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जनपद को कृषि हब के रूप में विकसित किया जाएगा- जिलाधिकारी

एफपीओ का गठन ठीक प्रकार से कर किसानों को लाभ पहुंचाएं-जिलाधिकारी

किसानों को खुशहाल, समृद्व व सम्पन्न बनायें-जिलाधिकारी

ठीक प्रकार से अपेक्षानुरूप कार्य न करने वाली कम्पनियां ब्लैक लिस्टेड की जायेंगी- जिलाधिकारी

किसान प्राकृतिक व जैविक खेती व कृषि विवधीकरण को अपनाये-जिलाधिकारी

देश में होगा 10 हजार नये कृषक उत्पादक संगठन का गठन- जिलाधिकारी

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि जनपद को कृषि हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठीक प्रकार से एफपीओ का गठन कर किसानों को उसका लाभ पहुंचाएं तथा किसानों को खुशहाल समृद्व व सम्पन्न बनायें। उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक व जैविक खेती व कृषि विवधीकरण को अपनाये। कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन का मूल उद्देश्य किसानों की आय बढाना व उनको तकनीक व मार्केटिंग आदि की जानकारी सुलभ ढंग से उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि ठीक प्रकार से अपेक्षानुरूप कार्य न करने वाली कम्पनियां ब्लैक लिस्टेड की जायेंगी।

कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में नाबार्ड की जनपद स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा देश में 10 हजार नये कृषक उत्पादक संगठन का गठन करते हुए उनको पर्याप्त बाजार एवं क्रेडिट लिंकेज द्वारा आर्थिक स्थायित्व प्रदान करने के लिए पर्याप्त हैण्ड होल्डिंग एवं व्यवसायिक सहयोग प्रदान करने हेतु कृषक उत्पादक संगठनों का गठन एवं प्रोत्साहन केन्द्रीय योजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 तक 05 वर्षों में पूरे देश में कुल 10 हजार कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस हेतु एक जनपद स्तरीय मानिटरिंग कमेटी (डीएमसी) का गठन किया गया है। जनपद में पूर्व में गठित 22 एफपीओ भी ठीक प्रकार से कार्य करें व उन्हें पूर्ण सहयोग दिया जाये।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सेन्ट्रल सेक्टर स्कीम (सीएसएस) गाईड लाईन के अन्तर्गत नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक), एनसीडीसी( राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम), नैफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड) व एसएफएसी (लघु कृषक कृषि व्यवसाय कंसोर्टियम) को योजनान्तर्गत एफपीओ गठन की जिम्मेदारी दी गयी है।

मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने बताया कि जनपद में केन्द्र सरकार के सेन्ट्रल सेक्टर स्कीम गाईड लाईन के अन्तर्गत नाबार्ड को 01, एसएफएसी को 07 व नैफेड को 02 एफपीओ के गठन की जिम्मेदारी दी गयी है, जिसमें से नैफेड द्वारा गठित कर लिये गये है। उन्होंने बताया कि एसएफएसी द्वारा 04 एफपीओ के गठन के लिए विट्रो बायो टेक्नौलाजी को विकास खण्ड बुढनपुर (स्योहारा), धामपुर, किरतपुर व नहटौर में तथा 03 एफपीओ के गठन के लिए वैलनैक्सट सीड इण्डिया प्रा0लि0 को विकास खण्ड हल्दौर, अफजलगढ व कोतवाली में जिम्मेदारी दी गयी है।

उन्होंने बताया कि कम्पनी द्वारा सर्वप्रथम किसानों का एक फार्मर इन्ट्रस्टेड ग्रुप (एफआईजी) बनाया जाता है तदोपरान्त निर्धारित प्रक्रिया अनुरूप विभिन्न एफआईजी बनाकर एफपीओ बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वह जिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त एफपीओ का स्थलीय निरीक्षण करेगें।

डीडीएम, नाबार्ड, बिजनौर वीरेश आर नायक ने कहा कि कम्पनियां बेस लाईन सर्वे भी आवश्यक रूप से करें। उन्होंने बताया कि कृषि अवस्थापना निधि के सफल क्रियान्वयन हेतु गाईड्स लाईन के अन्तर्गत गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक भी आहुत हुई।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, उप निदेशक कृषि गिरिश चन्द्र, जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा, कम्पनियों के प्रतिनिधि डा0 जे0पी0 शर्मा, अनुज हुड्डा सहित अन्य विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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