कानून नहीं होने का भय दिखाता है बुलडोजर एक्शन
बुलडोजर एक्शन पर गाइडलाइन जारी करेगा सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। बुलडोजर एक्शन कानून नहीं होने का भय दिखाता है। कोर्ट बुलडोजर एक्शन पर पूरे देश के लिए गाइडलाइन जारी करेगी। अपराधियों पर बुलडोजर एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए यह बात कही।

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने अपनी टिप्पणी में कई अहम बातें कही हैं। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। पिछली सुनवाई में, अदालत ने अपराधों के आरोपियों को निशाना बनाने वाली अवैध विध्वंस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस तरह की कार्रवाई का एक भी उदाहरण संविधान की भावना के खिलाफ है। साथ ही इस तरह के मामलों में अखिल भारतीय दिशा-निर्देश बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में लगातार बुलडोजर एक्शन के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। आरोप लगाया था कि भाजपा शासित राज्यों में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और बुलडोजर एक्शन लिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने दलील दी थी कि किसी की भी प्रॉपर्टी इसलिए नहीं गिराई गई है, क्योंकि उसने अपराध किया है। कानून के तहत आरोपी के अवैध अतिक्रमण पर एक्शन लिया गया है।
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