कोविड महामारी के बाद पहली बार रेलवे माल ढुलाई राजस्व ने पिछले वर्ष की समान अवधि में अर्जित राजस्व के आंकड़े को पार किया
रेलवे का राजस्व निरंतर बढ़ रहा है और इस वर्ष में संचयी आधार पर 98068.45 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि इसकी तुलना में पिछले साल समान समयावधि में 97342.14 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र हुआ था
माह दर माह आधार पर माल ढुलाई राजस्व पिछले साल फरवरी के इतने ही दिन की तुलना में लगभग 5% अधिक है
रेलवे द्वारा लगातार नए मील के पत्थर पार करने का सिलसिला जारी है
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे दिन प्रतिदिन प्रगति के नए मानदंड स्थापित कर रहा है। इसी विकास क्रममें कोविड महामारी के बाद पहली बार माल ढुलाई राजस्व में पिछले वर्ष कीतुलना में काफी वृद्धि हुई है। उसी के अनुरूप वित्त वर्ष 2020-21 में जोराजस्व 97342.14 करोड़ रुपये था, वह इस वर्ष बढ़कर 98068.45 करोड़ रुपये हो गया है।
साथ ही माह दर माह के आधार पर रेलवे ने फरवरी के पहले 12 दिनों में ही पिछले वर्ष की समानअवधि के माल भाड़े के आंकड़ों में 5% की वृद्धि दर्ज की है।
रेल मंत्रालय के अनुसार मासिक आधार पर रेलवे द्वारा अर्जित माल राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले फरवरी 2021 में 206 करोड़ रुपये से आगे बढ़ गया है।
अनुमान के अनुसार, रेलवे का भाड़ा राजस्व फरवरी के पहले 12 दिनों के लिए 4571 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के लिए यह 4365 करोड़रुपये था। संयोग से पिछले वर्ष की तुलना में माल ढुलाई भी लगभग 8 % ज़्यादा हुई है।
अतिरिक्त सामान्य उपायों जैसे कि व्यावसायिक विकास, प्रोत्साहन, गति में वृद्धि और अनुकूलन में सुधार के लिए की जा रही नई पहल के माध्यम से ही रेलवे ने यह बदलाव संभव किया है।
यहां पर यह ध्यान देने योग्य बात है कि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 20 अगस्त से माल ढुलाई के बढ़े हुए आंकड़े देखे जा रहे हैं। कोविड महामारी के बाद पहली बार इस तरह की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। साथ ही पिछले महीने की तुलना में माल ढुलाई राजस्व भी अनुमान से ज़्यादा नज़र आ रहा है।
इस महीने के लिए उच्च माल भाड़ा राजस्व मिलना चौतरफा आर्थिक सुधार का एक बड़ा संकेत है जो देश में व्यापक विकास का संवाहक है और यह व्यवसाय को बढ़ावा देने तथा माल ढुलाई के संचालन में सुधार के लिए रेलवे द्वारा की जा रही नई प्रबंधन पहल के बारे में दर्शाता है।
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