रेप पीड़िता के अपहरण की कोशिश, गवाह की हत्या

पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद शामली का मामला। घटना के वक़्त पीड़िता जा रही थी मंदिर। आला अधिकारियों ने की मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल।

शामली। दुष्कर्म मामले के आरोपियों ने मंदिर में पूजा अर्चना करने जा रही पीड़िता युवती के अपहरण का प्रयास किया। बचाने पहुंचे दुष्कर्म मामले के गवाह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। श्रावण मास के अंतिम सोमवार की सुबह हुए इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल की जांच पड़ताल की। बदमाशों की तलाश में कई टीमें लगा दी गई हैं।

शामली में दुष्कर्म पीड़िता के अपहरण की कोशिश-गवाह को गोलियों से भूना

शामली जनपद के कैराना इलाके की एक युवती के साथ 2 साल पहले दुष्कर्म हुआ था। इस मामले में गांव के ही दो युवकों को पुलिस ने जेल भेजा था। गांव का ही एक युवक गवाह था। मामला विचाराधीन है।

पुलिस के अनुसार उक्त पीड़िता अपनी सहेली के साथ श्रावण मास के अंतिम सोमवार के मौके पर प्रातः 8 बजे पूजा अर्चना करने मंदिर जा रही थी। इसी दौरान उक्त दोनों आरोपियों ने पीड़िता को रोक लिया और उसे घसीटकर जंगल की तरफ ले जाने लगे। उसकी सहेली ने भाग कर मामले की जानकारी पीड़िता के परिजनों को दी। इस पर युवती की मां दुष्कर्म के मुकदमे के गवाह अजय के साथ मौके पर पहुंच गई और युवती को उठाकर ले जा रहे आरोपियों का विरोध किया। विरोध किए जाने पर दुष्कर्म के आरोपी गवाह को घसीटते हुए जंगल में ले गए और उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस बीच एकत्र ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए आरोपी पीड़िता को छोड़ कर फरार हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस के कई अफसरों ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल की। अजय के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। एसपी ओपी सिंह ने बताया कि दुष्कर्म मामले के गवाह की हत्या कर फरार हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

सतीश चंद्र मिश्रा के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां

बिजनौर। 8 अगस्त 2021 को बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान सुरक्षा व तरक्की को लेकर “विचार संगोष्ठी” कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतीश चंद्र मिश्रा राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद बसपा होंगे। कार्यक्रम स्थान सिद्धि रॉयल कैसल चक्कर रोड बिजनौर है।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बिजनौर विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क करते हुए जितेंद्र सागर जिला अध्यक्ष, पंकज शर्मा वरिष्ठ बसपा नेता, बाबू ब्रह्मपाल सिंह जिला सचिव, प्रमोद कुमार, सचिन कुमार, लाल सिंह, जस्सू सिंह, नौबहार सिंह, भीम सिंह, बाबू राम सिंह, दीपक सिंह, कृष्णपाल, घसीटा सिंह, जगमोहन शर्मा, धन सिंह, इंद्राज सिंह, भोले सिंह, भारत सिंह, राम किशोर सिंह, तेजपाल सिंह, हेमेंद्र सिंह आदि साथी साथ रहे।

कानपुर में एक्टिव केस हुए 35

कानपुर। शनिवार को नगर में कोरोना के 3 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अब एक्टिव केस का आंकड़ा 35 पर पहुंच गया है। सीएमओ डॉ.नेपाल सिंह के अनुसार, किदवई नगर, मीरपुर, अनवरगंज में 3 कोरोना पॉजिटिव केस मिले, जबकि 2 होम आइसोलेशन के मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।

बदमिजाज दरोगा सस्पेंड

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। एसपी डा.धर्मवीर सिंह ने झालू में आरएसएस कार्यकर्ता उमंग चौधरी को थप्पड़ मारने और हाथापाई करने वाले दरोगा को सस्पेंड कर दिया है।

कस्बा झालू निवासी आरएसएस कार्यकर्ता उमंग चौधरी गुरुवार को अपने पिता का चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए झालू चौकी पर तैनात दरोगा अरुण कुमार राणा से रिपोर्ट लगवाने के लिए गए थे। दरोगा ने रिपोर्ट लगाने से इंकार कर दिया और कहा कि वे इस तरह कोई रिपोर्ट नहीं लगाएंगे। उमंग चौधरी से बदसलूकी करते हुए उन्हें थप्पड़ मारकर हाथापाई शुरू कर दी। घटना का पता चलने पर हिंदू संगठनों के तमाम कार्यकर्ता चौकी पर पहुंचे और हंगामा किया। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह भी वहां पहुंच गए। सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता से मिले। सीओ ने एसपी को अपनी रिपोर्ट भेज दी। एसपी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है।

एकलव्य बाण समाचार

क्या भाजपाइयों के चूड़ी पहनने का सही समय आ गया है

🙏बुरा मानो या भला🙏

क्या भाजपाइयों के चूड़ी पहनने का सही समय आ गया है-मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”

1985 में शाहबानो केस के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड सुर्खियों में आया था। सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के बाद शाहबानो के पूर्व पति को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इसी मामले में माननीय न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि पर्सनल लॉ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक सहिंता) लागू होना चाहिए। राजीव गांधी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए संसद में बिल पास कराया था।

यहां यह जानना ज़रूरी है कि समान नागरिक सहिंता आख़िर क्या है. संविधान के भाग 4 में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों का ब्योरा है। संविधान के आर्टिकल 36 से 51 के जरिए राज्य को कई मुद्दों पर सुझाव दिए गए हैं। इनमें उम्मीद जताई गई है कि राज्य अपनी नीतियां तय करते समय इन नीति-निर्देशक तत्वों का ध्यान रखेंगे। इन्हीं में से आर्टिकल 44 राज्य को सही समय पर सभी धर्मों के लिए समान नागरिक संहिता बनाने का निर्देश देता है। आसान शब्दों में समझें, तो यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी देश के सभी नागरिकों के लिए एक जैसा पर्सनल लॉ लागू करना राज्य का कर्तव्य बनता है।

मीणा जनजाति की एक महिला और उसके हिंदू पति के बीच तलाक के मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। इस केस में पति हिन्दू मैरिज एक्ट के हिसाब से तलाक चाहता था, जबकि पत्नी का कहना था कि वह मीणा जनजाति की है, ऐसे में उस पर हिन्दू मैरिज एक्ट लागू नहीं होता। पत्नी ने मांग की थी कि उसके पति की तरफ से फैमिली कोर्ट में दायर तलाक की अर्जी खारिज की जाए। उसके पति ने हाईकोर्ट में पत्नी की इसी दलील के खिलाफ याचिका लगाई थी। इस पर टिप्पणी करते हुए माननीय उच्चन्यायालय ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत है और इसे लाने का यही सही समय है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले में जरूरी कदम उठाने को कहा है।
माननीय न्यायालय ने कहा कि भारतीय समाज में जाति, धर्म और समुदाय से जुड़े फर्क खत्म हो रहे हैं। इस बदलाव की वजह से दूसरे धर्म और दूसरी जातियों में शादी करने और फिर तलाक होने में दिक्कतें आ रही हैं। आज की युवा पीढ़ी को इन दिक्कतों से बचाने की जरूरत है। इस समय देश में समान नागरिक संहिता होनी चाहिए। आर्टिकल 44 में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर जो बात कही गई है, उसे हकीकत में बदलना होगा। यहां ध्यान देने योग्य है कि देश में अभी हिंदू और मुसलमानों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ हैं। इसमें प्रॉपर्टी, शादी, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामले आते हैं।

समान नागरिक सहिंता भारतीय संविधान का ही एक अंग है और एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए इसका होना बेहद ज़रूरी है, परन्तु कांग्रेस और वामपंथियों की तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इसे आजतक धरातल पर नहीं लाया जा सका। दरअसल इसमें सबसे बड़ी अड़चन कट्टरपंथियों ने पैदा की है। कट्टरपंथी वह लोग हैं जिनके लिए उनके मज़हबी कानून का दर्जा भारतीय संविधान से हमेशा ऊपर ही रहा है और जिन्होंने अपने मज़हब को राष्ट्रधर्म से अधिक महत्व दिया है। ऐसे कट्टरपंथियों को शह देने में “कथित सेक्युलर जमात” ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

लेकिन उससे भी बड़ी विडंबना यह है कि अपने आपको “राष्ट्रवाद का चौकीदार” बताने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने भी समान नागरिक सहिंता कानून को लागू करने पर अभी तक गम्भीरता से कोई विचार नहीं किया है। यह दुःखद है कि स्वयं दिल्ली उच्च न्यायालय को केंद्र सरकार से इस कानून को बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहना पड़ा है। जबकि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने ख़ुद हमेशा इस कानून को देशभर में लागू कराने का आश्वासन दिया था। और यह उनके चुनावी एजेंडे में प्राथमिकता पर था।

हमेशा कांग्रेस की तुष्टिकरण और डरपोक राजनीति को पानी पी-पीकर कोसने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जनसंख्या नियंत्रण, समान नागरिक सहिंता जैसे महत्वपूर्ण कानून बनाने के वायदों और 56 इंच के सीने की दुहाई देकर ही अपने राजनीतिक संगठन भाजपा को 2019 में पुनः सत्ता में स्थापित करने पर सफलता हासिल कर ली थी। परन्तु अब लगता है कि कल तक कांग्रेस के प्रधानमंत्री को चूड़ियां पहनाने के लिए उतावले भाजपाइयों को अब ख़ुद चूड़ी पहनने का समय आ गया है। बार-बार “मन की बात” करने वाले मोदी जी भी बताएं कि वह “समान नागरिक सहिंता” जैसे राष्ट्रहित के मुद्दों पर अपना “मौनव्रत” कब तोड़ेंगे ?

🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-
(नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)

विशेष नोट- उपरोक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। उगता भारत समाचार पत्र एवं newsdaily24 के सम्पादक मंडल का उनसे सहमत होना न होना आवश्यक नहीं है। हमारा उद्देश्य जानबूझकर किसी की धार्मिक-जातिगत अथवा व्यक्तिगत आस्था एवं विश्वास को ठेस पहुंचाने नहीं है। यदि जाने-अनजाने ऐसा होता है तो उसके लिए हम करबद्ध होकर क्षमा प्रार्थी हैं।

एक फोटोग्राफर जो अपने अंतिम सफर पर निकल ही गया

एक फोटोग्राफर जो अपने अंतिम सफर पर निकल ही गया

अनिल सक्सेना अपनी जिंदगी के अंतिम सफर पर निकल ही गये। वह कई साल से पार्किंसन की बीमारी से ग्रस्त थे और एक ऐसी जिंदगी जी रहे थे जिसके कोई मायने ही नहीं थे। फिर भी पूरा परिवार पूरे तौर पर उनको बचाने में लगा रहा और बहुत हद तक वह इसमें कामयाब भी हुआ। आज भी उनको बचाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन मौत ने उमको अपने आगोश में ले लिया। अनिल सक्सेना लखनऊ की रेडियो मिर्ची की मशहूर आरजे सैम के पिता थे। पिछले दो 1 साल से मुंबई के कोकिला बेन हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था । सीतापुर से लखनऊ जा बसे अनिल सक्सेना ने लखनऊ में अपोलो हॉस्पिटल मे अपना इलाज कराया लेकिन हालात न सुधरने के चलते उन्हें मुंबई ले जाया गया । उनकी मौत की सूचना अभी थोड़ी देर पहले मिली। अनिल सक्सेना शुरू से ही उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन से जुड़े रहे । वह प्रदेश यूनियन के नेताओं के बहुत करीब थे और उनको आईएफडब्ल्यूजे के प्रेसिडेंट डॉ.के विक्रम राव का आशीर्वाद प्राप्त था। देश में आईएफडब्ल्यूजे के होने वाले सभी सम्मेलनों में वह जाते थे और यूनियन के लिए फोटोग्राफी करते थे। उनकी खींची हुई तस्वीरें यूनियन की मैगजींस में छपती थी। पत्रकारों का जो दल जर्मनी गया था, उसने वह शामिल थे । श्रीलंका का भ्रमण भी उन्होंने किया था । मुझे याद पड़ता है कि श्रीलंका में अशोक वाटिका में शायद सुंदरकांड उन्होंने पढ़ा था जहां डॉ. के विक्रम राव और डॉक्टर सुधा राव भी मौजूद थी। दैनिक जागरण के सांस्कृतिक संवाददाता के रूप में उन्होंने कई सांस्कृतिक लेख लिखे और प्रेस फोटोग्राफर का काम किया । अपने wit and humour के लिए मशहूर अनिल सक्सेना अब हमसे बहुत दूर चले गए हैं फिर कभी वापस न लौटने के लिए। उन्हें हमारी ओर से अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि।🌹🙏

एसपी ग्रामीण ने लिया मतदान व्यवस्था का जायजा

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। ब्लाक प्रमुख चुनाव मतदान केंद्रों पर एसपी ग्रामीण हृदयेश कुमार, क्षेत्राधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी चिरंचिवी मोहन ने निरीक्षण कर मतदान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लाक प्रमुख चुनाव शनिवार को होना निर्धारित हैं। नामांकन के दौरान सपा व भाजपा में तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसके चलते प्रशासन सख्त नजर आया और चुस्त दुरस्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ शुक्रवार को मतदान केंद्रों पर लखनऊ ग्रामीण एसपी हृदेश कुमार ने मलिहाबाद व माल बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि यदि किसी भी पार्टी का प्रत्याशी व कार्यकर्ता उपद्रव करता है तो उस पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

उसके साथ साथ यदि कोई अधिकारी व कर्मचारी की लापरवाही बरतने की शिकायत मिली तो कठोर कार्रवाई होना सुनिश्चित है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को सख्ती के साथ संपन्न कराया जाएगा।

बोले शिक्षक: शीघ्र हो 21 सूत्रीय मांगों का समाधान

21 सूत्रीय मांगों के शीघ्र समाधान करने की मांग। प्राथमिक शिक्षक संघ ने बैठक में की विभिन्न मामलों पर चर्चा।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद बिजनौर की संयुक्त बैठक प्राथमिक विद्यालय हल्दौर  प्रथम पर जिलाध्यक्ष नागेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बुधवार को संपन्न बैठक में प्रांतीय स्तर से नामित पृथ्वी सिंह, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद-अमरोहा पर्यवेक्षक के रुप में उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जिला मीडिया प्रभारी विपिन शर्मा द्वारा किया गया। बैठक में उपस्थित समस्त सदस्यों को प्रांतीय कार्यकारिणी द्वारा जारी 21 सूत्रीय मांग-पत्र पढ़ कर सुनाया गया व सहमति ली गई। 21 सूत्रीय मांग-पत्र में पुरानी पेंशन, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, ऐच्छिक स्थानांतरण, पारस्परिक स्थानांतरण, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, उपार्जित अवकाश, द्वितीय शनिवार का अवकाश, एसीपी, पदोन्नति, मूलभूत सुविधाएं, 17140 व 18150, महंगाई भत्ता बहाल, परिवार नियोजन भत्ता बहाल, नगर प्रतिकर भत्ता बहाल, ग्रेच्युटी, सामूहिक बीमा 10 लाख, शिक्षामित्र व अनुदेशकों को स्थाई अध्यापक बनाने, सीआर समाप्त करने, शिक्षा अधिकरण विधियक वापस लेने, प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम 5 सहायक अध्यापक के पद व 1 प्रधानाध्यापक का पद तथा जूनियर विद्यालयों में 3 सहायक अध्यापक के पद व 1 प्रधानाध्यापक का पद करने, मृतक आश्रितों को तत्काल नियुक्ति प्रदान करने, कोरोना महामारी में मृत शिक्षामित्र अध्यापक, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों को एक करोड़ की सहायता राशि देने, ऑनलाइन कार्य की अनिवार्यता पर रोक लगाने, रसोइयों का मानदेय 10 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की गई। कोरोना एवं अधिक गर्मी के चलते विद्यालय का समय प्रात: 8:00 से 12:30 तक करने की मांग की गई।

जिलाध्यक्ष नागेश कुमार ने कहा की यदि शिक्षकों की यह तर्कसंगत मांगे पूर्ण नहीं की गई तो अध्यापक आंदोलन के लिए विवश होंगे। बैठक में पवित्र कुमार एवं लोकेंद्र त्यागी जिला उपाध्यक्ष ,प्रमोद यादव जिला प्रचार मंत्री, भूपेंद्र चौधरी जिला संयुक्त मंत्री, इंद्रवीर नागर ब्लॉक अध्यक्ष हल्दौर, धर्मेंद्र सिंह ब्लॉक अध्यक्ष अल्हैपुर, पवन कुमार ब्लॉक अध्यक्ष ऑकू, यशवीर सिंह ब्लॉक अध्यक्ष नूरपुर, गिरीश कुमार ब्लॉक अध्यक्ष जलीलपुर, जितेंद्र सिंह ब्लॉक अध्यक्ष अफजलगढ़, मुकेश वर्मा ब्लाक अध्यक्ष कोतवाली, देवेंद्र सिंह ब्लॉक अध्यक्ष नजीबाबाद हिमांशु राजपूत कोतवाली एवं वरिष्ठ संघ के सक्रिय सदस्य अतुल शर्मा, नवनीत कुमार, अरुण चौहान, संजय शर्मा, दीपक अहलावत, दीपक महिंद्रा, मोहम्मद साजिद अहमद, सीमा देवी, निधि राजपूत, अंजू रानी, सरिता देवी आदि ने अपने अपने विचार रखे। 

नार्थ इण्डिया कालेज ने मनाया वृक्षारोपण सप्ताह

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नार्थ इण्डिया कालेज आफ हायर एजूकेशन नजीबाबाद में वृक्षारोपण सप्ताह मनाया गया।
नार्थ इण्डिया कालेज आफ हायर एजुकेशन में प्रदेश व शासन के निर्देश पर एक जुलाई से सात जुलाई तक वृक्षारोपण सप्ताह मनाते हुए पौधारोपण किया गया।

इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध निदेशक अवनीश अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक अभिनव अग्रवाल ने पौधारोपण किया। प्रबंध निदेशक अवनीश अग्रवाल ने पर्यावरण की शुद्धता के लिए पौधारोपण का महत्व बताते हुए कहा कि प्रकृति की गोद में रहकर न केवल हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि हम स्वस्थ भी रहते हैं। कालेज के उच्च शिक्षा विभाग को जिलाधिकारी की ओर से आवंटित पौधो को रोपित करने में संस्थान के रजिस्ट्रार गौरव वर्मा, प्राचार्या डा. नीलावती, उपप्राचार्य डा. नवनीत राजपूत के मार्गदर्शन में करीब 350 पौधों को रोपित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविभाग के विभागाध्यक्ष डा. रामकिशोर, कला संकाय विभागाध्यक्ष जसवंत सिंह, गृहविज्ञान विभागध्यक्ष दीपा सिंह, आंचल शर्मा, माधव वर्मा, संदीप नेगी, अरविन्द राजपूत, अरविन्द कुमार, निशि रस्तौगी, फैयाजुर्रहमान, प्रदीप कुमार, शादमा परवीन, डा. चंचल कुमार, शालू चौहान, शिखा राठी आदि ने वृक्षारोपण में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर शिक्षणेेत्तर कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण किया।

मृतक श्रमिक के आश्रितों को ₹12.50 लाख की सहायता

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। श्रम विभाग द्वारा देव रबर फैक्ट्री नगीना रोड बिजनौर में हुए हादसे में मृतक श्रमिक के आश्रितों को क्षतिपूर्ति स्वरूप शासन द्वारा उपलब्ध कराई धनराशि से आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है। 

सहायक आयुक्त श्रम, प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया गया कि विगत 16, जून, 2021 को देव रबर फैक्ट्री नगीना रोड बिजनौर में हुए हादसे में श्रमिक सुरेश कुमार की मौत हो गई थी।

उन्होंने बताया कि मृतक श्रमिक सुरेश कुमार के आश्रितों को क्षतिपूर्ति स्वरूप शासन द्वारा आज ही उपलब्ध कराई गई धनराशि रुपए 12.50 लाख का भुगतान कर मृतक के परिवार के सदस्यों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई है।  

खतापुर के राजवीर को प्रेम करने की खता पर मिली सजा ए मौत!

खतापुर के राजवीर को प्रेम करने की खता पर मिली सजा ए  मौत!
दूधिया की हत्या मामले में दो गिरफ्तार, एक फरार

बिजनौर।  हल्दौर के ग्राम अतापुर उर्फ खतापुर के मार्ग पर गत 26 जून को हुई दूधिए राजवीर उर्फ बरम की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है, जबकि एक फरार है।
मृतक राजवीर पुत्र बरम सिंह (35 वर्ष) की पत्नी श्रीमती राजो देवी ने इस मामले में हल्दौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच सीओ के नेतृत्व में की गई पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि गत 26 जून को हुई इस हत्या की जांच में पता चला कि दो युवकों ने राजवीर की हत्या की है। पुलिस टीम ने इनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए और मंगलवार को बालकिशनपुर चौराहे से दो आरोपियों हिमांशु उर्फ छोटे (21 वर्ष) पुत्र उदल सिंह व अनमोल (16 वर्ष) पुत्र सुरेन्द्र सिंह निवासी ग्राम मुकरपुर गदई थाना हीमपुरदीपा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक राजवीर सिंह का अनमोल की बहन से प्रेम प्रसंग था। वह कई बार मना करने पर भी अनमोल की बहन से मिलना-जुलना नहीं छोड़ रहा था। इसी बात को लेकर अनमोल के घर पर भी कई बार झगड़ा हो चुका था।

ऐसे बनी योजना
पुलिस के अनुसार गत 24/25 जून की रात में हिमांशु ने राजवीर को अनमोल के घर से निकलते देखा। यह बात उसने अनमोल को बताई इसके बाद दोनों ने राजवीर की हत्या की योजना बनाई और अनमोल के तहेरे भाई विशेष उर्फ विसु को भी अपने साथ शामिल कर लिया। योजना के तहत अतापुर उर्फ खतापुर के रास्ते पर राजवीर को उस समय रोक लिया, जब वह दूध लेकर जा रहा था। अनमोल ने उसे बातों में लगाया जबकि हिंमाशु व बिसु ने राजवीर को  पीछे से गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस को  पहले से ही था परिचित पर शक
पुलिस को शव की स्थिति देखते ही शक हो गया था कि राजवीर की हत्या किसी परिचित ने की है। घटनास्थल पर एक तरफ शव और दूसरी ओर खड़ी बाइक से साफ इशारा था कि किसी परिचित ने ही वारदात को अंजाम दिया है। इसी तथ्य को आधार बना कर पुलिस टीम लगी रही और मामले की जड़ तक जा पहुंची।

बरामदगी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए अनमोल पुत्र सुरेन्द्र सिंह व हिमांशु पुत्र उदल सिंह के पास से एक तमंचा 315 बोर, एक खोखा कारतूस, अनमोल के कब्जे से सोने का बना हुआ ओम लिखा लाकेट, हल्दौर के बॉबी ज्वैलर्स  के यहां से खरीदा गया बिल, अनमोल की बहन का आधार कार्ड व रुपए 640 की नकदी बरामद की गई है। उक्त सोने का लाकेट अनमोल की बहन ने राजवीर को दिया था।

स्वाट व हल्दौर पुलिस को इनाम
पुलिस पार्टी में स्वाट टीम के उपनिरीक्षक संजय कुमार, हे.का. राजकुमार नागर, का. मोहम्मद खालिद, का. मोहित कुमार, का. रहीस अहमद, का. बेताब जावला व दीपक तोमर के अलावा हल्दौर थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार, उपनिरीक्षक अशोक कुमार, उ. नि. सुभाष चन्द बालियान  व विनोद कुमार, का. नीरज कुमार व संदीप कुमार चालक शिशुवेन्द्र आदि शामिल रहे। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने मामले का खुलासा करने वाले स्टाफ की पीठ थपथपाने के साथ ही पांच हजार रुपए का इनाम भी दिया।

सवाल अब भी है! शादीशुदा होते हुए भी राजवीर ने ऐसा कदम क्यों उठाया? हत्या के मुख्य आरोपी या उसके परिवार वालों ने अपने ही घर में सख्ती क्यों नहीं की? …एक मामला और दो परिवार अब जिंदगी भर इस कलंक के साथ जिएंगे!

यूपी का चार हिस्सों में बंटवारा जरूरी: मलूक नागर

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। कोहरपुर में गंगा कटान का निरीक्षण करने के बाद बिजनौर सांसद मलूक नागर ने कहा कि गंगा में हो रहे अवैध खनन को कानूनी रूप देकर वैध कर इतना राजस्व मिल सकता है। इससे इलाके की समस्या ही खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चहुंमुखी विकास के लिए यूपी का चार हिस्सों में बंटवारा जरूरी है और वह स्वयं इस मुद्दे को लोकसभा में उठा चुके हैं।

कोहरपुर से आने के बाद सांसद ने जिला मुख्यालय स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह संसद में किसानों, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित एवं अन्य समाज की समस्याओं को पूरी जिम्मेदारी से उठाने के साथ-साथ कोरोना संक्रमण काल में भी लगातार जनता की सेवा करने में लगे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बिजनौर गन्ने की पैदावार और मिठास में यूपी में अव्वल है। गन्ने का भुगतान समय से होता है, तो ही किसानों के परिवारों के साथ साथ व्यापारियों के घर में भी खुशियां आती हैं। उनसे पहले गन्ने और किसान यूनियन का मुद्दा कोई भी संसद में नहीं उठाता था, उन्होंने इस मुद्दे को भी उठाया।

कब्जा मुक्त कराया खेल का मैदान

ज्वांइट मजिस्ट्रेट ने कब्जा मुक्त कराया खेल का मैदान

बिजनौर। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कस्बा मंडावर में स्थित खेल मैदान को कब्जा मुक्त कराया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक शुक्रवार दोपहर मंडावर पहुंचे तथा खेल का मैदान कब्जामुक्त कराया। उक्त मैदान महात्मा गांधी स्कूल की आराजी थी। नगर के युवाओं के लिए खेल के मैदान के रूप में दर्ज है, लेकिन भ्र्ष्टाचार के चलते कुछ लोगों ने इस खेल के मैदान को भी अपनी आमदनी का जरिया बना लिया था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को जैसे ही उक्त जमीन की जानकारी मिली, तो उन्होंने एक हफ्ते में मैदान को कब्जा मुक्त करा दिया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि खेल के मैदान के बराबर में ही कस्टोडियन की जमीन पर भी कुछ लोगों का कब्जा है। इस जमीन पर भी खेतीबाड़ी की जा रही है। कस्बावासियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से इसे भी कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।

प्रधान चुनाव की रंजिश में चले धारदार हथियार, कई घायल

चुनावी रंजिश में चले धारदार हथियार, कई घायल

बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र के गांव गोहावर जैत में एक महीना गुजर जाने के बाद भी ग्राम प्रधानी के चुनाव की रंजिश कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोग चुनाव की रंजिश एक दूसरे के दिल में ले बैठे हैं। शुक्रवार को सुबह लगभग दस बजे मामूली बात को लेकर दो पक्षों ने एक दूसरे के ऊपर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में निजामु चौधरी के पुत्र जीशान, इमरान व जुबेर घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल जीशान व उसकी मां को नूरपुरा सरकारी अस्पताल से बिजनौर के लिए रेफर कर दिया गया। बताया गया है कि झगड़े का शोरगुल सुनकर पड़ोसी घरों से बाहर निकल आए। बीच बचाव की कोशिश की गई, मगर दोनों तरफ से धारदार हथियार लहराते देखकर मोहल्ले वासी खौफजदा हो गए। झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठी फटकार कर मामला शांत किया और दोनों पक्षों के गंभीर लोगों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। यह मंजर देख कर लोग दहशत में नजर आए। गनीमत यह रही के अगर सही वक्त पर मौके पर पुलिस ना पहुंचती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। दोनों पक्षों की तहरीर लेकर एक दूसरे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों में जो भी दोषी पाए जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

ट्रांसफर नीति ठेंगे पर: बरसों से जमे हुए हैं ड्रग इंस्पेक्टर! 

पॉलिटिकल अप्रोच: बरसों से जमे हुए हैं ड्रग इंस्पेक्टर! 

बिजनौर। जिला औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) आशुतोष मिश्रा के लिए कोई सरकारी नियम मायने नहीं रखता। आरोप है कि धन बल और सत्ताधारियों की कृपा के चलते वह अक्टूबर 2016 से बिजनौर जिले में निर्विघ्न जमे हुए हैं। हाल ही में प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी दी है। अब देखना ये है कि 15 जुलाई की तय समय सीमा में इनका बोरिया बिस्तर बंधता है या फिर से ये यहीं टिके रहने में कामयाब हो जाएंगे! 

मेडिकल स्टोर संचालक कर उठे त्राहिमाम- 

जनपद बिजनौर के मेडिकल स्टोर संचालक त्राहिमाम की मुद्रा में हैं। आरोप है कि बिना भेंट चढ़ावा के जिला औषधि निरीक्षक कार्यालय से कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती। जिला औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) आशुतोष मिश्रा के खास कर्मचारियों का काकस इतना मजबूत है कि मेडिकल स्टोर संचालकों को शोषण से कोई भी नहीं बचा पा रहा। लाइसेंस रिन्यूवल हो या अन्य कोई काम, हर काम के रेट बंधे हुए हैं। शिकायत करने वाले को इस तरह फंसाया जाता है कि अगले कई जन्मों तक वो किसी से भी पंगा लेने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता। 

राजनैतिक विरासत के धनी- बताया गया है कि आशुतोष मिश्रा के परिवार के कई लोग राजनैतिक पार्टियों से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि बिजनौर में तैनाती के दौरान भी वह इन संबंधों का फायदा उठा रहे हैं। बिजनौर के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं से इनके घनिष्ठ संबंध बताए जाते हैं। 

अब्दुल समी मेमोरियल लॉ कॉलेज में पौधरोपण की दिलाई शपथ

बिजनौर। अब्दुल समी मेमोरियल लॉ कॉलेज के प्रांगण में पौधारोपण किया गया। मुस्लिम फंड बसी किरतपुर के अध्यक्ष व महाविद्यालय के प्रबंधक मोहम्मद साइम राजा व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहित बंसल ने सभी को पौधारोपण की शपथ दिलाई।

प्रबंधक साईम राजा ने कहा कि वृक्षारोपण हमारे लिए जितना महत्वपूर्ण है उतना ही अधिक उनकी देखभाल करना है। पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुड़ा विषय है। पर्यावरण संरक्षण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहित बंसल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण करना अति आवश्यक है। हमें चाहिए एक वृक्ष अपने नाम का जरूर लगाएं जिससे कि सभी लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन मिल सके। महाविद्यालय परिसर में फलदार वृक्ष व अन्य पौधे जैसे अमरुद, नीम, नाशपाती, बकैन आदि लगाए गए। इस अवसर पर डॉ बेगराज यादव डॉ शमशाद डॉ चारू बंसल, दानिश, विवेक गुप्ता, वीरेंद्र, नेहा, रिजवाना अरशद ,जाहिद, निषाद आदि ने अपना विशेष योगदान दिया। 

खुला Lock down: बिजनौर वाले बोले हम नहीं सुधरेंगे!

बिजनौर। यहां के लोगों ने साफ कह दिया है कि हम नहीं सुधरने वाले। इन फोटो को एडिट नहीं किया गया है, इनमें इनका समय भी दिखाई देगा। दिन की भीड़ का मामला अलग है। आखिर एक बात समझ नहीं आई कि ऐसा कौन सा काम है जिसके लिए इस समय भी बेफिक्र होकर भटकते हैं लोग। बताया जाता है कि ऐसे लोगों को भटकती आत्मा की श्रेणी में पहुंचने से कोई गुरेज नहीं है। दूसरी ओर यदि पुलिस की फटकती लाठी हो तो शासन प्रशासन को कोसने में भी ऐसे ही लोग अव्वल रहेंगे।

PNB के ATM में छूटा किसी का कार्ड

बिजनौर। जिला मुख्यालय के सिविल लाइंस में पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के एटीएम में एक कार्ड पाया गया है। स्टेट बैंक के उक्त कार्ड पर नाम श्री धन सिंह (Dhan Singh) अंकित है। रविवार देर सायं उक्त कार्ड ATM के कार्ड होल्डर में लगा पाया गया। ATM परिसर के भीतर लिखे PNB के toll free नंबर पर कॉल कर के मामले की जानकारी का प्रयास किया गया। आज सोमवार को PNB शाखा कार्यालय पर कार्ड जमा करा दिया गया है।

पत्रकार मोहम्मद आदिल के मामा बने राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिला उपाध्यक्ष

बिजनौर। ग्राम शाहजहाँपुर रोशन उर्फ गड़ीकपुरा के प्रधान शहज़ाद अनवर को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन का जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

विदित हो कि प्रधान शहज़ाद अनवर वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद आदिल के मामा हैं। उनको राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन का जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने पर जिले में हर्ष की लहर है। जिले के प्रधानों के अलावा पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों, पत्रकारों, विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं एवं शुभचिंतकों द्वारा उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी जा रही हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा के अनुमोदन पर राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन जनपद बिजनौर के ग्राम शाहजहाँपुर रोशन उर्फ गड़ीकपुरा के प्रधान शहज़ाद अनवर को जिला उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर DM ने किया वृक्षारोपण

बिजनौर। (एकलव्य बाण समाचार) जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा जिला बिजनौर में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात स्थानीय इंदिरा पार्क में अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण किया गया।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने शनिवार को बिजनौर कोषागार में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय इंदिरा पार्क में वृक्षारोपण किया।

इस अवसर पर उन्होंने उप संभागीय निदेशक बिजनौर को निर्देश दिए कि इंदिरा पार्क का प्राथमिकता के आधार पर सौंदर्यीकरण कराएं और स्थानीय लोगों के लिए प्राकृतिक मनोरंजन की व्यवस्था करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में ऐसे स्थान का चयन किया जाए, जहां पर एक समय में 50,000 से ज्यादा पौध रोपित किए जा सके।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के पी सिंह, उप संभागीय निदेशक सिमरन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

दोहरी मार झेल रहे जल निगम कर्मचारी

दोहरी मार झेल रहे जल निगम कर्मचारी

लखनऊ। कोरोना संकट के बीच जल निगम के कर्मचारियों को वेतन और पेंशन से भी महरूम होना पड़ रहा है। प्रदेश के 21 हजार कर्मचारियों का पिछले चार माह का वेतन-पेंशन बकाया है। इसे लेकर जल निगम के कर्मचारी संगठन लगातार निगम को सरकारी विभाग बनाए जाने की मांग कर रहे थे, वह भी पूरी नहीं हो पाई। यूपी जल निगम कर्मचारी महासंघ के नेता अजय पाल सिंह सोमवंशी बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में तमाम कर्मचारियों के परिवारों में भी संक्रमण पहुंचा तो इलाज पर भी काफी पैसा खर्च हुआ। ऐसे में कई कर्मचारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। निगम में करीब दस हजार नियमित और करीब 11 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जिनके वेतन पेंशन पर हर महीने करीब 70 करोड़ का खर्च आता है।

काम कम मिलने से बिगड़े हालात : जल निगम में वेतन पेंशन को लेकर संकट कई साल से चल रहा है, जिसकी बड़ी वजह जल निगम की आमदनी में कमी है। जल निगम की आमदनी का सबसे बड़ा जरिया सरकारी पेयजल और सीवर योजनाओं का काम करने के बदले मिलने वाला पैसा है, लेकिन जेएनएनयूआरएम के बाद विशेषज्ञ संस्था होने के बाद भी सरकार ऐसे विभागों को काम देने लगी जो विशेषज्ञ नहीं हैं।

सरकारी विभाग बने तो दूर हो संकट यूपी जल निगम कर्मचारी संघ के नेता अजय पाल सिंह का कहना है कि सरकार बकाया सेंटेज भी नहीं दे रही है। ऐसे में लगातार सरकारी विभाग बनाने की मांग की जा रही है, ताकि वेतन-पेंशन का संकट समाप्त जल निगम में वेतन ट्रेजरी से जारी हो। लगातार मांग के बाद भी अभी तक सरकार उसे पूरा नहीं कर पाई है। सरकारी विभाग बन जाए तो सेंटेंज मांगने की जरूरत ही सरकार से नही पड़ेगी। सरकार से मांग है कि वह कोरोन के इस संकट के समय कर्मचारियों को बकाया वेतन-पेंशन दे।

पूर्व प्रधानाचार्य के निधन पर शोक

आरजेपी के पूर्व प्रधानाचार्य के निधन पर शोक

बिजनौर। वीरा चैरिटेबल सोसायटी के उप सचिव, राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज बिजनौर के भूतपूर्व प्रधानाचार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत चैतन्य स्वरूप गुप्ता जी के निधन से शिक्षा जगत में शोक व्याप्त है। पूर्व विधायक रुचि वीरा ने कहा कि उनके निधन से गहरा दु:ख हुआ। हमारे परिवार और गुप्ता जी का 71 साल का साथ रहा, उनका जाना हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शन्ति दें और परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति क्षमता और साहस प्रदान करें।

एचआर सीटी स्कैन: निर्धारित मूल्य से अधिक लेने पर होगी कार्यवाही

निर्धारित मूल्य से अधिक लेने पर होगी कार्यवाही:डीएम

बिजनौर। शासन द्वारा निर्धारित एचआर सीटी स्कैन की सबसे अधिक मूल्य लेने पर निजी चिकित्सालयों एवं रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर पर एपिडेमिक डिजीज एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी। यह चेतावनी डीएम रमाकांत पांडे ने दी है।

डीएम रमाकांत पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के दृष्टिगत आम जनमानस को बेहतर एवं सर्व सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निजी चिकित्सालयों एवं निजी चिकित्सकों द्वारा रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों को एचआर सीटी स्कैन की जांच की दर (पीपीई किट एवं सैनिटाइजेशन व अन्य व्यय सहित)16 सिलाइस तक रुपए 2000,16 से 64 सिलाइस तक रुपए 2250 तथा 64 सिलाइस से अधिक रुपए 2500 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह आदेश एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 ( यथा संशोधित)एवं उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम 2020 के संगत प्रावधानों के अंतर्गत जारी किया जा रहा है तथा इस आदेश का उल्लंघन एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में (यथा संशोधित) एवं उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम 2020 की संगत धाराओं के अंतर्गत दंडनीय है।

UP, UK बार्डर पर भीड़ दे रही कोविड-19 को न्योता

बार्डर पर भीड़ की शक्ल में एकत्रित हो रहे लोग-दोनों प्रदेशों की सीमा तक ही संचालित हो रही बसें-सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की उड़ रही धज्जियां

बिजनौर। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर कोटा वाली नदी के किनारे तक ही दोनों राज्यों के परिवहन निगम की रोडवेज बसें संचालित होने से लोगों की भीड़ जमा हो रही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।

कोरोना महामारी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों को प्रदेश की सीमाओं के अंदर ही चलाने का निर्देश दिया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के दूर-दराज के डिपो की बसें भी राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर कोटावाली नदी के पार उत्तराखंड प्रदेश की सीमा तक ही संचालित की जा रही हैं। दूसरी ओर उत्तराखंड परिवहन निगम की काफी संख्या में बसें भी इसी सीमा तक के लिए संचालित की जा रही हैं। हालांकि उत्तराखंड परिवहन निगम की उत्तराखंड के मसूरी, देहरादून, रूडक़ी, हरिद्वार आदि से आकर उत्तराखंड के जसपुर, काशीपुर, रामनगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, कोटद्वार, बाजपुर, पिथौरागढ़ आदि के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर होकर नजीबाबाद, कोतवाली देहात, नगीना, धामपुर, अफजलगढ़ व रेहड़ से होकर संचालित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश की ओर से अंतर्राज्जीय बसों के परिचालन को बंद कर दिए जाने के चलते काफी संख्या में यात्री उत्तराखंड सीमा तक ही उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों में सफर कर पहुंच रहे हैं। इस वजह से दोनों राज्यों की रोडवेज बसें यात्रियों को अपने-अपने राज्य की सीमा में उतार देती हैं, जिससे भागूवाला के पास कोटा वाली नदी पर लॉकडाउन लगा होने के बावजूद सवारियों की भीड़ एकत्रित हो जाती है। इस भीड़ में शामिल काफी संख्या में लोग सरकार की ओर से जारी दो गज की दूरी और मास्क जरूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके चलते कोरोना के संक्रमण का खतरा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस भीड़ में शामिल लोगों की ओर से सरकार की गाइडलाइन का पालन न किए जाने से नदी किनारे बसे कोटा वाली गांव के ग्रामीणों को कोरोना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने दोनों राज्यों की पुलिस से बसों से यहां पहुंचने वाले लोगों से सरकार की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराए जाने की मांग की है।

यूपी में वैक्सीन लगवाने को आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म

यूपी में वैक्सीन लगवाने को आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म
योगी सरकार ने वापस लिया अपना फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आधार और स्थाई निवास प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी। योगी सरकार के नए आदेश के अनुसार अब यूपी में निवास करने का कोई भी डॉक्यूमेंट देने पर टीकाकरण किया जाएगा। यानि किअब यूपी में स्थायी और अस्थायी रूप से रहने वाले सभी लोगों का टीकाकरण होगा।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में टीकाकरण चल रहा है। इस बीच योगी सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अपना एक फैसला वापस ले लिया है। पहले सरकार ने सिर्फ यूपी वालों को वैक्सीनेशन लगाने का आदेश दिया था। नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर की तरफ से जारी पत्र में कहा गया था कि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के 18 से 44 साल के लोगों ने वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, इसके चलते यूपी के लोगों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में टीकाकरण का काम जारी है। प्रदेश के 18 जिलों में 18 साल से ऊपर वालों को टीका लगना शुरू हो गया है।
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पुलिस लाइनों में अपने संसाधनों से किया 2365 बेड का इंतजाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब तक 2,365 बेड का इंतजाम अपने संसाधनों द्वारा पुलिस लाइनों में किया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि इनमें 260 बेड ऑक्सीजन सुविधायुक्त हैं।

इन अस्पतालों में कुल 1891 पॉजिटिव पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है और 854 डिस्चार्ज हो चुके हैं,

भर्ती हुए पुलिसकर्मियों में 15 ऐसे रहे हैं, जो बीमारी बढ़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर किए गए।

GRP के एक कोविड केयर सेंटर में भर्ती पुलिसकर्मी की मौत भी हुई।

प्रदेश में 4,256 पुलिसकर्मी अभी कोरोना पॉजिटिव हैं।

अब तक कुल 15,409 पुलिसकर्मी ठीक होकर घर जा चुके हैं।

महामारी अधिनियम उल्लंघन: पुलिस ने काटे 34 चालान, वसूले गए 34 हजार

महामारी अधिनियम उल्लंघन में पुलिस ने काटे 34 के चालान। जुर्माना वसूला ₹34 हजार।

बिजनौर। महामारी अधिनियम का उल्लंघन करने पर स्योहारा पुलिस ने 34 लोगों के चालान काट कर उनसे 34 हजार रुपए वसूल किए। सडक़ पर दौड़ रहे ई-रिक्शा चालकों और सब्जी विक्रेताओं को महामारी अधिनियम का पालन न करने पर थाने ले जाकर उनके चालान काटे गए।  पुलिस ने प्रत्येक व्यक्ति से चालान के तौर पर एक हजार रुपए वसूले और बाद में उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़ ने बताया कि उक्त लोग न तो मास्क लगाए हुए थे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। पुलिस ने उन सभी लोगों के चालान काटकर प्रति व्यक्ति रुपए 1.000  दंड स्वरूप वसूल किए हैं।  व्यापारियों द्वारा कालाबाजारी किए जाने की शिकायत पर थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़ ने कहा कि  सभी व्यापारियों को चेतावनी दे दी गई है और यदि अभी भी कोई कालाबाजारी करता हुआ पाया जाता है या कोई  शिकायत मिलती है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए थाना परिसर, कार्यालय, हवालात, बैरक आदि को भी सैनिटाइज कराया कराया गया है।

जमाखोरी से मेडिकल स्टोर्स पर जीवन रक्षक दवाइयों की किल्लत

जमाखोरी से मेडिकल स्टोरों पर जीवन रक्षक दवाइयों का टोटा। दहशत में जरूरत से अधिक दवाईयों की खरीद रहे लोग

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और सरकार द्वारा रोकथाम के प्रयास के बीच मेडिकल स्टोर्स से दवाइयां भी कम होती जा रही हैं। मांग के हिसाब से आपूर्ति न होना व कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के समय दवाइयों की अचानक जरूरत की बात सोचकर लोग आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीदकर उसका स्टॉक कर रहे हैं। लोगों की यह जमाखोरी आम इंसान के लिए समस्या बनती जा रही है। बाजार से गायब होने के कारण लोगों को यह दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही। 

सामान्यतः प्रयोग होने वाली दवाइयां लगभग सभी मेडिकल स्टोर्स पर मिल जाती हैं। कुछ विशेष दवाइयों को मेडिकल स्टोर्स संचालकों द्वारा नोट करवा कर अगले दिन उपलब्ध करवा दिया जाता है। नियमित दवाइयों का सेवन करने वालों के लिये अधिकतर दवाइयां उनके लिये जीवन रक्षक दवाइयां जैसी ही होती है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के अलावा रक्तचाप, मधुमेह, थायरायड जैसे रोगों से पीड़ितों को लगातार दवाइयों का सेवन करना होता है। इसके अलावा सर्दी, बुखार, पेट दर्द जैसी सामान्य दवा व सर्जिकल आदि के केस वालों की दवाइयां होती है जो कि अल्प अवधि के लिये इस्तेमाल की जाती है। कोविड-19 के सेकेंड स्ट्रीम की गंभीरता और लगातार संक्रमण की बढ़ोत्तरी ने लोगों के दिलो में दहशत भर दी है। लोगों के लागतार संक्रमित होने का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। दूसरी ओर बिना किसी टेस्ट और लक्षण वाले व्यक्तियों की सांस लेने की दिक्कत से होने वाली मौतों ने लोगो के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा दी है।

कोविड मरीजों को सुगमता से इलाज मिल सके, इसके लिये सरकारी अस्पतालों में ओपीडी लगभग बन्द है। अब निजी चिकित्सकों ने भी ओपीडी या तो बन्द कर रखी है या फिर सीमित कर दी है। ऐसे में नियमित मरीजों को इलाज में दिक्कत हो रही है और वह दवाई कराने के लिये झोलाछापों या मेडिकल स्टोरों के ही भरोसे है। कोविड संक्रमण का असर कहा जाये या मौसम का मिजाज, लगभग सभी के घरों में खांसी, जुखाम, बुखार के मरीज हैं। ऐसे में मेडिकल स्टोर्स से दवाइयों की खरीद बढ़ गयी है। मेडिकल स्टोर्स में दवाइयों की जबरदस्त किल्लत देखने को मिल रही है। एक मेडिकल एजेंसी के संचालक ने बताया कि लॉकडाउन होने की वजह से दवाइयों के आने में समस्या आ रही है। कुछ एक दवाइयों की ऊपर से भी कम सप्लाई मिल रही है। लोगों की आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीद की वजह से भी दवाइयों की कमी सामने आ रही है। शुगर, बीपी, हार्ट आदि में काम आने वाली दवाइयां जैसे ग्लाइकोमेट, ग्लाइकोमेट 0.5, ग्लाइमेट एमएक्स एवं चिकित्सकों द्वारा पैरासीटामाल डोलो 650, कालपाल समेत कई दवाइयों की खपत बढ़ गई है। इसके अलावा खांसी के सीरप आदि की मांग अधिक है।

लखनऊ के हॉस्पिटल्स में खाली बेड की जानकारी इस पोर्टल/लिंक के माध्यम से जानें- Link 👇

✔️लखनऊ के हॉस्पिटल्स में खाली बेड की जानकारी इस पोर्टल/लिंक के माध्यम से जाने – Link 👇

http://dgmhup.gov.in/EN/covid19bedtrack

(✔️वेरिफाइड लिंक) (लखनऊ)

(आगे जरूर फारवर्ड करें, जिससे जरूरतमंद लोगों की सहायता हो सके 🙏)

मोबाइल फोन घर पर रख करआएं प्रत्याशी

अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह का संदेश

बिजनौर। मतगणना स्थल पर प्रत्याशी व उनके एजेंट मोबाइल फोन लेकर नहीं जा सकेंगे। साथ ही मतगणना स्थल के आसपास के क्षेत्र में कर्फ्यू लागू रहेगा। बिना वजह वहां पहुंचने वाले लोगों के खिलाफ कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने संबंधी सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने दी।

रविवार दिनांक 02.05.2021 को त्रिस्तरीय पंचायत चुुनाव की होने वाली मतगणना के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल व आसपास कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे। किसी को भी उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जायेगी।

एक और वीर भाजपाई आया जोश में, हेल्थ वर्कर्स से गाली गलौच!

दूसरों से आह्वान करने वालों ने स्वयं किया गाइडलाइन को दरकिनार। बुधवार को भी कोरोना टैस्टिंग कक्ष में घुसे कई भाजपाई। सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार कर की गाली-गलौज। पंचायत चुनाव में भाग्य आजमाया है इस बार।

बिजनौर। दूसरों से सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन करने का आह्वान करने वाले कुछ भाजपाईयों ने व्यवस्था तार-तार कर दी। गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्थित कोरोना टैस्टिंग कक्ष में घुसकर एक बार फिर स्वास्थ्य कर्मियों से गाली-गलौज की। इसके बावजूद स्वास्थ्यकर्मी पूरी तन्मयता के साथ अपने काम में जुटे रहे।

बुधवार को एक बार फिर एक स्थानीय भाजपा नेता ने अन्य भाजपाईयों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोरोना की जांच के लिए बनाए गए कक्ष में सरकार की ओर से कोरोना गाइडलाइन के तहत जारी किए गए सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रवेश किया। उक्त भाजपा नेता और उनके साथ पहुंचे लोगों ने वहां काम कर रहे स्वास्थ्य विभाग कर्मियों को जमकर हडक़ाया। साथ ही नेताजी ने सत्ता के दंभ में स्वास्थ्य कर्मियों को गाली-गलौज करने से भी गुरेज नहीं किया।  

गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पूर्व में की गयी सभाओं तथा मतदान किए जाने के समय तक उक्त नेताजी विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित कराए गए समाचारों व विज्ञप्तियों में सरकार की ओर से जारी की गयी गाइडलाइन का लोगों से पालन करने का आह्वान करते रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों पर नाराजगी जाहिर करने के दौरान नेताजी ने सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन को दरकिनार कर दिया। यह वाकया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे राज्य नोडल अधिकारी योगेश कुमार के दौरा कर लौटने के बाद हुआ। कुछ ही देर पहले नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने मंगलवार को एक भाजपा नेता की ओर से स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गाली-गलौज किए जाने के प्रश्न के उत्तर में कहा कि कोरोना संक्रमण के इन संवेदनशील क्षणों में सभी को संयम से काम लेना चाहिए। ऐसे में शायद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने राज्य नोडल अधिकारी की बात को समझा परंतु भाजपा के स्थानीय नेताजी ने इसको गंभीरता से लेना गंवारा नहीं किया। अब देखना यह है कि लगातार दो दिनों तक स्थानीय भाजपा नेताओं के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्वास्थ्य कर्मियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर भाजपा जिला एवं राज्य नेतृत्व क्या गंभीरता से लेते हुए कोई कार्रवाई करेगा अथवा अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना पीड़ितों की सेवा में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ की गयी अभद्रता के इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

भाजपा नेता ने अस्पताल में मचाया तांडव!

अस्पताल स्टाफ के साथ गाली-गलौज पर उतरे नेताजी। विगत दिनों अस्पताल की ओर से मिले सम्मान को भी भुलाया। अपने साथ पहुंचे लोगों की जांच में देरी होने पर भडक़े नेताजी। जिले में एक महत्वपूर्ण पद पर हैं विराजमान।

बिजनौर। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रत्येक रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन कर अस्पताल के चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों से सम्मान पाने वाले नेताजी ने सत्ता के दंभ में अस्पताल में पहुंचकर जमकर हंगामा किया। यही नहीं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गाली-गलौज करने में भी गुरेज नहीं किया। उक्त नेताजी जिला कमेटी में एक महत्वपूर्ण पद पर विराजमान बताए गए हैं।

दरअसल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की दो मई को होने वाली मतगणना के दौरान मतगणना स्थल पर पहुंचने के लिए प्रशासन व निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रत्याशी और उसके अभिकर्ता (एजेंट) के लिए कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता तय की गयी है। नजीबाबाद उपजिलाधिकारी परमानंद झा और निर्वाचन अधिकारी केसी जोशी की ओर से सभी प्रत्याशियों तथा उनके एजेंटों से अपनी कोरोना जांच की रिपोर्ट के साथ ही मतदान केन्द्र में प्रवेश को जारी किए जाने वाले पास के लिए आवेदन करने के लिए कहा है। इसके चलते मंगलवार को बड़ी संख्या में इस चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार अपने साथ एजेंटों को लेकर कोरोना की आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे।

किट कम होने के कारण हुई असुविधा: प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आरटीपीसीआर जांच के लिए मात्र एक सौ किट ही उपलब्ध होने के चलते स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला मुख्यालय से जांच किट प्राप्त होने पर ही अन्य जांच किए जाने की बात कही। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता भी अपने परिचितों को आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लेकर पहुंच गए। जांच करने वाले स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की ओर से मात्र सौ किट उपलब्ध होने की जानकारी दी गयी। अस्पताल में कोरोना जांच कराने पहुंचे लोगों की भीड़ हो जाने के कारण जांच में देरी हो रही थी। जांच में देरी होती देख एकाएक नेताजी ने अपना आपा खो दिया तथा स्वास्थ्य विभाग के ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर आग बबूला हो गए। इसके बाद नेताजी बिफर गए और गाली-गलौज करते हुए काफी देर हंगामा किया। 

जहां जिनसे पाया सम्मान, वहीं उनका किया अपमान: बताते हैं कि यह वही नेताजी हैं, जिनको इसी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डा. फैज हैदर ने कुछ दिन पूर्व अस्पताल परिसर में शासन की योजना के अनुसार प्रत्येक रविवार को लगने वाले एक मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया था। मेले का उद्घाटन करने के दौरान अस्पताल के स्टाफ ने नेताजी की जमकर आवभगत की थी और फूलों का गुलदस्ता भेंटकर जोरदार स्वागत किया था। एक दिन पूर्व ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधिकारी की भी जांच रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आयी है। इसके चलते उक्त चिकित्साधिकारी आइसोलेशन में हैं।

एसडीएम ने की सीएमओ से बात: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच न हो पाने की शिकायत को उपजिलाधिकारी परमानंद झा ने गंभीरता से लेते हुए स्वयं जांच की। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर कम जांच किट होने के चलते लोगों की जांच न होने के मामले को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी विजय यादव से भी बात की तथा त्रिस्तरीय  पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों व एजेंटों की जांच कराए जाने के मद्देनजर अधिक मात्रा में नगर के अस्पतालों को आरटीपीसीआर जांच किट उपल्ध कराने के लिए कहा।

लॉक डाउन के दिन कैसे होगी मतगणना!

दो मई को कैसे हो पाएगी यूपी पंचायत चुनाव की मतगणना? क्‍या फंसा है पेंच!

लखनऊ। प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया 29 अप्रैल को खत्म हो जाएगी। इस बीच बड़ा सवाल सामने आया है कि आखिर दो मई रविवार को एक साथ समूचे प्रदेश में मतगणना कैसे होगी? मतगणना की तिथि पहले ही घोषित है लेकिन प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शनिवार और रविवार का वीकेंड लॉकडाउन लगा रखा है। ऐसे में मतगणना को लेकर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं है। जिला निर्वाचन अधिकारी  कार्यालय इन स्थितियों में निर्वांचन आयोग और शासन से जरूरी दिशा निर्देश मांगने की तैयारी में जुटे हैं।

जानकारी के मुताबिक तीसरे चरण के मतदान के लिए पोलिंग पार्टी रवाना करने के लिए इससे छूट दी गई है, लेकिन मतगणना को लेकर कोई दिशा-निर्देश अभी तक प्राप्त नहीं है। बिजनौर जिले में द्वितीय चरण में 19 अप्रैल को ही मतदान सम्पन्न हो चुका है। सभी ब्लाक के स्ट्रांग रूम में मतपेटियां कड़ी निगरानी में रखी गई हैं। जिला प्रशासन मतगणना की तैयारी कर रहा है। ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए हुए मतदान की मतगणना ब्लाकों और जिला पंचायत सदस्य के लिए जिला मुख्यालय पर होगी। फिलहाल मतगणना के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। मतगणना के लिए प्रत्याशियों में भी बचैनी है। वहीं निर्वांचन से जुड़े अधिकारी कहते हैं कि पूरे प्रदेश में 2 मई रविवार को मतगणन होनी है। शासन से इसके लिए मार्गदर्शन मांगा जाएगा। अन्यथा इससे जुड़े लोगों के पास बनाए जाएंगे।

26 अप्रैल को तीसरे चरण का मतदान होगा। इस चरण में भी 20 जिलों में वोट पड़ेंगे। इसमें शामली, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, कासगंज, फिरोजाबाद, औरैया, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, उन्नाव, अमेठी, बाराबंकी, बलरामपुर, चंदौली, सिद्धार्थनगर, देवरिया, मिर्जापुर तथा बलिया में मतदान होगा। 

29 अप्रैल को चौथे चरण के मतदान में 17 जिले के मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। चौथे चरण में हापुड़, बुलंदशहर, संभल, शाहजहांपुर, मथुरा, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, बांदा, कौशांबी, सीतापुर, अंबेडकरनगर, बहराइच, बस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, सोनभद्र तथा मऊ में वोट पड़ेंगे। 

लॉक डाउन के नाम पर तंबाकू उत्पादों की ब्लैक मार्केटिंग शुरु

लॉकडाउन की संभावना से तंबाकू उत्पादों पर ब्लैक शुरु। खुदरा मूल्य पर थोक विक्रेता कर रहे तंबाकू उत्पादों की बिक्री। पान मसाला, जर्दा (गुटका), सिगरेट, खैनी पर लिया जा रहा ओवररेट।

बिजनौर। प्रदेश में लॉकडाउन की आशंका को देखते हुए तंबाकू उत्पादों के थोक  विक्रेताओं ने विगत वर्ष लगे लॉकडाउन की तरह ही मोटा मुनाफा कमाने की नीयत से अभी से ओवर रेट पर पान मसाला+जर्दा (गुटका), सिगरेट, खैनी व सुरति आदि की बिक्री शुरु कर दी है। इसके चलते खुदरा दुकानदारों ने भी ग्राहकों से निर्धारित से अधिक दाम वसूलने शुरु कर दिए हैं।

प्रदेश में रोजाना बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के आंकड़ों को देखते हुए तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले लोगों ने सबसे पहले काली कमाई करने के लिए अपना गुणा गणित बैठाना शुरु कर दिया है। विगत वर्ष मार्च माह में देश भर में लॉकडाउन लगाए जाने के बाद तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वालों ने पान मसाला, जर्दा, खैनी, सुरति, सिगरेट आदि को निर्धारित से चार गुने दामों तक पर बेचा था। इसका मुख्य कारण तंबाकू उत्पादों के थोक विक्रताओं की ओर से खुदरा दुकानदारों को तंबाकू उत्पाद निर्धारित दरों से तीन गुनी दरों पर बेचा जाना बताया जाता रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश के कोविड प्रभावित पांच शहरों प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और गोरखपुर में आगामी 26 अप्रैल तक लाकडाउन लगाए जाने का आदेश दिया है। इस आदेश की जानकारी होते ही तंबाकू उत्पादों के थोक विक्रेताओं ने खुदरा दुकानदारों से माल न होने की बात कहनी शुरु कर दी। साथ ही सिगरेट, पान मसाला, जर्दा (गुटका), खैनी, सुरती आदि उत्पादों को उनके खुदरा मूल्य पर ही दे पाने के साथ ही बड़ी मात्रा में देने की शर्त भी रख दी है। इसके बाद से खुदरा दुकानदारों ने भी तंबाकू उत्पादों के दामों में इजाफा कर दिया। उधर एक खुदरा दुकानदार ने बताया कि थोक विक्रेताओं ने रोजाना भाव बढऩे के संकेत देते हुए बड़ी मात्रा में माल लेने की पेशकश की है। उपभोक्ताओं ने तंबाकू उत्पादों के दामों पर की जा रही कालाबाजारी पर अंकुश लगाए जाने की मांग की है।

ऊपर तक सैटिंग का दावा!

थोक मार्केट में गुटखे के प्रत्येक पैकेट पर 30 से 40 रुपए, बीड़ी के बंडल पर ₹50 से भी ज्यादा दाम अभी से बढ़ा दिए गए हैं। जनता को आगे से महंगा माल मिलने का हवाला देकर मनमाना दाम वसूला जा रहा है। एक दुकानदार से इस बाबत पूछा गया तो उसने बताया कि जब महंगा मिला है, तो उसी हिसाब से बेचेंगे भी। शिकायत का डर नहीं है, पूछने पर ताल ठोंक कर कहा कोई भी, किसी को भी कर ले शिकायत! थोक वालों की ऊपर तक तगड़ी सैटिंग है। आम ग्राहकों के मन में सवाल ये है कि क्या पिछले साल की तरह इस बार भी कालाबाजारियों पर अधिकारियों की दया दृष्टि बनी रहेगी या प्रशासन की तरफ से कोई उचित व ठोस कार्यवाही की जाएगी।

भस्मासुर से कदमताल करती भाजपा!

बिजनौर। संगठन के कथित विद्रोहियों को बाहर करने के फेर में भाजपा भस्मासुर की गति को प्राप्त होने की कतार में पहुंच गई है! समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर चाटुकारों का बोलबाला हो गया है। प्रदेश नेतृत्व को जनपद बिजनौर की संगठनात्मक गतिविधियों की वास्तविकता से अवगत नहीं कराया जा रहा। कम से कम बिजनौर के वर्तमान हालात तो यही बयां कर रहे हैं!

हाल ही में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के सामने चुनाव लड़ने व अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने वाले 11 पार्टी नेताओं को संगठन से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। शनिवार को फिर छह पदाधिकारियों, सक्रिय कार्यकर्ताओं को छह साल का वनवास दे दिया गया। अब गिनती देखिए। एक नेता, एक कार्यकर्ता स्वयं में क्या ताकत रखता है! पहली बात ये है कि जिसने पार्टी संगठन के लिए जिंदगी गुजार दी, उसके समर्थक सैकड़ों में नहीं, निश्चित ही हजारों में होंगे। सत्तारूढ़ पार्टी का होने के नाते इस गिनती में इज़ाफ़ा भी निश्चित ही हुआ होगा। इनके निष्कासन के बाद यदि राष्ट्रीय स्तर की पार्टी को क्षति उठानी पड़ी तो बस ये समझना आसान है कि यहीं से अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने की शुरुआत हो गई है।

दरअसल जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा ने सभी वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे। बताया जाता है कि प्रत्याशी बनने की होड़ में लगे बहुत से नेताओं को किनारे लगा दिया गया। आरोप है कि ऐसी स्थिति में उन लोगों ने पार्टी से बगावत कर दी। वह भाजपा प्रत्याशी के सामने चुनाव मैदान में या तो खुद सामने आ गए या फिर अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतार दिया। इस पर भाजपा ने कथित रूप से पार्टी से बगावत कर खुद चुुनाव लड़ रहे भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बलदेव सिंह, किसान मोर्चा के जिला महामंत्री अवनीश चौहान, किसान मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष रमेश सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानेश्वर राजन, सेक्टर संयोजक टीकम सिंह, सक्रिय सदस्य विजेंद्र राणा, युवा मोर्चा के जिला कार्यकारिणी सदस्य संजय चौहान, मंडल मंत्री जगवीर सिंह, सक्रिय सदस्य सरदार कुलवंत सिंह व पत्नी को चुनाव लड़ा रहे व्यावसायिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अरविंद प्रजापति और पूर्व जिला मंत्री विष्णु दत्त सैनी को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। वहीं शनिवार को प्रांतीय पार्षद व पूर्व जिला महांत्री रमेश रागी, पूर्व नगर उपाध्यक्ष बिजनौर जितेंद्र राणा, सेक्टर संयोजक नरेश कुमार के अलावा प्राथमिक सदस्यों  विनीत बहादुर, गिरीराज सैनी व विनोद कुमार को भी छह साल का वनवास दे दिया गया।

जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को रिपोर्ट भेजी गई थी। उनकी अनुमति मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

BJP को ही समर्पित अगली पोस्ट-छोटा अखबार, बड़ा अखबार..

राज्य नोडल अधिकारी ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

राज्य नोडल अधिकारी ने किया अस्पताल का दौरा
प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे साथ
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

बिजनौर। शासन की ओर से भेजे गए राज्य नोडल अधिकारी ने प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बुधवार को राज्य नोडल अधिकारी ने नजीबाबाद क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पहुंचकर कोरोना संक्रमण से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। जनपद बिजनौर के लिए कोरोना संक्रमण रोकने और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए शासन की ओर से तैनात किए गए राज्य नोडल अधिकारी योगेश कुमार के अस्पताल का निरीक्षण करने के दौरान उपजिलाधिकारी परमानंद झा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.पीआर नायर, नोडल कोरोना डा.फैज हैदर भी मौजूद रहे। राज्य नोडल अधिकारी ने डिप्टी सीएमओ और चिकित्सकों से कोरोना संक्रमितों के इलाज और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए क्षेत्र व अस्पताल में की गयी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाइन चिकित्सा सेवा को प्रभावी किया जाएगा। उन्होंने संक्रमित मरीजों और चिकित्सकों के बीच बेहतर इलाज व्यवस्था और स्वास्थ्य टीम को संक्रमण से स्वस्थ रखने के लिए ऑनलाइन चिकित्सा सेवा को तत्काल प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राज्य नोडल अधिकारी ने थर्मल स्क्रीनिंग मशीन की गुणवत्ता परखी तथा उच्च गुणवत्ता के स्वास्थ्य उपकरणों को प्रयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संक्रमित रोगियों को घर पर रहकर इलाज की अनुमति दी जाए जिनके पास परिवार से पृथक कमरा, टायलेट, थर्मल स्क्रीनिंग मशीन तथा गाइड लाइन के अनुसार अन्य सुविधाएं मौजूद हों। नोडल अधिकारी ने उपजिलाधिकारी परमानंद झा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीआर नायर, नोडल कोरोना डा. फैज हैदर, डा. राजेश वर्मा, डा. शील, वैक्सीनेशन कार्य से सम्बन्धित मोनिका पाल व प्रदीप रावत से संक्रमितों के इलाज और वैक्सीनेशन को प्रभावी बनाने पर चर्चा की।

अंतिम मौका, प्रशिक्षण में रहे गैरहाजिर तो होगी FIR

विवेक कॉलेज के तीन दिवसीय प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित मतदान कार्मिकों को अंतिम अवसर। 13 अप्रैल को होगा प्रशिक्षण। इस बार अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरुद्ध होगी एफआईआर।

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 में नियुक्त ऐसे अभी मतदान कार्मिक (पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय एवम् तृतीय) जो 09 अप्रैल से 11 अप्रैल,21 तक सम्पन्न हुए प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी भी कारण से अनुपस्थित रहे हैं, उनको एक अंतिम अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि इस अवसर पर सभी अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों को आगामी 13 अप्रैल,21 को प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा अपरान्ह 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक विवेक कॉलेज, नूरपुर रोड बिजनौर में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराते हुए राज्य निर्वाचन आयोग की सुसंगत धाराओं के अनुरूप कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

प्रचार का सर्वाधिक शक्तिशाली हथियार बना सोशल मीडिया

प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर छेड़ा प्रचार युद्ध। जिला पंचायत सदस्य पद के 799 उम्मीदवार चुनाव में भाग्य आजमाएंगे। 46 उम्मीदवारों ने छोड़ा चुनाव मैदान। चुनाव चिन्ह आवंटित होते ही प्रचार अभियान तेज।

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन होने के बाद प्रत्याशियों ने प्रचार युद्ध छेड़ दिया है। पोस्टर, बैनर, झंडे के अलावा प्रचार के सर्वाधिक सशक्त माध्यम सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। राजनीतिक दलों से समर्थित प्रत्याशियों ने तो बाकायदा whatsapp ग्रुप बना लिए हैं। लगभग हर प्रत्याशी ने सोशल मीडिया पर प्रचार युद्ध छेड़ दिया है।

विदित हो कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिला पंचायत सदस्य, प्रधानी, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य के 23993 उम्मीदवारों ने नामांकन कराया था। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्रों की जांच के बाद 12 नामांकन पत्र निरस्त हो गए। रविवार को 46 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया और अब चुनाव मैदान में 799 प्रत्याशी रह गए हैं।

एएमए श्यामबहादुर शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में अब मैदान में 799 उम्मीदवार रह गए है। सभी को चुनाव चिन्ह दे दिए गए हैं। 46 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया है।

वार्ड 26 में 25 उम्मीदवारों के बीच होगा-वार्ड 26 हल्दौर तृतीय में 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस वार्ड से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह और राष्‍ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी प्रदेश महासचिव कैलाश लाम्‍बा भी चुनाव मैदान में हैं। इस वार्ड में 25 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

चार दिवसीय विशेष टीका उत्सव का शुभारंभ

बिजनौर। चार दिवसीय विशेष टीका उत्सव कार्यक्रम के अतंर्गत जिला अस्पताल के कोविड-19 वैक्सीनेशन कक्ष का मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने फीता काट कर विधिवत रूप से उद्घाटन किया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एसके निगम, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. ज्ञान सिंह, शहर के प्रबुद्व नागरिक एवं समाज सेवी खान ज़फ़र सुल्तान के अलावा अन्य विभागीय एवं चिकित्साधिकारी मौजूद थे।

शासन के निर्देशों के अनुपालन में कोविड 19 महामारी से जन सामान्य की समुचित सुरक्षा एवं बचाओ के लिए 11 अप्रैल से 14 अप्रैल 21 तक चार दिवसीय विशेष टीका अभियान चलाया जा रहा है। शासन द्वारा उत्तर प्रदेश में यह अभियान विशेष टीका उत्सव के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से समन्वय स्थापित करके आम नागरिकों को अधिक से अधिक कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। सीडीओ ने जिला अस्पताल में स्थापित कोविड-19 वैक्सीनेशन पंजीकरण कक्ष, वैक्सीनेशन कक्ष, ऑब्जर्वेशन कक्ष आदि का निरीक्षण किया और कोविड वेक्सीन को सुरक्षित रखने वाली व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निर्देश दिए कि जिले में कोविड वेक्सीन की किसी भी प्रकार से कमी न होने दें और वेक्सीेनेशन के लिए आने वालों को अपने परिवार के सदस्यों एवं समाज के अन्य लोगों को भी टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित करें।

पंचायत चुनाव चिन्ह को लेकर प्रत्याशी रहे उत्साहित

पंचायत चुनाव चिन्ह को लेकर प्रत्याशियों में रहा उत्साह

पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को वितरित किए गए चुनाव चिन्ह

प्रशासन की ओर से पूर्ण रहे इंतजामात

दिव्यांग प्रत्याशियों के लिए बेहतर रही व्यवस्था

लखनऊ। पंचायत चुनाव में रविवार को नाम वापसी के बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन किया गया। इस दौरान सुबह से ही प्रत्याशियों का जुटना शुरू हो गया था और चुनाव चिन्ह आवंटन होने के बाद प्रचार सामग्री की दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी। निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत प्रधान पद हेतु 1 प्रत्याशी का नामांकन पत्र अपूर्ण होने पर निरस्त किया गया। वहीं 34 पंचायत सदस्यों के नामांकन पत्र अपूर्ण पर निरस्त किए गए। साथ ही ग्राम सभा नई बस्ती धनेवा 11 पंचायत सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। कोविड प्रोटोकाल के अनुसार ग्राम पंचायत वार 22 काउंटरों पर प्रत्याशियों को ब्लॉक परिसर में बुलाया गया और चिन्ह आवंटित किए गए।

एसीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि प्राप्त हुए आवेदन पत्रों की जांच के उपरांत नाम वापसी के बाद चुनाव चिन्ह का आवंटन कर दिया गया।आगामी 19 अप्रैल को इन गांवों में वोट डाले जाएंगे और 2 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन कराने तथा परिषर को साफ सुथरा रखने हेतु जगह जगह सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा व्यवस्थाओं पर पूर्ण निगरानी रखी जा रही है।

चुनाव चिन्हों का आवंटन शुरू होते ही प्रचार सामग्री की दुकानों पर भीड़ लग गई। प्रत्याशियों में जल्द चिन्ह मिलने और प्रचार करने की होड़ लग गई। साथ ही वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने चुनाव चिन्हों के प्रचार में जुट गए।

मलिहाबाद पंचायत चुनाव नाम वापसी– 1- ग्राम प्रधान 546 नामांकित, 104 नाम वापस, शेष 442
2- ग्राम पंचायत सदस्य 1084 नामांकित, 14 नाम वापस, शेष 1070
3- क्षेत्र पंचायत सदस्य 530 नामांकित, 20 नाम वापसी, शेष 510

जीतकर भी शपथ नहीं ले पाएंगे 175 ग्राम प्रधान!

पंचायत चुनाव 2021: जीतकर भी नहीं बना पाएंगे सरकार 175 ग्राम प्रधान

दो तिहाई सदस्य होने के बाद ही ले पाएंगे प्रधानी की शपथ। दो माह बाद दोबारा होगा चुनाव, तब तक प्रशासक संभालेंगे।

लखनऊ। कानपुर की 175 ग्राम पंचायतों में चुनाव जीतने के बाद भी नवनिर्वाचित प्रधान शपथ नहीं ले पाएंगे और न ही काम कर पाएंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आया है कि इन पंचायतों में सदस्यों का दो तिहाई का कोरम ही पूरा नहीं हुआ है। इन हालात में प्रशासक ही ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। 
अधिकारियों का कहना है कि दो माह बाद फिर से ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव कराकर कोरम पूरा कराया जाएगा। कानपुर जिले की 590 ग्राम पंचायतों में सदस्य के 7446 पद हैं। इनमें से महज 5045 पदों के लिए ही नामांकन हुए हैं। इसके चलते 175 ग्राम पंचायतों में दो तिहाई सदस्य का कोरम भी पूरा नहीं हो सका है। कोरम पूरा हुए बगैर प्रधान विकास कार्य नहीं करा सकते। 
क्या है गणित- जिस ग्राम पंचायत में 11 वार्ड हैं, वहां कम से कम आठ, 13 वार्ड हैं तो नौ और 15 वार्ड हैं तो कम से कम 10 सदस्य अनिवार्य हैं। इस बार 2401 पदों पर नामांकन ही नहीं हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों का चुनाव न होना प्रधानों के लिए मुसीबत बन जाएगा।
इसलिए भी है जरूरी- हर ग्राम पंचायत में छह समितियां होती हैं। प्रत्येक समिति में एक-एक ग्राम पंचायत सदस्य शामिल होते हैं। इनकी सहमति और हस्ताक्षर से ही विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार होती है।

“जिन ग्राम पंचायतों में सदस्यों की संख्या कम है, वहां दो माह बाद फिर से चुनाव कराना होगा। सदस्यों का कोरम पूरा होने पर ही ग्राम पंचायत को पूर्ण माना जाएगा। इसके बाद 175 ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण होगा और व विकास कार्य करा सकेंगे।” कमल किशोर, जिला पंचायतीराज अधिकारी

भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने कराया नामांकन

भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने कराया नामांकन 

बिजनौर। आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हेतु भाजपा समर्थित प्रत्याशियों द्वारा नामांकन कराया गया मुख्य अतिथि भाजपा एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने समस्त प्रत्याशियों को जीत का आशीर्वाद देते हुए नामांकन कराया। उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि सभी अपने अपने वार्ड/ क्षेत्रों में  भाजपा समर्थित  प्रत्याशियों को  विजयश्री दिलाने के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहें और जी जान से जुट कर चुनाव जिताएं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक श्रीमती शुचि चौधरी, महिला आयोग सदस्य अवनी सिंह ,जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान, कोषाध्यक्ष केके रवि, चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह आयुष चौहान, मनोज बाल्मीकि, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा,कमल चौहान आदि उपस्थित रहे। 

आखिर आबादी में पटाखे निर्माण को मिला कैसे लाइसेंस!

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना के बाद उठे सवाल आबादी में विस्फोटक सामग्री बनाने का लाइसेंस आखिर मिला कैसे 

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर के बक्शीवाला में संचालित पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त विस्फोट से पांच मजदूरों की मौत के बाद क्षेत्र में सन्नाटा है। लोगों में भविष्य को लेकर भय व्याप्त हो गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आबादी के क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री बनाने का लाइसेंस आखिर कैसे और किन परिस्थितियों में दे दिया गया। बहरहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरु कर दी गई है। 

गौरतलब है कि थाना कोतवाली शहर के ग्राम फतेहपुर नोआबाद उर्फ बक्शीवाला जोधूवाला रोड पर स्कूल के समीप एक मकान में संचालित पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर लगभग 12:30 बजे में आग लग गई और देखते ही देखते वहां रखी विस्फोटक सामग्री व कैमिकल ने आग पकड़  ली।  धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री में काम कर रहे नौ मजदूरों में से पांच के चिथड़े उड़ गए। 

लाइसेंस कहीं का, फैक्ट्री संचालन कहीं और! घटना के संबंध में बताया जाता है कि उक्त फैक्ट्री का लाइसेंस मोहल्ला बुखारा निवासी यूसुफ और शरीफ का है, जिस मकान में यह घटना हुई है उस मकान के मालिक नहटौर के मोहल्ला तीरगरान निवासी आबिद से किराए पर ले रखा है,जबकि लाइसेंस के अनुसार दूसरे मकान में फैक्ट्री चल रही है। जहां घटना हुई, वहां पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।

बताया गया है कि लाइसेंस वर्ष 2025 तक का है और यहां पटाखे बनाने का कार्य पिछले लगभग 3 वर्ष से लगातार चल रहा है। वहीं जिस कमरे में पटाखे बनाए जा रहे थे वह मानक के अनुरूप भी नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी रमाकांत पांडे पुलिस अधीक्षक, डॉ धर्मवीर सिंह एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक , सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम मौके पर पहुंच गए। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि फैक्ट्री मालिक यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया गया है।  पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आग लगने की घटना के लगभग 20 मिनट के भीतर दमकल गाडय़िों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया।

जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया आतिशबाजी वैध लाइसेंस पर बनायी जा रही थी। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की गहनता से जांच करायी जा रही है। इस घटना में मारे गए पांचों मजदूरों सोनू, चिंट , प्रदीप व वेदपाल के परिजनों में पटाखा व्यवसायी के प्रति गुस्सा है। उनका कहना है कि जब अंदर कार्य चल रहा था तो बाहर से ताला क्यों डाला गया। यदि ताला न पड़ा होता तो उन लोगों की जान बच सकती थी। वहीं विस्फोट में घायल समर पाल, प्रिंस, शानू की हालत जिला संयुक्त चिकित्सालय में गंभीर बनी हुई है। पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपेंगी। उधर पुलिस हिरासत में लिए गए फैक्ट्री संचालक युसुफ से पूछताछ कर रही है। 

बहुजन समाज पार्टी के 21 प्रत्याशियों की सूची जारी 

जिला पंचायत सदस्य पद पर बहुजन समाज पार्टी के 21 प्रत्याशियों की सूची जारी 

बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी ने जिला पंचायत चुनाव में पूरे दमखम के साथ उतरने का फैसला किया है। इसी को लेकर पार्टी अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती के निर्देशानुसार जनपद बिजनौर के जिला पंचायत सदस्य चुनाव मैदान में अपने 21 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। 

सूची के अनुसार वार्ड नं. 4 से श्रीमती सुदेश देवी पत्नी निपेेन्द्र, वार्ड 6 से गजेन्द्र सिंह, वार्ड 7 से चिरंजीलाल, वार्ड 8 से निकाल सिंह पाल, वार्ड 12 से अमर सिंह, वार्ड 13 से नंदराम प्रजापति, वार्ड 14 से दुष्यंत, वार्ड 15 से इमरान कुरैशी, वार्ड 20 से श्रीमती सरोज देवी पत्नी लाखन सिंह, वार्ड 22 से श्रीमती स्वाति वीरा, वार्ड 32 से वीर सिंह, वार्ड 49 से शाकिब अंसारी, वार्ड 50 से फुरकान, वार्ड 51 से जरिस अहमद, वार्ड 54 से चन्द्रपाल पाल, वार्ड 55 से शोभा देवी, वार्ड 56 से  अमित सैनी, वार्ड 19 से सुरेखा देवी पत्नी नीलापत, वाड 30 से भूपेन्द्र सिंह तोमर, वार्ड 17 से श्रीमती पूनम देवी, वार्ड 47 से इफ्तेखार अहमद अंसारी को चुनाव में उतारने का फैसला किया गया है। बहुजन समाज पार्टी शमशुद्दीन राईन प्रभारी प.उ.प्र., गिरीशचंद सांसद नगीना मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद/बरेली मण्डल, डा. रणविजय सिंह मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मण्डल, साजिद सैफी मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मण्डल, जितेन्द्र प्रधान मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मण्डल, धनीराम सिंह मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मण्डल, अखिलेश हितैषी मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मण्डल, राजेन्द्र सिंह जिलाध्यक्ष बिजनौर द्वारा हस्ताक्षरित सूची में २१ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं। 

रालोद के दो प्रत्याशियों ने किया नामांकन 

चार और प्रत्याशियों के नामों की घोषणा, संख्या हुई 15

जलीलपुर द्वितीय से कौसर जहां व नहटौर द्वितीय से लाडो देवी के नामांकन पत्र दाखिल

बिजनौर। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के दो प्रत्याशियों ने बुधवार को नामांकन किया। वहीं रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष एड. प्रवीण सिंह देशवाल ने चार और प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। पहले 11 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई थी, अब यह संख्या 15 हो गई है। इससे पहले सिवित लाइन पुलिस चौकी पर स्थापित किसानों के मसीहा एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर राष्ट्रीय लोक दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया। वहीं राष्ट्रीय लोक दल से समर्थित प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी जलीलपुर द्वितीय कौसर जहां एवं नहटौर द्वितीय लाडो देवी ने माल्यार्पण करने के बाद नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल रुहेलखंड क्षेत्र अध्यक्ष प्रवीण सिंह देशवाल, अशोक चौधरी आदि उपस्थित रहे। 

वहीं रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष एड. प्रवीण सिंह देशवाल ने चार और प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। पहले 11 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई थी, अब यह संख्या 15 हो गई है। रालोद की सूची में वार्ड 9 नजीबाबाद द्वितीय से अनुज चौधरी, नजीबाबाद तृतीय वार्ड 10 से कामेंद्र सिंह एडवोकेट, वार्ड 11 से नजीबाबाद चतुर्थ से सरदार बुध सिंह, वार्ड 17 किरतपुर तृतीय से महेन्द्र सिंह, वार्ड 18 किरतपुर चतुर्थ से हेमंत कुमार, वार्ड 19 मोहम्मदपुर देवमल प्रथम से श्रीमती रीना कुमार पत्नी कामेन्द्र सिंह, वार्ड 23 मोहम्मदपुर देवमल पंचम से श्रीमती संयोगिता पत्नी करणपाल सिंह (गुर्जरपुरा), वार्ड 25 हल्दौर द्वितीय से श्रीमती सोनम चौधरी पत्नी बब्लूचंद, वार्ड 28 जलीलपुर प्रथम से सचिन अहलावत, वार्ड 32 जलीलपुर पंचम से श्रीमती मुकेश देवी पत्नी जितेन्द्र सिंह, वार्ड 35 नूरपुर तृतीय से इरफान अहमद  को प्रत्याशी घोषित किया था। नई सूची में चार नाम बढ़ाए गए हैं। इनमें वार्ड 30 जलीलपुर तृतीय से राजेंद्र सिंह बसेढ़ी, वार्ड 40 नहटौर द्वितीय से श्रीमती लाडो पत्नी इंदर सिंह, वार्ड 24 हल्दौर प्रथम से श्रीमती निर्मला देवी पत्नी मुन्ना लाल प्रेमी व वार्ड 29 जलीलपुर द्वितीय से श्रीमती कौसरजहां पत्नी मोहम्मद उस्मान के नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद पर समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल मिलकर मैदान में उतरे हैं। 

मलिहाबाद में नामांकन दाखिल करने को उमड़े प्रत्याशी

बीडीओ मलिहाबाद डॉ. संस्कृता मिश्रा के नेतृत्व में शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन प्रक्रिया हुई सम्पन्न

खंड विकास अधिकारी संस्कृता मिश्रा ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए कराया नामांकन दाखिल

पहले दिन नामांकन को बेहतर ढंग से सम्पन्न करवाने में नोडल अधिकारी एसीएम 6 सूर्यकांत त्रिपाठी का रहा अहम योगदान

विकास खण्ड मलिहाबाद की ओर से दिव्यांग प्रत्याशियों के लिए व्हीलचेयर की रही व्यवस्था

एसपी ग्रामीण हृदेश कुमार ने नामांकन स्थल का निरीक्षण कर जांची परखी कानून व्यवस्था

लखनऊ। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए भीड़ उमड़ी। बीडीओ संस्कृता मिश्रा के निर्देशन में कोविड प्रोटोकॉल के तहत सुव्यवस्थित तरीके से नामांकन प्रक्रिया सम्पन हुई। खबर लिखे जाने तक 67 ग्राम पंचायतों के लगभग प्रधान व सदस्यों के 800 व क्षेत्र पंचायत सदस्य 450 दावेदारो ने नामांकन कराया।

राजधानी लखनऊ के विकास खंड मलिहाबाद में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए गए। नामांकन प्रक्रिया सुबह 8 बजे से देर शाम तक चली।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में संपन्न होने हैं लिहाजा यहां नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। संभावना जताई जा रही थी कि नामांकन कराने वालों की संख्या पहले दिन अधिक रहेगी। इसी आशंका के तहत पुलिस प्रशासन की तरफ से नामांकन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। नामांकन स्थल से दो सौ मीटर के दायरे को पूरी तरह से सील कर दिया गया। निर्धारित समय सुबह आठ बजे से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई जोकि देर शाम तक चलती रही। सुबह से ही उम्मीदवारों का अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया। इस बीच ब्लाक पर पहुँचने वाले उम्मीदवार उनके लिए बनाई गई कोविड हेल्प डेस्क पर थर्मल स्क्रीनिंग, सैनीटाईजेशन के बाद नामंकन पटल पर पहुँचे। नामांकन में आए सभी प्रत्याशियों को कड़ी धूप से बचने के लिए टेंट, पीने के लिए पानी और दिव्यांग लोगो के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था पूर्ण रही। पहले दिन नामांकन को बेहतर ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए नोडल अधिकारी एसीएम 6 सूर्यकांत त्रिपाठी, रिटर्निंग ऑफिसर मनोज शुक्ला, निगोहां सीओ नईमूल हसन, बीडीओ डॉ संस्कृता मिश्रा के नेतृत्व में शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन प्रक्रिया सम्पन हुई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए ब्लॉक पहुँचे।

बीडीओ संस्कृता मिश्रा ने बताया की प्रत्याशियों को नामांकन में किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए इसके लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। साथ ही ब्लॉक में आने वाले प्रत्याशियों से कोविड 19 नियमों को पालन करने की अपील की।

जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी के पति समेत कई पर कानूनी शिकंजा

कानूनी शिकंजे में फंसे जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी के पति समेत कई लोग
बिना अनुमति सभा व कोविड-१९ के नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप

बिजनौर। वीडियो वायरल होने पर जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी जेबा अंसारी के पति अनवर हुसैन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने अनवर हुसैन व उनके तीन साथियों  समेत 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। उनके खिलाफ चुनाव के दौरान बिना प्रशासनिक अनुमति के जनसभा करने और कोविड-19 के नियमों की धज्जियां उड़ाने समेत कई आरोप हैं।
गांव फजलपुर ढ़ाकी निवासी जेबा अंसारी वार्ड नंबर-34 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। उनके पति अनवर हुसैन के अपने क्षेत्र में  चुनाव प्रचार की एक वीडियो वायरल हुई । पुलिस के अनुसार दो दिन पूर्व रात्रि में उनके पति अनवर हुसैन अपने गांव में एक व्यक्ति के घेर में बिना प्रशासनिक अनुमति के अपना चुनाव प्रचार करने के लिए एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। चुनावी सभा में खुलेआम लोग बिना मास्क लगाए और बिना सामाजिक दूरी का पालन किए बैठे हुए हैं। इस चुनावी सभा में वायरस संक्रमण के फैलने का खतरा पूरी तरह से बना हुआ है। सभा में खुलेआम कोविड-19 के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई। मामले की सूचना पाकर पुलिस ने इस मामले में अनवर हुसैन, आफताब, नाजिम समेत तीन लोगों के खिलाफ नामजद व 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई की सूचना पाकर अनवर हुसैन  और उनके समर्थकों में खलबली मची हुई है।
उधर अनवर हुसैन का कहना है कि वह हमेशा शासन और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने वाले हैं। उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार का कहना है कि हेड कांस्टेबल अफजाल ने उक्त लोगों के खिलाफ बिना प्रशासनिक अनुमति के चुनाव के लिए बैठक करना, कोविड -19 का उल्लघंन करने समेत विभिन्न मामलों में रिपोर्ट दर्ज की है।

सपा रालोद मिल कर लड़ेंगे जिला पंचायत सदस्य चुनाव

सपा रालोद मिल कर लड़ेंगे चुनाव
जिला पंचायत सदस्य पद पर प्रत्याशियों की घोषणा

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद पर समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल मिलकर मैदान में उतरेंगे। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर दोनों दलों ने अपने 41 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सपा जिलाध्यक्ष राशिद  हुसैन व राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने प्रेसवार्ता में प्रत्याशियों की घोषणा करते हुए कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए संयुक्त रुप से चुनाव लडऩे का फैसला किया गया है।
जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों की संयुक्त सूची के अनुसार कोतवाली प्रथम अफजल अहमद अंसारी, कोतवाली द्वितीय नसरीन जहां, कोतवाली चतुर्थ शाहजहां, कोतवाली पंचम अहमद हसन, नजीबाबाद चतुर्थ ऋषिपाल सिंह, नजीबाबाद षष्ठम मो. रफी अंसारी, नजीबाबाद सप्तम दिले सिंह, किरतपुर द्वितीय रजिया परवीन, किरतपुर तृतीय लोकदल, किरतपुर चतुर्थ लोकदल, मो.पुर देवमल प्रथम श्रीमती कमलेश देवी, मो.पुर देवमल तृतीय चरणजीत कौर, मो.पुर देवमल  चतुर्थ लोकदल, मो.पुर देवमल पंचम लोकदल, हल्दौर प्रथम सोमपाल, हल्दौर द्वितीय लोकदल, हल्दौर तृतीय जाने आलम अंसारी, हल्दौर चतुर्थ दयानंद उर्फ देवानंद भुईयार, जलीलपुर प्रथम शेख सुल्तान, जलीलपुर तृतीय मुन्नी, जलीलपुर चतुर्थ नसरीन सैफी, जलीलपुर पंचम लोकदल, नूरपुर प्रथम सतवीर यादव, नूरपुर द्वितीय जायरा खातून, नूरुपर तृतीय लोकदल, नूरपुर चतुर्थ अनीस अहमद, नहटौर द्वितीय रागनी, नहटौर नूरपुर तृतीय डा. रफत हुसैन, धामपुर प्रथम निजामुद्दीन, धामपुर चतुर्थ रफत जहां, धामपुर पंचम लईक अंसारी, स्योहारा प्रथम शमीम अहमद, स्योहारा द्वितीय मितुल कुमार, स्योहारा चतुर्थ गुलफाम अंसारी, अफजलगढ़ प्रथम किसान पक्ष, अफजलगढ़ तृतीय श्रीमती नीरज, अफजलगढ़ पंचम श्रीमती प्रतिभा चौहान को चुनाव मैदान में उतारा गया है। उक्त सीटों में सात पर रालोद प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। वहीं नजीबाबाद प्रथम, नजीबाबाद द्वितीय व नजीबाबाद तृतीय के अलावा किरतपुर प्रथम पर किसी ने भी अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।

RLD के 11 प्रत्याशी हो चुके घोषित
इससे पहले रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष एड. प्रवीण सिंह देशवाल अपने ११ प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुके हैं। इनमें वार्ड 9 से अनुज चौधरी, वार्ड 10 से कामेंद्र सिंह एडवोकेट, वार्ड 11 से सरदार बुध सिंह, वार्ड 17 से महेन्द्र सिंह, वार्ड 18 से हेमंत कुमार, वार्ड 19 से श्रीमती रीना कुमार पत्नी कामेन्द्र सिंह, वार्ड 23 से श्रीमती संयोगिता पत्नी करणपाल सिंह (गुर्जरपुरा), वार्ड 25 से श्रीमती सोनम चौधरी पत्नी बब्लूचंद, वार्ड 28 से सचिन अहलावत, वार्ड 32 से श्रीमती मुकेश देवी पत्नी जितेन्द्र सिंह, वार्ड 35 से इरफान अहमद को प्रत्याशी घोषित किया है।
इस मौके पर पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश, प्रवीण सिंह देशवाल क्षेत्रीय अध्यक्षक रुहेलखंड रालोद, सुखवीर ङ्क्षसह पूर्व विधायक रालोद, डा. रमेश तोमर वरिष्ठ सपा नेता, श्रीमती प्रभा चौधरी जिलाध्यक्ष सपा महिला सभा व चौधरी आदित्यवीर सिंह जिला महासचिव, मिथलेश चौधरी, कमलेश भुईयार, संसार सिंह, पूनम चौधरी, ब्रजवीर सिंह, अहमद खिजर प्रवक्ता सपा सहित संबंधित प्रत्याशी उपस्थित रहे।

कुछ सीटों पर दोनों के प्रत्याशी!
बिजनौर। संयुक्त रुप से चुनाव लडऩे की बात कहने के बावजूद कई सीटें ऐसी भी हैं, जिन पर दोनों के प्रत्याशियों के नाम सामने आ चुके हैं। समाजवादी पार्टी ने अपनी सूची में रालोद के लिए सात सीटें छोड़ी हैं, जबकि रुहेलखंड क्षेत्र अध्यक्ष प्रवीण देशवाल पहले ही अपने ११ प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुके हैं। इनमें वार्ड संख्या ११ से रालोद के सरदार बुध सिंह का नाम है तो सपा ने यहां पर ऋषिपाल को प्रत्याशी बनाया है। इसी प्रकार वार्ड १९ से श्रीमती रीना कुमार पत्नी कामेन्द्र सिंह रालोद की प्रत्याशी हैं तो यहां पर सपा से श्रीमती कमलेश देवी का नाम घोषित किया गया है। वार्ड संख्या २८ से सचिन अहलावत रालोद प्रत्याशी हैं, जबकि सपा ने यहां पर शेख सुल्तान का नाम घोषित किया है। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह से इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इन सीटों पर मैत्रीपूर्ण लड़ाई होगी, अर्थात जिस प्रत्याशी को बढ़त मिलती दिखेगी, साथी दल समर्थन कर देगा।

नजीबाबाद में चैरिटेबल ब्लड सैंटर का शुभारम्भ

जिन्दगी बचाने में रक्त की बूंद-बूंद अहम : दानवीर सिंह

चैरिटेबल ब्लड सैंटर का किया गया शुभारम्भ

बिजनौर। नजीबाबाद में पहले चैरिटेबल ब्लड सैंटर के शुभारम्भ अवसर पर किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबन्धक दानवीर सिंह ने कहा कि उक्त ब्लड सैंटर नगर व आसपास के क्षेत्र के लिए बहुउपयोगी सिद्ध होगा। गुरुवार को कोटद्वार-कोतवाली मार्ग पर जन-जीवन कल्याण समिति की ओर से स्थापित नगर के पहले नजीबाबाद चैरिटेबल ब्लड सैंटर का शुभारम्भ मुख्य अतिथि किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक दानवीर सिंह ने फीता काटकर तथा दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य गन्ना प्रबंधक डा. एसएस ढाका, पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी कुलवीर सिंह, चेरिटेबल ब्लड बैंक के संयोजक वरूण पोखरियाल, निदेशक प्रदीप सिंह की उपस्थिति में मुख्य अतिथि दानवीर सिंह ने कहा कि रक्त की बूंद-बूंद जिंदगी के लिए अहम होती है। रक्तदान मानवता के लिए सबसे बड़ा दान है। उन्होंने कहा कि नगर के लिए पहला चैरिटेबल ब्लड सैंटर नगर व आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा। पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी कुलबीर सिंह ने कहा कि जीवन कल्याण समिति की ओर से संचालित नजीबाबाद चैरिटेबल ब्लड सैंटर को शुरू करने के पीछे उनका मूल उद्देश्य यह है कि नगर के लोगों को जब भी रक्त की आवश्यकता पड़ती थी, उन्हें  महानगरों  में जाना पड़ता था।  इसलिए उन्होंने इस ब्लड सेंटर की स्थापना की। इसमें रक्त से संबंधित सभी कंपोनेंट्स प्लेटलेट्स, प्लाज्मा इत्यादि सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य मोनिका चौधरी ने रक्त दान को महादान बताते हुए कहा कि इसलिए लोग अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करें। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने रक्तदान भी किया। ब्लड बैंक के संयोजक वरूण पोखरियाल और निदेशक प्रदीप सिंह ने सरकारी दरों पर 24 घंटे ब्लड सैंटर से जरूरतमंदों को रक्त दिए जाने की बात कही। ब्लड बैंक से मांग के अनुसार ब्लड के सभी जरूरी कंपोनेंट उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने डेंगू के दौरान जरूरी प्लेटलेट्स की सुविधा भी केंद्र पर उपलब्ध रहने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ब्लड सैंटर से उक्त सुविधाएं वर्ष के 365 दिन तथा 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। चैरिटेबल ब्लड सैंटर के शुभारम्भ के अवसर पर डा. मोहित कुमार, डा. एसके शर्मा, दिनेश गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोनिका चौधरी, डा. जुनैद अंसारी, डा. उस्मानी, शैलेंद्र चौधरी, शक्ति चौधरी, मोनू सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

होली की गंगा में जमकर लगाई डुबकी
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 19 अप्रैल को बिजनौर में मतदान होगा। 2 मई को मतगणना होगी। वहीं प्रधान पद का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवारों ने पूरी ताकत लगा दी है। प्रधान पद के प्रत्याशियों ने होली के त्योहार पर ग्रामीणों को तरह तरह से लुभाया। ग्रामीणों ने भी बहती गंगा ने नहाने से गुरेज न करते हुए जमकर डुबकी लगाई। ग्रामीण भी प्रधान उम्मीदवारों के समक्ष अपनी मनमानी मांग रखकर पूरी कराते रहे। दावतों का दौर जारी रहा। होली से पहले और दुल्हेंडी तक ग्राम पंचायतों में मतदाताओं का खास ध्यान रखा गया। उनकी फरमाइशों पर प्रधान पद के प्रत्याशियों ने खासा ध्यान देकर पूरा किया।
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फोटो डीएम रमाकांत पांडेय
झालू नगर पंचायत सदस्य पद का चुनाव चार मई को
बिजनौर। झालू नगर पंचायत के वार्ड संख्या पांच अनारक्षित पर चार मई को चुनाव होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश का क्रियान्वयन करते हुए जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार 31 मार्च से नामांकन पत्रों की बिक्री शुरु होकर एक अप्रैल एवं तीन अप्रैल को नामांकन पत्रों की बिक्री होने के साथ ही नामांकन पत्र जमा होंगे। सात अप्रैल को सुबह 11 बजे से कार्य की समाप्ति तक नामांकन पत्रों की जांच होगी, वहीं नौ अप्रैल को सुबह 11 बजे से तीन बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी।  दस अप्रैल को चुनाव चिन्ह आवंटन किया जाएगा, जबकि चार मई को सुबह सात से छह बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतगणना छह  मई को होगी। नामांकन और चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोविड-१९ के नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
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जजी परिसर में चला सघन चैकिंग अभियान
बिजनौर। सीओ सिटी कुलदीप कुमार गुप्ता ने बुधवार को भारी पुलिस बल के साथ जजी में सघन चैकिंग अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध लोगों की तलाशी ली गई। वहीं पुलिसकर्मियों ने जजी परिसर में आने वाले लोगों से पूछताछ भी की। डॉग स्क्वायड की टीम भी पुलिस के साथ मौजूद रही। सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर रुटीन के तहत जजी परिसर में चैकिंग अभियान चलाया गया। कोई भी संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति नहीं मिला। भविष्य में भी ऐसे ही चैकिंग अभियान चलते रहेंगे।
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कॉर्बेट नेशनल पार्क में मिला बेहद दुर्लभ प्रजाति का सांप

कॉर्बेट नेशनल पार्क अंतर्गत कालागढ़ स्थित वन्य जीव प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में बेहद दुर्लभ प्रजाति का सांप मिला है।

कालागढ़। वन्य जीव प्रशिक्षण केंद्र के कर्मचारियों की नजर संस्थान के परिसर में मौजूद हरे रंग के लंबे व बेहद पतले सांप पर पडी, लोगों की आहट को भांप कर सांप देखते ही देखते पेड़ों में गायब हो गया। वहीं इससे पहले ही मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा सांप की तस्वीरें ले ली गईं। विभागीय रैस्क्यूअर दीपक ने फोटो देखने के बाद बताया कि उक्त सांप वाइन स्नैक प्रजाति का है। इसे लता सांप भी कहा जाता है। यह मध्यम जहरीला लेकिन बेहद पतला, लम्बा तथा हरे रंग का होता है। यह सांप पेड़ों के ऊपर ही रहकर शिकार करता है तथा पश्चिमी घाटी जैसे वर्षा वनों में पाया जाता है। इस प्रजाति के सांप की यहां मौजूदगी को आश्‍चर्यजनक मानी जा रही है। कालागढ़ के उपवनसंरक्षक केएस खाती ने मामले की पुष्टि की है। वहीं कार्बेट नेशनल पार्क प्रशासन इस प्रजाति के सांप की मौजूदगी पहली बार दर्ज होने से प्रफुल्लित है।

प्रसपा (लोहिया) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ से नकारों की छुट्टी

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया)
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी की हुई मीटिंग

लखनऊ (प्रदेश कार्यालय)। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के निर्देशानुसार प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जर्रार हुसैन की अध्यक्षता व प्रदेश सचिव यासिर हयात के संचालन में मीटिंग शुरू हुई। इस दौरान मुख्य रूप से पंचायत चुनाव व 2022 के विधानसभा चुनाव पर रणनीति तय हुई। प्रदेश अध्यक्ष जर्रार हुसैन ने संगठन की मज़बूती पर जोर दिया। वहीं संगठन के काम न कर पाने के कारण दर्जनों लोगों को पद मुक्त करते हुए ने लोगों को मौका देने पर आम सहमति बनी। मुख्य रूप से प्रदेश प्रमुख महासचिव ग्यासुल हक़, प्रदेश उपाध्यक्ष खालिद खान, प्रदेश कोषाध्यक्ष बदरुल हसन, प्रदेश महासचिव फरहान शकील, अबरार आलम खान, इमरान सिद्दीकी, प्रदेश सचिव जावेद अली, सईक सिद्दीकी, मुफ्ती जुनैद नदवी समेत पूरे प्रदेश से सभी प्रदेश व जिला पदाधिकारियों ने मीटिंग में अपने विचार रखे और 2022 के विधानसभा चुनाव व पंचायत चुनाव में पूरे दम खम से लगने की बात कही ।

पंचायत चुनाव गतिविधियों ने फिर पकड़ी रफ्तार

बिजनौर।  त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण की संशोधित सूची जारी होने के साथ ही समीकरण एक बार फिर बदल गये हैं, जहां एक ओर कई दिग्गज चुनावी दंगल में उतरे बगैर ही धराशायी हो गये, वहीं बहुतों के मंसूबों को नये पंख लग गये हैं। गांवों में पंचायत चुनाव को लेकर जारी हलचल कोर्ट के आदेश के बाद एक बार थम गई थी, जिसने आज फिर से रफ्तार पकड़ ली है। 

मो.पुर देवमल : ग्राम पंचायत धर्मनगरी, फरीदपुर निजाम, खेडक़ी हेमराज, महेश्वरी, मंगोलपुरा, रफीउल नगर उर्फ रावली, स्वाहेड़ी खुर्द, तैयबपुर काजी (अनुसूचित महिला), बांगर नंगला, दयालवाला, फरीदपुर भोगी, फरीदपुर मान, गजरौला अचपल, खानपुर माधो, किशनपुर, मोअमपुर सुजान, मुकीमपुर धर्मसी, मुकीमपुर धारू, रायपुर बेरीसाल, रसूलपुर पिरथी, रतनपुर रियाया, शहजादपुर, टीम, उलकपुर (अनुसूचित जाति), बादशाहपुर, फरीदपुर दरगाह, गैबलीपुर, इलाइचीपुर खडग़ू, जहानाबाद, मो.पुर लक्खू, मुतर्जापुर बुलाकी, शादीपुर, शहबाजपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, (पिछड़ा वर्ग महिला), अमीपुर सुधा, औरंगाबाद सकूरपुर, औरंगपुर तारा, बाकरपुर गढ़ी, बरकातपुर, भगैन, भोजपुर भोदपुर, छकड़ा, फरीदपुर संसारू, फजलपुर, खुड़ाहेड़ी, मिर्जापुर महेश, मोहीउद्दीनपुर, मुकीमपुर जमाल, नसीरी, सादकपुर, सैफपुर बांगर, युसुफपुर हमीद (पिछड़ा वर्ग), अकबरपुर देवीदासवाला, अलाउद््दीपुर, अमीपुर नारायणपुर, बडक़ला, बरूकी, दौलतपुर, गजरौला शिव, इब्राहिमपुर खंडसाल, इस्लामपुर लालू, इटावा, करीमपुर बमनौली, खलीउल्लापुर, कुंवर चतरभोजपुर कुशल, मौहंडिया, धनसी, पदमपुर, सैफपुर खादर, तीतरवाला (महिला), अकबरपुर अंगाखेड़ी, बहादरपुर जट, भरूका, बुरहानुद्दीनपुर, चांदपुर नौआबाद, चांदपुर फेरू, धनौरा, फरीदपुर काजी, फिरोजपुर मुबारक, गोकलपुर कासम, गोकलपुर, इंछावाला, इस्लामपुर दास, जमालपुर पठानी, झलरी, किशनवास, कुंदनपुर, माचकी, मकसूदनपुर उर्फ झलरा, मण्डावली सैदू, मकसूदनपुर हफीज, मिर्जापुर बांगर, मो.पुर मण्डावली, मो.पुर देवमल, मुंढाला, मुजफ्फरपुर केशो, पपावर खुर्द, कासमपुर कृपाराम, काजीवाला, रामजीवाला, रसीदपुर गढ़ी, शेखुपुरा, तैमूरपुर दीपा, तरीकमपुर रूपचंद, उमरपुर मीरा (अनारक्षित)।

विकास के 46 कार्यक्रमों में यूपी के विभिन्न विभागों ने पाया देश में प्रथम स्थान: अशोक गोयल

विकास के 46 कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों ने पाया  देश में प्रथम स्थान: अशोक गोयल
प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर हुआ कार्यक्रम

बिजनौर। उ. प्र. व्यापार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष अशोक कुमार गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए प्रदेश को विकास की चरम प्रगति पर पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि विकास से संबंधित लगभग 46 कार्यक्रमों में वर्तमान सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा देश में प्रथम/उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूरे होने पर सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए रिफार्म, परफॉर्म तथा ट्रांसफॉर्म सम्बन्धी कार्यों से आमजन को अवगत कराए जाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में वर्तमान सरकार द्वारा स्थापित किए गए कीर्तिमानों से प्रदेश के नागरिकों को परिचित कराने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है।
प्रभारी मंत्री अशोक कुमार गोयल स्थानीय विकास भवन के परिसर में उत्तर प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित प्रदेश सरकार की 04 वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित विकास पुस्तिका का विमोचन करने के बाद अपने विचार प्रस्तुत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा केवल चार वर्षों में विकास और जनसेवा के क्षेत्र में इतने कार्य किए हैं, जो विगत सरकार के पूरे कार्यकाल में नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि आज शहरों और गांवों में निर्धन व्यक्ति भी बिजली की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य लाभ, आवास सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 सरकार सबका साथ-सबका विकास के स्लोगन के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए कटिबद्व है। सरकार द्वारा अपने चार वर्ष के शासनकाल में हर क्षेत्र में विकास कार्य किए गए हैं और पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय विकास कार्यक्रमों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों के लिए बढ़ते रोजगार के अवसर, सुदृढ़ होती कानून व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, सड़क सुदृढ़ीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं से बिना किसी भेदभाव और पक्षपात के लाभान्वित होना सत्य प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है। 

बिजनौर ने कई विकास योजनाओं में प्राप्त की प्रदेश में प्रथम श्रेणी: रमाकांत पाण्डेय
जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने जिला बिजनौर में वर्तमान सरकार के चार वर्षों के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिजनौर में विकास योजनाओं को बहुत से क्षेत्रों में प्रदेश में प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई है और अधिकतर योजनाओं में जिला द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी में शामिल है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में कार्य प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि पारदर्शी किसान योजना के द्वारा 107528 कृषकों के खातों में 24.94 करोड रुपए की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गयी है। कृषि ऋण माफी योजना के अन्तर्गत 89515 कृषकों की 550.63 करोड धनराशि माफ की गयी तथा प्रधानमंत्री फसल वीमा योजना के द्वारा 2544 कृषकों को लाभ दिया गया है, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के द्वारा कुल 352065 किसानों को 351.13 करोड़ रुपए देकर लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य से सम्बन्धित विभिन्न विभागों द्वारा विगत चार वर्षो में धनराशि रुपए  6अरब 80 करोड़ व्यय कर सड़कों तथा छोटे पुलों का निर्माण सम्पन्न किया गया तथा विभिन्न प्रकार के अवस्थापना सम्बन्धी कार्यो पर धनराशि रुपए 1अरब 78 करोड़ व्यय कर पीएचसी, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, बस स्टेशन, सीड स्टोर, गौशाला व अन्य निर्माण कार्य कराये गये। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रुपए  6अरब, 31करोड़ की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य निर्माणधीन हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कार्य रुपए 02अरब, 45 करोड़ की लागत से राजकीय मेडिकल कालेज का निर्माण किया जाना है। 
श्री पाण्डेय ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 578869 कार्ड धारकों का ई-पोस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है, जो कुल लाभार्थियों का 90 प्रतिशत है तथा उज्जवला योजना के अन्तर्गत 286436 परिवारों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन व चूल्हा उपलब्ध कराया गया है। वृद्वावस्था पेशन योजना के अन्तर्गत 53556 लाभार्थियों को 500 रुपए  प्रति माह की दर से रुपए 83.71 करोड़ रुपए तथा सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत 3262 लाभार्थियों को 51000 रुपए की दर से 14.37 करोड़  रुपए की धनराशि उपलब्ध करायी गयी। अल्पसंख्यक जाति के 96736 छात्र/छात्राओं को रुपए  47 करोड़ एवं पिछड़ा वर्ग जाति के 90206 छात्र/छात्राओं को 28 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गयी। कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत कुल 10381 बालिकाओं को 1.90 करोड़ की धनराशि से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा दिव्यांगजन पेशन योजना के अन्तर्गत 16616 लाभार्थियों को 500 रुपए प्रति माह की दर से 36.32 करोड़ रुपए की पेंशन वितरित की गय।

कई योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड वितरित
कार्यक्रम के दौरान शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लाभार्थियों को मुख्य अतिथि आशोक कुमार गोयल, विधायकगणों एवं जिलाधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र, टूल किट्स, आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड आदि वितरित करने के साथ ही दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगों को ट्राईसाईकिलों का वितरण भी किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन तथा गर्भवती महिला की गोद भराई भी की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डे, मुख्य विकास अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों द्वारा उ. प्र. व्यापार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष अशोक कुमार गोयल तथा अन्य अतिथिगणों को पुष्प एवं भगवद्गीता भेंट कर स्वागत किया गया तथा अन्य जन प्रतिनिधियों को मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह तथा अन्य अधिकारियों द्वारा पुष्प प्रस्तुत कर उनका स्वागत किया। विधायक सदर श्रीमती सूचि चौधरी एवं चांदपुर श्रीमती कमलेश सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि के अलावा विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभार्थी एवं स्थानीय लोग मौजूद थे।

कोरोना पर नई गाइडलाइंस जारी, सभी डीएम को निर्देश

लखनऊ। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने नई गाइडलाइंस जारी की है। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कोविड-19 के संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशनों पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोविड रोग के नए मामलों को रोकने के लिए अधिक संक्रमण वाले प्रदेशों से आने वाले यात्रियों के कोविड संक्रमण की जांच कराया जाना बहुत जरूरी है। संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की प्रदेश के एयरपोर्ट पर एंटीजन जांच कराई जाए।

रेलवे स्टेशन पर ही एंटीजन जांच सभी जिलों में रेलवे स्टेशनों पर कोविड-19 संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से वापस आ रहे यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर ही एंटीजन जांच कराते हुए लक्षणयुक्त व्यक्तियों के नमूने आरटीपीसीआर जांच के लिए एकत्र कर जिले की संबद्ध प्रयोगशाला को भेजे जाएं। प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की विशेष रूप से सघन जांच की जाए तथा लक्षण प्राप्त होने पर कांटैक्ट ट्रेसिंग की जाए। इसके अलावा रेलवे के सहयोग से सभी यात्रियों की सूची प्राप्त कर सर्विलांस की कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने कहा है कि प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर जहां लंबी दूरी से अन्य प्रदेशों से आने वाली रेलगाड़ियां रुकती हों, वहां 24 घंटे कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।

कैलेंडर के अनुसार कराएं क्षेत्रवार जांच 
मुख्य सचिव ने कहा है कि हर जिले में भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र तथा स्कूल-कॉलेज आदि में कोविड-19 की जांच किए जाने के लिए क्षेत्रवार कैलेंडर तैयार किया गया है, जो पहले ही सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को उपलब्ध कराया जा चुका है। इस कैलेंडर के अनुसार ही प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने वर्तमान में दस्तक अभियान में घर-घर भ्रमण कर रहे फ्रंट लाइन वर्कर से प्रतिदिन ऐसे क्षेत्रों के विषय में जानकारी लेने का निर्देश दिया है, जहां देश के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में नागरिक वापस आए हैं। ऐसे क्षेत्रों में सतन सघन निगरानी एवं नियमित कोविड-19 की जांच कराई जाए। 

पांच राज्यों से आने वालों की टेस्टिंग अनिवार्य
जिन पांच राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है वहां से आने वालों की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है। इनमें खासतौर पर महाराष्ट्र, केरल, पंजाब शामिल हैं। यानी मुम्बई, पुणे, चंडीगढ़, कोच्चि से आ रहे यात्रियों पर अब खास नजर रखी जाएगी। पुलिस कमिश्नर और डीएम ने संयुक्त रूप से ये निर्देश दिए हैं। ज्यादा संक्रमितों वाले राज्यों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। इन स्थानों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर अनिवार्य रूप से कोरोना जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इस आशय के निर्देश दिए हैँ।

एयरपोर्ट पर टेस्टिंग के लिए न लें ज्यादा पैसे एयरपोर्ट पर टेस्टिंग के लिए ज्यादा पैसे न लेने के सख्त निर्देश दिए। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने ‘विदेश से आ रहे यात्रियों से जांच के नाम पर लग रही 900 रुपए की चपत’ खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने एयरपोर्ट प्रबंधन को सख्त निर्देश  दिए हैं कि कोरोना जांच संक्रमण रोकने के लिए है। इसके लिए यात्रियों ने अनावश्यक धन न वसूला जाए। डीएम ने एयरपोर्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों का भी कोविड टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा गुरुवार से रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, सर्विलांस ट्रेसिंग और टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों पर कैंटीन, खाने पीने की स्टॉल और दुकानों के कर्मचारियों की भी कोविड टेस्टिंग कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए हैं। 

आज से 84 कैंटेनमेंट जोन पर लगेंगी बेरिकेडिंग
संक्रमित व्यक्ति घर के बाहर न निकलें इसके लिए फिर से सख्ती शुरू होगी। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कंटेनमेंट जोन में बेरिकेडिंग लगाने और संक्रमित व्यक्तियों के घर के बाहर स्टिकर लगाने के निर्देश दिए हैं। राजधानी में बुधवार को कंटेनमेंट जोन की संख्या 84 हो गई थी। अब इन स्थानों पर बेरिकेडिंग लगेगी। ये कंटेनमेंट जोन गोमती नगर, इन्दिरा नगर, रायबरेली रोड पर सर्वाधिक हैं। 

दवा व्यवसाई के यहां लाखों की डकैती का खुलासा, 4 बदमाश गिरफ्तार

अलीगंज पुलिस ने किया दवा व्यवसाई के यहां डकैती का खुलासा। पुराने नौकर ने अपने साथियों संग वारदात को दिया था अंजाम। लूटी रकम में से ट्रांसफर किए अपनी गर्ल फ्रेंड के अकाउंट में 1.70 लाख। चार आरोपी गिरफ्तार। आरोपियों में एक रिटायर्ड फारेस्ट अधिकारी का बेटा भी शामिल।

लखनऊ। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के
अलीगंज पुलिस ने दवा व्यवसाई दिनेश अग्रवाल के यहां हुई लाखों की डकैती का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल मास्टरमाइंड सहित 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। व्यवसाई के पुराने नौकर ने अपने साथियों संग इस वारदात को अंजाम दिया था और लूटी गई रकम में से 1.70 लाख अपनी गर्ल फ्रेंड के अकाउंट में ट्रांसफर की थी।
पुराने नौकर क्षमाशील उर्फ अमन ने अपने साथी सचिन कुमार, सुयश और एक नाबालिग के साथ इस वारदात को उस वक्त अंजाम दिया था जब व्यवसाई दिनेश अग्रवाल अपनी बेटी के यहां पूरे परिवार के साथ गए हुए थे। घर मे गार्ड राकेश और नौकर अनिल मौजूद थे। नौकर अनिल भी घटना से कुछ देर पहले सब्जी लेने निकल गया था। तभी ये बदमाश घर में घुसकर गार्ड को बाथरूम में बंधक बना तकरीबन 9 लाख लूटकर फरार हुए थे। पुलिस ने क्राइम ब्रांच, सर्विलांस की मदद से सभी आरोपियों को सीसीटीवी की मदद से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने लूटी गई रकम में से 4 लाख से अधिक की नकदी बरामद की है, जबकि 1 लाख 70 हजार जो मास्टरमाइंड अमन ने अपनी गर्ल फ्रेंड के अकाउंट में ट्रांसफर किये, उसकी बैंक की रसीद भी पुलिस ने बरामद की है। घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल भी बरामद हो गया है। आरोपियों में शामिल एक रिटायर्ड फारेस्ट अधिकारी का बेटा भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब गार्ड और नौकर अनिल की भूमिका की भी जांच कर रही है।

दरियादिल भी है खाकी: हरिद्वार से बिछुड़ी महिला को परिजनों से मिलाया

हरिद्वार से बिछुड़ी महिला को परिजनों से मिलाया
बिजनौर। थाना कोतवाली नजीबाबाद पर तैनात पुलिसकर्मी ने मानवता का परिचय देते हुए रोडवेज स्टैन्ड क्षेत्र में घबराहट में घूमती देखी गयी महिला को फल व पानी पिलाकर ढाढ़़स बंधाया और उसके परिजनों के पहुंचने तक सेवा सुश्रूषा की। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन के नजीबाबाद डिपो बस स्टैन्ड पर रात्रि गश्त के दौरान थाना कोतवाली पर तैनात पुलिसकर्मी संदीप कुमार ने एक महिला को घबराहट के साथ इधर से उधर घूमते पाया। रात्रि के समय महिला को घबराहट में घूमते देख कांस्टेबिल संदीप कुमार ने महिला को फल खिलाए तथा पानी पिलाया। इसके बाद पुलिसकर्मी संदीप ने महिला से उसके अकेले घूमने के बारे में जानकारी प्राप्त की। महिला ने अपना परिचय कैला देवी पत्नी कृष्णा निवासी नंगला खादर थाना आदमपुर जनपद अमरोहा होना बताया। महिला ने बताया कि वह परिजनों के साथ हरिद्वार गयी थी। वहां हर की पैड़ी पर वह परिजनों से बिछुड़ गयी और भटककर यहां पहुंच गयी। महिला से उसका पते की जानकारी होने पर संदीप कुमार ने महिला के परिजनों से संपर्क के प्रयास शुरु कर दिए। इसके बाद फोन के माध्यम से परिजनों से स पर्क कर उन्हें महिला कैलो देवी की कुशलता का समाचार दिया। परिजनों के यहां पहुंचने तक कांस्टेबिल ने मानवता का परिचय देते हुए महिला की सेवा सुश्रूषा की। महिला के परिजनों ने संदीप कुमार को धन्यवाद दिया। वहीं घटना की जानकारी होने पर अन्य लोगों ने कांस्टेबिल संदीप कुमार के इस व्यवहार की सराहना की।

पंचायत चुनाव: अधिसूचना 25 को होगी जारी!

यूपी पंचायत चुनाव: 25 को जारी होगी अधिसूचना! अगले हफ्ते अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी के साथ करने वाले हैं बैठक राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार।

लखनऊ। पंचायत चुनाव की तेज सरगर्मियों के बीच उम्मीद लगायी जा रही है कि आगामी 25-26 मार्च को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है। इसके तत्काल बाद 28-29 मार्च को होली का त्योहार है और फिर उसके बाद इन चुनावों के लिए नामांकन दाखिले का सिलसिला शुरू हो जाएगा। होली के बहाने चुनावी रंजिश निपटाने की जुगत में लगे असामाजिक तत्वों से गांव का माहौल बिगड़ने की भी आशंका है। त्योहार की खुशी बांटने के नाम पर वोटरों में शराब व अन्य नशीले पदार्थ बांटे जाने से भी उपद्रव की आशंका बलवती है। इन्हीं सारे तथ्यों को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार अपने अन्य अधिकारियों के साथ अगले हफ्ते अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी के साथ बैठक करने वाले हैं।

इन दिनों आरक्षण के नये फार्मूले और इन सूचियों से असंतुष्ट लोग दावे और आपत्तियां भी दर्ज करवा रहे हैं। जिनके मन मुताबिक सीट आरक्षित या अनारक्षित नहीं हुई वह मायूस हैं, जिन्हें आरक्षण की इन सूचियों की वजह से चुनाव लड़ने के मौके मिल रहे उनके खेमों में सक्रियता बढ़ गयी है। कहीं खुशी-कहीं गम के इस माहौल में राजनीतिक दलों की सरगर्मी भी तेज होने से बदलते मौसम के साथ गांव की सरकार बनाने को लेकर सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग प्रदेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पंचायत चुनाव करवाने के लिए इन सारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।

‘अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी के साथ अगले हफ्ते होने वाली इस बैठक में चुनाव से पहले मण्डल और जिलेवार संवेदनशीलता आंकी जाएगी। इसके बाद सुरक्षाबलों की उपलब्धता, उनके आवागमन और तैनाती स्थल पर पहुंचने में लगने वाले समय को ध्यान में रख कर यह भी निर्णय लिया जाएगा कि चार चरणों के इस चुनाव में किस चरण में किस मण्डल के कौन-कौन से जिले शामिल किये जाएं।’
-वेद प्रकाश वर्मा, अपर निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग उ.प्र.

पिछले पंचायत चुनाव पर नजर

-यूपी में 2015 में हुए त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में 9 अक्तूबर 2015 को मतदान हुआ था। उस दिन कई जगह चुनावी हिंसा हुई थी। मुजफ्फरनगर में फर्जी वोटर पकड़े गये, तो मऊ में खूनी संघर्ष में कई लोग घायल हुए थे।

-29 नवम्बर 2015 को दूसरे चरण के मतदान में भी कई जगह हिंसा हुई थी। इन घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई थी, दर्जनों घायल हुए थे, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। एटा में एक, मैनपुरी में दो लोगों की गोली लगने से मौत हुई थी, मथुरा में प्रधान पद के उम्मीदवार को भी गोली मारी गयी थी।

सौजन्य से-Kridha’s icecream parlour Neelkamal Road civil lines Bijnor

Jio यूजर्स के लिए खुशखबरी, 5 नए डाटा प्लान लॉन्च

Jio यूजर्स के लिए खुशखबरी, Jio ने अपने यूजर्स के लिए लॉन्च किए 5 नए डाटा प्लान, आइए जानें इन प्लान्स के बारे में

दिल्ली। रिलायंस Jio ने देश में अपने जियो फोन यूजर्स के लिए नया डाटा प्लान लांच किया है। इन प्लान की कीमत 22 रुपये से शुरू होकर 152 रुपये तक है। यह प्लान केवल डाटा बेनेफिट ही प्रदान करते हैं।

जानें इन पांच नए प्लान के बारे में-

1. 22 रुपये वाला जियो प्लान – 22 रुपये के नए डाटा प्लान में जियो 2 जीबी 4G हाई स्पीड इंटरनेट डाटा प्रदान करता है। यह 28 दिनों के लिए मान्य है। FUP खत्म होने के बाद इंटरनेट स्पीड घटकर 64Kbps हो जाती है।

2. 52 रुपये का डेटा पैक – 52 रुपये के डाटा पैक में ग्राहकों को 6 जीबी 4जी हाई-स्पीड में डेटा प्राप्त होता है, जिसकी वैधता भी 28 दिन की ही है। डाटा सीमा खत्म होने के बाद इंटरनेट स्पीड घटकर 64Kbps रह जाती है। जियो ऐप का वहीं सब्सक्रिप्शन इस प्लान में भी मुफ्त मिलेगा।

3. 72 रुपये का डेटा पैक – 72 रुपये के डेटा पैक में डेली 0.5 जीबी हाई-स्पीड डाटा 28 दिन तक की वैधता के साथ मिलता है। इसका मतलब यह है कि इस पैक में आपको कुल मिलाकर 14 जीबी हाई-स्पीड डेटा प्राप्त होता है।

4. 102 रुपये का डेटा पैक – जियो 102 रुपये का भी डाटा पैक लेकर आया है, जिसमें प्रतिदिन 1 जीबी हाई-स्पीड डाटा मिलता है। 102 रुपये वाले पैक में कुल मिलाकर 28 जीबी 4जी डाटा उपलब्ध कराया जाता है।

5. 152 रुपये का डेटा पैक – आपको बता दें कि 152 रुपये वाले पैक में डेली 2 जीबी डेटा मिलता है। 152 रुपये वाले इस पैक में जियो फोन यूजर्स को कुल मिलाकर 56 जीबी 4जी डाटा मिलता है।

सौजन्य से-Kridha’s icecream parlour Neelkamal Road civil lines Bijnor

अवैध संबंध के शक में पति ने की पत्नी की हत्या

अवैध संबंध के शक में पति ने की पत्नी की हत्या, तड़पती रही महिला, लोग देखते रहे तमाशा

लखनऊ। राजधानी मडियांव के गायत्रीनगर में एक महिला की चाकू से गोदकर हत्या करने का मामला सामने आया है। अवैध संबंध के शक में महिला की उसके पति ने हत्या कर दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब दूसरे आदमी के साथ संबंध होने का संदेह हुआ, तो अफसाना को उसके पति ने चाकू से वार करके घायल कर दिया। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चाकू भी बरामद कर लिया। जब रफीक ने अफसाना पर चाकू से हमला किया, तो आसपास के लोगों ने उसकी चीखें सुनीं। खून से लथपथ अफसाना सड़क पर तड़प रही थी। लोग अस्पताल में उसकी मदद करने के बजाय तमाशा देख रहे थे। कोई मदद को आगे नहीं आया।

असम चुनाव से पहले BPF ने बीजेपी का साथ छोड़ कर थामा कांग्रेस का हाथ

असम चुनाव से पहले BPF ने छोड़ा बीजेपी का साथ, कांग्रेस से मिलाया हाथ

नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियों में से एक बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने बीजेपी के साथ सभी संबंधों को खत्म कर लिया है। वह अब कांग्रेस की अगुवाई वाले महागठबंधन में शामिल हो गया है।

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के अध्यक्ष हागरामा मोहिलारी ने ट्विटर पर कहा, शांति, एकता और विकास को लेकर काम करने के लिए बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले यह फैसला किया है। हम अब बीजेपी के साथ दोस्ती या गठबंधन नहीं करेंगे।

श्रीलंकाई वायुसेना के 70 वें सालगिरह महोत्सव में भारतीय वायुसेना की भागीदारी

श्रीलंकाई वायुसेना के 70 वें सालगिरह महोत्सव में भारतीय वायुसेना की भागीदारी


नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना की एयरोबेटिक डिस्प्ले टीमें फिक्स्ड विंग “सूर्यकिरन्स” और रोटरी विंग ‘सारंग’ हल्के लड़ाकू विमान तेजस के साथ श्रीलंका वायु सेना (एसएलएएफ) के कमांडर एयर मार्शल सुदर्शना पथिराना के निमंत्रण पर दिनांक 27 फरवरी 2021 को श्रीलंका के कोलंबो पहुंचीं । सूर्यकिरन्स, सारंग और एलसीए तेजस की टीमें श्रीलंकाई वायुसेना के 70 वीं वर्षगांठ समारोह के हिस्से के रूप में दिनांक 03-05 मार्च 2021 से कोलंबो के गाले फेस में निर्धारित एक एयर शो में भाग लेंगी ।

भारतीय वायुसेना और श्रीलंकाई वायुसेना (एसएलएएफ) के बीच प्रशिक्षण, सामरिक आदान-प्रदान और पेशेवर सैन्य शिक्षा पाठ्यक्रमों के माध्यम से विविध क्षेत्रों में कई वर्षों से सक्रिय आदान-प्रदान और बातचीत हुई है ।

श्रीलंकाई वायुसेना (एसएलएएफ) के 70 वीं वर्षगांठ समारोह में भारतीय वायुसेना की भागीदारी दोनों वायुसेनाओं के बीच साझा किए जाने वाले मजबूत पेशेवर संबंध की एक और अभिव्यक्ति है ।भारतीय वायु सेना के सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम (एसकेएटी) ने इससे पहले वर्ष 2001 में श्रीलंकाई वायुसेना (एसएलएएफ) के 50 वें सालगिरह समारोह में हिस्सा लेने के लिए श्रीलंका का दौरा किया था। भारतीय वायु सेना के विमान जब इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोलंबो के आसमान में जाएंगे, तो वे एक बार फिर पारंपरिक रूप से मजबूत भारतीय वायुसेना- श्रीलंकाई वायुसेना (एसएलएएफ) के संबंधों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय की पटकथा लिखेंगे ।

डाक विभाग नवाचार के साथ अपनी सेवाओं को बना रहा व्यापक – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग नवाचार के साथ अपनी सेवाओं को बना रहा व्यापक – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वाराणसी परिक्षेत्र के सभी मंडलाधीक्षकों की ली बैठक

वाराणसी। डाक विभाग नित नवाचार के साथ जहां अपनी सेवाओं को व्यापक बना रहा है, वहीं वैश्विक महामारी कोरोना के दौर में डाककर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कोरोना वॉरियर्स के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोरोना महामारी के बीच डाक सेवाओं ने आवश्यक सेवाओं के रूप में नित नए आयाम रचे। उक्त उद्गार पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने 23 फरवरी को वाराणसी परिक्षेत्र के विभिन्न मंडलों के कार्यों की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।

कैंट स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में वाराणसी पूर्वी मण्डल के प्रवर अधीक्षक सुमीत कुमार गाट, पश्चिमी मंडल के डाक अधीक्षक राम मिलन, बलिया के डाक अधीक्षक संजय त्रिपाठी, गाजीपुर के डाक अधीक्षक बीके पांडेय व जौनपुर के डाक अधीक्षक पीसी तिवारी ने पोस्टमास्टर जनरल के समक्ष अपने मंडलों में डाक सेवाओं की प्रगति, विभिन्न योजनाओं और लक्ष्य प्राप्ति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान विभिन्न उपमंडलों के सहायक डाक अधीक्षक व उपमंडलीय निरीक्षक भी मौजूद रहे। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने इस दौरान वित्तीय वर्ष के शेष माह में व्यापक अभियान चलाकर विभिन्न सेवाओं में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया।

विभिन्न मंडलों और डाकघरों के कार्यों की समीक्षा के बाद पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोरोना के बीच 2.69 लाख नए बचत खाते, 1.52 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते, 15 हजार बच्चियों के सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए। इस दौरान 260 गांवों को ‘सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम’ व 55 गांवों को ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ बनाया गया। 2.63 लाख लोगों ने डाकघरों में आधार सेवाओं का लाभ उठाया। वाराणसी परिक्षेत्र में स्पीड पोस्ट से 6.54 करोड़ रुपए, व्यवसाय विकास सेवाओं से 2.32 करोड़ रुपए और बचत बैंक सेवाओं से 71 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। डाक जीवन बीमा में 21.71 करोड़ व ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 5.37 करोड़ रुपए का कुल प्रीमियम जमा हुआ।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाक विभाग पत्रों के साथ-साथ बचत बैंक, डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि खाता, इण्डिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक, डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र, आधार नामांकन एवं अद्यतनीकरण जैसे तमाम जनोन्मुखी कार्य कर रहा है। सहायक निदेशक शम्भु राय ने कहा कि फील्ड में आम जन एवं ग्राहकों से नियमित संवाद करने के साथ ही कैम्प लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय अर्जित किया जायेगा। सहायक निदेशक प्रवीण प्रसून ने आभार ज्ञापन दिया।

दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण आज

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण करेगा दूरदर्शन उत्तर प्रदेश
प्रशासन के साथ-साथ साहित्य व ब्लॉगिंग में भी चर्चित नाम हैं कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। प्रख्यात साहित्यकार एवं ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण 21 फरवरी, रविवार को दोपहर 12 बजे दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन देश दीपक सिंह व निर्देशन मयंक श्रीवास्तव ने किया है। प्रशासन के साथ-साथ साहित्यिक क्षेत्र में भी चर्चित कृष्ण कुमार यादव संप्रति वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल पद पर कार्यरत हैं।

कार्यक्रम के निर्देशक मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि उक्त बातचीत का प्रसारण दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम ‘एक मुलाक़ात’ के अंतर्गत किया जाएगा। कार्यक्रम में कृष्ण कुमार यादव की साहित्यिक जीवन की यात्रा व व्यस्ततम प्रशासनिक दायित्वों के साथ साहित्यिक अभिरुचि के समन्वय पर बात की जाएगी। गौरतलब है कि देश-विदेश की तमाम पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित और सात पुस्तकों के लेखक कृष्ण कुमार यादव को अवध सम्मान, परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान, दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दंपती सहित देश-विदेश में शताधिक सम्मानों से विभूषित किया जा चुका है।

769 का Gas Cylinder मिल रहा सिर्फ ₹69 में

769 का Gas Cylinder मिल रहा सिर्फ 69 रुपए में, Offer सीमित समय तक
नई दिल्ली। रसोई गैस सिलेंडर शहर से लेकर गावं तक हर घर में उपयोग में आती है। अभी हाल ही में सरकार ने एलपीजी के दाम में 50 रुपये की वृद्धि की है। इसके बाद बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 769 रुपये हो गई है। इस महीने गैस सिलेंडर की कीमतों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी है। रसोई गैस के दाम पहले 25 और फिर 50 रुपये बढ़ाए गए, लेकिन अब आप इस महंगे सिलेंडर को मात्र 69 रुपये में खरीद सकते हैं। इस ऑफर के मुताबिक आप पेटीएम Paytm से अपना एलपीजी सिलेंडर बुक कर 700 रुपये तक का कैशबैक पा सकते हैं। देश के अधिकांश भागों में जहां एलपीजी सिलेंडर सब्सिडी के बाद 700 से 769 रुपये के बीच है, ऐसे में पेटीएम के खास कैशबैक का फायदा उठाकर आप इसे मात्र 69 रुपये में खरीद सकते हैं।

इस तरह से उठाएं ऑफर का लाभ:- 1. अगर आपके फोन में Paytm App नहीं है तो पहले डाउनलोड करें।
2. अब अपने फोन पर पेटीएम ऐप खोलें।
3. उसके बाद ‘recharge and pay bills’ पर जाएं।
4. अब ‘book a cylinder’ (बुक ए सिलेंडर) ऑप्शन खोलें।
5. भारत गैस, एचपी गैस या इंडेन में से अपना गैस प्रोवाइडर चुनें।
6. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या अपने LPG ID दर्ज करें।
7. इसके बाद आपको पेमेंट ऑप्शन दिखेगा।
8. अब पेमेंट करने से पहले ऑफर पर ‘FIRSTLPG’ प्रोमो कोड डालें।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 700 रुपये तक का यह कैशबैक पेटीएम ऐप के माध्यम से पहली बार एलपीजी गैस सिलेंडर बुक करवाने वाले ग्राहक ही पा सकते हैं। ग्राहक Paytm LPG Cylinder Booking Cashback Offer का लाभ 28 फरवरी 2021 तक ही ले सकते हैं। इस ऑफर के लिए पेटीएम ने कई गैस कंपनियों से करार किया है।

बदमाशों की निगहबानी को बिजनौर पुलिस का पैंतरा

SP ने किया पुलिस सहायता केंद्र का उद्घाटन व लोकार्पण

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने नगर के प्रमुख चौराहों पर स्थापित किए गए पुलिस सहायता केंद्र का उद्घाटन व लोकार्पण किया।
पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने बुधवार को सर्वप्रथम एसआरएस मॉल के समीप शास्त्री चौक पर पूर्व से स्थापित पुलिस सहायता केंद्र के नवनिर्मित कक्ष का लोकार्पण व उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडावर रोड स्थित चक्कर चौराहे पर बने पुलिस सहायता केंद्र का उद्घाटन किया।

इस मौके पर एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एवं अपराधियों पर नजर रखने के लिए इन पुलिस सहायता केंद्रों को स्थापित किया गया है ताकि मंडावर रोड पर हरिद्वार और मुजफ्फरनगर से आने वाले अपराधियों पर नजर रखी जा सके और उन पर अंकुश लगाया जा सके।इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रवीण सिंह रंजन, सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सोलंकी एवं एस एसआई सुनील सिंह समेत सभी चौकी प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मी के अलावा गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कच्चे मकान की दीवार गिरी, दबकर बच्ची की मौत


बिजनौर। राजा का ताजपुर के निकटवर्ती ग्राम गुनिया खेड़ी में कच्चे मकान की दीवार गिरने से दबी बच्ची की मौत हो गई। घटना में एक राजमिस्त्री गंभीर घायल है। कच्चे मकान की जगह पीएम आवास योजना के तहत उसे पक्का करने का काम चल रहा था।

जानकारी के अनुसार नूरपुर थाना अंतर्गत राजा का ताजपुर के निकटवर्ती ग्राम गुनिया खेड़ी में लोकेश कुमार का प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास आया था। नवनिर्माण के स्थान पर पहले कच्चा मकान बना हुआ था। राजमिस्त्री नए मकान की नींव भर रहे थे। तभी कच्ची दीवार भरभरा कर गिर पड़ी, जिसमें लोकेश कुमार की 8 वर्षीय पुत्री पलक और मिस्त्री दीवार के नीचे दब गए। वहां खड़े ग्रामीणों ने मलबे को हटा कर बच्ची व मिस्त्री को दीवार के नीचे से बाहर निकाला। घायल पलक को लेकर ताजपुर के निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल राजमिस्त्री विपिन कुमार पुत्र मूलचंद का उपचार चल रहा है।

IG मेरठ का फर्जी फ़ेसबुक अकाउंट बना कर उगाही का प्रयास! Paytm नंबर जारी कर मांगे पैसे

पुलिस महानिरीक्षक मेरठ रेंज का फर्जी फ़ेसबुक अकाउंट बना कर उगाही का प्रयास, Paytm नंबर जारी कर मांगे पैसे!

लखनऊ। शातिर साइबर अपराधियों ने पुलिस महानिरीक्षक मेरठ रेंज का फर्जी फ़ेसबुक  अकाउंट बना डाला। मामले का खुलासा तब हुआ जब इस अकॉउंट पर Paytm नंबर जारी कर परिचितों से पैसे मांगने शुरू किए गए।

मेरठ पुलिस का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने पुलिस महानिरीक्षक मेरठ रेंज के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया। इसके बाद उसने मैसेंजर के माध्यम से रुपए मांगने की लिए पेटीएम नंबर भी जारी कर दिया। आरोपी ने इसी अकाउंट के जरिए कई लोगों से संपर्क कर रुपए मांगने शुरू कर दिये। किसी के द्वारा मामले की सूचना मिलने पर मेरठ पुलिस ने जानकारी जुटानी शुरू की। पता चला कि ऐसा कोई भी अकाउंट पुलिस महानिरीक्षक मेरठ रेंज के नाम से अधिकृत रूप से नहीं बनाया गया है।

हरियाणा से अकॉउंट का संचालन

कड़ी से कड़ी जोड़ती पुलिस को पता चला कि उक्त अकाउंट का संचालन हरियाणा राज्य के होडल जनपद से किया जा रहा है। वहीं पेटीएम धारक का पता उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर और जनपद रायबरेली का पाया गया।

सर्विलांस सैल जांच में जुटी

मेरठ के SSP अजय साहनी ने बताया कि सर्विलांस सैल की ओर से फर्जी अकाउंट को बंद करा दिया गया है। अज्ञात बदमाशों के खिलाफ थाना सिविल लाइन पर धारा 420 आईपीसी और 66 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही आरोपियों की तलाश की जा रही है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पैंट की जिप खोलना और नाबालिग का हाथ पकड़ना POCSO एक्ट के तहत अपराध नहीं

Holding hands and unzipping pants, not sexual assault under POCSO Act: Bombay HC हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पैंट की जिप खोलना और नाबालिग का हाथ पकड़ना POCSO एक्ट के तहत अपराध नहीं
मुंबई। बाम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने माना है कि POCSO अधिनियम 2012 ‘यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा के तहत’ एक लड़की का हाथ पकड़ना और पैंट की जिप खोलना यौन शोषण की परिभाषा में नहीं आएगा। इस मामले में सिंगल बेंच ने पाया कि आईपीसी (IPC) की धारा 354-ए (1) (i) के तहत ऐसा करना ‘यौन उत्पीड़न’ के दायरे में आता है। इसी के आधार पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी की सजा कम कर दी है। दरअसल पांच साल की एक बच्ची के साथ यौन शोषण हुआ था। निचली अदालत ने इसे पोस्को की धारा 10 के तहत यौन हमला (सेक्सुअल असाल्ट) माना और आरोपी को 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां लड़की की मां ने बताया कि उन्होंने आरोपी की पैंट की जिप खुली हुई देखी, साथ ही उसने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 50 वर्षीय आरोपी ने उनकी बेटी को बिस्तर पर आने को कहा था। हालाकि अब इस मामले में बंबई हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने पाया कि ये मामला ‘यौन शोषण’ का मामला है न कि ‘यौन उत्पीड़न’ का है। उन्होंने कहा कि ये मामला IPC की ‘धारा 354A (1) (i) के तहत आता है। हाईकोर्ट ने ये भी माना कि अभियुक्त द्वारा पहले से ही 5 महीने की कैद की सजा अपराध के लिए पर्याप्त सजा है। वैसे तो 354A 1(i) के तहत किसी महिला को गलत नजरिए से छूना या उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहना है। या फिर इच्छा के खिलाफ अश्लील साहित्य या किताबें दिखाना अथवा महिला पर अश्लील टिप्पणी करना शामिल है।

डीआरडीओ में विभिन्न पदों पर निकली 62 वैकेंसी

डीआरडीओ में डिप्लोमा, आईटीआई अपरेंटिस के विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी
DRDO Apprentice Recruitment 2021 डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी हुआ है। सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार के लिए डीआरडीओ में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर है।
ऐसे योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवार जो डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन, चांदीपुर बालासोर में ट्रेनी के इन पदों पर नौकरी पाने के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वह ई मेल के जरिए अप्लाई कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया- आधिकारिक वेबसाइट http://www.drdo.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम के जरिए आवेदन फॉर्म डाउनलोड करके 27 जनवरी 2021 से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी 2021 है।

पदों का विवरण: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के तहत कुल 62 रिक्त पद हैं। विभिन्न पदों को इस प्रकार बांटा गया है –

टेक्निशियन (डिप्लोमा) अपरेंटिस – 39 पद
टेक्नीशियन (आईटीआई) अपरेंटिस – 23 पद
शैक्षणिक योग्यता : टेक्नीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस के लिए कैंडीडेट्स को नेशनल अप्रेंटिस ट्रेनिंग स्कीम, एनएटीएस पोर्टल पर और टेक्नीशियन (आईटीआई) अप्रेंटिस के लिए नेशनल अप्रेंटिस प्रमोशन स्कीम पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा. जो कैंडीडेट 2018, 2019 और 2020 में पास हुए हैं, वे इसके लिए अप्लाई कर सकतेे हैं।

आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 साल होना चाहिए। अधिकतम आयु सीमा 27 साल निर्धारित की गई है।

चयन प्रक्रिया: उम्मीदवार का सेलेक्शन करने के लिए सेलेक्शन बोर्ड अप्लीकेशन्स को देखकर शॉर्टलिस्ट करेगा। उम्मीदवार का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवार को ज्वाइनिंग के समय पर अपना मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना होगा।

एप्लीकेशन फीस: उम्मीदवार को कोई भी आवेदन मूल्य नहीं देना होगा।
DRDO 2021 भर्ती के लिए आवेदन कैसे करें: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के इन पदों के लिए आवेदन करने से पहले सबसे पहले उम्मीदवार ऑफिशियल नोटिफिकेशन को डाउनलोड करके पूरा पढ़ लें। इन पदों के लिए उपयुक्त होने पर आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म को डाउनलोड कर लें।
एप्लीकेशन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी को दर्ज कर दें। अपने डॉक्युमेंट्स की स्कैन की हुई कॉपी पीडीएफ फॉर्मेट में ईमेल के जरिए director@pxe.drdo.in पर भेज दें।

Up स्थापना दिवस


*उत्तर प्रदेश का देश की आजादी, गौरवशाली ऐतिहासिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक धरोहर, राजनैतिक आदि में विशेष स्थान एवं योगदान,जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय स्थानीय इन्दिरा बाल भवन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के तीन दिवसीय आयोजन के अन्तिम दिन की अध्यक्षता करते हुए किए अपने विचार व्यक्त*
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*BIJNOR-26 January, 2021*

जिलाधिकारी रामकांत पाण्डे ने  सभी को गणतन्त्र दिवस की शुभकामनांए देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एवं प्रशासन उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाये रखने में हर सम्भव प्रयास कर रहे है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का देश की आजादी, गौरवशाली ऐतिहासिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक धरोहर, राजनैतिक आदि में विशेष स्थान एवं योगदान रहा है और जिसका महत्व आज भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य के रूप में स्थापित होने के बाद निरन्तर रूप से विकास और उन्नति की ओर अग्रसर देश के अग्रिणी प्रदेशों में शामिल हुआ है।
जिलाधिकारी श्री पाण्डेय आज 12ः00 बजे स्थानीय इन्दिरा बाल भवन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के तीन दिवसीय आयोजन के अन्तिम दिन की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
कार्यक्रम का उद्घाटन विधिवत रूप से मा0विधायक नहटौर श्री ओमकुमार द्वारा दिप प्रज्जवलित  कर किया गया, इस अवसर पर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, जिला अर्थ एंव संख्याधिकारी डा0 हिरेन्द्र, जिला प्रोवेशन अधिकारी संजय कुमार यादव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। तदोपरांत श्री ओम कुमार, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबधित जानकारी, उत्पादनों एवं उपकरणों पर आधारित स्टालों का निरीक्षण किया गया। 
मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश जिस तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, वह प्रदेश के उज्जल और भव्य भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हम सबका कर्तव्य है कि अपने दायित्वों का पूर्ण जिम्मेदारी और निष्ठापूर्वक निर्वहन कर प्रदेश को विकास की चरम सीमा पर ले जाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान अदा करें, ताकि हमारा प्रदेश विकास सहित सभी क्षेत्रों में अन्य प्रदेशों में प्रथम स्थान पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कार्य असंभव नहीं है, प्रदेश में हर प्रकार के साधन एवं संसाधन उपलब्ध हैं, बस आवश्यकता है समर्पित होकर एवं निष्ठापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों को अदा करने की।
मा0 विधायक नहटौर श्री ओम कुमार द्वारा अपने सम्बोधन में उपस्थित सभी अधिकारियों, महिलाओं, छात्र एवं छात्राओं तथा सभी जन सामान्य को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 24 जनवरी से उत्तर प्रदेश के राज्य के रूप में गठन की 70वीं वर्षगाठ मनायी जा रही है। उन्होने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से नागरिकों में जागरूकता पैदा होगी साथ ही अपने प्रदेश के इतिहास का ज्ञान भी प्राप्त होगा तथा यह आयोजन प्रदेश के आर्थिक एंव सांस्कृतिक विकास में सहायक सिद्व होगा। उन्होने कहा कि हमारे देश की महिलाएं वर्तमान समय में प्रत्येक स्तर से देश के विकास में अपना योगदान प्रदान कर रही है। उन्होने कहा कि जनपद में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर अपने जीवन स्तर को ऊपर उठाते हुए अपने सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी वृद्वि कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्य असंभव नहीं है, प्रदेश में हर प्रकार के साधन एवं संसाधन उपलब्ध हैं, बस आवश्यकता है समर्पित होकर एवं निष्ठापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों को अदा करने की।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूली छात्र/छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये और मा0 विधायक एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उन्हे प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंच के सम्मुख अति भव्य और आकर्षक रूप से जिला समन्वय फरहीन खान द्वारा बनाई जाने वाली बेटी बचाव-बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित रंगोली को मा0 विधायक एवं अधिकारियों द्वारा सराहते हुए उसकी प्रशंसा की गई। कार्यक्रम का संचालन जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के0एम0 सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये। 
कार्यक्रम में कृषि विभाग, बाल विकास एवं महिला कल्याण, पंचायत राज, विधुत विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा जन कल्याणकारी विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस से संबंधित स्थानीय जादूगर एन0ए0पाशा द्वारा अपनी जादू कला से प्रदेश की उन्नति एवं विकास और एतिहासिक महत्व पर आधारति संदेश का प्रभावी रूप से प्रदर्शन किया गया तथा सूचना निदेशालय से विकास योजनाओं से संबधित निःशुल्क साहित्य का वितरण भी किया गया।
इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह, उपजिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, जिला विकास अधिकारी, परिेयोजना निदेशक डीआरडीए, जिला अर्थ एंव संख्याधिकारी, जिला प्रोवेशन अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का देश को संबोधन

72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति देश को संबोधित करेंगे

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद देश के 72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर (25 जनवरी, 2021) देश को संबोधित करेंगे। इसका सीधा प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो के समूचे राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी हिंदी और अंग्रेजी चैनलों पर शाम 7 बजे होगा। दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के बाद दूरदर्शन के सभी क्षेत्रीय चैनलों पर क्षेत्रीय भाषाओं में रात 9.30 बजे से राष्ट्रपति के संबोधन को प्रसारित किया जाएगा।। ****

कोरोना, बर्ड फ्लू को बुलावा देता गांव अजदेव

कोरोना, बर्ड फ्लू के बावजूद गंदगी फैली अजदेव में –चांदपुर/बिजनौर। ब्लॉक जलीलपुर की ग्राम पंचायत अजदेव में सफाई कर्मियों के न आने से गंदगी के ढेर लग गए हैं। शिकायत के बावजूद विभाग कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। कोरोना संक्रमण प्रकोप के बीच बर्ड फ्लू की आमद के चलते भयंकर तबाही का मंजर कब नमूदार हो जाए, कहना मुश्किल भी है और बेकार भी। शासन प्रशासन प्रदूषण दूर करने के लिए योजनाओं को चला कर थक गया, लेकिन सम्बद्ध अधिकारी, कर्मचारियों को कतई परवाह नहीं है। बानगी के तौर पर ब्लॉक जलीलपुर की ग्राम पंचायत अजदेव को देखा जा सकता है। यहां तैनाती के बावजूद सफाई कर्मचारी आने की जहमत नहीं उठाते। इस कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और इनसे उठती भीषण दुर्गंध ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। आरोप है कि कोरोना संक्रमण प्रकोप और बीच बर्ड फ्लू के दौर में सफाई को लेकर यह लापरवाही जनता पर भारी पड़ सकती है।

वर्ष 2023-24 तक ‘हर घर जल’ का लक्ष्‍य

वर्ष 2023-24 तक ‘हर घर जल’ का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए तकनीकी सहायता और सहयोग प्रदान करने के लिए राष्‍ट्रीय जल जीवन मिशन की टीम पश्चिम बंगाल के दौरे पर

नई दिल्ली। ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए पश्चिम बंगाल को तकनीकी सहायता प्रदान करने के उद्देश्‍य से राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के 8 सदस्यों की एक टीम 5 से 8 जनवरी, 2021 तक राज्‍य के4 दिवसीय दौरे पर है। जल जीवन मिशन, राज्यों के साथ साझेदारी में केन्‍द्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा एक प्रमुख कार्यक्रम है। टीम के दौरे का उद्देश्य राज्य में कार्यक्रम के कार्यान्वयनकर्ताओं के सामने मौजूद मुद्दों और चुनौतियों की पहचान करना और साथ ही अच्छी कार्यप्रणाली का दस्तावेजीकरण करना है।

टीम इन 4 दिनों के दौरान राज्य के पूर्व मेदनीपुर, पश्चिम मेदनीपुर, नादिया, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, बर्धमान, बांकुरा और पश्चिम बर्धमान जिलों का दौरा कर रही है। एनजेजेएम के सदस्य जल आपूर्ति योजनाओं के कार्यान्वयन में शामिल क्षेत्र स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायतों के सदस्यों, ग्राम जल और स्वच्छता समितियों/पानी समिति के सदस्यों और लाभार्थियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। टीम जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष/ जिला कलेक्टर के साथ बैठकें कर रही है ताकि उन्हें अपने क्षेत्र में काम की प्रगति के बारे में जानकारी दी जा सके और कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की जा सके।

पश्चिम बंगाल राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन प्रदान करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2024 तक 100 प्रतिशत कवरेज की योजना बना रहा है। और, जेजेएम के तहत इस समयबद्ध लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, भारत सरकार राज्य को सभी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। इससे पहले पिछले महीने, एक 4 सदस्यीय दल ने तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए राज्य का दौरा किया था, जिससे राज्य में कार्यान्वयन में तेजी आई थी।

1.63 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 7.61 लाख घरों में है नल कनेक्‍शन:
पश्चिम बंगाल राज्य में 1.63 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से, 7.61 लाख घरों में नल कनेक्‍शन है और राज्य 2023-24 तक राज्य के सभी घरों में नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जेजेएम के तहत राज्य में काम पूरे जोरों पर है और एनजेजेएम टीम का दौरा राज्य में कार्यक्रम के कार्यान्वयन को गति प्रदान करेगा। वर्ष 2020-21 के दौरान, राज्य को 1,146.58 करोड़ रूपये के प्रारंभिक जमा सहित केन्‍द्रीय हिस्‍से की निधि के रूप में 2,760.76 रुपये की उपलब्धता का आश्वासन दिया गया है, जबकि राज्यों के हिस्से को शामिल करने के बाद, नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए जेजेएम के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के पास कुल 5,770 करोड़ रुपये की राशि होगी। इसके अलावा, राज्य को जेजेएम के अंतर्गत कार्य निष्‍पादन प्रोत्साहन के रूप में कार्यान्वयन की प्रगति के आधार पर अतिरिक्त धनराशि भी प्रदान की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल के पास वित्त आयोग के अनुदान के रूप में पंचायती राज संस्थानों को दिए गए 4,412 करोड़ रुपये हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत अनिवार्य रूप से पानी और स्वच्छता पर खर्च किए जाएंगे। मनरेगा, जेजेएम, एसबीएम(जी), पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) को 15वें वित्त आयोग के अनुदान, जिला खनिज विकास कोष, कैम्‍पा, सीएसआर, स्थानीय क्षेत्र विकास निधि आदि विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य द्वारा ग्रामीण स्‍तर पर समान योजना बनाने की आवश्‍यकता है और प्रत्‍येक गांव की ग्रामीण कार्य योजना (वीएपी) 15वें वित्त आयोग के साथ 5 साल के लिए तैयार की जानी चाहिए, ताकि जल संरक्षण के लिए इस तरह की सभी निधियों को मिलाकर पेयजल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उनका कुशलता से इस्‍तेमाल किया जा सके।

जीवन को बदल देने वाले जल जीवन मिशन के तहत, देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित गुणवत्ता के साथ पीने योग्य पानी की आपूर्ति के लिए एक चालू घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। सहकारी संघवाद की सच्ची भावना का पालन करते हुए, राज्य सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए मिशन के उद्देश्यों को हकीकत में बदलने के लिए इस प्रमुख कार्यक्रम को लागू कर रही हैं और साथ ही महिलाओं, विशेषकर लड़कियों के कठिन परिश्रम को कम कर रही हैं। यह जीवन-परिवर्तन मिशन ‘इक्विटी और समावेशी’ सिद्धांतों पर केंद्रित है। पहले के कार्यक्रमों से हटने के साथ, यह मिशन बुनियादी ढांचे के निर्माण के बजाय सेवा वितरण पर जोर देता है।

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सावधानी ही कारगर: बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस

नई दिल्ली (धारा न्यूज़): कोरोना अभी गया नहीं कि अब बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। देश के चार राज्यों में इसका प्रसार पाया गया है।
संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस से आसानी से संक्रमित हो जाते हैं। ये वायरस इतना खतरनाक होता है कि इससे मौत भी हो सकती है। इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है। इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है।

चिकित्सकों ने बताए लक्षण-
बर्ड फ्लू होने पर कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी, निमोनिया गले में खराश, नाक बहना, बेचैनी, आंखों में इंफेक्शन जैसी समस्या हो सकती है. अगर आपको लगता है कि आपको बर्ड फ्लू हो सकता है तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं.

कैसे करें बचाव- बर्ड फ्लू से बचने के लिए कुछ सावधानियां रखनी जरूरी है। अपने हाथों को 15 सेकेंड तक बार-बार साबुन से धोएं। सैनिटाइजर हमेशा साथ में रखें और हाथ ना धो पाने की स्थिति में सैनिटाइज करें। इसके अलावा पूरे बाजू के कपड़े पहनें और अपने जूतों को डिसइनफेक्ट करते रहें। छींकने या खांसने से पहले मुंह को अच्छे से कवर करें। सांस के संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनें। संक्रमित पोल्ट्री फार्म में जाने और वहां काम कर रहे लोगों के संपर्क में आने से बचें। पोल्ट्री फार्म में काम करने या जाने वाले लोगों को PPE किट पहन कर जाना चाहिए। डिस्पोजेबल ग्लव्स पहनें और इस्तेमाल के बाद इन्हें नष्ट कर दें। टिश्यू पेपर को इस्तेमाल के बाद डस्टबिन में डालें। बीमार हैं तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है, इसलिए बचाव के लिए फ्लू की वैक्सीन भी लगवाई जा सकती है।

दिल्ली हरियाणा वाले बढ़ा रहे यमुना में अमोनिया नाइट्रोजन!

यमुना नदी में क्यों बार-बार बढ़ जाता है अमोनिया नाइट्रोजन ?

CPCB ने जानी असली वजह हरियाणा व दिल्ली वाले !

संयुक्त अध्ययन समूह और निगरानी दल का गठन

नई दिल्ली (धारा न्यूज़): केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने यमुना नदी में बार-बार अमोनिया नाइट्रोजन में बढ़ोतरी के मुद्दे और अल्पकालिक व दीर्घकालिक सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर चर्चा करने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की।

इस मुद्दे पर लंबे विचार विमर्श के बाद पहचान की गई और इस बात पर सहमति बनी कि हरियाणा के नदी किनारे के शहरों से बिना शोधित किए दूषित जल का उत्सर्जन, औद्योगिक इकाइयों, सामान्य अपशिष्ट शोधन संयंत्रों (सीईटीपी) और सीवेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) से उत्सर्जन, बाहरी दिल्ली में टैंकरों के माध्यम से बिना सीवर वाली कॉलोनियों से सीवेज का अवैध उत्सर्जन, यमुना नदी के प्रवाह में कमी और नदी के तल पर जमा कीचड़ का अवायवीय अपघटन इसकी प्रमुख संभावित वजह हो सकती हैं।

अध्ययन करने वाले समूह में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली को शामिल किया गया है। यह समूह निगरानी व्यवस्था की एक समान समीक्षा और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता, पुराने आंकड़ों के विश्लेषण और प्रमुख स्थलों के साथ साथ ज्यादा अमोनिया के स्तर की अवधि की पहचान के लिए क्षेत्रीय सर्वेक्षण का काम करेगा। समूह से टिकाऊ समाधान के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय सुझाने और एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा गया है।

इसके अलावा, डेजेबी, डीपीसीसी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली, एचएसपीसीबी और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा की भागीदारी वाले एक संयुक्त निगरानी समूह के गठन पर भी सहमति बन गई है।

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कम जलस्तर वाले क्षेत्रों में कॉमर्शियल प्रयोग को जल दोहन की अनुमति नहीं

लघु सिंचाई विभाग की बैठक लेते जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय

कम जलस्तर वाले क्षेत्रों में कॉमर्शियल प्रयोग को जल दोहन की अनुमति नहीं

बिजनौर (धारा न्यूज़): जल दोहन का कार्मशियल प्रयोग करने की अनुमति प्राप्त करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों अथवा संचालकों को प्रतिष्ठान स्थल पर जल का स्तर और दैनिक रूप से दोहन किए जाने वाले जल का पूरा विवरण संकलित करने के पश्चात ही अनुज्ञापत्र जारी करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मानक से कम जल स्तर पाए जाने वाले क्षेत्रों में कार्मशियल प्रयोग के लिए जल दोहन की अनुमति भी न प्रदान की जाए। जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी को यह निर्देश देते हुए कहा कि निरन्तर रूप से भूजल के गिरते स्तर के दृष्टिगत शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का गंभीरता के साथ अनुपालन कराना सुनिश्चित कराएं।

जिलाधिकारी श्री पाण्डेय कलक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में लघु सिंचाई विभाग के तत्वाधान में आयोजित वाटर हार्वेस्टिंग एवं भूगर्भ जल स्तर से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि भूगर्भ जल का अनावश्यक रूप से दोहन न रोका गया और वर्षा जल का संरक्षण न किया गया तो भविष्य में जल संकट की स्थिति भयानक त्रासदी का कारण बनेगा। लघु सिंचाई विभाग द्वारा जल का वाणिज्यिक प्रयोग करने के लिए बनाई गई उप समिति किसी भी प्रतिष्ठान को तब तक जल दोहन की अनुमति न प्रदान करे जब तक प्रस्तावित प्रतिष्ठान के भूगर्भ का कम से कम और ज्यादा से ज्यादा जल स्तर और उसकी प्रतिदिन की खपत से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त न कर ले।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, किसानों, विद्यार्थियों के नामों का करें चयन

शासन द्वारा भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने, जल संरक्षण एवं जल स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, किसानों, विद्यार्थियों के नामों का चयन कर उनके नाम शासन को प्रेषित करना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें शासन स्तर से पुरस्कृत किया जा सके। उन्होंने भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने, जल संरक्षण एवं जल स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, किसानों, शोध कर रहे विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे अपने नाम एवं आवश्यक विवरण कार्यालय लघु सिंचाई विभाग कार्यालय, बिजनौर में तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें तथा अधिक जानकारी के लिए सहायक अभियन्ता राजेश कुमार वर्मा के मोबाईल नम्बर-8840607635 पर सम्पर्क स्थापित करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनोद कुमार गौड़, उप जिलाधिकारी परमानंद झा, सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई राजेश कुमार वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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शुभ कार्यों में पूर्व दिशा में ही मुख क्यों ? – आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी

शुभ कार्यों में पूर्व दिशा में ही मुख क्यों ? – आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी

यह तो हम सभी जानते हैं कि सूर्य पूर्व दिशा की ओर से उदित होता है। वेदों में उदित होते हुए सूर्य की किरणों का बहुत महत्त्व बताया गया है…

उद्यन्त्सूर्यो नुदतां मृत्युपाशान्।

-अथर्ववेद 17/1/30

अर्थात् उदित होता हुआ सूर्य मृत्यु के सभी कारणों अर्थात् सभी रोगों को नष्ट करता है। सूर्य की किरणें मनुष्य को मृत्यु से बचाती हैं, अर्थात् मृत्यु के बंधनों को यदि तोड़ना है, तो सूर्य के प्रकाश से अपना संपर्क बनाए रखें।

सूर्यस्त्वाधिपतिर्मृत्योरुदायच्छतु रश्मिभिः।

मृत्योः पडूवीशं अवमुंचमानः। मा च्छित्या अस्माल्लोकादग्नेः सूर्यस्य संदृशः ॥

अर्थात् सूर्य के प्रकाश में रहना अमृत के लोक में रहने के तुल्य है। चूंकि भगवान् सूर्य परमात्मा नारायण के साक्षात् प्रतीक हैं, इसलिए वे सूर्य नारायण कहलाते हैं। सूर्य ही ब्रह्मा का आदित्य रूप हैं। ये ही जगत के एकमात्र नेत्र (प्रकाशक) हैं, समस्त प्राणियों की उत्पत्ति का कारण और पालनहार हैं। प्रत्यक्ष देवता हैं, जिनका अवतरण ही संसार के कल्याण के लिए हुआ है सूर्य ही एक ऐसे देव हैं, जिनकी उपासना से हमें प्रत्यक्ष फल प्राप्त होता है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वेदों में ओजस्, तेजस् एवं ब्रह्मवर्चस् की प्राप्ति के लिए सूर्य की उपासना करने का विधान है। सूर्य मानव मात्र के समस्त शुभ और अशुभ कर्मों के साक्षी हैं। उनसे हमारा कोई भी कार्य या व्यवहार छिपा नहीं रह सकता, क्योंकि सूर्य विश्व चक्षु जो है।

सूर्य उपनिषद् के अनुसार समस्त देव, गंधर्व एवं ऋषि भी सूर्य रश्मियों (किरणों) में निवास करते हैं।

अतः सूर्य की किरणों और उनके प्रभावों की प्राप्ति के लिए ही प्रत्येक शुभ कार्यों व संस्कारों को करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठने की परंपरा हमारे वेदों के निर्देशों पर की गई है, ताकि धार्मिक व्यक्ति इसका अधिक-से-अधिक लाभ उठा सकें। उल्लेखनीय है कि इस समय की किरणों में अवरक्त (infrared) किरणें होती हैं, जिनमें रोगों को नष्ट करने की विशेष क्षमता होती है। सूर्य की सात अलग-अलग रंग की किरणों से सात प्रकार की ऊर्जा भी प्राप्त होती है। इस ऊर्जा के कारण सभी धार्मिक अनुष्ठान सफल होते हैं। सूर्य की अवरक्त किरणें सीधे छाती पर पड़ती रहें, तो उनके प्रभाव से व्यक्ति सदा निरोग रहता है। इसीलिए प्रातः सूर्योदय के समय पूर्व की ओर मुख करके सूर्य नमस्कार, सूर्य उपासना, संध्योपासना, पूजा-पाठ, हवन आदि शुभ कृत्य करना बहुत लाभदायक है।
(आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ) ——-

गोरखपुर-मैलानी रूट पर छह जनवरी से चलेंगी ट्रेन

लखनऊ (धारा न्यूज़): मार्च 2020 के बाद से बंद चल रहे गोरखपुर-मैलानी रूट पर छह जनवरी से ट्रेन चलनी शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में दो ट्रेनें चलाई जाएंगी। गोरखपुर से मैलानी और मैलानी से गोरखपुर के लिए ट्रेन चलेंगी। अभी 31 जनवरी तक के लिए इन ट्रेनों को ट्रायल के रूप में चलाया जा रहा है। इस दौरान रेलवे यह देखेगा कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या कितनी है। अगर संख्या बढ़ती है तो ट्रेनें और बढ़ सकती हैं। जो दो ट्रेन चलाई जा रही है, उसमें गोमती एक्सप्रेस शामिल है। यह ट्रेनें चलने से जिले के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।

लखनऊ रेल मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि छह जनवरी से गोरखपुर-मैलानी के बीच ट्रेन चलाई जाएंगी। गोरखपुर से रात 10:20 बजे मैलानी के लिए गोमती एक्सप्रेस रवाना की जाएगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 12:15 बजे मैलानी पहुंचेगी। इसी तरह से मैलानी से छह को ही शाम 5:30 बजे ट्रेन गोरखपुर के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन शाम को 6:45 बजे लखीमपुर स्टेशन पर पहुंचेगी। यहां दो मिनट रुकने के बाद ट्रेन रवाना हो जाएगी, जो अगले दिन सुबज पौने सात बजे गोरखपुर पहुंचेगी। लखीमपुर से सीतापुर, लखनऊ आदि का सफर करने में आसानी होगी।

पीआरओ ने बताया कि 31 जनवरी तक दो ट्रेनों को ट्रायल के रूप में चलाया जा रहा है। इस दौरान यह देखा जाएगा कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या कितनी है, अगर यात्रियों की संख्या बढ़ी तो और ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण फैलने के बाद मार्च 2020 से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बन्द कर दिया गया था। इस बीच लखनऊ से लखीमपुर तक इलेक्ट्रिक लाइन पूरी होने के बाद इसका सीआरएस ट्रायल हो चुका है।

पूरे भारत में अब एक मिस्ड कॉल पर Gas बुकिंग

देश में अब कीजिए सिंगल मिस्ड कॉल पर LPG बुकिंग

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए मिस्ड कॉल सुविधा की शुरुआत की है जो कि लोगों का जीवनयापन आसान बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

नई दिल्ली (धारा न्यूज़): पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भुवनेश्वर में उपभोक्ताओं के लिए मिस्ड कॉल की सुविधा शुरू की, जो कि लोगों का जीवनयापन आसान बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडियन ऑयल के एलपीजी ग्राहक अब रिफिल बुकिंग के लिए सिंगल मिस्ड कॉल नंबर 8454955555 का उपयोग कर सकते हैं- पूरे भारत के लिए और भुवनेश्वर शहर में नए कनेक्शन के लिए।

विश्व स्तरीय प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल (ऑक्टेन 100) का दूसरा चरण भी शुरू

इस मौक़े पर श्री प्रधान ने इंडियन ऑयल द्वारा उत्पादित एक्सपी 100 के रूप में ब्रांडेड विश्व स्तरीय प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल (ऑक्टेन 100) का दूसरा चरण भी शुरू किया। इस दूसरे चरण में इंडियन ऑयल के ब्रांडेड एक्सपी100 को आज चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, कोच्चि, इंदौर और भुवनेश्वर सहित सात और शहरों में शुरू कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने एक्सपी100 को पहले चरण में एक महीने पहले 01 दिसंबर 2020 को 10 भारतीय शहरों के चुनिंदा आउटलेट्स में लॉन्च किया था।

श्री प्रधान ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि, मिस्ड कॉल सुविधा लोगों को उत्कृष्ट सेवा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल इंडिया मिशन की सफलता का एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि, सरकार सभी सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने और नागरिकों के जीवनयापन में सुगमता लाने के लिए प्रत्येक भारतीय के साथ समान व्यवहार करने की इच्छुक होने के चलते प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि, भुवनेश्वर से शुरू की जा रही इस सेवा का विस्तार जल्द ही पूरे देश में किया जाएगा। श्री प्रधान ने गैस एजेंसियों तथा वितरकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि, एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की अवधि 1 दिन से कुछ घंटों तक कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, देश ने एलपीजी वितरण में एक लंबा सफर तय किया है। वर्ष 1955 से लेकर 2014 तक लगभग 13 करोड़ लोगों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था, लेकिन आज यह आंकड़ा 30 करोड़ गैस कनेक्शन तक पहुंचने वाला है, जो एक बड़ी सफलता प्राप्त होने और जनता को स्वच्छ ईंधन प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि, एलपीजी कनेक्शन ने भारतीय महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाया है।
श्री प्रधान ने आम आदमी के जीवन को आसान बनाने में प्रौद्योगिकी की शक्ति के महत्त्व के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने ओडिशा खनन निगम-ओएमसी के वितरण के प्रयासों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से डिलिवरी बॉयज़ को ‘कोरोना योद्धा’ के रूप में संबोधित किया, जिन्होंने कोविड महामारी के समय में भी बिना किसी रुकावट के लोगों के दरवाजे तक रसोई गैस की आपूर्ति करने की हिम्मत और ईमानदारी दिखाई। उन्होंने कहा कि, जब पूरी दुनिया अपने संसाधनों एवं समृद्धि के बावजूद कोरोना के कारण परेशान थी, तब भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संघर्ष किया, जिससे पूरा देश संगठित हुआ और भारत की सफलता ने दुनिया के समक्ष एक नया मॉडल प्रस्तुत किया।

असम के डिगबोई में कार्यरत देश की सबसे पुरानी रिफाइनरी से XP-100 की पहली खेप को रवाना करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि, यह प्रधानमंत्री के पूर्वोदय के विकास के दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि, एक्सपी100 विश्व स्तरीय किस्म का पेट्रोल है जो आधुनिक तेज़ रफ़्तार वाली कारों की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। श्री प्रधान ने कहा कि, डिगबोई रिफाइनरी से उत्पादित यह उन्नत क्षमताओं वाला पेट्रोल देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित शहरों में खुदरा दुकानों की जरूरतों को पूरा करेगा। डिगबोई मौजूदा बुनियादी ढांचे और माध्यमिक प्रसंस्करण सुविधाओं का उपयोग करते हुए एक्सपी100 पेट्रोल का उत्पादन करके मथुरा और बरौनी रिफाइनरीज के कुलीन समूह में शामिल हो गया है। यह वास्तव में एक सराहनीय उपलब्धि है, जो देश में उपलब्ध सबसे उन्नत पेट्रोल का उत्पादन करने वाली सबसे पुरानी रिफाइनरी है।

Ministry of Petroleum & Natural Gas की जानकारी के अनुसार-

आईवीआरएस सुविधा पर मिस्ड कॉल रिफिल बुकिंग सुविधा के फायदे इस प्रकार से हैं:

• त्वरित बुकिंग, ग्राहक को लंबे समय तक कॉल होल्ड नहीं करना है।

• आईवीआरएस कॉल में जहां सामान्य कॉल दरें लागू होती हैं, वहीं उसकी तुलना में इस सुविधा में ग्राहकों को कोई कॉल शुल्क नहीं लगता है।

• जो लोग आईवीआरएस सुविधा से परिचित नहीं हैं या वृद्धावस्था वाले ऐसे ग्राहक जो आईवीआरएस का उपयोग करने में समस्याओं का सामना करते हैं, वे सभी मिस्ड कॉल के ज़रिये रिफिल बुकिंग का विकल्प चुन सकते हैं।

• इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं का जीवन और भी आसान होगा।

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प्रधानमंत्री कल रखेंगे GHTC-इंडिया के LHP की आधारशिला

प्रधानमंत्री 1 जनवरी को रखेंगे GHTC-इंडिया के LHP की आधारशिला
PMAYU, ASHA-इंडिया पुरस्कारों का भी वितरण

नई दिल्ली। छह राज्यों में छह स्थानों पर ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज- इंडिया (जीएचटीसी- इंडिया) के तहत हल्के मकान से जुड़ी परियोजनाओं (लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स) की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 जनवरी, 2021 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रखेंगे। प्रधानमंत्री अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलेरेटर्स- इंडिया (एएसएचए- इंडिया) के तहत विजेताओं की भी घोषणा करेंगे और प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू) मिशन के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए वार्षिक पुरस्कार देंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एनएवीएआरआईटीआईएच (न्यू, अफोर्डेबल, वैलिडेटेड, रिसर्च इनोवेशन टेक्नोलॉजिज फॉर इंडियन हाउसिंग) नाम से नवोन्मेषी निर्माण प्रौद्योगिकी पर एक सर्टिफिकेट कोर्स और जीएचटीसी- इंडिया के जरिये पहचान किए गए 54 नवोन्मेषी आवास निर्माण प्रौद्योगिकी के एक संग्रह का विमोचन भी करेंगे। इस अवसर पर आवास एवं शहरी कार्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार) के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे।


लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स: लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (एलएचपी) देश में पहली बार निर्माण क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नए जमाने की वैकल्पिक वैश्विक प्रौद्योगिकी, सामग्रियों और प्रक्रियाओं का बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। इनका निर्माण जीएचटीसी- इंडिया के तहत किया जा रहा है, जो आवास निर्माण के क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए एक समग्र परिवेश तैयार करने की परिकल्पना करता है। इन एलएचपी का निर्माण इंदौर (मध्य प्रदेश), राजकोट (गुजरात), चेन्नई (तमिलनाडु), रांची (झारखंड), अगरतला (त्रिपुरा) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक स्थान पर संबद्ध बुनियादी ढांचा सुविधाओं के साथ लगभग 1,000 मकानों को शामिल किया गया है। ये परियोजनाएं पारंपरिक तौर पर ईंट एवं कंक्रीट वाले निर्माण के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से यानी महज बारह महीने के भीतर रहने के लिए तैयार मकानों को प्रदर्शित और वितरित करेंगी। इसके अलावा ये मकान उच्च गुणवत्ता के साथ किफायती और टिकाऊ भी होंगे।

हल्के मकानों इन परियोजनाएं कई प्रकार की तकनीकों का प्रदर्शन: हल्के मकानों की ये परियोजनाएं कई प्रकार की तकनीकों का प्रदर्शन करती हैं। इनमें इंदौर के एलएचपी में प्रीफैब्रिकेटेड सैंडविच पैनल सिस्टम, राजकोट के एलएचपी में टनल फॉर्मवर्क का उपयोग करते हुए मोनोलिथिक कंक्रीट कंस्ट्रक्शन, चेन्नई की परियोजना में प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम, रांची के एलएचपी में 3डी वॉल्यूमेट्रिक प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम, अगरतला की परियोजना में लाइट गेज स्टील इन्फिल पैनलों के साथ ढांचागत स्टील फ्रेम और लखनऊ के एलएचपी में पीवीसी स्टे इन प्लेस फॉर्मवर्क सिस्टम शामिल हैं। हल्के मकानों की परियोजनाएं संबंधित जगहों पर प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण एवं उसके अनुकरण की सुविधा के लिए एक लाइव प्रयोगशाला के रूप में काम करेंगी। इसमें योजना, डिजाइन, उपकरणों का उत्पादन, निर्माण प्रथाओं और परीक्षण के लिए आईआईटी, एनआईटी, अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों और प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर कॉलेजों के संकाय एवं छात्रों के अलावा बिल्डर, निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों के पेशेवर एवं अन्य हितधारक शामिल हैं।


एएसएचए- इंडिया: अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलेरेटर्स- इंडिया यानी (एएसएचए- इंडिया) का उद्देश्य भविष्य की संभावित प्रौद्योगिकी को तैयार करने में सहायता प्रदान करते हुए घरेलू अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। एएसएचए- इंडिया पहल के तहत प्रौद्योगिकी को तैयार करने में सहायता प्रदान करने के लिए पांच एएसएचए- इंडिया केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके तहत संभावित प्रौद्योगिकी विजेताओं की घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा की जाएगी। इस पहल के माध्यम से पहचान की जाने वाली प्रौद्योगिकी, प्रक्रियाओं और सामग्रियों से रचनात्मक दिमाग वाले युवाओं, स्टार्ट-अप, इनोवेटर और उद्यमियों को एक मदद मिलेगी।

पीएमएवाई- यू मिशन: प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई- यू) मिशन को ‘2022 तक सभी के लिए आवास’ के दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किया गया है। इसमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, शहरी स्थानीय निकायों और लाभार्थियों के उत्कृष्ट योगदान को मान्‍यता देने के लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएमएवाई- यू के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए वार्षिक पुरस्कार देने की योजना बनाई है। पीएमएवाई (शहरी) पुरस्कार- 2019 के विजेताओं को इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।

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हवाला पर IT की रेड: ₹14 करोड़ नकद, 2 करोड़ मूल्य का बुलियन जब्त

आयकर विभाग ने दिल्ली में चलाया तलाशी अभियान
₹14 करोड़ नकद और 2 करोड़ रुपये मूल्य का बुलियन जब्त

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने दिल्ली क्षेत्र में बेहिसाब नकदी रुटिंग और संचालन की गतिविधि में शामिल कई हवाला ऑपरेटरों के विरूद्ध तलाशी और जब्ती की कार्रवाई मंगलवार को की। तलाशी कार्रवाई में बेहिसाब 14 करोड़ रुपये नकद और 2 करोड़ रुपये मूल्य का बुलियन जब्त किया गया है। आगे की जांच अभी जारी है।

तलाशी की कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोषी प्रमाणित करने वाले सबूतों के बारे में पता चला है कि विभिन्न फर्जी संस्थाओं का उपयोग फर्जी खरीद / बिक्री बिलों को तैयार करने के लिए किया जा रहा है और अनेक बैंक खातों के माध्यम से बेहिसाब धन की रुटिंग की जा रही है। ऐसी फर्जी संस्थाएं दो महीने के बाद बंद कर दी जाती हैं और नई संस्थाएं बना ली जाती हैं।

इसके अलावा, 300 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बिक्रियों को छुपाने तथा फर्जी खरीदों को लेकर दोषी प्रमाणित करने वाले कागजातों का पता चला है। तलाशी कार्रवाई में बेहिसाब 14 करोड़ रुपये नकद और 2 करोड़ रुपये मूल्य का बुलियन जब्त किया गया है। आगे की जांच जारी है।

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EO के खिलाफ संविदा सफाईकर्मियों का फूटा गुस्सा

EO के खिलाफ संविदा सफाईकर्मियों का गुस्सा फूटा
पालिका कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

बिजनौर। (धारा न्यूज़) उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी संघ नजीबाबाद के बैनर तले संविदा सफाईकर्मियों ने नगर पालिका परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अधिशासी अधिकारी के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ईओ पर समस्याओं को गंभीरता से न लेने तथा संतोषजनक जवाब नहीं देने का आरोप लगाया।

सोमवार दोपहर उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी संघ की नगर शाखा के पदाधिकारियों के नेतृत्व में संविदा सफाईकर्मियों ने नगर पालिका परिषद के कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। नगर पालिका में आउटसोर्सिंग के जरिए काम करने वाले संविदा सफाईकर्मियों का सात दिनों का मानदेय काटने पर कर्मचारी आक्रोशित हो गए। सफाईकर्मियों ने कहा कि उन्हें वर्दी, जूते, मास्क, उपकरण आदि की सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। नगर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण के दौरान वाहनों में भरकर कूड़ा ले जाने के लिए कोई मानक तय नहीं किया गया है। वाहनों में कूड़ा ले जाते समय ढकने के लिए तिरपाल अथवा पालीथिन न दिए जाने से अधिकता होने पर कूड़ा सड़कों पर बिखरता हुआ जाता है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर चेयरपर्सन से वार्ता की। इस पर चेयरपर्सन ने ईओ से निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। आरोप है कि ईओ ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया मगर न ही उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनी, न ही निस्तारण का कोई आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष रोहित झंझोटा, मंत्री विपिन, आदेश, चंकी, प्रीतम आदि मौजूद रहे। उधर अधिशासी अधिकारी विजयपाल सिंह का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के लिए वह चेयरपर्सन से बातचीत के बाद निर्णय लेंगे।

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DL, RC, परमिट जैसे व्हीकल डॉक्युमेंट अभी रहेंगे वैध

एक बार फिर बढ़ी DL, RC, परमिट जैसे व्हीकल डॉक्युमेंट की वैधता

नई दिल्ली (धारा न्यूज): ड्राइविंग लाइसेंस (DL), रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), परमिट, वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट आदि अभी valid बने रहेंगे। परिवहन मंत्रालय ने इनकी वैधता अवधि को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है। मतलब जिन डॉक्यूमेंट्स की वैधता खत्म हो गई है, वे अब वैध रहेंगे।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 30 मार्च और 9 जून को आदेश जारी कर मोटर व्हीकल डॉक्युमेंट्स की वैधता अवधि बढ़ाई थी। 9 जून को जारी आदेश में इसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दिया गया था और उसके बाद 24 अगस्त 2020 में जारी आदेश में अवधि 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाई गई। कहा गया था कि वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट, सभी प्रकार के परमिट, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन या कोई भी अन्य व्हीकुलर डॉक्युमेंट 31 दिसंबर 2020 तक मान्य माना जाए।

राज्यों व केन्द्र शासित प्रशासनों को एडवायजरी जारी

मंत्रालय ने राज्यों व केन्द्र शासित प्रशासनों को इस बारे में निर्देश जारी कर दिया है। एडवायजरी में कहा गया है कि कोविड-19 के फैलाव को रोकने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया जाता है कि “मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 से संबंधित डॉक्युमेंट्स को 31 मार्च 2021 तक मान्य माना जाए। इसमें वे सभी डॉक्युमेंट कवर होंगे, जिनकी वैधता 1 फरवरी 2020 के बाद समाप्त हो चुकी है या 31 मार्च 2021 तक समाप्त होने वाली है।” देशभर में कोरोना के प्रसार की रोकथाम के लिए आवश्यक शर्तों के कारण और अभी तक मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है।
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New year पर शिमला में नहीं होगी बर्फबारी, मौसम रहेगा साफ

New year पर शिमला में नहीं होगी बर्फबारी

शिमला (धारा न्यूज़): हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नए साल की पूर्व संध्या व नव वर्ष के पहले दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। यानी कि पर्यटकों को इस बार नए साल पर बर्फबारी का दीदार नहीं हो सकेगा।

शिमला में हर साल नव वर्ष मनाने पर्यटकों का सैलाब उमड़ता है। कोरोना के चलते इस बार होटलों में नए साल पर पार्टियों व जश्न कार्यक्रमों पर रोक है। इसके बावजूद अधिकतर होटलों में नव वर्ष तक सैलानियों ने एडवांस बुकिंग करवाई हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने शनिवार को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान मौसम में बदलाव आएगा। इस दौरान पहाड़ों पर बर्फबारी व मैदानों में बारिश होने का अनुमान है। 27 व 28 दिसम्बर को शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति इत्यादि पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। वहीं तमाम मैदानी भागों में गरज के साथ बारिश होगी। उच्च पर्वतीय इलाकों में 29 दिसम्बर को भी बर्फबारी होने का अनुमान है, जबकि पर्वतीय व मैदानी हिस्सों में मौसम खुल जाएगा। 30 दिसम्बर से एक जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ बना रहेगा। मैदानी क्षेत्रों हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर सहित कांगड़ा व मंडी जिलों के मैदानी भागों में 29 व 30 दिसम्बर को घरा कोहरा छाने व शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है।

शनिवार को राज्य के छह शहरों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति जिला का मुख्यालय केलंग सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -11.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गाय। इसके अलावा कल्पा में -1 डिग्री, भुंतर व मंडी में -1 डिग्री, सुंदरनगर में -0.6 डिग्री, -0.2 डिग्री, चंबा में 0.7 डिग्री, कांगड़ा में 1.5 डिग्री, बिलासपुर व उना में 2 डिग्री, हमीरपुर में 2.2 डिग्री, धर्मशाला में 2.4 डिग्री, कुफरी में 2.9 डिग्री, पालमपुर में 3 डिग्री, डल्हौजी में 6 डिग्री, शिमला में 7 डिग्री और नाहन में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।

चंडीगढ़ में अभी और बढ़ेगी ठंड-
पंजाब व राजधानी चंडीगढ़ के अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट जारी है। शनिवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य तापमान से एक डिग्री सेल्सियस कम था, इससे पहले शुक्रवार को तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से ऊपर था। वहीं शहर का अधितकम तापमान, सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, इसलिए खिली धूप को देखकर इसे हल्के में न लें, गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें।

रविवार को बारिश का पूर्वानुमान- उन्होंने बताया कि रविवार को दिनभर बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की भी संभावना बन रही है। शहर का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं 28 दिसंबर को भी बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है।

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अब हॉलीडे होम्‍स, 5 अशोक रोड जैसे स्‍थलों की बुकिंग के लिए e-sampada app

हॉलीडे होम्‍स, 5 अशोक रोड जैसे सामाजिक समारोह स्‍थलों की बुकिंग, एक लाख से अधिक सरकारी रिहायशी आवासों के आवंटन को एक प्‍लेटफॉर्म से जोड़ा गया

प्रक्रियाओं को सरल बनाने और समूचे भारत की प्रणालियों में एकरूपता लाने के लिए सुशासन दिवसके अवसर पर नया वेब पोर्टल और मोबाइल एप–ई-सम्‍पदा लॉन्‍च किया गया

सम्‍पदा निदेशालय की चार वेबसाइट्स और दो मोबाइल एप्‍स एक प्‍लेटफॉर्म पर एकीकृत किए गए- देश भर में सभी सेवाएं एक ही प्‍लेटफॉर्म पर
विभिन्‍न सम्‍पदा सेवाएं उपलब्‍ध कराने में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए ई-गवर्नेंस

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर हर साल 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाता है।नागरिकों के जीवन की सुगमता सुनिश्चित करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य के अनुरूप सम्‍पदा निदेशालय, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने आज एक नया वेब पोर्टल और मोबाइल एप –ई-सम्‍पदा राष्‍ट्र को समर्पित किया। यह नया एप्‍लीकेशन एक लाख से ज्‍यादा सरकारी रिहायशी आवासों के आवंटन, 28 शहरों में स्थित 45 कार्यालय परिसरों में सरकारी संगठनों के लिए कार्यालय के स्‍थान का आवंटन, 1,176 हॉलीडे होम रूम्‍स तथा सामाजिक समारोहों के लिए 5 अशोक रोड जैसे स्‍थलों की बुकिंग आदि जैसी सभी सेवाओं के लिए सिंगल विंडो उपलब्‍ध कराता है।

‘एक देश, एक प्रणाली’ उपलब्‍ध कराने के प्रयास के तहत सम्‍पदा निदेशालय की पहले की चार वेबसाइट्स (gpra.nic.in, eawas.nic.in, estates.gov.in, holidayhomes.nic.in) और दो मोबाइल एप्‍स (m-Awas& m-Ashoka5) को एक में एकीकृत कर दिया गया है, जिससे देश भर में सभी सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्‍ध कराने का मार्ग प्रशस्‍त होता है। आवास एवं शहरी कार्य राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने आज यहां आवास एवं शहरी कार्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों की मौजूदगी की यह वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्‍च किया।

वर्चुअल माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए श्री पुरी ने कहा कि, यह विभिन्न भूसंपत्ति सेवाओं जैसे आवंटन, अवधारण, नियमितीकरण और अदेयता प्रमाणपत्र आदि प्रदान करने में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्री पुरी ने कहा कि, ई-सम्पदा का विकास विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल बनाने और पूरे भारत में इस प्रणाली में एकरूपता लाने के लिए किया गया है। यह सुविधा भारत सरकार के अधिकारियों / विभागों के लिए जीवन को आसान बनाने में मदद करेगी क्योंकि इसके तहत सभी सेवाओं का एकल खिड़की पर ऑनलाइन लाभ उठाया जा सकता है, साथ ही आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग भी की जा सकती है। परिसंपत्तियों के उपयोग तथा सेवाओं के वितरण पर वास्तविक समय की जानकारी ही संसाधनों के सर्वोत्कृष्ट उपयोग की सुविधा प्रदान करेगी। स्वचालित प्रक्रियाओं से मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी और इससे पारदर्शिता में वृद्धि भी होगी।

मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि, ई-सम्पदा के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को विशिष्ट डैशबोर्ड, सेवा उपयोग संग्रह और लाइसेंस शुल्क एवं बकाया राशि की वास्तविक सामयिक स्थिति की जानकारी जैसी विशेष सुविधाएं प्राप्त होती हैं। सभी प्रकार के भुगतान तथा बकाया राशि को डिजिटल मोड के माध्यम से नकदीरहित जमा किया जा सकता है। ई-सम्पदा यूजर फ्रेंडली है और डिवाइस उपयोगकर्ता के काफी अनुकूल है। इसका प्रयोग करने वालों को सेवाओं का दृश्य अनुभव होगा और वे ऑनलाइन प्रतिक्रिया दे पाएंगे।

यह पोर्टल पूरे भारत में उपयोगकर्ताओं को शिकायतों को दर्ज करने, दस्तावेज प्रस्तुत करने और वर्चुअल सुनवाई में उपस्थित होने के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान करता है। यह प्रशासनिक लागत में कमी लाएगा तथा डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट के चक्कर लगाने में व्यय होने वाले समय को कम करेगा और संसाधनों को बचाएगा। उपयोगकर्ता के बेहतर अनुभव के लिए ई-सम्पदा मोबाइल ऐप और चैटबोट सुविधा प्रदान की गई है। अधिकारियों के लिए सेवा स्तर बेंचमार्क और गतिविधि लॉग भी जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शामिल किए गए हैं।

पूरे भारत में सभी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए ई-सम्पदा: ऑनलाइन, पेपरलेस, कैशलेस है।

• 40 स्थानों पर 1,09,474 सरकारी आवासीय आवास

• 28 स्थानों पर 45 कार्यालय परिसरों में 1.25 करोड़ वर्ग फुट ऑफिस स्पेस अलॉटमेंट

• 62 स्थानों पर 1,176 हॉलिडे होम रूम / सुइट

• विज्ञान भवन की बुकिंग

• सामाजिक कार्यों के लिए प्रतिष्ठानों की बुकिंग

नया वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप एनआईसी द्वारा विकसित किया गया है। मोबाइल ऐप एंड्रॉइड के साथ-साथ आईओएस प्लेटफॉर्म के लिए भी उपलब्ध होगा। वेब पोर्टल http://www.esampada.mohua.gov.in से इस सुविधा तक पंहुचा जा सकता है और मोबाइल ऐप को एंड्रॉइड प्ले स्टोर / ऐप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।



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“उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की नई विशेषताएं” थीम के साथ राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस-2020 मनाया

“उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की नई विशेषताएं” थीम के साथ राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस-2020 मनाया
पीयूष गोयल ने किया ‘वोकल फॉर लोकल’ को प्राथमिकता का आह्वान

नई दिल्ली। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) और उपभोक्ता अध्ययन केन्द्र (सीसीएस) के सहयोग से “उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 की नई विशेषताएं” थीम के साथ राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस-2020 मनाया। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, रेल तथा वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे, उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव श्रीमती लीना नंदन, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य तथा राज्यों / संघ शासित प्रदेशों से अन्य हितधारकों ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

अपने उद्घाटन भाषण में श्री गोयल ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान के अनुरूप स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने साथ ही गुणवत्ता और मानकों तथा आत्मनिर्भर भारत के प्रति अधिक प्रतिबद्धता दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मुंबई में ‘राष्ट्रीय परीक्षण शाला’ में कार्यालय सह प्रयोगशाला भवन के दूसरे चरण का उद्घाटन इस दिशा में उठाया गया एक कदम है। यहां एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, खिलौनों के परीक्षण (जो भावी पीढ़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा) और ई-वाहनों में उपयोग की जाने वाली बैटरियों की जांच के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की व्यवस्था है। श्री गोयल ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान के अनुरूप स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए कहा कि यह केवल उपभोक्ताओं द्वारा ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश में लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देने और अर्थव्यवस्था के बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

श्री गोयल ने कहा कि अगला साल निश्चित रूप से देश में मानकों और उत्पादकता में गुणवत्ता के वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उपभोक्ताओं और व्यापार दोनों के हित में होगा क्योंकि यह स्वेदशी उत्पादकों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले पूरी ताकत के साथ खड़े होने का मौका देगा। यह घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में देशी उत्पादों और सेवाओं की और अधिक स्वीकार्यता भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आखिर में कहा कि ‘जागो और जागे रहो’ का अर्थ है कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए और उन्हें उत्पाद और सेवाएं लेते समय जागरूक और सतर्क रहना चाहिए। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर श्री गोयल ने सीसीएस, आईआईपीए द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया और ई-बुक (उपभोक्ता पुस्तिका) जारी की।

उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने कहा कि “उपभोक्ता देवो भव” का अर्थ है कि उपभोक्ता भगवान के समान है। उन्होंने हर दिन ऑनलाइन खरीद की बढ़ती संख्या का हवाला देते हुए ई-कॉमर्स को विनियमित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और विशेष रूप से उपभोक्ता शिकायतों को हल करने में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और जोनल हेल्पलाइन द्वारा शिकायत निवारण की प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या अपनी शिकायतों को दर्ज करने के लिए उपभोक्ता ऐप का उपयोग कर रही है और यह एक बड़ी सफलता है। इस ऐप की नियमित रूप से मंत्रालय में निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा “हम सभी को उपभोक्ताओं के सशक्तिकरण और जागरूकता की दिशा में काम करना चाहिए।”

उपभोक्ता मामलों की सचिव श्रीमती लीना नंदन ने कहा कि नए अधिनियम की कई अनूठी विशेषताएं उपभोक्ता के लिए फायदेमंद हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता फैलाने और शिक्षित करने के लिए, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां उपभोक्ता शोषण के लिए अधिक संवेदनशील हैं, उपभोक्ता मामलों का विभाग राज्य सरकारों के साथ कॉमन सर्विस सेंटर, पंचायत और कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से कार्यक्रमों को लागू करने में प्रमुख रूप से सहयोग कर रहा है।
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सभी वाहनों के लिए Fastag 01 जनवरी, 2021 से अनिवार्य

सभी वाहनों के लिए फास्टैग 01 जनवरी, 2021 से अनिवार्य
नई दिल्ली। नए साल से देश में सभी वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य किया जा रहा है। आभासी रूप से आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए यह घोषणा केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने की। उन्होंने कहा कि फास्टैग को 1 जनवरी, 2021 से लागू किया जाएगा। इस कदम से मिलने वाले लाभों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रियों के लिए उपयोगी है क्योंकि उन्हें नकद भुगतान के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की जरुरत नहीं होगी। इससे समय और ईंधन की भी बचत होगी।

2016 में की गयी थी फास्टैग की शुरुआत-
फास्टैग की शुरुआत 2016 में की गयी थी, और चार बैंकों ने मिलकर लगभग एक लाख फास्टैग जारी किए। 2017 के अंत तक, इन फास्टैग की संख्या बढ़कर सात लाख हो गई। 2018 में 34 लाख से अधिक फास्टैग जारी किए गए थे।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस साल नवंबर में एक अधिसूचना जारी कर पुराने वाहनों में, सीएमवीआर, 1989 में संशोधनों के जरिए 1 दिसम्बर, 2017 से पहले बेचे गये वाहनों में भी, 1 जनवरी, 2021 से फास्टैग को अनिवार्य बनाया था।

केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, 1 दिसंबर 2017 से, नए चार पहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया था और इसकी आपूर्ति वाहन निर्माताओं या उनके डीलरों द्वारा की जा रही है। इसके अलावा, यह भी अनिवार्य किया गया था कि फास्टैग के लिए फिट होने के बाद ही परिवहन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र का नवीनीकरण किया जाएगा। राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों के लिए 1 अक्टूबर 2019 से फास्टैग मानकों पर फिट होना अनिवार्य किया गया था।

यह भी अनिवार्य किया गया है कि फॉर्म 51 (बीमा का प्रमाण पत्र) में संशोधन के जरिए नया तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) बीमा, जिसमें फास्टैग आईडी का विवरण दर्ज किया जाएगा, प्राप्त करते समय एक वैध फास्टैग अनिवार्य होगा। यह प्रावधान 1 अप्रैल 2021 से लागू होगा।

समय, ईंधन दोनों की बचत-
टोल प्लाज़ा पर केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से शुल्क का भुगतान 100 प्रतिशत होना और वाहनों का शुल्क प्लाज़ा के माध्यम से निर्बाध रूप से गुजरना सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा। प्लाज़ा में प्रतीक्षा करते हुए कोई समय जाया नहीं करना होगा और इससे ईंधन की बचत होगी।

विविध चैनलों पर फास्टैग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भौतिक ठिकानों और ऑनलाइन तंत्र के माध्यम से भी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार उन्हें अपने वाहनों पर चिपका सकें।

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बिजनौर के 12 गांव अब बन जाएंगे शहर


बिजनौर नगर पालिका सीमा विस्तार को मिली मंजूरी

बिजनौर। बिजनौर नगर पालिका में सीमा विस्तार को शासन ने मंजूरी दे दी है। शासन ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। शासन ने इस पर 15 दिन के अंदर आपत्ति मांगी थीं। प्राप्त तीन आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है। सीमा विस्तार की यह मांग करीब 13 साल पुरानी थी। रिंग रोड के दायरे में आने वाला पूरा एरिया पालिका परिषद क्षेत्र में शामिल हो गया है।

बसपा शासनकाल में शुरू हुई थी कवायद-
सबसे पहले वर्ष 2007 में बसपा सरकार के दौरान शहर की सीमा विस्तार का प्रस्ताव भेजा गया था। भाजपा सरकार आने के बाद भाजपा नेताओं ने भी सीमा विस्तार के लिए प्रयास किए। शासन स्तर से दो साल से लगातार सीमा विस्तार के बारे में कई सूचनाएं मांगी जा रही थीं। सीमा विस्तार से जुड़ी सभी सूचनाएं नगर पालिका ने शासन को उपलब्ध करा दी थी। अब शासन ने सीमा विस्तार को हरी झंडी दे दी है। सीमा विस्तार होने से 12 गांव व करीब एक लाख की आबादी नगर पालिका सीमा में आ जाएगी।
इस समय बिजनौर नगर पालिका क्षेत्र की आबादी करीब एक लाख है। सीमा विस्तार के बाद आबादी दोगुनी यानी करीब दो लाख हो जाएगी। इस समय पालिका में 25 वार्ड हैं। बाद में इनकी संख्या बढ़ सकती है।

2011 की जनगणना के अनुसार बिजनौर नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 93297 है। 1991 में शहरी क्षेत्र की आबादी मात्र 66486 थी। जिस तेजी से शहरी क्षेत्र की आबादी बढ़ी, उस हिसाब से इसकी सीमा का विस्तार नहीं हुआ। 2007 में शहर से सटी इन ग्राम पंचायतों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर नगर विकास मंत्रालय को भेजा गया था। इसके कुछ समय बाद शासन को स्मारक भी भेजा गया, लेकिन सीमा विस्तार का यह मामला फाइलों में ही दबकर रह गया। 2012 में हुए नगर निकाय चुनाव से पूर्व सीमा विस्तार के लिए खूब तेजी दिखाई गई थी लेकिन बाद में यह धीरे-धीरे शांत होता गया।

बदल जाएगी शामिल गांवों की सूरत-
नगर पालिका सीमा विस्तार में शामिल गांवों की सूरत बदल जाएगी। वहां सड़क, पानी, सफाई आदि पर बहुत काम किया जाएगा। पेयजल के लिए नलकूप लगेंगे। इससे जनता को बहुत फायदा होगा। अगले साल ग्राम पंचायत के चुनाव होने हैं। शासन की मंशा चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्र को नगर पालिका में शामिल करने की है। इससे इन ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया नहीं करनी होगी।
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यूपी में साहूकारी अधिनियम समाप्त करने की तैयारी!

यूपी में साहूकारी अधिनियम को होने वाली है अलविदा!

लखनऊ। यूपी में साहूकारी अधिनियम समाप्त करने का खाका तैयार कर लिया गया है। राजस्व परिषद द्वारा जनपद स्तर पर साहूकारी लाइसेंस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। इसी के साथ कई जिलों में उप्र सहकारी अधिनियम 1976 के तहत नए लाइसेंस जारी करने व नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। वर्तमान समय में बैंकिंग व्यवस्था इतनी आसान हो गई है कि साहूकारों की जरूरत नहीं है। इसी कारण लाइसेंस निरस्त करने के साथ रिनिवल बंद कर दिया गया है।

दरअसल प्रदेश सरकार ने साहूकारी व्यवस्था खत्म करने की तैयारी तेज कर दी है। बैंकों से कर्ज लेने की प्रणाली आसान होने के बावजूद साहूकार ज्यादा ब्याज पर रकम देकर गरीबों का शोषण कर रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग ने सभी जिलों से इस व्यवस्था की जरूरत पर रिपोर्ट मांगी। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को समाप्त करने की रिपोर्ट भेजी है। अफसरों ने रिपोर्ट में कहा है कि जब बैंकों में जीरो बैलेंस पर अकाउंट खुल रहा है तो साहूकारी व्यवस्था की कोई आवश्यकता नहीं है।


2552 साहूकारों के लाइसेंस निरस्त-
साहूकारी अधिनियम के तहत राजधानी लखनऊ में करीब 2600 साहूकारों को लाइसेंस दिए गए थे। जिला प्रशासन ने पिछले डेढ़ साल में रिनिवल की प्रक्रिया रोकने के साथ 2552 लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। मौजूदा समय में सिर्फ 48 साहूकारों के पास लाइसेंस हैं, लेकिन इनमें ज्यादातर की रिनिवल की फाइल रोक दी गई है। ऐसे में महज 18 साहूकार ही लेन-देन करने की स्थिति में हैं।

साहूकार वसूलते हैं 17% तक ब्याज-
उत्तर प्रदेश साहूकारी अधिनियम 1976 के मुताबिक, साहूकारी के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। यह लाइसेंस एक साल के लिए मिलता है और हर साल इसका नवीनीकरण होता है। इसके तहत साहूकार प्रतिभूत ऋण यानी कोई वस्तु गिरवी रखकर लिए गए ऋण पर 14% वार्षिक ब्याज ले सकते हैं। वहीं, अप्रतिभूत पर 17 फीसदी वार्षिक ब्याज ले सकते हैं। वहीं, कृषि के अलावा किसी अन्य कार्य के लिए पांच हजार रुपये से अधिक के ऋण पर आपसी सहमति से ब्याज तय किया जा सकता है।

2 वर्ष तक की हो सकती है सजा-
लाइसेंस समाप्त होने और नवीनीकरण के बगैर अवैध रूप से साहूकारी करने वाले और गरीबों को शोषित करने वालों के विरुद्घ साहूकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसमें अधिकतम दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान भी है।

कई बार पुलिस चला चुकी अभियान-
साहूकारी प्रथा का मकड़जाल तोड़ने के लिए पुलिस भी कई बार अभियान चला चुकी है। पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने उत्पीड़न करने वाले साहूकारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया था। वहीं, पूर्व एसएसपी आशुतोष पाण्डेय ने भी एक माफिया के करीबी साहूकार से हजरतगंज के एक दुकानदार समेत कई लोगों को बचाया था।

इसी प्रकार साहूकारी अधिनियम के तहत अलीगढ़ जिला प्रशासन ने पिछले करीब छह माह से नवीनीकरण की प्रक्रिया रोकने के साथ ही नए लाइसेंस जारी किए जाने पर रोक लगा रखी है। विधान जायसवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व कहते हैं कि सरकार की तमाम योजनाएं हैं चाहें वह मुद्रा लोन योजना हो या अन्य कोई। सब्सिडी पर लोन दिया जा रहा है। बैंकिंग व्यवस्था इतनी आसान हो गई है कि साहूकारों की जरूरत नहीं है। शासन को साहूकारी अधिनियम को समाप्त करने के संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है। जनपद में नए लाइसेंस व नवीनीकरण भी नहीं किया जा रहा है। जिले में साहूकारी अधिनियम के तहत करीब 100 लाइसेंस हैं।

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छात्रवृत्ति घोटाले में जिला समाज कल्याण अधिकारी निलंबित, FIR के आदेश

मथुरा छात्रवृत्ति घोटाले में नपे जिला समाज कल्याण अधिकारी, निलंबित कर FIR के आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के निजी आईटीआई संस्थानों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति में अनियमितता, भ्रष्टाचार और गबन के चर्चित मामले में मथुरा के जिला समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा संबंधित संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी तथा संबंधित आईटीआई कॉलेजों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

₹23 करोड़ का गबन आया सामने-
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। मथुरा जिले के चार दर्जन से अधिक निजी आईटीआई कॉलेजों में हुए इस गड़बड़झाले के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जांच कराई गई थी। जांच समिति ने अलग-अलग तरीकों से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के नाम पर करीब 23 करोड़ रुपए गबन होने की बात पाई है। यही नहीं, दर्जन भर अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि भी हुई है।

दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर होगी FIR-
सीएम योगी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुरूप सभी दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। मान्यता विहीन संस्थाओं में दाखिला लेने वाले छात्रों को परीक्षा में सम्मिलित करने के लिए स्टेट काउंसिल फ़ॉर वोकेशनल ट्रेनिंग, लखनऊ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। अब इनके खिलाफ भी जांच होगी।

तीन सदस्यीय जांच समिति ने किया था गबन का खुलासा-
तीन सदस्यीय जांच समिति ने पाया कि 11 मान्यताविहीन शिक्षण संस्थानों में करीब 253.29 लाख का गबन हुआ, जबकि 23 कॉलेजों में पांच हजार से अधिक छात्रों ने कोर्स ही पूरा नहीं किया और उन्हें करीब 969 लाख की छात्रवृत्ति मिल गई। कई निजी आईटीआई कॉलेजों में स्वीकृत सीट के सापेक्ष करीब पांच हजार दाखिले अतिरिक्त कर लिए गए। इन्हें भी छात्रवृत्ति दिलाई गई। जांच में सामने आया कि 38 कॉलेजों में 100 से अधिक समान नाम, पिता का नाम और समान जन्म तिथि वाले फर्जी छात्रों को भी शुल्क प्रतिपूर्ति कराई गई। यही नहीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर भी छात्रों के दाखिले करने और उन्हें छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति कराने का काम भी हुआ। सीएम योगी ने अब सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर करने के आदेश दिए हैं।

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Night कर्फ्यू तोड़ने पर क्रिकेटर सुरेश रैना को मुम्बई पुलिस ने पकड़ा

क्रिकेटर सुरेश रैना को मुम्बई पुलिस ने लिया हिरासत में
मुम्बई। क्रिकेटर सुरेश रैना व मशहूर गायक गुरु रंधावा सहित 34 लोगों को मुम्बई पुलिस ने एक क्लब से हिरासत में ले लिया। कुछ समय पश्चात ही उनको जमानत पर छोड़ भी दिया गया। इस मामले में सुरेश रैना ने स्पष्टीकरण देकर कहा है कि क्लब के समय सीमा नियम की जानकारी ना होने पर ऐसा हुआ।

पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना को कोरोना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में मुंबई हवाई अड्डे के पास एक क्लब से हिरासत में लिया गया। हालांकि, क्रिकेटर सुरेश रैना तभी जमानत पर रिहा हो गए।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने मुंबई के एक क्लब पर छापा मारा, जहां रैना और गायक गुरु रंधावा सहित 34 लोगों को कोरोना का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना के कारण रात को कर्फ्यू लगाने का फैसला किया हुआ है। नए साल को देखते हुए राज्य सरकार ने मुंबई मे पांच जनवरी तक कई प्रतिबंध लगाए हैं। इनका सुरेश रैना को पता नही था, जिसके बारे में बल्लेबाज रैना की प्रबंधन टीम ने स्पष्टीकरण देकर बयान में कहा कि 34 वर्षीय रैना क्लब खुलने की समय सीमा (club open) और अन्य नियमों से अनजान थे।
बयान के अनुसार, “सुरेश एक शूट के लिए मुंबई में थे, जो देर से शुरू हुआ। उनके एक दोस्त ने उन्हें दिल्ली रवाना होने से पहले रात के खाने पर आमंत्रित किया था। क्लब खुलने के समय सीमा के बारे रैना को पता नहीं था। उन्होंने तुरंत अधिकारियों से अनजाने में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अफसोस जताया। बयान में कहा गया कि रैना हमेशा पूरे सम्मान के साथ नियम और कानून का पालन करते हैं और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे।
मुंबई पुलिस ने बताया कि रैना सहित 34 आरोपियों की गिरफ्तारी ड्रैगनफ्लाई पब से हुई, जहां कोरोना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। इन सभी लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269 के तहत और महामारी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया।

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IFFCO प्लांट में अमोनिया गैस रिसाव, दो अफसरों की मौत कई गंभीर

IFFCO प्लांट में आधी रात को अमोनिया गैस रिसाव, दो अफसरों की मौत
कई कर्मचारी गंभीर हालत में भर्ती

प्रयागराज के फूलपुर में इफको प्लांट

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के फूलपुर की इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) में मंगलवार देर रात यूरिया इकाई में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इसके चलते दो अफसरों समेत 18 लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां असिस्टेंट मैनेजर वीपी सिंह और डिप्टी मैनेजर अभयनंदन की मौत हो गई।

जौनपुर-गोरखपुर मार्ग पर फूलपुर के इफको में अमोनिया और यूरिया निर्माण की दो-दो इकाइयां हैं। मंगलवार रात 11.30 बजे यूरिया यूनिट में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी निकलकर बाहर की ओर भागने लगे। इस दौरान अन्य तो किसी तरह बाहर निकल गए लेकिन 18 लोग गैस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। इनमें से कई इकाई के भीतर ही बेसुध भी हो गए। सूचना पर कंपनी के अफसरों के साथ ही पुलिस भी आ गई। किसी तरह हताहत लोगों को फैक्ट्री से बाहर निकालकर शहर के एक अस्पताल ले जाया गया। इनमें से असिस्टेंट मैनेजर यूरिया वीपी सिंह व डिप्टी मैनेजर ऑफसाइट अभयनंदन कुमार पुत्र सूर्यनारायण की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान कुछ घंटों बाद दोनों की मौत हो गई।

कंपनी के कई अफसर रात में ही अस्पताल भी पहुंच गए। गैस रिसाव के कारणों का पता नहीं चल सका, अनुमान है कि यूरिया उत्पादन इकाई में किसी पंप में लीकेज की वजह से गैस का रिसाव हुआ। कंपनी के अफसरों का कहना है कि गैस रिसाव की असली वजह का पता जांच के बाद ही पता लग सकेगा। पीआरओ विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि हादसे में दो अफसरों की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इनमें असिस्टेंट मैनेजर यूरिया व डिप्टी मैनेजर ऑफसाइट शामिल हैं। हताहत हुए 12 कर्मचारियों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

पुलिस-प्रशासन मुस्तैद:
प्रयागराज के डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि फूलपुर के इफको (भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड) प्लांट में गैस रिसाव होने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई है। प्लांट यूनिट को बंद कर दिया गया है। गैस रिसाव अब बंद हो गया है।

वहीं एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है और घटना में हताहत हुए लोगों को अस्पताल भेजा गया है। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी।

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Sunday से लेकर Monday, अब सब खा सकते हैं अंडे!

पूरे हफ्ते, अब रोज खाइये अंडे!

स्वादिष्ट भी और पूरी तरह से शाकाहारी

नई दिल्ली। शाकाहारी खाने के शौकीन अब अंडा खा सकते हैं। जी हां, बिल्कुल शुद्ध, देसी और सौ फीसदी शाकाहारी। इस अंडे को आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने तैयार किया है। यह शाकाहारी अंडा, विकास और आहार प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है। साथ ही स्वास्थ्य जागरूक मानकों पर भी खरा उतरता है।

IIT दिल्ली ने पाया पहला पुरस्कार

स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पूरी तरह से शाकाहारी इस आविष्कार के लिए आईआईटी दिल्ली ने इनोवेट्स फॉर एसडीजी फॉर एसडीजी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता यूएनडीपी (यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम) एक्सेलेरेटर लैब इंडिया द्वारा आयोजित की गई थी। जर्मनी के आर्थिक सहयोग और विकास की प्रमुख क्रिस्टिय ने आईआईटी दिल्ली को इस सम्मान पुरस्कृत किया। पुरस्कार में 5000 अमेरिकी डॉलर शामिल हैं। अपने इस नवाचार के लिए आईआईटी दिल्ली को ऑनलाइन सम्मानित किया गया।

आहार के प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है ये अंडा

यूएनडीपी के अनुसार, “मॉक एग इनोवेशन एक परफेक्ट इनोवेशन है। नकली अंडे का विकास आहार की प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है। स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति भी सतर्क है। शाकाहारी पदार्थों से बनाया गया यह नकली अंडा भूख और अच्छे स्वास्थ्य की  अधिकांश आवश्यकताओं को पूरा करता है।’ प्रो. काव्या दशोरा ने कहा, ‘संयंत्र आधारित बनावट वाले खाद्य पदार्थ जो अंडे, मछली और चिकन से मिलते जुलते हैं, कुपोषण और स्वच्छ प्रोटीन के लिए लंबी लड़ाई को संबोधित करने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं। यह लोगों के लिए प्रोटीन भोजन युक्त है। मॉक एग को बहुत ही सरल खेत आधारित फसल से विकसित किया गया है। प्रोटीन, जो न केवल अंडे की तरह दिखता है और स्वाद होता है, बल्कि पोषण प्रोफाइल में भी अंडे के बहुत करीब है।”

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1 जनवरी से आने वाले हैं ये 10 बदलाव, पड़ेगा आम आदमी पर सीधा असर

1 जनवरी से आने वाले हैं ये 10 बदलाव,
पड़ेगा आम आदमी पर सीधा असर

नई दिल्ली। 01 जनवरी 2021 से कई नियम बदलने वाले हैं। इनका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। चेक पेमेंट, फास्टैग, UPI पेमेंट सिस्टम और GST रिटर्न के नियमों में बदलाव होने जा रहा है।

10 बदलाव, जो होने वाले हैं-

1. चेक पेमेंट सिस्टम
1 जनवरी, 2021 से चेक पेमेंट से जुड़े नियम बदल जाएंगे। सकारात्मक भुगतान व्यवस्था (Positive Pay System) के तहत चेक (Cheque Payment) के जरिए 50,000 रुपए या इससे ज्यादा पेमेंट पर कुछ जरूरी जानकारियों को दोबारा कन्फर्म करना होगा। हालांकि, यह अकाउंट होल्डर पर निर्भर करेगा कि वो इस सुविधा का लाभ उठाता है या नहीं। चेक जारी करने वाला व्यक्ति यह जानकरी SMS, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दे सकता है।

2. कॉन्टैक्टलेस कार्ड ट्रांसजेक्शन

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट्स की लिमिट्स 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी है। यह 1 जनवरी 2021 से प्रभावी होगा। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से 5,000 रुपये तक के पेमेंट्स के लिए पिन नहीं डालना होगा।

3. महंगी हो जाएंगी कारें
ऑटोमोबाइल कंपनियां जनवरी 2021 से अपने कई मॉडल के दाम बढ़ाने जा रहे हैं, जिसके बाद कार खरीदना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। अब तक मारुति, महिंद्रा के बाद रेनॉ और MG मोटर दाम बढ़ाने का ऐलान कर चुकी हैं।

4. फास्टैग लगवाना होगा अनिवार्य
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 1 जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों पर फास्टैग (FASTag) लगाना अनिवार्य कर दिया है। बिना फास्टैग के नेशनल हाईवे टोल पार करने वाले चालकों को दोगुना चार्ज देना होगा। फिलहाल सभी टोल प्लाजा पर 80 परसेंट लाइनों को फास्टैग और 20 परसेंट लाइनों को कैश में इस्तेमाल किया जा रहा है।

5. लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने के लिए लगाना होगा जीरो
अगर आप 1 जनवरी के बाद लैंडलाइन से किसी भी मोबाइल नंबर पर फोन लगाते हैं तो उसके लिए आपको 0 का इस्तेमाल करना होगा। बिना जीरो लगाए आपका कॉल नहीं लगेगा।

6. म्यूचुअल फंड निवेश के लिए बदले नियम
SEBI ने मल्टीकैप म्यूचुअल फंड के लिए असेट अलोकेशन के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक अब फंड्स का 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी में निवेश करना जरूरी होगा, जो कि अभी न्यूनतम 65 फीसदी है। SEBI के नए नियमों के मुताबिक मल्टी कैप फंड्स के स्ट्रक्चर में बदलाव होगा। फंडों को मिडकैप और स्मॉलकैप में 25-25 फीसदी निवेश करना जरूरी होगा। वहीं, 25 फीसदी लार्ज कैप में लगाना होगा।

7. UPI पेमेंट में होगा बदलाव
1 जनवरी 2021 से UPI के जरिए पेमेंट करना महंगा हो जाएगा। थर्ड पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ऐप्स पर एक्सट्रा चार्ज लगाने का ऐलान किया है। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से ये निर्णय लिया गया है।

8. GST रिटर्न के नियम बदल जाएंगे
बता दें देश के छोटे कारोबारियों को सरल, त्रैमासिक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) रिटर्न फाइलिंग सुविधा मिलेगी। नए नियम के तहत जिन कारोबारियों का टर्नओवर 5 करोड़ रुपये से कम है, उन्हें हर महीने रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी। नया नियम लागू होने के बाद टैक्सपेयर्स को केवल 8 रिटर्न भरने होंगे। इनमें 4 जीएसटीआर 3बी और 4 GSTR 1 रिटर्न भरना होगा।

9. सरल जीवन बीमा पॉलिसी होगी लॉन्च
1 जनवरी के बाद कम प्रीमियम में बीमा खरीद पाएंगे। IRDAI ने सभी कंपनियों को सरल जीवन बीमा लॉन्च करने को कहा है। आरोग्य संजीवनी नामक स्टैंडर्ड रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पेश करने के बाद एक स्टैंडर्ड टर्म लाइफ इंश्योरेंस पेश करने का निर्देश दिया है।

10. कुछ फोन में बंद हो सकता है whatsapp
बता दें आने वाली 1 तारीख के बाद कुछ एंड्रायड और आईओएस फोन पर वॉट्सऐप काम करना बंद कर सकता है। कंपनी ने बताया कि जो सॉफ्टवेयर पुराने हो चुके हैं उन पर वॉट्सऐप काम करना बंद कर देगा।

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रतन नवल टाटा को ‘एसोचैम शताब्दी का उद्यम पुरस्कार’

प्रधानमंत्री एसोचैम के स्थापना सप्ताह 2020 आयोजन में 19 दिसंबर को मुख्य भाषण देंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एसोचैम के स्थापना सप्ताह 2020 आयोजन में 19 दिसंबर की सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्य भाषण देंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर ‘एसोचैम शताब्दी का उद्यम पुरस्कार’ से रतन नवल टाटा को सम्मानित करेंगे, जो टाटा समूह की तरफ से यह सम्मान ग्रहण करेंगे।

एसोचैम के बारे में…..

एसोचैम की स्थापना वर्ष 1920 में की गई थी, जिसमें देश के सभी भागों काप्रतिनिधित्व करने वाले प्रमोटर चैंबर्स थे। इस समय इससे 400 चैंबर्स और व्यापारिक संगठन जुड़े हुए हैं और यह संपूर्ण भारत में 4.5 लाख से अधिक सदस्यों को अपनी सेवाएं दे रहा है। एसोचैम भारतीय उद्योग जगत के लिए ज्ञान का सूत्रधार बनकर उभरा है।

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