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  • किरायेदारी को लेकर योगी सरकार एक नया कानून लाने जा रही है…

    योगी सरकार उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश लाने जा रही है…

    आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है, जल्द इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है…

    नए कानून के तहत मकान मालिक और किराएदार दोनों का हित सुरक्षित होंगे…

    कानून लागू होने के बाद मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया भी नहीं बढ़ा पाएंगे….

    आवासीय पर 5% और गैर-आवासीय पर 7% सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा….

    किराएदार के लिए नियम होगा कि उसे रहने वाले स्थल की देखभाल करनी होगी…

    अगर वह दो माह किराया नहीं दे पाएगा तो मकान मालिक उसे हटा सकेगा….

    किराएदार घर में बिना पूछे तोड़फोड़ भी नहीं कर पाएगा….

    इसके तहत बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख पाएगा…

    मकान मालिक को किराएदार की जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी…

    नए कानून के तहत किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा…

    सरकारी उपक्रम, स्थानीय निकाय, छावनी परिषद में यह कानून लागू नहीं होगा….

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार कानून बनाकर मकान मालिक और किराएदार दोनों का हित सुरक्षित करने जा रही है। बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख पाएगा। इतना ही नहीं, उसे इसकी जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी। मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया भी नहीं बढ़ा पाएंगे। कानून लागू होने के बाद आवासीय पर पांच फीसदी और गैर-आवासीय पर सात फीसदी सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा।

    किराएदार के लिए नियम होगा कि उसे रहने वाले स्थल की देखभाल करनी होगी। अगर वह दो माह किराया नहीं दे पाएगा तो मकान मालिक उसे हटा सकेगा। किराएदार घर में बिना पूछे तोड़फोड़ भी नहीं कर पाएगा।

    सरकार लाने जा रही है कानून-
    राज्य सरकार ‘उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश’ लाने जा रही है। आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। कानून बनने के बाद किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा। पहले से रखे गए किराएदारों के मामले में यदि लिखित अनुबंध नहीं है तो अनुबंध पत्र लिखित कराने के लिए तीन माह का मौका दिया जाएगा।
    किराया वृद्धि की गणना चक्रवृद्धि आधार पर होगी। किराया बढ़ाने के विवाद पर किराया प्राधिकरण संशोधित किराया और किराएदार द्वारा देय अन्य शुल्क निर्धारित कर सकता है। एडवांस के मामले में आवासीय परिसर के लिए सिक्योरिटी डिपाजिट दो महीने से अधिक नहीं होगा और गैर-आवासीय परिसर के लिए छह माह का एडवांस लिया जा सकेगा।

    ये किराएदारी कानून से बाहर होंगे-
    केंद्र, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के उपक्रम, स्थानीय निकाय अथवा छावनी परिषद में यह कानून लागू नहीं होगा। कंपनी, विश्वविद्यालय अथवा किसी संगठन में सेवा अनुबंध के रूप में अपने कर्मचारियों को किराए पर दिए गए आवास पर भी यह कानून लागू नहीं होगा। धार्मिक संस्थान, लोक न्याय अधिनियम के तहत पंजीकृत ट्रस्ट, वक्फ के स्वामित्व वाले परिसर पर किराएदारी कानून प्रभावी नहीं होगा।

    किराएदारी अनुबंध पत्र-
    कानून लागू होने के बाद सहमति अनुबंध पत्र की शर्तों पर लिखित समझौते के बिना घर किराए पर नहीं दिया जा सकेगा। मकान मालिक और किराएदार को संयुक्त रूप से इसकी सूचना किराया प्राधिकरण को देनी होगी। किराया प्राधिकरण एक यूनिट आईडेंटीफिकेशन नंबर देगा। सूचना की तिथि से सात दिन के अंदर वेबसाइट पर किराएदारी की सूचना को अपलोड करना होगा। ऐसे आवासीय परिसर जिसकी किराएदारी अवधि 12 महीने से कम हो, ऐसी किराएदारी की सूचना किराया प्राधिकरण को देनी जरूरी नहीं होगी।

    किराएदारी की अवधि क्या होगी-
    किराएदारी अवधि निर्धारण और नवीनीकरण मकान मालिक तथा किराएदार के बीच किया जाएगा। यह अनुबंध पत्रों की शर्तों के आधार पर होगा। मृत्यु के मामले में उत्तराधिकारियों के अधिकार व अनुबंध पत्र की शर्तें मकान मालिक के साथ-साथ किराएदार के उत्तराधिकारियों पर लागू होंगी।

    मकान मालिक और किराएदार के दायित्व-
    किराएदारी अनुबंध पत्र की मूलप्रति का एक सेट दोनों के पास रहेगा। अनुबंध पत्र की शर्तों के अनुसार समय पर किराया देना होगा। मकान मालिक को किराएदार को इसकी रसीद देनी होगी। किराएदार को किराए पर लेने वाले परिसर की देखभाल करनी होगी। मकान मलिक को जरूरी सेवाएं देनी होंगी। मकान मालिक किराएदार को अनुबंध अवधि में बेदखल नहीं कर सकेगा।
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  • अप्रैल-मई तक खिंच सकते हैं UP पंचायत चुनाव !

    लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान का सभी को इंतजार है। सरकारी सूत्राें के मुताबिक ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चार पदों पर मतदान एक साथ होगा। पंचायत चुनाव अगले साल अप्रैल व मई के महीनों करवाने के आसार बन रहे हैं।

    राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के सहायक निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा के अनुसार मतपेटियों, मतपत्रों तथा अन्य चुनाव सामग्री संजोने का काम चल रहा है। वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम भी जारी है। 28 दिसम्बर को वोटर लिस्ट के फाइनल ड्राफ्ट दका प्रकाशन किया जाएगा।

    विशेष रणनीति पर हो रहा है काम-
    प्रत्येक जिले के विकास खंड चार हिस्सों में बांट कर आयोग की निर्धारित समय सारिणी के अनुसार वोटर लिस्ट पुनरीक्षण कार्य किया गया। घर-घर जाकर वोटर लिस्ट का सत्यापन करने के बाद संकलित डेटा को फीड किया जा रहा है। फिर 28 दिसम्बर को मतदाता सूची का फाइनल ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा।

    दूसरी ओर पंचायतीराज विभाग द्वारा आंशिक परिसीमन के बाद वार्डों का नए सिरे से निर्धारण और आरक्षण तय किया जा रहा है। इसमें दो महीने का समय लग सकता है। इस तरह दिसम्बर के बाद जनवरी भी वोटर लिस्ट, परिसीमन व आरक्षण निर्धारण आदि में ही लगने की संभावना है। मार्च वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होने और गेहूं की कटाई, वार्षिक परीक्षाओं की वजह से भी पंचायत चुनाव के लिए मुफीद नहीं माना जा रहा। इन सब बातों को देखते हुए अब यह चुनाव अप्रैल और मई के महीनों में ही करवाए जाने के आसार बन रहे हैं।

  • UP सूचना आयोग की सख्ती

    एक्टिविस्ट तनवीर अहमद सिद्दीकी के मामले में सूचना आयोग की बड़ी कार्यवाही

    अब सूचना आयुक्त को अर्जी देकर एक्ट की धारा 20(2) के तहत विभागीय दंडात्मक कार्यवाही का आदेश पारित करने की मांग करेंगे तनवीर

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सूचना आयोग ने एक बार फिर सख्त रुख अख्तियार करते हुए सूबे के नगर विकास विभाग के सबसे बड़े अधिकारी के कार्यालय के पेंच कस दिए हैं। राजधानी के तेजतर्रार एक्टिविस्ट तनवीर अहमद सिद्दीकी द्वारा मांगी गई सूचना नहीं देने पर पत्रकार से सूचना आयुक्त बने अजय कुमार उप्रेती ने प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी पर 25 हज़ार रुपए का अर्थदंड लगाया है। सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने लखनऊ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी के साथ-साथ सूचना आयोग के रजिस्ट्रार को संयुक्त रूप से यह जिम्मेदारी दी है कि ये तीनों अधिकारी 25 हज़ार रुपए के जुर्माने की वसूली प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी के वेतन से कराकर जुर्माना-वसूली की आख्या उनके सामने प्रस्तुत करें।

    विदित हो कि बर्लिंगटन निवासी तनवीर अहमद सिद्दीकी पेशे से पत्रकार हैं जो पत्रकारिता, मानवाधिकार और आरटीआई से जुड़े दर्जनों राष्ट्रीय स्तर के संगठनों में पदाधिकारी हैं। वह अपने पैने आरटीआई आवेदनों के चलते सामाजिक क्षेत्र में अपनी एक अलग ही पहचान रखते हैं। एक विशेष बातचीत में तनवीर ने बताया कि उन्होंने साल 2019 के दिसंबर महीने में प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी से 7 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी। बकौल तनवीर जब 30 दिन में उनको कोई भी सूचना नहीं दी गई तो उन्होंने इस साल के जनवरी महीने में सूचना आयोग में सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18 के तहत शिकायत दे दी।

    आयोग ने तनवीर की शिकायत को दर्ज करके इस साल के जून महीने में प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को नोटिस भेजते हुए जुलाई महीने में पहली और नवंबर महीने में दूसरी सुनवाई की लेकिन प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने, न तो तनवीर को कोई सूचना दी और न ही आयोग की सुनवाइयों में ही आये। इस प्रकार आयोग द्वारा पर्याप्त अवसर दिए जाने पर भी आरटीआई एक्ट की सूचनाएं नहीं देने और आयोग के आदेशों की बार-बार अवहेलना करने पर सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने जन सूचना आधिकारी को दोषी करार दिया और बीते 01 दिसम्बर को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के तहत 25 हज़ार रुपए का जुर्माना ठोंक दिया है और जुर्माना वसूली का भी लिखित आदेश पारित किया है।

    अब तक दर्जनों जन सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगवा चुके समाजसेवी तनवीर ने बताया कि वे सूचना आयुक्त को अर्जी देकर प्रमुख सचिव नगर विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी के खिलाफ सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(2) के तहत विभागीय दंडात्मक कार्यवाही का आदेश पारित करने की मांग करेंगे।
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    साभार-इंडेविन टाइम्स लखनऊ


  • ऑस्ट्रेलिया सरकार लाई कानून

    सिडनी। अब गूगल और फेसबुक पर खबरों को प्रकाशित करने के लिए कंपनियों को पैसे देने पड़ेंगे। ऑस्ट्रेलिया सरकार के नए प्रस्ताव के तहत गूगल और फेसबुक पर खबरें डालने के लिए कंपनियों को भुगतान करना पड़ेगा। ऑस्ट्रेलिया की सरकार का कहना है कि यह दुनिया का पहला कानून है, इसके तहत ऑनलाइन विज्ञापन बाजार में सबको समान मुकाबले का मौका मिलेगा। वहीं फेसबुक ने कहा है कि कानून इंटरनेट की गतिशीलता को गलत बताता है। ऑस्ट्रेलियाई
    वित्त मंत्री जोश फ्राइडेनबर्ग ने एक बयान में कहा, कानून यह सुनिश्चित करेगा कि ऑस्ट्रेलिया में सार्वजनिक हित पत्रकारिता को बनाए रखने में मदद करने के लिए समाचार मीडिया कारोबार को उनके द्वारा दी गई सामग्री का उचित भुगतान हो। वित्त मंत्री ने कहा कि मीडिया जगत में दुनिया भर के लिए एक बड़ा परिवर्तन है। वर्तमान में ऑनलाइन विज्ञापनों पर गूगल का 53 फीसदी और फेसबुक का 23 फीसदी हिस्सा है।

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  • नए संसद भवन का शिलान्यास आज करेंगे पीएम मोदी

    नई दिल्ली। पीएम मोदी गुरुवार को नए संसद भवन का शिलान्यास करेंगे। नई इमारत आधुनिक, अत्याधुनिक और ऊर्जा कुशल होगी, जिसमें वर्तमान संसद से सटे त्रिकोणीय आकार की इमारत के रूप में अत्यधिक गैर-रक्षात्मक सुरक्षा सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

    कुछ ऐसा होगा नया संसद भवन

    प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार 10 दिसंबर, 2020 को नई दिल्ली के संसद मार्ग में नए संसद भवन का शिलान्यास करेंगे । “नई इमारत आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण का एक आंतरिक हिस्सा है और निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। प्रधान मंत्री कार्यालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘आजादी के बाद पहली बार संसद, 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ में’ न्यू इंडिया ‘की जरूरतों और आकांक्षाओं से मेल खाएगी।’

    तीन गुना अधिक बड़ी होगी नई इमारत:
    नया संसद भवन आधुनिक, अत्याधुनिक और ऊर्जा कुशल होगा, जिसमें वर्तमान संसद से सटे त्रिकोणीय आकार की इमारत के रूप में अत्यधिक गैर-सुरक्षात्मक सुरक्षा सुविधाएं बनाई जाएंगी। लोकसभा मौजूदा आकार का 3 गुना होगी और राज्यसभा पर्याप्त रूप से बड़ी होगी।

    बेहतरीन होगा डिजाइन:
    PMO के अनुसार “नई इमारत के अंदरूनी हिस्से भारतीय संस्कृति और हमारी क्षेत्रीय कला, शिल्प, वस्त्र और वास्तुकला की विविधता का एक समृद्ध मिश्रण प्रदर्शित करेंगे। डिजाइन योजना में एक शानदार केंद्रीय संवैधानिक गैलरी के लिए स्थान शामिल है, जो जनता के लिए सुलभ होगा,”।
    नए संसद भवन के निर्माण में संसाधन कुशल हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग होगा, पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक पुनरोद्धार की दिशा में योगदान होगा। इसमें उच्च गुणवत्ता वाले ध्वनिकी और श्रव्य-दृश्य सुविधाएं, बेहतर और आरामदायक बैठने की व्यवस्था, प्रभावी और समावेशी आपातकालीन निकासी प्रावधान होंगे। इमारत उच्चतम संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन करेगी, जिसमें भूकंपीय क्षेत्र 5 आवश्यकताओं का पालन करना शामिल है और इसे रखरखाव और संचालन में आसानी के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    भविष्य को लेकर हो रहा निर्माण:
    इस भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्य बैठ सकेंगे। यह भविष्य में दोनों सदनों के सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। मौजूदा में समय में लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 245 सदस्य हैं। यह नया भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत है और इसे वर्तमान संसद भवन के नजदीक बनाया जाएगा। इसके निर्माण में 2000 लोग सीधे तौर पर शामिल होंगे तथा 9000 लोगों की परोक्ष भागीदारी होगी।

    आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगे कार्यालय:
    नए भवन के निर्माण के दौरान वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। नए संसद भवन में सभी सांसदों के लिए अलग कार्यालय होंगे जो आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से युक्त होंगे तथा यह ‘कागज रहित कार्यालय’ बनाने की दिशा में कदम होगा. नए संसद भवन में एक विशाल संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही सांसदों के लिए एक लॉन्ज होगा। उनके लिए पुस्तकालय, विभिन्न समितियों के कक्ष, भोजन कक्ष और पार्किंग क्षेत्र होगा।

    वर्तमान भवन होगा देश की पुरातात्त्विक संपत्ति के तौर पर संरक्षित:
    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी को इस कार्यक्रम का औपचारिक निमंत्रण दिया था। नियमों के मुताबिक, लोकसभा का अध्यक्ष संसद भवन का संरक्षक भी होता है।  उन्होंने बताया कि संसद के वर्तमान भवन को देश की पुरातात्त्विक संपत्ति के तौर पर संरक्षित रखा जाएगा। नए भवन के निर्माण की आधारशिला संबंधी कार्यक्रम के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया जाएगा। कुछ लोग मौके पर मौजूद होंगे तथा अन्य लोग डिजिटल माध्यम शामिल होंगे। समारोह में वेंकटेश जोशी, संसदीय कार्य मंत्री, हरदीप एस पुरी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आवास और शहरी मामले, हरिवंश नारायण सिंह, उपसभापति के अलावा 200 गणमान्य व्यक्ति, जिनमें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, संसद सदस्य, सचिव राजदूत / उच्चायुक्त शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कोरोना वायरस से संबंधित सभी दिशा निर्देशों का पालन होगा।

  • उत्तराखंड में चीन की कंपनियों पर बैन!

    पहले चरण में 20 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन

    त्रिवेंद्र कैबिनेट बैठक में हुए 29 फैसले

    देहरादून। उत्तराखंड त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार की कैबिनेट बैठक में 29 फैसले हुए हैं। सबसे पहले कैबिनेट ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष अध्यक्ष मौखूरी को श्रद्धांजलि दी। बैठक में कोरोना की वैक्सीन के टीके लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

    बैठक में तय किया गया कि 20 प्रतिशत लोगों को पहले चरण में वैक्सीन लगाई जाएगी। फ्रंटलाइन में काम करने वाले कर्मचारियों, 55 साल से ऊपर के बीमार लोगों को भी टीका लगाया जाएगा। उत्तराखंड पेयजल निगम की नियमावली बनाई गई है। देहरादून मेडिकल कालेज में 44 सुपर स्पेशियलिटी पदों को स्वीकृति दी गई। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 927 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
    नैनीताल में सेंचुरी पल्प मिल की भूमि लीज को लेकर फैसला लिया गया। निजी सुरक्षा एजेंसी की मान्यता को लेकर भी निर्णय लिया गया। अब एक जिले में ही सुरक्षाएजेंसी खोलने की मान्यता मिलेगी। कैबिनेट ने विधानसभा का सत्र आहुत करने को मंजूरी दी है। सत्र 21 से 23 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।
    खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में 7 पद स्वीकृत किये गए। आर्ट या फाइन आर्ट के छात्रों को बीएड से राहत देने के लिए अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी। हरावाला में 300 बेड का सरकारी अस्पताल के लिए सड़क चैड़ीकरण में छूट दी गई है। सिंचाई विभाग के द्वारा लीज पर दिए गए पट्टे वापस लिए जाएंगे।
    शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों को 100 रुपये में पानी का कनेक्शन मिलेगा। ऋषिकेश कर्णप्रयाग निर्माणाधीन रेलवे लाइन भंडार में शिथिलता को लेकर कमेटी बनाई गई। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण को भी मंजूर किया गया।
    स्वामित्व योजना के तहत जमीन विवाद मामलों को निपटारा 10 दिन में करने का फैसला लिया गया। पीजी डॉक्टरों को लेकर सरकार ने फैसला लिया है। उनको तय करना होगा कि आधी सैलरी या स्कॉलरशिप में एक चीज का ही लाभ ले सकेंगे।
    उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली में बदलाव किया गया। केंद्र सरकार के बदले गए नियमों को राज्य ने अपनाया है। चीनी कम्पनी को उत्तराखंड में ठेका न मिले इसको लेकर नियम बदला गया है। पीएसी, एपी प्रमोशन सूची में महिला पुरुष की अलग – अलग बनाने पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है।
    उत्तराखंड सरकार के टेंडर में भाग नहीं ले सकेंगी चीन की कम्पनी। अधिप्राप्ति नियमावली में प्रावधान किया।
    स्वयं सहायता समूह से सामान खरीदने का प्रावधान भी नियमावली में किया।
    उत्तराखंड पेजयल संसाधन एवं निर्माण नियमावली में संशोधन।
    देहरादून मेडिकल कॉलेज में 44 सुपर स्पेशलिटी पदों को मंजूरी।
    रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 927 पदों को मिली स्वीकृति।
    नैनीताल में सेंचुरी पल्प मिल की भूमि लीज को लेकर लिया गया फैसला।
    देहरादून में अमृत कौर रोड देहरादून पर स्थित नर्सिंग होम को मार्ग शिथिलता प्रदान किए जाने के संबंध में मंजूरी मिली।
    निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए राज्य आदर्श नियमावली 2020 में संशोधन किया गया।
    उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में संशोधन किया गया।
    उत्तराखंड खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के लेखा वर्ग के पदों में चार पद खत्म।
    उत्तराखंड शहीद आश्रित अनुग्रह अनुदान अधिनियम 2020 कानून बना।
    आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण संशोधन अध्यादेश को मंजूरी मिली।
    उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अधिनियम 2014 में संशोधन, पुलिस की भर्ती भी अधीनस्थ सेवा आयोग करेगा।
    आबकारी नीति में संशोधन किया गया।
    राज्य के निवासियों के लिए ट्रस्ट सोसाइटी एक्ट बनाने को लेकर हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में बनी कमेटी को मिली मंजूरी।
    हर्रावाला में 300 बेड के अस्पताल के मार्ग के लिए शिथिलता प्रदान की।
    सिंचाई विभाग के द्वारा दिए गए पट्टों को वापस लिया जाएगा, देहरादून के राजपुर रोड में दिए गए थे पट्टे।
    राज्य के शहरी क्षेत्र में रहने वाले बीपीएल और 100 वर्ग मीटर कम जमीन वालों को 100 रुपये में पानी का कनेक्शन दिया जाएगा।
    ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना, भंडारण, स्टोन क्रेशर लगाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता की कमेटी बनाई गई, 03 दिन में अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के सामने प्रस्तुत करेंगे।
    स्वामित्व योजना में 10 दिनों में विवादों का निपटारा किया जाएगा।
    उत्तराखंड प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (पीएससी, एपी और आईआरबी) में पहले महिलाओं और पुरुषों की प्रमोशन की नियमावली एक थी। अब महिलाओं और पुरुषों की वरिष्ठता सूची अलग बनेगी।
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  • 25 लाख की 836 साड़ियों का आर्डर

    खादी पर जोर:
    दिल्ली पुलिस की महिला कार्यकारी
    पहनेंगी खादी सिल्क साड़ियां

    नई दिल्ली। विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तेजी से खादी को स्वीकार किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस अपनी महिला फ्रंट डेस्क कार्यकारियों के लिए सुंदर खादी सिल्क की साड़ियां खरीद रही है।

    खादी और ग्रामीण आयोग उद्योग (केवीआईसी) को दिल्ली पुलिस से 25 लाख रुपये मूल्य की 836 खादी सिल्क की साड़ियां खरीदने का आदेश प्राप्त हुआ है। दोहरे रंग की साड़ियां तसर – कटिया सिल्क से बनाई जाएंगी। साड़ियों के नमूने दिल्ली पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए, जिसके अनुसार केवीआईसी द्वारा साड़ियां बनाई जा रही हैं और दिल्ली पुलिस द्वारा स्वीकृत है। साड़ियां नेचूरल कलर सिल्क तथा गुलाबी रंग में कटिया सिल्क की मिश्रित होंगी।

    केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा है कि दिल्ली पुलिस से मिले नवीनतम खरीद आदेश से खादी की बढ़ती लोकप्रियता जाहिर होती है। इससे खादी दस्तकारों को मजबूती मिलेगी। श्री सक्सेना ने कहा कि काफी वर्षों से खादी का ट्रेंड हो गया है। खादी कारीगरी है, इसलिए यह सबसे आरामदायक कपड़ा है। उन्होंने कहा कि सामान्यजन ही नहीं विशेषकर युवाओं और सरकारी निकायों द्वारा खादी को अपनाया जा रहा है। यह दूरदराज के कताई और बुनाई करने वाले दस्तकारों को बहुत बड़ा प्रोत्साहन है।

    पश्चिम बंगाल में कारीगर कर रहे तैयार

    दिल्ली पुलिस के लिए तसर – कटिया सिल्क की साड़ियां पश्चिम बंगाल में परम्परागत दस्तकारों द्वारा तैयार की जा रही हैं। तसर – कटिया सिल्क दो रंगों में उपलब्ध कपड़ा है जो तसर तथा कटिया सिल्क के मिश्रण से बनता है। इसकी बुनाई परम्परागत दस्तकार करते हैं और इसकी पहचान गहरी और भारी बुनावट से होती है। इसकी बुनावट तसर और कटिया की दो अलग – अलग धागों से की जाती है। यह खुरदरा होता है और देखने में सादा लगता है लेकिन सुराखदार बुनाई इस कपड़े को सभी मौसम में पहनने योग्य बना देती है।

    Air India, Railway, Health व postal विभाग को भी सप्लाई

    इससे पहले केवीआईसी ने चादरों और वर्दियों सहित खादी उत्पाद आपूर्ति के लिए भारतीय रेल, स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय डाक विभाग, एयर इंडिया तथा अन्य सरकारी एजेंसियों से समझौता किया। केवीआईसी एयर इंडिया के क्रू सदस्यों तथा स्टाफ के लिए यूनिफॉर्म बना रहा है। आयोग 90 हजार से अधिक डाक बंधुओं/डाक बहनों के लिए यूनिफॉर्म बना रहा है।यूनिफॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

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  • डिजिटल क्रांति: PM वाणी

    अब देश भर में फ्री wi-fi की सुविधा

    खुलेंगे एक करोड़ डेटा सेंटर

    नई दिल्ली। किसी भी तरह का लाइसेंस शुल्‍क वसूले बिना पब्लिक डेटा ऑफिस समूहों द्वारा सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क सेवा प्रदान करने के प्रस्‍ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा लक्षद्वीप समूह के 11 द्वीपों को 1072 करोड़ रुपये की लागत से समुद्री केबल के माध्यम से ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) से जोड़ने तथा अरुणाचल प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों और असम के दो जिलों में 4जी सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया गया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने टेलीकॉम विभाग को देशभर में पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ) के जरिए सार्वजनिक रूप से वाई -फाई सेवा प्रदान करने का नेटवर्क तैयार करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। ऐसी कंपनियों से वाई-फाई और ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए किसी तरह का लाइसेंस शुल्‍क नहीं लिया जाएगा। इससे देशभर में सार्वजनिक वाई-फाई सेवाओं का बड़ा नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी जो लोगों के लिए रोजगार और आमदनी बढ़ाने का जरिया बनेगा।

    संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि देशभर में डिजीटल तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वाणी) योजना शुरू करने जा रही है।

    विशेषताएं

    सार्वजनिक वाई -फाई नेटवर्क सेवा “पीएम वाणी” के नाम से जानी जाएगी। इसे सार्वजनिक टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के माध्‍यम से संचालित किया जाएगा।

    • पब्लिक डेटा आफिस (पीडीओ): यह केवल पीएम वाणी के तहत आने वाले वाई-फाई सेवा स्‍थलों को स्‍थापित करने, रखरखाव करने और संचालित करने का काम करेंगे और उपभोक्‍ताओं को ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करेंगे।

    ऐप प्रदाता: यह पंजीकृत ग्राहकों के लिए मोबाइल ऐप विकसित करेंगे और वाई-फाई वाले हॉट स्‍पाट इलाकों में ये पीडीओ पीएम वाणी सेवा की उपलब्‍धता का पता लगाने के बाद उसके अनुरुप ऐप में इसकी जानकारी डालेंगे ताकि ग्राहक अपने मोबाइल पर इंटरनेट सेवा का उपयोग कर सकें।

    सेंट्रल रजिस्‍ट्री: यह ऐप सेवा प्रदाता पीडीओ और पीडीओएएस की जानकारी रखेगा। सेंट्रल रजिस्‍ट्री का रखरखाव शुरुआती स्‍तर पर टेलीकॉम विभाग द्वारा किया जाएगा।
    उदे्श्‍य

    पीडीओ और ऐप प्रदाताओं को इसके लिए अपना कोई पंजीकरण नहीं कराना होगा । ये लोग सरल संचार; (https://saralsanchar.gov.in)वेबसाइट पर टेलीकॉम विभाग में ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए उन्‍हें कोई शुल्‍क नहीं देना होगा। आवेदन करने के सात दिनों के भीतर पंजीकरण हो जाएगा।

    यह व्‍यवस्‍था कारोबार के लिए बहुत ही सहज और अनुकूल होगी खासकर ऐसे समय में जबकि कोविड महामारी के कारण इस समय तेज गति वाली ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा की देशभर में बहुत सारे ग्राहकों को काफी जरुरत है। इसके जरिए सार्वजनिक वाई -फाई सेवा उपलब्‍ध कराई जा सकेगी।

    इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि छोटे और मझौले कारोबारियों के पास खर्च करने के लिए कुछ अधिक पैसा भी जमा हो सकेगा, जिससे देश की जीडीपी में बढ़ोतरी में मदद मिलेगी।

    सरकारी सेवा प्रदाताओं के जरिए सार्वजनिक रूप से ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ाया गया एक और कदम है। यह सेवा उपलब्‍ध कराने के लिए किसी तरह का लाइसेंस शुल्‍क नहीं लिये जाने से देशभर में बड़े स्‍तर पर इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं का लाभ आमलोगों को मिले सकेगा, जिससे रोजगारऔर आमदनी के अवसर पैदा होंगे, कारोबारी सुगमता में इजाफा होगा और लोगों का जीवन स्‍तर बेहतर हो सकेगा।

    लक्षद्वीप के द्वीपों में लॉजिस्टिक सेवाओं के लिहाज से एक विशाल हब बनने की क्षमता है। अरुणाचल प्रदेश और असम के कार्बी आंगलॉन्ग और दीमा हासाओ जिलों में 4 जी सेवाओं के लिए 2374 नये टॉवर लगाये जाएंगे, जिनमें 1683 टॉवर अरुणाचल प्रदेश और 691 टॉवर असम में लगाये जाएंगे। इस पर 2029 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इस काम को दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत 1 करोड़ डाटा सेंटर खुलेंगे।

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  • सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की कवायद

    नई दिल्ली। सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के मकसद से गाड़ियों की बनावट और उसमें मिलने वाली सुविधाओं में कुछ बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सेफ्टी को ध्यान में रखकर कई नियमों में बदलाव किये हैं। वहीं, कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं। मंत्रालय ने नई गाइडलाइन बाइक की सवारी करने वाले लोगों के लिए जारी की है। इस गाइडलाइन में बताया गया है कि बाइक ड्राइवर के पीछे की सीट पर बैठने वाले लोगों को किन नियमों को फॉलो करना है।

    सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी

    मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है। हैंड होल्ड पीछे बैठे सवारी की सेफ्टी के लिए है। दरअसल बाइक में जब अचानक ब्रेक लगाया जाता है तो पीछे बैठी सवारी के लिए ये हैंड होल्ड काफी मददगार साबित होता है। अभी बाजार में जितनी भी बाइक आ रही हैं, उनमें यह सुविधा नहीं है। सरकार ने इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले कि लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा बाइक के पिछले पहिए के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा ताकि पीछे बैठने वालों के कपड़े पिछले पहिए में नहीं उलझे।

    हल्का कंटेनर लगाने के लिए भी दिशानिर्देश

    नई गाइडलाइन के अनुसार बाइक में हल्का कंटेनर लगाने के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। हालांकि इस कंटेनर की लंबाई 550 मिमी, चौड़ाई 510 मिली और ऊंचाई 500 मिमी से अधिक नहीं होगी। अगर इस कंटेनर को पिछली सवारी के स्थान पर लगाया जा रहा है तो बाइक पर सिर्फ ड्राइवर को ही बैठने की इजाजत होगी। मतलब कोई दूसरा सवारी बाइक पर नहीं होगा। वहीं, पिछली सवारी के स्थान के पीछे लगाने की स्थिति में दूसरे व्यक्ति को बाइक पर बैठने की इजाजत होगी। अगर कोई दूसरा सवारी बाइक पर बैठता है तो ये नियम उल्लंघन माना जाएगा।

    टायर में हवा के प्रेशर को लेकर भी नई गाइडलाइन

    सरकार की ओर से टायर में हवा के प्रेशर को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अधिकतम 3.5 टन वजन तक के वाहनों के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम का सुझाव दिया गया है। इस सिस्टम में सेंसर के जरिए ड्राइवर को ये जानकारी मिल जाती है कि गाड़ी के टायर में हवा की स्थिति क्या है। इसके साथ ही मंत्रालय ने टायर मरम्मत किट की भी अनुशंसा की है। इसके लागू होने के बाद गाड़ी में एक्स्ट्रा टायर की जरूरत नहीं होगी।

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  • http://sanjaysaxenanews.blogspot.com/2020/12/up_7.html


    DGP ने प्रदेश के सभी कप्तानों को लिखा पत्र

    लखनऊ। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का 8 दिसंबर को भारत बंद है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अलर्ट मोड पर है। सोमवार को गृह विभाग ने DGP को पत्र लिखकर दुकानें जबरन बंद कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे किसी की भी जबरन दुकान बंद ना हो, किसी के साथ मारपीट न की जाए। DGP ने प्रदेश के सभी ADG जोन, IG रेंज, SP/SSP को पत्र लिखकर अलर्ट रहने के साथ अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के लिए कहा है।

    किसानों से हो संवाद, चार से पांच जगह सड़क पर की जाए बैरिकेटिंग

    DGP ने एडवायजरी में कहा है कि किसान एवं किसान संगठनों से संवाद बनाकर रखें। कोई अप्रिय घटना होने से रोका जाए। नोएडा और दिल्ली बॉर्डर से पहले 6 से 10 किलोमीटर के बीच में कम से कम 5 स्थानों पर चेक पोस्ट लगाकर ऐसे ट्रैक्टर ट्राली को वाहनों और किसान तत्वों को चिन्हित किया जाए, जिससे बॉर्डर पर जाकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश ना की जा सके। सभी धरना स्थल के स्थानों पर उपस्थित लोगों का विवरण रखा जाए।

    प्रतिबंधित संगठनों का ना हो प्रवेश, उन पर की जाए कार्रवाई

    गृह विभाग ने प्रतिबंधित संगठनों और असामाजिक तत्वों द्वारा धरना स्थल पर न पाया जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाए, माहौल खराब करने वाले लोगों पर सख्ती की जाए। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कर पहले ही उन को पाबंद किया जाए।

    राज्य के बॉर्डर पर बढ़ाई जाए सख्ती

    उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान से सटे उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एंट्री पॉइंट पर भी चेकिंग की जाए। पुलिस प्रबंधन के साथ-साथ उनका सुपरविजन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा किया जाए। जिससे अन्य प्रदेशों में से ऐसे संगठन तक ना आ पाएं जो उत्तर प्रदेश में अव्यवस्था फैलाने का कार्य करें। कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। कहीं भी लोग इकट्ठा ना हो सकें।

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  • उत्तराखंड के DGP ने की समीक्षा, दिये निर्देश

    वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों से हुए रूबरू

    देहरादून। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार ने दोनों परिक्षेत्र प्रभारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, पौड़ी गढ़वाल के साथ पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान एवं 08 दिसम्बर को किसानों द्वारा प्रस्तावित भारत बन्द के सम्बन्ध में शान्ति एवं कानून व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की।

    वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार द्वारा निम्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिये गये-

    1. प्रस्तावित भारत बन्द के दृष्टिगत सभी जनपद प्रभारी लोगों से सम्पर्क व मीटिंग कर उनसे बन्द को शान्तिपूर्वक करने का आह्वान करें। यह भी सुनिश्चित कर लें कि जबरदस्ती बन्द नहीं कराया जाए और हिंसा किसी भी रूप में बर्दाशत नहीं की जाएगी।

    2. जनपद प्रभारी जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जोन एवं सेक्टर में पुलिस अधिकारियों के साथ सम्बन्धित मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति सुनिश्चित कर लें।
    3. स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सर्तक रखते हुये सूचना संकलित करने के निर्देश दिये गये।

    4. अफवाहों को किसी भी दशा में फैलने न दिया जाये, सोशल मीडिया पर निरन्तर निगरानी रखी जाये। यदि कोई भ्रामक सूचना फैलायी जाती है, तो तुरन्त उसका प्रतिरोध किया जाये तथा भ्रामक सूचना फैलाने वाले के विरुद्ध कार्यवाही की जाये।

    5. अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान एक ऑपरेशनल अभियान है। इसे मेहनत करके सभी ने सफल बनाना है। ईनामी एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी युद्धस्तर पर सुनिश्चित की जाए।
    6. बड़े अपराधी जिन पर रूपए 5000/- से अधिक का ईनाम है, इनकी गिरफ्तारी में एसओजी एवं राज्य स्तर पर एसटीएफ की जिम्मेदारी भी होगी। यदि कोई कार्य में निष्क्रियता या लापरवाही करता है, तो उस पर कार्यवाही की जाए।

    7. हिस्ट्रीशीटरों पर फोकस बढ़ाएं और उनका सत्यापन व निगरानी सुनिश्चित करें।

    8. पांच साला सक्रिय अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही जनपद स्तर पर टॉप 10 एवं टॉप 05 अपराधियों का भी चिन्हीकरण करते हुए उनपर कार्यवाही सुनिश्चित करें।

    इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक पी/एम वी. मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड ए.पी. अंशुमान, पुलिस उपमहानिरीक्षक/निदेशक यातायात केवल खुराना, पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ रिधिम अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षकअपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड नीलेश आनन्द भरणे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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  • भारत में कोविड के सक्रिय मामलों की संख्या 138 दिनों के बाद 4.03 लाख पर पहुंची


    ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 91 लाख के पार

    पिछले हफ्ते भारत में प्रति मिलियन जनसंख्या पर आने वाले नए मामलों की संख्या दुनिया में सबसे कम में से एक है

    नई दिल्ली (PIB)। भारत के कुल सक्रिय कोविड मामलों का आंकड़ा आज 4.03 लाख (4,03,248) से नीचे चला गया है। यह 138 दिनों के बाद सबसे कम दर्ज किया गया है। 21 जुलाई 2020 को कुल सक्रिय मरीज़ों की संख्या 4,02,529 थी।

    पिछले नौ दिनों के रुझान के साथ, भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान दैनिक नए मामलों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। दैनिक मामलों की तुलना में अधिक दैनिक रिकवरी की प्रवृत्ति ने भारत के सक्रिय कैसेलोड के निरंतर संकुचन को जन्म दिया है, जो वर्तमान में कुल सकारात्मक मामलों का केवल 4.18% है।

    बीते चौबीस घंटे के दौरान भारत में 36,011 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए, इसी अवधि के दौरान 41,970 नई मरीज ठीक हुए हैं। नए रिकवर होने वाले मामलों में 6,441 की गिरावट आई है।

    भारत में पिछले सात दिनों में प्रति मिलियन जनसंख्या पर नए मामलों की संख्या 186 हैं। यह दुनिया में सबसे कम में से एक है।

    नए ठीक होने वाले मामलों और नए मामलों के बीच भी अंतर सुधर रहा है और रिकवरी रेट सुधरकर 94.37% हो गया है।

    कुल ठीक होने वाले मामले 91 लाख (91,00,792) की संख्या को पार कर चुके हैं। रिकवर होने वाले मामलों और सक्रिय मामलों के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है जो अब 87 लाख (86,97,544) के करीब है।

    ठीक होने वाले नए मामलों में से 76.6% मामले 10 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।

    महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे अधिक 5,834 नए मरीज रिकवर हुए हैं। इसके बाद केरल में एक दिन में सर्वाधिक 5,820 मरीज रिकवर हुए हैं जबकि दिल्ली में यह संख्या 4,916 रही है।

    नए मामलों में 75.70 फीसदी योगदान 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।

    केरल में सबसे अधिक दैनिक नए मामले 5,848 दर्ज किए गए है। इसके बाद महाराष्ट्र से एक दिन में 4,922 नए मामले और दिल्ली से 3,419 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

    पिछले 24 घंटे के दौरान 482 रोगियों की मौत हुई है।

    दस राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों का नई मौतों में 79.05 फीसदी का योगदान है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मौतें (95) हुई हैं और उसके बाद दिल्ली और पश्चिम बंगाल में क्रमशः 77 और 49 मौतें हुई हैं।

    सप्ताह के दौरान प्रति मिलियन आबादी में प्रत्येक दिन होने वाली मौतों की तुलना वैश्विक स्तर पर की जाए तो भारत में यह सबसे कम यानि प्रति मिलियन आबादी पर केवल 3 मौतें हैं।

  • MLC Election 2020 Results: शिक्षक लखनऊ खंड निर्वाचन से भाजपा के उमेश द्विवेदी विजयी

    लखनऊ। लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए देर रात तक चल रही मतगणना में भाजपा प्रत्याशी उमेश कुमार द्विवेदी ने जीत दर्ज कर ली है।
    कुल पड़े 17985 मतों में से 17077 वैध मतों की गिनती में उमेश द्विवेदी को 7065 वोट मिले। उन्‍होंने डॉ महेंद्रनाथ राय से 3247 मतों से जीत दर्ज की है। निर्दलीय प्रत्याशी डा.महेंद्र नाथ राय को 3818 मत मिले। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी उमाशंकर को 2238 प्रथम वरीयता मत मिले। निर्दलीय प्रत्याशी डा.आरपी मिश्र को 1975, शाह आलम खान को 1269 और सोहन लाल वर्मा को 986 मत मिले थे। इस तरह भाजपा प्रत्याशी को जीत दर्ज करने में सफल रहे।

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  • HDFC Bank पर RBI ने लगाई पाबंदियां, नए क्रेटिड कार्ड बनाने की भी मनाही


    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्राइवेट क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी (HDFC) की डिजिटल सेवाओं पर रोक लगा दी है। RBI ने 2 दिसंबर को एक आदेश जारी करते हुए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और पेमेंट यूटिलिटी सर्विस पर रोक लगा दी है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने HDFC कस्टमर से नए क्रेटिड कार्ड न बनाने के लिए कहा है। पिछले 2 साल में एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को डिजिटल सर्विस में कई बार दिक्कत आई है, जिसकी वजह से केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा RBI ने एचडीएफसी के प्राइमरी डेटा सेंटर में बिजली बाधित होने की वजह से 21 नवंबर को हुए आउटेज पर भी गौर किया है।

    RBI ने एचडीएफसी बैंक से मांगा जवाब

    भारत के बैंकिंग नियामक रिजर्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक से जवाब मांगा है। हाल ही में एचडीएफसी बैंक के डिजिटल बैंकिंग सर्विस में आई दिक्कत की वजह से यूपीआई पेमेंट, एटीएम पेमेंट और कार्ड चैनल पेमेंट भी कई घंटे तक बंद रहे। एचडीएफसी बैंक ने जवाब तलब में कहा था कि पिछले दो साल के दौरान इसने इसके सिस्टम और प्रोसेस में पर्याप्त सुधार किया है, लेकिन आरबीआई ने कहा कि उन दावों के बावजूद दिक्कतें आ रही हैं, यह बेहद गंभीर है।

    दो साल में तीन बार हुई डेटा सेंटर में गड़बड़

    बता दें कि 21 नवंबर को एचडीएफसी बैंक के डेटा सेंटर में गड़बड़ी की वजह से इसके यूपीआई पेमेंट, एटीएम सर्विेसेज और कार्ड से होने वाली पेमेंट रुक गए थे। आरबीआई ने इसे गंभीरता से लिया और उसने बैंक से इसकी वजह पूछी थी। एचडीएफसी बैंक के डिजिटल सर्विसेज में पिछले दो साल में तीन बार इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है। आरबीआई ने कहा है कि इसके डेटा सेंटर में अगर गड़बड़ी आई है तो इसकी वजह बताई जाए।

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  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का कारपोरेशन बैंक के साथ आईटी इंटीग्रेशन (IT integration) पूर्ण

    कारपोरेशन बैंक के ग्राहकों को होगी अब और आसानी

    नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) में मिले कारपोरेशन बैंक (Corporation Bank) के ग्राहकों को अब और आसानी हो जाएगी। दरअसल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक के साथ बैंक का आईटी इंटीग्रेशन (IT integration) पूरा कर लिया है। इससे कॉरपोशन बैंक की सभी ब्रांच उसके आईटी दायरे में आ गई हैं।

    आईटी इंटीग्रेशन के साथ ही पूरी तरह हुआ इंटीग्रेशन

    बैंक ने बुधवार 02 दिसंबर 2020 को बयान में कहा कि आईटी एकीकरण पूरा होने के बाद पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक (सेवाओं और विशेष शाखाओं सहित) का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में पूरी तरह एकीकरण हो गया है। अब कॉरपोरेशन बैंक के सभी ग्राहक रिकॉर्ड समय में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कोर बैंकिंग साल्यूशन (सीबीएस) में स्थानांतरित हो गए हैं।

    इसके साथ ही बैंक ने पूर्ववर्ती कॉरपोरेशन बैंक के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, आईएमपीएस, एफआई गेटवे, ट्रेजरी और स्विफ्ट सेवाएं सफलतापूर्वक पेश कर दी हैं। इससे कॉरपोरेशन बैंक के ग्राहक यूनियन बैंक की शाखाओं और आपूर्ति चैनलों के जरिए सुगमतापूर्वक लेनदेन कर सकेंगे।

    पहले ही हो चुका एटीएम स्विचिंग का काम

    इससे पहले बैंक ने एटीएम स्विच और एटीएम टर्मिनलों को सुगमता से यूनियन बैंक के नेटवर्क में स्थानांतरित किया गया था। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि यह समूचा स्थानांतरण रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।

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  • ssnewspoint

    December 01, 2020
    UP में कल फिर ड्राई-डे

    तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना खत्म होने तक बंद रहेगी शराब की दुकानें

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद सदस्य (एमएलसी ) चुनाव के मद्देनजर तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना खत्म होने तक सभी देशी-विदेशी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। इससे पहले मतदान के चलते 29 नवंबर शाम पांच बजे से एक दिसंबर शाम पांच बजे तक शराब की दुकानें बंद रही थीं। संबंधित जिलाधिकारियों ने दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैंं।

    UP में 11 शिक्षक-स्नातक विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 6 मई 2020 को समाप्त हो गया था। उत्तर प्रदेश में कुल 100 विधान परिषद सदस्यों की संख्या है। 11 एमएलसी सीट पर चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराए जाने को लेकर रविवार की शाम पांच बजे से ही शराब की दुकानें बंद कर दी गई थीं, जो एक दिसम्बर को मतदान होने तक बंद रही। अब मतगणना के दिन तीन दिसंबर को भी बंदी रहेगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।

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  • फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में वृद्धि पर UP के मुख्य सचिव नाराज

    जिलाधिकारी ने दियेे दायित्वों का निर्वहन न करने में अक्षम क्षेत्रीय कार्मिकों तथा अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश

    बिजनौर। शासन के निर्देश एवं उच्चतम न्यायालय और हरित न्यायाधिकरण के आदेश के क्रम में जिले में फसल अवशेष तथा गन्ने की पत्तियों आदि को जलाने की घटनाओं को शत-प्रतिशत रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

    जिलाधिकारी रमाकांत पांडे ने बताया कि जिला गन्ना अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि इस प्रकार की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए कृषकों को क्षेत्रीय कार्मिकों एवं गन्ना मिल के माध्यम से जागरूक करने तथा फसल अवशेष प्रबंधन की विभिन्न विधाओं का प्रयोग करते हुए फसल अवशेष का इन सीटू प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि इन्हीं निर्देशों को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना समितियों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र भी उपलब्ध कराए गए, जिससे फसल अवशेष को खेत में आसानी से मिलाया जा सके तथा इसके अलावा वेस्ट डी कंपोजर आदि की मदद से फसल अवशेष को खेत में ही सड़ा कर उसकी खाद बनाई जा सके ताकि खेत की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा गन्ने की पत्तियों को निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों को भी दान करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल की कटाई शुरू होने के बाद जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिस पर अपर मुख्य सचिव कृषि एवं मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गहरा रोष व्यक्त करते हुए संबंधित क्षेत्रीय कार्मिक/अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।


    DCO को सचेत करने के साथ ही कड़े निर्देश

    श्री पांडे ने संबंध में जिला गन्ना अधिकारी को सचेत करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी एवं समीक्षा प्रदेश के उच्च अधिकारियों सहित उच्चतम न्यायालय एवं हरित न्यायाधिकरण द्वारा की जा रही है, जिसके दृष्टिगत उनके द्वारा इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषकों को जागरूक करने हेतु जन जागरण अभियान चलाने, क्षेत्र एक गन्ना मिल गन्ना समिति के कार्मिकों अधिकारियों के द्वारा प्रतिदिन सघन निगरानी एवं विजिलेंट रहने तथा घटित घटना होने पर संबंधित कृषक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, परंतु घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि होने से यह स्पष्ट होता है कि आपके स्तर से इस संबंध में अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है, जो अत्यंत ही खेदजनक है। उन्होंने उक्त क्रम में जिला गन्ना अधिकारी को कड़ाई के साथ निर्देशित किया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुझाए गए सभी उपायों का प्रयोग कराना सुनिश्चित कराएं तथा फसल अवशेष में इन सीटू मैनेजमेंट के लिए उपलब्ध कराए गए कृषि यंत्रों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कराते हुए फसल अवशेष तथा गन्ने की पत्तियों को जलाने की घटनाओं को शत प्रतिशत रोकना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाए जाने की घटना होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्रतिकूल कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए गन्ना समितियों को उपलब्ध कराए गए कृषि यंत्रों का प्रयोग कर किए गए फसल अवशेष प्रबंधन की गन्ना समिति वार सूचना अलग से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की इस में लापरवाही अथवा शिथिलता न बरती जाए।

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  • बदल जाएगा बैंक से जुड़ा ये जरूरी नियम!

    अब 24 घंटे उठा सकेंगे RTGS का फायदा

    नई दिल्ली। पहली दिसंबर के साथ ही बैंक अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करने के नियम भी बदलने वाले हैं। अब रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सुविधा हर रोज हर समय यानी 24×7 उपलब्ध होगी। इसका मतलब है कि RTGS के जरिए आप किसी भी दिन किसी भी समय में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।

    वर्तमान में यह सुविधा महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर सप्ताह के सभी कामकाजी दिनों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध होती है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पिछले महीने यानी अक्टूबर में फैसला किया था कि RTGS सुविधा को 24 घंटे उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले के साथ ही रिज़र्व बैंक ने कहा था कि इस सुविधा के शुरू होने के बाद भारत उन चुनिंद देशों की फेहरिस्त में शामिल होगा, जो 24x7x365 लार्ज वैल्यू रियल टाइम पेमेंट सिस्टम की सुविधा देती हैं।

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  • 01 दिसंबर से लागू होगा OTP सिस्टम

    नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) 01 दिसंबर से एटीएम से कैश निकालने के तौर तरीकों में बदलाव करने जा रहा है।

    फ्रॉड्स के मामले बढ़ते देख पीएनबी अपने ग्राहकों के हित में एटीएम से पैसे निकालने को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सिस्टम लागू करने जा रहा है। यह नई प्रणाली 01 दिसंबर से लागू होगी। इसके तहत एटीएम से कैश निकालने के लिए आपको बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी बताना होगा। यह नियम 10 हजार रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। बैंक ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है।

    साथ ले जाना न भूलें अपना मोबाइल

    पीएनबी के ट्वीट के मुताबिक, 01 दिसंबर से रात 8 बजे से लेकर सुबह 8 बजे के बीच PNB 2.0 एटीएम से एक बार में 10,000 रुपए से ज्यादा की कैश निकासी अब ओटीपी प्रणाली आधारित होगी। यानि कि इन घंटों में 10 हजार रुपए से अधिक की धनराशि निकालने के लिए पीएनबी ग्राहकों को ओटीपी की जरूरत होगी, इसलिए ग्राहक अपना मोबाइल साथ ले जाना न भूलें।

    अन्य बैंक एटीएम पर लागू नहीं

    पंजाब नेशनल बैंक में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स मर्ज हो चुका है, जो कि 01 अप्रैल, 2020 से प्रभाव में आया है। इसके बाद जो एंटिटी अस्तित्व में आई है, उसे PNB 2.0 नाम दिया गया है। बैंक के ट्वीट व मैसेज में साफ कहा गया है कि ओटीपी बेस्ड कैश विदड्रॉअल PNB 2.0 एटीएम पर ही लागू होगा। यानि ओटीपी आधारित कैश निकासी सुविधा पीएनबी डेबिट/एटीएम कार्ड से अन्य बैंक एटीएम से पैसे निकालने पर लागू नहीं होगी।

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  • UP के 11 शहरों में पांच दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें
    निर्वाचन आयोग ने सभी DM को जारी किए निर्देश
    29 नवंबर शाम पांच बजे से एक दिसंबर शाम पांच बजे तक रहेगी बंदी

    तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना खत्म होने तक

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हो रहे 11 विधान परिषद सदस्य (एमएलसी ) चुनाव के मद्देनजर शराब की दुकानें पांच दिन बंद रहेंगी। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने शहर में शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं प्रदेश के मतदान वाले आगरा, गोरखपुर, बरेली समेत 11 जिलों में भी बंदी रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।


    दरअसल, प्रदेश में 11 शिक्षक-स्नातक विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 6 मई 2020 को समाप्त हो गया था। उत्तर प्रदेश में कुल 100 विधान परिषद सदस्यों की संख्या है। 11 एमएलसी सीट पर चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराए जाने को लेकर रविवार की शाम पांच बजे से ही शराब की दुकानें बंद कर दी जायेगी। एक दिसम्बर को मतदान होने तक दुकानें बंद रहेंगी। साथ ही साथ काउंटिंग के दिन तीन दिसंबर को भी बंदी रहेगी। अगर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।


    मतदान से 48 घंटे पूर्व शराब बिक्री पर प्रतिबंध

    29 नवंबर शाम पांच बजे से एक दिसंबर शाम पांच बजे तक और फिर तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना खत्म होने तक सभी देशी-विदेशी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान से 48 घंटे पूर्व शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है।

    पीठासीन और मतदान अधिकारी नियुक्त
    राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारी को मतदान संपन्न कराने के लिए पोलिंग पार्टियां और पीठासीन व मतदान अधिकारियों की नियुक्त कर दी है। एक पार्टी में चार मतदानकर्मी होंगे।

    मतदाता को मिलेगा अवकाश

    चुनाव आयोग ने शिक्षक और स्नातक खंड सीट पर एक दिसंबर को वोट डालने वाले सभी मतदाताओं के लिए एक दिन का अवकाश स्वीकृत किया है। मतदेय स्थल के बाहर 200 मीटर दूर प्रत्याशी का बस्ता लगेगा। बस्ते पर सिर्फ दो व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी। प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, आगरा, इलाहाबाद, झांसी, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर बंदी रहेगी।

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  • http://sanjaysaxenanews.blogspot.com/2020/11/dm-sp.html

    मुख्यमंत्री का फरमान:

    सीयूजी नम्बर की हर कॉल खुद रिसीव करें डीएम, पुलिस कप्तान


    CM ऑफिस से औचक फोन कर जानी जाएगी हकीकत

    योगी की हिदायत: DM SP खुद रिसीव करें सीयूजी नम्बर की हर कॉल

    लखनऊ। जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को अपने सरकारी मोबाइल (सीयूजी) नम्बर पर आने वाली हर कॉल खुद रिसीव करनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम, एसपी और एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि जन समस्याओं को पूरी गंभीरता से लें। उनके कार्यालय से कोई भी फरियादी निराश होकर न लौटे। डीएम और पुलिस कप्तान अपने सीयूजी नम्बर पर आने वाली हर फोन कॉल का जवाब जरूर दें।

    भारी पड़ेगी जन समस्या निराकरण में हीलाहवाली

    यह आदेश तत्काल प्रभाव से अमल में आएगा। अगले एक सप्ताह में मुख्यमंत्री कार्यालय से औचक फोन कर अधिकारियों की कार्यशैली की हकीकत की पड़ताल की जाएगी। सीएम योगी ने गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों को भी निर्देशित किया है।

    कार्यशैली की होगी सतत निगरानी

    जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निदान के संबंध में जारी मुख्यमंत्री के ताजा आदेश में कहा गया है कि जिले में तैनात अधिकारी अपने कैम्प ऑफिस (आवास से संचालित होने वाला कार्यालय) की अपेक्षा कार्यालय में अधिक से अधिक समय दें। कोई भी व्यक्ति जो अपनी समस्या लेकर आता है, उससे मर्यादित व्यवहार करें। उनकी समस्या को सुनें और स्थाई समाधान के लिए उचित कदम उठाएं। सीएम योगी ने कहा है कि सरकार जनता के लिए है, ऐसे में जनता की सुविधा, उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता में है। जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ अधिकारीगण अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से डीएम, एसपी और एसएसपी की कार्यशैली की सतत निगरानी की जाएगी।

  • http://sanjaysaxenanews.blogspot.com/2020/11/blog-post_21.html

    उल्लंघन करने पर की जाएगी कार्रवाई


    अब नोएडा में भी छोटी की गई मेहमानों की list

    नोएडा। अब जिले में होने वाले शादी समारोह में केवल 100 लोग ही शामिल हो पाएंगे। इससे पहले सरकार ने शादी समारोह सहित अन्य दूसरे कार्यक्रमों में 200 लोगों के शिरकत करने की अनुमति दी थी।

    कोरोना के कारण बदली रणनीति

    दिल्ली के बाद अब नोएडा जिला प्रशासन ने भी शादी समारोह में मेहमानों की लिस्ट पर कैची चला दी है। नोएडा के डीएम सुहास एल वाई ने शनिवार को इस बारे में एक बयान जारी कर बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब किसी भी समारोह में अधिकतम 100 व्यक्ति ही भाग ले सकेंगे। शासन के इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    जनता से सहयोग करने का आह्वान

    जिलाधिकारी ने सहयोग करने का आह्वान करते हुए जिले के सभी लोगों से कहा है कि आयोजित होने वाले सभी प्रकार के समारोह में 100 से ज्यादा शख्स हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि इसका उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    अब नोएडा में भी छोटी की गई मेहमानों की list

  • 25 नवम्बर से विवाह मुहूर्त प्रारम्भ- आचार्य (डॉ) प्रदीप द्विवेदी
    Saturday, November 21, 2020
    9:54 AM / by Dr Pradeep Dwivedi
    http://sanjaysaxenanews.blogspot.com/2020/11/25.html

    आचार्य (डॉ) प्रदीप द्विवेदी लखनऊ

    1 जुलाई से शयन कर रहे देवता 25 नवम्बर को देवोत्थान एकादशी के साथ जागने जा रहे हैं। इसी के साथ विवाह मुहूर्त शुरू हो जाएंगे, जो कि 13 दिसम्बर तक जारी रहेगा।

    25 नवम्बर की सुबह 04:21 बजे से एकादशी शुरू हो जाएगी, जो कि 26 की सुबह 06:04 बजे तक रहेगी।

    देवोत्थान एकादशी का पूजन 25 नवम्बर को किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार दशमीबेधी एकादशी का त्याग करते हुए एकादशी का व्रत 26 नवम्बर को करना उचित रहेगा। गांधारी ने दशमी विधि एकादशी का व्रत किया था, उसके बाद से ही शास्त्रों के मुताबिक इसका त्याग करने को कहा गया है।

    15 दिसम्बर की सुबह सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू हो जाएगा। उससे पहले 13 को मासांत दोष शुरू हो जाएगा। खरमास में विवाह आदि मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। मकर संक्रांति में खरमास समाप्त होगा, लेकिन उसके बाद 16 जनवरी को गुरु अस्त, फिर फरवरी में शुक्र अस्त और उसके बाद सूर्य के मीन राशि में जाने पर खरमास के चलते विवाह लग्नों के लिए अप्रैल 2021 के दूसरे पखवाड़े तक का इंतजार करना पड़ेगा। साल की शुरुआत में सहालग नहीं मिलेगी।

    इस वर्ष की विवाह लग्न

    नवम्बर- 25, 26, 29 व 30

    दिसम्बर- 1, 2, 6, 7, 8, 9, 10, 11 व 13

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  • सर पैट्रिक वलांस

    Vaccine आने के बाद भी खत्म नहीं होगा Corona Virus!

    ब्रिटिश वैज्ञानिक का सनसनीखेज दावा

    मौसमी फ्लू की तरह आ सकता है सामने


    नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन का पूरी दुनिया में इंतजार हो रहा है, इस बीच ब्रिटेन सरकार के एक प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार एक बयान देकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ब्रिटेन सरकार में वैज्ञानिक सर पैट्रिक वलांस के मुताबिक कोरोना वायरस, वैक्सीन से भी पूरी तरह खत्म नहीं होगा। संभव है कि मौसमी फ्लू की तरह आने वाले वर्षों में इसके संक्रमण के मामले सामने आते रहें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना वैक्सीन से संक्रमण प्रसार की संभावना जरूर कम होगी। लोगों को गंभीर बीमार पड़ने से बचाया जा सकेगा।

    वैक्सीन अगले जाड़े से पहले नहीं
    वैज्ञानिक सर पैट्रिक वलांस ने ब्रिटेन के सांसदों की एक कमेटी को जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अगले वर्ष कम से कम वसंत से पहले आमजन के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो पाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में कोरोना वायरस का इलाज हर सर्दी में होने वाले फ्लू की तरह ही होगा। यह संभावना नहीं है कि स्टरलाइज़िंग वैक्सीन के साथ कोरोना वायरस समाप्त हो जाए।

    क्योंकि फैल चुका है बड़े पैमाने पर
    वैज्ञानिक सर पैट्रिक वलांस ने कहा कि फ्लू, एचआईवी और मलेरिया के वायरस की तरह कोरोना महामारी भी एन्डेमिक में बदल जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि कोरोना वायरस इसलिए पूरी तरह खत्म नहीं होगा क्योंकि यह बहुत बड़े पैमाने पर पहले ही फैल चुका है। सर पैट्रिक के मुताबिक अभी वैक्सीन की उपयोगिता और वास्तविकता का पता लगने में ही कुछ और माह लगेंगे। उन्होंने कहा है कि अधिकारियों को जनता से बड़े-बड़े वादे नहीं करने चाहिए। गलत दावों से जनता को अंधेरे में न रखा जाए और वैक्सीन से जुड़ी असल जानकारी देनी चाहिए।
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    समाचार के प्रायोजक-

    बीकानेर का सुप्रसिद्ध

  • पितृ श्राद्ध आरम्भ

    पूर्णिमा श्राद्ध – 2/9/20, बुधवार
    1 प्रतिपदा श्राद्ध – 3/9/20 गुरुवार
    2 द्वितीया श्राद्ध – 4/9/20 शुक्रवार
    3 तृतीया श्राद्ध- 5/9/20 शनिवार
    4 चतुर्थी श्राद्ध-6/9/20 रविवार
    5 पंचमी श्राद्ध- 7/9/20 सोमवार
    6 षष्ठी श्राद्ध-8/9/20 मंगलवार
    7 सप्तमी श्राद्ध- 9/9/20 बुधवार
    8 अष्टमी श्राद्ध- 10/9/20 गुरुवार
    9 नवमी श्राद्ध- 11/9/20 शुक्रवार
    10 दशमी श्राद्ध- 12/9/20 शनिवार
    11 एकादशी श्राद्ध- 13/9/20 रविवार
    12 द्वादशी श्राद्ध- 14/9/20 सोमवार
    13 त्रयोदशी श्राद्ध- 15/9/20 मंगलवार
    14 चतुर्दशी श्राद्ध- 16/9/20 बुधवार
    15 सर्वपितृ अमावस श्राद्ध 17/9/20 गुरुवार

    आखिर ये पितृदोष है क्या?
    पितृ -दोष शांति के सरल उपाय पितृ या पितृ गण कौन हैं ? आपकी जिज्ञासा को शांत करती विस्तृत प्रस्तुति।

    पितृ गण हमारे पूर्वज हैं, जिनका ऋण हमारे ऊपर है, क्योंकि उन्होंने कोई ना कोई उपकार हमारे जीवन के लिए किया है। मनुष्य लोक से ऊपर पितृ लोक है, पितृ लोक के ऊपर सूर्य लोक है एवं इस से भी ऊपर स्वर्ग लोक है।

    आत्मा जब अपने शरीर को त्याग कर सबसे पहले ऊपर उठती है तो वह पितृ लोक में जाती है। वहां हमारे पूर्वज मिलते हैं। अगर उस आत्मा के अच्छे पुण्य हैं तो ये हमारे पूर्वज भी उसको प्रणाम कर अपने को धन्य मानते हैं कि इस अमुक आत्मा ने हमारे कुल में जन्म लेकर हमें धन्य किया। इसके आगे आत्मा अपने पुण्य के आधार पर सूर्य लोक की तरफ बढती है। वहां से आगे, यदि और अधिक पुण्य हैं, तो आत्मा सूर्य लोक को भेज कर स्वर्ग लोक की तरफ चली जाती है, लेकिन करोड़ों में एक आध आत्मा ही ऐसी होती है, जो परमात्मा में समाहित होती है, जिसे दोबारा जन्म नहीं लेना पड़ता। मनुष्य लोक एवं पितृ लोक में बहुत सारी आत्माएं पुनः अपनी इच्छा वश, मोह वश अपने कुल में जन्म लेती हैं।

    पितृ दोष क्या होता है ?
    हमारे ये ही पूर्वज सूक्ष्म व्यापक शरीर से अपने परिवार को जब देखते हैं और महसूस करते हैं कि हमारे परिवार के लोग ना तो हमारे प्रति श्रद्धा रखते हैं और न ही इन्हें कोई प्यार या स्नेह है और ना ही किसी भी अवसर पर ये हमको याद करते हैं, ना ही अपने ऋण चुकाने का प्रयास ही करते हैं तो ये आत्माएं दुखी होकर अपने वंशजों को श्राप दे देती हैं, जिसे “पितृ- दोष” कहा जाता है।
    पितृ दोष एक अदृश्य बाधा है। ये बाधा पितरों द्वारा रुष्ट होने के कारण होती है। पितरों के रुष्ट होने के बहुत से कारण हो सकते हैं। आपके आचरण से, किसी परिजन द्वारा की गयी गलती से, श्राद्ध आदि कर्म ना करने से, अंत्येष्टि कर्म आदि में हुई किसी त्रुटि के कारण भी हो सकता है।
    इसके अलावा मानसिक अवसाद, व्यापार में नुक्सान, परिश्रम के अनुसार फल न मिलना, विवाह या वैवाहिक जीवन में समस्याएं, कैरिअर में समस्याएं या संक्षिप्त में कहें तो जीवन के हर क्षेत्र में व्यक्ति और उसके परिवार को बाधाओं का सामना करना पड़ता है। पितृ दोष होने पर अनुकूल ग्रहों की स्थिति, गोचर, दशाएं होने पर भी शुभ फल नहीं मिल पाते, कितना भी पूजा पाठ, देवी देवताओं की अर्चना की जाए, उसका शुभ फल नहीं मिल पाता।

    पितृ दोष दो प्रकार से प्रभावित करता है
    1.अधोगति वाले पितरों के कारण
    2.उर्ध्वगति वाले पितरों के कारण

    अधोगति वाले पितरों के दोषों का मुख्य कारण परिजनों द्वारा किया गया गलत आचरण, उनकी अतृप्त इच्छाएं, जायदाद के प्रति मोह और उसका गलत लोगों द्वारा उपभोग होने पर, विवाहादि में परिजनों द्वारा गलत निर्णय। परिवार के किसी प्रियजन को अकारण कष्ट देने पर पितर क्रुद्ध हो जाते हैं। परिवार जनों को श्राप दे देते हैं और अपनी शक्ति से नकारात्मक फल प्रदान करते हैं।

    उर्ध्व गति वाले पितर सामान्यतः पितृदोष उत्पन्न नहीं करते, परन्तु उनका किसी भी रूप में अपमान होने पर अथवा परिवार के पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन नहीं करने पर वह पितृदोष उत्पन्न करते हैं।

    इनके द्वारा उत्पन्न पितृदोष से व्यक्ति की भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति बिलकुल बाधित हो जाती है, फिर चाहे कितने भी प्रयास क्यों ना किये जाएं, कितने भी पूजा पाठ क्यों ना किये जाएं, उनका कोई भी कार्य ये पितृदोष सफल नहीं होने देता। पितृ दोष निवारण के लिए सबसे पहले ये जानना ज़रूरी होता है कि किस ग्रह के कारण और किस प्रकार का पितृ दोष उत्पन्न हो रहा है ?

    जन्म पत्रिका और पितृ दोष जन्म पत्रिका में लग्न, पंचम, अष्टम और द्वादश भाव से पितृदोष का विचार किया जाता है। पितृ दोष में ग्रहों में मुख्य रूप से सूर्य, चन्द्रमा, गुरु, शनि और राहू -केतु की स्थितियों से पितृ दोष का विचार किया जाता है।
    इनमें से भी गुरु, शनि और राहु की भूमिका प्रत्येक पितृ दोष में महत्वपूर्ण होती है। इनमें सूर्य से पिता या पितामह, चन्द्रमा से माता या मातामह, मंगल से भ्राता या भगिनी और शुक्र से पत्नी का विचार किया जाता है।

    अधिकांश लोगों की जन्म पत्रिका में मुख्य रूप से क्योंकि गुरु, शनि और राहु से पीड़ित होने पर ही पितृ दोष उत्पन्न होता है, इसलिए विभिन्न उपायों को करने के साथ साथ व्यक्ति यदि पंचमुखी, सातमुखी और आठ मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर ले, तो पितृ दोष का निवारण शीघ्र हो जाता है।

    पितृ दोष निवारण के लिए इन रुद्राक्षों को धारण करने के अतिरिक्त इन ग्रहों के अन्य उपाय जैसे मंत्र जप और स्तोत्रों का पाठ करना भी श्रेष्ठ होता है।

    विभिन्न ऋण और पितृ दोष
    हमारे ऊपर मुख्य रूप से 5 ऋण होते हैं, जिनका कर्म न करने (ऋण न चुकाने पर ) हमें निश्चित रूप से श्राप मिलता है।
    ये ऋण हैं : मातृ ऋण, पितृ ऋण, मनुष्य ऋण, देव ऋण और ऋषि ऋण।

    मातृ ऋण👉 माता एवं माता पक्ष के सभी लोग जिनमें मां, मामी, नाना, नानी, मौसा, मौसी और इनके तीन पीढ़ी के पूर्वज होते हैं, क्योंकि मां का स्थान परमात्मा से भी ऊंचा माना गया है अतः यदि माता के प्रति कोई गलत शब्द बोलता है, अथवा माता के पक्ष को कोई कष्ट देता रहता है, तो इसके फलस्वरूप उसको नाना प्रकार के कष्ट भोगने पड़ते हैं। इतना ही नहीं, इसके बाद भी कलह और कष्टों का दौर भी परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी चलता ही रहता है।

    पितृ ऋण👉 पिता पक्ष के लोगों जैसे बाबा, ताऊ, चाचा, दादा-दादी और इसके पूर्व की तीन पीढ़ी का श्राप हमारे जीवन को प्रभावित करता है। पिता हमें आकाश की तरह छत्रछाया देता है। हमारा जिंदगी भर पालन -पोषण करता है, और अंतिम समय तक हमारे सारे दुखों को खुद झेलता रहता है।
    पर आज के इस भौतिक युग में पिता का सम्मान क्या नयी पीढ़ी कर रही है ?पितृ -भक्ति करना मनुष्य का धर्म है। इस धर्म का पालन न करने पर उनका श्राप नयी पीढ़ी को झेलना ही पड़ता है। इसमें घर में आर्थिक अभाव, दरिद्रता, संतानहीनता, संतान को विभिन्न प्रकार के कष्ट आना या संतान अपंग रह जाने से जीवन भर कष्ट की प्राप्ति आदि।

    देव ऋण 👉 माता-पिता प्रथम देवता हैं, जिसके कारण भगवान गणेश महान बने। इसके बाद हमारे इष्ट भगवान शंकर जी, दुर्गा मां, आदि आते हैं, जिनको हमारा कुल मानता आ रहा है। हमारे पूर्वज भी अपने अपने कुल के देवताओं को मानते थे, लेकिन नयी पीढ़ी ने बिलकुल छोड़ दिया है। इसी कारण भगवान /कुलदेवी /कुलदेवता उन्हें नाना प्रकार के कष्ट /श्राप देकर उन्हें अपनी उपस्थिति का आभास कराते हैं।

    ऋषि ऋण 👉 जिस ऋषि के गोत्र में पैदा हुए, वंश वृद्धि की, उन ऋषियों का नाम अपने नाम के साथ जोड़ने में नयी पीढ़ी कतराती है। उनके ऋषि तर्पण आदि नहीं करती है। इस कारण उनके घरों में कोई मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। इसलिए उनका श्राप पीढ़ी दर पीढ़ी प्राप्त होता रहता है।

    मनुष्य ऋण 👉 माता -पिता के अतिरिक्त जिन अन्य मनुष्यों ने हमें प्यार दिया, दुलार दिया, हमारा ख्याल रखा, समय समय पर मदद की। गाय आदि पशुओं का दूध पिया, जिन अनेक मनुष्यों, पशुओं, पक्षियों ने हमारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद की, उनका ऋण भी हमारे ऊपर हो गया।
    लेकिन लोग आजकल गरीब, बेबस, लाचार लोगों की धन संपत्ति हरण करके अपने को ज्यादा गौरवान्वित महसूस करते हैं। इसी कारण देखने में आया है कि ऐसे लोगों का पूरा परिवार जीवन भर नहीं बस पाता है, वंश हीनता, संतानों का गलत संगति में पड़ जाना, परिवार के सदस्यों का आपस में सामंजस्य न बन पाना, परिवार के सदस्यों का किसी असाध्य रोग से ग्रस्त रहना इत्यादि दोष उस परिवार में उत्पन्न हो जाते हैं।
    ऐसे परिवार को पितृ दोष युक्त या शापित परिवार कहा जाता है। रामायण में श्रवण कुमार के माता -पिता के श्राप के कारण दशरथ के परिवार को हमेशा कष्ट झेलना पड़ा, ये जग -ज़ाहिर है। इसलिए परिवार कि सर्वोन्नती के पितृ दोषों का निवारण करना बहुत आवश्यक है।

    पितृों के रूष्ट होने के लक्षण
    पितरों के रुष्ट होने के कुछ असामान्‍य लक्षण वे क्रमशः इस प्रकार हो सकते है।

    खाने में से बाल निकलना
    अक्सर खाना खाते समय यदि आपके भोजन में से बाल निकलता है तो इसे नजरअंदाज न करें
    बहुत बार परिवार के किसी एक ही सदस्य के साथ होता है कि उसके खाने में से बाल निकलता है, यह बाल कहां से आया इसका कुछ पता नहीं चलता। यहां तक कि वह व्यक्ति यदि रेस्टोरेंट आदि में भी जाए तो वहां पर भी उसके ही खाने में से बाल निकलता है और परिवार के लोग उसे ही दोषी मानते हुए उसका मजाक तक उडाते है।

    बदबू या दुर्गंध
    कुछ लोगों की समस्या रहती है कि उनके घर से दुर्गंध आती है, यह भी नहीं पता चलता कि दुर्गंध कहां से आ रही है। कई बार इस दुर्गंध के इतने अभ्‍यस्‍त हो जाते है कि उन्हें यह दुर्गंध महसूस भी नहीं होती लेकिन बाहर के लोग उन्हें बताते हैं कि ऐसा हो रहा है अब जबकि परेशानी का स्रोत पता ना चले तो उसका इलाज कैसे संभव है

    पूर्वजों का स्वप्न में बार-बार आना
    एक व्यक्ति का अपने पिता के साथ झगड़ा हो गया है और वह झगड़ा काफी सालों तक चला पिता ने मरते समय अपने पुत्र से मिलने की इच्छा जाहिर की परंतु पुत्र मिलने नहीं आया, पिता का स्वर्गवास हो गया। कुछ समय पश्चात उन्होंने अपने पिता को बिना कपड़ों के देखा, ऐसा स्‍वप्‍न पहले भी कई बार आया।

    शुभ कार्य में अड़चन
    कभी-कभी ऐसा होता है कि आप कोई त्योहार मना रहे हैं या कोई उत्सव आपके घर पर हो रहा है। ठीक उसी समय पर कुछ ना कुछ ऐसा घटित हो जाता है कि जिससे रंग में भंग डल जाता है। ऐसी घटना घटित होती है कि खुशी का माहौल बदल जाता है। तात्‍पर्य यह है कि शुभ अवसर पर कुछ अशुभ घटित होना पितरों की असंतुष्टि का संकेत है।

    घर के किसी एक सदस्य का कुंवारा रह जाना
    बहुत बार आपने अपने आसपास या फिर रिश्‍तेदारी में देखा होगा या अनुभव किया होगा कि बहुत अच्‍छा युवक है, कहीं कोई कमी नहीं है लेकिन फिर भी शादी नहीं हो रही है। एक लंबी उम्र निकल जाने के पश्चात भी शादी नहीं हो पाना कोई अच्‍छा संकेत नहीं है। यदि घर में पहले ही किसी कुंवारे व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है तो उपरोक्त स्थिति बनने के आसार बढ़ जाते हैं। इस समस्‍या के कारण का भी पता नहीं चलता।

    मकान या प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त में दिक्कत आना
    आपने देखा होगा कि कि एक बहुत अच्छी प्रॉपर्टी, मकान, दुकान या जमीन का एक हिस्सा किन्ही कारणों से बिक नहीं पा रहा यदि कोई खरीदार मिलता भी है तो बात नहीं बनती। यदि कोई खरीदार मिल भी जाता है और सब कुछ हो जाता है तो अंतिम समय पर सौदा कैंसिल हो जाता है। इस तरह की स्थिति यदि लंबे समय से चली आ रही है तो यह मान लेना चाहिए कि इसके पीछे अवश्य ही कोई ऐसी कोई अतृप्‍त आत्‍मा है जिसका उस भूमि या जमीन के टुकड़े से कोई संबंध रहा हो।

    संतान ना होना
    मेडिकल रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य होने के बावजूद संतान सुख से वंचित है, हालांकि आपके पूर्वजों का इस से संबंध होना लाजमी नहीं है परंतु ऐसा होना बहुत हद तक संभव है जो भूमि किसी निसंतान व्यक्ति से खरीदी गई हो वह भूमि अपने नए मालिक को संतानहीन बना देती है।

    उपरोक्त सभी प्रकार की घटनाएं या समस्याएं आप में से बहुत से लोगों ने अनुभव की होंगी। इसके निवारण के लिए लोग समय और पैसा नष्ट कर देते हैं परंतु समस्या का समाधान नहीं हो पाता। क्या पता इस लेख से ऐसे ही किसी पीड़ित व्यक्ति को कुछ प्रेरणा मिले इसलिए निवारण भी स्पष्ट कर रहा हूं।

    पितृ दोष की शांति के उपाय
    1👉 सामान्य उपायों में षोडश पिंड दान, सर्प पूजा, ब्राह्मण को गौ -दान, कन्या -दान, कुआं, बावड़ी, तालाब आदि बनवाना। मंदिर प्रांगण में पीपल, बड़(बरगद) आदि देव वृक्ष लगवाना एवं विष्णु मन्त्रों का जाप आदि करना, प्रेत श्राप को दूर करने के लिए श्रीमद्द्भागवत का पाठ करना चाहिए।

    2👉 वेदों और पुराणों में पितरों की संतुष्टि के लिए मंत्र, स्तोत्र एवं सूक्तों का वर्णन है, जिसके नित्य पठन से किसी भी प्रकार की पितृ बाधा क्यों ना हो, शांत हो जाती है। अगर नित्य पठन संभव ना हो, तो कम से कम प्रत्येक माह की अमावस्या और आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या अर्थात पितृपक्ष में अवश्य करना चाहिए।
    वैसे तो कुंडली में किस प्रकार का पितृ दोष है उस पितृ दोष के प्रकार के हिसाब से पितृदोष शांति करवाना अच्छा होता है।

    3👉 भगवान भोलेनाथ की तस्वीर या प्रतिमा के समक्ष बैठ कर या घर में ही भगवान भोलेनाथ का ध्यान कर निम्न मंत्र की एक माला नित्य जाप करने से समस्त प्रकार के पितृ- दोष संकट बाधा आदि शांत होकर शुभत्व की प्राप्ति होती है। मंत्र जाप प्रातः या सायंकाल कभी भी कर सकते हैं।
    मंत्र : “ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय च धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात।

    4👉 अमावस्या को पितरों के निमित्त पवित्रता पूर्वक बनाया गया भोजन तथा चावल बूरा, घी एवं एक रोटी गाय को खिलाने से पितृ दोष शांत होता है।

    5👉 अपने माता -पिता, बुजुर्गों का सम्मान, सभी स्त्री कुल का आदर /सम्मान करने और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करते रहने से पितर हमेशा प्रसन्न रहते हैं।

    6👉 पितृ दोष जनित संतान कष्ट को दूर करने के लिए “हरिवंश पुराण ” का श्रवण करें या स्वयं नियमित रूप से पाठ करें।

    7👉 प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती या सुन्दर काण्ड का पाठ करने से भी इस दोष में कमी आती है।

    8👉 सूर्य पिता है अतः ताम्बे के लोटे में जल भर कर, उसमें लाल फूल, लाल चन्दन का चूरा, रोली आदि डाल कर सूर्य देव को अर्घ्य देकर ११ बार “ॐ घृणि सूर्याय नमः ” मंत्र का जाप करने से पितरों की प्रसन्नता एवं उनकी ऊर्ध्व गति होती है।

    9👉 अमावस्या वाले दिन अवश्य अपने पूर्वजों के नाम दुग्ध, चीनी, सफ़ेद, कपडा, दक्षिणा आदि किसी मंदिर में अथवा किसी योग्य ब्राह्मण को दान करना चाहिए।

    10👉 पितृ पक्ष में पीपल की परिक्रमा अवश्य करें अगर १०८ परिक्रमा लगाई जाएं, तो पितृ दोष अवश्य दूर होगा।

    विशिष्ट उपाय :

    1👉 किसी मंदिर के परिसर में पीपल अथवा बड़ का वृक्ष लगाएं और रोज़ उसमें जल डालें, उसकी देखभाल करें, जैसे-जैसे वृक्ष फलता -फूलता जाएगा, पितृ -दोष दूर होता जाएगा, क्योकि इन वृक्षों पर ही सारे देवी -देवता, इतर -योनियाँ ,पितर आदि निवास करते हैं।

    2👉 यदि आपने किसी का हक छीना है, या किसी मजबूर व्यक्ति की धन संपत्ति का हरण किया है, तो उसका हक या संपत्ति उसको अवश्य लौटा दें।

    3👉 पितृ दोष से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी एक अमावस्या से लेकर दूसरी अमावस्या तक अर्थात एक माह तक किसी पीपल के वृक्ष के नीचे सूर्योदय काल में एक शुद्ध घी का दीपक लगाना चाहिए, ये क्रम टूटना नहीं चाहिए।

    एक माह बीतने पर जो अमावस्या आये उस दिन एक प्रयोग और करें
    इसके लिए किसी देसी गाय या दूध देने वाली गाय का थोडा सा गौ -मूत्र प्राप्त करें उसे थोड़े जल में मिलाकर इस जल को पीपल वृक्ष की जड़ों में डाल दें इसके बाद पीपल वृक्ष के नीचे ५ अगरबत्ती, एक नारियल और शुद्ध घी का दीपक लगाकर अपने पूर्वजों से श्रद्धापूर्वक अपने कल्याण की कामना करें और घर आकर उसी दिन दोपहर में कुछ गरीबों को भोजन करा दें ऐसा करने पर पितृ दोष शांत हो जायेगा।

    4👉 घर में कुआं हो या पीने का पानी रखने की जगह हो, उस जगह की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें, क्योंके ये पितृ स्थान माना जाता है। इसके अलावा पशुओं के लिए पीने का पानी भरवाने तथा प्याऊ लगवाने अथवा आवारा कुत्तों को जलेबी खिलाने से भी पितृ दोष शांत होता है।

    5 👉 अगर पितृ दोष के कारण अत्यधिक परेशानी हो, संतान हानि हो या संतान को कष्ट हो तो किसी शुभ समय अपने पितरों को प्रणाम कर उनसे प्रसन्न होने की प्रार्थना करें और अपने द्वारा जाने-अनजाने में किये गए अपराध / उपेक्षा के लिए क्षमा याचना करें, फिर घर अथवा शिवालय में पितृ गायत्री मंत्र का सवा लाख विधि से जाप कराएं जाप के उपरांत दशांश हवन के बाद संकल्प लें कि इसका पूर्ण फल पितरों को प्राप्त हो। ऐसा करने से पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं, क्योंकि उनकी मुक्ति का मार्ग आपने प्रशस्त किया होता है।

    6👉 पितृ दोष की शांति हेतु ये उपाय बहुत ही अनुभूत और अचूक फल देने वाला देखा गया है, वो ये कि- किसी गरीब की कन्या के विवाह में गुप्त रूप से अथवा प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक सहयोग करना। (लेकिन ये सहयोग पूरे दिल से होना चाहिए, केवल दिखावे या अपनी बढ़ाई कराने के लिए नहीं )। इस से पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं, क्योंकि इसके परिणाम स्वरुप मिलने वाले पुण्य फल से पितरों को बल और तेज़ मिलता है, जिस से वह ऊर्ध्व लोकों की ओर गति करते हुए पुण्य लोकों को प्राप्त होते है।
    7👉 अगर किसी विशेष कामना को लेकर किसी परिजन की आत्मा पितृ दोष उत्पन्न करती है तो ऐसी स्थिति में मोह को त्याग कर उसकी सदगति के लिए “गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र ” का पाठ करना चाहिए।

    8👉 पितृ दोष दूर करने का अत्यंत सरल उपाय: इसके लिए सम्बंधित व्यक्ति को अपने घर के वायव्य कोण (N -W )में नित्य सरसों का तेल में बराबर मात्रा में अगर का तेल मिलाकर दीपक पूरे पितृ पक्ष में नित्य लगाना चाहिए+दिया पीतल का हो तो ज्यादा अच्छा है, दीपक कम से कम 10 मिनट नित्य जलना आवश्यक है।

    इन उपायों के अतिरिक्त वर्ष की प्रत्येक अमावस्या को दोपहर के समय गूगल की धूनी पूरे घर में सब जगह घुमाएं। शाम को आंध्र होने के बाद पितरों के निमित्त शुद्ध भोजन बनाकर एक दोने में सारी सामग्री रख कर किसी बबूल के वृक्ष अथवा पीपल या बड़ की जड़ में रख कर आ जाएं, पीछे मुड़कर न देखें। नित्य प्रति घर में देसी कपूर जलाया करें। ये कुछ ऐसे उपाय हैं, जो सरल भी हैं और प्रभावी भी, और हर कोई सरलता से इन्हें कर पितृ दोषों से मुक्ति पा सकता है। लेकिन किसी भी प्रयोग की सफलता आपकी पितरों के प्रति श्रद्धा के ऊपर निर्भर करती है।

    पितृदोष निवारण के लिए करें विशेष उपाय (नारायणबलि_नागबलि)
    अक्सर हम देखते हैं कि कई लोगों के जीवन में परेशानियां समाप्त होने का नाम ही नहीं लेती। वे चाहे जितना भी समय और धन खर्च कर लें लेकिन काम सफल नहीं होता। ऐसे लोगों की कुंडली में निश्चित रूप से पितृदोष होता है।

    यह दोष पीढ़ी दर पीढ़ी कष्ट पहुंचाता रहता है, जब तक कि इसका विधि-विधानपूर्वक निवारण न किया जाए। आने वाली पीढ़ीयों को भी कष्ट देता है। इस दोष के निवारण के लिए कुछ विशेष दिन और समय तय हैं जिनमें इसका पूर्ण निवारण होता है। श्राद्ध पक्ष यही अवसर है जब पितृदोष से मुक्ति पाई जा सकती है। इस दोष के निवारण के लिए शास्त्रों में नारायण बलि का विधान बताया गया है। इसी तरह नागबलि भी होती है।

    क्या है नारायणबलि और नागबलि
    नारायणबलि और नागबलि दोनों विधि मनुष्य की अपूर्ण इच्छाओं और अपूर्ण कामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है। इसलिए दोनों को काम्य कहा जाता है। नारायणबलि और नागबलि दो अलग-अलग विधियां हैं। नारायणबलि का मुख्य उद्देश्य पितृदोष निवारण करना है और नागबलि का उद्देश्य सर्प या नाग की हत्या के दोष का निवारण करना है। इनमें से कोई भी एक विधि करने से उद्देश्य पूरा नहीं होता इसलिए दोनों को एक साथ ही संपन्न करना पड़ता है।

    इन कारणों से की जाती है नारायणबलि पूजा

    जिस परिवार के किसी सदस्य या पूर्वज का ठीक प्रकार से अंतिम संस्कार, पिंडदान और तर्पण नहीं हुआ हो उनकी आगामी पीढि़यों में पितृदोष उत्पन्न होता है। ऐसे व्यक्तियों का संपूर्ण जीवन कष्टमय रहता है, जब तक कि पितरों के निमित्त नारायणबलि विधान न किया जाए। प्रेतयोनी से होने वाली पीड़ा दूर करने के लिए नारायणबलि की जाती है। परिवार के किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु हुई हो। आत्महत्या, पानी में डूबने से, आग में जलने से, दुर्घटना में मृत्यु होने से ऐसा दोष उत्पन्न होता है।

    क्यों की जाती है यह पूजा….?
    शास्त्रों में पितृदोष निवारण के लिए नारायणबलि-नागबलि कर्म करने का विधान है। यह कर्म किस प्रकार और कौन कर सकता है इसकी पूर्ण जानकारी होना भी जरूरी है। यह कर्म प्रत्येक वह व्यक्ति कर सकता है जो अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहता है। जिन जातकों के माता-पिता जीवित हैं वे भी यह विधान कर सकते हैं। संतान प्राप्ति, वंश वृद्धि, कर्ज मुक्ति, कार्यों में आ रही बाधाओं के निवारण के लिए यह कर्म पत्नी सहित करना चाहिए। यदि पत्नी जीवित न हो तो कुल के उद्धार के लिए पत्नी के बिना भी यह कर्म किया जा सकता है। यदि पत्नी गर्भवती हो तो गर्भ धारण से पांचवें महीने तक यह कर्म किया जा सकता है। घर में कोई भी मांगलिक कार्य हो तो ये कर्म एक साल तक नहीं किए जा सकते हैं। माता-पिता की मृत्यु होने पर भी एक साल तक यह कर्म करना निषिद्ध माना गया है।

    कब नहीं की जा सकती है नारायणबलि नागबलि ?
    नारायणबलि गुरु, शुक्र के अस्त होने पर नहीं किए जाने चाहिए, लेकिन प्रमुख ग्रंथ निर्णण सिंधु के मतानुसार इस कर्म के लिए केवल नक्षत्रों के गुण व दोष देखना ही उचित है। नारायणबलि कर्म के लिए धनिष्ठा पंचक और त्रिपाद नक्षत्र को निषिद्ध माना गया है। धनिष्ठा नक्षत्र के अंतिम दो चरण, शततारका, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद एवं रेवती, इन साढ़े चार नक्षत्रों को धनिष्ठा पंचक कहा जाता है। कृतिका, पुनर्वसु, विशाखा, उत्तराषाढ़ा और उत्तराभाद्रपद ये छह नक्षत्र त्रिपाद नक्षत्र माने गए हैं। इनके अलावा सभी समय यह कर्म किया जा सकता है।

    पितृपक्ष सर्वाधिक श्रेष्ठ समय
    नारायणबलि- नागबलि के लिए पितृपक्ष सर्वाधिक श्रेष्ठ समय बताया गया है। इसमें किसी योग्य पुरोहित से समय निकलवाकर यह कर्म करवाना चाहिए। यह कर्म गंगा तट अथवा अन्य किसी नदी सरोवर के किनारे में भी संपन्न कराया जाता है। संपूर्ण पूजा तीन दिनों की होती है।

    श्री पित्रलोक अधीश्वर अर्यमा पित्रराजाय नमः
    जय श्री शिवा शिवम्
    जय श्री हरि नारायण।
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  • RBI की मुनाफे वाली स्कीम कर देगी मालामाल

    निवेश पर मिलेगा 7.15 फीसदी का गारंटीड रिटर्न

    हर 6 महीने में Account में आएगा पैसा

    नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण विश्व में मजबूत से मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की हालत खराब हो गई है। भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ब्याज दरों में लगातार कमी कर रहा है। फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों से मुनाफा लगातार घटता जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए निवेश के विकल्प सीमित हो गए हैं।
    कोरोना संकट के बीच बने खराब माहौल के बीच आरबीआई का फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स उन लोगों के लिए सुरक्षित निवेश विकल्प साबित हो सकता है, जो नियमित आय चाहते हैं। केंद्रीय बैंक ने 7.75 फीसदी फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट वाले बॉन्ड्स को बंद करने के बाद फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स पेश किया है। इसमें निवेश पर 7.15 फीसदी का गारंटीड रिटर्न मिलेगा। इसमें कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है। फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स में भारतीय मूल के विदेश में रहने वाले लोग या एनआरआई (NRI) निवेश नहीं कर सकते हैं।
    कोई भी भारतीय नागरिक अभिभावक के तौर पर नाबालिग के नाम से भी बॉन्ड्स में निवेश कर सकता है। आप संयुक्त तौर पर भी बॉन्ड्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। आरबीआई के इस बॉन्ड में भारतीय नागरिक कम से कम 1,000 रुपए से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इस बॉन्ड में निवेश का लॉक-इन पीरियड 7 साल का है यानि आप इस अवधि तक पैसा नहीं निकाल सकते हैं।
    आरबीआई के इस बॉन्ड पर छमाही आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है। इसका पहला भुगतान 1 जनवरी 2021 को होगा। ब्याज दरें हर छह महीने में तय की जाती हैं। ब्याज दरों में पहला बदलाव 1 जनवरी 2021 को किया जाएगा। अभी किए गए निवेश पर आपको 1 जनवरी 2021 को 7.15 फीसदी ब्याज प्राप्त होगा। आरबीआई के 7.75 फीसदी फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट बॉन्ड्स की तरह फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स के लिए मैच्योरिटी के समय Cumulative Interest हासिल करने का कोई विकल्प नहीं है।
    फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स में इनकम टैक्स छूट के लाभ नहीं होगा। ये बॉन्ड से होने वाली आय पूरी तरह से Taxable होगी। इन बॉन्ड्स के ब्याज से होने वाली आय पर निवेशक को पूरा टैक्स भरना होगा।
    ब्याज आय पर टीडीएस (TDS) भी काटा जाएगा। इन बॉन्ड्स के लिए किसी भी सरकारी बैंक या आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों के जरिये आवेदन कर सकते हैं। इन बॉन्ड्स के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। इन बॉन्ड्स में 20,000 रुपए तक नकद निवेश किया जा सकता है। आरबीआई के बॉन्ड्स के लिए आवेदन करते समय आपको अपनी बैंक अकाउंट डिटेल्स देनी होंगी ताकि ब्याज सीधे आपके खाते में ट्रांसफर की जा सके।
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