नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में बुलेट ट्रेन से तेज दौड़ रही दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के पहले चरण का ट्रायल कुछ ही दिनों में होने वाला है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। ये ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी, जो देश की पहली रीजनल ट्रेन होगी। दिल्ली से मेरठ यात्रा करने वाले यात्री लंबे समय से इस रैपिड रेल का इंतजार कर रहे हैं, जो जल्द ही खत्म होने वाला है। इसके ट्रायल की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। इसके लिए पहला कोच दुहाई पहुंच चुका है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के निर्धारित समय पर ट्रेन चलाने की पूरी तैयारी है। इसके तहत साहिबाबाद से दुहाई तक ट्रेन का ट्रायल इस साल मई से शुरू हो जाएगा, जबकि यात्री अगले साल से इस ट्रेन में सफर कर पाएंगे। दुहाई डिपो में एक किमी लंबे ट्रायल ट्रैक और 12 रनिंग ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।

दिल्ली से मेरठ के बीच 25 स्टेशन- इस ट्रेन का निर्माण गुजरात के सवाली में किया जा रहा है। इसे बहुराष्ट्रीय कंपनी अल्स्टोम ने बनाया है। रेलवे के मुताबिक इस ट्रेन से महज 50 से 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ की यात्रा की जा सकेगी। रेल नेटवर्क में ये देश में पहली प्रणाली है, जिसके तहत 180 किलोमीटर प्रति घंटे वाली ट्रेन पहले चरण में 100 किलोमीटर की दूरी एक घंटे में पूरा करेगी। दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ तक 82 किलोमीटर का सफर 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यात्रा के दौरान दिल्ली से मेरठ 25 स्टेशन तैयार किये जा रहे हैं। हर स्टेशन में 30 सेकेंड ट्रेन रुकेगी और हर 5-10 मिनट में ट्रेन मिल सकेगी।
विदित हो कि देश की पहली रैपिड रेल का रैक तैयार हो गया है। गुजरात के सावली में शनिवार को इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया। ट्रेन जल्द गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। आधुनिक ट्रेन का डिजाइन हैदराबाद में तैयार किया गया, जबकि निर्माण गुजरात में चल रहा है। वर्ष के आखिर में ट्रायल शुरू हो जाएगा। एनसीआरटीसी भारत का पहला रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित कर रही है। इस तरह की पहली ट्रेन सराय काले खां गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलेगी। गुजरात के सावली में आयोजित कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव और एनसीआरटीसी अध्यक्ष मनोज जोशी ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन के रोलआउट की प्रक्रिया की। इसके बाद निर्माण कंपनी एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक ने रेल की चाबी अधिकारियों को सौंपी। रोलआउट के साथ ट्रेन की डिलिवरी शुरू हो गई है। एनसीआरटीसी के प्रबंधक निदेशक ने बताया कि यह ट्रेन जल्द ही गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। कुछ महीने में ट्रायल रन शुरू किया जाएगा।
40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी कंपनी-एनसीआरटीसी के अनुसार, ट्रेन निर्माण के लिए एल्सटॉम कंपनी से अनुबंध किया गया है। उसके अनुसार कंपनी 40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी। इनमें से 10 ट्रेन तीन कोच वाली हैं, जो मेरठ मेट्रो के लिए होंगी। यह कंपनी 15 साल तक रोलिंग स्टॉक का रख रखाव करेगी। ट्रेन की विशेषता यह है कि ब्रेक लगाने पर बिजली उत्पन्न होगी। यह बिजली ट्रेन सिस्टम से वापस इलेक्ट्रिक ग्रिड में चली जाएगी।
हैदराबाद में किया गया है डिजाइन-केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव ने कहा कि रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की योजना 2050 को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। 30 आरआरटीएस अल्ट्रा-मॉडर्न ट्रेनों को हैदराबाद में डिजाइन किया गया है।
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