केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद, रिकॉर्ड 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन। गंगोत्री धाम के कपाट एक दिन पहले हुए थे बंद। आज ही यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद किए जाएंगे। सबसे आखिर में 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद किए जाएंगे।
साभार~Bharatjan Hindi News

भैया दूज के अवसर पर गुरुवार को प्रात: 8 बजकर 30 मिनट पर ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गए हैं। ढाई हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। इस वर्ष करीब 16 लाख तीर्थयात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किए।
आज गुरुवार को प्रात: 03 बजे केदारनाथ मंदिर खुला। प्रातः 04 बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हुई। पुजारी टी गंगाधर लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्वयंभू ज्योर्तिलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि रूप दिया। ज्योर्तिलिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल,भस्म, स्थानीय शुष्क फूलों- पत्तों, आदि से ढ़क दिया गया। इसके साथ ही बटुक भैरव नाथ के आह्वान के साथ ही गर्भगृह तथा मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद किया गया। पूरब द्वार को भी सीलबंद किया गया। ठीक सुबह 8:30 बजे केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ के लिए रवाना हो गई।
बाबा केदार की जय उदघोष~ इस अवसर पर सेना की 11 मराठा लाईट इन्फेंट्री रूद्रप्रयाग के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा बाबा केदार की जय उदघोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। आज पंचमुखी डोली प्रथम पड़ाव रामपुर पहुंचेगी। कल 28 अक्टूबर शुक्रवार को देवडोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास करेगी तथा पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली 29 अक्टूबर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी। यहीं भोले बाबा की शीतकालीन पूजा होगी। इस वर्ष पूरी यात्रा काल में 15 लाख 61 हजार 882 शिव भक्तों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किए।
कार्यक्रम में मन्दिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, केदारनाथ सभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, लक्ष्मी नारायण जुगराण, कुबेरनाथ पोस्ती, राजकुमार तिवारी, उमेश चन्द्र पोस्ती, सन्तोष त्रिवेदी, देवानन्द गैरोला, के के बिष्ट, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, मुख्य कार्यधिकारी योगेन्द्र सिंह, कार्यधिकारी आर सी तिवारी, खुशहाल सिंह नेगी, ओंकार शुक्ला, मीडिया डा. हरीश गौड़, स्वयम्वर, सेमवाल, यशोधर मैठाणी, मृत्युजय हिरेमठ, उमेद सिंह नेगी, मनोज शुक्ला, उमेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।

19 नवंबर को होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट बंद~ इससे पहले बुधवार को गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए। आज ही यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद किए जाएंगे। सबसे आखिर में 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद किए जाएंगे।
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