मेरठ में चार और लोगों में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन
देश में संक्रमित होने वाले मामलों की संख्या हुई 42
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चार और लोगों में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। इसी के साथ देश में नए स्ट्रेन से संक्रमित होने वाले मामलों की संख्या 42 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। मेरठ जनपद के संत विहार मोहल्ले की रहने वाली ढाई साल की बच्ची के माता-पिता और बलवंत नगर में रहने वाले बच्ची के फूफा व 15 वर्षीय रिश्तेदार को पुष्टि हुई है।
Meerut में अभी तक पांच लोगों में कोरोना के नए वायरस की पुष्टि हो चुकी है। इससे पहले संत विहार कॉलोनी निवासी ढाई साल की बच्ची में कोरोना के नए स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी। इस बच्ची के माता-पिता 14 दिसंबर की रात को दिल्ली से लौटे थे। सभी का टेस्ट कराया गया था। पांचों लोग एक ही परिवार के हैं। अब तक 13 सैंपल केंद्रीय लैब भेजे गए थे, जिनमें 12 की रिपोर्ट आ गई है। सात की रिपोर्ट निगेटिव है और पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्ची की बुआ की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने इसकी पुष्टि की है।

मेरठ में कोरोना का दूसरा स्ट्रेन मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संत विहार और लल्लापुरा में 122 लोगों की एंटीजन जांच की। हालांकि इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोरोना पॉजिटिव दंपती और बच्ची के संपर्क वाले उनके परिजनों समेत नजदीक के छह लोग हैं, जिनकी जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल दिल्ली भेजे गए थे।
यह दंपती ब्रिटेन में दो बच्चों के साथ रहता है। यहां अपने परिवार से मिलने 14 दिसंबर की रात आया था। पिछले दिनों में ब्रिटेन से मेरठ लौटे 88 लोग स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। इनमें से चार लोग कोरोना पॉजिटिव आए थे।
उधर, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि ब्रिटेन से लौटे आठ यात्रियों में कोरोना का नया स्ट्रेन पाया गया है। इनमें से पांच मुंबई और एक-एक पुणे, ठाणे और मीरा भायंदर के हैं। इनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नए स्ट्रेन से संक्रमित इन 42 मामलों में से आठ नमूनों की पहचान नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में, 11 की पहचान दिल्ली के जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी में और एक की पहचान कोलकाता के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स में हुई। इसके अलावा पांच नमूनों की पहचान पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) में, तीन की हैदराबाद के सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी में और 10 नमूनों की पहचान बंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज हॉस्पिटल (एनआईएमएचएएनएस) में हुई।
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