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कैसे इस्तेमाल करें बचे हुए चावल?

सेहत के लिए फायदेमंद है बासी रोटी

बासी रोटी खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, रात भर रखी हुई रोटी में फर्मेंटेशन की प्रक्रिया होती है, जिससे रेसिस्टेंट स्टार्च बनता है. यह स्टार्च शरीर में धीरे-धीरे पचता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ब्लड शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता. यही वजह है कि बासी रोटी डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभदायक हो सकती है, खासकर जब इसे ठंडे दूध के साथ खाया जाए.

बासी रोटी के कुछ और भी हैं फायदे:

1. ब्लड प्रेशर कंट्रोल: ठंडे दूध के साथ बासी रोटी खाने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाती है और तनाव कम करती है.
2. पेट की समस्याएं: बासी रोटी में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. यह आंतों में गुड बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देती है.
3. वजन प्रबंधन: बासी रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे आप बार-बार खाने से बचते हैं. यह भूख को नियंत्रित करके वजन घटाने में मदद कर सकती है.
4. शरीर को मिलती है ठंडक: गर्मियों में बासी रोटी और दूध का सेवन शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है. यह शरीर को लू से बचाता है और गर्मी के कारण होने वाली अन्य परेशानियों से राहत देता है.

हालांकि, ध्यान रखें कि रोटी को साफ-सुथरी जगह पर और सही तरीके से स्टोर किया गया हो, ताकि उसमें किसी तरह की फफूंदी न लगे या वो खराब न हो. अगर रोटी में कोई अजीब गंध या रंग दिखे, तो उसे न खाएं.

बासी रोटी का उपयोग सिर्फ खाने के लिए ही नहीं, बल्कि कुछ और तरीकों से भी किया जा सकता है.

बासी रोटी के कुछ और उपयोग :

1. पशुओं के लिए भोजन
बासी रोटी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर गाय, भैंस या अन्य पशुओं को खिलाया जा सकता है. यह उनके लिए एक अच्छा और पौष्टिक आहार होता है, जिससे खाने की बर्बादी भी नहीं होती.
2. पक्षी और जानवरों के लिए चारा
आप बासी रोटी के टुकड़े करके पक्षियों या आवारा जानवरों (जैसे कुत्तों) को भी खिला सकते हैं. यह उनकी भूख मिटाने में मदद करता है.
3. खाद के रूप में
अगर रोटी इतनी सूख गई है कि खाने लायक न हो, तो आप उसे जैविक खाद बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं. रोटी को कंपोस्ट बिन में डालने से वह मिट्टी में मिलकर पौधों के लिए पोषक तत्व प्रदान करती है.

बासी रोटी से स्वादिष्ट स्नैक

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बासी रोटी का इस्तेमाल एक पारंपरिक और स्वादिष्ट स्नैक बनाने के लिए भी किया जाता है, जिसे भारत के कई हिस्सों में ‘रोटी का चूरमा’ कहते हैं.

रोटी का चूरमा

इसे बनाने के लिए बासी रोटी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है और फिर उसे घी या तेल में तला जाता है, जब तक कि वह कुरकुरी न हो जाए. तलने के बाद, इन टुकड़ों को शक्कर या गुड़ के साथ मिलाया जाता है और इलायची पाउडर डालकर स्वादिष्ट बनाया जाता है. यह न सिर्फ खाने की बर्बादी रोकता है, बल्कि एक स्वादिष्ट व्यंजन भी बन जाता है.
यह तरीका बासी रोटी को एक नया जीवन देता है और उसे एक पौष्टिक और स्वादिष्ट पकवान में बदल देता है.
क्या आप किसी और भारतीय व्यंजन के बारे में जानना चाहेंगे, जो खाने की बर्बादी को रोकने में मदद करता है?

‘बचे हुए चावल की टिक्की’

एक और दिलचस्प भारतीय व्यंजन है ‘बचे हुए चावल की टिक्की’. यह भी खाने की बर्बादी को रोकने का एक बेहतरीन तरीका है और बेहद स्वादिष्ट भी होता है.

अक्सर घरों में दोपहर या रात के खाने के बाद थोड़े चावल बच जाते हैं. इन बचे हुए चावलों को फेंकने के बजाय, आप उनसे कुरकुरी और स्वादिष्ट टिक्की बना सकते हैं.
इसे बनाने का तरीका बहुत आसान है:
* बचे हुए चावलों को मसलकर नरम कर लें.
* इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, और कुछ मसाले (जैसे हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, और गरम मसाला) मिलाएं.
* इसमें बाइंडिंग के लिए बेसन या चावल का आटा मिलाएं.
* अब इस मिश्रण से गोल या चपटी टिक्की बनाएं.
* इन टिक्कियों को तवे पर या पैन में थोड़ा तेल डालकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेक लें.
ये टिक्कियां चटनी या दही के साथ खाने में बहुत अच्छी लगती हैं. यह न सिर्फ खाने की बर्बादी रोकता है, बल्कि एक पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता भी बन जाता है.
क्या आप कोई और भारतीय व्यंजन के बारे में जानना चाहेंगे, जो खाने की बर्बादी को रोकने में मदद करता है?

‘बचे हुए चावल का पुलाव’

इसके अलावा! एक और शानदार तरीका है ‘बचे हुए चावल का पुलाव’ बनाना. यह खाने की बर्बादी रोकने के साथ-साथ एक पौष्टिक और झटपट तैयार होने वाला व्यंजन है.
बचे हुए चावल का पुलाव
अक्सर जब हम रात में चावल बनाते हैं, तो थोड़े बच जाते हैं. उन्हें फेंकने के बजाय, आप अगली सुबह उनका इस्तेमाल करके एक स्वादिष्ट पुलाव बना सकते हैं.
इसे बनाने के लिए:
* एक पैन में थोड़ा तेल या घी गरम करें.
* इसमें राई, जीरा, कड़ी पत्ता और प्याज डालकर भूनें.
* आप अपनी पसंद की सब्जियां जैसे गाजर, मटर, शिमला मिर्च और गोभी भी डाल सकते हैं.
* अब इसमें बचे हुए चावल और थोड़ा नमक, हल्दी और गरम मसाला डालकर अच्छी तरह मिला लें.
* इसे धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक पकने दें, जब तक कि चावल पूरी तरह गरम न हो जाएं और मसालों का स्वाद उनमें अच्छी तरह मिल न जाए.
यह विधि न सिर्फ खाने की बर्बादी को रोकती है, बल्कि आपको एक पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता भी देती है.

खाने की बर्बादी कम करने के लिए कुछ आसान और असरदार तरीके :

1. खरीदारी की योजना बनाएं
बाजार जाने से पहले, एक लिस्ट तैयार करें. इससे आप सिर्फ वही सामान खरीदेंगे जिनकी आपको ज़रूरत है. साथ ही, “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” (First-In, First-Out) नियम को अपनाएं – यानी जो सामान आपने पहले खरीदा है (पुराना है), उसे पहले इस्तेमाल करें.
2. सही मात्रा में खाना परोसें
अपनी थाली में उतना ही खाना लें, जितना आप खा सकें. अगर ज़रूरत हो, तो आप दोबारा ले सकते हैं. यह एक बहुत ही सरल आदत है जो काफी मात्रा में भोजन को बर्बाद होने से बचा सकती है.
3. बचे हुए खाने को सही से स्टोर करें
बचे हुए खाने को फ्रिज में एयरटाइट कंटेनर में रखें. इससे वह जल्दी खराब नहीं होगा. आप बचे हुए खाने को अगले दिन के लंच या डिनर में इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसा कि हमने बासी रोटी और चावल के पुलाव के उदाहरणों में देखा.
4. खराब हो रही सब्जियों और फलों का इस्तेमाल करें
अगर आपके पास कुछ सब्जियां या फल हैं जो खराब होने लगे हैं, तो उन्हें जल्दी से इस्तेमाल कर लें. जैसे, आप उनसे सूप, चटनी, या स्मूदी बना सकते हैं.
खाने की बर्बादी को कम करना एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण आदत है, जो न केवल पैसे बचाती है बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है.

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