उत्तराखंड के रामनगर-तराई पश्चिमी क्षेत्र व बिजनौर के कोतवाली देहात क्षेत्र में हुए हादसे
अज्ञात वाहन की टक्कर से हुए थे घायल
गुलदार के शावकों की उपचार के दौरान मौत
बिजनौर/रामनगर। उत्तराखंड के रामनगर-तराई पश्चिमी क्षेत्र और बिजनौर कोतवाली देहात क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल गुलदार के दो शावकों की उपचार के दौरान मौत हो गई।
उत्तराखंड के रामनगर-तराई पश्चिमी के अंतर्गत मंगलार गांव के पास में वाहन की टक्कर से गुलदार का शावक घायल हो गया था, जबकि दूसरा शावक उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर अंतर्गत नगीना क्षेत्र में घायल मिला।

कोतवाली देहात क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल गुलदार के शावक की उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। बताया गया है कि 17 नवंबर को नगीना के निकट स्थित सिटी डिग्री कॉलेज के पास एक शावक घायल अवस्था में मिला था। शावक को मोथेपुर स्थित नर्सरी में रखा गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार को घायल शावक की मौत हो गई। कोतवाली देहात के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह की देखरेख में शावक का इलाज चल रहा था। डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी बढ़ापुर डॉ कमल किशोर तथा डॉ. एसपी सिंह की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि शावक के सिर में गंभीर चोट लगी थी। पोस्टमार्टम के बाद शावक का शव जला दिया गया।
वहीं उत्तराखंड के रामनगर-तराई पश्चिमी के अंतर्गत पड़ने वाले मंगलार गांव के पास में वाहन की टक्कर से गुलदार का शावक गंभीर रूप से घायल हो गया। सोमवार को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के मंगलार क्षेत्र के पास ग्रामीणों ने घायल अवस्था में गुलदार का शावक दिखने पर वनाधिकारियों को सूचना दी थी। मौके पर पहुँचे वनकर्मी शावक को रेस्क्यू कर चिकित्सालय लेकर गए, वहीं उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के एसडीओ शिशुपाल रावत ने बताया कि देर रात वह गुलदार के शावक को इलाज के लिए रानीबाग ले जा रहे थे, जिसकी रामनगर में ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि यह 3 माह की मादा शावक है।घासमंडी चिकित्सालय में शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
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