नई दिल्ली (नवधारणा)। आम जनता के लिए राहत की खबर है। अब आपको गैस-सिलेंडर (LPG chotu gas cylinder) के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आप जल्द ही राशन की दुकानों से गैस सिलेंडर खरीद सकेंगे। केंद्र सरकार राशन की दुकानों के जरिये छोटे एलपीजी सिलेंडरों की खुदरा बिक्री की अनुमति देने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही सरकार इन दुकानों को वित्तीय रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए फाइनेंशियल सर्विसेज को भी पेश करने की परमिशन दे सकती है।

इस बारे में हुई बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, वित्त, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रतिनिधियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) के साथ-साथ सीएससी, ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी) के अधिकारियों ने भाग लिया।
सरकार कर रही विचार
बैठक के बाद खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘उचित दर दुकानों (FPC) की वित्तीय लाभप्रदता बढ़ाने के लिए सक्रिय उपाय किए जाने चाहिए। एफपीएस के माध्यम से छोटे एलपीजी सिलेंडरों की खुदरा बिक्री की योजना पर विचार किया जा रहा है।” पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (OMC) के प्रतिनिधियों ने उचित दर दुकानों (FPC) के माध्यम से छोटे एलपीजी सिलेंडरों की खुदरा बिक्री के प्रस्ताव की सराहना की है।
CSC के जरिए किया जाएगा काम
OMC ने कहा कि इच्छुक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के साथ समन्वय के जरिये इसके लिए आवश्यक सहायता दी जाएगी। राज्य सरकारों ने कहा कि CSC के सहयोग से FPC की लाभप्रदता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार लाभप्रदता की समीक्षा करने के लिए सीएससी के साथ समन्वय करेंगे। एफपीएस के माध्यम से वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के प्रस्ताव पर वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के प्रतिनिधियों ने बताया कि इच्छुक राज्यों के साथ समन्वय के माध्यम से इसके लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
पीयूष गोयल का ट्वीट
बयान में कहा गया है कि सरकार पूंजी जुटाने के लिए एफपीएस डीलरों को मुद्रा लोन का लाभ देने की योजना बना रही है। खाद्य सचिव ने राज्यों से इन पहल को शुरू करने और अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप इसमें काट-छांट करने को कहा है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, “एफपीएस के माध्यम से एलपीजी सिलेंडरों की खुदरा बिक्री की योजना की तैयारी की है। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश इस बारे में एफपीएस डीलरों को जागरूक करेंगे।”
5.26 लाख हैं राशन की दुकानें
गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय एफपीएस की वित्तीय लाभप्रदता बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठाने का आह्वान करता है। देश में लगभग 5.26 लाख राशन की दुकानें हैं, जिनके माध्यम से गरीब लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत रियायती खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।
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