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128वीं जयंती पर भावपूर्ण स्मरण

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धा सुमन अर्पित

बिजनौर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बिजनौर के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 128 भी जयंती पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा के नारे के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके पश्चात जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश भटनागर के आवास पर उन्हीं की अध्यक्षता एवं महामंत्री योगेश भटनागर एडवोकेट के संचालन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने बताया कि नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक उड़ीसा में हुआ था। सन 1920 में प्रतिष्ठित आईसीएस की प्रतियोगिता में चौथा स्थान प्राप्त करने पर भी उन्होंने भारत को स्वतंत्र कराने का निर्णय लिया। जुलाई 1921 में इंग्लैंड से भारत लौटने पर सुभाष चंद्र बोस महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में कूद पड़े। सन 1938 में कांग्रेस के हरिपुरा गुजरात अधिवेशन में वह कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए। 1939 में नेताजी ने देश भर में फैले अपने समर्थकों के आग्रह को मानकर त्रिपुरी मध्य प्रदेश अधिवेशन में पुनः अध्यक्ष बनने की इच्छा प्रकट की। महात्मा गांधी उन्हें अध्यक्ष पद पर नहीं देखना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पट्टाभिसीता रमैया को उनके विरुद्ध चुनाव में खड़ा कर दिया। इस चुनाव में नेताजी ने भारी मतों से जीत प्राप्त की, परंतु गांधी जी ने इसे अपनी नैतिक हार बताया। अतः में नेता जी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया।

नेताजी देश के सभी बड़े नेताओं से मिले और देश की स्वतंत्रता के संबंध में विचार विमर्श किया। सन 1943 में आजाद हिंद फौज का गठन कर कुछ दिन बाद नेताजी ने आजाद हिंदुस्तान की एक प्रांतीय सरकार का गठन किया और उसका मुख्यालय सिंगापुर बनाया। विश्व के कई देशों जापान, जर्मनी, इटली, कोरिया, बर्मा आदि ने इस सरकार को मान्यता प्रदान की। कहा जाता है कि 1945 में एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु की जांच हेतु अनेक आयोग का गठन किया गया, परंतु आज भी उनकी मृत्यु रहस्य बनी हुई है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी सुभाष चंद्र बोस अपनी देशभक्ति, त्याग और बलिदान के कारण भारतीय जनता में नेताजी के नाम से प्रसिद्ध हैं, परंतु आज के नेता उन्हें भूल गए हैं। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में सुरेंद्र प्रकाश भटनागर, योगेश भटनागर एडवोकेट, छोटेलाल भटनागर, अजय भटनागर, बृज बिहारी सक्सेना, संजीव श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, प्रदीप भटनागर, राजवर्धन भटनागर, मयंक भटनागर, भुवन कश्यप, संजीव भटनागर, प्रीति भटनागर, मीडिया प्रभारी रितेश भटनागर, राजवीर सिंह एडवोकेट सभासद, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मिशन के संरक्षक मान सिंह अशोक, वैद्य अजय गर्ग आदि उपस्थित रहे।

धामपुर में मनाया गया पराक्रम दिवस

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर धामपुर के चित्रांश बंधुओं ने अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वाधान में सुभाष चौक पर एकत्रित होकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया। सर्वप्रथम संस्था अध्यक्ष अरुण कुमार भटनागर व संरक्षक डा. ए.के. सक्सेना, डा. संजय भटनागर, ई. राजेंद्र कुमार भटनागर ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। संरक्षक व वरिष्ठ होम्योपैथिक विशेषज्ञ डा. एके सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के हृदय में देशप्रेम, स्वाभिमान और साहस बहुत काम आयु से ही दिखता था, उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा आज पूरे भारतवर्ष का नारा है। कार्यक्रम संयोजक पंकज भटनागर ने कहा कि नेताजी अपने जीवन में राष्ट्र की स्वाध निता को सर्वोपरि मानते थे। भारत को गुलामी से मुक्त कराने के लिए उन्होंने अंग्रेजी साम्राज्य के विरुद्ध लड़ने हेतु आजाद हिन्द फौज का गठन किया था। अध्यक्ष अरुण कुमार भटनागर अपने विचार रखते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का पूरा जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणादायक और अभिमान का विषय है, उनका नारा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा, आज भी प्रत्येक राष्ट्रभक्त के हृदय में अमिट है। इस अवसर पर रवि माथुर, अर्पित माथुर, सरन माथुर, राजीव माथुर, नितिन भटनागर, डा. करिश्मा सक्सेना फिजियोथेरेपिस्ट, शशांक भटनागर, अर्जुन माथुर, देवेंद्र भटनागर, डा. शिवांशु सक्सेना, निशांक भटनागर, विकास सिन्हा, डा. कुशाग्र सक्सेना, राजीव भटनागर, मनोज भटनागर, अखिलेश सक्सेना, सतेंद्र भटनागर तथा व्यापारी नेता स. गुरुशरण सिंह मोहन (जगत ट्रेडर्स), अरुण अग्रवाल (वालसन वाले) आदि उपस्थित रहे।

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