दरोगा ने मां-बेटे का सिर फोड़ा, बरेली में सड़क हादसे की जांच करने पहुंचा था दरोगा, महिला से बदसलूकी कर दी गालियां
By young bharat
बरेली। सड़क हादसे के मामले में जांच करने पहुंचे दरोगा ने मां-बेटे को जमकर पीटा। उनके सिर पर राइफल की बट से हमला कर दिया। हमले में दोनों का सिर फट गया। साथ ही गंभीर चोटें भी आई हैं। आरोप है कि दरोगा ने महिला के साथ बदसलूकी भी की। बेटे को गालियां दीं। घर में भी तोड़फोड़ की गई है। दरोगा किसी महिला पुलिसकर्मी के बिना ही घर में दबिश देने पहुंच गया था। मामला बरेली के शाही थाना क्षेत्र का है।

आधे घंटे तक घर के अंदर किया था ड्रामा
दरोगा महेंद्र पाल रविवार देर रात महिला के घर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह बिना किसी से पूछे घर के अंदर घुस गया। अंदर महिला से उसके पति के बारे में पूछने लगा। महिला ने जब पति के घर में नहीं होने की बात कही, तो दरोगा उसे ही पीटने लगा। इतना ही नहीं, करीब आधे घंटे तक ड्रामा करने के बाद दरोगा जबरन बेटे को थाने ले जाने लगा। मना करने पर उसकी मां को सड़क पर धक्का दे दिया। बाद में गांव वालों के पहुंचने पर दरोगा मौके से भाग गया।
17 अक्टूबर को ट्रैक्टर से हुआ था हादसा
बताया गया है 17 अक्टूबर को महिला कंचनवती के पति जयंती प्रसाद के ट्रैक्टर से एक सड़क हादसा हो गया था। हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, वहीं 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने केस दर्ज करवाया था।
इसी मामले की जांच करने 30 अक्टूबर की देर रात दरोगा जयंती के घर पहुंचे थे। दरोगा की मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया था। इसके बाद एसपी ने दरोगा को सोमवार को सस्पेंड कर दिया है।

हम लोग सोने जा रहे थे, तभी ये लोग आ गए
पीड़िता कंचनवती ने बताया, “हम लोग रात में खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहे थे। मेरे पति घर पर नहीं थे। वह माल लेकर शहर गए हुए थे। तभी घर में 3 पुलिसकर्मी आ गए। मेरा बेटा दरवाजा खोलता है। वो लोग अभद्र भाषा में उसके पिता के बारे में पूछते हैं। शोर सुनकर मैं भी मौके पर आती हूं। उसके बाद एक पुलिसकर्मी मेरे पास आकर मेरे पति के बारे में पूछने लगता है। मैं उनको बताती हूं कि वह शहर गए हैं लेकिन वो लोग नहीं मानते हैं। वो लोग अपनी राइफल से मेरे सिर पर हमला कर देते हैं। मेरा बेटा बचाने आता है, तो उसको भी राइफल से मारते हैं। उसके बाद पूरे घर में तोड़फोड़ करने लगते हैं। हम लोग मना करते हैं, तो हमें लात-घूसों से मारते हैं। मेरे साथ बदतमीजी करते हैं, गालियां देते हैं।”
“उसके बाद मेरे बेटे को खींचते हुए घर से बाहर ले जाते हैं। उसको जबरदस्ती अपनी जीप में बैठाने लगते हैं। मैं रोकती हूं, तो मुझे लात मारकर सड़क पर गिरा देते हैं। हम लोगों की आवाज सुनकर गांव के लोग जमा हो जाते हैं। वो लोग उस दरोगा का विरोध करते हैं। इसके बाद सभी लोग मौके से भाग जाते हैं। गांव के लोग हम दोनों को इलाज के लिए लेकर जाते हैं।”
आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है
इस मामले में एसपी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मामला हम लोगों के संज्ञान में है। दरोगा महेंद्र पाल को सस्पेंड कर दिया गया है। सड़क हादसे वाले मामले की भी जांच हो रही है। इस तरह से किसी के घर में घुसना सही नहीं है। पीड़ित महिला के भी बयान लिए गए हैं।
खेती-मजदूरी करता है जयंती प्रसाद
जयंती प्रसाद खेती मजदूरी करता है। इसके अलावा वो ट्रैक्टर भी चलाता है। रविवार को भी वह सामान देने शहर गया हुआ था। जयंती प्रसाद का बेटा अर्जुन बीएससी का छात्र है। पत्नी कंचनवती घर में रहती है।
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