सूर्यपुत्र भगवान शनि देव की जयंती आज
वट वृक्ष की टहनी तोड़ने पर लगेगा पाप

वट सावित्री व्रत का महत्व करवाचौथ के व्रत के समान होता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। वट वृक्ष की विधिविधान से पूजा करती हैं। वट सावित्री अमावस्या सुहागिनों के लिए महत्वपूर्ण दिन होता है। इसी दिन सावित्री ने अपनी पतिव्रता शक्ति से यमदेव को प्रसन्न करके अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी। इस दिन विवाहित महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं, उसमें कच्चा सूत लपेटती हैं, जिससे महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य और सुखी विवाहित जीवन का आशीर्वाद मिलता है। वट वृक्ष को अक्षय वट भी कहा जाता है। वट सावित्री व्रत के दिन वट वृक्ष की पूजा की जाती हैं, लेकिन पूजा के लिए उसकी टहनी तोड़ने से वृक्ष का अपमान होता है। सनातन परंपरा से जुड़ा हर व्यक्ति इस बात को जानता है कि हरे-भरे पेड़ को तोडना पाप है। विशेषतौर पर उस वट वृक्ष की जिसके बारे में मान्यता है कि उसमें ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों देवताओं का वास है। वट सावित्री व्रत वाले दिन टहनी तोड़ना और पूजन के बाद उस टहनी को कचरे में फेंकने पर आप पुण्य की बजाय पाप के भागीदार बनेंगे। इस पाप से बचने के लिए भूलकर भी वट वृक्ष की टहनी को ना तोड़े और वटवृक्ष के नीचे जाकर उसकी पूजा करके पुण्य लाभ प्राप्त करें।

हर वर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर कर्मफलदाता, न्याय कर्ता, सूर्यपुत्र भगवान शनि की जयंती मनाई जाती है। इस बार शुक्रवार 19 मई 2023 को शनि जयंती मनाई जाएगी। सिविल लाइन बिजनौर स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनिदेव व्यक्तियों को उनके कर्मों के अनुसार ही शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। इस साल शनि जयंती पर तीन बहुत ही दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं। इस बार शनि जयंती पर शोभन योग बन रहा है। शोभन योग बहुत ही शुभ योग माना गया है। शनि जयंती पर शनि देव स्वयं की राशि कुंभ में रहते हुए शश राजयोग बना रहे हैं। वहीं मेष राशि में गुरु और चन्द्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग बन रहा है। गजकेसरी योग बहुत ही श्रेष्ठ और शुभफल देने वाला योग है।
कुछ राशियों को मिलेगा विशेष फल
मेष राशि~ मेष राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहेगा क्योंकि गजकेसरी योग मेष राशि में ही बन रहा है। व्यवसाय में उन्नति मिलेगी।
मिथुन राशि~ मिथुन राशि के लोगों को भरपूर समृद्धि और भाग्य प्रदान होगा। वे जिस भी कार्य को करने की सोचेंगे उसे पूरा करने में सफल होंगे।
तुला राशि~ गजकेसरी योग तुला राशि वालों के लिए बहुत लाभकारी रहेगा। उन के वेतन में वद्धि और पदोन्नति मिलने की संभावना है। व्यवसाय करने वालों के लिए समय उत्तम रहेगा।
अमावस्या का समय: ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 18 मई दिन गुरुवार को रात्रि 09 बजकर 44 मिनट से हो रहा है। 19 मई शुक्रवार को रात्रि 09 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। 19 मई 2023 को शनि जयंती और वट सावित्री व्रत एक साथ मनाई जाएगी। इस दिन तीन शुभ योग बन रहे हैं जो अखण्ड सौभाग्य की कामना से व्रत रखने वाली महिलाओं और शनिदेव के भक्तों के लिए शुभफलदायी होंगे।
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