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तिहाड़ जेल में गैंगवार: मारा गया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया

4 घायल कैदी दीन दयाल अस्पताल में भर्ती, एक की हालत गंभीर तिहाड़ जेल में

हत्या, कातिलाना हमले, जबरन वसूली समेत कुल 15 केस हैं दर्ज

नई दिल्ली (शादाब अनवर)। दिल्ली की तिहाड़ जेल में टॉप मोस्ट वांटेड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य प्रिंस तेवतिया की हत्या कर दी गई। गुरुवार शाम करीब पांच बजे हुए गैंगवार में पांच कैदी घायल हो गए। सभी को दीन दयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तिहाड़ जेल में हुई गैंगवार में खूंखार गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया की हत्या कर दी गई। 30 वर्षीय गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रमुख सदस्य था। घटना देर शाम पांच बजे जेल नंबर तीन में हुई।किसी बात पर बहस के दौरान चाकूबाजी होने लगी। सूत्रों के मुताबिक तेवतिया ने पहले अब्दुर रहमान नामक कैदी पर हमला किया, जिसके बाद रहमान और तेवतिया के साथियों के बीच झड़प हो गई। प्रिंस तेवतिया पर चाकू से दनादन 7 से 8 वार किए गए। उसे बुरी तरह जख्मी हालत में दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना में घायल चार अन्य कैदी अस्पताल में भर्ती हैं, एक की हालत नाजुक है।

तिहाड़ जेल में ही दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन बंद हैं। ऐसे में गैंगवार की घटना काफी चिंताजनक मानी जा रही है।

हरि नगर थाना पुलिस के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब 5:10 बजे जेल नंबर 3 में गैंगस्टर के बीच गैंगवार की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की और घायल गैंगस्टर से पूछताछ की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ ही जांच शुरू कर दी है।

बताया गया है कि टॉप मोस्ट वांटेड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और दिल्ली का दाऊद कहा जाने वाला टॉप गैंगस्टर हाशिम बाबा का साथी प्रिंस तेवतिया की गैंगस्टर रोहित चौधरी गैंग से दुश्मनी चल रही थी। प्रिंस पर दिल्ली के विभिन्न थानों में हत्या, कातिलाना हमले, जबरन वसूली समेत कुल 15 केस दर्ज हैं। पुलिस ने एक बार गिरफ्तारी के दौरान तेवतिया के पास से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया था। गिरफ्तारी से पहले प्रिंस तेवतिया एक बड़ी गैंगवार को अंजाम देने की फिराक में था।
जॉइंट सीपी (क्राइम) आलोक कुमार ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल वीरेंदर को प्रिंस के द्वारका में होने की सूचना मिली तो उसे दबोच लिया गया। तफ्तीश में पता चला कि वह 15 सितंबर तक पेरोल लेकर आया था, लेकिन फिर जेल नहीं लौटा। उसने 16 सितंबर को जमानत बढ़वाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगवाई थी, जो ठुकरा दी गई। आरोपी 2012 और 2020 में कोर्ट में फर्जी दस्तावेज पेश कर चुका है, जिनकी एफआईआर दर्ज हैं। दिल्ली के कई थानों में तेवतिया के खिलाफ 15 केस दर्ज हैं। खानपुर की दुग्गल कॉलोनी निवासी तेवतिया के पिता डीडीए में सरकारी अफसर रहे हैं। उसकी एक बहन और एक भाई है।

पिता को थप्पड़ मारने का बदला हत्या

2008 में तेवतिया के खिलाफ झगड़े का पहला केस दर्ज हुआ था। प्रिंस तेवतिया के पिता को किसी लड़के ने थप्पड़ मार दिया था। इस पर प्रिंस ने लड़के की हत्या कर दी। 2010 में पुलिस ने उसे दिल्ली के अंबेडकर नगर इलाके में हत्या के इस मामले में गिरफ्तार किया। 2015 में बाहर आया तो फिर से वारदात करने लगा। 2019 में वह अपनी शादी के लिए तीन दिन की पैरोल पर बाहर आया, जिसके बाद फरार हो गया। कुछ महीने बाद अक्टूबर में स्पेशल सेल ने एनकाउंटर में उसे दबोच लिया। पुलिस की इस कार्रवाई में वह पैर में लगी गोली से जख्मी हो गया था। वह सात महीने जेल में बंद रहा। पिछले साल जमानत पर बाहर आया और फिर उसने कोर्ट में फर्जी कोरोना प्रमाण पत्र जमा करवा दिया। कोर्ट के आदेश पर इसके खिलाफ तिलक मार्ग थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया।

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