ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर में हुए हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा
सुनीता मिश्रा को किसी गैर ने नहीं छोटे भाई ने ही उतारा था मौत के घाट

मेरठ। ब्रह्मपुरी पुलिस ने इंदिरानगर में हुए सुनीता मिश्रा हत्या व लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। सुनीता की हत्या किसी गैर ने नहीं बल्कि दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड उसके ही छोटे भाई उपेंद्र मिश्रा ने की थी। हत्या के बाद उपेंद्र ने घर में रखे लाखों रुपए और जेवरात लूटे फिर बस से दिल्ली चला गया। कड़ी से कड़ी जोड़ती पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे। इसके बाद पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लूटी गई रकम और जेवरात बरामद कर लिए गए हैं।

बागपत रोड स्थित कैलाश अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन राधेश्याम मूलरूप से सुलतानपुर जिले के अमाऊ जासरपुर गांव के रहने वाले हैं। वह ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर की गली नंबर दो में रहते हैं। बेटा गुरुग्राम में जॉब करता है। बेटी ने हाल ही में प्रेम विवाह किया था। शुक्रवार 21 जून की रात राधेश्याम ड्यूटी पर अस्पताल चले गए जबकि उनकी पत्नी सुनीता मिश्रा घर पर थीं। शनिवार सुबह घर पहुंचे राधेश्याम को सुनीता का शव नीचे पड़ा हुआ मिला। कनपटी पर दाएं तरफ गोली लगी थी, जबकि राधेश्याम की लाइसेंसी रिवाल्वर सुनीता के हाथ में रखी हुई थी। सिर पर भी चोट का निशान था। घर से बुलेट बाइक गायब थी। पुलिस को सूचना दी गई।

सीसीटीवी फुटेज ने खोल डाला राज
मौका मुआयना के दौरान पुलिस के सामने साफ हो गया कि कातिल को घर के बारे में पूरी जानकारी थी। रिवाल्वर और डीवीआर कहां पर रखी है। कातिल का पहले से घर में आना जाना था। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में खुलासा हुआ कि रात करीब 12 एक नकाबपोश दरवाजा खुलवाकर घर में दाखिल हुआ और रात करीब 12.26 बजे घर से निकला। इसके बाद घर में खड़ी राधेश्याम की बाइक ले गया। बाइक को दिल्ली चुंगी के पास छोड़ दिया। इसके बाद मेट्रो प्लाजा से एक ई-रिक्शा में बैठ गया। ई-रिक्शा बेगमपुल की ओर गया। भैंसाली डिपो के आसपास आरोपी गायब हो गया। पुलिस ने फुटेज से आरोपी की कद काठी का मिलान किया, अन्य साक्ष्य जुटाए। फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सुनीता के भाई उपेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
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