घर घर जाकर चैकिंग करेंगी बिजली विभाग की टीम
अगर घर में लगा है एसी तो हो जाएं सावधान
लखनऊ। ग्राहकों से अधिक से अधिक राजस्व वसूलने के लिए बिजली विभाग की टीम अब उपभोक्ताओं के घर घर जाकर चैकिंग करेगी। खासतौर पर लोगों के घर में लगे एसी का ब्यौरा जुटाया जाएगा। इस आधार पर जांच और फिर विद्युत भार बढ़ाने का काम कंपनियां करेंगी। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने यह प्रस्ताव किया है।

ग्रामीण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा लाइन लॉस
मध्यांचल के निदेशक वाणिज्य योगेश कुमार ने निदेशक आईटी को पत्र भेजकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मीटर अथवा मीटर बाईपास कर एसी चलाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लाइन लॉस लगातार बढ़ रहा है। बिलिंग मास्टर में एसी लगे परिसरों का कोई फ्लैग नहीं होने से अधिकारियों को इन परिसरों के संबंध में कोई जानकारी नहीं हो पाती है। बिलिंग मास्टर में फ्लैग लगा होने पर खपत और स्वीकृत भार को जांचा जा सकता है। खपत अधिक पाए जाने पर लोड बढ़ाया जा सकेगा, जिससे फिक्स चार्ज के रूप में मिलने वाले राजस्व में वृद्धि होगी।
इंस्पेक्टर राज का विरोध करेगी उपभोक्ता परिषद
उपभोक्ताओं को परेशान करने के लिए बिजली कंपनियां इंस्पेक्टर राज की तरफ जाने की कोशिश कर रही हैं। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। यह कहना है उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का। उन्होंने कहा कि किसी उपभोक्ता के घर में चार एसी लगे हो सकते हैं। जरूरी नहीं है कि उपभोक्ता सभी एसी का उपभोग कर रहा हो। संभव है एक भी एसी न चल रहा हो। एडवांस तकनीकी के मीटर उपभोक्ता के परिसर में लगे हैं तो एसी चलने पर उसका भार अपने आप मीटर में रिकार्ड होगा। मध्यांचल के इस प्रस्ताव के आधार पर ही अन्य बिजली कंपनियां भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगी। बिजली कंपनियां गरीब बिजली उपभोक्ताओं को निशाने पर ले रही हैं। पहले टैरिफ में एसी पर अलग चार्ज का प्रावधान था, उपभोक्ताओं का शोषण बढ़ने पर यह व्यवस्था समाप्त की गई। मीटर में जो भी भार या यूनिट रिकार्ड होगा उसी के आधार पर बिल की व्यवस्था दी गई है।
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