
नई दिल्ली (एजेंसी)। ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच रुपए और 10 रुपए की कटौती की है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का ये फैसला हर वर्ग के लोगों को राहत पहुंचाने वाला है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा जनहित में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के निर्णय ने दीपावली को अतिरिक्त उल्लास से भर दिया है। यह निर्णय समाज के हर वर्ग को राहत पहुंचाने वाला है। सभी प्रदेशवासियों की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार।’
दीपावाली की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार की ओर से की गई इस घोषणा से ईंधन की आसमान छूती कीमतों को नीचे लाने में मदद मिलेगी और महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को भी कुछ राहत मिलेगी।उत्पाद शुल्क में कमी चार नवंबर से प्रभाव में आएगी और इसके साथ पेट्रोल की कीमत दिल्ली में मौजूदा 110.04 रुपए प्रति लीटर से घटकर 105.04 रुपए प्रति लीटर जबकि डीजल की कीमत 98.42 रुपए प्रति लीटर से घटकर 88.42 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘भारत सरकार ने कल से पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच और 10 रुपए की कमी करने का एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आएगी।”
गौरतलब है कि यह उत्पाद शुल्क में की गई अब तक की सबसे अधिक कमी है और इसके साथ मार्च 2020 से मई 2020 के बीच पेट्रोल एवं डीजल पर करों में 13 रुपए और 16 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि का एक हिस्सा वापस ले लिया गया है। उत्पाद शुल्क में उस समय की वृद्धि से पेट्रोल पर केंद्रीय कर 32.9 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 31.8 रुपए प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। अप्रैल से अक्टूबर के खपत के आंकड़ों के आधार पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार को प्रति माह 8,700 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। उद्योग सूत्रों के अनुसार इससे सालाना आधार पर एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का असर पड़ेगा। वहीं, चालू वित्त वर्ष की बाकी अवधि के लिए, प्रभाव 43,500 करोड़ रुपए का होगा। उत्पाद शुल्क में कमी से मोटर चालकों को राहत मिलेगी। ट्रकों और कृषि क्षेत्र के लिए यह सबसे बड़ी राहत होगी जो डीजल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
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