साइबर ठगों ने ईजाद किया नया तरीका
+91 के अलावा किसी और कोड से आई कॉल रिसीव करते समय रहें सावधान
अब कॉल रिसीव करते ही बैंक अकाउंट हो जाएगा खाली
नई दिल्ली (एजेंसियां)। साइबर ठगों ने आपके बैंक अकाउंट से पैसे उड़ाने का नया तरीका ईजाद कर लिया है। अब आपको ओटीपी या कोई कोड भी शेयर करने को नहीं कहा जाएगा। बस आपने कॉल रिसीव की नहीं कि आपका बैंक खाता हो जाएगा सफाचट। इसलिए देश के कंट्री कोड +91 के अलावा किसी और कोड से शुरू होने वाली कॉल को रिसीव करते समय सावधान रहें।

आजकल स्मार्टफोन से ऑनलाइन पेमेंट करने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। यह सुविधाजनक तो है, लेकिन साइबर ठगों की कारस्तानियों की वजह से जी का जंजाल भी बन चुकी है। साइबर फ्रॉड के नए तरीके में सिर्फ कॉल आएगी और रिसीव करते ही बैंक अकाउंट से रकम उड़ जाएगी।
अलीगढ़ की महिला गंवा बैठी ₹ एक लाख
फोन कॉल्स से लाखों की ठगी के मामले देश भर में रोजाना सामने आ रहे हैं। हाल ही में यूपी के अलीगढ़ की एक महिला ने स्मार्टफोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आते ही रिसीव कर ली। महिला ने पूछा कि कौन बोल रहा है और किससे बात करनी है? बातचीत करीब 20 सेकेंड चली। इस बीच गलत नंबर की आशंका पर वह फोन काटने की कोशिश करती है लेकिन नहीं कटता, बल्कि बैंक अकाउंट से 1 रुपए कटने का मैसेज आ गया। महिला कुछ समझ पाती कि उससे पहले ही अकाउंट से 99999 रुपए डिडक्ट होने का दूसरा मैसेज आ गया। खासबात ये है कि महिला ने न तो किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही किसी को फोन पर कोई गोपनीय ओटीपी या कोड बताया, इसके बावजूद उसके अकाउंट से पैसे कैसे कट गए। पीड़िता ने मामले की शिकायत बैंक और पुलिस से की है।
बचने के तरीके~
अपनी सिम को हमेशा अपडेट करें।
KYC समय समय पर कराते रहें।
अनजान कॉल रिसीव नहीं करें।
अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें।
अगर आपके अकाउंट से रुपए निकल चुके हैं तो बैंक से तुरंत संपर्क करें।
बैंक अकाउंट को लॉक करवाएं और फ्रॉड की जानकारी साइबर सेल को दें।
पहले कॉल कर के मांगा जाता था ओटीपी या कोड
फोन रिसीव करते ही ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं आएदिन हो रही हैं। साइबर मामलों के एक्सपर्ट कहते हैं कि फोन से ठगी के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। साइबर अपराधियों के फ्रॉड के तरीके भी अलग-अलग हैं। पहले फोन करके ओटीपी या कोड मांगा जाता था लेकिन अब इससे भी एडवांस तरीका आ गया है। अलीगढ़ जैसी ठगी की घटनाएं दिल्ली और आसपास में भी हो रही हैं।

विदेशी नंबरों से हो रहा फ्रॉड
दिल्ली पुलिस साइबर ब्रांच के एक्सपर्ट किसलय चौधरी के अनुसार अलीगढ़ की महिला वाले मामले में फोन जरूर भारत के बाहर से आया होगा। विदेश में बैठे ठग के पास आपकी लगभग पूरी जानकारी होती है। वह आपको कॉल कर के बातचीत के दौरान ही फोन की सेटिंग्स को डिकोड कर लेता है और चंद सेकेंडों में अकाउंट से पैसे उड़ा लेता है।भारतीय कोड वाले नंबर से कॉल आने पर सिर्फ बातचीत के जरिए इस तरह की ठगी नहीं की जा सकती। भारतीय नंबर से आई कॉल पर किसी लिंक पर क्लिक करने, एप डाउनलोड करने या ओटीपी या एटीएम का सीवीवी नंबर बताने पर ही ठगी हो सकती है।
बार बार कॉल कर सकते हैं साइबर अपराधी
साइबर अपराधी एक बार रिसीव न होने पर बार-बार भी कॉल करते हैं। इसलिए ठगी से बचने के लिए हमेशा सावधान रहें। आजकल कुछ स्मार्ट फोन्स ऐसे आ रहे हैं, जिनमें कोई फ्रॉड कॉल होने पर वे जंक कॉल का अलर्ट कर देते हैं। इसके अलावा जब भी ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर, किसी अनजान लिंक पर क्लिक करते समय विशेष सावधानी बरतें और भरोसेमंद सोर्स पर ही जाएं। अगर आपके साथ ऐसा कोई फ्रॉड हो गया है तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।
इंटरनेशनल नंबर की कॉल न करें रिसीव
इंटरनेशनल नंबरों से आई कॉल को बिल्कुल भी रिसीव न करें। भारत का कंट्री कोड प्लस 91 है, अगर इसके अलावा किसी भी अन्य कोड से कॉल आ रही है तो वह इंटरनेशनल जंक या फ्रॉड कॉल हो सकती है, इसलिए ऐसी कॉल्स को न रिसीव करें।
परिचित या रिश्तेदार की भी तो हो सकती है कॉल?
समस्या ये है कि विदेशी नंबर से आने वाली कॉल किसी परिचित या रिश्तेदार की भी हो सकती है? भारत के बहुत से लोग विदेश में जा बसे हैं या फिर अपना व्यापार कर रहे हैं या नौकरी। वह भी कॉल कर सकते हैं। ऐसे में आपके पास उनका कॉन्टेक्ट नंबर तो होगा ही, जिसे रिसीव करना कोई परेशानी का कारण नहीं। यदि उनका नंबर नहीं है तो उनका देश और वहां का कोड ध्यान रखना बचाव का सशक्त उपाय है।
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