फिटकरी एंटीसेप्टिक, एंटी-बैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुणों से भरपूर एक प्राकृतिक खनिज है, जिसके कई स्वास्थ्य और सौंदर्य संबंधी फायदे हैं। इसके उपयोगों में छोटे घावों को रोकना, चेहरे के दाग-धब्बे हटाना, त्वचा को टाइट करना, बालों का झड़ना कम करना, गले की खराश से राहत पाना और पानी को शुद्ध करना शामिल है। हालांकि, इसके अधिक उपयोग से बचें और गंभीर समस्याओं के लिए डॉक्टर की सलाह लें।
फ़िटकरी के फ़ायदे और उपयोग: त्वचा से लेकर दांतों तक, जानें 5 बड़े लाभ
फ़िटकरी, जिसे पोटैशियम एल्युमिनियम सल्फेट भी कहा जाता है, एक सफ़ेद पत्थर है जो अक्सर हमारे घरों में पाया जाता है। यह सिर्फ़ पानी साफ़ करने या शेविंग के बाद इस्तेमाल होने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई औषधीय गुण भी हैं। इसमें एंटीसेप्टिक, एस्ट्रिंजेंट और ब्यूटी-केयर से जुड़े गुण होते हैं, जो इसे कई समस्याओं के लिए फ़ायदेमंद बनाते हैं।
आइए जानते हैं फ़िटकरी के 5 प्रमुख उपयोग और उनके लाभ…
1. मुंहासों और दाग-धब्बों को दूर करने में सहायक
फ़िटकरी मुंहासों से छुटकारा पाने और चेहरे के दाग-धब्बों को हल्का करने में बहुत प्रभावी है। इसमें मौजूद एस्ट्रिंजेंट गुण रोम छिद्रों को कसते हैं, जिससे मुंहासे होने की संभावना कम हो जाती है।
* कैसे इस्तेमाल करें:
* थोड़ी सी फ़िटकरी को पीसकर पाउडर बना लें।
* गुलाब जल के साथ मिलाकर एक पेस्ट बनाएं।
* इस पेस्ट को मुंहासों या दाग-धब्बों वाली जगह पर लगाएं और कुछ देर बाद धो लें।
* इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा साफ़ और चमकदार बनती है।

2. त्वचा में कसावट लाने और अनचाहे बालों को हटाने में मदद
ढीली त्वचा को कसने और चेहरे के अनचाहे बालों को कम करने के लिए भी फ़िटकरी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
* कैसे इस्तेमाल करें:
* नहाने के पानी में थोड़ी सी फ़िटकरी मिला दें। यह त्वचा की ढीलेपन को कम करके उसे कसने में मदद करता है।
* अनचाहे बालों के लिए, पिसी हुई फ़िटकरी में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं।
* इस पेस्ट को उस जगह पर लगाएं जहाँ बाल हैं। कुछ दिनों तक रोज़ाना इस्तेमाल करने से बालों की ग्रोथ कम होने लगती है।
3. मुंह की दुर्गंध और दांतों के दर्द से राहत
फ़िटकरी एक बेहतरीन प्राकृतिक माउथवॉश है। यह मुंह में बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को ख़त्म करने में मदद करती है और दांतों के दर्द में भी आराम देती है।
* कैसे इस्तेमाल करें:
* गुनगुने पानी में फ़िटकरी का एक छोटा टुकड़ा डालकर घोल लें।
* इस पानी से दिन में दो बार कुल्ला करें। इससे दांतों पर जमा प्लाक हटता है और मुंह की दुर्गंध दूर होती है।
* ध्यान रखें कि यह पानी गले से नीचे न जाए। इस पानी से गरारे करने पर गले की खराश में भी आराम मिलता है।

4. घाव और चोटों के लिए एंटीसेप्टिक
फ़िटकरी का सबसे आम उपयोग चोट लगने पर खून रोकने और घाव को साफ़ करने के लिए होता है। इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घाव को संक्रमण से बचाते हैं।
* कैसे इस्तेमाल करें:
* जब कोई मामूली चोट लगे या त्वचा कट जाए, तो गुनगुने पानी में फ़िटकरी डालकर घोल लें।
* रुई के फाहे से इस पानी को चोट वाली जगह पर लगाएं।
* यह तुरंत खून बहना बंद कर देता है और घाव को रोगाणु-मुक्त करता है।
5. दुर्गंध दूर करने में सहायक
फ़िटकरी शरीर की दुर्गंध को दूर करने में भी बहुत फ़ायदेमंद है, ख़ासकर पसीने की बदबू को।
* कैसे इस्तेमाल करें:
* थोड़ी सी फ़िटकरी को पीसकर पाउडर बना लें।
* इसे पानी में मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और इसे अंडरआर्म्स या उन जगहों पर लगाएं जहाँ पसीना ज़्यादा आता है।
* यह पसीने को नियंत्रित करता है और बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।
उपयोग करते समय बरतें सावधानी
फ़िटकरी का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और इसका ज़्यादा इस्तेमाल न करें। यदि आपको किसी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या है, तो इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
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