
लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में तैनात महिला कर्मचारी अब शिशु देखभाल के लिए 730 दिन की छुट्टी ले सकेंगी। शासन ने उनकी 13 साल पुरानी मांग चार जनवरी 2022 को मंजूर कर ली थी। इस पर 27 जनवरी 2022 को फैसला हो गया।
परिवहन निगम में तैनात महिला कर्मियों के लिए राहत की खबर है। उनकी 13 साल पुरानी मांगों पर 27 जनवरी 2022 को फैसला हो गया। अतः अब महिला कर्मियों को शिशु देखभाल के लिए 730 दिनों तक की छुट्टी को मंजूरी दे दी गई है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। इस संबंध में परिवहन निगम के एमडी आरके सिंह ने सभी अफसरों को दिशा-निर्देश भेज दिया है। उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में कार्यरत महिला कर्मचारियों को अनुमन्य प्रसूति और बाल्य देखभाल अवकाश, जो 135 से 180 दिनों तक के लिए मान्य था, उसमें बदलाव करते हुए अधिकतम दो साल तक के लिए मान्य कर दिया गया है। बीते चार जनवरी 2022 को परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को पास किया गया था।
बच्चा गोद लेने पर भी अवकाश मिलेगा- बच्चा गोद लेने वाली महिला कर्मी को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। वह बच्चे की उम्र 18 साल पूरा होने के पहले तक कभी भी दो साल तक के लिए अवकाश ले सकेंगी। छुट्टी के दौरान सार्वजनिक अवकाश की छुट्टी भी शामिल रहेगी।
2008 से थी मांग- चाइल्ड केयर लीव बढ़ाने की मांग वर्ष 2008 में उठी थी। इसके लिए परिवहन निगम श्रमिक समाज कल्याण संघ ने अपने मांग पत्र में महिलाओं के हित की बात करते हुए मांग रखी। जो कि साल 2010 में तीन महीने 135 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दी गई थी। गौरतलब है कि परिवहन निगम में नियमित कर्मियों की संख्या 18 हजार है। इनमें महिला कर्मियों की संख्या 3052 है।

Leave a comment