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अंतिम संस्कार…8वें दिन जिंदा लौटा युवक

गांव वाले चिल्लाने लगे ‘भूत-भूत’

मां बोली-तू कहां चला गया था बेटा

बेटा समझ दूसरे युवक का कर दिया था दाह संस्कार


सहारनपुर। यहां एक अनोखा वाकया सामने आया है। एक अज्ञात युवक को अपना मरा बेटा समझकर एक परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मगर, इसके 8वें दिन शुक्रवार को परिवार वालों का असली बेटा जिंदा लौट आया। ये देखकर घरवालों के साथ ही मोहल्ले वाले भी हैरान रह गए। गांव वाले प्रमोद को देखते ही ‘भूत-भूत’ चिल्लाने लगे। वहीं, मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटे को जिंदा देखकर मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
दरअसल, 31 जनवरी को मुजफ्फरनगर में प्रमोद की शक्ल की तरह दिखने वाले एक मृत युवक का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद घरवालों ने हाथ और आंख पर चोट के निशान से उसकी पहचान अपने बेटे प्रमोद के रूप में की। फिर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मामला बड़गांव थाना क्षेत्र का है।

ये है पूरा मामला….घर वालों ने प्रमोद का मान लिया अज्ञात शव

गांव चिराऊ में चंद्र प्रजापति का परिवार रहता है। उनके तीन बेटे हैं। इनमें प्रमोद कुमार दूसरे नंबर का है। 29 जनवरी को प्रमोद घर पर हरिद्वार में किसी ढाबे पर नौकरी करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। घरवाले उसके बारे में पता करने की पूरी कोशिश कर रहे थे।
घरवाले प्रमोद के नंबर पर बार-बार फोन भी कर रहे थे, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था। इससे घरवाले परेशान हो गए और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। इसी बीच मुजफ्फरनगर में प्रमोद की तरह दिखने वाले एक युवक का शव मिला।

हाथ-आंख के निशान से की पहचान

इसके बाद प्रमोद की फोटो को लेकर परिजन मुजफ्फरनगर मॉर्च्युरी में पहुंचे। शव की दाईं आंख के ऊपर कट का निशान और हाथ में PK लिखा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने शव की शिनाख्त अपने बेटे प्रमोद के रूप में की और शव लेकर गांव आ गए। फिर घरवालों ने शव का अंतिम संस्कार किया। उसकी फोटो भी खिंचवाई। रस्म पगड़ी 5 फरवरी को होनी थी। घरवालों ने उसकी तैयारी कर ली थी। रस्म पगड़ी भी कर ली गई थी।

गांव पहुंचा प्रमोद, तो डर गए गांव वाले

उधर, रस्म पगड़ी वाले दिन प्रमोद कुमार अपने गांव पहुंच गया। कई लोग उसे देखकर ‘भूत-भूत’ चिल्लाने लगे। एक दुकानदार ने तो उसे भूत समझकर कोल्ड ड्रिंक तक देने से मना कर दिया। वह दुकान के अंदर जाकर छुप गया। लेकिन, जब उसके जीवित होने की खबर गांव में फैली, तो उसको देखने के लिए ग्रामीणों का तांता लग गया। इसी के साथ प्रमोद के जिंदा होने की खबर उसके घरवालों तक पहुंची। वे लोग भी उसको देखने के लिए दौड़ पड़े।

फोटो पर माला देख गुस्सा हुआ प्रमोद

प्रमोद के परिजन उसे घर लेकर गए। वहां उसकी मां बोहती देवी, जो पिछले सात दिनों से लगातार रो रही थी। उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। मगर, बेटे को जिंदा देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां ने कहा-बेटा तू कहां चला गया था? तेरा फोन भी नहीं लग रहा था। हमने सोचा यही मेरा बेटा है, जिसका शव मॉर्च्युरी में मिला। वहीं, फोटो पर माला देखकर प्रमोद नाराज हो गया। उसने माला उतार कर फेंक दी।

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