
बिजनौर। एआरटीओ कार्यालय में भारी फर्जीवाड़े की सूचनाएं मिल रही हैं। ताजा मामला एक महिला द्वारा फ़र्जी तरीके से अधिकारियों के हस्ताक्षर कर विभागीय कामकाज निपटाने का है। बताया गया है कि उक्त महिला, विभाग के कई प्रकार के लाइसेंस, परमिशन आदि के कागजात पर एआरटीओ और आरआई के हस्ताक्षर कर अवैध कमाई कर रही है। सूत्रों का दावा है कि दोनों ही अधिकारियों को इस गंभीर मामले के विषय में कोई जानकारी तक नहीं थी! एक दिन पूर्व किसी प्रकार मामला पकड़ में आया तो दोनों अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। अक्सर कार्यालय में विचरने वाली उक्त महिला को बुलाकर पूछताछ की गई। अभी यह पता लगाया जा रहा है कि उक्त महिला ने फर्जीवाड़ा कर एआरटीओ विभाग को अब तक कितना चूना लगाया है। यह भी जांच का विषय है कि यह गोरखधंधा कितने समय से चल रहा है और इसमें किसी विभागीय कर्मचारी का भी हाथ है? सीधी सी बात है विभाग को विभिन्न मदों से मिलने वाली फीस सरकार के खाते में जमा होती है। अब देखना यह है कि एआरटीओ और आरआई इस मामले को पुलिस तक पहुंचाते हैं या…..
इस संबंध में दोनों ही अधिकारियों से मोबाइल फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया, परन्तु रेंज में न होने के कारण बात नहीं हो सकी।

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