मौके पर मिले टाइगर के पदचिन्ह, गुर्राने की आवाज सुनकर भाग खड़ी हुई टीम
बढ़ापुर वन रेंज में हाथी के बच्चे को टाइगर ने बनाया अपना निवाला
टाइगर ने किया हाथी के बच्चे का शिकार
~शाहिद रज़ा खान
बिजनौर। बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में एक बार फिर एक हाथी के बच्चे का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हाथी के बच्चे को टाइगर ने अपना निवाला बना लिया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मृत हाथी के शव के पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी थी। परन्तु टाइगर द्वारा एक बार फिर मौके पर आ धमकने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों को चिकित्सकों के पैनल को लेकर बैरंग वापस लौटना पड़ा। इसके बाद देर शाम पोस्टमार्टम कराया गया।

गुरुवार को बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन ढकरिया बीट के कक्ष संख्या तीन में एक हाथी के बच्चे का अधखाया हुआ शव पड़ा मिलने की सूचना ने वन विभाग में हड़कम मचा कर रख दिया। सूचना पर बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर जितेंद्र सिंह यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और विभागीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। विभागीय अधिकारियों के दिशा निर्देश पर रेंजर द्वारा हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई। इसके बाद चिकित्सकों के एक पैनल को मौके पर बुलाया गया। चिकित्सकों का पैनल अभी पोस्टमार्टम की तैयारियां कर ही रह था कि मौके पर एक टाइगर के आ जाने से अफरातफरी मच गई औऱ वन विभाग के कर्मचारी चिकित्सकों के पैनल के साथ मौके से भाग खड़े हुए।

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हाथी के बच्चे का शव पड़ा हुआ था उसके आसपास टाइगर के पदचिन्ह पाए गये हैं। साथ ही हाथी के बच्चे के खाये हुए शव को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि टाइगर ने उसे अपना निवाला बनाया है। इस कारण गुरुवार को टाइगर अपनी भूख मिटाने के लिये एक बार उसी स्थान पर पहुचा, जहां पर उसने शिकार किया था। टाइगर के गुर्राने की आवाज को सुनकर वन विभाग के कर्मचारी के साथ साथ चिकित्सक भी सहम उठे। इस कारण सभी ने मौके से भागने में ही अपनी भलाई समझी। देर शाम टाइगर के जाने के बाद चिकित्सकों के पैनल ने मृत हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कर बिसरा सुरक्षित रख लिया।
परिवार से बिछड़ा होगा हाथी का बच्चा

इस बाबत जब रेंजर जितेंद्र सिंह यादव से बात की गई उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान हाथी के बच्चे का अधखाया शव पड़ा मिला, जो कि नर हाथी प्रतीत हो रहा है। उसकी उम्र करीब तीन से चार वर्ष रही होगी। चिकित्सकों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है। मौके से टाइगर के पदचिन्ह मिले हैं, जिस कारण ऐसा लग रहा है कि परिवार से बिछड़े हाथी के बच्चे को टाइगर ने अपना निवाला बनाया है।
Leave a comment