फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे पार्षद बने नेता जी
पुलिस अधीक्षक (अपराध) के आदेश के बाद भी अनभिज्ञ हाईवे प्रभारी
कोर्ट के आदेश पर अब भगोड़े पार्षद को तलाशेगी पुलिस

मथुरा। नगर निगम मथुरा वृंदावन के वार्ड 10 अडूकी से फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे पार्षद बने नेता जी का चुनाव न्यायालय ने कैंसिल कर दिया है। यह पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। इस प्रकरण में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना की। इसमें विवेचक तत्कालीन क्षेत्राधिकारी रिफायनरी ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी के खिलाफ कई बार गैर जमानती वारंट जारी किए गए, लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा और न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद अब न्यायालय ने इसको भगोड़ा घोषित करते हुए पुनः गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार स्पेशल एससी एसटी न्यायालय ने सुरेश चंद्र बघेल उर्फ सुरेश धनगर पुत्र किशन सिंह निवासी अडुकी थाना हाईवे के विरुद्ध विगत दिनों गैर जमानती वारंट जारी किए। इसके बावजूद न तो पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और ना ही स्वयं आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने आरोपी को भगोड़ा घोषित करते हुए पुनः गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक (अपराध) ने वादी के प्रार्थना पत्र पर आदेश के अलावा थाना प्रभारी निरीक्षक को फोन करके भी त्वरित कार्यवाही करने के आदेश दिए।

जानकारी ही नहीं थानेदार को
प्रभारी निरीक्षक ने फोन पर ऐसे किसी मामले की जानकारी होने से इंकार किया। जब उन्हें यह स्मरण कराया गया कि आपको पुलिस अधीक्षक अपराध द्वारा फोन करके कार्रवाई के निर्देश दिए थे। तब उन्होंने कहा फोन तो आया था वारंट आया है कि नहीं कार्यालय में दिखवाता हूं। यहां प्रश्न यह है कि थाना हाइवे पुलिस अदालत से भगोड़ा घोषित हुए गैर जमानती वारंटी सुरेश चंद्र बघेल को गिरफ्तार कर अदालत में कब पेश कर पाएगी।
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