कंपनी को सभी केंद्र शुरू करने के निर्देश
सरकारी अस्पतालों के जन औषधि केंद्र बंद होने मरीज परेशान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी के 12 सरकारी अस्पतालों के जन औषधि केंद्र बंद पड़े हैं। इस कारण मरीजों को मेडिकल स्टोर्स से महंगी दर पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी करीब दस दिन से बंद इन केंद्रों को एक सप्ताह के अंदर शुरू करा देने का दावा कर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्रों के संचालन के लिए निजी वेंडर से करार किया गया था। पांच साल का अनुबंध पूरा होने के बाद पुरानी कंपनी ने सभी केंद्र बंद कर दिए। केजीएमयू, लोहिया संस्थान, बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, बीआरडी महानगर, रामसागर मिश्रा संयुक्त चिकित्सालय, रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय, ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय, मोहनलालगंज व गोसाईंगंज सीएचसी के साथ ही एक अन्य जन औषधि केंद्र बंद है।
हो चुका है नया टेंडर
स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (सांचीज) इस योजना की नोडल एजेंसी है। केंद्रों के बंद होने के सवाल पर सांचीज की निदेशक संगीता सिंह ने कहा कि नया टेंडर हो चुका है। नई कंपनी को केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी मिली है। कंपनी को सभी केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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