
मुज़फ्फरनगर (एकलव्य बाण समाचार)। जानसठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अहरोडा के पूर्व प्रधान मांगेराम की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव को जला भी दिया गया। घटना के कारणों का कुछ पता नहीं चल सका है। इस संबंध में पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। मृतक के पुत्र की तहरीर पर गांव के पिता पुत्र समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव अहरोडा निवासी पूर्व प्रधान मांगेराम प्रतिदिन की भांति अपने खेतों पर बाइक से सुबह के समय घूमने गया था। गुरुवार को भी सुबह 5:30 बजे वह अपनी बाइक से खेत पर जा रहा था।

इसी बीच अज्ञात व्यक्तियों ने गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग भी लगा दी। उसी समय दौड़ लगाकर लौट रहे गांव के एक युवक ने मांगेराम के शव को जलता देख कपड़े से आग बुझाई। मांगेराम को पहचानने के बाद युवक ने गांव में इसकी जानकारी दी। सैकड़ों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।

सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस के साथ एसपी देहात अतुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ शकील अहमद, इंस्पेक्टर डीके त्यागी मौके पर पहुंचे और छानबीन की। पूर्व प्रधान की बाइक शव के पास खडंजे पर गिरी हुई बरामद की गई है। परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत के बाद भी हत्या के कारण का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने डॉग स्क्वायड को भी हत्याकांड के आरोपियों की सुरागरशि में लगाया।

पुलिस के अनुसार पूर्व प्रधान की कमर व पेट में तीन गोलियां मारी गई हैं। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस इस मामले में कुछ लोगों को उठाकर पूछताछ भी कर रही है।

घटनास्थल पर जानसठ चेयरमैन प्रवेंद्र भड़ाना भी पहुंचे और आक्रोशित लोगों को शांत किया। मृतक के पुत्र युद्धवीर सिंह ने गांव के ही नीशू व अंकुर पुत्रगण विजयपाल, विजयपाल पुत्र जबर सिंह और गोविंदा पुत्र अजयपाल को नामजद करते हुए तहरीर दी है।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि आरोपितों की तलाश की जा रही है। मामले का राजफाश शीघ्र ही किया जाएगा।
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परिचित का हो सकता है हाथ- पूर्व प्रधान की हत्या में परिचितों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर खडंजे के बीचोबीच गिरी हुई बाइक की हालत देख कर संभावना जताई जा रही है कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले लोग दो या उससे अधिक रहे होंगे। कारण यह कि यदि चलती हुई बाइक के सवार को गोली मारी जाती तो बाइक के किसी भी साइड में रगड़ के निशान होते और वह बीच रास्ते में न पड़ी मिलती। संभव है कि पूर्व प्रधान को कुछ लोगों ने रोका और बातचीत करने लगे। इस बीच पीछे से गोलियां मार दी गईं। शव जलाने के पीछे भी यही थ्योरी पुख्ता मानी जा रही है।

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