ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां मिलीं तो भरना होगा जुर्माना ₹10 हजार

ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां मिलीं तो भरना होगा जुर्माना ₹10 हजार

लखनऊ। कानपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली से हुए हादसे के बाद यातायात निदेशालय ने एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल सवारियों के लिए नहीं होना चाहिए. अगर किसी ने नियम तोड़ा तो दस हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा. इसको लेकर पूरे प्रदेश में दस दिन तक चेकिंग अभियान चलाया जाएगा.

सीएम योगी आदित्यनाथ. (File Photo)

उत्तर प्रदेश के कानपुर में शनिवार को हुए भीषण हादसे के बाद यातायात निदेशालय ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है. इसमें सरकार की ओर से कहा गया है कि दस दिन तक यूपी के सभी जिलों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए. यह अभियान विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाएगा. अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो दस हजार का जुर्माना भी भरना होगा.

जानकारी के अनुसार, यूपी के यातायात निदेशालय ने जारी एडवाइजरी में 10 दिन तक सभी जिलों मे सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान के तहत यह जांच की जाएगी कि मालवाहक वाहन ट्रैक्टर, ट्रॉली, डाला व डंपर पर सवारियों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है?

सीएम योगी ने कानपुर में हुए हादसे के बाद कहा था कि लोग मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल सवारियों को लाने व ले जाने में नहीं करें. यातायात निदेशालय की ओर से जारी एडवाजरी में कहा गया है कि अगर कोई नियम का उल्लंघन करता मिला तो उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

नेताओं के लिए सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं..?

साभार

साठ साल में किसी कामगार को नियमित काम करने लायक मानने से इनकार, लेकिन राजनीति में बड़े-बुजुर्ग नेता अपने पद से रिटायर ही नहीं होना चाहते..!!

नेताओं के लिए सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं..?

जिसे एक बार सत्ता का चस्का लग जाता है वह जीते जी उस पद को छोड़ना नहीं चाहता..!!

पुरानी पीढ़ी की नई पीढ़ी की लड़ाई है! जिसे एक बार सत्ता का चस्का लग जाता है वह जीते जी उस पद को छोड़ना नहीं चाहता और नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त नहीं करना चाहता! छोटे से संगठन से लेकर बड़ी-बड़ी संस्थाओं और राजनीतिक पार्टियों का यही हाल है। बड़े-बुजुर्ग लोग अपने पद से रिटायर ही नहीं होना चाहते! व नई पीढ़ी को अपरिपक्व समझते हैं! जब तक नई पीढ़ी आगे नहीं आएगी दायित्व नहीं संभालेगी, जिम्मेदारी नहीं संभालेगी तब तक उन्हें अनुभव कैसे प्राप्त होगा! आज नेताओं के लिए सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं है! वह रिटायर होना ही नहीं चाहते और युवा पीढ़ी को आगे आने नहीं देना चाहते तो कैसा चलेगा? आज जरूरत है नेताओं और मंत्रियों के लिए एक उम्र सीमा निर्धारित की जानी चाहिए! अगर कोई ज्यादा बुद्धिमान और जरूरी है तो उन्हें पार्टी में मार्गदर्शक मंडल में लिया जा सकता है! जीवन के चौथेपन में प्रवेश कर चुके नेताओं को भी राजनीति का मोह त्यागने की आदत डाल लेनी चाहिए! हालत यह है कि जीवन के अंतिम दौर में पहुंचे नेता भी देश के संचालन का निर्देशन करते रहते हैं और दूसरी ओर अट्ठावन या साठ साल में किसी कामगार को नियमित काम करने लायक मानने से इनकार कर दिया जाता है।

कानपुर में ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से 27 की मौत

कानपुर। घाटमपुर क्षेत्र के भीतरगांव के भदेउना गांव के पास अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से 27 लोगों की मौत हो गई। आधा सैकड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।

जानकारी के अनुसार, कोरथा गांव निवासी ग्रामीण एक मुंडन संस्कार में फतेहपुर गए थे। वहां से लौटते समय ट्रैक्टर ट्राली पानी भरे में खंती जा गिरी। घटना के बाद भयंकर चीख पुकार मच गई। आधे घंटे तक ट्राली बाहर नहीं निकाली जा सकी। इस कारण पानी के अंदर ही अधिकतर लोगों की मौत हो गई। समाचार लिखे जाने तक शवों को बाहर निकाला जा रहा है। घायलों को भीतरगांव सीएचसी में भेजा गया है।  पुलिस ने आसपास से 15 एम्बुलेंस मंगाई हैं। डीएम और एडीजी जोन भी भीतरगांव के लिए रवाना हो गए।

मौके पर पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में करीब 50 लोग सवार थे। 27 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंच रहे हैं और रेस्क्यू अभियान जारी है।

UP कांग्रेस के अध्यक्ष बने बृजलाल खाबरी

बृजलाल खाबरी बने UP कांग्रेस के अध्यक्ष, नसीमुद्दीन सिद्दीकी और अजय राय को भी मिली जिम्मेदारी

कांग्रेस नेता बृज लाल खाबरी. (फोटो- Twitter)

यूपी कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ 6 प्रांतीय अध्यक्ष भी घोषित किए हैं. इनमें नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अजय राय, नकुल दुबे, वीरेंद्र चौधरी, योगेश दीक्षित, अनिल यादव (इटावा) का नाम शामिल है. कांग्रेस की नई टीम के संबंध में महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने पत्र जारी किया है.

लखनऊ। कांग्रेस ने बुंदेलखंड के वरिष्ठ नेता बृजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. दलित समाज के खाबरी जालौन-गरौठा से सांसद भी रहे हैं. इसके अलावा, राज्यसभा सदस्य की जिम्मेदारी भी निभाई है. खाबरी को संगठन का पुराना अनुभव है. वे इससे पहले बसपा में पदाधिकारी भी रहे हैं. फिलहाल खाबरी कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव के पद पर हैं.

यूपी कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ 6 प्रांतीय अध्यक्ष भी घोषित किए हैं. इनमें नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अजय राय, नकुल दुबे, वीरेंद्र चौधरी, योगेश दीक्षित, अनिल यादव (इटावा) का नाम शामिल है. कांग्रेस की नई टीम के संबंध में महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने पत्र जारी किया है.

खाबरी ने 2017 और 2022 में यूपी विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था. हालांकि, दोनों चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. वे दोनों बार ललितपुर जिले की महरौनी (सुरक्षित) से मैदान में उतरे. खाबरी को बीजेपी के मनोहर लाल पंथ (मन्नू कोरी) ने हराया था. मन्नू को यूपी सरकार में दूसरी बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. खाबरी उरई (जालौन)  के रहने वाले हैं.

वहीं नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी बसपा के दिग्गज नेता रहे हैं. बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे. सिद्दीकी अभी यूपी कांग्रेस में संचार विभाग में दायित्व संभाल रहे थे. वहीं, वाराणसी से कांग्रेस अजय राय को भी प्रदेश टीम में शामिल किया गया है. अजय राय 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हैं और दोनों बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.

मंडलायुक्त ने कानूनगो व लेखपालों को लगाई कड़ी फटकार

लखनऊ। बख्शी का तालाब लखनऊ पर मंडलायुक्त डा. रौशन जैकब के नेतृत्व में संपूर्ण समाधान संपन्न हुआ। संपूर्ण समाधान तहसील दिवस पर हजारों की संख्या में शिकायती पत्र लेकर शिकायतकर्ता पहुंचे, ज्यादातर शिकायती पत्र जमीन पर अवैध कब्जा, नहर पर कब्जा व अन्य शिकायती पत्र को लेकर मंडलायुक्त डॉ रौशन जैकब ने लेखपाल एवं कानूनगो को कड़ी फटकार लगाते हुए शिकायतों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। वहीं कई शिकायती पत्र आवास ना मिलने, शौचालय ना मिलने एवं मनरेगा कार्य में फर्जी नाम चढ़ाकर पैसा निकालने को लेकर शिकायती पत्र अधिकारियों को प्राप्त हुए।

मंडलायुक्त ने कहा कि शिकायती पत्र पर अगर कड़ी कार्यवाही कर दी जाए तो दोबारा तहसील दिवस पर शिकायत लेकर किसान नहीं आएंगे। हर अधिकारी को शिकायत पत्र पर कड़ी कार्यवाही कर उसका निस्तारण करना चाहिए। मंडलायुक्त ने कई मामलों को लेकर कानूनगो व लेखपालों को कड़ी फटकार लगाई। इस मौके पर कई उच्च अधिकारी मौजूद रहे। लखनऊ मंडलायुक्त रौशन जैकब एडीएम (एफ/आर) एसडीएम क्षिप्रा पाल, एसपी ग्रामीण ह्रदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी बीकेटी नवीना शुक्ला व खंड विकास अधिकारी पूजा सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

दलितों को उद्यमी बनने में मदद करेगी सरकार

लखनऊ (एजेंसी)। प्रदेश सरकार अब दलितों को उद्यमी बनने में मदद करने जा रही है। दलित अच्छे प्रोजेक्ट बनाकर अपना उद्यम शुरू कर सकें इसके लिए सरकार हर जिले में परियोजना कार्यान्वयन इकाइयां (पीआइयू) गठित करेगी। उद्यम लगाने के लिए सरकार वित्तीय मदद भी प्रदान करेगी। सरकार इनके उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार भी उपलब्ध कराएगी। कारपोरेट सेक्टर के अलावा सरकारी खरीद में भी इनके उत्पाद प्राथमिकता से खरीदे जाएंगे।

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष लालजी निर्मल ने बताया कि सरकार हर जिले में दलितों को उद्यमी बनने में मदद करने के लिए पीआइयू स्थापित करेगी। इनमें एक परियोजना अधिकारी, तकनीकी सहायक, कंप्यूटर सहायक व राज्य स्तर पर एक राज्य समन्वयक होंगे। यह दलित समूहों को व्यवसाय शुरू करने में मदद करेंगे। समूह में दो या दो से अधिक सदस्य हो सकते हैं और प्रत्येक सदस्य को 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। सरकार उद्यमियों को जमीन भी उपलब्ध कराएगी । चिह्नित हर गांव में 20 लाख रुपये की राशि से विकास कार्य भी कराए जाएंगे। सरकार 6,171 दलित बहुल गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करेगी, जहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन गांवों में संचालित सभी योजनाएं अब प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम- अजय) और पीएम आदर्श ग्राम योजना के नाम से जानी जाएंगी।

एक चपरासी का ट्रांसफर नहीं कर सकते डिप्टी सीएम: सुनील साजन

लखनऊ। प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान के बाद यूपी की राजनीतिक सियासत गर्म हो गई है. डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा कि सपा 25 साल तक सत्ता में नहीं आएगी. उनके बयान पर पूर्व एमएलसी और सपा नेता सुनील सिंह साजन ने पलटवार किया है. सुनील सिंह ने कहा कि जनता ने केशव मौर्य को किस तरह हराया, वो डर अभी उनके अंदर बैठा है. वह अवसाद और डिप्रेशन में हैं. वह अपने विभाग की भी फाइल नहीं देख पा रहे हैं. सपा नेता ने कहा मौर्या एक चपरासी का ट्रांसफर करने की भी स्थिति में नहीं हैं.

ओपी राजजभर पर साधा निशाना
सुनील सिंह ने कहा कि पिछड़ों पर लगातार अत्याचार हो रहा है और केशव मौर्या जो पिछड़ों का चेहरा बनकर इस सरकार में उप मुख्यमंत्री बने हैं. वह बाकी सब बातें तो बोलते हैं लेकिन सरकार के खिलाफ तब नहीं बोलते जब पिछड़ों का आरक्षण उनसे छीना जा रहा है. उन पर मुकदमे लादे जा रहे. केशव मौर्य को समझ जाना चाहिए कि उनका भविष्य बीजेपी में नहीं है. ओपी राजभर की सावधान यात्रा पर सुनील साजन ने कहा की सावधान यात्रा निकाली है, तो किस से सावधान रहना है? वह कहते हैं हम पिछड़ों की बात करते हैं, तो पिछड़ों का सबसे ज्यादा दुश्मन बीजेपी है. दलितों का उत्पीड़न सबसे ज्यादा बीजेपी सरकार में हो रहा. वो स्पष्ट करें कि सावधान किस से रहना है क्योंकि खुद तो बीजेपी से जा मिले, जो पिछड़ों और दलितों का दुश्मन है. लोग भी समझ गए कि अब ओपी राजभर से ही सावधान रहने की जरूरत है.

आजम खान ने बनाई साजिश करने वालों से दूरी
आजम खान के गनर लौटाने पर सुनील साजन ने कहा कि आजम साहब का लगातार उत्पीड़न हो रहा है, अन्याय हो रहा है और यह पुलिस कर रही है. जब सरकार, पुलिस प्रशासन मिलकर उनका नुकसान करना चाहते हैं, फर्जी मुकदमे लिख रहे हैं, जेल भेजना चाहते हैं तो पुलिस पर कैसा भरोसा? जब वहीं पुलिस साजिश कर रही है तो उन्होंने साजिश करने वालों से अपनी दूरी बना ली है.

नीतीश ने दिया है बीजेपी को हटाने का फार्मूला
बिहार के सीएम नीतीश कुमार और अपना दल कमेरावादी की कृष्णा पटेल की मुलाकात पर सुनील साजन ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार से एक फार्मूला दिया है, बीजेपी को हटाने का. वह लगातार बीजेपी और उसकी नीतियों के खिलाफ जो लोग हैं और संविधान को मानने वाले समाजवादी विचारधारा के उन सब से मुलाकात कर रहे हैं. नीतीश कुमार से भी सपा के रिश्ते अच्छे हैं और कृष्णा पटेल हमारे गठबंधन में हैं, यह राजनीतिक मुलाकात है. वह सारे लोग एक प्लेटफार्म पर आ रहे हैं, जिन्हें मिलकर 2024 में दिल्ली से बीजेपी का सफाया करना है.

कृषि उत्पादन आयुक्त को भाकियू अराजनैतिक ने सौंपा ज्ञापन

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं के विषयों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन देकर उनके समाधान की मांग की और कहा कि उत्तर प्रदेश में सूखा पड़ने से किसान काफी गंभीर स्थिति में है। अगली फसल के लिए निवेश के पैसे भी उसके पास नहीं हैं। ऐसे में किसान को राहत दिया जाना आवश्यक है। कई विषयों पर कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार से वार्ता की गई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में वार्ता में धर्मेंद्र मलिक राष्ट्रीय प्रवक्ता, हरिनाम सिंह वर्मा प्रदेश अध्यक्ष, दिगंबर सिंह युवा प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहे। ज्ञापन में कहा गया कि कृषि एवं किसान की समस्या हमेशा लगी रहती है। कभी सरकारी नीतियों तो कभी प्रकृति के साथ न देने के कारण किसान पर कर्ज का भार बढ़ता जा रहा है। सरकार द्वारा समय समय पर किसानो को राहत दी जा रही है,लेकिन वह नाकाफी है
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में बारिश न होने के कारण किसान अपनी बुवाई समय से कर नही पाए और जितनी बुवाई हुई उसे फसलों को बचाने में काफी खर्च करना पड़ रहा है। हाल में हुई बारिश ने किसानो की परेशानी को अधिक बढ़ा दिया है
खेती को लाभप्रद बनाने हेतु सरकार को छोटे बड़े हजारों कदम उठाने की आवश्यकता है।


किसानों को राहत दिए जाने के लिए भारतीय किसान यूनियन की मांग…
1-प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों के सभी देय पर अगली फसल की बिक्री तक रोक लगाई जाए
2-किसानों के कर्ज (राज्य/केंद्र) पर वर्तमान सीजन का ब्याज सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दिया जाए। 6 माह के बिजली बिल माफ किए जाए।
3-आगामी सीजन में फसल बुवाई हेतु किसानों को उन्नत एवं गुणवत्ता युक्त बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाए। किसानों को खाद व कीटनाशक कर्ज पर दिए जाए।
4-उत्तर प्रदेश में कुछ चीनी मिलों द्वारा भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। किसानों को बुवाई से पहले भुगतान कराया जाए।
5-बारिश की कमी के कारण गन्ने में रेड रोट,केंसर व धान में बौनेपन की समस्या की कारण उत्पादन में लगभग 30% की कमी की संभावना है, लेकिन इस बार फसल उत्पादन के निवेश में वृद्धि हुई है। किसानों को राहत दिए जाने हेतु गन्ना मूल्य में वृद्धि व धान के किसानों को बोनस दिया जाए।
6-आवारा पशुओं की समस्या किसानों के जी का जंजाल बन चुकी है। गौशालाओं की क्षमता वृद्धि के साथ साथ गंगा नदी के किनारे गाय अभिहरण बनाए जाय। अन्ना प्रथा पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए।
7-सभी अनुदानित उर्वरक की पैकिंग पर क्यूआर कोड के हर कंपनी की पहचान के लिए आवश्यक किया जाए, जिससे नकली उर्वरकों पर रोक लगाने में मदद होगी।
8-कृषि विभाग के तहसील स्तरीय कार्यालय सुचारू रूप से संचालित किए जाए। इनके संचालन हेतु बजट की व्यवस्था की जाए। स्कीम को लागू करने की अधिकार तहसील स्तर के अधिकारियों को दिए जाए।
9-नवसर्जित जनपदों में सामान्य जनपदों के अनुरूप कर्मचारी तैनात किए जाए। नव सृजित तहसीलों में कृषि विभाग के कार्यालय खोले जाए।
10-कृषि रक्षा केंद्रों को प्रभावी बनाने हेतु उन्नत बीज,कीटनाशक,खरपतवार नाशक की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
11- कृषि विभाग में जिप्सम के दाम दोगुने हैं, जो सब्सिडी के बाद भी महंगा है। इसकी जांच की जाए।
12-कृषि प्रसार का कार्य प्रदेश भर में नगण्य है, जिसके कारण किसानों को खेती कीटनाशक, उर्वरक बेचने वाले दुकानदार की सलाह पर करनी पड़ रही है। समय समय पर किसानों को एडवाइजरी जारी की जाए। सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को सक्रिय किया जाए।
13-प्रदेश में नहरों की सफाई का कार्य ऐसे समय किया जाता है जब किसानों को पानी की आवश्यकता होती है। किसानों को पानी की जल्दी के बहाने सफाई की धनराशि बंदरबाट की भेट चढ़ जाती है, इसलिए नहरों की सफाई समय के अनुकूल व मैनुवल कराई जाए।
14-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चौगामा नहर के निर्माण पर सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी आज तक पानी टेल तक नहीं पहुंच पाया है। चौगामा नहर से डार्क जोन वाले 4जनपदों का लाभ होगा। चौगामा नहर में कम से कम बारिश के समय ही पानी दिया जाए, जिससे भूगर्भ के गिरते जलस्तर को रोका जा सके।
15-धान खरीद की सुचारू व्यवस्था किए जाने हेतु समय पर सभी क्रय केंद्र चालू किए जाए। तराई क्षेत्र में धान की अनाधिकृत बिक्री राइस मिल, मंडियों के बाहर खरीद करने वालो पर कार्यवाही की जाए।
16-पूर्व की भांति अगले माह के मध्य कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में कृषि से संबंधित सभी अधिकारियों के साथ भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों के साथ बैठक कराई जाए।

SBI काकोरी ने उपलब्ध कराई राइफल शूटिंग टीम को खेल किट

लखनऊ। प्रदेश स्तरीय माध्यमिक विद्यालयीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज, काकोरी की 6 सदस्यीय टीम जायेगी। प्रतियोगिता का आयोजन जनपद मेरठ में 25 से 27 सितंबर तक किया जा रहा है। इस टीम का पूर्ण खर्च भारतीय स्टेट बैंक काकोरी के द्वारा वहन किया जा रहा है। यह जानकारी भारतीय स्टेट बैंक काकोरी की शाखा प्रबंधक सुश्री निहारिका शिवम मिश्रा ने दी। उन्होंने अच्छे प्रदर्शन की शुभकामनाएं देते हुए टीम को खेल किट उपलब्ध कराई।

जहां एक तरफ भारत सरकार एवं राज्य सरकार खेलों के उत्थान के लिए अनेक प्रकार के खेलों का आयोजन कर रही है, वहीं भारतीय स्टेट बैंक, शाखा-काकोरी के द्वारा प्रदेश स्तर में प्रतिभाग करने वाली इस टीम का पूर्ण खर्च वहन करना एवं खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना एक सराहनीय कदम है। भारतीय स्टेट बैंक काकोरी की शाखा प्रबंधक सुश्री निहारिका शिवम मिश्रा ने प्रदेश स्तर पर प्रतिभाग करने वाली टीम को अच्छे प्रदर्शन की शुभकामनाएं देते हुए खेल किट उपलब्ध कराई। उन्होंने खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य के लिए आगे भी इस प्रकार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। भारतीय स्टेट बैंक शाखा काकोरी की इस पहल के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ राजकुमार सिंह ने शाखा प्रबंधक को धन्यवाद दिया एवं उनके इस कदम की भूरी भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष एवं टीम के कोच हिमांशु शुक्ला, विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता सुनील कुमार, रजनीकांत दीपक, विनोद कुमार वर्मा, अरुण कुमार पांडे, अरविंद वर्मा,नीरज कुमार, प्रदीप बाजपेई, ममता सिंह, राजीव रतन सिंह, मनोज श्रीवास्तव आदि गणमान्य भी उपस्थित थे।

प्रशासनिक के स्थान पर न्यायालय के आदेशों को दें प्राथमिकता: डीएम लखनऊ

लखनऊ। गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार द्वारा लखनऊ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ परिचायात्मक बैठक आहूत की गई। बैठक में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा एक दूसरे को अपना परिचय दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रशासनिक आदेशों के स्थान पर न्यायालय के आदेशों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पैमाईश सम्बंधित प्रकरणों को धारा 24 के अंतर्गत उप जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दाखिल कराते हुए पैमाईश कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से सदभावपूर्ण वार्तालाप किया जाये, जिससे आपसी समान्जस बनाया जा सकें। साथ ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी समय-समय पर मीटिंग करने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारीगण व अधिवक्तागण राजस्व के अंग है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारियों द्वारा दैनिक कार्यो का समय अवधि में निस्तारण किया जाए, सभी कोर्ट में दैनिक कार्य हो, तहसीलों में पैमाइश आदि के कार्यो का निस्तारण समय से हो, ताकि कोई समस्या उत्पन्न न हो। कोर्ट में वादों का समयबद्ध निस्तारण करनें की व्यवस्था की जाये और प्रशासनिक दयत्वों को निभाते हुए रेगूलर कार्ट की जाये। समस्त अधिवक्तागण तथ्यात्मक रुप से कोर्ट में वाद प्रतिवाद करने के लिए प्रतिबद्ध हों तथा नियमों के आधार पर पक्ष प्रस्तुत किया जाये, जिसके लिए अपने जूनियर के माध्यम से तथ्यों को कोर्ट में पेश किया जाये ताकि कोर्ट के वादों का निस्तारण नियमानुसार गुण्वत्तापूर्ण तथा सही समय पर किया जा सके। बाद में जिलाधिकारी द्वारा बार एसोसिएशन के कार्यालय भवन का भी निरीक्षण किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, अपर जिलाधिकारी एल0ए0 प्रथम, अपर जिलाधिकारी एल0ए0 द्वितीय, समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट, अध्यक्ष बार एसोसिएशन, उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन, महामंत्री बार एसोसिएशन सहित समस्त बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

सक्सेना जी ने तो कटा लिया चालान, लेकिन अब सो रही पुलिस!

गाड़ी पर जाति लिखवाने पर करनी थी कार्रवाई।
UP में ‘Saxena Ji’ के नाम दिसंबर 2020 में कटा था पहला चालान। पीएएमओ के निर्देश के बाद यूपी सरकार ने गाड़ियों पर जाति या धर्मसूचक स्टिकर लगाने पर लगाया था प्रतिबंध।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द लिखवाने पर कड़ी कार्रवाई ठंडे बस्ते में गई है। दिसंबर 2020 में किसी भी गाड़ी पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने पर रोक लगा दी गई थी। इस नए आदेश के अनुपालन में प्रदेश का पहला चालान राजधानी में कानपुर के “सक्सेना जी” की गाड़ी का काटा गया था। पीएएमओ के निर्देश के बाद यूपी सरकार ने गाड़ियों पर जाति या धर्मसूचक स्टिकर लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

बताया गया है कि महाराष्ट्र के एक शिक्षक ने उत्तर प्रदेश में कार, बाइक, ट्रक, ट्रैक्टर और ई-रिक्शा पर जाति सूचक शब्द लिखे होने का मामला उठाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। उन्होंने इसे सामाजिक खतरा बताया था।शिकायत का संज्ञान लेते हुए पी.एम.ओ. ने उत्तर प्रदेश सरकार को कार्यवाही करने के आदेश दिए। आदेश का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त ने धारा 177 के तहत कार्यवाही करने के आदेश जारी किए। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुजीत दुबे के मुताबिक थाना नाका हिन्डोला अंतर्गत दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन चेक पोस्ट पर वाहनों की चेकिंग कर रहे सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार अशोक ने कार पर लिखे ‘जाति सूचक’ शब्द पर पहला चालान किया।

क्या कहा था पुलिस आयुक्त ने?
पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के अनुसार एक वैन नाका थाना क्षेत्र से होकर कानपुर की ओर जा थी। इस पर नंबर कानपुर का दर्ज होने के साथ ही पीछे शीशे पर “सक्सेना जी” लिखा था। इस दौरान एसआई दीपक कुमार ने वाहन चेकिंग अभियान के तहत गाड़ी को रोका और चालान कर दिया।

वीडियो भी हुआ था वायरल
लखनऊ में वाहनों पर जातिसूचक शब्द लिखे जाने पर कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में एक पुलिस कर्मी पहले नए आदेश को गाड़ी चालक को समझता है जिसकी गाड़ी पर ‘सक्सेना जी’ लिखा होता है, फिर कहता है कि वह उसकी गाड़ी का चालान कर रहा है। इसके बाद पुलिसकर्मी 500 रुपए का चालान काट देता है।

पूरे प्रदेश में नियमों की अनदेखी: फिलहाल पूरे उत्तर प्रदेश में यातायात के नियमों की अनदेखी की जा रही है। वाहन चालक खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए घूम रहे हैं, लेकिन विभाग उदासीन है।

ब्लॉक प्रमुखी जीतने को खर्च किए ₹3 करोड़, वायरल ऑडियो पर शिकायत

अलीगंज ब्लॉक प्रमुख रेखा शाक्य के पति डॉ. अशोक रतन शाक्य के कथित वायरल ऑडियो को लेकर अधिकार सेना के राष्ट्रीय संयोजक रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने शासन में शिकायत की है। साथ ही इसे लेकर सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो भी उन्होंने जारी किया है। यह भी कहा गया कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीतने के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

ब्लॉक प्रमुख पति के कथित वायरल ऑडियो पर अमिताभ ठाकुर ने की शिकायत
एटा। अलीगंज ब्लॉक प्रमुख रेखा शाक्य के पति डॉ. अशोक रतन शाक्य के कथित वायरल ऑडियो को लेकर अधिकार सेना के राष्ट्रीय संयोजक अमिताभ ठाकुर ने शासन में शिकायत की है। साथ ही इसे लेकर सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो भी उन्होंने जारी किया है। हालांकि ब्लॉक प्रमुख के पति इसे अपना ऑडियो मानने से इनकार कर रहे हैं।

भाजपा विरोधी, यादव और मुसलमानों को नहीं देंगे कोई काम: ब्लॉक प्रमुख की फोन कॉल का कथित ऑडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें फोन पर उनकी बात कानपुर नगर के रवि द्विवेदी से होती है। बातचीत के दौरान ब्लॉक प्रमुख पति के नाम से व्यक्ति कहता है कि हम भाजपा विरोधी, यादव और मुसलमानों को कोई काम नहीं देंगे। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया।

जांच कराकर कार्रवाई की मांग: यह भी कहा गया कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीतने के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसी को लेकर अमिताभ ठाकुर ने मुख्यमंत्री सहित पीएमओ, गृह मंत्रालय, आयकर विभाग व ईडी के अधिकारियों को शिकायत भेजी है। कहा है कि मामला काले धन और कर चोरी से जुड़ा है और आपराधिक कृत्य का मामला है। इस पर जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए।

डाक विभाग की 12वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘यूफिलेक्स–2022’ की तैयारियां

डाक विभाग द्वारा 12वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘यूफिलेक्स–2022’ का 15 से 17 अक्टूबर, 2022 तक आयोजन

डाक टिकट प्रदर्शनी ‘यूफिलेक्स–2022’ के संबंध में चीफ पोस्टमास्टर जनरल के.के सिन्हा ने जारी की विशेष बुकलेट

आजादी के अमृत काल में डाक टिकटों के माध्यम से भारत की समृद्धि, संस्कृति एवं विरासत में उत्तर प्रदेश के योगदान को प्रदर्शित करेगा ‘यूफिलेक्स–2022’

लखनऊ। आजादी के अमृत महोत्सव के क्रम में उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल द्वारा 12वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘यूफिलेक्स–2022’ का आयोजन 15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर, 2022 तक ललित कला अकादमी, अलीगंज, लखनऊ में किया जाएगा। उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने इस प्रदर्शनी के आयोजन के संबंध में विशेष बुकलेट जारी करते हुए बताया कि इस प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश के तमाम डाक टिकट संग्रहकर्ताओं द्वारा भारत एवं विश्व के विभिन्न अनूठे व मूल्यवान डाक टिकटों का प्रदर्शन किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछली राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी आठ वर्ष पूर्व वर्ष 2014 में आयोजित की गयी थी।

चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि डाक टिकट किसी भी देश के सांस्कृतिक एवं सामाजिक जीवन की वास्तविक झांकी प्रस्तुत करते हैं। ‘यूफिलेक्स–2022’ में आजादी के अमृत काल में डाक टिकटों के माध्यम से भारत की समृद्धि, संस्कृति एवं विरासत में उत्तर प्रदेश के योगदान को भी प्रदर्शित किया जायेगा। प्रदर्शनी के तीनों दिवसों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों, स्मारकों, विरासतों, साहित्य, कला, संस्कृति इत्यादि पर विशेष आवरण और विरूपण भी जारी किये जायेंगे। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रदर्शनी में युवाओं और स्कूली बच्चों के अंदर एक अभिरुचि के रूप में फिलेटली को विकसित करने हेतु फिलेटलिक वर्कशॉप, पेन्टिंग, क़्विज और अन्य तमाम गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। डाक टिकटों पर अपनी और अपने प्रियजनों की फोटो छपवाने की सुविधा हेतु हेतु ‘माई स्टैम्प’ का विशेष काउंटर भी लगाया जायेगा।

चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री सिन्हा ने बताया कि ‘यूफिलेक्स–2022’ के आयोजन हेतु विभिन्न कमेटियाँ गठित की गई हैं। चीफ पोस्टमास्टर जनरल जहां आयोजन समिति के अध्यक्ष होंगे, वहीं पोस्टमास्टर जनरल कानपुर कर्नल एस. एफ. एच. रिजवी स्टीयरिंग और ज्यूरी/अवार्ड कमेटी, महाप्रबंधक (वित्त) राजेंद्र प्रसाद ट्रेड और वालंटियर कमेटी, पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी कृष्ण कुमार यादव पब्लिकेशन, पब्लिसिटी व डिजाइनिंग कमेटी, पोस्टमास्टर जनरल आगरा राजीव उमराव यूथ प्रोग्राम और एलॉटमेंट, प्रदर्शनी, तकनीकी व सुरक्षा कमेटी, पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ विवेक कुमार दक्ष रिसेप्शन, हॉस्पिटलिटी, सेरेमोनियल व प्रोग्राम कमेटी के अध्यक्ष होंगे।

यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ अभियान

लखनऊ (एजेंसी)। पुलिस महानिदेशक देवेन्द्र सिंह चौहान व अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के निर्देशन में यूपी पुलिस ने विभिन्न मामलों में 33 अपराधियों को धर दबोचने का काम किया है। यूपी पुलिस द्वारा की गई आज की गिरफ्तारी में 8 बावरिया गैंग का 8 साल से फरार 50 हजारी इनामी बदमाश सहित कई इनामी अपराधी अरेस्ट किये हैं। यूपी पुलिस निरंतर बदमाशों पर ताबडतोड़ कार्रवाई कर उन्हें कारागार में कैद कर रही है।

1.यूपी एसटीएफः एसटीएफ मुख्यालय टीम द्वारा बी-127 सेक्टर-2 नोएडा से फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी एवं पी.एन.बी.मैट लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर धोखाधड़ी करके ग्राहकों से प्रीमियम जमा कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना सहित 04 जालसाज अभियुक्तगण अंकित कुमार, सुमित पांडे, आकाश व सागर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्तगण के कब्जे से 01 लैपटॉप 10 मोबाइल फोन 08 लैंडलाइन फोन 01 मोटरसाइकिल 06 पेज इंश्योरेंस कंपनी डाटा व नगद 6800 बरामद किया गया है।

2. पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगरः थाना दनकौर पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान पुलिस मुठभेड़ में अट्टा फतेहपुर के पास से 01 शातिर गौकश अभियुक्त ताजू पुत्र याकूब निवासी अट्टा फतेहपुर थाना दनकौर जनपद कमिश्नरेट गौतमबुध नगर गोली लगने से घायल होकर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्त के कब्जे से 01 तमंचा कारतूस 01 छुरी, तराजू, लकड़ी का गुटका, रस्सी व गोवंश के अवशेष बरामद किये गये हैं।

3. पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुध नगरः थाना नॉलेज पार्क पुलिस व स्वाट की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा टेलीग्राम/ऑनलाइन, डार्क वेब व अन्य वॉलेट एप के माध्यमों से अवैध उच्च कोटि के नशीले पदार्थ (कैलिफोर्निया बेस) व PILL आदि मंगाकर दिल्ली एनसीआर के हॉस्टलों व कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को सप्लाई कर अवैध धन अर्जित करने वाले 03 मादक पदार्थ तस्कर अभियुक्तगण- भानु, अधिराज , सोनू कुमार निवासीगण सूरजकुंड जिला फरीदाबाद हरियाणा को एलजी गोल चक्कर आईआईएमटी कॉलेज नॉलेज पार्क मोड़ पर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्तगण के कब्जे से नशीला (Original grower Califonia weed) कुल वजन 960 ग्राम कीमत 29 लाख रुपए टेबलेट PILl~ MDMA CCSTASY 01 LSD वजन मापने की छोटी इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन व सिल्वर धातु की 01 कृश करने/ पाउडर बनाने की डिब्बी बरामद किया गया है।

4. पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुध नगरः थाना सेक्टर 63 नोएडा पुलिस द्वारा फर्जी डिग्री बनाने व देने वाले अंतरराज्यीय गैंग के 02 अभियुक्तगण आनंद शेखर निवासी अनीसाबाद जिला पटना बिहार, चिराग शर्मा निवासी कैलाशपुरी बुलंदशहर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्तगण के कब्जे से 85 फर्जी मार्कशीट/ प्रमाण पत्र 58 लिफाफे फर्जी मार्कशीट 38 खाली लेटर पैड 07 खाली अंकतालिका सीट 08 मुहरे 14 डेक्सटॉप 14 सीपीयू 11 माउस 12 की बोर्ड 42 डेस्कटॉप वायर 01 पेपर कटर 01 हेडफोन 01 कलर प्रिंटर 01 राउटर 01 वाईफाई कनेक्टर 02 इंटरनेट स्विच बॉक्स 33 नोकिया मोबाइल फोन कीपैड 55 सिम भिन्न-भिन्न कंपनियों के बरामद किया गया है।

5. पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुध नगरः थाना बीटा-2 पुलिस द्वारा दिनांक 05.09.2022 को मर्चेंट नेवी अधिकारी के घर हुई डकैती की घटना का पर्दाफाश कर 02 महिलाओं सहित पंखिया गैंग के 06 शातिर डकैत अभियुक्तगण- पिंकी ,सीमा, झंकार सिंह ,अमन ,संदीपव राहुल वर्मा को अल्फा -1 कमर्शियल बेल्ट मेट्रो स्टेशन थाना क्षेत्र सूरजपुर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्तगण के कब्जे से नगद 20,000 सोने चांदी के जेवरात 01 हैंडीकैम कैमरा व आर्टिफिशियल ज्वेलरी 35 विदेशी मुद्रा आदि महंगे अन्य सामान बरामद किया गया है।

6. पुलिस कमिश्नरेट लखनऊरूः थाना मड़ियांव थाना जानकीपुरम व क्राइम ब्रांच की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा नौबस्ता बड़ा खदान से 03 शातिर चोर अभियुक्तगण- इब्राहिम मुन्ना उर्फ इमरान शाहिद निवासी गण धर्मपुर थाना तालगांव जनपद सीतापुर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है.अभियुक्तगण के कब्जे से 01 लाइसेंसी पिस्टल 32,000 घ् नगद सोने चांदी के जेवरात कीमत 05 लाख 01 मोटरसाइकिल बरामद किया गया है।

7. जनपद बुलंदशहरः थाना डिबाई पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर मुरैना नहर पुल अनूपशहर से अलीगढ़ रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस मुठभेड़ में वर्ष 2014 से डकैती में वांछित 50,000 इनामियां बावरिया गैंग का 01 शातिर अभियुक्त कप्तान उर्फ मंगल उर्फ विजय पुत्र दिनेश उर्फ बड़ा बाबरिया निवासी दुर्गापुरी अलापुर थाना जौरा जनपद मुरैना मध्य प्रदेश घायल होकर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्त के कब्जे से एक तमंचा कारतूस व 01 मोटरसाइकिल बरामद किया गया है।

8. जनपद शाहजहांपुरः थाना बंडा पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर नहर कोठी खंडहर से अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 02 शातिर अवैध शस्त्र निर्माता अभियुक्तगण- बलराम, सरनाम निवासी रसूलपुर थाना बंडा जनपद- शाहजहांपुर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्तगण के कब्जे से 05 निर्मित तमंचे 02 अधबने तमंचा 03 बॉडी तमंचा की 03 नाल 01 गैस सिलेंडर लोहे की भट्टी व शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किये गये हैं।

9. जनपद शाहजहांपुरः थाना कोतवाली पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान डैम तिराहे के पास से 01 शातिर मादक पदार्थ तस्कर टॉप टेन अभियुक्त चंदन पुत्र ओमप्रकाश निवासी अजीजगंज थाना कोतवाली जनपद शाहजहांपुर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्त के कब्जे से 160 ग्राम स्मैक अंतरराष्ट्रीय कीमत 64 लाख रुपए की बरामद किया गया है।

10. जनपद प्रतापगढ़ः थाना देल्हुपुर पुलिस व स्वाट की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा प्रतापगढ़-प्रयागराज सीमा पर चेकिंग के दौरान 03 शातिर मादक पदार्थ तस्कर अभियुक्तगण कपिल गिरी मनीष सिंह शिवकुमार निवासीगण क्रमशः अमेठी प्रतापगढ़ रायबरेली को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्तगण के कब्जे से 01 कुंतल 35 कि.ग्रा.गांजा 01 डीसीएम गाड़ी 02 मोबाइल फोन 03 मोबाइल कीपैड नगद 2500 01 आधार कार्ड बरामद किया गया है।

11. जनपद गोरखपुरः थाना चिलुआताल पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान पुलिस पर जानलेवा हमले के आरोपी को रामपुर चकबंधा पर अंर्तराज्यीय 01 वांछित गौ तस्कर/ हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त जुल्फिकार पुत्र शुकुरूल्लाह निवासी सेमरा हरदो टोला थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर गोली लगने से घायल होकर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है.अभियुक्त के कब्जे से 01 तमंचा कारतूस 01 मोटरसाइकिल बरामद किया गया है।

12. जनपद चंदौलीः थाना इलिया पुलिस व स्वाट की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर बनरसिया माइनर के पास से 03 शातिर वाहन चोर अभियुक्तगण-विजयमल सिंह, पंकज यादव, अभिषेक खरवार निवासीगण फेसुड़ा थाना सैयदराजा जनपद चंदौली को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है.अभियुक्तगण के कब्जे से 09 मोटरसाइकिल 02 मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

13. पुलिस कमिश्नरेट वाराणसीः थाना चौक पुलिस द्वारा अंर्तराज्यीय गैंग का 25,000 घ् इनामियां 01 शातिर लुटेरा अभियुक्त मोहम्मद अमजद पुत्र गुल मोहम्मद निवासी मकान नंबर 5 गली नंबर 3 हमीदिया बॉयज गिन्नौरी रोड भोपाल मध्य प्रदेश को मुखबिर की सूचना पर चारबाग रेलवे स्टेशन लखनऊ से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

14. जनपद बदायूंः थाना अलापुर पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान ककराला तिराहे पर 02 मादक पदार्थ तस्कर अभियुक्तगण- फिरोज अहमद, आस्कार हुसैन उर्फ जफर अली निवासीगण महमूदपुर माफी थाना मैनाठेर जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है.अभियुक्त गण के कब्जे से 02 किलो अफीम अंतरराष्ट्रीय कीमत 50 लाख रुपए व 01 स्कूटी बरामद किया गया है।

उत्तराखंड में रेड अलर्ट !! भारी बारिश की चेतावनी, UP के 35 जिलों में वर्षा जारी

रेड अलर्ट !!मौसम अपडेट

देहरादून। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लगभग सभी जिलों में आज से 18 सितंबर तक भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी है. अधिकांश जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केन्द्रों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. जगह जगह लैंडस्लाइड होने की आशंका भी व्यक्त की गयीहै. NDRF SDRF को अलर्ट पर रखा गया है , मौसम विभाग ने लोगो से अपील की है कि बेवजह पहाडी इलाकों में न जाएं !!

वहीं यूपी के 35 जिलों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गयी है. शामली, मुज़फ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, लखनऊ में आज सुबह से लगातार रुक रुक कर बारिश हो रही है.

खुद के सिंबल पर निकाय चुनाव लड़ेगी बीजेपी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव बीजेपी अपने सिंबल पर लड़ेगी. नगर निगम में मेयर, पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष पार्षद, वार्ड अध्यक्ष समेत सभी चुनाव बीजेपी अपने ही चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी.

महत्वपूर्ण चर्चा- उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर लखनऊ में एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. संभवतः नगर निकाय के उम्मीदवारों के चयन के पैमानों को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के अलावा 7 मोर्चों के शीर्ष नेता भी बैठक में पहुंचे। एमएलसी चुनाव पर भी चर्चा हुई. 

मिली थी विधानसभा चुनाव में बड़ी कामयाबी
विधानसभा चुनाव में ग्रामीण इलाकों में संपर्क बढ़ाने के साथ बीजेपी ने शहरी इलाकों में पकड़ कायम रखी थी. अब वह नगर निगमों, नगर पालिकाओं के चुनाव में भी यही प्रदर्शन कायम रखना चाहेगी. पंचायत चुनावों में bjp ने 85 प्रतिशत से ज्यादा सीटें जीतकर बड़ी कामयाबी पाई थी. 

माननीयों की संतानों को टिकट नहीं
नगर निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी ने पहले ही स्पष्ट संकेत दे दिया है कि पार्टी के विधायकों और सांसदों के बेटे-बेटियों और अन्य पारिवारिक सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाएगा. उनके परिवार का कोई सदस्य निर्दलीय चुनाव लड़ता है तो उन पर ऐक्शन होगा. संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत लागू कराने की तैयारी है, हालांकि बताते हैं कि ये बदलाव नगर निकाय चुनाव के बाद किया जाएगा. 

जल्दी ही सांगठनिक बदलाव
जल्दी ही संगठन में भी बदलाव की तैयारी की जा रही है। अभी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी हैं. नरेंद्र कश्यप पिछड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष के साथ मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. बेबी रानी मौर्य राष्ट्रीय महामंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी देख रही हैं. एके शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ऊर्जा मंत्री हैं. जेपीएस राठौर प्रदेश महामंत्री के साथ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री हैं.

मलिहाबाद में शिविर लगा कर 112 पशुओं की चिकित्सा

लखनऊ। एस्कैड योजना के अंतर्गत सोमवार को मलिहाबाद के ग्राम टिकरी खुर्द में पशु चिकित्सा शिविर आयोजन किया गया। इस अवसर पर 112 पशुओं की चिकित्सा की गई। शिविर के आयोजन में डॉ. आरएस मिश्र ने पशुपालकों को पशुओं का बीमा करने एवं किसान क्रेडिट कार्ड बनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। शिविर में योगेन्द्र, अनुराग, अतुल कुमार एवं सूरज आदि मौजूद रहे।

12 सितंबर: संविधान सभा में आज ही शुरू हुई थी हिंदी राजभाषा के प्रश्न पर बहस

संदर्भ हिंदी दिवस-12 सितंबर। संविधान सभा में आज ही शुरू हुई थी हिंदी राजभाषा के प्रश्न पर बहस। संविधान सभा में आज ही शुरू हुई थी हिंदी राजभाषा के प्रश्न पर बहस।

लखनऊ। आज 12 सितंबर है। संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा बनाए जाने के तैयार किए गए मसौदे पर आए 300 से अधिक संशोधनों पर दिलचस्प बहस आज ही शुरू हुई थी। हिंदी और अहिंदी भाषी राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच गरमागरम यह बहस लोकसभा सचिवालय द्वारा 1994 में प्रकाशित की गई ‘भारतीय संविधान सभा के वाद विवाद की सरकारी रिपोर्ट’ का अहम दस्तावेज है। हिंदी को राज या राष्ट्रभाषा बनाए जाने से जुड़े संशोधनों पर संविधान सभा में हुई बहस में पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सेठ गोविंद दास, एन गोपालस्वामी आयंगर, अलगू राय शास्त्री, आरबी धुलेकर, मौलाना हसरत मोहानी, वीएन गाडगिल, नजीरउद्दीन अहमद, मौलाना हिफजुररहमान, श्रीमती जी. दुर्गाबाई , डॉ रघुवीर, मोहम्मद इस्माइल, शंकरराव देव, पंडित रविशंकर शुक्ल, रामसहाय, बीएम गुप्ते, रेवरेंड जिरोम डिसूजा, कुलधार चालिया, टीटी कृष्णमाचारी, आरके सिधवा, डॉ. पी सुब्बरायन, बी. दास, डॉ पीए चक्को, काजी सैयद करीमुद्दीन, पंडित गोविंद मालवीय, पंडित लक्ष्मीकांत मैत्र द्वारा पक्ष विपक्ष में प्रस्तुत किए गए तर्क-वितर्क और बहस पृष्ठ संख्या 2055 से 2332 (277 पृष्ठ) में दर्ज है। तमाम सहमति-असहमति के बीच सभा के कुछ सदस्यों ने बीच का रास्ता भी अपनाया था। इनमें पंडित जवाहरलाल नेहरू और संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद प्रमुख थे।
हिंदी को राजभाषा के प्रश्न पर हिंदी और अहिंदी भाषी तो लगभग तमाम वाद-विवाद के बाद सहमत हो गए थे लेकिन विवाद के केंद्र में हिंदी और रोमन अंकों के उपयोग का मसला ही था। अंत में अंग्रेजी अंकों के उपयोग पर सभी की सहमति के साथ राजभाषा का यह मसला 12 सितंबर से शुरू होकर 14 सितंबर 1949 की शाम को समाप्त हुआ था। 3 दिनों में करीब 24 घंटे तक बहस चली। कई संशोधन प्रस्ताव एक से होने की वजह से कुछ लोगों को ही बात रखने का अवसर मिला। कुछ संशोधन प्रस्ताव वापस ले लिए गए और हाथ उठाकर मतों के जरिए हिंदी को राजभाषा, देवनागरी लिपि और रोमन अंकों के उपयोग पर सहमति बनी।

संविधान सभा में भाषा के प्रश्न पर हुई इस बहस का समापन करते हुए अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा-‘मैं आश्चर्य कर रहा था कि हमें छोटे से मामले (रोमन अंकों के उपयोग) पर इतनी बहस करने की, इतना समय बर्बाद करने की क्या आवश्यकता है? आखिर अंक हैं क्या? वैसे दस ही तो हैं। इन दस में मुझे याद पड़ता है कि तीन तो ऐसे हैं जो अंग्रेजी और हिंदी में एक से हैं–२, ३ और ०। मेरे ख्याल से चार और है जो रूप में एक से है किंतु उनमें अलग-अलग अर्थ निकलते हैं। उदाहरण के लिए हिंदी का ४ अंग्रेजी के 8 से बहुत मिलता जुलता है। मैं अपने हिंदी के मित्रों से कहूंगा कि वह इसे (दक्षिण भारतीयों की रोमन अंकों के उपयोग के प्रस्ताव) उस भावना से स्वीकार करें। इसलिए स्वीकार करें कि हम उनसे हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि स्वीकार करवाना चाहते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि सदन ने बहुमत से सुझाव को स्वीकार कर लिया है।

अंकों के उपयोग पर चले वाद विवाद का समापन करते हुए डॉ राजेंद्र प्रसाद ने एक छोटा सा मनोरंजक दृष्टांत भी अपने वक्तव्य में सुनाया-‘हम चाहते हैं कि कुछ मित्र हमें निमंत्रण दें। वे निमंत्रण दे देते हैं। वह कहते हैं, आप आकर हमारे घर में ठहर सकते हैं। उसके लिए आपका स्वागत है, किंतु जब आप हमारे घर आएं तो कृपया अंग्रेजी चलन के जूते पहनिए। भारतीय चप्पल मत पहनिए, जैसे कि आप अपने घर में पहनते हैं। इस निमंत्रण को केवल इस आधार पर ठुकराना मेरे लिए बुद्धिमत्ता नहीं होगी कि मैं चप्पल को नहीं छोड़ना चाहता। मैं अंग्रेजी जूते पहन लूंगा और निमंत्रण को स्वीकार कर लूंगा और इसी सहिष्णुता की भावना से राष्ट्रीय समस्याएं हल हो सकती हैं’

उन्होंने इस बात के साथ अपने वक्तव्य का समापन किया-‘हमारी परंपराएं एक ही हैं। हमारी संस्कृति एक ही है और हमारी सभ्यता में सब बातें एक ही हैं। अतएव यदि हम इस सूत्र (अंग्रेजी अंकों के उपयोग) को स्वीकार नहीं करते तो परिणाम यह होता कि या तो इस देश में बहुत सी भाषाओं का प्रयोग होता या वे प्रांत पृथक हो जाते जो बाध्य होकर किसी भाषा विशेष को स्वीकार करना नहीं चाहते। हमने यथासंभव बुद्धिमानी का कार्य किया है। मुझे हर्ष है। मुझे प्रसन्नता है और मुझे आशा है कि भावी संतति इसके लिए हमारी सराहना करेगी।

गौरव अवस्थी
रायबरेली

पीएम अजय योजना से दलितों का होगा आर्थिक सशक्तिकरण – डा. निर्मल

अनुसूचित जाति का दलित दंश समाप्त करने की दिशा में सरकार ने उठाया बड़ा कदम – पी0एम0 अजय योजना से दलितों का होगा आर्थिक सशक्तिकरण – डा0 निर्मल।

लखनऊ। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुसूचित जातियों का दलित दंश समाप्त करने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुँचाकर दलितों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु बड़ा कदम उठाया है। उक्त बातें अति विशिष्ट अतिथि गृह लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उ0प्र0 अनुसचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डा0 लालजी प्रसाद निर्मल ने कही।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से स्वच्छ भारत मिशन की घर-घर शौचालय योजना ने सदियों से चली आ रही हांथ से मैला उठाने की प्रथा पर पूर्ण विराम लगा दिया उसी प्रकार प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पी0एम0-अजय) दलितों का सामूहिक आर्थिक सशक्तिकरण करके सदियों से चले आ रहे दलित त्रासदी(दंश) को समाप्त करेगा। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाएं प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के नाम से जानी जायेंगी। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्य गावों में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना संचालित होगी। दलित बाहुल्य क्षेत्रों में समूहों/क्लस्टर के रूप में अनुसूचित जाति के उद्यमी बनाने हेतु आय-सृजक योजनाएं चलायी जायेंगी तथा उक्त गावों में आय-सृजन हेतु आवश्यक निर्माण भी कराये जायेंगे। पी0एम0-अजय योजना के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों हेतु नये छात्रावासों का निर्माण होगा तथा पुराने छात्रावासों का नवीकरण/सुदृढ़ीकरण कराया जायेगा।

आय व अनुदान सीमा बढ़ी- डा0 निर्मल ने कहा कि उ0प्र0अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं में पात्रता हेतु अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय सीमा रू0 47080 तथा शहरी क्षेत्रों में रू0 56460 तथा अनुदान की धनराशि रू0 10 हजार निर्धारित थी। जुलाई 2018 में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आय सीमा एवं अनुदान सीमा में वृद्धि करने हेतु भारत सरकार से अनुरोध किया था। केन्द्र सरकार ने व्यापक मंथन करके अब पात्रता हेतु आय सीमा और अनुदान में बड़ा बदलाव किया है। इन योजनाओं में अब वार्षिक आय सीमा को सीमामुक्त (सभी के लिए) करते हुए रू0 2.50 लाख रूपये से कम वार्षिक आय के लोगों को योजनाओं में प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गयी है। अनुदान राशि रू0 10 हजार के स्थान पर अब सहायता राशि रू0 50 हजार प्रति लाभार्थी दी जायेगी।

उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता- अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को उद्यम स्थापित करने के लिए लाभपरक परियोजनाओं के माध्यम से उनका आर्थिक सशक्तिकरण किया जायेगा और इस हेतु अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के क्लस्टर/समूहों/समितियों का चयन किया जायेगा। इन समूहों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए उनकी समयबद्ध प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। व्यक्तिपरक परियोजनाओं की जगह दलितों के समूहों को उद्यमी बनाया जायेगा। लाभार्थियों के प्रोजेक्ट बनाने के लिए प्रशिक्षण दिलाने तथा उनके उद्यम पर निगरानी रखने के लिए PIU (Project Implementation Unit) की व्यवस्था राज्य और जनपद स्तर पर की गयी है जिसमें प्रोजेक्ट आफिसर, प्रोजेक्ट टेक्निकल असिस्टेंट, प्रोजेक्ट कम्प्यूटर असिस्टेंट तथा राज्य स्तर पर स्टेट को-आर्डीनेटी एवं स्टाफ की व्यवस्था की गयी है। इन लाभार्थियों के उत्पादों को बाजार प्रदान करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गयी है। इस हेतु बड़े-बड़े उद्यमी समूहों से संवाद भी किया जा रहा है।

6171 अनुसूचित जाति बाहुल्य गावों को विकसित करेंगे आदर्श ग्राम के रूप में- प्रदेश में 6171 अनुसूचित जाति बाहुल्य गावों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किये जाने की व्यवस्था की गयी है, जिसमें सारी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सरकार द्वारा प्रत्येक चयनित गांव में 20 लाख रूपये की राशि से विकास कार्य कराये जायेंगे और अवशेष कार्य विभिन्न विभागों के माध्यम से कराये जायेंगे। इन गावों में क्लस्टर के रूप में चिन्हित लाभार्थियों को उद्यम लगाने हेतु आवश्यक निर्माण भी कराया जायेगा।

6 नये बाबू जगजीवनराम छात्रावासों का निर्माण- डा0 निर्मल ने बताया कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश में 6 नये बाबू जगजीवनराम छात्रावासों का निर्माण कराया जायेगा तथा वर्तमान में निर्मित/संचालित 261 बाबू जगजीवनराम छात्रावासों में से मरम्मत योग्य छात्रावासों के मरम्मत का कार्य कराया जायेगा। छात्रावासों के निर्माण हेतु प्रति अंतःवासी रू0 3 लाख का व्यय सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। फर्नीचर हेतु 5 हजार रूपये प्रति अंतःवासी की दर से धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। बालिका छात्रावासों के निर्माण हेतु उन क्षेत्रों का प्राथमिकता दी जायेगी जहां बालिकाओं की साक्षरता दर कम है। बालिका छात्रावासों में महिला सुरक्षा गार्ड और महिला छात्रावास अधीक्षिका की नियुक्ति की जायेगी। पुराने छात्रावासों की मरम्मत हेतु 50 अंतःवासी छात्रों की क्षमता वाले छात्रावासों के लिए 5 लाख रूपये, 100 अंतःवासी छात्रों की क्षमता वाले छात्रावासों के लिए 10 लाख रूपये तथा 150 अंतःवासी छात्रों की क्षमता वाले छात्रावासों के लिए 15 लाख रूपये खर्च किये जायेंगे।
डा0 निर्मल ने बताया कि अनुसूचित जाति के लिए आजादी के बाद पहली बार दलित आर्थिक एजेण्डा के रूप में स्टैंड-अप इण्डिया योजना के बाद प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना लागू की गयी है जो दलितों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगी और आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के पहले ही अनुसूचित जातियों का दलित दंश इस योजना के माध्यम से समाप्त हो जायेगा।

यूपी पुलिस के बाद अब आरटीओ दफ्तर की वसूली लिस्ट वायरल 

यूपी पुलिस के बाद अब आरटीओ दफ्तर की वसूली लिस्ट वायरल 

यह लिस्ट पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वायरल की है

लखनऊ। यूपी पुलिस की वसूली लिस्ट के बाद अब आरटीओ दफ्तर की वसूली लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह लिस्ट पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने वायरल की है। अमिताभ ठाकुर ने आरटीओ दफ्तर की वसूली लिस्ट को ट्विटर के जरिए कई लोगों को भेजा। अधिकार सेना के संयोजक व पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने रविवार को चंदौली के आरटीओ कार्यालय की वसूली लिस्ट सार्वजनिक की। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और चंदौली के जिलाधिकारी को ट्वीट किया है। ट्वीट के साथ वसूली लिस्ट संलग्न की गई है। 

आरोप है कि गाजियाबाद से नए एआरटीओ के आने के बाद सूची बनाई गई है। सूची में एक आरआई और एक लिपिक का भी नाम दिया गया है। आरटीओ कार्यालय में कई निजी व्यक्तिों को रखकर वसूली कराई जाती है। अधिकार सेना के संयोजक ने इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। 

वसूली लिस्ट का रेट  

ड्राइविंग लाइसेंस-1000, रिन्युअल-300-500, (फिटनेस)-छोटे वाहन-700, बड़े वाहन-1000, (फर्जी बीमा होने पर)-छोटे वाहन-1000, बड़े वाहन-1500, (एनओसी के लिए)-छोटे वाहन-1500, बड़े वाहन-3000, कामर्शियल वाहन- 500-5000, (ट्रांसफर के लिए)-बाइक-400, कार-800, ट्रक-1500, (बिहार के पता वाले वाहन का)-ट्रक-6000,  पिकअप-3000 रुपए।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का कहना है कि वसूली लिस्ट की जानकारी मिल गई है। अधिकारियों को जांच का निर्देश किया गया है। 

संघ को बौना साबित करने पर उतारू मोदी और शाह?


केन्द्र सरकार के सबसे बेहतर नतीजों में शीर्षस्थ केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा के संसदीय बोर्ड से अलग किये जाने का मुद्दा राजनीतिक हलकों में आजकल बहुत गरमाया हुआ है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की धारणायें प्रतिपादित की जा रही हैं। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह द्वारा इस मामले में लागू किये गये निश्चय ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के लिए खुश किस्मती का काम किया है क्योंकि संतुलन साधने की गरज के कारण भाजपा के इन भाग्य विधाताओं को संसदीय बोर्ड में उन्हें बरकरार रखना पड़ा वरना उनका पोस्टमार्टम पहले हो जाता।
नितिन गडकरी की छवि खरी-खरी बोलने वाले नेता के बतौर बन गई है जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। भाजपा के फायदे के आंकलन से देखें तो नितिन गडकरी के बारे में यह अंदाजा लगाने वाले कि उनके कारण मोदी की बखिया जाने अनजाने में उधड़ जाती है जिससे भाजपा को नुकसान हो रहा है, नादान हैं। असलियत यह है कि मोदी के कारण भाजपा के विरोध का जो स्पेस है गडकरी के सहारे उसे भी भाजपा की झोली में रखने में मदद मिलती है। जिन्हें देश के राजनीतिक इतिहास की जानकारी है वे अवगत होंगे कि एक जमाने में सोशलिस्टों ने इस रणनीति का बखूबी इस्तेमाल किया। वे शाश्वत विरोध की मुद्रा तब भी ओढ़े रहते थे जब उनके लोग सत्ता में होते थे और एक दूसरे को बेनकाब करने का मौका भी नहीं चूकते थे। लोगों को सोशलिस्टों की यह अदा बहुत पसंद आती थी और आंतरिक लोकतंत्र की अपनी इसी शैली की वजह से कांग्रेस का सत्ता में मजबूती खंभा हिलाने का श्रेय बहुत कुछ सोशलिस्टों को मिला। भले ही बाद में सत्ता सुन्दरी के आलिंगन पाश में पतित होकर बाद के समय में उन्होंने अपयश भी खूब कमाया।
नितिन गडकरी नागपुर से चुनकर आते हैं और संघ के बेहद नजदीकी हैं। हर सप्ताह संघ प्रमुख के दरबार में हाजिरी बजाना उनके लिए अनिवार्य कर्तव्य जैसा है। अगर यह बात सही है कि सामाजिक न्याय के ज्वार को थामने की मजबूरी के चलते संघ ने आपाद धर्म के तौर पर एक शूद्र को सत्ता के सिंहासन पर बैठाने का समझौता अंतरिम व्यवस्था के तौर पर स्वीकार कर लिया हो लेकिन उसका अल्टीमेट लक्ष्य वर्ण व्यवस्था की बहाली है। इसलिए मौका आने पर आडवाणी के संघर्ष और तपस्या को दर किनार कर उसने प्रधानमंत्री की कुर्सी अटल बिहारी वाजपेयी के हवाले कर दी थी जबकि वाजपेयी राम जन्म भूमि आंदोलन से लेकर कई अन्य बातों में न केवल संघ से अलग चलते थे बल्कि अगर संघ की फजीहत हो जाये तो भी उन्हें गम नहीं होता था। जनता पार्टी के समय मोरार जी की कैबिनेट में जन संघ घटक के लिए चार का कोटा आवंटित किया गया था जिनमें अटल जी ने दो चेहरे मुसलमान चुनवा दिये थे। खुद और लालकृष्ण आडवाणी के साथ मोरार जी की कैबिनेट में जनसंघ घटक के मंत्रियों में सिकंडर बख्त और आरिफ बेग थे। अटल जी के पास विदेश विभाग था लेकिन विदेश नीति में संघ का मार्गदर्शन स्वीकार करने की बजाय उन्होंने कांग्रेस की अरब देशों को वरीयता देने की नीति को बरकरार रखा था। जब अटल जी प्रधानमंत्री थे और रायपुर में भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन होने वाला था अशोक सिंहल उस समय जिंदा थे और विश्व हिन्दू परिषद के अतरराष्ट्रीय अध्यक्ष की बागडौर संभाले हुए थे। वे साधु संतों का प्रतिनिधि मंडल लेकर अटल जी से मिलने प्रधानमंत्री आवास पहुंचे तो अटल जी ने उनका पानी उतारने के लिए आधा घंटे का इंतजार करा दिया। इसके बाद जब मुलाकात शुरू हुई तो अशोक सिंहल ने उन्हें निर्देशित करने के अंदाज में कहा कि आप रायपुर अधिवेशन में अयोध्या में विवादित स्थल पर ही राम मंदिर बनाने का प्रस्ताव पेश करें भले ही इसके कारण राजग के सहयोगी दल उनसे छिटक जायें और उनकी सरकार चली जाये लेकिन मध्यावधि चुनाव हुए तो उन्हें इस पैंतरे से भारी बहुमत से वापिसी का अवसर मिल जायेगा। पर अटल जी ने उनके मशविरे को सिरे से नकार दिया यह कहकर कि रणनीतिक दृष्टि से यह कदम भले ही कितना भी अचूक हो लेकिन उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने संविधान की शपथ ली है जिसमें धर्मनिरपेक्षता के लिए प्रतिबद्धता की बात कही गई है। इस कारण उनके लिए इस शपथ से मुकरना संभव नहीं है। सिंहल और साधु संत इससे इतने बिफर गये कि उन्होंने शीघ्र ही होने वाले तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ बिगुल फूंकने की घोषणा कर डाली। यह दूसरी बात है कि सिंहल के कोप के बावजूद उक्त राज्यों में भाजपा को बजाय नुकसान के आशातीत सफलता मिली।
तब संघ को लगता था कि अटल जी उसके लिए शक्ति बाण हैं क्योंकि उनकी सभी समाजों में स्वीकार्यता के कारण ही संघ को सत्ता के पायदान में आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। पर बहुत जल्द ही अटल जी की सीमायें सामने आने लगी। कल्याण सिंह ने उनसे विवाद के कारण पार्टी छोड़ी। हालांकि बाद में वे भाजपा में वापस आ गये थे लेकिन पिछड़ों में अटल जी की छवि दरकाने में वे बहुत बड़ा रोल अदा कर चुके थे। उनके बाद अटल जी ने उत्तर प्रदेश में किसी पिछड़े नेता को मौका देने की बजाय पहले रामप्रकाश गुप्ता और इसके बाद राजनाथ सिंह को आजमाया। जाहिर है कि सवर्ण राज की वापिसी के उनके इस प्रयास से भाजपा का बेड़ा गर्क हो गया। अपनी तमाम उपलब्धियों के बावजूद अटल जी 2004 के लोकसभा चुनाव में विदेशी महिला सोनिया गांधी के मुकाबले सत्ता की पिच पर आउट हो गये। ध्यान रखने वाली बात है कि 2004 का चुनाव अटल जी बनाम सोनिया गांधी का चुनाव था भले ही बाद में सोनिया गांधी ने स्वयं प्रधानमंत्री न बनकर डा0 मनमोहन सिंह का राजतिलक करा दिया।
इसके बाद संघ को अपने उतावलेपन को लेकर पुनर्विचार के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके चलते 2014 में संघ ने सवर्ण मोह छोड़कर शूद्र समाज की ओर कौटिल्य नीति की अग्रसरता दिखायी और यह पत्ता कामयाब रहा क्योंकि नरेन्द्र मोदी ने बार-बार कांग्रेस के उस समय थिंक टैंके में अग्रणी मणिशंकर अययर के अंग्रेजी में दिये गये इंटरव्यू का अपने तरीके से अनुवाद करके स्वयं की कथित नीची जाति की इतनी दुहाई दी कि पूरा बहुजन समाज उनकी इस हिलोर से आप्लावित हो गया और कांग्रेस को चारों खाने चित हो जाना पड़ा।

मोदी साम्राज्य का चक्रवर्ती विस्तार-
मोदी की प्रत्युत्पन्न मति और वाक पटुता का कोई जबाव नहीं है। इस कारण एक बार वे सत्ता में पहुंच गये तो उन्होंने केन्द्र में भी गुजरात जैसा रिकार्ड दोहराने की स्थिति पैदा कर दी और सत्ता के आंगन में अपने अंगद पांव जमाकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की वह हालत कर दी है कि अगले चुनाव में अगर वह दहाई के नीचे ही सिमटकर रह जाये तो आश्चर्य न होगा। हालांकि इस विश्लेषण से अधिकांश राजनीतिक पंडित सहमत नहीं होंगे क्योंकि वे कांग्रेस के लिए अभी बेहतर संभावनायें देख रहे हैं कि वे कांग्रेस के चरम सत्यानाश को देख नहीं पा रहे हैं। मोदी साम्राज्य के चक्रवर्ती विस्तार का श्रेय अभी तक संघ को मिलता रहा इसलिए संघ गाहे बगाहे सरकार को निर्देशित करते रहता था और मोदी व शाह विनीत होकर उनका अनुपालन करते थे। पर अब स्थितियां बदल चुकी हैं। मोदी और शाह को किसी का निर्देश मंजूर नहीं है। वे संघ को उत्सव मूर्ति की हद तक समेटने पर आमादा हो चुके हैं। संघ नितिन गडकरी को जो ब्राह्मण हैं मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में तराशने में लगा था ताकि उसका अभीष्ट सिद्ध हो सके। पर इसके पहले ही मोदी शाह ने नितिन गडकरी को ठिकाने लगाने का दुस्साहस कर डाला, संघ की नाराजगी की परवाह के बगैर। हालांकि दूसरे कुछ लोगों का मत यह भी है कि गडकरी की बेसुरी बयानबाजी से संघ की भ्रकुटियां भी उनके प्रति तन गई थी और मोदी ने संघ की सहमति लेकर ही संसदीय बोर्ड में उनका मान मर्दन किया है। पर यह सही नहीं है। संघ के पास दूसरा सवर्ण पद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं लेकिन उनका भी क्या हश्र हो इसकी चर्चायें शुरू हो गई हैं। हाल में उत्तर प्रदेश में शीर्ष प्रशासन में फेरबदल हुए जिसमें साफ दिखायी देता है कि योगी के पंख ऊपर के निर्देश से कतरे गये हैं। विधानसभा चुनाव के पहले ही उन पर केन्द्र ने सीधे अपने मुख्य सचिव को उत्तर प्रदेश में थोपा था। मिश्रा जी रिटायर हो गये थे पर उन्हें एक साल का सेवा विस्तार देकर दिल्ली से लखनऊ भेज दिया गया और योगी कोई प्रतिवाद नहीं कर पाये। फिर योगी के प्रतिद्वंदियों केशव मौर्य और बृजेश पाठक को केन्द्र ने डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनवा दिया जबकि मौर्य चुनाव हार चुके थे। उधर शपथ ग्रहण के दिन बृजेश पाठक ने उन्हें मिले पद के लिए सिर्फ मोदी और शाह का आभार जताया और योगी की अवहेलना कर डाली जिससे योगी को खून का घूंट पीकर रह जाना पड़ा। इतना ही नहीं दोनों उप मुख्यमंत्रियों को योगी के समकक्ष जाहिर करने के लिए सीएम सहित प्रत्येक को 25-25 जिले आवंटित करने का हुकुमनामा भी केन्द्र का ही बताया जाता है।

योगी को गिरफ्तार करने वाले को भी मलाईदार पोस्ट!
अब उत्तर प्रदेश में नौकरशाही में हुए ताजा फेरबदल की चर्चा। योगी चाहते थे कि उनके सबसे प्रिय अधिकारी एसीएस होम अवनीश अवस्थी को सेवा विस्तार मिले पर योगी के आग्रह को झटक दिया गया। उन्होंने कथित तौर पर अपना कमीशन रिटायरमेंट के पहले वसूल लेने के लिए जुलाई में ही बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे का उदघाटन करा दिया जिसमें स्वयं नरेन्द्र मोदी आये थे पर यह एक्सप्रेसवे उदघाटन के एक सप्ताह बाद ही जगह-जगह टूट गया और कई हादसे हो गये जिसमें जाने भी चली गई। मीडिया में यह मामला जमकर उछला जिससे मोदी को अपनी फजीयत महसूस हुई। इसके बाद उनसे अवनीश अवस्थी के प्रति रहम की गुंजाइश की ही नहीं जानी चाहिए थी। योगी बृजेश पाठक को परेशान रखने के लिए एसीएस हेल्थ अमित मोहन प्रसाद को भी नहीं हटाना चाह रहे थे जबकि वे अत्यंत विवादित हो चुके थे पर केन्द्र ने उनको भी हटवा दिया। डा0 हरिओम जिन्होंने गोरखपुर में रहते हुए योगी को गिरफ्तार किया था उन्हें लूप लाइन से निकालकर समाज कल्याण का महत्वपूर्ण चार्ज भी केन्द्र ने दिलाया। इससे अनुमान होता है कि योगी को हैसियत में रहने का संदेश सम्प्रेषित करने की प्रक्रिया भी गतिमान कर दी गई है।

भाजपा नेताओं को दिया जा रहा लूटने का अवसर-
संघ को इससे छटपटाहट तो बहुत है लेकिन वह बौनेपन के एहसास से घिर जाने के कारण मोदी और अमित शाह को टोकने की जुर्रत नहीं कर पा रहा है। दरअसल मोदी की जीत संघ के कारण नहीं अकूत चुनावी खर्चों और मार्केटिंग के लोगों की टीम के वितंडावाद से हो रही है और इसका एहसास मोदी शाह ने उनको करा दिया है। मोदी जब तक कुर्सी पर हैं तभी तक राजनीतिक हथकंडों के लिए भाजपा को अनाप शनाप संसाधनों की व्यवस्था संभव है और यह व्यवस्था खतम हो जाये तो सरकार को ढ़हते देर नहीं लगेगी।
संघ को जहां मोदी से इस बात की प्रसन्नता है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा का मोर्चा इन्दिरा गांधी से भी आगे बढ़कर संभाल रहे हैं साथ ही साथ संघ को उनके कारण हिन्दुओं की देश में सर्वोच्च प्रतिष्ठा का सपना साकार करने का अवसर मिल रहा है वहीं संघ कई बातों में उनसे बहुत दुखी भी है। दरअसल जो लोग संघ के विरोधी है वे भी मानते हैं कि संघ सौम्य है, लोकलाज को लेकर उसमें छुईमुईपन है और नैतिक मूल्यों की बहाली की तड़प भी। संघ की प्रेरणा से ही अटल आडवाणी की जोड़ी ने पार्टी विथ ए डिफरेंस का नारा लगाया था लेकिन आज क्या हो रहा है। ईडी व इन्कम टैक्स विभाग जनरल छापेमारी छोड़कर केवल राजनीतिक विरोधियों पर निशाना लगा रहे हैं यह संघ की शील धर्मिता के खिलाफ नीति है जिसे संघ को हजम करना कितना मुश्किल हो रहा होगा। प्रधानमंत्री जिस तरह से अपने कुछ उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार उपक्रमों को बेचने से लेकर सारी बैंकों को उन्हें कर्जा देने के लिए लुटाने में लगे हैं यह भी संघ के लिए असहजकर स्थिति है। संघ स्वदेशी का नारा लगाती थी लेकिन मोदी के मित्र उद्योगपति भारत के शत्रु चीन के माल की असेम्बलिंग कर बेचने का काम मात्र कर रहे हैं जिससे आस्तीन में सांप पालने की कहावत चरितार्थ हो रही है। भारत के पैसे से ही भारत की जड़ें खोदने का अवसर चीन को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में जब भाजपा की सरकार आयी थी तो वृंदावन में संघ और सरकार की समन्वय बैठक हुई थी जिसमें नये नवेले विधायकों की तृष्णा को लेकर संघ ने काफी नाराजगी प्रकट की थी। पर संघ का नैतिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का सपना आज कहां चला गया है। ऊपर से ही भाजपा नेताओं को लूटने का अवसर दिया जा रहा है तो उत्तर प्रदेश में उन्हें रोककर योगी अपनी आफत क्यों करायें। वैसे भी योगी के पिछले कार्यकाल में उनके खिलाफ विधायकों को विद्रोह सामने आ चुका है।
जाहिर है कि संघ इसे लेकर बड़ी कशमकश में है। उसे समझ में नहीं आ रहा कि मोदी शाह की उपयोगिता को ज्यादा मानें या यह स्वीकार कर लें कि वे अपनी भूमिका पूरी कर चुके हैं इसके आगे उन्हें प्रोत्साहित रखने से कहीं बेड़ा गर्क की स्थिति न आ जाये। आगे का घटनाक्रम इस कशमकश के चलते क्या रूप लेगा यह देखने वाली बात होगी।

केपी सिंह (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

पति के एचआइवी पीड़ित होने की जानकारी के पांच दिन बाद रेलवे ट्रैक पर मिला था विवाहिता का शव

पति के एचआइवी पीड़ित होने की जानकारी से परेशान थी विवाहिता। पांच दिन बाद रेलवे ट्रैक पर मिला था विवाहिता का शव। पुलिस की पड़ताल में हुआ खुलासा। रात पौने तीन बजे रेलवे ट्रैक की ओर जाते सीसीटीवी फुटेज बरामद।आरोपी पति भेजा गया जेल।

लखनऊ। मलिहाबाद थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले विवाहिता के शव के प्रकरण में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का कहना है विवाहिता का पति सोनू एचआईवी संक्रमण से ग्रसित है। बीस अगस्त को पत्नी को इसकी जानकारी हुई थी। तब से दोनों में अनबन चल रही थी। उसके पांच दिन बाद पत्नी सुभासनी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था।

मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक महिला के भाई की तहरीर पर दर्ज एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आयी हेड ऐंजरी के आधार पर आरोपी पति सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है बाकी जांच चल रही है। इधर आरोपियों की पैरवी में लगे उनके परिचितों ने पुलिस को कुछ अहम साक्षय सौंपे है जो विवाहिता के द्वारा आत्महत्या किये जाने की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से कुछ ऐसे सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर पुलिस को उपलब्ध कराए हैं, जिसमें यह दिख रहा है 25/26 की रात दो बजकर 38 मिनट पर विवाहिता हाथ मे डिब्बा लिए रेलवे फाटक की तरफ जाने वाली सड़क पर दिख रही है। परिचितों का कहना है गांव से प्राप्त किये सीसीटीवी फुटेज में जब रात में महिला अकेले जाती दिख रही है तो हत्या का सवाल ही नहीं बनता है। उनका कहना है कि महिला के परिजनों द्वारा लगाया गया दहेज हत्या का आरोप निराधार है। पुलिस निष्पक्ष जांच न्याय करें। इस मामले में क्षेत्राधिकारी का कहना है आरोपी पति एचआईवी ग्रसित है, इसकी रिपोर्ट प्राप्त कर ली गयी है। इसके साथ ही कुछ सीसीटीवी फुटेज व अन्य जो भी साक्ष्य भी प्राप्त हुए है, जो जांच का विषय हैं। पुलिस की तरफ से किसी के साथ अन्याय नहीं होगा, जो सच होगा वह सामने आएगा।

मालूम हो कि गोसवा गांव निवासी सोनू पुत्र गुड्डू की पत्नी सुभासनी (23) का शव 26 अगस्त को गांव से कुछ दूर रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। मृतका के भाई सुशील कुमार ने उसके पति, सास, ससुर, देवर व ननदों के विरुद्ध दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था।

आईआईए बनेगा मुख्यमंत्री के 1- ट्रिलियन के लक्ष्य प्राप्ति में सहयोगी

मुख्यमंत्री के 1- ट्रिलियन के लक्ष्य प्राप्ति में आईआईए बनेगा सहयोगी। नवंबर में योगी के बिजनौर आने की संभावना।

बिजनौर। राष्ट्रीय इन्डस्ट्री एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अध्यक्ष अशोक अग्रवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल कर उत्तर प्रदेश को 1- ट्रिलियन के लक्ष्य की पूर्ति में सहयोगी बनने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि आईआईए ने इस लक्ष्य में सहयोगी की भूमिका निभाने के लिए प्रदेश की सभी तहसीलों में व्यापक सर्वे के आधार पर सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योगों की स्थापना की तैयारी कर ली है।

इस सम्बन्ध में आईआईए द्वारा प्रत्येक तहसील में कच्चे माल और स्थानीय दक्षता के आधार पर एक तहसील एक उत्पाद का चयन कर उद्योग स्थापित किये जायेंगे। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण कृषि बागवानी व पशु पालन की आपार सम्भावनाएं हैं। इन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आईआईए नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह में इन्डिया फूड एक्सपो का आयोजन भी कर रहा है।
इस प्रयास से ग्रामीण स्तर पर छोटे बड़े उद्योग स्थापित होंगे वहीं बड़ी संख्या में युवकों को रोजगार भी मिलेगा।
आईआईए के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि नवम्बर में होने वाले सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री के द्वारा कराने की इच्छा एसोसिएशन की है। इस पर मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आने की सैद्धांतिक सहमति देते हुए कहा कि एसोसिएशन प्रदर्शनी का आयोजन करना चाहिए ताकि एक तहसील एक उत्पाद के प्रति जागरूक किया जा सके ये अच्छा प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी योजना प्रदेश में काफी सफल रही है आज एक जिले में एक से अधिक उत्पाद हैं। आईआईए से उन्होंने ओडीओपी व ओटीओपी के अन्तर्गत उत्पादित वस्तुओं के निर्यात पर अधिक कार्य करने को कहा।इस अवसर पर आईआईए के प्रतिनिधिमण्डल में अलोक अग्रवाल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, रजनीश सेठी चैयरमेन एमएसएमई कलस्टर डवलपमेंट, अवधेश अग्रवाल राष्ट्रीय सचिव, डीएस वर्मा अधिशासी निदेशक शामिल रहे।

न बन सका काबिल CRPF अफसर, कुख्यात हो गया आदित्य राणा!

लखनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के कुख्यात बदमाश आदित्य राणा की कस्टडी से फरारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई थानों में आदित्य के खिलाफ संगीन धाराओं में ढाई दर्जन केस दर्ज है। बिजनौर एसपी दिनेश के अनुसार आरोपी की फरारी के बाद पुलिस सतर्कता बरत रही है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की नाकेबंदी कर दी गई है। इसके साथ ही उसके केस में वादी और गवाहों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। फरार बदमाश आदित्य राणा जल्द पुलिस के कब्जे में होगा।

CRPF में जाकर करता देश की सेवा- बिजनौर के गांव राणा नंगला निवासी आदित्य पुत्र राजपाल का नाम पहली बार 2013 में गांव कासमाबाद में हुई धर्मवीर की हत्या में आया था। उसका सीआरपीएफ में चयन हो गया था, लेकिन हत्या में नाम आने के कारण वह ट्रेनिंग पर नहीं जा पाया।

बिजनौर में पुलिस सतर्क, बढ़ाई चौकसी 
आदित्य के फरार होने के बाद बिजनौर पुलिस सतर्क हो गई है। जिले के बॉर्डर पर निगाह रखने के साथ-साथ छह टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया है। आदित्य के फरार होने की सूचना मिलते ही बिजनौर में अलर्ट कर दिया गया। एसपी दिनेश सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं। डायल 112 की गाड़ियों को भी जेड मिशन पर रखा गया है। आदित्य के गांव राणा नंगला के आसपास भी पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं।

कस्टडी से पहले भी हो चुका था फरार
कुख्यात आदित्य पुलिस की कस्टडी से पहले भी फरार हो चुका है। अगस्त 2017 में पेशी के दौरान मुरादाबाद पुलिस की कस्टडी से भी फरार हो गया था। फरार होने के बाद उसने अपने गांव के ही मुकेश की 14 अक्तूबर को मुखबिरी के शक में हत्या कर दी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो आदित्य पुलिस की घेराबंदी से चार बार फायरिंग कर फरार हो चुका है।

“आदित्य राणा का लंबा आपराधिक इतिहास है। इसका लूट और हत्या करने का गैंग है, जो रजिस्टर्ड है। आदित्य के फरार होने के बाद पुलिस सतर्क है। उन लोगों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जो आदित्य के खिलाफ दर्ज कराए गए केस में वादी या गवाह हैं। शाहजहांपुर पुलिस के साथ तालमेल कर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैैं। छह टीमों को लगाया गया है” – दिनेश सिंह, एसपी बिजनौर

चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात- राणा के फरार होने के बाद बिजनौर पुलिस बेहद सतर्क हो गई है। एसओजी व सर्विलांस सहित छह पुलिस टीमों को उसकी खोज में लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट किया है। आदित्य राणा के गांव स्थित घर पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उसके गांव राणा नंगला को पुलिस ने छावनी में तबदील कर दिया है। आदित्य के गैंग में 20 से अधिक बदमाश बताए जा रहे हैं।

बोले SO स्योहारा- स्योहारा थानाध्यक्ष राजीव चौधरी ने बताया कि दो परिवारों की रंजिश का मामला है। दो मर्डर हो चुके हैं। कानून व्यवस्था और परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पांच हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी के मुकदमे- अपराध की दुनिया में आदित्य राणा का सफर वर्ष 2013 में एक हत्या के साथ ही शुरू हो गया था। उसके खिलाफ जनपद बिजनौर के थाना स्योहारा में 12, धामपुर में 01, नहटौर में 03, हीमपुर दीपा में 01, शेरकोट में 01, चांदपुर में 01 व सिविल लाइंस मुरादाबाद में 02 मुकदमे दर्ज हैं। अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

लखनऊ पुलिस की कस्टडी से बिजनौर का कुख्यात बदमाश आदित्य फरार

दरोगा समेत 4 पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज। बिजनौर पेशी से लौटते शाहजहांपुर में हुई वारदात। खाना खाने के दौरान टॉयलेट के बहाने निकल भगा। बिजनौर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप

लखनऊ/ बिजनौर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की जेल में बंद कुख्यात बदमाश आदित्य राणा पुलिस हिरासत से फरार हो गया। मंगलवार को लखनऊ पुलिस बिजनौर जिला अदालत में एक मुकदमे में पेशी के लिए राणा को  लेकर आई थी। बिजनौर से वापस जाते हुए शाहजहांपुर में ढाबे पर खाना खाने के दौरान वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। राणा के फरार हो जाने से उसे हिरासत में लेकर चल रहे पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आला अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी गई। सूचना पर रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र की पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। आदित्य राणा बिजनौर जिले के थाना स्योहारा के राणा नंगला गांव का रहने वाला है। उस पर लूट, हत्या, अपहरण, रंगदारी समेत तमाम संगीन धाराओं में  29 मुकदमे दर्ज हैं। 

टॉयलेट करने के बहाने हुआ चंपत
आदित्य राणा को पेशी से वापस लेकर लखनऊ पुलिस लौट रही थी। शाहजहांपुर में रेड चिली ढाबे पर वह खाना खाने को रुके। इसी दौरान टॉयलेट करने के बहाने चकमा देकर वह फरार हो गया। देर रात फरार हुए अपराधी की तलाश में पुलिस लगातार तलाशी अभियान छेड़ दिया। इस मामले में लापरवाही बरतने के कारण दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

दरोगा समेत 4 पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज- सीओ अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लखनऊ और बिजनौर पुलिस को सूचना दे दी गई है। चार पुलिसकर्मियों और फरार कैदी आदित्य राणा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसमें लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार, सिपाही अमित कुमार, रिंकू और चालक मनोज शामिल हैं।

2 दर्जन से अधिक मुकदमे हैं दर्ज- बिजनौर के स्योहारा निवासी आदित्य राणा पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। वह संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों को लेकर लखनऊ जेल में बंद था। राकेश, मुकेश के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इससे पहले 4 अगस्त 2017 को हत्या के आरोप में जेल में बंद आदित्य मुरादाबाद मे पेशी के लिए कचहरी स्थित सेशन कोर्ट से सिपाही की आंखों में मिर्च झोंक कर हथकड़ी सहित फरार हो गया था।

सुर्खियों में आया कब- स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम राणा नंगला निवासी कुख्यात बदमाश आदित्य चौधरी गांव के ही दो सगे भाइयों राकेश व मुकेश की हत्या करके सुर्खियों में आ गया था। आदित्य ने पुलिस से मुखबिरी के शक में 14 अक्टूबर 2017 को गांव के पास ही मुकेश की गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी और फरार हो गया था। मामले की पैरवी मुकेश का भाई राकेश कर रहा था। फिर 27 सितंबर 2018 को आदित्य ने राकेश की भी हत्या कर दी। मुकेश हत्याकांड के पैरोकार राकेश की हत्या के मामले में मेरठ जेल में बंद आदित्य, उसकी बहन मोनिका समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

क्या हुआ था वर्ष 2017 में? गांव राणा नंगला निवासी राकेश की गांव बेरखेड़ा में बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राकेश हत्याकांड में कुख्यात बदमाश आदित्य गैंग का नाम सामने आया था। आदित्य ने 14 अक्तूबर 2017 को राकेश के भाई मुकेश को पुलिस को मुखबिरी करने के शक में गोलियों से भून डाला था। मुकेश हत्याकांड की पैरवी उसका भाई राकेश कर रहा था। इस बात पर ही आदित्य गैंग ने राकेश का भी कत्ल कर दिया। मेरठ जेल में बंद आदित्य ने राकेश की हत्या की जिम्मेदारी अपने गैंग को दी थी। इस मामले में जेल में बंद आदित्य, उसकी बहन मोनिका, चाचा जयवीर, जयवीर के बेटे शुभम, दूसरे चचेरे भाई राहुल, आदित्य के भाई बिट्टू व रोबिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मोनिका पर पहले से ही अपने भाई आदित्य की मदद करने के आरोप लगते रहे थे। आदित्य के गैंग की कमान मोनिका के हाथ में रहती थी। आदित्य की फरारी के दौरान भी मोनिका ही गैंग को चला रही थी। राकेश की हत्या के बाद गांव राना नंगला व बेरखेड़ा में सन्नाटा पसर गया था ।

लीना सिंघल बनीं वैश्य समाज उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष

लखनऊ। वैश्य समाज महिला उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लीना सिंघल की पदोन्नति की गईं है। उन्हें अब वैश्य समाज उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष अजय केसरी ने संस्था के संरक्षक; उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता की सहमति से उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। गौरतलब है कि श्रीमती लीना सिंघल भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्रियों में शुमार हैं। जनपद बिजनौर के धामपुर के बाद फिलहाल कई वर्ष से वह नजीबाबाद क्षेत्र में सक्रिय हैं। वैश्य समाज की नेत्री होने के नाते वह यूपी ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी पार्टी संगठन की विजय पताका फहराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहीं। धामपुर नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरपर्सन श्रीमती लीना सिंघल को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत करने पर आमजन, राजनेताओं के साथ ही newsdaily24.news.com ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

अखिलेश यादव ने दिया संगठन की मजबूती पर जोर

पालिका परिषद के चुनाव की सुगबुगाहट। अखिलेश यादव से मिलने लखनऊ पहुंचे बिजनौर के नेता। पालिका अध्यक्ष पद पर ताल ठोंक सकते हैं महमूद कस्सार!

बिजनौर। पालिका परिषद के आसन्न चुनाव को लेकर राजनैतिक दलों में सरगर्मियां परवान चढ़ने लगीं हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करने बिजनौर के सपा नेता राजधानी लखनऊ पहुंचे। पार्टी कार्यालय पर शिष्टाचार भेंट के दौरान सपा प्रमुख ने स्थानीय मुद्दों पर गहन चर्चा करते हुए व्यापक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान द्रुतगति से चलाने पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने वालों में पूर्व जिला प्रवक्ता खिजर अहमद, नगर अध्यक्ष महमूद कस्सार व मो. आसिफ उर्फ चांद शामिल रहे। सूत्रों का दावा है कि महमूद कस्सार पालिका अध्यक्ष पद पर ताल ठोंक सकते हैं।

धूमधाम से मनाया जा रहा है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व

लखनऊ। प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी सम्पूर्ण भारतवर्ष में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर हुआ था। इस दिन रोहिणी नक्षत्र में बाल गोपाल का जन्म हुआ।

इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी की तिथि को लेकर काफी असमंजस रहा। दरअसल, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 18 और 19 अगस्त दोनों ही दिन पड़ रही है। ऐसे में लोगों में जन्माष्टमी मनाने को लेकर असमंजस रहा। कई पंडितों के अनुसार इन दोनों ही दिन जन्माष्टमी मनाई जा सकती है। इस दिन विधि अनुसार श्री कृष्ण की पूजा करने का विधान है। भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से जीवन‌ में सफलता के साथ संपन्नता आती है। हमारे देश में कृष्ण जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। लोग श्री कृष्णा जी का झूला सजाते हैं और उनका श्रृंगार करते हैं। कृष्ण जन्मोत्सव पर भक्त एक दूसरे को बधाई संदेश भी भेजते हैं। यही नहीं रक्षा बंधन पर्व का समापन भी इसी दिन करने का विधान है। बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें सुखमय जीवन का आशीर्वाद देती हैं। वहीं भाई भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार भेंट देते हैं।

₹20 करोड़, 280 छात्र- उत्तराखंड पेपर लीक मामले में खुलासे के करीब पहुंची STF

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत का नाम सामने आया है। जनपद बिजनौर अंतर्गत नगीना के पास धामपुर में नकल सेंटर बनाना भी इसी कनेक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है। एसटीएफ के सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले के तार अब आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के आला अधिकारियों से जुड़ रहे हैं। 

STF सूत्रों का कहना है कि कंपनी के आला अधिकारियों में से एक जिला बिजनौर के धामपुर का रहने वाला है। उसी के कहने पर वहां सेंटर बनाया गया। ये इत्तफाक तो नहीं हो सकता कि उत्तराखंड में नकल कराने के बजाय इसके लिए बिजनौर के धामपुर को चुना गया। अभी तक कंपनी के सिर्फ कुछ कर्मचारियों का ही नाम मामले में सामने आ रहा था। पूरी तरह से कंपनी की भूमिका का पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन जब कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो सब बातें समझ आने लगी हैं। एसटीएफ को जब इस संबंध के बारे के पता चला तो उस अधिकारी को बयानों और पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह कई दिनों से टाल मटोल कर रहा है।

 280 छात्रों पर मुकदमा होगा दर्ज

लीक पेपर से पास हुए करीब 280 छात्रों का चयन खारिज कराने के साथ इन्हें अब मुकदमे में आरोपी बनाया जाएगा।एसटीएफ की जांच में सामने आया कि युवाओं से 12 से 15 लाख रुपए में पेपर उपलब्ध कराने की डील की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, लीक पेपर के प्रश्न 280 से ज्यादा युवाओं तक पहुंचे।

₹20 करोड़ से अधिक का लेनदेन!

200 के करीब युवाओं ने सीधे तौर पर पास होने की डील कर पेपर खरीदा जबकि, कुछ ने अपने करीबियों को 30-35 तक प्रश्न बताए। संभावना है कि इस घपले में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ। एसटीएफ सौ चयनितों समेत 150 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया, लीक पेपर से चयनित अभ्यर्थी आरोपी बनाए जाएंगे। इनकी सूची बनाई जा रही है।

दबाव बनाने में जुटा आरोपी- अधिकारियों और नकल माफिया का बिजनौर कनेक्शन पुष्ट हो चुका है। लंबे समय से कंपनी के अधिकारी को बुलाना और उसका न आना भी संलिप्तता की ओर इशारा कर रहा है। यही नहीं, अब वह कई लोगों के नाम लेकर दबाव बनाने में जुटा है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस अधिकारी समेत कई और लोग सलाखों के पीछे जा सकते हैं।

निजी कंपनी के संचालक से पूछता
आरएमएस टेक्नोलॉजी नामक कंपनी चयन आयोग को तकनीकी सेवा और पेपर प्रिंटिंग की सुविधा देती थी। इस कंपनी के संचालक को एसटीएफ ने मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि कंपनी संचालक प्रिंटिंग प्रेस की डीवीआर लेकर आया था। हालांकि, इसमें बीते 15 दिन का रिकॉर्ड होता है। ऐसे में इससे ज्यादा मदद नहीं मिली। प्रिंटिंग प्रेस संचालक ने घर में पूजा का कार्यक्रम बताया और वह एसटीएफ कार्यालय में कुछ समय रुकने के बाद चला गया। उसे पूछताछ को जल्द दोबारा बुलाया जाएगा।

संशय: भारत का स्वतंत्रता दिवस 75वां या 76वां?

देश की स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने पर कई कार्यक्रमों का आयोजन तो किया ही जा रहा है, साथ ही 75वीं वर्षगांठ की चर्चा भी हो रही है। इस दौरान लोगों के दिमाग में यह कन्फ्यूजन आ गया है कि यह आजादी की 75वीं वर्षगांठ है तो 76वां स्वतंत्रता दिवस कैसे?

दरअसल लाखों-करोड़ों लोगों के बलिदान के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ। अब वर्ष 2022 में जब देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है तो लोगों के मन में एक संशय उत्पन्न हो गया है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर यह कौन सा स्वतंत्रता दिवस है, 75वां या 76वां?

पूरा मामला इस तरह समझें
देश ने 15 अगस्त 1947 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया,अर्थात 15 अगस्त 1948 को आजादी का एक साल पूरा हुआ तो देश ने दूसरा स्वतंत्रता दिवस मनाया। इसी तरह से 1956 में 10वां, 1966 में 20वां, 1996 में 50वां, 2016 में 70वां और 2021 में 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस कारण 2022 में देश अपना 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।

पुलिस कर्मियों को पुलिस महानिदेशक प्रशंसा चिन्ह गोल्ड व सिल्वर मैडल

लखनऊ। आजादी का अमृत महोत्सव स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर पुलिस आयुक्त लखनऊ एसबी शिरडकर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स में ध्वजारोहण किया गया।

ध्वजारोहण कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त लखनऊ ने उपस्थित सभी पुलिसकर्मियों को भारतवर्ष के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराते हुए शपथ दिलाई। सभी पुलिसकर्मियों को अपने-अपने कार्यों का पूरे मनोयोग व ईमानदारी से निर्वहन करते हुए देश की एकता व अखण्डता को बनाये रखने तथा देश के प्रगति में अपना योगदान देने की शपथ दिलाई गई। ध्वजारोहण के बाद पुलिस आयुक्त द्वारा पुलिस कर्मियों को मिष्ठान वितरण किया गया। इसी के साथ  पुलिस विभाग में रहते हुए अपनी मेहनत व लगन से कर्तव्यों का पालन करते हुए, उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक प्रशंसा चिन्ह, गोल्ड व सिल्वर मैडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

बिजनौर को गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़वाने की मुहिम में जुटे दिगंबर सिंह

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की युवा विंग ने गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिजनौर से करने की मांग की है। लखनऊ में मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिजनौर से किए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि गंगा आधारित हर परियोजना में बिजनौर की सहभागिता है तो गंगा एक्सप्रेस-वे में क्यों नहीं?


मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी ने आश्वासन दिया कि सरकार व खुद मुख्यमंत्री इसको लेकर गंभीर है। इसका प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री को प्रेषित किया जाएगा। दिगंबर सिंह ने कहा कि अगर सबका साथ सबका विकास सरकार की मंशा है तो बिजनौर के विकास को पंख, गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से लगेंगे। बिजनौर के नागरिक इसके लिए संघर्ष को तैयार हैं।
अवनीश अवस्थी को दिये गये ज्ञापन में गंगा एक्स्प्रेस-वे को बिजनौर से शुरू कराने की मांग करते हुए कहा गया कि ऐसा नहीं होने पर बिजनौर की जनता आन्दोलन करने के लिए तैयार है। इस पर श्री अवस्थी ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मांग पर मुख्यमंत्री जी स्वयं गम्भीर है तथा गंगा एक्सप्रेस-वे से बिजनौर को जोड़ने का एक प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री जी को जल्द प्रेषित किया जायेगा। इस अवसर पर उनके साथ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक भी मौजूद थे।

उम्मीद चढ़ी परवान- दिगम्बर सिंह के इस प्रयास से गंगा एक्सप्रेस-वे से बिजनौर को जोड़ने की उम्मीद अब परवान चढी़ है। देखना दिलचस्प होगा कि इस बारे में सरकार कब निर्णय लेती है क्योंकि इस मांग को लेकर पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह भी मुख्यमंत्री से मिले थे, जिन्हें आश्वासन दिया गया था, पर कई माह बीत जाने के बाद भी सरकार ने बिजनौर को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए कोई पहल नहीं की।

शहीद स्मारक पर धर्म गुरुओं की मौजूदगी में वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

जश्न ए आज़ादी ट्रस्ट और पत्रकार एसोसिएशन ने किया स्वतंत्रता सेनानी के परिजन, समाजसेवी, शायर, वकील और पत्रकारों को सम्मानितशहीद स्मारक पर धर्म गुरुओं की मौजूदगी में वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व जश्न -ए -आजादी ट्रस्ट एवं उ. प्र. ज़िला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन ने शहीद स्मारक पर वीर शहीदों की याद में 75 कैंडिल जलाकर तथा पुष्प अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर मौलाना ख़ालिद रशीद फरंगी महली, उदय खत्री, मेजर आशीष चतुर्वेदी, मंत्री दानिश आजाद अंसारी, मेयर संयुक्ता भाटिया, सूचना आयुक्त नरेंद्र श्रीवास्तव, मुरलीधर आहूजा, निगहत खान, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, वामिक खान ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों सहित समाज मे सराहनीय कार्य करने वाले समाज सेवियों, शायर, कवि, वकील और पत्रकारों को सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन अब्दुल वहीद ने किया।

इस अवसर पर आमिर मुख्तार ने देश भक्ति पर कई तराने गाए। वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत सम्मान कार्यक्रम हुआ। उस दौरान उदय खत्री, मेजर आशीष चतुर्वेदी, डॉक्टर नीमा पंत, डॉक्टर रूबी राज सिन्हा, विशाल सिंह फूडमैन, मुर्तुजा अली, शहजादे कलीम, संजय गुप्ता, स्नेहलता सिंह, इमरान खान, रजिया नवाज़, आबिद अली कुरैशी आदि को सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में जश -ए -आजादी ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा, निगहत खान, मौलाना मुश्ताक, मौलाना सूफियान, वामिक खान, अब्दुल वहीद, अजीज सिद्दीकी सहित संजय सिंह, सुशील दुबे, शाहिद सिद्दीकी, जुबैर अहमद, अजीम खान, बज़्मी युनुस, क़ुदरत उल्ला खान, नीलोफर नवाज,अभय अग्रवाल, योग गुरु कृष्ण दत्त मिश्रा, नजम अहसन, एमएम मोहसिन,संतराम यादव, आरिफ मुक़ीम, भानु प्रताप, रईस खान,कमर अली, आफताब आलम, महेश दीक्षित, प्रिंस आर्य,,नूर आलम खान, शान फरीदी, वसी अहमद सिद्दीकी, आफाक मंसूरी, इस्लाम खान, मुश्ताक बेग आदि मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक सप्ताह तक देश भक्ति पर तमाम बड़े कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित करती है।

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने निकाली हर घर तिरंगा बाइक रैली

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने निकाली हर घर तिरंगा बाइक रैली प्रदेश की सभी शराब दुकानों में तिरंगा फहरा कर मनाएंगे आजादी का महोत्सव।

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ अमृत महोत्सव 2022 के अवसर पर शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल, प्रमुख सचिव आबकारी व आबकारी आयुक्त सेंथिल सी पांडियन को इस आजादी के अमृत महोत्सव की हार्दिक बधाई दी।

इस अवसर पर एसोसिएशन ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम से जीपीओ चौराहे तक बाइक रैली निकाली। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि इस बार अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा फहराएं। बाइक रैली को संयुक्त आबकारी आयुक्त  धीरज सिंह, एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने फ्लैग देकर रवाना किया। एसोसिएशन के सह कोषाध्यक्ष संजय जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल ने बताया कि इसी तरह उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में एसोसिएशन के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा। 

कोषाध्यक्ष शिव कुमार जायसवाल व मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल ने सभी शराब विक्रेताओं से अपील की है कि आजादी के अमृत महोत्सव में उत्तर प्रदेश की सभी शराब दुकानों में तिरंगा फहरा कर आजादी का महोत्सव मनाएं।  एसोसिएशन के पदाधिकारियों में अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल, कोषाध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जायसवाल, प्रचार मंत्री विजय जायसवाल, रमेश जायसवाल, राम शंकर मिश्रा, सुधीर जायसवाल, धर्मेंद्र सिंह व मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल के साथ तमाम शराब कारोबारी हर घर तिरंगा बाइक रैली का हिस्सा बने।

सरकारी विभागों के पात्र कार्मिकों का प्रमोशन 30 सितम्बर तक

पुलिस विभाग व अन्य विभागों में पात्र कार्मिकों का प्रमोशन 30 सितम्बर तक प्रत्येक दशा में हो जाए-मुख्य सचिव15 अगस्त को किसी भी कार्यालय में अवकाश नहीं।

लखनऊ। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले प्रशासन के अधिकारियों को प्रमोशन और नए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए कहा था। मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ के एक मीटिंग हॉल में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा को प्रदेश सरकार के 100 दिन तथा 6 माह की कार्ययोजना का खाका तैयार करने को कहा गया था। इसी क्रम में मुख्य सचिव द्वारा इस खाके की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई ।

पुलिस विभाग में होंगे सर्वाधिक प्रमोशन

गौरतलब है कि पुलिस विभाग में समस्त विभागों की अपेक्षा सबसे ज्यादा प्रमोशन होंगे। अगले माह सितम्बर 2022 तक प्रदेश को 10,000 प्रोन्नत दरोगा व 37,000 से ज्यादा आरक्षियों को मुख्य आरक्षी के पद पर प्रोन्नति दे दी जाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड के डीजी आरके विश्वकर्मा ने कहा है कि अगले साल 38,000 कॉन्स्टेबल की नई भर्ती प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जायेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि 100 दिन की कार्ययोजना के अवशेष कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कराकर पोर्टल पर अपडेट कराएं, 6 माह की कार्ययोजना में चिन्हित किये गये कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय से पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को किसी भी कार्यालय में अवकाश नहीं रहेगा, सभी जगह राष्ट्रीय पर्व को उत्साह, उल्लास एवं उमंग के साथ मनाया जाए। सभी कार्मिक अपने-अपने घरों में झण्डा लगाने के साथ-साथ अपनी गली, मोहल्ले के लोगों को भी झण्डा लगाने के लिये प्रेरित करें।

9 से 15 अगस्त तक हर घर फहराएं तिरंगा: अखिलेश यादव

राष्ट्रध्वज हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक। अपना राष्ट्रीय कर्तव्य समझकर इस अभियान में शामिल हो प्रत्येक नागरिक। 9 अगस्त 1942 को देश की जनता ने की थी आजादी की इच्छा की अभिव्यक्ति।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नागरिकों से 9 अगस्त से 15 अगस्त 2022 तक राज्य में हर घर पर तिरंगा ध्वज फहराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रध्वज को पूरे सम्मान के साथ फहराया जाना चाहिए। राष्ट्रध्वज की पवित्रता एवं गरिमा कायम रहनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने यह जानकारी दी।


सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि स्वेच्छा से प्रत्येक नागरिक अपने आवास पर राष्ट्रध्वज फहराएं। यह खादी का बना हो। राष्ट्रध्वज हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उस पर हर भारतीय गर्व करता है। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने की चेतावनी दे दी थी। गांधी जी ने अपने भाषण में देश को ‘‘करो या मरो‘‘ का मंत्र दिया था।
‘‘अंग्रेजों भारत छोड़ो‘‘ प्रस्ताव 8 अगस्त 1942 की रात को पारित होते ही अंग्रेज सरकार का दमन चक्र शुरू हो गया था। सभी नेता तड़के सुबह से गिरफ्तार कर लिए गए। तब जेपी, लोहिया, अरूणा आसिफ अली, ऊषा मेहता आदि समाजवादियों ने आंदोलन का नेतृत्व किया। 9 अगस्त 1942 को चारों तरफ कड़ी सुरक्षा के बावजूद अरूणा आसिफ अली ने अधिवेशन स्थल ग्वालियर टैंक मैदान बम्बई में तिरंगा ध्वज फहरा दिया। डॉ0 लोहिया ने ऊषा मेहता के साथ नेपाल से ‘आजाद रेडियों‘ के माध्यम से आजादी के आंदोलन को पूरी ताकत से जारी रखने का आह्वान करते रहे। जयप्रकाश नारायण हजारीबाग जेल तोड़कर आंदोलन को गति दी।


इस जनांदोलन के फलस्वरूप ही 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था। इस राष्ट्रीय आंदोलन की पावन स्मृति को बनाए रखने के लिए यह राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
भारत की आजादी की आखिरी लड़ाई की याद में 9 अगस्त क्रांति दिवस के रूप में तो मनाया ही जाता है इस वर्ष तो 15 अगस्त को आजादी का 75वां वर्ष भी होगा। डॉ0 राममनोहर लोहिया का मानना था कि 15 अगस्त 1942 राज्य की महान घटना जरूर है, जिस दिन हमें आजादी मिली थी, लेकिन 9 अगस्त 1942 देश की जनता की उस इच्छा की अभिव्यक्ति थी, जिसने ठान लिया था कि हमें आजादी चाहिए और हम आजादी लेकर ही रहेंगे। यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी था, जिसमें बड़े पैमाने पर जनता ने हिस्सेदारी की और अभूतपूर्व साहस प्रदर्शित किया।

श्री अखिलेश यादव ने कहा शहर-गांव, अमीर-गरीब, किसान-श्रमिक, व्यापारी- दुकानदार- सरकारी एवं प्राइवेट संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों, सभी को इस आयोजन में स्वेच्छा से सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इस अभियान में किसी को भी जुड़ने से बचना नहीं चाहिए। प्रत्येक नागरिक अपना राष्ट्रीय कर्तव्य समझकर इस अभियान में शामिल हो। राष्ट्रध्वज के दिन-रात फहराए जाने पर भी अब कोई प्रतिबंध नहीं है।
श्री यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर 9 से 15 अगस्त 2022 के बीच नित्य अपने आवास पर राष्ट्रध्वज को ससम्मान फहराये जाने में सहयोग करने का आह्वान किया।

अब माह के प्रथम व तृतीय बुधवार को होगा “ब्लाक दिवस” का आयोजन

थाना व तहसील दिवस की तरह एक नई कवायद। प्रदेश के समस्त विकास खण्डों में माह के प्रथम एवं तृतीय बुधवार को “ब्लाक दिवस” का होगा आयोजन। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने किया इस बाबत शासनादेश जारी।

लखनऊ। तहसीलों पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस व थानों पर आयोजित समाधान दिवस की तर्ज पर अब ब्लाक दिवस भी आयोजित किये जायेंगे। ग्रामीण क्षेत्र की बिजली, पानी, सड़क, आवास, पेंशन, शौचालय आदि समस्याओं का निदान ब्लाक मुख्यालयों पर किया जायेगा। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक समस्या सुनने के बाद उसकी जांच कराकर निराकरण किया जायेगा।

अपर मुख्य सचिव ग्राम विकास विभाग मनोज कुमार सिंह ने इस बाबत शासनादेश जारी करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की जन – समस्याओं / शिकायतों के प्रभावी निस्तारण हेतु यह आवश्यक है कि ग्राम्य जन अपनी समस्याओं / शिकायतों के संबंध में विकास खण्डों में तैनात खण्ड विकास अधिकारियों से माह में कम से कम 02 दिन निर्धारित दिवस को सीधे संवाद कर सकें।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जन सामान्य की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दृष्टिगत प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड मुख्यालयों पर माह के प्रथम एवं तृतीय “बुधवार” को “ब्लाक दिवस” का प्रातः 10 बजे से 2.00 बजे तक आयोजन कराये जाने का निर्णय लिया गया है। “ब्लाक दिवस” में विकास खण्ड में कार्यरत समस्त अधिकारियों / कर्मचारियों यथा खण्ड विकास अधिकारी, संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी आदि द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। विकास खण्डों में आयोजित “ब्लाक दिवस” के सफलता पूर्वक आयोजन कराये जाने हेतु संबधित विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी प्रभारी / नोडल अधिकारी होंगे।

अनु सचिव उमाकान्त सिंह ने उत्तर प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, ब्लाक प्रमुख, जिला विकास अधिकारी / परियोजना निदेशक / उपायुक्त ( श्रम रोजागार / स्वतः रोजगार) द्वारा जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, निदेशक, पंचायतीराज, खण्ड विकास अधिकारी द्वारा संबंधित जिलाधिकारी को आदेश की प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की है। उपर्युक्त निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

काकोरी कांड की वर्षगांठ पर हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं

लखनऊ। काकोरी ट्रेन ऐक्शन की 97 वीं वर्षगांठ को भव्य स्तर पर मनाए जाने के क्रम में जिला प्रशासन के निर्देश पर लखनऊ जिले के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की निबंध प्रतियोगिता, भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता जनपद स्तर पर काकोरी स्थित बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में संपन्न हुई। इन प्रतियोगिताओं में जिले के 36 विद्यालयों के 205 छात्र छात्राओं ने उत्साह पूर्वक प्रतिभाग किया।


प्राथमिक, जूनियर तथा सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इन प्रतियोगिताओं में ‘ काकोरी ट्रेन ऐक्शन स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में ‘विषयक निबंध प्रतियोगिता में प्राथमिक वर्ग से प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान क्रमशः शगुन पाल, ऐलीना, अतुल जूनियर वर्ग से क्रमशः अंजू गौतम, जोया खातून, राखी कुमारी को व सीनियर वर्ग से शादियां हसीन, आंचल मौर्य, उमे कुलसुम को प्राप्त हुआ।

आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत काकोरी के क्रांतिकारियों का योगदान विषय पर संपन्न हुई भाषण प्रतियोगिता में प्राथमिक वर्ग से प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान क्रमशः तस्मिया फातिमा, शैलवी मिश्रा तथा अब्दुल फहद व मोहम्मद तनवीर को प्राप्त हुआ। वहीं जूनियर वर्ग में प्रथम, द्वितीय तृतीय स्थान पर रिमझिम यादव, पूर्वी शर्मा तथा अंश यादव रहे। सीनियर वर्ग में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान पर क्रमशः वेदांत, आर्यन सिंह, राशि गुप्ता का चयन किया गया। आजादी का अमृत महोत्सव तथा काकोरी ट्रेन ऐक्शन विषय पर संपन्न कक्षा 1 से 8 व 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा एक से पांच तक के वर्ग में प्रथम स्थान श्रेयांश कुशवाहा, द्वितीय कृतिका तथा तृतीय आलिया कुरैशी को प्राप्त हुआ वहीं जूनियर वर्ग से प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान क्रमशः अंशिका सिंह, सिमरन तथा गुलशन को प्राप्त हुआ तथा सीनियर वर्ग में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान खुलूद मोहम्मद रफी, विशेष कुमार तथा प्रार्थना सोनकर को प्राप्त हुआ।

भव्य रूप में संपन्न इन प्रतियोगिताओं में 6 प्राथमिक विद्यालय, 8 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 1 कंपोजिट विद्यालय, 3 राजकीय हाईस्कूल/इन्टर कॉलेज, 8 सहायता प्राप्त इण्टर कालेज तथा 10 मान्यता प्राप्त प्राइवेट विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का संचालन एवं निर्णायक मंडल का चयन जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार पांडे एवं कालेज के प्रधानाचार्य डॉ राजकुमार सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी। प्रधानाचार्य ने बताया कि विजेता प्रतिभागियों को 9 अगस्त को काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित समारोह में प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

जश्न-ए-आजादी ट्रस्ट भारी उत्साह और उमंग के साथ मनाएगा आजादी का उत्सव

जश्न ए आजादी ट्रस्ट भारी उत्साह और उमंग के साथ मनाएगा आजादी का जश्न

महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ सफाई, पौधरोपण के साथ ही एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आजादी का जश्न मनाएगा ट्रस्ट

ट्रस्ट के आयोजनों में बड़े पैमाने पर सभी धर्मों के लोग होंगे शामिल

जश्न ए आज़ादी ट्रस्ट ने सरकार से पुराने लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों के आसपास यूपी के सबसे ऊंचे (राष्ट्रीय ध्वज) को लगाने की मांग की

लखनऊ। जश्न ए आजादी ट्रस्ट हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी (15 अगस्त) को आजादी का महा उत्सव मनाएगी। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर ट्रस्ट द्वारा 7 से 15 अगस्त तक देश भक्ति पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस मौके पर जश्न ए आजादी ट्रस्ट के संरक्षक मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि यूं तो तमाम संस्थानों में 15 अगस्त के प्रोग्राम आयोजित होते हैं लेकिन आवामी तौर पर कोई बड़ा प्रोग्राम आयोजित नहीं होता था लेकिन जश्न ए आजादी ट्रस्ट ने पिछले कई वर्षों से इस कमी को दूर करने की कोशिश की है। जश्न ए आजादी के कार्यक्रमों में तमाम धर्म के लोग शरीक होकर देश की आजादी का जश्न मनाते हैं और एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। जश्न ए आज़ादी ट्रस्ट की ओर से मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, राजेंद्र सिंह बग्गा, स्वामी सारंग महाराज ने सरकार से पुराने लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों इमामबाड़ा, घंटाघर, रूमी गेट के आसपास यूपी का सबसे ऊंचा (राष्ट्रीय ध्वज) लगाने की मांग की।

इस बारे में ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा और सचिव निगहत खान ने बताया कि देश का सबसे बड़ा त्योहार 15 अगस्त बहुत ही जोशो-खरोश के साथ मनाया जाएगा। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध,आदि सभी धर्मो के लोग एक साथ मिलकर 15 अगस्त के इस जश्न में शामिल होंगे। साथ ही आयोजन में सभी धर्मों के धर्म-गुरु शामिल होकर एकता और अखंडता का संदेश भी देंगे तथा राष्ट्रीय पर्व पर देश की खुशहाली और अमन शांति की दुआ करेंगे। निगहत खान और मुरलीधर आहूजा ने बताया कि ट्रस्ट के इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक संस्थानों का भी योगदान रहता है। इस बार भी ट्रस्ट के साथ टीम केयर इंडिया एंड रिसर्च फाउंडेशन, शराबबंदी संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एकेडमी, उ. प्र. जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन, इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी आदि का सहयोग रहेगा।
जश्न -ए- अजादी ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य वामिक खान, अब्दुल वहीद,जुबैर अहमद ने बताया कि भारत पर्व की शुरुआत 7 अगस्त से होगी। इस दिन लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर लगी महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई के साथ ही जनेश्वर मिश्रा पार्क में योगा और प्रभात फेरी होगी जिसका संचालन योग गुरु केडी मिश्रा द्वारा किया जायेगा। लोहिया अस्पताल में प्रसादम के माध्यम से 8 अगस्त को 775 लोगों को खाने का वितरण किया जाएगा।
9 अगस्त को शहर के विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया जायेगा। 10 अगस्त को गंभीर रूप से बीमार जरुरतमंदों के लिए स्वास्थ शिविर और रक्त दान शिविर का आयोजन किया जाएगा। 11 अगस्त को शहीद स्मारक पर 75 कैंडिल जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी तथा देश भक्ति पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन होगा। 12 अगस्त को 75 बच्चों को खिलौनों का वितरण किया जाएगा। 13 अगस्त को देश भक्ति पर पोस्टर प्रतियोगिता और झण्डे का वितरण किया जाएगा। 14 अगस्त को देश भक्ति पर संगीत की बेहतरीन शाम का आयोजन होने के साथ ही शहर में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान भी किया जाएगा।
15 अगस्त को हजरतगंज में तिरंगा ध्वज फहरा कर झंडारोहण किया जाएगा और 75 किलो के लड्डू का वितरण भी होगा। 16 अगस्त को प्रातः ट्रस्ट का एक विशेष दल लखनऊ शहर के हर क्षेत्रों में जाकर कागज व झंडों को एकत्रित करेगा तथा उनको सम्मान के साथ यथा स्थान पर रक्खा जायेगा।

कोरोना महामारी को देखते हुए एहितयात के पूरे प्रबंध होंगे। सभी आयोजन कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक ही किए जाएगें। इस मौके पर समाजसेवी राजिया नवाज, संजय सिंह, शाहिद सिद्दीकी, सतीश अजवानी, महेश दीक्षित, नजम अहसन, तनवीर सिद्दीकी, एमएम मोहसिन, आफाक मंसूरी, इस्लाम खान आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

जल जीवन मिशन: सुस्त इंजीनियर किए जाएंगे बाहर

लखनऊ। ‘हर घर नल योजना’ में सुस्त रफ्तार से काम करने वाले इंजीनियर अब बाहर किए जाएंगे। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश की ‘हर घर नल योजना’ की गहन समीक्षा करते हुए ये संकेत दिए। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे इंजीनियरों की योजना में कोई जगह नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को नल कनेक्शन संख्या के आधार पर इंजीनियरों की रफ्तार तय करने के निर्देश देते हुए कहा जिन इंजीनियरों की रफ्तार धीमी है उन्हें तत्काल विभाग से बाहर करें।

मुख्य और अधीक्षण अभियंताओं की लगाई क्लासराज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के गोमती नगर स्थित सभागार में बुधवार रात्रि समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मुख्य और अधीक्षण अभियंताओं की जमकर क्लास लगाते हुए कहा कि ‘हर घर नल योजना’ की प्रगति की लगातार निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य अभियंताओं की है। साथ ही चेतावनी दी कि जिन जिलों में काम गति नहीं पकड़ेगा वहां के इंजीनियरों को हटाया जाएगा।

मत रोइए समस्या का रोना- उन्होंने कहा कि गांव-गांव में काम को गति देने के लिए फील्ड में उतरना पड़ेगा। निगरानी करने के साथ, जिला प्रशासन का सहयोग और ग्राम प्रधानों के साथ बैठकें करनी होंगी। उन्होंने इंजीनियरों से एक-एक कर प्रदेश में महिलाओं को दी जा रही पानी जांच की ट्रेनिंग और नल कनेक्शनों के बारे में सवाल पूछे। जलशक्ति मंत्री ने अधिशासी अभियंताओं को टाइम मैनेजमेंट कर काम करने की सलाह देते हुए कहा कि अगर आप लोग समस्या को रोते रहेंगे तो समस्या का समाधान कभी नहीं हो पाएगा। बैठक में प्रमुख रूप से राज्य मंत्री रामकेश निषाद, नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम के एमडी बलकार सिंह   मौजूद रहे।

…तो एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई-

जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग योजना से जुड़े गांवों में योजना पूरी होने के बाद भी यदि सभी घरों में नल कनेक्शन नहीं मिले तो एजेंसियों को बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ऐसी एजेंसियों के खिलाफ विभाग मुकदमा भी दर्ज कराएगा। जांच और कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों के खिलाफ भी बड़े एक्शन की तैयारी है। समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने रेट्रोफिटिंग योजना से जुड़े गांव की चर्चा करते हुए यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि योजना से अंतर्गत आने वाले गांव में हर हाल में सौ फीसदी कनेक्शन होना चाहिए. दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई करने में देरी करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।

मतदाताओं से स्वैच्छिक रूप से आधार नम्बर एकत्रीकरण अभियान का हो रहा है शुभारम्भ

मतदाताओं से स्वैच्छिक रूप से आधार नम्बर एकत्रीकरण अभियान का हो रहा है शुभारम्भ

आधार नम्बर एकत्रीकरण अभियान के अंतर्गत 07 व 21 अगस्त को विशेष कैम्प का होगा आयोजन

लखनऊ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने अवगत कराया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली में सम्मिलित मतदाताओं से स्वैच्छिक रूप से आधार नम्बर एकत्र किए जाने की कार्यवाही 01 अगस्त, 2022 से प्रारम्भ की जा रही है। उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के नियम-23 के अनुसार सम्मिलित मतदाताओं द्वारा आधार नम्बर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1980 के उप नियम 26बी द्वारा अधिसूचित फार्म-6बी में दिया जाएगा। फार्म-6बी ऑनलाइन nvsp.in पर उपलब्ध रहेगा। स्व प्रमाणन के साथWith Self & authentication सम्बन्धित मतदाता, मतदाता पोर्टल/एप पर ऑनलाइन फार्म-6बी भर सकता है तथा यूआईडीएआई में पंजीकृत अपने मोबाइल नम्बर पर प्राप्त होने वाले ओटीपी का उपयोग करके आधार को स्वयं प्रमाणित कर सकता है। स्व प्रमाणीकरण के बिना Without Self&authentication मतदाताओं द्वारा आवश्यक संलग्नकों के साथ फार्म-6बी ऑनलाइन जमा किया जाएगा।

आधार नम्बर एकत्रीकरण को 2 तिथियां-07 व 21 अगस्त
श्री शुक्ला ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा अभियान के दौरान बी० एल०ओ०, ई०आर०ओ० या अधिकृत किसी भी अधिकारी के माध्यम से आफलाइन फार्म जमा कराने हेतु समुचित मात्रा में फार्म 6बी उपलब्ध कराने की कार्यवाही किए जाने के निर्देश निर्गत कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आधार नम्बर एकत्रीकरण हेतु अगस्त माह में 2 तिथियां-07 व 21 अगस्त दिन रविवार को विशेष कैम्प आयोजन के लिए निर्धारित किया गया है। यह कैम्प प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर किया गया है, जहां पर मतदाता सूची में शामिल मतदाता फार्म-6बी में स्वैच्छिक रूप से अपना आधार नम्बर भरकर बूथ लेवल अधिकारियों को उपलब्ध करा सकते हैं। मतदाताओं द्वारा आधार उपलब्ध कराना स्वैच्छिक है और इस आधार पर उनका नाम मतदाता सूची डेटाबेस से अपमार्जित नही किया जाएगा कि उनके द्वारा आधार नम्बर उपलब्ध नही कराया गया है। किसी भी परिस्थिति में प्राप्त आधार नम्बर को सार्वजनिक नही किया जाएगा।

परिवर्धन/अपमार्जन/संशोधन इत्यादि से संबंधित फार्मों को किया परिवर्तित- मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उक्त के अतिरिक्त आयोग द्वारा परिवर्धन/अपमार्जन/संशोधन इत्यादि से संबंधित फार्मों को परिवर्तित किया गया है। परिवर्तित फार्मों में से प्रथम बार आवेदन कर रहे नये मतदाताओं के पंजीकरण हेतु फार्म-6, निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित करने के प्रस्ताव पर आपत्ति हेतु तथा पूर्व से शामिल नाम को अपमार्जित करने हेतु फार्म-7 तथा निवास परिवर्तन/निर्वाचक नामावली में संशोधन/मतदाता पहचान पत्र का प्रतिस्थापन/दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हांकन हेतु फार्म 8 है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा चार अर्हक तिथियां-01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर निर्धारित की गयी है। उक्त अर्हक तिथियों को या उससे पूर्व यदि कोई मतदाता 18 वर्ष की आयु पूर्ण करता है तो वह अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है।

बाघ संरक्षण के लिए लखनऊ में बिजनौर डीएफओ सम्मानित

बाघ संरक्षण के लिए लखनऊ में डीएफओ अनिल पटेल सम्मानित डीएफओ अनिल पटेल को बाघ संरक्षण के लिए लखनऊ में किया गया सम्मानित

बिजनौर। टाइगर संरक्षण में उल्लेखनीय प्रगति किये जाने पर डीएफओ बिजनौर अनिल पटेल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की और से लखनऊ में हुए अन्तर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है |
इस अवसर पर अरुण कुमार सक्सेना राज्य मन्त्री (स्वतंत्र प्रभार) वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, केपी मलिक राज्य मन्त्री वन, पर्यावरण, विशिष्ट अथिति रवि किशन, फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा, डा० राजेश गोपाल जनरल सेकेट्री ग्लोबल टाइगर फोर्म, मनोज सिंह अपर मुख्य सचिव पर्यावरण, आशीष त्रिपाठी सचिव वन पर्यावरण, श्रीमती ममता संजीव दुबे प्रधान मुख्य वन संरक्षक आदि मौजूद रहे। डीएफओ अनिल पटेल की इस उपलब्धि पर सभी वन अधिकारियों व मीडिया कर्मियों ने बधाई दी है।

बेसिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरण की नई नीति को मंजूरी

बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानांतरण नीति को CM योगी ने बदलाव के साथ दी मंजूरी

तबादला नीति के मुताबिक नि:शुल्क एवं अन‍िवार्य बाल श‍िक्षा का अध‍िकार अध‍िनियम 2009 के मानकों के आधार पर अध‍िक टीचर्स संख्या वाले स्कूल और अध्यापक की जरूरत वाले विद्यालय मानव संपदा पोर्टल पर 30 अप्रैल 2022 को उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर चिह्न‍ित किया जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी। इस बार की ट्रांसफर पालिसी में विशेष ध्यान आकांशी जनपदों का रखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 8 आकांशी जनपद है, जिनमें बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, चंदौली,सोनभद्र, फतेहपुर और चित्रकूट शामिल हैं। पूर्व में इन जनपदों को ट्रांसफर पालिसी से बाहर रखा जाता था। इस बार विभाग ने ऑनलाइन मोड पर इन जनपदों को भी ट्रांसफर नीति में शामिल किया है।

ट्रांसफर पालिसी में ये हुए अहम बदलाव….

बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया; हमारी यह कोशिश हैं कि अभी तक ग्राम और नगर के ट्रांसफर अलग थे। गांव से नगर में ट्रांसफर नहीं हो सकता था। वहीं नगर से गांव में नहीं हो सकता था। हमने इस बार नीति में इस विकल्प को खोला है कि ग्रामीण क्षेत्र में जो शिक्षक अच्छा काम कर रहे हैं, उनको भी शहर में आने का मौका दिया जाए। नगरों में स्कूल में शिक्षकों की कमी को भी पूरा करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में बड़े हद तक शिक्षकों को भी इस निति से विशेषकर आकांशी जनपदों और ग्रामीण क्षेत्र फायदा मिलता दिख रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बहुप्रतीक्षित बेसिक शिक्षा विभाग की स्थान्नतरण नीति को मंजूरी मिलने से प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षक अभी से अपने सभी प्रपत्रों को एकत्र करके आवेदन की तिथि का इंतजार कर रहे हैं। कई शिक्षकों व शिक्षिकाओं ने इस स्थानांतरण नीति को महिलाओं के लिए सही ठहराया है, साथ ही साथ इतनी जल्दी इसको पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री व विभगीय मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

वरीयता के होंगे अलग-अलग पैमाने

ऑनलाइन मोड से पारदर्शी ढंग से पूरा ट्रांसफर विभाग द्वारा किया जायेगा। यानि कि विभाग के ऑनलाइन ट्रांसफर का एक पूरा फॉर्मेट बनाया गया है, जो ऑनलाइन शिक्षकों का आवेदन स्वीकार करेगा। उसमें कुछ कैटेगरी हैं, जिन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। जिनका सेवाकाल लंबा है, जो ज्यादा दिनों से नौकरी कर रहे हैं; उनको विभाग प्राथमिकता के अंक देगा। सभी वर्ग को अलग-अलग अंक दिए जायेंगे। सैनिकों व अर्धसैनिक बलों के परिवार के लोगों, पति या पत्नी में से कोई अगर शिक्षक है और दूसरा सैनिक है अथवा सैनिक बल में है, तो उनको वरीयता दी जाएगी। जो शिक्षक स्वयं गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं या जिनके परिवार से कोई बीमारी से ग्रस्त हो अथवा उनको देखभाल की आवश्यकता है, उनको भी वरीयता दी जाएगी। जो पति- पत्नी एक दूसरे के कार्यस्थल पर जाना चाहते हैं, पति के कार्यस्थल पर पत्नी या पत्नी के कार्यस्थल पर पति, उनको भी वरीयता दी जाएगी। जो पुरस्कार प्राप्त शिक्षक यानि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को भी वरीयता दी जाएगी। विभाग द्वारा इस तरह के कई मानक तय किये गए हैं, जिनके अनुसार अंक को दिया जायेगा। शिक्षकों को ऑनलाइन अप्लाई करना होगा वो जिस कैटेगरी में आएंगे, उनको उसी के अनुरूप अंक मिलेंगे।

वरीयता तय करने के मानक

सेवा के लिए एक अंक-अधिकतम 10 अंक

असाध्य या गंभीर रोग (स्वयं, जीवनसाथी या बच्चे) -15 अंक

दिव्यांग अध्यापक (स्वयं, जीवनसाथी या बच्चे) -10 अंक

सरकारी नौकरी करने वाले पति या पत्नी के जिले में-10 अंक

एकल अभिभावक-10 अंक

महिला अध्यापिका-10 अंक

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त-5 अंक

राज्य पुरस्कार प्राप्त -3 अंक

25 स्कूलों का देना होगा विकल्प- सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के शिक्षकों का जिलों के अंदर तबादला / समायोजन ऑनलाइन किया जाएगा। समायोजन के लिए अध्यापकों को 25 स्कूलों का विकल्प देना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने समायोजन, तबादले नीति जारी कर दी है। 10 दिन के अंदर इसका पोर्टल खोल दिया जाएगा।

गड़बड़ी के लिए बीएसए होंगे जिम्मेदार- तबादले में किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिन शिक्षकों के रिटायर होने को दो साल बचे हैं, उन्हें समायोजन प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा हालांकि वे चाहें तो आवेदन कर सकेंगे। यदि सरप्लस शिक्षकों में दिव्यांग, असाध्य या गंभीर रोग से ग्रसित, एकल अभिभावक हैं तो उन्हें छोड़ते हुए वरिष्ठता के आधार पर समायोजन किया जाएगा।

भारत रक्षा दल ट्रस्ट ने कारगिल शहीदों को दी श्रद्धाजंलि

लखनऊ। सामाजिक संस्था भारत रक्षा दल ट्रस्ट की ओर से कारगिल वाटिका में कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि एवं कारगिल विजय दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक महामन्त्री चन्दन सिंह ने किया। इस अवसर पर कारगिल के शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि देते हुए संस्थापक श्रीनिवास राय राष्ट्रवादी ने कहा कि कारगिल विजय को हम गौरव दिवस के नाम से भी पुकार सकते हैं। इसी कार्यक्रम में यह भी तय हुआ कि 15 अगस्त को शाम 4:00 बजे शहीद स्मारक पर एक बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित कर आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य उत्सव का आयोजन किया जाए। कार्यक्रम में आईपीएस अधिकारी सत्येंद्र कुमार व 35 वीं पीएसी बटालियन के जवानों की उपस्थिति रही। पीएसी बटालियन के बैंड कमांडो ने देशभक्ति से ओतप्रोत अनेक गीतों पर बैंड धुन के कार्यक्रम प्रस्तुत किया वह अत्यंत सराहनीय था ।

इस अवसर पर दल के संस्थापक श्रीनिवास राय राष्ट्रवादी, केंद्रीय अध्यक्ष वेद बहादुर थापा, प्रमुख संरक्षक रमेश चंद्र वेरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रोफ़ेसर निधि वाला, केंद्रीय संगठन मंत्री सुनीता गोयल, कोषाध्यक्ष अवधेश कुमार शर्मा, केंद्रीय उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र श्रीवास्तव, एहतेशाम सिद्दीकी, केंद्रीय मंत्री डॉक्टर शशि मिश्रा, कार्यकारिणी के सदस्य राकेश पाल, ज्योतिषाचार्य आचार्य अरुण त्रिवेदी, कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले सिंगल कोर के कैप्टन सुरेंद्र सिंह, रितु अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विधानसभा अध्यक्ष ने किया वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित

लखनऊ (पंचदेव यादव)। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने मंगलवार को विधान सभा के वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित करते हुए एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में 5 बार या उससे अधिक चुनाव जीत कर आये वरिष्ठ सदस्यों से विधान सभा की गरिमा को और बढ़ाये जाने पर विचार विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि मेरा प्रयास होगा विधानसभा की गरिमा बनी रहे। जनता अगर हमे सदन भेज रही है उस सम्मान को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।


विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है पर वरिष्ठों का सम्मान बना रहना चाहिए। मेरा प्रयास होगा कि सभी सदस्यों से सीधा संवाद हो, जिससे विधान सभा को और अच्छा किया जाय सके। इसलिए इस तरह का संवाद कार्यक्रम शुरू किया है। हम चाहते हैं कि समाज में जनप्रतिनिधियों के प्रति सकारात्मक भाव पैदा हो क्योंकि इस विधानसभा में हर तरह की मेधा के लोग है। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हम चाहते हैं कि विधायकों की गरिमा और बढ़े, हमारे सदस्यों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में अवसर मिले जिससे उत्तर प्रदेश की पहचान बने।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने महाना जी को हार्दिक बधाई देत हुए कहा कि आपने कई नई परम्पराएं डाली हैं। एक भी दिन विधानसभा स्थगित नहीं हुई और कोई भी सदस्य वेल में नहीं आया। इसके साथ ही सत्र के दौरान सदस्यों के जन्म दिन के मनाने की भी नई परम्परा की शुरूआत की। श्री खन्ना ने कहा कि ग्रुप बनाकर विधायकों के साथ शुरू किया गया संवाद का कार्यक्रम एक बहुत ही सुखद संकेत है। राजनीतिक व्यक्ति की छवि का समाज पर बहुत असर पड़ता है। हम सभी वरिष्ठों को नए सदस्यों को रास्ता दिखाना है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विधायिका के प्रति हमे जनता की सोच को बदलना है। विधानसभा सबसे बड़ा चर्चा व परिचर्चा तथा विचार का मंच है। इसी से हम सभी जनता के प्रति अपने सेवा भाव के उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं।

संवाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि श्री महाना ने नयी परिपाटी की शुरूआत की है। इस तरह के कार्यक्रम से सदन को लाभ मिलेगा। हम सभी सदस्यों को मिलकर विधान सभा अध्यक्ष को और ताकतवर बनाना है, जिससे उनका सम्मान बना रहे। श्री पाण्डेय ने कहा कि सत्तापक्ष और विपक्ष में मतभेद हो सकता है लेकिन सदन और अध्यक्ष का सम्मान बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। आज जिस तरह से वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया उसके लिए विधान सभा अध्यक्ष धन्यवाद के पात्र है। पूर्व विधान सभा के अध्यक्ष ने कहा कि श्री महाना ने बहुत अच्छी तरह से सदन को चलाया और सभी सदस्यों को बोलने का मौका दिया। यह एक अच्छी परम्परा है।

इस क्रम में वरिष्ठ सदस्य अवधेश प्रसाद ने अपने अनुभव साझा किये और कहा कि महाना जी ने जो शुरुआत की है। उसे भविष्य में इतिहासकार लिखेंगे। 1977 जब पहली बार चुनकर आया था, तब से अब तक कई विधानसभा अध्यक्ष देखें हैं पर श्री महाना की कार्यशैली अनूठी है। पहली बार सदन स्थगित नहीं हुआ और लगभग सभी सदस्यों को बोलने का मौका मिला जिससे प्रदेश में एक अच्छा संदेश गया। श्री प्रसाद ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सुखद संयोग से रचनात्मक सुझाव सामने आए, जिससे प्रदेश के विकास के रास्ते खुल रहे हैं। लोकतंत्र की जड़े और मजबूत हो रही हैं। यह एक बहुत अच्छी पहल है। इसी तरह सत्ता पक्ष विपक्ष मिलकर काम करते रहें, यही प्रदेश की जनता को अपेक्षा है।

इस दौरान रघुराज प्रताप सिंह राजा राजा भैया ने कहा कि आज जितने सदस्य यहां मौजूद हैं, उन सभी ने विधान सभा अध्यक्ष के इस कार्य को सराहा है। उत्तर प्रदेश की विधानसभा अपना पुराना गौरव प्राप्त करे। ये तभी संभव होगा जब अधिक से अधिक सदन चले। उन्होंने कहा कि जितना अधिक सदन चलेगा। उतना ही इस सदन के सदस्यों की गरिमा बढ़ेगी। विधानसभा में जो बदलाव हो रहा है वह सब अध्यक्ष की विलक्षण प्रतिभा का परिचायक है।
वहीं शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आप बधाई के पात्र हैं, जो आपने वरिष्ठों को सम्मानित करने का काम किया है। यह पहली बार हुआ है। श्री यादव ने कहा कि यदि जनता बार बार जिताकर भेज रही है तो ऐसे लोगों का जनता के बीच कहीं न कहीं सम्मान है। ऐसे लोगों ने जरूर जनता से अपना वादा पूरा किया है। यू0पी0 विधानसभा को फिर से गौरव मिल सके इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना पडेगा। यू0पी0 विधानसभा की मिसाल पूरे देश में दी जाती रही है।


श्री लालजी वर्मा ने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों को जो आज सम्मान दिया गया इसके लिए हम सभी अध्यक्ष के आभारी हैं। इस नई शुरुआत के लिए बधाई। श्री वर्मा ने कहा कि आपसी विचार विमर्श से संसदीय परंपराएं मजबूत होंती हैं और नए सदस्यों को संसदीय परंपराओं की जानकारी देना हम सब वरिष्ठों की जिम्मेदारी है। हम सबको संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए। ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि अध्यक्ष जी के व्यवहार और स्वभाव से हम सब प्रभावित हैं। उन्होंने लीक से हटकर जो नई परंपरा शुरू की है, वह अपने आप में अनूठी है। लोकतंत्र में लोक और लाज का महत्व होता है। संसदीय व्यवस्था में संवाद बहुत आवश्यक है। उत्तर प्रदेश देश का हृदय है। इसलिए इसे मजबूत रखने की जरूरत है। ये परपरा बनी रहनी चाहिए। ये हमारा सम्मान नहीं, आपका भी सम्मान है। जय प्रताप सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से एक अच्छा संदेश जाएगा। सत्र के दौरान जनता की समस्याओं को कैसे उठाया जाए, नए सदस्यों को और सीखने की जरूरत है। इस तरह के कार्यक्रम से नये सदस्यों को प्रेरणा मिलेगी। आपसी बहस से नया रास्ता निकलता है।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि विधान सभा में सबको बोलने का अवसर देकर अनुशासन बनाए रखना लोकतंत्र की पहचान रही है। पहली बार  विपक्ष शालीन तरीके से अपनी भूमिका निभा रहा है। वरिष्ठों सदस्यों को सम्मान दिया जा रहा है, जिससे एक नया इतिहास बन रहा है। विधानसभा परिसर के सुन्दरीकरण से लेकर सदन को डिजिटल बनाने तक किया गया कार्य सरहनीय है।। महबूब अली ने कहा कि महाना जी ने सदन को पहली बार में ही सुचारू रूप से चलाने का काम किया है। रमापति शास्त्री ने कहा कि यह हमारा सम्मान नहीं, देवतुल्य कार्यकर्ताओं का सम्मान है जिसे उन तक पहुंचाऊंगा।


इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष श्री महाना ने कार्यक्रम में उपस्थित अरविन्द गिरि, पूरन प्रकाश, श्रीराम चौहान, बावन सिंह, फरीद महफूज किदवई, धर्मपाल सिंह, मयंकेश्वर शरण सिंह, राम चन्द्र यादव व कार्यालय कक्ष में चौधरी लक्ष्मी नारायण, राम कृष्ण भार्गव सहित सभी वरिष्ठ सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे व अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

बुजुर्ग महिला के लिए रायबरेली पुलिस ने किया मानवीय कार्य

मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिला हेल्प डेस्क पर नियुक्त महिला आरक्षियों का सराहनीय कार्य। आई0जी0 रेंज लखनऊ ने ₹ 10,000 के प्रोत्साहन पुरूस्कार से किया सम्मानित।

लखनऊ। जनपद रायबरेली के थाना हरचंदपुर मिशन शक्ति पुलिस टीम द्वारा अभियान के अंतर्गत थाना क्षेत्र के ग्राम शेखन का पुरवा मजरे कठवारा में स्थित मिशन शक्ति कक्ष में महिलाओं/बालिकाओं की समस्याओं को जाना गया। वहां समस्याओं के निस्तारण व उन्हें जागरुक करने का नियमित कार्यक्रम किया जा रहा था। इस दौरान एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसका राशन कार्ड नहीं है। इस वजह से विभिन्न लाभकारी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि उसकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। इस पर महिला आरक्षी मिनी द्विवेदी व महिला आरक्षी संध्या सिंह द्वारा तत्काल सम्बन्धित ग्राम प्रधान तथा कोटेदार से समन्वय स्थापित करते हुए महिला का राशन कार्ड बनवाकर उपलब्ध कराया गया। रायबरेली पुलिस के इस मानवीय सराहनीय कार्य के लिए बुजुर्ग महिला द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

दिव्यांगजनों को वितरित किए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण

सैकड़ों दिव्यांगजनों क़ो वितरित किए गए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण। श्री गोपेश्वर गौशाला में हुआ आयोजन।

मलिहाबाद,लखनऊ। सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्री गोपेश्वर गौशाला में श्रावण मास के पावन अवसर पर चल रही सप्त दिवसीय श्री शिवपुराण कथा के अवसर पर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड केसीएसआर योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों क़ो कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण हेतु परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
आयोजन श्री गोपेश्वर गौशाला के संचालक उमाकांत गुप्ता और मनोज कुमार मौर्या जिला दिव्यांग प्रकोष्ठ अध्यक्ष लखनऊ द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे एचएएल की समस्त जांच टीम उपस्थित रही।
शिविर मे दिव्यांग जनों को रोजमर्रा मे प्रयोग आने वाले उपकरण जैसे ट्राईसाईकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, छड़ी, कान की मशीन, कृतिम पैर एवं हाथ आदि के लिए 107 दिव्यांगजन भाई बहनों का परिक्षण किया गया। शिविर में एचएएल लखनऊ के पदाधिकारियों के साथ ही एलिको कंपनी कानपुर के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

श्रेय बटोरने के लिए अवनीश अवस्थी ने कराई राज्य सरकार की किरकिरी!

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की राजनीतिक कर्मस्थली उरई चढ़ी अफसरशाही की भेंट।

उरई (जालौन)। प्रधानमंत्री द्वारा उदघाटन के 5 दिन बाद ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस ₹-वे के क्षतिग्रस्त होने के वायरल वीडियो से राज्य सरकार की जो जबरदस्त किरकिरी हुई है। उसका ठीकरा यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी के सिर फोड़ा जा रहा है, जो अफसरशाही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाक के बाल माने जाते हैं। खास बात यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की राजनीतिक कर्मस्थली भी है उरई।

विवादों से रहा है गहरा नाता- अवनीश अवस्थी शुरू से विवादों के केंद्र में रहे हैं. कोरोना काल में भी उन पर जम कर उंगलियां उठी थी पर जैसे-जैसे उनकी आलोचना बढ़ती गयी वैसे-वैसे उनके लिए मुख्यमंत्री का समर्थन गहराता गया. यहां तक कहा जाने लगा कि सत्ता संचालन के सारे सूत्र नेपथ्य में अवनीश अवस्थी के ही हाथ में कैद हो गए हैँ. केंद्र तक इसकी ख़बरें पहुंची पर मुख्यमंत्रीका उन पर भरोसा इसके वाबजूद नहीं डिगा.

उद्घाटन कराने की हड़बड़ी? बताया जाता है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए निर्धारित समय में 8 महीने का टाइम बकाया था पर अपनी सेवा निवृति के पहले इसका उदघाटन कराने के लिए उतावले अवनीश अवस्थी ने हड़बड़ी में इसकी आयोजना कर डाली, जिसका नतीजा सामने है।

आधे अधूरे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के कारण पहली बरसात में ही इसमें जालौन क्षेत्र में छिरिया सलेमपुर के पास दरार आ गयी, जिसके कारण दो कार और एक बाइक दुर्घटना की शिकार हो गयी। इससे राज्य सरकार की फ़जीहत हो रही है। इसके विपरीत प्रभाव प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि पर भी पड़ रहे हैं। विरोधी नेताओं ने नहीं भाजपा सांसद वरुण गांधी ने भी इसे ले कर सरकार को आड़े हाथों लिया है।

लीपापोती कर दूसरे पर टाला- उधर अवनीश अवस्थी हमेशा की तरह इसकी लीपापोती कर अपनी जवाबदेही दूसरे पर डालने की जुगत में जुट गए हैं। देखना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार फिर उनके झांसे को झटक पाते हैं या नहीं? इसी बीच यूपीडा के अभियंताओं ने क्षतिग्रस्त सडक और पुलिया की मरम्मत करा कर यातायात को सुचारु बना देने का दावा किया है।

साभार- केपी सिंह जालौन टाइम्स

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

लखनऊ पहुंच कर किसानों की समस्याएं विद्युत विभाग के एमडी को बताईं

लखनऊ पहुंच कर किसानों की समस्याएं विद्युत विभाग के एमडी को बताईं

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रतिनिधि मण्डल ने पंकज कुमार, प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 पावर कार्पोरेशन लि0 से शक्ति भवन, लखनऊ में मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि निजी नलकूपों में मीटर लगाये जाने से किसानों में रोष है, जिससे सरकार द्वारा घोषणा पत्र में किसानों को फ्री बिजली दिये जाने के वादे का भी मजाक है। सामान्य योजना के कनेक्शन का सामान निर्गत किये जाने, विद्युत उपकेन्द्रों एवं ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, जर्जर तार बदलने, गलत बिजली बिल दिये जाने आदि समस्याओं पर चर्चा की। प्रबन्ध निदेशक ने बिजली विभाग के विशेष सचिव आदेश संख्या 812/24-1-21-1307/2020 दिनांक 12 मई 2021 का हवाला देते हुए यह आश्वासन दिया कि एलएमवी 5 के अन्तर्गत निजी नलकूपों के संयोजनों की बिलिंग अनमीटर्ड  निर्धारित दरों पर ही की जायेगी। किसानों के भ्रम दूर करने के लिए सभी कंपनियों को आदेशित किया जायेगा। प्रदेश में जर्जर तार एवं क्षमता वृद्धि हेतु आगामी तीन माह में भारत सरकार की योजना के माध्यम से कार्य कराये जाने सुनिश्चित किये जायेंगे। किसानों के बिल पर निगरानी हेतु टीम का गठन किया जा रहा है। किसानों की सुविधा हेतु विभाग द्वारा जल्द ही कई छोटे-छोटे कदम उठाये जायेंगे प्रतिनिधि मण्डल में धर्मेन्द्र मलिक राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिगम्बर सिंह युवा प्रदेश अध्यक्ष, उ0प्र0 शामिल रहे।

एमडी को दिये ज्ञापन में बताया गया कि उत्तरप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। अघोषित कटौती और फॉल्ट की समस्या बनी ही रहती है। हवा चलने से लाइन फॉल्ट आना, उपकरण खराब होना व् ट्रांसफार्मर में खराबी आना आम बात हो गई है और बिजली ट्रिपिंग किसानों की समस्या बनी रहती है। अगर सही ढंग से लाइनों का सुधार और ट्रांसफार्मर, बिजलीघर की क्षमता वृद्धि की जाए जिससे सप्लाई प्रभावित न हो।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किसानो द्वारा निजी नलकूप पर मीटर लगाने जाने को लेकर किसान आक्रोशित है। किसानों को आशंका है कि मीटर से किसानों पर बिजली बिल का अतिरिक्त भार पड़ने वाला है।
बिजली विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि खेती के लिए निजी नलकूप कनेक्शन पर मीटर लगवाने के बाद भी किसानों पर बिजली बिल का बोझ नहीं बढ़ेगा। किसानों को मीटर रीडिंग के हिसाब से बिजली बिल का भुगतान नहीं करना होगा, बल्कि पहले से निर्धारित बिल ही उनसे लिया जाएगा। मीटर रीडिंग के जरिये बिजली निगम गांवों में नलकूपों पर विद्युत खपत का आंकलन करेगा। बीजेपी के संकल्पपत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश के किसानों को अगले 5 साल तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करना होगा, इस पर भी सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश निजी नलकूप के नये बिलों में ग्रामीण मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर 2 रुपये प्रति यूनिट से घटकर 1 रुपये प्रति यूनिट व फिक्स चार्ज 70 रुपये प्रति हॉर्स पावर से घटकर 35 रुपये प्रति हॉर्स पावर की गयी थी। अनमीटर्ड कनेक्शन में फिक्स चार्ज 170 रुपये प्रति हॉर्स पावर की जगह 85 रुपये प्रति हॉर्स पावर होगा। किसानों को वाटर लेबिल अधिक गहरे में जाने के कारण बड़ा मोटर रखना पड़ रहा है, इसके लिए बोर के आधार पर प्रति हॉर्स पावर कनेक्शन स्वीकृत किया जा सकता है, ताकि किसान को उचित राहत मिल सके।
जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण एवं सरकारी कार्यक्रमों के असरदार क्रियान्वन के लिए सम्भव पोर्टल sambhav.up.gov.in के माध्यम से पंजीकृत होकर त्वरित निस्तारण का लाभ ग्रामीण जनता व् किसानों को नही मिल रहा है। किसानों को बिजली की समस्याओं के लिये दीर्घकालीन समाधान चाहिये। इसके लिए भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने समाधान की मांग की है।

  1. बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाए। ताकि किसानों की बार-बार ट्रांसफार्मर जलने व् लो-वोल्टेज की वजह से नलकूप न चलने की समस्या का समाधान हो सके।
  2. विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही जर्जर लाइनों और जंग लगे विद्युत पोलों को बदला जाये। लंबी दूरी और बांस बल्ल्यिों के सहारे वाले कनेक्शनों पर पोल लगाए जाएं। विद्युत लाइनों के समीप से पेड़ हटाए जाये ताकि वे लाइनों पर न गिरें। निजी नलकूपों की लाइनों के जर्जर तार अविलंब बदले जाए। जर्जर लाइनों के टूटने से किसानों की फसल बर्बाद होती रहती है।
  3. किसानों को वाटर लेबिल अधिक गहरे में जाने के कारण बड़ा मोटर रखना पड़ रहा है, इसके लिए बोर के आधार पर प्रति हॉर्स पावर कनेक्शन स्वीकृत किया जाये अर्थात चार इंची बोरिंग तक किसानों को 7.5 एचपी व 6 इंच बोरिंग के नलकूप पर 10 हार्स पॉवर का कनेक्शन दिया जाये।
  4. नया कनेक्शन लेने, गलत बिल आना या बिना कनेक्शन बिल आने, एक नाम पर दो कनेक्शन का बिल आने पर किसानों की कठिनाइयों के हल का पारदर्शी व् शीघ्र हल की प्रणाली विकसित की जाये क्योकि नया कनेक्शन लेने व गलत बिल सही कराने से लेकर कनेक्शन देने के मामले में इंजीनियर बिजली ग्राहकों को महीनों इधर से उधर दौड़ाते है, इसलिए तय समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं होने पर मुआवजा कानून (स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन, 2019) के तहत मुआवजा दिया जाये।
  5. विद्युत चोरी के प्रकरण में कृषि उपभोक्ता पर वैधानिक दायित्व राशि उचित व तर्क पूर्ण की जाये अर्थात देय अनुदानित दर से की जाये, ताकि कृषि उपभोक्ता उसे जमा कर सके, अन्यथा विवाद बना रहता है। सतर्कता जांच प्रतिवेदन का सहायक अभियंता के स्तर पर पूर्ण निस्तारण किया जाये।
  6. अधिभारित विद्युत उपकेंद्र से बाटकर बिजली सप्लाई की जा रही है।जिससे किसानों को निर्धारित अवधि के सापेक्ष आधी ही आपूर्ति होती है। इसके निवारण हेतु नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जाए।
  7. सामान्य योजना के अन्तर्गत निर्गत किए गए निजी नलकूप के कनेक्शन का सामान उपलब्ध कराया जाय। सामान्य योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली सब्सिडी में भी वृद्धि की जाये।

“आम” भोज के मौके पर समान नागरिक संहिता की प्रबल वकालत

लखनऊ। भारत रक्षा दल ट्रस्ट ने मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के तिलसुवा ग्राम सभा के दूधाधारी मंदिर प्रांगण में आम भोज के कार्यक्रम के आयोजन के राष्ट्रीय जनआंदोलन हेतु ग्राम्य कार्यकर्ता जन चौपाल आयोजित किया गया। अध्यक्षता ग्राम सभा के पूर्व प्रधान जीत बहादुर ने व संचालन संगठन के रहीमाबाद इकाई के संरक्षक सुशील गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट के मजदूर किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निरंजन सिंह लल्ला यादव ने किया। चौपाल में जिन अन्य प्रमुख लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए उसमें संगठन के संयुक्त मंत्री महेंद्र सिंह राणा, भारत रक्षा दल ट्रस्ट के सरोज बाला सोनी, सहायक महामंत्री कैप्टन मनोज कुमार राय, महामन्त्री भागीरथी विश्वकर्मा, डॉ शशि मिश्रा, रितु अग्रवाल, एसबी सिंह, शिशिर तिवारी, लल्ला यादव प्रमुख रहे।

इस मौके पर आयोजित जन चौपाल को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत रक्षा दल ट्रस्ट के संस्थापक श्रीनिवास राय राष्ट्रवादी ने उपस्थित जन का ध्यान तीन मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि आज देश सवाल कर रहा है कि जब 1947 में भारत आजाद हुआ तब संख्या और धार्मिकता के आधार पर अलग देश पाकिस्तान बना तो भारत हिंदू राष्ट्र क्यो नही बना ? इसलिए अब से ही सही भारत को हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता की भी प्रबल वकालत करते हुए कहा कि देश के नागरिकों में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसलिये एक देश एक कानून जो सबको आगे बढ़ने का समान अवसर प्रदान करे। इसके लिये समान नागरिक संहिता आज वक्त की मांग है। उन्होंने देश की जनसँख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि अब हमारा देश आबादी के दृष्टि से चीन से भी आगे निकल चुका है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। अब इस पर कड़ा कानून न बनाना सरकार की गलती है।

मुख्य अतिथि विधायक जयदेवी कौशल ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारी सरकार इन तीनों मुद्दों पर गम्भीरतापूर्वक कार्य कर रही है। उपस्थित जनता ने इन तीन मुद्दों पर दोनों हाथ उठाकर संगठन को अपना समर्थन दिया। निकट भविष्य में और ग्राम सभाओं में भी इस प्रकार के चौपाल का निर्णय लिया गया। इस मौके पर जनसँख्या नियंत्रण कानून के लिये हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें 188 लोगों ने हस्ताक्षर किया। इस मौके पर चन्दन सिंह, आभा पाण्डेय, संगीता भट्ट, सरला तिवारी, तेजा सिंह, सबलू खान, सजीवन लाल, राजेन्द्र यादव, दीपक यादव मौजूद थे। कार्यक्रम में गांव के सबसे बुजुर्ग 97 वर्षीय श्री रामप्यारे यादव का विधायक जयदेवी द्वारा सम्मान किया गया।

वर्दी के पीछे धड़कता मासूम सा दिल

मानवता की बेहतरीन मिसाल कायम कर रहे आजमगढ़ के एएसपी सिटी

दीपक कुमार की विशेष रिपोर्ट 

लखनऊ। कहते हैं मानवता की सेवा करने के लिए दिल में  जज्बातों की जरूरत होती है। इसके लिए समय और धन जरूरी तो हैं लेकिन प्राथमिक नहीं माने जा सकते। आज के आपाधापी भरे दौर में जब इंसान अपने सगे संबंधियों तक से दूरी बनाए रहता है, ऐसे में एएसपी सिटी के पद पर आजमगढ़ में तैनात शैलेन्द्र लाल मानवता की बेहतरीन मिसाल कायम कर रहे हैं।


एक विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा से ही पशु पक्षी और प्रकृति से लगाव रहा है। मेरे यहां बगीचा है, साग सब्जी होती है। बंदर उनका कुछ भी नुकसान नहीं करते। एक फूल भी नहीं तोड़ते। जो साग सब्जी होती है, हम और बंदर के लिए काफी हो जाती है; दोनों खुश…।

जनपद लखीमपुर खीरी में तैनाती के दौरान उनके घर के बाहर कई गाय व कुत्ते आदि आते थे, इसलिए उनके लिए वे घर के बाहर चारा / खाना और पानी रखने लगे। यही नहीं चिड़ियों के लिए भी दाना और पानी की भरपूर व्यवस्था रहती।
उन्हें हमेशा से ही पशु पक्षियों के प्रति बेहद लगाव रहा है।  सहारनपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने अलग-अलग किस्म के चार कुत्ते भी पाल रखे थे।


जब पोस्टिंग नोएडा में हुई, तब भी कई जानवर उनके घर आते थे। इस दौरान एक बंदर ने दोस्ती कर ली। वह घर आता था और जब पत्नी सब्जी लेने जाती थी तो कांधे पर आके बैठा जाता था।

यहां यह बताना भी समीचीन होगा कि इनकी गिनती एक तेज तर्रार पुलिस अधिकारी के तौर पर होती है। जनपद मुख्यालय बिजनौर के मोहल्ला जाटान में वर्ष 2014 में हुए बम विस्फोट कांड के दौरान सीओ सिटी रहे शैलेन्द्र लाल को एक तेज तर्रार पुलिस अफसर के तौर पर जाना पहचाना जाता है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर तत्काल वह न केवल खुद पहुंचे, बल्कि घटना के संबंध में पूरी जानकारी भी जुटाई। मामला बेहद ही खूंखार आतंकवादी संगठन सिमी से जुड़ा हुआ था।

अब फोटोज देखकर उनके पशु एवं प्रकृति प्रेम के प्रति कुछ भी कहना, लिखना बेमानी ही होगा। किस कदर अकेले एक बंदर हो या झुंड में परिवार सहित…बड़े प्रेम से खाते पीते हैं और चले जाते हैं। किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं करते।

परिचयमूल रूप से जनपद उरई जालौन निवासी इनके पिता यूपी कैडर 1971 बैच के आईपीएस अफसर थे, लिहाजा इनकी अधिकांश पढ़ाई हॉस्टल में रहकर ही हुई। सेंट जोसेफ कॉलेज नैनीताल से कक्षा 10 तक पढ़ने के बाद उन्होंने डीपीएस आरकेपुरम नई दिल्ली से इंटरमीडिएट किया। दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। बिजनौर में तैनाती के दौरान विवेक कॉलेज में एडमिशन लेकर रुहेलखंड विश्वविद्यालय से एलएलबी कंप्लीट किया। पत्नी दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करती हैं जबकि पुत्री जर्मनी में जॉब कर रही है। इनके बेटे का सेलेक्शन आईबी में असिस्टेंट इंटेलिजेंस ऑफिसर के तौर पर हुआ है। परिवार प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहता है।

चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ ने दी महानिदेशक को चेतावनी

लखनऊ। चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ, उत्तर प्रदेश ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं स्वास्थ्य भवन, लखनऊ को महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन स्वास्थ भवन, लखनऊ की ओर से दिनांक 11-07- 2022 को पत्र भेजा गया था। उसमें गया है कि स्थानांतरण आदेशों में हुई त्रुटियों का निराकरण/ संशोधन संबंधित प्राप्त प्रत्यावेदनों पर अपने स्तर से निस्तारित करने का कष्ट करें, जिससे भविष्य में कार्य संपादन किए जाने में महानिदेशालय के कर्मचारी अपने को सुरक्षित महसूस करते हुए सुचारू रुप से कार्य का संपादन करते रहें अन्यथा की स्थिति में संघ इसका पुरजोर विरोध करते हुए किसी भी समय आन्दोलनात्मक कार्यवाही हेतु बाध्य होगा, जिसे हेतु संघ उत्तरदाई नहीं होगा। अशोक कुमार प्रधान महासचिव चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ, उत्तर प्रदेश ने निवेदन किया है कि उक्त मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश का प्रमुख घटक संघ है, कृपया इनकी मांगों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता कर समस्याओं का हल करवाएं अन्यथा की स्थिति में महासंघ भविष्य में इनके द्वारा किए जा रहे आंदोलन में पूर्ण रुप से भागीदारी करेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।

पत्र भेजते हुए अशोक कुमार प्रधान महासचिव चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ, उत्तर प्रदेश ने सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार/बृजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश शासन व अध्यक्ष/मंत्री समस्त संबद्ध संगठन को इसकी प्रतिलिपि प्रेषित की है।

डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में ₹299 में होगा 10 लाख का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में ₹299 में होगा 10 लाख का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। महंगे प्रीमियम पर बीमा करवाने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है, जिसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपए के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू करवाना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा ए.आई.जी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही साथ इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज हेतु 60,000 रुपए तक का आई.पी.डी खर्च और ओ.पी.डी में 30,000 रुपए तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार हेतु ट्रांसपोर्ट का 25,000 रूपए तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा।

इस बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर करने हेतु डाक विभाग द्वारा ‘मिशन सुरक्षा’ अभियान 15 अगस्त तक चलाया जा रहा है।

प्रतिबंध के बावजूद विदेशी थाई मांगुर मछली पालकों पर नहीं हो रही कार्रवाई

लखनऊ। पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही विदेशी थाई मांगुर पालने वाले मछली पालकों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। एनजीटी (राष्ट्रीय हरित क्रांति न्यायाधिकरण) ने 22 जनवरी 2019 को इस संबंध में निर्देश भी जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि मत्स्य विभाग के अधिकारी टीम बनाकर निरीक्षण करें और जहां भी इस मछली का पालन को हो रहा है उसको नष्ट कराया जाए। निर्देश में यह भी कहा गया था कि मछलियों और मत्स्य बीज को नष्ट करने में खर्च होने वाली धनराशि उस व्यक्ति से ली जाए जो इस मछली को पाल रहा हो।

”इस मछली को वर्ष 1998 में सबसे पहले केरल में बैन किया गया। उसके बाद भारत सरकार द्वारा वर्ष 2000 देश भर में इसकी बिक्री पर प्रतिबंधित कर दिया गया। यह मछली मांसाहारी है। यह इंसानों का भी मांस खाकर बढ़ जाती है। ऐसे में इसका सेवन सेहत के लिए भी घातक है। इसी कारण इस पर रोक लगाई गई थी।” ऐसा बताते हैं, उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग के तत्कालीन सहायक निदेशक डॉ हरेंद्र प्रसाद। आगे हरेंद्र बताते हैं, ”इसका पालन बाग्लादेश में ज्यादा किया जाता है। वहीं से इस मछली को पूरे देश में भेजा जाता है। कई बार में छापे भी मारते हैं, पर कोई कानून न होने की वजह से काई सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती है। यह मछली जहां मिलती है वहां इसको मार कर गाड़ दिया जाता है।”

गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2000 में थाई मांगुर के पालन, विपणन, संर्वधन पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन इसके बावजूद भी मछली मंडियों में इसकी खुले आम बिक्री हो रही थी। थाई मांगुर का वैज्ञानिक नाम क्लेरियस गेरीपाइंस है। मछली पालक अधिक मुनाफे के चक्कर में तालाबों और नदियों में प्रतिबंधित थाई मांगुर को पाल रहे हैं क्योंकि यह मछली चार महीने में ढाई से तीन किलो तक तैयार हो जाती है, जो बाजार में करीब 40-50 रुपए किलो मिल जाती है। इस मछली में 80 फीसदी लेड एवं आयरन के तत्व पाए जाते हैं।

दूषित पानी में भी है बढ़ती- थाईलैंड में विकसित की गई मांसाहारी मछली की विशेषता यह है कि यह किसी भी पानी (दूषित पानी) में तेजी से बढ़ती है, जहां अन्य मछलियां पानी में ऑक्सीजन की कमी से मर जाती हैं, लेकिन यह जीवित रहती है। थाई मांगुर छोटी मछलियों समेत यह कई अन्य जलीय कीड़े-मकोड़ों को खा जाती है। इससे तालाब का पर्यावरण भी खराब हो जाता है।

मुनष्यों के लिए सेहत के लिए काफी हानिकारक- राष्ट्रीय मत्स्य आंनुवशिकी ब्यूरो के तत्कालीन तकनीकी अधिकारी अखिलेश यादव बताते हैं, ”इसका सेवन मुनष्यों के लिए सेहत के काफी खराब है। इससे मनुष्यों में कई घातक बीमारियां हो सकती हैं। लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान भी चलाया जाता है, लेकिन बाजारों में कोई रोक-टोक न लगने के कारण इसकी बिक्री आसानी से की जा रही है। अपनी लालच के चक्कर में इसका पालन किया जा रहा है लेकिन इस पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।” 

अब डाकघरों में भी मिलेगी एन.ई.एफ.टी सुविधा

डाकघरों में भी आरम्भ हुई एन.ई.एफ.टी सुविधा, बैंक और पोस्ट ऑफिस के बीच लेनदेन हुआ आसान

एन.ई.एफ.टी सुविधा हेतु पोस्टऑफिस का आई.एफ.एस.सी कोड  IPOS0000DOP – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। भारत सरकार ने डाकघर के बचत खाताधारकों के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एन.ई.एफ.टी) की सुविधा आरम्भ कर दी है। इससे किसी भी बैंक के खाते से डाकघर खाते में और डाकघर खाते से बैंक खाते में राशि ऑनलाइन ट्रांसफर हो सकेगी। डाकघर काउण्टर्स, इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के जरिए इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। काउंटर्स के माध्यम से इस सेवा का लाभ लेने के लिए ग्राहकों का डाकघर में बचत खाता होना चाहिए तथा एन.ई.एफ.टी द्वारा राशि ट्रांसफर के लिए ग्राहकों को एक मैंडेट फॉर्म भरकर काउंटर पर देना होगा। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघर खातों में धनराशि के ट्रांसफर के लिए देश के सभी डाकघरों के लिए केवल एक ही आई.एफ.एस.सी कोड  IPOS0000DOP होगा। पूरे भारत के सभी डाकघरों का एक ही आई.एफ.एस.सी कोड होने से ग्राहकों को प्रत्येक डाकघर का अलग से आई.एफ.एस.सी कोड नहीं ढूँढना पड़ेगा।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा से लोगों को काफी सहूलियत होगी। डाकघरों के लोक भविष्य निधि (पी.पी.एफ) व सुकन्या समृद्धि योजना के खाताधारक अपने इन खातों में बैंक के जरिये एन.ई.एफ.टी द्वारा घर बैठे राशि जमा कर सकते हैं। एन.ई.एफ.टी में राशि ट्रांसफर करने की न्यूनतम सीमा 1 रुपये तथा अधिकतम सीमा 15 लाख है। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत एक दिन में अधिकतम 5 ट्रांजैक्शन तथा प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 2 लाख रुपए एवं प्रतिदिन 10 लाख रुपए एन.ई.एफ.टी किये जा सकते हैं। पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने आगे बताया कि दस हजार रुपए तक की एन.ई.एफ.टी के लिए खाताधारकों को 2.50 रुपए व जी.एस.टी देना होगा। दस हजार से एक लाख रुपए तक के लिए यह चार्ज बढकर पाँच रुपए व जी.एस.टी होगा। इसके अलावा एक लाख से दो लाख रुपए तक के लिए 15 रुपए व जी.एस.टी और 2 लाख से अधिक की रकम के लिए 25 रुपए व जी.एस.टी देना होगा। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत यह सुविधा 24 घण्टे मुफ्त में उपलब्ध है।

गौरतलब है कि वित्तीय समावेशन में डाकघरों की अहम भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकांश लोगों के खाते डाकघरों में खुले हुए हैं। ऐसे में भारत सरकार द्वारा पोस्ट ऑफिस में भी एन.ई.एफ.टी सुविधा आरम्भ करने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। 

पर्यावरण की सुरक्षा को आगे आए NSG कमांडो

लखनऊ (पंचदेव यादव)। पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत एनएसजी कमांडो ने नई और बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल ली है। “एन० एस० जी० प्लान्टेशन ड्राइव -2022” के तहत टास्क फोर्स लखनउ स्थित एन० एस० जी० कमाण्डोज द्वारा वन विभाग के सहयोग से रिजर्व फोरेस्ट कुकरैल में पौधारोपण किया गया। इस दौरान इमली, आंवला, मेंहदी, अमरूद, जामुन, मोलसरी तथा सहजन जैसे पौधे लगाए गए।


इस दौरान एन० एस० जी० टास्क फोर्स लखनउ के विजय कुमार टास्क फोर्स कमाण्डार, रवि सुशान्त सहायक कमाण्डर व अन्य कमाण्डोज ने भागेदारी की। साथ ही वन
विभाग की तरफ से दिनेश कुमार तथा अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।


सभी जवानों ने इस दौरान न केवल पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया अपितु भविष्य में भी इसी तरह के पौधारोपण कार्यक्रम समय समय पर आयोजित करते रहने की भी जिम्मेदारी ली।

एक दिन का एडीजी प्रयागराज बने 12 वर्षीय कैंसर पीड़ित हर्ष

लखनऊ। प्रयागराज के 12 साल के कैंसर पेशेंट हर्ष दूबे की मदद के लिए ज़िले के तीन अलग-अलग वर्ग से जुड़े लोग फरिश्ते बनकर सामने आए हैं। हर्ष का हौसला बढ़ाने के लिए एडीजी प्रेम प्रकाश ने बॉडी किट देने के साथ-साथ हर्ष को एक दिन का एडीजी प्रयागराज भी बनाया।

हर्ष ने भी एक वरिष्ठ अधिकारी की तरह एडीजी ऑफिस में बैठकर पुलिस व्यवस्था को समझा तो कई डॉक्यूमेंट पर सिग्नेचर करके कार्य रिपोर्ट भी आगे बढ़ाई। उधर कमला नेहरू हॉस्पिटल के मशहूर डॉक्टर और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित डॉक्टर बी पॉल के साथ साथ डॉक्टर राधा रानी घोष और सर्जन डॉक्टर विशाल केवलानी भी मौजूद रहे।

शहर में ई-रिक्शा चलाते हैं हर्ष के पिता 

शहर के कैंसर सर्जन डॉक्टर की टीम ने हर्ष को आश्वासन दिया कि अब उसका इलाज पूरी तरीके से नि:शुल्क होगा। साथ ही साथ प्रयागराज की मशहूर समाजसेवी पंकज रिज़वानी ने भी हर्ष का हौसला बढ़ाने के लिए कई सामान  दिए। हर्ष के पिता शहर में ई-रिक्शा चलाते हैं और इसी खर्चे से अपने परिवार और बेटे की बीमारी का इलाज भी कराते हैं। खास बातचीत करते हुए एडीजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि समाजसेवी पंकज रिज़वानी के द्वारा उनको यह सूचना मिली की 12 साल का मासूम हर्ष एक लाइलाज बीमारी से जूझ रहा है, जिसको मदद की दरकार है।

एडीजी प्रेम प्रकाश ने हर्ष को बनाया एक दिन का एडीजी

ऐसे में हर्ष का इलाज कर रहे डॉक्टर की टीम और एडीजी प्रेम प्रकाश ने फैसला लिया की हर्ष का मनोबल बढ़ाने के लिए कुछ ऐसा कार्य करेंगे जिससे वह गौरवान्वित महसूस करे। इसी के चलते आज एडीजी प्रेम प्रकाश ने हर्ष को 1 दिन का एडीजी बनाया और वह सारे कार्य लिए गए जो कार्य एडीजी के द्वारा किए जाते हैं। हर्ष का इलाज कर रहे डॉक्टर पॉल ने कहा कि कैंसर पेशेंट को हमेशा हिम्मत बनाकर रखनी चाहिए। कैंसर लाइलाज बीमारी तो है लेकिन अगर सही से इलाज हो और पेशेंट के अंदर हिम्मत हो तो लाइलाज बीमारी का इलाज भी संभव हुआ है।

पुलिस कर्मियों ने दी हर्ष को सलामी

एडीजी कार्यालय में सीट पर बैठने के बाद कई पुलिस वाले हर्ष को सलामी देते हुए नजर आए। साथ ही साथ हर्ष ने वायरलेस के जरिए जिले के अलग अलग क्षेत्रो में तैनात पुलिसकर्मियों को दिशा निर्देश भी दिया। हर्ष के पिता संजय दुबे बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका बेटा आज इस मुकाम तक पहुंचेगा इसके लिए उन्होंने सबसे पहले समाजसेवी पंकज रिजवानी का धन्यवाद दिया साथ ही साथ डॉक्टर की पूरी टीम और एडीजी प्रेम प्रकाश का भी आभार व्यक्त किया। (साभार)

परिवहन विभाग में 31 दिन का होता है जून का महीना!

परिवहन विभाग में जून का महीना 31 दिन का होता है। कम से कम श्री चीनी प्रसाद, यातायात अधीक्षक, क्षेत्रीय चेकिंग दल, बरेली को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करने के आदेश से तो ऐसा ही लगता है।

कृपया इस आदेश को ध्यान से पढ़ें…..उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम। परिवहन भवन टिहरी कोठी, लखनऊ-226001 दूरभाष पी०पी०एक्स० 20225439 2622383 2622401 फैक्स:- 0522-2274528 2622241 2274578

पत्रांक: 3034 सीईएनटी / 2022-04 चेकिंग सेल / 2021

दिनांक : 31 जून, 2022

-: कार्यालय आदेश :

श्री चीनी प्रसाद, यातायात अधीक्षक, क्षेत्रीय चेकिंग दल, बरेली को तत्काल प्रभाव से निगम एवं कार्य हित में स्थानान्तरित करते हुए अलीगढ़ क्षेत्र में तैनात किया जाता है।

श्री चीनी प्रसाद, यातायात अधीक्षक, तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें तथा अनुपालन आख्या अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध करायें।

( अन्नपूर्णा गर्ग ) अपर प्रबन्ध निदेशक

समसंख्या / समदिनांकित ‘प्रतिलिपि :- निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:

  1. प्रधान प्रबन्धक (प्रवर्तन), परिवहन निगम मुख्यालय, लखनऊ ।
  1. क्षेत्रीय प्रबन्धक, उ०प्र० परिवहन निगम, बरेली /अलीगढ़ क्षेत्र
  1. सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक (वित्त), उ०प्र० परिवहन निगम, बरेली / अलीगढ़ क्षेत्र ।
  2. सम्बन्धित कार्मिक द्वारा क्षेत्रीय प्रबन्धक, उ०प्र० परिवहन निगम, वरेली क्षेत्र
  3. गार्ड पत्रावली / अधिष्ठान सहायक।

( अन्नपूर्णा गर्ग ) अपर प्रबन्ध निदेशक

नोट- वास्तव में यह गलती हुई है या नहीं? हुई है तो यह गलती पकड़ी गई या नहीं! पकड़ी गई तो तिथि में संशोधन किया गया या नहीं, यह जानकारी नहीं है। इस संबंध में किसी सक्षम अधिकारी से वार्ता नहीं हो सकी।

मुख्य विकास अधिकारी पद पर आसीन हुए पूर्ण बोरा

बिजनौर। जिला कुशीनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर आसीन रहे पूर्ण बोरा ने शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर के पद पर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। श्री बोरा उत्तरी लखीमपुर,असम राज्य के निवासी सन् 2016 के आईआरएस बैच तथा 2018 बैच आईoएoएसo कैडर के अधिकारी हैं।

यूपी में 21 एसपी बदले, बिजनौर कप्तान बने दिनेश सिंह

यूपी में कई जिलों के एसपी बदले गए हैं। इनमें मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मथुरा, गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या और प्रयागराज के पुलिस कप्तान शामिल हैं। इसी के साथ-साथ गाजीपुर, बिजनौर, मिर्जापुर, कासगंज और अमेठी में भी नए पुलिस कप्तान की तैनाती की गई है।

स्थानांतरित पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह
नवांगतुक पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर जिलों के पुलिस कप्तानों के तबादले कर दिए। राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 21 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है।

मिली जानकारी के अनुसार शैलेश कुमार पांडे को अयोध्या से प्रयागराज, अजय कुमार को प्रयागराज से सीबीसीआईडी लखनऊ, रोहन बोत्रे को कासगंज से गाजीपुर, प्रशांत वर्मा को कन्नौज से अयोध्या, सहारनपुर के एसएससी आकाश तोमर को गोंडा का एसपी बनाया गया है। गाज़ीपुर के एसपी राम बदन सिंह को नोएडा कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। राजेश कुमार श्रीवास्तव कन्नौज के नए एसपी होंगे। गोरखपुर के एसएसपी विपिन टाडा सहारनपुर के नए एसपी होंगे। मथुरा के एसपी गौरव ग्रोवर गोरखपुर के एसएसपी होंगे। मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक यादव को मथुरा का एसपी बनाया गया है। अमरोहा के एसएसपी विनीत जायसवाल को मुजफ्फरनगर का एसपी बनाया गया है। अमेठी के एसपी दिनेश सिंह बिजनौर के एसपी होंगे। किला मारण जी को अमेठी का एसपी बनाया गया है। संतोष कुमार मिश्रा गोंडा से मिर्जापुर एसपी के रूप में स्थानांतरित किए गए है। बेबी जीडीएस मूर्ति को कानपुर पुलिस कमिश्नर से कासगंज का एसपी बनाया गया है।

वृहद वृक्षारोपण सफल बनाने को जुटा प्रशासनिक अमला

बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुपालन में वृहद वृक्षारोपण को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। इसी क्रम में एसडीएम सदर मोहित कुमार ने तहसीलदार अनुराग सिंह के साथ ग्राम कादरपुर जसवंत में वृहद वृक्षारोपण के स्थल का निरीक्षण किया।

इसके लिए भूमि के चयन, समतलीकरण, गड्ढा खुदवाने की कार्रवाई और सुरक्षा के दृष्टिगत खाई खुदवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्थल को सेक्टर एवं जोन में बांटकर अधिकारी नामित करने और वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निर्देश दिए।

20 CMO समेत 39 चिकित्साधिकारियों के तबादले

लखनऊ। यूपी में गुरुवार शाम से शुरू हुआ ताबड़तोड़ तबादलों का दौर लगातार जारी है। प्रदेश में डेढ़ दर्जन विभागों में 1000 से ज्यादा तबादलों के बाद शुक्रवार सुबह 39 चिकित्साधिकारियों के तबादले का भी आदेश जारी कर दिया गया। इनमें से 20 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तबादला सूची के अनुसार डॉ. मंजीत सिंह को हाथरस का मुख्य चिकित्साधिकारी बनाया गया है। इसी तरह डॉ. आभा मिश्रा को ललितपुर, डॉ. तरन्नुम रजा को सम्भल, डॉ. अवनींद्र कुमार को फर्रूखाबाद, डॉ. रश्मि वर्मा को गोंडा, डॉ. सुधाकर पांडेय को झांसी, डॉ. गिरेंद्र मोहन को प्रतापगढ़, डॉ. अरुणेंद्र कुमार त्रिपाठी को लखीमपुर खीरी, डॉ. शारदा प्रसाद तिवारी को श्रावस्ती, डॉ. राजीव सिंघल को अमरोहा, डा. राजेंद्र प्रसाद को मिर्जापुर, डॉ. आलोक रंजन को कानपुर नगर, डॉ. सुनील कुमार को हापुड़, डॉ. विमल कुमार बैसवार को देवरिया, डॉ. हरिदास अग्रवाल को बस्ती, डॉ. अवध किशोर प्रसाद को कासगंज, डॉ. विमलेंदु शेखर को अमेठी, डॉ. सुष्पेंद्र कुमार को कौशाम्बी, डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव को हरदोई, डॉ. सुनील भारतीय को फतेहपुर, डॉ. जयंत कुमार को बलिया, डॉ. नीना वर्मा को महाराजगंज, डॉ. अनिरूद्घ कुमार सिंह को संतकबीरनगर, डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल को सिद्घार्थनगर और डॉ. धनेश कुमार गर्ग को महोबा का मुख्य चिकित्साधिकारी बनाया गया है।

यूपी के 10 विभागों में सैकड़ों अधिकारियों कर्मचारियों के तबादले

लखनऊ। विभिन्न विभागों में अफसरों के ताबड़तोड़ तबादले गुरुवार को कर दिए गए। 30 जून को तबादला नीति की मियाद खत्म होने के मद्देनजर विभागों में देर रात तक स्थानांतरण आदेश जारी करने का सिलसिला चलता रहा। इनमें स्वास्थ्य, सिंचाई, बिजली, राजस्व, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, श्रम, खाद्य एवं रसद, परिवहन, लोक निर्माण, आवास, नगर विकास, होमगार्ड, बाल विकास एवं पुष्टाहार, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा आदि प्रमुख हैं। कई विभागों में तबादला आदेश बाकायदा जारी कर दिए गए हैं जबकि कई विभागों में इसे गोपनीय रखा गया है। इतने बड़े स्तर पर तबादले की खबर से अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।

सिंचाई विभाग में 185 जेई का तबादला

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में 185 जूनियर इंजीनियरों का तबादला किया गया है। यह सभी सिविल इंजीनियर हैं। इन्हें एक सप्ताह में नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं। विभाग के मुख्य अभियंता (कार्मिक) हर प्रसाद ने गुरुवार को इनका तबादला आदेश जारी कर दिया।

डेढ़ दर्जन जिला खाद्य विपणन अधिकारियों के तबादले

खाद्य व रसद विभाग में डेढ़ दर्जन जिला खाद्य विपणन अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। संजय कुमार पाण्डेय को सोनभद्र से बस्ती, अरुण कुमार त्रिपाठी को वाराणसी से शाहजहांपुर, अनूप श्रीवास्तव को चंदौली से कन्नौज, अमित कुमार चौधरी को सोनभद्र, प्रिंस चौधरी को पीलीभीत से गाजियाबाद, विवेक सिंह को फर्रुखाबाद से महाराजगंज, गोरखनाथ को बस्ती से फर्रुखाबाद, सौरभ यादव को चंदौली, सुनील भारती को बरेली से वाराणसी, विकास चन्द्र तिवारी को जालौन से पीलीभीत, अविनाश झा को फतेहपुर से चित्रकूट, संजय श्रीवास्तव को चित्रकूट से फतेहपुर, गोविंद उपाध्याय को आजमगढ़ से जालौन, कमलेश पाण्डेय को शाहजहांपुर से बरेली और समरेन्द्र प्रताप को कन्नौज से हापुड़, जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल को इटावा से खीरी और लालमणि पाण्डे को खीरी से इटावा भेजा गया है।

खाद्य व रसद विभाग: एक दर्जन जिला पूर्ति अधिकारियों के तबादले

खाद्य व रसद विभाग में भारी संख्या में तबादले किए गए।  46 विपणन निरीक्षकों, 43 पूर्ति निरीक्षकों, 40 क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और 40 क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों के तबादले किए गए। खाद्य व रसद विभाग में 13 जिला पूर्ति अधिकारियों के तबादले कर दिए। अंजनी कुमार सिंह को फतेहपुर से लखीमपुर खीरी, विजय प्रताप सिंह को खीरी से बिजनौर, बृजेश कुमार शुक्ला को मुख्यालय से हमीरपुर, अभय सिंह को सुलतानपुर से फतेहपुर, राजेश कुमार सिंह को मुख्यालय से अमेठी, विनय कुमार सिंह को देवरिया से मेरठ, जीवेश कुमार मौर्या को फर्रुखाबाद से सुलतानपुर, सुरेन्द्र यादव को गोण्डा से फर्रुखाबाद, ध्रुवराज यादव को बिजनौर से हाथरस, राघवेन्द्र कुमार सिंह को मेरठ से मुजफ्फरनगर, कृष्ण गोपाल पाण्डेय को एटा से देवरिया, रामजतन यादव को हमीरपुर से बलिया भेजा गया है।

30 राजकीय पॉलिटेक्निकों के प्रधानाचार्यों का तबादला

प्रदेश की 30 सरकारी पॉलिटेक्निकों के प्रधानाचार्यों का  तबादला कर दिया गया है। प्राविधिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव सुनील कुमार चौधरी ने आदेश जारी कर दिया है। आशीष गुप्ता को बांदा से कानपुर, बसंत लाल को वाराणसी से मिर्जापुर, ज्ञानेन्द्र बहादुर सिंह को देवरिया से हापुड़, राकेश वर्मा को मिर्जापुर से लखनऊ, लवकुश सिंह को संत कबीर नगर से मिर्जापुर भेजा गया है।

दो उप परिवहन आयुक्त, नौ आरटीओ व 33 एआरटीओ के तबादले

यूपी सरकार ने बुधवार को दो परिवहन आयुक्तों, नौ संभागीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) और 33 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (एआरटीओ) का तबादला कर दिया। प्रमुख सचिव एल. वेंकटेश्वर लू की तरफ से जारी आदेश के अनुसार उप परिवहन आयुक्त नगरीय परिवहन लखनऊ सुनीता वर्मा को उप परिवहन आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र तथा उप परिवहन आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र राजीव श्रीवास्तव को उनकी जगह उप परिवहन आयुक्त नगरीय परिवहन लखनऊ के पद पर स्थानान्तरित किया गया है। इसके अलावा आरटीओ प्रवर्तन प्रयागराज राजकुमार सिंह को आरटीओ प्रवर्तन मेरठ, आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद विजय कुमार सिंह को आरटीओ प्रवर्तन गोरखपुर, आरटीओ प्रवर्तन अयोध्या शिखर ओझा को आरटीओ प्रशासन वाराणसी, सहायक परिवहन आयुक्त प्रशासन मुख्यालय ऋतु सिंह को आरटीओ प्रवर्तन अयोध्या, अपर सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण विदिशा सिंह को आरटीओ प्रवर्तन कानपुर, आरटीओ प्रशासन अलीगढ़ केडी सिंह गौर को आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद, आरटीओ प्रशासन प्रशासन हरिशंकर सिंह को आरटीओ अलीगढ़, उप निदेशक राजस्व एवं विशिष्ट अभिसूचना संजीव कुमार गुप्ता को आरटीओ प्रवर्तन प्रयागराज तथा आरटीओ मुख्यालय मयंक ज्योति को अपर सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

33 एआरटीओ के तबादले

एआरटीओ प्रशासन गौतमबुद्धनगर अरुणेन्द्र कुमार पांडेय को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल मेरठ, एआरटीओ प्रशासन शामली मुंशी लाल को एआरटीओ प्रर्वतन द्वितीय दल बुलंदशहर, एआरटीओ प्रशासन बुलंदशहर मो. कय्यूम को एआरटीओ प्रवर्तन इटावा, एआरटीओ प्रशासन अलीगढ़ रंजीत सिंह को एआरटीओ प्रवर्तन रामपुर, एआरटीओ प्रर्वतन द्वितीय दल बुलंदशहर आनंद निर्मल को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल मुरादाबाद, एआरटीओ प्रशासन देवरिया राजीव को एआरटीओ प्रशासन प्रयागराज, एआरटीओ प्रशासन एटा हेमचंद्र गौतम को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल झांसी, एआरटीओ प्रशासन सिद्धार्थनगर आशुतोष शुक्ला को एआरटीओ प्रशासन देवरिया, एआरटीओ प्रशासन कन्नौज संजय कुमार झा को एआरटीओ प्रशासन गोरखपुर, एआरटीओ प्रशासन बाराबंकी पंकज सिंह को एआरटीओ प्रशासन बस्ती, एआरटीओ प्रवर्तन पीलीभीत अमिताभ राय को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल हमीरपुर, एआरटीओ प्रशासन प्रयागराज सियाराम वर्मा को एआरटीओ प्रशासन गौतमबुद्धनगर, एआरटीओ प्रशासन बस्ती अरुण प्रकाश चौबे को एआरटीओ प्रशासन सिद्धार्थनगर, एआरटीओ प्रवर्तन बागपत सुभाष चंद्र को एआरटीओ प्रवर्तन फर्रुखाबाद, एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय दल अलीगढ़ अमिताभ चतुर्वेदी को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल वाराणसी, एआरटीओ प्रवर्तन हापुड़ महेश चंद्र शर्मा को एआरटीओ प्रवर्तन अमरोहा, एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल मिर्जापुर को एआरटीओ प्रवर्तन चित्रकूट, एआरटीओ प्रशासन फतेहपुर अरविंद कुमार त्रिवेदी को एआरटीओ प्रवर्तन अमेठी, एआरटीओ प्रवर्तन अमेठी पुष्पांजलि मित्रा गौतम को एआरटीओ प्रशासन फतेहपुर, एआरटीओ प्रशासन गोरखपुर श्याम लाल राम को एआरटीओ प्रर्वतन द्वितीय दल वाराणसी, एआरटीओ प्रशासन चंदौली दिलीप कुमार गुप्ता को एआरटीओ प्रवर्तन प्रतापगढ़, एआरटीओ प्रवर्तन अमरोहा एके राजपूत को एआरटीओ प्रवर्तन बागपत, एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल लखनऊ अंकिता शुक्ला को एआरटीओ प्रशासन बाराबंकी, एआरटीओ प्रशासन विस्तार पटल लखनऊ बृजेश कुमार अस्थाना को एआरटीओ-सहायता अधिकारी मुख्यालय, एआरटीओ प्रवर्तन तृतीय दल गाजियाबाद प्रणव झा को एआरटीओ प्रशासन चंदौली, एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय दल बाराबंकी राहुल कुमार श्रीवास्तव को एआरटीओ प्रशासन गाजियाबाद, एआरटीओ प्रवर्तन आजमगढ़ संतोष कुमार सिंह को एआरटीओ प्रशासन मिर्जापुर तथा एआरटीओ प्रशासन मैनपुरी संजय कुमार गुप्ता को एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय दल सीतापुर के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

28 स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों, 172 एएनएम का तबादला

स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न संवर्ग में दर्जनों तबादले किए गए हैं। बुधवार को संयुक्त निदेशक प्रशासन विमल कुमार बैसवार द्वारा 28 स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों का तबादला किया गया है। इसके अलावा 172 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) के भी तबादले किए गए हैं। संयुक्त निदेशक मातृ एवं शिशु कल्याण द्वारा इनका तबादला आदेश जारी किया गया है।

छह मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स के तबादले

होमगार्ड्स मुख्यालय ने छह मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स का तबादला कर दिया। मंडलीय कमाण्डेंट प्रशिक्षण अयोध्या धर्मदेव मौर्य को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स प्रयागराज, मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स मुरादाबाद पीयूष कांत को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स झांसी, मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स गोण्डा प्रमोद कुमार को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स बरेली, वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी होमगार्ड्स मुख्यालय लखनऊ सुनील कुमार को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स गोण्डा, मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स झांसी राजकुमार आजाद को वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी होमगार्ड्स मुख्यालय लखनऊ तथा मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स आजमगढ़ सुधाकराचार्य पांडेय को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स मिर्जापुर के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

राजकीय महाविद्यालयों के ढाई दर्जन प्रवक्ताओं का तबादला

राजकीय महाविद्यालयों के ढाई दर्जन एसोसिएट प्रोफेसरों / प्रवक्ताओं का तबादला कर दिया गया है। इसमें भदोही के इतिहास के प्रवक्ता डा. अवधेश कुमार को प्रयागराज के हेमवती नंदन बहुगुणा कॉलेज, बस्ती में तैनात भूगोल के प्रवक्ता अशोक कुमार गुप्ता को महाराजगंज, अलीगढ़ में तैनात गणित के प्रवक्ता नीरज उपाध्याय को हाथरस, उन्नाव में अंग्रेजी के राजीव यादव को लखनऊ में तैनाती दी गई है। सभी स्थानांतरित प्रवक्ताओं को अतिशीघ्र कार्यभार ग्रहण करना है। स्थानांतरण अवधि का कोई अवकाश देय नही होगा। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह ने आदेश जारी किया है।

नोएडा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज सहित 10 उपश्रमायुक्त बदले

उपश्रमायुक्त पंकज सिंह राना को कानपुर मुख्यालय से मिर्जापुर क्षेत्र, पिपरी सोनभद्र, अनुभव वर्मा को मुख्यालय से देवीपाटन मंडल, गोंडा स्थानांतरित किया गया है। गौतमबुद्धनगर से हटाकर वंदना को प्रशासनिक आधार पर कानपुर मुख्यालय संबद्ध किया गया था। अब उन्हें वहीं तैनाती दे दी गई है। आगरा के उपश्रमायुक्त धर्मेंद्र कुमार सिंह को इसी पद पर नोएडा भेजा गया है। अपर श्रमायुक्त सरजूराम की लखनऊ से संबद्धता खत्म कर दी गई है। प्रयागराज के उपश्रमायुक्त राकेश द्विवेदी को लखनऊ में अपर श्रमायुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। बस्ती के उपश्रमायुक्त दिव्य प्रताप सिंह को इसी पद पर बरेली और मुख्यालय से राजेश मिश्रा को उपश्रमायुक्त प्रयागराज के पद पर ट्रांसफर किया गया है। शक्तिसेन मौर्य को सहारनपुर से कानपुर मुख्यालय, अनुपमा गौतम को बरेली से सहारनपुर, दीप्तिमान भट्ट को कानपुर मुख्यालय से उपश्रमायुक्त आगरा बनाया गया है।

रोडवेज में 13 वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रशासन ने 13 क्षेत्रीय प्रबंधकों, सेवा प्रबंधकों और एआरएम के ट्रांसफर कर दिए हैं. जिन अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल किया गया है. उनमें लखनऊ के कैसरबाग डिपो में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर तैनात विमल राजन भी शामिल हैं. विमल को कैसरबाग डिपो से प्रमोशन देकर अयोध्या का प्रभारी आरएम बना दिया गया है.

आगरा रीजन में तैनात रहे क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंडीर को वहां से हटाकर परिवहन निगम मुख्यालय में तैनात कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि उन्हें 30 जून को रिटायर होने वाले प्रधान प्रबंधक अनघ मिश्रा की जगह पर प्रधान प्रबंधक के पद पर तैनाती दी जाएगी. लखनऊ परिक्षेत्र के कैसरबाग डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन को अयोध्या परिक्षेत्र का प्रभारी आरएम बना दिया गया है. उनके स्थान पर फिलहाल अभी कैसरबाग डिपो में किसी भी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की तैनाती नहीं की गई है. इसके अलावा प्रभारी आरएम बनने वालों में राजीव शर्मा और अपराजित श्रीवास्तव भी शामिल हैं. आरएम चित्रकूट धाम अशोक कुमार को आगरा का आरएम बनाया गया है.

चित्रकूट धाम बांदा में तैनात रहे सेवा प्रबंधक केपी सिंह को मुख्यालय भेजा गया है. हरदोई में तैनात क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज त्रिवेदी को प्रयागराज आरएम की जिम्मेदारी दी गई है. एआरएम चंदौली डिपो मुकेश कुमार को सेवा प्रबंधक प्रयागराज बनाया गया है. सहारनपुर के सेवा प्रबंधक राहुल चौधरी को गाजियाबाद का सेवा प्रबंधक बनाया गया है.

नोएडा में तैनात रहे गौरव पांडेय को सहारनपुर सेवा प्रबंधक के पद पर तैनाती दी गई है. मुख्यालय पर तैनात एआरएम अपराजित श्रीवास्तव को हरदोई का क्षेत्रीय प्रबंधक बनाया गया है. राजीव कुमार शर्मा जो अभी तक मुख्यालय पर एआरएम के पद पर तैनात थे उन्हें चित्रकूट धाम बांदा का आरएम बना दिया गया है. अलीगढ़ में प्रभारी आरएम के पद पर तैनात मोहम्मद परवेज खां को मुरादाबाद का प्रभारी आरएम बनाया गया है. इसके अलावा गाजियाबाद के सेवा प्रबंधक मनोज कुमार सिंह को नोएडा का सेवा प्रबंधक बनाया गया है. सेवा प्रबंधक राजीव आनंद को प्रयागराज से कानपुर कार्यशाला का सेवा प्रबंधक बनाया गया है.

जल्द ही जारी होगी एक और तबादला सूची
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो एक ही डिपो में पिछले तीन साल से तैनात सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों और यातायात अधीक्षकों के भी ट्रांसफर किए जाएंगे. यह ट्रांसफर एआरएम और टीएस से विकल्प लेकर तैयार हो रहे हैं. ज्यादातर अधिकारियों को मनचाहे स्थान पर तैनाती मिलने की उम्मीद है.

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 13 अधिकारियों के तबादले

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 13 अधिकारीयों के तबादले

4 RM, 4 ARM, 5 SM के हुए ताबदले

RM मनोज पुंडीर आगरा से लखनऊ मुख्यालय भेजे गए

RM अशोक कुमार चित्रकूट धाम से आगरा भेजे गए

RM मनोज त्रिवेदी हरदोई से प्रयागराज भेजे गए

RM परवेज़ खान अलीगढ़ से मुरादाबाद भेजे गए

ARM मुकेश कुमार चन्दौली से SM प्रयागराज बने

ARM अपराजित श्रीवास्तव RM हरदोई

ARM विमल रंजन कैसरबाग से RM अयोध्या भेजे गए

ARM राजीव कुमार RM चित्रकूट धाम भेजे गए

SM केपी सिंह चित्रकूट धाम से मुख्यालय लखनऊ भेजे गए

SM राहुल चौधरी सहारनपुर से गाज़ियाबाद भेजे गए

SM गौरव पांडे नॉएडा से सहारनपुर भेजे गए

SM मनोज कुमार गाज़ियाबाद से नॉएडा भेजे गए

SM राजीव आनंद प्रयागराज से कानपुर भेजे गए

साधू के भेष में मिला 24 साल से फरार इनामी डकैत

बीहड़ के लालाराम गैंग का इनामी डकैत छेदा सिंह

बीहड़ के लालाराम गैंग का इनामी डकैत छेदा सिंह 24 साल बाद गिरफ्तार। चित्रकूट के एक आश्रम में छिपा हुआ था साधु के वेश में। आरोपी पर घोषित था इनाम 50 हजार।

औरेया पुलिस ने लालाराम गैंग के एक ऐसे डकैत को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्‍त की है, जो 24 साल से फरार था। आरोपी पर कई थानों में अपहरण व लूट के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार का इनाम रखा था। यह डकैत चित्रकूट के एक आश्रम में वह साधु बनकर रह गया था।

लखनऊ। बुंदेलखंड के बीहड़ में कभी एकछत्र राज करने वाले दस्यु सरगना लालाराम के गिरोह का सक्रिय सदस्य 24 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। अदालत से इस डकैत पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था। यह पुलिस से बचने के लिए चित्रकूट के एक आश्रम में साधु बनकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी औरेया के अपने मूल गांव आया हुआ था, यहीं से पुलिस ने गुप्‍त सूचना के आधार पर इस डकैत की पहचान की। पुलिस ने इसके पास से फर्जी राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र व पैन कार्ड भी बरामद किया है। इस डकैत पर कानपुर देहात के थाना राजपुर, सिकंदरा, जालौन के थाना रामपुरा, औरैया के थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए औरैया एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 साल से फरार इनामी डकैत भासौन गांव निवासी छेदा सिंह उर्फ छिद्दा के रूप में की गई है। एसपी ने बताया कि, मुखबिर की सूचना के आधार पर सीओ अजीतमल प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीम ने रविवार को गांव में दबिश दी थी। इस दौरान यह फरार डकैत अपने घर पर साधू के भेष में मिला। पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से बृजमोहन दास पुत्र राम बालक दास निवासी रघुराज नगर चित्रकूट सतना मध्य प्रदेश के नाम से वोटर आईडी, राशन कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुआ।

कई अपहरण तथा लूट की घटनाओं में रहा था शामिल-

एसपी अभिषेक वर्मा ने डकैत के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, यह आरोपी लालाराम गैंग का सक्रिय सदस्य रह चुका है। बीहड़ में रहकर इसने फिरौती के लिए कई अपहरण तथा लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस आरोपी ने वर्ष 1998 में गैंग के साथ अयाना के जसवंतपुर गांव से चार लोगों का अपहरण कर लिया था, बाद में फिरौती देने पर इन लोगों को छोड़ा गया था। इस दौरान पुलिस के साथ इन डकैतों की मुठभेड़ भी हुई थी। इसी मामले में कोर्ट ने छेदा सिंह को वांछित घोषित कर रखा था। पुलिस ने बताया कि, धीरे-धीरे जब पुलिस का शिकंजा कसने पर गैंग समाप्त होने लगा तो यह अपना नाम-पता बदलकर चित्रकूट में साधु बनकर रहने लगा था।

छेदा सिंह पर 2 दर्जन से अधिक मुकदमे
छेदा सिंह के ऊपर गंभीर धाराओं में 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका आपराधिक इतिहास…
1. मु.अ.सं 13/97 धारा 364 IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
2. मु.अ.सं 19/97 धारा 364 IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
3. मु.अ.सं 21/97 धारा 147/148/149/307IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
4. मु.अ.सं 155/97 धारा 364 IPC थाना सिकन्दरा जनपद कानपुर देहात.
5. मु.अ.सं 297/97 धारा 364/216IPC एवं 10/12 द0प्र0क्षे0थाना रमपुरा जनपद जालौन.
6. मु.अ.सं 298/97 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना रमपुरा जनपद जालौन.
7. मु.अ.सं 068/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
8. मु.अ.सं 49/98 धारा 364IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
9. मु.अ.सं 25/98 धारा 395/398IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
10. मु.अ.सं 86/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
11. मु.अ.सं 052/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
12. मु.अ.सं 97/98 धारा 147/148/149/307 IPC एवं 10/12 द.प्र.क्षे.थाना अयाना जनपद औरैया.
13. मु.अ.सं085/98 धारा 323/325/504IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
14. मु.अ.सं084/99 धारा 3(1) गैंगेस्टर एक्ट थाना अयाना जनपद औरैया.
15 मु.अ.सं0144/99 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
16. मु.अ.सं 089/97 धारा 364IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
17. मु.अ.सं 07/99 3 यूपी गुण्डा एक्ट थाना अयाना जनपद औरैया.
18. मु.अ.सं 0683/98 धारा 364IPC थाना अयाना फिरोजाबाद जनपद औरैया.
19. मु.अ.सं 0997/98 धारा 364IPC थाना रौन जनपद भिण्ड म.प्र..
20. मु.अ.सं 07/2000 धारा 364IPC थाना अयाना सट्टी जनपद का. देहात.
21. मु.अ.सं 013/2000 धारा 147/148/149/307 IPC थाना सट्टी जनपद का. देहात.

आम महोत्सव-2022 का ‘लोगो’ लांच

प्रमुख सचिव उद्यान ने किया आम महोत्सव-2022 का ‘लोगो’ लांच

आम महोत्सव का उद्देश्य किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाना एवं जागरूकता पैदा करना है

चयनित प्रविष्टियाँ को समापन समारोह के दिन किया जायेगा सम्मानित-श्री राजेश कुमार सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री राजेश कुमार सिंह ने आज लोक भवन स्थित मीडिया सेन्टर में लखनऊ आम महोत्सव-2022 का लोगो लांच करते हुए बताया कि यह महोत्सव 04 जुलाई से 07 जुलाई तक अवध शिल्पग्राम, लखनऊ में पर्यटन विभाग, सूचना और जनसम्पर्क विभाग और 20 से अधिक राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मंत्रालय और विभागों के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा इन फलों से बनने वाले उप उत्पादों को बनाने की दिशा में और बेहतर प्रयास किया जायेगा। आम महोत्सव में आध्यात्मिक सत्र के साथ बच्चों के लिए कार्यशालाए एवं असीमित आम खाने प्रतियोगिताएं होंगी, तथा आम कार्निवाल के माहौल में चार चांद लगाने के लिए खेल के स्टॉल भी लगाए जायेंगे। प्रमुख रसोइया आम व्यंजनों का प्रदर्शन करेंगे तथा फोटोग्राफर, छायाकार और ब्लागर भी बढ़ चढ़ कर इसमें हिस्सा ले सकते हैं और सोशल मीडिया पर अपनी रचनात्मक कलाओं के साथ पोस्ट कर सकते हैं। चयनित प्रविष्टियाँ को 07 जुलाई 2022 को आम महोत्सव समापन समारोह में सम्मानित किया जायेगा।


श्री आर0के0 सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विश्व में आमों की उच्चतम उत्पादकता (17 मीट्रिक प्रति हेक्टेयर) के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ को आम क्लस्टर के रूप में घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य आम की उत्पादकता को बढ़ाने के साथ ही किसानों की आय को बढ़ाना है। इस महोत्सव के माध्यम से किसानों को मार्केटिंग के प्रति जागरूक करना भी है। इसी के दृष्टिगत विभिन्न विभागों एवं कंपनियों को इस महोत्सव में आमंत्रित किया गया है और उनके बेहतर सुझावों को विभाग द्वारा अपनाने का प्रयास किया जायेगा।


प्रमुख सचिव उद्यान ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर आम महोत्सव का लुफ्त उठाएं और लगाये गये आम विभिन्न प्रजातियों अवगत हों। प्रेसवार्ता के अंत में आम महोत्सव से जुड़े विषय पर एक डॉक्यूमेन्टरी भी दिखायी गयी।
प्रेसवार्ता के दौरान निदेशक उद्यान डॉ0 आर.के. तोमर एवं संयुक्त निदेशक उद्यान श्री बी.पी. द्विवेदी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मातृभाषा प्रेमी पंडित माधव राव सप्रे

151वीं जयंती पर विशेष

मातृभाषा प्रेमी पंडित माधव राव सप्रे

हिंदी नवजागरण और भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में बढ़चढ़ कर योगदान देने वाले पंडित माधव राव सप्रे का मातृभाषा प्रेम महात्मा गांधी और महावीर प्रसाद द्विवेदी से कतई कमतर नहीं था। गुलाम भारत में प्रभुत्व जमाती अंग्रेजी के खिलाफ मातृभाषा और राष्ट्रभाषा के प्रश्न पर ‘म’ अक्षर वाले तीनों महारथी- महात्मा गांधी, माधवराव सप्रे और महावीर प्रसाद द्विवेदी ही मोर्चा संभालने वाले लोगों में अग्रणी थे। यह तीनों ही महानुभाव राष्ट्रभाषा के साथ अन्य भारतीय भाषाओं के महत्व पर जोर देते हुए हिंदी नवजागरण और भारतीय स्वाधीनता आंदोलन को अपनी-अपनी तरह से गतिशील बना रहे थे।
1917 की ‘सरस्वती’ में माधव राव सप्रे का एक लेख छपा था-‘राष्ट्रीयता की हानि का कारण’। इस लेख में उन्होंने कहा-‘अंग्रेजी भाषा के अधिक प्रचार और देशी भाषाओं के अनादर से राष्ट्रीयता की जो हानि हो रही है, उसका पूरा पूरा वर्णन करना कठिन है। जब तक अंग्रेजी भाषा का अनावश्यक महत्व न घटाया जाएगा और जब तक शिक्षा का द्वार देशी भाषाओं को बनाकर वर्तमान शिक्षा पद्धति में उचित परिवर्तन न किया जाएगा, तब तक ऊपर लिखी गई बुराइयों से हमारा छुटकारा नहीं हो सकता।’
इसी एक में उनका कथन है-‘किसी समय रूस में उच्च वैज्ञानिक शिक्षा जर्मन और फ्रेंच भाषाओं के द्वारा दी जाती थी परंतु अब वहां यह बात नहीं है। सन् 1880 ईस्वी में एक प्रोफेसर ने रूसी भाषा में वैज्ञानिक शिक्षा देना आरंभ किया। दूसरे प्रोफेसरों ने भी उसका अनुकरण किया। फल यह हुआ कि अब रूसी भाषा बोलने वाले रूस के समस्त प्रांतों में वैज्ञानिक शिक्षा रूसी भाषा ही के द्वारा दी जा रही है।’ अपने उसी लेख में सप्रे जी यह भी लिखते हैं-‘जापान के विश्वविद्यालयों का भी यही हाल है। वहां कठिन से कठिन और गहन से गहन तत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान जापानी भाषा में ही होते हैं। जापानी भाषा का साहित्य थोड़े समय पहले ऐसा था कि उसकी तुलना भारतीय देशी भाषाओं के साहित्य से करना उसको सम्मान देना कहा जा सकता है। ऐसी अवस्था में भारतवासी ही अपनी मातृभाषा में शिक्षा पाने से वंचित क्यों रहें?
अपने इस लेख में वह राष्ट्रभाषा और भारतीय भाषा के सवाल को इस तरह भी रेखांकित करते हुए आलोचनात्मक जस्ट भ डालते हैं-‘संसार के अग्रगण्य वैज्ञानिकों में भारतवर्ष के सुप्रसिद्ध अध्यापक जगदीश चंद्र बसु भी हैं। वे अपने सभी आविष्कारों का वर्णन अंग्रेजी भाषा में करते हैं और ग्रंथ लेखन भी उसी भाषा में यदि वे बंगला भाषा का उपयोग करने लगे तो देशी भाषाओं में वैज्ञानिक ग्रंथों का आंशिक अभाव दूर हो सकता है।’ सप्रे जी केवल राष्ट्रभाषा और भारतीय भाषाओं के महत्व पर ही जोर नहीं दे रहे थे। अपने समकालीन और अपनी से आगे की पीढ़ी के महत्वपूर्ण लोगों को यह आईना भी दिखा रहे थे कि मातृभाषा को महत्व देना देश की उन्नति, राष्ट्र की एकता, भारत और भारतीय भाषाओं को गुलामी की दास्तां से मुक्ति दिलाने का एकमात्र माध्यम मातृभाषा ही है।
महात्मा गांधी का मातृभाषा और राष्ट्रभाषा प्रेम जगजाहिर ही है। गांधीजी भारतीय भाषाओं के व्यवहार के प्रबल समर्थक थे। उन्हें हिंदी बोलने पर ही नहीं गुजराती का व्यवहार करने पर भी धक्के खाने पड़े थे। राष्ट्रभाषा और मातृभाषा को महात्मा गांधी देशोद्धार और देशोन्नति का प्रधान साधन समझते थे। दक्षिण अफ्रीका की जेल में बंद रहते समय महात्मा गांधी को अपनी पत्नी की बीमारी का तार मिलने का किस्सा सबको पता ही है। महात्मा गांधी यदि जुर्माना अदा कर देते तो उन्हें जेल से छुटकारा मिल जाता और वे अपने घर जाकर अपनी पत्नी की सेवा आदि कर सकते थे पर उन्होंने अपने सिद्धांत से समझौता नहीं किया। जेलर की आज्ञा प्राप्त करके अपनी पत्नी को उन्होंने गुजराती में एक पत्र लिखा। पत्र देखकर जेलर चौंक गया, क्योंकि वह उसे पढ़ न सका। जेलर ने उस पत्र को तो जाने दिया पर आज्ञा दी कि गांधीजी अपने अगले पत्र अंग्रेजी में ही लिखेंगे। गांधी जी ने उस जेलर से कहा-‘ मेरे हाथ के गुजराती पत्र इस बीमारी की दशा में मेरी पत्नी के लिए दवा का काम करेंगे। इस कारण आप मुझे गुजराती में ही लिखने की आज्ञा दीजिए’ पर जेलर नहीं माना और फल यह हुआ कि गांधी जी ने अंग्रेजी में लिखने से इंकार कर दिया। महावीर प्रसाद द्विवेदी ने ऐसे दृढ़ प्रतिज्ञ और मातृभाषा भक्त महात्मा गांधी को इंदौर के आठवें हिंदी साहित्य सम्मेलन का सभापति बनाए जाने की भी प्रशंसा की थी।
महावीर प्रसाद द्विवेदी सरस्वती के माध्यम से मातृभाषा और राष्ट्रभाषा के सवाल पर खुद तो लिख ही रहे थे और दूसरे लेखकों के लेख भी प्रमुखता से छपते हुए अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई को अपने ढंग और सरस्वती के मालिकों की रीति-नीति पर खरा उतरते हुए नई ताकत दे रहे थे। द्विवेदी जी ने बहुतसंख्यक जनता को शिक्षित करने की नीति अपनाई थी। उनका स्पष्ट मानना था कि विभिन्न प्रदेशों की जनता अपनी-अपनी मातृभाषाओं के माध्यम से ही शिक्षित हो सकती थी। द्विवेदी जी ने कहा कि शिक्षित होने का अर्थ अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं है। वे लगातार सवाल उठा रहे थे-‘अच्छा शिक्षा के मानी क्या? अंग्रेजी भाषा में धड़ल्ले के साथ बोलना और लिखना आ जाना ही क्या शिक्षा है? द्विवेदी जी ने लिखा था-’30 करोड़ भारतवासियों की ज्ञान वृद्धि क्या इन अंग्रेजी के मुट्ठी भर शुद्ध लेखकों से हो जाएगी?’ अंग्रेजी राज से निराश होकर उन्होंने लिखा-‘लक्षणों से तो यही मालूम होता है कि घर के धान भी पयाल में जाना चाहते हैं। इस दशा में जब तक हम लोग स्वयं ही अपने उद्योग से अपने स्कूल खोल कर अपने मन की शिक्षा न देंगे तब तक यथेष्ट उद्धार की आशा नहीं है।’
पंडित माधव राव सप्रे की आज 151वीं जयंती है। जयंती पर हम मराठी भाषी सप्रे जी के मातृभाषा और राष्ट्रभाषा हिंदी के लिए दिए गए योगदान को याद रखने नई पीढ़ी को याद दिलाना महत्वपूर्ण है। उनके उठाए हुए कदम 100 साल पहले भी प्रासंगिक थे और आज के संदर्भ में भी प्रासंगिक ही बने हुए हैं।

ऐसे माधव राव सप्रे जी को शत्-शत् नमन!!!

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली/उन्नाव

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने किया भंडारे का आयोजन

लखनऊ। मंगलवार को ज्येष्ठ के पांचवे मंगल को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने जगह जगह भंडारे का आयोजन किया।

मुख्य रूप से राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के जिला अध्यक्ष लवकुश यादव ने अपने आवास पर आयोजन किया। मुख्यातिथि मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने भंडारे का शुभारम्भ किया। भाजपा प्रदेश मंत्री रामनिवास यादव, काकोरी मण्डल अध्यक्ष रविराज लोधी, विपिन गोपी, नीलम श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, राजकुमार कश्यप, अमित गुप्ता, आदि हज़ारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बना सूचना विभाग के द्वार पर लगा भण्डारा

गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बना सूचना विभाग के द्वार पर लगा भण्डारा
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा समेत अनेक गणमान्य हस्तियों ने चखा प्रसाद


लखनऊ। उ.प्र. जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में ज्येष्ठ के आखिरी बड़े मंगल के पावन अवसर पर विशाल भण्डारा का आयोजन सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के मुख्य द्वार पर किया गया। इस विशाल भण्डारे की विशेषता रही कि इसमें विभिन्न धर्मो एवं सम्प्रदायों के युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और भण्डारे से सम्बंधित विभिन्न कार्यो में हाथ बटाकर सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की।


इससे पहले, एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पं. हरि ओम शर्मा ‘हरि’ ने श्री हनुमान जी का पूजन-अर्चन एवं आरती सम्पन्न की, तदुपरान्त भण्डारे का शुभारम्भ हुआ। कई गणमान्य हस्तियों सर्वश्री एके शर्मा ऊर्जा मंत्री उ.प्र., राजेन्द्र चौधरी सपा नेता, नरेन्द्र श्रीवास्तव सूचना आयुक्त समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों रियाज अहमद, सुल्तान शाकिर हाशमी, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद गोस्वामी, अजय कुमार, राजेश श्रीवास्तव, डा. मोहम्मद कामरान आदि विभिन्न हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर उ.प्र. जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित थे। इनमें संरक्षक अरमान खान, प्रदेश अध्यक्ष पं. हरि ओम शर्मा, प्रदेश महामंत्री अब्दुल वहीद, प्रदेश सचिव जुबैर अहमद, स्वागतकर्ता मुरलीधर आहूजा, प्रदेश उपाध्यक्ष एमएम मोहसिन व शहजादे कलीम, अभय अग्रवाल, शाहिद सिद्दीकी, डीपी शुक्ला, वामिक खान,आरिफ, मुकीम, इमरान खान, कमल शर्मा, मुर्तुजा अली, अनीस खान वारसी, निगहत खान एवं तौसीफ हुसैन आदि शामिल थे।

विद्युत उपकेंद्र पर किया विशाल भंडारे का आयोजन

उपकेंद्र पर कार्यरत कर्मियों ने विशाल भंडारे का किया आयोजन

लखनऊ। मंगलवार को जहां पूरे प्रदेश में धूमधाम के साथ हनुमत पूजन किया गया वहीं राजधानी लखनऊ में भी जगह जगह भंडारे आयोजित किए गए। इसी क्रम में 33/11 केवी उपकेन्द्र कल्याणपुर लखनऊ में जेठ माह के अंतिम बड़े मंगलवार को विधि विधान के साथ पूजन कर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर क्षेत्र के हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में अवर अभियंता कुंवर विक्रम सिंह, टीजी 2 अजय मिश्रा, अरविंद वर्मा, संजय वर्मा, अनुज श्रीवास्तव, कमलेश कुमार सहित उपकेंद्र के दर्जनों अधिकारियों कर्मचारियों ने सहयोग किया।

जेठ माह के अन्तिम बड़े मंगल पर मलिहाबाद में खूब चले भण्डारे

जेठ माह के अन्तिम बड़े मंगल पर मलिहाबाद में खूब चले भण्डारेपूडी सब्जी, छोला कढी चावल, शर्बत, कुल्फी आईसक्रीम की रही व्यवस्था।

मलिहाबाद (लखनऊ)। कलियुग में अपने आराध्य श्री हनुमान जी की कृपा पाने के लिये ज्येष्ठ माह के अन्तिम बडे मंगल पर श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह भण्डारे चलाये गये। कहीं पूडी सब्जी, छोला कढी चावल तो कहीं शर्बत, कुल्फी आईसक्रीम की व्यवस्था की गयी।

मलिहाबाद रहीमाबाद व कसमण्डी क्षेत्र में सुबह से ही भारी संख्या में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने मंदिरों में विधि विधान से हनुमान जी की पूजा अर्चना की। आखरी बड़े मंगल को देवम लॉन के संचालक विकास पाठक द्वारा हनुमान जी की प्रतिमा पर आरती कर आशीर्वाद लिया गया। इस दौरान काफी संख्या में भक्त मौजूद रहे।


विधायक जयदेवी कौशल, एमएलसी रामचन्द्र प्रधान समेत तमाम गणमान्य जनों ने भी भण्डारे में प्रसाद गृहण किया। मलिहाबाद कस्बे में शीतला देवी मन्दिर, शीतलन टोला में मां शीतला देवी जीर्णोद्धार समिति के संयोजन में इलाकाई लोगों ने पूडी सब्जी, छोला चावल, कुल्फी, आईसक्रीम, शरबत एवं डोसा का भण्डारे का आयोजन किया, जिसको भरपूर सराहा गया। वहीं डाक बंगला स्थित हनुमान मन्दिर, खडता चौराहा, देवम लान महमूदनगर, मुजासा स्थित सैनी नर्सरी, गंगाप्रसाद धर्मशाला, तहसील मलिहाबाद गेट के पास, नबीपनाह तिराहा आदि दर्जनों स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा भण्डारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने पूडी सब्जी, कढी चावल, कुल्फी, आईसक्रीम, शरबत आदि की व्यवस्था की थी। भण्डारों की खास बात यह रही कि श्रद्धालुओं द्वारा राहगीरों बुला बुलाकर उनको भी भरपेट भोजन कराने के बाद ठण्डा पानी पिलाया गया।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो रिलीज

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो

लखनऊ। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्मारक समिति ने नया लोगो गुरुवार को रिलीज किया।
गुरुवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में नया लोगो रिलीज करते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि नया लोगो नई दिल्ली के डिजाइनर राजीव कुमार ने तैयार किया है। नए लोगो में 25 साल की स्मृति यात्रा दर्शाने के साथ-साथ आचार्य द्विवेदी के राष्ट्र प्रेम, समाज उत्थान की भावना का भी समावेश किया गया है।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो


समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ईश्वर के संरक्षण अभियान का रजत जयंती वर्ष यादगार बनाया जाएगा। अमेरिका इकाई भी इस यज्ञ में अपनी आहुति डालेगी। महामंत्री अनिल मिश्र ने कहा कि वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो रिलीज

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो

लखनऊ। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्मारक समिति ने नया लोगो गुरुवार को रिलीज किया।
गुरुवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में नया लोगो रिलीज करते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि नया लोगो नई दिल्ली के डिजाइनर राजीव कुमार ने तैयार किया है। नए लोगो में 25 साल की स्मृति यात्रा दर्शाने के साथ-साथ आचार्य द्विवेदी के राष्ट्र प्रेम, समाज उत्थान की भावना का भी समावेश किया गया है।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो


समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ईश्वर के संरक्षण अभियान का रजत जयंती वर्ष यादगार बनाया जाएगा। अमेरिका इकाई भी इस यज्ञ में अपनी आहुति डालेगी। महामंत्री अनिल मिश्र ने कहा कि वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी।

चौथा बड़ा मंगल: हनुमान मंदिरों पर उमड़ पड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मलिहाबाद लखनऊ। चौथे बड़े मंगल पर जगह-जगह भण्डारे आयोजित किए गए। भोर से ही हनुमान मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंदिरों पर पहुंच कर माथा टेका व विधि-विधान से पूजा-आरती की। वहीं सुबह से ही लोगों ने स्टाल लगाकर शर्बत, पूड़ी सब्जी व प्रसाद का वितरण किया, जो शाम तक चलता रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मलिहाबाद, रहीमाबाद, कसमण्डी क्षेत्र सुबह से ही भारी संख्या में मंदिरों श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने मन्दिरों में विधि विधान से हनुमान जी की पूजा अर्चना की। बड़े मंगलवार को क्षेत्र के गोपेश्वर गोशाला में राजा स्वरूप में विराजमान चिंताहरण हनुमान जी के दरबार मे ब्रम्ह मुहूर्त में दिव्य और मनमोहक श्रृंगार कर आरती उतारी गई। पंडित लवकुश बाजपेई ने सुबह प्रथम पूजन के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए।गोशाला परिवार के प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर गोशाला में पल रही गायों की पूजा के साथ ही बड़ा मंगल मनाया गया।

कई जगह विशाल भंडारे का आयोजन-
क्षेत्र के कई जगह भण्डारे का आयोजन हुआ। इस क्रम में मलिहाबाद कस्बे में मीडिया ऑफिस व माँ वैष्णो इंटरप्राइजेज द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। हनुमान जी की मूर्ति पर प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना करके भंडारे की शुरूआत की गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोगो ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया। वहीं विशाल भण्डारे में नगर पंचायत की टीम ने भी भरपूर सहयोग किया।
भंडारा सुबह से शाम 6 बजे तक चलता रहा। इस दौरान भण्डारे का संचालन अजीत सिंह मीडिया ऑफिस की टीम के लोगो के सहयोग से सम्पन्न हुआ। प्रसाद वितरण कार्यक्रम में शैलेश, कल्लू, विकास, रवि, शनि, सोनू यादव द्वारा सहयोग किया गया।

उन्नाव को धूल चटा कर शेर ए रजा क्लब ने जीता पहला मुकाबला


लखनऊ में स्वर्गीय मुन्नी देवी क्रिकेट लीग का शुभारंभ। मुख्य अतिथि सीनियर पत्रकार चंद्रभान यादव ने किया शुभारंभ। क्रिकेट खेल रहे बच्चों का बढ़ाया उत्साह। मैन ऑफ द मैच वाहबुल को सप्रेम भेंट प्रदान कर की उनके भविष्य उज्जवल कामना।

लखनऊ। स्वर्गीय मुन्नी देवी क्रिकेट लीग का मैच शुक्रवार को जीबी पंत क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। इसमें रॉयल क्लब उन्नाव व शेर-ए-रजा के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी रॉयल्स क्रिकेट क्लब उन्नाव की टीम महज 18 ओवर में 110 रन बनाकर आल आउट हो गई। मोहित कनौजिया (39 रन) व विवेक कुमार (30 रन) के अलावा कोई बल्लेबाज क्रीज पर नहीं टिक सका। शेर ए रजा की थोड़ी खराब शुरुआत हुई; 40 रन पर दो विकेट गिर गए। फिर धीरे-धीरे मैच शेरे रजा के पक्ष में चला गया और टीम ने 113 रन 4 विकेट खोकर बना लिए। मैन ऑफ द मैच का खिताब वाहबुल अली ने 3 ओवर में 4 विकेट झटक कर हासिल किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि jk 24×7 न्यूज़ के पत्रकार चंद्रभान यादव ने मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार वाहबुल अली को दिया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामनाएं करते हुए आयोजक अभिषेक चौरसिया की जमकर तारीफ की।

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं PM किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएँ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग का 13 जून तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के भुगतान हेतु विशेष अभियान- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

‘आपका बैंक,आपके द्वार’ की तर्ज पर घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य डीबीटी योजनाओं के तहत बैंक खातों में प्राप्त राशि की निकासी हेतु अब बैंक या एटीएम जाने की जरुरत नहीं है। डाक विभाग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से घर बैठे लोगों को अपने बैंक खातों से यह राशि निकालने की सुविधा दे रहा है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (ए.ई.पी.एस) द्वारा बैंक खातों से भुगतान की सुविधा घर बैठे डाकिया के द्वारा प्राप्त हो सकेगी।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने सभी मंडलाधीक्षकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शाखा प्रबंधकों को इस हेतु व्यापक रूप से सघन अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया है। 4 जून को इस हेतु उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में महाभियान चलाया जायेगा, जो कि 13 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इस अभियान के दौरान ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ की तर्ज पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंक खातों से धन निकासी की सुविधा दी जायेगी तथा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त का भुगतान विशेष प्राथमिकता रहेगी। इसके तहत रसोई से लेकर दुकान व खेत-खलिहान तक, गलियों से लेकर नदियों में नाव तक धन निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा घर-घर जाकर लोगों के आधार लिंक्ड बैंक खाते से पैसा निकालने की सुविधा दे रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम घर बैठे लोग अब अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं, इसके लिए किसी बैंक या एटीएम पर जाने की जरूरत नहीं है। श्री यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक लगभग 15 लाख लोगों ने घर बैठे विभिन्न बैंकों के अपने खातों से 4.74 अरब रुपए की राशि डाक विभाग के माध्यम से निकाली है। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 55 हजार लोगों ने 23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकाली है। ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को चरितार्थ करते डाक विभाग की इस पहल को लोगों ने हाथों-हाथ लिया है।

पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर के किसानों के लिए कल्याणकारी योजना के रूप में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत 2000 रुपयों की सलाना तीन किश्तें जारी की जाती हैं। इस योजना से उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से अधिक किसानों को सीधा फायदा हो रहा है। अभी मंगलवार को ही प्रधानमंत्री ने शिमला में गरीब कल्याण योजना के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद करने के साथ ही देश के लघु और सीमांत किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपए की किसान सम्मान निधि जारी की। अब किसान घर बैठे यह राशि डाकिया के माध्यम से निकाल सकेंगे।

11 आईपीएस अफसरों के तबादले

लखनऊ। रविवार को 11 आईपीएस अफसरों के तबादले कर दिए गए। आईपीएस आलोक प्रियदर्शी को रायबरेली जिले का कप्तान बनाया गया है। अनिल कुमार सिंह को डीआईजी पीएसी लखनऊ अनुभाग बनाया गया है। वहीं, संतोष कुमार सिंह को एसीपी वाराणसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईपीएस श्लोक कुमार को बुलंदशहर का नया एसएसपी बनाया गया है।

आलोक प्रियदर्शी रायबरेली जिले के नए पुलिस अधीक्षक होंगे। आईपीएस अजीत कुमार सिन्हा अंबेडकरनगर जिले के एसपी बनाए गए हैं। तेज स्वरूप सिंह को कानपुर आउटर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसी तरह श्रीपति मिश्रा को डीआईजी पीएसी मुख्यालय बनाया गया है। देवरिया जिले के नए कप्तान के रूप में आईपीएस संकल्प शर्मा कमान संभालेंगे। शुभम पटेल को हमीरपुर जिले का एसपी बनाया गया है। मैनपुरी के एसपी अशोक कुमार राय को एसपी संबद्ध पुलिस मुख्यालय किया गया है तो वहीं कमलेश दीक्षित को मैनपुरी का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

दो शातिर इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर, एक गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदमाशों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। गाजियाबाद में दो अलग अलग मुठभेड़ में दो शातिर ईनामी बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया वहीं हापुड़ जिले के देहात थाना क्षेत्र में एक लाख के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया गया है।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एसपी दीपक भूकर के नेतृत्व में हापुड़ देहात थाने की पुलिस की एक लाख के इनामी बदमाश मोनू उर्फ मोइनुद्दीन से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान हाइवे पर लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाला अंतरराज्यीय बदमाश मोनू गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ में बदमाश की गोली एसपी और देहात थाना प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, वहीं एक सिपाही बदमाश की गोली से घायल हो गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस के साथ हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के असौड़ा में हुई मुठभेड़ के दौरान हापुड़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और हापुड़ देहात थाना प्रभारी विनोद पांडेय की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लग गई। इस दौरान सिपाही राजीव मलिक घायल हो गए। राजीव को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एसपी ने बताया कि पुलिस करतारपुर चौराहे पर चेकिंग कर रही थी, उसी दौरान हेलमेट लगाकर गुजर रहा एक बाइक सवार पुलिस पर फायरिंग कर भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया और असौड़ा के पास बदमाश को घेर लिया। बदमाश पुलिस पर फायरिंग कर रहा था। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। बदमाश के हाथ व पैर में गोली लगी है। एसपी ने कहा कि बदमाश चार जिलों से वांछित चल रहा था। उक्त बदमाश हाइवे पर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था।

वहीं दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक लाख के इनामी कुख्यात बदमाश बिल्लू दुजाना और उसके साथी 50 हजार के इनामी राकेश को गाजियाबाद पुलिस ने शुक्रवार की रात को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि सूचना के आधार पर वह सीओ प्रथम स्वतंत्र कुमार सिंह व टीम के साथ मधुबन बापूधाम‌ में चेकिंग कर रहे थे। बाइक सवार दो संदिग्ध व्यक्ति को रुकने का इशारा किया तो वे बैरिकेडिंग तोड़कर भागने लगे। इस कारण बाइक फिसली और दोनों गिर गए।

वहीं, पुलिसकर्मियों को अपनी ओर आता‌ देख दोनों ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में गौतमबुद्धनगर के दुजाना गांव निवासी राकेश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। घायल को अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उधर, दोनों बदमाशों की फायरिंग में एसपी सिटी प्रथम व सीओ प्रथम के बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी और एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गया है।‌ राकेश 50 हजार का इनामी बदमाश था।

दूसरे एनकाउंटर में इंदिरापुरम में एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा और‌ सीओ इंदिरापुरम अभय मिश्र की टीम की चेकिंग से बचकर भाग रहे दो बदमाश बैरिकेड के साइड से निकलने के दौरान तारों में फंस गए। पकड़ने को दौड़ी पुलिस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें दुजाना गांव निवासी अवनीश उर्फ बिल्लू दुजाना गोली लगने से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, बिल्लू एक लाख रुपए का इनामी बदमाश था। बिल्लू ने राकेश व अन्य सदस्यों के साथ मिलकर वेवसिटी में जितेंद्र व हरेंद्र की हत्या कर दी थी। दोनों के खिलाफ हत्या, अपहरण व रंगदारी मांगने के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

मनुष्य को मानव तन पर तनिक सा भी घमण्ड नहीं करना चाहिए: सुधा दीदी

लखनऊ। अंतिम दिन भागवत कथा सुनने का महत्व इतना है कि भागवत प्रेमी भक्त अगर श्रद्वा से उसे आखिरी दिन ही सुन लें, तो पूरे सप्ताह कथा सुनने के बराबर पुण्य अर्जित हो जाता है। यह संदेश कन्नौज की पूज्य सुधा दीदी ने कथा के अंतिम दिन काकोरी के गुरुदीनखेड़ा गांव में उन्नाव सांसद महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी डॉ साक्षीजी महराज के जिला प्रतिनिधि प्रेमचन्द लोधी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित श्राद्वालुओं को दिया। समापन पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद चखा।

सुधा दीदी ने हरि अंनन्त हरि कथा अनन्ता की उक्ति सामने रखते हुए कहा कि गोविंद की यह भागवत कथा बगैर गोविंद के, बगैर राधारानी की अनुकम्पा के न तो कही जा सकती है और न ही सुनी जा सकती है। रुक्मिणी विवाह से आगे गोविंद के प्रथम पुत्र प्रद्युम्न की कथा कहते हुए कहा कि प्रद्युम्न को साक्षात कामदेव का रूप बताते हुए कहा कि हमें इस मानव तन पर तनिक भी घमण्ड नहीं करना चाहिए। यह तन भी उन्ही गोविंद का है और उन्हीं की कृपा से संचालित होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत भी कामदेव अर्थात महादेव की समाधि की भाषा में लिखा गया है। शिशुपाल वध की चर्चा करते हुए कहा कि गोविंद पर भरोसा करो तो पूरा करो, वही तुम्हारी नइया पार लगा सकते हैं और सिर्फ प्रभु पर ही नही, अपने आराध्य पर ही नहीं, जिस किसी पर भरोसा करो तो पूरा करो, तभी काज सफल होंगें। इसी तरह गोविंद से प्रेम करो या किसी और से करो, पूरे सच्चे मन से करो, तभी प्रेम को पाओगे। कथा समापन से पहले केशरी राव धारा सिंह यादव, प्रेमचन्द लोधी, कमलेश लोधी, राम सिंह लोधी, लवकुश यादव, ज्ञान सिंह, सत्यपाल सिंह आदि ने आरती उतारी। इससे पहले पूर्णाहुति देकर हवन किया गया। बाद में विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ, जिसमें  हजारों भक्तगणों ने प्रसाद चख कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गीत-संग्रह ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण सम्पन्न

लखनऊ। साहित्य प्रोत्साहन संस्थान मनकापुर गोंडा के तत्वावधान एवं सुनील त्रिपाठी के संयोजन में स्थानीय डिप्लोमा इंजीनियर्स सभागार हजरतगंज लखनऊ में कवि व गीतकार राहुल द्विवेदी ‘स्मित’ एवं कवि चन्द्रगत भारती की काव्य कृतियों ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण किया गया।

लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न इस लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि कार्यक्रम अधिशासी दूरदर्शन ओबी भट्टाचार्य, विशिष्ट अतिथि डॉ० सुशील कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी, आकाशवाणी लखनऊ एवं संपादक सांध्य दैनिक ‘पब्लिक इमोशन’ बिजनौर डॉ पंकज भारद्वाज तथा मुख्य वक्ता वरिष्ठ नवगीतकार मधुकर अस्थाना, अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना एवं वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल ‘राज’ ने मंच को सुशोभित किया।

कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीपक प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात दोनों पुस्तकों का लोकार्पण संस्था के संस्थापक सचिव धीरज श्रीवास्तव एवं मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। लोकार्पित कृतियों पर अपने विचार रखते हुए मुख्य वक्ता मधुकर अस्थाना ने कहा कि पुनः युधिष्ठिर छला गया है; गीतकृति अपने शीर्षक से ही प्रतीक और व्यंजना की छाप छोड़ने लगती है, जिससे स्पष्ट होता है कि कवि की वाणी में पूरे  समाज की अन्तरात्मा की अभिव्यक्ति हो रही है और उनके गीत जीवन मूल्यों की प्रतिस्थापना हेतु प्रयत्नशील दिखाई देते हैं।

मुख्य अतिथि ओबी भट्टाचार्य ने राहुल द्विवेदी को उनकी पुस्तक के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस पुस्तक में कल्पना, संवेदना, यथार्थ की अनुभूति और संघर्ष की अभिव्यक्ति के संग लेखनी के तारतम्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। युवा कवि राहुल द्विवेदी स्मित एवं चन्द्रगत भारती में छुपी क्षमता को उनकी पुस्तकें स्वत‍: ही प्रकाशित करती हैं। डॉ० सुशील कुमार राय ने दोनों कृतिकारों को उनकी पुस्तकों हेतु बधाई दी साथ ही पुस्तकों को समय की शिला पर अंकित पृष्ठों का संकलन कहा।

डॉ० पंकज भारद्वाज ने कहा कि ‘पुनः युधिष्ठिर छला गया है’ कृति के प्रत्येक गीत मानवीय चेतना को जगाने में सफल होंगे।चन्द्रगत भारती की पुस्तक ‘मेंहदी रचे हाथ’ पर वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल राज ने कहा कि विपुल संवेदनाओं के धनी गीतकवि चन्द्रगत भारती हिन्दी साहित्य की रत्नमाला के आकर्षक व्यक्तित्व हैं। उनके गीत संग्रह ‘मेंहदी रचे हाथ’ में कोमल हृदय की भाव-तरलता के साथ-साथ युगीन बोध की सघनता पाठकों के हृदय को सहज ही मोह लेती है।

अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अष्ठाना ने कहा कि राहुल द्विवेदी स्मित के गीतों में गहरी संवेदना की प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो हरिशंकर मिश्र ने कहा कि अरसा बाद एक विशुद्ध साहित्यिक कार्यक्रम में गीतों पर हुई चर्चा का विस्तृत स्वरूप देख रहा हूँ।दोनों पुस्तकें अपने कलेवर और रचनात्मक गुणवत्ता से पाठक को आकर्षित करती है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में शिक्षा, साहित्य एवं पत्रकारिता से जुड़ी ग्यारह हस्तियों को उनके अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ साहित्यकार कमलेश मौर्य मृदु, साहित्य भूषण शिवकांत मिश्र विद्रोही, डॉ अजय प्रसून, केवल प्रसाद सत्यम, रामानन्द सागर, डॉ सीके मिश्र, शालिनी सिंह, मनोज मानव, केदारनाथ शुक्ल, करन सिंह परिहार रहे। समारोह के प्रथम चरण का संचालन नवगीतकार अवनीश त्रिपाठी ने तथा द्वितीय चरण का संचालन ओज कवि उमाकांत पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का समापन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल के कृतज्ञता ज्ञापन से हुआ।

कार्यक्रम में सुनील त्रिपाठी, नरेंद्र भूषण, मनोज मानव, साहित्य भूषण कमलेश मौर्य ‘मृदु’, डॉ अजय प्रसून, केदारनाथ शुक्ल, केवल प्रसाद सत्यम, करन सिंह परिहार, कुलदीप बृजवासी, साहित्य भूषण शिवाकांत मिश्र विद्रोही, मंजुल मिश्र मंजर ,  मुकेश कुमार मिश्र, हितेश शर्मा ‘पथिक’, धीरज मिश्रा, राजाभैया गुप्ता ‘राजाभ’, ज्ञान प्रकाश ‘आकुल’, ओमप्रकाश शर्मा, आत्मप्रकाश मिश्र, पुनीता देवी, रेनू सिंह, श्रीमती प्रमिला, रियाज अहमद, अलका अस्थाना, अनुज ‘अब्र’, कमल किशोर भावुक, प्रतिभा गुप्ता, शुभदा बाजपेई ,योगी योगेश शुक्ल, निशा सिंह, महेश प्रकाश अष्ठाना,आदि नगर के अनेक साहित्यिक संस्था-प्रमुखों, कवियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही।

सीएम की गुडबुक के डीजीपी से कितना छंटेगा पुलिस व्यवस्था का गतिरोध


आखिर उत्तर प्रदेश के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक शीर्ष स्तर पर नौकरशाही की लाबिंग के भंवर में फंसकर प्रतिशोध की भेंट चढ़ ही गये। हालांकि उनसे पहले और डीजीपी भी रहे हैं जो कार्यकाल के पहले चलते किये गये हैं लेकिन किसी को इतने बेआबरू अंदाज का सामना नहीं करना पड़ा। मुकुल गोयल के बारे में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि वे निकम्मे, विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के रूप में प्रदर्शित रहे हैं। उनकी शराफत के कायल प्रदेश पुलिस के अधिकांश उच्चाधिकारी शासन की इतनी कठोर टिप्पणी से अवाक हैं और उन पर लगाये गये इन अतिरंजनापूर्ण आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं।


अतिरिक्त कार्यभार औपचारिकता मात्र, उन्हें स्थायी डीजीपी मानो-
फिलहाल उनकी जगह इंटेलीजेंस और विजीलेंस के मुखिया देवेन्द्र सिंह चौहान को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है। जिसे लेकर जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुकुल गोयल को डीजीपी नियुक्त किये जाने के समय से ही उन्हें इस पद पर आसीन कराने को व्यग्र थे। 2020 में उन्हें इसी मकसद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाया गया था। पर तकनीकी बाधाओं के कारण मुख्यमंत्री अपनी इस मंशा को उस समय पूरा नहीं कर सके थे चूंकि प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारियों में वे बहुत निचली पायदान पर थे। अगर मुकुल गोयल को कार्यकाल पूरा कर लेने दिया जाता तो देवेन्द्र सिंह चौहान उनसे लगभग एक साल पहले ही रिटायर हो जाते और डीजीपी बनने की उनकी हसरत दफन होकर रह जाती इसलिए मुकुल गोयल को नाकारा बताकर समय रहते डीजीपी का पद उनसे खाली कराने की कवायद तत्काल पूरी की जाना अब लाजिमी हो गया था।


विजिलेंस मुखिया की पावर का नमूना श्रीराम अरूण भी थे-
प्रसंगवश इसका उल्लेख किया जा सकता है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले भी डीजीपी पद तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी अफसर तमाम करिश्मे दिखा चुके हैं जिनमें एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले असीम अरूण के पिता श्रीराम अरूण का नाम भी कभी लिया गया था। श्रीराम अरूण जब एडीजी विजीलेंस थे उस समय उन्होंने भविष्य में डीजीपी पद के दावेदार बनने वाले सारे पुलिस अफसरों की फाइलें खुलवा दी थी ताकि उनके प्रमोशन का लिफाफा डीपीसी में बंद करना पड़ जाये।


डीएस चौहान को लाने के लिए किस तरह बुना गया तानाबाना-
देवेन्द्र सिंह चौहान को अभी स्थायी डीजीपी इसलिए नहीं बनाया जा सका है कि वे वरिष्ठता क्रम में अभी भी छठे नम्बर पर हैं। यूपी कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अनिल अग्रवाल केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं इसलिए उन्हें छोड़ भी दिया जाये तो वे पांचवे नम्बर पर रह जाते हैं। अब पांच शीर्ष आईपीएस में विश्वजीत महापात्रा को दो महीने बाद ही रिटायर होना है इसलिए उनको डीजीपी बनाया नहीं जा सकता। इनके अलावा गोपाल लाल मीणा हैं जिनका रिटायरमेंट अगले साल 10 जनवरी को है। जाहिर है कि दो महीने बाद उनका कार्यकाल भी छह महीने से कम बच पायेगा तो वे भी डीजीपी की दावेदारी की दौड़ से बाहर हो जायेंगे और देवेन्द्र सिंह चैहान का नाम टाप 3 में आ जायेगा। तब केन्द्र में उन्हीं के नाम पर मोहर लगवाने की पैरवी राज्य सरकार की ओर से पूरी मजबूती से हो सकेगी इसलिए लोग अभी से मानने लगे हैं कि देवेन्द्र सिंह चैहान कार्यवाहक नहीं बल्कि स्थायी डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद ही इस कुर्सी से अलग होंगे। नतीजतन फिलहाल उनको कार्यवाहक लिखा जाना औपचारिकता मात्र है।


ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में भी सीएम ने सुपरसीड किये थे आधा दर्जन आईपीएस-
वैसे सजातीय अधिकारी को इस कुर्सी पर देखने की मुख्यमंत्री की लालसा शुरू से ही इतनी प्रबल रही है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए उन्होंने उनके ऊपर के लगभग आधा दर्जन अधिकारी सुपरसीड कर दिये थे। इसी तरह अपनी सरकार पहली बार गठित होने के बाद जब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी जाबेद अहमद को हटाकर नया डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया तो कार्यकाल कम रह जाने के बावजूद उनकी निगाह सुलखान सिंह पर जाकर टिकी। हालांकि सुलखान सिंह चैबीस कैरेट के ईमानदार अधिकारी रहे हैं और उनके जबरदस्त सादगी भी थी इसलिए लोगों की सहानुभूति भी उनसे जुड़ी थी और स्वाभाविक रूप से इसके कारण उनका नाम बतौर डीजीपी इतिहास में शामिल कराने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी माना था।


सपा से रिश्ते की बात का बतंगड़-
पर देवेन्द्र सिंह चैहान को अपने को साबित करने के लिए बड़ी मशक्कत की जरूरत पड़ेगी अन्यथा उनके लिए आरपी सिंह और राजकुमार विश्वकर्मा को सुपरसीड किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पर उंगलियां जरूर उठेंगी जबकि उंगली तो मुकुल गोयल को हटाने के लिए बहुत लचर कारण बताये जाने पर भी उठ रही हैं। अगर उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कभी सपा के खास रहे थे तो इसमें बहुत दम नहीं है। इसके लिए उन्हें अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ बनाये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह बात छुपा ली जाती है कि अखिलेश सरकार ने बीच में ही उनको यहां से शंट करके लूप लाइन में डाल दिया था और बाद में उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाना पड़ा था। इस मामले में तो कोई देवेन्द्र सिंह चैहान का भी नाम ले सकता है क्योंकि मूलतः मैनपुरी जिले के होने के नाते उनके मुलायम सिंह से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं और इस कारण वे परिवार के बुजुर्ग के रूप में मुलायम सिंह से सामाजिक शिष्टाचार निभाने को मजबूर रहते थे जिसे लेकर उनकी कुछ तश्वीरे अखबारों में भी प्रकाशित करा दी गई थी।


नाकारा बताये गये गोयल नबाजे जा चुके हैं उत्कृष्ट पुलिस सेवा मेडल से-


जहां तक मुकुल गोयल की कार्यक्षमता का सवाल है उनको राष्ट्रपति के पुलिस पदक और उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से अलंकृत किया जा चुका है। यह भी याद करना होगा कि उन्हीं के कार्यकाल में पहली बार उत्तर प्रदेश में देश भर के पुलिस महानिदेशकों का तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया जो इतना सफल आयोजन माना गया कि दो दिन का समय इसके लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने और एक दिन का समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था। अगर वे विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले होते तो इतना बड़ा कामयाब पुलिस आयोजन कैसे करा पाते।


गोयल फील्ड पर न जाने के लिए किये गये थे बाध्य-
उनके फील्ड पर न जाने की बात भी बहुत स्पष्ट है। उनसे पहले हितेश अवस्थी को जब डीजीपी बनाया गया था तो उन्होंने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेस में ही कह दिया था कि डीजीपी का काम जिलों में जाना नहीं है लेकिन उन्हें कभी इस तरह की धारणा के लिए टोकने की जरूरत महसूस नहीं की गई जबकि मुकुल गोयल ने तो पहली मीडिया वार्ता में कहा था कि वे अपने कार्यालय में ही बने रहने की बजाय मानिटरिंग के लिए समय-समय पर बाहर समीक्षा बैठकें करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाये तो अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित रूप से उन्हें इसके लिए ऊपर से रोका गया होगा। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के निरीक्षण के समय व्याप्त गंदगी के आधार पर जब उन्होंने मौके पर ही प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया तो उन्हें नीचा दिखाने के लिए इसके क्रियान्वयन पर न केवल रोक लगा दी गई बल्कि इसे ऐसे प्रचारित किया गया जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर लोगों में संदेह व्याप्त हो जाये और मुख्यमंत्री के मुंह से वीडियों कान्फ्रेसिंग में यह कहला दिया गया कि डीजीपी कार्यालय की थानों में नियुक्ति की संस्तुतियां जिलों के मुखिया मान्य न करें। हालांकि तथ्य यह बताते हैं कि उनके समय थानों की नीलामी का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि योगी के समय ही एक दौर ऐसा था कि ऐसे आरोपों के कारण बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी एन कोलांची और प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अतुल शर्मा आदि को सरकार को निलंबित करना पड़ गया था। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तो अपने पांच समकक्षों द्वारा थाने देने के लिए सौदेबाजी करने के सबूत पैनड्राइव में इकट्ठा करके तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दिये थे। बाद में जब सरकार ने उनके आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की तो उसे ओपी सिंह ने पैनड्राइव देने में लगातार टालमटोल की। बाद में एसआईटी ने देरी से जांच रिपोर्ट सौंपते समय ओपी सिंह की इस अडंगेबाजी को भी वहन किया लेकिन ओपी सिंह को लेकर तरह-तरह की चचार्ये खूब चली बावजूद इसके मुख्यमंत्री का वरदहस्त उन पर बना रहा। यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुकुल गोयल के बारे में जिलों के अधिकारियों को बड़ी शिकायतें थी जबकि मुकुल गोयल उन्हें लगातार जलील किये जाने का एहसास कर लेने के बाद जोन, रेंज और जिलों के पुलिस मुखियाओं से बात तक करने में खुद ही कतराने लगे थे तो उनसे ये लोग तंग कैसे हो सकते थे। इसी तरह उनके द्वारा मीडिया ब्रीफिंग से बचने की बात भी बेमानी है क्योंकि उन्होंने तो पदभार संभालते ही लम्बी ब्रीफिंग की थी। पर आगे उन्हें इसके लिए अपने कदम संभवतः शासन की मंशा के कारण रोक देने पड़े थे।


गोयल के स्वतः कहीं और शिफ्ट हो जाने का शायद था इंतजार-
विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कारण जब हर स्तर पर पुलिस में तबादलों की सूची बनाने की कवायद की जाने लगी तो इसके लिए तीन समितियां बनायी गई पर मुकुल गोयल को एक भी समिति में नहीं रखा गया जबकि वे तीनों समितियों के अध्यक्ष होने चाहिए थे। यह भी सभी जानते हैं कि हर डीजीपी तभी सफलतापूर्वक काम कर पाता है जब उसे अपने मुताबिक अपनी टीम बनाने दी जाये लेकिन मुकुल गोयल की स्थिति यह थी कि वे जिन नामों की संस्तुति करते थे उन अधिकारियों को जिलों में पोस्ट करने की बजाय सजा वाले स्थानों पर भेज दिया जाता था। कुल मिलाकर प्रयास यह था कि मुकुल गोयल अपनी उपेक्षा से ऊबकर खुद ही पलायन करने की पेशकश कर दें।


जो भी हो गोयल के हट जाने से होगा पुलिस व्यवस्था का भला-
बहरहाल मुकुल गोयल का हट जाना एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि उनके प्रति शासन के रवैये से पुलिस की व्यवस्था डैड मोड में चली गई थी जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा था। भले ही उनके समय सोनभद्र में 11 आदिवासियों की हत्या, कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किये जाने और हाथरस में दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या और उसके शव को घर वालों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा जलबा दिये जाने जैसे सरकार की नाक कटाने वाला एक भी बड़ा कांड सामने नहीं आया। पर यह उनकी खुश किस्मती भर रही वरना जिस तरह से पुलिस व्यवस्था पंगु हो गई थी उसमें बहुत बड़े-बड़े बवाल हो जाने थे। अब मुख्यमंत्री की पसंद के डीजीपी कुर्सी पर बैठ गये हैं तो पुलिस व्यवस्था में यह गतिरोध निश्चित रूप से छटेगा। बशर्ते देवेन्द्र सिंह चैहान प्रभावी ढंग से मोर्चा संभालें। इंटेलीजेंस और विजीलेंस की कमान होने से देवेन्द्र सिंह चैहान को गड़बड़ी करने वाले जिला प्रमुखों की सारी कच्ची पक्की पुख्ता जानकारियां होंगी इसलिए उन्हें सारे दागदार एसएसपी, एसपी जिलों से वापस बुला लेना चाहिए और जिलों के लिए अपनी साफ सुथरी नई टीम बनानी चाहिए। जोन और रेंज के मुखिया मुकुल गोयल के कार्यकाल में शहंशाह बन गये थे जबकि जब तक ये लोग जिलों का लगातार भ्रमण न करते रहें तब तक जिलों में स्थिति ठीक नहीं रह सकती। देवेन्द्र सिंह चैहान को इन पदों के अफसरों को आराम तलबी छोड़कर फील्ड पर जाने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी झांसी मंडल के दौरे में इन्हें लक्ष्य करके चेतावनी जारी की थी। ओपी सिंह की तरह देवेन्द्र सिंह पर भी एसीएस होम को अभी की भांति पुलिस पर हावी बने रहने का अवसर नहीं मिल पायेगा इसलिए वे इस मामले में कारगर कदम आराम से उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अफसरों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों को  भी उन्हें दुरूस्त करना चाहिए जो अभी एकतरफा हैं। रेंकर आईपीएस को जिलों की कमान सौंपने में काफी कंजूसी दिखायी दे रही है जिससे उनमें कुंठा है। तमाम रेंकर अफसर इसके कारण लूप लाइन में ही रिटायर हो जाने के लिए विवश हैं। जिला पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य करने का उन्हें थोड़ा और ज्यादा अवसर दिलाने का अगर देवेन्द्र सिंह चौहान पैरवी कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।


एसीएस होम के पुलिस पर हावी रहने के दिन भी लदेंगे-
इस बीच जिला पुलिस प्रमुखों की जबावदेही तय की जाने में व्याप्त संकोच के कारण भी स्थितियां बिगड़ी हैं और पुलिस की निरंकुशता की शिकायतें बढ़ी हैं। नये डीजीपी इसमें कड़ाई करेंगे तो शिकायतें भी कम होगी और जिला पुलिस प्रमुखों के रूप में नई तैनातियां बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा अफसरों को आजमाया जा सकेेगा तो बेहतर पुलिसिंग के लिए ज्यादा विकल्प तैयार होंगे। अगर पुलिस के सम्मुख मौजूद चुनौतियांे के बेहतरीन निदान में देवेन्द्र सिंह चैहान ने अपना करिश्मा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी तो उनकी छवि भी मजबूत होगी और मुख्यमंत्री की भी शानदार छवि स्थापित होगी।  

केपी सिंह, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

वीणा जी को याद कर हो गई आंखें नम

उरई (जालौन)। बुंदेलखंड कोकिला के नाम से संगीत की दुनिया में नवाजी जाती रहीं  सुर साम्राज्ञी स्वर्गीय वीणा श्रीवास्तव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उन्ही के द्वारा स्थापित रंगमंचीय सांस्कृतिक संस्था “वातायन” के तत्वावधान में शनिवार की रात राजमार्ग स्थित मणीन्द्रालय प्रेक्षागृह में मधुर यादें शीर्षक से संगीतमय भावभीना  कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार और विशिष्ट अतिथि लोक कला मर्मग्य अयोध्या प्रसाद कुमुद उपस्थित रहे। इस अवसर पर वीणा जी से जुड़े खट्टे मीठे संस्मरणों को भी साझा किया गया, जिससे सभा में मौजूद उनके प्रशंसकों  की आँखे नम हो गईं।

इस अवसर पर नन्हें बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों को मुग्ध कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उरई के लोगों के लिए यहाँ की सांस्कृतिक विरासत उनके गौरव को स्थापित करने वाली है, जिसमें वीणा जी जैसी शख्सियतों का महत्वपूर्ण योगदान है। इस तरह के लोगों की स्मृति होने वाले आयोजनों से यहाँ की समृद्ध सृजन धारा अविरल बनी रहेगी और पीढी दर पीढी इसकी मशाल थामने वाली प्रतिभाएं जन्म लेती रहेंगी।

वातायन के अध्यक्ष और वीणा जी के पति डॉ अरुण श्रीवास्तव ने जब वातायन संस्था के इतिहास पर प्रकाश डालने के साथ वीणा जी से जुडीं तमाम यादें ताजा की तो माहौल भावुक हो गया। कार्यक्रम का संचालन महेश अरोरा ने किया। संरक्षक डॉ आदित्य सक्सेना ने भी वीणा जी की बहुआयामी प्रतिभा के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला तो लोग रोमांच और कौतूहल से भर उठे।

संगठन उपाध्यक्ष चौधरी जय करण सिंह और कार्यक्रम उपाध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा द्विवेदी ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। वातायन के अन्य पदाधिकारियों में कार्यक्रम सचिव वर्षा राहुल सिंह, संगठन सचिव अमर सिंह, कोषाध्यक्ष गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अरविंद नायक, कार्यक्रम निदेशक हेम प्रधान, कार्यक्रम उपनिदेशक डॉ विश्वप्रभा त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती पूर्णिमा सक्सेना, श्रीमती इंदु सक्सेना, सुधीर प्रकाश सिंह, श्रीमती शशि अरोड़ा, डॉ केएन सिंह निरंजन, श्रीमती रत्ना प्रधान, डॉ कुमारेन्द्र  सिंह ने भी कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सौजन्य से जालौन टाइम्स उरई