फर्जी मृतक आश्रित कोटे के तहत करता रहा विद्युत विभाग में नौकरी
धामपुर। विद्युत वितरण खंड कार्यालय में एक युवक द्वारा मृतक आश्रित कोटे में फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी करने का मामला प्रकाश में आया है। मामला उजागर होने पर विभागीय अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड के पेपर लीक मामले में जहाँ धामपुर का नाम सुर्ख़ियों में आया! वहीं गौतम बुद्धनगर में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी पाने वाले का मामला उजागर होने पर धामपुर के अधिशासी अभियंता ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। आरोप है कि गौतम बुद्धनगर निवासी योगेंद्र कुमार पुत्र हर प्रसाद शर्मा ने मृतक आश्रित कोटे के तहत विद्युत विभाग में नौकरी पा ली थी। बताया जाता है कि आरोपी ने प्रबंध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के आदेशों व तथ्यों को छिपाकर निगम में धोखे एवं छल से नौकरी शुरू की। इस मामले में शिकायत होने पर विभागीय स्तर पर जांच की गई तो आरोपी को सेवायोजन करने का दोषी पाया गया। मामले में विगत सात अक्टूबर 2022 को पद मुक्त भी किया जा चुका है। अब इस मामले में दो महीने बाद अधिशासी अभियंता धामपुर विरेंद्र कुमार ने धामपुर कोतवाली में तहरीर में आरोप लगाया कि योगेंद्र कुमार, धामपुर विद्युत वितरण खंड कार्यालय में सम्बद्ध है। उसे निगम ने बर्खास्त कर धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। उधर धामपुर पुलिस ने मामले में जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने का मामला विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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