पीएम मोदी ने खुद किया एक्स पर पोस्ट करते हुए एलान
चौधरी चरण सिंह, नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न
नई दिल्ली (एजेंसियां)। किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और देश में हरित क्रांति के जनक वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न दिया जाएगा। पीएम मोदी ने खुद एक्स पर पोस्ट करते हुए यह एलान किया है।

https://x.com/narendramodi/status/1755851282797961394?t=M8poPsvCuEEHMH9eJPht_A&s=09
किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह
चौधरी चरण सिंह भारत के किसान राजनेता एवं पाँचवें प्रधानमंत्री थे। उन्होंने यह पद 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक संभाला। चौधरी चरण सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन भारतीयता और ग्रामीण परिवेश की मर्यादा में जिया। जन्म 23 दिसंबर 1902, हापुड़। मृत्यु 29 मई 1987, नई दिल्ली

पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, ‘हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।’
विदित हो कि रालोद मुखिया जयंत सिंह के दादा और किसानों के मसीहा तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की मांग काफी समय से उठ रही थी। पीएम के एलान पर जयंत चौधरी ने पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दिल जीत लिया!’
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव
पामुलापति वेंकट नरसिंह राव (जन्म- 28 जून 1921, मृत्यु- 23 दिसम्बर 2004) भारत के 09 वें प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधान मंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गरू को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव गरू ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की बड़े पैमाने पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद और विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था।’ पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू का कार्यकाल महत्वपूर्ण कदम उठाने के रूप में जाना जाता है जिन्होंने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण बदलावों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।’
हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन
मनकोम्बु संबासिवन स्वामिनाथन (जन्म: 7 अगस्त 1925, 28 सितंबर 2023) कुम्भकोणम 28 सितम्बर 2023) भारत के आनुवांशिक-विज्ञानी (आनुवंशिक वैज्ञानिक) थे। उन्हें भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है। उन्होंने 1966 में मैक्सिको के बीजों को पंजाब की घरेलू किस्मों के साथ मिश्रित करके उच्च उत्पादकता वाले गेहूं के संकर बीज विकिसित किए। उन्हें विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1972 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
पीएम ने पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन जी को भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत को कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए।
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