newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

नगर निगम बरेली के विरुद्ध दीवानी न्यायालय में प्रस्तुत किया था वाद

संपत्ति पर अपना दावा कर रहा था नगर निगम

41 साल बाद 87 वर्षीय वृद्ध को मिल ही गया कोर्ट से न्याय

बरेली। दीवानी न्यायालय से 41 साल बाद 87 वर्षीय वृद्ध को न्याय मिल गया। मामले से संबंधित संपत्ति पर नगर निगम अपना दावा कर रहा था। न्यायालय ने प्रतिवादी नगर निगम को वादीगण के कब्जे व दखल में हस्तक्षेप करने व बेदखल करने से भी निषेधित किया।

बरेली के मोहल्ला दर्जी चौक निवासी गांधी मोहन सक्सेना पुत्र बनवीर बहादुर द्वारा वर्ष 1984 में एक स्थाई निषेधाज्ञा व घोषणात्मक डिक्री का दावा नगर निगम बरेली के विरुद्ध प्रस्तुत किया गया था। इसमें कहा कि विवादित भूमि गाटा संख्या 168 ख़ेवट संख्या 12 ग्राम उदयपुर खास मोहाल सफेद वर्तमान में इंदिरा नगर बीडीए ले आउट मैप नंबर 250 सन 1984 के अंतर्गत प्लॉट नंबर 236 है। यह वादी को अपने पिता से बजरिए समझौते के तहत प्राप्त हुई थी, जिसका रकबा 1512.5 वर्ग गज / 10 बिस्वा पुख्ता है। वह इस पर निर्माण करवाने का हकदार है। वादी ने बीडीए में निर्माण के लिए नक्शा दिया, जिस पर नगर निगम बरेली ने आपत्ति की। बाद में आवश्यक नोटिस देकर दावा दायर किया। नगर निगम ने उक्त संपत्ति को अपना बताया।

इसके अलावा वर्ष 1988 में नगर निगम द्वारा खेवट नंबर 12 की वादीगण की दूसरी संपत्ति, जिसका प्लाट नंबर 163, 164 रकबा 13 बिस्वा पुख्ता बराबर 1950 वर्ग गज बीडीए लेआउट के अनुसार 232 बाई 233 इंदिरा नगर, जिस पर वादीगण वर्तमान में रह रहे हैं। इसके संबंध में न्यायालय में दाखिल किया। तत्समय नगर निगम बरेली द्वारा वादीगण को बेदखल करने की कोशिश की गई थी।

इस तरह वादीगण के तीन मुकदमे 12/84, 445/88 एवं 401/99 एक साथ न्यायालय द्वारा सुने गए। पक्षकारों द्वारा कागजी व जुबानी गवाही की गई। अंत में माननीय न्यायालय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट नंबर 2 की पीठासीन अधिकारी श्रीमती शांभवी द्वारा पक्षकारों की बहस को गंभीरता पूर्वक सुनकर तथा समस्त पत्रावली का गंभीरता पूर्वक चिंतन मनन कर पाया गया कि वादीगण तीनों मुकदमों की वाद संपत्ति के मालिक हैं और मालिक घोषित किया। इसी के साथ प्रतिवादी नगर निगम को वादीगण के कब्जे व दखल में हस्तक्षेप करने व बेदखल करने से भी निषेधित किया गया। वादीगण की ओर से अधिवक्ता आनंद कुमार रस्तोगी ने पैरवी की। (अधिवक्ता द्वारा प्राप्त तथ्यों पर आधारित)

Posted in , , ,

Leave a comment