ट्रेन में सोइए चद्दर तान के, अब नहीं छूटेगा आपका स्टेशन

नई दिल्ली (एजेंसी)। स्टेशन छूटने की चिंता अब यात्रियों के लिए पुरानी बात हो जाएगी। अब वह निश्चिंत होकर ट्रेन में चद्दर तान के सोएं या घोड़े बेच के! कुल मिला कर अब वे पूरे इत्मीनान से नींद ले सकेंगे। लंबी दूरी वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने वेकअप एलर्ट सुविधा शुरू की है। इसके तहत डेस्टिनेशन स्टेशन आने से 20 मिनट पहले अब यात्री को इसकी जानकारी दी जायेगी। भारतीय रेल ने अपने यात्रियों की सेवाओं में एक और इजाफा करते हुए, डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

कई बार यात्रा के समय नींद में या किसी और वजह से यात्रियों का स्टेशन पीछे छूट जाता है या जम्प हो जाता है। रात के सफर के दौरान ऐसा ज्यादा होता है। इसलिए रेलवे ने अब डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

दरअसल रेलवे की तरफ से 139 नंबर की पूछताछ सेवा पर आईवीआरएस के माध्यम से अलार्म सेवा शुरू की गई है। यात्री अब 139 नंबर के इन्क्वायरी सिस्टम पर अलर्ट की सुविधा मांग सकते हैं। इस सुविधा को लेने वाले यात्री को 20 मिनट पहले फोन कर उसके गंतव्य स्टेशन के बारे में बताया जाता है।

रेलवे के अनुसार इसके लिए यात्री को सबसे पहले भारतीय रेल के सहयोगी उपक्रम आईआरसीटीसी के 139 नंबर पर मोबाइल से कॉल या मैसेज करना होगा। कॉल रिसीव होने पर भाषा का चयन करना होगा। उसके बाद डेस्टिनेशन अलर्ट के लिए पहले 7 नंबर और फिर 2 नंबर दबाना होगा। इसके बाद यात्री से 10 अंकों का पीएनआर नंबर पूछा जाएगा जिसके बाद पीएनआर नम्बर डायल करने के बाद कन्फर्म करने के लिए 1 डायल करना होगा।

इस प्रक्रिया के बाद सिस्टम पीएनआर नंबर का सत्यापन कर गंतव्य स्टेशन के लिए वेक अप अलर्ट फीड कर देगा। इसके बाद मोबाइल पर कंफर्मेशन का एसएमएस मिलेगा। जिसके तहत गंतव्य स्टेशन आने से 20 मिनट पहले मोबाइल पर वेक अप कॉल आएगी। इस सुविधा को लेने के लिए यात्री को प्रति अलर्ट 3 रुपये एसएमएस चार्ज लगेगा। गौरतलब है कि आईआरसीटीसी ने फिलहाल ये सुविधा रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए उपलब्ध कराई है।

गर्मियों की छुट्टियों में रेल यात्रियों को मिला तोहफा

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारी भीड़ वाले रेलवे रूट्स पर यात्रियों को टिकट बुक कराने यात्रा करने में अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए रेलवे ने दिल्ली, मुंबई, गोरखपुर और हावड़ा रूट पर यात्रियों को राहत देने का फैसला किया है। अब इस रुट के रेल यात्रियों को वेटिंग की दिक्कतों से नहीं गुजरना पड़ेगा।

गर्मी में यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने अगल-अलग रूट पर आधा दर्जन ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।दरअसल रेलवे बोर्ड भारी भीड़ वाले रूट्स के बीच आधा दर्जन ट्रेनें चलाने की तैयारी में है। इसकी घोषणा जल्द होने की उम्मीद की जा रही है।

रेलवे अधिकारी के मुताबिक दिल्ली से हावड़ा, गोरखपुर से मुंबई और लखनऊ ये नई ट्रेनें चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इन ट्रेनों की घोषणा की जाएगी।

हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि भारत सरकार दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रेलवे कॉरिडोर पर चलने वाली रेल गाड़ियों को किसी भी एक्सीडेंट की आशंका से बचने के लिए ‘कवच’ का इस्तेमाल भी किया जायेगा। पश्चिमी रेलवे ने एसी लोकल ट्रेनों में इजाफा करने का फैसला किया था। वहीं गर्मियों की छुट्टियों को देखते हुए उत्तरी रेलवे ने 72 ट्रेनों के लिए ये बड़ा फैसला लिया था।

बुलेट ट्रेन से भी तेज दौड़ेगी रैपिड रेल

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में बुलेट ट्रेन से तेज दौड़ रही दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के पहले चरण का ट्रायल कुछ ही दिनों में होने वाला है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। ये ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी, जो देश की पहली रीजनल ट्रेन होगी। दिल्ली से मेरठ यात्रा करने वाले यात्री लंबे समय से इस रैपिड रेल का इंतजार कर रहे हैं, जो जल्द ही खत्म होने वाला है। इसके ट्रायल की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। इसके लिए पहला कोच दुहाई पहुंच चुका है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के निर्धारित समय पर ट्रेन चलाने की पूरी तैयारी है। इसके तहत साहिबाबाद से दुहाई तक ट्रेन का ट्रायल इस साल मई से शुरू हो जाएगा, जबकि यात्री अगले साल से इस ट्रेन में सफर कर पाएंगे। दुहाई डिपो में एक किमी लंबे ट्रायल ट्रैक और 12 रनिंग ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।

alstom india: Alstom hands over first Rapid Rail trainset to NCRTC - The  Economic Times

दिल्ली से मेरठ के बीच 25 स्टेशन- इस ट्रेन का निर्माण गुजरात के सवाली में किया जा रहा है। इसे बहुराष्ट्रीय कंपनी अल्स्टोम ने बनाया है। रेलवे के मुताबिक इस ट्रेन से महज 50 से 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ की यात्रा की जा सकेगी। रेल नेटवर्क में ये देश में पहली प्रणाली है, जिसके तहत 180 किलोमीटर प्रति घंटे वाली ट्रेन पहले चरण में 100 किलोमीटर की दूरी एक घंटे में पूरा करेगी। दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ तक 82 किलोमीटर का सफर 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यात्रा के दौरान दिल्ली से मेरठ 25 स्टेशन तैयार किये जा रहे हैं। हर स्टेशन में 30 सेकेंड ट्रेन रुकेगी और हर 5-10 मिनट में ट्रेन मिल सकेगी।

विदित हो कि देश की पहली रैपिड रेल का रैक तैयार हो गया है। गुजरात के सावली में शनिवार को इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया। ट्रेन जल्द गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। आधुनिक ट्रेन का डिजाइन हैदराबाद में तैयार किया गया, जबकि निर्माण गुजरात में चल रहा है। वर्ष के आखिर में ट्रायल शुरू हो जाएगा। एनसीआरटीसी भारत का पहला रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित कर रही है। इस तरह की पहली ट्रेन सराय काले खां गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलेगी। गुजरात के सावली में आयोजित कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव और एनसीआरटीसी अध्यक्ष मनोज जोशी ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन के रोलआउट की प्रक्रिया की। इसके बाद निर्माण कंपनी एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक ने रेल की चाबी अधिकारियों को सौंपी। रोलआउट के साथ ट्रेन की डिलिवरी शुरू हो गई है। एनसीआरटीसी के प्रबंधक निदेशक ने बताया कि यह ट्रेन जल्द ही गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। कुछ महीने में ट्रायल रन शुरू किया जाएगा।

40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी कंपनी-एनसीआरटीसी के अनुसार, ट्रेन निर्माण के लिए एल्सटॉम कंपनी से अनुबंध किया गया है। उसके अनुसार कंपनी 40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी। इनमें से 10 ट्रेन तीन कोच वाली हैं, जो मेरठ मेट्रो के लिए होंगी। यह कंपनी 15 साल तक रोलिंग स्टॉक का रख रखाव करेगी। ट्रेन की विशेषता यह है कि ब्रेक लगाने पर बिजली उत्पन्न होगी। यह बिजली ट्रेन सिस्टम से वापस इलेक्ट्रिक ग्रिड में चली जाएगी।

हैदराबाद में किया गया है डिजाइन-केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव ने कहा कि रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की योजना 2050 को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। 30 आरआरटीएस अल्ट्रा-मॉडर्न ट्रेनों को हैदराबाद में डिजाइन किया गया है।

15 अप्रैल से महंगा हो सकता है ट्रेन का सफर

नई दिल्ली (एजेंसी)। डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों से लम्बी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों से अब अधिक किराया वसूला जा सकता है। ये अतिरिक्त शुल्क 15 अप्रैल से टिकट बुकिंग के समय रेल यात्रा में स्वत: जुड़ जाएगा। दरअसल, रेलवे बोर्ड डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों पर 10 रुपये से 50 रुपये के बीच हाइड्रोकार्बन सरचार्ज (एचसीएस) या ‘डीजल कर’ लगाने की योजना बना रहा है। यह सरचार्ज उन ट्रेनों पर लागू होगा जो डीजल इंजनों का उपयोग कर आधी से अधिक दूरी तक चलेंगी। यह ईंधन आयात के प्रभाव को कम करने के लिए किया जा रहा है, जो तेल की बढ़ती लागत से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। एसी क्लास के लिए 50 रुपए, स्लीपर क्लास के लिए 25 रुपए और अनारक्षित क्लास के लिए न्यूनतम 10 रुपए फीस तीन कैटेगरी के तहत ली जाएगी।

Additional charges on a railway journey from 15 April , Delhi News in Hindi  - www.khaskhabar.com

उपनगरीय रेल यात्रा टिकटों पर ऐसा कोई अधिभार नहीं लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को उन ट्रेनों की पहचान करने का निर्देश दिया है जो निर्धारित दूरी का 50 प्रतिशत डीजल से चलती हैं। इस सूची को हर तीन महीने में संशोधित किया जाना है। हालांकि 15 अप्रैल से पहले बुक किए गए टिकटों पर सरचार्ज लगाने के बारे में अभी कोई स्पष्टता नहीं है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के साथ-साथ सऊदी अरब और यमन के बीच झड़प के कारण वैश्विक तेल की कीमतें वर्तमान में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं। भारत द्वारा रूस से रियायती कीमतों पर तेल आयात करने के बावजूद, आपूर्ति की कमी है। देश में ईंधन की कीमतों में लगातार 12 दिनों तक बढ़ोतरी के साथ उपभोक्ता ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एचसीएस सरचार्ज का इस्तेमाल भारतीय रेलवे के चालू विद्युत अभियान के लिए भी किया जाएगा। रेलवे राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ‘मिशन 100 प्रतिशत विद्युतीकरण – नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ योजना के तहत जनता को पर्यावरण के अनुकूल, हरित और स्वच्छ परिवहन प्रदान करने के लिए अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क को विद्युतीकृत करने के लिए एक मिशन मोड पर है। उपयोगकर्ता शुल्क में इस बढ़ोत्तरी का मतलब होगा कि ट्रेन का अंतिम किराया बढ़ जाएगा। रेलवे बोर्ड सरचार्ज जोड़कर, रियायतों में कटौती कर या मूल किराए को छुए बिना आराम व सुविधाओं को कम कर कुल किराया बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

मेरठ एक्सप्रेस-वे के ऊपर से गुजरेगी रैपिड रेल

मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के एक-एक स्टेशन का काम अब डिजाइन के साथ फाइनल होने लगा है। परतापुर तिराहा (मेरठ साउथ) स्टेशन पर काम तेजी से चल रहा है। साथ ही डिजाइन भी फाइनल हो गया है।

इस स्टेशन का निर्माण मेरठ एक्सप्रेस-वे के पास किया जा रहा है। मेरठ साउथ से परतापुर की तरफ जाते हुए यह मेरठ एक्सप्रेस को क्रॉस करते हुए उसके ऊपर से गुज़रेगा। करीब 18 मीटर ऊंचाई वाले पिलर से रैपिड गुजरेगा। यह स्टेशन दिल्ली गाज़ियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के सबसे ऊँचे स्टेशनों में से एक होगा।

स्टेशन का लुक भी विदेशी स्टेशनों की तरह होगा। मेरठ साउथ स्टेशन के निर्माण के लिए फ़ाउंडेशन और पिलर निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। अभी स्टेशन के दूसरे लेवल के लिए स्लैब बनाने का कार्य चल रहा है। इस स्टेशन की लंबाई 215 मीटर, चौड़ाई लगभग 24 मीटर और प्लेटफॉर्म लेवल की ऊंचाई करीब 20 मीटर होगी। यात्रियों को पहुँचने में सुविधा और सुगमता प्रदान करने के लिए सड़क के दोनों किनारों पर दो प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे।

अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक चलेगी रैपिड रेल

गाजियाबाद: अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक दौड़ेगी रैपिड रेल, डिपो में हुआ कोच का अनावरण

रैपिड रेल

गाजियाबाद (एजेंसी)। दुहाई डिपो में पहुंचे रैपिड रेल के मॉडल कोच में हवाई जहाज और शताब्दी ट्रेन सरीखी सुविधाओं की पहली झलक देखने को मिली। रैपिड रेल में यात्रियों को मेट्रो से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता वाले खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 में दौड़ने लगेगी।

पहले खंड में निर्माण संबंधी 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मेरठ दक्षिण तक 20 किमी लंबे कॉरिडोर पर अक्तूबर 2023 में ट्रेन का संचालन शुरू होगा। आपात चिकित्सा की स्थिति में रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।

मई में आएगी पहली छह कोच की रेल, जुलाई से ट्रायल

प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात के सावली स्थित प्लांट में छह कोच की पहली रैपिड रेल सेट का निर्माण आखिरी चरण में है। यह ट्रेन मई में दुहाई डिपो में पहुंचेगी। करीब एक से डेढ़ माह तक ट्रेन के तकनीकी परीक्षण के बाद जुलाई से ट्रायल रन की शुरुआत होगी। पहले खंड पर ट्रायल रन दिसंबर 2022 तक चलेगा।

हर छह माह में 20 किमी का सेक्शन खुलेगा

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड कॉरिडोर 82 किमी लंबा है। मार्च 2023 में पहले खंड के बाद हर छह माह में 20 किमी का कॉरिडोर खोला जाएगा। पहले खंड के बाद दूसरा सेक्शन दुहाई से मेरठ दक्षिण का खुलेगा। फिर साहिबाबाद से दिल्ली और आखिर में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।

हर ट्रेन में चार स्टैंडर्ड, एक प्रीमियम व एक महिला कोच

छह कोच की ट्रेन में चार कोच स्टैंडर्ड श्रेणी, एक कोच महिला और एक कोच प्रीमियम क्लास का होगा। स्टैंडर्ड कोच में एक ओर तीन दरवाजे और प्रीमियम कोच में दो दरवाजे होंगे। प्रीमियम कोच का किराया स्टैंडर्ड से अधिक होगा। किराए को अंतिम रूप देने के लिए एनसीआरटीसी स्तर पर मंथन जारी है।

100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है रेलवे

Indian Railway : Good News! Gift to Passengers on Holi, Railways Took This  Big Decision For the Convenience of The People - discountwalas

नई द‍िल्‍ली (एजेंसी)। अगर आप होली पर घर कहीं जाने का प्‍लान बना रहे हैं तो आपके लिए खास खबर है, क्योंकि इस बार होली पर घर जाने की प्‍लान‍िंग करने वालों को रेलवे 100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है। वहीँ, इसके ल‍िए पहले से तैयार‍ियां शुरू कर दी गई हैं। बता दें कि होली या अन्‍य क‍िसी त्‍योहार पर हर बार रेलवे अध‍िकतर रूट पर स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। ऐसे में ज‍िन रूट पर कम भीड़ होती है, वहां ट्रेनों में सीट खाली रह जाती थीं और यूपी-ब‍िहार के रूट पर यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म नहीं हो पाता। लेक‍िन इस बार ऐसा न हो इसके ल‍िए रेलवे उन रूट पर स्‍पेशल ट्रेनें चलाएगा, जहां यात्र‍ियों की संख्‍या ज्‍यादा होती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों से मिली  जानकारी के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते से ही ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाई जाएंगी। इनमें एक्‍सप्रेस और सुपरफास्ट दोनों तरह की ट्रेनें होंगी।

एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान

स्‍पेशल ट्रेनों के अलावा यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रेलवे की तरफ से ट्रेनों में एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान है। इससे ट्रेन में तय क्षमता से ज्‍यादा यात्री सफर कर सकेंगे। वहीँ, कई ट्रेनों में ट‍िकट बुक‍िंग फुल हो गई है, ऐसे में एक्‍सट्रा कोच लगाकर सभी यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म करने का प्रयास क‍िया जाएगा।

रेलवे स्टेशन से जनाजा निकालने के लिए मजबूर!

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महानगर के कुर्ला पश्चिम में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोगों के लिए कब्रिस्तान तक शव ले जाने के लिए रेलवे प्लेटफॉर्म से गुजरने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। कुर्ला पूर्व इलाके में रेलवे स्टेशन के करीब स्थित कुरैश नगर के कब्रिस्तान में पहुंचने के लिए रेलवे के पुल और प्लेटफॉर्म से होकर जाना पड़ता है। सोशल मीडिया पर कुर्ला रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से शव यात्रा निकाले जाने का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। 

स्थानीय लोग लंबे समय से इस परेशानी से दो चार हैं लेकिन एक अदद पुल बनाने को लेकर मुंबई महानगर पालिका और रेलवे के बीच जिम्मेदारी एक दूसरे पर धकेलने का खेल जारी है और यह मामला कई सालों से प्रलंबित है। हालांकि कुछ लोग सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा कर रहे हैं कि मुस्लिम समाज के लोग जबरन प्लेटफॉर्म से गुजर रहे हैं।  

स्थानीय नगरसेवक कप्तान मलिक ने कहा कि मुंबई महानगर पालिका ने पुल का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। यहां तक कि मार्च 2019 में रेलवे को 8 करोड़ 64 लाख रुपए के चेक भी दे दिया गया है। इसके बावजूद अब तक पुल बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं स्थानीय शिवसेना विधायक मंगेश कुडालकर ने कहा कि यह बात सही है कि मुस्लिम समाज काफी समय से इस समस्या से जूझ रहा है लेकिन मैं इसे हल करने के लिए काफी प्रयास कर रहा हूं। जिस जगह पुल बनाया जाना है वहां कुछ झोपड़े हैं जिन्हें हटाया जाना है। इसलिए यह मुद्दा प्रलंबित है लेकिन जल्द ही इस समस्या को हल कर लिया जाएगा। 

मुस्लिम समाज के पास विकल्प नहीं 

वही मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा कि यह बात सही है कि मुस्लिम समाज के लोग रेलवे पुल और स्टेशन के रास्ते शव लेकर कब्रिस्तान तक जाते हैं, लेकिन यह संवेदनशील मुद्दा है और फिलहाल उनके पास कोई विकल्प नहीं है। इसलिए मामले में कार्रवाई नहीं की जाती, लेकिन रेलवे की ओर से स्थानीय प्रशासन और पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई है कि इस परेशानी को हल करने पर ध्यान दिया जाए। स्थानीय रहिवासी लतीफ शेख ने कहा कि कुर्ला पश्चिम में आसपास कोई कब्रिस्तान नहीं है इसलिए लोगों को मजबूरी में कुर्ला पूर्व में स्थित कब्रिस्तान जाना पड़ता है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन को लोगों की इस परेशानी को दूर करने के लिए जितनी जल्द हो सके कोशिश करनी चाहिए। 

सोशल मीडिया पर पोस्ट 

सोशल मीडिया पर रेलवे प्लेटफॉर्म से शव ले जाते हुए लोगों का वीडियो वायरल हो रहा है, हालांकि कुछ शरारती तत्व इस दावे के साथ वीडियो पोस्ट कर रहे हैं कि मुस्लिम समुदाय के लोग जबरन प्लेटफॉर्म से शव ले जा रहे हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 

मीडिया से रहना है दूर? उत्तर रेलवे अपनी बात से पलटा

मंडल रेल प्रशासन ने महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की कही थी बात। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने किया खुलासा।

नजीबाबाद (बिजनौर)। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की बात करने वाला मंडल रेल प्रशासन अब अपनी बात से पलट गया और कहा कि महाप्रबंधक को मीडिया से ना मिलने संबंधित कोई आदेश जारी नहीं किए गए थे।
उल्लेखनीय हो कि 27 दिसंबर 2021को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल नजीबाबाद रेलवे स्टेशन का एक दिवसीय निरीक्षण करने आए थे, जिसमें उन्होंने विभिन्न कार्यालय अनुभागों आदि का निरीक्षण किया था। निरीक्षण से पूर्व रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा कह दिया गया था कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे किसी भी जनप्रतिनिधि या फिर मीडिया से कोई वार्ता नहीं करेंगे। जब इस बात की जानकारी आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा को लगी तो उन्होंने खुद मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद अजय नंदन से इस संबंध में मोबाइल पर वार्ता की, जिस पर मंडल रेल प्रबंधक ने आरटीआई कार्यकर्ता से कहा कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे आशुतोष गंगल का जनप्रतिनिधियों और मीडिया से कोई मिलने का कार्यक्रम नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता ने रेल मंत्री भारत सरकार से की शिकायत में अवगत कराया कि किस प्रकार से महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को जनप्रतिनिधियों तथा मीडिया से अलग रखकर सरकार की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने से रोका जा रहा है, जो कि गलत है। रेल मंत्रालय ने इस संबंध की जांच सहायक महाप्रबंधक उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस को सौंपी। उपसचिव शिकायत कार्यालय बड़ोदा हाउस नई दिल्ली ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय मुरादाबाद से रिपोर्ट मांगी, जिस पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद में अपनी आख्या रिपोर्ट में कहा कि महाप्रबंधक के बाद के दौरान जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को उनसे ना मिलने देने संबंधी कोई भी आदेश जारी नहीं किए गए थे और इसकी भी विधिवत सूचना पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों को दी गई थी। वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान नजीबाबाद और धामपुर में जनप्रतिनिधियों ने महाप्रबंधक से बैठक कर बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा इस तरह अपनी बात से पलट जाने को आरटीआई कार्यकर्ता ने एक चमत्कार बताया है। उन्होंने कहा कि किस प्रकार से झूठ बोला जा रहा है जबकि उनके द्वारा खुद इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद से जब वार्ता की गई थी और उन्होंने साफ इंकार कर दिया था कि मीडिया से मिलने का कोई कार्यक्रम महाप्रबंधक उत्तर रेलवे का नहीं है। उन्होंने पुनः जॉच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आए तथा भविष्य में पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उनसे दूर न रखा जाए।

दोनों टीके लगवाए बिना ट्रेन में एंट्री नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के मामले में तेजी से जारी वृद्धि को देखते हुए भारतीय रेलवे ने नई गाइडलाइंस जारी की है। बीते दो वर्षों में कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने अपने कई नियमों में बदलाव किए थे, जिसे धीरे-धीरे वापस सामान्य किया जाने लगा था। वहीं कोरोना की तीसरी लहर के चलते रेलवे ने एक बार फिर नई गाइडलाइंस जारी की है।
  
दरअसल, दक्षिण रेलवे ने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के लिए नया नियम निर्धारित किया है। इस नियम के तहत रेल में ऐसे लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी, जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगाया है। लोकल ट्रेन में नो वैक्सीन नो एंट्री पॉलिसी लागू की गई है। इतना ही नहीं, यदि किसी व्यक्ति ने कोरोना की केवल पहली डोज ली है, तब भी उन्हें ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी। दोनो डोज अनिवार्य है।

अब यात्रा टिकट या मासिक सीजन टिकट जारी करने के दौरान यात्रियों को वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जिनके पास वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट नहीं होगा उनको टिकट नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि दक्षिण रेलवे के इस कदम को देखते हुए अन्य जगहों पर भी यह नियम लागू किया जा सकता है।

अब रुकेंगी इन 5 स्टेशनों पर भी लंबी दूरी की ये ट्रेन

Indian Railway: साल 2022 में मिली बड़ी सौगात, लंबी दूरी के ये ट्रेन अब इन 5 स्टेशनों पर भी रुकेंगी

Railway latest news: रेलवे 6 महीने बाद इसकी समीक्षा करेगा और ये तय किया जाएगा कि इन्हें नियमित किया जाए या फिर बंद कर दिया जाए.

Railway latest news: रेलवे 6 महीने बाद इसकी समीक्षा करेगा और ये तय किया जाएगा कि इन्हें नियमित किया जाए या फिर बंद कर दिया जाए.

रेलवे ने नये साल पर यात्रियों को बड़ा तोहफा दिया है. नये साल में अब आप अपने शहर के स्टेशन से ही लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ पायेंगे. इसके तहत उत्तर पश्चिम रेलवे ने लंबी दूरी की कई ट्रेनों का स्टोपेज छोटे स्टेशनों पर भी कर दिया है. इससे अब इन स्टेशनों के यात्री अपने शहरों से सीधी बड़े स्टेशनों का सफर तय कर सकेंगे. अब उन्हें लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिये नजदीकी बड़े स्टेशन पर जाने की जरुरत नहीं रहेगी. लंबी दूरी की ट्रेनों का उनके स्टेशनों पर होने से उन्हें काफी फायदा मिलेगा.

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे प्रबंधन ने नए साल में यात्रियों को बड़ी सौगात दी है. NWR ने मध्य प्रदेश से जुड़े पांच छोटे स्टेशनों पर लंबी रूट की ट्रेनों का ठहराव (Stoppage) देकर इन इलाकों के यात्रियों को बड़ी राहत दी है. अब छोटे रेलवे स्टेशन के यात्री भी अपने स्टेशनों से ही सीधे बड़े शहरों के लिये ट्रेन पकड़ सकेंगे. पांच रेलवे स्टेशनों पर ये ठहराव शुरू हो चुके हैं. इन स्टेशनों पर पर लंबी दूरी की ट्रेनों का अधिकतम ठहराव 2 से 5 मिनट के बीच का होगा.

लंबे रूट की ट्रेनों के ठहराव की वजह से यहां के यात्रियों को अपने ही रेलवे स्टेशन से लंबी दूरी के स्टेशनों पर जाने की सीधी सुविधा मिल सकेगी. ये ठहराव फिलहाल 6 महीने के लिए ही दिया जा रहा है. इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और ये तय किया जाएगा कि इन्हें नियमित किया जाए या फिर बंद कर दिया जाए.

रेलवे प्रशासन की ओर से रतलाम–उदयपुर-रतलाम एक्सप्रेस का मलहारगढ़, जोधपुर- इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस का दालौदा, जयपुर-हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस का जावरा और इंदौर-उदयपुर-इंदौर एक्सप्रेस का जावद रोड और पिपलिया स्टेशन पर ठहराव दिया जा रहा है.

रतलाम–उदयपुर एक्सप्रेस
01. गाड़ी संख्या 19327 रतलाम–उदयपुर एक्सप्रेस 3 जनवरी से रतलाम से प्रस्थान करेगी. यह मलहारगढ़ स्टेशन पर शाम 6.31 बजे आयेगी और 6.32 बजे प्रस्थान करेगी. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 19328 उदयपुर–रतलाम एक्सप्रेस 3 जनवरी से उदयपुर से प्रस्थान कर मल्हारगढ़ स्टेशन पर 5:24 बजे पहुंचेगी. वहां से 5:25 बजे प्रस्थान करेगी.

जोधपुर–इंदौर एक्सप्रेस
02. गाड़ी संख्या 14801 जोधपुर–इंदौर एक्सप्रेस से जोधपुर से प्रस्थान करेगी. यह दलौदा स्टेशन पर शाम 7.08 बजे आयेगी और 7.09 बजे वहां से प्रस्थान करेगी. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 14802 इंदौर–जोधपुर एक्सप्रेस इंदौर से प्रस्थान करेगी. उसके बाद यह दलौदा स्टेशन पर 7.35 बजे आयेगी शाम 7.36 बजे वहां प्रस्थान करेगी. यह शेड्यूल 1 जनवरी से लागू कर दिया गया है.

जयपुर–हैदराबाद एक्सप्रेस
03. गाड़ी संख्या 17019 जयपुर–हैदराबाद एक्सप्रेस 4 जनवरी से जयपुर से प्रस्थान कर रात 11.14 बजे जावरा स्टेशन पर पहुंचगी. वहां से 11.16 बजे प्रस्थान करेगी. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 17020 हैदराबाद–जयपुर एक्सप्रेस हैदराबाद से रवाना होकर शाम 7.43 बजे जावरा स्टेशन पर आयेगी और 7.45 बजे प्रस्थान करेगी.

इंदौर-उदयपुर एक्सप्रेस
04. गाड़ी संख्या 19329 इंदौर-उदयपुर एक्सप्रेस 2 जनवरी को इंदौर से रवाना होने के बाद रात 12:54 बजे जावद रोड स्टेशन पर पहुंचेगी और 12:56 बजे वहां से प्रस्थान कर जायेगी. 4 जनवरी को इंदौर से प्रस्थान करने वाली ट्रेन रात 11:35 पर पिपलिया स्टेशन पर आयेगी और 11:36 बजे वहां से प्रस्थान करेगी.

उदयपुर- इंदौर एक्सप्रेस
05. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 19330 उदयपुर- इंदौर एक्सप्रेस 3 जनवरी को उदयपुर से प्रस्थान करेगी. उसके बाद यह रात 11:28 पर जावद रोड स्टेशन पहुंचेगी और 11:29 वहां से रवाना होगी. यह रात 12:19 बजे पिपलिया स्टेशन पर पहुंचेगी और 12:20 बजे वहां से रवाना होगी.

काशीपुर-धामपुर के बीच चलेगी छुक छुक रेलगाड़ी!

काशीपुर-धामपुर नई रेल लाइन परीक्षण को केंद्रीय रेल मंत्री के निर्देश। पूर्व विधायक डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ने की थी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मांग।


धामपुर (बिजनौर)। काशीपुर से लेकर धामपुर तक नई रेल लाइन बिछाने की कड़ी में अब गति आने की उम्मीद जाग रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने रेल मंत्रालय के अधिकारियों को नई रेल लाइन बिछाने को परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व विधायक डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ने यूपी उत्तराखंड निवासी हजारों लोगों के लाभ के लिए पिछले दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर इस संबंध में मांग की थी।

लगातार उठ रही थी मांग-
धामपुर से लेकर काशीपुर तक नई रेल लाइन बिछाने के लिए पिछले काफी समय से लगातार मांग उठाई जा रही है। इसी कड़ी में पिछले दिनों पूर्व भाजपा विधायक डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ने अक्टूबर माह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर यूपी, उत्तराखंड को जोडऩे वाले इस कार्य में गति दिलाने की मांग की थी। पूर्व विधायक की मांग के बाद उन्होंने इसके लिए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। बताया जाता है कि
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण कराने के लिए अब रेल मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया है।

दोनों प्रदेशों की जनता को होगा लाभ- पूर्व विधायक डा.इंद्रदेव सिंह ने धामपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन बनने से दोनों ही प्रदेशों को लाभ होगा। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई। कई लोगों ने उनको प्रशासनिक स्तर पर आ रही समस्याओं से भी अवगत कराया, जिस पर उन्होंने निराकरण कराने का आश्वासन दिया।

संसद में उठा मालगोदाम पर फुट ओवरब्रिज निर्माण का मामला

फुट ओवरब्रिज का प्रतीकात्मक चित्र

मालगोदाम पर फुट ओवरब्रिज निर्माण का मामला संसद में उठाया गया। सांसद ने ब्रिज निर्माण के महत्व को बताया। काफी समय बाद संसद में उठाया गया नजीबाबाद के विकास से संबंधित मामला। बसपा के वरिष्ठ नेता इंजीनियर मुअज्जम खां व आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा के प्रयास से हुआ संभव।


बिजनौर। नजीबाबाद क्षेत्र में बसपा के वरिष्ठ नेता इंजीनियर मुअज्जम खां की मांग पर क्षेत्रीय सांसद गिरीश चंद्र ने माल गोदाम पर फुट ओवरब्रिज बनाने का मामला लोकसभा में उठाया।
उल्लेखनीय है कि बसपा के वरिष्ठ नेता इंजीनियर मुअज्जम खां ने क्षेत्रीय सांसद गिरीश चंद्र को नजीबाबाद नगर के माल गोदाम पर फुटओवर ब्रिज बनाने का का सुझाव दिया था। बसपा सांसद ने कहा कि नजीबाबाद के माल गोदाम पर काफी समय से फुटओवर ब्रिज बनाए जाने की मांग की जा रही है। फुट ओवर ब्रिज ना होने से आमजन को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा एक सिरे से दूसरे सिरे पर जाने के लिए लोगों को डबल फाटक से होकर जाना पड़ता है। पूर्व में इस कारण कई लोगों की जान माल गोदाम पर भी रेलवे लाइन क्रॉस करते हुए जा चुकी हैं। इस मुख्य लाइन से लगभग 150 रेल गाड़ियां 24 घँटे में गुजरती हैं। पूर्व में आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने फुटओवर ब्रिज निर्माण संबंधी नक्शा और उसकी लागत से सम्बंधित कागज बसपा नेता इंजीनियर इंजीनियर मुअज्जम खां को उपलब्ध कराए थे। बाद में बसपा नेता ने यह कागज सांसद गिरीश चंद को दिए और यहां पर फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग करने का सुझाव दिया। इसके अलावा सांसद गिरीश चंद्र फुट ओवर ब्रिज निर्माण का मामला मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय मुरादाबाद में सांसदों की आयोजित बैठक में महाप्रबंधक उत्तर रेलवे के समक्ष भी उठा चुके हैं। लोकसभा में यह मामला उठने के बाद अब देखना है कि माल गोदाम पर फुट ओवर ब्रिज निर्माण के संबंध में क्या कार्यवाही की जाती है।

पहले की तरह चलेंगी सभी ट्रेन, स्पेशल किराया खत्म

अब ट्रेन वैसे ही चलेंगी, जैसे चलती थीं कोरोनाकाल से पहले। स्पेशल किराया खत्म। नहीं होगी बगैर आरक्षण के सफर करने की इजाजत। सफर के दौरान नहीं दिए जाएंगे कंबल व चादर।

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। रेलवे ने ट्रेनों को कोरोना के पूर्व की स्थिति में बहाल करने का फैसला लिया है। दो-चार दिन में सभी ट्रेन सामान्‍य नंबरों से चलने लगेंगी, यानी नंबरों से जीरो हट जाएगा। इसके अलावा कुछ ट्रेनों में स्‍पेशल श्रेणी होने के बाद किराया बढ़ गया था, वो भी पहले की तरह हो जाएगा। रेलवे बोर्ड ने स्‍पष्‍ट किया है कि ट्रेनों में कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। यानी बगैर आरक्षण के सफर करने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा सफर के दौरान कंबल, चादर नहीं दिए जाएंगे।

ट्रेनों को कोरोना से पहले की स्थितियों में बहाल करने के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश

रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार रात इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। मौजूदा शताब्‍दी, राजधानी, दूरंतो, मेल और एक्‍सप्रेस सभी मिलाकर 1744 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ये सभी ट्रेन, स्‍पेशन ट्रेनों के रूप में चल रही हैं। यानी नंबर के पहले जीरो लगा हुआ है, लेकिन जल्‍द ही ये ट्रेनें सामान्‍य नंबरों से चलने लगेंगी। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के स्‍पेशल बनने के बाद किराया भी बढ़ गया था, रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार यह किराया भी कोरोना से पूर्व जितना ही हो जाएगा। यानी सभी ट्रेनें कोरोना से पहले की स्थितियों में बहाल हो जाएंगी। बोर्ड के अनुसार साफ्टवेयर अपडेट करने में दो से चार दिन का समय लग सकता है। इसके बाद कोरोना से पहले की स्थितियों में ट्रेनें बहाल हो जाएंगी।

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश में स्‍पष्‍ट किया गया है कि कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। यानी सेकेंड क्‍लास में बगैर आरक्षण चलने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा ट्रेनों में सफर के दौरान कंबल,चादर, तकिया अभी नहीं दिया जाएगा। हालांकि रेलवे बोर्ड द्वारा कई श्रेणियों को दिए जाने वाले कंसेशन के संबंध में स्‍पष्‍ट नहीं किया गया है।

LPG, WhatsApp को लेकर कल से बदल जाएंगे कई नियम

LPG, WhatsApp को लेकर कल से बदल जाएंगे कई नियम- आपके लिए जानने बेहद जरूरी 

नई दिल्ली (एजेंसी)। अक्तूबर का महीना आज समाप्त हो रहा है। कल नवंबर महीने की शुरुआत यानि कि सोमवार को हो रही है। सभी जानते हैं कि हर महीने की शुरुआत में बैंक, सरकारी ऑफिसों और प्राइवेट सेक्टर में कुछ न कुछ नियमों का परिवर्तन जरूर होता है। ये वो बदलाव होते हैं जिनका असर हमारी और आपकी जिंदगी पर सीधा पड़ता है।

LPG सिलेंडर की कीमतों में होगा इजाफा
अक्तूबर महीने की शुरुआत में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि आने वाले दिनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो सकता है। एलपीजी के मामले में लागत से कम मूल्य पर बिक्री से होने वाला नुकसान (अंडररिकवरी) 100 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच चुका है। इस वजह से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। विदित हो कि घरेलू एलपीजी की कीमतें पिछले 6 सितंबर को 15 रुपये बढ़ाई गई थीं। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 899.50 रुपये हो गया, वहीं देश के कई शहरों में यह 1000 रुपये तक पहुंच गया है।

1 नवंबर से बदल जाएगा रसोई गैस सिलेंडर से जुड़े 4 नियम, जान लें नहीं तो होगा  भारी नुकसान | 4 Rules Related To LPG Cylinders Will Change From November 1  - Hindi Goodreturns

गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए जरूरी होगा OTP

1 नवंबर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए OTP जरूरी होगा। जब आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एलपीजी सिलेंडर बुक करेंगे तब आपको एक OTP आएगा। सिलेंडर डिलीवरी के समय आपको वह ओटीपी बताना होगा। 

कल से बदल जाएंगे कई नियम, घरेलू गैस लेकर हवाई सफर भी हो जायेगा महंगा, आपकी  जेब पर भी पड़ेगा सीधा असर

पेंशनभोगियों के लिए SBI शुरू कर रहा विशेष सुविधा 

1 नवंबर से SBI अपने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत कर रहा है। इसके बाद पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए बैंक नहीं जाना होगा। बैंक की तरफ से ट्वीटर पर दी गई जानकारी के अनुसार कोई भी पेंशनभोगी 1 नवंबर से वीडियो काॅल के जरिए अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेगा।

दिवाली और छठ पर स्पेशल ट्रेन 

Only 3 trains operate from Jalandhar city railway station

दिवाली और छठ पूजा की वजह से बड़ी संख्या में लोग शहरों से अपने गांव को वापस जाते हैं जिसकी वजह से अमूमन ट्रेनों में भीड़ काफी बढ़ जाती है। इसी की ध्यान में रखते हुए 1 नवंबर से भारतीय रेलवे छठ और दिवाली पर स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है। 

ट्रेनों की टाइमिंग में होगा बदलाव 

रेलवे एक नंवबर से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव करने जा रहा है। राजस्थान डिविजन में एक नवंबर से 100 ट्रेनों की टाइमिंग बदल जाएगी।  रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में और भी ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है। 

कई मोबाइल्स में बंद हो जाएगा WhatsApp 

नवंबर की पहली तारीख से कई फोन में वाॅट्सएप बंद हो जाएगा। इसकी बड़ी वजह उन फोन में वाॅट्सएप का सपोर्ट ना करना। 1 नवंबर 2021 के बाद से वॉट्सएप केवल उन स्मार्टफोन्स पर काम करेगा जो Android 4.1 (या उससे ज्यादा), iOS 10 (या उससे ज्यादा), KaiOS 2.5.0 (या उससे ज्यादा) पर काम करेंगे। 

10 अक्टूबर से चलेंगी त्योहार स्पेशल ट्रेन, कई का विस्तार

यात्रियों को तोहफा वैष्णो देवी के लिए भी 2 ट्रेन

यात्रियों को तोहफा, 10 अक्टूबर से चलेंगी त्योहार विशेष रेलगाड़ियां- दो ट्रेनें वैष्णो देवी के लिए

नई दिल्ली (एजेंसी)। फेस्टीवल सीजन को देखते हुए 10 अक्टूबर से त्योहार विशेष रेलगाड़ियां शुरू होने जा रही हैं। फिलहाल दिल्ली से चलने वाली आठ ट्रेन की घोषणा की गई है। आगे इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इनमें से नवरात्र के मौके पर दो ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए भी हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिहार और उत्तर प्रदेश के उन रूट्स की पहचान की जा रही है, जहां पिछले वर्ष दीपावली और छठ पर्व पर ट्रेन फुल रहीं या मांग अधिक रही थी। इसकी पहचान होने के बाद यहां के लिए त्योहार स्पेशल ट्रेन की घोषणा की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार कुछ डिब्बे रिजर्व रखे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर अंतिम समय में किया जाएगा। वहीं व्यस्त रूटों पर कुछ क्लोन ट्रेन चलाई जाएंगी, जिनका उपयोग यात्री आगे भी कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि बुकिंग काउंटर और आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट से ही टिकट खरीदें। वर्ष 2020 में दिल्ली से करीब 40 से अधिक त्योहार विशेष ट्रेन चलाई गई थीं। इनमें से करीब 90 फीसदी ट्रेन बिहार और उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए थीं।

आठ विशेष रेलगाड़ियां
ट्रेन संख्या             रूट                       कब से 
01633/ 01634   नई दिल्ली-कटड़ा      10 अक्तूबर
01676/ 01675  आनंद विहार-मुजफ्फपुर 11 अक्टूबर 
01662/ 01661  आनंद विहार-सहरसा 11 अक्तूबर
01671/ 01672  आनंद विहार- कटड़ा  11 अक्तूबर
01670/ 01669   नई दिल्ली-दरभंगा  11 अक्टूबर 
01660/  01659  नई दिल्ली-बरौनी    12 अक्तूबर
01668/ 01667  आनंद विहार-जयनगर 12 अक्तूबर
01674/ 01673  दिल्ली-वाराणसी     12 अक्तूबर

उत्तर और पश्चिम रेलवे ने बढ़ाई मार्च 2022 तक परिचालन अवधि

त्योहारों का महीना शुरु हो चुका है। टिकट के लिए मारामारी की स्थिति उत्पन्न ना होने देने के लिए रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन अवधि का विस्तार करने का फैसला किया है। विभिन्न रेलवे जोन में ट्रेन की संख्या बढ़ाई जा रही है। वहीं, अलग-अलग रुट्स पर ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया जा रहा है। उत्तर रेलवे ने मुंबई, यूपी के बीच चलने वाली ट्रेनों की परिचालन अवधि बढ़ाई है, तो पश्चिम रेलवे ने गुजरात-बंगाल के बीच चलने वाली गाड़ियों की समयावधि बढ़ा दी है।

विदित हो कि त्योहारों के दौरान दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगरों में काम करने वाले अधिकतर लोग अपने घरों को जाते हैं। ऐसे में लिमिटेड ट्रेनों की संख्या और लगातार बढ़ती भीड़ की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए रेलवे इंतजाम कर रहा है.

विस्तारित की गई कुछ ट्रेन

-गाड़ी संख्या 01407 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन अब 29 मार्च तक चलेगी।
-गाड़ी संख्या 01408 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 02107 एलटीटी लखनऊ जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी।
-गाड़ी संख्या 02108 लखनऊ जंक्शन एलटीटी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक जारी रहेगा।
-गाड़ी संख्या 02099 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन का परिचालन 29 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 02100 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी।
-गाड़ी संख्या 01079 एलटीटी गोरखपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 01080 गोरखपुर एलटीटी स्पेशल का परिचालन 2 मार्च तक बढ़ाया गया।

अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन का विस्तार

वहीं पश्चिम रेलवे ने ट्वीट कर अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन को 27 जनवरी 2022 से सप्ताह में एक बार आसनसोल स्टेशन तक विस्तारित करने की जानकारी दी है।

श्रमजीवी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार से पकड़ा शराब का जखीरा, 11 कर्मी गिरफ्तार

पटना। नालंदा में राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। पेंट्रीकार के 11 कर्मचारियों को तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार इन कर्मचारियों की मदद से बिहार में शराब का कारोबार चल रहा था। 

राजगीर यार्ड में होनी थी सप्लाई- नई दिल्ली से राजगीर आ रही ट्रेन में मुखबिर से मिली सूचना के बाद रेल थाना, उत्पाद और एएलटीएफ की टीम ने मिलकर छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि पेंट्रीकार से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब नालंदा ले जाई जा रही है। इस पर रेलवे पुलिस ने हरनौत में छापेमारी की। पुलिस ने पेंट्रीकार में मौजूद 11 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार कर लिया। शराब की सप्लाई नालंदा रेलवे स्टेशन के पास राजगीर यार्ड में होनी थी।

रोजाना हो रही थी तस्करी- रेलवे थानाध्यक्ष ने बताया कि कुल 113 लीटर शराब बरामद की गई गई है। इसमें रॉयल स्टैग, व्हिस्की, बीयर समेत कई कंपनियों के शराब शामिल हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ये लोग प्रतिदिन शराब की खेप नालंदा ला रहे थे। इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें-पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेन

यात्रियों के लिए खुशखबरी, पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेन

यात्रियों के लिए खुशखबरी, आज से पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेनें- देखें पूरी List

नई दिल्ली (एजेंसी) उत्तर रेलवे ने कई पूरी तरह से रिजर्व्ड मेल या एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेनों को अनरिजर्व्ड स्पेशल ट्रेन में बदलने का फैसला किया है। ये परिवर्तित अनरिजर्व्ड ट्रेनें भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चलना शुरू हो गई हैं।

सभी रेल यात्रियों को हेल्पलाइन नंबर 139 या एनटीईएस ऐप (NTES App) के माध्यम से इन विशेष ट्रेन सेवाओं की विस्तृत टाइम टेबल की जांच करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, यात्री इन विशेष ट्रेनों के विवरण की जांच के लिए भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। हालांकि भारतीय रेलवे ने कहा कि सभी यात्रियों को केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार के सभी कोविड संबंधित नॉर्म्स को सुनिश्चित करना चाहिए।

जानिए किन ट्रेन को मिली हरी झंडी👇

– ट्रेन संख्या 04640 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04639 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04488 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से चंडीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04487 चंडीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04669 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04670 हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04538 नंगल डैम रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04537 अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन से नंगल डैम रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04489 अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन से पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04490 पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।

बाबा बुद्धेश्वर धाम रखा जाए आलम नगर स्टेशन का नाम

लखनऊ (सिद्दार्थ)। दो वर्ष पूर्व बाबा बुद्धेश्वर धाम प्रचार प्रसार समिति के तत्वाधान में आलम नगर स्टेशन का नाम परिवर्तित कर बाबा बुद्धेश्वर धाम स्टेशन किए जाने के निमित्त एक वृहद हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। इसमें 28000 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किये थे।

इसके उपरांत समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों सहित क्षेत्रीय लोगों द्वारा सांसद एवं पश्चिम विधानसभा के दिवंगत विधायक सुरेश कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया गया था, परंतु अब तक नाम परिवर्तन न हो सका।

जूस पिला कर तुड़वाया अनशन-
इस मामले को लेकर बाबा बुद्धेश्वर धाम प्रचार प्रसार समिति के अनूप शुक्ला, महामंत्री डॉ. कुलभूषण शुक्ला, मन्दिर के पुजारी रामू पुरी, सीताराम परिवार के अध्यक्ष सनी साहू, श्रृंगार समूह के आदेश शुक्ला,आरएसएस से अमर राज ने अनशन किया।
कैंट विधानसभा के विधायक सुरेश चंद्र तिवारी ने समिति के अध्यक्ष अनूप शुक्ला से ज्ञापन लिया और इसी मानसून सत्र में स्टेशन का नाम परिवर्तन का आश्वासन देकर सभी अनशनकर्ताओं को जूस पिलाकर अनशन तोड़वाया।

इस अवसर पर भाजपा अवध क्षेत्र के उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, भाजपा आईटी विभाग के क्षेत्रीय संयोजक मानस मित्रा, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जॉय बनर्जी,पार्षद शिवपाल सांवरिया, नागेंद्र सिंह, डॉ. यूएन पांडेय, प्रसपा के प्रदेश सचिव राजेश शुक्ला, कुं महेंद्र सिंह लोजपा नगर विकास सभा से राजीव गुप्ता झब्लू सहित विभिन्न राजनैतिक एवं सामाजिक संगठनों ने अपना समर्थन पत्र दिया।

भारत में हाड्रोजन ईंधन से चलेंगीं ट्रेन

भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ) ने हरित रेलवे के लिए एक मिशन मोड पर, भारतीय रेलवे नेटवर्क पर हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित रेलगाड़ियों के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। देश में इस परियोजना से हाइड्रोजन परिवहन की अवधारणा की शुरुआत होगी। आरंभ में, उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर लम्बे सोनीपत-जींद खंड के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। शुरूआत में, 2 डीईएमयू रैक को परिवर्तित किया जाएगा और उसके बाद, 2 हाइब्रिड इंजनों को हाइड्रोजन ईंधन सेल ऊर्जा परिवहन के आधार पर परिवर्तित किया जाएगा। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 2.3 करोड़ रुपए की बचत होगी।

नई दिल्ली। भारत में अब जल्द ही हाइड्रोजन पर आधारित तकनीक से चलने वाली ट्रेनों की शुरुआत की जा सकती है। इस तकनीक को सबसे पहले जींद और सोनीपत के बीच 89 किमी ट्रैक पर चलने वाली विकसित किया जाएगा। अगर ये तकनीक भारत में सफल होती है, तो दुनिया में भारत तीसरा ऐसा देश बन जाएगा, जहां ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा।

Ministry of Railways की प्रेस Release में बताया गया है कि “उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी” और “राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन” भारत सरकार के दो प्रमुख कार्यक्रम हैं। इसके तहत पेरिस जलवायु समझौते 2015 और 2030 तक “मिशन नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन रेलवे” के तहत ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्यों को पूरा किया जा सकेगा। इसके अनुसार, देश में हाइड्रोजन परिवहन की अवधारणा को शुरू करने के लिए हाल ही में बजटीय घोषणा की गई थी। इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए, भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ), भारतीय रेलवे के हरित ईंधन वर्टिकल ने रेलवे नेटवर्क पर हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित रेलगाड़ियों के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह परियोजना उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर लम्बे सोनीपत-जींद खंड पर शुरू होगी।

प्रारंभ में, 2 डीईएमयू रैक को परिवर्तित किया जाएगा और बाद में, 2 हाइब्रिड इंजनों को हाइड्रोजन ईंधन सेल ऊर्जा परिवहन के आधार पर परिवर्तित किया जाएगा। ड्राइविंग कंसोल में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही, इस परियोजना से प्रति वर्ष 2.3 करोड़ रुपये की बचत होगी।

परियोजना का विवरण:

स्वीकृत कार्य:

• 2 डेमू रैक पर रेलगाड़ियों के अनुप्रयोग के लिए ईंधन सेल संचालित हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम का प्रावधान 

•  2021-22 की वर्तमान पिंक बुक आइटम नंबर 723

• चालू वर्ष के दौरान 8 करोड़ रुपए का आवंटन

कार्य का संक्षिप्त दायरा:

• आरडीएसओ विनिर्देश संख्या आर 2/347/ईंधन सैल-1 जुलाई, 2021के अनुसार ऑन-बोर्ड उपकरण।

• आरडीएसओ विनिर्देश संख्या जुलाई 2021 का आर 2/347/ईंधन सेल-1 के अनुसार कार्य स्थल पर स्थिर (जमीन पर) हाइड्रोजन भंडारण और फिलिंग स्टेशन।

निविदा प्रसंस्करण:

• दो बोली-पूर्व सम्मेलन 17/08/2021 और 09/09/2021 को निर्धारित है।

• प्रस्ताव जमा करने की 21/09/2021 से शुरुआत होगी।

• निविदा खोलने की तिथि 05/10/2021 है।

स्वचालित ट्रेन शौचालय सीवरेज निपटान प्रणाली – जैव शौचालयों के लिए एक लागत प्रभावी विकल्प

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। भारतीय रेलवे की शौचालय प्रणाली को बनाए रखने के लिए शौचालय कचरे के संग्रहण के लिए एक स्वचालित तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।स्वचालित तकनीक का रखरखाव आसान है। एक भारतीय वैज्ञानिक द्वारा विकसित जैव शौचालय सात गुना सस्ता विकल्प है।

वर्तमान जैव शौचालय मानव अपशिष्ट को गैस में बदलने के लिए एनारोबिक बैक्टीरिया का उपयोग करते हैं, लेकिन वह बैक्टीरिया यात्रियों द्वारा शौचालयों में फेंकी गई प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री को विघटित नहीं कर सकते। इसलिए टैंक के अंदर ऐसी गैर-विघटित सामग्रियों का रखरखाव और उन्हें हटाना कठिन है।

चेब्रोलु इंजीनियरिंग कॉलेज के डॉ. आर. वी. कृष्णैया द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी चलती ट्रेनों से शौचालय कचरे के संग्रह और विभिन्न सामग्रियों के अलगाव और उपयोग करने योग्य चीजों में प्रसंस्करण के लिए एक स्वचालित प्रणाली है।

‘मेक इन इंडिया’ पहल के साथ जुड़े विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के उन्नत मैन्युफैक्चरिंग प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के समर्थन से विकसित प्रौद्योगिकी को पांच राष्ट्रीय पेटेंट प्रदान किए गए हैं और यह परीक्षण के चरण में है।

स्वचालित प्रणाली में तीन सरल चरण होते हैं-सेप्टिक टैंक (जो ट्रैक के नीचे रखा जाता है, यानी ट्रेन लाइन) टॉप कवर तब खोला जाता है जब ट्रेन क्रमशः इंजन और सेप्टिक टैंक स्थिति में रखे गए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सेंसर और रीडर का उपयोग करके सेप्टिक टैंक स्थान पर पहुंच जाती है, शौचालय टैंक में सीवरेज सामग्री को सेप्टिक टैंक में छोड़ दिया जाता है जब वे पारस्परिक रूप से तालमेंल में होते हैं और अंत में सेप्टिक टैंक कवर बंद हो जाता है जब ट्रेन इससे दूर हो जाती है।

ट्रेन के शौचालयों से एकत्र सीवरेज सामग्री को अलग किया जाता है ताकि मानव अपशिष्ट को एक टैंक में संग्रहित किया जा सके, और अन्य सामग्री जैसे प्लास्टिक सामग्री, कपड़े की सामग्री दूसरे टैंक में संग्रहीत की जाती है। मानव अपशिष्ट को उपयोग करने योग्य सामग्री में बदलने के लिए अलग से प्रसंस्कृत किया जाता है। प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री अलग से प्रसंस्कृत की जाती है।

इस तकनीक को विशेष रूप से लागत में कमी लाने और समय लेने वाले एनारोबिक बैक्टीरिया उत्पादन की आवश्यकता का निराकरण करने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे को लक्षित करते हुए विकसित किया गया है। बायो टॉयलेट के विपरीत, जिसकी लागत एक लाख प्रति यूनिट है, नई तकनीक से लागत घटकर केवल 15 हजार रुपये रह जाती है। डॉ. आर.वी.कृष्णैया ने इस तकनीक को और अधिक बढ़ाने के लिए एमटीई इंडस्ट्रीज के साथ करार किया

विस्तृत विवरण के लिए डा. आर.वी.कृष्णैया  (9951222268, r.v.krishnaiah@gmail.com) से संपर्क किया जा सकता है।

एकलव्य बाण समाचार

ट्रेन की चपेट में आकर अज्ञात अधेड़ की मौत

प्रयास के बावजूद नहीं हो सकी शिनाख्त। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव। (अनुकूल शर्मा)

नजीबाबाद (एकलव्य बाण समाचार)। नजीबाबाद-रायपुर मार्ग पर गढ़मलपुर फाटक के समीप रेलवे लाइन पार करने के दौरान एक अधेड़ व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आ कर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची थाना कोतवाली नजीबाबाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास किए। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

रविवार को नजीबाबाद-रायपुर मार्ग पर गढ़मलपुर फाटक रेलवे गेट संख्या 480-बी क्षेत्र में लाइन पार करने के दौरान एक अधेड़ व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया। तीव्रगति  से गुजर रही ट्रेन में आए व्यक्ति की मौैके पर ही मौत हो गई। रेलवे स्टेशन नजीबाबाद के सहायक स्टेशन मास्टर कक्ष से थाना कोतवाली पुलिस को मीमो भेजकर गढ़मलपुर रेलवे फाटक क्षेत्र में दुर्घटना होने की सूचना दी गई। पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे थाना कोतवाली नजीबाबाद के उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने शव को कब्जे में ले लिया। शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, मृतक की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भिजवा दिया।

बताया जाता है कि उक्त स्थान पर रेलवे फाटक क्षेत्र में नजीबाबाद-रायपुर मार्ग पर ओवरब्रिज निर्माण किया जा चुका है। सड़क यातायात भी ओवरब्रिज से होकर ही हो रहा है। ऐसे में उक्त व्यक्ति ने ओवर ब्रिज के बजाय रेलवे लाइन पार करने का प्रयास किया। अनुमान लगाया जा रहा है कि वह नहर पटरी के रास्ते किसी समीप के गांव जा रहा होगा। रेलवे लाइन पार करने के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मृत्यु हो गई।

पटरियों पर दौड़ने वाली हैं दर्जनों ट्रेन

नजीबाबाद से गजरौला के लिए चलेगी ट्रेन

अम्बाला-बरौनी तथा लालकुंआ-अमृतसर का नजीबाबाद में रहेगा ठहराव

मुरादाबाद-सहारनपुर स्पेशल ट्रेन में भी लेने होंगे एक्सप्रेस ट्रेन किराए के टिकट

एक्सप्रेस का किराया चुका कर यात्री करेंगे पैसेंजट्रेन का सफर!

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। रेलवे की ओर से काफी समय से रदद् चल रही दर्जनों ट्रेनों का परिचालन पुन: शुरु कराए जाने को हरी झंडी दे दी गयी है। नजीबाबाद-गजरौला तथा मुरादाबाद-सहारनपुर के बीच भी पूर्व में चलने वाली पैसेन्जर ट्रेनों का परिचालन शुरु किया जा रहा है परंतु उक्त ट्रेनों में यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेन का किराया देना होगा।

रेलवे की ओर से ट्रेन संख्या 04301 अप स्पेशल मुरादाबाद-सहारनपुर, ट्रेन संख्या 04302 डाउन स्पेशल सहारनपुर-मुरादाबाद, ट्रेन संख्या 04334 डाउन स्पेशल नजीबाबाद-गजरौला, ट्रेन संख्या 04333 अप स्पेशल गजरौला-नजीबाबाद ट्रेनों को एक जुलाई 21 से चलाया जाएगा। उक्त ट्रेनें पूर्व की तरह ही सभी स्टेशनों पर ठहराव के बाद गंतव्यों के लिए रवाना की जाएंगी। इन ट्रेनों में यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेन टिकट के हिसाब से किराया देना होगा, जिसके चलते पूर्व पैसेन्जर ट्रेनों में सफर कर छोटे स्टेशनों के लिए आवागमन करने वाले यात्रियों को महंगे किराए की मार झेलनी पड़ेगी। उधर ट्रेन संख्या 04534 डाउन हरिहर एक्सप्रेस स्पेशल अम्बाला से छह अप्रैल से बरौनी के लिए चलायी जाएगी, जबकि  ट्रेन संख्या 04533 अप हरिहर एक्सप्रेस स्पेशल बरौनी से अंबाला के लिए 08 जुलाई 21 से चलायी जाएगी। इसके अलावा ट्रेन संख्या 04684 डाउन एक्सप्रेस स्पेशल अमृतसर से लालकुआं के लिए तथा ट्रेन संख्या 04683 अप एक्सप्रेस स्पेशल लालकुआं से अमृतसर के लिए दोनों दिशाओं से 10 जलाई 21 को चलायी जाएंगी। उक्त ट्रेनों का नजीबाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन पर दोनों दिशाओं से आवागमन करने के दौरान ठहराव रहेगा। ट्रेन संख्या 04534 डाउन हरिहर एक्सप्रेस स्पेशल अम्बाला से बरौनी के लिए सप्ताह में दो दिन बुधवार व रविवार को चलेगी। जो कि रात्रि 10:35 बजे अंबाला से चलकर आगामी तिथि में रात्रि 01: 24 बजे नजीबाबाद पहुंचेगी तथा दो मिनट के ठहराव के बाद रात्रि 01:26 बजे गंतव्य के लिए प्रस्थान करेगी। जबकि ट्रेन संख्या 04533 अप हरिहर एक्सप्रेस स्पेशल बरौनी से अंबाला के लिए सप्ताह में दो दिनों मंगलवार व शुक्रवार को चलायी जाएगी, जो कि रात्रि 23:21 बजे नजीबाबाद जंख्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर दो मिनट के ठहराव के बाद रात्रि 23: 23 बजे गंतव्य के लिए प्रस्थान करेगी।

उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की प्रवर मंडल रेल प्रबंधक रेखा शर्मा के मुताबिक रेलवे की ओर से इसके अलावा ट्रेन संख्या  04688 डाउन अमृतसर सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस स्पेशल अमृतसर से 07 जुलाई को, ट्रेन संख्या 04687 अप सहरसा अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस स्पेशल सहरसा से 08 जुलाई 21 को,  ट्रेन संख्या 04690 डाउन जम्मूतवी-काठगोदाम गरीब रथ एक्सप्रेस स्पेशल जम्मूतवी से 11 जुलाई को तथा ट्रेन संख्या 04689 अप काठगोदाम-जम्मूतवी गरीब रथ एक्सप्रेस स्पेशल काठगोदाम से जम्मूतवी के लिए 13 जुलाई 21 को, ट्रेन संख्या 04694 डाउन एक्सप्रेस स्पेशल जम्मूतवी से कानपुर के लिए 06 जुलाई को तथा 04693 अप एक्सप्रेस स्पेशल कानपुर से जम्मूतवी  के लिए  07  जुलाई 21  को, ट्रेन संख्या 04698 डाउन मोरध्वज एस्सप्रेस स्पेशल जम्मूतवी से बरौनी के लिए 09 जुलाई को तथा ट्रेन संख्या 04697 अप मोरध्वज एक्सप्रेस स्पेशल बरौनी से जम्मूतवी 11 जुलाई 21 को, ट्रेन संख्या 04656 डाउन एक्सप्रेस स्पेशल श्री माता वैष्णों देवी कटरा से गाजीपुर सिटी के लिए 15 जुलाई को तथा ट्रेन संख्या 04655 अप एक्सप्रेस स्पेशल गाजीपुर सिटी से श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा के लिए 16 जुलाई 21 को एक बार फिर शुरु की जा रही हैं। हालांकि उक्त ट्रेनें नजीबाबाद रेलवे जंक्शन स्टेशन से बिना ठहराव के नान स्टाप गुजरेगीं।

21 जून से फिर चलेंगी मसूरी व सिद्धबली एक्सप्रेस

21 जून से फिर चलेंगी मसूरी व सिद्धबली एक्सप्रेस बिजनौर। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने दिल्ली से कोटद्वार और देहरादून के बीच सिद्धबली और मसूरी एक्सप्रेस रेलगाडिय़ों का 21 जून से पुनर्चालन किए जाने को हरी झंडी दे दी है। रेलवे की ओर से दिल्ली-देहरादून मसूरी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 04041 अप को 21 जून से तथा देहरादून-दिल्ली मसूरी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 04042 डाउन को 22 जून से पुनर्चालित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही कोटद्वार-दिल्ली सिद्धबली एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 4047 डाउन तथा दिल्ली-कोटद्वार सिद्धबली एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 04042 अप को 21 जून से पुनर्चालित किए जाने को हरी झंडी दे दी गई है।  रेलवे स्टेशन नजीबाबाद जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक जयपाल सिंह के मुताबिक उक्त ट्रेनों के पूर्व3 समय सारिणी के हिसाब से ही परिचालित किया जाएगा। उनको उक्त ट्रेनों के परिचालन के लिए तौर से नयी कोई समय सारिणी नहीं मिली है।  

मंडल में रद्द 11 पैसेन्जर ट्रेन संचालन की जगी आस

मुरादाबाद रेल मंडल ने रेलवे बोर्ड को पैसेन्जर ट्रेनों के संचालन को भेजा प्रस्ताव। अनुमति मिलने पर चलेंगी गजरौला-नजीबाबाद व लखनऊ-साहरनपुर पैसेन्जर ट्रेन।

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण रेलवे की ओर से रद्द की गयी पैसेन्जर ट्रेनों के संचालन की आस बंधी है। यह दैनिक रेलयात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुरादाबाद मंडल मुख्यालय ने रेलवे बोर्ड को मंडल की 11 पैसेंजर ट्रेनों को शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें लखनऊ-सहारनपुर, गजरौला-नजीबाबाद पैसेंजर ट्रेनों समेत कई मुख्य ट्रेन शामिल हैं। रेलवे बोर्ड की और से इसको हरी झंडी दिए जाने पर जून के अंत में इनका परिचालन शुरू होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद से ट्रेन में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। यह देखते हुए मुरादाबाद मंडल रेल मुख्यालय के उच्चाधिकारियों ने पैसेन्जर ट्रेनो का भी संचालन शुरु कराए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा है। प्रस्ताव में लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन संख्या 04251 अप, सहारनपुर-लखनऊ पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04252 डाउन, गजरौला-नजीबाबाद पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04381 अप, नजीबाबाद-गजरौला पैसेंजर ट्रेन संख्या 04382 डाउन,प्रयागराज -बरेली पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04377, बरेली-प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन संख्या 04378 डाउन, बांदीपुई-बरेली पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04461 अप, बरेली-बांदीकुई पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04462 डाउन, दिल्ली-सीतापुर पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04075 अप, सीतापुर-दिल्ली पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04476 डाउन, बांदीकुई-चंदौसी-ऋषिकेश पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04463 अप,  ऋषिकेश-चंदौसी-बांदीकुई पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04464 डाउन, दिल्ली-हरिद्वार पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04475 अप, हरिद्वार-दिल्ली पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04476 डाउन, खुर्जा-मेरठ पैसेन्जर ट्रेन संख्या 05403 अप, खुर्जा-मेरठ पैसेन्जर ट्रेन संख्या 05404 डाउन, सीतापुर-कानपुर पैैसेन्जर ट्रेन संख्या 04325 अप, कानपुर-सीतापुर पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04326 डाउन, लखनऊ- बालामऊ पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04331 अप, बालामऊ-लखनऊ पैसेन्जर ट्रेन संख्या 04332 डाउन, तिलक ब्रिज-बुलंदशहर पैसेन्जर ट्रेन संख्या 05567 अप, बुलंदशहर-तिलक ब्रिज पैसेन्जर ट्रेन संख्या 05568 डाउन आदि ट्रेन शामिल हैं।

इन दिनों श्रमिकों का भी विभिन्न स्थानों का काम के सिलसिले में आवागमन जारी है। कोरोना कर्फ्यू खुलने के बाद कई कंपनियों ने भी वर्क फ्राम होम समाप्त कर दिया है। इस कारण मुरादाबाद और आसपास से दिल्ली-गाजियाबाद तथा अन्य दिशा में आवागमन करने वाली ट्रेनों में रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस आधार पर रेलवे ने एक सर्वे के बाद बोर्ड को प्रस्ताव भेजकर मंडल में 11 पैसेंजर ट्रेन शुरू करने की अनुमति मांगी है। रेलवे की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक इन ट्रेनों में किराया रेलवे बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक रहेगा। साथ ही मासिक यात्रा पास धारकों को भी लाभ नहीं मिल पाएगा। रेलवे सूत्रों की मानें तो सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन तक का किराया 30 रुपए रखा जा सकता है।

रेलवे बाबू के घर में चोरी करते विभागीय कर्मी पकड़ा!

पीड़ित रेलवे माल गोदाम बाबू प्रदीप सागर

रेलवे माल गोदाम बाबू के घर में चोरी का प्रयास करते पकड़ा
विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मी पर आरोप

बिजनौर। रेलवे स्टेशन के माल गोदाम बाबू ने विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर उनके घर में चोरी के इरादे से घुसने और धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में थाना पुलिस को तहरीर दी गई है।
थाना कोतवाली शहर में दी गई तहरीर में रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम बाबू प्रदीप सागर ने आरोप लगाया कि स्थानीय रेलवे स्टेशन पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परमवीर उनके मकान के पास ही रेलवे कॉलोनी में रहता है। 12 जून की रात में लगभग 11:00 बजे, जिस समय बिजली गई हुई थी। मेरा दोस्त गौरव कुमार मुरादाबाद से आया हुआ था। वह मेरे कमरे पर था, मैं विभागीय काम से स्टेशन पर गया हुआ था। प्रदीप सागर ने बताया कि उनके मकान में अक्सर छोटी मोटी चोरी की घटना होती रहती है, जिसे वह नजर अंदाज करते रहे। आरोप है िक परमवीर हर बार की तरह चोरी के इरादे से उनके मकान में घुसा। अंदर दोस्त गौरव बैठा हुआ था उसने परमवीर को पकड़ लिया और मुझे भी फोन करके बुला लिया। प्रदीप सागर कोआता देख परमवीर ने जाति सूचक शब्द कहते हुए धमकी दी कि या तो मुझे छोड़ दो वरना बाद में मैं तुम्हें जिंदा नहीं छोडूंगा। शोर-शराबे के बाद परमवीर की पत्नी मौके पर आई और उसने भी जाति सूचक शब्द कहते हुए अपने पति के साथ मिलकर मेरे और दोस्त के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों पति पत्नी ने मेरा एक मोबाइल भी तोड़ डाला। मकान के बाहर खड़ी मेरी स्विफ्ट डिजायर कार के सारे शीशे लाइटें तोड़ कर पूरी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया।
प्रदीप सागर ने 112 पर फोन कर पुलिस और जीआरपी रेलवे स्टेशन बिजनौर में घटना की जानकारी दी। कुछ समय बाद 112 और जीआरपी के सिपाही आए परमवीर व उसकी पत्नी को डांट डपट कर चले गए।
आरोप है कि परमवीर की पत्नी सुबह पुन: अपने बेटे के साथ प्रदीप सागर के घर में घुस आई फिर मुझे और मेरे दोस्त को धमकी देकर गई कि तुम दोनों को बलात्कार के झूठे केस में फंसा दूंगी। आरोप है कि परमवीर की पत्नी कॉलोनी में अक्सर विवाद करती रहती है। प्रदीप सागर ने बताया कि वह उक्त आवंटित रेलवे आवास में अकेले रहते हैं। उन्हें परमवीर और उसकी पत्नी से जान माल का खतरा है। उनके साथ कोई घटना होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी परमवीर और उसकी पत्नी की होगी।
पुलिस ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पुष्पक एक्सप्रेस की स्पीड से गिर गया रेलवे का चांदनी स्टेशन

बुरहानपुर/नेपानगर। तेज रफ्तार पुष्पक एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान चांदनी स्टेशन का आरसीसी भवन का अगला हिस्सा बुधवार शाम साढ़े चार से पांच बजे के बीच भरभरा कर गिर गया। बताया जा रहा है कि पुष्पक एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के लिए एएसएम प्रदीप पवार बाहर निकले थे। तभी भवन का बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिरा। इस कारण शाम सवा सात बजे तक करीब दर्जनभर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। वहीं क्षतिग्रस्त भवन को तोड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक तत्काल नए भवन का निर्माण शुरू कराया जा रहा है।

हादसे में स्टेशन अधीक्षक कक्ष की खिड़कियों के कांच फूट गए और बोर्ड गिर गए। भवन के अगले हिस्से का मलबा स्टेशन परिसर पर बिखर गया। इस दौरान चार और कर्मचारी भवन में बैठकर काम कर रहे थे। भवन गिरता देख बाहर की ओर भागे और जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही एडीआरएम मनोज सिन्हा सहित कई अधिकारी भुसावल से सड़क मार्ग के जरिए मौके पर पहुंचे, जबकि कुछ अधिकारी खंडवा से भी आए। वहीं अप और डाउन ट्रेक से आने-जाने वाली हर गाड़ी को आउटर अथवा अन्य स्टेशनों पर रोक कर लूप लाइन से आगे रवाना किया गया।

रेलवे के इतिहास में संभवत: यह पहला मामला होगा, जबकि किसी स्टेशन की बिल्डिंग इस तरह भरभरा कर गिरी है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस भवन का निर्माण करीब चौदह साल पहले 2007 में हुआ था। इसके अलावा कुछ हिस्सा बाद में भी बनाया गया था। स्टेशन परिसर में बिखरे मलबे में पिलर का मलबा नहीं पाए जाने से माना जा रहा है कि संबंधित ठेकेदार ने बिना पिलर के ही भवन खड़ा कर दिया था। संभवत: यही वजह है कि यह भवन ट्रेनों के गुजरने से होने वाला कंपन ज्यादा समय तक नहीं झेल पाया। हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी और स्टेशन में घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान आंधी का मौसम भी बन गया था। गनीमत यह थी कि हादसे के दौरान स्टेशन परिसर में यात्री नहीं थे अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे अफसरों के अनुसार मौके पर पहुंचे रेलवे के इंजीनियरों ने स्टेशन के आसपास के ट्रेक की भी जांच की है। हादसे की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। (साभार-नईदुनिया)

आज से फेस्टिवल स्पेशल के नाम से चलेगी जनसेवा एक्सप्रेस

जनसेवा एक्सप्रेस को मिला फेस्टिवल स्पेशल का नाम
आज से सप्ताह में तीन दिन रेलवे करेगा संचालन

बिजनौर। कोरोना संक्रमण काल के शुरुआती दौर से बंद जनसेवा एक्सप्रेस का संचालन दो अप्रैल से सप्ताह में तीन दिन होने जा रहा है। नजीबाबाद में पूर्व की भांति ट्रेन का स्टॉपेज जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार दरभंगा से अमृतसर के बीच चलने वाली जनसेवा एक्सप्रेस कोरोना के शुरुआती समय से बंद पड़ी है। रेलवे सूत्रों के अनुसार अब दो अप्रैल २०२१ से जनसेवा एक्सप्रेस के ही नंबर से फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन शुरू होने जा रही है। स्पेशल ट्रेन अप दिशा में नजीबाबाद से मंगलवार, शुक्रवार व रविवार को गुजरेगी, वहीं डाउन दिशा में मंगलवार, गुरुवार व रविवार को नजीबाबाद से गुजरेगी।
नजीबाबाद स्टेशन पर तैनात सीएमआई आरके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फेस्टिवल स्पेशल 05211 अप एक अप्रैल को सायं 5:20 बजे दरभंगा से रवाना होकर दो अप्रैल को अपराह्न 3:50 बजे मुरादाबाद पहुंचेगी। सायं 5:14 बजे नजीबाबाद, सायं 5:58 बजे लक्सर तथा सहारनपुर-अंबाला होते हुए तीन अप्रैल को देर रात्रि 1:45 बजे अमृतसर पहुंचेगी। वहीं फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन  05212 डाउन अमृतसर से तीन अप्रैल को सायं 7:15 बजे रवाना होकर अंबाला, सहारनपुर, लक्सर होते हुए चार अप्रैल को तड़के 3:26 बजे नजीबाबाद पहुंचेगी।  प्रात: 5:07 बजे मुरादाबाद पहुंचकर पांच अप्रैल को देर रात 2:55 बजे दरभंगा पहुंचेगी।

अब 11 Pm to 5 Am ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग नहीं!

मुंबई। ट्रेन में यात्री अब रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्ज नहीं कर पाएंगे। इस दौरान चार्जिंग प्वाइंट स्विच ऑफ रहेंगे। ये फैसला आग की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के मद्देनजर लिया गया है। 

भारतीय रेलवे ने अपना नियम बदल दिया है। पश्चिमी रेलवे के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर सुमित ठाकुर के अनुसार यह बड़ा फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि 13 मार्च को दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस में आग लग गई थी। इसके अलावा रेलवे ने धूम्रपान करने वालों पर भी नकेल कसने का फैसला किया है। रेलवे ऐसे अपराधों के लिए सजा में वृद्धि का प्रस्ताव करने की योजना बना रहा है। रेल अधिनियम की धारा 167 के तहत गाडिय़ों के अंदर धूम्रपान करने वालों को दंडित किया जाता है। धूम्रपान करने वाले यात्रियों को 100 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ता है।

दिल्ली मेट्रो के MD को तीसरी बार मिला सेवा विस्तार

बिजनौर। केन्द्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नजीबाबाद निवासी मंगू सिंह के कार्यकाल में छह माह का और इजाफा कर दिया है। 2016 में सेवानिवृति के बाद यह तीसरा मौका है, जब सरकार की ओर से उन्हें सेवा विस्तार मिला है।

भारत सरकार ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के मंडल मुरादाबाद अंतर्गत जिला बिजनौर की नजीबाबाद के ग्राम अलावलपुर नैनू निवासी मंगू सिंह को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते एक बार फिर छह माह के लिए कार्यकाल बढ़ाते हुए सेवा का अवसर प्रदान किया है। मंगू सिंह दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन में प्रबंध निदेशक पद पर वर्ष 2011 से कार्यरत हैं। मंगू सिंह वर्ष 2016 में सेवानिवृत हो गए थे, परन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार वर्ष के लिए सेवाकाल बढ़ा दिया था। 31 दिसंबर 2020 को सरकार ने फिर से तीन माह के लिए मंगू सिंह को पद पर बने रहने की जिम्मेदारी दी थी। एमडी मंगू सिंह के निर्देशन में हाल ही में दिल्ली मैट्रो रेल कार्पोरेशन ने मजेंटा लाइन पर पूरी तरह स्वचालित देश की पहली मेट्रो ट्रेन संचालित की  गई थी। प्रधानमंत्री ने ट्रेन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया था। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन में उत्कृष्ट पहचान रखने वाले एमडी मंगू सिंह का बढ़ाया गया कार्यकाल 31 मार्च 21 को पूरा हो रहा है। केन्द्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह का कार्यकाल एक बार फिर छह माह के लिए बढ़ा दिया है। वह अब 30 सितंबर 2021 तक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पद पर बने रहेंगे।

होली पर चलेंगी कई स्पेशल ट्रेन

होली पर कई यात्री गाड़ियों के संचालन को रेल मंत्रालय की तैयारी

नई दिल्ली। होली के अवसर पर विशेष रेलगाड़ियां चलाने का ऐलान रेल मंत्रालय ने किया है। इनका संचालन दिल्ली से किया जाएगा, जो मंडल मुख्यालय मुरादाबाद से होकर गुजरेंगी। कोलकाता और असम से चलने वाली कई ट्रेन वैष्णोदेवी कटरा जक जाएंगी। इन ट्रेन के संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। कुछ ट्रेन अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक चलेंगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक और मंडल की प्रवक्ता रेखा शर्मा ने बताया कि होली और त्योहार स्पेशल ट्रेन के संचालन में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराया जाएगा।

आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेल प्रवक्ता के अनुसार 04032 आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेलगाड़ी के रूप में सप्ताह में 3 दिन 22 से 31 मार्च तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार और सोमवार को आनंद विहार टर्मिनल से सायं 06:15 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 08:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04031 वाराणसी-आनंद विहार टर्मिनल 21से 30 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को वाराणसी से सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09:30 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ और भदोई स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04998 बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस स्‍पेशल रेलगाड़ी 21 से 28 मार्च तक बठिंडा से प्रत्येक रविवार को रात्रि 09:05 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:40 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04997 वाराणसी-बठिंडा साप्ताहिक एक्सप्रेस 22 से 29 मार्च तक वाराणसी से प्रत्येक सोमवार को रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:50 बजे बठिंडा पहुंचेगी। यह रेलगाड़ी रामपुरा फूल, बरनाला, बामला, धूरी, पटियाला, राजपुरा, अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ तथा सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04608 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 21 तथा 28 मार्च को वैष्णो देवी कटरा से सांय 06:45 बजे प्रस्‍थान करके अगले दिन रात्रि 10:15 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04607 वाराणसी-श्रीमाता वैष्णो देवी एक्सप्रेस 23 तथा 30 मार्च को वाराणसी से सुबह 06:35 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन सुबह 09:20 पर कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ऊधमपुर, जम्मू तवी, पठानकोट छावनी, जालंधर छावनी, लुधियाना, अंबाला छावनी, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट 04422 आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट एक्सप्रेस स्पेशल रेलगाड़ी 24 और 31 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 04421 लखनऊ-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस 23 और 30 मार्च को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट 04423 लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 25 मार्च और एक अप्रैल को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को हजरत निजामुद्दीन से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 04924 चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ से रात 11:20 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन सायं 05.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में 19 और 26 मार्च को प्रत्येक शुक्रवार को गोरखपुर से रात्रि 10:10 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर 03:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा और बस्ती स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।

नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 04040 नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 19, 23, 26और 30 मार्च को नई दिल्ली से सांय 07:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 03:00 बजे बरौनी पहुंचेगी। वापसी में 20, 24, 27 और 31 मार्च को बरौनी से प्रत्येक बुधवार और शनिवार को सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 04:15 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, सीवान, छपरा तथा हाजीपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

नांगलडैम-लखनऊ साप्‍ताहिक स्पेशल 04510 नांगलडैम-लखनऊ साप्‍ताहिक स्पेशल 22 और 29 मार्च को नांगलडैम से रात्रि 11:45 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर 02:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 23 और 30 मार्च को रात्रि 09:30 बजे लखनऊ से प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर एक बजे नांगलडैम पहुंचेगी। यह रूपनगर, चंडीगढ़, अंबाला छावनी, जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट 04520 नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 20 और 27 मार्च को नांगलडैम से सुबह 06:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 02:45 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को कोलकाता से सुबह 07:40 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 03:55 बजे नांगलडैम पहुंचेगी। मार्ग में यह आनंदपुर साहिब, रूपनगर, सरहिंद, अंबाला, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, पं. दीनउपाध्याय, पटना, क्यूल, झाझा, जसीडीह और आसनसोल स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 04050 आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 19 तथा 26 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 11:45 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन सायं 03:30 बजे कामाख्या पहुंचेगी। वापसी दिशा में 04049 कामाख्या-आनंद विहार स्पेशल 23 तथा 30 मार्च को कामाख्या से सुबह 05:35 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 06:15 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, चंदोसी, सीतापुर, गोंडा, मनिकापुर, बस्ती, गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, खगड़िया, नौगछियां, कटिहार, किशनगंज, न्यूजलपाईगुडी, बिन्नगुड़ी, अलीपुर द्वार, कोकराझार, न्यूबंगोई गांव तथा गोलपाड़ा टाउन स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।

जन शताब्दी एक्सप्रेस की बोगी में लगी आग, कई ट्रेन लेट

जन शताब्दी स्पेशल एक्सप्रेस की बोगी में लगी आग, कई ट्रेन हुईं लेट
दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस के कोच में लगी आग
देहरादून से सूबेदार नगर व काठगोदाम जाने वाली ट्रेन हुई लेट

बिजनौर। जन शताब्दी एक्सप्रेस की बोगी में भयानक आग लग जाने से विभिन्न ट्रेन समेत नजीबाबाद से होकर गुजरने वाली दो ट्रेन भी प्रभावित हो गईं। आग लगने की सूचना पर रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आई बोगी को ट्रेन से अलग कर दिया गया। चालक दल की समझदारी के चलते इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

शनिवार को दिल्ली से देहरादून जा रही जन शताब्दी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के कोच में भीषण आग लग गई। हादसे के समय उक्त ट्रेन रायवाला से कांसरो के बीच दौड़ रही थी। उक्त रेलगाड़ी के कोच में आग लगने से देहरादून व ऋषिकेश से हरिद्वार के बीच का रेल यातायात बाधित हो गया। इसके चलते नजीबाबाद में शाम को 04:32 बजे पहुंचने वाली देहरादून-सूबेदारगंज (लिंक एक्सप्रेस) ट्रेन संख्या 04114 डाउन तथा शाम 06:38 बजे नजीबाबाद पहुंचने वाली देहरादून-काठगोदाम जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें देर शाम तक यहां नहीं पहुंचीं। इसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक जनशताब्दी एक्सप्रेस के राजाजी टाइगर रिजर्व की कांसरो रेंज से होकर गुजरने के दौरान रेलगाड़ी के सी-5 कोच में अचानक आग लग गई। कोच में मौजूद यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींचकर लोको पायलट क्रू को आग लगने की सूचना दी। लोको पायलट क्रू ने समझदारी का परिचय देते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रेलगाड़ी को कांसरो रेंज के नजदीक ही रोक दिया। रेलगाड़ी के रुकते ही डिब्बे में मौजूद यात्री बाहर निकल आए, जिससे सभी सुरक्षित हो गए। ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने तुरंत ट्रेन के बीच में जुड़े सी-5 कोच को काटकर शेष डिब्बों से अलग कर दिया।

उधर आग लगने की सूचना पर रेलवे अधिकरियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद मौके पर रेलवे के मंडल स्तरीय उच्चाधिकारी व अन्य अधिकारी पहुंच गए। समाचार लिखे जाने तक ट्रेन के कोच में लगी आग को काबू पाने की कोशिश की जा रही थी। आग लगने का कारण बोगी में शार्ट सर्किट होना माना जा रहा है। मौके पर बचाव कार्य जारी है।

सिद्धबली जन शताब्दी एक्सप्रेस संचालन को लेकर अधिकारियों ने डाला डेरा


03 मार्च से ट्रेन का संचालन शुरु करने को रेलवे अधिकारियों ने डाला डेरा
सिद्धबली जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन संचालन को लेकर डाला डेरा। नजीबाबाद व कोटद्वार स्टेशनों पर डेरा डाले रखा

बिजनौर। दिल्ली से कोटद्वार के बीच तीन मार्च से चलायी जाने वाली सिद्धबली जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे के प्रवर मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद व सहायक वाणिज्य प्रबंधक रेलवे ने दिन भर नजीबाबाद व कोटद्वार स्टेशनों पर डेरा डाले रखा। उन्होंने दोनों स्टेशनों की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा।
मंगलवार को सुबह से ही प्रवर मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद एनएन सिंह व सहायक वाणिज्य प्रबंधक नरेश कुमार ने नजीबाबाद जंक्शन तथा कोटद्वार रेलवे स्टेशनों की विभिन्न व्यवस्थाओं को परखा। दोनों रेलवे अधिकारी दिन भर क्षेत्र में डेरा डाले रहे। इसके चलते स्थानीय रेलवे स्टेशन के अधिकारी व कर्मचारी चुस्त नजर आए। उन्होंने रेल परिचालन, सफाई व्यवस्था, टिकट खिड़की, आरक्षण केन्द्र आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। दरअसल रेलवे की ओर से तीन मार्च से दिल्ली से कोटद्वार के बीच सिद्धबली जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन चलाए जाने की घोषणा की गयी है। हालांकि पहले उक्त ट्रेन के संचालन के अवसर पर महाप्रबंधक रेलवे आशुतोष गांगल के आने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। अब रेल सूत्रों के मुताबिक इस अवसर पर सहायक महाप्रबंधक रेलवे नवीन गुलाटी के आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बताया जा रहा है कि उद्घाटन के अवसर पर कोटद्वार से दिल्ली के लिए सिद्धबली जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को 04045 नंबर से संचालित किया जाएगा। चार मार्च की सुबह सात बजे दिल्ली से कोटद्वार के लिए रवाना की जाने वाली सिद्धबली जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को 04048 तथा कोटद्वार से दिल्ली के लिए वापसी करने पर 04047 नंबर से संचालित किया जाएगा। उक्त ट्रेन इस रेलमार्ग पर कोरोना काल से पूर्व संचालित होने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस ट्रेन की तरह ही सप्ताह में सातों दिन संचालित की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक दोनों अधिकारी कोटद्वार रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटे हुए थे।

तीन मार्च को जीएम रेलवे के आने की संभावना

तीन मार्च को जीएम रेलवे के आने की संभावना
-सिद्धबली जन शताब्दी का तीन मार्च को होना है शुभारंभ
-प्रवर मण्डल रेल प्रबंधक ने दौरा कर परखी व्यवस्थाएं
बिजनौर। महाप्रपबंधक रेलवे के तीन मार्च को आने की संभावना को देखते हुए प्रवर मण्डल रेल प्रबंधक, उत्तर रेलवे मुरादाबाद ने नजीबाबाद एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशन का गहन निरीक्षण किया।
रेल सूत्रों का कहना है कि तीन मार्च को कोटद्वार से दिल्ली के लिए संचालित होने वाली सिद्धबली जन शताब्दी के शुभारंभ के अवसर पर महाप्रबंधक रेलवे आशुतोष गांगल का आना संभावित है। इसी के मद्देनजर रविवार की शाम प्रवर मण्डल रेल प्रबंधक मुरादाबाद एनएन सिंह ने नजीबाबाद व कोटद्वार रेलवे स्टेशनों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने परिचालन, सफाई व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान लगभग सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाईं गई। यात्री सुविधाओं एवं सफाई व्यवस्था को और सुधारने के लिए प्रवर मण्डल रेल प्रबंधक एन एन सिंह ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर नजीबाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन के कई अधिकारी कोटद्वार स्टेशन के निरीक्षण के दौरान वहीं मौजूद रहे।

सौजन्य से-Kridha’s icecream parlour Neelkamal Road civil lines Bijnor

अनारक्षित रेलवे टिकट खरीदने को यात्री परेशान

रेलवे ने नहीं खोले कोरोना काल से बंद एटीवीएम
अनारक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों को हो रही परेशानी

बिजनौर। रेलवे की ओर से यात्रियों को अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराने को संचालित किए जा रहे एटीवीएम (अनरिजर्वड टिकट वैंडिंग मशीन) को कोरोना काल में बंद रहने के बाद से अभी तक नहीं खोला है।
रेलवे की ओर से टिकट खिड़की पर लगने वाली भीड़ को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों पर टिकट खिड़की के समीप में एटीवीएम लगाए गए थे। रेलवे की ओर से उक्त एटीवीएम को पीपीपी माडल पर संचालित कराया जाता रहा है। इसमें एटीवीएम पर टिकट बांटने वाले लोगों को टिकटों की बिक्री के आधार पर कमीशन दिया जाता रहा है।

इस क्रम में नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर भी दो एटीवीएम लगाए गए हैं। 22 मार्च 2020 को देश भर में कोविड-19 को लेकर किए गए लाकडाउन के बाद से ट्रेनों के संचालन को बंद कर दिए जाने के बाद से ही रेलवे स्टेशन पर लगाए गए एटीवीएम को भी बंद रखा गया है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे की ओर से मुरादाबाद से सहारनपुर के बीच मैमो एक्सप्रेस ट्रेन को चलाया जा चुका है। हालांकि उक्त ट्रेन पूर्व में चलने वाली मैमो पैसेन्जर ट्रेन की तरह ही उक्त रेल मार्ग के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव के बाद चलायी जा रही है। अंतर इतना ही हुआ है कि कोरोना काल से पूर्व मैमो पैसेन्जर ट्रेन में कम से कम किराए का टिकट दस रुपए में उपलब्ध होता था। वहीं मैमो एक्सप्रेस के नाम से संचालित की जा रही ट्रेनों में यात्रियों को न्यूनतम टिकट राशि दस रुपए के स्थान पर 30 रुपए देनी पड़ रही है। यानि रेलवे की ओर से समीप के रेलवे स्टेशनों के लिए भी यात्रा करने को यात्रियों को तीन गुने किराए का भुगतान कर टिकट लेना पड़ रहा है।


उधर यात्रियों का कहना है कि रेलवे की ओर से यात्री ट्रेनों को चलाए जाने के साथ ही उक्त एटीवीएम (अनारक्षित टिकट विक्रय मशीन) से भी टिकटों की बिक्री प्रारंभ कराई जानी चाहिए, जिससे कि भीड़ के समय यात्री एक दूसरे से निर्धारित दूरी बनाकर रेल टिकटों की खरीददारी कर सकें। एटीवीएम मशीनों के खोले जाने को लेकर सीएमआई राकेश कुमार सिंह का कहना है कि एटीवीएम को खोले जाने के लिए अभी उच्चाधिकारियों की ओर से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
…………………………………

सौजन्य से- Kridha’s icecream parlour Neelkamal Road civil lines Bijnor

ट्रेन में सफर कर रहे “वर्दी वाले गुंडे”!

श्रमजीवी एक्सप्रेस में बिना टिकट यात्रा कर रहे 20 पुलिस कर्मियों को पकड़ा गया है। बिना टिकट पकड़े जाने पर पुलिस वाले टीटीई के पर दबाव बनाने की कोशिश की। मुकदमा तक लिखने की धमकी दी गई। बिना टिकट यात्रा कर रहे पुलिस कर्मियों की ‘गुंडागर्दी’ का वीडियो वायरल।

बरेली। ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे पुलिस कर्मियों को जब टीटीई ने पकड़ा तो पुलिस कर्मियों ने टीटीई को जमकर हड़काया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी तक दे डाली। टीटीई ने श्रमजीवी एक्सप्रेस में बिना टिकट यात्रा कर रहे 20 पुलिस कर्मियों को पकड़ा और उनसे जुर्माना भी वसूला। फिलहाल, पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से पुलिस की किरकिरी हो रही है।


45 लोग पकड़े गए बिना टिकट-
टिकट नहीं है, रसीद नहीं कटवाउंगा, इतने मुकदमे लिखूंगा याद रखोगे, 15 दिन में दो बार रसीद कटवा चुका हूं और भी तरह-तरह की बातें, बहाने और धमकियां! आजकल स्पेशल ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने वाले पुलिसकर्मियों की टीटीई के साथ कुछ ऐसी ही झड़पें हो रही हैं। बिना टिकट पकड़े जाने पर पुलिस वाले टीटीई के पर दबाव बनाने की कोशिश करते है और मुकदमे लिखने की धमकी देते हैं। जंक्शन टीटीई ने एक दिन में ऐसे 20 पुलिस कर्मियों को पकड़ा। दिल्ली से राजगीर जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस (02392) में बरेली से लखनऊ के बीच कुल 45 लोगों को बिना टिकट पकड़ा गया, जिसमें से 25 आम यात्री तो 20 पुलिस कर्मी शामिल थे।

टीटीई को दी धमकी- चेकिंग के दौरान जब इन पुलिस कर्मियों को पकड़ा गया तो वो टीटीई को धमकाने लगे। कुछ ने खाकी का खौफ भी दिखाने की कोशिश की। एक पुलिसकर्मी ने तो हद ही कर दी, जब टीटीई ने उससे टिकट मांगा तो वो लड़ने के लिए तैयार हो गया। धमकी तक दे दी कि जिस दिन मेरी गिरफ्त में आए तो इतने मुकदमे लगवाऊंगा कि याद करोगे।

प्राप्त हुआ 22,350 रूपये का राजस्व-
हालांकि, बहस बढ़ती देख पुलिस वालों ने भी जुर्माने की रसीदें कटवा ली। सभी लोगों से जुर्माना वसूलने से रेलवे को कुल 22,350 रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ। टीटीई का कहना था कि ये पुलिस कर्मी खुद को जीआरपी का बताकर ट्रेन में चढ़ जाते हैं। इंस्पेक्टर जीआरपी विजय सिंह राणा ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। अगर टीटीई और आरपीएफ मदद मांगती है तो उनको तत्काल सहायता दी जाती है।

कम दूरी वाली ट्रेनों का किराया हुआ दोगुना


रेलवे ने यात्रियों को दिया महंगाई का झटका, कम दूरी वाली ट्रेनों का बढ़ाया किराया, रेलवे की दलील है कि कोरोना काल में लोग कम यात्रा करें, इसलिए यह किराया बढ़ाया गया है।

दिल्ली। कोरोना महामारी से उबरने की कोशिश कर रहे आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ रही है। रेलवे ने यात्री किराया भी बढ़ा दिया है। पैसेंजर और कम दूरी की ट्रेनों में यह किराया बढ़ाया गया है। अभी ऐसी 326 ट्रेनों रोज चल रही हैं। रेलवे की दलील है कि कोरोना काल में लोग कम यात्रा करें, इसके लिए यह किराया बढ़ाया गया है। इस तरह इन पैसेंजर ट्रेन का किराया मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित डिब्बों के किराए के बराबर हो गया है। अभी यह साफ नहीं है कि आने वाले दिनों में यह बढ़ा हुआ किराया कम होगा या नहीं।

कितना बढ़ा किराया? यदि किसी यात्री को 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो स्टेशनों के बीच यात्रा करना है, तो उसका किराया 10 रुपए का था तो अब 20 रुपए हो गया है। हालांकि इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले पर बोझ कम पड़ेगा। उदाहरण के लिए यदि किसी को 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो स्टेशनों के बीच यात्रा करना है तो यहां महज 10% ही किराया बढ़ेगा।

1 मार्च से चलेगी लखनऊ-चंडीगढ़ के बीच स्पेशल ट्रेन

यात्रीगण कृपया ध्यान दें……

लखनऊ-चंडीगढ़ के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन

-चांदपुर, बिजनौर, किरतपुर के यात्रियों को होगा लाभ

-रेलवे ने एक मार्च से लिया उक्त ट्रेन के संचालन का निर्णय

बिजनौर। रेलवे ने लखनऊ से चंडीगढ़ के बीच वाया गजरौला-बिजनौर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन का निर्णय लिया है। उक्त ट्रेन एक मार्च से चलाए जाने को लेकर रेलवे ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रेलवे की ओर से लखनऊ से चंडीगढ़ के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05011 अप तथा चंडीगढ़ से लखनऊ के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05012 डाउन विशेष रेलगाडिय़ों के संचालन को अग्रिम आदेश तक के लिए हरी झंडी दे दी है। लखनऊ से चंडीगढ़ के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05011 अप को रोजाना एक मार्च से संचालित किया जाएगा, जबकि चंडीगढ़ से लखनऊ के लिए दैनिक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05012 डाउन का संचालन दो मार्च से शुरु किया जाएगा। ट्रेन संख्या 05011 अप लखनऊ-चंडीगढ दैनिक एक्सप्रेस स्पेशल लखनऊ से रात्रि 11.55 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 03.00 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वहीं डाउन दिशा में 05012 डाउन चंडीगढ-लखनऊ दैनिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन चंडीगढ़ से सायं 05.15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09.10 बजे लखनऊ पहुंचेगी।
मार्ग में उक्त दोनों ही स्पेशल ट्रेन अम्बाला छावनी, जगाधरी कारखाना, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर जंक्शन, रूड़की, मौजम्मपुर नारायण जंक्शन, बसी किरतपुर, बिजनौर, हल्दौर, चांदपुर सियाऊ, मंडी धनौरा, गजरौला जंक्शन, अमरोहा, मुरादाबाद, चंदौसी जंक्शन, शाहजहांपुर और हरदोई स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरने के बाद गंतव्यों के लिए प्रस्थान करेंगी।
उक्त जानकारी प्रवर मण्डल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद मण्डल रेखा शर्मा ने दी। लखनऊ से चंडीगढ़ के बीच वाया गजरौला जंक्शन, बिजनौर व मौअज्जमपुर नारायण जंक्शन होकर संचालित करने से चांदपुर, हल्दौर, किरतपुर व बिजनौर आदि के रेल यात्रियों को आवागमन की सुविधा हो सकेगी।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें….कल से चलेगी लखनऊ-चंडीगढ़ स्पेशल ट्रेन

यात्रीगण कृपया ध्यान दें……

लखनऊ-चंडीगढ़ के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन

-चांदपुर, बिजनौर, किरतपुर के यात्रियों को होगा लाभ

-रेलवे ने एक मार्च से लिया उक्त ट्रेन के संचालन का निर्णय

बिजनौर। रेलवे ने लखनऊ से चंडीगढ़ के बीच वाया गजरौला-बिजनौर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन का निर्णय लिया है। उक्त ट्रेन एक मार्च से चलाए जाने को लेकर रेलवे ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रेलवे की ओर से लखनऊ से चंडीगढ़ के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05011 अप तथा चंडीगढ़ से लखनऊ के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05012 डाउन विशेष रेलगाडिय़ों के संचालन को अग्रिम आदेश तक के लिए हरी झंडी दे दी है। लखनऊ से चंडीगढ़ के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05011 अप को रोजाना एक मार्च से संचालित किया जाएगा, जबकि चंडीगढ़ से लखनऊ के लिए दैनिक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05012 डाउन का संचालन दो मार्च से शुरु किया जाएगा। ट्रेन संख्या 05011 अप लखनऊ-चंडीगढ दैनिक एक्सप्रेस स्पेशल लखनऊ से रात्रि 11.55 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 03.00 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वहीं डाउन दिशा में 05012 डाउन चंडीगढ-लखनऊ दैनिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन चंडीगढ़ से सायं 05.15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09.10 बजे लखनऊ पहुंचेगी।
मार्ग में उक्त दोनों ही स्पेशल ट्रेन अम्बाला छावनी, जगाधरी कारखाना, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर जंक्शन, रूड़की, मौजम्मपुर नारायण जंक्शन, बसी किरतपुर, बिजनौर, हल्दौर, चांदपुर सियाऊ, मंडी धनौरा, गजरौला जंक्शन, अमरोहा, मुरादाबाद, चंदौसी जंक्शन, शाहजहांपुर और हरदोई स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरने के बाद गंतव्यों के लिए प्रस्थान करेंगी।
उक्त जानकारी प्रवर मण्डल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद मण्डल रेखा शर्मा ने दी। लखनऊ से चंडीगढ़ के बीच वाया गजरौला जंक्शन, बिजनौर व मौअज्जमपुर नारायण जंक्शन होकर संचालित करने से चांदपुर, हल्दौर, किरतपुर व बिजनौर आदि के रेल यात्रियों को आवागमन की सुविधा हो सकेगी।

आईआईटी से मोतीझील के बीच आधी दूरी तक मेट्रो ट्रैक का आधार तैयार

आईआईटी से मोतीझील के बीच आधी दूरी तक मेट्रो ट्रैक का आधार तैयार

कानपुर। आईआईटी से मोतीझील के बीच लगभग 9 किमी. लंबे प्रयॉरिटी कॉरिडोर का निर्माण कार्य असाधारण गति के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लि. (यूपीएमआरसी) की टीम ने 6 महीने के बेहद कम समय में 300 यू-गर्डर्स का इरेक्शन (परिनिर्माण) पूरा कर, लगभग आधी दूरी तक मेट्रो ट्रैक का आधार बिछा दिया है। प्रयॉरिटी कॉरिडोर (प्राथमिक सेक्शन) के अंतर्गत कुल 622 यू-गर्डर्स रखे जाने हैं और इस हिसाब से यूपी मेट्रो ने लगभग आधे यू-गर्डर्स का इरेक्शन पूरा कर लिया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

पहला शतक 67 दिन, दूसरा 63 और तीसरा 57 दिनो में

11 अगस्त, 2020 को मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की उपस्थिति में और यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री कुमार केशव के नेतृत्व में यू-गर्डर्स के परिनिर्माण की शुरुआत आईआईटी कानपुर के नज़दीक से हुई थी। इसके बाद यूपी मेट्रो ने शुरुआती 100 यू-गर्डर्स का इरेक्शन 67 दिनों में पूरा किया। यू-गर्डर्स के इरेक्शन की रफ़्तार लगातार बढ़ती गई और यूपीएमआरसी ने 200 यू-गर्डर्स के इरेक्शन का आंकड़ा अगले 63 दिनों में और 300 का अगले 57 दिनों में हासिल किया। इस तरह कुल 187 दिनों के समय में मेट्रो की टीम ने प्रयॉरिटी कॉरिडोर के अंतर्गत 300 यू-गर्डर्स के परिनिर्माण का सफ़र पूरा कर लिया है।

“13 फ़रवरी की रात में यूपी मेट्रो की टीम ने 300 यू-गर्डर्स का इरेक्शन पूरा कर लिया। इतने कम समय में यह आंकड़ा छूना एक बड़ी उपलब्धि है। मैं कानपुर मेट्रो परियोजना में कार्यरत यूपी मेट्रो के इंजीनियरों के साथ-साथ प्रयॉरिटी कॉरिडोर का सिविल निर्माण कर रहे कॉन्ट्रैक्ट ऐफ़कॉन्स को और जनरल कन्सलटेन्ट (जीसी) की पूरी टीम को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाया। शहरवासियों को तय-समय पर मेट्रो सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने लक्ष्य की ओर हम पूरी गति और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।” -प्रबंध निदेशक कुमार केशव

अब रेल टिकट कैंसिल करने के तुरंत बाद refund आ जाएगा आपके खाते में

यात्रीगण कृपया ध्यान दें-अब रेल टिकट कैंसिल करने के तुरंत बाद refund आ जाएगा आपके खाते में, IRCTC ने अपनी वेबसाइट को अपग्रेड करने के साथ ही अपना पेमेंट गेटवे IRCTC-iPay भी शुरू

नई दिल्ली। ट्रेन यात्रियों को टिकट कैंसिल करने के बाद रिफंड के लिए अब इंतजार नहीं करना होगा। भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट कैंसिल कराने वालों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की है। रेल मंत्रालय की कंपनी इंडियन रेलवे टूरिज्म एवं कैटरिंग कारपोरेशन (IRCTC) ने अपनी वेबसाइट को अपग्रेड करने के साथ ही अपना पेमेंट गेटवे IRCTC-iPay भी शुरू किया है। इससे टिकट रद्द कराने के साथ ही उसका रिफंड तुरंत उपभोक्ता के खाते में आ जाएगा।
IRCTC ने अपने भुगतान गेटवे आई-पे को आटो-पे फीचर से लैस कर दिया है। इस सुविधा से टिकट बुक करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने UPI या अन्य भुगतान के लिए सिर्फ एक बार अनुमति देनी होगी। IRCTC के मुताबिक आटो-पे की सुविधा पूरी तरह से भरोसेमंद है। यह सुविधा तत्काल बुकिंग के लिए रिफंड समय को कम करने के लिए भी है। फिलहाल IRCTC बैंकों के गेटवे का इस्तेमाल करता है, जिसके चलते पेमेंट में समय लगता है। आईआरसीटीसी ने बताया है कि उसने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत अपने यूजर इंटरफेस को अपग्रेड किया है। इसकी वजह से यह इंटरनेट टिकटिंग वेबसाइट एशिया पैसिफिक की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइटों में से एक हो गई है। इस पर भारतीय रेलवे के कुल रिजर्व टिकटों का 83 फीसदी टिकट बुक होता है। पेटीएम भी ट्रेन की टिकट करने की सुविधा देता है। पेटीएम के जरिए आप आईआरसीटीसी से टिकट बुक कर सकते हैं। इस सुविधा से आपको टिकट मिलने की संभावना बढ़ने के साथ ही आपके समय में भी बचत होगी। साथ ही टिकट कैंसिल करते ही पेमेंट तुरंत आपके खाते में आ जाएगा।

दूसरी ओर IRCTC फरवरी और मार्च में गुजरात के राजकोट से चार तीर्थयात्री विशेष ट्रेनें चलाएगी। सभी चार ट्रेनें राजकोट से चलेंगी और वहीं इनका अंतिम पड़ाव होगा। इसी महीने से दो तीर्थयात्री विशेष ट्रेनें शुरू हो रही हैं। नासिक, औरंगाबाद, परली, कुरनूल , रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी को कवर करने वाली ‘दक्षिण दर्शन’ तीर्थ स्पेशल ट्रेन 14 फरवरी से 25 फरवरी तक होगी।

रेलवे ने माल ढुलाई से प्राप्त किये 98068.45 करोड़ रुपए

कोविड महामारी के बाद पहली बार रेलवे माल ढुलाई राजस्व ने पिछले वर्ष की समान अवधि में अर्जित राजस्व के आंकड़े को पार किया

रेलवे का राजस्व निरंतर बढ़ रहा है और इस वर्ष में संचयी आधार पर 98068.45 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि इसकी तुलना में पिछले साल समान समयावधि में 97342.14 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र हुआ था

माह दर माह आधार पर माल ढुलाई राजस्व पिछले साल फरवरी के इतने ही दिन की तुलना में लगभग 5% अधिक है

रेलवे द्वारा लगातार नए मील के पत्थर पार करने का सिलसिला जारी है

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे दिन प्रतिदिन प्रगति के नए मानदंड स्थापित कर रहा है। इसी विकास क्रममें कोविड महामारी के बाद पहली बार माल ढुलाई राजस्व में पिछले वर्ष कीतुलना में काफी वृद्धि हुई है। उसी के अनुरूप वित्त वर्ष 2020-21 में जोराजस्व 97342.14 करोड़ रुपये था, वह इस वर्ष बढ़कर 98068.45 करोड़ रुपये हो गया है।

साथ ही माह दर माह के आधार पर रेलवे ने फरवरी के पहले 12 दिनों में ही पिछले वर्ष की समानअवधि के माल भाड़े के आंकड़ों में 5% की वृद्धि दर्ज की है।

रेल मंत्रालय के अनुसार मासिक आधार पर रेलवे द्वारा अर्जित माल राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले फरवरी 2021 में 206 करोड़ रुपये से आगे बढ़ गया है।

अनुमान के अनुसार, रेलवे का भाड़ा राजस्व फरवरी के पहले 12 दिनों के लिए 4571 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के लिए यह 4365 करोड़रुपये था। संयोग से पिछले वर्ष की तुलना में माल ढुलाई भी लगभग 8 % ज़्यादा हुई है।

अतिरिक्त सामान्य उपायों जैसे कि व्यावसायिक विकास, प्रोत्साहन, गति में वृद्धि और अनुकूलन में सुधार के लिए की जा रही नई पहल के माध्यम से ही रेलवे ने यह बदलाव संभव किया है।

यहां पर यह ध्यान देने योग्य बात है कि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 20 अगस्त से माल ढुलाई के बढ़े हुए आंकड़े देखे जा रहे हैं। कोविड महामारी के बाद पहली बार इस तरह की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। साथ ही पिछले महीने की तुलना में माल ढुलाई राजस्व भी अनुमान से ज़्यादा नज़र आ रहा है।

इस महीने के लिए उच्च माल भाड़ा राजस्व मिलना चौतरफा आर्थिक सुधार का एक बड़ा संकेत है जो देश में व्यापक विकास का संवाहक है और यह व्यवसाय को बढ़ावा देने तथा माल ढुलाई के संचालन में सुधार के लिए रेलवे द्वारा की जा रही नई प्रबंधन पहल के बारे में दर्शाता है।

लखनऊ में पटरी से उतरीं शहीद एक्सप्रेस की दो बोगियां

पटरी से उतरीं शहीद एक्सप्रेस की दो बोगियां
लखनऊ: चारबाग रेलवे स्टेशन पर शहीद एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना से हड़कंप मच गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगतोष शुक्ला ने बताया, ‘‘सोमवार सुबह करीब आठ बजे अमृतसर से जयनगर जा रही ट्रेन संख्या 14674 शहीद एक्सप्रेस जैसे ही चारबाग के प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ी, उसके दो डिब्बे पटरी से उतर गये। हालांकि, हादसे में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ।’’ बोगियों को पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया है।

अमृतसर से जयनगर जाने वाली ट्रेन संख्या 14674 शहीद एक्सप्रेस चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां कुछ यात्री उतरे और जयनगर जाने के लिए कुछ यात्री ट्रेन में चढ़े। स्टेशन से निकलकर कुछ दूर चलते ही खम्मन पीर की मजार के पास ट्रेन की दो बोगियां पटरी से उतर गईं, जिससे हड़कंप मच गया।
ट्रेन के झटके से रुक जाने की वजह से सो रहे यात्रियों की नींद टूट गई और वह घबरा गए। आनन-फानन कंट्रोल रूम के जरिए रेलवे प्रशासन को सूचना मिली की दो बोगियां डी1 और थर्ड एसी बोगी बी5 पटरी से उतर गई हैं, जिसके बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन बोगियों में 100 से अधिक यात्री थे, हालांकि यात्रियों को कोई चोट नहीं आई है। ट्रेन की स्पीड कम थी इस वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं दूसरी तरफ ट्रेन के डिरेलमेंट को लेकर आला अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची और बोगियों को पटरी पर लाने का काम किया जा रहा है।

1 करोड़ की रिश्वत लेते रेलवे इंजीनियर समेत 3 को CBI ने पकड़ा

काम दिलाने के नाम पर ली एक करोड़ की रिश्वत, CBI ने रंगे हाथों दबोचा, पांच राज्यों में 20 लोकेशन पर CBI की दबिश

नई दिल्ली: CBI ने रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियर महेंद्र सिंह चौहान को 1 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महेंद्र सिंह के अलावा दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने पांच राज्यों की करीब 20 लोकेशन पर छापेमारी की।

भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा (आइआरइएस) 1985 बैच के अधिकारी महेंद्र सिंह को सीबीआई ने एक करोड़ की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। सीबीआई ने एक करोड़ रुपए भी बरामद कर लिए हैं। महेंद्र सिंह चौहान कथित रूप से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) में काम दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। उक्त अधिकारी असम में मालीगांव में NFR मुख्यालय में तैनात है। वहीं गिरफ्तार अन्य दो लोग महेंद्र सिंह चौहान के नाम पर रिश्वत ले रहे थे। सीबीआई सूत्रों के अनुसार जानकारी मिली थी कि महेंद्र सिंह चौहान पूर्वोत्तर रेलवे में काम दिलाने के नाम पर एक कंपनी से 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रहा है। बाद में जाल बिछाया गया। महेंद्र सिंह चौहान के कथित सहयोगी जब रिश्वत ले रहे थे, उसी समय सीबीआई के अफसर मौके पर पहुंच गए और उन्हें दबोच लिया। सीबीआई को संदेह है कि महेंद्र सिंह चौहान ने पहले भी रिश्वत ली होंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सीबीआई ने कई अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। पिछले साल सीबीआई ने राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में तैनात रेलवे की मुख्य कार्यालय अधीक्षक को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

CBI के 2 घूसखोर अधिकारी निलंबित, अन्य दो पर होगी कार्रवाई
CBI ने करीब 4,300 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के दो मामलों में जांच से संबंधित जानकारियां साझा करने और जांच प्रभावित करने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने पर अपने इंस्पेक्टर कपिल धनकड़ और स्टेनोग्राफर समीर कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। इनके अलावा दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। जांच एजेंसी ने 2 दिन पहले ही चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

बेंगलुरु मेट्रो की दक्षिणी विस्तार लाइन का शुभारंभ

बेंगलुरू मेट्रो के चरण-2 का उद्घाटन-तेज आवागमन और स्मार्ट मोबिलिटी विकल्पों को सक्षम बनाने के लिए बेंगलुरू मिशन 2022 के लक्ष्यों की दिशा में उठाया गया कदम चरण-2 में 74 किलोमीटर लंबे रूट पर 62 स्टेशन के साथ चरण-1 में चारों दिशाओं में 34 किलोमीटर लंबाई में दोनों बैंगनी व हरी लाइनों और दो नई लाइनों का विस्तार शामिल है।

बेंगलुरू। आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी, केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने येलाचेनाहल्ली से सिल्क इंस्टीट्यूट मेट्रो स्टेशनों तक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर नम्मा मेट्रो के चरण-2 के अंतर्गत 6 किलोमीटर लंबी दक्षिणी विस्तार लाइन का शुभारम्भ किया। मेट्रो विस्तार लाइन और एफओबी का उद्घाटन शहर में तेज आवागमन और स्मार्ट मोबिलिटी के विकल्पों को सक्षम बनाने के लिए बेंगलुरू मिशन, 2022 के लक्ष्यों की दिशा में एक कदम है। बेंगलुरू मेट्रो रेल परियोजना चरण-2 के तहत 74 किलोमीटर लंबे रूट पर 62 स्टेशन आते हैं और इसमें चारों दिशाओं में कुल 34 किलोमीटर में चरण-1 की बैंगनी और हरी दोनों लाइनों का विस्तार और दो नई लाइनें शामिल हैं। इन दो लाइनों में 21 किलोमीटर लंबा गोतीगेरे-नागावाड़ा रूट और 19 किलोमीटर लंबा आरवी रोड- बोम्मासैंड्रा रूट शामिल है। इस परियोजना को 30,695 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में परिचालन लाइन पर येलाचेनाहल्ली मेट्रो स्टेशन से आगे 5 नए स्टेशन कोननकुंटे क्रॉस, दोदोकल्लासैंड्र, वाजारहल्ली, थालाघट्टापुरा और सिल्क इंस्टीट्यूट शामिल हैं। विस्तार में वर्तमान में परिचालित 24.2 किलोमीटर लंबी हरी (उत्तर-दक्षिण) लाइन के दक्षिणी किनारे पर 6 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड मेट्रो शामिल है। इस विस्तार के साथ, एन-एस कॉरिडोर 30.2 किलोमीटर लंबा हो जाएगा। एलिवेटेड भाग में 213 स्पैन (पुल) शामिल हैं। इस काम में सुपरस्ट्रक्चर के लिए 1032 पाइल, 223 पियर्स और 1998 सेगमेंट व स्टेशनों में 665 गिरडर शामिल हैं। इसमें 2,10,965 कम कंक्रीट और 20,500 मीट्रिक टन स्टील इस्तेमाल किए गए हैं। ‘स्टेट ऑफ आर्ट इक्विपमेंट’ के अलावा बिजली से जुड़े कार्यों, सिग्नलिंग और दूरसंचार के लिए विभिन्न आकारों के 765 किलोमीटर केबल और तार बिछाए गए हैं।

मेट्रो की कुछ विशेषताएं: यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन पर 8 एस्केलेटर और 4 एलिवेटर लगाए गए हैं, जिससे कुल 40 एस्केलेटर और 20 एलिवेटर हो गए हैं। इस विस्तार लाइन के सभी 5 स्टेशनों पर कुल 1.2 मेगावाट क्षमता के रूफ टॉप सौर उपकरण लगाए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा संयंत्रों को मार्च, 2021 तकलगाने का लक्ष्य है। बेंगलुरू मेट्रो में ऐसा पहली बार है कि यहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं। सभी 5 स्टेशनों को ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइट उपलब्ध कराई गई हैं। सभी स्टेशनों पर नई सर्विस रोड पर प्रवेश/निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सर्विस रोड पर बस गलियारा, टैक्सी और ऑटो के लिए पिकअप व ड्रॉप एरिया निर्धारित किया गया है। शारीरिक दिव्यांग और नेत्रहीन लोगों के लिए रैम्प, लिफ्ट, अलग शौचालय, स्पर्श मार्ग व ट्रेनों में निश्चित स्थान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन बस अड्डों का पता लगाने के लिए 5 स्टेशनों के दोनों तरफ विशेष मोड बदलाव सेवा लेन बनाई गई हैं और मध्यवर्ती सार्वजनिक परिवहन (आईपीटी) के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है।

एक देश एक कार्ड-बेंगलुरू मेट्रो ने स्वचालित किराया संग्रह (एएफसी) प्रणाली के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया है, जो उद्घाटन के साथ वन लूप एनसीएमसी ‘एक देश एक कार्ड’ के उपयोग से यात्रा में सहायक होता है। एनसीएमसी के लिए वर्तमान में परिचालित 42 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के 40 स्टेशनों पर एएफसी प्रणाली को भी अपग्रेड किया जा रहा है। चरण-1 की लाइनों सहित सभी लाइनों पर एनसीएमसी आधारित टिकट सेवा 15 अगस्त, 2021 से पहले यात्रा के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके बाद, बेंगलुरू में पश्चिमी विस्तार सहित 55 किलोमीटर लंबे पूरे मेट्रो नेटवर्क में यात्री अपनी यात्रा के लिए भुगतान करने के लिए रूपे कार्ड या कोई अन्य एनसीएमसी अनुपालित बैंक कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू

हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर 

दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू किया गया 

नई दिल्ली। हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर चल रहा है। लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू होने के साथ ही दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए हाई स्‍पीड रेल के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। ग्रेटर नोएडा से दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार सर्वेक्षण आज शुरू किया गया, जहां अत्‍याधुनिक एरियल लिडार तथा इमेज़री सेंसरों से सुसज्जित एक हैलिकॉप्‍टर ने पहली उड़ान भरी और ग्राउंड सर्वेक्षण से संबंधित डेटा प्राप्‍त किया।

राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा लाइट डिटेक्‍शन और रेंजिंग (लिडार) सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा रहा है, जो 3 से 4 महीने में ग्राउंड संबंधी सभी विवरण तथा डेटा उपलब्‍ध कराता है, जबकि इस प्रक्रिया में सामान्‍य तौर पर 10 से 12 महीने का समय लगता है। 

इस लाइनियर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजना के लिए ग्राउंड सर्वेक्षण एक महत्‍वपूर्ण क्रियाकलाप है, क्‍योंकि इस सर्वेक्षण से रेल मार्ग के आसपास के क्षेत्रों का सटीक विवरण प्राप्‍त होता है। इस तकनीक में सटीक सर्वेक्षण डेटा प्राप्‍त करने के लिए लेजर डेटा, जीपीएस डेटा, फ्लाइट पैरामीटरों तथा वास्‍तविक तस्‍वीरों का एक साथ इस्‍तेमाल किया जाता है।

रेल मार्ग के आसपास 300 मीटर के क्षेत्र शामिल-
एरियल लिडार सर्वेक्षण के दौरान, सर्वेक्षण के उद्देश्‍य को लेकर प्रस्‍तावित रेल मार्ग के आस-पास 300 मीटर (दोनों तरफ 150 मीटर) के क्षेत्र को शामिल किया जा रहा है। डेटा प्राप्‍त करने के बाद प्रस्‍तावित रेल मार्ग के दोनों तरफ 50 मीटर गलियारे का स्‍थलाकृति संबंधी त्रि-आयामी नक्‍शा 1:2500 के पैमाने पर उपलब्‍ध होगा, ताकि रेलमार्ग का ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज डिजाइन, संरचना, स्‍टेशनों एवं डिपो के स्‍थान, गलियारे के लिए भूमि की आवश्‍यकता, परियोजना से प्रभावित भूखंडों/संरचनाओं की पहचान, तौर-तरीके आदि निर्धारित किये जा सकें।

इस क्षेत्र में भारतीय सर्वेक्षण द्वारा निर्धारित 9 स्‍तरीय मानकों के अनुसार, 86 मास्‍टर कंट्रोल प्‍वाइंट तथा 350 सैकेंडरी कंट्रोल प्‍वाइंट स्‍थापित किये गये हैं एवं दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के मार्ग पर विमान की उड़ान के लिए इन को-आर्डिनेटों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

संरचनाओं, पेड़ों की स्‍पष्‍ट तस्‍वीर प्राप्‍त करने तथा भूमि संबंधी अन्‍य विवरणों के लिए लिडार सर्वेक्षण में 60 मेगापिक्‍सल कैमरों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 7 हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया है तथा इन सभी गलियारों में ग्राउंड सर्वेक्षण के लिए लिडार सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जाएगा।

जुड़ेंगे मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहर-

दिल्ली – वाराणसी हाई स्पीड रेल गलियारे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट 29 अक्टूबर, 2020 को रेल मंत्रालय को सौंपी गई। दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली (एनसीटी) को मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। दिल्ली से वाराणसी तक मुख्य गलियारा (लगभग 800 किमी) अयोध्या से भी जुड़ा होगा। हाई स्पीड रेल (एचएसआर) मार्ग उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी जोड़ेगा।

हाई रिजोल्‍यूशन लिडार उड़ान से प्राप्‍त वीडियो डाउनलोड करने के लिए लिंक:

https://drive.google.com/drive/folders/1p1WF3veRiUM2_gKuzgHQY1YynoZl_9RN

****

2024 से रेलवे में प्रतीक्षा सूची खत्म करने की बात भ्रामक

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने 2024 से रेलगाडि़यों के लिए प्रतीक्षा सूची के बारे में प्रकाशित की जा रही खबरों के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण दिया है। मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्‍न समाचार पत्रों एवं ऑनलाइन प्रकाशनों ने राष्‍ट्रीय रेल योजना के प्रारूप को व्‍यापक कवरेज दिया है। कुछ खबरों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि, रेलवे ने कहा है कि 2024 से कोई प्रतीक्षा सूची नहीं होगी या 2024 तक केवल कंफर्म टिकटें ही उपलब्‍ध होंगी। रेलवे यह बताना और स्‍पष्‍ट करना चाहेगी कि रेलगाडि़यों को मांग के अनुसार उपलब्‍ध कराने के लिए क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों के लिए प्रतीक्षा सूची में आने की संभावना कम हो जाएगी। प्रतीक्षा सूची एक ऐसा प्रावधान है, जो हमेशा बनी रहती है। जब किसी रेलगा‍ड़ी में यात्रियों द्वारा की गई मांग बर्थ या उपलब्‍ध सीटों की संख्‍या से अधिक होती है। इस प्रावधान को समाप्‍त नहीं किया जा रहा है। ‘प्रतीक्षा सूची’ एक ऐसा प्रावधान है जो मांग एवं उपलब्‍धता में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए एक बफर के रूप में कार्य करती है।
***