मुरादाबाद में विशाल निरंकारी संत समागम
निरंकारी राजपिता ने दिया प्रेम और भाईचारे का संदेश
मुरादाबाद। संत निरंकारी सत्संग भवन के निकट बुद्धि विहार आवास विकास मुरादाबाद में रविवार को परम आदरणीय निरंकारी राजपिता श्री रमित चांदना जी के पावन सानिध्य में एक विशाल निरंकारी संत समागम संपन्न हुआ। शाम 5:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक चले इस समागम में बड़ी संख्या में संत-महापुरुष और साथ संगत पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।

दिव्य प्रवचन: इंसानियत और सहनशीलता की आवश्यकता
निरंकारी राजपिता श्री रमित चांदना जी ने अपने दिव्य प्रवचन में आज के सामाजिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद में प्रेम और उत्साह के साथ आई सारी साथ संगत को देखकर मन बहुत प्रफुल्लित हो रहा है। राजपिता ने कहा कि आज दुनिया में इंसान एक “भीड़ का हिस्सा” बनता जा रहा है—एक ऐसी भीड़ जो सिर्फ नुकसान का कारण बन रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि: आज के दौर में इंसान, इंसान का दुश्मन बना हुआ है और इंसानियत मर चुकी है। अत्याधुनिक समय में साधनों और शिक्षा की कोई कमी न होने के बावजूद, इंसान की सोच और व्यवहार नुकसान पहुंचाने वाला बना हुआ है। सहनशीलता वाले गुण खत्म होते जा रहे हैं, और लोग अपने से विभिन्न विचार रखने वाले को अपना दुश्मन मान लेते हैं।


निरंकारी मिशन: प्रेम से जीवन को सजाने का मार्ग
राजपिता ने समागम में उपस्थित विशाल संत समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि इतनी विशाल संख्या में आए संत महापुरुष, जो प्रेम और अमन का संदेश दे रहे हैं, वे भीड़ का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने मिशन के मूल उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा: निरंकारी मिशन प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहा है, जो मानव को मानव से जोड़ने की बात करता है। उन्होंने जोर दिया कि “न बर की न तकरार की, आज जरूरत है प्यार की।” हम सभी को आपस में बहुत ही प्यार और सद्भाव के साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि “प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत वीरान करे।” राजपिता ने कहा कि यहां आया हुआ हर एक संत ब्रह्म ज्ञानी है, जिसने प्रभु परमात्मा को इन आंखों से देखकर परमानंद की अवस्था प्राप्त की है। निरंकारी मिशन मानव मात्र को परमात्मा के साथ जोड़कर उन्हें मानवीय गुणों से युक्त जीवन जीने का सलीका सिखा रहा है।

आभार प्रदर्शन और विशेष योगदान
समागम के सफल आयोजन पर मुरादाबाद ब्रांच के संयोजक महात्मा रामनाथ जी ने सभी संत-महापुरुषों, साथ संगत और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस विशाल आयोजन में बरेली जोन 58 ए के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल का भी विशेष योगदान रहा। समागम ने उपस्थित सभी लोगों को प्यार, सद्भाव और मानवीय मूल्यों से युक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।
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