मनुष्य को मानव तन पर तनिक सा भी घमण्ड नहीं करना चाहिए: सुधा दीदी

लखनऊ। अंतिम दिन भागवत कथा सुनने का महत्व इतना है कि भागवत प्रेमी भक्त अगर श्रद्वा से उसे आखिरी दिन ही सुन लें, तो पूरे सप्ताह कथा सुनने के बराबर पुण्य अर्जित हो जाता है। यह संदेश कन्नौज की पूज्य सुधा दीदी ने कथा के अंतिम दिन काकोरी के गुरुदीनखेड़ा गांव में उन्नाव सांसद महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी डॉ साक्षीजी महराज के जिला प्रतिनिधि प्रेमचन्द लोधी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित श्राद्वालुओं को दिया। समापन पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद चखा।

सुधा दीदी ने हरि अंनन्त हरि कथा अनन्ता की उक्ति सामने रखते हुए कहा कि गोविंद की यह भागवत कथा बगैर गोविंद के, बगैर राधारानी की अनुकम्पा के न तो कही जा सकती है और न ही सुनी जा सकती है। रुक्मिणी विवाह से आगे गोविंद के प्रथम पुत्र प्रद्युम्न की कथा कहते हुए कहा कि प्रद्युम्न को साक्षात कामदेव का रूप बताते हुए कहा कि हमें इस मानव तन पर तनिक भी घमण्ड नहीं करना चाहिए। यह तन भी उन्ही गोविंद का है और उन्हीं की कृपा से संचालित होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत भी कामदेव अर्थात महादेव की समाधि की भाषा में लिखा गया है। शिशुपाल वध की चर्चा करते हुए कहा कि गोविंद पर भरोसा करो तो पूरा करो, वही तुम्हारी नइया पार लगा सकते हैं और सिर्फ प्रभु पर ही नही, अपने आराध्य पर ही नहीं, जिस किसी पर भरोसा करो तो पूरा करो, तभी काज सफल होंगें। इसी तरह गोविंद से प्रेम करो या किसी और से करो, पूरे सच्चे मन से करो, तभी प्रेम को पाओगे। कथा समापन से पहले केशरी राव धारा सिंह यादव, प्रेमचन्द लोधी, कमलेश लोधी, राम सिंह लोधी, लवकुश यादव, ज्ञान सिंह, सत्यपाल सिंह आदि ने आरती उतारी। इससे पहले पूर्णाहुति देकर हवन किया गया। बाद में विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ, जिसमें  हजारों भक्तगणों ने प्रसाद चख कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गीत-संग्रह ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण सम्पन्न

लखनऊ। साहित्य प्रोत्साहन संस्थान मनकापुर गोंडा के तत्वावधान एवं सुनील त्रिपाठी के संयोजन में स्थानीय डिप्लोमा इंजीनियर्स सभागार हजरतगंज लखनऊ में कवि व गीतकार राहुल द्विवेदी ‘स्मित’ एवं कवि चन्द्रगत भारती की काव्य कृतियों ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण किया गया।

लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न इस लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि कार्यक्रम अधिशासी दूरदर्शन ओबी भट्टाचार्य, विशिष्ट अतिथि डॉ० सुशील कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी, आकाशवाणी लखनऊ एवं संपादक सांध्य दैनिक ‘पब्लिक इमोशन’ बिजनौर डॉ पंकज भारद्वाज तथा मुख्य वक्ता वरिष्ठ नवगीतकार मधुकर अस्थाना, अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना एवं वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल ‘राज’ ने मंच को सुशोभित किया।

कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीपक प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात दोनों पुस्तकों का लोकार्पण संस्था के संस्थापक सचिव धीरज श्रीवास्तव एवं मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। लोकार्पित कृतियों पर अपने विचार रखते हुए मुख्य वक्ता मधुकर अस्थाना ने कहा कि पुनः युधिष्ठिर छला गया है; गीतकृति अपने शीर्षक से ही प्रतीक और व्यंजना की छाप छोड़ने लगती है, जिससे स्पष्ट होता है कि कवि की वाणी में पूरे  समाज की अन्तरात्मा की अभिव्यक्ति हो रही है और उनके गीत जीवन मूल्यों की प्रतिस्थापना हेतु प्रयत्नशील दिखाई देते हैं।

मुख्य अतिथि ओबी भट्टाचार्य ने राहुल द्विवेदी को उनकी पुस्तक के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस पुस्तक में कल्पना, संवेदना, यथार्थ की अनुभूति और संघर्ष की अभिव्यक्ति के संग लेखनी के तारतम्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। युवा कवि राहुल द्विवेदी स्मित एवं चन्द्रगत भारती में छुपी क्षमता को उनकी पुस्तकें स्वत‍: ही प्रकाशित करती हैं। डॉ० सुशील कुमार राय ने दोनों कृतिकारों को उनकी पुस्तकों हेतु बधाई दी साथ ही पुस्तकों को समय की शिला पर अंकित पृष्ठों का संकलन कहा।

डॉ० पंकज भारद्वाज ने कहा कि ‘पुनः युधिष्ठिर छला गया है’ कृति के प्रत्येक गीत मानवीय चेतना को जगाने में सफल होंगे।चन्द्रगत भारती की पुस्तक ‘मेंहदी रचे हाथ’ पर वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल राज ने कहा कि विपुल संवेदनाओं के धनी गीतकवि चन्द्रगत भारती हिन्दी साहित्य की रत्नमाला के आकर्षक व्यक्तित्व हैं। उनके गीत संग्रह ‘मेंहदी रचे हाथ’ में कोमल हृदय की भाव-तरलता के साथ-साथ युगीन बोध की सघनता पाठकों के हृदय को सहज ही मोह लेती है।

अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अष्ठाना ने कहा कि राहुल द्विवेदी स्मित के गीतों में गहरी संवेदना की प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो हरिशंकर मिश्र ने कहा कि अरसा बाद एक विशुद्ध साहित्यिक कार्यक्रम में गीतों पर हुई चर्चा का विस्तृत स्वरूप देख रहा हूँ।दोनों पुस्तकें अपने कलेवर और रचनात्मक गुणवत्ता से पाठक को आकर्षित करती है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में शिक्षा, साहित्य एवं पत्रकारिता से जुड़ी ग्यारह हस्तियों को उनके अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ साहित्यकार कमलेश मौर्य मृदु, साहित्य भूषण शिवकांत मिश्र विद्रोही, डॉ अजय प्रसून, केवल प्रसाद सत्यम, रामानन्द सागर, डॉ सीके मिश्र, शालिनी सिंह, मनोज मानव, केदारनाथ शुक्ल, करन सिंह परिहार रहे। समारोह के प्रथम चरण का संचालन नवगीतकार अवनीश त्रिपाठी ने तथा द्वितीय चरण का संचालन ओज कवि उमाकांत पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का समापन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल के कृतज्ञता ज्ञापन से हुआ।

कार्यक्रम में सुनील त्रिपाठी, नरेंद्र भूषण, मनोज मानव, साहित्य भूषण कमलेश मौर्य ‘मृदु’, डॉ अजय प्रसून, केदारनाथ शुक्ल, केवल प्रसाद सत्यम, करन सिंह परिहार, कुलदीप बृजवासी, साहित्य भूषण शिवाकांत मिश्र विद्रोही, मंजुल मिश्र मंजर ,  मुकेश कुमार मिश्र, हितेश शर्मा ‘पथिक’, धीरज मिश्रा, राजाभैया गुप्ता ‘राजाभ’, ज्ञान प्रकाश ‘आकुल’, ओमप्रकाश शर्मा, आत्मप्रकाश मिश्र, पुनीता देवी, रेनू सिंह, श्रीमती प्रमिला, रियाज अहमद, अलका अस्थाना, अनुज ‘अब्र’, कमल किशोर भावुक, प्रतिभा गुप्ता, शुभदा बाजपेई ,योगी योगेश शुक्ल, निशा सिंह, महेश प्रकाश अष्ठाना,आदि नगर के अनेक साहित्यिक संस्था-प्रमुखों, कवियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही।

सीएम की गुडबुक के डीजीपी से कितना छंटेगा पुलिस व्यवस्था का गतिरोध


आखिर उत्तर प्रदेश के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक शीर्ष स्तर पर नौकरशाही की लाबिंग के भंवर में फंसकर प्रतिशोध की भेंट चढ़ ही गये। हालांकि उनसे पहले और डीजीपी भी रहे हैं जो कार्यकाल के पहले चलते किये गये हैं लेकिन किसी को इतने बेआबरू अंदाज का सामना नहीं करना पड़ा। मुकुल गोयल के बारे में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि वे निकम्मे, विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के रूप में प्रदर्शित रहे हैं। उनकी शराफत के कायल प्रदेश पुलिस के अधिकांश उच्चाधिकारी शासन की इतनी कठोर टिप्पणी से अवाक हैं और उन पर लगाये गये इन अतिरंजनापूर्ण आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं।


अतिरिक्त कार्यभार औपचारिकता मात्र, उन्हें स्थायी डीजीपी मानो-
फिलहाल उनकी जगह इंटेलीजेंस और विजीलेंस के मुखिया देवेन्द्र सिंह चौहान को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है। जिसे लेकर जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुकुल गोयल को डीजीपी नियुक्त किये जाने के समय से ही उन्हें इस पद पर आसीन कराने को व्यग्र थे। 2020 में उन्हें इसी मकसद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाया गया था। पर तकनीकी बाधाओं के कारण मुख्यमंत्री अपनी इस मंशा को उस समय पूरा नहीं कर सके थे चूंकि प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारियों में वे बहुत निचली पायदान पर थे। अगर मुकुल गोयल को कार्यकाल पूरा कर लेने दिया जाता तो देवेन्द्र सिंह चौहान उनसे लगभग एक साल पहले ही रिटायर हो जाते और डीजीपी बनने की उनकी हसरत दफन होकर रह जाती इसलिए मुकुल गोयल को नाकारा बताकर समय रहते डीजीपी का पद उनसे खाली कराने की कवायद तत्काल पूरी की जाना अब लाजिमी हो गया था।


विजिलेंस मुखिया की पावर का नमूना श्रीराम अरूण भी थे-
प्रसंगवश इसका उल्लेख किया जा सकता है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले भी डीजीपी पद तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी अफसर तमाम करिश्मे दिखा चुके हैं जिनमें एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले असीम अरूण के पिता श्रीराम अरूण का नाम भी कभी लिया गया था। श्रीराम अरूण जब एडीजी विजीलेंस थे उस समय उन्होंने भविष्य में डीजीपी पद के दावेदार बनने वाले सारे पुलिस अफसरों की फाइलें खुलवा दी थी ताकि उनके प्रमोशन का लिफाफा डीपीसी में बंद करना पड़ जाये।


डीएस चौहान को लाने के लिए किस तरह बुना गया तानाबाना-
देवेन्द्र सिंह चौहान को अभी स्थायी डीजीपी इसलिए नहीं बनाया जा सका है कि वे वरिष्ठता क्रम में अभी भी छठे नम्बर पर हैं। यूपी कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अनिल अग्रवाल केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं इसलिए उन्हें छोड़ भी दिया जाये तो वे पांचवे नम्बर पर रह जाते हैं। अब पांच शीर्ष आईपीएस में विश्वजीत महापात्रा को दो महीने बाद ही रिटायर होना है इसलिए उनको डीजीपी बनाया नहीं जा सकता। इनके अलावा गोपाल लाल मीणा हैं जिनका रिटायरमेंट अगले साल 10 जनवरी को है। जाहिर है कि दो महीने बाद उनका कार्यकाल भी छह महीने से कम बच पायेगा तो वे भी डीजीपी की दावेदारी की दौड़ से बाहर हो जायेंगे और देवेन्द्र सिंह चैहान का नाम टाप 3 में आ जायेगा। तब केन्द्र में उन्हीं के नाम पर मोहर लगवाने की पैरवी राज्य सरकार की ओर से पूरी मजबूती से हो सकेगी इसलिए लोग अभी से मानने लगे हैं कि देवेन्द्र सिंह चैहान कार्यवाहक नहीं बल्कि स्थायी डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद ही इस कुर्सी से अलग होंगे। नतीजतन फिलहाल उनको कार्यवाहक लिखा जाना औपचारिकता मात्र है।


ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में भी सीएम ने सुपरसीड किये थे आधा दर्जन आईपीएस-
वैसे सजातीय अधिकारी को इस कुर्सी पर देखने की मुख्यमंत्री की लालसा शुरू से ही इतनी प्रबल रही है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए उन्होंने उनके ऊपर के लगभग आधा दर्जन अधिकारी सुपरसीड कर दिये थे। इसी तरह अपनी सरकार पहली बार गठित होने के बाद जब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी जाबेद अहमद को हटाकर नया डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया तो कार्यकाल कम रह जाने के बावजूद उनकी निगाह सुलखान सिंह पर जाकर टिकी। हालांकि सुलखान सिंह चैबीस कैरेट के ईमानदार अधिकारी रहे हैं और उनके जबरदस्त सादगी भी थी इसलिए लोगों की सहानुभूति भी उनसे जुड़ी थी और स्वाभाविक रूप से इसके कारण उनका नाम बतौर डीजीपी इतिहास में शामिल कराने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी माना था।


सपा से रिश्ते की बात का बतंगड़-
पर देवेन्द्र सिंह चैहान को अपने को साबित करने के लिए बड़ी मशक्कत की जरूरत पड़ेगी अन्यथा उनके लिए आरपी सिंह और राजकुमार विश्वकर्मा को सुपरसीड किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पर उंगलियां जरूर उठेंगी जबकि उंगली तो मुकुल गोयल को हटाने के लिए बहुत लचर कारण बताये जाने पर भी उठ रही हैं। अगर उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कभी सपा के खास रहे थे तो इसमें बहुत दम नहीं है। इसके लिए उन्हें अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ बनाये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह बात छुपा ली जाती है कि अखिलेश सरकार ने बीच में ही उनको यहां से शंट करके लूप लाइन में डाल दिया था और बाद में उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाना पड़ा था। इस मामले में तो कोई देवेन्द्र सिंह चैहान का भी नाम ले सकता है क्योंकि मूलतः मैनपुरी जिले के होने के नाते उनके मुलायम सिंह से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं और इस कारण वे परिवार के बुजुर्ग के रूप में मुलायम सिंह से सामाजिक शिष्टाचार निभाने को मजबूर रहते थे जिसे लेकर उनकी कुछ तश्वीरे अखबारों में भी प्रकाशित करा दी गई थी।


नाकारा बताये गये गोयल नबाजे जा चुके हैं उत्कृष्ट पुलिस सेवा मेडल से-


जहां तक मुकुल गोयल की कार्यक्षमता का सवाल है उनको राष्ट्रपति के पुलिस पदक और उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से अलंकृत किया जा चुका है। यह भी याद करना होगा कि उन्हीं के कार्यकाल में पहली बार उत्तर प्रदेश में देश भर के पुलिस महानिदेशकों का तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया जो इतना सफल आयोजन माना गया कि दो दिन का समय इसके लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने और एक दिन का समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था। अगर वे विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले होते तो इतना बड़ा कामयाब पुलिस आयोजन कैसे करा पाते।


गोयल फील्ड पर न जाने के लिए किये गये थे बाध्य-
उनके फील्ड पर न जाने की बात भी बहुत स्पष्ट है। उनसे पहले हितेश अवस्थी को जब डीजीपी बनाया गया था तो उन्होंने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेस में ही कह दिया था कि डीजीपी का काम जिलों में जाना नहीं है लेकिन उन्हें कभी इस तरह की धारणा के लिए टोकने की जरूरत महसूस नहीं की गई जबकि मुकुल गोयल ने तो पहली मीडिया वार्ता में कहा था कि वे अपने कार्यालय में ही बने रहने की बजाय मानिटरिंग के लिए समय-समय पर बाहर समीक्षा बैठकें करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाये तो अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित रूप से उन्हें इसके लिए ऊपर से रोका गया होगा। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के निरीक्षण के समय व्याप्त गंदगी के आधार पर जब उन्होंने मौके पर ही प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया तो उन्हें नीचा दिखाने के लिए इसके क्रियान्वयन पर न केवल रोक लगा दी गई बल्कि इसे ऐसे प्रचारित किया गया जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर लोगों में संदेह व्याप्त हो जाये और मुख्यमंत्री के मुंह से वीडियों कान्फ्रेसिंग में यह कहला दिया गया कि डीजीपी कार्यालय की थानों में नियुक्ति की संस्तुतियां जिलों के मुखिया मान्य न करें। हालांकि तथ्य यह बताते हैं कि उनके समय थानों की नीलामी का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि योगी के समय ही एक दौर ऐसा था कि ऐसे आरोपों के कारण बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी एन कोलांची और प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अतुल शर्मा आदि को सरकार को निलंबित करना पड़ गया था। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तो अपने पांच समकक्षों द्वारा थाने देने के लिए सौदेबाजी करने के सबूत पैनड्राइव में इकट्ठा करके तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दिये थे। बाद में जब सरकार ने उनके आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की तो उसे ओपी सिंह ने पैनड्राइव देने में लगातार टालमटोल की। बाद में एसआईटी ने देरी से जांच रिपोर्ट सौंपते समय ओपी सिंह की इस अडंगेबाजी को भी वहन किया लेकिन ओपी सिंह को लेकर तरह-तरह की चचार्ये खूब चली बावजूद इसके मुख्यमंत्री का वरदहस्त उन पर बना रहा। यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुकुल गोयल के बारे में जिलों के अधिकारियों को बड़ी शिकायतें थी जबकि मुकुल गोयल उन्हें लगातार जलील किये जाने का एहसास कर लेने के बाद जोन, रेंज और जिलों के पुलिस मुखियाओं से बात तक करने में खुद ही कतराने लगे थे तो उनसे ये लोग तंग कैसे हो सकते थे। इसी तरह उनके द्वारा मीडिया ब्रीफिंग से बचने की बात भी बेमानी है क्योंकि उन्होंने तो पदभार संभालते ही लम्बी ब्रीफिंग की थी। पर आगे उन्हें इसके लिए अपने कदम संभवतः शासन की मंशा के कारण रोक देने पड़े थे।


गोयल के स्वतः कहीं और शिफ्ट हो जाने का शायद था इंतजार-
विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कारण जब हर स्तर पर पुलिस में तबादलों की सूची बनाने की कवायद की जाने लगी तो इसके लिए तीन समितियां बनायी गई पर मुकुल गोयल को एक भी समिति में नहीं रखा गया जबकि वे तीनों समितियों के अध्यक्ष होने चाहिए थे। यह भी सभी जानते हैं कि हर डीजीपी तभी सफलतापूर्वक काम कर पाता है जब उसे अपने मुताबिक अपनी टीम बनाने दी जाये लेकिन मुकुल गोयल की स्थिति यह थी कि वे जिन नामों की संस्तुति करते थे उन अधिकारियों को जिलों में पोस्ट करने की बजाय सजा वाले स्थानों पर भेज दिया जाता था। कुल मिलाकर प्रयास यह था कि मुकुल गोयल अपनी उपेक्षा से ऊबकर खुद ही पलायन करने की पेशकश कर दें।


जो भी हो गोयल के हट जाने से होगा पुलिस व्यवस्था का भला-
बहरहाल मुकुल गोयल का हट जाना एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि उनके प्रति शासन के रवैये से पुलिस की व्यवस्था डैड मोड में चली गई थी जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा था। भले ही उनके समय सोनभद्र में 11 आदिवासियों की हत्या, कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किये जाने और हाथरस में दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या और उसके शव को घर वालों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा जलबा दिये जाने जैसे सरकार की नाक कटाने वाला एक भी बड़ा कांड सामने नहीं आया। पर यह उनकी खुश किस्मती भर रही वरना जिस तरह से पुलिस व्यवस्था पंगु हो गई थी उसमें बहुत बड़े-बड़े बवाल हो जाने थे। अब मुख्यमंत्री की पसंद के डीजीपी कुर्सी पर बैठ गये हैं तो पुलिस व्यवस्था में यह गतिरोध निश्चित रूप से छटेगा। बशर्ते देवेन्द्र सिंह चैहान प्रभावी ढंग से मोर्चा संभालें। इंटेलीजेंस और विजीलेंस की कमान होने से देवेन्द्र सिंह चैहान को गड़बड़ी करने वाले जिला प्रमुखों की सारी कच्ची पक्की पुख्ता जानकारियां होंगी इसलिए उन्हें सारे दागदार एसएसपी, एसपी जिलों से वापस बुला लेना चाहिए और जिलों के लिए अपनी साफ सुथरी नई टीम बनानी चाहिए। जोन और रेंज के मुखिया मुकुल गोयल के कार्यकाल में शहंशाह बन गये थे जबकि जब तक ये लोग जिलों का लगातार भ्रमण न करते रहें तब तक जिलों में स्थिति ठीक नहीं रह सकती। देवेन्द्र सिंह चैहान को इन पदों के अफसरों को आराम तलबी छोड़कर फील्ड पर जाने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी झांसी मंडल के दौरे में इन्हें लक्ष्य करके चेतावनी जारी की थी। ओपी सिंह की तरह देवेन्द्र सिंह पर भी एसीएस होम को अभी की भांति पुलिस पर हावी बने रहने का अवसर नहीं मिल पायेगा इसलिए वे इस मामले में कारगर कदम आराम से उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अफसरों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों को  भी उन्हें दुरूस्त करना चाहिए जो अभी एकतरफा हैं। रेंकर आईपीएस को जिलों की कमान सौंपने में काफी कंजूसी दिखायी दे रही है जिससे उनमें कुंठा है। तमाम रेंकर अफसर इसके कारण लूप लाइन में ही रिटायर हो जाने के लिए विवश हैं। जिला पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य करने का उन्हें थोड़ा और ज्यादा अवसर दिलाने का अगर देवेन्द्र सिंह चौहान पैरवी कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।


एसीएस होम के पुलिस पर हावी रहने के दिन भी लदेंगे-
इस बीच जिला पुलिस प्रमुखों की जबावदेही तय की जाने में व्याप्त संकोच के कारण भी स्थितियां बिगड़ी हैं और पुलिस की निरंकुशता की शिकायतें बढ़ी हैं। नये डीजीपी इसमें कड़ाई करेंगे तो शिकायतें भी कम होगी और जिला पुलिस प्रमुखों के रूप में नई तैनातियां बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा अफसरों को आजमाया जा सकेेगा तो बेहतर पुलिसिंग के लिए ज्यादा विकल्प तैयार होंगे। अगर पुलिस के सम्मुख मौजूद चुनौतियांे के बेहतरीन निदान में देवेन्द्र सिंह चैहान ने अपना करिश्मा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी तो उनकी छवि भी मजबूत होगी और मुख्यमंत्री की भी शानदार छवि स्थापित होगी।  

केपी सिंह, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

वीणा जी को याद कर हो गई आंखें नम

उरई (जालौन)। बुंदेलखंड कोकिला के नाम से संगीत की दुनिया में नवाजी जाती रहीं  सुर साम्राज्ञी स्वर्गीय वीणा श्रीवास्तव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उन्ही के द्वारा स्थापित रंगमंचीय सांस्कृतिक संस्था “वातायन” के तत्वावधान में शनिवार की रात राजमार्ग स्थित मणीन्द्रालय प्रेक्षागृह में मधुर यादें शीर्षक से संगीतमय भावभीना  कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार और विशिष्ट अतिथि लोक कला मर्मग्य अयोध्या प्रसाद कुमुद उपस्थित रहे। इस अवसर पर वीणा जी से जुड़े खट्टे मीठे संस्मरणों को भी साझा किया गया, जिससे सभा में मौजूद उनके प्रशंसकों  की आँखे नम हो गईं।

इस अवसर पर नन्हें बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों को मुग्ध कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उरई के लोगों के लिए यहाँ की सांस्कृतिक विरासत उनके गौरव को स्थापित करने वाली है, जिसमें वीणा जी जैसी शख्सियतों का महत्वपूर्ण योगदान है। इस तरह के लोगों की स्मृति होने वाले आयोजनों से यहाँ की समृद्ध सृजन धारा अविरल बनी रहेगी और पीढी दर पीढी इसकी मशाल थामने वाली प्रतिभाएं जन्म लेती रहेंगी।

वातायन के अध्यक्ष और वीणा जी के पति डॉ अरुण श्रीवास्तव ने जब वातायन संस्था के इतिहास पर प्रकाश डालने के साथ वीणा जी से जुडीं तमाम यादें ताजा की तो माहौल भावुक हो गया। कार्यक्रम का संचालन महेश अरोरा ने किया। संरक्षक डॉ आदित्य सक्सेना ने भी वीणा जी की बहुआयामी प्रतिभा के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला तो लोग रोमांच और कौतूहल से भर उठे।

संगठन उपाध्यक्ष चौधरी जय करण सिंह और कार्यक्रम उपाध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा द्विवेदी ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। वातायन के अन्य पदाधिकारियों में कार्यक्रम सचिव वर्षा राहुल सिंह, संगठन सचिव अमर सिंह, कोषाध्यक्ष गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अरविंद नायक, कार्यक्रम निदेशक हेम प्रधान, कार्यक्रम उपनिदेशक डॉ विश्वप्रभा त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती पूर्णिमा सक्सेना, श्रीमती इंदु सक्सेना, सुधीर प्रकाश सिंह, श्रीमती शशि अरोड़ा, डॉ केएन सिंह निरंजन, श्रीमती रत्ना प्रधान, डॉ कुमारेन्द्र  सिंह ने भी कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सौजन्य से जालौन टाइम्स उरई  

कृषि राज्यमंत्री ने किया 100 आम उत्पादकों को मैनुअल हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण

कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने किया 100 आम उत्पादकों को मैनुअल हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण

उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस मलिहाबाद तथा नवीन आधुनिक मण्डी स्थल का किया निरीक्षण

प्रदेश सरकार आम उत्पादकों की समस्याओं के प्रति सजग

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह आज मलिहाबाद के रहमान खेड़ा स्थित उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान संस्थान में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक विपणन संघ (हाफेड) द्वारा आयोजित कार्यक्रम तथा मण्डी परिषद की वित्तीय सहायता से आम उत्पादकों को प्रोत्साहन हेतु लखनऊ क्षेत्र के चयनित 100 आम उत्पादकों को मैनुअल मैंगो हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण किया।
  • इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम उत्पादकों को मैंगो हार्वेस्टर एवं क्रेट्स के वितरण से जहाँ एक ओर आम की गुणवत्ता सुरक्षित होगी और आम उत्पादकों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त होगा। जिससे उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
  • उद्यान मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता युक्त निर्यातनोमुखी आम की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के उद्देश्य से आम की तुड़ाई के बाद प्रबन्धन के लिए लखनऊ क्षेत्र के 100 आम उत्पादक का चयन जिला उद्यान अधिकारी द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के वित्तीय सहयोग से निर्यात योग्य आम उत्पादन करने वाले किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम का निर्यात विदेशों में किया जा रहा है इसके लिए उन्होंने हाफेड द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की।
    श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि किसानों और व्यापारियों की समस्या को गम्भीरता से लिया जाये तथा उनका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने आम उत्पादकों से उनकी समस्यायें एवं सुझाव मांगे हैं, ताकि उसका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने निदेशक उद्यान को निर्देश दिये हैं कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ हर किसान को मिले तथा उनको किसी भी प्रकार की समस्या न आने पाये।
    उद्यान मंत्री को मलिहाबाद के आम उत्पादकों द्वारा अपनी समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया, जिसमें सरकारी ट्यूबेल, फल मण्डी में दुकान, मलिहाबाद में आम उत्पादकों के लिए उचित दरों की दवा की दुकानें, पैकिंग बाक्स में जी.एस.टी. कम करने, मलिहाबाद में प्रोसेसिंग युनिट लगाने के लिए अनुरोध किया। इस पर उद्यान मंत्री ने आम उत्पादकों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या को प्राथमिकता पर हल करने का प्रयास किया जायेगा।
  • इसके उपरांत उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस, मलिहाबाद तथा आधुनिक मण्डी स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों एवं व्यापारियों की समस्या को सुना तथा विभागीय अधिकारियों को तत्काल निदान के निर्देश दिए।
    उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की अपर निदेशक श्रीमती निधि श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मण्डी परिषद किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। आम उत्पादकों के लिए उनके उत्पाद के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्यान निदेशक डा0 आर.के. तोमर ने कहा कि आम उत्पादक अपने उत्पादकों पैकिंग तथा ग्रेडिंग करके भेजे जिससे उनकों उचित मूल्य प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के माध्यम से किया गया है।
    इस कार्यक्रम में विभागीय विशेषज्ञों तथा निर्यात योग्य आम के उत्पादन हेतु आम की पूर्व एवं तुडाई उपरान्त प्रबन्धन से संबधित तकनीकि जानकारी दी गयी। इसमें गुणवत्तायुक्त पैकेंजिंग हेतु पूर्व कोरूगेटेडट बाक्स की उपयोगिता, उपलब्धता, मानक आदि के सबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।
  • कार्यक्रम में हाफेड के सभापति नवलेश प्रताप सिंह, उपनिदेशक उद्यान डा0 वीरेन्द्र यादव, नोडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार सुमन, जिला उद्यान अधिकारी बैजनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक तथा आम उत्पादक/किसान उपस्थित रहे।

गौरैया संरक्षण को लेकर बच्चों में दिखा उत्साह

गौरैया संरक्षण को लेकर हुई प्रतियोगिता

प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर किया सम्मानित।

लखनऊ। राजधानी में गौरैया संरक्षण को लेकर गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय बंशीगढ़ी व भरोसा में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व अवध वन प्रभाग की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय वंशी गढ़ी की विभा शर्मा, पूर्वी शर्मा, विशाल, तुसार व उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा की सोनालिका, नेहा सिंह, जाईना को प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुहिम संचालक व पक्षी प्रेमी महेश साहू ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए हम सबको आगे आना होगा क्योंकि नन्ही गौरैया की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। इस तपती गर्मी में नन्ही गौरैया व अन्य पक्षियों के लिए दाना पानी रखने व कृत्रिम घोंसले लगाने की अपील की। वहीं रेंजर शिवाकांत शर्मा ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दी और सभी छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। इस मौके पर समाजसेवी हिमांशु गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्या वीरेंद्र यादव, प्रीति त्रिवेदी, वन दरोगा शिवम यादव, अमित सिंह वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी सहित कई लोग मौजूद रहे।

मलिहाबाद पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

मलिहाबाद,लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सोमवार दोपहर एक निजी कार्यक्रम मुण्डन संस्कार मे शामिल होने देवम लॉन मलिहाबाद पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेताओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी।

वह दोपहर पाठक गंज मे अपनी बहन संध्या पाठक के घर पहुंचे। यहां पर शांतनु पाठक,  कार्तिकेय पाठक, सुमित पाठक,अनादि पाठक, राजीव तिवारी, प्रमोद पाठक आदि परिजनों के साथ मिलकर कुल देवी की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।


देवम लॉन के संचालक विकास पाठक ने दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रधान,  विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशू ने जोरदार स्वागत किया। 

इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सैय्यद खलील अहमद, पूर्व ब्लाक प्रमुख पति अनिल सिंह चौहान, उमाकांत गुप्ता, बबलू सिंह, विशाल पाठक, मारूफ अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं से मिलकर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत रखने की अपील की। फिर बच्चे को आशीर्वाद देकर उनका काफिला लखनऊ की तरफ निकल गया।

डंपिंग ग्राउंड में दफन किये जा रहे तेजतर्रार पुलिस अधिकारी!

फील्ड के महारथी माने जाने वाले कई पुलिस अफसरों की डंपिंग सेंटर जैसी जगहों पर विचित्र तैनाती के कई मामले हाल में सामने आये हैं जो कानून व्यवस्था को अपने एजेंडे में सर्वोच्च स्थान देने वाली सरकार के मद्देनजर बड़े विपर्यास की बानगी है। नवनीत सिकेरा की ख्याति एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में रही है। वे जाति से यादव जरूर हैं लेकिन उनकी प्रतिष्ठा इस बात के लिए है प्रोफेशनल ईमानदारी से समझौता करना किसी राग विराग के कारण उन्होंने प्रायः मंजूर नहीं किया। इसलिए अखिलेश की सरकार उनसे कुपित हो गई थी उनकी क्षमताओं और विशेषताओं का लाभ उठाने की उत्सुकता योगी सरकार में होनी तो चाहिए थी लेकिन पता नहीं क्यों इस सरकार ने केवल उन्हें भाव नहीं दिया बल्कि अभी तक वे पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध थे पर अब तो उन्हें पुलिस ट्रेनिंग स्कूल उन्नाव में एडीजी बनाकर एकदम कूड़े में फैंक दिया गया है। यही किस्सा एडीजी ज्योति नारायण के साथ किया गया। जबकि वे तो यादव भी नहीं है जो जातिगत पूर्वाग्रह के कारण इस सरकार में संदेह के शिकार बनाये जाने चाहिए थे। पर आश्चर्य जनक रूप से वे भी मौजूदा सत्ताधारियों की प्रताड़ना लिस्ट में दर्ज दिख रहे हैं।
ज्योति नारायण जहां भी जिले के पुलिस प्रमुख रहे उन्होंने पीड़ित फरियादियों के बीच मसीहा की छवि बनायी। राजनीतिक दबाव कितना भी पड़ा हो पर वे अन्याय के शिकार व्यक्ति के संरक्षण के अपने दायित्व से मुकरते नहीं थे जिससे महीना दो महीना में ही ट्रांसफर होना उनकी नियति बन गया था। एक बार तो सरकारी पक्ष के दबंगों के खिलाफ एक्शन लेने की जिद के कारण उनका फिरोजाबाद से रातों-रात तबादला कर दिया गया। यह तबादला जालौन जिले के लिए किया गया था लेकिन यहां वे कार्यभार संभाल पाते इसके पहले ही उन्हें अगले आदेश की प्रतीक्षा करने के लिए कह दिया गया। वे 24 घंटे अधर में रहे। इस बीच उन्होंने अपनी उपस्थिति को लेकर डीजीपी कार्यालय से मार्गदर्शन मांगा तो मालूम हुआ कि डीजीपी खुद ही उन्हें चार्ज लेने से रोके जाने के आदेश से अवगत नहीं हैं। किसी ईमानदार अधिकारी को जलील करने की यह पराकाष्ठा थी।
उनकी कार्यशैली की वजह से खासतौर पर सपा के समय का निजाम उनसे इस कदर नाराज था कि जब डेपूटेशन पर उन्हें एनआईए में शामिल किया जा रहा था तो तत्कालीन प्रदेश सरकार ने उनको रिलीव करने पर स्टाप लगा दिया। उन दिनों ज्योति नारायण का परिवार भी बहुत तनाव में आ गया था। उनकी पत्नी का कहना था कि हम जहां भी जाते हैं अपने सामान की पैकिंग खोल नहीं पाते कि नये तबादले का आदेश थमा दिया जाता है। खानाबदोशी की इस जिंदगी से वे तंग आ चुकी हैं इसलिए बेहतर होगा कि नौकरी छोड़कर अपने पुस्तैनी कारोबार को सेटिल करें। खुद ज्योति नारायण भी इतने मायूस थे कि पत्नी की बात मानकर आईपीएस के शानदार कैरियर के मोह को तिलांजलि देकर इस्तीफा देने की तैयारी में लग गये थे। वह तो भला हो उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का। तत्कालीन एनआईए डीजी ने व्यक्तिगत रूप से अखिलेश से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि ज्योति नारायण जैसे बेहतरीन अफसर की एनआईए को प्रभावी ढ़ंग से खड़ा करने के लिए उन्हें बेहद जरूरत है इसलिए वे ज्योति नारायण को उत्तर प्रदेश से कार्यमुक्त कर दें। अखिलेश को बात समझ में आयी और उन्होंने ज्योति नारायण को छोड़ दिया।
केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से उत्तर प्रदेश वापस आने पर पहले तो योगी सरकार ने उनके प्रोफाइल का ध्यान रखकर उन्हें बेहतर ढ़ंग से नवाजा और आईजी एलओ बना दिया कुछ समय बाद वे एडीजी के रूप में प्रोन्नत हो गये लेकिन तब तक उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन में चल रही गिरोहबंदी के निशाने पर चढ़ जाने की वजह से उनके सितारे डगमगा चुके थे। उन्हें एडीजी यातायात और सड़क सुरक्षा बनाया गया जबकि उम्मीद की जा रही थी कि किसी महत्वपूर्ण जोन की कमान उन्हें सौंपी जायेगी क्योंकि इसके लिए उनकी उपयोगिता अधिक थी।

सरकार में हावी जातिवाद- दुर्भाग्य यह है कि इस सरकार में संवेदनशील पदों पर नियुक्तियों के मामले में जातिवाद हावी है। उदाहरण के तौर पर जेएन सिंह जैसे अफसर जोन की कमान के हकदार बने हुए हैं जिन्हें योगी की सरकार आने पर पहले लखनऊ रेंज का डीआईजी बनाया गया था पर उनसे यह जिम्मेदारी नहीं संभली, जिससे उनको हटाना पड़ गया था। उस समय प्रदेश की राजधानी में एसएसपी और आईजी जोन पुलिस की पूरी व्यवस्था को कैप्चर किये हुए थे। जोन एडीजी अभय कुमार प्रसाद थे जो अनु0जाति के थे इसलिए कोई इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष उनकी नहीं सुनता था। यह जानते हुए भी एसएसपी और आईजी जोन की नाकामी के लिए एडीजी जोन बिना बात में ही नाप दिये गये जो अभी तक ईओडब्ल्यू में दिन गुजार रहे हैं जबकि जेएन सिंह कुछ दिनों लूपलाइन में रहने के बाद फिर मुख्यधारा में वापस आ गये और आईजी के बाद एडीजी बनने पर भी उनका जलबा बरकरार है।
बहरहाल ज्योति नारायण यातायात और सड़क सुरक्षा के ही एडीजी बने रहते तो भी गनीमत थी पर जब उन्हें जालौन में एडीजी ट्रेनिंग के रूप में स्थानांतरित किये जाने का आदेश जारी हुआ तो लोगों को बहुत अटपटा लगा है। वैसे भी पुलिस के ट्रेनिंग स्कूलों में एडीजी स्तर के अधिकारियों की तैनाती का कोई औचित्य नहीं है। यह तो पुलिस में सक्षम मानव संसाधन की बर्बादी है। फिर भी अगर पीटीएस में एडीजी की तैनाती किसी नियमगत बाध्यता के कारण अपरिहार्य ही हो तो ऐसे चुके हुए अफसर इसके लिए तलाशे जाने चाहिए जिनमें काम की कोई उमंग न बची हो और ऐसे अफसरों की भी उत्तर प्रदेश में कमी नहीं है।
दरअसल ऐसा लगता है कि पुलिस सेटअप के कर्ताधर्ता के रूप में कोई काकस हावी हो गया है जिसने किसी तिकड़म से मुख्यमंत्री का भरोसा जीत रखा है और इसका गलत फायदा उठाने में कसर नहीं छोड़ रहा। यह सही है कि संगठित अपराधों पर इस सरकार ने लगभग लगाम लगा दी गई है पर रोजमर्रा के अन्याय और भ्रष्टाचार को रोकने के दायित्व को लेकर यह सरकार वीतराग हो चुकी है। जबकि खतरनाक स्थितियों के निर्माण के लिए इस तरह की अनदेखी बीज का काम करती है। पुलिस में जब रिश्वत लेने की आदत को पनपने दिया जाता है तो भले ही पहले मामला सीमित रहे पर इसके बाद अनिवार्य रूप से लालच और दुस्साहस बढ़ने की परिणति तक स्थितियां पहुंच जाती हैं। फिर बड़ी रिश्वत का लालच जहां बढ़ा वहीं पुलिस संगीन से संगीन अपराधो में सहभागी तक बनने लगती है और यहीं से माफिया तंत्र को फिर से सिर उठाने का मौका मिल जाता है। इसलिए पुलिस रूटीन में भी ईमानदार रहे इसका संकल्प सरकार में अनिवार्य रूप से होना चाहिए।


काकस चला रहा सिस्टम? मोदी-योगी युग शुरू होने के पहले हमारे लोकतंत्र की दिशा कुछ और मानी जाती थी। यह धारणा थी कि सरकार आती जाती रहेगी लेकिन ऐसी स्थिति बनाई जाये जिससे सिस्टम राजनैतिक उठा पटक से अछूता रहकर अपना काम स्थापित नियमों और परंपराओं के मुताबिक करता रहे। जोर इस बात पर था कि सिस्टम को ज्यादा से ज्यादा कारगर बनाया जाये इसके लिए समय-समय पर संस्थागत मजबूती के कदम उठाये जाते रहें। तब हमारे रोल माडल अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस आदि यूरोपीय देशो की लोकतांत्रिक व्यवस्था थी। पर आज भले ही देश की मौजूदा सरकार कम्युनिष्ट चीन से वैचारिक तौर पर विपरीत ध्रुव पर हो पर व्यवहारिक तौर पर वह उसके वन पार्टी रूल के माडल को आत्मसात करने में लगी है। प्रशासनिक नार्मस से लेकर हर चीज को इस उद्देश्य के लिए झोंका जा रहा है। इसमें सिस्टम को निरपेक्ष तौर पर मजबूत किये जाने की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है। उत्तर प्रदेश में वह काकस जिसका केन्द्र शासन में है पुलिस सिस्टम को भी इस उद्देश का उपकरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और हावी नजर आ रहा है। इसलिए संस्थान को बाईपास करके पुलिस को संचालित करने की नई लीक शुरू की गई है। चर्चा इस बात की है कि पुलिस के मुखिया का पद अब कागजी बनाकर रखने की कोशिशें चल रही हैं जबकि विभाग का पूरा नियंत्रण कहीं और से होता है। इसी का असर है कि पुलिस में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती के लिए संबंधित जिम्मेदारी के अनुरूप अधिकारी की रूचि व क्षमता को आधार बनाने का रिवाज ओझल कर दिया गया है आशंका है कि इसके दूरगामी नतीजे सुशासन की संकल्पना पर भारी पड़ेंगे। वैसे कहा यह भी जाता है कि यह गड़बड़ियां तभी तक चल पायेंगी जब तक सीएम योगी को वस्तुस्थिति पता नहीं चलती। जिस दिन उन्हें पता चल जायेगा कोई अपने को उनका कितना भी चहेता क्यों न समझता हो उसे निपटाने में वे देर नहीं करेंगे।

केपी सिंह, जालौन टाइम्स

नियमों को ताक पर रखकर मदरसे में नियुक्तियों की तैयारी!

बिजनौर। मदरसा मिफ्ताह उल उलूम. चान्दपुर में नियमों को दरकिनार कर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में अनियमितता संबंधी जानकारी दी गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया गया है कि तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला बिजनौर द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक : 19.04.2022 में सहायक अध्यापक (तहतानिया). सहायक अध्यापक (फौकानिया), प्रवक्ता/मुदर्रिस, कनिष्ठ सहायक एवं प्रधानाचार्य के पदों का नियम विरूद्ध विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर शासन द्वारा मान्यता एवं सहायता प्राप्त एक अल्पसंख्यक मदरसा है। उक्त मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मौ0 जीशान एवं मदरसा प्रधानाचार्य द्वारा हमसाज होकर कूटरचित एवं षड्यन्त्र रच कर उक्त मदरसे के रिक्त पदों को जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर के साथ मिल कर पदों पर नियुक्तियां करना चाह रहें है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा निस्तर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है, कि अब मदरसों में भी नियुक्तियां MTET उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की ही नियमानुसार होनी है, जिससे मदरसे में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता के साथ साथ उच्चकोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके, परन्तु मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक, प्रधानाचार्य एवं जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर आपस में मिल कर अपने सगे सम्बन्धियों को नियुक्त करना चाह रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विभिन्न कारणें से भी उक्त विज्ञापन निरस्त होने योग्य है। इसकी क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि (01) मौ० जीशान प्रबन्धक / सेकरेट्री के चुनाव से सम्बन्धित एक वाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबद में याचिका संख्या 10898 / 2022 के अन्तर्गत लम्बित है, जबकि नियमानुसार कोई भी अधिकारी किसी मदरसे में नियुक्ति की अनुमति तभी प्रदान करता है, जब प्रबन्धक /सेकरेट्री प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित कोई वाद न्यायालय में लम्बित ना हो।

प्रतीकात्मक तस्वीर

(02) मदरसे में नियुक्ति से पूर्व किसी चयन समिति का गठन नही किया गया है, जबकि मदरसा नियमावली में उक्त चयन समिति के गठन का प्रावधान निहित है।

(03) शासन द्वारा नीतिगत निर्णय लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं, जिससे ज्ञात हुआ, कि शासन तीन वर्षों से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के स्थानान्तरण की नीति घोषित करने जा रही है। जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी बिजनौर जिले में तीन वर्ष से नियुक्त हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारी अपने स्थानान्तरण से पूर्व एक मोटी रकम एवं एक पद पर अपने परिचित की नियुक्ति के इरादे से जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं!

(04) विज्ञापन में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है, जबकि कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति हेतु P.E.T. परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बनाया गया है, जबकि विज्ञापन में उक्त परीक्षा का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि विज्ञापन को रद्द करने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया जाए। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन कार्यकारिणी का विस्तार

लखनऊ। रविवार को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के लखनऊ जिला अध्यक्ष लवकुश यादव द्वारा यूनियन की सक्रियता को औऱ अधिक गति प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव एवं राष्ट्रीय महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह तथा वीरेन्द्र रावत की स्वीकृति से जिले में चार जिला उपाध्यक्षों की घोषणा की गयी है। इनमें शैलेश साहू, भैया लाल यादव, मोहम्मद शोएब एवं वीरेन्द्र कुमार यादव को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

वन अप मोटर्स इंडिया प्रा. लि. ने चलाया यातायात जागरूकता अभियान

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा।

लखनऊ। जैसा कि आप अवगत है कि चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह (दिनांक 18.04.2021 से 24.04. 2022 तक) मनाया जा रहा है।

जनपद लखनऊ में सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारम्भ परिवहन मंत्री के कर कमलों द्वारा दिनांक 18-04-2022 को 1090 चौराहे पर किया गया है।

इस दौरान उनके द्वारा सप्ताह भर वृहद जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने संबंधी निर्देश दिए गए।

निर्देश का पालन करते हुए वन अप मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वहां के सेल्स मैनेजर सौरभ सिंह व अन्य कर्मचारियों द्वारा यह अभियान बड़े ही जागरूकता पूर्वक मनाया गया।

मलिहाबाद तहसील, मिर्जागंज चौराहा, मोहान रोड, मॉल रोड और अन्य जगहों पर जनता को बैनर और जागरूकता पत्रक के मध्यम से अवगत कराया गया और उनको सुरक्षा नियमों के बारे में बताया गया ।

आरसी फाउंडेशन संस्था ने किया जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरित

आर सी फाउंडेशन संस्था द्वारा जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरण किया गया

मलिहाबाद लखनऊ। आरसी फाउंडेशन सामाजिक संस्था के द्वारा संस्थापक डॉ मानुवेंद्र प्रताप सिंह व श्रीमती पुष्पा यादव के द्वारा स्वर्गीय रमेश चंद्र यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर मलिहाबाद के अमानीगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय, घुसौली प्राथमिक विद्यालय व मलिहाबाद प्राथमिक उपचार केंद्र पर फल, बिस्किट व कोल्ड ड्रिंक आदि जरूरत के सामान का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रुप से संस्था के संरक्षक शिव कुमार यादव, रिटायर्ड एडिशनल एसपी राहुल यादव, शशिकांत, सूर्यकांत, उज्जवल यादव, राहुल यादव प्रधान जी व संस्था से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

मुलायम-अखिलेश चाहते तो जेल के बाहर होते आजम: शिवपाल

शिवपाल यादव ने जेल मे आजम खान से मुलाकात कर की अहम चर्चा

लखनऊ (एजेंसी)। एक घंटे 20 मिनट की मुलाकात के बाद सीतापुर जेल से निकले शिवपाल यादव ने अखिलेश के साथ पहली बार मुलायम सिंह यादव पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नेताजी और अखिलेश यादव चाहते तो आजम खान जेल से बाहर होते। नेताजी ने कुछ नहीं किया, लोकसभा में भी मामला नहीं उठाया। वह चाहते तो धरना कर सकते थे।

सपा के अन्य मुस्लिम नेताओं के बदले रुख और जयंत चौधरी के आजम खान के परिजनों से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव की आजम से मुलाकात काफी अहम है। उन्होंने इस मुलाकात के बाद भविष्य में नए राजनीतिक समीकरणों की सुगबुगाहट शुरू कर दी है।
शिवपाल यादव ने साफ कहा है कि आजम साहब बड़े नेता है।

इससे पहले भी शिवपाल सिंह यादव आजम खान से मिलने सीतापुर जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर शिवपाल हमेशा से ही मुद्दा उठाते रहे हैं। शुक्रवार की मुलाकात के बाद शिवपाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आजम खान के लिए आंदोलन करना चाहिए था। वह विधानसभा में सबसे सीनियर लीडर हैं, लोकसभा और राज्य सभा में भी रह चुके हैं। सपा को आजम खान की बात सुननी चाहिए थी। लेकिन सपा संघर्ष करती नहीं दिखाई दी। शिवपाल ने अखिलेश का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के साथ आजम खान के लिए धरने पर ही बैठ जाते तो प्रधानमंत्री जरूर सुनते। पीएम नेताजी का सम्मान करते हैं। शिवपाल ने कहा कि बहुत छोटे-छोटे मुकदमे हैं।

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान बोलते हुए बच्चों ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ

काकोरी, लखनऊ। विकासखंड काकोरी के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली गई। कम्पोजिट विद्यालय खुशहाल गंज में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव एवं शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर स्कूल चलो अभियान की रैली को रवाना किया। कंपोजिट विद्यालय खुशहालगंज के बच्चों ने बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान, आधी रोटी खाएंगे पढ़ने रोज जाएंगे आदि नारे लिखी हुई तख्तियों को लेकर पूरी ग्राम पंचायत में अपनी प्रधानाध्यापक अंजलि सक्सेना, सरोज खरे, शुभ्रा महेश्वरी, इरम फातिमा, रूपा, इशरत परवीन, शैलजा गुप्ता मोबिना बानो अगम के साथ पूरे गांव में घूमते हुए विद्यालय में रैली का समापन किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने कहा कि गांव का एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित ना रहे; इसलिए गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए यह रैली प्रत्येक ग्राम पंचायत में निकाली जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय खुशहाल गंज, प्राथमिक विद्यालय गुरुदीन खेड़ा इंचार्ज अध्यापक अधिकार फातिमा, सुशील यादव, भटऊ जमालपुर प्राथमिक विद्यालय में बीनिश फातिमा, आनंद सिंह यादव, माधुरी यादव, खानपुर मऊ में जैनेंद्र सिंह आदि द्वारा रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अगले 15 दिन तक इसी तरह प्रत्येक विद्यालय में रैली निकाली जाएगी व 6 से 14 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में नामांकित किया जाएगा। उसके बाद हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि कहीं कोई बच्चा ऐसा तो नहीं है जो विद्यालय जाने से वंचित रह गया हो। यदि किसी गांव में ऐसा बच्चा मिलता है, तो उसके माता-पिता से बात करके उसकी उम्र के अनुसार उसे विद्यालय में नामांकित करा कर शिक्षित करने का कार्य किया जाएगा। सबको शिक्षा का अधिकार है, इसके लिए केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।

शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए लखनऊ जनपद के सभी शिक्षक तन, मन से कार्य कर रहे हैं। इसमें ग्राम प्रधानों का भी सहयोग मिल रहा है। इस बार सबसे अधिक नामांकन प्राथमिक विद्यालयों में होंगे और यह प्रयास किया जा रहा है कि प्राइवेट स्कूल से अच्छी शिक्षा प्राथमिक विद्यालय में दी जा सके। इसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, ब्लॉक महामंत्री महेंद्र कुमार एआरपीटीपी द्विवेदी व दर्जनों अभिभावकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

जनता दरबार में विधायक प्रतिनिधि ने सुनी लोगों की समस्याएं

विधायक प्रतिनिधि ने जनता दरबार लगाकर ब्लाक में सुनी लोगों की समस्याएं

मलिहाबाद/लखनऊ। जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने कहा कि विधानसभा के लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए हर प्रयास हो रहा है। विभागीय अधिकारियों को भी चाहिए कि वह सारी योजनाओं के बारे में लोगों को बताएं और उनका लाभ भी जनता को पहुंचाएं।

जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने ब्लाक सभागार में जन समस्याओं से रूबरू होने के लिए जनता दरबार में लोगों के बीच पहुंच कर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराने के लिए विभागों के अधिकारी भी पूरे ईमानदार तरीके से प्रयास करें। सरकार यदि कोई योजना को शुरू करती है तो उसका लाभ भी जनता को पहुंचना चाहिए। विधायक प्रतिनिधि ने तेज गति से विकास के लिए अधिकारियों को और बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा।

इससे पूर्व विधायक के जनता दरबार में बड़ी गड़ी, कटौली, रसूल पुर कटौली, सेंधरवा, रसूल पुर, बाके नगर, खड़व्वा लक्षण खेड़ा सहित दर्जनों गांवों के लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इनके समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को विधायक प्रतिनिधि विकाश किशोर आशु ने निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बेरोजगार युवाओं से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लाभ लेने के लिए कहा, जिससे वह अपना काम धंधा शुरू करें। जन सुनवाई के दौरान ब्लाक प्रमुख मीनू वर्मा, प्रधान संघ प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू, जितेंद्र शुक्ला प्रधान व समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक

झटका: हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक, सऊदी अरब सरकार ने लगाई पाबंदी, सर्कुलर जारी

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। 

फाइल फोटो

लखनऊ (एजेंसी)। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले बुजुर्गों की उम्मीदों को झटका लगा है। सऊदी हुकूमत ने शर्तों के साथ हज यात्रा 2022 के लिए हरी झंडी तो दे दी है लेकिन 65 साल से अधिक उम्र के हज यात्रियों पर रोक लगा दी है। ऐसे में प्रदेश से बुजुर्ग श्रेणी के करीब 300 से ज्यादा आवेदन निरस्त किए जाएंगे। 

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। नई गाइडलाइन के मुताबिक कोविडआरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही आवेदक हज यात्रा पर जा सकेगा। यह रिपोर्ट रवानगी से 72 घंटे पहले की ही मान्य होगी। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना भी जरूरी है, तभी यात्रा पूरी होगी। प्रदेश से 70 साल से ऊपर की बुजुर्ग श्रेणी में करीब 372 आवेदन हुए हैं।

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण काल में सऊदी हुकूमत ने दो साल से हज यात्रा पर पाबंदी लगा रखी थी। इन दो वर्ष में सिर्फ सऊदी अरब के स्थानीय लोग ही हज यात्रा में शामिल हो पाए। हिंदुस्तान के आजमीन आखिरी बार 2019 में हज यात्रा पर गए थे। हालांकि 2020 और 2021 में भी हज कमेटी ने आवेदन लिए थे, लेकिन सऊदी हुकूमत ने हज यात्रा की अनुमति नहीं दी। इस बार हज यात्रा के लिए सऊदी हुकूमत ने अनुमति दे दी है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगाईं हैं।

65 वर्ष पार वालों के आवेदन होंगे रद्द 

हज यात्रा 2022 के लिए इस बार देश भर से 92,381 आवेदन किए गए हैं। आवेदन के दौरान उम्र की कोई पाबंदी नहीं थी। अब हज यात्रा के लिए 65 वर्ष की पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों के आवेदन निरस्त होंगे।

22 तक हज आवेदन का मौका
हज आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए नई गाइडलाइन में आवेदकों को एक और मौका दिया गया है। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले अब 22 अप्रैल तक हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

रोडवेज बसों में यात्रियों से खुलेआम लूट !

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बसों में सफर करना यात्रियों के लिए बहुत बड़ी सिरदर्दी बनता जा रहा है। रोडवेज की बसों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री आते और जाते हैं। स्थिति यह है कि बसों के ठहरने से पहले ही पानी की बोतलें, चाय, जूस, ठंडा आदि बेचने वाले किशोर और युवक बसों में चढ़ जाते हैं। कई बार तो वह यात्रियों को उतरने तक नहीं देते। इस कारण यात्रियों को असुविधा होती है, खासतौर पर महिलाओं और युवतियों को सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ती है।

प्रतीकात्मक फोटो

भुक्तभोगियों के अनुसार यह किशोर और युवक बसों में धक्का-मुक्की करने से भी पीछे नहीं रहते। इस कारण दिन में कई बार कहासुनी होना आम बात हो गई है। इसके बावजूद रोडवेज के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे इनके हौसले बुलंद हैं।

रोडवेज के मुख्य प्रबंधक से करनी चाहिए शिकायत
रोडवेज के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखकर बस स्टैंड पर संचालित दुकानदारों की ओर से अवैध रूप से बसों के अंदर खाद्य सामग्री बेचने वाले पर रोक लगाने की मांग की जानी चाहिए। रोडवेज को आय देने वाले यात्री; बस के इंतजार में खड़े रहते हैं और बसों में सामान बेचने वाले कुर्सियों पर बैठे रहते हैं। यही नहीं यात्रियों द्वारा उन्हें उठाने पर ये लोग मारपीट और गाली-गलोंज पर उतर जाते हैं।

यह है मुख्य नियम
– कैंटीन/स्टॉलधारी अपने व्यवसाय का सामान अपनी शॉप के अंदर ही रखेगा।

किसी भी कैंटीन, स्टॉलधारी का प्रतिनिधि, वेण्डर हॉकर  सामान का विक्रय निगम वाहनों में घुसकर एवं प्लेटफार्म पर घूमकर नहीं करेगा। सामान का विक्रय स्टॉलधारी अपनी शॉप परिधि के अंदर ही कर सकेगा। उल्लंघन करने पर अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा।
– स्थान प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों की पालन पूर्ण रूप से करना होगा।

…और बेचेंगे भी महंगा- हालात इस कदर खराब हैं कि रोडवेज बसों में यात्रियों को हर सामान दोगुना तक कीमत अदा कर खरीदना पड़ता है। पानी की बोतल हो या चिप्स आदि सामान, सभी लगभग दोगुना दाम पर बेचे जाते हैं। मेरठ से बिजनौर की इस नंबर की बस में भी यही हुआ। नामी गिरामी कंपनी हल्दीराम के चिप्स के इस पैकेट पर निर्माण तिथि, मूल्य, बैच नंबर आदि कुछ भी नहीं लिखा हुआ है। ₹ 10 वाला ये पैकेट ₹20 का है।

CM योगी के ऑफिस का Twitter Account हैक

CM योगी के ऑफिस का Twitter Account हैक, प्रोफाइल फोटो भी बदला; हजारों लोगों को किए गए कई Tweets

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट शुक्रवार देर रात हैक कर लिया गया, हालांकि उसे थोड़ी ही देर बाद रिकवर कर ठीक कर लिया गया। हैक करने के बाद हैकर्स ने अकाउंट से हजारों लोगों को कई ट्वीट किए।

UP CMO Twitter handle gets hacked; account partially restored, tweets  removed - India News

उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडिल से शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मुख्यमंत्री कार्यालय का ट्विटर अकाउंट कल देर रात हैक कर लिया था। हैकर्स ने इस अकाउंट से कुछ ट्वीट भी पोस्ट किये। हैक किये गये अकाउंट को साइबर विशेषज्ञों की मदद से तुरंत रिकवर कर लिया गया।

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर
मंत्री जेपीएस राठौर ने की भंडारण निगम के अधिकारियों संग बैठक


लखनऊ। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने शुक्रवार को यूपी राज्य भंडारण निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों व वरिष्ठ अधिकारियों संग बैठक कर निगम की मासिक प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निगम को सुचारू रूप से चलाने के दिशा निर्देश दिए गए।

राठौर ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने अधीनस्थ सभी केंद्रों का माह में एक बार विधिवत निरक्षण करने का आदेश दिया। साथ ही निगम की भंडारण क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के दृष्टिगत साइलों व पीईजी के गोदामों का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अपने कार्यों का आगामी 5 वर्षों के लिए तैयार किये गए रोड मैप का क्रियान्वयन निर्धारित समय पर किया जाए। निगम कार्यों को पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत समस्त केंद्रों का ऑनलाइन डिपो सिस्टम से इस प्रकार जोड़ा जाए कि उसकी सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग प्रधान कार्यालय पर की जाए। समस्त भण्डार गृहों को सोलर पैनल से संचालित किए जाने की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए। बैठक में भंडारण एमडी श्रीकांत गोस्वामी, विशेष कार्याधिकारी धीरज चंद्रा, महाप्रबंधक संजीव कुमार आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।

गौरैया संरक्षण के प्रति छात्र छात्राओं को किया गया जागरूक

लखनऊ। राजधानी के राजाजीपुरम ए- ब्लॉक स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम द्वारा नन्ही गौरैया के संरक्षण प्रति आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह ने छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र, काकून के पैकेट, व कृत्रिम घोंसले का वितरण किया गया।
मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू ने डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह व विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती भारती गोसाई को पौधा भेंट कर स्वागत किया।


डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया का पर्यावरण में अपना महत्व है। नन्ही गौरैया उन कीटों को खाती है, जो हम सबके के लिए नुकसानदायक है। मनुष्य पेड़ों की कटाई करने लगा और समय के साथ – साथ गौरैया की प्रजाति नष्ट होने लगी। गौरैया ज्यादातर पेड़ों पर अपना घोसला बनाकर रहती थी, लेकिन पेड़ों की कटाई होने से वो अपना घोसला नहीं बना पाती हैं और उनको रहने के लिए उचित जगह नहीं मिल रही हैं |
कई लोग अपने खेती की फसलों पर हानिकारक दवाइयों का उपयोग करते हैं, आब कीड़ों को खाने से उनकी मृत्यु होने लगी हैं। पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण भी गौरैया की प्रजाती नष्ट हो रही हैं। इन पक्षियों की प्रजाति विलुप्त होने के कारण प्रकृति की सुंदरता गायब हो रही है। नन्ही गौरैया संरक्षण के प्रति सभी को आगे आना होगा।


वहीं पक्षी प्रेमी महेश साहू ने कहा कि नन्ही गौरैया घर के आंगन एवं खेत खलिहानों में अक्सर चहचहाहट करती नजर आया करती थी। घर के आगंन में बिखेरे अनाज के दानों को अपनी चोंच में दबाकर अपने घोसले की तरफ उड़ान भरने के नजारे अधिक पुराने नहीं हैं। लेकिन इंसान के अपने स्वार्थ की वजहों से आज नन्ही गौरैया की प्रजाति पूर्ण खतरे में पड़ चुकी है, अक्सर घर के बच्चों की तरह आंगन में उछल कूद मचाने वाली गौरैया मनुष्य की सहजीवी पक्षी जाति रही है‌। हमारे शहरीकरण एवं प्रकृति के साथ स्वार्थ के खेल ने इसे अपने घर से बेघर कर दिया है। अभी भी समय है हम नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आएं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र छात्राओं व अन्य लोगों ने नन्ही गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले लगा कर उसके आशियाने के लिए सुरक्षित स्थान देने के साथ ही इस तपती गर्मी में कोई पक्षी भूख व प्यास से काल के गाल में ना समाए, इसके लिए अपनी छतों व घर के आसपास मिट्टी के पात्र में पानी, दाना काकून रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी सिटी, डिप्टी रेंजर विनीत प्रकाश श्रीवास्तव, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, रामधीरज व विधालय के अध्यापक व अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

बलिया के डीएम एसपी को सस्पेंड करने की मांग को लेकर पत्रकार का धरना

लखनऊ (bhadas4media)। बलिया में पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में, राजधानी के पत्रकारों को जगाने के लिए जीपीओ पर गांधी प्रतिमा के नीचे एकदिनी सांकेतिक धरने पर राजीव तिवारी बाबा बैठे।

पत्रकार राजीव बाबा ने कल आह्वान किया था कि जिन पत्रकार साथियों, संगठनों को लगता है कि इस मुद्दे पर बलिया के जुझारू पत्रकार साथियों का साथ देना चाहिए वे समर्थन करने आ सकते हैं।

राजीव कहते हैं- मेरी मांग है कि योगी सरकार बलिया में नकल रोकने में असफल और अपनी नाकामी छुपाने के लिए खबर उजागर करने वाले पत्रकारों को ही साजिशन जेल भेजने वाले बलिया के डीएम एसपी को तत्काल निलंबित करे और निर्दोष पत्रकारों को अविलंब रिहा करे।

…और लाइन में लग कर हेल्थ मिनिस्टर ने जाना महकमे का स्वास्थ्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में डिप्टी सीएम एवं चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य मंत्री का कार्यभार संभालने वाले कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने केजीएमयू पहुंचकर वहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर डिप्टी सीएम खुद लाइन में लगे और मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि तमाम चौकसी के बावजूद स्वास्थ्य कर्मी डिप्टी सीएम को पहचान गए और अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अचानक केजीएमयू अस्पताल पहुंच गए और वहां पर खुद मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर खुद लाइन में लगे डिप्टी सीएम ने मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मिली बदइंतजामी पर डिप्टी सीएम ने गहरी नाराजगी जताई। वहीं पंजीकरण के लिए केजीएमयू के नंबर पर फोन करने वाले मरीजों की कॉल रिसीव नहीं होने पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की जमकर क्लास लगाई।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ने अगले 24 घंटे के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किए जाने की चेतावनी दी। कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कई बार पंजीकरण के लिए दिए गए नंबर पर अपने फोन से कॉल की, परंतु हर बार नंबर बिजी बताता रहा, इससे नाराज होकर वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक्सचेंज में पहुंच गए। वहां सिर्फ दो लाइन पर बात हो रही थी। बाकी 10 लाइनें खाली पड़ी हुई थी। इस पर डिप्टी सीएम का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एजेंसी को हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब एजेंसी को प्रति कॉल रिसीव करने के हिसाब से भुगतान किया जाए। ओपीडी में कुर्सियों पर मिली गंदगी और उनके टूटे होने पर भी उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।

कोई भी बच्चा न रहे शिक्षा से वंचित: मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा

स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा

हरदोई (भरावन)। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्‍च‍ित करने के लिए उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार चार अप्रैल को श्रावस्ती जिले से ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा हरदोई के अतरौली गांव कम्पोजिट विद्यालय में हरदोई बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल चलो अभियान के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप पहुंचे। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में शत प्रतिशत बच्चों का स्कूल में नामांकन होने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया और कहा मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ का संकल्प है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा के भविष्य को आकार देने और प्राथमिक विद्यालयों के समग्र विकास की दिशा में एक प्रयास होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कम साक्षरता दर वाले जिलों को प्राथमिकता दी जाए और राज्य के प्राथमिक स्कूलों को बेहतर सुविधाओं से लैस किया जाए।वहीं मुख्य सचिव ने संभ्रांत लोगो से एक-एक स्कूल गोद लेने की अपील की। इस पर अतरौली निवासी प्रदीप सिंह ने एक स्कूल गोद लेने का निर्णय लिया। इस मौके पर जिलाधिकारी हरदोई अविनाश सिंह, सीडीओ, बीएसए, बीईओ भरावन, एसडीएम संडीला, अतरौली शिक्षक संघ अध्यक्ष हरिशंकर, एआरपी रमेश कुमार, अरूण शर्मा, स्वाति सिंह, ग्राम सचिव महुआडांडा व अतरौली पूर्व प्रधान उमा सिंह, जितेंद्र सिंह,  दीनू सिंह चौहान, खसरौल प्रधान अभयराज सिंह, बीईओ कार्यालय भरावन कम्प्यूटर आपरेटर दिनेश कुमार, अनुराग सहित सैकड़ों लोगों ने स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में बढ चढ कर हिस्सा लिया।

UP के 28 लाख पेंशनरों को मिलेगा 34 % DA, DR का लाभ!

लखनऊ। प्रदेश के करीब 16 लाख कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनरों को जल्द ही महंगाई भत्ते और महंगाई राहत बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है। उम्मीद है कि मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ बढ़े हुए डीए व डीआर का भुगतान भी होगा। प्रदेश का वित्त विभाग इसके लिए तैयारियां कर रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए तीन फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा केंद्रीय कैबिनेट ने कर दी है। केंद्र के आदेश के बाद ही यूपी में भी बढ़ा डीए व डीआर दिया जाता है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, प्रदेश में तीन फीसदी वृद्धि होने पर कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए व डीआर 34 फीसदी हो जाएगा। अभी 31 फीसदी मिल रहा है। तीन फीसदी डीए के थाना पिल का लाभ दिए जाने पर सालाना 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।

दूसरी बार UP के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ

केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी ली उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ

लखनऊ (एजेंसी)। योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने योगी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर केशव प्रसाद और ब्रजेश पाठक ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

केशव प्रसाद मौर्य ने दोबारा सूबे के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद भाजपा आलाकमान ने उन पर भरोसा बनाए रखा है। वहीं कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। पार्टी में ब्रजेश पाठक का कद बढ़ाया गया है। तय हो गया है कि भाजपा अब ब्राह्मणों की लीडरशिप में बदलाव कर रही है।

Yogi Adityanath takes oath as UP chief minister for second time | Latest  News India - Hindustan Times

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा को योगी आदित्यनाथ के रूप में विधायक दल का नेता भी दोबारा मिला है। भाजपा का फोकस मिशन 2024 पर है, इसको देखते हुए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल 2.0 में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण के साथ पुरानी कैबिनेट में रहे कुछ विधायकों का सम्मान भी बरकरार रखा गया है।

उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। स्वतंत्र देव सिंह को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री बनाया गया है। वह यूपी भाजपा अध्यक्ष हैं।

शाहजहांपुर से विधायक सुरेश कुमार खन्ना को योगी कैबिनेट में जगह मिली है। इसके अलावा योगी सरकार में सूर्य प्रताप शाही ने भी शपथ ली है। शाही को भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। नंद गोपाल नंदी को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जगह मिली है। नंदी प्रयागराज दक्षिण सीट से विधायक चुने गए हैं। नंदी तीसरी बार विधायक बने हैं।

मैनपुरी विधानसभा से विधायक जयवीर सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है। जयवीर मुलायम और मायावती सरकार में भी मंत्री रहे हैं। मथुरा के लक्ष्मी नारायण चौधरी को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। वह छाता विधानसभा से पांच बार विधायक और मायावती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

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इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह मंच पर मौजूद हैं। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद हैं।

नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना वितरण की डेट बढ़ी

लखनऊ। नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना का वितरण अब 28 मार्च तक होगा। तमाम कोटे की दुकानों तक चना, तेल व नमक न पहुंच पाने के कारण सरकार ने वितरण की तारीख को दूसरी बार पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अभी तक राशन का वितरण 23 मार्च तक निर्धारित था। 

सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक होगा वितरण 

डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राशन का वितरण सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन (15 किलो चावल व 20 किलो गेहूं) और पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री में वितरित किया जाएगा। साथ ही एक लीटर तेल, एक किलो नमक व एक किलो चना भी नि:शुल्क वितरित होगा।

नि:शुल्क तेल, नमक व चना का अंतिम माह 

नि:शुल्क तेल, नमक व चना के वितरण का यह अंतिम माह है। सरकार प्रदेश भर के सभी अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को दिसम्बर 2021 से नि:शुल्क तेल, नमक ,चना व राशन उपलब्ध करा रही है। राशन व तेल, नमक, चना के नि:शुल्क वितरण का समय इस माह पूरा हो रहा है।  

28 को भी ओटीपी से राशन वितरण  

वितरण की तारीख दोबारा बढ़ने के बाद अब 28 मार्च को भी ओटीपी के जरिए राशन मिलेगा। ऐसे कार्डधारक जिनका ईपॉश मशीन पर उंगलियों के निशान का मिलान नहीं हो पाता है, ऐसे कार्डधारकों को ओटीपी सत्यापन के जरिए राशन दिया जाता है।  

अब इन लोगों के खाते में आयेंगे गैस Subsidy के पैसे

958 रूपये पहुंचा गैस सिलेंडर का दाम, सरकार ने शुरू की सब्सिडी, अब इन लोगों के खाते में आयेंगे Subsidy के पैसे

LPG Subsidy: घरेलू गैस सिलेंडर की महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम आदमियों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने एक आंतरिक मूल्यांकन किया था जिसके परिणाम मिले थे कि उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए ₹1000 तक दे सकता है। घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने एक नया प्लान बनाया है।

इस प्लान के अंतर्गत सरकार बिना सब्सिडी के सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर देगी या चुने हुए उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी का लाभ देगी। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसको लेकर सरकार नए से नए प्लान बना कर उन पर अमल करना चाह रही है।

सरकार ने दिया नया प्लान

घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी देने के बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया है। कई लोगों का मानना है कि 10 लाख रुपए इंकम का नियम सरकार जारी रखेगी। इसके अलावा सरकार उज्जवला योजना के उपभोक्ताओं की सब्सिडी लागू रखेगी। वहीं अन्य उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ बंद किया जा सकता है। सरकार ने पिछले कई महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी चालू कर दी थी।

आसमान छू रही घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत

पिछले कुछ सालों से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा पिछले साल यानी कि 2021 से गैस सिलेंडरों की कीमत में कुछ ज्यादा ही उछाल दर्ज की गई है। इस कारण आम आदमियों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। आम आदमी को घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में और ज्यादा उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इससे आम आदमियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।

योगी पार्ट-2 के लिये सजाया गया लखनऊ

  • हवाई अड्डे से स्टेडियम तक के चौराहों का रंग-रोगन किया जा रहा है
  • 12 ब्लाक में विभाजित किया गया है स्टेडियम

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को एकबार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण समारोह अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium) में आयोजित किया जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूरे स्टेडियम में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए जा रहे हैं. इन पोस्टर्स पर योगी सरकार 2.0 का नया नारा भी दिया गया है. 

पोस्टर्स पर लिखा है, ‘हम निकल पड़े है प्रण करके, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने को, शपथ राष्ट्रवाद की, सुशासन,सुरक्षा की,विकास की.’

पीएम मोदी, साधु, संत और उद्योगपति होंगे शपथ ग्रहण में शामिल

योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उद्योगपति, साधु संत व समाजसेवी भी शिरकत करेंगे. इतने भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विभागों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला प्रशासन, एलडीए, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस समेत सभी विभागों को शपथ ग्रहण समारोह में अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है और सभी के नोडल अफसर बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे राजनेताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

गमले और लाइटों से सजाए जा रहे हैं चौराहे

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम तक का इलाका 25 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे वीवीआईपी इलाका होगा. एयरपोर्ट से लेकर इकाना स्टेडियम तक हर चौराहा हर गली पर साफ सफाई सजावट की व्यवस्था की गई है. स्टेडियम के पूरे रूट पर लगभग 5000 छोटे-बड़े गमले रखे गए हैं. ट्रैफिक के सिग्नल को ठीक कर दिया गया है, सड़कों पर रंग रोगन किया जा रहा है. चौराहे पर बने फव्वारों को गमले और लाइटों से सजाया जा रहा है. जिसमें 2000 से अधिक स्पाइनल लाइट 200 से अधिक पेड़ों पर झालर की लाइटें लगाई गई हैं. लखनऊ नगर निगम ने इकाना स्टेडियम के पूरे इलाके को 12 ब्लॉक में विभाजित कर चार अधिकारियों को तैनात किया है, जो पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था पानी की व्यवस्था देखेंगे.

5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था

लखनऊ जिला प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है. तीन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. इकाना स्टेडियम के ठीक सामने पलासियो मॉल के मैदान पर लगभग 5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है. मेदांता अस्पताल के पास 1000 बसों के खड़े करने की व्यवस्था की गई है. वहीं, चक गंजरिया के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है. प्रधानमंत्री व तमाम अन्य वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर से आने के लिए 3 हेलीपैड बनाए गए है. पीएम मोदी का विशेष विमान इकाना स्टेडियम के ठीक पीछे बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उतरेगा. इसके अलावा दो हेलीपैड पुलिस कंट्रोल रूम के पास बनाया गया है जिसको जरूरत के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा.

मेहमानों के रुकने का खास इंतजाम

आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिये राज्य संपत्ति विभाग ने सरकार के सभी 5 वीआईपी और वीवीआईपी गेस्ट हाउस, साकेत, यमुना, गोमती, सरयू, और नैमिषारण्य गेस्ट हाउस बुक कर दिए हैं. इन सभी सरकारी गेस्ट हाउस में लगभग 1500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी व बिजली विभाग के भी गेस्ट हाउस बुक कराए गए हैं. सरकारी गेस्ट हाउस के साथ-साथ लखनऊ शहर के होटलों को भी बुक कराया गया है. गैर जनपद से आने वाले पुलिस अफसरों के लिए हजरतगंज, गोमती नगर, विभूति खंड, सरोजिनी नगर, हुसैनगंज, नाका इलाके में 200 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं.

दिव्य और भव्य होगा योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल है. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की कोई कमी छोड़ने के मूड में नहीं है. समारोह में 200 विशिष्ट समेत करीब पच्चास हज़ार लोगों के शामिल होने की सम्भावना है. वही खबर है कि तमाम विपक्ष के बड़े चेहरों को भी इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में बुलाया गया है. भाजपा की तैयारी जोरों पर है. कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी दलों के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया है. वही इस शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में जुटी हुई है.

अखिलेश यादव ने शपथ ग्रहण को कहा-

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाने को लेकर कहा है कि अभी इस विषय पर कुछ सोचा नहीं है और मुझे नहीं नहीं लगता कि मैं जाऊंगा और ना ही मुझे बुलाया जायेगा. वहीं अखिलेश यादव का कहना है गठित होने वाली नई सरकार ने पहले भी काम नहीं किया तो अब आगे कैसे करेगी. 2017 में योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश उपस्थित हुए थे जहां पर मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करते हुए एक तस्वीर काफी चर्चा का विषय बानी थी.

मायावती ने दिया ये जवाब-

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी इस शपथ ग्रहण में जाने को लेकर को ठोस जानकारी नहीं दी है. हालाँकि पिछले दिनों एक ट्वीट में उन्होंने सपा और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि मुलायम सिंह यादव ही भाजपा से अखिलेश यादव को आशीर्वाद दिलाते हैं.

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से अभी किसी प्रकार का बयान सामने नहीं आया है. लेकिन योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत अन्य कई नेताओं को बुलाया गया है.

गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल को लेकर खबर आ रही है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं व युवाओं को ज्यादा तवज्जो दी जा सकती है. बता दे कि योगी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम 25 मार्च को लखनऊ स्थित इकाना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जहाँ पर तैयारियां जोरों पर है. साज सज्जा के साथ अन्य सभी तैयारी की जा रही है. भाजपा इस कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और यही कारण है कि जनमत आने के इतने दिनों बाद शपथ ग्रहण का कार्यक्रम किया जा रहा है।

इकाना में लगाई गई अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीन

इकाना में 80×40 की एलईडी स्क्रीन लगाई गई

समारोह को दिव्य और बनाया जा रहा

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ इकाना का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, जेपीएस राठौर, अश्वनी त्यागी, अमरपाल मौर्य रहे मौजूद

दिग्गज उद्योगपति, सिने सितारे भी इन्वाइट- योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा मुकेश अंबानी ,गौतम अदानी, आनंद महिंद्रा सहित दर्जनों उद्योगपतियों को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया है। वहीं बॉलीवुड में अक्षय कुमार, कंगना राणावत, अजय देवगन, बोनी कपूर, अनुपम खेर, विवेक अग्निहोत्री सहित कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर और कलाकारों को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए निमंत्रण भेजा गया है।

सीआरसी लखनऊ एवं डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन ने आयोजित किया दिव्यांगजन रोज़गार मेला

लखनऊ सी.आर.सी. लखनऊ के प्रांगण में स्थित पुनर्वास एवं छात्रावास भवन में डॉक्टर रेड्डी फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रोज़गार मेले का आयोजन किया गया।

उत्तर प्रदेश के भिन्न-भिन्न जिलों एवं अन्य प्रदेशों के दिव्यांग प्रतिभागियों ने रोज़गार मेले में प्रतिभाग किया। डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन एवं सी.आर.सी. लखनऊ की ओर से कुल 18 कम्पनियों (रिलायंस ट्रेंड्स, क्वीस क्वार्प लिमिटेड, अदान सॉल्यूशन प्राईवेट लिमिटेड, प्रणव एसोसिएट्स, जी.वी.के.ई.एम.आर.आई., स्टारटेक, वॉव मोमोज़, होटल कम्फर्ट विस्टा, डायल 112 टेक महिन्द्रा, होटल लेमन ट्री, सिटी कार्ट, सॉपर्स स्टॉप, टाटा क्रोमा, टेक्नो टास्क, बिजनेस सॉल्यूशन, बजाज कैपिटल, के.एफ.सी., इम्रोल्ड मैनेजमेन्ट सर्विस प्राईवेट लिमिटेड एवं बिग बास्केट) ने 250 से अधिक दिव्यांगजनों का साक्षात्कार किया तथा उनमें से लगभग 150 से अधिक दिव्यांगजनों को रोज़गार के अवसर प्रदान किये गये।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश पाण्डेय, निदेशक सी.आर.सी. लखनऊ ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक भागीदारी हेतु अत्यन्त ही आवश्यक हैं। सी.आर.सी. लखनऊ नित-नवीन गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांगजनों के कुशल संवर्द्धन एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुये समाज में दिव्यांगजनों की महत्ता को स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन की ओर से  कौशल कुशवाहा ने आये हुए सभी दिव्यांगजनों, कम्पनियों के प्रतिनिधियों एवं सी.आर.सी. लखनऊ के समस्त कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि भविष्य में भी सी.आर.सी. लखनऊ के अभिनव प्रयासों के साथ मिलकर दिव्यांगजनों के हितार्थ क्रियाकलापों का क्रियान्वयन करते रहेंगे।

शिवपाल सिंह यादव से महानगर अध्यक्ष ने की चर्चा

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से महानगर अध्यक्ष मुर्तुजा अली ने मुलाकात की। इस अवसर पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

सोमवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष व प्रवक्ता जनाब मुर्तज़ा अली ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से प्रदेश कार्यालय लखनऊ में मुलाकात की।

अहम मीटिंग जल्द- इस मौके पर पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। इसके लिए एक अहम मीटिंग जल्दी ही केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर बुलाई जाएगी।

ये रहे मौजूद- मीटिंग में संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश व नगर के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। महानगर अध्यक्ष मुर्तुजा अली के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता एडवोकेट बदरुल हसन, प्रेम प्रकाश वर्मा, मोहम्मद फरहान, अमन मिश्रा, शमीम सिद्दीकी आदि लोग उपस्थित थे।

UP MLC चुनाव: बीजेपी-सपा के प्रत्याशियों में ठाकुर-यादवों का जोर, दोनों की लिस्ट से दलित Out!


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा के बाद विधान परिषद चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा ने अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं. दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने एमएलसी चुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. विधान परिषद चुनाव में बीजेपी ने जहां सबसे ज्यादा ठाकुर समुदाय के उम्मीदवारों पर दांव लगाया है तो वहीं, सपा ने यादव समुदाय पर भरोसा जताया है. हालांकि, बीजेपी और सपा दोनों ने ही दलित समुदाय से किसी को भी एमएलसी का प्रत्याशी नहीं बनाया है.

बीजेपी का ठाकुर-ओबीसी पर दांव
स्थानीय निकाय क्षेत्र की 36 विधान परिषद सीटों में से बीजेपी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने सपा और कांग्रेस से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है तो सियासी समीकरण को साधने का दांव भी चला है. जातीय समीकरण के लिहाज से बीजेपी ने सबसे ज्यादा ठाकुर और पिछड़ा वर्ग पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. बीजेपी ने 16 ठाकुर, 11 पिछड़े, 5 ब्राह्मण, 3 वैश्य और 1 कायस्थ को एमएलसी का टिकट दिया है.

सपा ने साधा ऐसे सियासी समीकरण
वहीं, समाजवादी पार्टी 36 एमएलसी सीटों में से 34 सीटों पर खुद चुनावी मैदान में है तो 2 सीटें सहयोगी दल आरएलडी के लिए छोड़ी हैं. सपा ने सबसे ज्यादा 19 यादव समुदाय के प्रत्याशी बनाए हैं और इसके बाद चार अन्य ओबीसी को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा चार मुस्लिम, तीन ठाकुर, तीन ब्राह्मण और एक जैन समुदाय के नेता को विधान परिषद का टिकट दिया है. इस तरह से सपा ने अपने सियासी समीकरण साधने का दांव चला है.

सपा के 19 यादव एमएलसी कैंडिडेट
सपा ने एमएलसी चुनाव के लिए लखनऊ-उन्नाव सीट से सुनील सिंह साजन, बाराबंकी से राजेश कुमार यादव, इलाहाबाद से वासुदेव यादव, बहराइच से अमर यादव, वाराणसी से उमेश कुमार यादव, पीलीभीत-शाहजहांपुर से अमित यादव, प्रतापगढ़ से विजय बहादुर यादव, आगरा-फिरोजाबाद से दिलीप सिंह यादव, गोरखपुर-महराजगंज से रजनीश यादव, सीतापुर सीट से अरुणेश कुमार यादव, रायबरेली से वीरेंद्र शंकर सिंह यादव, मथुरा-एटा-मैनपुरी से राकेश यादव को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, आजमगढ़-मऊ से राकेश कुमार यादव, जौनपुर से मनोज कुमार यादव, झांसी-जालौन-ललितपुर सीट से श्याम सुंदर यादव, कानपुर-फतेहपुर सीट से दिलीप सिंह यादव, इटावा-फर्रुखाबाद से हरीश कुमार यादव, बस्ती-सिद्धार्थनगर से संतोष सनी यादव सनी, अलीगढ़ से जयवंत सिंह यादव और फैजाबाद से हीरालाल यादव को प्रत्याशी बनाया है.

सपा का मुस्लिम- ब्राह्मण- ठाकुर- ओबीसी समीकरण
सपा ने मुस्लिम समुदाय से रामपुर-बरेली सीट से मसकूर अहमद, देवरिया-कुशीनगर से गोरखपुर के चर्चित डॉ. कफील खान, हरदोई से रजीउद्दीन और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर से मो. आरिफ को टिकट दिया. बांदा- हमीरपुर से आनंद कुमार त्रिपाठी, गोंडा से भानु कुमार त्रिपाठी और गजीपुर से भोलानाथ शुक्ला को प्रत्याशी बनाया. बदायूं से सिनोज कुमार शाक्य, खीरी से अनुराग वर्मा, बलिया से अरविंद गिरी, सुल्तानपुर से शिल्पा प्रजापति को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, सपा ने ठाकुर समुदाय के तौर पर मुरादाबाद-बिजनौर से अजय प्रताप सिंह, मिर्जापुर-सोनभद्र रमेश सिंह और मथुरा-एटा-मैनपुरी से उदयवीर सिंह को टिकट दिया है।

बीजेपी की लिस्ट में तीन महिलाएं भी– बीजेपी ने एमएलसी चुनाव में ठाकुर और ओबीसी की जातियों पर दांव खेला है. एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा ने सबसे ज्यादा भरोसा ठाकुर समुदाय पर किया है. एमएलसी उम्मीदवारों सूची में 16 ठाकुर, 5 ब्राह्मण, 11 पिछड़े, तीन वैश्य, एक कायस्थ वर्ग का प्रत्याशी है. ओबीसी में तीन यादव, एक सैनी, दो जाट, दो कुर्मी, एक कलवार, एक नाई, एक गुर्जर का सूची में नाम है. तीन महिलाओं को भी भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी के सियासी समीकरण को देखे तो ओबीसी के तमाम जातियों का साधने का दांव चला है.

दल-बदलुओं पर खेला बीजेपी ने दांव
बीजेपी ने कांग्रेस और सपा से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है. सपा से भाजपा में आए शैलेंद्र सिंह को सुल्तानपुर से, सीपी चंद को गोरखपुर-महराजगंज से, रवि शंकर पप्पू को बलिया से, नरेंद्र भाटी को बुलंदशहर से तो रमा निरंजन को झांसी-जालौन सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा कांग्रेस से आए दिनेश प्रताप सिंह को रायबरेली और निर्दलीय जीत रहे चंचल सिंह को गाजीपुर से एमएलसी का कैंडिडेट घोषित किया है. ऐसे ही बसपा से आए बृजेश सिंह को भी कैंडिडेट बनाया है. बीजेपी ने तीन महिला कैंडिडेट उतारे हैं, जिनमें रमा निरंजन, डॉ. प्रज्ञा और वंदना मुदित वर्मा है.

UP: योगी सरकार की रडार पर कई IAS-IPS अधिकारी….

चुनाव में सपा को फायदा पहुंचाने के प्रयास का लगा है आरोप !!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ होली के बाद 21 मार्च को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनके साथ कैबिनेट के सहयोगी भी शपथ लेंगे। वहीं, कहा जा रहा है कि सरकार बनने के बाद नौकशाही में बड़े बदलाव होंगे। कैबिनेट के गठन के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अफसरों को बदले जाने की तैयारी है। वहीं, सीएम कार्यालय यानी पंचम तल में भी अफसरों को बदला जा सकता है।


चुनाव के दौरान मिली थी अफसरों की शिकायत –
चुनाव के दौरान जिन अफसरों के बारे में शिकायतें मिली थीं, उन्हें शासन से लेकर जिलों से हटाया जाएगा। दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खबरे तेजी से वायरल हुई थीं कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इसके कुछ अफसरों ने समाजवादी पार्टी में अपने पुराने कनेक्शन को लेकर वहां के बड़े नेताओं को साधने की तैयारी कर ली थी। हालांकि, कुछ अफसरों के बारे में ये भी कहा जा रहा था कि उन्होंने बैकडोर से समाजवादी पार्टी को फायदा पहुंचाया।

केंद्र से बुलाए जा सकते हैं अधिकारी….

फिलहाल केंद्र में यूपी कैडर के कई अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, राज्य में भी आईएएस और आईपीएस अफसरों की कमी है। ऐसे में राज्य सरकार आने वाले दिनों में कुछ अफसरों को वापस राज्य में बुला सकती है। इसके साथ ही राज्य में अन्य राज्य के भी आईएएस और आईपीएस इंटरस्टेट डेप्यूटेशन पर आ सकते हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि राज्य में पिछली योगी सरकार में कई अफसर डेप्यूटेशन पर आए थे और कई अफसरों ने इसके लिए केंद्र सरकार को आवेदन किया था !!

यूपी: सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी बुजुर्ग महिलाएं; सर्वे पूरा, आज भेजी जाएगी रिपोर्ट

लखनऊ। शासन ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने सफर करने वाली इस आयु वर्ग की महिलाओं का सर्वे करने का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी गई है कि उनकी बसों में रोजाना कितने यात्री सफर करते हैं? उनमें सीनियर सिटीजन महिलाओं की संख्या कितनी होती है? क्षेत्रीय प्रबंधक आज सोमवार को यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे।

₹99: महीने में चाहे जितनी बार करें सफर-
प्रमुख सचिव (परिवहन) राजेश कुमार सिंह ने बीते शुक्रवार को अफसरों के साथ बैठक कर सीनियर सिटीजन महिलाओं को मुफ्त बस सफर कराने का निर्देश दिया था। मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है। परिवहन निगम ने राजस्थान की तर्ज पर मुफ्त बस सफर कराने की तैयारी शुरू की है।

समाज कल्याण विभाग से मंगाया पेंशनर्स का ब्योरा-
प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या के लिए समाज कल्याण विभाग से पेंशनर्स का ब्योरा मंगाया गया है। बुजुर्ग महिलाएं साधारण बस ही नहीं, एसी सेवा में भी मुफ्त सफर की सुविधा पाएंगी। यानी वे वॉल्वो, स्कैनिया, जनरथ, महिला स्पेशल पिंक स्पेशल, शताब्दी में सफर कर सकेंगी। साथ ही, सीनियर सिटीजन महिलाओं को बस अड्डे अन्य सहूलियतें दी जाएंगी। इन महिलाओं को मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है।

भाजपा को हराने के लिए सपा की तरफ शिफ्ट हुआ मुस्लिम वोट

लखनऊ (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयी और कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा लेकिन इनका पूरा वोट भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया। बसपा को इसी की सजा मिली। भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने बार-बार आजमाई पार्टी बसपा से ज्यादा सपा पर भरोसा करने की बड़ी भारी भूल की है।

विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बात करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती मीडिया के सामने आई। चुनाव में मिली भाजपा की जीत और बसपा, कांग्रेस की हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा और सपा पर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को सपा के गुंडाराज से बचने के लिए एकतरफा वोट दिया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा परन्तु इनका पूरा वोट समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया। इससे बसपा को भारी नुकसान हुआ।

मायावती ने पार्टी कार्यकताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा की उम्मीद के विपरीत जो नतीजे आए हैं उससे बुरा और क्या हो सकता है ?. लेकिन इससे घबराकर और निराश होकर पार्टी के लोगों को टूटना नहीं है। उसके सही कारणों को समझकर और सबक सीखकर हमें अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना है और आगे चलकर सत्ता में जरूर आना है।

उन्होंने कहा कि सपा ने यह प्रचारित किया कि बसपा भाजपा की बी-टीम है। बसपा, सपा के मुकाबले से कम मजबूती से चुनाव लड़ रही है जबकि सच इसके विपरीत है। कहा कि बसपा की भाजपा से लड़ाई राजनीतिक के साथ-साथ सैद्धान्तिक भी है। अगर मुस्लिमों का वोट एकतरफा सपा में नहीं जाता तो यूपी का चुनाव परिणाम ऐसा नहीं होता है। ऐसा करने वाले लोग समय बीतने के बाद पछताएंगे।

बसपा मुखिया ने कहा कि यदि मुस्लिम वोट भी दलित वोटों के साथ मिल जाता, तो पश्चिम बंगाल जैसा चमत्कार हो सकता था। भाजपा फिर से सत्ता में वापस आ गई। यदि त्रिकोणीय संघर्ष हुआ होता तो भाजपा को आने से रोका जा सकता था । मायावती ने कहा कि हर बार की तरह ही दलित वोट बैंक इस बार भी बसपा के साथ पूरी तरह बना रहा।

भाजपा की प्रचण्ड जीत में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की बड़ी भूमिका

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत से जीत में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की भी अहम भूमिका मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव के पहले राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी चुनावी संकल्प पत्र का समर्थन करते हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का निर्णय लेते हुए भाजपा का समर्थन किया था। जहां एक ओर तमाम किसान विरोधी संगठन भाजपा का विरोध कर रहे थे, वहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने भाजपा का साथ दिया। यूपी में भाजपा की दोबारा प्रचण्ड बहुमत से सरकार बनने में कहीं न कहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की अहम भूमिका मानी जा रही है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने इस संबंध में बताया कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पाँचों प्रदेशों में समर्थन देने का एलान किया था, जिसके बाद संगठन के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने तनमन से भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया है। रामनिवास यादव ने बताया कि भाजपा ने अच्छी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो संकल्प पत्र जारी था, वह देश एवं प्रदेश के किसानों को काफी फायदा देने वाला है, जिस प्रकार से किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने की घोषणा की है जिससे लाखों गन्ना किसानों को काफी लाभ होगा। यह स्वागत योग्य निर्णय है। अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदने की भी घोषणा की, एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने का आश्वासन, साल में दो बार गरीब किसान परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त देने, असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5लाख तक स्वास्थ लाभ देना। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6मैगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रूपया अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्णय,एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाना, पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव

रामनिवास यादव ने भाजपा की प्रचण्ड जीत पर संगठन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए जनता का भी आभार व्यक्त किया। साथ इस जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किसान हितैषी कार्यों के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बधाई दी।

UP में फिर आ सकता है योगी राज, जानिए बाकी राज्यों का EXIT POLL

Exit Poll Results 2022 Live News Updates: Uttar Pradesh, UP, Punjab,  Uttarakhand, Goa, Manipur Assembly Election Exit Poll 2022 Results Live  Coverage - The Financial Express

नई दिल्ली (एजेंसी)। यूपी समेत 5 राज्यों के एग्जिट पोल सामने आए हैं। जी न्यूज-डिजाइन बॉक्स के पोल के मुताबिक, मणिपुर में भाजपा की सरकार बरकरार रहने का अनुमान है। गोवा के एग्जिट पोल में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है, लेकिन वह बहुमत के आंकड़े से दूर है। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां सेपिअंस रिसर्च के एग्जिट पोल में भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।

उत्तर प्रदेश (403) न्यूज एक्स पोल का अनुमान
भाजपा : 211-225
सपा: 146-160
कांग्रेस :  4-6
बसपा : 14-24
रिपब्लिक -टीवी का अनुमान
भाजपा :  240
सपा : 140
बसपा :  17
अन्य :   2

रिपब्लिक भारत के अनुमान के मुताबिक दलों को सीटें
भाजपा :  240 (+-15)    
कांग्रेस : 0
सपा :  140 (+-10)
बसपा:  17 (+-15)    
अन्य:  2 (+-2)

सुदर्शन न्यूज एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 246 से 265 सीट मिल रही हैं।

गोवा: एबीपी सी वोटर
भाजपा: 13-17
कांग्रेस: 12-16
आप:  01-05
टीएमसी+: 05-09
अन्य: 0-2

गोवा न्यूज एक्स 
भाजपा: 17-19
कांग्रेस: 11-13
आप: 1-4

उत्तराखंड (इंडिया टीवी/ग्राउंड जीरो रिसर्च)
भाजपा:  25-29
कांग्रेस:  37-41
आप: 0
अन्य:  2-4

एबीपी सी-वोटर एग्जिट पोल के अनुसार उत्‍तराखंड में कांग्रेस को 32-38 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 26-32 सीटें मिल सकती हैं। वहीं इंडिया टीवी सीएनएस के एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तराखंड में कांग्रेस को 37 से 41 सीटें, भाजपा को 25-29 जबकि अन्य के खाते में दो से चार सीटें जानें का अनुमान है। इंडिया टुडे- एक्सिस माय इंडिया के एक्जिट पोल के मुताबिक उत्‍तराखंड में भाजपा को 36-46, कांग्रेस को 20-30, बसपा को 02-04 जबकि अन्‍य के खाते में 02 से 05 सीटें मिलने का अनुमान है।

किसकी बनेगी सरकार, जानिए आज शाम!

ABP न्यूज़ और Chanakya Todays के Exit Poll का आज शाम होगा प्रसारण

ABP News UP, Uttarakhand, Punjab Exit Poll: एबीपी न्यूज आज शाम 6 बजे के बाद यूपी चुनाव का एग्जिट पोल दिखाने जा रहा है। एबीपी न्यूज चैनल (ABP News) ने सी वोटर (C-Voter) के साथ मिलकर एग्जिट पोल किया है। मतदान समाप्त होने के बाद एबीपी न्यूज के नेशनल और एबीपी गंगा चैनल पर इसे प्रसारित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के सातवें फेज की वोटिंग आज खत्म हो रही है। यूपी में किसकी सरकार बनने जा रही है इसका सही जवाब तो 10 मार्च को मतगणना के बाद ही मिलेगा। फिलहाल एबीपी न्यूज सी-वोटर के पोल से रुझान की ओर इशारा जरूर मिल सकता है। एग्जिट पोल से संकेत जरूर मिल सकता है कि यूपी में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ की सरकार बनेगी या अखिलेश यादव उनसे सत्ता छीनने में कामयाब रहेंगे। हालांकि, कई बार एग्जिट पोल के उलट भी नतीजे आए हैं।

वहीं ओपिनियन पोल में उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य लड़ाई देखने को मिल रही थी। यहां एक चरण में मतदान संपन्न हो गए हैं। 10 मार्च को परिणाम आएंगे। इससे पहले एग्जिट पोल में सर्वे के मुताबिक जीत और हार के अनुमान पेश किए जाएंगे। पंजाब में भी इस बार त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। जहां एक तरफ कांग्रेस और अकाली दल टक्कर में हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत नजर आई है। देखना है कि एग्जिट पोल में किसकी सरकार बनती दिखेगी। हालांकि फाइनल नतीजे तो 10 मार्च को ही पता लगेंगे।

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में वोटिंग हुई है। पहले चरण की वोटिंग जहां पश्चिमी यूपी में 10 फरवरी को हुई थी वहीं 7 मार्च को सातवें और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। 403 सीटों वाली विधानसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ है। भाजपा और सपा ने कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया है। उत्तराखंड में 14 फरवरी को वोट डाले गए थे। यहां 70 विधानसभा सीटों पर 65.10 फीसदी मतदान हुआ था। पंजाब में 20 फरवरी को वोट डाले गए थे। 

Chanakya Todays Exit Poll: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के सातवें चरण के मतदान की समाप्ती के साथ शाम में एग्जिट पोल (Exit Poll 2022) आने शुरू हो जाएंगे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर सहित पांच राज्यों में हुए मतदान के बाद सभी को 10 मार्च को आने वाले नतीजों का इंतजार है। 

असली नतीजों से पहले सभी पांच राज्यों के चाणक्य टुडेज एग्जिट पोल (Chanakya Todays Exit Poll) के नतीजे बताएंगे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? इसको लेकर कराए गए चाणक्य टुडेज के एग्जिट पोल (Chanakya Todays Exit Poll Results) के नतीजे आज शाम 6 बजे के बाद आने शुरू हो जाएंगे।

विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावास कीव, यूक्रेन द्वारा हेल्पलाइन संचालित

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों से संबंधित सूचना उपलब्ध कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रदेश स्तरीय एवं जिला स्तरीय संपर्क सूत्रों की उपलब्ध कराई जानकारी

बिजनौर। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को संभावित मदद उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार द्वारा स्वदेश वापसी सहित सभी आवश्यक प्रयास सुनिश्चित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों के दृष्टिगत यूक्रेन आने जाने के लिए सभी कमर्शियल फ्लाइट बंद है तथा यूक्रेन का एयर स्पेस भी बंद है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास कीव यूक्रेन में मौजूद सभी भारतीय विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को संभावित मदद पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। विदेश मंत्रालय भारत सरकार तथा भारतीय दूतावास कीव, यूक्रेन द्वारा हेल्पलाइन संचालित की जा रही है। उन्होंने उक्त हेल्पलाइन नंबर की जानकारी देते हुए बताया कि +91 11 23012113, +91 11 23014104, +91 11 23017905, नई दिल्ली स्थापित कंट्रोल रूम + 1800 118 797 तथा ईमेल आईडी situationroom@mea.gov.in पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम संचालित-
जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी अथवा व्यक्ति जो यूक्रेन में मौजूद हैं, उन्हें स्वदेश लौटने की कार्यवाही के लिए राज्य स्तर पर भी कंट्रोल रूम संचालित किया गया है, जिस पर 24 घंटे संपर्क स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 0522 1070 एवं मोबाइल नंबर 9454441081 तथा ईमेल आईडी rahat@nic.in है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यूक्रेन देश में फंसे जिला बिजनौर के निवासी, की सूचना जिलाधिकारी कार्यालय, बिजनौर के फोन नंबर 01342 262295, 262031 तथा 262297 पर नोट कराई जा सकती है।

सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों से वसूली गई रकम वापस करेगी सरकार

… लेकिन नए कानून यूपी रिकवरी ऑफ डैमेज टू प्रॉपर्टी एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट के तहत सरकार कर सकती है कार्यवाही

नई दिल्ली। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ जारी रिकवरी नोटिस को यूपी सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया है कि रिकवर की गई रकम को वापस किया जाए। ये धनराशि करोड़ों में है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ रिकवरी नोटिस और उसके लिए शुरू की गई कार्यवाही को वापस ले लिया गया है। सीएए के खिलाफ 2019 में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इस मामले में यूपी सरकार ने रिकवरी नोटिस जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि राज्य सरकार ने जो भी रकम कथित प्रदर्शनकारियों से वसूले हैं, वह रिफंड करे। साथ ही यूपी सरकार को इस बात की इजाजत दे दी है कि वह एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नए कानून यूपी रिकवरी ऑफ डैमेज टू प्रॉपर्टी एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्यवाही कर सकती है।

इससे पहले यूपी सरकार की अडिशनल एडवोकेट जनरल गरिमा प्रसाद ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और सरकार को इस बात की इजाजत देनी चाहिए कि वह क्लेम ट्रिब्यूनल के सामने जाएं। मामले में रिकवर किए गए रकम को वापस करने का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से मना कर दिया और कहा कि रिकवरी नोटिस वापस हो चुका है और कार्रवाई खत्म हो गई। यूपी सरकार रिकवर की गई रकम वापस करे, ये रकम करोड़ों में हो सकती है।

11 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सीएए कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ यूपी सरकार द्वारा जारी रिकवरी नोटिस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आखिरी मोहलत देते हुए कहा था कि वह रिकवरी से संबंधित कार्रवाई को वापस लें और साथ ही चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कार्रवाई नहीं वापस किया गया तो हम कार्रवाई को खारिज कर देंगे क्योंकि यह नियम के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हमारे आदेश के तहत जो नियम तय है, उसके तहत कार्रवाई नहीं हुई है।

साभार- इंडेविन टाइम्स, लखनऊ

मलिहाबाद की सरजमीं पर दहाड़े स्वामी प्रसाद मौर्य; उमड़ा जन सैलाब

लखनऊ। तहसील मलिहाबाद ग्राउंड में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित जनसभा में लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे स्वामी प्रशाद मौर्य का कार्यकर्ताओं ने फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि समाजवाजदी प्रचार प्रसार तूफान की तरह चल रहा है, जो भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेगी।

आज उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के समर्थन में तमाम नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। पश्चिम से चौधरी चरण सिंह के सपुत्र जयंत सिंह चौधरी, भारतीय सुहेल देव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, अपना दल के कर्षण पटेल, संजय सिंह आदि नेता इस महान गठबंधन में शामिल हुए हैं, जो भारतीय जनता पार्टी को जड़ से उखाड़ फेंकेगे।

मौर्य ने कहा कि आप जानते हैं कि मैने भारतीय जनता पार्टी से मंत्री पद से इस्तफ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि मैने बीजेपी सरकार को पाँच वर्षों में पढ़ा, परखा व जाना है। इनका चरित्र दोगला है। योगी ने जो 80 और 20 का नारा दिया था क्या 20 प्रतिशत लोग इस देश के नागरिक नहीं हैं।

उन्होंने पूछा कि क्या आजादी की लड़ाई में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां ने अपनी शहादत नहीं दी है, क्या देश आजाद होने के बाद इनकी औलादें, भाई देश में नहीं रह रहे हैं। भारत पाकिस्तान की लड़ाई में योगी जी के बाप दादा तो अंग्रेजों से लड़े ही नही हैं। उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की है। अब 80, 20 नहीं चलेगा। अब 85 तो हमारा है, 15 में बंटवारा है।

उन्होंने कहा भाजपा सरकार ने नौजवानों को धोखा दिया है सरकारी नौकरी देने को कहा था लेकिन इनकी सरकार में एक भी सरकारी भर्ती सही नहीं हो पाई।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचारियों की सरकार है। समाजवादी सरकार बनने पर सारे हिसाब लिए जाएंगे।

वहीं सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को ठगने का काम किया है और अपने समाज को भी ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मलिहाबाद में मंडी बनवाई लेकिन भाजपा सरकार ने आज तक उसका उद्घाटन तक नहीं किया।

हमारी सरकार आने पर माल रोड पर अमानीगंज रेलवे क्रॉसिंग का ओवर ब्रिज बनेगा, जिससे जाम में फंस जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ-साथ क्षेत्र में जो सड़कें बदहाल अवस्था में हैं, उनका भी मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। सभा समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं ने मंच पर स्वामी प्रसाद मौर्या का जोरदार स्वागत किया।

कांग्रेस प्रत्याशी ने समर्थकों के साथ गांव गांव जाकर जनता से मांगे वोट

समर्थकों के साथ गांव गांव जाकर जनता से कांग्रेस प्रत्याशी ने मांगे वोट। बताया कि सरकार बनते ही
किसानों का क़र्ज़ माफ़ व बिजली बिल हाफ़। छत्राओं को स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी दी जाएगी। हर वर्ष 3 गैस सिलेंडर मुफ़्त व महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा के साथ आशा व आंगनबाड़ी बहनों को 10 हजार रुपए व रसोईया का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह।

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी से 168 मलिहाबाद विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व विधायक इन्दल रावत ने गुरुवार को क्षेत्र के कस्बा मलिहाबाद, अहमदाबाद कटौली, बंजारन खेड़ा चौराहा, तिरगवा, भटपुरवा, दौलतपुर, बांकीनगर, रहीमाबाद, दिलावरनगर, कहला, सिधरवा
सहित दर्जनों गांवों में जनसम्पर्क कर कांग्रेस पार्टी को जिताने की अपील की।

इन्दल कुमार रावत ने जनसंपर्क के दौरान बताया कि
कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के लिए उन्नति पत्र जारी किया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनते ही
किसानों का क़र्ज़ माफ़ व बिजली बिल हाफ़, कोरोना काल का बकाया साफ़ किया जाएगा। किसानों को गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति कुंटल, गेहूं व धान 2500 रुपये प्रति कुंटल के दाम से खरीदा जाएगा। छत्राओं को स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी दी जाएगी। हर वर्ष 3 गैस सिलेंडर मुफ़्त व महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा के साथ आशा व आंगनबाड़ी बहनों को 10 हजार रुपए व रसोईया का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह
का मानदेय दिया जाएगा। विधवा व वृद्धा पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये की जाएगी। किसानों को आवारा पशुओं से फसल नुक़सान की भरपाई प्रति एकड़ 3000 रुपये मुआवज़ा के रूप में दिया जाएगा। सफ़ाई कर्मियों को नियमित किया जाएगा। ग्राम प्रधानों का वेतन 6000 रुपये प्रतिमाह होगा। चौकीदारों का वेतन भी 5000 रुपये प्रतिमाह किया जायेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। शिक्षकों के 2 लाख खाली पदों को भरा जाएगा। अनुसूचित जाति के छात्रों व अनुसूचित जनजाति के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ़्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग पेंशन 500 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने कांग्रेस के उन्नति पत्र की सराहना करते हुए इन्दल कुमार रावत को वोट देकर विधायक बनाने की बात कही।

सारिक एलेवन ने मुक्की एलेवन को रौंदा

लखनऊ। रहीमाबाद किक्रेट प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में मुक्की एलेविन रहीमाबाद व सारिक एलेवन के बीच कडा मुकाबला हुआ, जिसमें सारिक एलेवन की जीत हुई।

विजेता टीम को सुरेन्द्र कुमार उर्फ सोनू कनौजिया ने सोलह हजार रुपए नकद व ट्रॉफी, उपविजेता टीम को पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरोज यादव ने आठ हजार रुपए नकद व ट्राफी देकर सम्मानित किया। रहीमाबाद में रहीमाबाद किक्रेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें बालामऊ, महमूद नगर, संडीला सहित कुल 32 टीमों ने भाग लिया था। लीग मुकाबले में मुक्की एलेवन रहीमाबाद व सारिक एलेवन ने फाइनल में जगह बनाई। बुधवार को हुए फाइनल मुकाबले में मुक्की एलेवन ने जीत के लिए बारह ओवर में 91 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे सारिक एलेवन ने आठ ओवर में पूरा कर लिया। फाइनल मैच में मलिंगा को मैन आफ द मैच दिया गया। इसके अलावा मैन ऑफ द सीरीज रहमान आफाक, बेस्ट बैटमैन आसिफ, अच्छे बालर मुफीज गाजी, बेस्ट कैच बब्लू को नकद सहित ट्राफी दी गई।

इस अवसर पर पूर्व प्रधान सहिजना संतोष यादव, आरिफ, पूर्व प्रधान दौलतपुर सुलेमान बेग, आसिम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य उस्मान हुसैन, पवन यादव, प्रदीप कुमार, पूर्व बीडीसी आफाक हुसैन, सपा के विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव ने भी खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया। टूर्नामेंट का आयोजन व संचालन अजमी आफाक ने किया।

चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे इंदल सिंह रावत

लखनऊ। 168 विधानसभा मलिहाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी इन्दल कुमार रावत चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव जाकर वोटरों से जनसंपर्क लगातार कर रहे हैं। क्षेत्र की जनता का इंदल रावत को भरपूर सहयोग भी मिल रहा है।

इसी क्रम में बुधवार को कांग्रेस पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक इन्दल रावत ने क्षेत्र के नत्थाखेड़ा, धनाखेड़ा, माल, गुमसेना, नबीपनाह, देवरी डांडा रामनगर, बाजार गांव, शंकरपुर, दिघारा, हन्नी खेड़ा, बसहरी, अटरिया सहित अन्य क्षेत्रों में जनसम्पर्क कर वोट मांगा और भारी बहुमत से जिताने की अपील की।

2012 के बाद अब 2022 भी
जनसम्पर्क के दौरान श्री रावत ने बताया कि वह प्रियंका गांधी के नेतृत्व में मलिहाबाद क्षेत्र की जनता से आशीर्वाद मांग रहे है। जैसे पूर्व में 2012 में हमें मलिहाबाद की जनता ने विधानसभा पहुंचाया वैसे ही 2022 में कांग्रेस की सरकार होगी।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग महिला उत्पीड़न, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा की बदहाली का दंश झेल रहे हैं। वह कभी 70 वर्षों में नहीं हुई। आजादी के बाद से आज तक संसाधनों को कांग्रेस ने उपलब्ध कराया।

कहा कि जिस प्रकार से सरकार निजीकरण कर रही है और महंगाई चरम पर है, धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है, वह सही नही है। अब मलिहाबाद की जनता कट्टरपंथी की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने को तैयार है।

हमने गुंडाराज को खत्म किया: राजनाथ सिंह

मलिहाबाद,लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तहसील ग्राउंड में आयोजित जनसभा में विपक्ष पर तंज कसते हुए अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों और उपलब्धियों के बारे में बताया। कहा कि हमने गुंडाराज को खत्म किया है। सपा सरकार में गरीब और मजदूरों पर अत्याचार होते थे। आज इस सरकार में सभी लोग स्वतंत्र हैं। एक बार फिर आप भारतीय जनता पार्टी को अपना कीमती वोट देकर विजय बनाएं और मलिहाबाद विधानसभा सीट से जयदेवी कौशल के लिए अपना वोट दें। इस दौरान उन्होंने मलिहाबाद की दशहरी का बखान करते हुए बताया पूरे विश्व में यहां की दशहरी मशहूर है। इसलिए मलिहाबाद की यह सीट भी पूरे देश में मशहूर है। रक्षा मंत्री ने कहा सदन में आप लोग भाजपा का विधायक जिता कर भेजिए। 20 हजार हेक्टेयर में आम पैदा किया जाता है। इतना आम देश मे कहीं नहीं होता है। क्षेत्र का बहुत बड़ा नाम है, इसलिए क्षेत्र का नाम डूबना नहीं चाहिए। जय देवी के जीतने के बाद हम फिर आपकी आम की दावत खाने जरूर आएंगे। उन्होंने कहा आपके क्षेत्रीय सांसद के क्षेत्र में अब ब्रह्मोस मिसाइल बनने लगी है। साथ ही उत्तर प्रदेश में गोली के साथ-साथ गोला भी बनने लगा है। इस दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर से हटाई गई धारा 370, अयोध्या में भव्य राम मंदिर, एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया।

रक्षा मंत्री के संबोधन से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में लोगों को विस्तृत रूप से समझाया। विधायक जयदेवी कौशल ने भी जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में कुंवर बलवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि काकोरी लल्लू यादव, ब्लाक प्रमुख निर्मल वर्मा, संयोगिता सिंह चौहान, अरुण प्रताप सिंह, अंजू सिंह, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र अवस्थी, महामंत्री आशीष द्विवेदी, विधानसभा संयोजक जय गोविंद अवस्थी, सभासद सौरभ यादव, राजेश लोधी, सभासद प्रमोद शर्मा, तारीफ खान, पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा, मूलचंद यादव सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने किया चुनाव कार्यालय का उद्घाटन

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने फीता काटकर किया चुनाव कार्यालय का उद्घाटन

लखनऊ। मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मिर्जागंज चौराहे स्थित सपा पार्टी चुनाव कार्यालय का सोमवार को नगर पंचायत मलिहाबाद की अध्यक्ष असमत आरा खां के पुत्र पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि अहसन अजीज खां व प्रत्याशी सोनू कन्नौजिया ने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन फीता काट कर किया।

इस अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुये चेयरमैन प्रतिनिधि ने कहा कि भाजपा सरकार मे किसानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। मंहगाई चरम पर पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही किसानों को मुफ्त खाद, डीजल, पेट्रोल दिया जायेगा।

सभा को सम्बोधित करते हुये अहसन अजीज खां ने कहा कि नौजवानों के पास रोजगार नहीं हैं, उन्हें रोजगार पाने के लिये लाठियां खानी पड़ रही हैं। सपा सरकार बनते ही रोजगार युवकों को दिये जायेंगे। भाजपा ने विगत क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव में नंगा नाच कर अपने प्रमुखों को जिताया है।

उन्होंने कहा कि पेंशन बहाली करने के साथ रोजगार के रास्ते खोले जायेंगे। देश का किसान, नौजवान, व्यापारी वर्ग भाजपा सरकार से तंग आ चुका है। मोदी योगी सरकार ने नोटबंदी कर भारत को लूटने का काम किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि आगामी 23 फरवरी को मतदान अधिक से अधिक करायें, साथ ही किसानों, नौजवानों विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करें, जिससे एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया जा सके।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जय सिंह जयन्त, विधानसभा अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव, पूर्व महासचिव राशिद अली, जिला महासचिव शब्बीर खां, प्रभारी वासुदेव सिंह, मोईन खां, शहजाद खां,नागेन्द्र यादव सहित सैकडों सपाई मौजूद रहे।

पुलवामा कांड की बरसी: अर्धसैनिकों को शहीद का दर्जा दे सरकार

अटेवा nmops की मांग अर्धसैनिकों को शहीद का दर्जा दे एवं पुरानी पेंशन बहाली की जाए- विजय बन्धु

लखनऊ। आज 14 फरवरी को पुलवामा शहीदों की बरसी पर पूरा देश उन अमर शहीदों को नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। ये हमारे ऐसे अर्द्धसैनिक बल के जवान हैं, जिनके बलिदान के बाद हम उन्हें शहीद कहते हैं लेकिन हमारी सरकार उन्हें शहीद का दर्जा नहीं देती है। पुरानी पेंशन बहाली मंच अटेवा/NMOPS के द्वारा पुलवामा शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया जा रहा है तथा आज 14 फरवरी को NMOPS के द्वारा ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम से कैम्पेनिंग की जा रही है कि अर्द्धसैनिक बल के जवानों को शहीद का दर्जा मिले और उनकी पुरानी पेंशन बहाल की जाए। NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने पुलवामा शहीदों को नम आँखों से श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश के प्रधानमंत्री से मांग किया कि पुलवामा शहीदों को शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही अर्द्धसैनिक बल के जवानों को पुरानी पेंशन देकर राष्ट्रवाद के राष्ट्रधर्म का पालन किया जाए। बंधुजी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि जिन अर्द्धसैनिक बल के कारण हम और हमारा देश सुरक्षित रहते हैं यदि उन्हें हम शहीद का दर्जा न दे पायें और न उन्हें पुरानी पेंशन दे पायें तो ये कौन सा राष्ट्रवाद है?

अटेवा के प्रदेश महामंत्री नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि देश व प्रदेश की वर्तमान सरकार तानाशाह हो चुकी हैं। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जिन शिक्षक, कर्मचारी और अर्धसैनिक बल के सहारे पूरा देश विकास के रास्ते पर है और सुरक्षित है, उन्हीं के हक को छीनकर वर्तमान सरकार पूंजीपतियों के हाथ में सौंपने का कार्य कर रही है। अटेवा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि आज अटेवा ने पुलवामा शहीदों एवं अर्द्धसैनिक बल के जवानों को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप पर एक अभियान के तहत कैम्पेनिंग किया और उनके हक के लिए आवाज उठाई।

318 कछुए बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार, एक फरार

लखनऊ। वन सुरक्षा बल की टीम ने मोहनलालगंज रेंज के अन्तर्गत गोसाईंगंज मार्ग पर नाकेबन्दी कर एक पिकप वाहन से छह बोरों में 318 कछुआ वन्य जीव बरामद
किये हैं। एक अभियुक्त गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक फरार होने में कामयाब हो गया। डीएफओ लखनऊ की रणनीति से यह कामयाबी हासिल की गई।

सोमवार को विश्वरत सूत्रों से ज्ञात हुआ कि जनपद उन्नाव के मोहान-हसनगंज से कछुवा वन्य जीवों को पिकप पर लोड कर मोहान लखनऊ मार्ग द्वारा सुल्तानपुर ले जाया जा रहा है। उक्त सूचना के आधार पर डीएफओ लखनऊ डा. रवि कुमार सिंह द्वारा प्रभावी रणनीति बनाते हुए प्रभारी वन सुरक्षा को कछुआ वन्य जीवों को रेस्क्यू करते हुए अभियुक्तों को पकड़ने के निर्देश दिये गये। डीएफओ लखनऊ के निर्देशन में एक टीम लखनऊ मोहान रोड पर लगाकर नाकेबन्दी की गयी। वन सुरक्षा बल की टीम द्वारा मोहनलालगंज रेंज के अन्तर्गत गोसाईंगंज मार्ग पर नाकेबन्दी की गयी, इस दौरान एक पिकप वाहन रजिस्ट्रेशन संख्या यूपी-36-9217 आते हुए दिखायी पड़ा। उसे रोककर तलाशी ली गयी, जिसमें छह बोरों में 318 कछुआ वन्य जीव बरामद
किये गये। तलाशी के दौरान एक अभियुक्त भीड़ का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहा। दूसरे अभियुक्त माइकल पुत्र नवालिया, निवासी ग्राम गांधीनगर, थाना जगदीशपुर, जनपद अमेठी को पकड़ लिया गया। अभियुक्त ने बयान दिया कि कछुआ वन्य जीवों को जनपद उन्नाव के
मोहान से लोड कर सुल्तानपुर ले लाया जा रहा था।

पकड़े गये कछुआ वन्य जीवों को सुरक्षित लाकर मोहनलालगंज रेंज कार्यालय परिसर में रखा गया। वन्य जीव अपराध में प्रयुक्त एक पिकप वाहन रजिस्ट्रेशन संख्या-यूपी-36-9217 को विभागीय अभिरक्षा में लेते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारी, मोहनलालगंज द्वारा रेंज केस इजरा कर अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश करने व न्यायिक अभिरक्षा में कारागार भेजने की कार्यवाही नियमानुसार
की जा रही है। अभियुक्तों से बरामद किये गये कछुआ, वन्य जीव Indian soft-shelled turtle
(Lissemys punctata) प्रजाति के वन्य जीव हैं, जो वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में निहित
प्राविधानों के अन्तर्गत श्रेणी-| भाग-2 में अनुसूचीबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि कछुवा वन्य जीव पर्यावरण व
जल संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। इस प्रजाति के कछुआ वन्य जीव प्रायः सई नदी एवं गोमती
नदी में प्रवास करते हैं। उक्त कार्यवाही में क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनलालगंज अरविन्द मिश्रा, प्रभारी वन
सुरक्षा बल सतीश वर्मा, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनलालगंज अमित सिंह, वन दरोगा एवं
दीपक कनौजिया वन रक्षक आदि सम्मिलित रहे।

ब्राह्मण समाज ने भरी हुंकार, आरपी यादव अब की बार!

सदर की जनता को चार दशक की दासता से मुक्ति मिलेगी- ब्राह्मण महासभा

ब्राह्मण समाज ने तिलक लगा कर कहा – आरपी यादव होंगे सदर विधायक !

रायबरेली। सदर विधानसभा से प्रत्याशी आर पी यादव को हर समुदाय का जनसमर्थन और आशीर्वाद मिल रहा है। हर तरफ से यही आवाज आ रही है कि अब की बार किसान के बेटे आरपी यादव को विधायक बनाना है। रविवार को ब्राह्मण महासभा का भी आशीर्वाद मिला है। सदर विधानसभा के कद्दावर ब्राह्मण समाज के नेताओं ने आर पी यादव को तिलक लगाते हुए कहा कि हम लोग यह जीत का तिलक लगा रहे हैं, इस बार आरपी यादव को हमारे समाज का आशीर्वाद मिल रहा है। अपना बेटा आरपी यादव इस बार सदर विधानसभा से विधायक बनने जा रहा है। हमारे बेटे ने बहुत संघर्ष किया है और इस बार हम लोग उसे आशीर्वाद देते हैं कि सदर विधानसभा से विधायक बनने से कोई रोक नहीं सकता है।

वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद बाजपेई व कमलेश द्विवेदी ने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हमारे वर्ग के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। छोटे लोहिया के नाम से पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध रहे जनेश्वर मिश्रा के नाम से एशिया का सबसे बड़ा पार्क बनाया है। इसके अलावा परशुराम जी की मूर्ति लगाने का काम सपा सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि जितना सम्मान सपा सरकार में ब्राह्मणों का रहा है, उतना किसी दूसरी सरकार में नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में निर्दोष ब्राह्मणों की भी हत्याएं कराई गई है। सैकड़ों ऐसे लोग भी हैं जो कि आज भी योगी सरकार का दंश झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार पूरे प्रदेश का ब्राह्मण एक वर्ग की राजनीति करने वाली योगी सरकार को प्रदेश की सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है।

शहर ब्राह्मण समाज के लोगों ने कहा कि पूर्व में ही हमारे वर्ग के लोगों की हत्या की गई है। शहर में ही दिन दहाड़े चंद गुण्डों ने ब्राह्मणों की हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि शहर का ब्राह्मण अभी तक वह मंजर भूला नहीं है। इस बार सदर विधानसभा में बदलाव होगा और इस बार अपना बेटा आरपी यादव विधायक बनेगा। बुजुर्ग ब्राह्मणों ने आरपी यादव को जीत के लिए आशीर्वाद दिया और विश्वास जताया कि आरपी यादव के नेतृत्व में सदर विधानसभा क्षेत्र का विकास होगा सब को सम्मान मिलेगा हर अमीर -गरीब की आवाज को शासन- प्रशासन तक पहुंचाने का काम आरपी यादव के द्वारा किया जाएगा। चार दशकों की दासता से मुक्ति मिलेगी ।

आरपी यादव ने कहा कि सपा सरकार में सदैव ही ब्राह्मणों का सम्मान किया गया है। सपा मुखिया ने ब्राह्मण समाज के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। सपा सरकार में ब्राह्मण समाज के लोगों का अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व रहा है। इस बार भी सपा सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज के लोगों का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में जितना अपमान ब्राह्मण समाज के लोगों का किया गया है, उतना किसी अन्य सरकार में नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार पूरे प्रदेश का ब्राह्मण ऐसी तानाशाही सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुका है। उन्होंने ब्राह्मण महासभा के लोगों से कहा कि मैं आपका बेटा हूं और आपके समाज के लोगों का सम्मान कभी नहीं झुकने दूंगा। सदर विधानसभा के लिए मुझसे जितना अधिक से अधिक से हो सकेगा, मैं उतना अधिक से अधिक काम करूंगा। इस मौके पर शीतला शंकर मिश्रा, दीपक दीक्षित, ओके बाजपेई, सभासद पूनम तिवारी, सुरेश शुक्ला, मनीष त्रिपाठी, हिमांशु बाजपेई, आरपी बाजेपई, राजेंद्र बाजपेई सहित सैकड़ों ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे।

बीएड-टेट 2011 अचयनितों का मिला समर्थन
सदर विधानसभा से प्रत्याशी आरपी यादव के समर्थन में बीएड टेट-2011 के चयनित अभ्यर्थियों का समर्थन मिला है। आरपी यादव को समर्थन पत्र देते हुए कहा कि हम आपके साथ और सदर विधानसभा के सैकड़ों नौजवानों और उनके परिवार के लोग आपको जिताकर विधानसभा भेजने का काम करेंगे। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आशीष तिवारी ने समर्थन पत्र देते हुए कहा कि हम लोग योगी सरकार में अपनी नौकरी की गुहार लगाते-लगाते थक गए है, लेकिन सरकार की तरफ से हम लोगों की एक भी नहीं सुनी गई। हम जिले के हजारों नौजवान सभी विधानसभा में सपा के प्रत्याशी को जिताकर अखिलेश यादव की सरकार फिर से बनाने का काम करेंगे।

खाना पकाने के शौकीन हैं स्वतंत्र देव सिंह

एक संस्मरण। -संजय सक्सेना

लखनऊजिला बिजनौर के विधानसभा क्षेत्र धामपुर की दलित बस्ती में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पूड़ी बेल कर क्या तली, कि मीडिया की सुर्खियां बन गया। दरअसल स्वतंत्र देव जी एक अच्छे राजनैतिज्ञ होने के साथ ही खाना पकाने के शौकीन भी हैं। यही नहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सफलता पूर्वक अपना जौहर दिखा चुके हैं। यह बात इन पंक्तियों का लेखक दावे के साथ इसलिए कह सकता है क्योंकि वह स्वयं इसका साक्षी व भागीदार भी है।

बात 90 के दशक की है, जब जम्मू कश्मीर और अयोध्या बेहद ज्वलंत मुद्दों में शामिल थे। उस दौर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े स्वतंत्र देव सिंह (वह लोगों में कांग्रेस सिंह के नाम से जाने जाते थे) जिला जालौन के मुख्यालय उरई स्थित डीवी डिग्री कालेज की छात्र राजनीति में सक्रिय थे। तब मैं बीएससी में अध्ययनरत था। कांग्रेस जी की एक पूरी की पूरी मंडली थी। उसमें शिवेंद्र बुंदेला, ब्रजभूषण सिंह मुन्नू, हरिओम उपाध्याय (अब पूर्व जेल मंत्री), मूलचंद निरंजन (अब विधायक), ठेकेदार संतराम  सिंह सेंगर (अब विधायक) आदि शामिल थे। कालेज के नाते कांग्रेस जी से जानपहचान हुई। मेरे साथ हमेशा युवाओं की भारी तादाद देखकर एक दिन बोले संजय जी, आप एबीवीपी में आ जाइए। फिर मेरी नियुक्ति उरई के नगर मंत्री के रूप में कर दी गई। इस तरह स्वतंत्र देव जी के साथ काफी मिलना जुलना हो गया।…जो इतना बढ़ा कि वह दिनभर के 8-10 घंटे मेरे ही स्कूटर, मोटरसाइकिल पर घूमते फिरते। तब झांसी रोड स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज के ठीक बाहर के मकान में नीचे मूलचंद निरंजन जी रहते थे। उसी मकान के ऊपरी हिस्से में कांग्रेस जी भी रहते थे। यही कारण रहा कि रोजाना उन्हें लेने छोड़ने उनके घर आना-जाना होता था। वैसे तो भाभी जी चाय, नाश्ता, खाना आदि खिलाती ही थीं, लेकिन जब वो अपने मायके जातीं, तब हम दोनों योद्धा रसोई घर में अपनी पाक कला को धार देते। चाय के अलावा सब्जी, रोटी, दाल, चावल, पूड़ी, पराठा जो मन किया, बनाया और खाया।  छोटी सी रसोई में जमीन पर रखे गैस चूल्हे के सामने लकड़ी की पटली पर बैठकर एक आटा माढ़ता तो दूसरा तवे पर रोटी सेंकता। अपने आप बनाकर खाने का मजा ही अलग है, भले ही रोटी आड़ी, बेड़ी और मोटी ही क्यों न हों! बाद में जब कांग्रेस जी भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला से लेकर प्रदेश महामंत्री, फिर अध्यक्ष भी बने और हम जिला प्रवक्ता।

रही बात पत्रकारिता की तो… कुछ साल बाद छात्र राजनीति के साथ साथ वह लखनऊ से प्रकाशित दैनिक स्वतंत्र भारत के प्रभारी बन गए। उस समय उरई से प्रकाशित “दैनिक लोक सारथी” खुद में सबसे बड़ा अखबार था। दैनिक जागरण झांसी और कानपुर दोनों जगह की कुछ प्रतियां आती थीं। अमर उजाला, हिंदुस्तान नहीं थे वहां। मेरे पत्रकारिता के गुरु; श्री केपी सिंह जी लोक सारथी के प्रभारी संपादक थे और मैं सह संपादक। उस नाते भी कांग्रेस जी की ओर से उनके लिए रोजाना समाचार बनाने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ।

दरअसल धामपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह अलग अंदाज में दिखे। एक दिन पूर्व गांव पुराना धामपुर की दलित बस्ती में भोजन करने के बाद उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए खुद पूड़ी बनाई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह बुधवार दोपहर धामपुर धामपुर के शुभम मंडप में कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे थे। सम्मेलन के बाद वह गांव पुराना धामपुर की दलित बस्ती पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा सेक्टर संयोजक मिथलेश देवी के घर पर भोजन किया। इसके बाद उन्होंने भोजन बना रही महिलाओं के उत्साहवर्धन के लिए स्वयं पूड़ी बेली और कढ़ाई में तली। इससे वहां मौजूद महिलाएं बहुत खुश हुई। इसके बाद उन्होंने गांव में घर-घर जाकर जनसंपर्क किया और भाजपा को विजयी बनाने की अपील की।

बिना भय, लालच के अपना मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं: जय सिंह

गीत संगीत के माध्यम से जगह जगह मतदान के लिए दिया गया संदेश

लखनऊ। प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से चार दिवसीय मतदाता जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को राजधानी के विभिन्न स्थानों पर मतदाता जागरूकता के तहत गीत के माध्यम से मतदान की विशेषता को बताया गया।

दर्शकों को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी जय सिंह ने बताया कि इस जागरूकता अभियान के तहत लखनऊ शहर में जागरूकता प्रचार वाहन घूम घूम कर लोगों को आडियो के माध्यम से मतदान जनजागरूकता संदेश दिया जा रहा है। साथ ही साथ गीत संगीत व पंपलेट, स्टिकर वितरित करके उनको मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

लखनऊ के विभिन्न भीड़भाड़ वाली जगहों पर विभाग के पंजीकृत सांस्कृतिक दल द्वारा नाटक, गीत के माध्यम से संदेश दिया जा रहा है। प्रचार अभियान के दूसरे दिन हजरतगंज, कचहरी, चारबाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, बर्लिंगटन चौराहा, गंज चौराहा, गोल चौराहा, महानगर इत्यादि जगहों पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

मंदिर के दो वर्ष पूरे होने पर भंडारे में उमड़े श्रद्धालु

लखनऊ। मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के रूपनगर मजरे माधवपुर गांव में बने मंदिर के दो वर्ष पूरे होने पर ग्रामीणों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

मंदिर और आयोजित भंडारे में आसपास के गांव के महिलाओं बच्चों व पुरुषों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि शिव शक्ति धाम देवलोक मंदिर में दो साल पूर्व हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई थी। इस उपलक्ष्य में क्षेत्रवासियों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। व्यवस्थापक गांव के ही जयेंद्र पाल ने बताया कि उनके पूर्वजों के आशीर्वाद से मूर्ति की स्थापना की गई थी। इस मंदिर से गांव के लोगों की बहुत ही श्रद्धा जुड़ी हुई है और लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लिया है। इस बार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर को देखते हुए शिवपाल, धीरज पाल, कमलेश पाल, रिंकू पाल, कमल, डाॅ मनु सेठ, जोगिंदर सक्सेना, अनिल यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य विमल यादव व प्रदीप यादव, पप्पू, जतिन, प्रियम सहित केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के पुत्र विकास किशोर आशू व मलिहाबाद ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि मीनू वर्मा सहित कई दर्जन भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

बसपा राज में थे सब सुखी: जगदीश रावत

मलिहाबाद,लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जनपद लखनऊ की 168 मलिहाबाद विधानसभा सीट से बसपा से जगदीश रावत को चुनाव मैदान में उतारा है। जगदीश रावत अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में लगातार डोर-टू-डोर प्रचार अभियान चलाकर मतदाताओं से वोट देने की अपील कर रहे हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को जगदीश रावत ने अपने क्षेत्र नई बस्ती, पहाड़पुर, बहरू, जमोलिया, संतनगर, अटौरा, दतली सहित दर्जनों गांवों में डोर-टू-डोर प्रचार करने के लिए समर्थकों के साथ बसपा को जिताने के लिए वोटरों से अपील की। प्रचार के दौरान जगदीश रावत ने पत्रकारों को बताया कि जब बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी तो कानून व्यवस्था एकदम स्वस्थ दुरुस्त रहती थी।

सरकारी कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी समय से पहुंचकर आम जनता का काम करते थे। रिश्वतखोरी पूरी तरह से बंद थी। स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता थी। काफी संख्या में बेरोजगार को रोजगार दिया गया और रिक्त पड़े पदों पर भर्तियां की गई थी।

किसानों को बिजली पानी खाद की कोई समस्या नहीं रहती थी, लेकिन इस सरकार में आम जनता परेशान है। बसपा की सरकार बनते ही पूरे उत्तर प्रदेश में खुशहाली ही खुशहाली होगी और मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र में भरपूर विकास होगा। इसलिए क्षेत्र के वोटरों से अपील है कि बहुजन समाज पार्टी को वोट देकर मायावती को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएं।

पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत के जनसंपर्क अभियान में आई तेजी

यूपी के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के उन्नति पत्र की खूबी बताई

मलिहाबाद,लखनऊ। कांग्रेस पार्टी के मलिहाबाद विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व विधायक इन्दल रावत ने क्षेत्र के ईशापुर, गोसवा, दिलावर नगर, चंदी खेड़ा, मधवापुर सहित दर्जनों गांवों में जनसम्पर्क कर कांग्रेस पार्टी को जिताने की अपील की।

इन्दल कुमार रावत ने जनसंपर्क के दौरान बताया कि कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के लिए उन्नति पत्र जारी किया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनते ही किसानों का क़र्ज़ माफ़ व बिजली बिल हाफ़, कोरोना काल का बकाया साफ़ किया जाएगा।


किसानों कसे गन्ना 400 रुपये प्रति कुंटल, गेहूं व धान 2500 रुपये प्रति कुंटल के दाम से खरीदा जाएगा। छत्राओं को स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी दी जाएगी। हर वर्ष 3 गैस सिलेंडर मुफ़्त व महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा के साथ आशा व आंगनबाड़ी बहनों को 10 हजार रुपए व रसोईया का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा।

विधवा व वृद्धा पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये की जाएगी। किसानों को आवारा पशुओं से फसल नुक़सान की भरपाई प्रति एकड़ 3000 रुपये मुआवज़ा के रूप में दिया जाएगा। सफ़ाई कर्मियों को नियमित किया जाएगा।

ग्राम प्रधानों का वेतन 6000 रुपये प्रतिमाह होगा। चौकीदारों का वेतन भी 5000 रुपये प्रतिमाह किया जायेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी।


शिक्षकों के 2 लाख खाली पदों को भरा जाएगा। अनुसूचित जाति के छात्रों व अनुसूचित जनजाति के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ़्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग पेंशन ₹ 500 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने कांग्रेस के उन्नति पत्र की सराहना करते हुए इन्दल कुमार रावत को वोट देकर विधायक बनाने की बात कही।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने दिया भाजपा को समर्थन

भारतीय जनता पार्टी को समर्थन पत्र। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

लखनऊ। बुधवार को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय को बताते हुए अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र, समाजवादी पार्टी का वचन पत्र, कांग्रेस पार्टी का उन्नति विधान पत्र तीनों के घोषणा पत्रों की जब हाई पावर कमेटी ने तुलनात्मक अध्ययन किया तो सपा कांग्रेस का घोषणा पत्र किसानों के साथ छलावा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस की सरकार थी तो सबसे ज्यादा दुर्दशा किसानों की थी, जिसमें प्रतिवर्ष हजारों किसान आत्महत्या को मजबूर होते थे। किसान खेती का काम छोड़कर मजदूरी करने लगा था क्योकि किसानों को न समय से खाद मिलती थी न ही पानी। उल्टे अपने फायदों के लिए किसानों की जमीनों का जबरदस्ती अधिग्रहण कर लेते थे सालों मुआवजा भी नही दिया जाता था। कई बार जब किसान विरोध करते थे उनपर गोलियां चलाई गयी। यही हाल अखिलेश की सरकार में था। इनके पार्टी के कार्यकर्ता ही किसानों की जमीनों पर जबरदस्ती कब्जा कर लेते थे। किसान जब शिकायत करता था तो उल्टे उस पर ही पुलिस द्वारा दबाव बनाकर जमीन औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर किया जाता था। यही कारण है कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पाँचों प्रदेशों में समर्थन देने का एलान किया है और कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अच्छी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो संकल्प पत्र जारी किया। वह देश एवं प्रदेश के किसानों का काफी फायदा देने वाला है जिस प्रकार से किसानों को सिचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने की घोषणा की है, जिससे लाखों गन्ना किसानों को काफी लाभ होगा यह स्वागत योग्य निर्णय है।

अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदने की भी घोषणा की एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने का आश्वासव, साल में दो बार गरीब किसान परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त देने, असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने। इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5लाख तक स्वास्थ लाभ देना। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6मैगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रूपया अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्मय, एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाना, पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

जनता ने बना लिया मन, इस बार विधायक बदल देंगे हम!

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने जनसंपर्क कर जीत की भरी हुंकार

सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने 168 विधानसभा मलिहाबाद क्षेत्र में किया जनसंपर्क

जनसंपर्क के दौरान सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया का सपाइयों ने जगह-जगह फूल मालाओं से किया जोरदार स्वागत।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के 168 विधानसभा मलिहाबाद से प्रत्याशी सोनू कनौजिया ने क्षेत्र के आंट गढ़ी सौरा, घरघटा मंदिर, बरगदिया चौराहा मवई खुर्द, बसंतपुर, वीरपुर, देवरी गजा, बदैइया, शंकरपुर, रायपुर, कमालपुर लोधौरा, अकबरपुर, टिकरी कला, मंझी निकरोजपुर, सैदापुर, शाहपुर गोड़वा, पिपरी कुराखर सहित दर्जनों गांव में वोटरों से सम्पर्क करते हुए समाजवादी पार्टी को जिताने की अपील की।

सोनू कनौजिया ने ग्रामीणों से कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही पूरे उत्तर प्रदेश के हर घर को 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी साथ ही समाजवादी पेंशन 1 वर्ष में 6 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपये दी जाएगी और सरकारी कर्मचारियों की रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी जाएगी।

वहीं श्री कनौजिया ने मलिहाबाद से भारतीय जनता पार्टी की पूर्व विधायक जयदेवी कौशल पर निशाना साधते हुए कहा कि श्रीमती कौशल जबसे विधायक बने हैं, वह घर में बैठकर ही आराम फरमाते रहे हैं। क्षेत्र में ना तो कोई नाली बनी है और ना ही कोई खड़ंजा। विधायक निधि से कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है।

इसलिए जनता ने मन बना लिया है कि इस बार विधायक ही बदल देंगे, अब भाजपा के झूठे आश्वासन पर भरोसा कभी नहीं करेंगे। किसानों के हित में  बात करते हुए सोनू कनौजिया ने कहा कि जो किसान दिन भर खेतों में काम करने के बाद अपने घर पर सोता था। आज वह रात को सांडों के आतंक से रात को अपने खेतों की रखवाली कर रहे हैं और रखवाली करते समय न जाने कितने किसानों को साँड़ के हमले से अपनी जान गंवानी पड़ी है। जनसंपर्क अभियान के दौरान सोनू कनौजिया सहित क्षेत्र के काफी तादात में सपा समर्थक मौजूद रहे। सपा प्रत्याशी ने जगह जगह महिलाओं, पुरुषों के पैर छूकर विजयश्री का आशीर्वाद मांगा। लोगों ने भी मत एवं समर्थन देने का वायदा किया।

ब्राह्मण समाज ने दिया अंजनी श्रीवास्तव को वोट व सपोर्ट का भरोसा

लखनऊ। भाजपा ने लखनऊ पश्चिम से अंजनी श्रीवास्तव को विधानसभा प्रत्याशी बनाया गया है। लखनऊ पश्चिम में भाजपा प्रत्याशी की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। भाजपा का प्रचार प्रसार जोरों से चल रहा है। 

प्रचार प्रसार के इसी क्रम में लखनऊ पश्चिम में अंजनी श्रीवास्तव ने राजाजीपुरम के हरीदीन रॉय नगर वार्ड का भ्रमण कर ब्राह्मण समाज के लोगों से मुलाकात की। ब्राह्मण समाज के गणमान्यों ने भाजपा प्रत्याशी अंजनी श्रीवास्तव का माल्यार्पण कर स्वागत किया। ब्राह्मण समाज के गणमान्यों ने अपने वक्तव्यों में श्रीवास्तव को पूर्ण समर्थन दिया और सभी से भाजपा प्रत्याशी को समर्थन कर जिताने की अपील की। साथ ही क्षेत्र में जाकर अंजनी श्रीवास्तव के समर्थन में प्रचार प्रसार किया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा कार्यकर्ता अनूप शुक्ला के निवास पर हुआ। इस अवसर पर भाजपा ब्राम्हण परिवार से आलोक तिवारी, सौरभ शुक्ला, डॉ कुलभूषण शुक्ल,आलोक पांडे   सहित विभिन्न ब्राम्हण संगठनों के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

धूमधाम से मनाया शिवपाल सिंह यादव का 66 वां जन्मदिन

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का 66 वां जन्मदिन शनिवार को नगर कार्यालय इंसाफ नगर में केक काटकर बहुत धूमधाम से  मनाया गया।

इस मौके पर नगर अध्यक्ष जनाब मुर्तजा अली ने उनकी लंबी उम्र के लिए दुआएं की और भारी मतों से जीत की भी सबने दुआएं की। जन्मदिन के मौके पर बच्चों और तमाम लोगों को लड्डू वितरण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान नगर और प्रदेश के तमाम पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। मुख्य रुप से जिला अध्यक्ष रंजीत यादव,  हरिशंकर यादव,व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू, डीपी यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट दरुल हसन, खुर्शीद, शमीम सिद्दीकी, आशीष शर्मा, राणा रियाजुद्दीन, सद्दाम सिद्दीकी, पंकज श्रीवास्तव, मोहम्मद कैफ, नाजिया, मोहम्मद फिरोज, अमन मिश्रा, अभय मिश्रा, देवेंद्र शुक्ला, रमेश कुमार, मोहम्मद इमरान, विवेक सिंह, शाहिद सिद्दीकी, जावेद, राष्ट्रीय सलाहकार खालिद इस्लाम, शेख अफजाल,  बबलू श्रीवास्तव, सिद्दीकी आदि लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की ।

मलिहाबाद कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक इन्दल रावत ने किया जनसम्पर्क मिला अपार जनसमर्थन

मलिहाबाद कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक इन्दल रावत ने किया जनसम्पर्क, मिला अपार जनसमर्थन।

मलिहाबाद की जनता हमारे साथ किये गये अन्याय का बदला लेगी- पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत

मलिहाबाद, लखनऊ। विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कांग्रेस मलिहाबाद विधानसभा प्रत्याशी पूर्व विधायक इन्दल रावत ने जनसम्पर्क कर कहा कि हमारे साथ सपा ने विश्वासघात किया है और यदि जनता की सुनी जाती तो हमारा ही सपा से टिकट होता, लेकिन पार्टी में कुछ ऐसे लोग है जिन्होंने सपा को पहले भी हराने व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गुमराह करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि अब प्रियंका गांधी के नेतृत्व में मलिहाबाद की जनता से आशीर्वाद मांगने आये हैं। जैसे पूर्व में 2012 में हमें मलिहाबाद की जनता ने विधानसभा पहुंचाया और सपा की सरकार बनी वैसे ही 2022 में कांग्रेस की सरकार होगी। जिस प्रकार से महिला उत्पीड़न, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा की बदहाली इस सरकार में हुई वह कभी 70 वर्षों में नहीं हुई। आजादी के बाद से आज तक संसाधनों को कांग्रेस ने उपलब्ध कराया। सरकार निजीकरण कर रही है और महंगाई चरम पर है। धर्म के आधार पर बांटने का काम सही नहीं है।

कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि मलिहाबाद की जनता कट्टरपंथ की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने को तैयार है और अपने भाई अपने बेटे इंदल को जिताकर पुनः विधानसभा भेजने का कार्य करेगी, जिससे विधानसभा क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। मलिहाबाद की जनता न्याय करेगी और मैं जनता की उम्मीदों पर खरा उतरकर विकास के लिये प्रतिबद्ध रहूँगा। मुझे जनता ने विधानसभा भेजा था। अब समय आ गया है कि जनता ही न्याय करेगी।

इस अवसर पर काकोरी, गोला कुआं, मोटी नीम, महमूद नगर ढाल, मलिहाबाद, अहमदाबाद, कटौली, भतौईया, रहीमाबाद, ससपन, अटेर, अटारी, बरगदिया वीरपुर, पिपरी, सैदापुर, गोपामऊ, जेहटा, सैथा सहित अन्य क्षेत्रों में जनसम्पर्क किया।

पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत को मलिहाबाद से कांग्रेस ने बनाया प्रत्याशी

पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत को मलिहाबाद से कांग्रेस पार्टी ने विधायक प्रत्याशी बनाया है

लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र की देव तुल्य जनता के सेवक इन्दल कुमार रावत पूर्व विधायक मलिहाबाद को कांग्रेस पार्टी से विधायक प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने के बाद पहली बार विधान सभा में आ रहा हूं। कांग्रेस पार्टी के सम्मानित नेताओं से तथा हमारे सभी शुभचिंतक साथियों से अनुरोध है कि नीचे जो पॉइंट दिए गए हैं उन पर समय से पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं।

स्वागत के लिए कल दिनांक 5 फरवरी को सम्मानित नेताओं और कार्यकर्ताओं के द्वारा निम्नलिखित स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। प्रातः 10:00 दुर्गा गंज चौराहे पर, 10:10 पर गोला कुआं, 10:30 पर मोटी नीम के नीचे, 10:40 पर महमूदनगर ढाल, 11:00 बजे मलिहाबाद पेट्रोल पंप पर, 11:20 पर अहमदाबाद कटौली 11:30 पर भतईया 1140 पर रहीमाबाद, 12:00 बजे रहीमाबाद स्टेशन 12:30 पर सस्पन 12:40 गहदों 12:50 थरी गेट के पास 1:00 बजे पर रुदान खेड़ा पुलिया 1:20 अटारी 2 बजे बरगदिया तिरहा 2:10 पर मवई खुर्द 2:20 वीरपुर 2:30 पिपरी 2:40 पर सैदापुर चौराहा 2:50 बजे गुमसेना 3:00 रामनगर 3:20 माल 3:40 वीरपुर नई बस्ती भिटौरा 3 ‍:50 पर गौरैया चौराहा 4:00 बजे गोपरामऊ चौराहा 4:25 पर बंसीगढ़ी 4:40 पर काकराबाद 5:00 जेहटा तिरहा 5.30 सैथा टंकी मौरा पर कार्यक्रम का समापन होगा।

मौसम के कारण नहीं आ सके केशव प्रसाद मौर्य, मोबाइल फोन बना सहारा

मौसम व तकनीकी खराबी के चलते उपमुख्यमंत्री केशव देव मौर्य का नहटौर कार्यक्रम में आना हुआ रद्द। विधायक/प्रत्याशी ओम कुमार के मोबाइल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को किया संबोधित।

बिजनौर। प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के न पहुंचने से सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। केशव प्रसाद मोर्य ने मोबाइल फोन के माध्यम से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए खासकर पिछड़ा समाज से भाजपा की प्रदेश में पुनः सरकार बनाने की अपील की।
शनिवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से नहटौर में प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम का नूरपुर मार्ग स्थित जय फ़ार्म में आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के तौर पर सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को आना था।  उपमुख्यमंत्री निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे। बाद में जानकारी मिली कि मौसम व तकनीकी खराबी के चलते उपमुख्यमंत्री केशव देव मौर्य का नहटौर कार्यक्रम में आना रद्द हो गया है। उन्होंने विधायक ओम कुमार के मोबाइल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के बारे में बताते हुए दावा किया कि आने वाली सरकार भारतीय जनता पार्टी की होगी।

कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह,  विधायक व भाजपा प्रत्याशी ओमकुमार, दिनेश सैनी, पिछड़ा मोर्चा जिला अध्यक्ष तिलक राज सैनी, मुकेन्द्र त्यागी, सिद्धांत जैन नहटौर, डॉ राजेश त्यागी आकू, दर्पण रावल हल्दौर, ब्लाक प्रमुख विजेंद्र सिंह हल्दौर, राकेश चौधरी नहटौर, शोभित त्यागी, धनञ्जय चौधरी, महावीर सेनी, विनीता शर्मा, अंकुश अग्रवाल, प्रधान पप्पू पठान, इरफ़ान एडवोकेट, शादाब शाद आदि ने संबोधित किया। संचालन नामित सभासद वैभव गोयल ने किया। कार्यक्रम के उपरांत विधायक ओम कुमार ने भाजपाइयों के साथ नगर में जन संपर्क करते हुए लोगों से वोट सपोर्ट की अपील की।

आजाद समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ कई Bjp में शामिल- आजाद समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान मुरादाबाद मण्डल प्रभारी नरेश कुमार फौजी ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। प्रभावी मतदाता कार्यक्रम में नरेश फौजी, आसपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रवीता गौतम, जिला उपाध्यक्ष सुधीर कुमार, नहटौर विधान सभाध्यक्ष अजय सागर, मनजीत कुमार, त्रिवेश कुमार, घनश्याम सिंह, सतेंद्र कुमार, कपिल कुमार, राकेश कुमार, बंटी सिंह, सुरेन्द्र सिंह, अमर सिंह, मंगल सिंह, चेतराम सिंह आदि दर्जनों आसपाइयों के साथ भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। सभी का भाजपाइयों ने फूल मालओं से लादकर भव्य स्वागत किया और ओम कुमार ने उन्हें पूर्ण सम्मान दिलाने का भरोसा दिलाया।

सीएससी सेंटरों पर मनाया गया गणतंत्र दिवस

सीएससी सेंटरों पर मनाया गया गणतंत्र दिवस। प्रधानमंत्री के विज़न लोकल फ़ॉर वोकल को बढ़ावा। जिला प्रबंधक ने दी ग्रामीण ई स्टोर की जानकारी।


मलिहाबाद,लखनऊ। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार की संस्था सीएससी ई- गवर्नेंस सर्विजेज़ इंडिया लिमिटेड द्वारा संचालित कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से 73 वें गणतंत्र दिवस का आयोजन मलिहाबाद के गोपेश्वर ऑनलाइन सेंटर तहसील कैम्पस सहित जिले के 800 से ज्यादा सेंटरों पर हुआ।

इस दौरान विशिष्ट अतिथियों द्वारा झंडारोहण किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के विज़न लोकल फ़ॉर वोकल को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण ई स्टोर की जानकारी जिला प्रबंधक रवींद्र वर्मा द्वारा दी गई। सीएससी के विभिन सर्विसेज हेतु आयुष्मान भारत, ई-श्रम पंजीकरण, प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान, किसान जनधन योजना, फसल बीमा योजना, सम्माननिधि योजना आदि का कैम्प लगाकर लाभार्थी का पंजीकरण किया गया। वहीं जिला प्रबंधक रवींद्र वर्मा ने कॉमन सर्विस सेंटरों की उपयोगिता के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार तक जनहित में संचालित सभी योजनाओं का लाभ कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। अब आपको अपने गांव में ही सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

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हिंदुस्तान सेवा संस्थान (वाहिद बिरयानी) ने हर्षोल्लास के साथ मनाया गणतंत्र दिवस

हिंदुस्तान सेवा संस्थान (वाहिद बिरयानी) ने हर्षोल्लास के साथ मनाया गणतंत्र दिवस

गरीबों को कंबल वितरण के साथ ही तमाम जरूरतमंदों को कराया भोज

लखनऊ । हिंदुस्तान सेवा संस्थान (वाहिद बिरयानी) ने आशियाना में गणतंत्र दिवस बड़े हर्सोउल्लास के साथ मनाया। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने झन्डा रोहण किया। झंडारोहण के उपरांत निगहत खान ने देश भक्ति पर तराना पेश किया। इस मौके पर मुरलीधर आहूजा, मौलाना मुश्ताक, मौलाना सूफियान, अदनान, निगहत खान, वामिक़ खान, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, मुर्तज़ा अली, एमआर नगरामी, एहमन, शह्ज़ादे कलीम, आबिद कुरैशी, वसी अहमद सिद्दीकी, आक़िब कुरैशी, आरिफ मक़ीम, विजय गुप्ता, अवधेश आदि मौजूद थे।


इस मौके पर आबिद अली कुरैशी ने बताया कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध आदि सभी धर्मो के लोग इस आयोजन में शामिल हुए। मुरलीधर आहूजा ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश का सबसे बड़ा त्योहार होना चाहिए, बस इसी भावना के साथ गणतन्त्र दिवस हम सब जोर शोर से मनाते हैं।
झंडारोहण का आयोजन वर्तमान में कोरोना महामारी/ लॉकडाउन के कारण सोशल डिस्टेंसिंग और सरकारी गाइडलाइन के अनुसार किया गया। कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों ने शामिल होकर एकता और अखंडता का संदेश दिया। साथ ही इस राष्ट्रीय पर्व पर मौलाना खालिद रशीद फारंगी महली ने देश की खुशहाली और अमन शांति की दुआ की। इस अवसर पर संस्थान द्वारा गरीबों को कंबल वितरण के साथ ही तमाम जरूरतमंदों को भोज भी कराया गया।

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सरकारी कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम खत्म, जाना होगा ऑफिस

लखनऊ। यूपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नई कोरोना गाइडलाइन के निर्देश दिए हैं। अब सूबे के सभी कर्मचारियों को दफ्तर आना होगा। इनमें से सिर्फ गर्भवती महिलाओं व दिव्यांग कर्मचारियों को ही दफ्तर आने से छूट मिलेगी।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की ओर से आदेश जारी कर वर्क फ्राम होम की व्यवस्था खत्म कर दी गई। उत्तर प्रदेश शासन ने मंगलवार को सूबे में कोरोना वायरस के आंकड़े जारी किए हैं। अब प्रदेश में कोरोना के 86563 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में सोमवार को एक लाख 99,290 सैंपल की टेस्टिंग में 11,583 नए संक्रमित मिले हैं।

आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सरकारी दफ्तरों में कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिये दिव्यांग कर्मचारियों एवं गर्भवती महिला कर्मियों को वर्क फ्राम होम और फोन अथवा इलेक्ट्रानिक माध्यम से अपने आफिस के संपर्क में रहने के इंतजाम किये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी कार्यालयों में समूह ‘ख’, समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के कर्मचारियों की 50 फीसदी उपस्थिति के लिए 13 जनवरी को जारी आदेश फिलहाल यथावत रखा गया है।

300 यूनिट मुफ्त बिजली के मामले में फंसी सपा

लखनऊ (एजेंसी)। समाजवादी पार्टी की ओर से सरकार बनने के बाद 300 यूनिट बिजली मुफ्त दिए जाने के वादे के साथ रजिस्ट्रेशन कराने पर चुनाव आयोग ने जवाब मांगा है। सपा के इस अभियान को लेकर आयोग से शिकायत की गई थी। इसे प्रलोभन देने का मामला बताते हुए शिकायत की गई थी। अब आयोग ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा किया है। इस योजना का लाभ पाने के लिए नाम लिखाओ अभियान की शुरुआत की गई है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता अमित जायसवाल ने इस पर आपत्ति जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कहा है कि इस कैंपेन के तहत वोट के लिए लालच और रिश्वत दी जा रही है। यह आचार संहिता का खुला उल्लंघन हैं। उन्होंने शिकायत में कहा है कि चुनाव आयोग इस पूरे मामले की जांच कराकर रोक लगाए। इसके बाद अब चुनाव आयोग ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। चुनाव आयोग जिला निर्वाचन अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद फैसला लेगा। अभी समाजवादी पार्टी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

ठंड में आज से मिलेगी राहत, बारिश के आसार नहीं

लखनऊ। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में 10 दिन से पड़ रही कंपकंपी छुड़ाने वाली ठंड में आज से राहत मिलने की संभावना है। दरअसल पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। इस कारण सोमवार से छह दिन तक सुबह धुंध रहेगी पर दिन में मौसम साफ रहेगा। अब बारिश के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान भी 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा। न्यूनतम तापमान भी 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं राज्य के कुछ इलाकों में रविवार को ठण्ड से मामूली राहत मिली। शनिवार रात तक चलीं बर्फीली हवाएं रविवार बंद थीं। इससे पारा 17.5 डिग्री आ गया, जो शनिवार से तीन डिग्री ज्यादा है। वहीं रात घने कोहरे के चलते सड़क पर चलना मुश्किल हो गया।

लखनऊ में चार mm बारि

राजधानी समेत राज्य के कई हिस्सों में रविवार भी वर्षा हुई। लखनऊ में मौसम विभाग ने चार मिमी वर्षा दर्ज की। मौसम विभाग के अनुसार अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। अब बारिश के आसार नहीं है।

अगले छह दिनों का पूर्वानुमान

दिन -न्यूनतम पारा -अधिकतम पारा -मौसम

24 जनवरी 10 डिग्री 19 डिग्री सुबह धुंध-बदली

25 जनवरी 10 डिग्री 18 डिग्री सुबह धुंध-बदली

26 जनवरी 10 डिग्री 20 डिग्री सुबह धुंध-बदली

27 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

28 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

29 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

मुलायम की बहू और स्वामी प्रसाद की बेटी बनीं BJP की पोस्टर गर्ल

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी में एंट्री लेने के साथ ही मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू बीजेपी की पोस्टर गर्ल बन गईं हैं। बीजेपी ने अपर्णा यादव को पोस्टर पर जगह देते हुए कानून व्यवस्था पर विपक्ष को जवाब दिया है। पोस्टर में अपर्णा के अलावा हाल ही में बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में गए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और सांसद संघमित्रा मौर्य को भी शामिल किया गया है। बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने पोस्टर ट्वीट करते हुए लिखा, ”योगी सरकार ने यूपी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया। सुरक्षा जहां बेटियां वहां।” इससे पहले यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी और जेपी नड्डा के साथ अपर्णा की मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”बेटियां वहां… सम्मान और सुरक्षा जहां।

साधे कई कई निशाने-
बीजेपी ने इस पोस्टर के सहारे कई निशाने साधे हैं। एक तरफ पार्टी ने अखिलेश यादव को जवाब दिया तो दूसरी तरफ हाल ही में सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को भी घेरा है। स्वामी प्रसाद मौर्य खुद सपा में चले गए हैं, लेकिन बदायूं से बीजेपी के टिकट पर सांसद बनीं उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य ने साफ कर दिया है कि वह बीजेपी में ही बनी रहेंगी। बीजेपी ने इस पोस्टर के जरिए चुनाव से पहले महिला सुरक्षा के मुद्दे पर आधी आबादी को साधने की कोशिश की है।

सपा को बड़ा झटका, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव BJP में शामिल

सपा को लग सकता है बड़ा झटका, बीजेपी का दामन थाम सकती है मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव, अखिलेश यादव का कारवां छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले कई दिनों से जारी इन अटकलों पर अपर्णा यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो कयास लगाए जाने लगे कि रविवार को वह भाजपा का दामन थाम सकती हैं, लेकिन यह मामला परवान चढ़ा बुधवार को।

समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। अपर्णा के भाजपा में शामिल होने को जहां भाजपा अखिलेश यादव की बड़ी नाकामी बताते हुए परिवार तक न संभाल पाने का तंज कस रही है वहीं इस मौके पर अपर्णा यादव ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि वे मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद लेकर आई हैं। 

सभी बड़ों का है आशीर्वाद: मीडिया से बातचीत के दौरान अपर्णा ने कहा कि वह परिवार से विमुख नहीं हैं। सभी बड़ों का आशीर्वाद है। भाजपा में शामिल होने को विचारधारा की बात बताते हुए उन्होंने कहा- ‘मैं स्वतंत्र हूं। मुझे पता है मुझे क्या करना है, इसलिए बीजेपी में आई हूं। बीजेपी के भी सभी बड़ों ने मुझे आशीर्वाद दिया है। वह जरूर मेरे लिए कुछ अच्छा करेंगे। अपर्णा से जब यह पूछा गया कि यदि आप चुनाव लड़ती हैं तो क्या मुलायम आपके लिए प्रचार करेंगे तो अपर्णा ने कहा कि मुझे उनका आशीर्वाद प्राप्त है, बाकी बातें बाद की हैं।

मोदी योगी के लिए राष्‍ट्रधर्म सबसे ऊपर: अपर्णा यादव ने पीएम मोदी और सीएम योगी की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि उनके लिए राष्‍ट्रधर्म सबसे ऊपर है। बीजेपी में शामिल होने के अपने फैसले पर अपर्णा यादव ने कहा कि मैंने राष्‍ट्र को हमेशा अपना धर्म माना है। हमेशा राष्‍ट्र के लिए ही फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से मैं बहुत प्रभावित हूं। उनकी नीतियां मुझे नैतिक रूप से अच्‍छी लगती हूं। इन्‍हीं कारणों से आज भाजपा ज्‍वाइन की है। यह पूछे जाने पर कि क्‍या अखिलेश यादव और सपा राष्‍ट्रधर्म का निर्वहन नहीं करती?, अपर्णा यादव ने कहा कि वह परिवार से विमुख होकर कोई बात नहीं कहना चाहतीं। मेरा निजी विचार है कि पिछले पांच वर्षों में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने उत्‍तर प्रदेश में जिस तरह काम किया है, जितनी योजनाएं चलाई हैं, वे प्रभावशाली हैं। लखनऊ कैंट से चुनाव लड़े जाने के सवाल पर अपर्णा ने कहा कि वह किसी शर्त के तहत भाजपा में नहीं आई हैं। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि इस चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलेगा और उत्‍तर प्रदेश में उसी की सरकार बनेगी। 

राष्‍ट्र की अराधना करने निकली अपर्णा: उन्होंने कहा, ‘सभी लोग जानते हैं कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से प्रभावित रही हूं। मेरे चिंतन में राष्‍ट्र सबसे पहले है। राष्‍ट्र का धर्म मेरे लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी है। मैं राष्‍ट्र की अराधना करने निकली हूं। इसमें मुझे सबका सहयोग चाहिए।’ अपर्णा ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं खासकर स्‍वच्‍छ भारत अभियान और महिलाओं तथा बेरोजगारों के लिए शुरू की गई योजनाओं की तारीफ की। 

Aparna Yadav: सपा के घर में ही स्ट्राइक, बीजेपी में शामिल हो सकती हैं मुलायम  सिंह की छोटी बहू अपर्णा - aparna yadav Mulayam Singh daughter in law likely  to join BJP

राजनैतिक सफर- अपर्णा बिष्ट यादव लखनऊ की कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2017 में विधानसभा लड़ चुकी हैं। अपर्णा पहले सीएम योगी से मुलाकात कर चुकी हैं और समय-समय पर पीएम मोदी व सीएम योगी की प्रशंसा करती रहती हैं। अपर्णा बिष्ट यादव को योगी सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है।
  
विदित हो कि मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव और अपर्णा ने सालों के प्रेम संबंध के बाद 2011 में शादी की थी। 2011 में हुई ये शादी शहर की चर्चित शादियों में से एक थी। अपर्णा-प्रतीक की इस शादी में अनिल अंबानी, अमिताभ बच्चन सरीखे सेलिब्रेटीज शामिल हुए थे। अर्पणा बिष्ट यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है।

aparna yadav- India TV Hindi

पत्नी को राजनीति में देखना चा‌हते हैं प्रतीक
जानकारों की मानें तो प्रतीक खुद राजनीति में नहीं आना चाहते, वो अपनी पत्नी अपर्णा यादव को राजनीति में देखना चा‌हते हैं। अपनी पत्नी अपर्णा को प्रतीक हर तरह की आजादी देते हैं। इसका उदाहरण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करके अपर्णा यादव सुर्खियों में आ गई थीं।

कमाल को श्रद्धांजलि उनकी सौम्यता, विनम्रता सीखने से होगी – के. विक्रम राव

कमाल को श्रद्धांजलि उनकी सौम्यता, विनम्रता सीखने से होगी – के. विक्रम राव

यूपी प्रेस क्लब में दी गई श्रद्धांजलि

लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान को श्रद्धांजलि देते हुए इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के अध्यक्ष के. विक्रम राव ने कहा कि कमाल हम सब पत्रकारों से जुदा था। उससे हमें सीखना चाहिये, जैसे उसकी विनम्रता। उसे जो कहना होता था वो अपनी बात बड़े सहज़ ठंग से कहता है। उसका आखरी विश्लेषण देखियेगा, जिसमें उसने सभी पार्टियों में हो रही दलबदल पर बताया था। उसका विश्लेषण निष्पक्ष, सौम्य और सटीक था। हम कमाल को असली श्रद्धांजलि, उसकी सौम्यता और विनम्रता को अपने अंदर सम्मलित कर ही दे सकते हैं। श्री राव ने कहा कि एक संदेश दे गया कमाल। जिस पर हमें विचार करना होगा। कमाल ने अपने आँखें दान कर दीं, जिससे दो दृष्टिहीन को दुनिया देखने को मिल रहीं है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यूज़पेपर एम्पलाइज के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवगोपाल मिश्रा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कमाल खान जब भी रेलवे की कोई स्टोरी करते थे तो मुझसे पूछा करते थे। मुझे याद है एक बार रायबरेली कोच फैक्ट्री के विषय में स्टोरी पर उन्होंने मुझ से चर्चा की थी और मेरे कहने पर उन्होंने उस स्टोरी में दोनों पक्षों का मत रखा।


यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, प्रदेश महामंत्री प्रेम कांत तिवारी, लखनऊ मंडल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव शिवशरण सिंह, लखनऊ मंडल के महामंत्री के विश्वदेव राव, यूपी प्रेस क्लब के संयुक्त सचिव इफ्तिदा भट्टी, शिव विजय सिंह, प्रदीप उपाध्याय, महिमा तिवारी, अशोक नवरत्न, इश्तियाक अहमद, अब्दुल वहीद, जुबेर खान, आरिफ मुकीम, अभिषेक मिश्र, विजय मिश्र, शाश्वत तिवारी, राजीव बाजपेई आदि पत्रकार गण ने पुष्प अर्पित किए।

E-Shram Card: खाते में जल्द आ सकते हैं ₹1000

श्रमिकों के खाते में जल्द आ सकते हैं बकाया 1000 रुपए

लखनऊ। योगी सरकार ने ई-श्रम पोर्टल के तहत श्रमिकों को 500 रुपए महीना देने का ऐलान किया था। पिछले महीने सरकार ने इस स्कीम के तहत 1000 रुपए की राशि करीब 2 करोड़ श्रमिकों के खाते में ट्रांसफर की थी। इसकी अगली किश्त जल्दी ही खाते में ट्रांसफर हो सकती है।

ट्रांसफर किए हैं अबतक 1000 रुपए – ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 22 करोड़ से ज्‍यादा कामगरों ने रज‍िस्‍ट्रेशन कराया है। वहीं, यूपी में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या करीब 8 करोड़ हो गई है। यूपी की योगी सरकार ने पिछले महीने इन श्रमिकों के खाते में 1000 रुपए की किश्त ट्रांसफर की थी।

2000 रुपए देना था भत्ता – इस पोर्टल के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वालों को कुल 2000 रुपए भत्ता दिया जाना था, लेकिन अभी तक 1000 रुपए ही ट्रांसफर किए गए हैं। जल्द ही सरकार बकाया 1000 रुपए भी लोगों के खाते में ट्रांसफर कर देगी। इस समय सभी लोग अगली किश्त का इंतजार कर रहे हैं।

पश्चिम UP के सपा-रालोद प्रत्याशी घोषित

लखनऊ। विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने गठबंधन के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 29 विधानसभा सीटों के लिये उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है।

सपा की ओर से जारी बयान के अनुसार सूची में 20 विधानसभा सीटों पर रालोद और नाै सीटों पर सपा के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। उम्मीदवारों में कैराना से नाहिद हसन (सपा), शामली से प्रसन्न चौधरी (रालोद), चरथावल से पंकज मलिक (सपा), पुरकाजी से अनिल कुमार (रालोद), खतौली से राजपाल सिंह सैनी (रालोद), नहटौर से मुंशी राम (रालोद), किठौर से शाहिद मंजूर (सपा), मेरठ से रफीक अंसार (सपा), बागपत से अहमद हमीद (रालोद), लोनी से मदन भैया (रालोद), साहिबाबाद से अमर पाल शर्मा (सपा), मोदीनगर से सुरेश शर्मा (रालोद), धौलाना से असलम चौधरी (सपा), हापुड़ से गजराज सिंह (रालोद), जेवर से अवतार सिंह भड़ाना (रालोद), बुलंदशहर से हाजी यूनुस (रालोद), स्याना से दिलनवाज खान (रालोद), खैर से भगवती प्रसाद सूर्यवंशी (रालोद), कोल से सलमान सईद (सपा), अलीगढ़ से जफर आलम (सपा), सादाबाद से प्रदीप चौधरी गुड्ड (रालोद), छाता से तेजपाल सिंह (रालोद), गोवर्धन से प्रीतम सिंह (रालोद), बल्देव से बबीता देवी (रालोद), आगरा कैंट से कुंअर सिंह वकील (सपा), आगरा देहात से महेश कुमार जाटव (रालोद) फतेहपुर सीकरी से ब्रिजेश चाहर (रालोद), खैरागढ़ से रौतान सिंह (रालोद) और बाह से मधुसूदन शर्मा (सपा) शामिल हैं। विदित हो कि इन सीटों पर पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान होना है। इस चरण के लिये चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।

योगी सरकार के मंत्री ने थामा सपा का हाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव  से पहले सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को उनके ही मंत्री ने बड़ा झटका दिया है। भाजपा के बड़े नेता और योगी सरकार के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को भाजपा से इस्तीफा दे कर समाजवादी पार्टी का हाथ थाम लिया है। उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात भी की। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अपना इस्तीफा भेजा है। मौर्य ने मौजूदा सरकार में दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे व्यापारियों की उपेक्षा होने का आरोप लगाया है।

योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पत्र में लिखा है कि, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है, किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं.”

वहीं मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मौर्य का स्वागत करते हुए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा है कि, “सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन! सामाजिक न्याय का इंक़लाब होगा ~ बाइस में बदलाव होगा.”

अखिलेश से सीधे संपर्क में थे स्वामी प्रसाद मौर्य!

पिछले कई दिनों से चर्चा चल रही थी कि स्वामी प्रसाद मौर्य, बीजेपी का दामन छोड़कर अखिलेश यादव की साईकिल पर सवार हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के ज्वॉइनिंग मामले को सीधे अखिलेश यादव देख रहे थे और बातें उनके स्तर पर ही हो रही थी। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

अखिलेश कर रहे पिछड़ी जाति की गोलबंदी

पिछले चुनाव में बीजेपी को सत्ता में पहुंचाने का श्रेय पिछड़ी जातियों को जाता है और इस बार अखिलेश यादव हर हाल में पिछड़ी जातियों को अपने तरफ मोड़ने में लगे हैं। यही वजह है कि छोटे छोटे दलों से गठबंधन के अलावा उन्होंने पिछड़े नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराने का अभियान छेड़ रखा है। स्वामी प्रसाद मौर्य इस अभियान का हिस्सा हैं।

दो और मंत्री दे सकते हैं इस्तीफा

स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री धर्म सिंह सैनी और दारा सिंह चौहान के भी इस्तीफे की अटकलें हैं। धर्म सिंह और दारा सिंह दोनों उनके खेमे के माने जाते हैं। तीनों योगी सरकार में मंत्री हैं, लेकिन तीनों बीएसपी के बड़े नेता रहे हैं और बसपा सरकार में भी मंत्री रहे हैं। ऐसे में इन तीनों के भाजपा छोड़ने की चर्चा है।

संघमित्रा के भाषण में हुई थी टोकाटाकी

पिछले दिनों लखनऊ के कार्यक्रम में स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और बदायूं से बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य को जब बोलते वक्त टोकाटाकी की गई थी तो उन्होंने मुख्यमंत्री और अध्यक्ष के सामने ही अपनी नाराजगी दिखाते हुए माइक छोड़ दिया था हालांकि बाद में उन्हें मना कर वापस भाषण देने के लिए कहा गया।

स्वामी प्रसाद के सपा में आने की वजह ऊंचाहार सीट

स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य रायबरेली की ऊंचाहार सीट से पिछले बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, हालांकि बहुत कम अंतर से वह चुनाव हार गए थे लेकिन कहा यह जा रहा है कि बीजेपी से वह सीट जीतना बेहद मुश्किल है. ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को अगर यह सीट जीतनी है तो समाजवादी पार्टी से ही वह जीत सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी एक बार फिर स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को ऊंचाहार सीट से टिकट देने को तैयार है लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य को लगता है कि इस सीट के लिए समाजवादी पार्टी ही मुफीद है।

प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक

प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक

बेसिक विभाग ने खण्ड शिक्षाधिकारियों के तबादले में किया गया है जमकर खेल

आचार संहिता लगने के बाद बैक डेट में रात्रि में ही जारी की लिस्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक विभाग ने आचार संहिता लागू होने के बाद में बड़े स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादला हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता है कि प्रयागराज के जिलाधिकारी ने बिना रिलीव हुए ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक आबंटित कर दिया। प्रयागराज के डीएम संजय खत्री ने रायबरेली के दो बीईओ की ड्यूटी ब्लॉक आवंटन के साथ में माघ मेला में लगा दी है। सबसे मजे कि बात ये है कि अभी वह रायबरेली से रिलीव भी नहीं हुए है कि उन्हें प्रयागराज के डीएम के पास में ब्लॉक आवंटन की सूची पहुँच गई है। ब्लॉक आवंटन की सूची प्रयागराज के बीएसए प्रवीण तिवारी की तरफ से भेजी गई है। उनकी तरफ से किस तरह खेल किया गया है इसका बड़ा नमूना ब्लॉकों का आवंटन है।

बता दें, बेसिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले आचार संहिता लगने के बाद में किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बैक डेट में सात जनवरी को तबादले किये हैं, जबकि खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे ऑर्डर 8 जनवरी की रात में किया है। विभाग के बड़े अधिकारियों ने खेला करते हुए रात्रि में ही लगभग 450 खण्ड शिक्षाधिकारियों की लिस्ट जारी की है। तबादला होने वाले खण्ड शिक्षाधिकारियों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों की तरफ से मनमानी की गई है और चुनाव आयोग के पत्र का हवाला देकर भारी संख्या में तबादला करके परेशान करने का काम किया गया है। वहीं, विभाग के इस काम से खण्ड शिक्षा अधिकारी संघ ने भी आपत्ति जाहिर की है और अधिकारियों से नाराज है। संघ ने अधिकारियों से वार्ता भी की, लेकिन अभी तक कुछ खास नतीजा नहीं निकलकर आया है।

बिना जिला रिलीव हुए ही मिल गया ब्लॉक

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में किस तरह से खेल किया गया और इसमें कितने अधिकारी शामिल है; इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज के डीएम ने बिना जिलों से रिलीव हुए बीईओ की ड्यूटी लगाई है। माघ मेला की जिलाधिकारी संजय खत्री की तरफ से जारी की गई सूची में दो ऐसे खण्ड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जो अभी रायबरेली जिले से रिलीव ही नहीं हुए है। रायबरेली के सलोन और ऊंचाहार ब्लॉक में तैनात रहे विश्वनाथ प्रजापति और अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में विकासखंड भी आवँटित कर दिए गए हैं। अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में सैदाबाद और विश्वनाथ प्रजापति को फूलपुर विकास खण्ड आवँटित कर दिया गया है।

इन जिलों के डीएम ने रिलीव करने से किया मना

बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भले ही खण्ड शिक्षाधिकारी का तबादला कर दिया गया है लेकिन चुनाव में बाधा आने की वजह से कई जिलों के डीएम ने बीईओ को रिलीव करने से मना कर दिया है। बरेली, मिर्जापुर, ललितपुर, सहारनपुर,अमेठी, बहराइच, कन्नौज, एटा, प्रयागराज, शाहजहॉपुर, फतेहपुर, कौशांबी, मुरादाबाद,बलरामपुर, लखीमपुर, बांदा, अंबेडकर नगर, मथुरा, सुल्तानपुर, मैनपुरी के डीएम ने रिलीव करने से मना कर दिया है। बता दें, जिला निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से बीईओ को एआरईओ से लेकर मास्टर ट्रेनर तक में ड्यूटी लगा दी गई है और उन लोगों ने ट्रेनिंग भी ले ली है, ऐसे में उन्हें कार्यमुक्त करने से निर्वाचन कार्य में बाधा भी आएगी।

खबर का दिखा असर: विभाग ने मानी गलती, कुछ स्थान्तरण निरस्त

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में की गई धांधली को प्रमुखता के साथ में प्रकाशित किया गया। इसका असर यह दिखा है कि आज निदेशालय की तरफ से बैक डेट में फिजा मिर्जा, अजय तिवारी और भारती शाक्य का तबादला बदलकर निकट के जिलों में कर दिया गया है। विभाग की तरफ से बैक डेट में संशोधन करके ही उन्हें पास के जिलों में तैनाती दी गई है।

लखनऊ में मनाई गई गुरु गोविंद सिंह जी महाराज जयंती

ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब यहीआ गंज लखनऊ में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज मनाई गई जयंती

लखनऊ। गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब यहीआ गंज एक पावन पवित्र स्थान है। यहां पर महान बलिदानी सतगुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी आकर 3 दिन रुके थे एवं नगर के आसपास की साध संगत को एक प्रभु परमात्मा के साथ जुड़कर मानव सेवा में अच्छे कार्य करने का उपदेश दिया। इसके पश्चात सन 1672 ईस्वी में बाल अवस्था में सतगुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज अपनी माता, माता गुजरी जी एवं मामा कृपाल चंद जी के साथ इस पवित्र स्थान पर 2 महीने रुके थे।

इस पवित्र स्थान से श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का सदैव भावनात्मक संबंध रहा है। श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने वर्ष 1686 में पोटा साहिब से हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब अपने हस्ताक्षर करके इस स्थान पर भेजे थे। प्राप्त जानकारी के आधार पर इस प्रकार के हस्तलिखित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन भारत में बहुत दुर्लभ हैं और इसी स्थान पर मौजूद हैं ।

इसके पश्चात वर्ष 1693 ईस्वी में एवम् वर्ष 1701 ईसवी में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के दो हुक्मनामे (हस्तलिखित चिट्ठी) यहां की संगत को भेजे गए थे, जो भाग्यवश इस पवित्र स्थान पर मौजूद एवं सुरक्षित हैं, जिनके दर्शन करके संगत अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस करती है ।

ऐसे महान तेजस्वी युगपुरुष 700 वर्ष से बना मुगलों का साम्राज्य समाप्त करने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का प्रकाश पर्व मनाने के लिए 9 जनवरी दिन रविवार सुबह 4:00 बजे से ही संगत आने लगी थी। गुरुद्वारा याहिया गंज साहिब में जो कि शीश महल की तरह बहुत शोभनीय दिखाई दे रहा था, उस अति शोभनीय पावन दरबार हाल में सुबह 4:00 बजे से दीवान की आरंभ था। नितनेम की 5 बाणीयों को पढ़कर की गई। उसके उपरांत श्री सुखमणि साहिब का पाठ एवं संगत मुख्य ग्रंथी ज्ञानी परमजीत सिंह जी द्वारा किया गया। उसके उपरांत श्री अखंड पाठ साहिब की संपूर्णता की गई; फिर बंगला साहिब दिल्ली से आए भाई अमनदीप सिंह जी ने आसा की वार का कीर्तन किया, फिर ज्ञानी जगजीत सिंह जाचक जी ने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के बाल्यावस्था एवं उनके सामाजिक संघर्षों के बारे में कथा करके संगत को गुरु महाराज के सिद्धांतों से अवगत कराया। उसके उपरांत याहिया गंज के हजूरी रागी भाई वीर सिंह जी ने कीर्तन किया। लखनऊ की रहने वाली बीवी सिमरन कौर जी ने संगत को कीर्तन द्वारा निहाल किया उसके उपरांत गुरुद्वारा शीश गंज साहिब दिल्ली से आए ज्ञानी अंग्रेज सिंह जी ने संगत को गुरु महाराज के इतिहास से अवगत कराया। अमृतसर से आए भाई गुरकीरत सिंह जी ने संगत को कीर्तन श्रवण कराकर भावविभोर किया। इसके साथ ही जो गुरसिक्खी बड़ा मुकाबला रखा गया था, उसके तहत छोटे-छोटे बच्चे एवं नवयुवक सभी सिख धर्म की परंपरागत वेशभूषा में सज धज कर आए हुए थे, जिन्होंने अपने परंपरागत पोशाक का बहुत अच्छे से प्रदर्शन किया। उनको देखकर पुरातन समय की सीखी की याद आने लगी। सभी संगत के लोग उन बच्चों की परंपरागत पोशाक की सराहना कर रहे थे। गुरुद्वारा अध्यक्ष डॉ गुरमीत सिंह जी ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके साथ साथ 8 जनवरी शाम को जो प्रश्नोत्तरी जारी की गई थी, उसमें भी सैकड़ों पत्र जवाब लिखकर आए विजेताओं को गुरुद्वारा अध्यक्ष डॉक्टर गुरमीत सिंह, महासचिव सरदार परमजीत सिंह, कोषाध्यक्ष गुलशन जोहर, मनजीत सिंह तलवार, सतनाम सिंह सेठी, एस.पी.सेठी, हरमिंदर सिंह मिंदी सहित सभी सम्मानित महानुभाव ने बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया।

तत्पश्चात रात्रि के समय गुरु महाराज के प्रकाश के समय ज्ञानी अंग्रेज सिंह जी ने प्रकाश कथा की और भाई वीर सिंह जी ने नाम सिमरन वह जयकारों की गूंज से फूलों की वर्षा करते हुए गुरु महाराज का प्रकाश पर्व मनाया फूलों की वर्षा होते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि फूल गुरुद्वारा साहिब की बालकनी से नहीं मानो सीधे स्वर्ग से देवताओं द्वारा बरसाई जा रहे हो क्यों ना हो क्योंकि संगत में ही देवताओं का निवास रहता है बड़ी ही श्रद्धा भावना प्यार सम्मान सत्कार के साथ गुरुद्वारा यहीआ गंज में गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मनाया गया साथ ही जितने भी मीडिया कर्मी गुरुद्वारा साहिब में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया जो कवरेज करने के लिए पहुंचे हुए थे एवम् प्रशासनिक अधिकारियों सहित सभी श्रद्धालु जनों सभी को डॉक्टर अमरजोत सिंह देवेंद्र सिंह गगनदीप सिंह सेठी गगन बग्गा ,जसप्रीत सिंह गुरजीत छाबड़ा सन्नी आनंद द्वारा सभी का स्वागत करते हुए उनको सम्मान भेंट किया सारा दिन गुरु का लंगर अटूट वितरित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी हेतु सम्मानित हैं पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव व उनका परिवार

विश्व हिंदी दिवस (10 जनवरी) : तीन पीढ़ियों संग हिंदी के विकास में जुटा है पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव का परिवार

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिंदी हेतु कई सम्मानों से विभूषित हैं पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव व उनका परिवार

लखनऊ। ‘विश्व हिन्दी दिवस’ प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना व हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। हिंदी को लेकर तमाम संस्थाएँ, सरकारी विभाग व विद्वान अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का अनूठा परिवार ऐसा भी है, जिसकी तीन पीढ़ियाँ हिंदी की अभिवृद्धि के लिए न सिर्फ प्रयासरत हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कई देशों में सम्मानित हैं।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के परिवार में उनके पिता श्री राम शिव मूर्ति यादव के साथ-साथ पत्नी आकांक्षा यादव और दोनों बेटियाँ अक्षिता व अपूर्वा भी हिंदी को अपने लेखन से लगातार नए आयाम दे रही हैं। देश-दुनिया की तमाम पत्रिकाओं में प्रकाशन के साथ श्री कृष्ण कुमार यादव की 7 और पत्नी आकांक्षा की 3 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में इस परिवार का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अग्रणी है।

‘दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति’ सम्मान से विभूषित यादव दम्पति को नेपाल, भूटान और श्रीलंका में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन’ में ‘परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान’ सहित अन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। जर्मनी के बॉन शहर में ग्लोबल मीडिया फोरम (2015) के दौरान ‘पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड’ श्रेणी में सुश्री आकांक्षा यादव के ब्लॉग ‘शब्द-शिखर’ को हिंदी के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है।

सनबीम स्कूल, वरुणा, वाराणसी में अध्ययनरत इनकी दोनों बेटियाँ अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी इसी राह पर चलते हुए अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के बावजूद हिंदी में सृजनरत हैं। अपने ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया’ हेतु अक्षिता को भारत सरकार द्वारा सबसे कम उम्र में ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका (2015) में भी अक्षिता को “परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया गया। अपूर्वा ने भी कोरोना महामारी के दौर में अपनी कविताओं से लोगों को सचेत किया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का कहना है कि, सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। डिजिटल क्रान्ति के इस युग में हिन्दी में विश्व भाषा बनने की क्षमता है। वहीं, उनकी पत्नी आकांक्षा यादव का मानना है कि हिन्दी भाषा भारतीय संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम होने के साथ-साथ भारत की भावनात्मक एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। आप विश्व में कहीं भी हिन्दी बोलेगें तो आप एक भारतीय के रूप में ही पहचाने जायेंगे।

BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे अधिकारी: सपा

लखनऊ। विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान होने के साथ ही उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही हैं। सभी पार्टियां जोर-शोर से चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं। वहीं अब प्रचार के साथ चुनाव आयोग (EC) से शिकायत करने का सिलसिला तेज होता जा रहा है।

समाजवादी पार्टी ने लिखा EC को पत्र

सपा (SP) ने यूपी सरकार (UP Government) के कई अधिकारियों को हटाने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा। शिकायती पत्र में पार्टी ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार और एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश को हटाने की मांग की है।

समाजवादी पार्टी के नेताओं का मानना है कि इन सभी अधिकारियों को एक साथ हटाए बिना प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं है। सपा का यह भी कहना है कि ये सभी सरकारी अधिकारी किसी चुनावी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं।

निष्पक्ष चुनाव के लिए EC का सख्त होना जरूरी: मायावती

यूपी में अभी भी चल रहा है जंगलराज। चुनाव को दिया जा रहा धार्मिक रंग। कहने से ज्यादा करने में विश्वास करती है बीएसपी। फ्री और फेयर होने चाहिए चुनाव। वर्तमान सरकार से यूपी की जनता परेशान।

लखनऊ। बीएसपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने चुनाव आचार संहिता सख्ती से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया है। राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस पर सख्ती से नजर रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी में EC का खौफ जरूरी है। ‘निष्पक्ष चुनाव के लिए उसका सख्त होना जरूरी’ है, वह शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव को धार्मिक रंग दिया जा रहा है। चुनाव लोकतंत्र का त्योहार है। साथ ही कहा कि बीएसपी एक अनुशासित पार्टी है। हमारे कार्यकर्ता आचार संहिता का पालन करेंगे। बीएसपी की कथनी-करनी में कोई अंतर नहीं है। ‘बीएसपी कहने से ज्यादा करने में विश्वास करती है’, अधिकारी निष्पक्ष रूप से कार्य करें। ये चुनाव फ्री और फेयर होने चाहिए। जनता इस बार बीएसपी को सत्ता में लाएगी। अभी भी यूपी में जंगलराज चल रहा है, जबकि हमारी सरकार में कानून का राज रहा है। वर्तमान सरकार से यूपी की जनता परेशान हो चुकी है, इस बार जनता की हितैषी बीएसपी की सरकार बनेगी। बसपा सुप्रीमो ने जनता को सचेत करते हुए कहा कि वह दूसरे दलों के प्रलोभन से दूर रहे। चुनावी घोषणा पत्र के बहकावे में न आएं। चुनाव में बाधा डालने की इजाजत किसी को नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर बैठक बुलाई है। पंजाब में भी बीएसपी गठबंधन की सरकार बनेगी।

इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक के बाद एक कर के चार ट्वीट किये; जिसमें उन्होंने कहा कि…

  1. यूपी सहित पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तिथि की घोषणा का स्वागत। आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आयोग यह चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुचारू व शान्तिपूर्वक कराने की अपनी ज़िम्मेदारी को जन अकांक्षा के अनुरूप पूरी मुस्तैदी से जरूर निभाएगा।
  2. खासकर सत्ताधारी पार्टी द्वारा हर चुनाव में नए-नए हथकण्डे अपनाकर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने की प्रवृति घातक रूप से आम होती जा रही है, जिस पर इस चुनाव में पूरी गंभीरता से ध्यान देने एवं तत्परता के साथ उसके विरुद्ध कार्रवाई करने की चुनाव आयोग से ख़ास अपील।
  3. चुनाव लोकतंत्र का त्योहार है, जिसके प्रति खासकर ग़रीब, मजदूर व मेहनतकश लोग अति उत्साहित रहते हैं, जिनकी भावना व अधिकारों की विशेषकर वोटिंग वाले दिन हर प्रकार से रक्षा जरूर हो। नागरिकों के मताधिकार की रक्षा उनके मूलभूत अधिकार की तरह संविधान के मंशा के अनुरूप हो तो बेहतर।
  4. बी. एस. पी. के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व उम्मीदवारों आदि को भी सख्त निर्देश है कि वे पार्टी अनुशासन के साथ-साथ आज से ही लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता ( Model Code of Conduct) का कड़ाई के साथ अनुपालन करें।

ओम प्रकाश राजभर की भाजपा में वापसी की अटकलें!

लखनऊ। 300 पार के मिशन को लेकर भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व बेहद संजीदा है। यही कारण है कि रूठों को मनाने और साथ छोड़ कर जाने वालों को घर वापस लाने की प्रक्रिया पिछले काफी समय से जारी है। इसी क्रम में यूपी विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी गलियारों में एक बार फिर ओम प्रकाश राजभर की भाजपा वापसी की चर्चा चल पड़ी है। इस बात को हवा इसलिए भी मिली क्योंकि बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह ने शनिवार को एक बार फिर ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की। हालांकि इन दोनों में क्या बातें हुईं यह सामने नहीं आ पाई है पर कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी ओम प्रकाश राजभर को अपने खेमे में फिर से शामिल करना चाहती है। इसलिए दयाशंकर सिंह उनसे बार-बार मुलाकात कर रहे हैं।

दूसरी ओर बीजेपी का सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने भी एक प्रेसवार्ता में कहा था कि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर फिर से साथ आएं, इसके लिए कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश राजभर हमारे भाई हैं। पता नहीं कौन उनका राजनीतिक सलाहकार बन गया है, जो बार-बार उनका नुकसान करा दे रहा है। वह हम लोगों के साथ आएं, इसके लिए कोशिश की जा रही है। 

टैक्स चोरी में वाणिज्य कर विभाग के 14 अधिकारी निलंबित

लखनऊ। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत शासन ने कर चोरी में संलिप्त पाए गए मुरादाबाद के वाणिज्य कर विभाग के 14 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन पर कम टैक्स जमा करने का आरोप है, जिससे सरकार को करीब 25 लाख रुपए राजस्व की हानि हुई थी। इस संबंध में द मुरादाबाद टैक्स बार, जोनल टैक्स बार एवं टैक्स बार एसोसिएशन ने 18 सितंबर 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री को संयुक्त शिकायती पत्र भेजा था।

मामले में सचल दल अधिकारियों की अनियमित कार्यप्रणाली, गठित भौतिक सत्यापन समिति की अनियमित कार्यप्रणाली और जोनल एडिशनल कमिश्नर द्वारा भ्रामक आख्या प्रेषित करने के कारण 14 अधिकारियों तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

निलंबित किए गए वरिष्ठ अधिकारियों में 2 एडिशनल कमिश्नर, 4 ज्वाइंट कमिश्नर, 4 असिस्टेंट कमिश्नर और 4 वाणिज्य कर अधिकारी शामिल हैं, वहीं 14 अधिकारियों पर कार्रवाई होने से पूरे प्रदेश के वाणिज्यकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

ये अधिकारी हुए निलंबित

निलंबित होने वालों में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 अरविंद कुमार-1, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 मुरादाबाद अवधेश कुमार सिंह, ज्वाइंट कमिश्रर सम्भाग ए मुरादाबाद, ज्वाइंट कमिश्नर संभाग बी मुरादाबाद चन्द्र प्रकाश मिश्र शामिल है। इसके अलावा, ज्वाइंट कमिश्नर (कारपोरेट) मुरादाबाद डॉ. श्याम सुंदर तिवारी, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) सम्भाग बी मुरादाबाद अनूप कुमार प्रधान, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) चतुर्थ इकाई, मुरादाबाद कुलदीप सिंह प्रथम, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) पंचम इकाई मुरादाबाद सत्येंद्र प्रताप, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) षष्टम इकाई मुरादाबाद राकेश उपाध्याय और असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) द्वितीय इकाई मुरादाबाद, देवेंद्र कुमार प्रथम शामिल हैं।

कर चोरी करा रहे थे अधिकारी
दरअसल मुरादाबाद के वाणिज्य कर विभाग के सचल दल ने 26 और 27 जुलाई 2021 को दो ट्रक यूपी-23 टी-5177 और यूपी-23 एटी-1745  को जांच के लिए पकड़ा था। इन दोनों मामले में व्यापारियों से सांठगांठ कर कम टैक्स जमा करवाया गया। इससे विभाग को करीब 25 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। एक ट्रक में 10.97 लाख और दूसरे ट्रक में 15.37 लाख रुपए की राजस्व हानि हुई। मामले की जांच की गई तो कई अधिकारियों को दोषी पाया गया। इसके बाद वाणिज्यकर अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

₹6 हजार तक बढ़कर मिलेगी रोडवेज कर्मियों को तनख्वाह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों को जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। इसके लिए परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक संजय सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश भर के हजारों रोडवेज कर्मियों को दो से छह हजार रुपए प्रति माह का फायदा मिलने की उम्मीद है।

पहली बार रोडवेज कर्मचारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में एक मुश्त मिलने जा रहा है। परिवहन निगम के कर्मचारियों को अभी तक सात फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा था। अब दस प्रतिशत और बढ़कर कुल 17 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। फिलहाल रोडवेज कर्मचारियों को एक जुलाई 2021 से 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मंजूरी उत्तर प्रदेश शासन से मिली है। इससे प्रदेश भर के हजारों रोडवेज कर्मियों को हर माह सैलरी दो हजार से छह हजार रुपए बढ़कर मिलेगी।

परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक संजय सिंह ने जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता नियमित कर्मचारियों को देने का आदेश जारी कर दिया है। परिवहन निगम की तरफ से पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी 17 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। दरअसल, 27 दिसंबर, 2021 को सार्वजनिक उद्यम विभाग की अध्यक्षता में गठित अधिकृत कमेटी ने डीए यानी महंगाई भत्ते के पेमेंट को मंजूरी दे दी थी।

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष चंद्रशेखर पांडे व महामंत्री गिरीश मिश्र ने बताया कि प्रमुख सचिव परिवहन से बीते 14 दिसम्बर 2021 को हुई वार्ता में रोडवेज कर्मचारियों को 17 फीसदी महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया था। उसी निर्णय के क्रम में अब आदेश जारी करने के लिए प्रमुख सचिव परिवहन और प्रबंध निदेशक नवदीप रिणवा को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।

विदित हो कि यूपी रोडवेज और दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी संगठन अरसे से महंगाई भत्ते को लेकर लड़ाई लड़ रहे थे। रोडवेज के भी कर्मचारी संगठन महंगाई भत्ते को लेकर लगातार मांग कर रहे थे।

बसों में लोड फैक्टर 70 फीसदी लाने की अपील
उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, महामंत्री रमाकांत सचान और अवध यादव ने इसे कर्मचारियों की जीत बताया है। उन्होंने कर्मचारियों से निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए 70 फीसदी यात्री लोड फैक्टर लाने की अपील की है।

घरेलू बिजली दरों में हुई आधे की कटौती

किसानों के बाद उत्तर प्रदेश के अन्य उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में बड़ी राहत की घोषणा

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिजली की दरों में कमी का एलान किया। अब शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी

लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के बाद अन्य बिजली उपभोक्ताओं को भी बड़ा उपहार दिया है। इसके तहत शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट किया गया है।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिजली दरों में कमी का एलान किया। इसके तहत शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट किया गया है। इसके साथ ही फिक्स चार्ज 130 रुपए प्रति हॉर्स पावर से घटकर 65 रुपए प्रति हॉर्स पावर किया गया है। एनर्जी एफिशिएंट पंप में दर 1.65 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 83 पैसे प्रति यूनिट तथा फिक्स चार्ज 70 रुपए प्रति हॉर्स पावर की जगह 35 रुपए प्रति हॉर्स पावर किया गया है।

श्रीकांत शर्मा ने बताया कि निजी नलकूप के नए बिलों में, ग्रामीण मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर 2 रुपए प्रति यूनिट से घटकर एक रुपए यूनिट व फिक्स चार्ज 70 रुपए प्रति हॉर्स पावर से घटकर 35 रुपए प्रति हॉर्स पावर होगा। अनमीटर्ड कनेक्शन में फिक्स चार्ज 170 रुपए प्रति हॉर्स पावर की जगह 85 रुपए प्रति हॉर्स पावर होगा। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में निजी नलकूप कनेक्शनों की विद्युत दरों में 50 प्रतिशत की कमी कर बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हार्दिक अभिनंदन है।”

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुरुवार को सिंचाई के लिए निजी नलकूप की मौजूदा बिजली दर में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय किया था। इससे राज्य के 13 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा। उनका सिंचाई का खर्चा आधा हो जाएगा। बिजली की दरों में 50 प्रतिशत की कटौती करने के लिए सरकार लगभग एक हजार करोड़ रुपए का अनुदान उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को देगी। देश के दूसरे कई राज्यों में जहां सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली मिल रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में किसानों के निजी नलकूप की बिजली की दर दो रुपए से छह रुपए यूनिट तक है। फिक्स चार्ज भी 70 रुपए से 130 रुपए प्रति हार्सपावर (एचपी) है।

अखिलेश ने किया था 300 यूनिट फ्री का वादा

हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनावी वादे में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा किया था। इसके अलावा कहा था कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त मिलेगी। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजकल कई दल जगह जगह जाकर 300 यूनिट और 200 यूनिट फ्री बिजली देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन यह कोई नहीं दे सकता है। इसका फॉर्मूला सिर्फ और सिर्फ हमारी सरकार को आता है।

12981 करोड़ रुपए से बनेंगे 572 किलोमीटर लंबे 15 राष्ट्रीय राजमार्ग

लखनऊ। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी, अयोध्या और बस्ती में 12981 करोड़ रुपये की लागत वाली 572 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 

श्री गडकरी ने कौशांबी में 2659 करोड़ रुपये की लागत वाली 6 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने अयोध्या में 8,698 करोड़ रुपये की लागत वाली 6 एनएच परियोजनाओं की आधारशिला रखी और बस्ती में मंत्री महोदय ने 1,624 करोड़ रुपये की लागत वाली 3 एनएच परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

बताया गया है कि अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग बन जाने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अयोध्या रिंग रोड बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या दूर हो जाएगी। भगवान श्री राम वन गमन मार्ग के निर्माण से महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी और श्रृंगवेरपुर धाम जुड़ जाएंगे। एनएच-233 के निर्माण से लुम्बिनी स्थित भगवान बुद्ध की जन्मस्थली वाराणसी और सारनाथ से जुड़ जाएगी।

यूपी में डरा रहे कोरोना के आकंड़े

कोरोना पकड़ने लगा रफ्तार, एक दिन में मिले 193 केस: सबसे ज्यादा गौतमबुद्धनगर में 38, मेरठ में 27, लखनऊ में 26 पॉजिटिव केस, एक्टिव केस हुए 645

लखनऊ। यूपी में 24 घंटे में 193 केस मिले हैं, इसी के साथ प्रदेश में सक्रिय मामलें 645 तक पहुंच गए।

यूपी में कोरोना के आकंड़े डरा रहे हैं। राज्य में कोरोना के सक्रिय केस अब साढ़े छह सौ के करीब पहुंच गए हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 193 पॉजिटिव केस रिपोर्ट सामने आए हैं। सबसे ज्यादा मामले गौतमबुद्ध नगर में मिले हैं। यहां एक ही दिन में 38 केस रिपोर्ट किए गए हैं। वहीं, मेरठ में 27 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा लखनऊ में 26 व महाराजगंज में 19 व गाजियाबाद में 17 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई है। वहीं, रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या महज 21 रही। इसी के साथ प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 तक पहुंच गई है।

एक ही दिन में मिले रिकॉर्ड तोड़ 193 संक्रमित

यूपी के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक एक दिन में 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई, जिसमें कोरोना संक्रमण के 193 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच 21 लोग रिकवर भी हुए। उन्होंने दावा किया कि अब तक प्रदेश में 9 करोड़ 27 लाख 31 हजार 505 सैंपल की जांच हो चुकी है। प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 हो चुकी है।

लखनऊ में लगातार दूसरे दिन 2 दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज

दिल्ली से जुड़े NCR के अलावा लखनऊ में कोरोना संक्रमण बेकाबू है। यहां लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के मामले 2 दर्जन से ज्यादा है। बुधवार को यहां 25 मामले आए थे, वहीं गुरुवार को संख्या 26 पहुंच गई। लखनऊ एसीएमओ मिलिंद वर्धन के मुताबिक यहां के 5 CHC को रेड जोन में रखा गया है। अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट, आलमबाग और सरोजनीनगर में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले है। यहां लगातार कांटेक्ट ट्रेसिंग में मरीज पॉजिटिव मिल रहे है। यही कारण है कि स्वास्थ्य महकमे के अफसर भी बढ़ती संख्या से सकते में हैं।

प्रदेश में 19.97 करोड़ से ज्यादा लगी कोरोना वैक्सीनेशन की डोज

राज्य में अब तक वैक्सीनेशन की 19 करोड़ 97 लाख 68 हजार 242 डोज लग चुकी हैं।
12 करोड़ 73 लाख 46 हजार 985 लोगों को पहली डोज लगी।
7 करोड़ 24 लाख 21 हजार 257 को दोनों डोज लग चुकी हैं।
बुधवार को प्रदेश में 11 लाख 79 हजार 155 लोगों को लगी वैक्सीन।
गुरुवार को प्रदेश के 16 हजार 142 केंद्र पर वैक्सीनेशन हो रहा है।
3 जनवरी से प्रदेश में 15 साल से 18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन।
10 जनवरी से प्रदेश में बूस्टर डोज भी लगनी शुरु हो जाएंगी।

जनवरी में होगा UP चुनाव का ऐलान

लखनऊ। चुनाव आयोग ने कोरोना संकट के फिर से उभरने की वजह से उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में निर्धारित समय से एक घंटा अधिक मतदान कराने सहित अन्य अहम फैसले किये हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आज चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुये आयोग ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश मे मतदान की अवधि को एक घंटे के लिये बढ़ा दिया जाए।
 
चंद्रा की अगुवाई में आयोग के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उप्र के तीन दिवसीय समीक्षा दौरे में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों सहित निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अन्य पक्षकारों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह जानकारी दी। आयोग के प्रतिनिधि मंडल में देश के दोनों निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और डा. अनूप चंद्र पांडेय तथा चुनाव आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

Assembly Polls 2022: 5 जनवरी के बाद होगा 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का ऐलान, बढ़ेगा वोटिंग का समय

चंद्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य में कुल 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 317 सामान्य, 84 अनुसूचित जातियों तथा 02 अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षित विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी सीटों पर विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराये जाने हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल हुए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराते हुए समय से चुनाव संपन्न कराने की मांग की है। यह भी साफ किया गया कि आखिरी मतदाता सूची 5 जनवरी को आएगी, मतलब चुनाव की तारीखों का ऐलान उसके बाद ही होगा।

5 हजार रुपए रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार

लखनऊ। एंटी करप्शन विभाग की टीम ने राजधानी के बिजनौर थाना क्षेत्र के नतकुर चौकी इंचार्ज राधेश्याम यादव को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा ठगी के मामले में दर्ज एफआईआर में धाराएं बढ़ाने के नाम पर रिटायर्ड सीओ बीएल दोहरे से रिश्वत मांग रहा था। रिश्वत देने के लिए दोहरे के साथ पहुंची भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बिजनौर चौराहे पर रंगे हाथों आरोपी दरोगा को दबोच लिया।

20 लाख की ठगी का मामला
हिन्द नगर निवासी रिटायर्ड सीओ बीएल दोहरे के मुताबिक एक साल पहले उनकी मुलाकात मलिहाबाद के चौकराना निवासी सौरभ सैनी व ऋषभ सैनी से हुई थी। जालसाजों ने उन्हें एक करोड़ रुपए देने पर मंडी परिषद का चेयरमैन बनाने की बात कही थी। झांसे में लेने के लिए बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ अपनी फोटो भी दिखाई। 20 लाख रुपए रिश्वत दे भी दी, लेकिन उन्हें चेयरमैन का पद नहीं मिला। रकम वापस मांगने पर आरोपित टालमटोल करने लगे। इस पर उन्होंने सरोजनी नगर थाने में सौरभ सैनी समेत सात लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। यह मुकदमा नव सृजित थाना बिजनौर में स्थानांतरित हो गया। इसकी विवेचना दरोगा राधेश्याम यादव कर रहे थे। आरोप है कि दरोगा बिना रिश्वत के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाह रहे थे। कुछ भी कहने पर वह रिश्वत की मांग कर रहे थे।


टीम ने पकड़ा रंगे हाथ- गुरुवार की दोपहर बीएल दोहरे करीब साढ़े तीन बजे सरोजनी नगर के बिजनौर चौराहे पर पहुंचे। वहां मिठाई की एक दुकान पर उन्होंने दरोगा राधेश्याम यादव को पांच हजार रुपए घूस दी। रकम लेकर जेब में रखते ही एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर लक्ष्मी नारायण यादव व उनकी टीम ने दरोगा राधेश्याम यादव को धर दबोचा तो राधेश्याम टीम के पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की करने लगा, लेकिन किसी तरह उसे काबू कर लिया गया। इसके बाद दरोगा को पीजीआई थाने ले जाया गया। पीजीआई इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि घूस लेते पकड़े गए बिजनौर थाने के दरोगा राधेश्याम यादव निवासी ग्राम व पोस्ट डुमरी, थाना फेफना, जिला बलिया के खिलाफ एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर लक्ष्मी नारायण यादव ने तहरीर दी है। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी दरोगा को कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिटायर्ड डीएसपी श्री दोहरे का कहना है कि मुकदमे में कार्रवाई के लिए विवेचक राधेश्याम यादव छह महीने से दौड़ा रहे थे। वह कहते थे कि कार्रवाई कराना है तो कुछ खर्च करो…, धारा बढ़वानी है और गिरफ्तारी करानी है तो कुछ खर्च करो…। एंटी करप्शन टीम का कहना है कि आरोपी दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

हमारा आंगन; हमारे बच्चे उत्सव कार्यक्रम में प्री प्राइमरी शिक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा


लखनऊ। इंण्टल प्राइड पब्लिक इंटर कॉलेज में विकासखंड काकोरी के प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं प्राथमिक विद्यालयों की प्रधानाध्यापिका की एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा एवं सीडीपीओ प्रेमावती ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी राममूर्ति यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जिम्मेदारी कर्तव्य एवं गर्भावस्था से लेकर 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की परवरिश एवं शैक्षिक गतिविधियों में किए जा रहे हैं दायित्व की प्रशंसा की और कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर उनमें प्राथमिक शिक्षा की नींव डालती हैं। बच्चा जब आंगनबाड़ी केंद्र में अच्छी तरह से शिक्षा ग्रहण ग्रहण कर लेता है तो प्राथमिक विद्यालय में उस बच्चे को शिक्षित करने में कोई भी समस्या उत्पन्न नहीं होती है।

जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक सबको बताया एवं प्री प्राइमरी शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना, लोक नृत्य प्रस्तुत कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पावर की अनुदेशक चंदा ने कक्षा 6 के बालकों से तैयार कराया गया मिशन प्रेरणा पर आधारित एक नाटक का मंचन कराया। हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम को डाइट मेंटर पवन कुमार, अभय सिंह चौहान, सीडीपीओ प्रेमावती, एआरपी टीपी दिवेदी, एआरपी मनीषा बाजपेई, संकुल शिक्षिका नीलम गौतम, मोनिका गुप्ता एवं एसआरजी हादी हसन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एआरपी चैताली यादव ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, सीडीपीओ प्रेमावती, जिला समन्वयक संतोष मिश्रा, डायट मेंटर पवन कुमार, संजय सिंह, एआरपी मुकुल पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, मनीषा बाजपेई, राजेश कुमार, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव एवं काकोरी ब्लाक के समस्त संकुल सदस्य प्रधानाध्यापक एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजर कार्यकत्री उपस्थित रहे ।

संडीला विधानसभा सीट पर बीजेपी को सपा दे रही है जोरदार टक्कर

संडीला विधानसभा सीट पर बीजेपी हुई कमजोर सपा दे रही है जोरदार टक्कर!

पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भावी प्रत्याशी विधानसभा 161 संडीला, सरोज यादव का जनसंपर्क के दौरान जगह जगह हुआ भव्य स्वागत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब हैं। हर सियासी दल अपनी रणनीति पर तेजी से काम कर रहे हैं। इसी क्रम में सबसे महत्वपूर्ण विधानसभाओं में से एक संडीला विधानसभा में भी सियासत अपनी चरम पर है। भाजपा से राजकुमार अग्रवाल 2017 में इस सीट से विधानसभा पहुंचे थे।

लेकिन उनको इस दफा सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी से कड़ी टक्कर मिल रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरोज कुमार यादव पूरी तरह से सक्रिय हो चुके हैं। सरोज कुमार यादव पिछले कई दिनों से लगातार एक बेहतर रणनीति के तहत लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। सरोज कुमार यादव ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र में निकले और लोगों से मुलाकात की। इस दौरान वो जनता की समस्याओं से रूबरू हुए और उन्हें हल करने का पूरा आश्वासन दिया।