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Union Budget 2023: नौकरी पेशा वर्ग, अन्नदाता और केंद्रीय कर्मचारियों को भी बजट से कई उम्मीदें

नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी को यून‍ियन बजट पेश करेंगी. लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की तरफ से पेश क‍िये जाने वाले अंतिम पूर्ण बजट से आम आदमी से लेकर सभी को काफी उम्मीदें हैं. लोग यह उम्मीद कर रहे हैं, बजट उनकी उम्मीदों के अनुरूप होगा. सीतारमण का यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है. नौकरी पेशा वर्ग को जहां इनकम टैक्स में रिबेट की उम्मीद है तो देश के अन्नदाता को भी कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार की आस है, वहीं केंद्रीय कर्मचारियों को भी इस बजट से कई उम्मीदें हैं. इस साल के बजट से केंद्रीय कर्मचारियों की तीन मुख्य मांगे हैं. इसमें डीए में बढ़ोतरी, बकाया डीए का भुगतान और फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी शामिल है. बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘बजट कई उद्देश्यों को संभालने की एक प्रक्रिया है, जैसे राजकोषीय सूझबूझ, महंगाई के बिना आर्थिक, गैर-कर स्रोतों से अधिक संसाधन जुटाना और जरूरत के अनुसार रियायतें देना.’

सैलरीड क्‍लॉस को म‍िल सकती है आयकर में राहत~
उन्होंने कहा, ‘चूंकि ये सभी चीजें अलग-अलग हैं, इसलिए वित्त मंत्री सभी मोर्चों पर निर्णायक रूप से आगे बढ़ने के लिए सूझबूझ के साथ कदम उठाएंगी.’ आम चुनाव से पहले अंतिम पूर्ण बजट होने के कारण सीतारमण सैलरीड क्‍लॉस और छोटे व्यापारियों को आयकर में राहत दे सकती हैं. आम आदमी को हाउस‍िंग प्रॉपर्टी खरीदने के लिए प्रेरित करने और रियल एस्टेट सेक्‍टर को बूस्‍ट देने के लिए होम लोन में छूट सीमा बढ़ाने की मांग भी की जा रही है. देश में रोजगार देने के मामले में एग्रीकल्‍चर के बाद दूसरे स्थान पर रियल एस्टेट ही है.

एंड्रोमेडा लोन्स एंड अपना पैसा के कार्यकारी चेयरमैन वी. स्वामीनाथन ने कहा, ‘आगामी बजट में सरकार कर्ज लेने वालों को राहत देने के लिए फैसले ले सकती है. उम्मीद है कि सरकार होम लोन ब्याज पर कटौती सीमा को दो लाख से तीन लाख करने की लंबे समय से लंबित मांग पर विचार करेगी.’ वेतनभोगियों को राहत देने के संबंध में टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी के भागीदार विवेक जालान ने कहा कि व्यक्तिगत कर दरें तत्काल कम करने की जरूरत हो गई है.

महंगाई भत्ते (Dearness allowance) का मिलता है बड़ा फायदा
7वें वेतन आयोग (7th pay Commission) के तहत कर्मचारियों को सैलरी कंपोनेंट में कई बड़े फायदे मिलते हैं. इसमें सबसे खास और बड़ा रोल महंगाई भत्ते का होता है. महंगाई भत्ता हर 6 महीने में रिवाइज होता है. पिछले कई साल से महंगाई भत्ते की समीक्षा में हर बार अच्छी सैलरी बढ़ी है. इसलिए सरकार नई व्यवस्था बनाने पर भी महंगाई भत्ते को लागू रखेगी. ये तय है कि महंगाई भत्ते में वैसे ही रिविजन होता रहेगा, जैसे अभी होता आया है. अब कर्मचारियों को बजट का इंतजार है.

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