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यह मान्यता है कि शनिवार के दिन सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से शनिदेव अप्रसन्न हो सकते हैं और घर में रोग एवं कष्ट आ सकते हैं। यह इसलिए है क्योंकि शनिवार को सरसों का तेल दान करने या शनिदेव को अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। …लेकिन यदि आपने खरीद लिया है, तो चिंता न करें। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके दोष को कम करने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं:

शनिदेव को अर्पित करें: खरीदे गए तेल में से थोड़ा सा तेल उसी दिन (शनिवार को शाम के समय) शनिदेव को अर्पित करें। आप किसी शनि मंदिर में जाकर तेल चढ़ा सकते हैं। या, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं।

तेल का दान: खरीदे गए तेल का कुछ हिस्सा किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को दान कर दें। तेल का दान करने से शनि दोष दूर होते हैं।

दीपक जलाना: शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। यह दीपक आप शनि मंदिर में, पीपल के पेड़ के नीचे, या अपने घर में किसी साफ स्थान पर जला सकते हैं। दीपक जलाते समय शनिदेव की कृपा के लिए प्रार्थना करें।

मंत्र जप: शनिदेव के मंत्रों का जाप करें, जैसे: ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’।

अन्य दान: शनिवार को सरसों के तेल के अलावा, काली उड़द दाल, काले तिल, या काले कपड़े का दान करना भी शुभ माना जाता है।

आप इन उपाय को करने के बाद उस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। उपाय का मुख्य उद्देश्य शनिदेव को प्रसन्न करना और अनजाने में हुए शनिवार को तेल खरीदने के दोष को कम करना होता है।

सबसे पहले: आपने जो तेल खरीदा है, उसमें से थोड़ा सा तेल निकालकर ऊपर बताए गए उपाय के लिए उपयोग करें (जैसे: शनिदेव को अर्पित करना या दान करना)।

शेष तेल: अब जो बाकी तेल बचा है, उसे आप सामान्य रूप से अपने घर के उपयोग (खाना पकाने, मालिश, आदि) के लिए बेझिझक इस्तेमाल कर सकते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब आप उपाय कर लेते हैं और दान या अर्पण कर देते हैं, तो खरीद का दोष समाप्त हो जाता है। इसलिए बाकी बचे हुए तेल के इस्तेमाल में कोई बुराई नहीं है।

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