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update रहें…हर दम, हर पल

  • 12 घंटे करना होगा दफ्तर का काम ! 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम

    नई दिल्ली। वर्ष 2020 में संसद में पारित तीन मजदूरी संहिता विधेयक (कोड ऑन वेजेज बिल) इस साल 1 अप्रैल से लागू होने की संभावना है। इसके तहत आपकी ग्रेच्युटी, पीएफ और काम के घंटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) मद में बढ़ोतरी होगी। वहीं, हाथ में आने वाला पैसा (टेक होम सैलरी) घटेगा और कंपिनयों की बैलेंस शीट भी प्रभावित होगी।

    नई परिभाषा- वेज यानी मजदूरी की नई परिभाषा के तहत भत्ते कुल सैलेरी के अधिकतम 50 फीसदी होंगे। इसका मतलब है कि मूल वेतन (सरकारी नौकरियों में मूल वेतन और महंगाई भत्ता) अप्रैल से कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। बताया जा रहा है कि देश के 73 साल के इतिहास में पहली बार इस प्रकार से श्रम कानून में बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि ये नियोक्ता और श्रमिक दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

    नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के समय सीमा को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव है। इसके लागू होने के बाद दफ्तर में आपको ज्यादा काम करना होगा यानि की 12 घंटे काम करना होगा। हालांकि, ओएसच कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। इसके अलावा इस नए नियम में कर्मचारी से लगातार 5 घंटे से ज्यादा काम कराने पर भी रोक लगाया गया है। इसका मतलब ही कि हर पांच घंटे काम करने के बाद कर्मचारियों को आधा घंटे का आराम देने का निर्देश भी इस ड्राफ्ट नियम में शामिल है। रिटायरमेंट के बाद आपको मिलने वाली राशि में बदलाव आएगा
    अगर ग्रेच्युटी और पीएफ में योगदान बढ़ता है तो रिटायरमेंट के बाद आपको मिलने वाली राशि में भी इजाफा होगा। पीएम और ग्रेच्युटी बढ़ेगी तो कंपनियों की लागत भी बढ़ेगी। कंपनियों को कर्मचारियों के पीएफ में ज्यादा योगदान देना पड़ेगा। इसका असर कंपनियों की बैलेंस शीट पर भी नजर आएगा।

  • गोकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर पथराव
    चौकी इंचार्ज समेत चार पुलिसकर्मी घायल

    बिजनौर। गौकशी की सूचना पर दबिश देने पहुंची किरतपुर थाना पुलिस की टीम पर महिला पुरुषों ने जमकर पथराव किया। पुलिस पार्टी ने बमुश्किल अपनी जान बचाई, जबकि आरोपी फरार हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद घायल चौकी इंचार्ज समेत चार पुलिसकर्मियों को किरतपुर से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गांव को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार मोअज़्ज़मपुर पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम रंगढ़पुरा में रविवार देर शाम चौकी इंचार्ज भारत सिंह मय हमराह कांस्टेबल विक्रांत, अर्जुन बालियान, विनीत कुमार गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर पर दबिश देने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गांव के ही एक घर में कुछ लोग गौकशी कर रहे हैं। पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, घर की महिलाओं व अन्य पुरुषों ने छत पर चढ़ कर पुलिस टीम पर जमकर पथराव शुरू कर दिया। इस बीच मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। इधर पथराव में सभी पुलिसकर्मी घायल हो गए और बमुश्किल अपनी जान बचाकर घटनास्थल से भागे। उन्होंने घटना की सूचना किरतपुर थाने को दी। पुलिस टीम पर हमले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कम्प।मच गया। थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ रंगढ़पुरा पहुंचे, परन्तु तब तक हमले के आरोपी फरार हो चुके थे। दूसरी ओर घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद किरतपुर सरकारी अस्पताल से जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।

    थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी मुकर्रम पुत्र काले खान, अहमद पुत्र मुन्ने व दो सगे भाई अमजद व ज़ाकिर पुत्र गण सत्तार व अन्य अज्ञात के खिलाफ धारा 323/336/353/307/504 व 506 में मुक़दमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के घर लगातार दबिश दी जा रही है। शीघ्र ही आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे।

  • अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ का लक्ष्य

    नई दिल्ली। कोविड-19 के लिए टीकाकरण पिछले 3-4 सप्ताह से लगभग 50 देशों में चल रहा है, और अब तक लगभग 2.5 करोड़ लोगों को ही टीका लग पाया है। भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।

    मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में टीकाकरण अभियान महत्वपूर्ण है क्योंकि कई अन्य देश हमारा अनुसरण करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के कारण किसी व्यक्ति को कष्‍ट होने की स्थिति में उचित व्‍यवस्‍था की गई है। इस तरह की व्‍यवस्‍था सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए पहले से ही है, और इस टीकाकरण अभियान के लिए इसे और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।
    प्रधानमंत्री ने इस प्रयास में कोविड संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करने के महत्व को रेखांकित किया, यह कहते हुए कि जो लोग टीका प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें वायरस के किसी भी प्रसार को रोकने के लिए इन सावधानियों का पालन करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को जांच में टीकाकरण से संबंधित अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए व्‍यवस्‍था करनी होगी। इसके लिए धार्मिक और सामाजिक संगठनों, एनवाईके, एनएसएस, एसएचजी आदि से मदद ली जानी चाहिए।

  • नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 जनवरी, 2021 को कोविड-19 के टीकाकरण की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के साथ भारत का व्यापक अनुभव इस प्रयास में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के परामर्श के बाद विशेषज्ञों और वैज्ञानिक समुदाय की सलाह के अनुसार टीकाकरण की प्राथमिकता तय की गई है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सबसे पहलेटीका लगाया जाएगा। इसके अलावा सफाई कर्मचारी, अग्रिम पंक्ति के अन्य कार्यकर्ता, पुलिस और अर्धसैनिक, होम गार्ड, आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक और नागरिक सुरक्षा के अन्य जवान, कंटेनमेंट और निगरानी से जुड़े राजस्व अधिकारियों को भी पहले चरण में टीका लगाया जायेगा। ऐसे कर्मियों की कुल संख्या लगभग 3 करोड़ है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकारों को पहले चरण में इन 3 करोड़ लोगों को टीका लगाने के लिए कोई खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। इस लागत को केन्‍द्र वहन करेगा।

    दूसरे चरण के लिये भी बनाई रणनीति:
    दूसरे चरण में, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और 50 वर्ष से कम आयु के ऐसे लोगों को टीके लगाए जाएंगे जिन्‍हें पहले से कोई बीमारी है या संक्रमण का अत्‍यधिक खतरा है। सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ बुनियादी ढांचे और रसद की तैयारी कर ली गई है, प्रधान मंत्री ने कहा, टीकाकरण के लिए ड्राई रन भी देश भर में किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के लिए हमारी नई तैयारियों और एसओपीको सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम चलाने और देश भर में चुनाव कराने के हमारे पुराने अनुभवों से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए उपयोग की जाने वाली बूथ स्तर की रणनीति का उपयोग यहां भी किया जाना चाहिए।

  • जम्मू कश्मीर में 370 हटने के बाद आतंकी घटनाओं में आई 63.93 प्रतिशत की कमी
    गृह मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े

    नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकी वारदातों में काफी गिरावट देखने को मिली है। 2019 के मुकाबले साल 2020 में आतंकवादी घटनाओं में 63.93 प्रतिशत की कमी देखी गई। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में आतंकवादी घटनाएं 63.93% घट गई। ये आंकड़े 15 नवंबर तक के हैं। इसी दौरान सुरक्षा बलों के घायल होने की घटनाओं में भी 29.11 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों के हताहत होने की संख्या में भी 14.28 प्रतिशत की कमी आई है।

    गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद गृह मंत्रालय की ओर से कई कानूनों में संशोधन किए गए और कई कानून निरस्त भी किए गए। जहां एक तरफ सरकार की ओर से 48 केंद्रीय कानूनों और 167 राज्य कानूनों को लागू करने के आदेश दिए गए। वहीं लद्दाख में 44 केंट्रीय काननूों और 148 राज्य कानूनों को लागू किया गया। गृह मंत्रालय की ओर से वार्षिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों के कानूनों को जम्मू कश्मीर में लागू किए जाने को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन आदेश 31 मार्च 2020 को अधिसूचित किया गया और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की एक पीठ जम्मू में 8 जून 2020 को स्थापित की गई थी.’

    2019 में केंद्र के मोदी सरकार ने धारा 370 को निरस्त करने के साथ ही जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में विभाजित कर दिया था। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में अपनी विधायिका है, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित क्षेत्र है।


  • उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से की मुलाकात


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से मुलाकात की। बैठक के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के कार्यान्वयन और शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

    बैठक के दौरान श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने, छात्रों के शैक्षणिक कल्याण को सुनिश्चित करने जैसी की जा रही विभिन्न पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्री-प्राइमरी स्तर और प्राथमिक स्तर के छात्रों के लिए “शिक्षक मार्गदर्शिका” पुस्तक की एक प्रति भेंट की। यह मार्गदर्शिका शिक्षकों को छात्र केंद्रित शिक्षण की बेहतर समझ विकसित करने, पर्यावरण के विभिन्न विषयों, नैतिक शिक्षा आदि को सम्पूर्ण तरीके से समझने में मदद करेगी।

    शिक्षक गाइड के सुझाव करेंगे एनसीएफ में शामिल

    श्री पोखरियाल ने बताया कि जैसा नई शिक्षा नीति में उल्लेख किया गया है, बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक साक्षरता के विकास को एक राष्ट्रीय मिशन के तौर पर लिया जाएगा जिससे सीखने के परिणामों, शिक्षकों के प्रशिक्षण आदि पर एक रूपरेखा तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीईआरटी एक नये राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक गाइड में दिए गए सुझावों को परखा जाएगा और उन्हें एनसीएफ में उपयुक्त रूप से शामिल किया जाएगा।

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  • चांदपुर/बिजनौर (धारा न्यूज़): विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण हेतु ब्लॉक जलीलपुर अंतर्गत ग्राम अजदेव में महा कैम्प लगाया गया। इस दौरान उपभोक्ताओं के बकाया बिल के लगभग साढ़े पांच लाख रुपए जमा कराए गए।
    पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से लगाए गए महा कैम्प में अधिकारियों ने बकायदारों को भुगतान समय से करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बिजली चोरी न करने की नसीहत देते हुए राष्ट्र निर्माण में सहयोग की अपील भी की। सहायक अभियंता अरविंद कुमार, एसडीओ अजय शर्मा, जेई जलीलपुर मनोज शर्मा, निर्मल कुमार, शक्ति सिंह, टीयूटी स्टाफ व लाइनमैन के अलावा जनप्रतिनिधियों वरुण गुर्जर व विनोद कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपभोक्ता विनोद शर्मा, मेहराजुद्दीन, इरशाद खान करीब सौ डेढ़ सौ लोगों की समस्याओं का निवारण किया गया।

  • देश में एवियन इन्‍फ्लुएंजा का प्रकोप बढ़ा

    नई दिल्ली। देश में 11 जनवरी 2021 तक 10 राज्यों में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि हो गई है। आईसीएआर-एनआईएचएसएडी ने राजस्थान के टोंक, करौली, भीलवाड़ा जिलों और गुजरात के वलसाड, वडोदरा और सूरत जिलों में कौवों और प्रवासी/जंगली पक्षियों की मौत होने की पुष्टि की है। इसके अलावा, उत्तराखंड के कोटद्वार और देहरादून जिलों में भी कौवों की मौत होने की पुष्टि हुई है। नई दिल्ली में कौवों और संजय झील क्षेत्रों में बत्तखों की मौत होने की भी जानकारी मिली है।

    इसके अलावा, परभानी जिले में मुर्गियों के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जबकि महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, दापोली और बीड में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।

    हरियाणा में, इस बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए संक्रमित पक्षियों की कुल्लिंग का काम जारी है। एक केन्द्रीय दल ने हिमाचल प्रदेश का दौरा किया है और यह दल उपरिकेंद्र स्थलों की निगरानी करने और महामारीविज्ञान संबंधी जांच-पड़ताल करने के लिए 11 जनवरी, 2021 को पंचकूला पहुंच रहा है।

    Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying के अनुसार राज्यों से जनता में जागरूकता पैदा करने और गलत जानकारी का प्रसार रोकने के लिए अनुरोध किया गया है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि जल निकायों, पक्षी बाजारों, चिड़ियाघरों, पोल्ट्री फार्मों आदि के आसपास निगरानी बढ़ाएं, पक्षियों के शवों का उचित निपटारा करें और पोल्ट्री फार्मों में जैव-सुरक्षा को मजबूत बनाएं। इसके अलावा, कुल्लिंग परिचालनों के लिए आवश्यक पीपीई किटों और सहायक उपकरणों का भी पर्याप्त भंडारण किया जाएं। डीएएचडी के सचिव ने राज्य पशुपालन विभागों से अनुरोध किया कि इस बीमारी की स्थिति की कड़ी निगरानी के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ प्रभावी संचार और तालमेल सुनिश्चित करें और इस बीमारी की मनुष्यों में फैलने की किसी भी संभावना को रोका जाए।

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  • बांग्लादेश- 51वें आईएफएफआई के लिए फोकस देश

    मुंबई। भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने आज इस वर्ष के फोकस देश का नाम घोषित किया है। बांग्लादेश, 51वें आईएफएफआई के लिए फोकस देश है।

    Ministry of Information & Broadcasting से मिली जानकारी के अनुसार फोकस देश एक विशेष खंड है, जो देश की सिनेमा उत्कृष्टता और योगदान को रेखांकित करता है। 51वें आईएफएफआई में इस खंड के तहत चार फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा।
    ये हैं-
    1. तनवीरमोकम्मेल द्वारा जिबोनधूलि।

    2. ज़ाहिदुर रहीम अंजान द्वारा मेघमल्लार।

    3. रुबैयत हुसैन द्वारा अंडर कंस्ट्रक्शन।

    4. नुहाशहुमायुं, सैयद अहमद शॉकी, राहत रहमान जॉय, एमडी रोबीउलआलम, गोलाम किब्रिया फारूकी, मीर मुकर्रम हुसैन, तनवीर अहसान, महमूदुल इस्लाम, अब्दुल्ला अल नूर, कृष्णेंदुचट्टोपाध्याय, सैयदसलेह अहमद सोभन द्वारा सिंसरेली योर्स, ढाका।

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  • सीएम योगी को एक बार फिर से मिली जान से मारने की धमकी-’24 घंटे के अंदर मार दूंगा, ढूंढ सको तो ढूंढ लो’

    लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ को एक बार फिर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस बार 112 कंट्रोल रूम के वॉट्सऐप नंबर पर धमकी भरा मैसेज भेजा गया है। इस संबंध में रविवार को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। सर्विलांस सेल की मदद से पता चला है धमकी देने वाला किसी दूसरे शहर का है। मैसेज भेजे जाने वाले मोबाइल नंबर के बारे में भी पूरी जानकारी मिल गई है। अब उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
    पुलिस कंट्रोल रूम 112 के वॉट्सऐप नंबर पर शनिवार की रात 8:07 मिनट पर मोबाइल नंबर 8874028434 से मैसेज आया था। इसमें सीएम को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसमें लिखा था कि मुख्यमंत्री को जान से मारेंगे 24 घंटे के अंदर, खोज सकते हो तो खोज लो। एके 47 से 24 घंटे के अंदर मार दूंगा।

    जानकारी होते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 112 में तैनात ऑपरेंशंस कमांडर सहेंद्र यादव ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

    पुलिस की सर्विलांस टीम और क्राइम ब्रांच मैसेज भेजने वाले की तलाश में जुट गईं हैं। डीसीपी साउथ रवि कुमार के अनुसार अब तक की छानबीन में पता चला है कि धमकी देने वाला किसी दूसरे शहर का है। मैसेज भेजे जाने वाले मोबाइल नंबर के बारे में भी पूरी जानकारी मिल गई है।

  • हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर 

    दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू किया गया 

    नई दिल्ली। हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर चल रहा है। लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू होने के साथ ही दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए हाई स्‍पीड रेल के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। ग्रेटर नोएडा से दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार सर्वेक्षण आज शुरू किया गया, जहां अत्‍याधुनिक एरियल लिडार तथा इमेज़री सेंसरों से सुसज्जित एक हैलिकॉप्‍टर ने पहली उड़ान भरी और ग्राउंड सर्वेक्षण से संबंधित डेटा प्राप्‍त किया।

    राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा लाइट डिटेक्‍शन और रेंजिंग (लिडार) सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा रहा है, जो 3 से 4 महीने में ग्राउंड संबंधी सभी विवरण तथा डेटा उपलब्‍ध कराता है, जबकि इस प्रक्रिया में सामान्‍य तौर पर 10 से 12 महीने का समय लगता है। 

    इस लाइनियर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजना के लिए ग्राउंड सर्वेक्षण एक महत्‍वपूर्ण क्रियाकलाप है, क्‍योंकि इस सर्वेक्षण से रेल मार्ग के आसपास के क्षेत्रों का सटीक विवरण प्राप्‍त होता है। इस तकनीक में सटीक सर्वेक्षण डेटा प्राप्‍त करने के लिए लेजर डेटा, जीपीएस डेटा, फ्लाइट पैरामीटरों तथा वास्‍तविक तस्‍वीरों का एक साथ इस्‍तेमाल किया जाता है।

    रेल मार्ग के आसपास 300 मीटर के क्षेत्र शामिल-
    एरियल लिडार सर्वेक्षण के दौरान, सर्वेक्षण के उद्देश्‍य को लेकर प्रस्‍तावित रेल मार्ग के आस-पास 300 मीटर (दोनों तरफ 150 मीटर) के क्षेत्र को शामिल किया जा रहा है। डेटा प्राप्‍त करने के बाद प्रस्‍तावित रेल मार्ग के दोनों तरफ 50 मीटर गलियारे का स्‍थलाकृति संबंधी त्रि-आयामी नक्‍शा 1:2500 के पैमाने पर उपलब्‍ध होगा, ताकि रेलमार्ग का ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज डिजाइन, संरचना, स्‍टेशनों एवं डिपो के स्‍थान, गलियारे के लिए भूमि की आवश्‍यकता, परियोजना से प्रभावित भूखंडों/संरचनाओं की पहचान, तौर-तरीके आदि निर्धारित किये जा सकें।

    इस क्षेत्र में भारतीय सर्वेक्षण द्वारा निर्धारित 9 स्‍तरीय मानकों के अनुसार, 86 मास्‍टर कंट्रोल प्‍वाइंट तथा 350 सैकेंडरी कंट्रोल प्‍वाइंट स्‍थापित किये गये हैं एवं दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के मार्ग पर विमान की उड़ान के लिए इन को-आर्डिनेटों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

    संरचनाओं, पेड़ों की स्‍पष्‍ट तस्‍वीर प्राप्‍त करने तथा भूमि संबंधी अन्‍य विवरणों के लिए लिडार सर्वेक्षण में 60 मेगापिक्‍सल कैमरों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

    राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 7 हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया है तथा इन सभी गलियारों में ग्राउंड सर्वेक्षण के लिए लिडार सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जाएगा।

    जुड़ेंगे मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहर-

    दिल्ली – वाराणसी हाई स्पीड रेल गलियारे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट 29 अक्टूबर, 2020 को रेल मंत्रालय को सौंपी गई। दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली (एनसीटी) को मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। दिल्ली से वाराणसी तक मुख्य गलियारा (लगभग 800 किमी) अयोध्या से भी जुड़ा होगा। हाई स्पीड रेल (एचएसआर) मार्ग उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी जोड़ेगा।

    हाई रिजोल्‍यूशन लिडार उड़ान से प्राप्‍त वीडियो डाउनलोड करने के लिए लिंक:

    https://drive.google.com/drive/folders/1p1WF3veRiUM2_gKuzgHQY1YynoZl_9RN

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  • Vaccine के लिये india पर दुनिया की आशा भरी निगाह
    नई दिल्ली (धारा न्यूज): कोरोना से निपटने के लिए दुनिया इसकी वैक्सीन का इंतजार रही है। इसी बीच भारत में कोरोना की दो वैक्सीन को इमर्जेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिलने के साथ ही दुनिया की निगाहें अब भारत पर टिक गई हैं। भारत में कोरोना की दो वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत मिलने के बाद ब्राजील, मोरक्को, सऊदी अरब, म्यांमार, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों ने भारत से वैक्सीन की आधिकारिक तौर पर मांग की है। सूत्रों के अनुसार कोरोना वैक्सीन के वितरण में भारत सरकार बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देगी।

    ब्राजील के राष्ट्रपति लिख चुके हैं मोदी को पत्र-
    ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत बायोटेक- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 20 लाख डोज तत्काल देने का अनुरोध किया था। हालांकि भारत की ओर से  तैयार प्लान के मुताबिक कोरोना वैक्सीन पहले पड़ोसी देशों को दी जाएगी, उसके बाद अन्य देशों का नंबर आएगा। जानकारी के अनुसार  नेपाल ने भारत से 12 मिलियन कोरोना वैक्सीन के डोज की मांग की है। वहीं, भूटान ने पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) में निर्मित की जा रही वैक्सीन की 1 मिलियन डोज की मांग की है। म्यांमार ने भी सीरम के साथ एक खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। उधर बांग्लादेश ने कोविशील्ड की 30 मिलियन डोज के लिए अनुरोध किया है।

    इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत शुरू से ही दुनिया के साथ कोरोना की जंग लड़ रहा है। हम इस दिशा में सहयोग करने को अपने कर्तव्य के तौर लेते हैं। हमारी कोशिश है कि इस जंग में हम दुनिया की ज्यादा से ज्यादा मदद कर सकें। बता दें कि DCGI ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन के आपातकाल इस्तेमाल को अंतिम मंजूरी दे दी है।

    चीन ने की भारत की तारीफ-
    भारत में बने कोरोना वायरस टीकों की चीन ने तारीफ करते हुए कहा कि उसके दक्षिण एशियाई पड़ोस देश में बने वैक्सीन की गुणवत्ता के मामले में किसी से भी पीछे नहीं है। चीन कम्युनिस्ट पार्टी के ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में चीनी विशेषज्ञों ने एक स्वर में यह कहा है कि भारत में निर्मित हुए कोरोना वायरस के टीके, चीनी टीकों के मुकाबले किसी भी एंगल से कम नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि भारतीय टीके रिसर्च और प्रोडक्शन क्षमता किसी भी स्तर पर कमतर नहीं हैं।

  • 51वें आईएफएफआई ने की OTT प्लेटफॉर्म के लिए कार्यक्रमों की घोषणा

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे मास्टरक्लास  संवाद सत्र का सीधा प्रसारण

    स्क्रीनिंग, क्यूएंड सत्रों और फिल्म सराहना सत्र का भी होगा आयोजन

    मुंबई। एशिया के सबसे पुराने और भारत के सबसे बड़े महोत्सव, भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 51वें संस्करण ने कई कार्यक्रमों की घोषणा की है। ये महोत्सव के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किए जाएंगे। आईएफएफआई 16 जनवरी से 24 जनवरी, 2021 तक गोवा में आयोजित होना है।

    Ministry of Information & Broadcasting की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया कि वर्तमान में जारी महामारी के दौर को देखते हुए भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पहली बार ‘हाइब्रिड’ फिल्म महोत्सव का आयोजन कर रहा है। इस साल आईएफएफआई अपने दर्शकों के लिए कुछ कार्यक्रम ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आयोजित करेगा।

    मुख्य बातें:

    पुरानी फिल्में-
    पेड्रो अल्मोडोवर
    लाइव फ्लेश | बैड एजुकेशन | वॉल्वर रुबेन ऑस्टलंड | द स्क्वायर | फोर्स माजेर

    मास्टरक्लास
    शेखर कपूर, प्रियदर्शन, पेरी लैंग, सुभाष घई, तनवीर मोकम्मिल

    संवाद सत्र-
    रिकी केज, राहुल रवेल, मधुर भंडारकर,  पाब्लो सेसर, अबू बकर शॉकी, प्रसून जोशी, जॉन मैथ्यू मैट्ठन, सुश्री अंजली मेनन, आदित्य धर, प्रसन्ना विथानेज, हरिहरन, विक्रम घोष, सुश्री अनुपमा चोपड़ा, सुनील दोशी, डोमिनिक संगमा, सुनील टंडन

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विश्व की कुछ पैनोरमा फिल्में।
    उद्घाटन और समापन समारोह का सीधा प्रसारण।
    Q&A सत्र।
    फिल्म सराहना सत्र- प्रो. मजहर कामरान, प्रो. मधु अप्सरा, प्रो. पंकज सक्सेना द्वारा एफटीआईआई

    मिड फेस्ट फिल्म- वर्ल्ड प्रीमियर
    मेहरुनिसा
    आईएफएफआई वेबसाइट: https://iffigoa.org/
    आईएफएफआई के सोशल मीडिया हैंडिल :

    ● इंस्टाग्राम – https://instagram.com/iffigoa?igshid=1t51o4714uzle

    ● ट्विटर – https://twitter.com/iffigoa?s=21

    https://twitter.com/PIB_panaji

    ● फेसबुक  – https://www.facebook.com/IFFIGoa/

    आईएफएफआई के बारे में:

    1952 में स्थापित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) एशिया में सबसे महत्वपूर्ण फिल्म महोत्सवों में से एक है। हर साल होने वाला यह समारोह इस बार गोवा में हो रहा है। इसका उद्देश्य उत्कृष्ट फिल्म कला के प्रसार के लिए दुनिया के फिल्म उद्योग को एक समान प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना, विभिन्न देशों की फिल्म संस्कृतियों को उनके सामाजिक और सांस्कृतिक लोकाचार के संदर्भ में समझने और सराहना करने में योगदान और दुनिया के लोगों के बीच मैत्रीभाव और सहयोग को बढ़ावा देना है। इस महोत्सव को संयुक्त रूप से फिल्म महोत्सव निदेशालय (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत) और गोवा राज्य सरकार द्वारा आयोजित किया गया है।

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  • सपा सरकार में मिला था प्रमोशन, अब फिर से चपरासी और चौकीदार का काम करते नजर आएंगे 4 अपर जिला सूचना अधिकारी

    लखनऊ (धारा न्यूज): यूपी में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब चार अलग-अलग स्थानों पर चपरासी और चौकीदारी के रूप में सेवा दे रहे लोगों को अफसर बनाकर प्रमोट कर दिया गया। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने इन पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में वाद दायर कर दिया था। इसे संज्ञान में लेकर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश के सूचना निदेशक और मथुरा डीएम सहित 6 लोगों को नोटिस जारी कर हाल ही में जवाब तलब किया था। मामला हाई कोर्ट पहुंचा और वहां से मिले आदेश के बाद योगी सरकार ने चारों को उनके मूल पद पर भेज दिया है।

    उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के 4 अपर जिला सूचना अधिकारियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद उनके मूल पदों पर वापस भेज दिया गया है। यह सभी 2014 में पदोन्नति पाकर अपर जिला सूचनाधिकारी बने थे। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि क्षेत्रीय प्रचार संगठन के तहत जिला सूचना कार्यालय बरेली में चपरासी के रूप में सेवारत नरसिंह, फीरोजाबाद में चौकीदार के पद पर तैनात दयाशंकर, मथुरा के सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक विनोद कुमार शर्मा और भदोही में सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक के रूप में सेवारत अनिल कुमार सिंह को उन्हीं के दफ्तर में 2014 में सेवा अवधि के आधार पर अपर जिला सूचना अधिकारी बना दिया गया था। अब इन सभी को उच्च न्यायालय के एक आदेश के आधार पर मूल पदों पर वापस किया गया है।

    बताया गया है कि 2014 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो मनमाने तरीके से इन पर मेहरबानी कर दी गई। क्षेत्रीय प्रचार संगठन के तहत इनको उन्हीं के दफ्तर में अपर जिला सूचना अधिकारी बना दिया गया। यह आदेश इसलिए गैर कानूनी था क्योंकि ये पद सीधी भर्ती से ही भरे जा सकते हैं। मामला हाई कोर्ट पहुंचा, तो सारी मनमानी धरी रह गई। अब कोर्ट ने चारों को उनके पुराने मूल पद पर भेजने का आदेश दिया।
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  • कमिश्नरेट पुलिस में हुए बड़े फेरबदल के बाद नए थाना प्रभारियों ने संभाला कार्यभार

    नए थाना प्रभारी संजय राय का फूल माला पहनाकर स्वागत

    लखनऊ। कमिश्नरेट पुलिस में हुए बड़े फेरबदल के बाद नए थाना प्रभारियों ने कार्यभार संभाल लिया है।
    थाना तालकटोरा में पूर्व थाना प्रभारी धनंजय सिंह की विदाई हुई। विदाई समारोह एसीपी अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
    थाना तालकटोरा के पुलिसकर्मियों व क्षेत्र वासियों ने उनके अच्छे व्यवहार व मेहनत की सराहना की। गुलदस्ता भेंट करने के साथ ही फूलों की माला पहनाकर विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समारोह में पहुंचे लोगों ने कहा कि आपने जिस मेहनत व लगन से क्षेत्र में काम किया और जनता के बीच पुलिस की एक अच्छी छवि पेश की है, वह हमें हमेशा याद रहेगी। इस अवसर पर नए थाना प्रभारी संजय राय का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।

  • 200 मीटर गहरी खाई में गिरी आल्टो कार, सहारनपुर के दो लोगों की मौत, SDRF जुटी

    देहरादून। देवप्रयाग से 1 किलोमीटर दूर तीन धारा की ओर एक आल्टो कार नदी में गिर गई। दुर्घटना में सहारनपुर के दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कोतवाली श्रीनगर से SDRF को सूचित किया गया कि देवप्रयाग से 01 किमी आगे तीनधारा की ओर एक आल्टो कार नदी में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी है। सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट श्रीनगर से एसआई जगमोहन सिंह के निर्देशन में SDRF की रेस्क्यू टीम मय रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गई। साथ ही पोस्ट ढालवाला से भी एक डीप डाइविंग टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
    उक्त घटना में एक आल्टो कार अनियंत्रित होने से नदी में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी। कार में 02 लोग सवार थे, दोनों सवारों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। SDRF इंचार्ज जगमोहन सिंह टीम के साथ शवों को नदी से बाहर निकालने में जुट गए। खाई अत्यंत गहरी होने और वाहन लगभग 200 मीटर नीचे गिरा होने से राहत कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    मृतकों का विवरण:
    1. खुर्शीद पुत्र राशिद, उम्र 43 वर्ष, निवासी मोहल्ला गुलाम ओलिया, थाना गंगू, जिला सहारनपुर।
    2. शाहमुद्दीन पुत्र अब्दुल हाफिज, उम्र 33 वर्ष, निवासी ऊपरोक्त।

  • MNRE ने की पीएम-कुसुम योजना के तहत पंजीकरण का दावा करने वाले फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ नई चेतावनी जारी

    सतर्क रहें धोखाधड़ी से बचें!

    नई दिल्ली। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा प्रधान मंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री-कुसुम) योजना लागू किया गया है जिसके तहत कृषि पंपों के सौरीकरण के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इस योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें किसानों को केवल बाकी का 40 प्रतिशत ही विभाग को जमा करवाना होता है। इन विभागों का विवरण MNRE की वेबसाइट http://www.mnre.gov.in पर उपलब्ध है।

    मंत्रालय के अनुसार योजना के शुभारंभ के बाद, यह देखा गया कि कुछ वेबसाइटों ने पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा किया है। ऐसी वेबसाइटें आम जनता को धोखा दे रही हैं और फर्जी पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से उनसे रुपये तथा जानकारी एकत्रित कर रही हैं। आम जनता को किसी भी नुकसान से बचने के लिए, MNRE ने इसके पहले दिनांक 18.03.2019, 03.06.2020, 10.07.2020 व पुनः दिनांक 25.10.2020 को विज्ञप्ति जारी करके लाभार्थियों और आम जनता को ऐसी किसी भी वेबसाइटों पर पंजीकरण शुल्क नहीं जमा करने और अपनी जानकारी साझा करने से सतर्क रहने की सलाह दी थी।

    ऐसी वेबसाइटों की जानकारी मिलने पर MNRE द्वारा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाती है। हाल ही में देखा गया है कि कुछ नई वेबसाइटों (जिसमें http://www.kusumyojanaonline.in.net भी शामिल है) ने अवैध रूप से पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल का दावा किया है। साथ ही WhatsApp व अन्य माध्यमों के द्वारा भी संभावित लाभार्थियों को भ्रमित कर धन हानि पहुँचाने की कोशिश की जा सकती है। अतः फिर से सभी संभावित लाभार्थियों और आम जनता को सलाह दी जाती है कि ऐसी वेबसाइटों पर रुपया या जानकारी जमा करने से बचें। साथ ही किसी भी असत्यापित अथवा संदेहास्पद लिंक जो पीएम-कुसुम योजना में पंजीयन का दवा करती हो पर क्लिक न करें।

    समाचार पत्रों को भी डिजिटल या प्रिंट प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित करने से पहले सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा करने वाली वेबसाइटों की प्रामाणिकता की जांच करने की सलाह दी जाती है।

    MNRE अपनी किसी भी वेबसाइट के माध्यम से योजना के तहत लाभार्थियों को पंजीकृत नहीं करता है और इसलिए योजना के लिए MNRE की पंजीकरण वेबसाइट होने का दावा करने वाली कोई भी वेबसाइट भ्रामक और धोखाधड़ी है। किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी वाली वेबसाइट, यदि किसी के द्वारा देखी गई हो, तो उसे MNRE को तुरंत सूचित करने का कष्ट करें।

    योजना में भागीदारी के लिए पात्रता और कार्यान्वयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी MNRE की वेबसाइट http://www.mnre.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक लोग MNRE की वेबसाइट पर जा सकते हैं या टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 1800-180-3333 पर कॉल कर सकते हैं।


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  • ब्राजील के राष्ट्रपति ने मोदी को पत्र लिख तत्काल मांगी कोरोना वैक्सीन की 20 लाख डोज

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): देश में कोरोना वायरस की 2 वैक्सीन को इमरजेंसी यूज़ की इजाजत मिलने के साथ ही दुनिया की निगाहें अब भारत पर टिक गई है। ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत बायोटेक- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 20 लाख डोज तत्काल देने का अनुरोध किया है।

    DCGI ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन के आपातकाल इस्तेमाल को अंतिम मंजूरी दे दी है। बोलसोनारो के पत्र को उनके प्रेस ऑफिस ने जारी किया है। विदित हो कि अमेरिका के बाद ब्राजील में कोरोना के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। ब्राजील में कोरोना से अब तक 2,01,542 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इस बीमारी की चपेट में 80,15,92O लाख लोग आ चुके हैं। राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने पत्र लिखकर नरेंद्र मोदी से कहा है कि ब्राजील पर टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि जब से ब्राजील के आसपास के देशों में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हुआ है, तब से ब्राजील की जनता लगातार सरकार पर इस बात को लेकर दबाव बना रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि हमारे राष्ट्रीय कार्यक्रम को जल्द शुरू करने में भारत हमारी मदद करे। उन्होंने कहा मैं चाहूंगा कि कोविड वैक्सीन की 20 लाख खुराकें, भारतीय वैक्सीनेशन अभियान को नुकसान पहुंचाए बिना जल्द भेजी जाएं।

  • ब्रिटेन स्‍ट्रेन के बाद तीन मरीजों में मिला साउथ अफ्रीका का नया कोरोना वायरस, इस पर नाकाम हैं एंटीबॉडी


    मुंबई (धारा न्यूज़): टाटा मेमोरियल सेंटर से एक चिंताजनक खबर आई है। खारघर के इस सेंटर में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के तीन मरीजों में E484K म्‍यूटेशन वाला कोरोना वायरस मिला है। इसे साउथ अफ्रीका में मिले कोरोना का स्‍ट्रेन बताया जा रहा है। चिंताजनक बात यह है कि कोरोना से सही हुए मरीजों के शरीर में बनी तीन ऐंटीबॉडीज इस नई किस्‍म के ऊपर बेअसर हैं।

    म्‍यूटेशन वायरस के आनुवांशिक पदार्थ या जेनेटिक सीक्‍वेंस में होने वाले वे बदलाव हैं, जिनके आधार पर वायरस अपना रूप बदल लेता है। इस कारण पुराने वायरस के खिलाफ बनी ऐंटीबॉडी बदले हुए वायरस पर कारगर साबित नहीं होतीं।

    700 सैम्पल में से तीन पॉजिटिव:
    टाटा मेमोरियल सेंटर के डॉ निखिल पाटकर के अनुसार साउथ अफ्रीका में कोरोना वायरस में तीन किस्‍म के म्‍यूटेशन दर्ज किए गए थे। यहां पाया गया म्‍यूटेशन उन्‍हीं तीन में से एक है। सेंटर की टीम ने 700 सेंपलों की जीन सीक्‍वेंसिंग की थी इनमें से तीन में यह म्‍यूटेशन पाया गया।

    बहुत घबराने की जरूरत नहीं:
    माना जा रहा है कि पूरे यूरोप में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के लिए जिम्‍मेदार ब्रिटेन के नए कोरोना वायरस की तुलना में यह साउथ अफ्रीका वाला वायरस ज्‍यादा खतरनाक है। इसके विपरीत बेंगलुरु के महामारी विशेषज्ञ डॉ गिरिधर बाबू का कहना है कि इससे बहुत घबराने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि E484K म्‍यूटेशन वाले वायरस सितंबर 2020 से जनता के बीच हैं। अगर ये बहुत तेजी से फैलते तो अबतक हालात बहुत खराब हो गए होते। वैसे भी जिन तीन मरीजों में यह नया वायरस पाया गया उनमें से दो होम आइसोलेशन से ठीक हो गए, तीसरे को अस्‍पताल में भर्ती तो कराया गया लेकिन उसे ऑक्सिजन, वेंट‍िलेटर किसी की जरूरत नहीं हुई।

  • नई दिल्ली (धारा न्यूज़): देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या घटने लगी है। बीते दिन भी भारत में लगातार तीसरे दिन 19 हजार से कम नए कोरोना केस आए। पिछले 24 घंटे में 18,645 नए संक्रमित मरीज आए जबकि 201 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। राहत की बात ये है कि बीते दिन 19,299 मरीज कोरोना से ठीक भी हुए। देश में ब्राजील, ब्रिटेन, रूस, साउथ अफ्रीका, फ्रांस, इटली, जर्मनी से कम केस आए। इस बीच भारत में 16 जनवरी से कोरोना वायरस का टीका लगना शुरू हो जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 1 करोड़ चार लाख 50 हजार हो गए हैं। इनमें से अब तक एक लाख 51 हजार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। कुल एक्टिव केस घटकर 2 लाख 23 हजार पर आ गए हैं। अब तक कुल एक करोड़ 75 हजार लोग कोरोना से ज्यादा ठीक हो चुके हैं।

    भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार 9 जनवरी तक कोरोना वायरस के लिए कुल 18 करोड़ 10 लाख कोरोना के सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 8.43 लाख सैंपल कल शनिवार को टेस्ट किए गए। मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.45 फीसदी है जबकि रिकवरी रेट 96 फीसदी से ज्यादा है, एक्टिव केस 2.15 फीसदी है।

    महाराष्ट्र में मरने वालों की संख्या 50 हजार के पार पहुंची-
    महाराष्ट्र में कोरोना से मरने वालों की संख्या 50,000 का आंकड़ा पार कर गई है। 9 मार्च, 2020 को पुणे से कोविड-19 के पहले दो मामले सामने आए थे। राज्य में कोराना से मौतों का आंकड़ा स्पेन में 51,874 मौतों से ठीक नीचे और कोलंबिया में 45,431 मौतों से ऊपर है।
    राज्य में 57 और मौत होने के साथ शनिवार को कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 50,027 हो गई। वहीं 3,581 नए मामले आने के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 19,65,556 तक पहुंच गई है। राज्य कोरोना वायरस के नए ब्रिटेन स्टेन की चुनौतियों से भी जूझ रहा है। फिलहाल सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं। एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का 13वां स्थान है। कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रभावित देश है। रिकवरी दुनिया में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा भारत में हुई है। मौत के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत का नंबर आता है।

  • इन्कम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज, तुरंत जमा नहीं किया तो लगेगा 10,000 रुपए जुर्माना
    नई दिल्ली (धारा न्यूज): वर्ष 2020-21 (वित्त वर्ष 2019-20) का आईटीआर फाइल करने का आज आखिरी दिन है। आईटीआर (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 10 जनवरी है। इसके बाद रिटर्न फाइल करेंगे तो दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा। आयकर विभाग भी ट्वीट कर आगाह कर चुका था कि आईटीआर फाइल करने के लिए लॉस्ट डेट का इंतजार न करें।

    गौरतलब है कि अगर आप समय पर इन्कम टैक्स रिटर्न नहीं करते हैं तो विभाग की ओर से जुर्माना लगाया जाता है। अगर टैक्स पेयर्स रिटर्न 10 जनवरी के बाद फाइल करते हैं तो  10,000 रुपये लेट फीस चुकानी होगी। इसके अलावा ऐसे टैक्सपेयर्स, जिनकी आय ₹5 लाख से ज्यादा नहीं है, उन्हें लेट फीस के रूप में ₹1000 देने ही देने पड़ते हैं।

    कोरोना के कारण इसकी तारीख बढ़ते-बढ़ते पहले 31 दिसंबर 2020 और फिर 10 जनवरी 2021 की गई थी। नौकरीपेशा लोगों को अपने नियोक्ता से फॉर्म 16 ए जरूर लेकर रख लेना चाहिए। इसमें काटे गए टैक्स (टीडीएस) और आपके द्वारा नियोक्ता को निवेश की दी गई जानकारी का विवरण होता है। इसके अलावा नौकरीपेशा, पेंशनभोगी और स्वरोजगार करने वाले सभी लोगों के लिए बैंक को फॉर्म 15-H भरकर देना होता है, उससे ब्याज का सर्टिफिकेट भी लेकर रख लें। फॉर्म 15-H एक तरह का घोषणापत्र है, जिसमें यह जानकारी होती है कि आपकी आय कर दायरे में नहीं आती है। ऐसा नहीं होने पर बैंक टीडीएस काट लेते हैं। वहीं 10 हजार रुपए से अधिक के ब्याज पर टैक्स लगता है। ऐेसे में ब्याज सर्टिफिकेट रहने पर आंकलन करना आसान होगा। इसके अतिरिक्त बीमा पॉलिसी में निवेश का विवरण, होम लोन की ईएमआई और टैक्स छूट वाले अन्य निवेश के दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। इससे ऑनलाइन रिटर्न भरने में परेशानी नहीं होती और समय भी कम लगता है।

    ऐसे ऑनलाइन भरें ITR-                    1. इन्कम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जा कर यूजर आईडी (पैन नंबर), पासवर्ड और कैप्चा कोड के साथ लॉगिन करें।
    2. ‘e-File’ मेन्यू पर क्लिक करें और उसके बाद ‘Income Tax Return’ के लिंक पर क्लिक करें।
    3. इन्कम टैक्स रिटर्न पेज पर पैन स्वयं भरा हुआ दिखेगा।
    4. अब असेसमेंट ईयर, आईटीआर फॉर्म नंबर, फाइलिंग टाइप में ‘ओरिजिनल/ रिवाइज्ड रिटर्न’ चुनिए। इसके बाद सबमिशन मोड में ‘प्रीपेयर एंड सबमिट ऑनलाइन’ को क्लिक करें।
    5. इसके बाद ‘Continue’ पर क्लिक कीजिए. अब दिशा-निर्देशों को सावधानी से पढ़िए और फॉर्म को सावधानी से पढ़ने के बाद भरिए।
    6. फॉर्म भरने के बाद ‘टैक्स पेड एंड वेरिफिकेशन टैब’ में उपयुक्त वेरिफिकेशन विकल्प को चुनें।
    7. इसके बाद ‘प्रीव्यू एंड सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।
    8. अगर आपने ‘ई-वेरिफिकेशन’ का विकल्प चुना है तो आप ईवीसी या ओटीपी में से किसी एक जरिए ई-वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं।
    9. अगर आपका पैन आधार से जुड़ा है और मोबाइल नंबर लिंक है तो ओटीपी से ई-वेरिफिकेशन पूरा करें।
    9. एक बार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आप आईटीआर सबमिट कर सकते हैं।

  • Swiggy समेत 20 कंपनियों को मिली मंजूरी Pizza से लेकर Vaccine तक की ड्रोन से होगी Delivery

    नई दिल्ली (धारा न्यूज): नागरिक विमानन मंत्रालय ने 7 और कंपनियों को ड्रोन की लंबी अवधि की उड़ानों के प्रयोग करने की इजाजत दे दी है, जिसमें फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy भी शामिल है। इसी के साथ ऐसी कंपनियों की संख्या 20 हो गई है। आज लगभग हर काम टेक्नोलॉजी के सहारे हो रहा है। वह दिन भी दूर नहीं जब ड्रोन के जरिये जरूरी सामानों को मीलों दूर तक पहुंचाया जाएगा। मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में पिज्जा (Pizza) से लेकर वैक्सीन (Vaccine) तक की डिलीवरी ड्रोन के जरिये होगी। ऐसा इसलिए संभव लग रहा है क्योंकि हाल ही में नागरिक विमानन मंत्रालय ने 7 और कंपनियों को ड्रोन की लंबी अवधि की उड़ानों के प्रयोग करने की अनुमति दे दी है, इसमें फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy भी शामिल है। स्विगी, Skylark के साथ मिलकर इस पर प्रयोग कर रही है। मारूत ड्रोनटेक तेलंगाना सरकार के साथ मेडिकल सप्लाई डिलिवरी पर काम कर रही है। कोरोना के दौरान इस कंपनी ने काफी काम किया। इसके करीब 52 ड्रोन काम में लगे हैं। मारूत ड्रोनटेक ने वैक्सीन की सप्लाई के लिए इच्छा जताई है। इसके अलावा AutoMicroUAS, Centillion Networks, Terradrone, Virginatech को भी BVLOS की इजाजत मिली है।

    पिछले साल 13 कंपनियों को मिली थी मंजूरी-बताया गया है कि पिछले साल 13 कंपनियों को ड्रोन से सप्लाई की मंजूरी मिली थी। इन कंपनियों के पहले स्पाइसजेट (SpiceJet) के डिलीवरी विंग SpiceXpress को पहले ही DGCA द्वारा मंजूरी दे दी गई थी। इसके साथ ही अब तक कुल 20 कंपनियों को इस तरह की इजाजत मिल चुकी है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने किफायती विमान कंपनी स्पाइसजेट की कार्गो ईकाई SpiceXpress को ड्रोन के जरिये ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी की अनुमति मई में दे दी थी। DGCA द्वारा दी गई इस मंजूरी के बाद अब स्पासजेट ड्रोन की मदद से ई-कॉमर्स पार्सल, मेडिकल, फार्मा और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई कर सकेगा।

  • केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों में बर्ड फ्लू की दस्तक हो चुकी है। वहीं दिल्ली में बत्तख व महाराष्ट्र में कौवों की मौत की सूचना है। छत्तीसगढ़ में मुर्गियों व जंगली पक्षियों की असामान्य मौत के बाद नमूने जांच को भेजे गए हैं। प्रभावित राज्यों समेत देश भर में सरकारों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): हरियाणा के पंचकुला जिले की दो मुर्गीपालन कंपनियों से लिए गए नमूनों में आईसीएआर-एनआईएचएसएडी द्वारा एवियन फ्लू (एआई) की पुष्टि के बाद, मध्य प्रदेश के शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर, आगर, विदिशा, उत्तर प्रदेश के जूलॉजिकल पार्क, कानपुर और राजस्थान के प्रतापगढ़ व दौसा जिलों में प्रवासी पक्षियों में एवियन फ्लू के मामले दर्ज किए गए हैं। विभाग ने प्रभावित राज्यों के लिए परामर्श जारी किया है, जिससे बीमारी का प्रसार रोका जा सके। अभी तक सात राज्यों (केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश) में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है।

    छत्तीसगढ़ के नमूने जांच को भेजे-
    छत्तीसगढ़ राज्य के बालोद जिले में 08 जनवरी 2021 की रात और 09 जनवरी 2021 की सुबह मुर्गियों और जंगली पक्षियों की असामान्य मृत्यु की खबरें आई हैं। राज्य ने आपात स्थिति के लिए आरआरटी दलों का गठन कर दिया है और निर्दिष्ट प्रयोगशाला को नमूने भी भेज दिए गए हैं।

    दिल्ली, महाराष्ट्र में बत्तख, कौवों की मौत-

    इसके अलावा, संजय झील, दिल्ली से भी बत्तखों की असामान्य मृत्यु की खबरें प्राप्त हुई हैं। परीक्षण के लिए नमूने निर्दिष्ट प्रयोगशाला को भेज दिए गए हैं। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, दापोली, परभणी और बीड जिलों से एआई की पुष्टि के लिए मृत कौओं के नमूने एनआईएचएसएडी को भेज दिए गए हैं।

    इसके अलावा, केरल के दो प्रभावित जिलों में पक्षियों को मारने का अभियान पूरा हो गया है और केरल राज्य में पोस्ट ऑपरेशनल सर्विलांस प्रोग्राम से जुड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। केरल, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के प्रभावित इलाकों की निगरानी के उद्देश्य से भ्रमण के लिए केंद्रीय दल नियुक्त कर दिए गए हैं और केरल में महामारी की जांच के लिए केंद्रीय दल पहुंच गए हैं।

    राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के मुख्य सचिवों/ प्रशासकों को भेजे पत्र में सचिव डीएएचडी ने राज्य पशुपालन विभागों से बीमारी की स्थिति पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ प्रभावी संवाद और समन्वय सुनिश्चित करने तथा इंसानों में बीमारी के प्रसार की संभावनाओं से बचने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, जल स्रोतों, पक्षी बाजारों, चिड़ियाघरों, पोल्ट्री फार्म्स आदि के आस-पास निगरानी बढ़ा दी गई है, पक्षियों के अवशेषों का उचित निस्तारण और पोल्ट्री फार्म्स में मजबूत जैव सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। राज्यों से भी एवियन फ्लू की किसी घटना को लेकर तैयार रहने का अनुरोध किया गया है और पक्षियों को मारने के अभियान के लिए पीपीई किट्स और एसेसरीज का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

    मुख्य सचिवों/ प्रशासकों से अफवाहों से प्रभावित उपभोक्ताओं के लिए उचित परामर्श जारी करने की व्यवस्था करने और ऐसे पोल्ट्री या पोल्ट्री उत्पादों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अनुरोध किया गया है जो उबालने/ पकाने के बाद खाने के लिए सुरक्षित हैं। राज्यों के लिए डीएएचडी का सहयोग भी सुनिश्चित कर दिया गया है।

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  • देश के सात राज्यों में Bird Flu फैलने की पुष्टि
    नई दिल्ली (धारा न्यूज): देश के सात राज्यों में बर्ड फ्लू फैल गया है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और केरल में इसकी पुष्टि हो गई है। हरियाणा के पंचकूला के दो पोल्ट्री फार्म, मध्य प्रदेश के शिवपुरी, राजगढ़, अगर और विदिशा जिले के प्रवासी पक्षियों, उत्तर प्रदेश के कानपुर जैविक उद्यान, राजस्थान के प्रतापगढ़ और दौसा जिले में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हुई है। पशुपालन विभाग ने इन राज्यों को बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पोल्ट्री और पक्षियों के मरने की सूचना है। राज्य में आपात स्थिति से निपटने के लिए टीम गठित कर नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। दिल्ली के संजय झील में बत्तखों के मरने के बाद नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।

    दिल्ली सरकार ने शनिवार को पूर्वी दिल्ली के ग़ाज़ीपुर स्थित मुर्ग़ा मार्केट को दस दिन के लिए बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि बर्ड फ़्लू को लेकर दिल्ली सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है। घबराने अथवा चिंता की कोई बात नहीं। अभी तक दिल्ली में बर्ड फ्लू का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है । इसके बावजूद एहतियातन आज से जीवित पक्षियों काे दिल्ली में लाना बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से ग़ाज़ीपुर मुर्ग़ा मार्केट दस दिन के लिए बंद कर दी गई है। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, दापोली, परभणी और बीड जिलों में मृत कौए पाए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। इस बीच केरल में मुर्गियों के मारने का अभियान पूरा हो गया है । केरल के अलावा हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय विशेषज्ञों के दल को तैनात किया गया है। राज्यों से बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है ।

  • बॉर्डर पर जूता देगा दुश्मन की आहट, मार दो गोली

    काशी के युवा वैज्ञानिक ने बनाया इंटेलिजेंस जूता, बॉर्डर पर घुसपैठ रोकने में कारगर, गोलियां दागने में भी सक्षम

    जूते में लगा विशेष प्रकार का सेंसर 20 किमी तक वाइब्रेट करके अलार्म से जवानों को करेगा अलर्ट। इसमें लगे 2 फोल्डिंग 9 एमएम के गन बैरल से की जा सकती है फायरिंग। रेडियो फ्रिक्वेंसी और मोबाइल नेटवर्क पर भी काम करने में सक्षम जूते का वजन मात्र 650 ग्राम। सोलर चार्जिंग सिस्टम से लैस जूते में लगा एक विशेष प्रकार का हीटर जवानों के पैरों को रखेगा गर्म।


    वाराणसी (धारा न्यूज): बार्डर पर घुसपैठ रोकने के लिए बनारस के युवा वैज्ञानिक ने एक ऐसा जूता तैयार किया है जो 20 किलोमीटर तक की दूरी तक किसी दुश्मन की आहट को महसूस करेगा और घुसपैठ को रोक सकेगा। यह इंटेलिजेंस जूता गोलियां दागने में भी सक्षम है। इसका उपयोग दुश्मनों को रोकने के लिए किया जाएगा। इसको युवा वैज्ञानिक श्याम चौरसिया ने बनाया है।

    प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के युवा वैज्ञानिक श्याम चौरसिया महिलाओं और सेना के लिए कई नए-नए इनोवेशन कर चुके हैं। श्याम चौरसिया ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया कि, “देश में घुसपैठिये चुपचाप बार्डर पर घुसने का प्रयास करते हैं। उन्हें रोकने के लिए इंटेलिजेंस जूता बनाया है। जो बार्डर पर घुसपैठ की घटना होते ही सचेत कर देगा। इस जूते में एक विशेष प्रकार का सेंसर लगाया गया है, जो कि 20 किमी तक की घटना के लिए यह जवानों को वाइब्रेट करके आलर्म के माध्यम से अलर्ट करेगा। इससे समय रहते जवान अपनी और बॉर्डर की सुरक्षा कर सकेंगे।” यह जूता महज कुछ सेकेंडों में जानकरी दे देगा। इसमें आपातकाल को देखते हुए 2 फोल्डिंग 9 एमएम के गन बैरल लगाए गए हैं, जो फायर भी कर सकते हैं। इससे जवान अपनी सुरक्षा भी कर सकते हैं। वैज्ञानिक श्याम चौरसिया बताते हैं कि, “यह दुश्मन की हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रख सकता है। यह रेडियो फ्रिक्वेंसी और मोबाइल नेटवर्क पर भी काम करता है। इसका वजन महज 650 ग्राम है। रबड़ और स्टील की प्लेट को मिलाकर इसे तैयार किया गया है। ठंड से जवानों को बचाने के लिए इसमें एक विशेष प्रकार का हीटर लगाया गया है, जो कि उनके पैरों को गर्म रखेगा। इसके अलावा इसमें सोलर चार्जिंग सिस्टम भी लगा है। इसमें स्टील की चादर, एलईडी लाइट, सोलर प्लेट रेडियो सर्किट, स्विच इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर के अलाव वाइब्रेशन मोटर का भी इस्तेमाल हुआ है। इसका लेजर सेंसर और ह्यूमन सेंसर बॉर्डर में रखा होगा। जैसे ही दुश्मन की हरकत होगी और वह इसकी रेंज में आएगा। इसके बाद यह तुरंत एक्टिव होकर जवान के जूते पर सिग्नल भेजेगा। जूते में लगा अलार्म जवान को सूचित कर देगा कि कोई अराजक तत्व बॉर्डर में दाखिल हुआ है। जवान सतर्क हो जाएंगे और समय रहते ही दुश्मन को रोकने में सक्षम हो सकते हैं। आपातकाल के समय जवान इसमें दुश्मन को टारगेट करके फायर भी कर सकते हैं। जूता आगे और पीछे दोनों तरफ रिमोट के माध्यम से फायर कर सकेगा। इस यंत्र के इस्तेमाल से बॉर्डर और जवान दोनों की आसानी से सुरक्षा होगी।

    वहीं गोरखपुर नक्षत्रशाला के क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय कहते हैं कि, “इस इंटेलिजेंस जूते की तकनीक बहुत अच्छी है। इसमें जितना मजबूत सेंसर होगा, यह उतना ही कारगर होगा। यह घुसपैठ को राकेगा। जैपनीज गाड़ियों में देखने को मिला है कि अगर कहीं दूर कोई आवाज होती है तो 2 किलोमीटर पहले से इंडिकेटर बजने लगता है। यह बहुत अच्छी खोज है। इसमें सेंसर का बहुत बड़ा रोल होता है। इसलिए इसे और मजबूत करने की जरूरत है।”

  • देश मे 16 जनवरी से लगने लगेगा Corona Vaccine का इंजेक्शन, पहले 3 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सीनेशन
    नई दिल्ली। देश में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी से शुरू होगा। सबसे पहले 3 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इसके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। कोरोना वैक्सीनेशन का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को बुलाई समीक्षा बैठक में लिया गया।

    बैठक में प्रधानमंत्री ने देशभर में कोरोना टीकाकरण की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने Co-WIN वैक्सीन डिलिवरी मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में भी जानकारी ली। यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिससे कोरोना टीकाकरण की रियल टाइम निगरानी, वैक्सीन के स्टॉक्स से जुड़ीं सूचनाएं, उन्हें स्टोर करने के तापमान और जिन लोगों को वैक्सीन लगनी है, उन्हें ट्रैक करने जैसे काम होंगे।

    Covin App पर अब तक हुए 79 लाख रजिस्ट्रेशन-प्रधानमंत्री को बताया गया कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर जल्द शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान की तैयारियां कर रही है। Covin App (कोविन एप) पर अब तक 79 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है, जिन्हें शुरुआत में टीका दिया जाना है। बैठक में विस्तृत समीक्षा के बाद यह तय किया गया कि लोहड़ी, मकर संक्रांति पोंगल, माघ बिहू जैसे त्योहारों के मद्देनजर देश में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू किया जाएगा। बैठक में कैबिनेट सेक्रटरी, पीएम के प्रिंसिपल सेक्रटरी, हेल्थ सेक्रटरी और दूसरे बड़े अधिकारी शामिल हुए। भारत में बनी दो कोरोना वैक्सीनों को सरकार लिमिटेड इमर्जेंसी यूज की इजाजत दे चुकी है।

  • 10 लाख से ज्यादा की Jewellery खरीदने के लिए KYC जरुरी, केंद्र सरकार का नया आदेश!
    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर 10 लाख से ज्यादा की Jewellery खरीदने के लिए KYC जरुरी बताने वाले संदेश वायरल हो रहे हैं। इस बीच वित्त मंत्रालय के सूत्रों से मिली सूचना के मुताबिक सोना, चांदी और कीमती रत्न एवं पत्थरों की नकद खरीद के लिए ‘अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) संबंधी कोई नए नियम लागू नहीं किए गए हैं और केवल ऊंचे मूल्य वाली खरीद-फरोख्त के मामले में ही पैन कार्ड, आधार अथवा दूसरे दस्तावेजों की जरूरत होगी।

    सोने-चांदी की ज्वैलरी की खरीदारी पर KYC के क्या हैं नए नियम:

    वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग 28 दिसंबर, 2020 को जारी अधिसूचना को स्पष्ट करते हुए कहा कि दो लाख रुपये से अधिक के आभूषण, सोना, चांदी और कीमती धातुओं रत्न और आभूषण की नकद खरीद पर केवाईसी की आवश्यकता देश में पिछले कुछ सालों से जारी है और अभी भी जारी है। मनी लाड्रिंग रोधी कानून, 2002 के तहत 28 दिसंबर को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 10 लाख रुपये अथवा इससे अधिक का सोना, चांदी, आभूषण और कीमती धातुओं नकद सौदा करने पर अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) दस्तावेज भरने होंगे। इस मामले में सूत्रों ने कहा कि यह वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) के तहत जरूरी है। यह कार्यबल वैश्विक स्तर पर बनाया गया है, जो मनी लांड्रिंग और आतंकवादियों को वित्त पोषण के खिलाफ काम करता है। भारत 2010 से ही एफएटीएफ का सदस्य है। सूत्रों ने कहा कि भारत में दो लाख रुपये से अधिक की नकद खरीद पर केवाईसी दस्तावेज को पहले ही अनिवार्य बनाया हुआ है, इसलिए अधिसूचना में ऐसे खुलासे के लिए कोई नई श्रेणी नहीं बनाई गई है। हालांकि, यह एफएटीएफ के तहत एक आवश्यकता है।

  • लगातार एक ही ड्रेस पहनकर बनाया रिकॉर्ड
    वाशिंगटन। आमतौर पर कोई भी रोज एक ही कपड़े को पहनना नहीं चाहता। यहां तक कि लोग दो दिन लगातार भी ऐसा नहीं कर पाते, ऐसे में जबकि आपके पास कई ड्रेस हों। इसके बावजूद बोस्‍टन में एक युवती ने लगातार 100 दिन तक एक ही ड्रेस पहन कर रिकॉर्ड बनाया। जानकारी के अनुसार यह रिकॉर्ड बोस्‍टन की सारा रॉबिंस ने बनाया है। उनकी अलमारी में हर इवेंट के लिए अलग-अलग कपड़े पड़े हुए हैं। अब वह अपनी अलमारी को साफ करने की योजना बना रही हैं। सारा के मुताबिक वह देखेंगी कि इस पूरे साल वह क्‍या पहनती हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस कदम ने उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल दी है और अब वह पूरे साल अपने लिए कोई नई ड्रेस नहीं लेने जा रही हैं। 1 जनवरी, 2022 के बाद क्‍या होगा, इस बारे में वह बाद में सोचेंगी।

    100 days dress challenge: कपड़ों की भरमार होने के बावजूद सारा ने लगातार 100 दिन तक यानी तीन महीने से भी अधिक समय तक क्‍यों एक ही पोशाक पहनी? इसका कारण भी अजीब है। दरअसल कपड़ों के ब्रांड वूल एंड ने सितंबर 2020 में एक ड्रेस चैलेंज की शुरुआत की थी। इसमें लोगों को चुनौती दी गई थी कि वे 100 दिनों तक एक ही ड्रेस पहनें। इसका मकसद जहां लोगों में फिजूलखर्ची की आदतों को नियंत्र‍ित करना था, वहीं कपड़ों को बार-बार धोने को आदतों को भी कम करना था। इसके नियमों के अनुसार आप सोने से पहले तो ड्रेस को धो सकते हैं, लेकिन अगर आप जगे हैं तो आपको उसे पहनना होगा। सारा ने इस चुनौती को स्‍वीकार किया और 16 सितंबर, 2020 से एक ड्रेस को पहनना शुरू किया और लगातार 100 दिन तक इसे पहना। ‘द मिरर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सारा ने हर बार अपनी टॉप को अलग तरह से स्टाइल किया। उन्होंने कभी इसे स्कर्ट के साथ पहना तो कभी पैंट के साथ। ऐसा करते हुए ही सारा ने तीन महीने से भी अधिक समय तक अपने सभी काम निपटाए और अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुईं। इस रिकॉर्ड के लिए उन्‍हें 100 अमेरिकी डॉलर के वाउचर मिले। इस चैलेंज के बारे में सारा ने कहा कि वह लेटेस्ट फैशन के बगैर रहने और कपड़ों को ज्यादा धोने तथा इसमें इस्‍तेमाल होने वाले डिटर्जेंट से धरती को होने वाले नुकसान से बचाने में मदद के मकसद से इसके लिए प्रेरित हुई थीं।

  • नई शर्तों पर विवाद के बाद यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई

    नई दिल्ली। whatsapp के इस्तेमाल को लेकर आठ फरवरी 2021 से लागू होने जा रही शर्तों को लेकर बवाल बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच whatsapp ने प्रेस रिलीज में कहा कि नई सेवा शर्तों से यूजर्स की प्राइवेसी भंग नहीं होगी।

    whatsapp ने प्रेस रिलीज में कहा कि नए अपडेट से whatsapp के जरिए शॉपिंग और बिजनेस करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा। अधिकतर लोग आज whatsapp का इस्तेमाल चैटिंग के अलावा बिजनेस एप के तौर पर भी कर रहे हैं। हमने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को बिजनेस के लिए एक सुरक्षित होस्टिंग सर्विस के तौर पर अपडेट किया है ताकि छोटे कारोबारियों को whatsapp के जरिए अपने ग्राहकों तक पहुंचने में आसानी हो। इसके लिए हम अपनी पैरेंट कंपनी फेसबुक की भी मदद लेंगे। whatsapp के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस अपडेट से यूजर्स की प्राइवेसी भंग नहीं होगी। कंपनी आज भी यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर प्रतिबद्ध है। नए अपडेट से फेसबुक और whatsapp के बीच डाटा शेयरिंग को लेकर कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है।

    WhatsApp की नई पॉलिसी-
    इसी सप्ताह लाखों भारतीय यूजर्स को whatsapp की नई प्राइवेसी पॉलिसी और सेवा शर्तों को लेकर नोटिफिकेशन मिला है जो कि 8 फरवरी से लागू हो रही हैं। इन शर्तों में कहा गया है कि whatsapp पहले के मुकाबले अपनी पैरेंट कंपनी फेसबुक के साथ अधिक डाटा शेयर करेगा, जिसका इस्तेमाल विज्ञापनों में होगा। यदि आठ फरवरी तक कोई यूजर नई शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो उसके अकाउंट को बंद कर दिया जाएगा। एक्सपर्ट का कहना है कि यह सीधे तौर पर लोगों की निजता पर हमला है और उन्हें शर्तों को मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। एपल एप स्टोर पर लिस्टिंग के मुताबिक whatsapp अपने यूजर्स से 16 तरह का डाटा लेता है।

  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21 (सीरीज X) – निर्गम 11 तारीख से

    नई दिल्ली। सॉवरेन गोल्ड बॉन्‍ड 2020-21 (सीरीज X) का निर्गम 11 जनवरी, 2021 से 15 जनवरी, 2021 तक खुला रहेगा और निपटान तिथि 19 जनवरी, 2021 होगी। खरीद अवधि के दौरान बॉन्ड का निर्गम मूल्य 5,104 रुपये (पांच हजार एक सौ चार रुपये मात्र) प्रति ग्राम होगा। भारत सरकार की अधिसूचना संख्या 4(4)-बी/(डब्‍ल्‍यू एंड एम)/2020 दिनांक 9 अक्टूबर, 2020 के अनुसार यह आरबीआई द्वारा 8 जनवरी, 2021 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में भी प्रकाशित किया गया है।

    Online खरीद पर ₹50 प्रति ग्राम छूट:
    भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ परामर्श से उन निवेशकों को निर्गम मूल्य पर 50 रुपये (पचास रुपये मात्र) प्रति ग्राम छूट देने का निर्णय लिया है जो ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल मोड के माध्यम से भुगतान करेंगे। इस तरह के निवेशकों के लिए गोल्ड बॉन्ड का निर्गम मूल्‍य 5,054 रुपये (पांच हजार चौवन रुपये मात्र) प्रति ग्राम होगा। ——–

  • भारत सरकार का डिजिटल कैलेंडर और डायरी लॉन्‍च

    नई दिल्ली। केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री  प्रकाश जावडेकर ने आज भारत सरकार के डिजिटल कैलेंडर और डायरी को लॉन्‍च किया। नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित समारोह में श्री जावडेकर ने एक बटन दबाने के साथ ही कैलेंडर और डायरी के एंड्रॉयड और आईओएस मोबाइल एप्लीकेशन की शुरुआत की।

    इस अवसर पर सूचना और प्रसारण मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि अतीत में दीवारों पर सुशोभित होने वाला सरकारी कैलेंडर अब मोबाइल फोन को सुशोभित करेगा। ऐप की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री जावडेकर ने कहा कि “ऐप मुफ्त है और 15 जनवरी, 2021 से 11 भाषाओं में उपलब्ध होगा। ऐप हर साल एक नए कैलेंडर की आवश्यकता को खत्म  कर देगा”। उन्होंने आगे कहा “हर महीना एक विषय-वस्तु और एक संदेश लिए हुए होगा और एक प्रसिद्ध भारतीय हस्ती की जानकारी देगा। ऐप लोगों को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के शुरू होने का घटनाक्रम भी बताएगा”।

    ऐप के डायरी फीचर के बारे में सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा कि “डायरी फीचर की वजह से कैलेंडर अन्य डिजिटल कैलेंडर ऐप की तुलना में अधिक आधुनिक, अधिक विशेषताओं वाला और आसान है”।

    हिंदी, English के अलावा 11 अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में भी होगा उपलब्ध:

    भारत सरकार का डिजिटल कैलेंडर प्रधानमंत्री की “डिजिटल इंडिया” की परिकल्पना के अनुरूप है और इस तक किसी भी स्मार्ट फोन पर एक बटन क्लिक कर पहुंचा जा सकता है। ऐप गूगल प्ले स्टोर और आईओएस ऐप स्टोर दोनों पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। ऐप को ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन, सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह एप्लिकेशन वर्तमान में हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है, और इसे जल्द ही 11 अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    अब दीवार पर नहीं, रखिये मोबाइल फोन में:

    इससे पहले भारत सरकार के दीवार पर टांगने वाले कैलेंडर की देश में पंचायत स्तर तक पहुंच थी, इस ऐप के रूप में कैलेंडर का डिजिटल अवतार दुनिया भर में किसी के लिए भी उपलब्ध होगा।

    भारत सरकार के कैलेंडर एप्लिकेशन में विशेषताएं:

    i.          भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रकाशनों की नवीनतम जानकारी

    ii.         आधिकारिक छुट्टियां और विभिन्न महत्वपूर्ण तिथियां।

    iii.        हमारे देश की महान हस्तियों के प्रेरणादायक और प्रेरक संदेश।

    iv.        नोट्स डिजिटल रूप से लेने का प्रावधान जिन्हें अत्याधुनिक सुरक्षा और गोपनीयता उपायों के साथ संग्रहित किया जाएगा

    v.         महत्वपूर्ण कार्यों और कार्यक्रमों के लिए बैठक का निर्धारण और याद दिलाने की प्रक्रिया का प्रावधान।

    vi.        आने वाले दिनों में दृष्टि बाधित दिव्यांगजनों के लिए प्रधानमंत्री के “सुगम्य भारत अभियान” के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुगम्यदता विशेषताएं।

    एप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर के लिंक से एंड्रॉयड उपकरणों पर डाउनलोड की जा सकती है।

    https://play.google.com/store/apps/details?id=in.gov.calendar

    आईओएस उपकरणों पर ऐप को निम्न से डाउनलोड किया जा सकता है-

    https://apps.apple.com/in/app/goi-calendar


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  • देश में एवियन इन्फ्लुएंजा की स्थिति पर निगरानी

    नई दिल्ली। हाल ही में केरल, हरियाणा,राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश राज्‍यों में पोल्‍ट्री, कौवों, प्रवा‍सी पक्षियों की असामान्‍य मौतों की घटनाओं के मद्देनजर एवियन इन्‍फ्लूएंजा फैलने की स्थिति को समझने और राज्‍यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को इस बीमारी के नियंत्रण, रोकथाम और प्रसार को रोकने के उपाय सुझाने के लिए सचिव, पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार की ओर से राज्‍यों के साथ बैठक बुलायी गई। अब तक, केवल चार राज्‍यों (केरल, हरियाणा,राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश) में इस बीमारी के फैलने की पुष्टि हुई है।

    जलाशयों, पक्षियों के बाजारों, चिड़िया घरों, पोल्‍ट्री फार्म्‍स, आदि के आसपास निगरानी बढ़ी

    केरल के प्रभावित जिलों में पक्षियों को मारने की कार्रवाई जारी है। इस बात पर बल दिया गया है कि जलाशयों, पक्षियों के बाजारों, चिड़िया घरों, पोल्‍ट्री फार्म्‍स, आदि के आसपास निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ मृत पक्षियों के शवों का उचित निपटान करने तथा पोल्‍ट्री फार्म्‍स में जैव-सुरक्षा को मजबूत बनाना सुनिश्चित किया जाए। राज्‍यों से अनुरोध किया गया है कि वे एवियन इन्‍फ्लूएंजा की किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। राज्‍यों से पीपीई किट्स और पक्षियों को मारने की कार्रवाई के लिए आवश्‍यक सामान का पर्याप्‍त भंडार सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

    बेहतर प्रबंधन व आपसी तालमेल पर जोर:

    इस बीमारी की स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखने और मनुष्‍यों में इसके फैलने की आशंकाओं को टालने के लिए राज्‍य पशुपालन विभागों से नमूनों को एकत्र करने और उन्‍हें समय पर निर्धारित प्रयोगशालाओं (आरडीडीएल/सीडीडीएल/आईसीएआर-एनआईएचएसएडी) में जमा कराने के अलावा स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों के साथ प्रभावी सम्‍पर्क और तालमेल सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है। वन क्षेत्रों और जलाशयों के आसपास पाए जाने वाले प्रवासी पक्षियों की असामान्य मौतों के बारे में तत्‍काल जानकारी देने के लिए राज्‍य वन विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्‍थापित करने पर भी बल दिया गया है।

    जंगली/प्रवासी पक्षियों सहित पक्षियों की असामान्‍य मौतों के लिए निगरानी को बढ़ाने तथा उसे और गहन किए जाने के लिए प्रभावित राज्‍यों को परामर्श जारी करने के अलावा विभाग ने इस बीमारी के प्रकोप के प्रबंधन, रोग नियंत्रण और इसकी रोकथाम के लिए कार्यनीति तैयार करने, तालमेल बनाने तथा राज्‍य सरकारों की सहायता करने के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष भी स्‍थापित किया है। इतना ही नहीं, दो केंद्रीय टीमों को निगरानी तथा महामारी संबंधी जांच के लिएप्रभावित राज्‍यों केरल, हरियाणा,राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश का दौरा करने के लिए तैनात किया गया है।

    तैयारियों का जायजा लेने तथा प्रभावित क्षेत्रों में गहन निगरानी के बारे में सलाह देने के लिए विभाग ने आज सचिव, राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ सभी राज्‍यों के स्‍वास्‍थ्‍य विभागों, पशुपालन विभागों और राज्‍य आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ भी बैठक की।

    उबालने/पकाने के बाद सुरक्षित हैं पोल्‍ट्री उत्‍पाद- पोल्‍ट्री किसानों और आम जनता (अंडे और चिकन के उपभोक्‍ताओं) के बीच इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण है। इसलिए राज्‍यों से कहा गया है कि अफवाहों से प्रभावित उपभोक्‍ताओं की प्रतिक्रियाओं को शांत किया जाए तथा इस बारे में जागरूकता बढ़ायी जाए‍ कि उबालने/पकाने जैसी प्रक्रियाओं को अपनाने पर पोल्‍ट्री या पोल्‍ट्री उत्‍पाद सुरक्षित हैं।

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  • अब रक्षा कर्मी ऑनलाइन खरीदें कार, बाइक, टीवी और फ्रिज
    रक्षा मंत्री ने किया सीएसडी के ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन


    नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट-सीएसडी से अगेंस्ट फर्म डिमांड (एएफडी) की वस्तुओं की खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://afd.csdindia.gov.in/का उद्घाटन किया। इस ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत का उद्देश्य लगभग 45 लाख सीएसडी लाभार्थियों को ऑनलाइन खरीद के प्रोत्साहित करना है, जिसमें सशस्त्र बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त व्यक्ति तथा सिविल डिफेंस कर्मचारी शामिल हैं। सभी लाभार्थी इस पोर्टल के ज़रिये ‘अगेंस्ट फर्म डिमांड’ की श्रेणी में आने वाले उत्पाद जैसे कार, मोटरसाइकिल, वाशिंग मशीन, टीवी और फ्रिज आदि की खरीद कर सकते हैं।

    इस पोर्टल के शुभारंभ की सराहना करते हुए, रक्षा मंत्री ने सभी जवानों और सशस्त्र बलों के अधिकारियों तथा सेवानिवृत्त व्यक्तियों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को व्यक्त किया। उन्होंने इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन के लिए पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि, यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण डिजिटल इंडिया की सोच के अनुरूप थी।

    इस समारोह का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था। कारों और मोटरसाइकिलों की डिलीवरी की लाइव स्ट्रीमिंग मुंबई, नई दिल्ली, अहमदाबाद और जयपुरसे उन लोगों के लिए की गई, जिन्होंने सीएसडी पोर्टल afd.csdindia.gov.in के ट्रायल रन के दौरान अपनी बुकिंग कराई थी। इस पोर्टल को अब औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है और यह तेजी से खरीद की सुविधा उपलब्ध कराएगा। यह पोर्टल सभी लाभार्थियों को तेज और परेशानी मुक्त अनुभव प्रदान करेगा।

    Ministry of Defense से मिली जानकारी के अनुसार समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल करमबीर सिंह, चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए।
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  • तेलंगाना देश का तीसरा राज्य बना जिसने शहरी निकाय सुधारों को लागू किया        मिली अतिरिक्त 2508 करोड़ रुपये कर्ज लेने की अनुमति

    तीन राज्यों को शहरी निकाय सुधारों को लागू करने से 7406 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी जुटाने की अनुमति

    नई दिल्ली। तेलंगाना देश का तीसरा राज्य बन गया है, जिसने सफलतापूर्वक शहरी निकायों के सुधारों को लागू कर दिया है। यह सुधार वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा तैयार किए गए थे। सुधारों को लागू करने की वजह से राज्य खुले बाजार से उधारी लेने का पात्र बन गया है। राज्य इस सुविधा के जरिए 2508 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकेगा। तेलंगाना को इस सुविधा की अनुमति व्यय विभाग ने 7 जनवरी 2021 को दी है। इसके पहले आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश अपने यहां शहरी निकायों के सुधार लागू कर चुके हैं।  इन सुधारों को लागू करने से तीन राज्यों को 7406 करोड़ रुपये अतिरिक्त पूंजी जुटाने की अनुमति मिली है।

    शहरी निकायों में सुधार के जरिए शहरी सुविधाओं को बढ़ाने और उन्हें अपने राज्य में वित्तीय रूप से मजबूत करने का उद्देश्य है। जिसके जरिए शहरों में सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सेवाओं को बेहतर किया जा सके। आर्थिक रूप से मजबूत शहरी निकायों को बेहतर आधारभूत संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी। सुधारों के जरिए शहरी निकायों के लिए निम्न कदम उठाना जरूरी है:

    शहरी निकायों के लिए राज्य की जिम्मेदारी है कि वह संपत्ति कर के लिए फ्लोर रेट मौजूदा सर्किल रेट के आधार (संपत्तियों के लेन-देन पर रेट के लिए दिशानिर्देश जारी करें) पर बनाए।
    फ्लोर रेट तय करते वक्त उपभोक्ता को पानी की आपूर्ति, जल निकासी और सीवरेज सुविधाओं की लागत को आधार बनाया जाए। साथ ही इस रेट में पुरानी महंगाई को भी लिंक करना होगा।
    राज्य एक ऐसी प्रणाली बनाए जिसमें संपत्ति कर/उपभोक्ता शुल्क आदि में समय-समय पर बढ़ोतरी होती रहे।

    राज्यों के लिए कर्ज लेने की सीमा में भी बढ़ोतरी: कोविड-19 महामारी की वजह से संसाधन जुटाने की खड़ी हुई चुनौती को देखते हुए भारत सरकार ने 17 मई को राज्यों के लिए कर्ज लेने की सीमा में भी बढ़ोतरी कर दी है। इसके तहत राज्य अपने सकल घरेलू उत्पाद के 2 फीसदी के बराबर कर्ज ले सकेंगे। इसमें  आधी पूंजी जुटाने की सुविधा, राज्य द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए उठाए गए सुधारों से जुड़ी होगी। राज्यों को अपने सकल घरेलू उत्पाद के 0.25 फीसदी की राशि चार नागरिक केंद्रित सुधारों को लागू करने पर मिलेगी। इसके तहत उन्हें एक राष्ट्र एक राशन कार्ड व्यवस्था (ख) ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू करना (ग) शहरी निकाय/आधारभूत (जरूरी) सुविधाओं में सुधार (घ) ऊर्जा क्षेत्र में सुधार को लागू करना होगा।
    10 राज्यों में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड व्यवस्था: अब तक 10 राज्यों में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसी तरह 7 राज्यों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों को और 3 राज्यों ने स्थानीय निकाय सुधारों को लागू किया है। इसके तहत, जिन राज्यों ने सुधारों को लागू किया है उन्हें 54,190 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी जुटाने की अनुमति मिली है।

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  • राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अंतर्गत दिए गए 3.04 करोड़ नए कनेक्शन

    27 जिलों, 458 ब्‍लॉकों, 33,516 ग्राम पंचायतों, 66,210 गांवों में “हर घर जल” लक्ष्य हासिल



    नई दिल्ली। जल जीवन मिशन ने ‘कोई व्यक्ति न छूटे’ का दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को पाइप जल कनेक्शन देने का महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। एक वर्ष की कम अवधि में इस मिशन के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 3.04 करोड़ नए कनेक्शन दिये जा चुके हैं।

    जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने सरकार के प्रमुख कार्यक्रम– जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की। पेय जल तथा स्वच्छता विभाग के अपर सचिव श्री भरत लाल द्वारा मिशन की प्रगति के बारे में एक प्रजेंटेंशन दिया गया। श्री कटारिया ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद से अगस्त, 2019 तक कुल 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों (कुल 18.93 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से) नल के पानी के कनेक्शन थे, लेकिन एक वर्ष की कम अवधि में इस मिशन के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 3.04 करोड़ नए कनेक्शन दिये जा चुके हैं।
    गोवा में 100% लक्ष्य हासिल:
    उन्होंने बताया कि गोवा 100 प्रतिशत पाइप कनेक्शन प्रदान करने वाला पहला राज्य है। अभी तक 27 जिलों, 458 ब्‍लॉकों, 33,516 ग्राम पंचायतों, 66,210 गांवों को “हर घर जल” लक्ष्य हासिल करने की घोषणा की गई है। हाल में इस लक्ष्य को प्राप्त करने वाला कुरुक्षेत्र देश का 27वां और हरियाणा का तीसरा जिला हो गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय इन गांवों, ग्राम पंचायतों के लोगों, पानी समितियों से जुड़े लोगों, सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों को दिया। तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, केंद्र शासित पुद्दुचेरी 100 प्रतिशत कवरेज हासिल करने के निकट हैं। कवरेज बढ़ाने में प्रगति करने वाले राज्य हैं – हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मणिपुर, मिजोरम और केंद्र शासित अंडमान तथा निकोबार।

    भविष्य के रोडमैप के लिए दो राज्य (बिहार, तेलंगाना) तथा दो केंद्र शासित प्रदेश (पुद्दुचेरी तथा अंडमान तथा निकोबार) द्वारा 2021 में 100 प्रतिशत कवरेज हासिल किये जाने का अनुमान है। मंत्रालय वेबपोर्टल तथा मोबाइल एप के जरिये इस योजना की प्रगति के बारे में सार्वजनिक रूप से नवीनतम और प्रासंगिक सूचना देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ उठा रहा है।

    मूक क्रांति का रूप ले रही परियोजना: श्री कटारिया ने बताया कि यह परियोजना मूक क्रांति का रूप ले रही है क्योंकि जाति, समुदाय, धर्म, नस्ल या रंग के आधार पर भेदभाव किये बिना सभी ग्रामीण परिवारों को पानी का कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि पानी जीवन का अमृत है और यह दु:ख की बात है कि स्वतंत्रता के 7 दशक बाद भी गांवों में महिलाओं को अपने परिवार की घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पीने योग्य पानी लाने के लिए कुछ दूरी तय करनी पड़ती है। इससे उनकी सुरक्षा और सम्मान को खतरा होता है। जल जीवन मिशन एक समावेशी दृष्टिकोण अपना रहा है और गांव जल तथा स्वच्छता समिति/पानी समितियों में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी का प्रावधान करता है ताकि ग्रामीण कार्य योजनाओं (वीएपी) के समग्र नियोजन और तैयारी में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक गांव में 5 महिलाओं को फील्ड टेंस्टिंग किट (एफटीके) के उपयोग से पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशिक्षित किया जाता है ताकि इन कनेक्शनों से पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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  • वर्ष 2023-24 तक ‘हर घर जल’ का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए तकनीकी सहायता और सहयोग प्रदान करने के लिए राष्‍ट्रीय जल जीवन मिशन की टीम पश्चिम बंगाल के दौरे पर

    नई दिल्ली। ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए पश्चिम बंगाल को तकनीकी सहायता प्रदान करने के उद्देश्‍य से राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के 8 सदस्यों की एक टीम 5 से 8 जनवरी, 2021 तक राज्‍य के4 दिवसीय दौरे पर है। जल जीवन मिशन, राज्यों के साथ साझेदारी में केन्‍द्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा एक प्रमुख कार्यक्रम है। टीम के दौरे का उद्देश्य राज्य में कार्यक्रम के कार्यान्वयनकर्ताओं के सामने मौजूद मुद्दों और चुनौतियों की पहचान करना और साथ ही अच्छी कार्यप्रणाली का दस्तावेजीकरण करना है।

    टीम इन 4 दिनों के दौरान राज्य के पूर्व मेदनीपुर, पश्चिम मेदनीपुर, नादिया, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, बर्धमान, बांकुरा और पश्चिम बर्धमान जिलों का दौरा कर रही है। एनजेजेएम के सदस्य जल आपूर्ति योजनाओं के कार्यान्वयन में शामिल क्षेत्र स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायतों के सदस्यों, ग्राम जल और स्वच्छता समितियों/पानी समिति के सदस्यों और लाभार्थियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। टीम जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष/ जिला कलेक्टर के साथ बैठकें कर रही है ताकि उन्हें अपने क्षेत्र में काम की प्रगति के बारे में जानकारी दी जा सके और कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की जा सके।

    पश्चिम बंगाल राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन प्रदान करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2024 तक 100 प्रतिशत कवरेज की योजना बना रहा है। और, जेजेएम के तहत इस समयबद्ध लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, भारत सरकार राज्य को सभी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। इससे पहले पिछले महीने, एक 4 सदस्यीय दल ने तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए राज्य का दौरा किया था, जिससे राज्य में कार्यान्वयन में तेजी आई थी।

    1.63 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 7.61 लाख घरों में है नल कनेक्‍शन:
    पश्चिम बंगाल राज्य में 1.63 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से, 7.61 लाख घरों में नल कनेक्‍शन है और राज्य 2023-24 तक राज्य के सभी घरों में नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जेजेएम के तहत राज्य में काम पूरे जोरों पर है और एनजेजेएम टीम का दौरा राज्य में कार्यक्रम के कार्यान्वयन को गति प्रदान करेगा। वर्ष 2020-21 के दौरान, राज्य को 1,146.58 करोड़ रूपये के प्रारंभिक जमा सहित केन्‍द्रीय हिस्‍से की निधि के रूप में 2,760.76 रुपये की उपलब्धता का आश्वासन दिया गया है, जबकि राज्यों के हिस्से को शामिल करने के बाद, नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए जेजेएम के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के पास कुल 5,770 करोड़ रुपये की राशि होगी। इसके अलावा, राज्य को जेजेएम के अंतर्गत कार्य निष्‍पादन प्रोत्साहन के रूप में कार्यान्वयन की प्रगति के आधार पर अतिरिक्त धनराशि भी प्रदान की जा सकती है।

    पश्चिम बंगाल के पास वित्त आयोग के अनुदान के रूप में पंचायती राज संस्थानों को दिए गए 4,412 करोड़ रुपये हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत अनिवार्य रूप से पानी और स्वच्छता पर खर्च किए जाएंगे। मनरेगा, जेजेएम, एसबीएम(जी), पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) को 15वें वित्त आयोग के अनुदान, जिला खनिज विकास कोष, कैम्‍पा, सीएसआर, स्थानीय क्षेत्र विकास निधि आदि विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य द्वारा ग्रामीण स्‍तर पर समान योजना बनाने की आवश्‍यकता है और प्रत्‍येक गांव की ग्रामीण कार्य योजना (वीएपी) 15वें वित्त आयोग के साथ 5 साल के लिए तैयार की जानी चाहिए, ताकि जल संरक्षण के लिए इस तरह की सभी निधियों को मिलाकर पेयजल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उनका कुशलता से इस्‍तेमाल किया जा सके।

    जीवन को बदल देने वाले जल जीवन मिशन के तहत, देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित गुणवत्ता के साथ पीने योग्य पानी की आपूर्ति के लिए एक चालू घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। सहकारी संघवाद की सच्ची भावना का पालन करते हुए, राज्य सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए मिशन के उद्देश्यों को हकीकत में बदलने के लिए इस प्रमुख कार्यक्रम को लागू कर रही हैं और साथ ही महिलाओं, विशेषकर लड़कियों के कठिन परिश्रम को कम कर रही हैं। यह जीवन-परिवर्तन मिशन ‘इक्विटी और समावेशी’ सिद्धांतों पर केंद्रित है। पहले के कार्यक्रमों से हटने के साथ, यह मिशन बुनियादी ढांचे के निर्माण के बजाय सेवा वितरण पर जोर देता है।

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  • कोविड वैक्सीन की इमरजेंसी मंजूरी वापस लेने की अपील
    वैज्ञानिकों की वैक्सीन उम्मीदवारों के अनुमोदन को रद्द करने की मांग नई दिल्ली। प्रोग्रेसिव मेडिकोज एंड साइंटिस्ट फोरम ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के जरिए दो वैक्सीन उम्मीदवारों को दिए गए आपातकालीन उपयोग प्राधिकार के लिए मंजूरी वापस लेने की मांग की है। फोरम ने कहा है कि विज्ञान निजी लाभ और राजनीतिक लाभ की खोज में समझौता नहीं कर सकता है। पीएमएसएफ ने वैक्सीन उम्मीदवारों के अनुमोदन को रद्द करने और प्रभावकारिता डेटा और अन्य विचारों के आधार पर टीकाकरण और अनुमोदन रणनीति पर पुनर्विचार करने की मांग की।

    गौरतलब है कि डीसीजीआई ने आपातकालीन उपयोग के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी दी थी। दवा नियंत्रक के जरिए क्लिनिकल परीक्षण मोड में प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी। हालांकि, वैज्ञानिक समुदाय और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भारत बायोटेक के टीके को मंजूरी देने पर कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि फर्म को अभी अपने चरण 3 परीक्षणों की प्रभावकारिता डेटा पेश करना है।

    वैक्सीन आयात निर्यात की मंजूरी:

    केंद्र सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन की तेजी से मंजूरी और वितरण के लिए किसी मूल्य सीमा के बिना इनके एक्सपोर्ट और इंपोर्ट की इजाजत भी दे दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जिन स्थानों पर एक्सप्रेस कार्गो निपटान प्रणाली (ईसीसीएस) चालू है, वहां कुरियर के जरिए कोविड-19 की वैक्सीन के आयात और निर्यात के लिए नियमन में छूट दी है।

    नहीं होती कोई मूल्य सीमा: कोविड-19 के संबंध में वैक्सीन के आयात और निर्यात की अनुमति किसी मूल्य सीमा के बिना दी जाती है। सीबीआईसी ने कहा कि वैक्सीन का भंडारण और परिवहन एक नियंत्रित तापमान में करना जरूरी है और इसमें कई पक्ष शामिल हैं। ऐसे में सीमाओं के बीच वैक्सीन के तेजी से निकास के लिए प्रभावशाली व्यवस्था जरूरी है।

  • एविएन इंफ्लूएंजा: केरल, हरियाणा में बहुविषयी टीम तैनात
    नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एविएन इंफ्लूएंजा प्रभावित केरल के अलपुझा तथा कोट्टयम जिले तथा हरियाणा के पंचकूला जिला में बहुविषयी टीमों की तैनाती की है।

    पशुपालन विभाग ने 4 जनवरी 2021 में केरल के अलपुझा तथा कोट्टयम जिलों में मरी हुई बतखों के नमूनों में एविएन इंफ्लूंजा (एच5 एन8) पाये जाने की अधिसूचना जारी की। हरियाणा के पंचकूला जिले में पॉलट्री नमूमों से एविएन इंफ्लूएंजा की रिपोर्ट भी मिली है।

    4 जनवरी 2021 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने एविएन इंफ्लूएंजा नियंत्रण योजना में राज्य के स्वास्थ्य विभाग को मदद देने के लिए दो बहुविषयी टीमों को प्रभावित जिलों में तैनात किया। इन दोनों टीमों में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल नई दिल्ली तथा लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली के विशेषज्ञ हैं।

    6 जनवरी 2021 को एनसीडीसी के निदेशक तथा कोविड-19 नोडल अधिकारी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की उच्चस्तरीय टीम केरल में एविएन इंफ्लूएंजा नियंत्रण कार्य की देखरेख करने तथा इस बीमारी से निपटने में राज्य स्वास्थ्य विभागों को निर्देश देने के लिए की गई है। इसके अतिरिक्त यह उच्चस्तरीय टीम राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा भी करेगी।

    झालावाड़ व भिंड में मिले लक्षण, अलर्ट

    झालावाड़, राजस्थान तथा मध्यप्रदेश के भिंड से कौवों तथा प्रवासी प्रक्षियों में एविएन इंफ्लूएंजा पाये जाने की रिपोर्ट मिली है। पशुपालन विभाग ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अलर्ट जारी किया है ताकि पोलट्री पक्षियों में बीमारी का पता लगाने में निगरानी तेज की जा सके।

    अभी तक एविएन इंफ्लूएंजा का कोई मानवीय मामला नहीं मिला है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है।

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  • 25 फरवरी, 2021 को देश भर में ऑनलाइन परीक्षा

    राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग ने की कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा की घोषणा

    नई दिल्ली। कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा देश भर में 25 फरवरी, 2021 को देश भर में ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के प्रस्तावित विवरण बहुत जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे। वेबसाइट है-http://kamdhenu.gov.in और http:// kamdhenu.blog.http: // kamdhenu.blog परीक्षा चार श्रेणियों में आयोजित की जाएगी (1) प्राथमिक स्तर से 8वीं कक्षा तक (2) माध्यमिक स्तर (कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक) (3) कॉलेज स्तर (12वीं के बाद) (4) आम जनता के लिए।

    हिंदी, अंग्रेजी और 12 क्षेत्रीय भाषाओ में होगी परीक्षा-
    कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा 100 अंकों की होगी और हिंदी, अंग्रेजी और 12 क्षेत्रीय भाषाओं के लिए एक घंटे की अवधि होगी। परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं है। परीक्षा टिक-मार्क ऑब्‍जेक्टिव टाइप प्रश्न-उत्तर (एमसीक्‍यू) होगी। पाठ्यक्रम के साथ-साथ गायों पर अन्य साहित्य और संदर्भ पुस्तकें, जो राष्ट्रीय कार्यमधेनु आयोग की वेबसाइट पर अनुशंसित की जाएंगी, परीक्षार्थियों की परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगी। ब्लॉग, वीडियो और अन्य चयनित पठन सामग्री को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। वैज्ञानिक, उद्यमी, गौ सेवक, किसान, युवा और महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक सक्रिय रूप से इस जबरदस्‍त कार्यक्रम को एक शानदार सफलता बनाने के लिए काम करेंगे।

    नहीं चल सकेगी कोई भी तिकड़म-
    परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी। प्रश्न इस तरह से सेट किए जाएंगे कि ऑनलाइन परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की तिकड़म नहीं चलेगी। परिणाम तुरंत आरकेए की वेबसाइट पर घोषित किया जाएगा। सभी को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। सफल मेधावी उम्मीदवारों को बाद में पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इस परीक्षा के आयोजन में मदद करने वाले सभी लोगों को प्रशंसा पत्र जारी किए जाएंगे।

    इस ऑनलाइन परीक्षा के लिए पंजीकरण लिंक राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा, जो “kamdhenu.gov.in” / “kamdhenu.blog” है। इस आयोजन को एक शानदार सफलता बनाने के लिए, केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्रियों / मुख्यमंत्रियों / राज्य के शिक्षा मंत्रियों / सभी राज्‍यों/जिलों के गौ सेवा आयोगों के अध्‍यक्ष, सभी राज्‍यों के शिक्षा अधिकारी/ सभी स्‍कूलों के प्रधानाचार्य/ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, गैर सरकारी संगठन और गौ दानकर्ता इस जबरदस्‍त कार्यक्रम में शामिल होंगे। कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा भविष्‍य में राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग का वार्षिक आयोजन बन जाएगा। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्‍मनिर्भर भारत/ वोकल फॉर लोकल/ ग्रीन इंडिया / डिजिटल इंडिया / स्वच्छ भारत / स्वस्थ भारत / मेक इन इंडियाके उद्देश्‍यों को भी पूरा करेगा। कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए, आरकेए की वेबसाइट है- “kamdhenu.gov.in” / “kamdhenu

    सिर्फ दूध देने वाला पशु नहीं है गाय-
    आरकेए देश भर में यह संदेश देने में सफल रहा है कि गाय सिर्फ दूध देने वाला पशु नहीं है, बल्कि इसके पर्यावरण, स्वास्थ्य और आर्थिक फायदे बहुत हैं यदि इसका ठीक तरह से उपयोग किया जाए। इसके तथाकथित अपशिष्ट उत्पाद जैसे गाय-गोबर और गौमूत्र, जो सस्ते और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, स्‍वाभाविक तरीके से सड़नशील और पर्यावरण के अनुकूल हैं। इसलिए, गाय पालन को टिकाऊ बनाने के लिए गाय उद्यमियों द्वारा इनका लाभ उठाया जा सकता है, जो बदले में देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान कर सकते हैं। इस वर्ष आरकेए के कुछ अभियानों अर्थात गौमाया गणेश अभियान, कामधेनु दीपावली अभियान, कामधेनु देव दीपावली और सेमिनारों और वेबिनारों की एक श्रृंखला ने गाय के गोबर और गोमूत्र के अन्य उपयोगों का संदेश बहुत प्रभावी ढंग से दिया है।

    राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) का गठन भारत सरकार द्वारा गायों और उनकी संतानों के संरक्षण, उनके पालन, सुरक्षा और विकास के लिए और पशु विकास कार्यक्रमों के लिए दिशा निर्देश देने के लिए किया गया है। आरकेए नीतियों को तैयार करने और मवेशियों से संबंधित योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करने के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्‍त स्थायी निकाय है ताकि छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं और युवा उद्यमियों के लिए आजीविका उत्पादन पर अधिक जोर दिया जा सके।

    गौरतलब है कि देश भर के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कामधेनु चेयर या कामधेनु अध्ययन केन्‍द्र या कामधेनु अनुसंधान केन्‍द्र की स्थापना की सभी ने सराहना की है और इसे पूरे देश में गति मिल रही है। देसी गायों के बारे में युवा छात्रों और प्रत्‍येक नागरिक में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए, राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) गाय विज्ञान के बारे में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने और “कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा” आयोजित करने की एक शानदार पहल के साथ आया है। इससे गायों के बारे में सभी भारतीयों में जिज्ञासा बढ़ेगी, और उन्हें एक ऐसी संभावना और व्यवसाय के अवसर से अवगत कराया जा सकेगा, जिसके बारे में विस्‍तार से चर्चा नहीं की गई है, यहां तक कि यदि गाय दूध देना बंद कर देती है।

  • खरीफ विपणन सीजन 2020-21 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का क्रियान्वयन

    अकेले पंजाब का 202.77 लाख मीट्रिक टन (कुल खरीद का 39.51%) योगदान

    23169.86 करोड़ रुपये मूल्य की 7918696 कपास की गांठें खरीदी, 1537034 किसान हुए लाभान्वित

    नई दिल्ली: वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 के दौरान, सरकार ने अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद जारी रखी है, जैसा कि पिछले सत्रों में किया गया था।

    खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों/ केंद्र-शासित प्रदेशों में सुचारु रूप से चल रही है। पिछले वर्ष के 406.70 लाख मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष (05.01.2021तक) 513.19 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जिसमें पिछले वर्ष की अवधि की तुलना में 26.18% की वृद्धि दर्ज की गई। 513.19 लाख मीट्रिक टन की कुल खरीद में से अकेले पंजाब ने 202.77 लाख मीट्रिक टन का योगदान दिया है, जो कुल खरीद का 39.51% है। वर्तमान में जारी केएमएस खरीद संचालन के तहत 96891.46 करोड़ रुपये मूल्य के धान की खरीद की गयी है और इससे लगभग 66.48 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

    इसके अलावा, राज्यों से प्रस्ताव के आधार पर खरीफ विपणन सीजन 2020 के लिए तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 51.66 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद के लिए मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों के लिए कोपरा (बारहमासी फसल) की 1.23 लाख मीट्रिक टन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। पीएसएस के तहत अन्य राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों से खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर दलहन, तिलहन और कोपरा के लिए भी मंजूरी दी जाएगी ताकि अधिसूचित फसल अवधि के दौरान बाजार दर एमएसपी से कम होने की स्थिति में वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित एमएसपी के आधार पर इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद, राज्य की ओर से नामित खरीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीधे पंजीकृत किसानों से की जा सके।

    05.01.2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 1466.64 करोड़ रुपये की एमएसपी मूल्य वाली मूंग, उड़द, मूंगफली की फली और सोयाबीन की 274149.62 मीट्रिक टन की खरीद की है, जिससे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 146765 किसान लाभान्वित हुए हैं।

    इसी तरह, 05.01.2021 तक 52.40 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर 5089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद की गई है, जिससे कर्नाटक और तमिलनाडु के 3961 किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 293.34 मीट्रिक टन कोपरा खरीदा गया था। कोपरा और उड़द के संदर्भ में, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में दरें एमएसपी से अधिक हैं। संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें खरीफ की फसल दलहन और तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय की गई तारीख से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर रही है।

    पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कपास) की खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। 5 जनवरी, 2021 तक 7918696 कपास की गांठें खरीदी गईं, जिनका मूल्य 23169.86 करोड़ रुपये हैं, जिससे 1537034 किसान लाभान्वित हुए हैं।


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  • ….तो, डीएम कमिश्‍नर के खिलाफ भी होगी कार्रवाई

    निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मानक अनुरूप न होने पर योगी सख्त

    लखनऊ (धारा न्यूज़): मुरादनगर के शमशान घाट हादसे के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ खासे नाराज हैं। उन्होंने दोटूक कहा है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मानक से कम मिली तो डीएम और कमिश्‍नर इसके लिए जिम्‍मेदार होंगे। ठेकेदार और इंजीनियरों के साथ डीएम, कमिश्‍नर के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
    हर जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए टास्‍क फोर्स गठि‍त की गई है। जिले में हो रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की टास्‍क फोर्स औचक जांच करेगी। हर बड़े प्रॉजेक्‍ट की कम से कम 3 बार गुणवत्ता की औचक जांच कर उसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। किसी भी स्‍तर पर लापरवाही बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी।

    जर्जर भवनों को ध्वस्त करने के आदेश-
    योगी ने सभी कमिश्नर व डीएम को जिलों में सरकारी भवनों की स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। निरीक्षण के दौरान यदि विद्यालय या अस्पताल आदि का संचालन जर्जर भवन में मिले तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इनका संचालन कहीं और करें। जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    स्कूल-कॉलेजों की इमारतों का भी हो निरीक्षण-
    सरकारी और निजी क्षेत्र में संचालित सभी बेसिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यालयों व डिग्री कॉलेजों भवनों का भी गहन निरीक्षण करें। सभी सार्वजनिक भवनों का भी निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कॉलोनियों के भवनों का निरीक्षण कर यह देखा जाए कि यह दुरुस्त अवस्था में हैं या नहीं।

  • रोहिंग्या व टेरर फंडिंग का लिंक: JE समेत चार पकड़े, UP व महाराष्ट्र में ATS की रेड

    लखनऊ (धारा न्यूज): टेरर फंडिंग और रोहिंग्या कनेक्शन को लेकर उत्तर प्रदेश एटीएस ने गोरखपुर, खलीलाबाद, अलीगढ़ समेत कई जिलों में छापेमारी शुरू की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ‘यह छापेमारी अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को लेकर की गई है। फाइनेंस एंगल से केस इनवेस्टिगेट किया जा रहा है। फिलहाल छापेमारी से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। यूपी एटीएस राजधानी लखनऊ में इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है।’ सूत्रों के अनुसार एटीएस ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद ब्लॉक में तैनात एक JE को उसके तीन अन्य साथियों सहित हिरासत में लिया है। वहीं महाराष्ट्र में भी यूपी एटीएस की एक टीम महाराष्ट्र एटीएस की मदद से छापामारी कर रही है। वहां भी कई संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की खबर है।

  • नई दिल्ली (धारा न्यूज़): कोरोना अभी गया नहीं कि अब बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। देश के चार राज्यों में इसका प्रसार पाया गया है।
    संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस से आसानी से संक्रमित हो जाते हैं। ये वायरस इतना खतरनाक होता है कि इससे मौत भी हो सकती है। इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है। इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है।

    चिकित्सकों ने बताए लक्षण-
    बर्ड फ्लू होने पर कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी, निमोनिया गले में खराश, नाक बहना, बेचैनी, आंखों में इंफेक्शन जैसी समस्या हो सकती है. अगर आपको लगता है कि आपको बर्ड फ्लू हो सकता है तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं.

    कैसे करें बचाव- बर्ड फ्लू से बचने के लिए कुछ सावधानियां रखनी जरूरी है। अपने हाथों को 15 सेकेंड तक बार-बार साबुन से धोएं। सैनिटाइजर हमेशा साथ में रखें और हाथ ना धो पाने की स्थिति में सैनिटाइज करें। इसके अलावा पूरे बाजू के कपड़े पहनें और अपने जूतों को डिसइनफेक्ट करते रहें। छींकने या खांसने से पहले मुंह को अच्छे से कवर करें। सांस के संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनें। संक्रमित पोल्ट्री फार्म में जाने और वहां काम कर रहे लोगों के संपर्क में आने से बचें। पोल्ट्री फार्म में काम करने या जाने वाले लोगों को PPE किट पहन कर जाना चाहिए। डिस्पोजेबल ग्लव्स पहनें और इस्तेमाल के बाद इन्हें नष्ट कर दें। टिश्यू पेपर को इस्तेमाल के बाद डस्टबिन में डालें। बीमार हैं तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है, इसलिए बचाव के लिए फ्लू की वैक्सीन भी लगवाई जा सकती है।

  • देश में एवियन इन्फ्लुएंजा की स्थिति पर अलर्ट -राजस्थान, एमपी में कौवा, हिमाचल में प्रवासी पक्षी व केरल में पोल्ट्री-बतख में संक्रमण की पुष्टि

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): एवियन इन्फ्लुएंजा (एआई) वायरस सदियों से पूरी दुनिया में मौजूद है। पिछली शताब्‍दी में इसके चार बड़े प्रकोप दर्ज हुए हैं। भारत में एवियन इन्फ्लुएंजा का पहला प्रकोप 2006 में अधिसूचित किया गया था। भारत में मनुष्यों में अभी तक इसके संक्रमण का पता नहीं चला है, हालांकि यह बीमारी ज़ूनोटिक है। इस बात का ऐसा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है कि प्रदूषित पोल्ट्री उत्पादों की खपत के माध्यम से एआई का वायरस मनुष्यों को संक्रमित कर सकता है। जैव सुरक्षा सिद्धांतों, व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई तथा कीटाणुशोधन प्रोटोकॉल को शामिल करते हुए प्रबंधन प्रक्रियाओं को लागू करने के साथ-साथ खाना पकाने और प्रसंस्‍करण मानकों को अपनाना एआई वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के प्रभावी साधन हैं।
    भारत में, यह बीमारी मुख्य रूप से प्रवासी पक्षियों द्वारा फैलती है, जो सर्दियों के महीनों यानी सितंबर-अक्टूबर से फरवरी से मार्च तक भारत में आते हैं। इसके द्वितीयक प्रसार में मानव रखरखाव (फोमाइट्स के माध्यम से) के योगदान को भी खारिज नहीं किया जा सकता है।
    वर्ष 2020 में एवियन इन्फ्लुएंजा के प्रकोप पर नियंत्रण पूरा होने के बाद पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान (पीओएसपी) का अनुपालन करते हुए 30 सितम्‍बर, 2020 से देश को एआई से मुक्‍त होने की घोषणा की गई थी।

    राज्यों को सलाह जारी-

    सर्दियों के मौसम में इस बीमारी की रिपोर्टों के संबंध में पिछले अनुभव को देखते हुए सर्दी शुरू होने से पहले ही सभी राज्‍यों/केन्‍द्रशासित प्रदेशों को समय-समय पर सलाह जारी की गई है, ताकि आवश्यक सतर्कता बरतने, निगरानी बढ़ाने, आपूर्तियों के रणनीतिक भंडार (पीपीई किट, आदि) बनाने, आकस्मिकताओं से निपटने की तैयारी करने तथा जनता को जागरूक करने के लिए आईईसी जैसे आवश्‍यक कदम उठाये जा सकें। विभाग द्वारा राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को उपलब्‍ध कराई जाने वाली अन्‍य सहायता इस प्रकार हैं-

    · रेफरल लैब यानी आईसीएआर-एनआईएचएसएडी, भोपाल से तकनीकी सहायता

    · कुल्लिंग और क्षतिपूर्ति करने के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करना

    · एएससीएडी योजना के तहत राज्यों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करना

    · पशु चिकित्सा कार्य बल का प्रशिक्षण

    · आरडीडीएल/सीडीडीएल को मजबूत बनाने के लिए सहायता प्रदान करना

    सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को तैयारी के संबंध में पिछला परामर्श/संदेश 22.10.2020 को जारी किया गया था।

    वर्तमान प्रकोप-

    आईसीएआर-एनआईएचएसएडी से संक्रमित नमूनों की पुष्टि के बाद, एआई चार राज्यों (12 महामारी केंद्रों) में पता चला है –

    · राजस्थान (कौवा) – बारां, कोटा, झालावाड़

    · मध्य प्रदेश (कौवा) – मंदसौर, इंदौर, मालवा

    · हिमाचल प्रदेश (प्रवासी पक्षी) – कांगड़ा

    · केरल (पोल्ट्री-बतख) – कोट्टायम, अल्लपुझा (4 महामारी केन्‍द्र)

    तदनुसार, 01 जनवरी 2021 को राजस्थान और मध्‍यप्रदेश राज्यों को एक-एक सलाह जारी की गई है, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्‍यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एवियन इन्फ्लुएंजा की राष्ट्रीय कार्य योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार नियंत्रण उपाय शुरू किए गए हैं। दूसरा परामर्श 5 जनवरी, 2021 को हिमाचल प्रदेश को जारी किया गया। इसमें राज्य को पोल्‍ट्री की बीमारी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आवश्‍यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, केरल ने पहले ही महामारी केन्‍द्रों पर 05 जनवरी 2012 से नियंत्रण और रोकथाम अभियान शुरू कर दिये हैं। कुल्लिंग प्रक्रिया चल रही है।
    नई दिल्‍ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित-पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार ने भी नई दिल्‍ली में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सकें और राज्य अधिकारियों द्वारा किए गए निवारक और नियंत्रण उपायों के आधार पर दैनिक स्थिति का पता लगाया जा सके। एवियन इन्फ्लुएंजा के बारे में कार्य योजना के अनुसार प्रभावित राज्‍यों को इस बीमारी पर नियंत्रण और इसके प्रसार को रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में सुझाव दिए गए है। इस सुझावों में पोल्ट्री फार्मों की जैव सुरक्षा को मजबूत बनाना, प्रभावित क्षेत्रों का कीटाणुशोधन करना, मृत पक्षियों के शवों का उचित निपटान, बीमारी की पुष्टि और आगे निगरानी के लिए समय पर नमूने लेना और उन्‍हें परीक्षण के लिए भेजना। संक्रमित पक्षियों से पोल्‍ट्री और मनुष्‍यों में बीमारी के प्रसार की रोकथाम के लिए सामान्य दिशा-निर्देशों के साथ-साथ निगरानी योजनाओं को सघन रूप से लागू करना शामिल है। राज्‍यों को यह भी सलाह दी गई है कि वे पक्षियों की असामान्य मौत के बारे में रिपोर्ट के लिए वन विभाग के साथ समन्वय स्‍थापित करें। अन्य राज्यों से भी पक्षियों की असामान्य मौत के बारे में सतर्कता बरतने और आवश्यक उपाय करने के लिए तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।

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  • गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और दिलों को जीतने पर हो जोर: मोदी
    आकार और मानकों के दोहरे सिद्धांतों पर निर्भर है आत्मनिर्भर भारत

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाने और वैश्विक स्तर पर उनकी व्यापक स्वीकार्यता सुनिश्चित करने से जुड़े कुछ विचार लिंक्डइन पर साझा किए हैं।

    “कुछ दिन पहले, मैं मैट्रोलॉजी (मापविद्या) पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहा था। भले ही इस पर व्यापक स्तर पर चर्चा नहीं की जाती है, इसके बावजूद यह एक महत्वपूर्ण विषय है। मेरे संबोधन के दौरान, कुछ विषयों में से एक ने मुझे खासा प्रभावित किया। वह यह था कि कैसे मैट्रोलॉजी या माप का अध्ययन आत्मनिर्भर भारत और हमारे उद्यमियों की आर्थिक संपन्नता में योगदान कर सकता है। भारत कौशल और प्रतिभा का एक बड़ा केंद्र है। हमारे स्टार्ट-अप उद्योग की सफलता से हमारे युवाओं के कुछ नया करने के प्रति उत्साह का पता चलता है। नए उत्पाद और सेवाएं तेजी से सामने आ रही हैं। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तर पर बाजार में व्यापक संभावनाएं भी हैं। दुनिया आज सस्ते, टिकाऊ और प्रयोग करने योग्य उत्पादों की खोज में लगी हुई है।

    उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत आकार और मानकों के दोहरे सिद्धांतों पर निर्भर है। हम ज्यादा निर्माण करना चाहते हैं। इसके साथ ही हम ऐसे उत्पाद बनाना चाहते हैं, जो अच्छी गुणवत्ता वाले हों। भारत सिर्फ अपने उत्पादों से वैश्विक बाजारों को भरना नहीं चाहता है। हम चाहते हैं कि भारतीय उत्पाद दुनिया भर के लोगों के दिलों को जीतें। जब हम ‘मेक इन इंडिया’ की बात करते हैं तो हमारा लक्ष्य सिर्फ वैश्विक मांग को पूरा करना ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्वीकार्यता हासिल करना भी होता है। मैं आप सभी से आपके द्वारा निर्मित किसी भी उत्पाद या सेवा में ‘जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट’ को ध्यान में रखने का आह्वान करता हूं।

    उद्योगपतियों, व्यावसायिक प्रतिनिधियों, स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े युवाओं और पेशेवरों के साथ अपने संवाद के दौरान, मैं देख सकता हूं कि इसको लेकर वे पहले से ही काफी सचेत हैं। आज, दुनिया हमारा बाजार है। भारत के लोगों में क्षमता है। एक राष्ट्र के रूप में दुनिया भारत पर एक विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में भरोसा करती है।

    हमारे लोगों की क्षमता और राष्ट्र की विश्वसनीयता के साथ शीर्ष गुणवत्ता वाले भारतीय उत्पादों की पहुंच व्यापक होगी। यह ‘आत्मनिर्भर भारत- वैश्विक संपन्नता को बढ़ाने वाला बल’ की लोकनीति के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

    A few thoughts on Aatmanirbhar Bharat and how it is as much about scale and standards.

    We want Indian products to be accepted and admired worldwide.

    My @LinkedIn post. https://t.co/edYTvDclhM

    — Narendra Modi (@narendramodi) January 5, 2021
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  • यमुना नदी में क्यों बार-बार बढ़ जाता है अमोनिया नाइट्रोजन ?

    CPCB ने जानी असली वजह हरियाणा व दिल्ली वाले !

    संयुक्त अध्ययन समूह और निगरानी दल का गठन

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने यमुना नदी में बार-बार अमोनिया नाइट्रोजन में बढ़ोतरी के मुद्दे और अल्पकालिक व दीर्घकालिक सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर चर्चा करने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की।

    इस मुद्दे पर लंबे विचार विमर्श के बाद पहचान की गई और इस बात पर सहमति बनी कि हरियाणा के नदी किनारे के शहरों से बिना शोधित किए दूषित जल का उत्सर्जन, औद्योगिक इकाइयों, सामान्य अपशिष्ट शोधन संयंत्रों (सीईटीपी) और सीवेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) से उत्सर्जन, बाहरी दिल्ली में टैंकरों के माध्यम से बिना सीवर वाली कॉलोनियों से सीवेज का अवैध उत्सर्जन, यमुना नदी के प्रवाह में कमी और नदी के तल पर जमा कीचड़ का अवायवीय अपघटन इसकी प्रमुख संभावित वजह हो सकती हैं।

    अध्ययन करने वाले समूह में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली को शामिल किया गया है। यह समूह निगरानी व्यवस्था की एक समान समीक्षा और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता, पुराने आंकड़ों के विश्लेषण और प्रमुख स्थलों के साथ साथ ज्यादा अमोनिया के स्तर की अवधि की पहचान के लिए क्षेत्रीय सर्वेक्षण का काम करेगा। समूह से टिकाऊ समाधान के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय सुझाने और एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा गया है।

    इसके अलावा, डेजेबी, डीपीसीसी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली, एचएसपीसीबी और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा की भागीदारी वाले एक संयुक्त निगरानी समूह के गठन पर भी सहमति बन गई है।

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  • नकली करेंसी छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ मां-बेटी सहित 4 गिरफ्तार, पांच लाख की नकली करेंसी बरामद

    लखनऊ। मेरठ में गंगानगर पुलिस ने थाना क्षेत्र के एक मकान में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में मां-बेटी सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 500 व 2000 के नकली नोट के अलावा नोट छापने वाले प्रिंटर भी बरामद किये हैं।
    जानकारी के अनुसार गंगानगर के बी-ब्लॉक स्थित एक दुकान पर एक युवती 2000 का नोट लेकर पहुंची। दुकानदार ने नोट नकली लगने पर सूचना पुलिस को दी। दुकानदार के अनुसार उक्त युवती कुछ दिन पूर्व भी नकली नोट देकर गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने  युवती से पूछताछ की तो मामला खुल गया।

    एसपी देहात केशव कुमार ने पुलिस लाइन्स में  घटना का खुलासा करते हुए बताया कि इस जगह पर पिछले काफी समय से नकली नोटों के छापने का काम चल रहा था। गैंग की मुखिया सिखेड़ा निवासी महिला है, जो गंगानगर में किराए पर रहती है। सिवाया निवासी उसकी बहन का बेटा रोबिन भी साथ में रहता है। ये सभी मिलकर नकली नोट छापने का धंधा कर रहे हैं। गैंग में शामिल ज्यादातर लोग एक दूसरे के रिश्तेदार हैं। इस गैंग में शामिल पिलखुवा, हापुड़ का सिकंदर पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। पूछताछ में दर्जनभर लोगों के नाम सामने आए। मास्टरमाइंड केरल निवासी प्रशांत नाम का युवक बताया गया है, लेकिन वह अभी जेल में है। आरोपी 500 और 2000 के नोट छापकर उनको मेरठ और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे। ये अभी तक करीब सवा लाख से ज्यादा के नकली नोट छाप चुके हैं।  कई युवतियां भी गैंग में शामिल हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने इस मामले में सुमन, माही, रोबिन उर्फ मुकेश व सिकंदर उर्फ सतेंद्र को गिरफ्तार किया है।

  • कोरोना के नए स्ट्रेन के 20 नए मामले, संक्रमितों की संख्या हुई 58
    नई दिल्ली (धारा न्यूज): देश में ब्रिटेन से लौटे 20 और लोग कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित पाए गए हैं। इस वायरस से पॉजिटिव मरीजों की संख्या 58 पहुंच गई है। ये सभी 20 नए मामले पुणे की लैब में मिले हैं। वर्तमान में भारत में कोरोना की स्थिति कंट्रोल में है, परंतु नए स्ट्रेन को 70 फीसदी ज्यादा घातक और संक्रामक बताया जा रहा है। इस बीच कई विशेषज्ञों ने भरोसा जताया है कि कोरोना की वैक्सीन इस नए वायरस पर भी असरदार साबित होगी।

    कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का पता सबसे पहले ब्रिटेन में लगा था, अब यह कई देशों में फैल चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ब्रिटेन के नए प्रकार के जीनोम के साथ अब तक देश में कुल 58 नमूनों में इसकी पुष्टि हुई है। सरकार के अनुसार संक्रमित लोगों के साथ यात्रा करने वालों और उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ अन्य संपर्कों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है ताकि इसके संक्रमण को रोका जा सके। नए वायरस से डेनमार्क, जापान, स्वीट्जरलैंड, जर्मनी, स्पेन, नीदरलैंड, आस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, कनाडा, लेबनान, सिंगापुर में कई लोग संक्रमित हो चुके हैं।

  • 10 दिन में शुरू हो सकता है टीकाकरण

    नई दिल्ली (धारा न्यूज): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज कहा कि कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलने के 10 दिन बाद रोलआउट हो सकती है। कोरोना वैक्सीन को DCGI ने 3 जनवरी को मंजूरी दी थी। इस लिहाज से 13 या 14 जनवरी से देश में कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू हो सकती है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दाैरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि सरकार 10 दिन के अंदर कोरोना वैक्सीन को रोलआउट करने को तैयार है। राजेश भूषण ने कहा, “चूंकि अब कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है, अब 10 दिन के अंदर टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।”

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने किसी भी तरीके से किसी भी वैक्सीन के एक्सपोर्ट को बैन नहीं किया है। कोविशील्ड ओर कोवैक्सीन को 2-8 डिग्री तापमान पर रखे जाने की जरूरत है। कैडिला की वैक्सीन DNA आधारित वैक्सीन है। परीक्षण के दौरान देखा गया कि अच्छी एंटीबॉडी बनी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि Co-WIN सिस्टम भारत में बना है, लेकिन दुनिया के देशों की जरूरतों के हिसाब से इसे तैयार किया गया है। अन्य देश अगर इसे उपयोग करेंगे तो उनकी मदद की जाएगी। कोरोना वैक्सीन की जानकारी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में स्थित GMSD नामक 4 प्राथमिक वैक्सीन स्टोर बनाए गए हैं और देश में ऐसे 37 वैक्सीन स्टोर हैं। वे टीकों को थोक में इकठ्ठा करेंगे और फिर आगे वितरित किए जाएंगे।



  • लखनऊ (धारा न्यूज) : मुरादनगर शमशान घाट हादसे पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिम्मेदार इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ रासुका लगाने का आदेश दिया है। इसी के साथ पूरे नुकसान की वसूली दोषी इंजीनियर व ठेकेदार से करने और ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश दिया है। इसके साथ-साथ मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

    गाजियाबाद के मुरादनगर में बारिश के दौरान शमशान घाट का लेंटर गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। ये लोग अपने परिचित के अंतिम संस्कार के लिए वहां पहुंचे थे। नगर पालिका की EO, जेई व सुपरवाइजर समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी को कल देर रात पकड़ा गया था। यूपी सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को दस-दस लाख की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। वहीं इनमें आवासहीन परिवारों को आवासीय सुविधा मुहैया करने के भी सीएम योगी ने निर्देश दिया है। सीएम योगी की तरफ से ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने का भी आदेश दिया गया है। डीएम और कमिश्नर को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि जब सितंबर में ही 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन (इंस्पेक्शन) करने का स्पष्ट निर्देश दिया हुआ था तो फिर चूक कैसे हो गई।

  • गाजियाबाद श्मशान हादसे पर CM योगी का एक्शन-


    CM योगी ने घटना के लिए ज़िम्मेदार इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ रासुका लगाने का दिया आदेश..

    पूरे नुक़सान की वसूली दोषी इंजीनियर और ठेकेदार से करने के भी दिए निर्देश..

    ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड..

    डीएम और कमिश्नर को नोटिस जारी कर पूछा जब सितंबर में ही दिया था 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करने का स्पष्ट निर्देश, तो क्यूँ हुई चूक??

    मृतक परिवारों को दस दस लाख की आर्थिक सहायता और इनमें आवासहीन परिवारों को आवासीय सुविधा मुहैया करने के भी सीएम के निर्देश..

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  • जल्दी ही जारी हो सकता है नोटिफिकेशन

    लखनऊ (धारा न्यूज़): उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव 15 मार्च से 7 अप्रैल के बीच हो सकते हैं। सरकार जल्द ही इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर सकती है। यूपी के पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भी चुनाव की तारीखों को लेकर ऐसे ही संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि 15 मार्च से अप्रैल के पहले सप्ताह के बीच यूपी में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव करवा लिए जाएंगे। पंचायतीराज विभाग इसी समय सीमा के आधार पर अपनी तैयारी कर रहा है।

    इससे पहले ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के चलते फरवरी-मार्च में चुनाव होने की उम्मीद जताई जा रही थी। इसके साथ ही सरकार ने भी यह संकेत दिए थे कि पंचायत चुनाव बोर्ड परीक्षा से पहले करा लिये जाएंगे। जानकारी के अनुसार 14 जनवरी को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा एक अहम बैठक भी लेने वाले हैं। बैठक में वह बोर्ड परीक्षा की तारीखों को लेकर कुछ फैसला भी लिया जा सकता है।

    15 मार्च से 7 अप्रैल के बीच चुनाव-पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायतों का चक्रानुक्रम आरक्षण शून्य कर के नए सिरे से आरक्षण तय किया गया गया था। मगर पिछले पांच चुनावों से जिला व क्षेत्र पंचायत में चक्रानुक्रम आरक्षण ही चल रहा है। इसलिए जिला व क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों की सीटों का आरक्षण नए सिरे से तय किया जा सकता है। मंत्री भूपेंद्र सिंह के मुताबिक 10 जनवरी को इसको लेकर एक अहम बैठक होने वाली है। उन्होंने बताया कि जिला पंचायतों का आरक्षण राज्य मुख्यालय से तय होता रहा है और इस बार भी ऐसे ही होगा बाकी ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत की सीटों का आरक्षण जिला मुख्यालय से ही तय किया जाएगा। इस बारे में शासनादेश जारी किया जाएगा, आरक्षण की प्रक्रिया के लिए अभी समय है। परिसीमन पूरा होने के बाद आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    ऑनलाइन हो सकती है आरक्षण व्यवस्था-वर्ष  2015 के पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण नए सिरे से हुआ था। 2015 में ग्राम प्रधान पद के लिए सीट, जिन पंचायतों को आरक्षित की गई थी, उसके अधार पर इस बार बदलाव किया जाएगा। इस बार ग्राम पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था भी ऑनलाइन होने वाली है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के पंचायत चुनाव में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जो सभी तरह की सीटों में शामिल होंगी। इनमें ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण हैं। आरक्षण की रूप रेखा चक्रानुक्रम आरक्षण से तय होती है। चक्रानुक्रम आरक्षण का मतलब होता है कि आज जो सीट जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, अगले चुनाव में वह सीट उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होगी। बल्कि किसी अन्य वर्ग के लिए वह सीट आरक्षित कर दी जाएगी।

    बैलेट पेपर से होंगे पंचायत चुनाव- पंचायत चुनाव के लिए इस बार भी बैलेट पेपरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए कुछ समय पहले ही जिलों में मतपत्र भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। वहीं इस बार ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इसके अलावा इस बार के पंचायत चुनावों में पढ़े-लिखे लोगों को लड़ने का मौका देने की बात की जा रही है।
    पंचायत चुनाव में सीटों के आरक्षण का चक्रानुक्रम फार्मूला:

    – पहले एसटी महिला, फिर एसटी महिला/पुरुष।
    – पहले एससी महिला, फिर एससी महिला/पुरुष।
    – पहले ओबीसी महिला, फिर ओबीसी महिला/पुरुष।
    – अगर तब भी महिलाओं का एक तिहाई आरक्षण पूरा न हो तो महिला।
    – इसके बाद अनारक्षित।

    पार्टियों ने कसी कमर- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर जैसे-जैसे सरगर्मियां तेज हो रही हैं, सभी राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। एक ओर जहां शिवसेना जैसी पार्टी यूपी पंचायत चुनाव में ताल ठोकने की घोषणा कर चुकी है, तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी चुनावों के लिए प्रदेश में प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। यूपी बीजेपी राज्य कार्यकारिणी की बैठक में 6 क्षेत्रों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। पंचायत चुनाव में पार्टी के शानदार प्रदर्शन के लिए प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर को पश्चिम, अवध में अमरपाल मौर्य, बृज में अश्विनी त्यागी, गोरखपुर में अनूप गुप्ता, काशी में सुब्रत पाठक और कानपुर, बुंदेलखंड में प्रियंका रावत को प्रभारी बनाया गया है। वहीं, गोविन्द शुक्ला को मुख्यालय प्रभारी नियुक्त किया है।

  • केजीएमयू में होगा सबसे बड़ा वैक्सिनेशन सेंटर, रोज 3300 लोगों को लगेगा टीका

    लखनऊ। शहर में कोरोना वैक्सिनेशन के लिए सभी सेंटर तय कर लिए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा वैक्सिनेशन सेंटर केजीएमयू में होगा। यहां एक साथ 33 बूथ चलेंगे और हर बूथ पर एक दिन में 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकेगी। इस तरह एक दिन में यहां 3300 लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे। इसी तरह पीजीआई में 18 बूथ बनाने की तैयारी है।

    स्टेट इम्युनाइजेशन ऑफिसर डॉ. एमके सिंह ने बताया कि पहले चरण में सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगनी है। लखनऊ में लगभग 60 हजार स्वास्थ्यकर्मी चिह्नित किए गए हैं। इस तरह तीन दिन में केजीएमयू में 9300 और पीजीआई में 5500 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा लोहिया संस्थान, लोकबंधु, साढ़ामऊ अस्पताल व सीएचसी समेत सहारा और मेदांता जैसे निजी अस्पतालों में भी वैक्सिनेशन केंद्र बनाए जाएंगे।

    ऐंबुलेंस और वॉर्ड भी आरक्षित:
    टीका लगने के बाद किसी को परेशानी होने पर उसके इलाज के लिए भी पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। वैक्सिनेशन केंद्र पर 30 मिनट की निगरानी के दौरान स्किन या कोई दूसरी दिक्कत आती है एडनि और एविल जैसे इंजेक्शन तुरंत लगा दिए जाएंगे। इसके साथ चेकअप के लिए डॉक्टर रहेंगे और मरीज को ज्यादा दिक्कत होने पर अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।

    केजीएमयू में वैक्सिनेशन के नोडल अधिकारी डॉ हिमांशु ने बताया कि कलाम सेंटर में वैक्सिनेशन होगा। इसके बाहर हर वक्त ऐंबुलेंस रहेंगी, जो इमरजेंसी होने पर मरीज को तुरंत वॉर्ड में शिफ्ट करेंगी। इसके लिए गांधी वॉर्ड में बेड भी आरक्षित किए गए हैं।

    दूसरे चरण में 1.20 लाख कर्मचारियों को लगेगा टीका:
    दूसरे चरण में करीब 1.20 लाख कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगाने की योजना है। सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि पहले चरण के लिए 52 हजार स्वास्थ्यकर्मियों का ब्योरा पोर्टल पर फीड किया जा चुका है। इसके साथ दूसरे चरण में पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारियों-अफसरों को टीका लगाया जाएगा। इसके लिए इन विभागों से कर्मचारियों का सूची मांगी गई है।

  • ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के नए स्वरूप पर अपडेट

    संक्रमित लोगों की कुल संख्या अब तक 38 हो चुकी है

    नई दिल्ली। Ministry of Health and Family Welfare के अनुसार ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्वरूप (जीनोम) के कुल 38 नमूने सकारात्मक पाए गए हैं। बेंगलुरु के निमहंस (एनआईएमएचएएनएस) में 10, हैदराबाद के सीसीएमबी में 3, पुणे के एनआईवी में 5, राजधानी दिल्ली के आईजीआईबी में 11, नई दिल्ली के एनसीडीसी में 8 और कोलकाता के एनसीबीजी में एक संक्रमित व्यक्ति की पुष्टि हुई है। एनसीबीएस, इंस्टेम (आईएनएसटीईएम) बेंगलुरु, सीडीएफ़डी हैदराबाद, आईएलएस भुवनेश्वर और एनसीसीएस पुणे में अब तक ब्रिटेन से निकले कोरोना वायरस के नए स्वरूप का कोई मामला नहीं पाया गया है।

    संख्या

    संस्थान / लैब के अंतर्गत
    नए कोविड स्वरुप के संक्रमितों का पता चला


    1

    एनसीडीसी नई दिल्ली

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

    8



    2

    आईजीआईबी नई दिल्ली

    सीएसआईआर

    11



    3

    एनसीबीजी कल्याणी (कोलकाता)

    डीबीटी

    1



    4

    एनआईवी पुणे

    आईसीएमआर

    5



    5

    सीसीएमबी हैदराबाद

    सीएसआईआर

    3



    6

    निमहंस बेंगलुरु

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

    10



    कुल

    38


    जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए पॉजिटिव नमूनों की जांच 10 इंसाकॉग (भारतीय सार्स सीओवी-2 जिनोमिक्स कंसोर्टीयम) प्रयोगशालाओं में की जा रही है। जिनमें (एनआईबीएमजी) कोलकाता, आईएलएस भुवनेश्वर, एनआईवी पुणे, एनसीसीएस पुणे, सीसीएमबी हैदराबाद, सीडीएफ़डी हैदराबाद, इंस्टेम (आईएनएसटीईएम) बेंगलुरु, निमहंस बेंगलुरु, आईजीआईबी दिल्ली और एनसीडीसी दिल्ली शामिल हैं।

    इन सभी नये संक्रमित व्यक्तियों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नामित स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के अनुसार एकल कमरे के आइसोलेशन में रखा जा रहा है। साथ ही उनके संपर्क में आए हुए लोगों को भी संगरोध के तहत रखा गया है। सह-यात्रियों, पारिवारिक संपर्कों तथा अन्य व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यापक संपर्क पहचान कार्य शुरू कर दिया गया है। अन्य नमूनों पर भी जीनोम सिक्वेंसिंग का कार्य चल रहा है।

    स्थिति पर सावधानीपूर्वक नज़र रखी जा रही है और निगरानी बढ़ाने, नियंत्रण, जांच तथा नमूनों को इंसाकॉग प्रयोगशालाओं को प्रेषण के लिए राज्यों को नियमित सलाह प्रदान की जा रही है।

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  • मेरठ में चार और लोगों में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन
    देश में संक्रमित होने वाले मामलों की संख्या हुई 42

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चार और लोगों में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। इसी के साथ देश में नए स्ट्रेन से संक्रमित होने वाले मामलों की संख्या 42 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। मेरठ जनपद के संत विहार मोहल्ले की रहने वाली ढाई साल की बच्ची के माता-पिता और बलवंत नगर में रहने वाले बच्ची के फूफा व 15 वर्षीय रिश्तेदार को पुष्टि हुई है।

    Meerut में अभी तक पांच लोगों में कोरोना के नए वायरस की पुष्टि हो चुकी है। इससे पहले संत विहार कॉलोनी निवासी ढाई साल की बच्ची में कोरोना के नए स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी। इस बच्ची के माता-पिता 14 दिसंबर की रात को दिल्ली से लौटे थे। सभी का टेस्ट कराया गया था। पांचों लोग एक ही परिवार के हैं। अब तक 13 सैंपल केंद्रीय लैब भेजे गए थे, जिनमें 12 की रिपोर्ट आ गई है। सात की रिपोर्ट निगेटिव है और पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्ची की बुआ की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने इसकी पुष्टि की है।

    मेरठ में कोरोना का दूसरा स्ट्रेन मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संत विहार और लल्लापुरा में 122 लोगों की एंटीजन जांच की। हालांकि इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोरोना पॉजिटिव दंपती और बच्ची के संपर्क वाले उनके परिजनों समेत नजदीक के छह लोग हैं, जिनकी जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल दिल्ली भेजे गए थे।
    यह दंपती ब्रिटेन में दो बच्चों के साथ रहता है। यहां अपने परिवार से मिलने 14 दिसंबर की रात आया था। पिछले दिनों में ब्रिटेन से मेरठ लौटे 88 लोग स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। इनमें से चार लोग कोरोना पॉजिटिव आए थे।

    उधर, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि ब्रिटेन से लौटे आठ यात्रियों में कोरोना का नया स्ट्रेन पाया गया है। इनमें से पांच मुंबई और एक-एक पुणे, ठाणे और मीरा भायंदर के हैं। इनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नए स्ट्रेन से संक्रमित इन 42 मामलों में से आठ नमूनों की पहचान नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में, 11 की पहचान दिल्ली के जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी में और एक की पहचान कोलकाता के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स में हुई। इसके अलावा पांच नमूनों की पहचान पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) में, तीन की हैदराबाद के सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी में और 10 नमूनों की पहचान बंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज हॉस्पिटल (एनआईएमएचएएनएस) में हुई।

  • लघु सिंचाई विभाग की बैठक लेते जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय

    कम जलस्तर वाले क्षेत्रों में कॉमर्शियल प्रयोग को जल दोहन की अनुमति नहीं

    बिजनौर (धारा न्यूज़): जल दोहन का कार्मशियल प्रयोग करने की अनुमति प्राप्त करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों अथवा संचालकों को प्रतिष्ठान स्थल पर जल का स्तर और दैनिक रूप से दोहन किए जाने वाले जल का पूरा विवरण संकलित करने के पश्चात ही अनुज्ञापत्र जारी करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मानक से कम जल स्तर पाए जाने वाले क्षेत्रों में कार्मशियल प्रयोग के लिए जल दोहन की अनुमति भी न प्रदान की जाए। जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी को यह निर्देश देते हुए कहा कि निरन्तर रूप से भूजल के गिरते स्तर के दृष्टिगत शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का गंभीरता के साथ अनुपालन कराना सुनिश्चित कराएं।

    जिलाधिकारी श्री पाण्डेय कलक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में लघु सिंचाई विभाग के तत्वाधान में आयोजित वाटर हार्वेस्टिंग एवं भूगर्भ जल स्तर से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
    उन्होंने कहा कि यदि भूगर्भ जल का अनावश्यक रूप से दोहन न रोका गया और वर्षा जल का संरक्षण न किया गया तो भविष्य में जल संकट की स्थिति भयानक त्रासदी का कारण बनेगा। लघु सिंचाई विभाग द्वारा जल का वाणिज्यिक प्रयोग करने के लिए बनाई गई उप समिति किसी भी प्रतिष्ठान को तब तक जल दोहन की अनुमति न प्रदान करे जब तक प्रस्तावित प्रतिष्ठान के भूगर्भ का कम से कम और ज्यादा से ज्यादा जल स्तर और उसकी प्रतिदिन की खपत से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त न कर ले।

    उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, किसानों, विद्यार्थियों के नामों का करें चयन

    शासन द्वारा भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने, जल संरक्षण एवं जल स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, किसानों, विद्यार्थियों के नामों का चयन कर उनके नाम शासन को प्रेषित करना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें शासन स्तर से पुरस्कृत किया जा सके। उन्होंने भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने, जल संरक्षण एवं जल स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, किसानों, शोध कर रहे विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे अपने नाम एवं आवश्यक विवरण कार्यालय लघु सिंचाई विभाग कार्यालय, बिजनौर में तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें तथा अधिक जानकारी के लिए सहायक अभियन्ता राजेश कुमार वर्मा के मोबाईल नम्बर-8840607635 पर सम्पर्क स्थापित करें।

    इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनोद कुमार गौड़, उप जिलाधिकारी परमानंद झा, सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई राजेश कुमार वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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  • लखनऊ (धारा न्यूज़): कोरोना संक्रमण से बचाव को देश में तैयार टीके को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान पर सियासी ट्विटर युद्ध छिड़ गया है।

    मायावती का रुख सकारात्मक

    बहुजन समाज पार्टी की अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के टीके को लेकर रविवार को सकारात्‍मक प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की। मायावती ने ट्वीट कर संक्रमण से बचाव के लिए स्‍वदेशी टीके का स्‍वागत किया और इसके लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी। मायावती ने साथ ही केंद्र सरकार से देश में सभी स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के साथ-साथ समाज के अति गरीब लोगों के लिए भी इस टीके की निशुल्क व्‍यवस्‍था करने का भी अनुरोध किया।

    गर्व का विषय: स्‍वतंत्र देव सिंह

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह ने रविवार को ट्वीट किया ,‘‘ यह गर्व की बात है कि जिन दो वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल को मंजूरी दी गई है, वे दोनों मेड इन इंडिया हैं। यह आत्‍मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए हमारे वैज्ञानिक समुदाय की इच्‍छा शक्ति को दर्शाता है।’’

    टीकाकरण को इवेंट न समझे BJP: अखिलेश

    समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष एवं पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने सुबह ट्वीट किया, ‘‘कोरोना का टीकाकरण एक संवेदनशील प्रक्रिया है इसीलिए भाजपा सरकार इसे कोई सजावटी-दिखावटी इवेंट न समझे और पुख्‍ता इंतज़ामों के बाद ही इसे शुरू करे। ये लोगों के जीवन से जुड़ा विषय है अत: इसमें बाद में सुधार का खतरा नहीं उठाया जा सकता है। गरीबों के टीकाकरण की निश्चित तारीख घोषित हो।’’ इस पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। भाजपा के प्रदेश उपाध्‍यक्ष व विधान परिषद सदस्‍य विजय बहादुर पाठक ने अखिलेश यादव के ट्वीट को टैग करते हुए कहा,‘‘ बंद कमरे में सियासत करने से बातें देर से समझ आ रही, थोड़ा बाहर निकलें, जनता के बीच जाएं।’’ पाठक ने कहा ,‘‘ वैक्‍सीन का विषय लोगों के जीवन का विषय है, पार्टी का नहीं। इसे पार्टियों के खांचे में न बांट, स्‍वागत करें।’’ इसके पहले अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा था,‘‘ हम भाजपा की राजनीतिक वैक्‍सीन नहीं लगवाएंगे।’’

    देश के चिकित्सकों, वैज्ञानिकों का अपमान-केशव प्रसाद मौर्य

    अखिलेश यादव ने शनिवार को कोरोना वायरस के टीके को लेकर नई बहस शुरू कर दी जिसके जवाब में भाजपा संगठन और सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए अखिलेश के बयान को देश के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों का अपमान बताया। शनिवार को यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ‘‘मैं तो नहीं लगवाऊंगा अभी टीका, मैंने अपनी बात कह दी। वह भी भाजपा लगायेगी, उसका भरोसा करूं मैं। अरे जाओ भई, अपनी सरकार आयेगी तो सबको फ्री वैक्सीन लगेगी। हम भाजपा का टीका नहीं लगवा सकते।’’ इसके बाद अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुये प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को टीके पर भरोसा नहीं है और यह देश के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘‘अखिलेश यादव जी को टीके पर भरोसा नहीं है और उत्तर प्रदेश वासियों को उन पर (अखिलेश यादव) पर भरोसा नहीं है। उनका टीके पर सवाल उठाना, हमारे देश के चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों का अपमान है जिसके लिए उन्हें माफी माननी चाहिए।

  • फोटो पहचान पत्र दिखा कर ही लगवाया जा सकेगा कोरोना का टीका

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): किसी भी व्यक्ति के लिए न सिर्फ पंजीकरण बल्कि टीका लगवाने के समय भी फोटो पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 का टीका लगवाने वाले व्यक्ति को टीकाकरण की निर्धारित जगह पर अपना फोटो पहचान पत्र लेकर जाना अनिवार्य है। अगर वह किसी कारणवश उसे लाना भूल जाएंगे, तो उन्हें कोरोना वैक्सीन नहीं लगायी जाएगी।

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 का टीका लगवाने वाले व्यक्ति के फोटो पहचान पत्र साथ न रखने की स्थिति में यह पता नहीं चल पाएगा कि उक्त व्यक्ति को ही टीका लगाया जाना है। टीका लेने के इच्छुक हर व्यक्ति के लिए पंजीकरण कराना भी अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही उन्हें टीका लगाने के लिए निर्धारित की गई जगह और समय के बारे में जानकारी दी जायेगी।

    पंजीकरण के लिए क्या है जरूरी-
    पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जॉब कार्ड या पेंशन के दस्तावेज मान्य हैं। श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, मनरेगा कार्ड, सांसद, विधायक या विधान पार्षद द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पासबुक, केंद्र या राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी सर्विस आईडी कार्ड मान्य दस्तावेज हैं। ये सभी दस्तावेज तभी मान्य होंगे, जब इन पर संबंधित व्यक्ति का फोटो लगा होगा। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद योग्य लाभार्थियों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये टीकाकरण की जगह और निर्धारित समय के बारे में जानकारी दी जाएगी। कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक दिये जाने के बाद लाभार्थियों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें क्यूआर कोड आधारित सर्टिफिकेट भी मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
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  • शुभ कार्यों में पूर्व दिशा में ही मुख क्यों ? – आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी

    यह तो हम सभी जानते हैं कि सूर्य पूर्व दिशा की ओर से उदित होता है। वेदों में उदित होते हुए सूर्य की किरणों का बहुत महत्त्व बताया गया है…

    उद्यन्त्सूर्यो नुदतां मृत्युपाशान्।

    -अथर्ववेद 17/1/30

    अर्थात् उदित होता हुआ सूर्य मृत्यु के सभी कारणों अर्थात् सभी रोगों को नष्ट करता है। सूर्य की किरणें मनुष्य को मृत्यु से बचाती हैं, अर्थात् मृत्यु के बंधनों को यदि तोड़ना है, तो सूर्य के प्रकाश से अपना संपर्क बनाए रखें।

    सूर्यस्त्वाधिपतिर्मृत्योरुदायच्छतु रश्मिभिः।

    मृत्योः पडूवीशं अवमुंचमानः। मा च्छित्या अस्माल्लोकादग्नेः सूर्यस्य संदृशः ॥

    अर्थात् सूर्य के प्रकाश में रहना अमृत के लोक में रहने के तुल्य है। चूंकि भगवान् सूर्य परमात्मा नारायण के साक्षात् प्रतीक हैं, इसलिए वे सूर्य नारायण कहलाते हैं। सूर्य ही ब्रह्मा का आदित्य रूप हैं। ये ही जगत के एकमात्र नेत्र (प्रकाशक) हैं, समस्त प्राणियों की उत्पत्ति का कारण और पालनहार हैं। प्रत्यक्ष देवता हैं, जिनका अवतरण ही संसार के कल्याण के लिए हुआ है सूर्य ही एक ऐसे देव हैं, जिनकी उपासना से हमें प्रत्यक्ष फल प्राप्त होता है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वेदों में ओजस्, तेजस् एवं ब्रह्मवर्चस् की प्राप्ति के लिए सूर्य की उपासना करने का विधान है। सूर्य मानव मात्र के समस्त शुभ और अशुभ कर्मों के साक्षी हैं। उनसे हमारा कोई भी कार्य या व्यवहार छिपा नहीं रह सकता, क्योंकि सूर्य विश्व चक्षु जो है।

    सूर्य उपनिषद् के अनुसार समस्त देव, गंधर्व एवं ऋषि भी सूर्य रश्मियों (किरणों) में निवास करते हैं।

    अतः सूर्य की किरणों और उनके प्रभावों की प्राप्ति के लिए ही प्रत्येक शुभ कार्यों व संस्कारों को करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठने की परंपरा हमारे वेदों के निर्देशों पर की गई है, ताकि धार्मिक व्यक्ति इसका अधिक-से-अधिक लाभ उठा सकें। उल्लेखनीय है कि इस समय की किरणों में अवरक्त (infrared) किरणें होती हैं, जिनमें रोगों को नष्ट करने की विशेष क्षमता होती है। सूर्य की सात अलग-अलग रंग की किरणों से सात प्रकार की ऊर्जा भी प्राप्त होती है। इस ऊर्जा के कारण सभी धार्मिक अनुष्ठान सफल होते हैं। सूर्य की अवरक्त किरणें सीधे छाती पर पड़ती रहें, तो उनके प्रभाव से व्यक्ति सदा निरोग रहता है। इसीलिए प्रातः सूर्योदय के समय पूर्व की ओर मुख करके सूर्य नमस्कार, सूर्य उपासना, संध्योपासना, पूजा-पाठ, हवन आदि शुभ कृत्य करना बहुत लाभदायक है।
    (आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ) ——-

  • लखनऊ के डीएम से खफा हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद!

    सीएम से शिकायत करने की ठानी

    लखनऊ (धारा न्यूज़): BJP के राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद राजधानी के DM से नाराज हो गए हैं। वज़ह, उनका CUG मोबाइल नंबर न रिसीव करना है! उन्होंने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करने की बात कही है।

    BJP के राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद ने लखनऊ के DM पर CUG मोबाइल नम्बर ना उठाने का आरोप लगाया है। जयप्रकाश निषाद का कहना है कि मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को CUG नम्बर खुद रिसीव करने का आदेश दिया है, लेकिन लखनऊ के DM अभिषेक प्रकाश CUG नम्बर ना उठाकर मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। सांसद का कहना है कि उनके पास कुछ लोग अपनी शिकायत और समस्या लेकर आए थे, उनकी शिकायत के समाधान के लिए वो DM लखनऊ के CUG नम्बर पर फोन लगाते रहे, लेकिन DM का फोन नहीं उठा। जयप्रकाश निषाद ने DM लखनऊ की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।
    बताया गया है कि शनिवार सुबह लखनऊ के वीवीआइपी गेस्ट हाउस में सांसद से मिलने कुछ फरियादी सरोजनीनगर से आए थे। मामला जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा था, जिसके चलते सांसद ने जिलाधिकारी को कई बार फोन किया। पीड़ितों के सामने लगभग 2 घंटे तक जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर कई बार कॉल की गई।

    गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी के बाद समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले जयप्रकाश निषाद को भाजपा ने राज्यसभा के उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया था। मल्लाह समुदाय से आने वाले जयप्रकाश निषाद 2012 में चौरी-चौरा सीट से बहुजन समाज पार्टी के विधायक भी थे, लेकिन दो वर्ष पहले उन्होंने गोरखपुर में भाजपा का दामन थामा था। निषाद भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष हैं और उनका कार्यक्षेत्र गोरखपुर है।

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  • लखनऊ (धारा न्यूज़): मार्च 2020 के बाद से बंद चल रहे गोरखपुर-मैलानी रूट पर छह जनवरी से ट्रेन चलनी शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में दो ट्रेनें चलाई जाएंगी। गोरखपुर से मैलानी और मैलानी से गोरखपुर के लिए ट्रेन चलेंगी। अभी 31 जनवरी तक के लिए इन ट्रेनों को ट्रायल के रूप में चलाया जा रहा है। इस दौरान रेलवे यह देखेगा कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या कितनी है। अगर संख्या बढ़ती है तो ट्रेनें और बढ़ सकती हैं। जो दो ट्रेन चलाई जा रही है, उसमें गोमती एक्सप्रेस शामिल है। यह ट्रेनें चलने से जिले के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।

    लखनऊ रेल मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि छह जनवरी से गोरखपुर-मैलानी के बीच ट्रेन चलाई जाएंगी। गोरखपुर से रात 10:20 बजे मैलानी के लिए गोमती एक्सप्रेस रवाना की जाएगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 12:15 बजे मैलानी पहुंचेगी। इसी तरह से मैलानी से छह को ही शाम 5:30 बजे ट्रेन गोरखपुर के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन शाम को 6:45 बजे लखीमपुर स्टेशन पर पहुंचेगी। यहां दो मिनट रुकने के बाद ट्रेन रवाना हो जाएगी, जो अगले दिन सुबज पौने सात बजे गोरखपुर पहुंचेगी। लखीमपुर से सीतापुर, लखनऊ आदि का सफर करने में आसानी होगी।

    पीआरओ ने बताया कि 31 जनवरी तक दो ट्रेनों को ट्रायल के रूप में चलाया जा रहा है। इस दौरान यह देखा जाएगा कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या कितनी है, अगर यात्रियों की संख्या बढ़ी तो और ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण फैलने के बाद मार्च 2020 से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बन्द कर दिया गया था। इस बीच लखनऊ से लखीमपुर तक इलेक्ट्रिक लाइन पूरी होने के बाद इसका सीआरएस ट्रायल हो चुका है।

  • मुरादनगर हादसा: अब तक 25 लोगों की मौत, EO, JE व सुपरवाइजर गिरफ्तार, ठेकेदार फरार
    लखनऊ (धारा न्यूज़): मुरादनगर के शमशान घाट हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तत्काल राहत पहुंचाने और कार्रवाई के निर्देश पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में ठेकेदार, नगरपालिका की कार्यपालन अधिकारी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में निहारिका सिंह ईओ मुरादनगर नगर पालिका, चंद्रपाल जूनियर इंजीनियर व आशीष सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया है। अजय त्यागी ठेकेदार समेत कुछ अन्य लोग अभी फरार हैं। एसपी ग्रामीण डॉ. ई. राजा ने बताया कि इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। इसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद प्रशासन से इस हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान यूपी सरकार ने कर दिया है।

    पीएम मोदी ने जताया दुःख:
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, ‘मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’



    घोटाला लील गया लोगों की जान!
    तीन महीने पहले श्मशान घाट का छत डाली गई थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या शमशान घाट में हुए घोटाले ने लोगों की जान ली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया, जिसका नतीजा ये हुआ कि जरा सी बारिश में ढह गया। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले NDRF के CO प्रवीण तिवारी ने बताया था कि उनकी टीम ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि किसी भी बिल्डिंग की लाइफ 50 साल तक होती है, लेकिन ये बिल्डिंग हाल ही में बनी थी और इसके कंस्ट्रक्शन को देखकर लगता है कि सीमेंट और रेत का इस्तेमाल सही अनुपात में नहीं किया गया होगा, जिसकी वजह से बिल्डिंग इतनी जल्दी गिर गई।

  • Serum Institute ने किया कोरोना वैक्सीन की कीमतों का खुलासा: ₹200 चुकाने होंगे सरकार को, ₹1000 में खरीद सकती है जनता

    मुंबई (धारा न्यूज): देश में दो कंपनियों को कोरोना वायरस वैक्‍सीन के इमरजेंसी यूज की ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से अनुमति मिलने के बाद कोविशील्‍ड बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कीमतों का खुलासा कर दिया है। सरकार को ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन 200 रुपए में दी जाएगी, जबकि जनता को इस वैक्सीन के लिए ₹1 हजार चुकाने होंगे। विदित हो कि पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट में ऑक्सफोर्ट-एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन कोविशील्ड का निर्माण हो रहा है।

    सीईओ अदार पूनावाला ने कि वैक्सीन के लिए दो अलग-अलग कीमतें तय की गई हैं। यह वैक्सीन फाइजर-बायोएनटेक के मुकाबले सस्ती है, इसका ट्रांसपोर्टेशन भी आसान है। उनकी कंपनी हर महीने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन के 50-60 मिलियन डोज बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2021 के मध्य तक देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। हम सरकार के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवाने को तैयार हैं। हमने सरकार को अपना प्रस्ताव भेज दिया है, अब सरकार के साथ कांट्रेक्ट साइन होने का इंतजार है। कांट्रेक्ट होने के 10 दिन के अंदर सरकार को वैक्सीन उपलब्ध कर दिया जाएगा।

    उन्होंने यह भी कहा, सरकार ने अभी तक हमें वैक्सीन निर्यात करने की अनुमति नहीं दी है। जबकि, सऊदी अरब और दूसरे कुछ देशों से हमारे द्विपक्षीय संबंध हैं। हमने इस संबंध में सरकार से अनुमति मांगी है। यह मंजूरी मिलने के बाद हम दुनिया के 50 से ज्यादा देशों तक अपनी दवा पहुंचा पाएंगे।

    देश में एक करोड़ लोगों को पहली डोज:
    ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रविवार को कोविशील्ड को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। इसी के साथ देश में टीकाकरण के लिए भी ड्राई रन हो रहे हैं। हेल्‍थ सेक्‍टर से जुड़े 1 करोड़ लोगों को भारत में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज मिलेगी। इनमें आईसीडीएस वर्कर्स, नर्स, सुपरवाइजर, मेडिकल अफसर, पैरामेडिकल स्‍टाफ, सपोर्ट स्‍टाफ और मेडिकल छात्र शामिल हैं।

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  • इबोला की तरह खतरनाक वायरस आया मानवता के लिए खतरा बनकर!
    वैज्ञानिकों ने दिया नई महामारी को नाम Disease-X

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): दुनिया पर कोरोना की तरह एक और नई बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। इस नई महामारी को Disease-X नाम दिया गया है। यह इबोला की तरह ही बहुत घातक है।

    अफ्रीकी देश कांगो गणराज्य में एक महिला में एक घातक वायरस देखा गया है। इसे इबोला जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वैज्ञानिकों को यह कोई नया वायरस लग रहा है। उनके अनुसार इबोला की तरह ही जानलेवा यह वायरस कोरोना से अधिक तेजी से फैल सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इबोला वायरस का पता लगाने के बाद से ही प्रोफेसर मुएंबे तांफुम अधिक खतरनाक वायरसों की खोज करने के काम में लगे हुए हैं। प्रोफेसर ने कहा कि मानवता अज्ञात संख्‍या में नए वायरस का सामना कर रही है। अफ्रीका के वर्षा वनों से नए और घातक वायरस के पैदा होने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी टीवी चैनल को दिए साक्षात्‍कार में प्रोफेसर जीन ने कहा, ‘आज हम एक ऐसी दुनिया में हैं जहां नए वायरस बाहर आएंगे और ये वायरस मानवता के लिए खतरा बन जाएंगे।’

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  • मुरादनगर में श्मशान घाट की छत धंसने से दब गए कई लोग, मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख मुआवजा

    लखनऊ (धारा न्यूज़): गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट की छत धंसने से चपेट में आए 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 24 घायल हो गए। बारिश से बचने के लिए लोग छत के नीचे खड़े हुए थे। पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों के परिवारों को सरकार 2-2 लाख की मदद देगी।

    आज सुबह से दिल्ली एनसीआर में बारिश हो रही है। लोग यहां दयानंद कॉलोनी के दयाराम के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। बारिश से बचने के लिए काफी लोग छत के नीचे थे, तभी श्मशान घाट का लेंटर भरभरा कर गिर गया। कई लोग मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। लेंटर का साइज काफी बड़ा होने के कारण पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए क्रेन बुलाई। पुलिस के अनुसार घटना में 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 24 घायल हो गए। बारिश की वजह से रेस्क्यू में परेशानी आई। मृतकों में 3 की पहचान हो पाई है। ये संगम विहार और मुरादनगर के रहने वाले योगेंद्र, बंटी और ओंकार थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मरने वालों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंडलायुक्त मेरठ और एडीजी मेरठ जोन से घटना की रिपोर्ट मांगी है।

    अंतिम संस्कार में शामिल थे 100 से ज्यादा लोग
    दयानंद कॉलोनी के दयाराम की शनिवार रात बीमारी के चलते मौत हो गयी थी। रविवार को मुरादनगर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए 100 से ज्यादा लोग जुटे थे। बारिश से बचने के लिए लोग गैलरी में खड़े हो गए। अचानक छत गिर गई।

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  • कोविड-19 वैक्‍सीन रोल आउट
    लगभग 1,14,100 टीका लगाने वालों को दिया गया प्रशिक्षण
    को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से ज्‍यादा लाभार्थियों ने कराया पंजीकरण नई दिल्ली (धारा न्यूज़): केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय राज्‍यों एवं संघ शासित प्रदेशों और अन्‍य हितधारकों के सहयोग से इस रोल-आउट की तैयारियों में पिछले कुछ महीनों से सक्रियता के साथ सम्मिलित रहा है, ताकि कोविड-19 वैक्‍सीन को रोल-आउट करने संबंधी तैयारियों को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

    Ministry of Health and Family Welfare द्वारा बताया गया कि एक व्‍यापक राष्‍ट्रव्‍यापी अभ्यास के तहत सभी राज्‍यों और संघ शासित प्रदेशों के 125 जिलों में 286 सत्रों में शुरुआत से अंत तक कोविड-19 वैक्‍सीन देने का पूर्वाभ्‍यास किया गया। प्रत्‍येक जिले ने तीन या ज्‍यादा स्‍थानों पर पूर्वाभ्‍यास किया, जिनमें सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं (जिला अस्‍पताल/मेडिकल कॉलेज), निजी अस्‍पताल और ग्रामीण या शहरी आउटरीच स्‍थान शामिल थे। सभी राज्‍य और जिला अधि‍कारियों को इस पूर्वाभ्‍यास के परिचालन संबंधी दिशानिर्देशों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस पूर्वाभ्‍यास का लक्ष्‍य कोविड-19 टीकाकरण के लिए स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली में निर्धारित प्रणालियों का परीक्षण करना तथा ब्‍लॉक, जिला और राज्‍य स्‍तर पर नियोजन, क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग के लिए व्‍यावहारिक वातावरण में को-विन एप्‍लीकेशन के उपयोग की परिचालन संबंधी व्‍यवहार्यता का आकलन करना था। यह पूर्वाभ्‍यास राज्‍य, जिला, ब्‍लॉक और अस्‍पताल स्‍तर के अधिकारियों को कोविड-19 रोल-आउट के सभी पहलुओं से अवगत कराने के लिए भी संचालित किया गया।

    देश भर के राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों ने सुबह 9:00 से पूर्वाभ्‍यास का संचालन निर्बाध रूप से किया। इस एक दिन के अभ्‍यास के अंतर्गत टीकाकरण के वास्‍तविक दिन का अधिकतम अनुकरण या सिमुलेशन करते हुए लाभार्थी के डेटा को अपलोड करने से लेकर सत्र के स्‍थान का आवंटन और सूक्ष्‍म नियोजन, वैक्‍सीन आवंटन, परीक्षण लाभार्थियों के साथ सत्र वाले स्‍थान का प्रबंधन, रिपोर्टिंग व्‍यवस्‍था आदि तक के कार्यकलापों को शामिल किया गया था। सत्र वाले सभी स्‍थानों पर टीकाकरण के बाद की प्रतिकूल घटनाओं (एईएफआई) से निपटने की तैयारी और कॉल सेंटर की कार्यात्‍मकता को भी परखा गया। पूर्वाभ्‍यास का निरीक्षण जिला‍धिकारियों द्वारा किया गया। पूर्वाभ्‍यास का समापन डीब्रीफिंग बैठकों के साथ हुआ, जिनमें दिन भर में सामने आए मसलों और चुनौतियों के बारे में चर्चा की गई थी। जिला और राज्‍य स्‍तर पर राज्‍यों का फीडबैक लेने के लिए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने दिन भर उनके साथ निरंतर सम्‍पर्क बनाए रखा। राज्‍यों / संघ शासित प्रदेशों ने पूर्वाभ्‍यास के सफल संचालन पर पूरी तरह संतोष प्रकट किया है, जिसमें परिचालन संबंधी प्रक्रिया और को-विन सॉफ्टवेयर के साथ उसका संबंध शामिल था।

    को-विन सॉफ्टवेयर केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है, ताकि वैक्‍सीन के भंडार, भंडारण के तापमान और कोविड-19 के लिए लाभार्थियों की व्यक्तिगत ट्रेकिंग के बारे में वास्‍तविक जानकारी ली जा सके। यह सॉफ्टवेयर पूर्व-पंजीकृत लाभार्थियों, उनके प्रमाणन के लिए स्‍वचालित सत्र आवंटन के माध्‍यम से सभी स्‍तरों पर कार्यक्रम प्रबंधकों की सहायता करेगा और वैक्‍सीन शैड्यूल के सफलतापूर्वक संपन्‍न होने के बाद एक डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार किया जाएगा। अब तक को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से ज्‍यादा लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

    कोविड-19 वैक्‍सीन की देश भर में नियंत्रित तापमान वाले वातावरण में अंतिम स्‍तर डिलिवरी हो सके, यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्‍त कोल्‍ड चेन अवसंरचना मौजूद है। कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरु करने के लिए सीरिंज और अन्‍य लॉजिस्टिक्‍स की आपूर्तियां भी पर्याप्‍त मात्रा में सुनिश्चित करायी गई हैं। टीकाकरण स्‍थलों पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के लिए लगभग 1,14,100 टीका लगाने वालों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें लाभार्थी का प्रमाणन, टीकाकरण, कोल्‍ड चेन और लॉजिस्टिक्‍स का प्रबंधन, जैव-चिकित्‍सकीय अपशिष्‍ट प्रबंधन, एईएफआई प्रबंधन तथा को-विन सॉफ्टवेयर पर उसकी जानकारी अपलोड किया जाना शामिल है।

    आंध्र प्रदेश, असम, पंजाब और गुजरात सहित चार राज्‍यों में 28 और 29 दिसम्‍बर 2020 को समूचे संचालन का नियोजन और आईटी प्‍लेटफॉर्म का व्‍यावहारिक परीक्षण किया गया था; और प्राप्‍त फीडबैक के आधार पर आईटी प्‍लेटफॉर्म पर मामूली वृद्धि की गई है।


  • भारत बॉयोटेक, सीरम की वैक्सीन के इमरजेंसी प्रयोग की सिफारिश
    कैडिला को क्लिनिकल परीक्षण प्रोटोकॉल के चरण-3 करने की अनुमति

    केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने मैसर्स सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया और मैसर्स भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड की त्‍वरित स्‍वीकृति प्रक्रिया साथ ही साथ मैसर्स कैडिला हैल्‍थकेयर लिमिटेड के चरण– 3 परीक्षणों से संबंधित अनुरोध के संदर्भ में सिफारिश की

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने 01 और 02 जनवरी, 2021 को बैठक की। इस दौरान भारत के औषधि महानियंत्रक को विचार करने और अंतिम निर्णय देने के लिए सिफारिशें की गईं। Ministry of Health and Family Welfare के अनुसार इनमें मैसर्स सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे को विविध विनियामक शर्तों के साथ आपातकालीन हालात में वैक्‍सीन के सीमित उपयोग की अनुमति प्रदान करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा मैसर्स भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड, हैदराबाद को क्लिनिकल परीक्षण मोड में, जनहित में बहुत सावधानी के साथ, विशेषकर म्‍युटेंट स्‍ट्रेन्‍स द्वारा संक्रमण के संदर्भ में आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए अनुमति प्रदान करने की सिफारिश के साथ ही मैसर्स कैडिला हैल्‍थकेयर लिमिटेड, अहमदाबाद को क्लिनिकल परीक्षण प्रोटोकॉल के चरण-3 करने की अनुमति प्रदान करना शामिल हैं।

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  • विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बनने पर पीएम मोदी को सीएम योगी ने दी बधाई

    गोरखपुर (धारा न्यूज़): वैश्विक स्तर पर हुए एक नवीनतम सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता चुना गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश की जनता की तरफ से हार्दिक बधाई और शुभकामना दी है।

    सीएम योगी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित संस्था मॉर्निंग कंसल्ट ने अपने सर्वे में नेट अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता माना है। यह देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मोदी ने 6 वर्ष के कार्यकाल में देश की 135 करोड़ जनता की खुशहाली के लिए सतत काम किया है। उनके नेतृत्व व उनकी कार्यकुशलता के दम पर कोविडकाल में देश ने कोरोना पर नियंत्रण पाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इसके चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी भारत की सराहना करने को विवश होना पड़ा। सीएम योगी ने कहा कि मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में ब्राजील के राष्ट्रपति को 46, यूएस के राष्ट्रपति को 41, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को जहां 39 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च 74 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग। यह जनता के प्रति उनके कार्यो और जनता में उनकी लोकप्रियता से ही संभव हुआ है।

  • 51वें इफ्फी महोत्सव का शुभारंभ डेनमार्क के थॉमस विन्टरबर्ग की फ़िल्म ‘अनअदर राउंड’ के इंडियन प्रीमियर से

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): 51वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव – इफ्फी का शुभारंभ 16 जनवरी, 2021 को थॉमस विन्टरबर्ग की फिल्म ‘अनअदर राउंड’ के इंडियन प्रीमियर के साथ होगा। इस फिल्म में, कानफेस्ट में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीते मैड्स मिकेलसन ने अभिनय किया है और इफ्फी में ऐसी बहुत सारी फिल्मी सितारों की फिल्में दिखाई जाएंगी। ये फिल्म ऑस्कर में डेनमार्क की आधिकारिक प्रविष्टि भी है।

    ‘मेहरुनिसा’ का वर्ल्ड प्रीमियर:
    महोत्सव में ‘मेहरुनिसा’ का वर्ल्ड प्रीमियर भी किया जाएगा। संदीप कुमार द्वारा निर्देशित ये फिल्म इस महोत्सव के मध्य में दिखाई जाएगी। दमदार अभिनेत्री फारुख जफर की भूमिका वाली ये फिल्म एक महिला के ताउम्र के सपने की कहानी कहती है।

    ‘वाइफ ऑफ अ स्पाई’ के इंडिया प्रीमियर के साथ महोत्सव का समापन:
    24 जनवरी, 2021 को कीयोशी कुरोसावा की हिस्टॉरिकल ड्रामा फिल्म ‘वाइफ ऑफ अ स्पाई’ के इंडिया प्रीमियर के साथ इस महोत्सव का समापन होगा। इस जापानी फिल्म को वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए सिल्वर लायन पुरस्कार मिला था।

    16 से 24 जनवरी, 2021 तक गोवा में आयोजन: 51वें इफ्फी का आयोजन 16 से 24 जनवरी, 2021 तक गोवा में किया जा रहा है। ये संस्करण पहली बार हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है और इसमें ऑनलाइन और वैयक्तिक दोनों तरह के अनुभव शामिल होंगे। ये महोत्सव बहुत सारी मशहूर फिल्मों से भरपूर होगा, यहां दुनियाभर की कुल 224 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें 21 गैर-फीचर फिल्में और भारतीय पैनोरमा फिल्म सेक्शन के अंतर्गत 26 फीचर फिल्में भी शामिल हैं।

    Ministry of Information & Broadcasting के अनुसार इस महोत्सव के लिए मीडिया पंजीकरण हाल ही में शुरू किया गया है और ये 10 जनवरी, 2021 तक उपलब्ध है। आवेदकों का 1 जनवरी 2021 तक 21 साल से ऊपर की आयु का होना जरूरी है और उन्हें इफ्फी जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों को कवर करने का कम से कम 3 साल का पेशेवर अनुभव होना चाहिए।

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  • ‘राष्ट्रीय पुलिस K-9 पत्रिका’ के प्रथम अंक का विमोचन

    “यह एक ऐसी अनूठी पहल है जो देश में पुलिस सेवा श्वान (के-9) (पीएसके) टीमों से संबन्धित विषयों को और अधिक समृद्ध बनाएगा”

    “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर समान रूप से ध्यान देने के लिए हमारी सरकार ईमानदारी से प्रयास कर रही है”

    “समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस का श्वान दस्ता एक फोर्स मल्टिप्लायर के रूप में काम कर सकता है”

    “इनका उपयोग मादक पदार्थों का पता लगाने से लेकर आतंकवादियों से मुक़ाबला करने में भली भांति किया जा सकता है”

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में ‘राष्ट्रीय पुलिस के-9 पत्रिका’ के प्रथम अंक का विमोचन किया। पुलिस सेवा श्वान (के-9) (पीएसके) अर्थात पुलिस श्वान (Police Dogs) विषय पर देश में यह पहला प्रकाशन है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से देशभर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

    श्री शाह ने कहा कि “यह एक ऐसी अनूठी पहल है जो देश में पुलिस सेवा श्वान (के-9) (पीएसके) टीमों से संबन्धित विषयों को और अधिक समृद्ध बनाएगा”। “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर समान रूप से ध्यान देने के लिए हमारी सरकार ईमानदारी से प्रयास कर रही है। समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस का श्वान दस्ता एक फोर्स मल्टिप्लायर के रूप में काम कर सकता है। जैसे की ड्रोन या उपग्रहों के प्रयोग से इस देश में हो रहा है”। श्री अमित शाह ने कहा कि “इनका उपयोग मादक पदार्थों का पता लगाने से लेकर आतंकवादियों से मुक़ाबला करने में भली भांति किया जा सकता है”।

    नवंबर 2019 में हुई राष्ट्रीय पुलिस के-9 सेल की स्थापना-
    केंद्रीय गृह मंत्रालय की पुलिस आधुनिकरण डिविजन के तहत देशभर में पुलिस सेवा के-9 को बढ़ावा देने और उसे मुख्यधारा में लाने के लिए नवंबर 2019 में राष्ट्रीय पुलिस के-9 सेल की स्थापना हुई थी। ‘राष्ट्रीय पुलिस के-9 पत्रिका’ में हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा में 11 खंड हैं। प्रथम अंक में सुरक्षा बलों कर्मियों के अलावा कई प्रतिष्ठित विदेशी विशेषज्ञों ने भी लेख लिखें हैं। यह पत्रिका साल में दो बार अप्रैल और अक्टूबर माह में प्रकाशित होगी।

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  • पैंगोंग झील में तैनात होंगी 12 स्वदेशी नौकाएं
    चप्पे-चप्पे नजर रखेगी भारतीय सेना

    नई दिल्ली (धारा न्यूज): भारतीय सेना हाई परफॉर्मेंस पेट्रोलिंग बोट्स खरीदने की तैयारी में है। पूरी तरह से सशस्त्र इन बोट्स को लद्दाख में पैंगोंग झील पर तैनात किया जाएगा। इसका इस्तेमाल उस क्षेत्र में और उसके आसपास गश्त व तेजी से सैनिकों की तैनाती के लिए किया जाएगा। इसके जरिये जवान चीन की हर हरकत पर नजर रखेंगे। भारत की सरकारी कंपनी गोवा शिपयार्ड से इन पेट्रोलिंग बोट्स को खरीदा जाएगा। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच तनाव अभी भी जारी है। लद्दाख में पैंगोंग झील क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और तैनाती को मजबूत करने के अपने प्रयासों के लिए भारतीय सेना ने 12 नौकाओं के अधिग्रहण का अनुबंध किया है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा ये नौकाएं बनाई जा रही हैं। इसमें आगे और पीछे दोनों तरफ बंदूकें होंगी और ये सैनिकों को ले जाने में सक्षम होगी। भारतीय सेना ने बड़े जल निकायों की निगरानी और गश्त के लिए 12 फास्ट पैट्रोल नावों के लिए मेसर्स गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के साथ एक अनुबंध किया था, जिसमें उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शामिल थे। इनकी डिलीवरी मई 2021 से शुरू होगी।
    सेना के अधिकारियों ने कहा, “नावों का संचालन और रखरखाव इंजीनियर्स द्वारा किया जाएगा। ये नावें ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विशाल जल निकायों में फैली सीमाओं / नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण होंगी।” उन्होंने कहा उच्च गति और युद्धाभ्यास वाली नौकाएं अत्याधुनिक जहाज पर प्रणालियों से सुसज्जित होंगी।

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  • भीषण सर्दी से ठिठुरे समूचे उत्तर भारत के बाशिंदे
    कोहरे ने लगाए वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक

    चंडीगढ़ (धारा न्यूज): उत्तर भारत भीषण सर्दी की चपेट में आ गया है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में सुबह से ही कोहरा छा गया। कोहरे के कारण परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा। उत्तर भारत में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के साथ तीन जनवरी से राहत मिलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। चार से छह जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश या बर्फबारी का अनुमान है।

    दिल्ली में टूटा 15 साल पुराना रिकॉर्ड:
    मौसम विभाग ने कहा कि हिमालय के पश्चिमी क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओले पड़ने की भी आशंका है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में अगले 24 घंटे के दौरान यही स्थिति रहेगी। दिल्ली में शीत लहर के प्रकोप के बीच न्यूनतम तापमान 15 साल में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बेहद घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य हो गई। दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि 15 साल में सबसे कम तापमान है। आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में बारिश हुई और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी हल्की बूंदाबादी की सूचना है। बारिश से कोहरा छंट गया लेकिन आसमान में बादल छा गए।

    हिमाचल प्रदेश में फिर से बारिश और बर्फबारी: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बारिश और बर्फबारी (Snowfall) का दौर शुरू हुआ है। लाहौल में बर्फबारी व शिमला, मंडी, समेत तमाम इलाकों में शनिवार सुबह हल्की बूंदाबादी हुई। हिमाचल में शीतलहर (Coldwave) चरम पर है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी (Snowfall) का अनुमान जताया है। बीते रविवार को हिमाचल में शिमला शहर सहित प्रदेश भर में बर्फबारी देखने को मिली थी, जबकि बीते पांच दिन से प्रदेश में धूप खिली हुई थी, लेकिन एक बार फिर से अब मौसम का मिजाज बिगड़ गया है।

  • सेना दिवस परेड कवरेज को मीडिया की व्यवस्था
    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): सेना दिवस परेड का आयोजन 15 जनवरी, 2021 को करियप्पा परेड ग्राउंड में किया जाएगा। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग द रिट्रीट के लिए 23 जनवरी, 2021 को एक प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। प्रेस वार्ता के लिए स्थान की जानकारी बाद में दी जाएगी।

    Ministry of Defence की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार सभी इच्छुक मीडियाकर्मियों से अनुरोध किया गया है कि वे 05 जनवरी, 2021 तक सेना दिवस परेड पर आवश्यक सुरक्षा मंजूरी के लिए निम्नलिखित विवरणों को armydayparade2021@gmail.com पर भेजें: –

    1. पूरा नाम
    2. पीआईबी/आईडी कार्ड संख्या
    3. आईडी कार्ड की स्कैन की गई फोटो
    4. मीडिया एजेंसी का नाम
    5. आवेदक की फोटो
    6. …के लिए आवेदन: एडीपी/प्रेस वार्ता/ दोनों –किसी भी स्पष्टीकरण के लिए, कृपया 011-23019659 पर फोन करें। 05 जनवरी, 2021 के बाद प्राप्त मेल पर विचार नहीं किया जा सकता है।

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  • लखनऊ (धारा न्यूज़): यूपी बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल में करने की तैयारी है! सीबीएसई की दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षा 4 मई से शुरू होने के ऐलान के बाद यूपी बोर्ड ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। 14 जनवरी को होने वाली बैठक में यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों पर अंतिम निर्णय होगा। वैसे भी यूपी में 31 मार्च को पंचायत चुनावों की समाप्ति के बाद ही यूपी बोर्ड परीक्षाएं करवाई जाएंगी! इस समय स्कूलों में प्री बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं।

    बदली नजर आएगी परीक्षा केंद्रों की तस्वीर:
    पिछली बार तक एक परीक्षा केंद्र पर अधिकतम 1200 विद्यार्थी तक हो सकते थे लेकिन इस बार इसे घटाकर अधिकतम 800 कर दिया गया है। हर विद्यार्थी को 20 वर्ग फीट की जगह 36 वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। यूपी बोर्ड के मानकों के मुताबिक 500 वर्ग फीट के कमरे में सिर्फ 14 से 15 छात्र ही बैठेंगे। इससे दो छात्रों के बीच काफी स्पेस होगा।

    परीक्षा केंद्र हुए दोगुने: 2020 में जहां 7783 परीक्षा केंद्र थे, वहीं इस बार करीब 14000 परीक्षा केंद्र होंगे। इतने अधिक केद्रों पर शिक्षकों की तैनाती के चलते यह मुमकिन नहीं हो पाएगा कि हर रूम में पिछले वर्षों की तरह दो-दो शिक्षक बतौर निरीक्षक तैनात किए जाएं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने भी नियम में ढील दे दी है और कहा है कि हर रूम में एक निरीक्षक ही तैनात हो सकता है।यूपी बोर्ड 11 जनवरी तक परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर देगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आवंटित परीक्षा केंद्रों की लिस्ट भी जारी कर दी जाएगी। इसके बाद फाइनल परीक्षा केंद्रों की सूची 9 फरवरी तक जारी होगी।

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  • लखनऊ (धारा न्यूज़) माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2021 पंचायत चुनाव के बाद आयोजित की जाएंगी! बोर्ड परीक्षा के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में 14 जनवरी को होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

    बताया जा रहा है कि बोर्ड परीक्षा के लिए पंचायत चुनाव के प्रस्तावित कार्यक्रम का इंतजार हो रहा है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालय परीक्षा केंद्र भी हैं, उन्हें पंचायत चुनाव के लिए मतदान केंद्र भी बनाया जाएगा। चुनाव और परीक्षा दोनों में ही शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। इसलिए परीक्षा पंचायत चुनाव के बाद कराने की योजना है। यूपी में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे। अभी तक की तैयारियां मार्च 2021 में चुनाव कराने की हैं। आरक्षण का फार्मूला जल्द तय हो जाएगा। वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी।

    Covid-19 के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं। ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर से विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलाधिकारी और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) का कार्यकाल पूरा होने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रशासक तैनात किया जाएगा।

    विदित हो कि शासन ने पंचायत चुनावों को कराने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी प्रारंभ कर रखी है। सरकार की मंशा मार्च में पंचायत चुनाव कराने की है। पिछली बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ हुए थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव अलग से हुए थे। इस बार समय बचाने के लिए चारों पदों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी है।

    एक मतदाता को इस बार लगानी होगी चार बैलेट पेपर पर मुहर: एक मतदाता को इस बार चार बैलेट पेपर पर मुहर लगानी होगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर ग्राम प्रधान-ग्राम पंचायत सदस्य और बीडीसी-जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग-अलग बूथ बनाए जाएंगे। यानी, प्रत्येक बूथ में वोटर को दो बैलेट पेपर देकर भेजा जाएगा।

  • UP Panchayat Elections: 35 जिलों के लिए नया आदेश जारी

    लखनऊ (धारा न्यूज़): यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सरकार ने 35 जिलों में नगर पंचायत व पालिका परिषदों के सृजन व सीमा विस्तार के कारण ग्राम पंचायत, क्षेत्र व जिला पंचायतों के वार्ड का आंशिक परिसीमन करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिन जिलों में आंशिक परिसीमन होना है, उनमें फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, मुरादाबाद, अमरोहा, अलीगढ़, शाहजहांपुर, अयोध्या, महाराजगंज, सहारनपुर, गोरखपुर, वाराणसी, कन्नौज, भदोही, अमेठी, कानपुर देहात, बहराइच, बाराबंंकी, देवरिया, एटा, बांदा, महोबा, सीतापुर, सोनभद्र, बस्ती, रायबरेली, जालौन, चित्रकूट, अंबेडकरनगर, बागपत, बलिया, बुलंदशहर, बिजनौर व लखीमपुर शामिल हैं।

    अपर मुख्य सचिव ने बताया कि गत 23 दिसंबर को जारी किए शासनादेश के तहत नगर पंचायतों व पालिका परिषदों के सीमा विस्तार या पुनर्गठन के बाद ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों का आंशिक परिसीमन किया जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आंशिक परिसीमन कार्यक्रम जारी किया गया है। ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों के वार्डों की प्रस्तावित सूची सात से 10 जनवरी के बीच तैयार करके उनका प्रकाशन किया जाएगा। 11 व 12 जनवरी के बीच आपत्तियां प्राप्त करने के बाद 13 से 14 जनवरी के मध्य आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 15 से 16 जनवरी के मध्य होगा।

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  • देश में अब कीजिए सिंगल मिस्ड कॉल पर LPG बुकिंग

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए मिस्ड कॉल सुविधा की शुरुआत की है जो कि लोगों का जीवनयापन आसान बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भुवनेश्वर में उपभोक्ताओं के लिए मिस्ड कॉल की सुविधा शुरू की, जो कि लोगों का जीवनयापन आसान बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडियन ऑयल के एलपीजी ग्राहक अब रिफिल बुकिंग के लिए सिंगल मिस्ड कॉल नंबर 8454955555 का उपयोग कर सकते हैं- पूरे भारत के लिए और भुवनेश्वर शहर में नए कनेक्शन के लिए।

    विश्व स्तरीय प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल (ऑक्टेन 100) का दूसरा चरण भी शुरू

    इस मौक़े पर श्री प्रधान ने इंडियन ऑयल द्वारा उत्पादित एक्सपी 100 के रूप में ब्रांडेड विश्व स्तरीय प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल (ऑक्टेन 100) का दूसरा चरण भी शुरू किया। इस दूसरे चरण में इंडियन ऑयल के ब्रांडेड एक्सपी100 को आज चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, कोच्चि, इंदौर और भुवनेश्वर सहित सात और शहरों में शुरू कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने एक्सपी100 को पहले चरण में एक महीने पहले 01 दिसंबर 2020 को 10 भारतीय शहरों के चुनिंदा आउटलेट्स में लॉन्च किया था।

    श्री प्रधान ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि, मिस्ड कॉल सुविधा लोगों को उत्कृष्ट सेवा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल इंडिया मिशन की सफलता का एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि, सरकार सभी सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने और नागरिकों के जीवनयापन में सुगमता लाने के लिए प्रत्येक भारतीय के साथ समान व्यवहार करने की इच्छुक होने के चलते प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि, भुवनेश्वर से शुरू की जा रही इस सेवा का विस्तार जल्द ही पूरे देश में किया जाएगा। श्री प्रधान ने गैस एजेंसियों तथा वितरकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि, एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की अवधि 1 दिन से कुछ घंटों तक कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, देश ने एलपीजी वितरण में एक लंबा सफर तय किया है। वर्ष 1955 से लेकर 2014 तक लगभग 13 करोड़ लोगों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था, लेकिन आज यह आंकड़ा 30 करोड़ गैस कनेक्शन तक पहुंचने वाला है, जो एक बड़ी सफलता प्राप्त होने और जनता को स्वच्छ ईंधन प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि, एलपीजी कनेक्शन ने भारतीय महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाया है।
    श्री प्रधान ने आम आदमी के जीवन को आसान बनाने में प्रौद्योगिकी की शक्ति के महत्त्व के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने ओडिशा खनन निगम-ओएमसी के वितरण के प्रयासों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से डिलिवरी बॉयज़ को ‘कोरोना योद्धा’ के रूप में संबोधित किया, जिन्होंने कोविड महामारी के समय में भी बिना किसी रुकावट के लोगों के दरवाजे तक रसोई गैस की आपूर्ति करने की हिम्मत और ईमानदारी दिखाई। उन्होंने कहा कि, जब पूरी दुनिया अपने संसाधनों एवं समृद्धि के बावजूद कोरोना के कारण परेशान थी, तब भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संघर्ष किया, जिससे पूरा देश संगठित हुआ और भारत की सफलता ने दुनिया के समक्ष एक नया मॉडल प्रस्तुत किया।

    असम के डिगबोई में कार्यरत देश की सबसे पुरानी रिफाइनरी से XP-100 की पहली खेप को रवाना करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि, यह प्रधानमंत्री के पूर्वोदय के विकास के दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि, एक्सपी100 विश्व स्तरीय किस्म का पेट्रोल है जो आधुनिक तेज़ रफ़्तार वाली कारों की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। श्री प्रधान ने कहा कि, डिगबोई रिफाइनरी से उत्पादित यह उन्नत क्षमताओं वाला पेट्रोल देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित शहरों में खुदरा दुकानों की जरूरतों को पूरा करेगा। डिगबोई मौजूदा बुनियादी ढांचे और माध्यमिक प्रसंस्करण सुविधाओं का उपयोग करते हुए एक्सपी100 पेट्रोल का उत्पादन करके मथुरा और बरौनी रिफाइनरीज के कुलीन समूह में शामिल हो गया है। यह वास्तव में एक सराहनीय उपलब्धि है, जो देश में उपलब्ध सबसे उन्नत पेट्रोल का उत्पादन करने वाली सबसे पुरानी रिफाइनरी है।

    Ministry of Petroleum & Natural Gas की जानकारी के अनुसार-

    आईवीआरएस सुविधा पर मिस्ड कॉल रिफिल बुकिंग सुविधा के फायदे इस प्रकार से हैं:

    • त्वरित बुकिंग, ग्राहक को लंबे समय तक कॉल होल्ड नहीं करना है।

    • आईवीआरएस कॉल में जहां सामान्य कॉल दरें लागू होती हैं, वहीं उसकी तुलना में इस सुविधा में ग्राहकों को कोई कॉल शुल्क नहीं लगता है।

    • जो लोग आईवीआरएस सुविधा से परिचित नहीं हैं या वृद्धावस्था वाले ऐसे ग्राहक जो आईवीआरएस का उपयोग करने में समस्याओं का सामना करते हैं, वे सभी मिस्ड कॉल के ज़रिये रिफिल बुकिंग का विकल्प चुन सकते हैं।

    • इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं का जीवन और भी आसान होगा।

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  • युवती से लूट कर रहे बदमाश मौके से पकड़े
    बिजनौर (धारा न्यूज़): नगर के बैराज रोड स्थित आवास विकास क्षेत्र में मार्केट से घर लौट रही एक युवती से दो बाइक सवार युवकों ने मोबाइल आदि छीनने का प्रयास किया। बीए की छात्रा युवती ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी युवकों को पकड़ लिया और शोर मचा दिया। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने दोनों की जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर शाम थाना कोतवाली शहर क्षेत्र में इन्द्रा पार्क के सामने बैराज रोड पर दीपिका गुप्ता ( 21 वर्ष ) पुत्री मनोज कुमार निवासी आवास विकास कालोनी मार्केट से अपने घर लौट रही थी। तभी पीछे से आए दो बाइक सवार युवकों ने दीपिका पर झपट्टा मारा और उसका मोबाइल छीनने का प्रयास किया। दीपिका ने हिम्मत जुटाते हुए आरोपी युवकों को पकड़ लिया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी आ गए और उन्होंने युवको की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस को भी सूचना दी गई। कोबरा पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए और वह आरोपी युवकों को हिरासत में ले कर थाने ले गए। पकड़े गए आरोपियों के नाम शमीम पुत्र फिरोज उर्फ बब्बू तथा सैफूदीन पुत्र इस्लामुदीन निवासी काशीराम काॅलोनी बताए गए हैं।

    पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह का कहना है कि आरोपियों ने दीपिका के कानों से कुण्डल व मोबाईल आदि लूटने का प्रयास किया था । उन्हें पकड़ लिया गया है और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। आसपास के लोगों का कहना है कि आरोपी पहले भी घटना को अंजाम दे चुके हैं।

  • सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ इत्यादि के जवानों को बड़ी राहत
    सभी सेवारत कर्मियों को सेवा के दौरान दिव्यांगता का शिकार होने की स्थिति में “दिव्यांगता क्षतिपूर्ति” दी जाएगी- डॉ जितेंद्र सिंह

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने नए वर्ष पर केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए “दिव्यांगता क्षतिपूर्ति” योजना की शुरुआत के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई कर्मचारी सेवा के दौरान दिव्यांगता का शिकार होता है और उसकी सेवाएँ दिव्यांग होने के बाद भी बरकरार रखी जाती हैं तो उन्हें “दिव्यांगता क्षतिपूर्ति” का लाभ दिया जाएगा।

    आज का यह आदेश केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सीएपीएफ के युवा जवानों जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ इत्यादि के जवानों को बड़ी राहत उपलब्ध कराएगा, जिनकी सेवा की प्रकृति के चलते अपना दायित्व निभाते हुए दिव्यांगता का शिकार होने की संभावना बनी रहती है।

    यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है कि नया आदेश सेवा नियमों की एक विसंगति को दूर करेगा जिसके चलते केंद्रीय कर्मचारियों को जटिलताओं का सामना करना पड़ता था। इस संबंध में 5 मई, 2009 को जारी किए गए आदेश के तहत 1 जनवरी, 2004 या उसके बाद सेवा में शामिल हुए सरकारी कर्मियों को केंद्रीय नागरिक सेवाओं (सीसीएस)ईओपी नियमों के अंतर्गत दिव्यांगता का लाभ नहीं मिलेगा और वह राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के अंतर्गत कवर होंगे। कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के पेंशन विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अंतर्गत अब उन कर्मचारियों को भी अतिरिक्त असाधारण पेंशन (ईओपी) के नियम 9 के तहत लाभ प्राप्त होगा जो एनपीएस के दायरे में आते हैं।

    अन्य शब्दों में यदि एक सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान दिव्यांगता का शिकार होता है और यह दिव्यांगता उसकी सरकारी सेवा को प्रभावित करती है और उसकी सेवा बरकरार रखी जाती है तो उसे एकमुश्त राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी गणना समय-समय पर जारी की जाने वाली परिवर्तित सारणी के आधार पर की जाएगी।

    इस आदेश के जारी होने पर संतोष व्यक्त करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार नियमों के सरलीकरण के लिए और विभेदकारी नियमों को खत्म करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सभी प्रकार की नई पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के जीवन को आसान बनाना है। इससे वह कर्मचारी भी लाभान्वित होंगे जो आज पेंशन भोगी हैं अथवा जिनके परिजन पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।

    सरकारी कर्मचारियों के हित में कार्मिक मंत्रालय ने हाल ही में एक और आदेश जारी किया था जिसके अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा शर्त में छूट दी थी, यदि कोई सरकारी कर्मचारी शरीर से या चिकित्सकीय अक्षमता के कारण सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त होता है तो। इस संदर्भ में सीसीएस (पेंशन) के नियम 38 में संशोधन कर आखिरी भुगतान के 50% पेंशन देने का नियम लागू किया गया, भले ही कर्मचारी 10 वर्ष की न्यूनतम आवश्यक सेवा शर्त को पूर्ण नहीं कर पाया हो।

    पेंशन से जुड़े नियमों में एक और महत्वपूर्ण सुधार पेंशन से जुड़े नियमों में एक और महत्वपूर्ण सुधार किया गया और यह निर्णय किया गया कि सरकारी कर्मचारी के आश्रित को आखिरी भुगतान के 50% पेंशन का अधिकार प्राप्त करने के लिए 7 वर्ष की न्यूनतम सेवा की आवश्यक शर्त को भी खत्म किया गया। इसके तहत यदि किसी सरकारी कर्मचारी की 7 वर्ष की सेवा पूर्ण होने से पहले ही सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है तब भी कर्मचारी के परिवार को उसके आखिरी भुगतान के 50% राशि पेंशन के तौर पर निर्धारित की जाएगी।

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  • आज से बदले नियम जिंदगी पर डालेंगे सीधा असर
    नजरअंदाज किया तो हो सकता है नुकसान

    नई दिल्ली (धारा न्यूज): नए साल की पहली तारीख आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई बदलाव लाई है। फास्टैग, जीएसटी, गैस सिलिंडर, इंश्योरेंस, चेक पेमेंट, कॉलिंग, व्हाट्सएप, गाड़ियों की कीमत आदि इनमें शामिल हैं। इन नियमों को नजरअंदाज करने पर आपको नुकसान भी हो सकता है। हालांकि, कुछ जगह आपको फायदा भी होगा।

    – चेक से पेमेंट का तरीका
    पॉजिटिव पे सिस्टम एक स्वचालित टूल है जो चेक के जरिये धोखाधड़ी करने पर लगाम लगाएगा। इसके तहत, जो व्यक्ति चेक जारी करेगा, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी। चेक जारी करने वाला व्यक्ति यह जानकरी एसएमएस, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दे सकता है। इसके बाद चेक पेमेंट से पहले इन जानकारियों को क्रॉस-चेक किया जाएगा। अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाएगी चेक से भुगतान नहीं किया जाएगा और संबंधित बैंक शखा को इसकी जानकरी दी जाएगी। बैंक 50,000 रुपये और उससे ऊपर के सभी भुगतान के मामले में खाताधारकों के लिए नया नियम लागू करेंगे।

    – घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें
    तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतें तय करती है। यानी, 1 जनवरी से सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होगा। हालांकि, इस बार 1 दिसंबर को कीमतें बढ़ाने की जगह तेल कंपनियों ने तीन दिसंबर को दाम बढ़ाए। अब तक दिसंबर में दो बार रसोई गैस की कीमतें बढ़ चुकी हैं।

    – कम प्रीमियम पर मिलेगी टर्म प्लान पॉलिसी अब आप कम प्रीमियम में सरल जीवन बीमा (स्टैंडर्ड टर्म प्लान) पॉलिसी खरीद सकेंगे। भारतीय बीमा विनियामक इरडा ने बीमा कंपनियों को आरोग्य संजीवनी नामक स्टैंडर्ड रेग्युलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पेश करने के बाद एक स्टैंडर्ड टर्म लाइफ इंश्योरेंस पेश करने का निर्देश दिया था। नए बीमा प्लान में कम प्रीमियम में टर्म प्लान खरीदने का विकल्प मिलेगा। साथ ही सभी बीमा कंपनियों के पॉलिसी में शर्तों और कवर की राशि एक समान होगी।

    – जीएसटी रिटर्न जमा करने का तरीका
    सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत छोटे करदाताओं के लिए तिमाही रिटर्न दाखिल करने और करों के मासिक भुगतान (क्यूआरएमपी) की योजना शुरू की है। ऐसे करदाता जिनका पिछले वित्त वर्ष में वार्षिक कारोबार पांच करोड़ रुपये तक रहा है और जिन्होंने अपना अक्टूबर का जीएसटीआर-3बी (बिक्री) रिटर्न 30 नवंबर, 2020 तक जमा कर दिया है, इस योजना के पात्र हैं। जीएसटी परिषद ने पांच अक्तूबर को हुई बैठक में कहा था कि पांच करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले पंजीकृत लोगों को एक जनवरी, 2021 से अपना रिटर्न तिमाही आधार पर दखिल करने और करों का भुगतान मासिक आधार पर करने की अनुमति दी जा सकती है।
    – अनिवार्य होगा फास्टैग
    केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है। डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार देश के सभी टोल प्लाजा पर नकद लेन-देन को पूरी तरह से खत्म कर रही है।

    – कॉन्टैक्टलेस कार्ड से लेनदेन की लिमिट
    आरबीआई यूपीआई से कॉन्टैक्टलेस लेन-देन की सीमा को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया है।
    – लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने से पहले लगाना होगा शून्य
    देशभर में लैंडलाइन से मोबाइल फोन पर कॉल करने के लिए ग्राहकों को नंबर से पहले शून्य लगाना अनिवार्य होगा। दूरसंचार विभाग ने इससे जुड़े ट्राई के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इससे टेलिकॉम कंपनियों को अधिक नंबर बनाने की सुविधा मिलेगी।

    – इन मोबाइल पर काम नहीं करेगा व्हाट्सएप
    नए साल से एंड्रॉयड 4.3 और आईओएस-9 (iOS 9) से पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोंस में व्हाट्सएप चलना बंद हो जाएगा। व्हाट्सएप हर साल आउटडेटेड आईओएस और एंड्रॉयड स्मार्टफोन को सपोर्ट करना बंद कर देता है। जो ग्राहक पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए जरूरी है कि वह अपना फोन अपग्रेड कर लें।

    – महंगी हो जाएंगी गाड़ियां
    कई कार कंपनियां स्टील, एल्युमिनियम और प्लास्टिक की कॉस्ट बढ़ने के कारण दाम बढ़ा रही हैं। दाम बढ़ाने वाली कंपनियों में एमजी मोटर्स, रेनो आदि शामिल है।

    – पीएफ (PF) पर ब्याज
    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2019-20 के लिए करीब छह करोड़ अंशधारकों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों में एकमुश्त 8.5 प्रतिशत का ब्याज डालेगा।

    – महंगे टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन
    एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे कुछ होम अप्लायंसेस की कीमतें 10 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। इसकी मुख्य वजह कॉपर, एल्यूमिनियम और स्टील की कीमतों में वृद्धि होना है। इसके अलावा, समुद्री और हवाई माल भाड़े में भी बढ़ोत्तरी हुई है। टीवी पैनल्स की कीमतों में 200 फीसदी की वृद्धि हुई है, वहीं क्रूड की कीमतें बढ़ने के चलते प्लास्टिक भी महंगी हो गई है। इसके चलते जनवरी से पैनासोनिक इंडिया, एलजी और थॉमसन ने अपने उत्पादों की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं सोनी ने कहा कि वह अभी हालात का जयजा ले रही है। इसके बाद वह कीमत बढ़ोतरी पर फैसला करेगी।

  • नए पारिश्रमिक नियम के तहत प्रावधान, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी होंगे प्रभावित

    अप्रैल से घट सकती है आपकी टेक-होम सैलरी

    सरकार ने नए पारिश्रमिक नियम के तहत जिन ड्राफ्ट नियमों की अधिसूचना जारी की है, उसके तहत कंपनियों को अपने सैलरी पैकेज के स्ट्रक्चर में बदलाव लाना पड़ेगा। ये नए नियम Code on Wages, 2019 के तहत आते हैं, जो संभवत: इस साल अप्रैल से प्रभावी होने वाला है।

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): अगले वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल, 2021 से कर्मचारियों की इन-हैंड या टेक-होम सैलरी (Take-Home Salary) के कंपोनेंट या स्ट्रक्चर (Salary Structure) में बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे आपकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है। सरकार ने नए पारिश्रमिक नियम के तहत जिन ड्राफ्ट नियमों की अधिसूचना जारी की है, उसके तहत कंपनियों को अपने सैलरी पैकेज के स्ट्रक्चर में बदलाव लाना पड़ेगा। ये नए नियम Code on Wages, 2019 के तहत आते हैं, जो संभवत: इस साल अप्रैल से प्रभावी होने वाला है। नए नियमों के तहत allowance component यानी सैलरी के साथ मिलने वाले भत्ते, कुल सैलरी या CTC से 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकते और इसका सीधा मतलब है कि बेसिक सैलरी, सैलरी स्ट्रक्चर का 50 फीसदी होगी। इस नियम का पालन करने के लिए, कंपनियों को सैलरी के बेसिक पे कंपोनेंट को बढ़ाना होगा, जिसके चलते ग्रेच्युटी पेमेंट और कर्मचारी की ओर से भरे जाने वाले प्रॉविडेंट फंड की रकम बढ़ जाएगी। रिटायरमेंट के लिए डाली जाने वाली रकम बढ़ने का मतलब है कि आपकी टेक-होम सैलरी कम हो जाएगी लेकिन आपका रिटायरमेंट फंड बढ़ेगा।

    प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों पर पड़ेगा प्रभाव

    वर्तमान में, अधिकतर प्राइवेट कंपनियां कुल CTC के बड़े हिस्से में गैर-भत्ते वाला हिस्सा कम और भत्ते वाला हिस्सा ज्यादा रखने को वरीयता देती हैं। हालांकि, नया नियम आ जाने के बाद से यह बदल जाएगा। संभावना है कि इन नियमों से प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की सैलरी प्रभावित होगी क्योंकि आमतौर पर उन्हें ज्यादा भत्ता मिलता है। नए नियमों के मुताबिक, कंपनियों को 50 फीसदी बेसिक सैलरी की अनिवार्यता को पूरा करने के लिए उनकी बेसिक सैलरी को बढ़ाना होगा। इन नियमों से भले ही टेक-होम सैलरी घट जाएगी। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लोगों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट बेनेफिट्स मिलेंगे।

  • 10 लिंक्स यू2 फायर नियंत्रण प्रणाली से लैस होगी नौसेना
    आपूर्ति के लिए रक्षा मंत्रालय ने किये बीईएल के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने विक्रय (भारतीय) श्रेणी के तहत 1,355 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय नौसेना के प्रमुख युद्धपोतों के लिए 10 लिंक्स यू2 फायर नियंत्रण प्रणाली की खरीद हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ नई दिल्ली में एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। लिंक्स प्रणाली को स्वदेश में डिजाइन और विकसित किया गया है और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्म-निर्भर’ भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देगी।

    लिंक्स यू2 जीएफसीएस एक नावल गन फायर नियंत्रण प्रणाली है, जिसे समुद्री हलचल के बीच निगरानी करने और लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह सटीक रूप से हवा/जमीन के लक्ष्यों पर नज़र रखने के साथ-साथ हथियार के लक्ष्य का अनुमान लगाने के लिए आवश्यक लक्ष्य डेटा बनाने में सक्षम है। इसे जहाज पर उपलब्ध मध्यम/छोटी रेंज की बंदूकों जैसे रूसी एके176, ए190, एके630 और एसआरजीएम के साथ संचालित किया जा सकता है।

    गन फायर नियंत्रण प्रणाली को शानदार तरीके से डिजाइन दिया गया है और इसके माध्यम से सरल और लचीले तरीके से विभिन्न कार्यों को अंजाम दिया जा सकता है। यह प्रणाली भारतीय नौसेना के लिए विकसित और वितरित की गई है और पिछले दो दशकों से सेवा में है। इसके साथ-साथ यह विभिन्न श्रेणियों के विध्वंसकों, फ्रिगेट, मिसाइल बोट, कोरवेट, आदि भारतीय नौसेना के जहाजों की सामरिक आवश्यकताओं को संतोषजनक रूप से पूरा कर रही है।

    पूर्णतया स्वदेशी तकनीक से विकसित प्रणाली-
    इस प्रणाली को लगातार उन्नत किया गया है और प्रौद्योगिकी उन्नयन के साथ-साथ स्वदेशीकरण पर प्रमुख ध्यान रहा है। इस प्रणाली में उपयुक्त सामाग्री में स्वदेशी तकनीक में लगातार वृद्धि करते हुए विदेशी ओईएम पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही निर्भरता को खत्म किया जा रहा है। इस प्रणाली को एनओपीवी, तलवार और टीजी श्रेणी के जहाजों पर लगाया जाएगा। प्रणाली में शामिल निगरानी रडार, सर्वो और हथियार नियंत्रण मॉड्यूल सभी को पूरी तरह से बीईएल द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। स्वदेशी तकनीक से विकसित यह प्रणाली अधिकतम समय तक कार्य करने के साथ-साथ इसके जीवनपर्यन्त उत्कृष्ट उत्पाद की गारंटी को सुनिश्चित करेगी। इन्हें अगले पांच वर्षों में बीईएल, बेंगलुरु द्वारा प्रदान किया जाएगा।

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  • CBSE 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड Exams का बिगुल बजा

    4 मई से शुरू होंगे Exams- 15 जुलाई तक आएंगे नतीजे, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने की घोषणा

    नई दिल्ली (धारा न्यूज): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 की तारीखों का ऐलान हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि परीक्षाएं 4 मई से प्रारंभ होंगी, जिन्हें 10 जून तक पूरा कर लिया जाएगा, नतीजे 15 जुलाई तक आएंगे।

    10वीं व 12वीं का प्रैक्टिकल एक मार्च से शुरू होगा। सीबीएसई की ओर से जल्द ही डेट शीट जारी की जाएगी। निशंक ने कहा- हमने अपने बच्चों का साल खराब नहीं होने दिया। सुरक्षा, सजगता के साथ हमने परीक्षा कराई और उनका साल खराब होने से बचाया है। छात्रों ने भी जिस मनोबल से काम किया, यह अद्भुत उदाहरण है। हमारे देश में 33 करोड़ छात्र-छात्राएं हैं। यह अमेरिका की कुल आबादी से भी ज्यादा है। डिजिटल लर्निंग पर उन्होंने कहा- कोविड-19 के संकट के दौरान भी हमारे छात्रों और हर किसी ने चुनौतियों का सामना किया। अध्यापकों ने योद्धा बनकर काम किया। डिजिटल पढ़ाई हुई। छात्र-छात्राओं ने खुद को तैयार किया। कुछ छात्र-छात्राएं हैं, जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं था, लेकिन हमने टेलीविजन और रेडियो के माध्यम से ऐसे छात्रों के लिए काम किया।

    आम तौर पर सीबीएसई बोर्ड में प्रैक्टिकल परीक्षाओं की शुरुआत जनवरी में हो जाती है और लिखित परीक्षाएं फरवरी के आस-पास होती हैं। इस साल कोरोना के कारण पहली बार ऐसा हो रहा है कि बोर्ड परीक्षाएं मई में और प्रैक्टिकल मार्च में हो रहे हैं। इससे पहले डॉ़ निशंक ने ट्वीट करके कहा,” मुझे विश्वास है कि सीबीएसई द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में प्रविष्ट होने वाले हमारे विद्यार्थी पूर्ण लगन एवं मेहनत से बेहतर तैयारी कर रहे होंगे।”

    उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के बाद देशभर के सभी स्कूल मार्च में बंद कर दिए थे। अक्तूबर में कुछ राज्यों ने आंशिक तौर पर स्कूलों को दोबारा खोलने की शुरुआत की थी। हालांकि, कुछ राज्यों ने संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अपने यहां अभी तक स्कूलों को बंद ही रखा है।

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  • प्रधानमंत्री 1 जनवरी को रखेंगे GHTC-इंडिया के LHP की आधारशिला
    PMAYU, ASHA-इंडिया पुरस्कारों का भी वितरण

    नई दिल्ली। छह राज्यों में छह स्थानों पर ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज- इंडिया (जीएचटीसी- इंडिया) के तहत हल्के मकान से जुड़ी परियोजनाओं (लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स) की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 जनवरी, 2021 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रखेंगे। प्रधानमंत्री अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलेरेटर्स- इंडिया (एएसएचए- इंडिया) के तहत विजेताओं की भी घोषणा करेंगे और प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू) मिशन के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए वार्षिक पुरस्कार देंगे।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एनएवीएआरआईटीआईएच (न्यू, अफोर्डेबल, वैलिडेटेड, रिसर्च इनोवेशन टेक्नोलॉजिज फॉर इंडियन हाउसिंग) नाम से नवोन्मेषी निर्माण प्रौद्योगिकी पर एक सर्टिफिकेट कोर्स और जीएचटीसी- इंडिया के जरिये पहचान किए गए 54 नवोन्मेषी आवास निर्माण प्रौद्योगिकी के एक संग्रह का विमोचन भी करेंगे। इस अवसर पर आवास एवं शहरी कार्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार) के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे।


    लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स: लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (एलएचपी) देश में पहली बार निर्माण क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नए जमाने की वैकल्पिक वैश्विक प्रौद्योगिकी, सामग्रियों और प्रक्रियाओं का बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। इनका निर्माण जीएचटीसी- इंडिया के तहत किया जा रहा है, जो आवास निर्माण के क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए एक समग्र परिवेश तैयार करने की परिकल्पना करता है। इन एलएचपी का निर्माण इंदौर (मध्य प्रदेश), राजकोट (गुजरात), चेन्नई (तमिलनाडु), रांची (झारखंड), अगरतला (त्रिपुरा) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक स्थान पर संबद्ध बुनियादी ढांचा सुविधाओं के साथ लगभग 1,000 मकानों को शामिल किया गया है। ये परियोजनाएं पारंपरिक तौर पर ईंट एवं कंक्रीट वाले निर्माण के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से यानी महज बारह महीने के भीतर रहने के लिए तैयार मकानों को प्रदर्शित और वितरित करेंगी। इसके अलावा ये मकान उच्च गुणवत्ता के साथ किफायती और टिकाऊ भी होंगे।

    हल्के मकानों इन परियोजनाएं कई प्रकार की तकनीकों का प्रदर्शन: हल्के मकानों की ये परियोजनाएं कई प्रकार की तकनीकों का प्रदर्शन करती हैं। इनमें इंदौर के एलएचपी में प्रीफैब्रिकेटेड सैंडविच पैनल सिस्टम, राजकोट के एलएचपी में टनल फॉर्मवर्क का उपयोग करते हुए मोनोलिथिक कंक्रीट कंस्ट्रक्शन, चेन्नई की परियोजना में प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम, रांची के एलएचपी में 3डी वॉल्यूमेट्रिक प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम, अगरतला की परियोजना में लाइट गेज स्टील इन्फिल पैनलों के साथ ढांचागत स्टील फ्रेम और लखनऊ के एलएचपी में पीवीसी स्टे इन प्लेस फॉर्मवर्क सिस्टम शामिल हैं। हल्के मकानों की परियोजनाएं संबंधित जगहों पर प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण एवं उसके अनुकरण की सुविधा के लिए एक लाइव प्रयोगशाला के रूप में काम करेंगी। इसमें योजना, डिजाइन, उपकरणों का उत्पादन, निर्माण प्रथाओं और परीक्षण के लिए आईआईटी, एनआईटी, अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों और प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर कॉलेजों के संकाय एवं छात्रों के अलावा बिल्डर, निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों के पेशेवर एवं अन्य हितधारक शामिल हैं।


    एएसएचए- इंडिया: अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलेरेटर्स- इंडिया यानी (एएसएचए- इंडिया) का उद्देश्य भविष्य की संभावित प्रौद्योगिकी को तैयार करने में सहायता प्रदान करते हुए घरेलू अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। एएसएचए- इंडिया पहल के तहत प्रौद्योगिकी को तैयार करने में सहायता प्रदान करने के लिए पांच एएसएचए- इंडिया केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके तहत संभावित प्रौद्योगिकी विजेताओं की घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा की जाएगी। इस पहल के माध्यम से पहचान की जाने वाली प्रौद्योगिकी, प्रक्रियाओं और सामग्रियों से रचनात्मक दिमाग वाले युवाओं, स्टार्ट-अप, इनोवेटर और उद्यमियों को एक मदद मिलेगी।

    पीएमएवाई- यू मिशन: प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई- यू) मिशन को ‘2022 तक सभी के लिए आवास’ के दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किया गया है। इसमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, शहरी स्थानीय निकायों और लाभार्थियों के उत्कृष्ट योगदान को मान्‍यता देने के लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएमएवाई- यू के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए वार्षिक पुरस्कार देने की योजना बनाई है। पीएमएवाई (शहरी) पुरस्कार- 2019 के विजेताओं को इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।

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  • दुनियाभर में किसी देश द्वारा हासिल सबसे अधिक दर में से एक
    -सक्रिय मामलों की संख्‍या और अधिक घटकर 2.57 लाख पर आई
    -ठीक हुए कुल मामले सक्रिय मामलों की तुलना में 96 लाख से अधिक
    -ब्रिटेन के म्यूटेंट वायरस के कुल 25 मामलों का पता चला

    नई दिल्ली। भारत ने कोविड के खिलाफ अपनी जंग में एक और महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है।
    Ministry of Health and Family Welfare के अनुसार मरीजों के ठीक होने की दर आज राष्‍ट्रीय स्‍तर पर 96 प्रतिशत (96.04 प्रतिशत) को पार कर गई, जोकि विश्‍व में किसी भी देश द्वारा प्राप्‍त सबसे अधिक रिकवरी दर में से एक है। मरीजों के ठीक होने की संख्‍या में वृद्धि होने के चलते रिकवरी दर में सुधार हुआ है।
    इसी प्रकार ठीक हुए कुल मामलों की संख्‍या 98.6 लाख (98,60,280) को पार कर गई है, जोकि विश्‍व में सर्वाधिक है। सक्रिय मामलों और ठीक हो रहे मरीजों के मामलों में अंतर बढ़ता जा रहा है और यह 96,02,624 पर आ गया है। एक अन्‍य उपलब्धि यह है कि सक्रिय मामलों की संख्‍या में बहुत ज्‍यादा गिरावट आई है और वह घटकर 2.57 लाख हो गई है। देश में कुल पॉजिटिव मामले 2,57,656 हैं, जोकि कुल मामलों का सिर्फ 2.51 प्रतिशत हैं।।बड़ी संख्‍या में कोविड मरीजों के प्रतिदिन ठीक होने के कारण मृत्‍युदर में भी पर्याप्‍त गिरावट आ रही है और भारत में सक्रिय मामलों के दर्ज होने का रूख गिरावट की ओर है। पिछले 24 घंटों में देशभर में 21,822 नए पुष्‍ट मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 26,139 ठीक हुए  नए मामले दर्ज हुए हैं। इस तरह सक्रिय मामलों की संख्‍या में 4,616 की कुल गिरावट दर्ज की गई है।

    नए ठीक हुए मरीजों के 77.99 प्रतिशत मामले 10 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में पाए गए हैं।
    -केरल ने जहां एक दिन में ठीक हुए सर्वाधिक 5,707 मामले दर्ज किए हैं, वहीं महाराष्‍ट्र ने 4,913 और छत्‍तीसगढ़ ने 1,588 मामले दर्ज किए हैं।
    नए मामलों में से 79.87 प्रतिशत मामले 10 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में दर्ज किए गए हैं।
    -केरल में सबसे अधिक 6,268 नए मामले प्रतिदिन दर्ज किए गए हैं। इसके बाद महाराष्‍ट्र का नंबर है, जहां प्रतिदिन 3,537 नए मामले दर्ज हुए हैं।

    24 घंटों में 299 मामलों में मौतें दर्ज हुई हैं।
    इनमें से 80.60 प्रतिशत मौतें 10 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में हुई हैं।
    -महाराष्‍ट्र में एक दिन में सबसे ज्‍यादा 90 मामलों में मौतें दर्ज की गई हैं। केरल और पश्चिम बंगाल दोनों जगह एक दिन में 28 मौतें दर्ज की गई हैं। 

    10 सरकारी प्रयोगशालाओं के संघ-आईएनएसएसीओसी ने अभी तक जीनोम अनुक्रमण के बाद ब्रिटेन से आए नए म्‍यूटेंट वायरस के कुल 25 मामलों का पता लगाया है। चार नए मामलों का पता पुणे स्थिति एनआईवी ने लगाया है और एक नये मामले का अनुक्रमण दिल्‍ली स्थित आईजीआईबी ने किया है। सभी 25 लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल केन्‍द्रों में एकांत (आइसोलेशन) में रखा गया है।

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  • CBSE बोर्ड परीक्षा-2021: तारीखों की घोषणा आज
    नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ 31 दिसंबर को शाम 6 बजे सीबीएसई बोर्ड परीक्षा-2021 के प्रारंभ होने की तारीखों की घोषणा करेंगे। श्री निशंक ने यह जानकारी अपने ट्विटर अकाउंट पर दी है।

    इससे पहले, शिक्षकों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत के दौरान, श्री पोखरियाल ने बताया कि सीबीएसई छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए 2021 की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए आवश्यक तैयारी में जुटा है।

    Dear students & parents!
    I will announce the date of commencement for #CBSE board exams 2021 on Dec 31.
    Stay tuned.

    -Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank
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  • राम मंदिर के नीचे मिली सरयू की धारा, नींव निर्माण कार्य में आई बाधा
    IT से मांगी मदद

    लखनऊ (धारा न्यूज): अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य में अब एक नई बाधा सामने आ गई है। मंदिर की नींव के नीचे सरयू नदी की धार मिलने के कारण निर्माण कार्य में अब मुश्किलें आ सकती हैं। इस मामले में मंदिर ट्रस्ट ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मदद मांगी है। कुछ दिन पहले भी खंभों से जुड़े काम में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

    अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने के लिए 1200 खंभों की ड्राइंग तैयार की गई थी। यह डिजाइन प्लान के अनुसार, सफल होती नहीं दिख रही।मंदिर की बुनियाद के लिए खंभों की टेस्टिंग की गई थी। इस दौरान कुछ खंभों को 125 फीट गहराई में डाला। इनकी जांच करने के लिए करीब 30 दिनों तक छोड़ा गया। बाद में इस पर 700 टन का वजन डाला गया और भूकंप के झटके दिए गए, तो ये खंभे अपनी जगह से हिल गए और मुड़ भी गए।

    इस बीच प्रधानमंत्री के पूर्व मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा की अगुआई में बनी निर्माण समिति की बैठक में तय किया गया है कि नींव के नीचे सरयू नदी की धारा मिलने के कारण मंदिर के लिए पहले से तैयार मॉडल सही नहीं है। सूत्रों ने बताया कि आईआईटी से मदद की अपील की गई है।

    विदित है कि मंदिर का निर्माण 2023 में पूरा होना है। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल, समिति दो तरीकों पर गौर कर रही है। पहला राफ्ट को सहायता देने के लिए वाइब्रो पत्थर का इस्तेमाल और दूसरा इंजीनियरिंग मिश्रण मिलाकर मिट्टी की क्वालिटी और पकड़ को बेहतर बनाया जाए।

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  • मेघालय में पूर्वोत्तर का पहला अदरक प्रसंस्करण प्लांट होगा पुनर्जीवित
    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): मेघालय के जिला री भोई में पूर्वोत्तर के पहले विशेषीकृत अदरक प्रसंस्करण प्लांट को पुनर्जीवित किया जा रहा है और 2021 की शुरुआत में इसके शुरू होने की उम्मीद है।

    यह जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंत्रालय के अधीन कार्य कर रहे पीएसयू उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के कामकाज की समीक्षा के बाद दी।

    प्रधानमंत्री कार्यलय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे मंत्रालयों के भी राज्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का यह एकमात्र अदरक प्रसंस्करण संयंत्र साल 2004 के आसपास स्थापित किया गया था, लेकिन लंबे समय से यह बंद पड़ा था। भारत सरकार के उपक्रम उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अब इसे पुनर्जीवित करने की जिम्मेदारी ले ली है और सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी मोड) के तहत इस बंद प्लांट के संचालन के लिए कदम उठाए हैं।

    तैयार होंगे अदरक के विभिन्न उत्पाद

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क (ईपीआईपी), राजा भागन, ब्यरनीहाट स्थित यह प्लांट न केवल अदरक को प्रोसेस करेगा, बल्कि वैक्स्ड अदरक, अदरक पेस्ट, अदरक पाउडर, अदरक फ्लेक्स, अदरक ऑयल आदि जैसे उत्पादों को भी तैयार करने में मदद करेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि बीते कुछ वक्त से कोरोना महामारी के चलते अदरक की उपयोगिता काफी बढ़ गई है। ये इस वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा बढाने के लिए बेहद जरूरी औषधि है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने भी हाल ही में किया था।

    “वोकल फॉर लोकल” को पूरा करेगा प्लांट

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस प्लांट से तैयार किए जा रहे अदरक उत्पाद न सिर्फ घरेलू खपत के लिए उपलब्ध होंगे, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के नारे को भी पूरा करते हुए एक व्यापक मांग को ये प्लांट पूरा करेगा। सरकारी और निजी साझेदारी के मॉडल पर चल रहे इस प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए ऑपरेटर को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था और संयंत्र को स्थापित करने और पुनर्जीवित करने पर काम चल रहा है। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के प्रबंध निदेशक, मनोज कुमार दास द्वारा प्रदान की गई संक्षिप्त जानकारी से पता चला है कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में हर साल लगभग 450,000 मीट्रिक टन उच्च-गुणवत्ता वाली अदरक का उत्पादन होता है, लेकिन प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की कमी के कारण इसे कम कीमत पर बेचा जाता है। मेघालय में यह प्लांट अदरक उत्पादकों को अति आवश्यक सुविधा प्रदान देगा और वे अपनी क्षमताओं का उपयोग करने में सक्षम होंगे और साथ ही साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी बेहतर उपयोग करेंगे।

    इसके अलावा केंद्रीय मंत्री को पूर्वोत्तर में 100 नए खुदरा केंद्र स्थापित करने और गुवाहटी समेत कई बड़े शहरों में फल बिक्री केंद्र स्थापित करने की जानकारी से अवगत कराया गया। इनमें से भी ज्यादातर सरकारी-निजी साझेदारी के मॉडल पर काम करेंगे। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विपणन परिसरों को विकसित करने की जिम्मेदारी भी निभाई है।

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  • आकाश मिसाइल प्रणाली के निर्यात को मंजूरी

    निर्यातों की त्वरित मंजूरी के लिए समिति गठित

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत आकाश मिसाइल सिस्टम के निर्यात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने आज मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट कर कहा कि निर्यात किया जाने वाला मिसाइल सिस्टम वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे संस्करण से अलग होगा।

    आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत, भारत विभिन्न प्रकार के रक्षा प्लेटफार्मों और मिसाइलों के निर्माण में अपनी क्षमताओं में वृद्धि कर रहा है। आकाश देश की महत्वपूर्ण मिसाइल है, जिसका 96 प्रतिशत से अधिक स्वदेशीकरण किया गया है। इसी क्रम में आकाश मिसाइल प्रणाली के निर्यात को मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी है।

    सतह से हवा में मार करने में सक्षम है आकाश

    आकाश सतह से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 25 किलोमीटर तक है। इस मिसाइल को 2014 में भारतीय वायु सेना तथा 2015 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। रक्षा सेवाओं में इसके शामिल होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों/रक्षा प्रदर्शनी/एयरो इंडिया के दौरान कई मित्र देशों ने आकाश मिसाइल में अपनी रुचि दिखाई। मंत्रिमंडल की मंजूरी से विभिन्न देशों द्वारा जारी आरएफआई/आरएफपीमें भाग लेने के लिए भारतीय निर्माताओं को सुविधा मिलेगी।
    अब तक, भारतीय रक्षा निर्यातों में पुर्जे/घटक आदि शामिल थे। बड़े प्लेटफार्मों का निर्यात न्यूनतम था। मंत्रिमंडल की इस पहल से देश को अपने रक्षा उत्पादों को बेहतर बनाने और उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।

    तैनात सिस्टम से भिन्न होगा निर्यात संस्करण

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट कर कहा कि आकाश का निर्यात संस्करण वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों में तैनात सिस्टम से भिन्न होगा। आकाश के अलावा, अन्य प्रमुख प्लेटफार्मों जैसे तटीय निगरानी प्रणाली, रडार और एयर प्लेटफार्मों में भी रुचि दिखाई जा रही है। ऐसे प्लेटफार्मों के निर्यात के लिए तेजी से अनुमोदन प्रदान करने के लिए, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की एक समिति गठित की गई है। यह समिति विभिन्न देशों के लिए प्रमुख स्वदेशी प्लेटफार्मों के निर्यात को अधिकृत करेगी। समिति एक सरकार से दूसरी सरकार द्वारा खरीद सहित विभिन्न उपलब्ध विकल्पों का भी पता लगाएगी।

    भारत सरकार ने 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करने और मित्र देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए उच्च मूल्य वाले रक्षा प्लेटफार्मों के निर्यात पर ध्यान केंद्रित करने का विचार किया है।

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  • नई दिल्ली। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से बुधवार को ठंड का प्रकोप बढ़ गया। मौसम विभाग के मुताबिक ठंडी हवाएं चलने से नववर्ष के पहले राष्ट्रीय राजधानी में ठिठुरन और बढ़ सकती है।

    सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जफरपुर और लोधी रोड स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में न्यूनतम तापमान क्रमश: 3.5 डिग्री और 3.7 डिग्री सेल्सयिस दर्ज किया गया। रात के समय कोहरा बढ़ने से पालम क्षेत्र में दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गयी। हालांकि, सुबह नौ बजे दृश्यता का स्तर बढ़कर 400 मीटर हो गया।

    उत्तर भारत के तापमान में आई गिरावट-
    मैदानी भाग में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने पर शीतलहर और दो डिग्री से नीचे के तापमान की स्थिति में भीषण ठंड की घोषणा की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में शहर में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि हिमालय की तरफ से उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा की हवाएं बह रही हैं, जिससे उत्तर भारत में तापमान में गिरावट आयी है। सफदरजंग वेधशाला में 20 दिसंबर को अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस साल दिसंबर में औसत न्यूनतम तापमान (7.06 डिग्री सेल्सियस) पिछले साल के औसत न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री से कम है।

  • 51वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए मीडिया पंजीकरण शुरू
    भागीदारी के लिए ऑनलाइन चैनलों को प्रोत्साहन

    नई दिल्ली (धारा न्यूज़): गोवा में 16 से 24 जनवरी 2021 के दौरान आयोजित होने वाले भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भाग लेने के इच्छुक मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पंजीकरण शुरू हो गए हैं।

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार वर्तमान कोविड-19 महामारी के कारण 51वें आईएफएफआई को भौतिक और वर्चुअल (हाइब्रिड) मिश्रित तरीके से आयोजित किया जाएगा। कोविड-19 महामारी से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए गोवा में इस फिल्म महोत्सव को वहां उपस्थित होकर कवर करने के लिए मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों की संख्या सामान्य से बहुत कम होगी।

    इच्छुक मीडियाकर्मी, जिन्हें इस समारोह में उपस्थित होना है, वे इस लिंकः

    https://my.iffigoa.org/extranet/media/के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

    नियम व शर्तें-

    1 जनवरी 2020 तक आवेदक की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और कम से कम तीन वर्षों के लिए आईएफएफआई जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह को कवर करने का पेशेवर अनुभव होना चाहिए। प्रधान महानिदेशक पत्र सूचना कार्यालय के द्वारा अनुमोदित दिशानिर्देशों के अनुसार ही मीडिया मान्यता प्रदान की जाएगी। 10 जनवरी 2021 की मध्यरात्रि को पंजीकरण बंद हो जायेंगे।

    महोत्सव में ऑनलाइन भागीदारी के लिए भी अवसर मिलेंगे

    फिल्म महोत्सव से संबंधित गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए ऑनलाइन अवसर उपलब्ध कराए जायेंगे। कई फिल्मों की स्क्रीनिंग ऑनलाइन होगी।

    आईएफएफआई की सभी प्रेस कॉन्फ्रेंस पीआईबी के द्वारा आयोजित की जाएंगी और पीआईबी के यूट्यूबचैनल youtube.com/pibindia पर लाइव-स्ट्रीम किए जाएंगे तथा इसमें पत्रकारों द्वारा ऑनलाइन प्रश्न पूछने का प्रावधान भी दिया जायेगा। ऑनलाइन भागीदारी का पूरा ब्यौरा तय समय में घोषित किया जाएगा।

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  • कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष की भतीजे समेत गोली मारकर हत्या

    शराब पीकर गालीगलौज कर रहे पड़ोसी ने टोकने पर मारी गोली


    लखनऊ (धारा न्यूज़) चित्रकूट जिले के प्रसिद्धपुर गांव में मंगलवार रात कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक पटेल और उनके भतीजे की पड़ोसी ने गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में अशोक के परिवार वालों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन तनाव बना हुआ है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    शराब पीकर गाली गलौज कर रहा था आरोपी

    बताया जाता है कि मंगलवार रात करीब 10 बजे आरोपी कमलेश रैकवार ने कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक पटेल के घर के सामने शराब पी कर गाली-गलौज शुरू कर दी। अशोक ने विरोध किया तो कमलेश लाइसेंसी बंदूक निकाल लाया और फायरिंग कर दी। हमले में अशोक और उनके भतीजे शुभम की मौके पर ही मौत हो गई। अशोक के घरवालों ने कमलेश के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इससे दो पड़ोसियों के घरों में भी आग लग गई और पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। बाद में फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया।

    गिरफ्तारी के लिए 3 टीम गठित

    आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 3 टीमें बनाई गईं
    पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल, अपर पुलिस अधीक्षक प्रेम प्रकाश स्वरूप पांडे, सीओ रजनीश यादव और पहाड़ी थाना प्रभारी ने गांव में जांच पड़ताल की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपी को पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं।

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  • वर्चस्व व पालिका चेयरमैन बनने के ख्वाब ने लिखी हत्या की इबारत!

    जेल में रची साजिश, भाड़े के शूटरों ने दिया अंजाम

    मोहनलालगंज के प्रतिष्ठित व्यापारी सुजीत पांडे हत्याकांड का खुलासा

    लखनऊ (धारा न्यूज़) मोहनलालगंज व्यापार मंडल अध्यक्ष सुजीत पांडे की हत्या राजनैतिक वर्चस्व का परिणाम थी। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो शूटर मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिए हैं। प्रारम्भिक पूछताछ में पता चला है कि जेल में रह कर भाइयों के साथ मधुकर यादव ने साजिश रची थी। वर्चस्व और नगर पालिका चेयरमैन बनने के लिए हत्या कराई गई।

    20 दिसंबर को ईंट भट्ठा जाते समय बाइक सवार बदमाशों ने मोहनलालगंज व्यापार मंडल अध्यक्ष सुजीत पांडे की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने स्कैच जारी कर बदमाशों पर ₹50 हजार का ईनाम घोषित किया था। मंगलवार देर रात एसीपी कैंट बीनू सिंह की क्राइम टीम को सूचना मिली कि आशियाना थाना अंतर्गत बिजनौर रोड पर संदिग्ध लोगों को देखा गया है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर दी। सामने से आते बाइक सवार दो लोगों को रोका गया तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली से दोनों घायल हो गए। दोनों को दबोच कर प्रारंभिक उपचार के बाद पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुठभेड़ में घायल बदमाश अरुण और मुलायम यादव भाड़े के शूटर हैं। सुजीत पांडेय की हत्या की साजिश तेल चोरी के मामले में जेल गए मधुकर यादव ने रची थी। मधुकर यादव के तीनों भाई वारदात से 3 दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे।

    बताया गया कि खाद्य विभाग के द्वारा मधुकर यादव की फैक्ट्री में छापेमारी से बरामद तेल चोरी हो गया था। आरोप है कि सील फैक्ट्री से मधुकर यादव ने ही तेल चोरी करवा लिया था। खाद्य विभाग ने एफआईआर दर्ज करवाई, जिस पर पुलिस ने तीनों भाइयों को गिरफ्तार कर भेजा था। जेल में रहने के दौरान ही मधुकर यादव और उसके दोनों भाइयों ने सुजीत पांडे की हत्या की साजिश रची। मधुकर यादव इलाके में वर्चस्व कायम रखने के साथ ही नवगठित नगर पालिका परिषद का अध्यक्ष बनना चाहता था। 2 साल पहले भी अशोक यादव मर्डर में मधुकर यादव का नाम सामने आया था। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
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    मुठभेड़ के बाद सड़क पर पड़ा भाड़े का शूटर
    पुलिस द्वारा जारी स्कैच
  • आयकर विभाग ने दिल्ली में चलाया तलाशी अभियान
    ₹14 करोड़ नकद और 2 करोड़ रुपये मूल्य का बुलियन जब्त

    नई दिल्ली। आयकर विभाग ने दिल्ली क्षेत्र में बेहिसाब नकदी रुटिंग और संचालन की गतिविधि में शामिल कई हवाला ऑपरेटरों के विरूद्ध तलाशी और जब्ती की कार्रवाई मंगलवार को की। तलाशी कार्रवाई में बेहिसाब 14 करोड़ रुपये नकद और 2 करोड़ रुपये मूल्य का बुलियन जब्त किया गया है। आगे की जांच अभी जारी है।

    तलाशी की कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोषी प्रमाणित करने वाले सबूतों के बारे में पता चला है कि विभिन्न फर्जी संस्थाओं का उपयोग फर्जी खरीद / बिक्री बिलों को तैयार करने के लिए किया जा रहा है और अनेक बैंक खातों के माध्यम से बेहिसाब धन की रुटिंग की जा रही है। ऐसी फर्जी संस्थाएं दो महीने के बाद बंद कर दी जाती हैं और नई संस्थाएं बना ली जाती हैं।

    इसके अलावा, 300 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बिक्रियों को छुपाने तथा फर्जी खरीदों को लेकर दोषी प्रमाणित करने वाले कागजातों का पता चला है। तलाशी कार्रवाई में बेहिसाब 14 करोड़ रुपये नकद और 2 करोड़ रुपये मूल्य का बुलियन जब्त किया गया है। आगे की जांच जारी है।

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  • पूर्णिमा पर्व पर पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन

    बिजनौर (धारा न्यूज़)। गायत्री शक्तिपीठ जय नगर नजीबाबाद में पूर्णिमा पर्व पर पांच कुंडीय गायत्री आयोजित किया गया।

    मंगलवार को सारिका अग्रवाल, पुष्पा शर्मा, कामेश शर्मा, श्रद्धा रानी ने पांच कुंडीय यज्ञ में षोडशोपचार पूजन के साथ गोला सुपारी से पूर्णाहुति प्रदान की। गायत्री मंत्र व महामृत्युंजय मंत्र से आहुतियां समर्पित करवाई। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डॉ दीपक कुमार ने कहा कि आज दत्तात्रेय जयंती है। दत्तात्रेय ने 24 गुरु बनाए थे। प्रत्येक व्यक्ति के अंदर यदि कुछ सीखने की जिज्ञासा है तो वह पशु पक्षियों से भी सीख सकता है। गुरु अनुशासन से व्यक्ति महान बनता है। गायत्री सद्बुद्धि सदचिंतन का मंत्र है। यज्ञ त्याग की प्रेरणा देता है, यज्ञ को करने से पर्यावरण शुद्ध होता है। यज्ञ से सारे विश्व का वह प्राणी मात्र का कल्याण होता है। हरि प्रकाश गुप्ता व आशा गुप्ता ने मुख्य पूजन किया। सरोज यादव, छत्रपाल सिंह, विक्रम आदि ने कार्यक्रम में भाग लिया। इससे पूर्व केपी सिंह ने दीप प्रज्वलित किया। कमल शर्मा, विजेंद्र सिंह ने हर हर गंगे अभियान की तैयारियों के विषय में बताया।

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  • EO के खिलाफ संविदा सफाईकर्मियों का गुस्सा फूटा
    पालिका कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

    बिजनौर। (धारा न्यूज़) उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी संघ नजीबाबाद के बैनर तले संविदा सफाईकर्मियों ने नगर पालिका परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अधिशासी अधिकारी के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ईओ पर समस्याओं को गंभीरता से न लेने तथा संतोषजनक जवाब नहीं देने का आरोप लगाया।

    सोमवार दोपहर उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी संघ की नगर शाखा के पदाधिकारियों के नेतृत्व में संविदा सफाईकर्मियों ने नगर पालिका परिषद के कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। नगर पालिका में आउटसोर्सिंग के जरिए काम करने वाले संविदा सफाईकर्मियों का सात दिनों का मानदेय काटने पर कर्मचारी आक्रोशित हो गए। सफाईकर्मियों ने कहा कि उन्हें वर्दी, जूते, मास्क, उपकरण आदि की सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। नगर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण के दौरान वाहनों में भरकर कूड़ा ले जाने के लिए कोई मानक तय नहीं किया गया है। वाहनों में कूड़ा ले जाते समय ढकने के लिए तिरपाल अथवा पालीथिन न दिए जाने से अधिकता होने पर कूड़ा सड़कों पर बिखरता हुआ जाता है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर चेयरपर्सन से वार्ता की। इस पर चेयरपर्सन ने ईओ से निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। आरोप है कि ईओ ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया मगर न ही उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनी, न ही निस्तारण का कोई आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष रोहित झंझोटा, मंत्री विपिन, आदेश, चंकी, प्रीतम आदि मौजूद रहे। उधर अधिशासी अधिकारी विजयपाल सिंह का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के लिए वह चेयरपर्सन से बातचीत के बाद निर्णय लेंगे।

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  • Covid-19
    चार राज्यों में सफलतापूर्वक टीकाकरण के लिए पूर्वाभ्‍यास (ड्राई रन)

    नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने चार राज्यों – असम, आंध्र प्रदेश, पंजाब और गुजरात में कोविड-19 टीकाकरण संबंधित गतिविधियों के लिए 28 और 29 दिसंबर, 2020 को दो दिवसीय पूर्वाभ्‍यास (ड्राई रन) का आयोजन किया गया।
    इस पूर्वाभ्यास क्रिया का उद्देश्य एक सिरे से दूसरे सिरे तक कोविड-19 टीकाकरण प्रक्रिया का परीक्षण करना है। इसमें परिचालन दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना बनाना और तैयारियां करना, सीओ-विन एप्लिकेशन पर सुविधाओं और उपयोगकर्ताओं का सृजन, सत्र स्‍थल का निर्माण और स्‍थलों की मैपिंग, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल कार्यकर्ताओं (एचसीडब्लू) का डेटा अपलोड करना, जिले में वैक्‍सीन की प्राप्ति और आवंटन, सत्र की योजना बनाना, टीकाकरण टीम की तैनाती, सत्र स्थल पर लॉजिस्टिक प्रबंधन और ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर टीकाकरण आयोजित करने के लिए मॉक ड्रिल और समीक्षा बैठकों का आयोजन करना शामिल हैं। इस पूर्वाभ्‍यास का उद्देश्य आईटी प्लेटफॉर्म को-विन के क्षेत्र में कार्यान्वयन और वास्‍तविक कार्यान्वयन से पूर्व आगे बढ़ने के तरीकों के बारे में मार्गदर्शन करना शामिल है।

    जिला कलेक्टर को जिला और ब्लॉक कार्य बल को शामिल करके पूर्वाभ्‍यास के लिए जिम्‍मेदार बनाया गया था और उनसे टीकाकरण के वास्तविक आयोजन के दौरान किसी भी कमी या परेशानी में मार्गदर्शन उपलब्‍ध कराने की उम्मीद की गई थी।

    दो दिवसीय पूर्वाभ्‍यास आंध्र प्रदेश के कृष्‍णा जिले में, गुजरात के राजकोट और गांधीनगर में, पंजाब में लुधियाना और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) में तथा असम के सोनितपुर और नलबाड़ी जिलों में आयोजित किया गया था।

    जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न कार्यों और डमी लाभार्थी का डेटा अपलोड करने, सत्र निर्माण, टीका आवंटन, टीका लगाने वाले और लाभार्थियों को टीकाकरण के बारे में जानकारी देना, लाभार्थी जुटाने जैसी गतिविधियों के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था।

    संयुक्त सचिव (सार्वजनिक स्वास्थ्य) ने पूर्वाभ्‍यास के पहले दिन 29 दिसंबर, 2020 को राज्य और जिला कार्यक्रम अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्र से प्राप्‍त फीडबैक की समीक्षा की। सभी राज्यों ने देशभर में बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण करने के लिए आवश्‍यक टीकाकरण प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए परिचालन पहुंच और आईटी प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में संतोष व्यक्त किया। आईटी प्‍लेटफॉर्म के बारे में प्राप्‍त अतिरिक्त सुझावों को को-विन प्लेटफॉर्म को और आगे बढ़ाने के लिए नोट किया गया।

    प्राप्त हुई व्‍यापक जानकारी और प्रतिक्रिया से परिचालन दिशा-निर्देशों और आईटी प्लेटफॉर्म को समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी तथा कोविड -19 टीकाकरण शुरू करने की योजना को मजबूती मिलेगी।

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  • बिहार को कल मिलेगा “डिजिटल इंडिया अवॉर्ड 2020”
    कोरोना काल में बेहतर कामकाज पर राष्ट्रपति देंगे सम्मान

    पटना (धारा न्यूज): कोरोना काल में सरकार द्वारा बिहार के लोगों को समय से राहत पहुंचाने के लिए बेहतरीन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 दिसंबर को डिजिटल इंडिया अवॉर्ड 2020 सम्मान से बिहार को सम्मानित करेंगे।
    भारत सरकार ने कोविड-19 के दौरान नागरिकों को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिए की गई बिहार की अभिनव पहल को सराहा है।

    बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय, आपदा प्रबंधन विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को कोरोना काल में उनके द्वारा किए गए बेहतरीन कार्यो के लिए महामारी श्रेणी में विजेता चुना गया है। डिजिटल इंडिया अवॉर्ड भारत सरकार द्वारा नागरिकों को अनुकरणीय डिजिटल उत्पाद और सेवाओं के लिए दिया जाने वाला एक राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार है। इसके लिए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों से 6 श्रेणियों में 190 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।
    मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू और एनआईसी के शैलेश कुमार और नीरज कुमार को डिजिटल इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

    21 लाख से अधिक लोगों को पहुंचाई वित्तीय सहायता

    बिहार से बाहर फंसे श्रमिकों को बिहार कोरोना सहायता मोबाइल एप्प के माध्यम से 21 लाख से अधिक लोगों को वित्तीय सहायता पहुंचाई गई। इसके अलावा 1.64 करोड़ राशन कॉर्ड रखने वाले परिवारों को तीन महीने का अग्रिम राशन दिया गया और 1000 रुपये की वित्तीय सहायता भी दी गई। इसके अलावा भी कई और कार्य किए।

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  • बिजनौर: कांग्रेस नेता को बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली, गंभीर हालत में मेरठ रेफर

    लखनऊ (धारा न्यूज़)। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में सोमवार रात बाइक सवार बदमाशों ने कांग्रेस नेता, अधिवक्ता व नगर पालिका परिषद के सभासद विनोद तोमर को गोली मार दी। तोमर को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से हालत गंभीर देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया गया।

    जानकारी के मुताबिक, विनोद तोमर पुत्र स्वर्गीय दलेर सिंह सोमवार रात्रि 9 बजे स्कूटी से अपने घर जा रहे थे। जब वह पीडब्ल्यूडी डाक बंगले के पास कालरा गेस्ट हाउस के सामने पहुंचे, तो पीछे से बुलेट पर आए दो अज्ञात लोगों ने उन पर गोली चला दी और फरार हो गए। गोली विनोद तोमर की कमर में लगी और वो वहीं गिर पड़े। किसी तरह वह खुद उठकर अपने घर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया है। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
    उधर सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर राजेश कुमार सोलंकी ने घटना के संबंध में जानकारी ली। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर थाना पुलिस मुकदमा लिखा गया है।

    यूपी कांग्रेस का ट्वीट-
    इस बीच यूपी कांग्रेस ने एक ट्वीट किया, जिसमें लिखा, “बिजनौर में किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष (सभासद) विनोद तोमर जी को घर के पास अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी है। विनोद जी गंभीर हालत में मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उत्तर प्रदेश में अपराधियों में कानून व्यवस्था का डर खत्म हो चुका है।”

    पुलिस का री-ट्वीट-
    वहीं इसके जवाब में बिजनौर पुलिस ने भी एक ट्वीट कर लिखा, “प्रकरण के संबंध में थाना कोतवाली शहर पर धारा 307 भादवि का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला सोमवार रात का है, जब तोमर पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी।