newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 22 मार्च 2023 बुधवार को नव वर्ष 2080 होगा शुरू

हिन्दू नव वर्ष पूजा-पाठ की दृष्टि से माना जाता है बहुत ही महत्वपूर्ण

9 दिन तक मां दुर्गा की पूर्ण श्रद्धा से की जाएगी पूजा

हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। इसे हिंदू नव संवत्सर या नया संवत भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। इसी दिन से विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हिंदू नववर्ष की शुरुआत 22 मार्च, 2023 बुधवार से हो रही है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात 22 मार्च 2023 दिन बुधवार को नव वर्ष 2080 शुरू हो जाएगा। नल नाम के इस संवत्सर के राजा बुध और मंत्री शुक्र हैं। बुध और शुक्र दोनों ही ग्रह आपस में मैत्री भाव रखते हैं। जब किसी देश में राजा और मंत्री के बीच तालमेल अच्छा होता है तो वह बहुत ही तेजी से आगे बढ़ता है। इस वर्ष की कुछ ऐसी ही स्थिति रहने वाली है।
ब्रह्म पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरंभ इसी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया था। महापराक्रमी सम्राट विक्रमादित्य ने अपने नाम से संवत्सर का प्रारंभ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया, इसलिए इस संवत्सर को विक्रमी संवत्सर भी कहा जाता है। इस तरह 2079 वर्ष पूरे हो चुके हैं और 22 मार्च 2023 से विक्रमी संवत 2080 शुरु हो जाएगा।

हमारे धार्मिक कार्यों में सूर्य का बहुत ही प्रमुख स्थान माना गया है तो वहीं चंद्रमा का स्थान भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। जीवन के मुख्य आधार वनस्पतियों को चंद्रमा से ही सोमरस की प्राप्ति होती है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के लिए चंद्र की कला का प्रथम (परेवा) दिन होता है, इसलिए हमारे ऋषियों ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन को नव वर्ष के लिए सर्वथा उपयुक्त माना है। भगवान श्रीराम ने चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन जन्म लिया था, जिससे इस माह का और भी महत्व बढ़ जाता है।

ज्योतिष गणना के अनुसार, हिन्दू नव वर्ष का पहला दिन जिस भी दिवस पर पड़ता है पूरा साल उस ग्रह का स्वामित्व माना जाता है। हिन्दू नव वर्ष पूजा-पाठ की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र महीने में होती है और बसंत ऋतु का आगमन होता है। चैत्र माह और हिन्दू नव वर्ष का पहला त्योहार नवरात्रि पड़ता है, जिसमें 9 दिन तक मां दुर्गा की पूर्ण श्रद्धा से पूजा की जाती है।

Posted in ,

Leave a comment