बिजनौर। कृमकों द्वारा के वी० के० नगीना के सभागार में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम
के मुख्य अतिथि के वी० के नगीना के वरिष्ठ वैज्ञानिक
डॉ. केके सिंह तथा अध्यक्षता डॉ. महेश चन्द्रा रिटायर्ड सह महानिदेशक कामर्स थे।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम फलदार वृक्षों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। अनिल कुमार सिंह द्वारा जैविक खाद के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि जैविक बाद किस तरह भूमि उपचार, जड़ उपचार तथा कन्द उपचार के लिए उपयोगी हो सकती है। एक लीटर जैविक खाद को 50 लीटर पानी में मिलाकर रोपाई वाली फसलों जैसी हरी सब्जियों, धान इत्यादि को 5 मिनट जड़ भिगोकर रोपाई करनी चाहिए। इसी तरह आलू के बीज को 5 मिनट भिगोकर छाया में सुखाने के बाद बुआई करनी चाहिए। बीज उपचार में एक लीटर जैविक बाद के 40 से 50 kg बीज में धीरे-धीरे हाथ से मिलाकर रख दे व बुआई
कर देनी चाहिए। कार्यक्रम में 265 फलदार वृक्षों का
निःशुल्क वितरण किया गया। महिला कृषकों को क्विज प्रतियोगिता के आधार पर निःशुल्क जैविक खाद का वितरण किया गया। महिला कृषकों द्वारा गृह वाटिका में जैविक खाद प्रयोग करने का आश्वासन दिया गया कार्यक्रम में क्षेत्र के 1000 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन हरेन्ड
पटेल द्वारा किया गया।

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