सभी पत्रकार बरतें विशेष सावधानी क्यूंकि आप स्वयं भी आसानी से संक्रमित हो सकते हैं और संक्रमण को तेजी से फैला भी सकते हैं!

ये पोस्ट एक ग्रुप में पढ़ने को मिली, वर्तमान परिवेश में कटु सत्य भी है, इसलिए सभी पत्रकार बंधुओं को समर्पित….
मित्रों, मैंने अपने पत्रकारिता अनुभव में ऐसा नजारा कभी नहीं देखा, जहां एक महामारी इतनी तेजी से फैल रही है। सभी को ये ज्ञात है कि कोरोना बीमारी के कारण एक से दूसरा व्यक्ति आसानी से संक्रमित हो सकता है। पत्रकारिता धर्म हमें हर छोटी से बड़ी खबर हर सूरत में जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी देता है और हमारे सारे पत्रकार बंधु हर सूरत में अपना ये धर्म बख़ूबी निभाते हैं, फिर चाहे वो दंगे हों, युद्ध हो, कोई हिंसक प्रदर्शन हो या फिर कुछ और!
लेकिन, इस बार परिदृश्य बेहद गंभीर है क्योंकि संक्रमण फैलाने वाली बीमारी से यदि कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो तो वो वही संक्रमण कई जगह पहुंचा सकता है। एक पत्रकार दिन भर में कई जगह जाता है, आम जनता से लेकर अफसरों, राजनीतिज्ञों, स्वास्थ्य कर्मियों इत्यादि से मिलता है। ऐसे में उसके संक्रमित होने का ख़तरा कई गुना बढ़ जाता है और यदि वो संक्रमित हो जाए तो उससे ज्यादा तेजी से संक्रमण फैलाने वाला माध्यम और कोई नहीं हो सकता। इसीलिए पत्रकार बंधुओं को सबसे ज्यादा सावधानी रखने की आवश्यकता है। हमेशा मास्क पहने रहना, हर थोड़ी देर में हाथ धोना, sanitize करना, अस्पताल और ऑब्जर्वेशन व क्वारांटीन क्षेत्र से दूरी बनाने के अलावा निम्न सुझाव अमल में लाने योग्य हैं –
1) इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बंधु पत्रकार अति आवश्यक होने पर ही बाइट लें, और यदि लें तो बूम माइक को टेली मोड पर रख एक मीटर की दूरी बनाएं, मास्क पहने रखें और यदि हो सके तो बूम माइक स्पोंज को हर बाइट के बाद सैनिटाइजर से sanetize करें। साथ ही दिन में कम से कम दो से तीन बार माइक यूनिट व कैमरों को भी एक sanetizer में भीगी हुई गौज़ से डिस इंफेक्ट करें।
2) प्रिंट मीडिया के बंधु फील्ड में खबर लिखते वक्त यदि डायरी पेन के इस्तेमाल की जगह अपने मोबाइल में सॉफ्ट नोट लिख कर डेस्क पर भेजें तो अधिक सावधानी रहेगी। साथ ही यदि फील्ड पर किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस या कार्यक्रम में कलम लाना भूल गए हों तो किसी दूसरे की कलम लेने से बचें और यदि किसी परिस्थिति में इस्तेमाल कर भी लिया हो, तो तुरंत बाद हाथ धोएं या sanitize करें।
3) सभी फील्ड के पत्रकार बंधु डेस्क ऑफिस आने जाने से बचे, उपलब्ध सॉफ्टवेयर या whatsapp के माध्यम से डेस्क तक खबरें पहुंचाएं।
4) किसी भी एयरपोर्ट, बस अड्डे या रेलवे स्टेशन पर चल रही स्क्रीनिंग का कवरेज या इन जगहों पर किसी संदिग्ध मरीज के मिलने का न्यूज़ प्वाइंट यदि बहुत आवश्यक हो तो ही कवर करने जाएं और उचित दूरी ज़रूर बनाए रखें। अब अत्याधुनिक मोबाइल फोन कैमरे भी काफी दूरी तक के विजुअल साफ ले लेते हैं, टेक्नोलॉजी का उपयोग कीजिए।
5) वैसे सभी प्रदेशों में प्रेस कॉन्फ्रेंस, गोष्ठी या अन्य कार्यक्रम स्थगित या रोक दिए गए हैं, फिर भी यदि अति आवश्यक हो तो पूरी सावधानी से अच्छी गुणवत्ता का मास्क लगा के जाएं, खत्म होते ही तुरंत निकल कर अपने इक्विपमेंट व हाथ sanitize करें।

6) अंतिम, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण! रोज के अपने मूवमेंट का रिकॉर्ड या लॉग अवश्य रखें, जैसे कि सुबह घर से निकल कर और वापस काम ख़त्म करके जब आप घर लौटे तो कहां-कहां गए। इसका दिनांक समेत रिकॉर्ड रखें और जरा सी भी तबीयत ख़राब होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें।
इस परीक्षा की घड़ी में सभी पत्रकार बंधु अपने पत्रकारिता धर्म को निभाने के साथ अपने स्वास्थ्य का व अपने नागरिक धर्म का भी बहुत खयाल रखें।
यदि आपको सुझाव ठीक लगें हो तो अधिक से अधिक पत्रकार बंधुओं तक पहुंचा कर सभी को सजग व सावधान रखने में सहायता करें।
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