नई आबकारी नीति के लिए शीर्ष स्तर पर मंथन!

लखनऊ। वर्ष 2023-24 की आबकारी नीति के लिए शीर्ष स्तर पर मंथन चल रहा है। जिन उपायों पर विचार किया जा रहा है, उनमें राज्य में व्यापार करने की शर्तों को आसान बनाना, खुदरा विक्रेताओं को हैंडहेल्ड ऑनलाइन डिवाइस से आवश्यक स्टॉक ऑर्डर करने के लिए एक आसान प्लेटफॉर्म प्रदान करना और बीयर-विदेशी शराब के स्टॉक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग एक वित्तीय वर्ष में शराब कंपनी की ओर से पेश किए जाने वाले नए वेरिएंट की संख्या को सीमित करने और लोगो (Logo) को मंजूरी देने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर भी विचार कर रहा है। वजह यह है कि कई बार शराब कंपनियां बाजार में ज्यादा कीमत वाले वेरिएंट पेश करती हैं, जिनके लोगो और लेबल में अंतर करना मुश्किल है।
ग्राहकों और दुकानदार में बहस का कारण
यूपी शराब व्यापारी कल्याण संघ के प्रवक्ता देवेश जायसवाल का कहना है कि हमने शराब के नए वेरिएंट के लिए पूरी तरह से अलग और अनोखे लेबल की मांग भी उठाई है। कई बार देखा गया है कि अलग-अलग कीमतों वाली शराब की बोतलों पर एक जैसे लोगो और लेबल होने पर ग्राहक और खुदरा विक्रेताओं में बहस हो जाती है।
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