
बार्डर पर भीड़ की शक्ल में एकत्रित हो रहे लोग-दोनों प्रदेशों की सीमा तक ही संचालित हो रही बसें-सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की उड़ रही धज्जियां
बिजनौर। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर कोटा वाली नदी के किनारे तक ही दोनों राज्यों के परिवहन निगम की रोडवेज बसें संचालित होने से लोगों की भीड़ जमा हो रही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।
कोरोना महामारी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों को प्रदेश की सीमाओं के अंदर ही चलाने का निर्देश दिया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के दूर-दराज के डिपो की बसें भी राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर कोटावाली नदी के पार उत्तराखंड प्रदेश की सीमा तक ही संचालित की जा रही हैं। दूसरी ओर उत्तराखंड परिवहन निगम की काफी संख्या में बसें भी इसी सीमा तक के लिए संचालित की जा रही हैं। हालांकि उत्तराखंड परिवहन निगम की उत्तराखंड के मसूरी, देहरादून, रूडक़ी, हरिद्वार आदि से आकर उत्तराखंड के जसपुर, काशीपुर, रामनगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, कोटद्वार, बाजपुर, पिथौरागढ़ आदि के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर होकर नजीबाबाद, कोतवाली देहात, नगीना, धामपुर, अफजलगढ़ व रेहड़ से होकर संचालित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश की ओर से अंतर्राज्जीय बसों के परिचालन को बंद कर दिए जाने के चलते काफी संख्या में यात्री उत्तराखंड सीमा तक ही उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों में सफर कर पहुंच रहे हैं। इस वजह से दोनों राज्यों की रोडवेज बसें यात्रियों को अपने-अपने राज्य की सीमा में उतार देती हैं, जिससे भागूवाला के पास कोटा वाली नदी पर लॉकडाउन लगा होने के बावजूद सवारियों की भीड़ एकत्रित हो जाती है। इस भीड़ में शामिल काफी संख्या में लोग सरकार की ओर से जारी दो गज की दूरी और मास्क जरूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके चलते कोरोना के संक्रमण का खतरा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस भीड़ में शामिल लोगों की ओर से सरकार की गाइडलाइन का पालन न किए जाने से नदी किनारे बसे कोटा वाली गांव के ग्रामीणों को कोरोना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने दोनों राज्यों की पुलिस से बसों से यहां पहुंचने वाले लोगों से सरकार की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराए जाने की मांग की है।
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