उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामारी


बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया व राजवीर सिंह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर एवं नगीना, गिरीश चंद उप कृषि निदेशक बिजनौर एवं पीएन सिंह जिला गन्ना अधिकारी बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं सहायक निदेशक मत्स्य बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नजीबाबाद, अमित कुमार अपर जिला कृषि अधिकारी एवं जितेंद्र कुमार जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।



छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 57 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 24 उर्वरकों के नमूने लिए गए। साथ ही मै. चौधरी पेस्ट कंट्रोल झालू एवं मै0 बालाजी फर्टिलाइजर्स झालू द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान पर उपस्थित न होने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।


निरीक्षण के दौरान जसवीर सिंह तेवतिया उर्वरक निरीक्षक/ जिला कृषि अधिकारी बिजनौर द्वारा सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि बिना पोस (pos) मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न की जाए। कृषक को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है, तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
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