए आशियाना कालोनी के वंदे भारत पार्क में देश का झंडा फहराने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसकी देखरेख रिटायर्ड मेजर बीपी पांडेय कुछ साथियों की मदद से कर रहे हैं।

    रिटायर्ड मेजर बीपी पांडेय

    जैसा कि उम्मीद की जानी चाहिए कि पार्क की साफ-सफाई का दायित्व नगर निगम की ओर से निभाया जाए, लेकिन ऐसा होता नहीं है। पार्क में सफाई, पेड़-पौधों की देखरेख नहीं की जाती। कुल मिलाकर पार्क जंगल में तब्दील हो गया है। रिटायर्ड मेजर बीपी पांडेय की मंशा हुई कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहां झंडा फहराने का कार्यक्रम किया जाए। उनकी मंशा को जानकर कुछ साथी आगे आए। मेजर ने फोन कर नगर निगम से सफाई कर्मचारियों को बुलवाया, घास काटने को मशीन भी आई और काम शुरू हो गया। अब पक्का चबूतरे का निर्माण कर पोल की स्थापना की जाएगी। उक्त पोल पर ही देश का तिरंगा फहराया जाएगा। मेजर पांडेय ने बताया कि इस कार्य में आने वाले खर्च का वहन, कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर कर रहे हैं। अब पक्के निर्माण से आगे भी कार्यक्रमों के लिए भी सुविधा मिल जाएगी।

    जानें ध्वजारोहण और झंडा फहराने में अंतर-
    15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है। इसे ध्वजारोहण कहा जाता है। वहीं 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है। उसे खोलकर फहराया जाता है जिसे झंडा फहराना कहते हैं। अंग्रेजी में ध्वजारोहण के लिए Flag Hoisting और झंडा फहराने के लिए Flag Unfurling शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

  • पुराने नोटों की सीरीज वापस लेने की योजना पर RBI कर रहा काम

    नई दिल्ली। मार्च-अप्रैल के बाद 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर हो जाएंगे! आरबीआई की तरफ से यह अहम जानकारी दी गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर बी महेश ने जानकारी दी है कि इन पुराने नोटों की सीरीज को वापस लेने की योजना पर काम हो रहा है।

    भारतीय रिजर्व बैंक के जनरल मैनेजर बी महेश के अनुसार 100 रुपए, 10 रुपए और 5 रुपए के पुराने करेंसी नोट अंततः चलन से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि आरबीआई की मार्च-अप्रैल तक इन्हें वापस लेने की योजना है। कारण ये है कि इन पुराने नोट के बदले नए नोट पहले से ही सर्कुलेशन में आ चुके हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 100 रुपए का नया नोट साल 2019 में जारी किया गया था। Reserve Bank समय-समय पर नकली नोटों के खतरे को टालने के लिए पुरानी सीरीज के नोटों को बंद कर देता है। अधिकृत ऐलान के बाद बंद किए गए सभी पुराने नोटों को बैंक में जमा कराना होता है। बैंक जमा कराए गए कुल नोटों की कीमत खाते में जमा कर देता है या नया नोट दे देता है।

    नोटबंदी के दौरान मची अफरातफरी है ध्यान:नोटबंदी में 500 और 1000 के नोट बंद करने पर मची अफरातफरी को ध्यान में रखते हुए अब आरबीआई अचानक कोई भी पुराना नोट बंद नहीं करना चाहता। इसलिए पहले बाजार में उस मूल्य का नया नोट सर्कुलेशन में लाया जाता है। इसके चलन में पूरी तरह आने के बाद ही पुराने नोट को चलन से बाहर किया जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2019 में जब 100 रुपए के नोट जारी किए तो तभी साफ कर दिया था कि पहले जारी किए गए सभी 100 रुपए के नोट भी कानूनी निविदा के रूप में जारी रहेंगे। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 2,000 रुपए के अलावा 200 रुपए के नोट जारी किए थे।

    ₹10 के सिक्कों को लेकर भी चिंतित RBI: 10 रुपए के सिक्कों को लेकर बाजार में कई तरह की अफवाह फैलाई जाती है कि यह मान्य नहीं है। ऐसे सिक्के जिन पर रुपी का चिन्ह मार्क नहीं है, कई ट्रेडर्स या छोटे दुकानदार उसे लेने से मना कर देते हैं। इस पर आरबीआई का कहना है कि यह बैंक के लिए समस्या का विषय है। इसिलए बैंक समय-समय पर इस तरह की अफवाहों से बचने का सलाह जारी करता है।

  • कायमगंज, फर्रुखाबाद में आयोजित हो रही “पहली पंचायत”
    राजनीतिक रूप से व्यापारी को करेंगे सशक्त: संदीप बंसल

    लखनऊ। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल द्वारा देश में पहली बार संगठनात्मक ढांचे को विधानसभावार तैयार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभाओं में संगठन अपनी इकाइयों को तैयार कर रहा है और इन विधानसभा इकाइयों में व्यापारी पंचायतें लगाने का कार्य आज से प्रारंभ हो रहा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने बताया कि जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज विधानसभा में पहली व्यापारी पंचायत “23 जनवरी” को आयोजित होने जा रही है, जिसमें विधानसभा के हजारों व्यापारी एकत्रित होंगे। इन विधानसभावार पंचायतों के माध्यम से व्यापारियों को राजनीतिक रूप से सशक्त करने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। संदीप बंसल ने कहा कि अभी तक संगठन का ढांचा महानगरों और जिले तक सीमित था परंतु अब विधानसभावार पूरी कार्यकारिणी का गठन करते हुए विधानसभा के स्तर पर संपूर्ण व्यापारियों को एकजुट किया जाएगा, ताकि प्रत्येक विधानसभा में व्यापारियों की सही स्थिति एवं संख्या संगठन के पास रहे और उचित अवसर पर व्यापारी शक्ति का उपयोग हो सके।
    कायमगंज के पश्चात बड़ौत, बागपत एवं बांदा में व्यापारी पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मीडिया प्रवक्ता सुरेश छबलानी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल इन सभी पंचायतों में शामिल रहेंगे।

  • मुलायम सिंह यादव की बायोपिक ‘मैं मुलायम’ फ़िल्म का धमाकेदार ट्रेलर लॉन्च

    लखनऊ। सपा नेता व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बायोपिक ‘मैं मुलायम’ का ट्रेलर धमाकेदार अंदाज़ में होटल एको ग्रैंड (Hotel Acco Grand) विकास नगर, लखनऊ में लॉन्च हुआ। उसी अवसर पर फ़िल्म डिस्ट्रीब्यूटर व डॉन सिनेमा के संचालक महमूद अली, फ़िल्म के मुख्य अभिनेता अमित सेठी, निर्मात्री मीना सेठी मंडल, अभिनेत्री सना अमीन शेख, राइटर राशिद इकबाल की विशेष उपस्थिति रही।

    एमएस फिल्म्स एंड प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित इस फ़िल्म के निर्देशक सुवेन्दु राज घोष और स्क्रिप्ट राइटर राशिद इकबाल हैं।
    इस फ़िल्म को डॉन सिनेमा पूरे विश्व भर में रिलीज करने जा रही है। यह फ़िल्म मुलायम सिंह यादव के जीवन से जुड़े रोचक पहलुओं के साथ उनके संघर्ष को पेश करेगी।

  • लखनऊ। तहसील मलिहाबाद में व्याप्त अनियमिताएं, हीलाहवाली व सुचारू रूप से कार्य ना होने के कारण मलिहाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एक अति आवश्यक बैठक महामंत्री राम सिंह यादव एडवोकेट के संचालन में आहुत की। बैठक में तमाम अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे। इससे स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि तहसील मलिहाबाद में कोई भी कर्मचारी अपने कार्यो एवं अपने दायित्वों के प्रति जिम्मेदार नहीं है। इस भीषण शीतलहर के चलते तहसील प्रांगण में कहीं भी अलाव के इंतजामात  प्रशासन द्वारा नहीं किये गए हैं।
    तहसील परिसर में दूर दराज से तमाम लोग अपने कार्य के लिए आते जाते रहते हैं, लेकिन मलिहाबाद के प्रांगण में भीषण ठंडक के बचाव हेतु  कोई अलाव का कोई इंतजाम ना होने से आम जनमानस व अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।
    महामंत्री राम सिंह यादव एडवोकेट ने बताया कि तहसील मलिहाबाद में कोई भी काम क्रमवार तरीके से नहीं हो रहा है। एक फरियादी ने आरोप लगाया कि धन उगाही के पश्चात भी लेखपाल व अन्य कर्मचारी महीनों तक दौडाते रहते हैं, अधिकारी भी अनसुना कर देते है। आलम यह है कि नायब तहसीलदार माल व न्यायिक तहसीलदार के न्यायालय के खुलने का कोई निश्चित समय नहीं है। उक्त तमाम कमियों के निराकरण हेतु एसोसिएशन ने प्रशाशन को दो दिन की मोहलत दी। तत्पश्चात आगे की रणनीति तय की जाएगी। मलिहाबाद बार एसोसियेशन ने तत्काल लकड़ी मंगाकर तहसील परिसर में जगह जगह अलाव भी जलवाए।

  • भारतीय स्टेट बैंक व्यक्तिगत और व्यावसायिक रूप से महिलाओं को बनाता है सशक्त
    महिला कर्मचारियों को शिक्षित करने में मदद करने वाले वाली सखियों का सम्मान

    •01 जुलाई 2020 को बैंक में शामिल होने वाली सभी महिला कर्मचारियों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई एक पहल

    लखनऊ। भारतीय स्टेट बैंक ने तारावाली कोठी में “सखी” की उपाधि से सुभोषित महिला ऑफिसर्स को समारोह के दौरान सम्मानित किया। यह सखी बैंक में नए महिला कर्मचारियों को बैंक के तौर तरीकों से शिक्षित करने में मदद करती हैं।

    भारतीय स्टेट बैंक, लखनऊ मंडल के मुख्य महा प्रबंधक, अजय कुमार खन्ना ने समारोह के दौरान अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “हर साल भारतीय स्टेट बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर्स और जूनियर एसोसिएट्स के रूप में नई प्रतिभाओं को शामिल करता है, जो बैंक के भविष्य बनते हैं। हमने बैंक में शामिल होने वाली सभी महिला कर्मचारियों के मेंटरशिप, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए 01 जुलाई 2020 को भारतीय स्टेट बैंक में एक मजबूत प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरआत की, जिसके अंतर्गत बैंक नैतिकता, प्रणाली, संस्कृति और पर्यावरण में उनके सुचारु परिवर्तन और आत्मसात को सुनिश्चित कर सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन युवा महिला कर्मचारियों को बैंक के काम के माहौल में सुचारू रूप से भावनात्मक और साथ ही व्यवसायी सहायता प्रदान करना है। परिणामस्वरुप महिलाएं अपने जीवन में किए गए निर्णयों से सशक्त और आत्मविश्वास महसूस करें।”

    यह पहल आने वाले दिनों में निश्चयात्मक परिणाम लाएगी। वर्तमान में, भारतीय स्टेट बैंक के लखनऊ मंडल में महिला कर्मचारियों का अनुपात 25% के बैंक स्तर के अनुपात के मुकाबले 16% है। हमारा मानना है कि लखनऊ मंडल में महिला कर्मचारियों के अनुपात को बढ़ाने के लिए सखी जैसी पहल निश्चित रूप से सकारात्मक रहेगी। सखी नई महिला कर्मचारियों को सुरक्षित, प्रेरित और सशक्त महसूस करने में मदद करेगी ताकि उनके परिवार के सदस्य/ माता-पिता/ अभिभावक भी अपने बच्चों के प्रति सुरक्षित महसूस करें। बहुत कम समय में हमने काम के माहौल में एक उल्लेखनीय अंतर देखा है। साथ ही हमारे नए कर्मचारियों ने भी यही अनुभव किया है। इस पहल के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक यूपी राज्य से अधिक महिला कर्मचारियों को भर्ती करने का दावा करता है, और आशा करते हैं कि और अधिक महिला उम्मीदवार भारतीय स्टेट बैंक में बैंकिंग कैरियर का चुनाव करेंगी।

    इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के उप महा प्रबंधक एवं मंडल विकास अधिकारी सीबीके सिंह ने कहा कि, “इस मेंटरशिप प्रोग्राम में हमारा विश्वास इन सखियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य द्वारा ही सक्षम हो पाया है। सखियों ने हमारे सपनों को वास्तविकता में लाने के लिए कड़ी मेहनत की है और हमारी
    महिला कर्मचारियों को उनकी खुशी और सुरक्षा के लिए उचित मार्गदर्शन सुनिश्चित कराया है। इस पहल का उद्देश्य है कि वे उन चीजों को साझा करने में स्वतंत्र महसूस करें जो उनके लिए मायने रखती हैं। हमारा मानना है कि यह मेंटरशिप प्रोग्राम चमत्कार कर सकता है और भारतीय स्टेट बैंक में महिलाओं के लिए एक मजबूत कार्य नैतिकता के निर्माण में उत्कृष्टता ला सकता है।”

    समारोह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक लखनऊ मंडल के मुख्य महा प्रबंधक अजय कुमार खन्ना, उप महा प्रबंधक एवं मंडल विकास अधिकारी सीबीके सिंह सहायक, महा प्रबंधक (मानव संसाधन) मयूर तोलानी और अन्य प्रतिष्ठित अधिकारी और अन्य स्टाफ के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

  • सोनू कनौजिया के प्रदेश सचिव बनने से व्यापारियों का सपा के प्रति बढ़ेगा रुझान

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की स्वीकृति व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की संस्तुति पर सपा व्यापार सभा के प्रदेश सचिव पद पर सोनू कनौजिया को मनोनीत किया गया।

    पार्टी कार्यालय पर मनोनयन पत्र सौंपने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि सपा सरकार ही व्यापारियों की हितैषी रही है जितनी सहूलियत व्यापारियों को सपा की सरकार में मिली है वह आज भी व्यापारी वर्ग याद करता है। चाहे वह चुंगी हटाने का काम हो, 3/7 स्थगित करने या वैट को व्यापारियों की सहमति के बिना नहीं लागू किए जाने का निर्णय हो, इंस्पेक्टर राज का खात्मा किया गया हो, यह सब पूर्व की सपा सरकारों में ही हुआ है। आज व्यापारी वर्ग सरकार के व्यापारी विरोधी निर्णयों की वजह से त्रस्त है। नोट बंदी हो या जीएसटी की विसंगतियां, इस सब से आज भी व्यापारी उबर नहीं पाया है। इसने व्यापारीयों को बर्बाद कर दिया है, छोटे व मझोले व्यापारी आत्महत्या करने को मजबूर हो गए हैं, अनियंत्रित लॉकडाउन ने व्यापार की स्थिति को बिगाड़ कर रख दिया है।
    प्रदेश अध्यक्ष संजय गर्ग ने सोनू कनौजिया को बधाई देते हुए कहा कि इनके प्रदेश सचिव बनने से समाजवादी पार्टी को व्यापारियों के बीच में मजबूती प्रदान होगी ।
    सपा व्यापार सभा के नवनियुक्त प्रदेश सचिव ने मनोनीत किए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर स्तर पर व्यापारियों की लड़ाई लड़ने का काम सपा व्यापार सभा करेगी। किसी भी व्यापारी को कोई भी समस्या हो तो व्यापार सभा हमेशा तत्पर मिलेगी, नित नए कानून बनाकर व्यापारियों की परेशानी को और बढ़ाया जा रहा है, जो कदापि सहन नहीं किया जाएगा प्राथमिकता के आधार पर व्यापारिक समस्याओं का हल करवाया जाएगा।

    इस दौरान एडवोकेट गौरव सैनी, तुषार कनौजिया, गौरव कनौजिया, अंकित कनौजिया, आदर्श सिंह, नगर सचिव समाजवादी पार्टी सौरभ वर्मा सुबेक शर्मा मलिहाबाद विधानसभा महासचिव मोइन खान, लाला रमीज खान, राहुल सिंह यादव, संजय कनौजिया, बृजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

  • सोनू कनौजिया के प्रदेश सचिव बनने से व्यापारियों का सपा के प्रति बढ़ेगा रुझान

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की स्वीकृति व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की संस्तुति पर सपा व्यापार सभा के प्रदेश सचिव पद पर सोनू कनौजिया को मनोनीत किया गया।

    पार्टी कार्यालय पर मनोनयन पत्र सौंपने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि सपा सरकार ही व्यापारियों की हितैषी रही है जितनी सहूलियत व्यापारियों को सपा की सरकार में मिली है वह आज भी व्यापारी वर्ग याद करता है। चाहे वह चुंगी हटाने का काम हो, 3/7 स्थगित करने या वैट को व्यापारियों की सहमति के बिना नहीं लागू किए जाने का निर्णय हो, इंस्पेक्टर राज का खात्मा किया गया हो, यह सब पूर्व की सपा सरकारों में ही हुआ है। आज व्यापारी वर्ग सरकार के व्यापारी विरोधी निर्णयों की वजह से त्रस्त है। नोट बंदी हो या जीएसटी की विसंगतियां, इस सब से आज भी व्यापारी उबर नहीं पाया है। इसने व्यापारीयों को बर्बाद कर दिया है, छोटे व मझोले व्यापारी आत्महत्या करने को मजबूर हो गए हैं, अनियंत्रित लॉकडाउन ने व्यापार की स्थिति को बिगाड़ कर रख दिया है।
    प्रदेश अध्यक्ष संजय गर्ग ने सोनू कनौजिया को बधाई देते हुए कहा कि इनके प्रदेश सचिव बनने से समाजवादी पार्टी को व्यापारियों के बीच में मजबूती प्रदान होगी ।
    सपा व्यापार सभा के नवनियुक्त प्रदेश सचिव ने मनोनीत किए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर स्तर पर व्यापारियों की लड़ाई लड़ने का काम सपा व्यापार सभा करेगी। किसी भी व्यापारी को कोई भी समस्या हो तो व्यापार सभा हमेशा तत्पर मिलेगी, नित नए कानून बनाकर व्यापारियों की परेशानी को और बढ़ाया जा रहा है, जो कदापि सहन नहीं किया जाएगा प्राथमिकता के आधार पर व्यापारिक समस्याओं का हल करवाया जाएगा।

    इस दौरान एडवोकेट गौरव सैनी, तुषार कनौजिया, गौरव कनौजिया, अंकित कनौजिया, आदर्श सिंह, नगर सचिव समाजवादी पार्टी सौरभ वर्मा सुबेक शर्मा मलिहाबाद विधानसभा महासचिव मोइन खान, लाला रमीज खान, राहुल सिंह यादव, संजय कनौजिया, बृजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

  • सैकड़ों किसान दिल्ली रवाना बागड़पुर

    बिजनौर (चांदपुर): भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह सैकड़ों समर्थकों के साथ ट्रैक्टरों के काफिले के रूप में दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ तहसील अध्यक्ष अशोक चौधरी, तहसील सचिव मोहम्मद याकूब, जिला उपाध्यक्ष राकेश प्रधान, जब्बार खान पाडला ग्राम पंचायत अध्यक्ष, जिला संरक्षक मुखिया रामपाल सिंह, भावी जिला पंचायत सदस्य वरुण गुर्जर, तहसील मीडिया प्रभारी मोहम्मद हनीफ व कालू टिकैत व भारतीय किसान यूनियन के समस्त पदाधिकारी अपने ट्रैक्टरों से दिल्ली रवाना हुए। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह के गांव भागलपुर गजरौला रोड पर एसपी सिटी बिजनौर, सीओ चांदपुर, एसडीएम चांदपुर ने रवानगी स्थान पर पहुंच कर जायजा लिया। गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन दिल्ली में अनवरत जारी है।

  • …..तो पानी लेकर लखनऊ जाएंगे, मुख्यमंत्री जी को दिखाएंगे!

    स्वच्छ पानी को लेकर मिनी छपरौली के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

    4 साल से अधूरी पड़ी खानपुर खादर में पानी की टंकी

    बिजनौर (मुरादाबाद)। मिनी छपरौली के नाम से विख्यात चांदपुर की जनता परेशान है। जल निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते ब्लाक जलीलपुर की ग्राम पंचायत खानपुर खादर में पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। जल संकट से जूझती करीब 15 हजार की आबादी में इसे लेकर गुस्सा है। ब्लाक जलीलपुर की ग्राम पंचायत खानपुर खादर में अधूरी पड़ी पानी की टंकी का बोर लगभग 4 साल पहले हुआ था। इस टंकी से करीब 15 हजार आबादी को जल संकट से बचाया जा सकता है। यहां के कई गांव का पानी दूषित पाया गया है और इस्तेमाल योग्य नहीं है। जल निगम के अधिकारियों ने भी जांच की थी। आरोप है कि विभाग कि लापरवाही के चलते इस टंकी का कार्य पूरा नहीं किया जा सका। कई बार विभागीय अधिकारीयो को पत्र लिखकर ग्राम प्रधान ने भी अवगत कराया, परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल कर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास भी किया था। तब पूर्व विधायक बिजनौर रूचिवीरा  व पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश ने मौके पर पहुंच कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। मौके पर पहुंचे जल निगम के अधिकारियों के पेयजल टंकी बनाने का भरोसा दिलाया, तब जा कर आंदोलन समाप्त किया गया था। आंदोलन ग्रामवासी राजपाल सिंह, रहीस खान, डा० खुर्शीद, हरि सिंह, चरन सिंह, मो. अनस, कालू टिकैत, मोहम्मद हनीफ, रामफल सिंह, गजनफर अली, छोटे पंडित आदि ने जिले के आला अधिकारियों से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

    …..तो पानी लेकर लखनऊ जाएंगे, मुख्यमंत्री जी को दिखाएंगे! आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि अब अखबार के माध्यम से इन अधिकारियों तक संदेश पहुचा रहे हैं। विभाग टंकी का कार्य पूरा कराए, ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके। अब भी सुनवाई नहीं हुई तो पानी लेकर लखनऊ जाएंगे और मुख्यमंत्री को दिखाएंगे।

  • बिजनौर (नजीबाबाद): राशन डीलर संघ के चुनाव में सर्वसम्मति से मनोज राठी को अध्यक्ष चुना गया है। विकासखंड नजीबाबाद क्षेत्र के 131 ग्राम पंचायतों में कार्य कर रहे सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के राशन डीलरों ने संगठनात्मक चुनाव में सर्वसम्मति से मनोज राठी पर भरोसा जताया।

    कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद में राशन डीलर संघ का संगठनात्मक चुनाव संपन्न हुआ। इस दौरान विकासखंड नजीबाबाद क्षेत्र के 131 ग्राम पंचायतों में कार्य कर रहे सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के राशन डीलरों ने सर्वसम्मति से मनोज राठी को अध्यक्ष चुना। इस अवसर पर मनोज राठी ने सभी राशन डीलरों से प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही राशन प्रणाली का पालन करने, सरकार द्वारा दी जा रही वस्तुओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया। चुनाव में गजेंद्र राठी, शेर सिंह, महेंद्र सिंह, परविंद्र कुमार, सोनू राठी,मोहम्मद यासीन, किशोर कुमार, ब्रह्मपाल सिंह, मोहम्मद शाकिर, अल्तमस, स्वाति, चन्द्रप्रकाश, मुकेश कुमार, पूनम, महीपाल सिंह, समूद अहमद, मंगत सिंह, मान सिंह, ईशम सिंह, शहजाद अहमद, राज शर्मा, अबुल हसन, फैजान अहमद सहित 110 राशन डीलरों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना।

  • देहरादून। 24 जनवरी को बालिका दिवस पर हरिद्वार जनपद की सृष्टि गोस्वामी एक दिन के लिए बाल मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगी। बहादराबाद के दौलतपुर गांव निवासी सृष्टि गोस्वामी बीएसएम पीजी कॉलेज, रुड़की से बीएससी एग्रीकल्चर कर रही हैं। मई 2018 में बाल विधानसभा में बाल विधायकों की ओर से उनका चयन मुख्यमंत्री के रूप में किया गया था। बाल विधानसभा में हर तीन वर्ष में बाल मुख्यमंत्री का चयन किया जाता है। बतौर मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी उत्तराखंड के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगी। इसके लिए नामित विभाग के अधिकारी बाल विधानसभा में पांच-पांच मिनट अपनी प्रस्तुति देंगे। बाल विधानसभा कक्ष नंबर 120 में दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक आयोजित होगी।

    उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने इस आशय का पत्र मुख्य सचिव ओमप्रकाश को प्रेषित किया है।

  • लखनऊ पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने टीम संग किया स्वागत

    लखनऊ। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जेपी नड्डा का दो दिनी लखनऊ प्रवास कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह प्रदेश में न सिर्फ संगठन और सरकार की गतिविधियों पर गौर कर आवश्यक दिशानिर्देश जारी करेंगे, बल्कि पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के साथ मिशन 2022 की नींव भी रखेंगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं से लेकर विधायकों व सांसदों को ‘पॉलिटिक्स ऑफ परफॉरमेंस’ का मंत्र देने के साथ ही आम लोगों को ‘गुड गवर्नेंस’ का अहसास कराने की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। वह सोशल मीडिया वालंटियर्स समेत अलग-अलग फोरम पर काम करने वाले लोगों से लेकर समाज की राय बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रबुद्धजनों के सम्मेलन में भी पार्टी की रीति-नीति बताएंगे। शुक्रवार की सबह श्री नड्डा लखनऊ के चिनहट ग्रामीण मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 11 बजे सीएमएस गोमतीनगर विस्तार में आयोजित लखनऊ महानगर और जिला के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। अवध क्षेत्र के पार्टी विधायकों-सांसदों के साथ भी बैठक होगाी।

    इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गुरुवार शाम लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, सूर्य प्रताप साही, दारा चौहान, महेंद्र सिंह, अशोक कटारिया सहित कई मंत्री वहां मौजूद रहे।

  • काकोरी की सरजमीं पर हुआ शिवपाल सिंह यादव का भव्य स्वागत

    लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव का गुरुवार को उन्नाव जाते समय मोहान रोड पर प्रसपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पर भव्य स्वागत किया। घुर घरी का तालाब पर युवा नेता कस्बा काकोरी निवासी अनिल यादव के नेतृत्व में चौधरी मुलतान सिंह यादव, पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला के निजी सचिव रज्जनलाल अवस्थी, चौधरी शैलेन्द्र विक्रम सिंह यादव, केआरडी सिंह यादव सहित दर्जनों समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे के पास युवा नेता अनुज शुक्ला के नेतृत्व में मोटरसाइकिल रैली लेकर आये सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। फतेहगंज में प्रसपा प्रदेश सचिव एवं सरोजनी नगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रजनीश सिंह यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने भव्य स्वागत किया। प्रसपा समर्थकों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत। इस अवसर पर प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के साथ चल रहे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर राम सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर लाल लोधी, प्रदेश महासचिव विनीत शुक्ला बीनू, प्रदेश महामंत्री अजय त्रिपाठी मुन्ना, महिला सभा की लखनऊ जिलाध्यक्ष शान्ती यादव, प्रसपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी, पिछड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा का भी कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर स्वागत किया।

  • सनराइजर्स हैदराबाद ने किया सबसे अधिक 21 खिलाड़ियों को रिटेन, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने जताया सबसे कम खिलाड़ियों पर भरोसा

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सभी 8 फ्रेंचाइजी ने 2021 में होने वाली लीग से पहले अपनी टीमों की तस्वीर लगभग साफ कर दी है। इन सभी टीमों ने 20 जनवरी को उन खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी, जिन्हें वे आईपीएल 2021 में रिेटेन कर रही हैं, यानि जिनसे वे अपना करार आगे बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही उन खिलाड़ियों की लिस्ट भी बन गई है, जिनका करार खत्म हो गया है। जिन खिलाड़ियों को 8 फ्रेंचाइजी ने रिटेन नहीं किया है, वे अब फरवरी में होने वाली नीलामी में शामिल हो सकेंगे। सारे खिलाड़ियों की बात की जाए तो कुल 133 खिलाड़ी रिटेन किए गए हैं और 52 की हुई छुट्टी कर दी गई है।

    आईपीएल 2021 की नीलामी से पहले 8 टीमों की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। सनराइजर्स हैदराबाद ने सबसे अधिक 21 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने सबसे कम खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। उसने 2020 में टीम में शामिल 12 खिलाड़ी को ही 2021 में मौका देने का निर्णय लिया है। दिल्ली कैपिटल्स ने 19 और चेन्नई सुपरकिंग्स ने 18 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स ने 17-17 खिलाड़ियों से अपना करार बरकरार रखा है। किंग्स इलेवन पंजाब ने 16 और कोलकाता नाइटराइडर्स ने 13 खिलाड़ियों के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ाया है। टीमों की पूरी लिस्ट:-

    सनराइजर्स हैदराबाद: रिटेन खिलाड़ी: केन विलियम्सन, डेविड वॉर्नर, मनीष पांडे, विराट सिंह, प्रियम गर्ग, समद, भुवनेश्‍वर कुमार, खलील अहमद, संदीप शर्मा, सिद्धार्थ कौल, टी नटराजन, अभिषेक शर्मा, शहबाज नदीम, मिचेल मार्श, विजय शंकर, मोहम्‍मद नबी, राशिद खान, ऋद्धिमान साहा, श्रीवत्‍स गोस्‍वामी, बासिल थम्‍पी और जेसन होल्‍डर। रिलीज खिलाड़ी: बिली स्‍टैनलेक, फैबियन एलन, बवांका संदीप, संजय यादव, पृथ्‍वी राज।

    रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर: रिटेन खिलाड़ी: विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, युजवेंद्र चहल, देवदत्‍त पडिक्‍कल, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्‍मद सिराज, नवदीप सैनी, एडम जम्‍पा, शहबाज अहमद, जोश फिलिप, केन रिचर्ड्सन और पवन देशपांडे। रिलीज खिलाड़ी: मोईन अली, शिवम दुबे, उमेश यादव, एरोन फिंच, क्रिस मॉरिस।

    दिल्ली कैपिटल्स: रिटेन खिलाड़ी: शिखर धवन, पृथ्वी शॉ, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, अमित मिश्रा, इशांत शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, ललित यादव, हर्षल पटेल, आवेश खान, प्रवीन दुबे, कैगिसो रबाडा, एनरिच नॉर्खिया, मार्कस स्टोइनिस, शिमरोन हेटमायर, क्रिस वोक्स, डेनियल सैम्स। रिलीज खिलाड़ी: मोहित शर्मा, तुषार देशपांडे, कीमो पॉल, संदीप लामिछाने, एलेक्स कैरी, जेसन रॉय।

    चेन्नई सुपर किंग्स: रिटेन खिलाड़ी: महेंद्र सिंह धोनी, रुतुराज गायकवाड़, सुरेश रैना, सैम करेन, जोश हेजलवुड, इमरान ताहिर, फाफ डुप्लेसी, ड्वेन ब्रावो, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, कर्ण शर्मा, अंबाती रायडू, मिचेल सैंटनर, रविंद्र जडेजा, नारायण जगदीशन, केएल आसिफ, लुंगी एनगिडी, साई किशोर। रिलीज खिलाड़ी: केदार जाधव, पीयूष चावला, मोनू सिंह, मुरली विजय, हरभजन सिंह, शेन वॉटसन।

    मुंबई इंडियंस: रिटेन खिलाड़ी: रोहित शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, क्विंटन डिकॉक, अनमोलप्रीत सिंह, आदित्य तारे, क्रिस लिन, सौरभ तिवारी, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, कायरन पोलार्ड, जयंत यादव, ट्रेंट बोल्‍ट, जसप्रीत बुमराह, मोहसिन खान, राहुल चाहर और अनुकूल रॉय। रिलीज खिलाड़ी: लसिथ मलिंगा, नाथन कूल्‍टर नाइल, मिचेल मैक्‍लेघन, रदरफोर्ड, जेम्‍स पैटिंस, दिग्‍विजय, प्रिंस बलवंत।

    राजस्थान रॉयल्स: रिटेन खिलाड़ी: संजू सैमसन, बेन स्‍टोक्‍स, जोफ्रा आर्चर, जोस बटलर, रियान पराग, श्रेयस गोपाल, राहुल तेवतिया, महिपाल लोमरोर, कार्तिक त्‍यागी, एंड्रयू टाइ, जयदेव उनादकट, मयंक मार्कंडेय, जशस्‍वी जायसवाल, अनुज रावत, डेविड मिलर, मनन वोहरा और रॉबिन उथप्‍पा। रिलीज खिलाड़ी: स्‍टीव स्मिथ, अंकित राजपूत, ओशाने थॉमस, आकाश सिंह, वरुण आरोन, टॉम कुरेन, अनिरुद्ध जोशी और शशांक सिंह।

    किंग्स XI पंजाब: रिटेन खिलाड़ी: केएल राहुल, क्रिस गेल, मयंक अग्रवाल, निकोलस पूरन, मनदीप सिंह, सरफराज खान, दीपक हुड्डा, प्रभसिमरन सिंह, मोहम्‍मद शर्मी, क्रिस जोर्डन, दर्शन नलकांदे, रवि बिश्‍नोई, मुरुगन अश्विन, अर्शदीप सिंह, हरप्रीत बरार, इशान पोरेल। रिलीज खिलाड़ी: ग्‍लेन मैक्‍सवेल, शेल्‍डन कॉट्रेल, करुण नायर, हार्दुस विलजोन, जगदीश सुचित, मुजीब उर रहमान, जिमी नीशाम, कृष्‍णा गौतम, तजिन्‍दर सिंह।

    कोलकाता नाइटराइडर्स: रिटेन खिलाड़ी: ऑयन मॉर्गन, आंद्रे रसेल, दिनेश कार्तिक, कमलेश नागरकोटी, कुलदीप यादव, लॉकी फर्ग्युसन, नीतिश राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, रिंकू सिंह, संदीप वॉरियर, शिवम मावी, शुभमन गिल, सुनील नरेन। रिलीज खिलाड़ी: टॉम बैंटन, क्रिस ग्रीन, सिद्धेश लाड, निखिल नाइक, एम सिद्धार्थ, हैरी गुर्ने।

  • ईपीएफओ ने जारी किए पेरोल आंकड़े, चालू वित्त वर्ष (अप्रैल से नवंबर, 2020 तक) लगभग 45.29 लाख नए सदस्य जोड़े

    नई दिल्ली। ईपीएफओ ने 20 जनवरी को, अनंतिम पेरोल आंकड़े जारी किए हैं। इसके अंतर्गत नवंबर, 2020 के माह में ईपीएफओ के साथ 10.11 लाख नए सदस्य जुड़ गए हैं। कोविड-19 महामारी होने के बावजूद, ईपीएफओ ने चालू वित्त वर्ष (अप्रैल से नवंबर, 2020 तक) लगभग 45.29 लाख नए सदस्य जोड़े हैं। प्रकाशित किए गए आंकड़ों में उन सभी नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है जो इस माह के दौरान शामिल हुए हैं और जिनका योगदान प्राप्त हो चुका है। नवंबर, 2020 माह में, लगभग 6.41 लाख नए सदस्य ईपीएफओ में शामिल हुए हैं। लगभग 3.70 लाख कुल सदस्य बाहर निकल गए और फिर ईपीएफओ से जुड़ गए, जो ईपीएफओ द्वारा कवर किए गए प्रतिष्ठानों के अंदर सदस्यों द्वारा नौकरियों की अदला-बदली का संकेत देते हैं और सदस्यों द्वारा अंतिम निपटारा का विकल्प चुनने के बजाय फंड के हस्तांतरण के माध्यम से अपनी सदस्यता बरकरार रखने की पुष्टि करते हैं। बाहर निकलने वाले सदस्यों का फिर से इसमें वापस आना इस बात का भी संकेत देता है कि भारत में कोविड-19 के सक्रिय मामलों में हो रही गिरावट के साथ ही सदस्य अपनी नौकरी पर वापस लौट रहे हैं। अगर उम्र के आधार पर नए सदस्यों का विश्लेषण किया जाये तो नवंबर 2020 माह में सबसे ज्यादा जुड़ने वाले नए सदस्य 22-25 वर्ष के हैं, जिसकी संख्या 2.72 लाख है। उसके बाद 18-21 वर्ष के लोग हैं जिनकी संख्या 2,21 लाख है।  18-25 आयु वर्ग के सदस्यों को श्रम बाजार में नए रोजगार के रूप में देखा जा सकता है और नवंबर, 2020 में इन नए सदस्यों द्वारा लगभग 48.72 प्रतिशत का योगदान दिया गया है।

    राज्यों के पेरोल आंकड़ों की तुलना करने से पता चलता है कि महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक रोजगार रिकवरी चक्र में सबसे आगे बने हुए हैं और इन राज्यों में वित्त वर्ष 2020-21 (अप्रैल से नवंबर, 2020 तक) के दौरान सभी उम्र के लोगों के आधार पर नए सदस्यों की संख्या में 53 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। विशेषज्ञ सेवा श्रेणी में उद्योग का श्रेणीवार विश्लेषण करने से पता चलता है कि (जिसमें मुख्य रूप से मैनपावर एजेंसियां, निजी सुरक्षा एजेंसियां और छोटे ठेकेदार शामिल हैं) सभी आयु समूहों में चालू वित्त वर्ष के दौरान 23.45 लाख की संख्या में संयुक्त पेरोल में योगदान करके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी अवधि के लिए यह शीर्ष दस उद्योग श्रेणियों के लिए शुद्ध नए पेरोल का लगभग 60 प्रतिशत हैं। हालांकि, बिल्डिंग और निर्माण उद्योग, इंजीनियर और इंजीनियरिंग कांट्रैक्टर क्षेत्र, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या जनरल इंजीनियरिंग उत्पाद जैसे अन्य उद्योगों के प्रदर्शन का वर्गीकरण करने से पता चलता है कि अन्य क्षेत्रों में भी रिकवरी शुरू हो चुकी है।

    महिलाओं की कुल संख्या 1.43 लाख- नवंबर 2020 माह के लिए, लिंग-वार विश्लेषण करने से पता चलता है कि नए सदस्यों में महिलाओं की हिस्सेदारी अक्टूबर, 2020 में 21.64 प्रतिशत और नवंबर, 2020 में 22.40 प्रतिशत हो गई है। नवंबर, 2020 माह में ईपीएफ योजना में कुल 6.41 लाख शुद्ध सदस्य शामिल हुए, जिनमें महिलाओं की कुल संख्या 1.43 लाख है। ईपीएफओ, एक सामाजिक सुरक्षा संगठन के रूप में अपनी अवधारणा की पुष्टि करता है, जिसका उद्देश्य सार्वभौमिक कवरेज प्रदान करना है और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपने हितधारकों को निर्बाध और निरंतर सेवाओं का वितरण सुनिश्चित करना है। पेरोल के यह आंकडे अनंतिम है क्योंकि कर्मचारियों के रिकॉर्ड को अपडेट करना एक निरंतर होने वाली प्रक्रिया है और इसलिए इन्हें प्रत्येक माह के आधार पर अपडेट किया जाता है।

  • पीवीआर पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में नशा मुक्त अभियान

    मलिहाबाद में आयोजित हुआ नशा मुक्ति अभियान का पहला संकल्प समारोह, ग्रामीण युवाओं ने लिया नशा न करने का संकल्प। कौशल मिशन प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर सांसद ने युवाओं को दिलाया नशा न करने का संकल्प।

    लखनऊ। मैं उन घरों के चिरागों को जलाये रखना चाहता हूं, जो नशे की आँधी में बुझ जाया करते हैं। कुछ इसी अंदाज में मोहनलालगंज से भाजपा सांसद कौशल किशोर ने मलिहाबाद के अटौरा गांव स्थित पीवीआर पब्लिक जूनियर हाईस्कूल स्कूल में आयोजित नशा मुक्ति संकल्प समारोह में छात्र एवं छात्राओं को सम्बोधित किया। ‘कौशल विकास मिशन’अंतर्गत विद्यालय कैम्पस में खोले गए प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन करने पहुंचे क्षेत्रीय सांसद ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी गम्भीर बीमारी है, जिसकी चपेट में युवा वर्ग तेजी से आता है, उसे हम नशे की इस बीमारी से बचना चाहते है। सांसद ने भावुक होते हुए कहा कि इस नशे की वजह से हमने अपना जवान बेटा खोया है। जब किसी मां बाप के कंधे पर जवान बेटे की अर्थी होती है, वह दर्द क्या होता है, उसको भी हमने सहा है। उन्होंने समारोह में आये सैकड़ों छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज का युवा वर्ग शौकिया तौर पर साथी संघियों के साथ नशे की संगत में पड़ जाता है। वह लोग यह कहकर नशे की शुरुआत करा देते हैं कि आज तो होली है, आज न्यू ईयर है, आज वैलेंटाइन डे है, आज तो इंज्वॉय बनता है। थोड़ी सी पी लो, फिर मत पीना, जिसे हम आप भी अनदेखा कर देते है। हमारी आपकी बस इसी एक गलती से युवाओं की बर्बादी शुरू हो जाती है। अगर आपने पहले दिन ही किसी प्रकार के नशे के लिए मना कर दिया तो फिर जिंदगी भर खुशियां आपका दामन नहीं छोड़ेंगी।

    उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकारें युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से कौशल विकास मिशन के तहत गांव गांव प्रशिक्षण करा रही हैं, ताकि देश का युवा खुद प्रशिक्षित होकर खुद का बिजनेस शुरू कर सके। इस लिए नशे को न, खुशियों को हां कहते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। इस मौके पर कौशल विकास मिशन के प्रोजेक्ट हेड मनीष प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख काकोरी राम बिलास रावत, पूर्व प्रधान पुरवा रमेश चन्द्र,बन्धन इंफ्रा स्टेट के सीएमडी अनीत सिंह, एमडी विपिन कुमार रावत, अजय यादव मीनू वर्मा, अमरेश मौर्य,निरंजन सिंह, लल्ला यादव, शेखर कनौजिया सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

  • पाल तिराहे उपकेंद्र पर भ्रष्टाचार का बोलबाला, विरोध में उ.प्र.अपना व्यापार मंडल हुआ लामबंद

    लखनऊ। उ.प्र.अपना व्यापार मंडल की अतिआवश्यक बैठक मारुति पुरम निकट लेखराज स्थित संगठन के कार्यालय पर सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा एवं संचालन प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि राजाजीपुरम पाल तिराहे उपकेंद्र पर भ्रष्टाचार का बोलबाला है। पाल तिराहा उपकेंद्र पर तैनात जूनियर इंजीनियर हेमंत राय द्वारा लगातार उपभोक्ताओं एवं व्यापारियों का उत्पीड़न जारी है। विभागीय अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। आरोप लगाया कि जेई हेमन्त राय द्वारा मानक के विपरीत कई लम्बी दूरी के कनेक्शन मोटी रकम लेकर जारी कर दिये गये, जबकि वास्तविक आवेदकों के कनेक्शन क्वेरी लगाकर निरस्त किये गये हैं। उन्हें बताया गया कि यह एरिया अनइलेक्टिफाइड है, जबकि आवेदकों के परिसर से पोल की दूरी मात्र 6-7 मीटर है, 630 केवी ट्रांसफार्मर भी एकदम पास में है। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि जेई हेमंत राय द्वारा मोटी रकम लेकर कई बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स में नियम विपरीत कनेक्शन जारी कर दिये गये। कई व्यापारियों से इस्टीमेट के नाम पर अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर कई काम विभागीय नियम के विपरीत जेई हेमंत राय द्वारा किए गए। सारे मामलों को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से पूरे मामले मे हस्तक्षेप कर जेई हेमंत राय को बर्खास्त कर विभागीय जांच की मांग की गई, जिससे व्यापारियों व आमजन मे विभाग के प्रति विश्वास पैदा हो सके। इस बैठक में संस्थापक शिव बहादुर पटेल, अनिल वर्मा, अजय यादव, संतोष सिंह, संजीव गुप्ता, अजीत सिंह, हरिशंकर वर्मा, जतिन शुक्ला, अमित श्रीवास्तव, आशीष पाण्डेय आदि प्रमुख व्यापारीगण मौजूद थे।

  • किसानों को जागरूक करने के लिए कांग्रेस ने की बैठक
    लखनऊ। संगठन सृजन और किसान जागरुक अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में न्याय पंचायत जोरिया के चाइना चौराहे पर बैठक हुई। बैठक में लोगों से कांग्रेस से जुड़ने की अपील की गई।

    संगठन सृजन और किसान जागरुक अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मलिहाबाद ब्लॉक की न्याय पंचायत जोरिया के अंतर्गत चाइना चौराहे पर एक बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि पिछले 6 साल से देश की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार जनता में विश्वास खो चुकी है। जिस उम्मीदों के साथ देश की जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी थी, वह पूर्णतया विफल हो चुकी है। सरकार ने देश का संवैधानिक ढांचा खत्म करके रख दिया। सरकार ने किसान विरोधी बिल के रूप में जो काला बिल पारित किया है, वह किसान के हित में कतई नहीं है। आगे चलकर यह बिल पूंजीपतियों के अनुकूल होगा। इसको लेकर किसान 2 महीने से दिल्ली बॉर्डर पर बिल वापस करने को सरकार से संघर्ष कर रहे हैं। लगभग 60 किसानों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन यह अंधी बहरी सरकार किसानों की सुनने वाली नहीं है।

    उक्त बैठक में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान, छोटे मियां, विधानसभा प्रभारी गौरी पांडेय, कपिल द्विवेदी, संतोष मौर्य, जिला उपाध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, ब्लॉक उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह कथा न्याय पंचायत अध्यक्ष सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

  • सरकार-किसान संगठनों के बीच हुई 10वें दौर की बैठक। अब 22 को अगले चरण की बातचीत। संगठनों को कानूनों पर एतराज हो या देना चाहते हैं कुछ सुझाव तो सरकार चर्चा करने के लिए सदैव तैयार।

    नई दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से पुन: आग्रह करते हुए कहा कि कानूनों को रिपील करने के अलावा इन प्रावधानों पर बिन्दुवार चर्चा करके समाधान किया जा सकता है। पिछली बैठकों में अन्य विकल्पों पर चर्चा न होने की वजह से कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया था।

    कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने आज 20 जनवरी, 2021 को विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में आयोजित 10वीं बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से अगले दौर की वार्ता की। दसवें गुरु गोविन्द सिंह जी के 354वें प्रकाश पर्व पर सभी को बधाई देने के बाद उन्होंने किसान संगठनों को आंदोलन के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया और आंदोलन समाप्त करने के लिए पुन: आग्रह किया। सरकार द्वारा कहा गया कि अब तक कृषि सुधार से संबंधित तीनों कानूनों तथा एमएसपी के सारे आयामों पर बिन्दुवार सकारात्मक चर्चा नहीं हुई है। सरकार ने यह भी कहा कि हमें किसान आंदोलन को संवेदनशीलता से देखना चाहिए तथा किसानों व देशहित में समग्रता की दृष्टि से उसे समाप्त करने के लिए ठोस प्रयास करना चाहिए। संगठनों को इन कानूनों पर एतराज है या कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो हम उन बिंदुओं पर आपसे चर्चा करने के लिए सदैव तैयार हैं। कृषि मंत्री ने पुन: आग्रह करते हुए कहा कि कानूनों को रिपील करने के अलावा इन प्रावधानों पर बिन्दुवार चर्चा करके समाधान किया जा सकता है। पिछली बैठकों में अन्य विकल्पों पर चर्चा न होने की वजह से कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया था, अत: हम आज की चर्चा को सार्थक बनाने का आग्रह करते हैं। प्रारम्भ से ही सरकार विकल्पों के माध्यम से किसान प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने के लिए खुले मन से प्रयास कर रही है। सरकार कृषि क्षेत्र को उन्नत और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

    किसानों की जमीन हड़पने की ताकत किसी में नहीं

    किसानों की जमीन हड़पी जाने संबंधी भ्रांति दूर करते हुए श्री तोमर ने साफ-तौर पर कहा कि इन कानूनों के रहते कोई भी व्यक्ति देश में किसानों की जमीन हड़पने की ताकत नहीं रखता। हम खेती को आगे बढ़ाने और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये कानून किसानों के जीवन में क्रान्तिकारी बदलाव लाएंगे, जिससे किसानों की दशा-दिशा बदलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। परम श्रद्धेय सर्वंशदानी श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर, कड़कड़ाती सर्दी में चल रहे किसान आन्दोलन की समाप्ति को दृष्टिगत रखते हुए, सरकार की तरफ से यह प्रस्ताव दिया गया कि कृषि सुधार कानूनों के क्रियान्वयन को एक से डेढ़ वर्ष तक स्थगित किया जा सकता है।

    इस दौरान किसान संगठन और सरकार के प्रतिनिधि किसान आन्दोलन के मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श करके उचित समाधान पर पहुंच जा सकते हैं। इस पर किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वह सरकार के प्रस्ताव पर 21 जनवरी को विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे और 22 जनवरी 2021 को दोपहर 12 बजे विज्ञान भवन में संपन्न होने वाली बैठक में सरकार को अवगत करायेंगे। वार्ता सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। ****

  • भूमाफिया के सामने लाचार चांदपुर पालिका प्रशासन

    योगी बाबा के राज में हो रहा जमीन पर कब्जा! भूमाफिया के सामने लाचार चांदपुर पालिका प्रशासन

    UP में एंटी भू माफिया पोर्टल का शुभारम्भ राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पिछले साल के अंतिम माह में किया था। इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश के किसान और नागरिक अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    लखनऊ। जिला बिजनौर की नगर पालिका परिषद चांदपुर क्षेत्र में कर्मचारियों, अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जा कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। सभासदों व जागरुक नागरिकों की शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होना साबित करता है कि भूमाफिया के हौसले बेहद बुलंद हैं।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। बड़े से बड़े दिग्गजों के अवैध निर्माण गिराए जा रहे हैं, या जब्त करने की कार्रवाई हो रही है। इसके बावजूद मंडल मुरादाबाद के अंतर्गत जिला बिजनौर की तहसील चांदपुर में भूमाफिया सक्रिय हैं। जानकारी के अनुसार मुहल्ला काजीजागदान में नगर के गन्दे पानी की निकासी के लिए मुख्य नाला निकला हुआ है। इसकी पटरी पर भूमाफिया द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। सभासद परवेज व अशरफ के अलावा कई जागरूक नागरिकों ने सरकारी जमीन पर कब्जा और निर्माण होते देखा तो रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने इस बात की शिकायत नगर पालिका की आराजी की देखरेख कर रहे कर्मचारी व अवर अभियंता उमेश बाबू को मोबाइल फोन पर सूचना देकर शिकायत की। आरोप है कि इसके बावजूद किसी ने भी न तो मौके पर आने की जहमत उठाई और न ही काम रुका। यह रवैया इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि पालिका परिषद के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से ही भूमाफिया के हौसले बुलंद हैं।

    शिकायतकर्ताओं ने अधिशासी अधिकारी/एसडीएम से संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। सभासद अशरफ ने बताया कि शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मंडलायुक्त मुरादाबाद, नगर विकास मंत्री उत्तर प्रदेश व मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है। उन्होंने बताया कि चार वर्ष पूर्व भी इस स्थान पर एक अवैध निर्माण कार्य हुआ था। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर ध्वस्त कर दिया गया था।

  • लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के जिलाध्यक्ष लवकुश यादव द्वारा प्रेषित सूची में से लखनऊ जिला के 6 ब्लाक अध्यक्षों के नामों पर बुधवार को घोषणा की गई। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव, राष्ट्रीय महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह, वीरेन्द्र कुमार रावत की सहमति से ब्लाक-बक्शी का तालाब में देवेन्द्र सिंह, चिनहट में राकेश यादव, काकोरी में दिपांशु वर्मा, मलिहाबाद में भइय्या लाल यादव, सरोजनीनगर में उदय यादव तथा गोसाईगंज में शिव कुमार यादव के नामों की घोषणा की गयी है।

    राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के सदस्यगणों द्वारा नवनिर्वाचित ब्लाक अध्यक्षों को हार्दिक बधाई देने वालों में मुख्य रूप से चौधरी इंद्रपाल सिंह, सत्यपाल वर्मा, जय सिंह, रामलखन बघेल, सरोजनी वर्मा, रामदुलारे वाल्मीकि, शशांक मालवीय, सर्वेश यदुवंश, वीरेंद्र कुमार रावत, अरविंद यादव, मुलायम यादव, दुर्गेश पाल, करमचंद, रोहित यादव, विमल यादव, सुभाष गोस्वामी, अनिल यादव, कालीचरण, सद्दाम हुसैन, रंजीत यादव, मोहित कुमार, अमित मिश्रा, मोहम्मद आरिफ, ललित साहू, बलराम यादव, प्रवीण कुमार सिंह, नन्द किशोर यादव आदि सदस्यगण शामिल हैं।

  • मोदी सरकार के अंतर्गत प्रधानमंत्री-आवास योजना से उत्‍तर प्रदेश के लोगों को लाभ मिला

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने कहा है कि वर्तमान सरकार के अंतर्गत पीएम आवास योजना तेजी से आगे बढ़ी है और उत्तर प्रदेश में गरीबों की मदद की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्‍तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के तहत 6 लाख से अधिक लाभार्थियों को आज वित्तीय सहायता जारी करने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत देश के नागरिकों के आत्म-विश्वास से सीधे जुड़ा हुआ है और अपना एक घर होना इस आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है। अपने-स्वामित्व वाला घर जीवन में विश्‍वास पैदा करने और गरीबी से बाहर आने की आशा भी देता है। प्रधानमंत्री ने याद किया कि पिछली सरकारों के समय में, गरीबों को यह भरोसा नहीं था कि सरकार उनके घर का निर्माण करवाने में मदद कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की योजना में बने मकान अच्‍छी हालत में नहीं थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों को गलत नीतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। इस दुर्दशा को ध्यान में रखते हुए, आजादी के 75 साल पूरे होने से पहले हर गरीब परिवार को घर मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में हाल के वर्षों में 2 करोड़ आवास इकाइयों का निर्माण किया गया है, पीएम आवास योजना में 1.25 करोड़ इकाइयों का योगदान है, जिसमें केन्‍द्र सरकार का योगदान लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ने राज्य में पिछली सरकारों की प्रतिक्रिया की कमी को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 22 लाख ग्रामीण आवास का निर्माण किया जाना है, जिसमें से 21.5 लाख निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान सरकार के तहत 14.5 लाख परिवारों को अपना घर मिल चुका है। ****

  • हल्द्वानी। मैक्स अस्पताल दिल्ली में एसपी ट्रैफिक राजीव मोहन का मंगलवार की शाम निधन हो गया। 29 दिसंबर को नैनीताल में ड्यूटी के दौरान बुखार आने पर उन्होंने अगले दिन कोरोना का टेस्ट कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें एसटीएच में भर्ती कराया गया था। दो दिन भर्ती रहने के बावजूद हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें चार जनवरी को दिल्ली के मैक्स अस्पताल लाया गया। वहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार की शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व एसएसपी सुनील कुमार मीणा कोरोना पॉजिटिव होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे। उनके डिस्चार्ज होते ही राजीव को भी कोरोना हो गया।

    उधर एसपी की हालत गंभीर होने की जानकारी मिलने पर उनकी पत्नी इंदू नैनवाल और मां नंदी देवी की हालत खराब हो गई। ईसाईनगर प्रथम के वीरान जंगल में लामाचौड़ स्थित आवास पर शाम के समय दोनों को संभालने के लिए महिला उपनिरीक्षक मंजू ज्याला, उपनिरीक्षक सुमन लखचौरा को तैनात किया गया। एसपी राजीव मोहन के पिता सुरेंद्र कुमार उनकी पार्थिव देह को लेने के लिए दिल्ली गए हुए थे। मुखानी पुलिस की टीम एसपी के आवास पर देर रात तक मौजूद रही। एसपी (ट्रैफिक) राजीव मोहन का पहली पत्नी से तलाक हो गया था। पहली पत्नी से दो बच्चे हैं। दूसरी शादी डेढ़ साल पहले इंदू नैनवाल से हुई थी।

    अल्मोड़ा जिले में ग्राम पंचायत जेठुआ (मासी) के पुराना डांग निवासी राजीव मोहन (40 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र सिंह 2009 बैच के पीपीएस अधिकारी थे। दो जनवरी 2019 को अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर उनकी प्रोन्नति हुई थी। इसके पहले सीओ पद पर पिथौरागढ़ में 2009 से 2013, ऊधमसिंह नगर में नवंबर 2013 से मार्च 2017 तक तैनात थे। सहायक सेनानायक आईआरबी प्रथम में मार्च 2017 से जून 17 तक तैनात रहे। नैनीताल जिले में जून 2017 से एक जनवरी 2019 तक रहे। एसएसपी ने उन्हें कोरोना महामारी का नोडल आफिसर भी नियुक्त किया था। वह पिछले छह माह से तबादले के लिए प्रयासरत थे।

  • निरीक्षण दलों ने धूल और उससे होने वाले वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए नियमों का अनुपालन न करने वाली एजेंसियों पर लगभग 76 लाख रुपये का शुल्‍क लगाया। 27 स्थानों पर काम रोकने के आदेश दिए गए। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर 2020 से 15 जनवरी 2021 के बीच निरीक्षण अभियान चलाया गया

    नई दिल्ली। निर्माण व विध्वंस गतिविधियों से निकलने वाली धूल और उससे होने वाले वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए केंद्र सरकार सख्त हो गई है। इस उद्देश्य से दिल्ली-एनसीआर एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,  हरियाणा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को विशेष टीमों का गठन करने का निर्देश दिया गया। इसी के साथ परियोजना से जुड़े परिसरों के साथ-साथ एनसीआर में निर्माण व विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों से संबंधित सामग्री की ढुलाई का निरीक्षण करने का अभियान शुरू करने का भी निर्देश दिया। इसके अनुपालन में 1600 से भी अधिक सीएंडडी स्‍थलों पर लगभग 174 टीमों का गठन करके इन एजेंसियों द्वारा 31.12.2020 से 15.01.2021 तक निरीक्षण किया गया। इनमें से लगभग 119 स्‍थलों पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित विभिन्न सीएंडडी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों/दिशा-निर्देशों और धूल शमन उपायों का अनुपालन न करते हुए पाया गया। इसमें दोषी पाई गई एजेंसियों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति प्रभार के रूप में लगभग 51 लाख रुपये का शुल्‍क लगाया गया। इसके अलावा 27 स्थानों पर काम रोकने के आदेश दिए गए। निरीक्षण दलों ने सीएंडडी गतिविधियों से संबंधित सामग्री की ढुलाई के संबंध में भी नियम अनुपालन की जांच की। सीएंडडी सामग्री की ढुलाई से संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करने वाले लगभग 563 वाहनों पर लगभग 25 लाख रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति प्रभार या शुल्क लगाया गया। सीएक्यूएम ने सीएंडडी क्षेत्र से उत्‍पन्‍न होने वाले धूल प्रदूषण में कमी लाने हेतु सीएंडडी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रदूषण बोर्डों से कहा है कि वे इस तरह के पाक्षिक  अभियान को निरंतर जारी रखें। सीएंडडी क्षेत्र से होने वाले धूल प्रदूषण के कारण ही इस क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता निरंतर बिगड़ती जा रही है। ***

  • काकोरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा में किया गया विकास खंड स्तरीय ग्रामीण खुली खेल-कूद प्रतियोगिता वर्ष 2020-21 का आयोजन

    लखनऊ। काकोरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा में विकास खंड स्तरीय ग्रामीण खुली खेल-कूद प्रतियोगिता वर्ष 2020-21 का आयोजन किया गया। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग, जनपद लखनऊ के तत्वावधान में खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उदघाटन ब्लॉक प्रमुख कुँवर राम विलास द्वारा दीप प्रज्वलन व माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात खेल कूद प्रतियोगिता प्रारम्भ की गई। इस दौरान दौड़ (बालक/बालिका)
    100, 200, 400, 800, 1500 व 3000 मीटर। लंबी कूद(बालक/बालिका) बॉलीबाल (बालक/बालिका)। भारोत्तोलन (बालक/बालिका) आदि खेलों का आयोजन किया गया।

    100 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0प्रीति को प्रथम स्थान तथा कु0मनस्वी कनौजिया को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ तथा पुरुष वर्ग में मनीष कनोजिया को प्रथम तथा अखिलेश को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 200 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0 शालिनी को प्रथम तथा कु0 प्रीति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार पुरुष वर्ग में अपूर्व अवस्थी को प्रथम तथा सूरज यादव को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 400 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0 सीता पाल को प्रथम तथा कु0 खुशबू को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार पुरुष वर्ग में गोविंद को प्रथम स्थान तथा अमित को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 800 मीटर दौड़ महिला वर्ग में कु0 शालिनी को प्रथम तथा कु0 प्रीति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार पुरुष वर्ग में गोविंद को प्रथम तथा सागर को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। 3000 मीटर दौड़ महिला वर्ग में सुमन रावत ने प्रथम तथा सीता पाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पुरुष वर्ग में 3000 मीटर दौड़ में धर्मेंद्र ने प्रथम तथा अमित यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
    लंबी कूद महिला वर्ग में लक्ष्मी ने प्रथम तथा शालिनी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पुरुष वर्ग लंबी कूद में सागर ने प्रथम तथा शुभम रावत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

    वालीबॉल मैच बालिका वर्ग में भरोसा की टीम ने प्रथम स्थान तथा पुरुष वर्ग में दसदोई की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
    कार्यक्रम का समापन विकास खंड काकोरी के खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता द्वारा प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बालक बालिकाओं को पुरस्कार वितरित कर किया गया। कार्यक्रम को सकुशल व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने हेतु उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकगण वीरेंद्र सिंह, संजय पांडे, श्रीमती पंकज जैन, अमिता गुप्ता, कंचन यादव, बिद्यारानी, सविता सिंह, मधु लता, महिमा सक्सेना, अनुदेशक रामविलास शर्मा, श्रीमती पूनम गुप्ता, श्रीमती अंतिमा देवी ब्लॉक अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ, अजय, व्यायाम शिक्षक धीरज त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

    अंत मे खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता ने खेलकूद प्रतियोगिता में उपस्थित सभी बालक बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण स्तर के प्रतिभाशाली बच्चों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें मंडल, राज्य तथा देश स्तर पर अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर प्राप्त होता है। श्री गुप्ता ने ऐसे ही खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन करने पर बल दिया। कार्यक्रम स्थल पर ग्राम पंचायत सचिव राजेश सिंह, ललित कुमार गौतम, संजीव कुमार व अरुण कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

  • सब्सिडी खत्म, संसद की कैंटीन से सांसदों को नहीं मिलेगा सस्ता खाना

    नई दिल्‍ली। संसद भवन परिसर की कैंटीन में अब सांसदों को सब्सिडी वाला खाना नहीं मिलेगा। संसद की कैंटीन को सालाना करीब 17 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी, जो अब खत्म हो जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि संसद की कैंटीन में सांसदों को भोजन पर मिलने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी गई है। सांसद अब खाने की लागत के हिसाब से ही भुगतान करेंगे।

    संसद की कैंटीन को सालाना करीब 17 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी, जो अब खत्म हो जाएगी। कैंटीन की रेट लिस्ट में चिकन करी 50 रुपए में तो वहीं वेज थाली 35 रुपए में परोसी जाती है। थ्री कोर्स लंच की कीमत 106 रुपए निर्धारित है। साउथ इंडियन फूड श्रेणी का प्लेन डोसा मात्र 12 रुपए में मिलता है। उक्त रेट लिस्ट एक आरटीआई के जवाब में 2017-18 में यह रेट लिस्ट सामने आई थी।

    ओम बिरला ने कहा कि संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू होगा। संसद सत्र के दौरान राज्‍यसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी, जबकि लोकसभा की कार्यवाही शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। उन्होंने कहा क‍ि सांसदों के आवास के निकट भी उनके आरटी-पीसीआर कोविड-19 परीक्षण किए जाने के प्रबंध किए गए हैं। संसद परिसर में 27-28 जनवरी को आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी। सांसदों के परिवार, कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच के भी प्रबंध किए गए हैं। केंद्र, राज्यों द्वारा निर्धारित की गई टीकाकरण अभियान नीति सांसदों पर भी लागू होगी। संसद सत्र के दौरान पूर्व निर्धारित एक घंटे के प्रश्नकाल की अनुमति रहेगी। उत्तर रेलवे के बजाय अब आईटीडीसी संसद की कैंटीनों का संचालन करेगी।

  • प्रधानमंत्री 20 जनवरी को उत्तर प्रदेश के 6 लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता राशि जारी करेंगे

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 जनवरी, 2021 को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 6.1 लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत लगभग 2691 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। इस सहायता में 5.30 लाख ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें आर्थिक सहायता की पहली किस्त प्राप्त होगी जबकि 80 हज़ार लाभार्थी ऐसे होंगे जिन्हें दूसरी किस्त मिलेगी और जिन्हें पीएमएवाई-जी के अंतर्गत पहली किस्त पहले ही दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रधानमंत्री ने “2022 तक सभी को घर” दिये जाने का आह्वान किया था, जिसके लिए 20 नवंबर, 2016 को पीएमएवाई-जी योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1.26 करोड़ घर पहले ही बनाए जा चुके हैं। पीएमएवाई-जी के अंतर्गत मैदानी इलाकों में प्रत्येक लाभार्थी को घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये जबकि पहाड़ी क्षेत्रों (पूर्वोत्तर राज्यों/ दुर्गम स्थानों/ जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित क्षेत्रों/ आईएपी/ एलडबल्यूई जिलों) के लोगों को 1.30 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों को घर के अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के अंतर्गत अकुशल कामगार श्रेणी के तरह भी मदद दी जाती है। साथ ही शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी), एमजीएनआरईजीएस या अन्य श्रोतों से 12,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना को केंद्र सरकार और राज्यों तथा केंद्र शासित सरकारों की अन्य योजनाओं के साथ भी जोड़ा गया है। इसके तहत लाभार्थी को एलपीजी कनेक्शन का लाभ देने के लिए उज्ज्वला योजना, बिजली कनेक्शन, और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन इत्यादि को इसमें शामिल किया गया है।

  • लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में हुआ ”कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न आधिनियम” कार्यशाला का आयोजन

    लखनऊ। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में ”कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न ( निवारण, प्रतिषेध, और प्रतितोष) अधिनियम, 2013” के अंतर्गत गठित स्थानीय परिवाद समिति की कार्यशाला का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की अध्यक्ष प्रोफ़ेसर शीला मिश्रा की देखरेख में कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने आंतरिक समिति की कार्यप्रणाली, उसके महत्त्व पर प्रकाश डालने के साथ ही संस्थानों में लैंगिक समता/ समानता का माहौल व्याप्त करने में इसकी भूमिका एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्त्री सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए शुरू किये गए अभियान ‘मिशन शक्ति’ के सुदृढ़ीकरण में आंतरिक शिकायत समिति किस प्रकार एक सकारात्मक भूमिका निभा सकती है, से भी अवगत कराया व सभी मुख्य अतिथियों एव वक्ताओं का स्वागत किया।

    कार्यशाला में समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के आईसी अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ ही मिशन शक्ति समूह के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। पुलिस प्रशासन की ओर से दो विषय विशेषज्ञ डिप्टी एसपी सुश्री मोनिका यादव व विधिक सलाहकार सुश्री अंचल गुप्ता नामित किए गए। उनके द्वारा ऐक्ट के नियमानुसार विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित नव्या एनजीओ से दिलीप हर्षवर्धन ने POSH अधिनियम के विषय में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रतिभागी सभी सदस्यों के साथ परस्पर संवाद के माध्यम से उनके प्रश्नों को सुनकर विधिक विशेषज्ञों द्वारा उनका यथोचित समाधान किया गया तथा उनके अनुभव साझा किए गए। सभागार में उपस्थिति सभी सदस्यों को आंतरिक समिति की कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। समापन समारोह में मिशन शक्ति लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम द्वारा सभी सदस्यों को महिला सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य डॉ कुसुम यादव ने कार्यशाला में प्रतिभागी सभी सदस्यों को सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया। महिला कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सर्वेश कुमार पांडे, वन स्टॉप केंद्र लखनऊ की केंद्र प्रबंधक अर्चना सिंह, आंतरिक समिति लखनऊ विश्वविद्यालय की सदस्य डॉ श्रद्धा, डॉ. अमर कुमार सिंह, डॉ. कुसुम यादव, अदिति कुमारी, मिशन शक्ति समूह से शिवांगी श्रीवास्तव, नीति कुशवाहा, मनीष, प्रियंका वर्मा, उत्कर्ष मिश्रा, अविनाश कुमार, महिला आयोग से वैयक्तिक सहायक प्रिया सिंह आदि उपस्थित रहे।

  • जरूरमंदों की मदद को आगे आए समाज: पुलकित अग्रवाल

    ट्रामा सेंटर में संचालित हैं विजयश्री फाउंडेशन के रैन बसेरे

    लखनऊ। मेडिकल कालेज ट्रामा सेंटर में विजयश्री फाउंडेशन द्वारा संचालित रैन बसेरे में ठहरे दूर दराज से अपने परिजनों का इलाज कराने आए तीमारदारों को ठंड से बचाने हेतु श्रीमती सुमन अग्रवाल एवं उनके पुत्र पुलकित अग्रवाल ने 100 पलंग-गद्दों का सहयोग दिया।

    श्रीमती सुमन अग्रवाल एवं उनके पुलकित अग्रवाल ने यह सहयोग विजयश्री फाउंडेशन के प्रबन्धक फूडमैन विशाल सिंह को इन तीमारदारों की सेवा हेतु किया।

    इस अवसर पर पुलकित अग्रवाल ने कहा कि यह हमारे परिवार के लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस दौर में जरूरतमंदों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ और समाज के सभी लोगों को जरूरमंदों की सेवा हेतु बढ़ चढ़कर आगे आना चाहिये।

    विजयश्री फाउंडेशन द्वारा 5 स्थाई रैन बसेरे लखनऊ मेडिकल कालेज एवं ट्रामा सेंटर में बनाये गये हैं, जहां इस कड़ाके की ठंड में हजारों की संख्या में जरूरतमंद रुकते हैं। फूडमैन विशाल सिंह द्वारा इन तीमारदारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बंकर बेड, गद्दा, कम्बल, स्वच्छ पीने योग्य पानी एवं जरूरत के लिए गरम पानी की मशीन लगवाकर संचालन किया जा रहा है।

    फूडमैन विशाल सिंह ने बताया कि उनके संगठन द्वारा संचालित इन रैन बसेरों में श्रीमती सुमन अग्रवाल एवं पुलकित अग्रवाल जैसी बहुत सी विभूतियों का सहयोग संगठन को प्राप्त है, जो उनके आह्वान पर आगे आकर इन जरूरमंदों की मदद करने में अपना पूरा सहयोग देते रहते हैं। फूडमैन ने कहा कि अभी भी इन रैन बसेरों में बहुत सारे पलंग, कम्बल एवं गद्दों की आवश्यकता है और यह आवश्यकता समाज के अधिक से अधिक लोगों के सहयोग से ही पूर्ण हो सकती है।

  • एलपीसीपीएस ने मनाया ओरिएंटेशन डे

    लखनऊ। गोमती नगर स्थित लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। मुख्य रूप से संस्थापक प्रबन्धक डाॅ0 एसपी सिंह, डायरेक्टर गरिमा सिंह, डायरेक्टर हर्षित सिंह और कॉलेज के डीन एकेडमिक्स डाॅ0 एलएस अवस्थी उपस्थित रहे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कॉलेज की तमाम योजनाओं से छात्रों को रूबरू कराया गया। डाॅ0 एसपी सिंह ने बताया कि किस तरह लखनऊ पब्लिक कॉलेज आफ प्रोफेशनल स्टडीज लगातार अपनी गुणवत्ता में सुधार के नए आयाम रच रहा है, और उत्तर प्रदेश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों की दौड़ में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज का अगला कदम नैक की ए ग्रेड कॉलेज श्रेणी में प्रवेश करना है और हम कोरोना की चुनौती से उबर करके वापस अपनी नई रफ्तार पकड़ने के लिए कार्यरत हैं।

    कॉलेज के डीन एकेडमिक्स डाॅ0 एलएस अवस्थी ने कहा कि आज हमारे कॉलेज के पढ़े हुए बच्चे विश्व भर में अपनी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। हमारा कॉलेज सभी छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा व उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म्स मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • विकास खण्ड मलिहाबाद परिसर में हाईटेक सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य का शिलान्यास

    लखनऊ। मुख्य विकास अधिकारी प्रभाष कुमार ने तहसील दिवस के पश्चात विकास खण्ड मलिहाबाद कार्यालय पहुंच कर निरीक्षण किया। उन्होंने उत्तम साफ सफाई के लिए खण्ड विकास अधिकारी डॉ संस्कृता मिश्रा
    को बधाई देते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके पश्चात कार्यालय परिसर में हाईटेक सामुदायिक शौचालय का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ नींव की पहली ईट रखकर किया। इस अवसर ब्लाक प्रमुख निशा सिंह चौहान, बीडीओ डॉ संस्कृता मिश्रा, ब्लाक
    प्रमुख प्रतिनिधि अनिल सिंह चौहान, अवर अभियन्ता, एमके सिंह, एडीओ समाज कल्याण शिवकुमार वर्मा, एडीओ पंचायत देवेन्द्र प्रताप सिंह एवं अन्य कर्मचारी/अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीडीओ प्रभाष कुमार द्वारा निर्माण कार्य शिलापट का शिलान्यास किया गया। उन्होंने शौचालय के निर्माण कार्य को ससमय और गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं ग्राम पंचायत सहिलामऊ में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित सामुदायिक शौचालय का लोकार्पण कर समूह की महिलाओं को शौचालय की चाभी सौंपी। साथ ही अन्य ग्राम पंचायत बहेलिया,फतेहनगर, भदवाना, मोहम्मद नगर
    तालुकेदारी, नईबस्ती धनेवा, अहमदाबाद कटौली, घुसौली गांव में निर्मित सामुदायिक शौचालयों का हस्तांतरण स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को चाभी देकर साफ-सफाई तथा रख-रखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी। इस अवसर पर सीडीओ ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तथा उपस्थित ग्रामीणों को शौचालय का प्रयोग करने तथा स्वच्छता की आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। संबंधित गावों के सचिव तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • श्रीमती शकुंतला गौतम ने निदेशक स्थानीय नगरीय निकाय का पदभार ग्रहण किया

    लखनऊ। निदेशक स्थानीय नगरीय निकाय के रूप में श्रीमती शकुंतला गौतम ने मंगलवार को पद भार ग्रहण किया। इससे पहले वे बागपत की जिलाधिकारी थीं। पूर्व निदेशक डॉ काजल का स्थानांतरण विशेष सचिव बेसिक शिक्षा के पद पर हुआ है। नगर विकास विभाग कार्यालय पहुंची श्रीमती शंकुतला गौतम ने डिप्टी डायरेक्टर श्रीमती रश्मी सिंह से चार्ज लिया।

    श्रीमती शकुंतला गौतम ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात सभी विभागों का निरीक्षण किया और निदेशालय के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि निदेशालय के अंतर्गत चल रही सभी परियोजनाओं को समय सीमा के अंदर ही गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। लंबित सेवा संबंधी मामलों, आईजीआरएस तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मिल रही शिकायतों का समय पर निस्तारण का आदेश भी दिया। इसके साथ ही लंबित बजट की यूसी मंगवाकर उसे जल्द से जल्द पारित करवाने के निर्देश दिए। निदेशक ने केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजनाओं के लिए नियत बैठकें समय से करने और एमआईएस का डाटा समय से अपलोड करने के भी निर्देश दिए।

  • पड़ोसी देशों को दान करेगा भारत कोरोना के 1 करोड़ टीके

    नई दिल्ली। भारत अपने पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस को कोरोना वैक्सीन की 10 मिलियन यानि 1 करोड़ खुराक दान कर सकता है!

    गौरतलब है कि भारत सरकार ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीच्यूट की कोविशील्ड को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इसके बाद 16 जनवरी से भारत में टीकाकरण अभियान चल रहा है। सूत्रों के अनुसार भारत उन देशों को कोरोना टीकों की लगभग 10 मिलियन (1 करोड़) खुराक का दान करने पर विचार कर रहा है, जिनके साथ उसके मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। देश में अपने हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए वैक्सीन की जरूरतों के बावजूद भी भारत डिप्लोमेटिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए इस पर विचार कर रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि भारत सीरम इंस्टीच्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की करीब 10 मिलियन खुराक अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, मॉरीशस और सेशेल्स जैसे देशों को दान कर सकता है। 

    भारत दे रहा डिप्‍लोमेसी को भी एक नया आयाम-रणनीतिकारों का मानना है कि भारत पड़ोसी देशों की मदद कर न सिर्फ मानवता धर्म निभा रहा है, बल्कि अपनी डिप्‍लोमेसी को भी एक नया आयाम दे रहा है। भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने ऐलान किया कि भारत सरकार उन्हें कोरोना की वैक्सीन फ्री में देगी। इसके अलावा, 20 जनवरी को बांग्लादेश को भी भारत की तरफ से कोरोना कोविशील्ड की 2 मिलियन डोज बतौर गिफ्ट मिलेगी। नेपाल को भी भारत सरकार फ्री में कोरोना वैक्सीन देगी। एक तरह से चीन की वैक्‍सीन डिप्‍लोमेसी के खिलाफ भारत ने बहुत लंबी लकीर खींच दी है। इसका असर पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों पर भी दिखेगा।

  • पड़ोसी देशों के राजनेताओं ने कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के सफल शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री और भारत सरकार को बधाई दी

    नई दिल्ली। पड़ोसी देशों के राजनेताओं ने कोविड-19 के खिलाफ 16 जनवरी,2021 को टीकाकरण अभियान के सफल शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार को शुभकामनाएं दी हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने एक ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी को कोविड19 वैक्सीन की सफल शुरुआत तथा मित्र पड़ोसी देशों के प्रति उनकी उदारता के लिए मेरी हार्दिक बधाई।” श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने एक ट्वीट में कहा, “इस विशाल कोविड19 टीकाकरण अभियान के रूप में बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार को बधाई। हम इस विनाशकारी महामारी के अंत की शुरुआत देख रहे हैं।”

    मालदीव गणराज्य के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलीह ने एक ट्वीट में कहा, “कोविड -19 के खिलाफ भारत के लोगों का टीकाकरण करने के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार को बधाई।” मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस प्रयास में सफल होंगे और अंततः हम कोविड-19संकट का अंत देख रहे हैं। ” वहीं एक ट्वीट में भूटान के प्रधानमंत्री डॉ लोटे शेरिंग ने कहा, “मैं देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण के आज ऐतिहासिक लॉन्च के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के लोगों को बधाई देता हूं। हमें उम्मीद है कि यह उन सभी कष्टों को दूर करने के लिए आया है, जो इस महामारी के कारण हमने सहन किया है।”

  • देश के पहले सड़क सुरक्षा माह की शुरूआत

    नई दिल्ली। भारत में लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से सोमवार को देश के पहले सड़क सुरक्षा माह का उद्घाटन किया गया। पिछले कुछ वर्षों से लगातार सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा था, लेकिन मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, इस साल जागरूकता अभियान का आयोजन महीनेभर तक करने की योजना बनाई गई है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गटकरी ने उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वीके सिंह और नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत भी मौजूद थे। इस दौरान अमृतसर से कन्याकुमारी तक एक राष्ट्रीय चैम्पियनशिप “सेफ स्पीड चैलेंज” को हरी झंडी दिखाने और सड़क सुरक्षा के लिए पुरस्कार प्रदान करने के अलावा, सड़क सुरक्षा पर एक फिल्म भी लॉन्च की गई। राज्य सरकारों, पीएसयू और बीमा कंपनियों ने भी विभिन्न गतिविधियों, सेमिनार, वॉकाथॉन और पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता के जरिए इस जागरूरता अभियान में भाग लिया।

    इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा में सड़क जागरूकता भी शामिल है। देशभर में सड़क हादसों के कारणों और उन्हें रोकने के बारे में चालकों के साथ-साथ राहगीरों को भी अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में होने वाली क्षति केवल एक परिवार को दुःख नहीं देती, बल्कि देश के संसाधनों के लिए भी यह एक बड़ा नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा जागरूरता को जन-जन तक पहुँचाकर हम जीडीपी को हेने वाले करीब 3 फीसदी नुकसान को बचा सकते हैं। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीतने वाले विजेताओं को बधाई दी। इनमें सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य, मुसीबत में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ राज्य परिवहन निगम, सुरक्षित राजमार्ग निर्माण में श्रेष्ठ काम करने वाले के लिए पुरस्कार, असाधारण काम करने वाला फील्ड अधिकारी और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करने वाला एनजीओ जैसी श्रेणियाँ शामिल हैं। जिन्हें आज पुरस्कार नहीं मिला, ऐसे सभी संगठनों और हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के सड़क सुरक्षा अभियान में इनका योगदान और मेहनत भी सराहनीय है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

    प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में जाती है 1.5 लाख लोगों की जान-श्री गडकरी ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में करीब 1.5 लाख लोगों की मौत होती है, जबकि 4.5 लाख लोग घायल होते हैं। आप ये जानकर हैरान होंगे कि इन सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों से हमारे देश को जीडीपी के 3.14 फीसदी के बराबर सामाजिक-आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 70 फीसदी लोग 18-45 वर्ष के आयु वर्ग में आते हैं, अर्थात् भारत में प्रतिदिन इस आयु वर्ग के 415 लोगों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों और क्षति को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रयासों, नीतिगत सुधारों और सुरक्षित प्रणाली को अपनाकर वर्ष 2030 तक भारतीय सड़कों पर सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने की दिशा में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में सरकार ‘जन-भागीदारी’ और ‘जन-सहभाग’ जैसे जन आंदोलन के माध्यम से ही कामयाब हो सकती है। इस  ‘जन-सहभाग’ को सफल बनाने के लिए सरकारों को केन्द्रीय, राज्य और नगर निकायों के स्तर पर एक सकारात्मक सहयोगी की भूमिका निभानी चाहिए। श्री गडकरी ने सुझाव दिया कि सभी सांसदों, विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से एक मंच प्रदान करना चाहिए और अपने चुनावी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के लिए पुलिस, डॉक्टर्स, पैरामेडिकल पेशेवर, एनजीओ, विद्यार्थी और अन्य लोगों को इसमें शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस सड़क सुरक्षा माह के दौरान राज्य सरकारों/केन्द्र शासित प्रदेशों, एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल, ओईएम और एनजीओ के सहयोग से देशभर में व्यापक स्तर पर विभिन्न गतिविधियों को आयोजित करने के लिए पहले ही योजना बना ली गई है। मंत्री ने बताया कि सड़क सुरक्षा के 4ई के पुनर्गठन और उसे मज़बूत करने सड़क सुरक्षा को कम करने दी दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। ये 4ई हैं- इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इंफोर्समेंट और इमरजेंसी केयर सर्विस।

    केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वीके सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल महीनेभर चलने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जीवनभर जारी रहने वाला कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि सड़क पर प्रत्येक व्यक्ति को खुद वाहन चलाते समय और दूसरे वाहनों के चालकों से भी सतर्क रहना होगा। उन्होंने सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में सभी को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे माहौल को पैदा करने की ज़रूरत है, जहाँ लोग केवल अपनी जान की परवाह नहीं, बल्कि दूसरों की जान की परवाह भी करें। नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत ने सड़क सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश के मानकों को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रौद्योगिकी को निगरानी व्यवस्था के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता है।   ****

  • अब हर साल 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन

    नई दिल्ली। महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन मनाने का फैसला लिया गया है। सरकार अब हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस साल नेताजी की 125वीं जयंती मनाई जाएगी। हालांकि मोदी सरकार के इस फैसले को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। बंगाल से ताल्लुक रखने वाले नेताजी बोस की जयंती भी चुनाव से पहले है, लिहाजा राजनीतिक दल सुभाष चंद्र बोस की जन्मदिन के जरिए की जनता से जुड़ने की कोशिश में है। नेताजी की जयंती पर ममता बनर्जी द्वारा राज्य में पदयात्रा निकाली जा रही है। ऐसे में मोदी सरकार के फैसले को ममता की पदयात्रा का जवाब माना जा रहा है।

    मंगलवार सुबह संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और सम्मान को याद रखने के लिए, भारत सरकार ने देशवासियों, विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके 23 जनवरी को आने वाले जन्मदिवस को हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। नेताजी ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए देशवासियों में देशभक्ति की भावना जगाई। संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में आगे कहा गया कि जहां भारत के लोग नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती वर्ष में इस महान राष्ट्र के लिए उनके योगदान को याद करते हैं, और जहां भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती को 23 जनवरी 2021 से आरंभ करने का निर्णय लिया है ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका सत्कार किया जा सके।

  • गुजरात के सूरत में फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों को ट्रक ने कुचला, 15 की मौत

    सूरत। गुजरात के सूरत में बहुत ही दर्दनाक सड़क हादसे में 15 मजदूरों की मौत हो गई है, 5 गंभीर रूप से घायल हैं। सूरत से करीब 60 किलोमीटर दूर कोसांबा गांव के पास ये घटना हुई। मारे गये सभी प्रवासी मजदूर राजस्थान से थे। घायल मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के अलावा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार सूरत किम-मांडवी रोड पर रात्रि 12 बजे एक बेकाबू ट्रक ने सड़क किनारे सो रहे 22 मजदूरों को कुचल दिया। पुलिस के अनुसार तेज रफ्तार ट्रक चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश में गन्ने से लदे ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण चालक ने स्टियरिंग पर से अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रक फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों पर पलट गया। हादसे में 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच की हालत गंभीर है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में एक छह महीने की बच्ची को बचाया गया है, लेकिन उसके माता-पिता की मौत हो गई है। सभी मृतक राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के मूल निवासी हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। उन्होंने लिखा, ‘सूरत में एक ट्रक दुर्घटना के कारण लोगों की मौत होने से दुखी हूं। मेरी सांत्वना शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। प्रार्थना है कि घायल जल्द से जल्द ठीक हों।’ साथ ही उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

  • लखनऊ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन खंड विकास परिसर माल में बड़े ही धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के 10 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक जय देवी कौशल, बीडीओ संस्कृता मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अनिल सिंह चौहान सहित कई अधिकारियों ने नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया।

    खंड विकास परिसर माल में सोमवार को क्षेत्र भर से गरीब असहाय परिवारों के 10 जोड़े शादी के पवित्र बंधन में बंधे। गरीब असहाय परिवार की लड़कियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सम्पन हुई। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की तरफ से नवविवाहित जोड़ों को 51 हजार रुपए तक की कीमत के घरेलू सामान और उपहार दिए गए। इस मौके पर उपस्थित भाजपा विधायक जय देवी कौशल और बीडीओ मलिहाबाद संस्कृता मिश्रा ने सभी विवाहित जोड़ों को प्रमाण पत्र वितरित कर सभी के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी मलिहाबाद संस्कृता मिश्रा द्वारा सभी जोड़ों को भावी सुखद दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।

  • -भारत सरकार ने दी ईरान के चाबहार बंदरगाह पर माल चढ़ाने-उतारने की क्षमता को मजबूती -loading-unloading से जुड़ी सेवाओं के संचालन को आसान बनाएंगे दो मोबाइल हार्बर क्रेन (एमएचसी)

    नई दिल्ली। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को दो मोबाइल हार्बर क्रेन (एमएचसी) की एक खेप भेजी है। यह खेप 6 मोबाइल हार्बर क्रेन (एमएचसी) की आपूर्ति के लिए किये गये एक अनुबंध समझौते के तहत भेजी गई है, जिसका कुल अनुबंध मूल्य 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है। इटली के मारघेरा बंदरगाह से पहुंचे क्रेनों के इस खेप को 18 जनवरी, 2021 को चाबहार बंदरगाह पर सफलतापूर्वक उतार लिया गया और अभी इन क्रेनों का परीक्षण चल रहा है। 140 मीट्रिक टन भार उठाने की क्षमता से लैस मोबाइल हार्बर क्रेन (एमएचसी) जैसे बहुउद्देशीय उपकरण और सामान भारत पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) को चाबहार के शाहिद बेहेश्टी बंदरगाह में कंटेनर, बल्क और जनरल कार्गो की निर्बाध सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनायेंगे। यह चाबहार के शहीद बेहेश्टी बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के विकास में भारत की प्रतिबद्धता की दिशा में एक कदम है।

    चाबहार विकास चरण- I के तहत शहीद बेहेश्टी बंदरगाहको सुसज्जित करने, उसका मशीनीकरण करने और वहां परिचालन शुरू करने के उद्देश्य से ईरानी इस्लामिक गणराज्य और भारतीय गणराज्य के बीच एक द्विपक्षीय अनुबंध पर 23 मई 2016 को हस्ताक्षर किए गए थे, जिसका कुल अनुबंध मूल्य 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। इस महत्वाकांक्षी उद्देश्य को पूरा करने के लिए, इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल), मुंबई नाम के एक एसपीवी को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के दायरे में शामिल किया गया था। केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया ने कहा कि चाबहार बंदरगाह एक रणनीतिक बंदरगाह है, जिसका राष्ट्रीय महत्व है। क्रेन सहित भारी उपकरणों की खेप की आपूर्ति, रणनीतिक महत्व की चाबहार बंदरगाह परियोजना, जोकि मध्य एशिया के बाजारों तक पहुंच प्रदान करेगा, के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।चाबहार बंदरगाह का विकास भारत और ईरान के बीच आर्थिक एवं आपसी संबंधों के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम है और यह दोनों देशों के बीच होने वाले समुद्री व्यापार को और अधिक बढ़ावा देगा। भौगोलिक अवस्थिति की दृष्टि से चाबहार बंदरगाह का रणनीतिक महत्व है और इसमें भारत, ईरान, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान तथा अन्य सीआईएस देशों, विशेष रूप से पूर्वी सीआईएस देशों, के साथ संपर्क प्रदान करने और उनके बीच व्यापार बढ़ाने की जबरदस्त क्षमता है।   ***

  • मोटर बाइक एम्बुलेंस ‘रक्षिता’

    डीआरडीओ ने मोटर बाइक एम्बुलेंस ‘रक्षिता’ सीआरपीएफ को सौंपी

    नई दिल्ली। भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के दिल्ली स्थित नामिकीय औषिध तथा संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएनएमएएस) ने आज बाइक आधारित कैजुअल्टी ट्रांसपोर्ट इमरजेंसी वाहन, ‘रक्षिता’, को एक समारोह में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को सौंपा। समारोह नई दिल्ली स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के मुख्यालय में आयोजित किया गया।

    जीवन रक्षक सहायता प्रदान करेगी ‘रक्षिता’

    डीआरडीओ के डीएस एवं डीजी (एलएस) डॉ. एके सिंह ने ‘रक्षिता’ के मॉडल को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक एपी माहेश्वरी को सौंपा, जिसके बाद इस अवसर पर 21 बाइकों के एक दल को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह बाइक एम्बुलेंस भारतीय सुरक्षा बलों और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के सामने आने वाली समस्याओं में तत्काल मदद करेगी। यह कम तीव्र संघर्ष वाले इलाकों से घायलों को निकालने के दौरान जीवन रक्षक सहायता प्रदान करेगी। यह संकीर्ण सड़कों और दूरदराज के इलाकों के लिए उपयुक्त होगी, जहां एम्बुलेंस के माध्यम से पहुंचना मुश्किल और अधिक समय लेने वाला है। यह बाइक एम्बुलेंस अपनी कार्यक्षमता और एकीकृत आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रणाली के चलते चार-पहिया एम्बुलेंस की तुलना में तेजी से रोगियों के लिए एक चिकित्सा आपातकालीन आवश्यकता उपलब्ध करा सकती है। बाइक एम्बुलेंस ‘रक्षिता’ में एक स्वनिर्धारित रिक्लाइनिंग कैजुअल्टी इवैक्यूएशन सीट (सीईएस) लगाई गई है, जिसे आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा सकता है। ‘रक्षिता’ में हेड इम्मोबिलाइज़र, सुरक्षा हार्नेस जैकेट, हाथों और पैरों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा पट्टियाँ, ड्राइवर के लिए वायरलेस मॉनिटरिंग क्षमता और ऑटो चेतावनी प्रणाली के साथ फ़िज़ियोलॉजिकल पैरामीटर मापने वाले उपकरण भी अन्य प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। घायल साथी के हाल की रियल टाइम निगरानी डैशबोर्ड पर लगे एलसीडी पर की जा सकती है। बाइक एंबुलेंस मौके पर ही स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए एयर स्प्लिंट, मेडिकल और ऑक्सीजन किट से भी लैस है। यह बाइक एम्बुलेंस न केवल अर्धसैनिक और सैन्य बलों के लिए उपयोगी है, बल्कि नागरिकों के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है। डॉ. जी. सतीश रेड्डी, अध्यक्ष डीआरडीओ और सचिव डीडी आरएंडडी ने हमारे सुरक्षा बलों के सामने आने वाली चुनौतियों के जवाब में इस स्वदेशी और लागत प्रभावी समाधान के लिए वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की।

  • लखनऊ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव व कोरोना डेस्क पर अहम जिम्मेदारी संभाल रहे IAS लव कुमार के भाई अंकुर अग्रवाल का शव सहारनपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव के पास लाइसेंसी पिस्‍टल बरामद हुई है। पुलिस ने प्राथमिक जांच-पड़ताल के बाद इसे आत्महत्या बताया है। अंकुर अग्रवाल सहारनपुर के पिलखनी में फैक्‍ट्री चलाते थेे। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण सभी की निगाहें इस ओर लगी हुई हैं।

    सहारनपुर के प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट केजी अग्रवाल के दो पुत्रों में लव कुमार IAS हैं, जबकि अंकुर पिलखनी में फैक्ट्री चलाते थे। वह सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला ग्रीन पार्क में परिवार सहित रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि सोमवार देर शाम सरसावा थाना क्षेत्र के पिलखनी स्थित उनकी फैक्ट्री के समीप गोली लगा हुआ उनका शव मिला। पिस्टल बराबर में पड़ी मिली। वह सुबह 11 बजे घर से फैक्ट्री के लिए निकले, लेकिन पता नहीं चल रहा था। पुलिस सर्विलांस के जरिए उनको तलाश रही थी। इसी दौरान अंकुर का शव बरामद हुआ।

    अंकुर अग्रवाल पिलखनी में प्रथम मेटल इंडस्ट्रीज नाम से फैक्ट्री चला रहे थे। इस फैक्ट्री में बैट्री में पडऩे वाले लेड बनता है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 45 वर्षीय अंकुर अग्रवाल अपने घर से निकले। इसके बाद उन्होंने किसी का फोन रिसीव नहीं किया। दोपहर में अंकुर अग्रवाल के परिजनों ने एसएसपी डा. एस चन्नपा को अंकुर अग्रवाल के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन लेनी शुरू की। लोकेशन पिलखनी की मिली, लेकिन सही लोकेशन नहीं मिलने के कारण पुलिस उन्हें तलाशने में नाकाम रही। शाम पांच बजे एक युवक ने अंकुर अग्रवाल का शव एक खेत में पड़ा देखा। फैक्ट्री कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में पता चला कि अंकुर अग्रवाल की कनपटी पर गोली लगी थी। उनकी लाइसेंसी पिस्टल बराबर में पड़ी थी।


    प्रथम दृष्टया आत्महत्या : एसएसपी

    एसएसपी डा. एस चन्नपा ने बताया कि अंकुर अग्रवाल के लापता होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने उनकी तलाश की। बाद में पता चला कि उनका शव एक खेत में पड़ा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया, लेकिन उनके स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पंचनामा भरकर शव स्वजन को सौंप दिया गया। शव के पास पिस्टल मिलने से प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। अंकुर के मोबाइल की तलाश की जा रही है।

    मूलत: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले लव अग्रवाल आंध्र प्रदेश काडर के IAS अफसर हैं। आईआईटी-दिल्ली से 1993 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की। 1996 में उन्हें आंध्र प्रदेश काडर मिला। वह आंध्र प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक के साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त भी रहे। वर्तमान में वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव हैं।

  • नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने गोपेश्वर महादेव के पूजन के बाद किया गौवंशों को गुड़ खिलाकर गौ पूजन, प्रथम पुरस्कार से पुरस्कृत नगर पंचायत के लिए EO मलिहाबाद को दी बधाई

    लखनऊ। प्रदेश सरकार के नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता सोमवार को बदायूं से वापस आते समय मलिहाबाद क्षेत्र में स्थित गोपेश्वर गौशाला में दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने गौशाला में विराजमान चिंताहरण हनुमानजी के दर्शन किए और पंडित लवकुश बाजपेई ने विधि विधान के साथ गोपेश्वर महादेव का पूजन करवाया। उसके बाद गौशाला में पल रहे गौवंशो को गुड़ खिलाकर गौ पूजन किया। इस मौके पर गौशाला प्रबंधक उमाकांत गुप्ता से पल रही गायों की जानकारी ली।
    बाद में नगर विकास राज्य मंत्री महेश गुप्ता ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी प्रेम नारायण को प्रदेश में प्रथम पुरस्कार से पुरस्कृत नगर पंचायत के लिए बधाई दी।
    इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष जितेंद्र अवस्थी,ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अनिल सिंह चौहान,गौशाला प्रबंधक उमाकांत गुप्ता, पीके गुप्ता,विनायक ग्रामोद्योग अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव,माल से उमाशंकर त्रिपाठी, प्रधान संजय साहू,रिजवान, प्रमोद पाठक,गोपाल गुप्ता,अध्यक्ष भूमि विकास बैंक अरविंद शर्मा, सभासद सौरभ यादव, निर्मल गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रदीप मिश्र ‘अन्ना’, ओमदीप यादव, राजवीर, मारूफ,निवेश गुप्ता समेत दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • 4 साल से अधूरी पड़ी खानपुर खादर में पानी की टंकी

    बिजनौर (चांदपुर): जल निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते ब्लाक जलीलपुर की ग्राम पंचायत खानपुर खादर में पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। जल संकट से जूझती करीब 15 हजार की आबादी में इसे लेकर गुस्सा है। ब्लाक जलीलपुर की ग्राम पंचायत खानपुर खादर में अधूरी पड़ी पानी की टंकी का बोर लगभग 4 साल पहले हुआ था। इस टंकी से करीब 15 हजार आबादी को जल संकट से बचाया जा सकता है। यहां के कई गांव का पानी दूषित पाया गया है और इस्तेमाल योग्य नहीं है। जल निगम के अधिकारियों ने भी जांच की थी। आरोप है कि विभाग कि लापरवाही के चलते इस टंकी का कार्य पूरा नहीं किया जा सका। कई बार विभागीय अधिकारीयो को पत्र लिखकर ग्राम प्रधान ने भी अवगत कराया, परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामवासी राजपाल सिंह, रहीस खान, डा० खुर्शीद, हरि सिंह, चरन सिंह, मो. अनस आदि ने जिले के आला अधिकारियों से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

  • बिजनौर (चांदपुर): ब्लाक जलीलपुर के पास दो बाइक आपस में टकरा गईं। हादसे में दोनों बाइक सवार मामूली रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार फहीम पुत्र रईसुद्दीन अपनी बाइक से किसी कार्य हेतु ब्लॉक जा रहा था। इस बीच ग्राम रवाना निवासी अशोक अपनी बुलेट बाइक से वहां से गुजरा।  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक दोनों वाहनों में आमने सामने की टक्कर हो गई। सड़क पर गिरने से दोनों मामूली रूप से घायल हो गए। मौके पर राहगीरों की भीड़ एकत्र हो गई। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर दोषारोपण करते हुए झगड़ने लगे। बात बढ़कर पुलिस तक पहुंचती, इससे पहले मौके पर पहुचे रवाना के ग्राम प्रधान रूपक कुमार ने दोनों में समझौता करा दिया।

  • मुरादाबाद। ग्राम नसीपुर के प्राचीन शिव मंदिर में नए शिवलिंग को परिवार सहित प्राण प्रतिष्ठा करके हवन यज के साथ पूरे विधि विधान से स्थापित किया गया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। इससे पहले लोकसभा के पूर्व युवा सांसद प्रत्याशी व सर्वदलीय गौ रक्षा मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रिंन्स शर्मा ने ग्राम नसीपुर के युवा साथियों के साथ गांव के प्राचीन शिव मंदिर से पुराने शिवलिंग को हरिद्वार जाकर गंगा जी में विसर्जित किया। वहां नए शिवलिंग को पूरे परिवार के साथ गंगा स्नान उपरांत लेकर आये और गांव में पद यात्रा द्वारा परिक्रमा की। पद यात्रा में सभी गांव वाले सम्मिलित हुए। इस कार्य में सहयोगी साथी जितेंद्र सैनी, पुरुषोत्तम सैनी, गेंदा प्रजापति, बाबू सैनी, राजीव शर्मा, पप्पू सैनी, राजपाल सैनी, मंजीत सैनी, संजय सैनी, रिंकू सैनी इत्यादि सैनी समाज के लोग व अन्य लोग सम्मिलित रहे।

  • लखनऊ। यूपी के मुरादाबाद में कोरोना वायरस का टीका लगने के अगले दिन रविवार को एक स्वास्थ्यकर्मी की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि टीका लगने के बाद उनकी जान गई। वहीं मुरादाबाद के सीएमओ डॉ एमसी गर्ग नेे बताया कि वार्ड ब्वॉय महिपाल (46) की मौत हार्टअटैक से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि मौत का कोरोना वैक्सीनेशन से कोई लेना-देना नहीं है। वार्ड ब्वॉय के शव का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल डा. शशि भूषण, डॉ. निर्मल ओझा और डा. आरपी मिश्रा ने किया। बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया है।

    इससे पहले महिपाल के बेटे विशाल ने आरोप लगाया था कि टीका लगने के बाद मेरे पिता अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे। उन्होंने घर वापस आने के लिए दोपहर में मुझे अस्पताल बुलाया और कहा कि ऑटो लेकर आना, क्योंकि वह बाइक नहीं चला सकते हैं। मैं दोपहर 1.30 बजे अस्पताल पहुंचा और उनकी हालत पहले से खराब हो चुकी थी। मुझे लगा कि उनको हल्का बुखार था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके बाद उन्हें घर लेकर आया और चाय पिलाकर आराम करने के लिए कहा। रविवार को उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुझे लगता है कि टीकाकरण के साइड इफेक्ट के कारण उनकी मौत हुई है।’
    जानकारी के अनुसार शनिवार को महिपाल ने टीका लगवाया था। उनको पहले से भी सांस फूलने और निमोनिया की बात परिजनों ने स्वीकारी थी। जिला अस्पताल के वार्ड ब्वॉय की मौत के बाद सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने महिपाल के घर पहुंच कर परिजनों से जानकारी ली थी।

  • पटरी से उतरीं शहीद एक्सप्रेस की दो बोगियां
    लखनऊ: चारबाग रेलवे स्टेशन पर शहीद एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना से हड़कंप मच गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगतोष शुक्ला ने बताया, ‘‘सोमवार सुबह करीब आठ बजे अमृतसर से जयनगर जा रही ट्रेन संख्या 14674 शहीद एक्सप्रेस जैसे ही चारबाग के प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ी, उसके दो डिब्बे पटरी से उतर गये। हालांकि, हादसे में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ।’’ बोगियों को पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया है।

    अमृतसर से जयनगर जाने वाली ट्रेन संख्या 14674 शहीद एक्सप्रेस चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां कुछ यात्री उतरे और जयनगर जाने के लिए कुछ यात्री ट्रेन में चढ़े। स्टेशन से निकलकर कुछ दूर चलते ही खम्मन पीर की मजार के पास ट्रेन की दो बोगियां पटरी से उतर गईं, जिससे हड़कंप मच गया।
    ट्रेन के झटके से रुक जाने की वजह से सो रहे यात्रियों की नींद टूट गई और वह घबरा गए। आनन-फानन कंट्रोल रूम के जरिए रेलवे प्रशासन को सूचना मिली की दो बोगियां डी1 और थर्ड एसी बोगी बी5 पटरी से उतर गई हैं, जिसके बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन बोगियों में 100 से अधिक यात्री थे, हालांकि यात्रियों को कोई चोट नहीं आई है। ट्रेन की स्पीड कम थी इस वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं दूसरी तरफ ट्रेन के डिरेलमेंट को लेकर आला अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची और बोगियों को पटरी पर लाने का काम किया जा रहा है।

  • चौकी इन्चार्ज कुलदीप सिंह ने किया तहरी भोज का आयोजन, चौकीदारो को बांटे कम्बल
    लखनऊ। राजधानी में ठिठुरती ठंड से राहत पहुंचाने के मद्देनजर गरीबों को कंबल वितरण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार को मलिहाबाद थाना क्षेत्र की कसमण्डी कलां पुलिस चौकी पर तहरी भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चौकी क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले विभिन्न गांवों के 13 चौकीदारों को कम्बल प्रदान किये गये। तहरी भोज में हर वर्ग के तमाम लोग शामिल हुए।
    चौकी इन्चार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ हर समय कन्धे से कन्धा मिलाकर चलने वाले चौकीदारों को ठण्ड से बचाने के लिए उन्हें कम्बल प्रदान किये गये हैं। साथ ही क्षेत्र के अच्छे और सामाजिक लोगों से बेहतर तालमेल बनाने के लिये समरसता तहरी भोज का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कांस्टेबल सीताराम, इमरान, अमित, विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान व क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।

  • लखनऊ। अपने युवा पुत्र को असमय खो चुके सांसद कौशल किशोर ने युवाओं को नशा न करने का संकल्प दिलाया। उनके नेतृत्व में सरोजिनी नगर क्षेत्र के गांव माती स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आज डेढ़ सौ युवाओं ने जीवन में नशा न करने का संकल्प लिया। एक नशा मुक्त समाज आंदोलन के लिए पैदल मार्च भी किया।

    सांसद कौशल किशोर ने संकल्प कराते हुए लड़के और लड़कियों से कहा कि अपने जीवन को नशे से बचा लीजिए। मैं अपने 28 वर्ष के बेटे आकाश किशोर को मौत से नहीं बचा सका। आप अपने जीवन को नशे से जरूर बचाइए। नशे की लत से दूर रहिए, हर महीने एक या दो लोगों को नशा न करने का संकल्प कराइए, “नशा मुक्त समाज आंदोलन” में लोगों को शामिल कराइये। आप सब लोगों के सहयोग की वजह से 2 वर्ष के अंदर देश के लगभग 75 प्रतिशत लोग नशा मुक्त हो जाएं। हमें नशा मुक्त समाज बनाना है, यह अकेले हमारी नहीं, आप सब की भी पूरी जिम्मेदारी है। सांसद कौशल किशोर ने कहा कि अपने बेटे की जिंदगी खोने के बाद यह निर्णय लिया है। हम उन घरों के चिरागों को जलाए रखना चाहते हैं, जो नशे की आंधी में घुस जाते हैं और अपने पूरे परिवार को अंधकारमय बना देते हैं। या यूं कहें कि हम उन घरों के बच्चों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं, जो नशे के कारण अपनी और अपने परिवार की जिंदगी तबाह कर देते हैं।

    इस अवसर पर पार्षद बीना रावत, पार्षद कमलेश सिंह, समाजसेवी नीता खन्ना, साईं ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित शर्मा, हाथी गांव की प्रधान व सांसद प्रतिनिधि प्रवीण अवस्थी, ज्ञान चंद ज्ञानी, भारी संख्या में महिलाएं और कई स्कूलों के अध्यापक विजय अवस्थी, अजय अवस्थी मौजूद थे। कार्यक्रम की आयोजिका बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यापिका जिगना त्रिपाठी थीं।

  • नई दिल्ली। Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे पोल्ट्री और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें और संक्रमण मुक्त क्षेत्रों/राज्यों से पोल्ट्री और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री की अनुमति दें। दोहराया कि अच्छी तरह से पकाए गए चिकन और अंडे मनुष्यों के लिए सुरक्षित है। उपभोक्ताओं को आधारहीन अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए जो अवैज्ञानिक हों और अक्सर भ्रम पैदा करती हों। ये अफवाहें पोल्ट्री और अंडा बाजारों और इसी तरह पोल्ट्री और मक्का किसानों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, जो पहले से ही कोविड-19 महामारी व लॉकडाउन से प्रभावित हैं। विभाग की सलाह के बाद, राज्य, समाचार पत्रों के विज्ञापनों, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों आदि के माध्यम से जागरूकता गतिगतिविधियाँ चला रहे हैं। इसके अतिरिक्त, एवियन इन्फ्लुएंजा के बारे में जागरूकता पैदा करने के प्रयासों को जारी रखते हुए विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों जैसे ट्विटर और फेसबुक हैंडल सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से स्थिति को आम जनता के साथ साझा किया जा रहा है।

    वहीं देश में एविएन फ्लू की स्थिति के बारे में बताया कि 16 जनवरी, 2021 तक महाराष्ट्र के लातूर, परभणी, नांदेड़, पुणे, सोलापुर, यवतमाल, अहमदनगर, बीड और रायगढ़ जिलों के पोल्ट्री फार्म में एविएन इन्फ्लुएंजा के मामलों की पुष्टि की गई है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले (कौवा); गुजरात के सूरत, नवसारी और नर्मदा जिले (कौवा); उत्तराखंड का देहरादून जिला (कौवा); उत्तर प्रदेश का कानपुर जिला (कौवा) में एविएन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली के नजफगढ़ में कबूतर और भूरे रंग के उल्लू और रोहिणी में बगुले में एविएन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई है।

    केंद्रीय पोल्ट्री विकास संगठन मुंबई, भारत सरकार से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, पोल्ट्री फॉर्म में मुर्गियों की असामान्य मृत्यु की सूचना आई हैं। नमूनों को परीक्षण के लिए नामित प्रयोगशाला में भेजा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में रैपिड रिस्पांस टीमों को तैनात किया गया है और प्रभाव वाले क्षेत्र बालोद जिले में मुर्गी पालन का काम चल रहा है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में भी रैपिड रिस्पांस टीमों को तैनात किया गया है। मध्य प्रदेश के सर्वाधिक प्रभाव वाले जिले हरदा में मुर्गी पालन का काम चल रहा है। देश के प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी के लिए गठित केंद्रीय दल प्रभावित स्थलों का दौरा कर रहे हैं और महामारी विज्ञान का अध्ययन कर रहे हैं।

  • काम दिलाने के नाम पर ली एक करोड़ की रिश्वत, CBI ने रंगे हाथों दबोचा, पांच राज्यों में 20 लोकेशन पर CBI की दबिश

    नई दिल्ली: CBI ने रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियर महेंद्र सिंह चौहान को 1 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महेंद्र सिंह के अलावा दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने पांच राज्यों की करीब 20 लोकेशन पर छापेमारी की।

    भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा (आइआरइएस) 1985 बैच के अधिकारी महेंद्र सिंह को सीबीआई ने एक करोड़ की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। सीबीआई ने एक करोड़ रुपए भी बरामद कर लिए हैं। महेंद्र सिंह चौहान कथित रूप से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) में काम दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। उक्त अधिकारी असम में मालीगांव में NFR मुख्यालय में तैनात है। वहीं गिरफ्तार अन्य दो लोग महेंद्र सिंह चौहान के नाम पर रिश्वत ले रहे थे। सीबीआई सूत्रों के अनुसार जानकारी मिली थी कि महेंद्र सिंह चौहान पूर्वोत्तर रेलवे में काम दिलाने के नाम पर एक कंपनी से 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रहा है। बाद में जाल बिछाया गया। महेंद्र सिंह चौहान के कथित सहयोगी जब रिश्वत ले रहे थे, उसी समय सीबीआई के अफसर मौके पर पहुंच गए और उन्हें दबोच लिया। सीबीआई को संदेह है कि महेंद्र सिंह चौहान ने पहले भी रिश्वत ली होंगी।
    गौरतलब है कि इससे पहले भी सीबीआई ने कई अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। पिछले साल सीबीआई ने राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में तैनात रेलवे की मुख्य कार्यालय अधीक्षक को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

    CBI के 2 घूसखोर अधिकारी निलंबित, अन्य दो पर होगी कार्रवाई
    CBI ने करीब 4,300 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के दो मामलों में जांच से संबंधित जानकारियां साझा करने और जांच प्रभावित करने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने पर अपने इंस्पेक्टर कपिल धनकड़ और स्टेनोग्राफर समीर कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। इनके अलावा दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। जांच एजेंसी ने 2 दिन पहले ही चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

  • नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सामाजिक सेवा में समर्पित गोवा के गैर सरकारी संगठन मातृछाया की सराहना की। उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र से अपील की, कि सीएसआर के तहत एनजीओ की मदद करें। श्री नायडू ने कोविड योद्धाओं द्वारा निस्वार्थ सेवा और वैज्ञानिकों द्वारा वैक्सीन इजाद करने के लिए उनकी सराहना भी की।

    उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और उनकी पत्नी श्रीमती उषा नायडू ने पोंडा के मातृछाया कन्या अनाथालय का दौरा किया। ये गोवा में पणजी से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दोनों ने यहां रहने वाली लड़कियों और स्टाफ से बातचीत भी की। उपराष्ट्रपति यहां अपनी पुत्री श्रीमती दीपा वेंकट और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे थे। श्रीमती वेंकट स्वर्ण भारत ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। श्री नायडू और उनकी पत्नी को संस्था के परिसर का दौरा करवाया गया। इस दौरान उन्हें संस्था द्वारा गरीब और अनाथ कन्याओं की स्वस्थ माहौल में परवरिश के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया गया। मातृछाया ट्रस्ट के सदस्यों की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों से वे बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने ये भी कहा कि संस्था द्वारा सही मायनों में देश की पुरातन ‘शेयर एंड केयर’ की प्रथा के अनुरूप जरूरतमंदों की सेवा की जा रही है। श्री नायडू ने कहा कि सेवा की भावना से एक व्यक्ति में संतुष्टि का भाव पैदा होता है। स्वर्ण भारत ट्रस्ट के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए श्री नायडू ने कहा कि वे जब भी वहां बच्चों से बातचीत करते हैं तो खुद को ऊर्जावान महसूस करते हैं। श्री नायडू ने इस बात पर खुशी जताई कि यहां से 800 से ज्यादा बच्चियों को गोद लिया जा चुका है और 30 से ज्यादा कन्याओं की शादी भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ये जानकर भी प्रसन्नता हो रही है कि बच्चियों ने यहां पढ़ाई-लिखाई और खेलकूद में भी काफी तरक्की की है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कई एनजीओ केंद्र और राज्यों के कार्यक्रमों का लाभ अपने समानांतर प्रयासों से देशभर में पहुंचा रहे हैं। “मैं देश के कॉरपोरेट क्षेत्र के लोगों से अपील करना चाहता हूं कि वे कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत उन संस्थाओं की मदद करें जो सामाजिक सेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं।” इस दौरान उपराष्ट्रपति को मातृछाया ट्रस्ट द्वारा की जा रही अन्य सामाजिक परियोजनाओं की भी जानकारी दी गई। तलौली में लड़कों के लिए बाल कल्याण आश्रम, मडगाँव में लड़कियों के लिए घर, रुग्णाश्रय और जरूरतमंद मरीजों के रहने के लिए घर जैसी अन्य गतिविधियों के बारे में भी उन्हें बताया गया।

    1976 में हुई थी मातृछाया एनजीओ की शुरुआत: Vice President’s Secretariat की press Release में बताया गया कि वर्ष 1976 में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साथ मिलकर मातृछाया एनजीओ की शुरुआत की थी। विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की सराहना कहते हुए श्री नायडू ने कहा कि यह राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। यह हमारी बढ़ती आत्मनिर्भरता का भी एक शानदार संकेत है। उन्होंने लोगों के जीवन की रक्षा के लिए निस्वार्थ और अथक परिश्रम करने वाले वैज्ञानिकों और अग्रिम पंक्ति के कोविड योद्धाओं की भरपूर सराहना की।

  • कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से UPIDINFO एप को नि:शुल्क डाउनलोड कर सकता है। मैनुअल होने के नाते सूचना विभाग की डायरी सभी को नहीं मिल पाती थी लेकिन एप के रूप में इसकी पहुंच सभी तक हो जाएगी। इसमें सभी जनप्रतिनिधियों, विभागों, अधिकारियों और मीडिया के लोगों के नाम, फोन नम्बर और ईमेल एड्रेस दर्ज हैं। सर्च ऑप्शन में जाकर किसी के बारे में पता किया जा सकता है।

    लखनऊ। अब मोबाइल ही डायरी होगी। लोग सूचना विभाग के नि:शुल्क एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर राज्य के हर विभाग से संपर्क स्थापित कर सकेंगे। इससे राज्य के जनप्रतिनिधियों, विभागों और अधिकारियों तक जन-जन की पहुंच और आसान हो सकेगी। इस डायरी में इन सबका नाम, पता, पद और मोबाइल नंबर होगा। केंद्रीय मंत्रियों के बारे में भी जानकारी होगी। विदित हो कि मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली गोरखनाथ मन्दिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूचना विभाग की डिजिटल डायरी और एप का लोकार्पण किया था। गोरखनाथ मन्दिर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जमाना तकनीकी का है। इसके प्रयोग से हम हर क्षेत्र में व्यापक सुधार ला सकते हैं। अच्छी बात यह है कि हम भी जमाने के साथ बदल रहे हैं। सूचना विभाग ने डिजिटल डायरी-एप के जरिये एक अभिनव पहल की है। सीएम योगी ने कहा कि तकनीकी के माध्यम से ही हम कोरोना संक्रमण के दौर में आमजन को बेहतरीन सेवाएं देने में सफल हो सके। जनधन खातों में सहायता राशि, पेंशन, भरण पोषण भत्ता, छात्रवृत्ति आदि लोगों को घर बैठे मिल सकी। तकनीकी के जरिये ही 2.35 करोड़ किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और 44 लाख प्रवासियों को भरण पोषण भत्ता दिया जा सका। इस सबके पीछे पर पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन था।  

    अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने सूचना विभाग की डिजिटल डायरी-एप के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना काल में इसकी प्रेरणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही दी। देश मे सूचना विभाग की पहली बार इस तरह की डिजिटल डायरी बनी है। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से UPIDINFO एप को नि:शुल्क डाउनलोड कर सकता है। अभी तक मैनुअल होने के नाते सूचना विभाग की डायरी सभी को नहीं मिल पाती थी लेकिन एप के रूप में इसकी पहुंच सभी तक हो जाएगी। इसमें सभी जनप्रतिनिधियों, विभागों, अधिकारियों और मीडिया के लोगों के नाम, फोन नम्बर और ईमेल एड्रेस दर्ज हैं। सर्च ऑप्शन में जाकर किसी के बारे में पता किया जा सकता है।

  • बीजिंग। दुनिया भर में पिछले 14 महीने से कोहराम मचाने वाले कोरोना वायरस को लेकर और भी डराने वाली खबरें सामने आई हैं। ताज़ा खबर के अनुसार चीन के तियानजीन म्यूनिसिपैलिटी इलाके में आईसक्रीम में कोरोना वायरस मिले हैं। अब तक तीन सैंपल के पॉजिटिव आने की पुष्टि हो चुकी है।

    चीन के एक अखबार के मुताबिक ये आईसक्रीम में इस्तेमाल मिल्क पाउडर न्यूजीलैंड और यूक्रेन से लाए गए थे। फिलहाल आईसक्रीम की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सारे पुराने और नए स्टॉक की जांच की जा रही है।  तियानजीन की Daqiaodao Food Company को संक्रमण की वजह से 2089 आईसक्रीम के डिब्बे नष्ट करने पड़े। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि करीब 4,836 आईसक्रीम के डिब्बे संक्रमित हुए हैं।   अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमण का पता लगने तक आईसक्रीम के आधे से ज्यादा डिब्बे बिक्री के लिए अलग-अलग वेंडर्स को बांटे जा चुके थे। तियानजीन के बाहर जिन प्रांतों में यह आईसक्रीम भेजी गई, वहां बाजार नियामकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। आईसक्रीम खरीदने वाले ग्राहकों से भी अपने स्वास्थ्य की जानकारी देने के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक कंपनी ने अपने 1 हजार 662 कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट करवाया है और उन्हें क्वॉरंटीन कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि कोरोना वायरस आईसक्रीम में इसलिए जीवित रह गया क्योंकि यह काफी ठंडी होती है। उनके मुताबिक, किसी संक्रमित व्यक्ति से ही आईसक्रीम तक कोरोना पहुंचा है। यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के एक वायरोलॉजिस्ट डॉ. स्टीफन ग्रिफिन ने स्काई न्यूज को बताया कि आईसक्रीम में संक्रमण पहुंचने से घबराने की जरूरत नहीं है। संभव है कि यह किसी संक्रमित व्यक्ति से आया हो। शुरुआती जांच के मुताबिक, कंपनी ने न्यूजीलैंड से मंगाए मिल्क पाउडर और यूक्रेन से आयात किए वे पाउडर का इस्तेमाल कर आईसक्रीम बनाई थी।

  • बेंगलुरु। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के बेंगलुरु में तीन अलग-अलग प्रकल्पों  का लोकार्पण किया। इस मौके पर अपने संबोधन में श्री शाह ने मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ लड़ाई का एक महत्वपूर्ण पड़ाव ‘टीकाकरण’ की शुरूआत हुई। श्री शाह का कहना था कि हम सब के लिए गर्व की बात है कि दोनों वैक्सीन भारत के अंदर बनी हुई हैं। एक प्रकार से पूरी दुनिया को कोरोना से लड़ने के लिए लगने वाली वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में मोदी जी के नेतृत्व में भारत ही विश्व का नेतृत्व करेगा, इस प्रकार की सिचुएशन अगले एक-दो महीने में हमें देखने को मिलेगी।

    श्री शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री येदयुरप्पा के नेतृत्व में कर्नाटक के अंदर कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत अच्छे तरीके से लड़ी है और कर्नाटक पुलिस विशेषकर बेंगलुरु में अत्यंत सराहनीय काम किया। उन्होंने कहा कि 112 का एक्सटेंशन हो रहा है और डेढ़ सौ वाहन इसके अंदर जुड़े हैं। साथ ही श्री बोम्मई ने 15-15 का जो फार्मूला दिया, जिसमें 15 सेकेंड के अंदर रिस्पांस और 15 मिनट के अंदर संपर्क होगा, यह अद्भुत प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक की सरकार इस लक्ष्य को सिद्ध कर लेगी। श्री शाह ने कहा कि पुलिस के लिए हाउसिंग बहुत बड़ी समस्या होती है और श्री बोम्मई ने लक्ष्य रखा है कि 2025 तक हाउसिंग सटिसफैक्सन रेशियो 65 प्रतिशत से ऊपर ले जाना है, जो बहुत अच्छा प्रयास है। इंडिया रिजर्व बटालियन विजयपुरा की भी आज शुरूआत की गई है। कुल 105 करोड़ की लागत से निर्मित इंडिया रिजर्व बटालियन में युवाओं को भर्ती कर एक अच्छा तंत्र बनाया जाएगा। कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदयुरप्पा, केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा, कोयला और खदान तथा संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी, उपमुख्यमंत्री गोविंद कारजोल, डॉ सीएन अश्वथ नारायण, कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • कोविड-19 टीकाकरण: भारत ने आरम्भ किया विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान, इस ऐतिहासिक दिवस पर नई दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए डॉ. हर्षवर्धन, दिल्ली के एम्स में सफाई कर्मचारी को लगा कोरोना का पहला टीका

    नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज इस ऐतिहासिक दिवस पर नई दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों तथा अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के साथ रहना पसंद किया, जब प्रधानमंत्री ने विश्व के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ राष्ट्र की लड़ाई के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण एवं प्रतिबद्धता की सराहना की, जब एक सफाई कर्मचारी मनीष कुमार नई दिल्ली के एम्स में टीकाकरण अभियान में शामिल होने वाले पहले वयक्ति बने। इस प्रक्रिया को एक वर्ष पूर्व शुरू हुई महामारी के चरमोत्कर्ष की शुरुआत बताते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आरम्भ से ही महामारी के प्रबंधन में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे हैं। आज का दिन कोविड टीकाकरण आरम्भ करने के लिए पांच महीने की कड़ी मेहनत की परिणति का प्रतीक है।”

    प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुबह 10:30 बजे कोविड-19 टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। स्वास्थ्य मंत्री ने दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के विस्तार और संभावना पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, “सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आज 3,006 सत्र स्थलों पर एक साथ इस प्रक्रिया की शुरुआत हुई और प्रत्येक स्थल पर लगभग 100 लाभार्थियों को टीका लगाया गया। 138 करोड़ की जनसंख्या और सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम, जिसमें टीका के जरिए रोकथाम की जाने वाली बारह बीमारियों के खिलाफ लक्षित टीकाकरण शामिल है, के साथ भारत आज इतिहास दर्ज करने के शिखर पर खड़ा है और दुनिया भर में अन्य देशों को रास्ता दिखा रहा है। चेचक और पोलियो के बाद अब कोविड की बारी है। आज की प्रक्रिया में सभी दूरस्थ, दुर्गमक्षेत्रों, शहरी झुग्गी-झोपड़ी, जनजातीय क्षेत्र शामिल हैं।”

    डॉ. हर्षवर्धन ने यह विशाल प्रक्रिया आरम्भ करने के लिए की गई तैयारियों के बारे में विस्तार से बताया कि “एक लाख से अधिक टीका लगाने वालों को प्रशिक्षित किया गया, कई मॉक अभ्यास किए गए, छोटी से छोटी गलतियों को दुरुस्त करने के लिए एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय प्रक्रिया भी संचालित की गई। निष्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया। ईविन प्लेटफॉर्म को को-विन (कोविड पर विजय) में रिपर्पस किया गया, पिछले दो दिनों से (आज के सत्र के लिए) सभी लाभार्थियों को एसएमएस भेजा गया, जिसे सभी सत्रों में सभी निर्धारित लाभार्थियों के लिए उनकी दूसरी खुराक के लिए दोहराया जाएगा।” स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कुशल टीम वर्क और दृढ़ राजनीतिक प्रतिबद्धता ने इस विशाल प्रक्रिया की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और मेरे सभी सहयोगी स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ सभी मुख्यमंत्रियों ने एक टीम के रूप में काम किया है और आज एक इतिहास बनाया है।” डॉ. हर्षवर्धन पहली टीका खुराक दिए जाने की निगरानी करते हुए   डॉ. हर्षवर्धन ने इस अवसर पर उपयोग सभी लोगों को पिछले वर्ष कोविड के विरूद्ध अर्जित उल्लेखनीय उपलब्धियों को याद दिलाने के लिए किया। उन्होंने कहा, “रोग के फैलने के तरीके की गहन निगरानी के साथ सक्रिय, रोकथाम करने के उपायों तथा निरंतर दृष्टिकोण के साथ, प्रभावी नैदानिक प्रबंधन ने इसके खिलाफ एक वीरतापूर्ण युद्ध में हमें सक्षम बनाया है और बहुत अधिक हद तक हमारे लोगों की जान बचाई है। भारत में सर्वोच्च रिकवरी दर है जो 96 प्रतिशत से अधिक है और मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत से नीचे है, जो सबसे कम है।” टीकों को ‘विजय का मार्ग’ बताते हुए, उन्होंने टिप्पणी की “कोविड-19 टीकों को कोविड के ऊपर विजय प्राप्त करने में संजीवनी की तरह स्मरण किया जाएगा” डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड योद्धाओं के वीरतापूर्ण बलिदानों का स्मरण किया, जिन्होंने समान रूप से निजी और सार्वजनिक सुविधा केन्द्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को टीका देने के निर्णय का बचाव करते हुए अपनी खुद की जान जोखिम में डालने के जरिए दूसरों की मदद की। उन्होंने भारत के उन आम लोगों को भी बधाई दी, जिन्होंने टीका के परीक्षणों में उत्साहपूर्वक योगदान दिया है।

    डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 टीकों की खुराक के संबंध में फैली अफवाहों का मुकाबला करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भ्रामक सूचनाओं से गुमराह न हों तथा केवल विश्वसनीय और प्रामाणिक जानकारी पर ही भरोसा करें। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “पूरा देश जीवन के सामान्य होने की प्रतीक्षा कर रहा है। लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है। वैसे चंद लोग जो इस प्रक्रिया की अखंडता पर सवाल उठाते हुए दूसरों को गुमराह कर रहे हैं, वे आम लोगों द्वारा किए गए बलिदानों तथा हमारे समाज के भविष्य के प्रति अनुचित कार्य कर रहे हैं।” एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) तथा कोविड-19 के लिए टीका प्रबंधन के राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (एनईजीवीएसी) के अध्यक्ष डॉ. वी.के. पॉल ने भी एम्स में टीका लगवाया। नई दिल्ली के एम्स के दौरे के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने गंगाराम अस्पताल में टीकाकरण स्थल का दौरा किया, जहां उन्होंने स्वास्थ्य और अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं के साथ परस्पर बातचीत की तथा राष्ट्र की सेवा करने की उनकी भावना को प्रणाम किया। उन्होंने कहा, “हम पिछले कई महीनों से आपके निरंतर और निस्वार्थ कार्य के कारण सुरक्षित रहे हैं”।

  • श्रीराम मंदिर के लिए मातृ मंडल सेवा भारती ने दिया ₹25 हजार

    बिजनौर (मुरादाबाद): मातृ मंडल सेवा भारती चांदपुर की कार्यकत्रियों ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 21000 की धनराशि जिला अध्यक्ष को सौंपी। उन्होंने भविष्य में अपने स्तर से और अधिक सहयोग करने के साथ ही अन्य लोगों से भी राम मंदिर में धन संग्रह कराने का भरोसा दिया।

    मातृ मंडल सेवा भारती की नगर कार्यकारिणी की बैठक चांदपुर की शिवलोक कालोनी में जिला उपाध्यक्ष रचना त्यागी के आवास पर आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि मातृ मंडल सेवा भारती के प्रांत संयोजिका देवी नंदा तथा विशिष्ट अतिथि जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा रहीं। बैठक में चांदपुर कार्यकारिणी की पदाधिकारियों ने अपनी ओर से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 25000 रूपए की धनराशि जिलाध्यक्ष को सौंपी। इस अवसर पर प्रांत संयोजिका देवी नंदा ने कहा कि श्री राम मंदिर हिंदू समाज के लिए एक सपने के समान था। आज यह सपना पूरा हो रहा है तो प्रत्येक हिंदू को अपना फर्ज निभाने के लिए आगे आना चाहिए। कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम हिंदू समाज की आस्था और प्रतिष्ठा श्रीराम मंदिर का निर्माण होते देख रहे हैं। सैकड़ों बरसों की लड़ाई लड़ने और अनगिनत श्री राम भक्तों के बलिदान के बाद आए इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनना हिंदू समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने भव्य श्री राम मंदिर निर्माण के लिए अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तन, मन या धन, जिस भी तरह अपनी भागीदारी निभा सकते हैं निभाएं। कार्यकत्रियों ने भरोसा दिलाया कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भविष्य में भी आपस में मिलजुल कर और अधिक सहयोग करेंगी तथा अन्य लोगों से भी धन संग्रह कराने में अपनी भागीदारी निभाएंगी। बैठक में चांदपुर नगर अध्यक्ष प्रिंसा बस्सी, नगर उपाध्यक्ष सीमा शर्मा, नगर मीडिया प्रभारी नीलिमा त्यागी, नगर मंत्री संतोष सन्नाढय, सदस्य अभय सिंह, बीना मिश्रा, मेघा वर्मा व प्रिया तेवतिया आदि मौजूद रहीं।

  • राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों में काम कर रहे चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा के संबंध में ईसीआई के दिशानिर्देश

    नई दिल्ली। निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ कार्यकाल के दौरान और उनके द्वारा अंतिम चुनाव संपन्न कराने के एक साल तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है, तो राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों को पहले से आयोग से मंजूरी लेनी होगी। यह दिशानिर्देश ECI ने जारी किये हैं। दरअसल भारतीय चुनाव आयोग के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और मुख्य चुनाव अधिकारियों के कार्यालय में काम कर रहे अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों व संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों आदि को चुनाव खत्म होने के बाद परेशान किया जाता है। यह विडंबना ही है कि ऐसे ज्यादातर मामलों में संबंधित अधिकारियों ने स्वतंत्र, ईमानदारी, पूरी मुस्तैदी और नियमों के तहत चुनाव सुनिश्चित करने के क्रम में निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया था। इस मामले की व्यापक समीक्षा के बाद और ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने 15 जनवरी 2021 को जारी अपने पत्र संख्या 154/2020 के माध्यम से निर्देश जारी करते हुए कहा कि यदि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक के अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्यकाल के दौरान और उनके द्वारा अंतिम चुनाव संपन्न कराने के एक साल तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है, तो राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों को पहले से आयोग से मंजूरी लेनी होगी। आयोग ने यह निर्देश भी दिया है कि राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकार दायित्वों के उचित निर्वहन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को उपलब्ध कराए गए वाहन, सुरक्षा और अन्य साधनों में कमी नहीं कर सकेगी। आयोग उम्मीद करता है कि सभी संबंधित पक्षों द्वारा इन निर्देशों का सख्ती से शब्दशः पालन किया जाएगा। उक्त निर्देश की एक प्रति ईसीआई की वेबसाइट https://eci.gov.in पर उपलब्ध है।

  • DRDO की पहली स्वदेशी 9 mm मशीन पिस्टल नजदीकी लड़ाई में टूटेगी बनकर कहर

    नई दिल्ली। भारत ने अपनी पहली 100 फीसदी स्वदेशी मशीन पिस्टल बना ली है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO), भारतीय सेना (Indian Army) और इन्फैंट्री स्कूल महू (MHOW) ने मिलकर इसे बनाया है। रक्षा मंत्रालय ने इस पिस्टल को मीडिया के समक्ष प्रस्तुत कर इसकी खासियतें बताईं। माना जा रहा है कि इस पिस्टल का उपयोग क्लोज कॉम्बैट, वीआईपी सिक्योरिटी और आतंकरोधी मिशन में किया जा सकता है। इस 9 मिमी मशीन पिस्टल (9 mm Machine Pistol) की डिजाइनिंग DRDO के आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट और आर्मी इन्फैंट्री स्कूल, महू ने मिलकर की है। इसे बनाने में डीआरडीओ को सिर्फ 4 महीने लगे। इसके एक किलोग्राम एवं 1.80 किलोग्राम वजन के दो वैरिएंट हैं। 9 मिमी मशीन पिस्टल के ऊपर दुनिया के किसी भी तरह के माउंट लगाए जा सकते हैं। वह किसी भी तरह का टेलीस्कोप, बाइनोक्यूलर या लेजर बीम हो सकते हैं। गन का ऊपरी हिस्सा एयरक्राफ्ट ग्रेड के एल्यूमिनियम से बना है, जबकि निचला हिस्सा कार्बन फाइबर से बनाया गया है। इसको बनाने के लिए थ्रीडी प्रिटिंग डिजाइनिंग की भी मदद ली गई। एक पिस्टल की उत्पादन लागत 50 हजार रुपए से कम है। कोई भी देश इसे भारत से खरीद सकता है।

    इस 9 mm Machine Pistol का नाम अस्मि (Asmi) रखा गया है… अर्थात गर्व, आत्मसम्मान और कड़ी मेहनत। 100 मीटर की रेंज तक यह पिस्टल सटीक निशाना लगा सकती है। इसकी मैगजीन में स्टील की लाइनिंग लगी है यानी यह गन में अटकेगी नहीं। इसकी मैगजीन को पूरा लोड करने पर 33 गोलियां आती हैं। इसका लोडिंग स्विच दोनों तरफ हैं। यानी दाहिने और बाएं हाथों से बंदूक चलाने वाले को कोई दिक्कत नहीं होगी। आगे की तरफ आर्म ग्रिप है जो सही निशाना लगाने के लिए मददगार साबित होता है। पिस्टल की बट फोल्डेबल है। यानी जरूरत पड़ने पर कंधे पर टिकाएं या फिर फोल्ड करके सीधे फायर करें।

  • लोगों की नाराजगी के कारण तीन महीने टली WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी, WhatsApp ने बताया है कि लोगों के बीच फैली ‘गलत जानकारी’ से बढ़ती चिंताओं के कारण प्राइवेसी अपडेट को टालने का फैसला लिया गया है।

    नई दिल्ली। WhatsApp ने तीन महीने के लिए नई प्राइवेसी पॉलिसी को टाल दिया है। अब किसी का अकाउंट बंद नहीं किया जायेगा। WhatsApp ने घोषणा की है कि उसने प्राइवेसी अपडेट करने का अपना प्लान तीन महीने के लिए टाल दिया है। कंपनी का कहना है कि प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर यूजर्स में भ्रम है। इसलिए तीन महीने का समय देने से यूजर्स को पॉलिसी के बारे में जानने और उसकी समीक्षा करने के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा।

    WhatsApp ने बताया है कि लोगों के बीच फैली ‘गलत जानकारी’ से बढ़ती चिंताओं के कारण प्राइवेसी अपडेट को टालने का फैसला लिया गया है। ये भी कहा कि प्राइवेसी पॉलिसी के आधार पर कभी भी अकाउंट को हटाने की योजना नहीं बनाई गई है और भविष्य में भी ऐसी योजना नहीं होगी। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘8 फरवरी को किसी को भी WhatsApp अकाउंट सस्पेंड या डिलीट नहीं करना होगा। WhatsApp पर प्राइवेसी और सिक्योरिटी कैसे काम करती है, इसके बारे में जानकारी देने के लिए हम और भी बहुत कुछ करने जा रहे हैं। 15 मई को नया अपडेट ऑप्शन उपलब्ध होने से पहले हम अपनी पॉलिसी के बारे में लोगों का भ्रम दूर कर देंगे।’ इससे पहले कहा गया था कि WhatsApp 8 फरवरी 2021 को अपनी टर्म्स ऑफ सर्विस को अपडेट करने जा रहा है। यूजर्स इससे एग्री नहीं होते हैं तो वे WhatsApp इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसी वजह से कई मिलियन यूजर्स सिग्नल और टेलीग्राम ऐप पर चले गए।

    नयी पॉलिसी के विरोध का कारण- छोटे व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का दावा है कि WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी में यूजर्स के सभी तरह के डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें निजी जानकारियों से लेकर, लेनदेन की जानकारी, संपर्क, लोकेशन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं, जिन्हें WhatsApp एकत्रित करेगी। उसके बाद वह किसी भी प्रयोजन के लिए इसका उपयोग कर सकती है। उसका कहना है कि देश में WhatsApp, Facebook के करीब 40 करोड़ यूजर्स हैं। ऐसे में हर यूजर के डेटा तक पहुंच होने से ना सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए भी घातक है।

  • दिव्यांग व्यक्तियों के उपयुक्त पदों की सूची में 593 नए पद जुड़े, केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में 3566 पद अधिसूचित

    नई दिल्ली। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने 4 जनवरी, 2021 को केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में 3566 पदों को अधिसूचित किया, जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत बेंचमार्क दिव्यांगता (40% या इससे अधिक  दिव्यांगता) के लिए उपयुक्त हैं। इनमें ग्रुप ए के 1046, ग्रुप बी के 515, ग्रुप सी के 1724 और ग्रुप डी के 281 पद शामिल हैं। दिव्यांग व्यक्तियों की नई श्रेणियों, जैसे बौनापन, एसिड अटैक पीड़ितों, मांसपेशी विकार, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, बौद्धिक दिव्यांगता, ज्ञान प्राप्ति में कुछ ख़ास सीखने संबंधी दिव्यांगता, मानसिक बीमारी और अन्य प्रकार की दिव्यांगता के लिए भी उपयुक्त पदों की पहचान की गई है। यह सूची संपूर्ण नहीं है और केंद्रीय मंत्रालय/विभाग/स्वायत्त निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अतिरिक्त सूची जारी कर सकते हैं। यह अधिसूचना सरकारी प्रतिष्ठानों में दिव्यांगजनों के रोजगार के अवसरों का विस्तार करेगी। दिव्यांगजनों के लिए उपयुक्त 2973 पदों की एक सूची, दिव्यांग व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के तहत पिछली बार 29 जुलाई, 2013 को अधिसूचित की गई थी। यह अधिनियम अब वापस ले लिया गया है। पहले की अधिसूचित सूची की तुलना में 593 नए पद जोड़े गए हैं।

    केंद्र सरकार द्वारा 04 जनवरी, 2021 को अधिसूचित पदों की सूची, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है। समिति में विशेषज्ञ दिव्यांगजन और विभिन्न दिव्यांगजन संघों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। सूची का विवरण विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिसूचना http://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/224370.pdf. पर भी उपलब्ध है।

  • कोरोना, बर्ड फ्लू के बावजूद गंदगी फैली अजदेव में –चांदपुर/बिजनौर। ब्लॉक जलीलपुर की ग्राम पंचायत अजदेव में सफाई कर्मियों के न आने से गंदगी के ढेर लग गए हैं। शिकायत के बावजूद विभाग कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। कोरोना संक्रमण प्रकोप के बीच बर्ड फ्लू की आमद के चलते भयंकर तबाही का मंजर कब नमूदार हो जाए, कहना मुश्किल भी है और बेकार भी। शासन प्रशासन प्रदूषण दूर करने के लिए योजनाओं को चला कर थक गया, लेकिन सम्बद्ध अधिकारी, कर्मचारियों को कतई परवाह नहीं है। बानगी के तौर पर ब्लॉक जलीलपुर की ग्राम पंचायत अजदेव को देखा जा सकता है। यहां तैनाती के बावजूद सफाई कर्मचारी आने की जहमत नहीं उठाते। इस कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और इनसे उठती भीषण दुर्गंध ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। आरोप है कि कोरोना संक्रमण प्रकोप और बीच बर्ड फ्लू के दौर में सफाई को लेकर यह लापरवाही जनता पर भारी पड़ सकती है।

  • LIC प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में ले सकते हैं प्रतिमाह ₹10000

    Recap-

    नई दिल्ली। भारत सरकार ने LIC वय वंदना योजना का लाभ उठाने की डेटलाइन बढ़ाकर 31 मार्च 2023 कर दी है। इस योजना में एक बार निवेश करने पर हर महीने एक निश्चित राशि पेंशन के रूप मिलती रहेगी। न्यूनतम पेंशन ₹ एक हजार व अधिकतम ₹10,000 है।

    प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मासिक पेंशन का विकल्प चुनने पर 10 साल तक एक तय दर से पेंशन मिलती है। इसमें किये गये निवेश पर सुनिश्चित रिटर्न के आधार पर पेंशन मिलती है।

    प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में निवेश करने की न्‍यूनतम उम्र 60 साल है जबकि अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। इसमें अधिकतम 15 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है। इसमें सालाना ब्याज दर 8- 8.30 फीसद तक का रिटर्न मिलता है और रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि पेंशन का भुगतान मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना होगा।

    वय वंदना योजना के अंतर्गत पेंशन के रूप में ब्याज की ही रकम मिलती है। वरिष्ठ नागरिकों को न्यूनतम 12,000 रुपए प्रति वर्ष की पेंशन के लिए 1,56,658 रुपए और 1000 रुपए प्रति माह न्यूनतम पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए 1,62,162 रुपए का निवेश करना होगा।

    प्रति माह कैसे मिलेंगे ₹
    किसी व्यक्ति ने 15 लाख रुपए जमा किये हैं, तो 8 % की दर से इस पर साल का 1 लाख 20 हजार रुपए ब्याज मिलेगा। ब्याज की यह रकम मासिक तौर पर 10 हजार रुपए, हर तिमाही में 30000 रुपए और हर छमाही पर 60000 रुपए के तौर पर मिलेगी या फिर साल में एक बार 1,20,000 रुपए करके दी जाएगी। इस योजना के तहत अगर आप पॉलिसी लेते हैं तो 10 वर्ष के पालिसी टर्म तक पेंशनर के जिन्दा रहने पर जमा धनराशि के साथ-साथ पेंशन भी दी जाएगी और किसी कारण से पेंशनर की मृत्यु हो जाती है तो पालिसी टर्म के 10 वर्षो के अधीन जमा राशि नॉमिनी को वापस कर दी जाएगी।


    योजना के दस्तावेज-
    1. आधार कार्ड
    2. पैन कार्ड
    3. बैंक खाता की पासबुक
    4. पासपोर्ट साइज फोटो
    5. मोबाइल नंबर
    कैसे करें आवेदन ?
    इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए नजदीकी एलआईसी ऑफिस में जाकर फॉर्म भरने के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज अटैच कर के प्रीमियम राशि को जमा कर अपना अकाउंट खुलवाया जा सकता है।

    ऑनलाइन माध्यम से उठाने के लिए एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा या डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर सकते हैं https://eterm.licindia.in/onlinePlansIndex/pmvvymain.do

    इस लिंक पर क्लिक करने के बाद LIC Vaya Vandana Yojana के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इसमें पूछी गईं सभी जानकारी को सही-सही भरने के बाद सभी दस्तावेज़ों को अपलोड करना होगा। उसके बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा। इस प्रकार प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा |

  • बेंगलुरू मेट्रो के चरण-2 का उद्घाटन-तेज आवागमन और स्मार्ट मोबिलिटी विकल्पों को सक्षम बनाने के लिए बेंगलुरू मिशन 2022 के लक्ष्यों की दिशा में उठाया गया कदम चरण-2 में 74 किलोमीटर लंबे रूट पर 62 स्टेशन के साथ चरण-1 में चारों दिशाओं में 34 किलोमीटर लंबाई में दोनों बैंगनी व हरी लाइनों और दो नई लाइनों का विस्तार शामिल है।

    बेंगलुरू। आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी, केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने येलाचेनाहल्ली से सिल्क इंस्टीट्यूट मेट्रो स्टेशनों तक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर नम्मा मेट्रो के चरण-2 के अंतर्गत 6 किलोमीटर लंबी दक्षिणी विस्तार लाइन का शुभारम्भ किया। मेट्रो विस्तार लाइन और एफओबी का उद्घाटन शहर में तेज आवागमन और स्मार्ट मोबिलिटी के विकल्पों को सक्षम बनाने के लिए बेंगलुरू मिशन, 2022 के लक्ष्यों की दिशा में एक कदम है। बेंगलुरू मेट्रो रेल परियोजना चरण-2 के तहत 74 किलोमीटर लंबे रूट पर 62 स्टेशन आते हैं और इसमें चारों दिशाओं में कुल 34 किलोमीटर में चरण-1 की बैंगनी और हरी दोनों लाइनों का विस्तार और दो नई लाइनें शामिल हैं। इन दो लाइनों में 21 किलोमीटर लंबा गोतीगेरे-नागावाड़ा रूट और 19 किलोमीटर लंबा आरवी रोड- बोम्मासैंड्रा रूट शामिल है। इस परियोजना को 30,695 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में परिचालन लाइन पर येलाचेनाहल्ली मेट्रो स्टेशन से आगे 5 नए स्टेशन कोननकुंटे क्रॉस, दोदोकल्लासैंड्र, वाजारहल्ली, थालाघट्टापुरा और सिल्क इंस्टीट्यूट शामिल हैं। विस्तार में वर्तमान में परिचालित 24.2 किलोमीटर लंबी हरी (उत्तर-दक्षिण) लाइन के दक्षिणी किनारे पर 6 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड मेट्रो शामिल है। इस विस्तार के साथ, एन-एस कॉरिडोर 30.2 किलोमीटर लंबा हो जाएगा। एलिवेटेड भाग में 213 स्पैन (पुल) शामिल हैं। इस काम में सुपरस्ट्रक्चर के लिए 1032 पाइल, 223 पियर्स और 1998 सेगमेंट व स्टेशनों में 665 गिरडर शामिल हैं। इसमें 2,10,965 कम कंक्रीट और 20,500 मीट्रिक टन स्टील इस्तेमाल किए गए हैं। ‘स्टेट ऑफ आर्ट इक्विपमेंट’ के अलावा बिजली से जुड़े कार्यों, सिग्नलिंग और दूरसंचार के लिए विभिन्न आकारों के 765 किलोमीटर केबल और तार बिछाए गए हैं।

    मेट्रो की कुछ विशेषताएं: यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन पर 8 एस्केलेटर और 4 एलिवेटर लगाए गए हैं, जिससे कुल 40 एस्केलेटर और 20 एलिवेटर हो गए हैं। इस विस्तार लाइन के सभी 5 स्टेशनों पर कुल 1.2 मेगावाट क्षमता के रूफ टॉप सौर उपकरण लगाए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा संयंत्रों को मार्च, 2021 तकलगाने का लक्ष्य है। बेंगलुरू मेट्रो में ऐसा पहली बार है कि यहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं। सभी 5 स्टेशनों को ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइट उपलब्ध कराई गई हैं। सभी स्टेशनों पर नई सर्विस रोड पर प्रवेश/निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सर्विस रोड पर बस गलियारा, टैक्सी और ऑटो के लिए पिकअप व ड्रॉप एरिया निर्धारित किया गया है। शारीरिक दिव्यांग और नेत्रहीन लोगों के लिए रैम्प, लिफ्ट, अलग शौचालय, स्पर्श मार्ग व ट्रेनों में निश्चित स्थान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन बस अड्डों का पता लगाने के लिए 5 स्टेशनों के दोनों तरफ विशेष मोड बदलाव सेवा लेन बनाई गई हैं और मध्यवर्ती सार्वजनिक परिवहन (आईपीटी) के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है।

    एक देश एक कार्ड-बेंगलुरू मेट्रो ने स्वचालित किराया संग्रह (एएफसी) प्रणाली के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया है, जो उद्घाटन के साथ वन लूप एनसीएमसी ‘एक देश एक कार्ड’ के उपयोग से यात्रा में सहायक होता है। एनसीएमसी के लिए वर्तमान में परिचालित 42 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के 40 स्टेशनों पर एएफसी प्रणाली को भी अपग्रेड किया जा रहा है। चरण-1 की लाइनों सहित सभी लाइनों पर एनसीएमसी आधारित टिकट सेवा 15 अगस्त, 2021 से पहले यात्रा के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके बाद, बेंगलुरू में पश्चिमी विस्तार सहित 55 किलोमीटर लंबे पूरे मेट्रो नेटवर्क में यात्री अपनी यात्रा के लिए भुगतान करने के लिए रूपे कार्ड या कोई अन्य एनसीएमसी अनुपालित बैंक कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • कोरोना कॉलर ट्यून में अब नहीं सुनाई देगी अमिताभ बच्चन की आवाज़

    नई दिल्ली। किसी को फोन लगाने से पहले अमिताभ बच्चन की आवाज में कोरोना से बचाव और सावधानी को लेकर बजने वाली कॉलर ट्यून अब बदलने वाली है।

    अमिताभ बच्चन की आवाज वाली मोबाइल कॉलर ट्यून अब बंद होने जा रही है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार 15 जनवरी से अमिताभ बच्चन की जगह महिला आर्टिस्ट की आवाज में कॉलर ट्यून सुनाई दे सकती है। कोरोनाकाल में पिछले कई महीनों से अमिताभ बच्चन की आवाज में संदेश दिया जा रहा है। इसमें अमिताभ बच्चन लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के उपाय और सावधानी संबंधी संदेश बोलते सुनाई देते हैं। अब सरकार ने इसे बदलने का फैसला किया है।
    बदलाव की वजह-
    अमिताभ की आवाज वाली इस कॉलर ट्यून के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने की मंशा सरकार की रही। शनिवार से कोरोना वैक्सीन लगने वाली है। इसलिए अब केंद्र सरकार का फोकस कोरोना का टीका है।
    PM लांच करेंगे टीका-
    कोरोना का टीकाकरण शनिवार 16 जनवरी से देशभर में शुरू होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे लांच करेंगे। शुक्रवार से बदली हुई कॉलर ट्यून में कोरोना के टीका से सम्बंधित संदेश सुनाई पड़ सकता है। नई कॉलर ट्यून में लोगों को टीके को लेकर जागरूक करने के साथ सन्देश दिया जाएगा। अमिताभ से पहले जसलीन भल्ला की आवाज में कॉलर ट्यून सुनाई देती थी।

  • कोरोना के विरुद्ध भारत का एक और युद्ध, इसके खिलाफ जंग में भारत को एक और कामयाबी, दुनिया का सबसे खास M-RNA टीका देश में तैयार

    नई दिल्ली। कोरोना महामारी के खिलाफ भारत को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। देश में दुनिया का सबसे खास M-RNA तकनीक पर आधारित कोरोना तैयार कर लिया गया है। इस खास तकनीक पर आधारित टीके के कारण भारत आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में और मजबूत हुआ है। भारत लगातार मेडिसीन खास तौर पर कोरोना से जंग में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसी कड़ी में अब एम-आरएनए टीका बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। तापमान से लेकर कीमतों तक में यह टीका बाकी देशों की तुलना में सबसे अलग होगा। भारतीय वैज्ञानिकों की लंबी खोज और रात-दिन की मेहनत के बाद इस टीके को तैयार किया जा रहा है।

    विदित हो कि दुनिया में फ़िलहाल एमआरएनए तकनीक पर दो ही टीके उपलब्ध हैं। इनमें पहला अमरीकी दवा कंपनी फाइजर का है। इसे -70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखना बेहद जरूरी है। इस टीके की प्रति डोज कीमत करीब 1431 रुपए है। वहीं दूसरा टीका मोर्डना का है, जिसे 2 से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जा सकता है, लेकिन प्रति डोज इस टीके की कीमत करीब 2715 रुपए हो सकती है। देखा जाए तो इन टीकों की दो खुराक का इस्तेमाल करने में एक व्यक्ति को कम से कम पांच हजार रुपए खर्च करना होगा। इन दो टीकों के मुकाबले भारत में तैयार हो रहा टीका काफी सस्ता होगा। एम-आरएनए तकनीक से विकसित टीका 2 से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान में ही सुरक्षित रहेगा और इसकी कीमत भी करीब प्रति डोज 200 से 300 रुपए के आसपास हो सकती है, हालांकि कीमतों को लेकर यह अनुमान है। स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि यह टीका इससे अधिक कीमत पर उपलब्ध नहीं होगा।

    कोरोना की जड़ पर करेगा वार-जानकारी के अनुसार जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लिमिटेड और भारत सरकार के डीबीटी मंत्रालय के वैज्ञानिकों ने मिलकर इसे तैयार किया है। मौजूदा समय में इस टीके पर पहले चरण के तहत ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि इस टीके पर दूसरे चरण का परीक्षण आगामी मार्च माह में होने की उम्मीद है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने इसे बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने भारत की जरूरतों को समझते हुए एकदम अलग टीका तैयार किया है, जिसे अधिक तापमान पर भी सुरक्षित रखा जा सकता है। एम-आरएनए टीके में कोरोना वायरस की आनुवंशिक सामग्री का एक खास हिस्सा होता है। इसे मैसेंजर आरएनए या एम-आरएनए कहते हैं। शरीर में दाखिल होने पर यह एम-आरएनए हमारी ही कोशिकाओं को वायरस वाला वह प्रोटीन बनाने का निर्देश देने लगता है, जिसकी मदद से असली कोरोना वायरस हमला बोलता है। इसके चलते शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने लगती है।

  • स्योहारा थाने में तैनात एसएसआई की हार्ट अटैक से मौत
    बिजनौर (मुरादाबाद): स्योहारा थाने में तैनात एसएसआई रफल सिंह सैनी की सुबह 7 बजे दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। दो वर्ष से थाने में तैनात एसएसआई रफल सिंह सैनी बुधवार की सुबह उठे और प्रतिदिन की तरह टहल रहे थे कि अचानक गिर पड़े। थाना स्टाफ ने उन्हें तत्काल उपचार के लिये अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मृत्यु का कारण हार्ट फेल होना बताया। सहारनपुर निवासी रफल सिंह सैनी के परिजनों को सूचना भेज दी गई है। बेहद मृदुभाषी व मिलनसार व्यक्तित्व के पुलिसकर्मी के असामयिक निधन पर विभागीय अधिकारियों व सहयोगियों के अलावा नगर की जनता ने शोक व्यक्त किया है।

  • लखनऊ। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर एलडीए आशियाना नागेश्वर महादेव मंदिर में भंडारा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में “खिचड़ी” का वितरण किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित देवीप्रसाद जी ने बताया कि मकर संक्रान्ति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि अर्थात् नकारात्मकता का प्रतीक तथा उत्तरायण को देवताओं का दिन अर्थात् सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है। ऐसी धारणा है कि इस अवसर पर दिया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है। इस दिन शुद्ध घी एवं कम्बल का दान मोक्ष की प्राप्ति करवाता है। जैसा कि निम्न श्लोक से स्पष्ठ होता है-
    माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।
    स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥
    मकर संक्रान्ति के अवसर पर गंगास्नान एवं गंगातट पर दान को अत्यन्त शुभ माना गया है। इस पर्व पर तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर में स्नान को महास्नान की संज्ञा दी गयी है। उन्होंने बताया कि सामान्यत: सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं, किन्तु कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त फलदायक है। यह प्रवेश अथवा संक्रमण क्रिया छ:-छ: माह के अन्तराल पर होती है। भारत देश उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। मकर संक्रान्ति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में होता है अर्थात भारत से अपेक्षाकृत अधिक दूर होता है। इसी कारण यहाँ पर रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है, किन्तु मकर संक्रान्ति से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है। अतएव इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है। दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होगा तथा रात्रि छोटी होने से अन्धकार कम होगा। अत: मकर संक्रान्ति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है। प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतनता एवं कार्य शक्ति में वृद्धि होगी। ऐसा जानकर सम्पूर्ण भारतवर्ष में लोगों द्वारा विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना, आराधना एवं पूजन कर, उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की जाती है। सामान्यत: भारतीय पंचांग पद्धति की समस्त तिथियाँ चन्द्रमा की गति को आधार मानकर निर्धारित की जाती हैं, किन्तु मकर संक्रान्ति को सूर्य की गति से निर्धारित किया जाता है। इसी कारण यह पर्व प्रतिवर्ष १४ जनवरी को ही पड़ता है।

    मकर संक्रान्ति का ऐतिहासिक महत्व:-
    मकर संक्रान्ति के अवसर पर भारत के विभिन्न भागों में, और विशेषकर गुजरात में, पतंग उड़ाने की प्रथा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। चूंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है। महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिये मकर संक्रान्ति का ही चयन किया था। मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थीं।

  • गणतंत्र दिवस परेड के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में 321 स्कूली बच्चे और 80 लोक कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे

    नई दिल्ली। जनवरी 2021 को राजपथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिल्ली के चार विद्यालयों के बच्चे और कोलकाता स्थित पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के लोक कलाकार भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के लिए रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने मिलकर 401 विद्यार्थियों और कलाकारों का चयन किया है, जिनमें 271 लड़कियाँ और 131 लड़के शामिल हैं। इन छात्रों और कलाकारों का चयन डीटीईए सीनियर सेकेंडरी स्कूल (दिल्ली), माउंट आबू पब्लिक स्कूल (रोहिणी दिल्ली), विद्या भारती स्कूल (रोहिणी दिल्ली), राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बी-2, यमुना विहार, दिल्ली) और पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (कोलकाता) से किया गया है।

    आत्मनिर्भर भारतः माउंट आबू पब्लिक स्कूल (दिल्ली) और विद्या भारती स्कूल (दिल्ली) के कार्यक्रमों की थीम आत्मनिर्भर भारत के लिए दृष्टिकोण है। इस कार्यक्रम में 38 लड़के और 54 लड़कियां भाग लेंगे। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 102 छात्राएं “हम फिट तो इंडिया फिट” विषय पर कार्यक्रम पेश करेंगी। ये कार्यक्रम 29 अगस्त 2019 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किए गए फिट इंडिया अभियान से प्रेरित है। डीटीईए सीनियर सेकेंडरी स्कूल (दिल्ली) के 127 छात्र पारंपरिक वेशभूषा में तमिलनाडु के लोक नृत्य का प्रदर्शन करेंगे। पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, कोलकाता के 80 लोक कलाकार कलाहांडी, ओडिशा के लोकप्रिय लोक नृत्य बजासाल की शानदार प्रस्तुति देंगे। 13 जनवरी 2021 को आयोजित एक संवाददाता कार्यक्रम के दौरान गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनने पर युवा प्रतिभागियों ने खुशी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि राजपथ पर गणमान्य अतिथियों के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिलना किसी गर्व से कम नहीं है। हम जबर्दस्त उत्साह से भरे हुए हैं। कोविड-19 महामारी के कारण लागू प्रतिबंधों के चलते इस साल बच्चों और लोक कलाकारों के तौर पर भाग लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या को 400 तक सीमित किया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 600 से भी अधिक थी।

  • दो वाहनों की भिड़ंत में नजीबाबाद सीओ समेत पांच घायल

    बिजनौर (मुरादाबाद): नजीबाबाद रोड पर  हनुमत पेंदा पुलिस चौकी के पास दो वाहनों की भिड़ंत में सीओ समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डीएम एसपी मौके पर पहुंचे। उपचार के लिए सभी घायलों को जिला मुख्यालय के अलग अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    नजीबाबाद सीओ गजेन्द्रपाल सिंह बुधवार शाम करीब 6:30 बजे गाड़ी नम्बर यूपी 70 एजी 3128 से राजकीय कार्य से बिजनौर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नजीबाबाद रोड पर हनुमत पेंदा पुलिस चौकी के पास विपरीत दिशा से आ रही एसेन्ट कार नम्बर डीएल 8सी एएम 6813 ने पुलिसकर्मियों की गाड़ियों में टक्कर मार दी। घटना में सीओ नजीबाबाद गजेंद्र पाल सिंह, गाड़ी चालक पवन ढाका, हमराही सिपाही सौरभ व संजय कुमार तथा एसेन्ट कार चालक अनमोल पुत्र परवेन्द्र निवासी आदर्शनगर कालोनी नजीबाबाद घायल हो गये। हनुमत पेंदा चौकी पर तैनात पुलिस फोर्स द्वारा मौके पर पहुंच कर घायलों को उपचार के लिये  बिजनौर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिसकर्मियों को वेदान्ता अस्पताल तथा अनमोल को बुद्धा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिलाधिकारी रमाकांत पांडे, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल में चिकित्सकों से वार्ता की। घायलों को खतरे से बाहर बताया गया है।

  • बिजनौर (मुरादाबाद): अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक परिवार के सहयोग की अपेक्षा से विश्व हिंदू परिषद द्वारा नजीबाबाद के नांगल सोती क्षेत्र में विशाल बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान गांव-गांव जाकर भगवान राम में आस्था रखने वाले सभी क्षेत्रवासियों से आग्रह किया गया कि वे राम मंदिर रूपी महायज्ञ में अपना सहयोग करके अपनी अपनी आहुति देने की कृपा करें।

    बाइक रैली का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रचार प्रमुख सिंधु राज सिंह, हिंदू जागरण मंच के जिला महामंत्री गौरव चिकारा, नांगल खंड के संघचालक सत्यपाल सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बिजनौर धर्म जागरण के विभाग संयोजक शिवध्यान सिंह, जिला सह कार्यवाह गगन कंडवाल ने किया। बाइक रैली गांव चंदोक के जीतमल देवता से प्रारंभ होकर सुंगरपुर बेहड़ा, लालपुर सौजीमल, गौसपुर, तिसोतरा, अलीपुरद्वारका, पूंडरी खुर्द, बरकातपुर, दिनौड़ी, मानपुर, महनमशापुर, सौफतपुर, हरचंदपुर, मायापुरी, चमरौला, अभिपुरा, जयपुर, मंडावली, मूसेपुर, मीरमपुर बेगा, करौली, काशीरामपुर, आलम सराय, शहजादपुर, नांगल आदि गांव में भ्रमण कर जोशीले अंदाज में भगवान श्रीराम के नारे लगाते हुए निकाली गई। इस दौरान ग्राम वासियों से मंदिर निर्माण में सहयोग की अपील की गई। बाइक रैली में मुख्य रूप से भाजपा नांगल मंडल के अध्यक्ष आर्य वीरेंद्र शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, महामंत्री अंकित शर्मा, अरविंद विश्वकर्मा, अवनीश जोशी, सतपाल सिंह पाल, मनोज जाट, हेमन्त, केशव कुमार, रजनीश कुमार, ओंकार आजाद, पंकज पाल, मोहन सिंह, सुमित, आशू, वंश, हनी, सत्यम चौधरी, शोभित चौधरी, सूर्यांश उपाध्याय, अमित त्यागी, महामंत्री एडवोकेट अंकित शर्मा, नरेश कुमार, संदीप राजपूत, रामकुमार सिंह प्रधान आदि ने भाग लिया।

  • अवकाश पर थे सहायक अध्यापक, मुख्य अध्यापक स्कूल खुला छोड़ गए ED से मिलने
    पर्यवेक्षण को पहुंचे शिक्षक संकुल तो हुआ खुलासा

    बिजनौर (मुरादाबाद): शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय के पुजारी शिक्षक अपने कर्तव्य के प्रति कितने समर्पित हैं, इसकी बानगी मंगलवार को हल्दौर को विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरा में देखने को मिली!

    बताया जाता है कि खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश के अनुपालन में शिक्षक संकुल डॉ अजय कुमार शाही पर्यवेक्षण करने के लिए प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरा पहुंचे। पूरा स्कूल खुला हुआ था लेकिन स्टाफ के नाम पर केवल रसोईया सुनीता उपस्थित थी। पूरे स्कूल में भ्रमण के बावजूद जब वहां पर एक भी शिक्षक नहीं मिले तो श्री शाही ने इस संबंध में जानकारी ली। पता चला कि विद्यालय की सहायक अध्यापिका रूपा देवी 6 माह के मातृत्व अवकाश पर हैं। शिक्षण कार्य बाधित न हो, इसके लिए गांवड़ी बुजुर्ग से सहायक अध्यापक मौ. जावेद को इस विद्यालय में तैनात कर रखा है। मौ. जावेद ने मंगलवार का आकस्मिक अवकाश ले रखा था, जो कि विभागीय अधिकारियों द्वारा स्वीकृत भी किया जा चुका था। इस कारण वह विद्यालय नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी में विद्यालय की समस्त जिम्मेदारी मुख्य अध्यापक राजीव कुमार के कंधों पर थी। बताया जाता है कि विद्यालय में न मिलने पर संकुल शिक्षक ने मुख्य अध्यापक से फोन पर वार्ता करने का प्रयास भी किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। रसोईया द्वारा दिखाए गए पत्र व्यवहार पंजिका में राजीव कुमार को एडी बेसिक की जांच में जाना दर्शाया गया।

    जवाबदेही किसकी ?
    उधर लोगों का मानना है कि विद्यालय में अत्यंत महत्वपूर्ण अभिलेख तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई हजारों रुपए की सामग्री प्रत्येक समय रहती है। विद्यालय को बिना किसी समुचित व्यवस्था के छोड़कर जाना घोर लापरवाही है। एडी बेसिक शाम तक क्षेत्र में रहे। मुख्य अध्यापक को उनके पास जाना भी था, तो विद्यालय समय अवधि समाप्त होने के बाद जा सकते थे और यदि उससे पहले भी जाना था तो उन्हें कोई अन्य व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि विद्यालय में कुछ भी अप्रिय घटना घटित होने पर संबंधित की जवाबदेही बन सकती। सवाल यह है कि अगर प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरा से कोई अभिलेख अथवा सरकारी सामग्री गायब हो जाए तो जिम्मेदार कौन होगा। वहीं कोई अभिभावक आदि शिक्षण संबंधी कार्य के लिए विद्यालय में पहुंचे तो वहां पर किस से वार्ता करता ?

    फिलहाल संकुल शिक्षक ने अपने पर्यवेक्षण की रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है। अब देखने वाली बात होगी कि खंड शिक्षा अधिकारी इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही करेंगे अथवा इस ओर से नजरें फेर लेंगे क्योंकि शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही करने पर उन्हें पहले ही शिक्षक संघठनों ने घेर रखा है। ऐसे में खंड शिक्षा अधिकारी अगर इस मामले में मुख्य अध्यापक के खिलाफ कोई कार्यवाही करते हैं तो शिक्षक नेताओं को मोर्चा खोलने के लिए एक और मुद्दा मिल जाएगा!

  • Covishield के बाद ‘Covaxin’ की सप्लाई भी शुरू
    हैदराबाद। कोरोना से बचाव को टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू हो रहा है। सभी राज्यों में वैक्सीनेशन की तैयारियां जारी हैं। वहीं देश में पहले दौर के वैक्सीनेशन के लिए मंगलवार को पुणे से देश के 13 शहरों में 54 लाख 72 हजार वैक्सीन डोज की सप्लाई हो गई। सप्लाई आज भी जारी है। केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट को 1 करोड़ 10 लाख और भारत बायोटेक से 55 लाख वैक्सीन डोज का शुरुआती ऑर्डर दिया है। सीरम इंस्टीट्यूट ने अपनी वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ की पहली खेप मंगलवार से भेजना शुरू किया था। दूसरी ओर भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ की पहली खेप हैदराबाद से आज बुधवार सुबह दिल्ली और 10 अन्य शहरों को भेजी गई।

    ‘कोवैक्सीन’ की पहली खेप को एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली भेजा गया है। इसमें 80.5 किलोग्राम के तीन बॉक्स हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार सुबह 06:40 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI 559 से वैक्सीन के पहले कंसाइनमेंट को हैदराबाद से दिल्ली भेजा गया है। दिल्ली के अलावा कोवैक्सीन की खेप बेंगलुरु, चेन्नई, पटना, जयपुर और लखनऊ भी भेजी गई, आज कुल 14 कंसाइनमेंट भेजे जाएंगे।

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ‘कोवैक्सीन’ की 55 लाख और ‘कोविशील्ड’ की 1.1 करोड़ खुराक खरीदी जा रही हैं। इन दोनों की वैक्सीन को DCGI द्वारा आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी जा चुकी है। ICMR के साथ साझा अभियान के तहत भारत बायोटेक ने इस वैक्सीन का निर्माण किया है। भारत बायोटेक शुरुआती 38.5 लाख डोज के लिए 295 रुपये प्रति खुराक कीमत वसूल रहा है। कंपनी ने केंद्र सरकार को 16.5 लाख डोज मुफ्त देने का भी फैसला किया है। केंद्र सरकार को अभी तक 54,72,000 वैक्सीन मिल चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पहले चरण की पूरी खेप सभी राज्यों को 14 जनवरी तक मिल जाएगी। विदित हो कि हर व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज लगेंगी। पहली खुराक के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी। दूसरी खुराक लेने के 14 दिन बाद इसका असर शुरू होगा।

  • कर चोरी/बेनामी संपत्तियों/विदेशी अघोषित परिसंपत्तियों के बारे में शिकायत दर्ज करने के लिए सीबीडीटी का ई-पोर्टल लांच

    नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कर चोरी, विदेशी अघोषित परिसंपत्तियों के साथ-साथ बेनामी संपत्तियों/ के बारे में शिकायतों को दर्ज करते हुए प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए विभाग की ई-फाईलिंग वेबसाइट पर ई-पोर्टल का शुभारंभ किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य कर चोरी को रोकने के लिए ई-गवर्नेंस की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए और इस दिशा में नागरिकों की हितधारक के रूप में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

    अब आमजन विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/ पर एक लिंक के माध्यम से “कर चोरी/अघोषित विदेशी संपत्ति/बेनामी संपत्ति की शिकायत दर्जं करें” शीर्षक के अंतर्गत कर चोरी की शिकायत दर्जं करा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए इस सुविधा का उपयोग मौजूदा पैन/आधार कार्ड धारकों के साथ-साथ ऐसे व्यक्ति भी कर सकते हैं, जिनके पास पैन/आधार कार्ड नहीं है। इस पोर्टल पर ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण की एक प्रक्रिया (मोबाइल और/या ईमेल) के बाद, शिकायतकर्ता इस उद्देश्य के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के उल्लंघन, काला धन (अघोषित विदेशी संपत्ति और आय) कर अधिरोपण अधिनियम, 1961 और बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम के तहत निर्धारित किए गए तीन फॉर्मों में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सफलतापूर्वक शिकायत के दर्ज होने के पश्चात, विभाग प्रत्येक शिकायत के लिए प्रत्येक शिकायतकर्ता को एक विशिष्ट नंबर देता है और इसके माध्यम से शिकायतकर्ता विभाग की वेबसाइट पर शिकायत की स्थिति देख सकता है। ई-गवर्नेंस के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, विभाग के साथ परस्पर वार्तालाप में आसानी को बढ़ाने के लिए यह ई-पोर्टल आयकर विभाग की एक और पहल है। **************

  • भारत-बांग्लादेश पुलिस प्रमुखों के बीच हुआ पहला वर्चुअल संवाद

    नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के पुलिस प्रमुखों के बीच पहला प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वर्चुअल संवाद एक सकारात्मक और भरोसे के माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मौजूदा द्विपक्षीय सहयोग, पारस्परिक चिंता के मुद्दों और आगे बढ़ने के तरीकों पर विचार-विमर्श करते हुए दोनों देशों के पुलिस बलों के संबंधों को और मजबूत बनाने का फैसला किया गया।

    होगी ‘नोडल बिंदुओं’ की स्थापना: एक कदम बढ़ाते हुए, उभरती सुरक्षा और आतंकवाद रोधी चुनौतियों से समयबद्ध और प्रभावी रूप से निपटने तथा प्रतिक्रिया देने के लिए निर्दिष्ट ‘नोडल बिंदुओं’ की स्थापना की जाएगी। दोनों ही पक्ष वैश्विक आतंकवादी समूहों सहित आतंकी संगठनों के साथ ही भगोड़ों के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने पर सहमत हुए, चाहें वे कहीं भी मौजूद हों और सक्रिय हों। दोनों ही पक्षों ने निर्दिष्ट ‘नोडल बिंदुओं’ के माध्यम से रियल टाइम आधार पर जानकारियों की साझेदारी और फीडबैक देने की जरूरत को दोहराया, वहीं क्षेत्र में सक्रिय विद्रोही समूहों के खिलाई जारी कार्रवाई पर एक दूसरे की सराहना की। नशीले पदार्थों, जाली भारतीय मुद्रा, हथियार एवं गोला बारूद की तस्करी और मानव तस्करी सहित सीमा पार आपराधिक गतिविधियों को रोक के लिए समन्वय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वर्तमान कोविड-19 महामारी के चलते लगाई गईं बंदिशों को देखते हुए, बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम से और छोटे प्रारूप में किया गया था। हालांकि, भविष्य में सभी सुरक्षा चुनौतयों के समाधान के लिए सहयोग बढ़ाने के निष्कर्ष के साथ संवाद के खत्म होने के मद्देनजर दोनों पक्षों ने इस नई उच्च स्तरीय व्यवस्था पर जोर दिया। दोनों पक्षों से जुड़ी अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्यों के सहयोग से पुलिस प्रमुखों के संस्थान के संवाद से दोनों देशों के पुलिस बलों के बीच मौजूदा सहयोग बढ़ेगा, जिससे बांग्लादेश की मुक्ति की 50वीं वर्षगांठ पर रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।

  • 11 लाख कोविशील्ड वैक्सीन की खेप पहुंची लखनऊ, 16 से लगेगा टीका

    लखनऊ। कोविड-19 की वैक्सीन मंगलवार शाम 4 बजे विशेष विमान से पुणे से लखनऊ पहुंची। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने अमौसी एयरपोर्ट पर 11 लाख कोविशील्ड वैक्सीन को रिसीव किया। इसके बाद वैक्सीन को कंटेनर में लोड किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर वहां से रवाना किया। 16 जनवरी को लखनऊ में केजीएमयू, एरा, एसजीपीजीआई, सीएचसी माल और मोहनलालगंज सहित कुल 16 केंद्रों पर वैक्सिनेशन किया जाएगा। वैक्सिनेशन की मॉनिटरिंग लाइव फीड द्वारा की जाएगी।

    अमौसी एयरपोर्ट पर वैक्सीन को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। CISF की कड़ी निगरानी में राजधानी में वैक्सीन को रखा जाएगा। साथ ही लखनऊ से प्रदेश के सभी मंडलों में वैक्सीन को भेजा जाएगा। मंडलों से जिला कोविड सेंटर्स पर वैक्सीन जाएगी। जिले के कमांड सेंटर्स से सीएचसी और पीएचसी तक वैक्सीन पहुंचाई जाएगी, जिन सेंटर्स पर वैक्सीन लगनी है, वहां उसी दिन वैक्सीन भेजी जाएगी।

    पहले चरण में 16 केंद्रों पर होगा टीकाकरण-
    पहले चरण में 16 केंद्रों पर वैक्सिनेशन किया जाएगा। सभी केंद्रों की लाइव फीड द्वारा मॉनिटरिंग होगी। 15 जनवरी तक सभी तैयारियां पूरी करने का आदेश दिया गया है। सभी 61 केंद्रों की इंट्रीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर मॉनिटरिंग करेगा। सभी केंद्रों पर 15 जनवरी तक सभी तैयारियों को पूरा कर लिया जाएगा और सभी नोडल अधिकारी अपने अपने केंद्रों के जाकर सभी व्यवस्थाओं को स्वयं चेक करेंगे। सभी नोडल अपने-अपने केंद्रों में फ्लेक्सी लगवाएंगे। ओपन एरिया व इंटरनल स्पेस में फ्लेक्सी लगवाने के साथ-साथ वैक्सिनेशन रूम में ग्रीन स्क्रीन भी लगवाई जाएंगी। केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिग, मास्क व कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन कड़ाई से कराया जाएगा साथ ही लोकल थाने से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

    वैक्सिनेशन के लिए 61 केंद्र चिह्नित-
    वैक्सिनेशन के लिए कुल 61 केंद्रों को चिह्नित किया गया है। सभी 61 केंद्रों को इंट्रीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। इस सेंटर द्वारा सभी केंद्रों की मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी टीमें कितने बजे अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचीं, हर दो घण्टे में किस केंद्र पर कितने लोगों का वैक्सिनेशन हुआ, कितने बाकी हैं, किस केंद्र के पास कितनी वैक्सीन अथवा अन्य चिकित्सकीय स्टॉक उपलब्ध है आदि की रिपोर्ट कमांड सेंटर द्वारा सभी केंद्रों से ली जाएगी। हर बूथ पर महिला कॉन्‍स्‍टेबल की भी नियुक्ति की गई है। साथ ही साथ सभी बूथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगे। सभी स्टाफ को बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की ट्रेनिग कराई जा रही है।

  • पूनावाला ने कहा, हम दे रहे कोरोना की सबसे सस्ती दवा, आर्डर जा सकता है  5 से 6 करोड़ डोज
    नई दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने दावा किया है कि वो कोरोना की सबसे सस्ती वैक्सीन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन दे रहे हैं। ये कीमत पहले 100 मिलियन डोज की है। वैक्सीन का ऑर्डर मार्च तक 5 से 6 करोड़ तक जाएगा।

    सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ और ऑनर अदार पूनावाला ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित अपनी फैक्ट्री से कोविशील्ड की आपूर्ति को ‘ऐतिहासिक क्षण’ करार दिया और कहा कि वो कोविड-19 महामारी से लड़ने में भारत सरकार की मदद करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने वैक्सीन पर लाभ नहीं कमाने का फैसला किया है। यह भी स्पष्ट किया कि वो सिर्फ सरकार को ही 10 करोड़ डोज 200 रुपये की दर से देंगे और अगर कोई बाजार में कोविशील्ड खरीदने जाएगा तो उसे 1,000 रुपये देना होगा।

    देश में अब 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।  स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि देश में अब कोरोना के 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज रह गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल दो राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मामले 50 हजार से ज्यादा हैं। ये दो राज्य महाराष्ट्र और केरल हैं।



  • देश में एवियन फ्लू की स्थिति पर Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying की रिपोर्ट-

    नई दिल्ली। 12 जनवरी, 2021 तक, राजस्थान के झुंझुनू जिले में एचसीएल-खेतड़ी नगर में मृत कौओं में एविएन फ्लू (एच5एन8) के अतिरिक्त मामलों की पुष्टि हुई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित चिड़ियाघर में मृत कौओं और हवासील तथा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में जगनोली और फतेहपुर गांव में मृत कौओं में एविएन फ्लू (एच5एन1) की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, एनआईएचएसएडी (राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान- भोपाल) से भी आज मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से लिए गए पोल्ट्री के नमूने में एविएन फ्लू (एच5एन1) की पुष्टि हो गई।

    पशुपालन और डेयरी विभाग ने उपयुक्त जैव सुरक्षा सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए राज्य स्तर पर जांच को प्रोत्साहन देने के लिए राज्यों को परीक्षण प्रोटोकॉल पर परामर्श जारी किया है। मृत पक्षियों के नमूनों के माध्यम से महाराष्ट्र में एविएन फ्लू के प्रसार की पुष्टि के बाद केन्द्र के एक दल को महाराष्ट्र और गुजरात के भ्रमण के लिए नियुक्त कर दिया गया है। यह दल इन राज्यों में एआई के प्रमुख केन्द्रों की निगरानी करेगा।

    ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सहित विभिन्न मीडिया फ्लेटफॉर्म्स के माध्यम से एविएन फ्लू के बारे में जागरूकता फैलाने और हालात से निपटने के तरीके जनता के बीच साझा किए जा रहे हैं। राज्यों को पक्षियों को मारने के अभियान के लिए जरूरी पीपीई किट्स और एसेसरीज का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ में एविएन फ्लू के प्रसार की पुष्टि हो चुकी है।
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  • भारतीय अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्सव ने कैलाइडोस्‍कोप सेक्शन की फिल्मों की घोषणा

    मुंबई। भारतीय अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्सव ने आज अपने फेस्टिवल कैलाइडोस्‍कोप खंड में दिखाई जाने वाली फिल्‍मों की घोषणा की है। इस खंड में दुनिया भर की 12 फिल्में प्रदर्शित होंगी। इनमें ये फिल्में शामिल होंगी-

    1. वी स्टिल हैव द डीप ब्लैक नाइट – डायरेक्टर गुस्तावो गैल्वो (ब्राज़ील, जर्मनी)
    2. विंडो बॉय वुड ऑल्सो लाइक टू हैव अ सबमरीन – डायरेक्टर एलेक्स पीपेर्नो (उरुग्वे)
    3. फॉरगॉटन वी विल बी – डायरेक्टर फर्नेंडो ट्रूएबा (कोलंबिया)
    4. हाइफा स्ट्रीट – डायरेक्टर मोहनद हयाल (इराक)
    5. लव अफेय(र्स) – डायरेक्टर इमैनुएल मोरे (फ्रेंच)
    6. एपल्स – डायरेक्टर क्रिस्टोस नीकोउ (ग्रीस) 7. पार्थेनॉन – डायरेक्टर मेंटास क्वेड्रवीसस (लिथुआनिया)
    8. माई लिटिल सिस्टर – डायरेक्टर स्टेफेनी चुआ, वेरोनीक रेमंड (स्विट्जरलैंड)
    9. द डेथ ऑफ सिनेमा एंड माई फादर टू – डायरेक्टर डानी रोज़ेनबर्ग (इज़रायल)
    10. द बिग हिट – डायरेक्टर इमैनुएल कॉरकोल (फ्रांस)
    11. वैली ऑफ द गॉड्स – डायरेक्टर लेक मायेवस्की (पोलैंड)
    12. नाइट ऑफ द किंग्स – डायरेक्टर फिलिप लेकोत (फ्रांस)

  • 34 बॉक्स में Delhi पहुंची पहली खेप
    नई दिल्ली/पुणे: ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन की पहली खेप मंगलवार को दिल्ली पहुंच गई है। 34 बॉक्स में कोरोना की वैक्सीन पुणे एयरपोर्ट से दिल्ली स्पाइसजेट के विमान से लाई गई। टीकों को ले जाने के काम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि तापमान नियंत्रित तीन ट्रक इन टीकों को लेकर तड़के पांच बजे से कुछ समय पहले पुणे हवाई अड्डे जाने के लिए ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ से रवाना हुए। पुणे हवाईअड्डे से इन टीकों को हवाई मार्ग के जरिए भारत के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाएगा। टीकों को इंस्टीट्यूट से रवाना करने से पहले एक पूजा भी की गई थी। देश में वैक्सीन लगाने का काम शनिवार 16 जनवरी से शुरू होगा।

    आठ विमानों से 13 स्थान-
    दवाई की खेप को पहुंचाने वाली कंपनी एसबी लॉजिस्टिक के एमडी संदीप भोसले ने कहा कि आज पुणे एयरपोर्ट से आठ विमानों द्वारा कोरोना वैक्सीन को देश में 13 स्थानों पर भेजा जाएगा। पहला विमान पुणे हवाई अड्डे से दिल्ली पहुंच चुका है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में तैयार ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन की एयरलिफ्ट में देरी हुई है। वैक्सीन की पहली खेप गुरुवार रात को एयरलिफ्ट की जानी थी। कोरोना वैक्सीन के मैन्युफैक्चरर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया केंद्र सरकार की तरफ से आधिकारिक आदेश मिलने का इंतजार कर रही थी।

    1088 किलोग्राम वजन की 34 पेटियां: स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा, ‘स्पाइसजेट ने आज भारत में कोविड वैक्सीन की पहली खेप पहुंचाई है। ‘कोविशील्ड’ की पहली खेप में 1088 किलोग्राम वजन की 34 पेटियां थीं जिन्हें पुणे से दिल्ली लाया गया है।’ उधर, केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘आज एयर इंडिया, स्पाइसजेट और इंडिगो एयरलाइंस 56.5 लाख खुराक के साथ पुणे से दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, गुवाहाटी, शिलॉन्ग, अहमदाबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, भुवनेश्वर, पटना, बंगलूरू, लखनऊ और चंडीगढ़ के लिए 9 उड़ानें संचालित करेंगे।’

  • Lucknow

    कोरोना 19 की वैक्सीन पुणे से आज 4 बजे आएगी लखनऊ


    अमौसी एयरपोर्ट पर CISF का विशेष दस्ता सँभालेगा सुरक्षा व्यवस्था


    एयरपोर्ट पर वैक्सीन विमान को कार्गो एरिया में खड़ा किया जाएगा


    पुणे से सीधे लखनऊ विशेष विमान से 4 बजे आएगी वैक्सीन


    अमौसी एयरपोर्ट पर वैक्सीन को लेकर अलर्ट जारी किया गया

    एयरपोर्ट पर वैक्सीन विशेष वाहनों में किया जाएगा लोड

    लखनऊ एयरपोर्ट से कड़ी CISF सुरक्षा में राजधानी में रखी जायेगी वैक्सीन

    लखनऊ से प्रदेश के सभी मण्डलों में भेजी जाएगी वैक्सीन

    मण्डलों से जिला कोविड सेंटर्स पर जाएगी वैक्सीन

    जिले के कमांड सेंटर्स से CHC और PHC तक जाएगी वैक्सीन

    वैक्सीन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    जिन सेंटर्स पर वैक्सीन लगनी है वहां उसी दिन पहुचाई जाएगी वैक्सीन

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  • धारदार हथियारों से हत्या कर जंगल में फेंकी दूध व्यापारी की लाश
    बिजनौर (मुरादाबाद)। थाना शिवाला कला के जंगलों में एक दूध के व्यापारी की धारदार हथियारों से हत्या कर लाश फेंक दी गई। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
    जानकारी के अनुसार सोमवार की रात थाना शिवालाकलाँ क्षेत्रान्तर्गत जंगल ग्राम युसुफा में दिनेश कुमार ( 35 वर्ष ) पुत्र नेथराम सिंह (गुर्जर) निवासी ग्राम युसुफा थाना शिवालाकलाँ की हत्या किए जाने की सूचना मिली। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, क्षेत्राधिकारी चांदपुर, थाना प्रभारी चांदपुर, नूरपुर, हीमपुर दीपा, शिवालाकलाँ मय फोर्स व स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर दिनेश कुमार मृत अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले पर धारदार हथियार के निशान थे। परिजनों ने ग्राम युसुफा थाना शिवालाकलाँ के ही कुछ व्यक्तियों पर दिनेश की हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों द्वारा बताया गया कि दिनेश दूध का काम करता था और प्रतिदिन की तरह घर वापस नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। पुलिस ने मौका मुआयना करने के साथ ही शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

  • बाजार में आया गाय के गोबर से बना पेंट, किसानों को मिलेगा Gobar se Dhan

    खादी और ग्रामोद्योग आयोग की जयपुर इकाई कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट ने तैयार किया गोबर पेंट

    खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) की मदद से की जाएगी पेंट की बिक्री

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    नई दिल्ली। अभी तक हम गोबर्धन को एक त्योहार के रूप में ही मनाते आ रहे हैं, लेकिन अब सच में ही गोबर से धन (Gobar se Dhan) बरसेगा। किसानों की आमदनी बढ़ाने में गोबर का अहम रोल होगा। अब किसान गोबर से आमदनी भी करेंगे।

    गाय का दूध-घी, गोमूत्र से बने पेस्टीसाइट, गाय के गोबर के दीये के बाद अब गाय के गोबर से बना पेंट। जी हां, सही पढ़ा आपने, गाय के गोबर से बना पेंट, जिससे आप अपने घर, ऑफिस या दुकान रंगते हैं। इसे  वेदिक पेंट (Vedic Paint) नाम दिया गया है।

    गाय के गोबर से बने पेंट की बिक्री खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) की मदद से की जाएगी। गोबर पेंट को खादी और ग्रामोद्योग आयोग की जयपुर की इकाई कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट (Kumarappa National Handmade Paper Institute) ने तैयार किया है। इस पेंट को बीआईएस (BIS) यानी भारतीय मानक ब्यूरो भी प्रमाणित कर चुका है। किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में गाय के गोबर से बना पेंट एक बड़ा कदम साबित होगा।

    एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, इको फ्रेंडली पेंट (Cow dung Paint):

    खादी और ग्रामोद्योग आयोग का कहना है कि गाय के गोबर से बना यह पेंट एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और इको फ्रेंडली है। दीवार पर पेंट करने के बाद यह सिर्फ चार घंटे में सूख जाएगा। इस पेंट में अपनी जरूरत के हिसाब से रंग भी मिलाया जा सकता है।

    विभिन्न पैकिंग में तैयार:

    खादी प्राकृतिक पेंट (Khadi Prakritik Paint) दो रूप में उपलब्ध होगा, डिस्टेंपर पेंट (distemper paint) और प्लास्टिक एम्युनेशन पेंट (plastic emulsion paint)। इस पेंट में हैवी मैटल (heavy metals) जैसे- सीसा (lead), पारा (mercury), क्रोमियम (chromium), आर्सेनिक, कैडमियम आदि का इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिलहाल इसकी पैकिंग 2 लीटर से लेकर 30 लीटर तक तैयार की गई है।

    30,000 रुपये की आमदनी:

    खादी और ग्रामोद्योग आयोग का कहना है कि इस पेंट से स्थानीय निर्माताओं को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पेंट की इस तकनीक से गाय के गोबर का इस्तेमाल बढ़ेगा। यह गो शालाओं की आमदनी बढ़ाने में भी अहम भूमिका अदा करेगा। इस पेंट के निर्माण से किसान या गोशाला को एक पशु से हर साल तकरीबन 30,000 रुपये की आमदनी होगी। ग्राहकों के लिए सस्ता, किसानों के लिए लाभदायक-वैदिक पेंट का मुख्य अवयव गोबर होने से यह आम पेंट के मुकाबले सस्ता पड़ेगा। इससे रंग-रोगन कराने पर ग्राहकों की जेब कम ढीली होगी। वहीं यह देश के किसानों की आय बढ़ाने वाला होगा। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के माध्यम से इसकी स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • 12 घंटे करना होगा दफ्तर का काम ! 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम

    नई दिल्ली। वर्ष 2020 में संसद में पारित तीन मजदूरी संहिता विधेयक (कोड ऑन वेजेज बिल) इस साल 1 अप्रैल से लागू होने की संभावना है। इसके तहत आपकी ग्रेच्युटी, पीएफ और काम के घंटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) मद में बढ़ोतरी होगी। वहीं, हाथ में आने वाला पैसा (टेक होम सैलरी) घटेगा और कंपिनयों की बैलेंस शीट भी प्रभावित होगी।

    नई परिभाषा- वेज यानी मजदूरी की नई परिभाषा के तहत भत्ते कुल सैलेरी के अधिकतम 50 फीसदी होंगे। इसका मतलब है कि मूल वेतन (सरकारी नौकरियों में मूल वेतन और महंगाई भत्ता) अप्रैल से कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। बताया जा रहा है कि देश के 73 साल के इतिहास में पहली बार इस प्रकार से श्रम कानून में बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि ये नियोक्ता और श्रमिक दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

    नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के समय सीमा को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव है। इसके लागू होने के बाद दफ्तर में आपको ज्यादा काम करना होगा यानि की 12 घंटे काम करना होगा। हालांकि, ओएसच कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। इसके अलावा इस नए नियम में कर्मचारी से लगातार 5 घंटे से ज्यादा काम कराने पर भी रोक लगाया गया है। इसका मतलब ही कि हर पांच घंटे काम करने के बाद कर्मचारियों को आधा घंटे का आराम देने का निर्देश भी इस ड्राफ्ट नियम में शामिल है। रिटायरमेंट के बाद आपको मिलने वाली राशि में बदलाव आएगा
    अगर ग्रेच्युटी और पीएफ में योगदान बढ़ता है तो रिटायरमेंट के बाद आपको मिलने वाली राशि में भी इजाफा होगा। पीएम और ग्रेच्युटी बढ़ेगी तो कंपनियों की लागत भी बढ़ेगी। कंपनियों को कर्मचारियों के पीएफ में ज्यादा योगदान देना पड़ेगा। इसका असर कंपनियों की बैलेंस शीट पर भी नजर आएगा।

  • गोकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर पथराव
    चौकी इंचार्ज समेत चार पुलिसकर्मी घायल

    बिजनौर। गौकशी की सूचना पर दबिश देने पहुंची किरतपुर थाना पुलिस की टीम पर महिला पुरुषों ने जमकर पथराव किया। पुलिस पार्टी ने बमुश्किल अपनी जान बचाई, जबकि आरोपी फरार हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद घायल चौकी इंचार्ज समेत चार पुलिसकर्मियों को किरतपुर से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गांव को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार मोअज़्ज़मपुर पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम रंगढ़पुरा में रविवार देर शाम चौकी इंचार्ज भारत सिंह मय हमराह कांस्टेबल विक्रांत, अर्जुन बालियान, विनीत कुमार गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर पर दबिश देने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गांव के ही एक घर में कुछ लोग गौकशी कर रहे हैं। पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, घर की महिलाओं व अन्य पुरुषों ने छत पर चढ़ कर पुलिस टीम पर जमकर पथराव शुरू कर दिया। इस बीच मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। इधर पथराव में सभी पुलिसकर्मी घायल हो गए और बमुश्किल अपनी जान बचाकर घटनास्थल से भागे। उन्होंने घटना की सूचना किरतपुर थाने को दी। पुलिस टीम पर हमले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कम्प।मच गया। थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ रंगढ़पुरा पहुंचे, परन्तु तब तक हमले के आरोपी फरार हो चुके थे। दूसरी ओर घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद किरतपुर सरकारी अस्पताल से जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।

    थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी मुकर्रम पुत्र काले खान, अहमद पुत्र मुन्ने व दो सगे भाई अमजद व ज़ाकिर पुत्र गण सत्तार व अन्य अज्ञात के खिलाफ धारा 323/336/353/307/504 व 506 में मुक़दमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के घर लगातार दबिश दी जा रही है। शीघ्र ही आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे।

  • अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ का लक्ष्य

    नई दिल्ली। कोविड-19 के लिए टीकाकरण पिछले 3-4 सप्ताह से लगभग 50 देशों में चल रहा है, और अब तक लगभग 2.5 करोड़ लोगों को ही टीका लग पाया है। भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।

    मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में टीकाकरण अभियान महत्वपूर्ण है क्योंकि कई अन्य देश हमारा अनुसरण करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के कारण किसी व्यक्ति को कष्‍ट होने की स्थिति में उचित व्‍यवस्‍था की गई है। इस तरह की व्‍यवस्‍था सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए पहले से ही है, और इस टीकाकरण अभियान के लिए इसे और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।
    प्रधानमंत्री ने इस प्रयास में कोविड संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करने के महत्व को रेखांकित किया, यह कहते हुए कि जो लोग टीका प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें वायरस के किसी भी प्रसार को रोकने के लिए इन सावधानियों का पालन करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को जांच में टीकाकरण से संबंधित अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए व्‍यवस्‍था करनी होगी। इसके लिए धार्मिक और सामाजिक संगठनों, एनवाईके, एनएसएस, एसएचजी आदि से मदद ली जानी चाहिए।

  • नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 जनवरी, 2021 को कोविड-19 के टीकाकरण की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के साथ भारत का व्यापक अनुभव इस प्रयास में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के परामर्श के बाद विशेषज्ञों और वैज्ञानिक समुदाय की सलाह के अनुसार टीकाकरण की प्राथमिकता तय की गई है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सबसे पहलेटीका लगाया जाएगा। इसके अलावा सफाई कर्मचारी, अग्रिम पंक्ति के अन्य कार्यकर्ता, पुलिस और अर्धसैनिक, होम गार्ड, आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक और नागरिक सुरक्षा के अन्य जवान, कंटेनमेंट और निगरानी से जुड़े राजस्व अधिकारियों को भी पहले चरण में टीका लगाया जायेगा। ऐसे कर्मियों की कुल संख्या लगभग 3 करोड़ है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकारों को पहले चरण में इन 3 करोड़ लोगों को टीका लगाने के लिए कोई खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। इस लागत को केन्‍द्र वहन करेगा।

    दूसरे चरण के लिये भी बनाई रणनीति:
    दूसरे चरण में, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और 50 वर्ष से कम आयु के ऐसे लोगों को टीके लगाए जाएंगे जिन्‍हें पहले से कोई बीमारी है या संक्रमण का अत्‍यधिक खतरा है। सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ बुनियादी ढांचे और रसद की तैयारी कर ली गई है, प्रधान मंत्री ने कहा, टीकाकरण के लिए ड्राई रन भी देश भर में किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के लिए हमारी नई तैयारियों और एसओपीको सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम चलाने और देश भर में चुनाव कराने के हमारे पुराने अनुभवों से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए उपयोग की जाने वाली बूथ स्तर की रणनीति का उपयोग यहां भी किया जाना चाहिए।

  • जम्मू कश्मीर में 370 हटने के बाद आतंकी घटनाओं में आई 63.93 प्रतिशत की कमी
    गृह मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े

    नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकी वारदातों में काफी गिरावट देखने को मिली है। 2019 के मुकाबले साल 2020 में आतंकवादी घटनाओं में 63.93 प्रतिशत की कमी देखी गई। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में आतंकवादी घटनाएं 63.93% घट गई। ये आंकड़े 15 नवंबर तक के हैं। इसी दौरान सुरक्षा बलों के घायल होने की घटनाओं में भी 29.11 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों के हताहत होने की संख्या में भी 14.28 प्रतिशत की कमी आई है।

    गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद गृह मंत्रालय की ओर से कई कानूनों में संशोधन किए गए और कई कानून निरस्त भी किए गए। जहां एक तरफ सरकार की ओर से 48 केंद्रीय कानूनों और 167 राज्य कानूनों को लागू करने के आदेश दिए गए। वहीं लद्दाख में 44 केंट्रीय काननूों और 148 राज्य कानूनों को लागू किया गया। गृह मंत्रालय की ओर से वार्षिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों के कानूनों को जम्मू कश्मीर में लागू किए जाने को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन आदेश 31 मार्च 2020 को अधिसूचित किया गया और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की एक पीठ जम्मू में 8 जून 2020 को स्थापित की गई थी.’

    2019 में केंद्र के मोदी सरकार ने धारा 370 को निरस्त करने के साथ ही जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में विभाजित कर दिया था। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में अपनी विधायिका है, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित क्षेत्र है।


  • उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से की मुलाकात


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से मुलाकात की। बैठक के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के कार्यान्वयन और शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

    बैठक के दौरान श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने, छात्रों के शैक्षणिक कल्याण को सुनिश्चित करने जैसी की जा रही विभिन्न पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्री-प्राइमरी स्तर और प्राथमिक स्तर के छात्रों के लिए “शिक्षक मार्गदर्शिका” पुस्तक की एक प्रति भेंट की। यह मार्गदर्शिका शिक्षकों को छात्र केंद्रित शिक्षण की बेहतर समझ विकसित करने, पर्यावरण के विभिन्न विषयों, नैतिक शिक्षा आदि को सम्पूर्ण तरीके से समझने में मदद करेगी।

    शिक्षक गाइड के सुझाव करेंगे एनसीएफ में शामिल

    श्री पोखरियाल ने बताया कि जैसा नई शिक्षा नीति में उल्लेख किया गया है, बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक साक्षरता के विकास को एक राष्ट्रीय मिशन के तौर पर लिया जाएगा जिससे सीखने के परिणामों, शिक्षकों के प्रशिक्षण आदि पर एक रूपरेखा तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीईआरटी एक नये राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक गाइड में दिए गए सुझावों को परखा जाएगा और उन्हें एनसीएफ में उपयुक्त रूप से शामिल किया जाएगा।

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  • चांदपुर/बिजनौर (धारा न्यूज़): विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण हेतु ब्लॉक जलीलपुर अंतर्गत ग्राम अजदेव में महा कैम्प लगाया गया। इस दौरान उपभोक्ताओं के बकाया बिल के लगभग साढ़े पांच लाख रुपए जमा कराए गए।
    पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से लगाए गए महा कैम्प में अधिकारियों ने बकायदारों को भुगतान समय से करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बिजली चोरी न करने की नसीहत देते हुए राष्ट्र निर्माण में सहयोग की अपील भी की। सहायक अभियंता अरविंद कुमार, एसडीओ अजय शर्मा, जेई जलीलपुर मनोज शर्मा, निर्मल कुमार, शक्ति सिंह, टीयूटी स्टाफ व लाइनमैन के अलावा जनप्रतिनिधियों वरुण गुर्जर व विनोद कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपभोक्ता विनोद शर्मा, मेहराजुद्दीन, इरशाद खान करीब सौ डेढ़ सौ लोगों की समस्याओं का निवारण किया गया।

  • देश में एवियन इन्‍फ्लुएंजा का प्रकोप बढ़ा

    नई दिल्ली। देश में 11 जनवरी 2021 तक 10 राज्यों में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि हो गई है। आईसीएआर-एनआईएचएसएडी ने राजस्थान के टोंक, करौली, भीलवाड़ा जिलों और गुजरात के वलसाड, वडोदरा और सूरत जिलों में कौवों और प्रवासी/जंगली पक्षियों की मौत होने की पुष्टि की है। इसके अलावा, उत्तराखंड के कोटद्वार और देहरादून जिलों में भी कौवों की मौत होने की पुष्टि हुई है। नई दिल्ली में कौवों और संजय झील क्षेत्रों में बत्तखों की मौत होने की भी जानकारी मिली है।

    इसके अलावा, परभानी जिले में मुर्गियों के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जबकि महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, दापोली और बीड में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।

    हरियाणा में, इस बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए संक्रमित पक्षियों की कुल्लिंग का काम जारी है। एक केन्द्रीय दल ने हिमाचल प्रदेश का दौरा किया है और यह दल उपरिकेंद्र स्थलों की निगरानी करने और महामारीविज्ञान संबंधी जांच-पड़ताल करने के लिए 11 जनवरी, 2021 को पंचकूला पहुंच रहा है।

    Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying के अनुसार राज्यों से जनता में जागरूकता पैदा करने और गलत जानकारी का प्रसार रोकने के लिए अनुरोध किया गया है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि जल निकायों, पक्षी बाजारों, चिड़ियाघरों, पोल्ट्री फार्मों आदि के आसपास निगरानी बढ़ाएं, पक्षियों के शवों का उचित निपटारा करें और पोल्ट्री फार्मों में जैव-सुरक्षा को मजबूत बनाएं। इसके अलावा, कुल्लिंग परिचालनों के लिए आवश्यक पीपीई किटों और सहायक उपकरणों का भी पर्याप्त भंडारण किया जाएं। डीएएचडी के सचिव ने राज्य पशुपालन विभागों से अनुरोध किया कि इस बीमारी की स्थिति की कड़ी निगरानी के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ प्रभावी संचार और तालमेल सुनिश्चित करें और इस बीमारी की मनुष्यों में फैलने की किसी भी संभावना को रोका जाए।

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  • बांग्लादेश- 51वें आईएफएफआई के लिए फोकस देश

    मुंबई। भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने आज इस वर्ष के फोकस देश का नाम घोषित किया है। बांग्लादेश, 51वें आईएफएफआई के लिए फोकस देश है।

    Ministry of Information & Broadcasting से मिली जानकारी के अनुसार फोकस देश एक विशेष खंड है, जो देश की सिनेमा उत्कृष्टता और योगदान को रेखांकित करता है। 51वें आईएफएफआई में इस खंड के तहत चार फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा।
    ये हैं-
    1. तनवीरमोकम्मेल द्वारा जिबोनधूलि।

    2. ज़ाहिदुर रहीम अंजान द्वारा मेघमल्लार।

    3. रुबैयत हुसैन द्वारा अंडर कंस्ट्रक्शन।

    4. नुहाशहुमायुं, सैयद अहमद शॉकी, राहत रहमान जॉय, एमडी रोबीउलआलम, गोलाम किब्रिया फारूकी, मीर मुकर्रम हुसैन, तनवीर अहसान, महमूदुल इस्लाम, अब्दुल्ला अल नूर, कृष्णेंदुचट्टोपाध्याय, सैयदसलेह अहमद सोभन द्वारा सिंसरेली योर्स, ढाका।

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  • सीएम योगी को एक बार फिर से मिली जान से मारने की धमकी-’24 घंटे के अंदर मार दूंगा, ढूंढ सको तो ढूंढ लो’

    लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ को एक बार फिर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस बार 112 कंट्रोल रूम के वॉट्सऐप नंबर पर धमकी भरा मैसेज भेजा गया है। इस संबंध में रविवार को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। सर्विलांस सेल की मदद से पता चला है धमकी देने वाला किसी दूसरे शहर का है। मैसेज भेजे जाने वाले मोबाइल नंबर के बारे में भी पूरी जानकारी मिल गई है। अब उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
    पुलिस कंट्रोल रूम 112 के वॉट्सऐप नंबर पर शनिवार की रात 8:07 मिनट पर मोबाइल नंबर 8874028434 से मैसेज आया था। इसमें सीएम को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसमें लिखा था कि मुख्यमंत्री को जान से मारेंगे 24 घंटे के अंदर, खोज सकते हो तो खोज लो। एके 47 से 24 घंटे के अंदर मार दूंगा।

    जानकारी होते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 112 में तैनात ऑपरेंशंस कमांडर सहेंद्र यादव ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

    पुलिस की सर्विलांस टीम और क्राइम ब्रांच मैसेज भेजने वाले की तलाश में जुट गईं हैं। डीसीपी साउथ रवि कुमार के अनुसार अब तक की छानबीन में पता चला है कि धमकी देने वाला किसी दूसरे शहर का है। मैसेज भेजे जाने वाले मोबाइल नंबर के बारे में भी पूरी जानकारी मिल गई है।

  • हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर 

    दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू किया गया 

    नई दिल्ली। हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर चल रहा है। लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू होने के साथ ही दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए हाई स्‍पीड रेल के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। ग्रेटर नोएडा से दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार सर्वेक्षण आज शुरू किया गया, जहां अत्‍याधुनिक एरियल लिडार तथा इमेज़री सेंसरों से सुसज्जित एक हैलिकॉप्‍टर ने पहली उड़ान भरी और ग्राउंड सर्वेक्षण से संबंधित डेटा प्राप्‍त किया।

    राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा लाइट डिटेक्‍शन और रेंजिंग (लिडार) सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा रहा है, जो 3 से 4 महीने में ग्राउंड संबंधी सभी विवरण तथा डेटा उपलब्‍ध कराता है, जबकि इस प्रक्रिया में सामान्‍य तौर पर 10 से 12 महीने का समय लगता है। 

    इस लाइनियर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजना के लिए ग्राउंड सर्वेक्षण एक महत्‍वपूर्ण क्रियाकलाप है, क्‍योंकि इस सर्वेक्षण से रेल मार्ग के आसपास के क्षेत्रों का सटीक विवरण प्राप्‍त होता है। इस तकनीक में सटीक सर्वेक्षण डेटा प्राप्‍त करने के लिए लेजर डेटा, जीपीएस डेटा, फ्लाइट पैरामीटरों तथा वास्‍तविक तस्‍वीरों का एक साथ इस्‍तेमाल किया जाता है।

    रेल मार्ग के आसपास 300 मीटर के क्षेत्र शामिल-
    एरियल लिडार सर्वेक्षण के दौरान, सर्वेक्षण के उद्देश्‍य को लेकर प्रस्‍तावित रेल मार्ग के आस-पास 300 मीटर (दोनों तरफ 150 मीटर) के क्षेत्र को शामिल किया जा रहा है। डेटा प्राप्‍त करने के बाद प्रस्‍तावित रेल मार्ग के दोनों तरफ 50 मीटर गलियारे का स्‍थलाकृति संबंधी त्रि-आयामी नक्‍शा 1:2500 के पैमाने पर उपलब्‍ध होगा, ताकि रेलमार्ग का ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज डिजाइन, संरचना, स्‍टेशनों एवं डिपो के स्‍थान, गलियारे के लिए भूमि की आवश्‍यकता, परियोजना से प्रभावित भूखंडों/संरचनाओं की पहचान, तौर-तरीके आदि निर्धारित किये जा सकें।

    इस क्षेत्र में भारतीय सर्वेक्षण द्वारा निर्धारित 9 स्‍तरीय मानकों के अनुसार, 86 मास्‍टर कंट्रोल प्‍वाइंट तथा 350 सैकेंडरी कंट्रोल प्‍वाइंट स्‍थापित किये गये हैं एवं दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के मार्ग पर विमान की उड़ान के लिए इन को-आर्डिनेटों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

    संरचनाओं, पेड़ों की स्‍पष्‍ट तस्‍वीर प्राप्‍त करने तथा भूमि संबंधी अन्‍य विवरणों के लिए लिडार सर्वेक्षण में 60 मेगापिक्‍सल कैमरों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

    राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 7 हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया है तथा इन सभी गलियारों में ग्राउंड सर्वेक्षण के लिए लिडार सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जाएगा।

    जुड़ेंगे मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहर-

    दिल्ली – वाराणसी हाई स्पीड रेल गलियारे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट 29 अक्टूबर, 2020 को रेल मंत्रालय को सौंपी गई। दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली (एनसीटी) को मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। दिल्ली से वाराणसी तक मुख्य गलियारा (लगभग 800 किमी) अयोध्या से भी जुड़ा होगा। हाई स्पीड रेल (एचएसआर) मार्ग उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी जोड़ेगा।

    हाई रिजोल्‍यूशन लिडार उड़ान से प्राप्‍त वीडियो डाउनलोड करने के लिए लिंक:

    https://drive.google.com/drive/folders/1p1WF3veRiUM2_gKuzgHQY1YynoZl_9RN

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  • Vaccine के लिये india पर दुनिया की आशा भरी निगाह
    नई दिल्ली (धारा न्यूज): कोरोना से निपटने के लिए दुनिया इसकी वैक्सीन का इंतजार रही है। इसी बीच भारत में कोरोना की दो वैक्सीन को इमर्जेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिलने के साथ ही दुनिया की निगाहें अब भारत पर टिक गई हैं। भारत में कोरोना की दो वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत मिलने के बाद ब्राजील, मोरक्को, सऊदी अरब, म्यांमार, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों ने भारत से वैक्सीन की आधिकारिक तौर पर मांग की है। सूत्रों के अनुसार कोरोना वैक्सीन के वितरण में भारत सरकार बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देगी।

    ब्राजील के राष्ट्रपति लिख चुके हैं मोदी को पत्र-
    ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत बायोटेक- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 20 लाख डोज तत्काल देने का अनुरोध किया था। हालांकि भारत की ओर से  तैयार प्लान के मुताबिक कोरोना वैक्सीन पहले पड़ोसी देशों को दी जाएगी, उसके बाद अन्य देशों का नंबर आएगा। जानकारी के अनुसार  नेपाल ने भारत से 12 मिलियन कोरोना वैक्सीन के डोज की मांग की है। वहीं, भूटान ने पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) में निर्मित की जा रही वैक्सीन की 1 मिलियन डोज की मांग की है। म्यांमार ने भी सीरम के साथ एक खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। उधर बांग्लादेश ने कोविशील्ड की 30 मिलियन डोज के लिए अनुरोध किया है।

    इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत शुरू से ही दुनिया के साथ कोरोना की जंग लड़ रहा है। हम इस दिशा में सहयोग करने को अपने कर्तव्य के तौर लेते हैं। हमारी कोशिश है कि इस जंग में हम दुनिया की ज्यादा से ज्यादा मदद कर सकें। बता दें कि DCGI ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन के आपातकाल इस्तेमाल को अंतिम मंजूरी दे दी है।

    चीन ने की भारत की तारीफ-
    भारत में बने कोरोना वायरस टीकों की चीन ने तारीफ करते हुए कहा कि उसके दक्षिण एशियाई पड़ोस देश में बने वैक्सीन की गुणवत्ता के मामले में किसी से भी पीछे नहीं है। चीन कम्युनिस्ट पार्टी के ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में चीनी विशेषज्ञों ने एक स्वर में यह कहा है कि भारत में निर्मित हुए कोरोना वायरस के टीके, चीनी टीकों के मुकाबले किसी भी एंगल से कम नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि भारतीय टीके रिसर्च और प्रोडक्शन क्षमता किसी भी स्तर पर कमतर नहीं हैं।

  • 51वें आईएफएफआई ने की OTT प्लेटफॉर्म के लिए कार्यक्रमों की घोषणा

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे मास्टरक्लास  संवाद सत्र का सीधा प्रसारण

    स्क्रीनिंग, क्यूएंड सत्रों और फिल्म सराहना सत्र का भी होगा आयोजन

    मुंबई। एशिया के सबसे पुराने और भारत के सबसे बड़े महोत्सव, भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 51वें संस्करण ने कई कार्यक्रमों की घोषणा की है। ये महोत्सव के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किए जाएंगे। आईएफएफआई 16 जनवरी से 24 जनवरी, 2021 तक गोवा में आयोजित होना है।

    Ministry of Information & Broadcasting की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया कि वर्तमान में जारी महामारी के दौर को देखते हुए भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पहली बार ‘हाइब्रिड’ फिल्म महोत्सव का आयोजन कर रहा है। इस साल आईएफएफआई अपने दर्शकों के लिए कुछ कार्यक्रम ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आयोजित करेगा।

    मुख्य बातें:

    पुरानी फिल्में-
    पेड्रो अल्मोडोवर
    लाइव फ्लेश | बैड एजुकेशन | वॉल्वर रुबेन ऑस्टलंड | द स्क्वायर | फोर्स माजेर

    मास्टरक्लास
    शेखर कपूर, प्रियदर्शन, पेरी लैंग, सुभाष घई, तनवीर मोकम्मिल

    संवाद सत्र-
    रिकी केज, राहुल रवेल, मधुर भंडारकर,  पाब्लो सेसर, अबू बकर शॉकी, प्रसून जोशी, जॉन मैथ्यू मैट्ठन, सुश्री अंजली मेनन, आदित्य धर, प्रसन्ना विथानेज, हरिहरन, विक्रम घोष, सुश्री अनुपमा चोपड़ा, सुनील दोशी, डोमिनिक संगमा, सुनील टंडन

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विश्व की कुछ पैनोरमा फिल्में।
    उद्घाटन और समापन समारोह का सीधा प्रसारण।
    Q&A सत्र।
    फिल्म सराहना सत्र- प्रो. मजहर कामरान, प्रो. मधु अप्सरा, प्रो. पंकज सक्सेना द्वारा एफटीआईआई

    मिड फेस्ट फिल्म- वर्ल्ड प्रीमियर
    मेहरुनिसा
    आईएफएफआई वेबसाइट: https://iffigoa.org/
    आईएफएफआई के सोशल मीडिया हैंडिल :

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    आईएफएफआई के बारे में:

    1952 में स्थापित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) एशिया में सबसे महत्वपूर्ण फिल्म महोत्सवों में से एक है। हर साल होने वाला यह समारोह इस बार गोवा में हो रहा है। इसका उद्देश्य उत्कृष्ट फिल्म कला के प्रसार के लिए दुनिया के फिल्म उद्योग को एक समान प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना, विभिन्न देशों की फिल्म संस्कृतियों को उनके सामाजिक और सांस्कृतिक लोकाचार के संदर्भ में समझने और सराहना करने में योगदान और दुनिया के लोगों के बीच मैत्रीभाव और सहयोग को बढ़ावा देना है। इस महोत्सव को संयुक्त रूप से फिल्म महोत्सव निदेशालय (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत) और गोवा राज्य सरकार द्वारा आयोजित किया गया है।

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  • सपा सरकार में मिला था प्रमोशन, अब फिर से चपरासी और चौकीदार का काम करते नजर आएंगे 4 अपर जिला सूचना अधिकारी

    लखनऊ (धारा न्यूज): यूपी में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब चार अलग-अलग स्थानों पर चपरासी और चौकीदारी के रूप में सेवा दे रहे लोगों को अफसर बनाकर प्रमोट कर दिया गया। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने इन पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में वाद दायर कर दिया था। इसे संज्ञान में लेकर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश के सूचना निदेशक और मथुरा डीएम सहित 6 लोगों को नोटिस जारी कर हाल ही में जवाब तलब किया था। मामला हाई कोर्ट पहुंचा और वहां से मिले आदेश के बाद योगी सरकार ने चारों को उनके मूल पद पर भेज दिया है।

    उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के 4 अपर जिला सूचना अधिकारियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद उनके मूल पदों पर वापस भेज दिया गया है। यह सभी 2014 में पदोन्नति पाकर अपर जिला सूचनाधिकारी बने थे। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि क्षेत्रीय प्रचार संगठन के तहत जिला सूचना कार्यालय बरेली में चपरासी के रूप में सेवारत नरसिंह, फीरोजाबाद में चौकीदार के पद पर तैनात दयाशंकर, मथुरा के सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक विनोद कुमार शर्मा और भदोही में सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक के रूप में सेवारत अनिल कुमार सिंह को उन्हीं के दफ्तर में 2014 में सेवा अवधि के आधार पर अपर जिला सूचना अधिकारी बना दिया गया था। अब इन सभी को उच्च न्यायालय के एक आदेश के आधार पर मूल पदों पर वापस किया गया है।

    बताया गया है कि 2014 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो मनमाने तरीके से इन पर मेहरबानी कर दी गई। क्षेत्रीय प्रचार संगठन के तहत इनको उन्हीं के दफ्तर में अपर जिला सूचना अधिकारी बना दिया गया। यह आदेश इसलिए गैर कानूनी था क्योंकि ये पद सीधी भर्ती से ही भरे जा सकते हैं। मामला हाई कोर्ट पहुंचा, तो सारी मनमानी धरी रह गई। अब कोर्ट ने चारों को उनके पुराने मूल पद पर भेजने का आदेश दिया।
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