
मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा शकुंतला अस्पताल के प्रबंधक से नियमानुसार अनापत्ति प्रपत्रों को मानकों के अनुरूप पूर्ण कराये बिना पहले पंजीकरण व प्रतिवर्ष किया जा रहा है नवीनीकरण! भ्रष्टाचार के चलते मरीजों के जीवन से किया जा रहा खिलवाड़!
मोदी नगर, गाजियाबाद (एकलव्य बाण समाचार)। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा शकुंतला अस्पताल के प्रबंधक से नियमानुसार अनापत्ति प्रपत्रों को मानकों के अनुरूप पूर्ण कराये बिना मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर पहले पंजीकरण व प्रतिवर्ष नवीनीकरण किया जा रहा है। इससे अस्पताल में किसी भी घटना घटने की प्रबल संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। मरीज की जान माल भी सुरक्षित नहीं है। बहुत ही छोटी जगह में अस्पताल संचालित है, आवागमन का रास्ता बिलकुल भी मरीज के लिए सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित नहीं है। अग्नि शमन उपकरणों की समुचित व्यवस्था नहीं है, अस्पताल की अपनी पार्किंग नहीं है, वाहनों को सड़क पर खड़ा करना पड़ता है। शकुंतला अस्पताल किसी भी प्रकार से मानकों के अनुरूप नहीं है बल्कि मानकों के विपरीत कार्य कर रहा है!
नाम न छापने की शर्त पर कई लोगों का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा देना चाहिए जो कि भ्रष्टाचार में लिप्त हो और उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेशों का पालन नहीं करा सकता हो।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के अधिकारियों व अस्पताल के प्रबंधक द्वारा शासनादेशों का पालन न करना अपराध की श्रेणी में आता है, जो कि एक गंभीर मामला है और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जनहित में स्वास्थ्य विभाग उत्तर प्रदेश शासन को इस ओर कदम उठा कर इनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।


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